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9th Class | 4th July Class | Tyndall effect & Centrifugation

Anish Dhammi · 2,630 words · 12 min read

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0:02नाइंथ क्लास हमने जो लास्ट टॉपिक पढ़ा था

0:05दैट वास द डिफरेंस बिटवीन ट्रू सॉल्यूशन

0:07कोलाइड एंड सस्पेंशन। एक बारी फटाफट से वो

0:10डिफरेंस निकालिए और उसमें ना एक चीज देखो

0:13फटाफट से पार्टिकल साइज। ट्रू सॉल्यूशन का

0:17पार्टिकल साइज बहुत छोटा था। डायग्राम भी

0:19दिख रहा होगा ऊपर। सस्पेंशन का बहुत ही

0:22बड़ा था। वो जो बीच वाली कैटेगरी थी वो

0:24किसकी थी? बीच वाली कैटेगरी किसकी थी?

0:27कोलाइड की। किसकी? कोलाइड थी। अब एक और

0:31बात जो वो वाला पॉइंट प्रॉब्लम कर रहा था

0:34लास्ट में वो स्कैटरिंग ऑफ लाइट का। ट्रू

0:37सॉल्यूशन का पार्टिकल साइज इतना छोटा था

0:39कि वो लाइट को फैलाता ही नहीं था। और

0:42सस्पेंशन का पार्टिकल साइज इतना बड़ा है

0:44कि वो लाइट को बड़े अच्छे से फैला देता

0:46है। क्योंकि लाइट तो टकरा टकरा के फैलेगी।

0:49फसता कौन है? बीच की कैटेगरी। बीच वाला

0:52कौन था? कोलाइडल। जिसका पार्टिकल साइज ना

0:55तो बहुत छोटा है ट्रू सॉल्यूशन की तरह। ना

0:58ही बहुत बड़ा है सस्पेंशन की तरह में क्या

1:02लिखा था पार्टिकल साइज देखो वन से 100 नैन

1:04मीटर और इसका डायग्राम भी देखो ना तो ये

1:08ट्रू सॉल्यूशन जितना छोटा है कि ये लाइट

1:10को फैलाएगा ही नहीं ना ही ये सस्पेंशन

1:14जितना बड़ा है कि बहुत अच्छे से फैलाएगा

1:16ये बेचारा भी फंस जाता है कोलाइट इसी वजह

1:20से ना ये लाइट को

1:23लाइट को

1:26आधा अधूरा फैला कहलाता है

1:30आधा

1:34अधूरा

1:38अधूरे में देख लेना छोटा ऊ आता है बड़ा ऊ

1:41आता है फैलाता है लाइट को पूरी तरीके से

1:44ना फैलाने की जगह आधा अधूरा फैलाता है। उस

1:47कांसेप्ट को बेटा टिंडल इफेक्ट बोला जाता

1:50है। जब लाइट आधी अधूरी फैलती है ना और एक

1:53और बात एक नंबर में एमसीक्यू बहुत स्कूलों

1:56में आता है कि टिंडल इफेक्ट कौन दिखाएगा?

1:59ट्रू सॉल्यूशन दिखाएगा, कोलाइड दिखाएगा या

2:02सस्पेंशन दिखाएगा? तो बेटा जवाब सिंपल है।

2:05ट्रू सॉल्यूशन तो लाइट को फैलाता ही नहीं

2:07है। इतना छोटा पार्टिकल साइज है। सस्पेंशन

2:10का पार्टिकल साइज इतना बड़ा है कि वो लाइट

2:12को बहुत अच्छे से फैला देता है। ये जो बीच

2:15की कैटेगरी है ना कोलाइडल की आधा अधूरा

2:18यही फैलाएगी। तो इसकी डेफिनेशन क्या है? द

2:22स्कैटरिंग ऑफ बीम ऑफ लाइट। लाइट की बीम का

2:27फैलना। स्कैटरिंग का मतलब क्या है? फैलना।

2:31थ्रू की जगह बाय भी लिख सकते हो। बाय द

2:34पार्टिकल्स ऑफ पोलाइट

2:36इज नोन एज टिंडल इफेक्ट। कहने का मतलब वो

2:39जो लाइट का आधा अधूरा फैलना होता है ना

2:42उसको टिंडल इफेक्ट बोलते हैं। स्कैटरिंग

2:44ऑफ बीम ऑफ लाइट थ्रू पार्टिकल्स ऑफ

2:48कोलाइड। अब भाई टिंडल इफेक्ट कहां-कहां

2:51दिखता है आपको आपके घर में वो सुन लो। फॉर

2:53एग्जांपल नंबर वन

2:56टिंडल इफेक्ट ऑब्जर्व किया जा सकता है जब

2:59एक पतली सी सनलाइट की रे एक डार्क रूम में

3:03आती है। अब क्या होता है बेटा? ये देखो

3:09कभी देखा है अपने घर में ऐसे

3:12कि बंद कमरा है अक्सर दोपहर के समय कमरे

3:16में पूरा अंधेरा है और हल्की सी धूप की

3:18किरण किसी खिड़की से आ रही है तो ये देखो

3:21ये मैंने डिजाइन नहीं पाया ये डॉट डॉट से

3:22जो मैं अभी मार्क कर रहा हूं कभी देखा है

3:25अपने घर में ऐसे ये डस्ट पार्टिकल्स आपको

3:27नजर आने लगे ऐसा तो है नहीं यार कि आपको

3:30कोई भगवान ने दृष्टि दे दी और आपको अभी

3:32अभी नजर आने लग गया

3:35है ना?

3:36यह डस्ट के पार्टिकल्स पहले से आपके कमरे

3:39में थे और कुदरत ही वहां पर और यह डस्ट

3:42पार्टिकल्स जो होते हैं ना ये भी तो

3:44कोलाइड की तरह है। देखने में आपको आपका

3:47कमरा खाली लग रहा है। ठीक है? लेकिन ये

3:49डस्ट पार्टिकल्स पूरे कमरे में फैल रखे

3:51हैं। जितना मर्जी झाड़ू लगा लो। हवा में

3:53फैल रखे हैं। ये आपको कब दिखे? जब एकदम से

3:57हल्की सी लाइट आपके कमरे के अंदर आई। तो

4:00आपको नजर आए कि यार ये सब भी है कमरे में

4:02तो। यह चीज इसको टिंडल इफेक्ट कहते हैं कि

4:07भाई जब एक डार्क रूम के अंदर हल्की सी बस

4:09सनलाइट आती है तो डस्ट पार्टिकल्स जो लाइट

4:12को आधा अधूरा फैला रहे हैं ना ये टिंडल

4:14इफेक्ट है।

4:17दूसरा एग्जांपल बेटा ये है ये जो बना रखा

4:20है कभी देखा है आपने बड़े घने जंगलों में

4:24जो बहुत डेंस फॉरेस्ट होते हैं वहां से

4:27हल्कीहल्की ऐसे लाइट फैल रही है ये चीज या

4:30फिर कभी यह नहीं देखा तो

4:33चलो यह तो डस्ट वाला ही था।

4:38कभी भी आपने ये चीज ऑब्जर्व करी हो कि भाई

4:41बहुत घना सा जंगल है और सनलाइट पूरी ऐसे

4:43एक-ए किरण दिख रही है। नॉर्मली तो दिखती

4:44नहीं आपको।

4:46ये चीज टिंडल इफेक्ट होता है। दूसरा

4:50एग्जांपल टिंडल इफेक्ट तब भी देखा जा सकता

4:53है जब सनलाइट पास करती है एक डेंस फॉरेस्ट

4:56की कैनोपी से। डेंस फॉरेस्ट यानी घना

4:59जंगल। कैनोपी मतलब जहां पर प्रॉपर वो पेड़

5:02से पेड़ आपस में कनेक्ट हो रखा है। ठीक

5:05है? वहां से जब सनलाइट पास करती है पूरा

5:07वहां शैडो वाला रीजन है। सिर्फ हल्कीहल्की

5:10सी लाइट वहां से जा रही है। ये क्यों हो

5:13रहा है भाई? घर के कमरे में तो समझ आ गया

5:16कि डस्ट पार्टिकल्स करा रही है। फॉरेस्ट

5:18में क्या होता है? फॉरेस्ट वगैरह में देखो

5:20यार अगर आप बारिश में भीगोगे आप तो अपनी

5:22बॉडी पोंछ लोगे। अगर बारिश आई पत्ते बूतों

5:26पे पानी पड़ा वो तो नहीं अपने आप को पहुंच

5:28सकते ना। अक्सर छोटे-छोटे जो वाटर

5:30ड्रॉपलेट्स होते हैं ना वाटर के वो पत्तों

5:33पर चिपके रह जाते हैं। इतनी तीखी धूप

5:35पड़ने पर वो इवापोरेट होते हैं। वो बाहर

5:38आते हैं जो कोलाइड के पार्टिकल्स की तरह

5:40एक्ट करते हैं और ये टिंडल इफेक्ट ऑब्जर्व

5:42कराते हैं। जो आपने ऐसा-सा कभी देखा होगा

5:45ये चीज। ये पिक्चर बेस्ड क्वेश्चन में आ

5:47गया। ये टिंडल इफेक्ट है। ये वाला आ गया।

5:50ये टिंडल इफेक्ट है। कमरे में कौन करा रहा

5:52है? डस्ट पार्टिकल्स। यहां पे जंगल में

5:54कौन करा रहा है? वाटर ड्रॉपलेट्स।

5:57ये चीज

5:59ठीक है। इसका थोड़ा ध्यान रखना। इंपॉर्टेंट

6:02टॉपिक है।

6:05नेक्स्ट भाई आपको एक कांसेप्ट सिखाते हैं।

6:07एडवांस्ड मेथड्स ऑफ सेपरेशन।

6:11हमने पढ़ा यार अगर बाय चांस मिट्टी वाला

6:13पानी आ जाए। पढ़ा था ना सेडेंटेशन कर सकते

6:15हो। उसको अनडिस्टर्ब छोड़ दो और वो बैठ

6:18जाएगी मिट्टी नीचे। और उस दिन आपको करके

6:21भी दिखाया था अगर सारी मिट्टी नहीं बैठ

6:22रही तो आप फिल्टर पेपर का प्रयोग कर लो।

6:25लेकिन अगर फिल्ट्रेशन भी काफी नहीं है तो

6:28हम सेंट्रीफ्यूगेशन और कोगुलेशन जैसी

6:31टेक्निक्स का प्रयोग करते हैं।

6:33प्रोनंसिएशन क्या है? सेंट्रीफ्यूगेशन।

6:37कोएगुलेशन।

6:38इस वीडियो में हम सेंट्रीफ्यूगेशन के बारे

6:41में इनमें से पढ़ेंगे क्योंकि दोनों

6:42टॉपिक्स एक दिन आपको तंग करेंगे। फिर

6:45सेंट्रीफ्यूगेशन क्या होता है? बेटा वर्ड

6:48इतना फैंसी चीज उतनी ही सिंपल। रेयरली आप

6:52में से किसी का घर होगा जिसके घर में

6:54सेंट्रीफगेशन की मशीन नहीं होगी। 90% घरों

6:58में पड़ी हुई है। महंगी नहीं है। सस्ती सी

7:01चीज है। 20 30 40 50 हार्ड उतनी

7:05फोटो दिखा दे। ये देखो

7:09ये ये पड़ा हुआ है घर पे। ये

7:13इसको देसी भाषा में मतना कह देते हैं शायद

7:15से। कुछ और कहते होंगे तो बताना।

7:18इसको इस जगह से पकड़ा जाता है

7:22और फिर ऐसेसे इसको मतलब प्रॉपर आवाज आती

7:24है जब आप इसको ऐसे घुमाते हो इससे किचन

7:28में जाके देखो ये चीज पड़ी होगी अक्सर लोग

7:30जैसे रायता बनाना होता है दही को पतला

7:33करने के लिए इसको यूज़ करते हैं ठीक है

7:37ये चीज और लैब्स वगैरह में ये तो तुच्चा

7:41लगेगा ना तो लैब्स वगैरह में ये मशीन पड़ी

7:44होती है आप कभी किसी इवन ब्लड टेस्ट वगैरह

7:47वाली वाली लैब में चले जाओ ना। वहां पर

7:49कुछ मिले ना मिले आपको ब्लड टेस्ट रिपोर्ट

7:51वाली लैब में यह मशीन जरूर मिलेगी। यह

7:54थोड़ी फैंसी होगी और हमारे यहां

7:56हिंदुस्तान में देसी तरीके से तो ये है

7:57ही। दोनों का काम क्या है? चीज को इतनी

8:00तेज इतनी तेज इतनी तेज स्पिन करना कि उसके

8:03जो पार्टिकल्स है वो बाहर आ जाए। इवन जो

8:07वाशिंग मशीन का ड्रायर होता है ना वो भी

8:10थोड़ा-थोड़ा इसी कांसेप्ट पे वर्क करता

8:12है। वाशिंग मशीन में आपने कपड़े धोए। नो

8:15डाउट उसके साथ में एक ड्रायर है वो उसको

8:18पूरा सुखाता तो नहीं है लेकिन उसके अंदर

8:21जो पानी रह जाता है ना उसको निचोड़ देता

8:24है। वो ड्रायर कभी आपने देखा होगा वो गोल

8:26गोल गोल गोल जिस तरीके से घूमता है ना वो

8:28हैवी स्पिनिंग जो होती है वो चीज ये

8:31सेंट्रीफ्यूगेशन है। सेंट्रीफ्यूगेशन क्या

8:34होता है? एक प्रोसेस है जिसमें आप बहुत

8:36हैवी हेवी पार्टिकल्स को सेपरेट कर लेते

8:38हो किसी लिक्विड से। उस मिक्सचर को स्पिन

8:41करके यानी घुमा के बहुत हाई स्पीड से जैसे

8:44दही को मथना जब आप दही को मथते हो कभी करा

8:48है किसी ने उसमें क्या होता है दही के

8:50अंदर जो हैवी हेवी पार्टिकल्स है फैट के

8:52क्रीम के जो भी है डेरी प्रोडक्ट है ना

8:56इतनी तेज उसे घुमाने से वो हैवी हेवी

8:58पार्टिकल सेपरेट हो जाते हैं और पतला दही

9:00नीचे रह जाता है फिर जिसका आप रायता या

9:02लस्सी बनाते हो ठीक है लस्सी वाले यार

9:04इसका यूज़ करते हैं रायते वाले करते हैं

9:07बड़े-बड़े लेवल पर आपने कभी देखा हो देखो

9:10हमारे एरियाज में कोई डेरी उतनी बड़ी नहीं

9:12है। मार्केट साइड में आपने कोई डेरी देखी

9:14हो बड़ी लेवल की। वहां पर एक सिल्वर कलर

9:16की बड़ी सी मशीन होती है जो घूमती रहती

9:18है। वो सेंट्रीफ्यूगेशन मशीन ही होती है।

9:21इसका प्रिंसिपल क्या है? बड़ा सिंपल है

9:23भाई। जिस टाइम पर आप इतनी तेजी से

9:25घुमाओगे, जिस टाइम आप स्पिनिंग करोगे, जो

9:28हैवी पार्टिकल्स है ना वो बाहर की तरफ

9:30जाएंगे। मूव आउटवर्ड्स और बाद में जाकर

9:34नीचे बैठ जाएंगे। और जो हल्का लिक्विड है

9:37ना लाइटर लिक्विड वो ऊपर रह जाएगा। जब आप

9:39इतनी तेज उसको स्पिन करोगे देखना अभी आवाज

9:42आ रही है सिर अभी की इतनी तेज अगर आप किसी

9:44चीज को स्पिन करोगे

9:47ऐसीसी आवाज आती है जब आप मथने वाली मशीन

9:49चला रहे होते हो ऐसी सी मतलब अगर हाथ में

9:52कोई रिंग एंड ऑल डाल के रखी है तो उससे वो

9:54टकराती है तो ऐसी आवाज आती है जब बहुत हाई

9:56स्पीड पे आप उसको स्पिन करते हो तो

9:58फिजिक्स की वजह से क्या होता है भाई जो

10:00हैवी पार्टिकल्स है ना वो फटाफट उससे अलग

10:03हो जाते हैं और नीचे की तरफ बैठ जाते हैं

10:05हल्के वाला लिक्विड ऊपर बचता है और फिर

10:07उसको यूज़ किया जाता है। यह क्यों होता है

10:10भाई? सेंट्रीफ्यूगल फोर्स की वजह से।

10:13सेंट्रीफ्यूगल फोर्स क्या होती है? वैसे

10:15तो बेटा अभी मैंने एक वर्ड यूज़ करा था ना

10:17फिजिक्स। सेंट्रीफ्यूगल फोर्स फिजिक्स का

10:20कांसेप्ट है। जब हम फोर्स वाला चैप्टर

10:22पढ़ेंगे ना जो हमने नेक्स्ट करना है। वहां

10:24पर हम इसके बारे में पढ़ेंगे। चैप्टर का

10:26नाम फोर्स ही है। ठीक है? हाउ फोर्स

10:28अफेक्ट्स मोशन। वहां पर हम इसके बारे में

10:30पढ़ेंगे। अभी मैं यहां पर बिल्कुल शॉर्ट

10:33में बता रहा हूं क्योंकि नेक्स्ट चैप्टर

10:34में पढ़ना ही है। सेंट्रीफ्यूगल फोर्स समझ

10:37आया तो ठीक नहीं भी नहीं भी आया ना तो कोई

10:40बहुत घबराने वाली बात नहीं है क्योंकि

10:41नेक्स्ट चैप्टर में हम बहुत डिटेल में

10:43पढ़ेंगे। यहां तो बस नाम है भाई उसका।

10:46सिर्फ नाम

10:47सेंट्रीफ्यूगल फोर्स क्या होती है? द

10:50आउटवर्ड फोर्स एक्टिंग ऑन अ बॉडी मूविंग

10:53इन अ सर्कुलर पाथ इज कॉल्ड सेंट्रीफ्यूगल

10:56फोर्स। डेफिनेशन तो इजी सी है। जो बाहर की

11:00तरफ फोर्स लग रही है किसी बॉडी पर, किसी

11:03ऑब्जेक्ट पर, जो सर्कुलर पाथ में चल रहा

11:06है, उसको सेंट्रीफ्यूगल फोर्स कहते हैं।

11:09अब होता क्या है भाई? जिस टाइम पर मान लो

11:11आपने ये इसका यूज़ करा घर पे ये मथने वाली

11:14मशीन का। ठीक है? आप मान लो इसको दही में

11:17घुमा रहे हो। ये हैंडल नीचे से पकड़ के

11:19इसको ऐसे गोल गोल गोल गोल ऐसेसे ऐसी आवाज

11:22आती है जब आप इसको कर रहे होते हो।

11:24ऐसी ऐसी आवाज आती है। ठीक है? आप इसको

11:27घुमा रहे हो। होगा क्या वहां पर? जिस टाइम

11:31इसको आप इतनी तेज पिन कर रहे हो ना, अब उस

11:33कर्ड के अंदर हैवी हेवी पार्टिकल्स भी थे।

11:35क्रीम के, मलाई के, जो मर्जी कह लो। डेली

11:38प्रोडक्ट है ना वो एकदम से बाहर की तरफ

11:41मूव होते हैं। उस पूरे लिक्विड में से

11:43हटते हैं और फिर नीचे बैठ जाते हैं। और जो

11:45हल्का सा लिक्विड होता है, हल्का लिक्विड

11:47वो ऊपर ऊपर रह जाता है। आपका दही का रायता

11:50बन गया। आप लस्सी बना रहे हो तो लस्सी बन

11:52गई। और ब्लड लैबोरेटरीज में भी इसका यूज़

11:55होता है। वहां पर ये मशीन पड़ी होती है।

11:57इसमें भी यही होता है। यह भी पढ़ेंगे कैसे

11:59होता है। ठीक है? यूज में पढ़ेंगे इसके

12:01बारे में। घर पे ये वाली मशीन नहीं है। ये

12:04देखना अगर मैं इसके यूजज़ की बात करूं। यूज

12:07ऑफ़ सेंट्रीफ्यूेशन।

12:09पहला ही आ गया सेपरेशन ऑफ ब्लड

12:11कॉम्पोनेंट्स। अब देखो इस वाली मशीन के

12:13बारे में मैं बताऊं। मैं कह रहा है यार आप

12:15तुच्छ से तुच्छ किसी भी लैब में चले जाना

12:17जब ब्लड टेस्ट होते हैं। आपको वहां ये

12:20मशीन मिलेगी ही मिलेगी। इसमें क्या होता

12:22है? आपने अपना ब्लड सैंपल दिया उन्हें।

12:24आपको कोई लग रहा है कि डिजीज हो सकती है।

12:26आपको थोड़ा डर है। आपने अपना ब्लड टेस्ट

12:28कराया। आपकी ब्लड का सैंपल ही इस मशीन में

12:31डालते हैं। और हमें पता है यार ब्लड में

12:34ना आगे टिश्यू चैप्टर में पढ़ोगे। ब्लड के

12:36अंदर ना काफी कुछ होता है। रेड ब्लड

12:38सेल्स, वाइट ब्लड सेल्स,

12:42प्लेटलेट्स वगैरह कुछ होता है यार ब्लड

12:44में। प्लाज्मा

12:46ये ब्लड के कॉम्पोनेंट्स कहलाते हैं।

12:50और अगर कोई बाय चांस आपकी कोई बीमारी है

12:53और ब्लड के अंदर कोई इनफेक्शन फैल गया तो

12:55वो भी इसी ब्लड में होगी। अब जब वो इस

12:58मशीन में आपके ब्लड के सैंपल को बहुत हाई

13:00स्पीड पे घुमाएंगे ना तो ब्लड के

13:02कॉम्पोनेंट्स अलग-अलग हो जाते हैं। उस

13:05टाइम पर फिर चेकिंग करके देखा जा सकता है

13:07आगे फदर टेस्ट में कि बच्चे को कोई

13:09प्रॉब्लम है कि नहीं।

13:11तो

13:13पहला यूज़ यह था ब्लड के कंपोनेंट्स को

13:15सेपरेट करने के लिए। दूध में से मलाई अलग

13:18करने के लिए। आपने देखा है कभी अपने घर पे

13:20आपने देखा होगा कि अपने मदर को वो ऐसे

13:22इसका यूज़ कर रहे हैं। केमिकल इंडस्ट्रीज

13:24में यूज़ होता है। लैब्स में इसका यूज़ होता

13:26है। ठीक है? ये इंपॉर्टेंट इस साल

13:28एनसीआरटी की लाइन है जो अभी बताया ना कि

13:30ब्लड को सेपरेट कर सकते हैं रेड ब्लड

13:31सेल्स में, प्लाज्मा में इस

13:33सेंट्रीफ्यूेशन को ही यूज़ करके। ठीक है?

13:36कांसेप्ट्स दोनों इसमें इंपॉर्टेंट है।

13:38सेंट्रीफ्यूेशन भी, टिंडल इफेक्ट भी।

13:40अप्रोक्स अप्रोक्स ये जो 14 मिनट की

13:42वीडियो है, इसको दो बारी जरूर देख लेना।

13:45क्वाइटेंट एक-एक चीज के नोट्स बनाने हैं।

13:48ठीक है? एक-एक चीज के बहुत ज्यादा

13:50इंपॉर्टेंट है। शॉर्ट में बता रहा हूं

13:53जरा। टिंडल इफेक्ट क्या था? लाइट का आधा

13:56अधूरा फैलना। द स्कैटरिंग ऑफ बीम ऑफ लाइट

13:58थ्रू द पार्टिकल्स ऑफ कोलाइट इज कॉल्ड

14:00टिंडल इफेक्ट। दो जगह ऑब्जर्व कर रहे हो।

14:03जब बंद कमरे में हल्की सी धूप की किरण आ

14:05रही है तो डस्ट पार्टिकल्स नजर आने लग

14:06जाते हैं। वो नंबर टू वो घने जंगल वाला।

14:09उसके बाद सेंट्रीफ्यूेशन का मतलब क्या है?

14:12सेंट्रीफिकेशन समझना हो ना तो आज कुछ ना

14:14करो। सिंपल सा काम कर लो। घर पे ना दही

14:18अगर पड़ा हुआ है ना और ये वाली चीज घर पे

14:21पड़ी हुई है। अगर मैं सही कह रहा हूं। अगर

14:23आपके घर पे नहीं है ना पड़ोसी के घर पूछ

14:24लेना। कहना मथना पड़ा है। पड़ा होगा। आपके

14:28घर नहीं पड़ा किचन में तो पड़ोसी के घर

14:29पक्का होगा। उससे जाके इसको मांगो और ना

14:33दही को रख के ऐसेसे स्पिन करते रहो 510

14:36मिनट हाइस मिनट अपने आप आपको पता लग जाएगा

14:38सेंट्रीफिकेशन क्या होती है क्योंकि यार

14:40सुनना अलग चीज है एक्सपेरिमेंट करना अलग

14:42चीज है आप दही को मत के देखो ऑब्वियसली आप

14:44देखोगे कि वो जो गाढ़ा था वो पतला हो गया

14:47ये चीज होती है भाई ठीक है

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