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0:00[संगीत]
0:09हेलो नाइंथ क्लास। इस वीडियो में हम अपनी
0:11कल वाली क्लास आगे कंटिन्यू करेंगे। ठीक
0:13है? कल हमने क्या पढ़ा था? आचार्य कन्वर्ड
0:16जी के बारे में पढ़ा था और आगे वो ग्रीक
0:19ब्रदर्स के बारे में पढ़ा था। थोड़ा सा
0:21डेल्टन के बारे में पढ़ा था। अब टॉपिक क्या
0:24है हमारा? व्हाट डड आचार्य कन्नड़ प्रपोज
0:27अबाउट मैटर? आचार्य कन्नड़ ने मैटर के
0:30बारे में क्या बोला था भाई? सिंपल सा है
0:32भाई। हमें हम जिसको आज की डेट में मैटर
0:35बोलते हैं। ठीक है? आचार्य कन्नड़ ने उनको
0:38क्या बोला था? द्रव्य बोला था। क्या वर्ड
0:41यूज़ किया था? द्रव्य। इन्होंने बोला था
0:44आचार्य कन्नड़ प्रपोज्ड दैट। प्रपोज दैट
0:47का मतलब क्या होता है? ऑफर्ड दैट। आचार्य
0:50कन्नड़ ने ऑफर करा अपनी बात पेशाई कि मैटर
0:54या फिर द्रव्य कैन बी डिवाइडेड रिपीटेडली।
0:58उसको हम डिवाइड कर सकते हैं जब तक कि हम
1:01उन पार्टिकल्स तक नहीं पहुंच जाते जो आगे
1:03डिवाइड नहीं हो सकते। और वो पार्टिकल्स जो
1:06आगे डिवाइड नहीं हो सकते उनके लिए
1:08इन्होंने क्या वर्ड यूज़ किया था? परमाणु
1:11जिसको हम आज की डेट में क्या बोल देते
1:13हैं? एटम। अब दोबारा सुनो भाई क्या
1:16सिनेरियो है? आचार्य कन्नड ने क्या प्रपोज
1:20किया था कि मैटर। आज की डेट में जिसको हम
1:23लोग मैटर बोलते हैं उसको उन्होंने क्या
1:25बोला था? द्रव्य इन्होंने क्या बोला यह
1:28वाली लाइन दोबारा देखना सेकंड वाली तो
1:31देखो इन्होंने बोला कि जो मैटर है यानी जो
1:35द्रव्य है कैन बी डिवाइडेड रिपीटेटिवली
1:39उसको बार-बार बार-बार डिवाइड किया जा सकता
1:42है कब तक अंटिल वी रीच एक्सट्रीमली स्मॉल
1:46पार्टिकल्स जब तक कि हम बेहद छोटे-छोटे
1:48पार्टिकल्स तक ना पहुंच जाए जिनको आगे
1:51डिवाइड नहीं किया जाता और वो वाले
1:53पार्टिकल्स जो बेहद एक्सट्रीमली स्मॉल
1:56पार्टिकल्स है जिनको हम लोग एटम बोल देते
1:59हैं। इन्होंने उनके लिए क्या वर्ड यूज़
2:01किया था? परमाणु यूज़ किया था। तभी
2:04हिंदुस्तान में लोग एटम को परमाणु के नाम
2:06से भी जानते हैं। आचार्य कन्नड़ ने ये बोला
2:10था।
2:11आचार्य कन्नड़ प्रपोज दैट मैटर और द्रव्य
2:14कैन बी डिवाइडेड रिपीटेडली अंटिल वी रीच
2:18एक्सट्रीमली स्मॉल पार्टिकल्स दैट कैन नॉट
2:21बी डिवाइडेड फदर। ही कॉल्ड दिस पार्टिकल्स
2:24परमात्मा। सेकंड क्वेश्चन
2:27परमाणु होते क्या है? एटम क्या होता है?
2:30अब सिंपल सा आंसर है भाई। आचार्य कन्नड़
2:34ने वर्ड दिया था तो इनको क्रेडिट तो देना
2:36ही देना है। आचार्य कन्नड़ ने प्रपोज किया
2:39था कि परमाणुस वर एक्सट्रीमली स्मॉल एंड
2:43इंडिविजिबल पार्टिकल्स ऑफ मैटर। मैटर या
2:46द्रव्य जो मर्जी कह लो कि परमाणु क्या है?
2:49बेहद छोटे और इंडिविजिबल पार्टिकल्स है जो
2:52फदर डिवाइड नहीं हो सकते। ये बात
2:54किन्होंने करी थी? ये लैंग्वेज किसकी थी?
2:56परमाणु या द्रव्य वाली। ठीक है? ये द्रव्य
3:00हो गया या परमाणु हो गई। की बात किसने करी
3:03थी? आचार्य कन्नड ने करी थी। ठीक है? आगे
3:06देखो क्या लिखा हुआ है? दे वर कंसीडर्ड टू
3:10स्मॉल टू बी पर्सव्ड बाय आवर सेंसेस। इस
3:13लाइन का मतलब क्या होता है? कि परमाणु को
3:16इतना छोटा माना गया था कि उसको हम अपनी
3:18सेंसेस से, अपनी सूझबूझ से ऐसे डिटेक्ट भी
3:22नहीं कर सकते। अब बेटा जिस बच्चे को
3:24पर्सव्ड का मतलब ना पता लगे ये देखना
3:28पर्सव्ड को आप ऐसे लिख सकते हो कहीं पर
3:31पर्स लाइक डिटेक्टेड
3:34ऐसे लिख लेते हो ये जो पर्सव्ड वर्ड है ना
3:41डिटेक्टेड
3:45कि इतना छोटा है ये परमाणु इसको हम हमारे
3:48सेंसेस से डिटेक्ट भी नहीं कर सकते
3:52वही वाली बात आ जाती है। अच्छा जी आगे
3:57बेसिकली कल की क्लास की रिवीजन की है ये
4:00कुछ क्वेश्चन आंसर्स की। उसके बाद दयाद और
4:03त्रयात क्या थी? इंग्लिश में तो जो मर्जी
4:05ऐसे निकले आसान शब्दों में दयाद और त्रयाद
4:09क्या थी? ये वर्ड्स भी आचार्य कन्नड ने
4:11यूज़ करे थे। उन्होंने सिंपल बोला था अगर
4:15दो परमाणु मिलेंगे परमाणु वन और परमाणु टू
4:19तो क्या बनेगा? ब्याज बनेगा। और अगर तीन
4:23परमाणु परमाणु वन परमाणु टू परमाणु तीन तो
4:27क्या बनेगा? त्रयाग बनेगा। इसी को पढ़ते
4:30हैं जरा देखते हैं।
4:33क्या सिनेरियो
4:35अकॉर्डिंग टू आचार्य कन्नर कॉम्बिनेशन ऑफ
4:38टू परमाणुस फॉर्म द। अगर दो परमाणु कंबाइन
4:42होंगे। दो परमाणु कंबाइन होकर क्या
4:45बनाएंगे? प्रयाग व्हाइल कॉम्बिनेशन ऑफ
4:48थ्री परमाणु तीन परमाणु अगर मिलेंगे तो
4:51क्या बनेगा? प्रयाग ये बेटा तीन क्वेश्चन
4:55आगे कंटिन्यू करते हैं इसको।
4:58ये भाई जी ल्यूकीपर्स और डेमोक्रेट है
5:00सारे वो ग्रीक वाले जो थे इन्होंने क्या
5:04योगदान दिया था? मैटर की फील्ड के अंदर
5:06देखते हैं।
5:15व्हाट डड ल्यूकीपस एंड डेमोक्रेटस प्रपोज
5:19ल्यूकिपस और डेमोक्रेटस ने क्या प्रपोज
5:21करा? क्या ऑफर करा? क्या बात पेशाइ? तो
5:24सिंपल है भाई। ल्यूकिपस और डेमोक्रेटस ने
5:27प्रपोज किया था कि मैटर बेहद छोटे
5:30पार्टिकल से बना हुआ है जो फदर डिवाइड हुई
5:33है। इनकी बात भी आचार्य कन्नड़ की तरह ही
5:36थी। फर्क ये था। आचार्य कन्नड़ अपनी
5:38संस्कृत में अपनी हिंदी लैंग्वेज में बोल
5:40रहे थे। हमारी लैंग्वेज में बोल रहे थे।
5:42ये लोग अपनी भाषा में बात कर रहे थे।
5:45इन्होंने भी यही बातें करी थी दोनों ने कि
5:47मैटर जो है वो बेहद छोटे पार्टिकल से बना
5:50हुआ है जो डिवाइड में है। अच्छा इनका
5:53क्रेडिट क्या है? इन्होंने इन पार्टिकल्स
5:55को एटमस बोला था। और ये अगला क्वेश्चन
5:58इससे रिलेटेड ही है। एटमस वर्ड का मतलब
6:01क्या होता है? बेटा इंडिविजुअल।
6:04ये जो एटमस वर्ड है इसका क्या मीनिंग निकल
6:08के आता है? एटमस का मतलब होता है
6:10इंडिविजिबल। व्हाट इज द मीनिंग ऑफ द वर्ड
6:12एटमस? सिंपल एक ग्रीक वर्ड है जिसका मतलब
6:16है इंडिविजिबल जो डिवाइड नहीं हो सकता।
6:19याद रखिएगा।
6:29ये देखो।
6:33हाउ वाज़ डेल्टनस आईडिया डिफरेंट फ्रॉम द
6:37अर्लियर आइडियाज अबाउट एटम? डेल्टन ने फिर
6:40ऐसा क्या खास करा था जो आचार्य कन्नड़ या
6:44न्यू कीपर्स और डेमोक्रेटर्स ने नहीं करा
6:46था। क्या खास बात थी डेल्टन की थ्योरी
6:48में? बेटा आपको कल भी बताया था। ये देखो
6:52जॉन की जो डेल्टन एटॉमिक थ्योरी थी ना वो
6:55सिर्फ फिलोसफी पर बिलीफ पर मान्यता
6:59मान्यताओं पर नहीं थी प्रॉपर साइंटिफिक
7:01एक्सपेरिमेंट्स थे उस समय के जो भी
7:04अवेलेबल थे उस समय पर उसके दम पे डेल्टन
7:07ने थ्योरी बताई थी इसलिए डेल्टन की इज्जत
7:09ज्यादा है ये सिंपल रीज़न है ऐसा नहीं वो
7:12बाहर का था बाहर के तो फिर इससे पहले वाले
7:14वो लकीपर्स और डेमोक्रेट्स भी थे सिंपल सी
7:17बात है भाई जो एंशिएंट थिंकर्स थे ना
7:20एंशिएंट मतलब पुरानी जैसे आचार्य कन्नड़
7:23वगैरह इनका सारा जो भी आइडियाज थे ना वो
7:26थोड़ी फिलोसफी पर थे मान्यताओं पर थे
7:29ट्रेडिशंस पर थे रीति रिवाजों पर थे थोड़ा
7:33वो माइथोलॉजिकल पॉइंट ऑफ व्यू पर थे बट
7:36जॉन डेल्टन ने क्या करा था यहां पर
7:39साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स और ऑब्जरवेशंस
7:42के दम पर अपनी थ्योरी निकाली थी इसलिए
7:44डेल्टन ने इज्जत कमाई थी जॉन द डॉन याद
7:47रखना ठीक है भाई द आइडियाज ऑफ एंशिएंट
7:50थिंकर्स यानी कि एचआर वगैरह के जो आइडियाज
7:53थे वो फिलोसफिकल थे रीजनिंग थे लेकिन
7:56जॉर्ज टन डेल्टन की जो एटॉमिक थ्योरी थी
7:59ये साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स के ऊपर थी और
8:02ऑब्जरवेशंस के ऊपर जो उस समय पर अवेलेबल
8:05थी अच्छा डेल्टन ने अपनी थ्योरी कब प्रपोज
8:08करी 1808
8:11डेल्टन की थ्योरीेंट क्यों है भाई क्योंकि
8:14कल पढ़ा था ना ये बेस बनी फाउंडेशन बनी
8:17फाउंडेशन का मतलब क्या होता है बेटा बेस
8:21जैसे हम बोल सकते हैं अभी आप नाइंथ में
8:23हो। नाइंथ इज अ बेस फॉर योर 10थ क्लास।
8:27फाउंडेशन फॉर योर 10थ क्लास बेस। क्या हुआ
8:31भाई? डेल्टन की एटॉमिक थ्योरी पहली
8:33साइंटिफिक डिस्क्रिप्शन थी। ये बहुत
8:35इंपॉर्टेंट बात है। पहली साइंटिफिक
8:38डिस्क्रिप्शन कि किस प्रकार से मैटर बना
8:40हुआ है। ये एक बेस बनी। फिर जिसके बाद आगे
8:43आगे फदर स्टडीज भी होती है।
8:47यह वाला क्वेश्चन अभी पढ़ेंगे हम रेडिएशन
8:49वाला।
8:51अभी इसको पढ़ेंगे। ठीक है?
8:56व्हाट चेंज्ड साइंटिस्ट्स बिलीव दैट एटम्स
8:59वर इंडिविजिबल? देखो शुरू में आचार्य
9:02कन्नड़ ने बोला कि एटम इंडिविजिबल है। जो
9:05परमाणु है वो डिवाइड नहीं होता। सबसे छोटा
9:07पार्टिकल परमाणु वो ल्यूकीपस और
9:10डेमोक्रेटस ने भी बोला कि एटमस मतलब
9:12इंडिविजिबल डिवाइड नहीं हो सकता। डेल्टन
9:15ने भी यही बोला कि एटम डिवाइड नहीं होता।
9:17फिर ऐसा भी क्या हो गया कि साइंटिस्ट का
9:20बिलीफ बदल गया कि एटम इंडिविजिबल है। तो
9:24भाई क्या हुआ? ये रेडिएशंस वाला ही आंसर
9:26है। कि ना कुछ रेडिएशंस वगैरह के बारे में
9:29पता लगा। ये अभी हम डिस्कस करेंगे। टेंशन
9:31ना लो। इस वाले को अभी मैं स्किप कर रहा
9:33हूं। रेडिएशन वाला भी हम करेंगे डिस्कस।
9:36नाइंथ और 10थ फिलहाल के लिए स्किप करें।
9:40यह देखो कॉम्पिटेंसी बेस्ड क्वेश्चन।
9:43एक स्टूडेंट ने कहा कि आईडिया ऑफ़ एटम्स
9:46सबसे पहली बार जॉन डेल्टन ने दिया था।
9:48क्या ये सही है? नहीं भाई ये सही नहीं है।
9:52आचार्य कन्नड़ ने पहले अपनी बात करी थी।
9:54उन्होंने भी तो यही कहा था ना कि जो ये
9:57मैटर है अपनी भाषा में यह परमाणु से बना
9:59हुआ है जिसको हम एटम बोल देते हैं और ये
10:02जो ग्रीक फिलॉसफर्स थे ल्यूकीपस और
10:04डेमोक्रेटस इन्होंने भी यही बोला था एटमस
10:07के बारे में कुछ बस डेल्टन का क्या था
10:10डेल्टन ने साइंटिफिक बेसिस पर थ्योरी दी
10:12थी इनकी थोड़ी कहानी थी डेल्टन ने
10:14साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट से प्रूफ देके
10:16देखी थी तभी डेल्टन ने ज्यादा इज्जत की
10:19तो ये बच्चा बोल रहा है कि पहली बारी
10:21एटम्स की बात डेल्टन ने करी थी तो यार
10:23नहीं बच्चा ठीक नहीं है। बात तो आचार्य
10:26कन्नड़ और ये यूकीपर्स और डेमोक्रेटिस भी
10:28कर चुके थे। बस डेल्टन ने पहला साइंटिफिक
10:32एक्सपेरिमेंट ये करा था इसलिए डेल्टन की।
10:36ये देखो सिमिलर सा क्वेश्चन। अगर डेल्टन
10:39ने माना था कि एटम इंडिविजिबल है। तो
10:42क्यों इस आईडिया को चेंज कर दिया गया? और
10:44आज की डेट में आप बोलते हो कि एटम डिवाइड
10:47नहीं होते। तो सिंपल है भाई। टेल्टन मर
10:49गया जब बाद में जो एक्सपेरिमेंट्स हुए
10:52उससे यह एविडेंस मिला। एविडेंस का मतलब
10:54क्या होता है? एविडेंस रेफर्स टू प्रूफ।
11:00एविडेंस वर्ड का मतलब क्या होता है?
11:02प्रूफ।
11:04लेटर एक्सपेरिमेंट से प्रूफ बना कि एटम के
11:06अंदर और छोटे-छोटे पार्टिकल्स हैं। तो फिर
11:09इसलिए डेल्टन की बात को मॉडिफाई कर दिया
11:12गया कि डेल्टन ने जो बोला था ना कि एटम्स
11:15इंडिविजिबल है। इस बात को मॉडिफाई कर दिया
11:18गया। अब बेटा इस वीडियो में मैंने दो
11:20क्वेश्चंस डिस्कस नहीं करे। टोटल यहां पर
11:22क्वेश्चंस थे 10 और दो 12। मैंने दो
11:26क्वेश्चंस डिस्कस करे। क्वेश्चन नंबर नाइन
11:28और क्वेश्चन नंबर 10। क्यों नहीं करे?
11:31क्योंकि रेडिएशन की अभी स्लाइड हम
11:33पढ़ेंगे।