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Production function | Introduction

Anish Dhammi · 3,293 words · 15 min read

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0:01हेलो 11th क्लास कायदे से बेटा आज आप

0:04लोगों का टेस्ट था बट आप लोगों की क्लास

0:07वेस्ट ना करते हुए आज हम प्रोडक्शन फंक्शन

0:10वाला चैप्टर आगे कंटिन्यू करेंगे जो हमने

0:12डिसाइड करा था मिलके कि अब हम स्टार्ट

0:14करेंगे नो डाउट इसका जो सबसेेंट क्वेश्चन

0:18है वो आप लोग बहुत पहले कर चुके हो दोबारा

0:20भी करेंगे बट उससे पहले इसके बारे में

0:23बेसिक चीजें जब पेपर थे उस टाइम पे उतना

0:26टाइम नहीं था कि हम इन सब चीजों पे टाइम

0:28वेस्ट करें बट करनी ही तो है ही ना।

0:30चैप्टर का तो पार्ट ही है। अब बिल्कुल

0:32बेसिक लेवल से पढ़ेंगे यार। क्या होता है

0:34प्रोडक्शन फंक्शन? चैप्टर का नाम है

0:37प्रोडक्शन फंक्शन एंड रिटर्न्स टू पार्ट।

0:39[गहरी सांस लेने की आवाज़] सबसे पहले यार

0:41प्रोडक्शन होता क्या है? यह देखो कारखाना

0:43सा बना रखा है जहां पर प्रोडक्शन हो रही

0:45है। प्रोडक्शन एक सिंपल प्रोसेस है जिसके

0:48अंदर इनपुट्स को आउटपुट में कन्वर्ट किया

0:50जाता है। एक ऐसी प्रोसेस जिसके अंदर

0:53इनपुट्स को आउटपुट में कन्वर्ट किया जाता

0:56है। एग्जांपल के तौर पे एक ऐसी प्रोसेस

0:58जिससे मान लो

1:01लेट इट बी [गला साफ़ करने की आवाज़] थ्रेड

1:02है ना थ्रेड धागा इनपुट इस धागे से एक

1:07शर्ट रेडी कर दी जाएगी। कॉटन के थ्रेड से

1:09एक शर्ट रेडी करी जाएगी। यह प्रोडक्शन है।

1:12प्रोडक्शन एक प्रोसेस है जिसके अंदर रॉ

1:14मटेरियल लाइक प्लास्टिक से एक पूरी चेयर

1:18रेडी कर दी जाएगी। टेबल रेडी कर दिया

1:20जाएगा। ये पूरी प्रोसेस जिसके अंदर इस

1:22कच्चे सामान से पूरा [हंसी] पक्का सामान

1:23बनेगा वो प्रोडक्शन है भाई। ठीक है? अगर

1:27मैं शेफ लाइन की बात करूं तो कच्ची सब्जी

1:29[हंसी] से पूरे एक डिश रेडी कर दी जाएगी।

1:32वो प्रोडक्शन है भाई। अब

1:37याद रखना भाई वैसे तो गुड्स की भी गुड्स

1:39के साथ-साथ सर्विज की भी प्रोडक्शन होती

1:41है। बट हमारे इस चैप्टर के अंदर जो मेन

1:44फोकस है ना वो गुड्स की प्रोडक्शन पे है।

1:46ये चैप्टर में कहीं लिखा नहीं होगा। बट ये

1:48बात ध्यान रखना। अब क्या है भाई? और ये

1:52क्या आ गया भैया? गंदा सा हमारे बस का

1:54नहीं। बहुत ईजी है। ध्यान से देखो। यार जो

1:56प्रोडक्शन फंक्शन है ना चैप्टर का नाम।

1:59प्रोडक्शन किस चीज का फंक्शन है?

2:02प्रोडक्शन किस चीज पर डिपेंड करती है?

2:03इसका मतलब ये होता है कि प्रोडक्शन फंक्शन

2:06का मतलब है प्रोडक्शन किस चीज पर डिपेंड

2:08करती है भाई तो ये जो लिखा हुआ है ना q डी

2:12सिर्फ q भी लिखोगे तो चलेगा कि जो

2:14प्रोडक्शन है ना भाई ये सारे ना इको के

2:16अंदर शॉर्ट फॉर्म होती है प्रोडक्शन इसको

2:19ना प्रोनाउंस कैसे करते हैं देखना जो लिखा

2:22हुआ है ना q इक्वल टू मैं कह रहा हूं d तो

2:24हटा ही दो तुम लोग छोड़ो सिर्फ ये क्यों

2:27रखना q = छोटा f ब्रैकेट में l k इसको

2:31प्रोनाउंस ऐसे करा जाता है ये जो लिखा है

2:33ना Q = छोटा F ब्रैकेट में L के कैपिटल इस

2:39चीज़ को प्रोनाउंस ऐसे करते हैं। प्रोडक्शन

2:42इज अ फंक्शन ऑफ लेबर एंड कैपिटल। इस तरीके

2:47से प्रोनाउंस करते हैं। बेटा जब इसको

2:49नोट्स बनाओगे ना ये लाइन जो मैं बोल रहा

2:52हूं इसको लिख लेना। जब ये फार्मूला नोट

2:53करोगे ना d यहां पे लिखने की जरूरत नहीं

2:55आपको।

3:00जब इसको नोट करोगे q = छोटा ब्रैकेट में l

3:04के तो नोट करना ये लाइन कि प्रोडक्शन

3:10इज अ

3:12फंक्शन ऑफ

3:17q मतलब प्रोडक्शन इज इक्वल टू मतलब इज अ f

3:19मतलब फंक्शन ऑफ़ एल और के एल और के मतलब

3:23लेबर एंड कैपिटल भाई जी प्रोडक्शन सारी की

3:26सारी जो है ना वो लेबर और कैपिटल पे

3:28डिपेंड करती है। लेबर आपको पता है जिन

3:30बच्चों को कैपिटल के बारे में नहीं पता

3:32बेटा कैपिटल वो अमाउंट होता है जो बिनेस

3:34में इन्वेस्ट किया जाता है। सिंपल

3:36अकाउंट्स की डेफिनेशन है कि कैपिटल इज द

3:39अमाउंट इन्वेस्टेड इन बिनेस। भाई जी

3:41प्रोडक्शन कितनी होगी? डिपेंड करता है

3:43आपकी हैसियत कितनी है? आपकी औकात कितनी

3:46है? आप कितनी प्रोडक्शन कर सकते हो। तो आप

3:48पे पैसा कितना है? ज्यादा पैसा होगा आप

3:52ज्यादा बड़ी-बड़ी मशीनें लगा दोगे। ठीक

3:54है? कम पैसा होगा तो भाई कम लेवल पर

3:56प्रोडक्शन करोगे। एग्जांपल के तौर पर आप

3:59एक क्लाउड किचन का एग्जांपल ले लो जो घर

4:02से ही खाने पीने की चीजें बना के जोatो पे

4:05बेचते हैं। छोटा सा सेटअप है घर पे। घर पर

4:07उनका वो जो नॉर्मल गैस स्ट है टू बर्नर,

4:10थ्री बर्नर या फोर बर्नर का उसमें वो एक

4:12लिमिटेड लेवल की प्रोडक्शन कर सकते हैं।

4:14लेकिन अगर वो कमर्शियल लेवल पे प्रॉपर

4:16रेस्टोरेंट खोले, ढाबा खोले तो वहां पर तो

4:19भट्टियां होती है भाई और वहां पर तो बड़े

4:21लेवल पे वो चीज आ जाती है कि भाई जितना

4:24ज्यादा आपने पैसा लगा रखा होगा ना उतनी

4:26प्रोडक्शन होगी। मुझे बताओ भाई आज की डेट

4:28में मान लो आप अपना मिल्क का पैकेट वाला

4:32ब्रांड मिल्क से हमें एक प्यारा सा बच्चा

4:34याद आ जाता है नेम पेप्सोरेंट बट कोई बात

4:37नहीं चलो मान लीजिए आप अपना एक मिल्क

4:39ब्रांड ओपन करते हो जैसे अमूल है मदर डेरी

4:43है ठीक है आपने पेप्सोडेंट डेरी खोल ली

4:45मान लो आप पैकेट वाला दूध लेते होंगे

4:47पैकेट वाला दूध जो मार्केट में आता है ना

4:49टोंड कूल्ड क्रीम ये सब अब मुझे बताइए

4:52क्या पेप्सूडेंट ज्यादा प्रोडक्शन कर सकता

4:54है या अमूल ज्यादा ज्यादा प्रोडक्शन कर

4:57सकता है दूध दूध के पैकेटों ठीक है जवाब

5:01तुम पेप्सेंट की कैपेबिलिटी पे शक मत करो

5:05ठीक है वो अपनी जगह होनहार है बावजूद उसके

5:09भाई अमूल मदर डेरी पेप्सोरेंट से जीत

5:11जाएंगे क्योंकि भाई उनके पास कैपिटल

5:14ज्यादा है अगर पेप्सोरेंट 10 थैलीब की बना

5:18सकता है ना तो वो भाई 10 लाख बना सकते

5:20हैं। पैसे की गेम है। दूसरा पेप्सेंट पे

5:23कितने लोग काम कर रहे होंगे?

5:24तो वन मैन आर्मी है लेकिन भाई वो जो

5:26बड़े-बड़े ब्रांड्स है उनप तो लेबर एक

5:29नहीं दो नहीं हजारों लाखों में लोग हैं जो

5:32काम कर रहे हैं तो प्रोडक्शन जो है ना वो

5:34डिपेंड करती है आप पे कितनी लेबर है और

5:37कितना आपकी औकात है आप पे कितना पैसा है

5:40लेबर तो काम करेगी करेगी और आपका जो पैसा

5:42है वो पैसे से आप बड़ी-बड़ी मशीनें खरीद

5:45के मास लेवल पे प्रोडक्शन कर सकते हो ठीक

5:48है वो चीज होती है अब मान लो कोई चिप्स का

5:50ब्रांड है वो अपनी फैक्ट्री में जितने

5:53इतने चिप्स बना लेगा आप घर पे नया ब्रांड

5:55खोल के नहीं बना सकते भाई उनकी फैक्ट्री

5:58में एक बारी में भाई लाखों लाखों पीस

6:00चिप्स के निकल आएंगे वो मशीनें उन्होंने

6:02उनके पास इतनी हैसियत है उन्होंने इतने

6:03बड़े लेवल की मशीनें लगाई हुई है

6:06पेप्सोरेंट दूध का काम खोलने हम उसे

6:07पेप्सोरेंट प्लांट नहीं बोलेंगे बीटा को

6:10बोल देते हैं बीटा मिल्क प्लांट अमूल

6:12मिल्क प्लांट प्लांट बोला ही उसको जाता है

6:14जो बहुत बड़े लेवल की मशीन हो पेप्सोरेंट

6:16तो उस लेवल का नहीं कर रहा है ना काम

6:19बेसिकली और प्रोडक्शन फंक्शन क्या होता है

6:21भाई वो भी जान प्रोडक्शन फंक्शन एक

6:23फंक्शनल रिलेशनशिप है फिजिकल इनपुट्स और

6:26फिजिकल आउटपुट्स के बीच कि आप क्या-क्या

6:29चीजों को इनपुट में डाल रहे हो और क्या

6:30उससे आउटपुट निकल रहा है। अब

6:35क्या होता है भाई टोटल आउटपुट और प्रोडक्ट

6:38जो भी आप टोटल आउटपुट बनाते हो टोटल

6:40प्रोडक्ट बनाते हो। ठीक है? क्या होता है

6:42ये कि टोटल कितनी वॉल्यूम ऑफ गुड्स?

6:45वॉल्यूम का मतलब बेटा यहां पे वो आवाज

6:47वाली वॉल्यूम नहीं है कि मैं ऊर्जा बोलूं

6:50तो वॉल्यूम बढ़ गई। वो वाला वॉल्यूम नहीं

6:51है ये। यह वॉल्यूम कौन सा है? क्वांटिटी

6:54वाला वॉल्यूम।

6:56यह वॉल्यूम कौन सा है? क्वांटिटी वाला

6:59वॉल्यूम। क्वांटिटी वाला। ठीक है? कि

7:02कितनी क्वांटिटी ऑफ गुड्स एक फर्म बिजनेस

7:05एक पर्टिकुलर पीरियड के दौरान एक

7:07स्पेसिफिक स्पेसिफिक का मतलब होता है एक

7:09पर्टिकुलर। एक पर्टिकुलर पीरियड के दौरान

7:12प्रोड्यूस कर रहा है। एक पर्टिकुलर टाइम

7:15के समय के दौरान प्रोड्यूस कर रहा है। वो

7:18चीजें कि टोटल आउटपुट क्या है भाई? कि

7:21कितना प्रोडक्ट बनाया एक फर्म ने भाई एक

7:23पर्टिकुलर पीरियड के दौरान।

7:26अच्छा इसके बाद एक आप लोगों का फेवरेट

7:29टॉपिक आ जाएगा यहां पे जो क्या है? कई बार

7:32आप पढ़ चुके हो टीपी एपी एमपी आपने तो भाई

7:37[खांसने की आवाज़]

7:39टी यू ए यू एम यू पढ़ लिया। टीसीएमसी एसी

7:42पढ़ लिया। टीआर एमआर एरर चलो अभी नहीं

7:44पढ़ा कोई बात नहीं। ये वाली सारी चीजें

7:46आपने पढ़ी है भाई। सबके न्यूमेरिकल्स तो

7:48सेम ही है। मैं आज आपको ये वीडियो के बाद

7:51आपको मान लो मैं 2000 क्वेश्चन दे दूं

7:53इसके। आप कर लोगे भाई। यू कैन डू दिस

7:56क्योंकि कांसेप्ट तो सेम ही है। क्या होता

7:59है? एक बार दोबारा रिवाइज कर लेते हैं।

8:01चलो टोटल प्रोडक्ट कैसे निकलता है?

8:04मार्जिनल प्रोडक्ट को डायगोनली प्लस करके

8:07एवरेज प्रोडक्ट कैसे निकलता है? टोटल

8:09प्रोडक्ट को क्वांटिटी या लेबर दोनों में

8:11से जो भी अवेलेबल है उससे डिवाइड करा के।

8:13पिछले चैप्टरों में लेबर नहीं आता था।

8:15इसमें लेबर से डिवाइड करा सकते हो। याद

8:16रखना बस ये चीज नहीं है। मार्जिनल

8:18प्रोडक्ट कैसे निकलता है? टोटल प्रोडक्ट

8:20को स्ट्रेट माइनस करके। और अगर इस

8:23फार्मूले से भी टोटल प्रोडक्ट निकालना

8:25चाहते हो तो ये जो भी क्वांटिटी या लेबर

8:27है इसको यहां मल्टीप्लाई कर दो। टोटल

8:29प्रोडक्ट आ जाएगा एवरेज प्रोडक्ट इन

8:31क्वांटिटी या लेबर जो भी है।

8:34ये आपने पहले भी सारी चीजें पढ़ रखी।

8:38जहां से बेटर आप वहां से लिखोगे तो ज्यादा

8:40बेटर है। ठीक है भाई। ये राइटिंग अगर आपको

8:42मान लो प्रॉब्लम हो वहां से भी लिख सकते।

8:45अब प्रोडक्शन फंक्शन में बेटा दो कांसेप्ट

8:47है टाइम पीरियड के बहुत इंपॉर्टेंट

8:49कांसेप्ट है और रियल लाइफ कांसेप्ट है भाई

8:52सारी बात टाइम की भी होती है कई बार हर

8:55चीज हमेशा पैसे की नहीं होती ठीक है हर

8:59चीज हमेशा याद रखना अगर आप बिजनेस कर रहे

9:02हो ना हर चीज हमेशा पैसे की नहीं होती मैं

9:05कह रहा आप अरबोपति हो आप एक दिन के अंदर

9:08प्रोडक्शन नहीं बढ़ा सकते भाई एक दिन के

9:11अंदर मान लो आपने कोई मशीन ढूंढ ली आज

9:15एग्जांपल के तौर पे मान लो आज 2000 आज

9:19क्या डेट है 26 तारीख 26 सितंबर 2026 को

9:22आप [हंसी]

9:2410,000 पैकेट्स प्रोड्यूस करते हो आप 27

9:27सितंबर को भाई एक करोड़ पैकेट्स नहीं

9:30बनाने लग सकते क्योंकि भाई बेशक आप पे

9:32करोड़ों रुपए हो मशीन खरीदने के शॉर्ट

9:34पीरियड में इतनी जल्दी मशीन कहां से आ

9:36जाएगी और यार रियल में ये तो कहने की बात

9:38है मशीनने जैसी चीजें महंगी आती है भाई

9:41शॉर्ट टर्म के अंदर इतना इजीली पैसा अरेंज

9:44नहीं हो पाता

9:48तो शॉर्ट पीरियड में क्या होता है? जब आप

9:50प्रोडक्शन कर रहे हो ना कुछ फैक्टर्स आपके

9:52फिक्स्ड होते हैं। कुछ बाउंडेशंस आपकी

9:54फिक्स्ड होती है जिसको आप चाहकर भी शॉर्ट

9:57टर्म में नहीं बढ़ा सकते। जैसे जमीन होगी,

9:59लैंड हो गया या मशीन होगी, लैंड लिख सकते

10:01हो यहां पे एग्जांपल में मशीन लिख सकते हो

10:04कि भाई शॉर्ट रन में ना आप चाहकर भी इनको

10:06नहीं इंप्रूव कर सकते क्योंकि बहुत

10:08कॉस्टली है। इतनी जल्दी आपको अवेलेबल नहीं

10:10हो जाएंगे और कुछ फैक्टर्स वेरिएबल होते

10:12हैं जो बदलते रहते हैं। जैसे लेबर इसका

10:15बेस्ट एग्जांपल है। शॉर्ट रन में अगर आपको

10:17प्रोडक्शन बढ़ानी है ना आप कभी भी बेटा

10:20जमीन खरीद के या मशीन खरीद के नहीं बढ़ा

10:23सकते। शॉर्ट रन में इतनी जल्दी अवेलेबल

10:25पॉसिबल ही नहीं है भाई वो। शॉर्ट टर्म में

10:27प्रोडक्शन हमेशा बढ़ती है लेबर से। लेबर

10:30ज्यादा लगा के कि ज्यादा लेबर लगा देंगे

10:32वो चीज। शॉर्ट टर्म के अंदर याद रखना कुछ

10:36फैक्टर्स आपके फैक्टर्स ऑफ प्रोडक्शन कुछ

10:38फिक्स्ड होते हैं। कुछ वेरिएबल होते हैं।

10:40फिक्स्ड मतलब जिसको आप चाहकर भी नहीं बदल

10:42सकते। यू आर बाउंड कि आपकी जितनी जमीन है

10:44उतनी ही है। और वेरिएबल मतलब जिन्हें आप

10:48बदल भी सकते। बट लॉन्ग पीरियड के अंदर

10:50लंबे समय के दौरान आपके सारे ही फैक्टर्स

10:53वेरिएबल होते हैं भाई। क्योंकि इसकी सिंपल

10:56कहावत है यार। लॉन्ग पीरियड इज लॉन्ग इनफ

11:00टू चेंज एवरीथिंग। ये कहीं लिख लेना। ठीक

11:02है? यहां पर नहीं लिखा हुआ। आप कहीं लिख

11:05लेना कि अगर कोई आपसे क्वेश्चन पूछे ना

11:07मैं असाइनमेंट में क्वेश्चन दूंगा कि

11:10व्हाई ऑल द फैक्टर्स आर वेरिएबल इन लॉन्ग

11:14पीरियड। क्यों सारे के सारे फैक्टर्स ऑफ

11:16प्रोडक्शन? लंबे समय में वेरिएबल माने

11:18जाते हैं। वेरिएबल मतलब जिसको बदल सकते

11:20हैं। वेरिएबल मतलब जिसको बदल सकते हैं।

11:23चेंज हो सकते हैं। नहीं पता मतलब लिख लेना

11:26भाई जिसको

11:28बदल सकते हैं। जिसको चेंज कर सकते हैं।

11:31[नाक से की जाने वाली आवाज़] यू आर नॉट

11:31बाउंड कि भाई उतना ही रहेगा। जिसको आप बदल

11:36सकते हो। इसको

11:38बदल

11:40सकते हैं।

11:42क्यों ऐसा होता है कि लॉन्ग रन में सारे

11:44के सारे फैक्टर्स ही वेरिएबल होते हैं।

11:47क्योंकि बेटा सिंपल आंसर है इसका। लिख लो।

11:50लॉन्ग पीरियड इज लॉन्ग इनफ टू चेंज

11:53एवरीथिंग। लंबा समय काफी लंबा होता है

11:56भाई। काफी चीजें बदलने के लिए। एक दिन में

11:58आपकी इनकम वगैरह नहीं बदल सकती लेकिन लंबे

12:01समय में बदल सकती है। वो वाला सिनेरियो

12:03है। ठीक है? एग्जांपल के तौर पर चलो मान

12:06लो मैं पढ़ा रहा हूं ऑफलाइन के अंदर

12:09ऑनलाइन में तो चलो कोई लिमिट ही नहीं है।

12:11ऑफलाइन के अंदर चलो मैं पढ़ा रहा हूं।

12:13ऑफलाइन में आई एम बाउंड कि मैं एक क्लास

12:16रूम के अंदर एक लिमिटेड बच्चे बिठा सकता

12:18हूं। ठीक है?

12:21एकदम से मान लो। वैसे तो तुम्हें पता है

12:24हमारा वाला सिनेरियो कि हम अगस्त सितंबर

12:26के बाद हायरिंग नहीं करते। एग्जांपल के

12:28तौर पे मान लो कि कोई बैच बनता है नया।

12:31अक्टूबर में मान लो मेरे पास एकदम से 101

12:35एक्स्ट्रा बच्चे आ जाते हैं कि हमें पढ़ना

12:37है। भाई जी शॉर्ट रन के अंदर मेरी मजबूरी

12:40है। मैं शायद उन्हें एंटरटेन ना कर पाऊं।

12:42क्यों ना कर पाऊं भाई? मेरे पे जगह नहीं

12:44है उन्हें बिठाने की। शॉर्ट रन के अंदर।

12:46शॉर्ट रन के अंदर मैं वो रूम का साइज

12:49वगैरह नहीं बदल सकता। लेकिन लंबे पीरियड

12:52के दौरान मैं उसको बदल सकता हूं। भाई

12:53लॉन्ग पीरियड के अंदर जब वक्त ज्यादा

12:56होगा, पैसा ज्यादा होगा। उस दौरान मैं उस

12:59रूम के साइज को बदल सकता हूं। किसी बड़े

13:01रूम में पढ़ा सकता हूं। किसी बड़ी

13:03कमर्शियल प्रॉपर्टी में पढ़ा सकता हूं।

13:04जहां पर एक बारी में ज्यादा बच्चा भी बैठ

13:06जाए, 50 बच्चा भी बैठ जाए, 100 बच्चा भी

13:08बैठ जाए। लेकिन शॉर्ट पीरियड में नहीं

13:10भाई। ठीक है? वो वाला सिनेरियो होता है।

13:13एक याद रखने वाला पॉइंट क्या है भाई?

13:16शॉर्ट टर्म पीरियड को रिटर्न्स टू अ

13:17फैक्टर बोलते हैं और लॉन्ग पीरियड को

13:19रिटर्न्स टू अ स्केल बोलते हैं। ठीक है

13:22भाई? रीज़ इसका क्या है? वैसे तो यार शॉर्ट

13:24में लिखा है। डिटेल में आगे आएगा।

13:27रिटर्न्स टू अ फैक्टर क्यों बोला जाता है

13:29शॉर्ट पीरियड को? क्योंकि शॉर्ट टर्म के

13:31अंदर आउटपुट सिर्फ और सिर्फ वेरिएबल

13:33फैक्टर से बढ़ता है। अगर शॉर्ट रन के अंदर

13:35आपको प्रोडक्शन बढ़ानी है ना आउटपुट बढ़ाना

13:37है आपके पास एक ऑप्शन है भाई लेबर भाई यह

13:41ज्यादा ले आओ 500 600 की दहाड़ी में सस्ती

13:43सी चीज है इंडिया जैसी कंट्री में पपुलेशन

13:45इतनी है कि बेरोजगारी इतनी है आप मोड़ पे

13:48जाओ कभी जाके देखो भाई आपको पहले भी ये

13:50चीज मैंने डिस्कस करी थी आप इंडिया में

13:53ऐसा नहीं है कि आप टायर फ्री सिटी में

13:55अंबाला में रह रहे हो तो यहां दिक्कत है

13:56किस मर्जी एरिया में चले जाओ भाई अगर

13:58अंबाला में हो तो अंबाला में ही चले जाओ

14:00आप अंबाला में आप कुछ मेजर स्पॉट्स मैं

14:03बता देता हूं आप जो रामा यूनिफार्म वाला

14:06मोड है सुबह आप 8 9:00 बजे वहां जाके खड़े

14:09हो जाओ बस वो पुराने केडी हॉस्पिटल वाला

14:11चौक है वहां भाई जी सुबह 500 लेबर खड़ी

14:14होती है सिर्फ और उनका कोई फिक्स्ड काम

14:17नहीं है वो सिर्फ इसलिए खड़ी [हंसी] होती

14:18है कि कोई हमें ले जाए कि भाई वो तो ऐसा

14:21सीन है कि अगर मान लो आपने वहां जाके

14:23एक्टिवा लगाई है ना तो वो खुद ही पीछे बैठ

14:25जाएंगे भैया चलो जो काम होगा देख लेंगे कर

14:27देंगे लोडिंग अनलोडिंग कुछ भी काम है पेंट

14:30करना है कर देंगे कोई छोटा-मोटा काम है वी

14:32विल डू इट इतनी इतनी बेरोजगारी है और लोग

14:35भी इली इनको अफोर्ड कर लेते हैं क्योंकि

14:37यार क्या ही है एक दिन में काम कराना है

14:38₹600 की दहाड़ी है हो जाएगा काम वो चीज

14:41होती है बट लॉन्ग रन के अंदर आप अपने सारे

14:45फैक्टर्स को बदल सकते हो आप लेबर बदल सकते

14:48हो आप रोबोटिक्स पे शिफ्ट हो सकते हो आप

14:50एआई प्लेटफ्स बिल्ड कर सकते हो आप

14:52इनोवेटिव मशीनंस ला सकते हो आप नई जमीन

14:54खरीद सकते हो आप किले के हिसाब से एक्स के

14:58हिसाब से लैंड खरीद सकते हो वो चीज

15:01शॉर्ट टर्म पीरियड में आपका आउट आउटपुट ना

15:03एक हद के बाद कांस्टेंट हो जाता है।

15:05क्योंकि लेबर एक हद तक सिर्फ प्रोडक्शन

15:07बढ़ाएगी। एक हद के बाद उसकी कैपेसिटी भी

15:09खत्म हो जाएगी। ये चीज आपने लॉ ऑफ़ वेरिएबल

15:11प्रोपोर्शन में पढ़ी थी कि लेबर एक पॉइंट

15:13तक प्रोडक्शन बढ़ा सकती है। लेकिन अगर वही

15:16चीज कि एग्जांपल के तौर पे हमारे पास

15:21इतना एरिया है और इस एरिया में इतनी मशीन

15:26है। मान लो इतनी मशीन है।

15:29इतने एरिया में इतनी मशीन है। यहां पर आप

15:33एक भैया लगा दो एल वन लेबर वन लगा दो ठीक

15:37है दो लेबर लगाई काम बढ़ गया तीन बढ़ाई

15:40काम और अच्छा हो गया चार बढ़ाई तब भी ठीक

15:42रहा इसके बाद लेकिन अगर आप अंधाधुंध लेबर

15:44पे लेबर लगाते रहोगे लेबर फाइव लेबर सिक्स

15:47लेबर से लेबर एट लेबर न अबे एक दूसरे में

15:49बच जाएंगे भाई लड़ाई करेंगे झगड़ा करेंगे

15:52काम नहीं करेंगे काम खराब करेंगे शॉर्ट रन

15:55के अंदर आप अपना आउटपुट बहुत ज्यादा नहीं

15:57बदल सकते इसलिए उसको कांस्टेंट बोला जाता

15:59है लॉन्ग रन के अंदर आप अपना आउटपुट बदल

16:01सकते हो ठीक है जी।

16:04एक और पॉइंट है भाई शॉर्ट रन में ना रेशो

16:08[नाक से की जाने वाली आवाज़]

16:09या भाई ये ना ये वाला पॉइंट उल्टा लिखा

16:11हुआ है। ये मत लिखना अभी ये पॉइंट ना

16:14उल्टा लिखा हुआ है यहां पर। इसको मत बदलना

16:16अभी। ठीक है जी। ये क्या है पॉइंट? मैं

16:19समझा देता हूं। ये पॉइंट ना गलती से यहां

16:22पर उल्टा लिखा गया है। उल्टा कैसे लिखा

16:24गया है? ये वाला पॉइंट इधर आना था। ये

16:26वाला पॉइंट इधर आना था। अगर आप इतने

16:28समझदार हो नोट्स बनाते हुए कि आप इसको ढंग

16:31से लिख लो तो बहुत बढ़िया रहेगा भाई। ठीक

16:33है? अगर नहीं तो बाद में समझा दूंगा मैं

16:35इसको। ये वाला पॉइंट अपोजिट आएगा भाई।

16:38अपोजिट जो राइट साइड लिखा है वो लेफ्ट

16:40साइड आएगा। जो लेफ्ट साइड लिखा है वो राइट

16:42साइड आएगा। ठीक है? क्योंकि बाय चांस गलती

16:45से कॉपी में ऐसे लिखा हुआ था। तो वो उल्टा

16:47पुल्टा हो गया हुआ है एनिमेशन में। ठीक

16:49है? क्या है भाई? यह मैं अभी बता रहा हूं।

16:52यह जो मैंने यहां लिखा हुआ है ना

16:55रेशो डज़ नॉट चेंज। ये लॉन्ग टर्म की बात

16:57नहीं है। ये शॉर्ट पीरियड की बात है।

16:59शॉर्ट पीरियड के अंदर गलती से सेट लिखा

17:01हुआ है। शॉर्ट पीरियड में ना रेशो नहीं

17:03बदलती। मान लो आप पे लैंड फिक्स्ड है टू

17:07लेबर बदल सकते हो कि भाई 1 2 या 2 लेकिन

17:12ये टू टू ही रहेगा वो। ये नहीं बदलेगा।

17:14लॉन्ग पीरियड में आप लैंड भी बदल सकते हो

17:16लेबर के साथ-साथ कि पहले एग्जांपल के तौर

17:19पे एक लेबर थी दो यूनिट्स लैंड पे। अब दो

17:22लेबर है। तीन यूनिट्स लैंड पे। लैंड भी

17:24बदल सकते हो, लेबर भी बदल सकते हो। यू कैन

17:25चेंज एवरीथिंग। लॉन्ग पीरियड इज लॉन्ग इनफ

17:27टू चेंज एवरीथिंग। वो चीज होती है भाई।

17:31ठीक है? तो ये वीडियो अच्छे से देखिए। दो

17:34तीन बार जितनी बार रिक्वायरमेंट लगे अच्छे

17:36से देखो। नोट्स बनाओ। काम बढ़ाने के लिए

17:38मैं आपको लॉ ऑफ़ वेरिएबल प्रोपोर्शन आज के

17:40लिए नहीं कह रहा हूं। सिर्फ इतना करो।

17:41दैट्स इट।

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