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0:01हेलो 10th क्लास। हम लोग जो मेटल्स एंड
0:04नॉन मेटल चैप्टर पढ़ रहे थे उसको आगे बस
0:06कंटिन्यू करते हैं। याद रखना बेटा आपको कल
0:09बोला था वो तीन पेजेस ना छोड़ के रखना अभी
0:11हम जैसे ही मतलब मेरी थोड़ी सी हेल्थ ओके
0:13होती है। हम ऑफलाइन क्लास करेंगे उसके
0:15अंदर हम वो तीन पेजेस पर ऑफलाइन में ही
0:17काम करेंगे। आज की भी जो क्लास का काम है
0:20उन तीन पेजेस पर मत करना जो कल आपको
0:22छोड़ने को बोले थे। एक्चुअली उन तीन पेजों
0:25पर इलेक्ट्रोलिटिक रिडक्शन वगैरह करनी है।
0:27वो ऑफलाइन में ही ज्यादा मजा आएगा। तो कल
0:30जो आपने अपने लास्ट नोट्स बनाए हैं ना कल
0:32कोरोजन वाले टॉपिक के उसके आगे न्यू पेज
0:36पर हेडिंग डाल सकते हो आप एलॉयंग की
0:38एलॉइंग क्या होता है ये पहले भी आपने पढ़ा
0:41हुआ है इस चैप्टर में अगेन ये टॉपिक आ
0:43जाता है एलॉयस का एलॉयस क्या होते हैं
0:46एलॉय होते हैं होमोजनियस मिक्सचर ये वर्ड
0:49ना बेटा नाइंथ में आया था पहले होमोजनियस
0:51मिक्सचर ऐसे मिक्सचर्स जो मिक्स होने के
0:54बाद अलग-अलग नजर नहीं आते एक जैसे नजर आते
0:56हैं देखने से पता नहीं लगता कि ये दो तीन
0:59चीजों से मिलकर बन रखी है। और किसके
1:02मिक्सचर्स? या तो दो या दो से ज्यादा
1:05मेटल्स के या फिर एक मेटल के और एक नॉन
1:09मेटल के। ये बड़ी सिंपल सी डेफिनेशन है।
1:11इवन जो नाइंथ क्लास वाले बच्चे हैं वो भी
1:14ये डेफिनेशन लिखते हैं कि एलॉयस आर द
1:16होमोजनियस मिक्सचर ऑफ टू और मोर मेटल्स।
1:19दो या दो से ज्यादा मेटल्स के होमोजनियस
1:22मिक्सचर है या फिर एक मेटल और एक नॉन मेटल
1:25के होमोजनियस मिक्सचर है कि एलॉयस क्या
1:28है? होमोजनियस मिक्सचर है टू और मोर
1:30मेटल्स के या फिर एक मेटल और नॉन मेटल के।
1:34एग्जांपल के तौर पर बेस्ट एग्जांपल बेटा
1:36इसका आ जाता है गोल्ड का। अब होता क्या
1:39है? और एलइंग करी भी क्यों जाती है? एक
1:42तरीके से देखो देसी भाषा में बोले तो है
1:45तो मिक्सचर ही ना। है तो मिलावट ही। बेटा
1:47कुछ मिलावटें ना जरूरी होती है चीज को
1:50यूजेबल फॉर्म में कन्वर्ट करने के लिए।
1:52जैसे कल भी याद करो एक क्वेश्चन आया था कि
1:55प्योर आयरन यूज़ नहीं किया जाता क्योंकि
1:57प्योर आयरन इतना सॉफ्ट है कि वो ईजीली
2:01अपनी शेप खो देगा। इसलिए उसमें थोड़ा सा
2:03कार्बन मिलाया जाता है। अलॉयंग ही तो है
2:05वो। मिलावट ही तो करी है। वो और क्या
2:07करें? जैसे देखो
2:10आपने शायद सुना होगा अभी आगे फेस्टिवल
2:12सीजन भी आ रहा है कि गोल्ड कैरेट में मेजर
2:15होता है। जो प्योर गोल्ड होता है ना वह
2:18मेटल ही होता है। प्योर गोल्ड का जो मेटल
2:21होता है वो 24 कैरेट होता है। जिन्हें
2:24कैरेट की नॉलेज नहीं है वो कैरेट को
2:26अंडरस्टैंड करो लाइक पार्ट्स। 24 कैरेट
2:29मतलब इसके जो 24 के 24 पार्ट है ना वो
2:32गोल्ड के बने होंगे। मतलब इसके 24 के 24
2:35पार्ट में गोल्ड होगा। प्योर गोल्ड जैसे
2:37ये ईंटों वाला गोल्ड होता है ये वाला।
2:41एक्चुअली गोल्ड का मेटल यही होता है।
2:43लेकिन जितनी भी ये ज्वेलरीज होती है ना यह
2:46देखो बैंगल्स, कड़े, रिंग्स एक्सट्रा
2:49एक्सट्रा चेन ये ना एक्चुअली जो ज्वेलरी
2:52के लिए यूज़ हो रहा है ना गोल्ड ये प्योर
2:54गोल्ड नहीं होता। ये एलॉयड गोल्ड होता है।
2:57एलॉयड गोल्ड कायदे से ये प्योर मेटल है ही
3:00नहीं। ये मिलावट है थोड़ी सी।
3:03क्योंकि प्योर गोल्ड इतना सॉफ्ट है ना
3:05उससे सिर्फ यह ईंट बन सकती है। सोने का
3:09बिस्किट बन सकता है। ईंट बन सकती है। यह
3:11पीस सॉलिड पीस बन सकता है प्योर गोल्ड से।
3:14ऐसी शेप्स नहीं बन सकती। ये जो बनी हुई है
3:16ना यहां पर तो क्या किया जाता है? इस
3:19प्योर गोल्ड में थोड़ी सी एलइंग करी जाती
3:22है। एलइंग का मतलब क्या था? फिर भूल गए।
3:24दो या दो से ज्यादा मेटल्स को आपस में
3:26मिलाया जाता है। मिलावट करी जाती है जिससे
3:30वह थोड़ा स्ट्रांग बने। एग्जांपल से
3:32समझिए। यह देखो। जैसे 24 कैरेट का जो
3:36गोल्ड है ना कायदे से मेटल कहलाने योग्य
3:38तो यही है। प्योर गोल्ड तो यही होता है
3:40सिर्फ जो 24 कैरेट वाला होता है। बाकी 23
3:44कैरेट गोल्ड का मतलब क्या होता है? याद
3:46रखना बेटा टोटल पार्ट्स 24 ही है। 23
3:49कैरेट गोल्ड का मतलब है 23 कैरेट गोल्ड का
3:52मतलब इसमें 23 पार्ट गोल्ड के हैं। टोटल
3:55पार्ट कितने होते हैं? 24। वो जो बचा हुआ
3:58एक पार्ट है ना वो Cu या Ag का होगा।
4:01ज्यादातर गोल्ड में इन्हीं दो की अलॉयंग
4:03होती है। Cu मतलब बेटा कॉपर और Ag मतलब
4:06सिल्वर कि वो एक पार्ट या चांदी का होगा
4:09या कॉपर का होगा। अब मान लो आपने कोई
4:13ज्वेलरी खरीदी वो 22 कैरेट की है। 22
4:16कैरेट मतलब 22 पार्ट्स उसके अंदर गोल्ड के
4:18हैं। टोटल पार्ट 24 ही होते हैं। बाकी दो
4:21पार्ट बचे हुए अगेन कॉपर या सिल्वर के
4:24हैं। आपने मान लो 18 कैरेट की ज्वेलरी
4:26खरीदी। उसके अंदर क्या है? 18 पार्ट आपके
4:29गोल्ड के हैं। और 24 में से 18 गए तो
4:31कितने बचे? छह। वो छह पार्ट मिलावट है।
4:34कॉपर या सिल्वर के हैं। याद रखिएगा ये
4:37बात। ठीक है? ये एलइंग होती है। एलइंग ना
4:40हमेशा ये नहीं है कि चीजों को सस्ता करने
4:42के लिए हो रही है। एलइंग क्यों करी जाती
4:45है? देखो क्वेश्चन बड़ाेंट है। व्हाई इज
4:47अलइंग देन? एलइंग करी जाती है प्रॉपर्टीज
4:50को इंप्रूव करने के लिए पेरेंट एलिमेंट की
4:53और उसको जैसे फीचर्स आप देना चाहते हो
4:55वैसे फीचर्स देने के लिए। अब नो डाउट
4:58प्योर गोल्ड था 24 कैरेट वाला। बट उसकी
5:01प्रॉपर्टी में एक दिक्कत थी कि यार वो
5:03बहुत सॉफ्ट है। उससे ज्वेलरी नहीं बन
5:05सकती। उसको वियर नहीं कर सकते। तो एलइंग
5:07कर दी। उसमें थोड़ा सा कॉपर थोड़ा सा
5:09सिल्वर मिला दिया। और उसको जैसे फीचर्स
5:12देना चाहते थे डिजायर्ड कररेक्टरिस्टिक्स
5:15कररेक्टरिस्टिक इज लाइक फीचर
5:24जैसे फीचर्स उसको देना चाहते थे वैसे
5:26फीचर्स दे दिए
5:29इसलिए अलॉइंग करी जाती है। अब बहुत
5:31इंपॉर्टेंट टेबल है बेटा। यह आपको याद
5:33रखना पड़ेगा सम इंपॉर्टेंट एलॉयस का।
5:36जनरली आपको सबके बारे में थोड़ा-थोड़ा
5:38जानना जरूरी है। बोर्ड्स में भी इसका
5:40क्वेश्चन आता है। कुछ एलॉयस वो कैसे बने
5:44हुए हैं? और उनके यूजज़ क्या है? ठीक है?
5:47टॉपिक क्या है? कुछ एलॉयस किस तरीके से
5:49क्या उनकी कंपोजीशन है? वो कैसे बने हैं?
5:52याद रखना बेटा कोई भी एलॉय हो वो मेटल के
5:54अंदर मिलावट करके ही बनता है। अब
5:59एक एलॉय होता है बेटा सोल्डर सोल्ज सोल्जर
6:02नहीं बोलना इसको सोल्डर बोलते हैं। क्या
6:05है एलॉय? सोल्डर कैसे बना होता है? पीबी
6:08के अंदर टिन को मिला के बेटा पीबी इज लेड।
6:11याद रखना। लेड के अंदर आप नॉर्मल भाषा में
6:14भी लिख सकते हो शॉर्ट फॉर्म की जगह। लेड
6:16के अंदर टिन को मिला के टिन होता है ना
6:18टिन। टिन को SN लिखते हैं साइंस में और
6:22लेड को PB इन्हें मिला के सोल्डर से बेटा
6:25सोल्डरिंग मशीन बनाई जाती है। यह
6:27सोल्डरिंग मशीन ये देखो ध्यान से जरा
6:30ये देखना ये मशीन की बात कर रहा हूं मैं।
6:33ये सोल्डरिंग मशीन है। टांका मारने वाली
6:35जो मशीन होती है ना जो बिजली की तारों में
6:38टांके मारती है। यह सिर्फ यह वाला पार्ट
6:40ना देखो। इस पार्ट को ना देखो जिस मैंने
6:42क्रॉस लगाया है। इसको इग्नोर करो। ध्यान
6:44से देखो। ज़ूम करके ब्राइटनेस बढ़ाता हूं
6:46मैं इसकी।
6:49यह देखो यह एक पेन जैसी चीज नजर आ रही है
6:52आपको? यह सोल्डरिंग मशीन होती है। यह इसके
6:55ऊपर मैंने अभी मार्कर चलाया। ये
6:58सोल्डरिंग मशीन होती है।
7:05ये जो मशीन है ना इसको बोलते हैं
7:07सोल्डरिंग मशीन।
7:10क्या यूज़ होता है इसका? इसका मेल्टिंग
7:12पॉइंट बहुत कम होता है और यह बिजली की
7:14तारों को, इलेक्ट्रिक सर्किट्स को जॉइ
7:15करने के लिए यूज होती है।
7:18दूसरा एलॉय आता है बेटा एमलगम।
7:22एमलगम
7:25यह बेटा टूथ फिलिंग में यूज़ होता है। टूथ
7:27फिलिंग में बचपन में आप में से कई लोगों
7:30ने कराई होगी दांत के अंदर फिलिंग। इवन
7:32कुछ लोग आपने देखा होगा पुराने जमाने के
7:35लोग अपना एक दांत सोने का करवा लेते हैं।
7:37एक दांत चांदी का करवा लेते हैं। पुराने
7:40समय में ट्रेंड चलता था। एक्चुअली वो कौन
7:42सा प्योर गोल्ड लगवा रहे हैं दांत में? वो
7:44यही होता है। टूथ फिलिंग में ना याद रखना
7:47जैसे अगर दांतों में ज्यादा कैविटीज हो
7:50जाती है ना तो टूथ फिलिंग होती है। उसमें
7:52जो प्राइमरी मेटल यूज़ होता है ना वो Hg ही
7:54है। एचजी ही मतलब बेटा मरकरी नहीं पता
7:57होगा तो लिख लेना। मरकरी का मेन यूज़ होता
8:01है। उस मरकरी प्राइमरी मेटल के साथ थोड़ा
8:03सा गोल्ड, सिल्वर या फिर पिन यूज़ किया
8:08जाता है। वह आपकी बजट के ऊपर है बेटा। मेन
8:11अगर टूथ फिलिंग करा रहे हो तो मरकरी तो
8:13यूज़ होगा। जिन पर ज्यादा बजट होता है वह
8:15AU एयू का मतलब बेटा गोल्ड है। ना पता हो
8:18तो लिख लेना। वो गोल्ड फिलिंग करा लेते
8:20हैं। एजी यानी वो सिल्वर फिलिंग करा लेते
8:23हैं। और बिल्कुल ही कम बजट है तो टिन
8:25फिलिंग भी करा सकते हो। ठीक है? एसए मतलब
8:28टीन एजी सिल्वर ए यू गोल्ड।
8:32तो ये एमलगम एलॉय का यूज़ होता है टूथ
8:34फिलिंग के लिए। क्या करा? कल मरकरी नहीं
8:37यूज़ किया जा सकता था।
8:39तो मरकरी के साथ थोड़ी मिक्सिंग कर दी।
8:42ब्रों्स का आपने शायद नाम सुना हो ब्रोंज़।
8:46ब्रोंज़ के ब्रैकेट में लिखा हुआ है पुअर
8:47कंडक्टर। बिजली का पुअर कंडक्टर है बेटा।
8:50ब्रोंज़ कैसे बनता है? कॉपर मेटल के अंदर
8:52टिन मिला के। और ब्रोंज़ से क्या बनते हैं?
8:56ये देखो भाई आपने देखे होंगे। यह गणेश जी
8:59बनाए हुए हैं। ठीक है? क्या है? कॉइंस,
9:02स्टचूस। यह सब बनाए जाते हैं ब्रोंज़ से।
9:06ब्रास सुना होगा आपने। ब्रास।
9:08ब्रास बनता है कॉपर और जिंक से। बेटा
9:10बच्चे ना सबसे ज्यादा कंफ्यूज इन दोनों
9:12में होते हैं। ब्रोंज और ब्रास दोनों के
9:15दोनों कॉपर की एलइंग करके बनते हैं। कॉपर
9:17एक आपका प्योर मेटल है। जब कॉपर के अंदर
9:20टिन मिला देते हैं तो ब्रोंज़ बनता है। और
9:22जब कॉपर के अंदर जिंक मिला देते हैं तो
9:24ब्रास बनता है। और ब्रास से क्या बनता है
9:26भाई? यही आपके क्या कहते हैं? बर्तन हो
9:29गए, यूटेंसिल्स हो गए, सिक्के हो गए। ये
9:31सब। और आपको आपकी नॉलेज के लिए फन फैक्ट
9:33एक और बात बताते हैं।
9:35ये देखो ये होता है ब्रोंज़। ब्रोंज़ इज
9:39कांसा। कभी आपको थोड़ा सा नॉलेज हो ना बोला
9:43जाता है हिंदुस्तान में कि मंदिरों वगैरह
9:46में भी जिन बर्तनों में भगवान जी को भोग
9:48लगाया जाता है वो कांसे का बर्तन होता है।
9:50ब्रोंज़ को कहते हैं। हिंदी में ब्रोंज़
9:52कांसे को कहा जाता है। ठीक है? कॉपर और
9:55टिन को देखो लिखा भी हुआ है यहां मेड अप
9:57ऑफ कॉपर एंड टिन। ठीक है? और और
10:01ब्रास जो है इसको पीतल कहा जाता है। वह
10:04गाने पर आरुष डांस नहीं करता था। यह
10:06दुनिया पीतल दी वो वाला पीतल। ठीक है जी।
10:09पीतल
10:11पीतल को बोला जाता है ब्रास। याद रखना।
10:16इसके बाद नेक्स्ट टॉपिक की तरफ हम बात
10:18करते हैं। ये बेटा याद रखना कंफ्यूजन ना
10:20हो जाए यहां पर। ब्रोंज़ और ब्रास। ब्रास
10:22कॉपर और जिंक को मिला के। ब्रोंज़ कॉपर और
10:25टिन को मिला के। ब्रास इज पीतल। ब्रोंज़ इज़
10:28कांसा। कांसे का यूज़ होता है भगवान जी को
10:30भोग लगाने के लिए। मंदिरों वगैरह में
10:31कांसे के बर्तन का प्रयोग किया जाता है।
10:34अब स्टील आपने सुना होगा। आपको पता है
10:37स्टील भी कोई मेटल नहीं है। स्टील एक एलॉय
10:39ही है।
10:40आयरन के अंदर जब कार्बन को मिला दिया जाता
10:42है ना Fe मतलब आयरन, सी मतलब कार्बन तो
10:45स्टील बनता है। स्टील से स्क्रू, ब्रिज ये
10:48सब चीजें बनती है। और
10:51यही स्टील पे जंग लग जाता है। तो मार्केट
10:55में एक स्टील ल्च हुआ स्टेनलेस स्टील। ये
10:57वो वाला स्टील है जिससे आपके घर की
10:59कटोरियां, चम्मच, प्लेटें ये सब बन रखी
11:01है। अब स्टेनलेस स्टील है तो स्टील ही ना?
11:04स्टेनलेस स्टील भी सही है तो स्टील ही तो
11:07Fe+ C तो इसमें भी होगा। स्टील तो है बस
11:11अब इसी Fe+ C में थोड़ा सा क्रोमियम और
11:13थोड़ा सा निक डाल दिया जाता है। CR बेटा
11:16क्रोमियम
11:19क्रोमियम।
11:22और NI मतलब निकल।
11:26जब इसी स्टील में थोड़ा सा क्रोमियम और
11:29निक डाल दिया जाता है तो बनता है स्टेनलेस
11:32स्टील। और स्टेनलेस स्टील का मेन यूज़ है
11:34बर्तन के लिए क्योंकि यह हार्ड है, सख्त
11:36है और इस पे जंग नहीं लगता। आपके घर में
11:39जितने भी स्टील के गिलास, कटोरिया इसकी
11:43स्टील की कटोरियां, प्लेटें, चम्मच जो है
11:45वो नॉर्मल स्टील के नहीं बने हुए। वो
11:46किसके बने हुए हैं? स्टेनलेस स्टील के।
11:48याद रखना नॉर्मल स्टील बनता है आयरन में
11:51कार्बन को डाल के। और जब इसी के अंदर आप
11:53क्रोमियम और निक भी डाल दो तो स्टेनलेस
11:56स्टील। और गोल्ड का तो अभी एग्जांपल पढ़ा
11:57था या फिर लिखा हुआ है।
12:00ठीक है भाई?
12:04यहां पर टेक्स्ट में लिखा हुआ है।
12:07पॉज करके आपको यहां से लिखना हो। बात
12:08बराबर ही है। वहां से भी लिख सकते हो। एक
12:10बेटा एक एक्स्ट्रा क्वेश्चन इस वीडियो में
12:12और कवर करते हैं। आप बताना आइडेंटिफाइंग
12:15ओर्स। वैसे तो ये एलइंग टॉपिक का नहीं है।
12:17बट फिर भी ओर्स x एंड y वर टेकन और हीट
12:21किया गया। ऑब्जर्व किया गया। एक
12:24इनडायरेक्ट केस स्टडी है कि जब ओर x को
12:26हीट किया गया तो उसने कार्बन डाइऑक्साइड
12:28छोड़ी। और व को जब हीट किया गया तो उसने
12:32SO2 गैस छोड़ी। बताओ यह कौन है? तो बेटा
12:35बड़ा सिंपल है यार। हीट करा मतलब या तो
12:37कैल्सिनेट करा या रोस्ट करा है ना? अब कौन
12:41सा ओर है जो कार्बन डाइऑक्साइड की गैस
12:43छोड़ेगा? कार्बोनेट का या सल्फाइड का?
12:46कार्बोनेट का। तो और x क्या होगा? कोई
12:49कार्बोनेट का ओर होगा। और y वाले ने SO2
12:53गैस छोड़ी। तो ये क्या होगा? किसी सल्फाइड
12:55का ओर होगा। दैट्स इट भाई। यही क्वेश्चन
12:58यहां भी लिखा हुआ है। बस यह 13 मिनट की
13:00वीडियो अच्छे से देखिए। नोट्स बनाइए।
13:02दैट्स इट।