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Life Insurance vs General Insurance

Anish Dhammi · 1,618 words · 8 min read

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0:01हां जी 11th क्लास इस वीडियो के अंदर हम

0:04कवर करेंगे आपका एक बहुत इंपॉर्टेंट

0:06डिफरेंस दैट इज लाइफ इंश्योरेंस और जनरल

0:08इंश्योरेंस के बीच का डिफरेंस बेटा ये

0:11डिफरेंस इंश्योरेंस और इंश्योरेंस के नाम

0:13से भी आता है। ध्यान रखना है आपने इस बात

0:14का। ठीक है? लाइफ इंश्योरेंस। इसके अंदर

0:18अभी पॉइंट भी कवर हो जाएगा। लाइफ

0:20इंश्योरेंस को ही इंश्योरेंस भी बोला जाता

0:22है। क्यों बोला जाता है वो सब इस वीडियो

0:25में ही पढ़ेंगे। ठीक है? और जनरल

0:28इंश्योरेंस जो होती है आपकी गुड्स की,

0:30एसेट्स की या किसी प्रॉपर्टी की उसको

0:32सिर्फ इंश्योरेंस बोला जाता है। उसको

0:35सिर्फ इंश्योरेंस बोला जाता है। अब फर्क

0:39क्या है भाई? पहला पॉइंट लाइफ इंश्योरेंस

0:42मतलब किसी की लाइफ की इंश्योरेंस। इट

0:44कवर्स द रिस्क ऑफ़ लाइफ। लाइफ का एक ही

0:47रिस्क है। वो डेथ है। यह उसको कवर करती

0:49है। हां, डेथ को टाल तो नहीं सकती। बट अगर

0:51बाय चांस डेथ हो तो जो नॉमिनी होते हैं

0:54जिस बंदे की डेथ हुई उसके बाद के उसके

0:55फैमिली मेंबर्स उसके डिपेंडेंट्स उनके

0:58रिस्क को थोड़ा कम कर सकती है कि वो अपने

1:00बेसिक जरूरतों के लिए किसी पे डिपेंड ना

1:02हो। जनरल इंश्योरेंस होती है बेटा गुड्स

1:05की एसेट्स की या प्रॉपर्टी की इंश्योरेंस।

1:07यह कवर करती है फायर, हेल्थ या थफ्ट से

1:10रिलेटेड रिस्क। ठीक है जी। नेक्स्ट

1:14लाइफ इंश्योरेंस का सब्जेक्ट मैटर क्या

1:16रहता है? लाइफ इंश्योरेंस का ह्यूमन लाइफ

1:18ही सब्जेक्ट मैटर है। क्योंकि भाई किसी

1:20ह्यूमन की जिंदगी की आप इंश्योरेंस करा

1:22रहे हो। किसी ह्यूमन बीइंग के जीवन की

1:24इंश्योरेंस करा रहे हो। मेन सब्जेक्ट मैटर

1:26मतलब मेन चीज क्या है? मेन मुद्दा क्या

1:27है? और जनरल इंश्योरेंस ये देखो ऊपर लिखा

1:30हुआ है कोई गुड्स हो सकती है, कोई एसेट्स

1:31हो सकती है, हेल्थ ये सारी चीजें जनरल

1:34इंश्योरेंस में आती हैं। नेक्स्ट पॉइंट।

1:38नेक्स्ट पॉइंट बेटा आपका आ जाता है

1:39ड्यूरेशन का। लाइफ इंश्योरेंस एक लॉन्ग

1:41टर्म कॉन्ट्रैक्ट है भाई। 15, 20 साल या

1:43उससे भी ज्यादा की लाइफ इंश्योरेंस कराई

1:45जाती है। लेकिन जनरल इंश्योरेंस एक शॉर्ट

1:48टर्म कॉन्ट्रैक्ट है और ज्यादातर एक-ए साल

1:50की होती है। जैसे फॉर एग्जांपल आपके पास

1:52कोई टू व्हीलर है उसकी आपने एक साल की

1:54इंश्योरेंस करा रखी है। एक साल बाद उसको

1:56फिर आप रिन्यू करवाओगे दोबारा करवाओगे।

1:59ये बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है बेटा।

2:01सर्टेनिटी ऑफ़ इवेंट। लाइफ इंश्योरेंस में

2:04जो इवेंट है ना हादसा वो सर्टेन है।

2:08ठीक है? जैसे कि डेथ। अब पता है भाई डेथ

2:10तो एक ना एक दिन सबकी होनी है। जो इवेंट

2:13हादसा होगा वो पता ही है कि क्या होएगा।

2:15जनरल इंश्योरेंस में अगर आप अपने गुड्स

2:17की, एसेट्स की, प्रॉपर्टी की इंश्योरेंस

2:19करा रहे हो तो गारंटी नहीं है। आपने फायर

2:21इंश्योरेंस कराई है। इसका मतलब पक्की बात

2:23है कि फायर लगेगी ही लगेगी। नहीं ना? आपने

2:26फ्लड इंश्योरेंस कराया तो जरूरी है बाढ़

2:28आएगी आएगी। ऐसा तो नहीं। लेकिन लाइफ

2:30इंश्योरेंस में सबको पता है कि डेथ तो इस

2:32दिन होएगी ही होएगी।

2:34प्रीमियम लाइफ इंश्योरेंस में यूजुअली जो

2:37प्रीमियम है वो रेगुलरली दिया जाता है

2:39लंबे समय तक। और जनरल इंश्योरेंस जो गुड्स

2:43वगैरह की इंश्योरेंस होती है इसमें

2:44प्रीमियम एनुअली दिया जाता है। एनुअली का

2:46मतलब क्या होता है भाई? पर ईयर एनुअली

2:50दिया जाता है। हर साल इसका प्रीमियम भरा

2:52जाता है।

2:54यह फर्स्ट पेज सेकंड पेज देखो

3:00कंपनसेशन।

3:04इसके बाद पॉइंट आ जाता है कंपनसेशन का।

3:06लाइफ इंश्योरेंस में जो कंपनसेशन है जो

3:10क्लेम मिलता है वो कब मिलता है भाई? या तो

3:13डेथ होने पर व्यक्ति की या फिर पॉलिसी

3:16मैच्योर होने पर। इसी वजह से इसको

3:18अश्योरेंस भी कहा जाता है बेटा वो जो ऊपर

3:20पॉइंट आया था क्योंकि लाइफ इंश्योरेंस में

3:22आपको क्लेम मिलेगा ही मिलेगा। यू आर एज

3:25श्योर कि आपको मिलेगा ही मिलेगा पैसे। या

3:28तो व्यक्ति की डेथ हो जाएगी। अब मान लो

3:30किसी की इंश्योरेंस के हिसाब से उसकी उम्र

3:3160 साल होनी चाहिए थी। उसकी हेल्थ वगैरह

3:34के हिसाब से। तो अगर 60 साल से पहले वो

3:37व्यक्ति मर गया, डेथ होगी उसकी तो पैसा

3:39मिल जाएगा फैमिली मेंबर्स को। नहीं मरा तो

3:42जब वो 60 साल का होगा तो कंपनी वाले थोड़ी

3:43गोली मार देंगे। उस टाइम पर जब उसकी

3:46पॉलिसी मैच्योर हो जाएगी तो उसको उसका

3:48पैसा वापस कर दिया जाएगा। लेकिन जनरल

3:50इंश्योरेंस जो गुड्स वगैरह की होती है।

3:52इसमें सिर्फ आपको तभी क्लेम मिलता है अगर

3:54आपका लॉस होगा। आपने चोरी की इंश्योरेंस

3:57करा रखी है। अगर चोरी हुई तभी क्लेम

3:59मिलेगा वरना नहीं। इन्वेस्टमेंट एलिमेंट

4:02लाइफ इंश्योरेंस बेटा सेफ्टी भी है और

4:04इन्वेस्टमेंट भी है। सेफ्टी इसलिए है कि

4:06अगर डेथ होगी तो पैसा मिलेगा और

4:08इन्वेस्टमेंट इसलिए है क्योंकि देखो ऊपर

4:10क्या लिखा हुआ है? मैच्योरिटी ऑफ़ पॉलिसी।

4:12अगर पॉलिसी मैच्योर होगी, डेथ उस टाइम तक

4:15नहीं भी हुई तो भी पैसा तो वापस मिलेगा।

4:17वो भी रिटर्न के साथ। तो इसलिए ये

4:19इन्वेस्टमेंट भी है, सेफ्टी भी है। लेकिन

4:21जनरल इंश्योरेंस सिर्फ सेफ्टी कवर करती

4:23है। इसमें कुछ रिटर्न वापस नहीं मिलेगा

4:25अगर हादसा ना हुआ तो। ठीक है? उसके बाद एक

4:29पॉइंट आ जाता है वैल्यू ऑफ पॉलिसी का।

4:33लाइफ इंश्योरेंस की पॉलिसी की जो वैल्यू

4:35है वो ह्यूमन की लाइफ वैल्यू के ऊपर बेस्ड

4:38होती है कि भाई ऑन एन एवरेज एक ह्यूमन की

4:39जिंदगी की क्या वैल्यू है? और जनरल

4:42इंश्योरेंस की जो वैल्यू है वो प्रॉपर्टी

4:44पर बेस्ड होती है भाई। आप 20 लाख के घर की

4:4720 करोड़ की इंश्योरेंस नहीं करा सकते।

4:49ठीक है? ऐसे ही आप 1 लाख की एक्टिवा की

4:51100 करोड़ की इंश्योरेंस भी नहीं करा

4:52सकते।

4:54और यहां पर ऐसा क्यों? वैसे तो आप चाहो तो

4:56यह वाला पॉइंट स्किप भी कर सकते हो। इतने

4:57पॉइंट्स हैं। अगर कंफ्यूजन हो तो स्किप भी

4:59कर सकते हो क्योंकि फिर बच्चों को इससे

5:01इंडेमनिटी में कंफ्यूजन होती है। तो चाहो

5:03तो ये वाला स्किप कर सकते हो। अगला पॉइंट

5:07इंडेमनिटी का प्रिंसिपल लाइफ इंश्योरेंस

5:10इज़ नॉट अ कॉन्ट्रैक्ट ऑफ इंडेमनिटी। सबसे

5:12इंपॉर्टेंट कांसेप्ट ही यही है भाई चैप्टर

5:14का। लाइफ इंश्योरेंस इंडेमिनिटी का

5:17कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। इंडेमनिटी का

5:18कॉन्ट्रैक्ट बेटा क्या होता है? कि आप लॉस

5:20कवर कर सकते हो। इंडेमिनिटी का प्रिंसिपल

5:23क्या कहता था? कि जी आप लॉस कवर कर सकते

5:25हो। प्रॉफिट नहीं बना सकते। इंडेमनिटी का

5:27प्रिंसिपल कहता था कि लॉस कवर हो सकता है।

5:31प्रॉफिट नहीं बन सकता। ठीक है? लेकिन लाइफ

5:34इंश्योरेंस एक कॉन्ट्रैक्ट ऑफ इंडेमनिटी

5:36नहीं है। इसमें आप प्रॉफिट भी बना सकते

5:38हो। क्योंकि नॉर्मल सी बात है अगर मान लो

5:42भाई आप लोगों मतलब आपने क्या किसी व्यक्ति

5:44ने इंश्योरेंस कराई अपनी लाइफ की और उसकी

5:46डेथ नहीं हुई तो कल को तो उसको प्रॉफिट ही

5:48मिला। कल को इतना सारा पैसा वापस मिला।

5:50जनरल इंश्योरेंस एक कॉन्ट्रैक्ट ऑफ

5:52इंडेमनिटी है। ठीक है? 1 लाख का लॉस हुआ

5:54है तो 1 लाख या उससे कम ही आपको कवर

5:56मिलेगा क्लेम उससे ज्यादा नहीं।

5:59अगला स्टेप आ जाता है बेनिफिशरी।

6:02बेनिफिशरी मतलब आपके बाद किसको मिलेगा

6:04क्लेम?

6:07नॉमिनी जो आपकी पॉलिसी का होगा या जो आपका

6:10लीगल हियर होगा लीगल रिप्रेजेंटेटिव वारिस

6:12जिसको बोलते हैं उनको क्लेम मिलता है भाई

6:15व्यक्ति की डेथ के बाद। और जनरल

6:17इंश्योरेंस में जो इंश्यर्ड पर्सन है या

6:19फिर जो ओनर ऑफ द प्रॉपर्टी है उसको मिलेगा

6:21क्लेम।

6:23एश्योरेंस किसको बोला जाता है? लाइफ

6:25इंश्योरेंस को ही अशोरेंस कहा जाता है।

6:27क्योंकि वी आर एज श्योर कि पैसा मिलेगा ही

6:30मिलेगा। क्योंकि या तो डेथ हो जाएगी तो

6:32मिलेगा पैसा। डेथ ना हुई तो भी मैच्योरिटी

6:33पे पैसा मिलेगा। इसलिए इसको अश्योरेंस

6:36बोलते हैं। जनरल इंश्योरेंस को अश्योरेंस

6:38नहीं कह सकते भाई। कैन नॉट बी कॉल्ड एज अ

6:39इंश्योरेंस। क्यों? क्योंकि कोई गारंटी

6:42वारंटी नहीं है। अगर लॉस ना हुआ तो फिर

6:45आपको मिलेगा भी नहीं कल को पैसा वापस। कैन

6:47नॉट बी कॉल्ड एश्योरेंस।

6:49इसके बाद आगे और पॉइंट

6:53लाइफ इंश्योरेंस में नंबर ऑफ क्लेम्स।

6:55लाइफ इंश्योरेंस में भाई सिर्फ एक ही

6:57क्लेम लिया जा सकता है। या तो डेथ पर या

7:00मैच्योरिटी पर। दो बार क्लेम नहीं मिलेगा।

7:02जनरल इंश्योरेंस में आप मल्टीपल क्लेम्स

7:04ले सकते हो। आपने भाई अपने गाड़ी की

7:06इंश्योरेंस करा रखी है। थोड़ा बहुत सिर्फ

7:08शीशा टूटा। आपने उसका छोटा सा क्लेम ले

7:10लिया। फिर हेडलाइट का क्लेम ले लिया।

7:11थोड़ा-थोड़ा करके मल्टीपल क्लेम्स करा

7:13सकते हो।

7:15सरेंडर वैल्यू बेटा एक बहुतेंट बात होती

7:17है प्रैक्टिकल लाइफ के लिए।

7:21सरेंडर वैल्यू में क्या होता है? पहली बात

7:23तो सरेंडर वैल्यू होती क्या है? सरेंडर

7:25वैल्यू होती है अगर आपने अपनी पॉलिसी बंद

7:27करवा दी बीच में। सबके हालात हर टाइम एक

7:30जैसे नहीं रहते। पॉलिसी कराते कराते बीच

7:32में कभी वक्त आया आपसे प्रीमियम नहीं पे

7:34किया जा रहा और आपको मजबूरी वर्ष पॉलिसी

7:37बंद करानी पड़ रही है। तो लाइफ इंश्योरेंस

7:39में आपको कुछ ना कुछ सरेंडर वैल्यू मिलेगी

7:41कि आप अपनी पॉलिसी बंद कर दोगे ना अगर आगे

7:43प्रीमियम भरना। तो अभी तक आपने जितने

7:45प्रीमियम भरे होंगे उतना तो वापस नहीं

7:47मिलेगा लेकिन कुछ उसका पार्ट मिलेगा जरूर

7:50आपको। लेकिन जनरल इंश्योरेंस में कोई

7:52सरेंडर वैल्यू नहीं होती भाई।

7:55लाइफ इंश्योरेंस गवर्नमेंट भी चाहती है

7:57लोग कराए तो लाइफ इंश्योरेंस पे लोगों को

7:58टैक्स बेनिफिट्स दिए जाते हैं। जनरल

8:00इंश्योरेंस पे एज सच नहीं मिलते कोई टैक्स

8:02बेनिफिट। कौन-कौन कर रहा है भाई? एग्जांपल

8:05भाई थोड़ा बहुत पॉलिसीज के। LIC आपकी लाइफ

8:07इंश्योरेंस पॉलिसी। ठीक है? ये क्या लिखा

8:09हुआ है लास्ट में? एग्जांपल्स और यहां पे

8:11जनरल कोई भी भाई फायर, मरीन, मोटर, थफ्ट

8:14कोई भी। ठीक है?

8:17अब ये 14-15 पॉइंट्स हैं भाई। कॉलेज के

8:19लिए हो, स्कूल के लिए हो, कॉलेज के हिसाब

8:21से लिखे हुए हैं 14 पॉइंट्स। स्कूल वाले

8:23बच्चे कोई छह भी कर लेंगे ना तो भी ठीक

8:25रहेगा। फिर भी यह जितने ज्यादा पॉइंट्स

8:26देख लोगे उतना बेहतर है। लिखने सारे हैं

8:28लेकिन नोट्स में वो बस एक जो मैंने काटा

8:30है वो वाला स्किप कर सकते हो। बाकी 14

8:32पॉइंट्स आपने लिखने हैं। हम्म।

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