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0:01हां जी 11th क्लास इस वीडियो के अंदर हम
0:04कवर करेंगे आपका एक बहुत इंपॉर्टेंट
0:06डिफरेंस दैट इज लाइफ इंश्योरेंस और जनरल
0:08इंश्योरेंस के बीच का डिफरेंस बेटा ये
0:11डिफरेंस इंश्योरेंस और इंश्योरेंस के नाम
0:13से भी आता है। ध्यान रखना है आपने इस बात
0:14का। ठीक है? लाइफ इंश्योरेंस। इसके अंदर
0:18अभी पॉइंट भी कवर हो जाएगा। लाइफ
0:20इंश्योरेंस को ही इंश्योरेंस भी बोला जाता
0:22है। क्यों बोला जाता है वो सब इस वीडियो
0:25में ही पढ़ेंगे। ठीक है? और जनरल
0:28इंश्योरेंस जो होती है आपकी गुड्स की,
0:30एसेट्स की या किसी प्रॉपर्टी की उसको
0:32सिर्फ इंश्योरेंस बोला जाता है। उसको
0:35सिर्फ इंश्योरेंस बोला जाता है। अब फर्क
0:39क्या है भाई? पहला पॉइंट लाइफ इंश्योरेंस
0:42मतलब किसी की लाइफ की इंश्योरेंस। इट
0:44कवर्स द रिस्क ऑफ़ लाइफ। लाइफ का एक ही
0:47रिस्क है। वो डेथ है। यह उसको कवर करती
0:49है। हां, डेथ को टाल तो नहीं सकती। बट अगर
0:51बाय चांस डेथ हो तो जो नॉमिनी होते हैं
0:54जिस बंदे की डेथ हुई उसके बाद के उसके
0:55फैमिली मेंबर्स उसके डिपेंडेंट्स उनके
0:58रिस्क को थोड़ा कम कर सकती है कि वो अपने
1:00बेसिक जरूरतों के लिए किसी पे डिपेंड ना
1:02हो। जनरल इंश्योरेंस होती है बेटा गुड्स
1:05की एसेट्स की या प्रॉपर्टी की इंश्योरेंस।
1:07यह कवर करती है फायर, हेल्थ या थफ्ट से
1:10रिलेटेड रिस्क। ठीक है जी। नेक्स्ट
1:14लाइफ इंश्योरेंस का सब्जेक्ट मैटर क्या
1:16रहता है? लाइफ इंश्योरेंस का ह्यूमन लाइफ
1:18ही सब्जेक्ट मैटर है। क्योंकि भाई किसी
1:20ह्यूमन की जिंदगी की आप इंश्योरेंस करा
1:22रहे हो। किसी ह्यूमन बीइंग के जीवन की
1:24इंश्योरेंस करा रहे हो। मेन सब्जेक्ट मैटर
1:26मतलब मेन चीज क्या है? मेन मुद्दा क्या
1:27है? और जनरल इंश्योरेंस ये देखो ऊपर लिखा
1:30हुआ है कोई गुड्स हो सकती है, कोई एसेट्स
1:31हो सकती है, हेल्थ ये सारी चीजें जनरल
1:34इंश्योरेंस में आती हैं। नेक्स्ट पॉइंट।
1:38नेक्स्ट पॉइंट बेटा आपका आ जाता है
1:39ड्यूरेशन का। लाइफ इंश्योरेंस एक लॉन्ग
1:41टर्म कॉन्ट्रैक्ट है भाई। 15, 20 साल या
1:43उससे भी ज्यादा की लाइफ इंश्योरेंस कराई
1:45जाती है। लेकिन जनरल इंश्योरेंस एक शॉर्ट
1:48टर्म कॉन्ट्रैक्ट है और ज्यादातर एक-ए साल
1:50की होती है। जैसे फॉर एग्जांपल आपके पास
1:52कोई टू व्हीलर है उसकी आपने एक साल की
1:54इंश्योरेंस करा रखी है। एक साल बाद उसको
1:56फिर आप रिन्यू करवाओगे दोबारा करवाओगे।
1:59ये बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है बेटा।
2:01सर्टेनिटी ऑफ़ इवेंट। लाइफ इंश्योरेंस में
2:04जो इवेंट है ना हादसा वो सर्टेन है।
2:08ठीक है? जैसे कि डेथ। अब पता है भाई डेथ
2:10तो एक ना एक दिन सबकी होनी है। जो इवेंट
2:13हादसा होगा वो पता ही है कि क्या होएगा।
2:15जनरल इंश्योरेंस में अगर आप अपने गुड्स
2:17की, एसेट्स की, प्रॉपर्टी की इंश्योरेंस
2:19करा रहे हो तो गारंटी नहीं है। आपने फायर
2:21इंश्योरेंस कराई है। इसका मतलब पक्की बात
2:23है कि फायर लगेगी ही लगेगी। नहीं ना? आपने
2:26फ्लड इंश्योरेंस कराया तो जरूरी है बाढ़
2:28आएगी आएगी। ऐसा तो नहीं। लेकिन लाइफ
2:30इंश्योरेंस में सबको पता है कि डेथ तो इस
2:32दिन होएगी ही होएगी।
2:34प्रीमियम लाइफ इंश्योरेंस में यूजुअली जो
2:37प्रीमियम है वो रेगुलरली दिया जाता है
2:39लंबे समय तक। और जनरल इंश्योरेंस जो गुड्स
2:43वगैरह की इंश्योरेंस होती है इसमें
2:44प्रीमियम एनुअली दिया जाता है। एनुअली का
2:46मतलब क्या होता है भाई? पर ईयर एनुअली
2:50दिया जाता है। हर साल इसका प्रीमियम भरा
2:52जाता है।
2:54यह फर्स्ट पेज सेकंड पेज देखो
3:00कंपनसेशन।
3:04इसके बाद पॉइंट आ जाता है कंपनसेशन का।
3:06लाइफ इंश्योरेंस में जो कंपनसेशन है जो
3:10क्लेम मिलता है वो कब मिलता है भाई? या तो
3:13डेथ होने पर व्यक्ति की या फिर पॉलिसी
3:16मैच्योर होने पर। इसी वजह से इसको
3:18अश्योरेंस भी कहा जाता है बेटा वो जो ऊपर
3:20पॉइंट आया था क्योंकि लाइफ इंश्योरेंस में
3:22आपको क्लेम मिलेगा ही मिलेगा। यू आर एज
3:25श्योर कि आपको मिलेगा ही मिलेगा पैसे। या
3:28तो व्यक्ति की डेथ हो जाएगी। अब मान लो
3:30किसी की इंश्योरेंस के हिसाब से उसकी उम्र
3:3160 साल होनी चाहिए थी। उसकी हेल्थ वगैरह
3:34के हिसाब से। तो अगर 60 साल से पहले वो
3:37व्यक्ति मर गया, डेथ होगी उसकी तो पैसा
3:39मिल जाएगा फैमिली मेंबर्स को। नहीं मरा तो
3:42जब वो 60 साल का होगा तो कंपनी वाले थोड़ी
3:43गोली मार देंगे। उस टाइम पर जब उसकी
3:46पॉलिसी मैच्योर हो जाएगी तो उसको उसका
3:48पैसा वापस कर दिया जाएगा। लेकिन जनरल
3:50इंश्योरेंस जो गुड्स वगैरह की होती है।
3:52इसमें सिर्फ आपको तभी क्लेम मिलता है अगर
3:54आपका लॉस होगा। आपने चोरी की इंश्योरेंस
3:57करा रखी है। अगर चोरी हुई तभी क्लेम
3:59मिलेगा वरना नहीं। इन्वेस्टमेंट एलिमेंट
4:02लाइफ इंश्योरेंस बेटा सेफ्टी भी है और
4:04इन्वेस्टमेंट भी है। सेफ्टी इसलिए है कि
4:06अगर डेथ होगी तो पैसा मिलेगा और
4:08इन्वेस्टमेंट इसलिए है क्योंकि देखो ऊपर
4:10क्या लिखा हुआ है? मैच्योरिटी ऑफ़ पॉलिसी।
4:12अगर पॉलिसी मैच्योर होगी, डेथ उस टाइम तक
4:15नहीं भी हुई तो भी पैसा तो वापस मिलेगा।
4:17वो भी रिटर्न के साथ। तो इसलिए ये
4:19इन्वेस्टमेंट भी है, सेफ्टी भी है। लेकिन
4:21जनरल इंश्योरेंस सिर्फ सेफ्टी कवर करती
4:23है। इसमें कुछ रिटर्न वापस नहीं मिलेगा
4:25अगर हादसा ना हुआ तो। ठीक है? उसके बाद एक
4:29पॉइंट आ जाता है वैल्यू ऑफ पॉलिसी का।
4:33लाइफ इंश्योरेंस की पॉलिसी की जो वैल्यू
4:35है वो ह्यूमन की लाइफ वैल्यू के ऊपर बेस्ड
4:38होती है कि भाई ऑन एन एवरेज एक ह्यूमन की
4:39जिंदगी की क्या वैल्यू है? और जनरल
4:42इंश्योरेंस की जो वैल्यू है वो प्रॉपर्टी
4:44पर बेस्ड होती है भाई। आप 20 लाख के घर की
4:4720 करोड़ की इंश्योरेंस नहीं करा सकते।
4:49ठीक है? ऐसे ही आप 1 लाख की एक्टिवा की
4:51100 करोड़ की इंश्योरेंस भी नहीं करा
4:52सकते।
4:54और यहां पर ऐसा क्यों? वैसे तो आप चाहो तो
4:56यह वाला पॉइंट स्किप भी कर सकते हो। इतने
4:57पॉइंट्स हैं। अगर कंफ्यूजन हो तो स्किप भी
4:59कर सकते हो क्योंकि फिर बच्चों को इससे
5:01इंडेमनिटी में कंफ्यूजन होती है। तो चाहो
5:03तो ये वाला स्किप कर सकते हो। अगला पॉइंट
5:07इंडेमनिटी का प्रिंसिपल लाइफ इंश्योरेंस
5:10इज़ नॉट अ कॉन्ट्रैक्ट ऑफ इंडेमनिटी। सबसे
5:12इंपॉर्टेंट कांसेप्ट ही यही है भाई चैप्टर
5:14का। लाइफ इंश्योरेंस इंडेमिनिटी का
5:17कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। इंडेमनिटी का
5:18कॉन्ट्रैक्ट बेटा क्या होता है? कि आप लॉस
5:20कवर कर सकते हो। इंडेमिनिटी का प्रिंसिपल
5:23क्या कहता था? कि जी आप लॉस कवर कर सकते
5:25हो। प्रॉफिट नहीं बना सकते। इंडेमनिटी का
5:27प्रिंसिपल कहता था कि लॉस कवर हो सकता है।
5:31प्रॉफिट नहीं बन सकता। ठीक है? लेकिन लाइफ
5:34इंश्योरेंस एक कॉन्ट्रैक्ट ऑफ इंडेमनिटी
5:36नहीं है। इसमें आप प्रॉफिट भी बना सकते
5:38हो। क्योंकि नॉर्मल सी बात है अगर मान लो
5:42भाई आप लोगों मतलब आपने क्या किसी व्यक्ति
5:44ने इंश्योरेंस कराई अपनी लाइफ की और उसकी
5:46डेथ नहीं हुई तो कल को तो उसको प्रॉफिट ही
5:48मिला। कल को इतना सारा पैसा वापस मिला।
5:50जनरल इंश्योरेंस एक कॉन्ट्रैक्ट ऑफ
5:52इंडेमनिटी है। ठीक है? 1 लाख का लॉस हुआ
5:54है तो 1 लाख या उससे कम ही आपको कवर
5:56मिलेगा क्लेम उससे ज्यादा नहीं।
5:59अगला स्टेप आ जाता है बेनिफिशरी।
6:02बेनिफिशरी मतलब आपके बाद किसको मिलेगा
6:04क्लेम?
6:07नॉमिनी जो आपकी पॉलिसी का होगा या जो आपका
6:10लीगल हियर होगा लीगल रिप्रेजेंटेटिव वारिस
6:12जिसको बोलते हैं उनको क्लेम मिलता है भाई
6:15व्यक्ति की डेथ के बाद। और जनरल
6:17इंश्योरेंस में जो इंश्यर्ड पर्सन है या
6:19फिर जो ओनर ऑफ द प्रॉपर्टी है उसको मिलेगा
6:21क्लेम।
6:23एश्योरेंस किसको बोला जाता है? लाइफ
6:25इंश्योरेंस को ही अशोरेंस कहा जाता है।
6:27क्योंकि वी आर एज श्योर कि पैसा मिलेगा ही
6:30मिलेगा। क्योंकि या तो डेथ हो जाएगी तो
6:32मिलेगा पैसा। डेथ ना हुई तो भी मैच्योरिटी
6:33पे पैसा मिलेगा। इसलिए इसको अश्योरेंस
6:36बोलते हैं। जनरल इंश्योरेंस को अश्योरेंस
6:38नहीं कह सकते भाई। कैन नॉट बी कॉल्ड एज अ
6:39इंश्योरेंस। क्यों? क्योंकि कोई गारंटी
6:42वारंटी नहीं है। अगर लॉस ना हुआ तो फिर
6:45आपको मिलेगा भी नहीं कल को पैसा वापस। कैन
6:47नॉट बी कॉल्ड एश्योरेंस।
6:49इसके बाद आगे और पॉइंट
6:53लाइफ इंश्योरेंस में नंबर ऑफ क्लेम्स।
6:55लाइफ इंश्योरेंस में भाई सिर्फ एक ही
6:57क्लेम लिया जा सकता है। या तो डेथ पर या
7:00मैच्योरिटी पर। दो बार क्लेम नहीं मिलेगा।
7:02जनरल इंश्योरेंस में आप मल्टीपल क्लेम्स
7:04ले सकते हो। आपने भाई अपने गाड़ी की
7:06इंश्योरेंस करा रखी है। थोड़ा बहुत सिर्फ
7:08शीशा टूटा। आपने उसका छोटा सा क्लेम ले
7:10लिया। फिर हेडलाइट का क्लेम ले लिया।
7:11थोड़ा-थोड़ा करके मल्टीपल क्लेम्स करा
7:13सकते हो।
7:15सरेंडर वैल्यू बेटा एक बहुतेंट बात होती
7:17है प्रैक्टिकल लाइफ के लिए।
7:21सरेंडर वैल्यू में क्या होता है? पहली बात
7:23तो सरेंडर वैल्यू होती क्या है? सरेंडर
7:25वैल्यू होती है अगर आपने अपनी पॉलिसी बंद
7:27करवा दी बीच में। सबके हालात हर टाइम एक
7:30जैसे नहीं रहते। पॉलिसी कराते कराते बीच
7:32में कभी वक्त आया आपसे प्रीमियम नहीं पे
7:34किया जा रहा और आपको मजबूरी वर्ष पॉलिसी
7:37बंद करानी पड़ रही है। तो लाइफ इंश्योरेंस
7:39में आपको कुछ ना कुछ सरेंडर वैल्यू मिलेगी
7:41कि आप अपनी पॉलिसी बंद कर दोगे ना अगर आगे
7:43प्रीमियम भरना। तो अभी तक आपने जितने
7:45प्रीमियम भरे होंगे उतना तो वापस नहीं
7:47मिलेगा लेकिन कुछ उसका पार्ट मिलेगा जरूर
7:50आपको। लेकिन जनरल इंश्योरेंस में कोई
7:52सरेंडर वैल्यू नहीं होती भाई।
7:55लाइफ इंश्योरेंस गवर्नमेंट भी चाहती है
7:57लोग कराए तो लाइफ इंश्योरेंस पे लोगों को
7:58टैक्स बेनिफिट्स दिए जाते हैं। जनरल
8:00इंश्योरेंस पे एज सच नहीं मिलते कोई टैक्स
8:02बेनिफिट। कौन-कौन कर रहा है भाई? एग्जांपल
8:05भाई थोड़ा बहुत पॉलिसीज के। LIC आपकी लाइफ
8:07इंश्योरेंस पॉलिसी। ठीक है? ये क्या लिखा
8:09हुआ है लास्ट में? एग्जांपल्स और यहां पे
8:11जनरल कोई भी भाई फायर, मरीन, मोटर, थफ्ट
8:14कोई भी। ठीक है?
8:17अब ये 14-15 पॉइंट्स हैं भाई। कॉलेज के
8:19लिए हो, स्कूल के लिए हो, कॉलेज के हिसाब
8:21से लिखे हुए हैं 14 पॉइंट्स। स्कूल वाले
8:23बच्चे कोई छह भी कर लेंगे ना तो भी ठीक
8:25रहेगा। फिर भी यह जितने ज्यादा पॉइंट्स
8:26देख लोगे उतना बेहतर है। लिखने सारे हैं
8:28लेकिन नोट्स में वो बस एक जो मैंने काटा
8:30है वो वाला स्किप कर सकते हो। बाकी 14
8:32पॉइंट्स आपने लिखने हैं। हम्म।