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4th July class | 11th Business | MOA & AOA

Anish Dhammi · 1,471 words · 7 min read

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0:0211th क्लास यह बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट

0:05टॉपिक है जो अभी हम इस वीडियो में कवर

0:07करेंगे। एमओए एओए का डिफरेंस वैसे ये

0:11टॉपिक मेरे को थोड़ा बाद में करवाना था बट

0:14सीएल कॉन्वेंट स्कूल का एग्जाम आ रहा है

0:16उसके लिए ये ओवरेंट है और 99.99%

0:21जो आप लोगों ने अभी एग्जाम देना है अपना

0:23मंडे ट्यूसडे में पेपर में आपको ये

0:25डिफरेंस देखने को मिलेगा ही मिलेगा। ठीक

0:28है? तो सिया और वंशिका स्पेशली इसको ध्यान

0:31से कर लेना ओवरेंट डिफरेंस है और बाकी

0:34स्कूलों के लिए भी ये होता क्या है और

0:37पहली बात एब्सोरेंट इसको मोई नहीं बोलना

0:41इट इज एम ओ ए ए ओ ए ये जो है ये दोनों ही

0:47कंपनी के बहुत इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट्स

0:49होते हैं। एमओए भी और एओए भी ये दोनों के

0:54दोनों डॉक्यूमेंट्स एक कंपनी के बहुत

0:55ज्यादा इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट्स होते हैं।

0:58तो पहले तो फुल फॉर्म की अगर मैं बात करूं

1:00एमओए की फुल फॉर्म आपको याद रखनी है

1:03मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन

1:06और एओए की आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन पहला पॉइंट

1:11तो सिंपल है ना फुल फॉर्म मेमोरेंडम ऑफ

1:13एसोसिएशन आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन ये एक

1:15एक्स्ट्रा पॉइंट ये है शुरुआत आप मीनिंग

1:18से करना फिलहाल नोट्स में लिख लेना फुल

1:19फॉर्म क्योंकि आपको नहीं पता फुल फॉर्म

1:21उसकी अब होता क्या है यार एमओए कंपनी का

1:26वो डॉक्यूमेंट होता है सबसे मेन

1:27डॉक्यूमेंट एओए से भी ज्यादा जरूरी

1:30डॉक्यूमेंट सबसे मेन ऐसे याद रख लेना बेटा

1:33एम फॉर मेमोरेंडम एम फॉर मेल ये कंपनी का

1:37सबसे मेन डॉक्यूमेंट होता है जो ये सब

1:40बताता है कि कंपनी क्यों खोली गई है। यही

1:43यहां पर कुछ लिखा भी हुआ है कि कंपनी के

1:44ऑब्जेक्टिव्स डिफाइन करता है। ठीक है?

1:47एमओए इज दैट डॉक्यूमेंट व्हिच डिफाइन द

1:51ऑब्जेक्टिव्स ऑफ द कंपनी। एमओए में

1:53साफ-साफ लिखा होता है कि हमने कंपनी क्यों

1:55खुलवाई है? हमारा पर्पस क्या है कंपनी को

1:58खुलवाने का? क्योंकि यार कंपनी खुलवाना एक

2:01आसान काम तो होता नहीं है। एमओए के अंदर

2:03सारी डिटेल्स लिखी होती है। मतलब ए टू जेड

2:06कंपनी की पूरी जैसे होता है ना हमारे यहां

2:09हिंदुस्तान में जन्म कुंडली कंपनी की जन्म

2:11कुंडली उसका एमओए होता है। उसमें सब कुछ

2:14लिखा होगा। कंपनी का नाम क्या है? क्यों

2:17है? कंपनी का हेड ऑफिस कहां पर है? कंपनी

2:20का क्या मकसद है? क्या ऑब्जेक्टिव है?

2:23कंपनी में क्या लायबिलिटी होगी? अब आपने

2:26तो एक वर्ड सीख लिया कि कंपनी की

2:28लायबिलिटी लिमिटेड होती है। बेटा लिमिट की

2:30भी तो एक लिमिट होती है ना। इतनी लिमिटेड

2:33बुक्स में लिखा होता है। ठीक है? कंपनी के

2:36कौन-कौन डायरेक्टर्स कंपनी को खुलवा रहे

2:38हैं? ऐसीऐसी चीजें होती है। कंपनी कितने

2:41के शेयर्स बेच सकती है? कितने पैसे के हो

2:43सकते। एमओ इज़ दैट डॉक्यूमेंट ऑफ द कंपनी

2:46व्हिच डिफाइन द ऑब्जेक्टिव्स ऑफ द कंपनी।

2:50और एओआई के बारे में हमने उस दिन थोड़ा सा

2:52पढ़ा था। याद करो एक चीज डिफरेंस जब हम

2:54प्राइवेट और पब्लिक कंपनी का कर रहे थे।

2:56वहां मैंने आपको एक चीज बोली थी कि एओए को

2:59ना अगर टू वर्ड में याद रखना है ना तो याद

3:02रख लो रूल बुक। एओए यानी आर्टिकल ऑफ

3:05एसोसिएशन ना कंपनी के सारे रूल्स वगैरह

3:08बताती है कि कंपनी अपने इन ऑब्जेक्टिव्स

3:11को यह जो अभीभी आपने एमओए में पढ़ा ना कि

3:13एमओए ऑब्जेक्टिव्स बताती है। ये जो ग्रे

3:15हुआ है अभीभी ऑब्जेक्टिव्स ऑफ द कंपनी

3:17बताती है। इन ऑब्जेक्टिव्स को प्राप्त

3:20करने के लिए कंपनी किन रूल्स को फॉलो

3:24करेगी वो सब। अब एओए की डेफिनेशन क्या है?

3:27एओ इज दैट डॉक्यूमेंट वि डिफाइन द रूल्स

3:31फॉर अटेनिंग द ऑब्जेक्टिव्स। यह अटेनिंग

3:35का मतलब होता है अचीविंग। अटेनिंग वर्ड

3:38जिस बच्चे ने नहीं लिखना है ना वो अचीविंग

3:40लिख लेना। अचीव की जगह अचीविंग लिख लेना

3:43कि एओए कंपनी का वो डॉक्यूमेंट होता है जो

3:46सारे के सारे रूल्स बताएगा। जिन रूल्स को

3:49फॉलो करके कंपनी अपने ऑब्जेक्टिव्स को

3:52पूरा करेगी। ठीक है जी। सेकंड पॉइंट नेचर।

3:57सेकंड पॉइंट क्या है? नेचर। एमओए इज द

4:01लीगल चार्टर ऑफ द कंपनी। चार्टर नहीं

4:04बोलना इसको। चार्टर बोलते हैं। चार्टर

4:06ऑलरेडी एक फॉर्मल डॉक्यूमेंट होता है।

4:08एमओए कंपनी का लीगल चार्टर है। लीगल

4:10चार्टर का मतलब कि कंपनी का सारा लीगल

4:12स्टेटस वगैरह इसमें दर्शाया जाता है। वही

4:15ना कि कंपनी क्यों खुली? उसका नाम क्या

4:16है? सारी उसका जो जैसे अभी बताया ना

4:19कुंडली समझ लो या जैसे हिंदुस्तानी के लिए

4:22आधार कार्ड बहुत जरूरी है। ऐसे ये कंपनी

4:25के लिए उसका एमओए हो गया जो उसका प्रूफ

4:27देता है हमें एओए क्या है? उस दिन भी लिखा

4:30था हमने एओए तो रूल बुक है कंपनी की। तो

4:32ये भी सिंपल पॉइंट था। थर्डेंस किसकी

4:35ज्यादा है? किसकी थोड़ी सी कम है? बेटा या

4:38अभी-अभी बताया आपको याद रखने का तरीका।

4:40एमओए में एम लिखा हुआ है। एम का मतलब क्या

4:43होता है? मेन

4:46एमओए मेन डॉक्यूमेंट है। एमओए फिर भी

4:49थोड़ा एक्स्ट्रा में आ जाता है। तोेंस

4:53एमओए इज द मोस्ट वाइटल डॉक्यूमेंट ऑफ द

4:56कंपनी। कंपनी का सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट

4:59है। एओए क्या है? एओए। एओए इज द सब्सिडरी

5:03डॉक्यूमेंट ऑफ द कंपनी। सब्सिडरी मतलब

5:06एक्स्ट्रा में इन एडिशन। ठीक है? इन एडिशन

5:10एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट जो होते हैं और अगर

5:13इसका लॉजिक चाहिए ना कि हम कैसे मान ले वो

5:15मोस्ट वाइटल है और वो सब्सिडरी है तो उसका

5:17जवाब इतना सा है भाई एमओए ना हर कंपनी को

5:20बनाना होता है तभी मैंने पब्लिक और

5:22प्राइवेट कंपनी के डिफरेंस में एमओए की

5:24कोई बात ही नहीं करी थी क्योंकि नो मैटर

5:26आपकी पब्लिक कंपनी हो प्राइवेट कंपनी हो

5:28एमओए उसको बनाना ही पड़ेगा इतना जरूरी है

5:31लेकिन याद रखो हमने डिफरेंस में लिखा था

5:33कि एओए सिर्फ प्राइवेट कंपनी बनाती है ना

5:36तो एओए एक तरीके का थोड़ा सब्सिडरी

5:38डॉक्यूमेंट हुआ ना जो एक्स्ट्रा है

5:41रिलेशनशिप

5:43रोना नहीं किसी बच्चे ने

5:46एमओए जो है एमओए डिफाइन द रिलेशंस ऑफ द

5:50कंपनी विद आउटसाइडर्स एमओए कंपनी के सारे

5:53संबंध बताता है बाहर वाले लोगों के साथ और

5:57एओए अपने लोगों के साथ एओए डिफाइन द

6:01रिलेशंस ऑफ द कंपनी एंड इट्स मेंबर्स

6:04कंपनी और उसके मेंबर्स के क्या रिलेशंस

6:06हैं और एमओए कंपनी के रिलेशन बताता है

6:09बाहर वालों के साथ। नेक्स्ट पॉइंट

6:12कंपल्शन।

6:13यार अभी-अभी पढ़ रहे हैं इतनी देर से कि

6:15एमओए जो है वो बहुत जरूरी डॉक्यूमेंट है।

6:18तो एमओए को बनाना क्या होता है? मैंडेटरी।

6:20मैंडेटरी मतलब कंपलसरी। जिस बच्चे को

6:23मैंडेटरी वर्ड नहीं लिखना ना मैंडेटरी

6:26वर्ड नहीं पसंद आ रहा तो वो वर्ड लिख सकता

6:28है। कंपलसरी।

6:30कंपलसरी

6:32मतलब जरूरी है। बनाना ही है।

6:36ये चीज। बहुत जरूरी होता है एमओए को

6:40बनाना। लेकिन

6:43एओए को बनाना जरूरी सिर्फ और सिर्फ किसके

6:46लिए होता है? प्राइवेट कंपनीज़ के लिए।

6:47बेटा ये कोई नया पॉइंट नहीं है कि उस दिन

6:49जो आपने पब्लिक और प्राइवेट कंपनी का

6:51डिफरेंस करा था वहां से ही तो उठाया है कि

6:53प्राइवेट कंपनीज़ को एओए बनाना होता है।

6:57नेक्स्ट

6:58सब्जेक्ट मैटर। सब्जेक्ट मैटर का मतलब

7:01होता है कि इसके अंदर क्या-क्या आएगा। तो

7:04जो मैं आपको मीनिंग के टाइम पर समझा रहा

7:05था ना हिंदी में वो सब एमओए के अंदर कंपनी

7:08के ऑब्जेक्टिव्स कंपनी का कितना कैपिटल है

7:11क्या नाम है क्या लोकेशन है ये सब चीजें

7:14आती है मेन डॉक्यूमेंट है ना और एओआई को

7:16तो रूल बुक बोलते हैं तो कंपनी के सारे

7:18रूल्स और रेगुलेशंस आते हैं इसके अंदर

7:21नेक्स्ट ऑल्टरेशन बेटा आपने ऑल्टरेशन वर्ड

7:24आखिरी बारी कहां सुना था कि आपने कोई

7:27क्लोथिंग स्टिच आपने कोई क्लोथिंग वगैरह

7:29बनवाई आपने उसको ऑल्टर कराना है टेलर से

7:32ऑल्टर का मतलब उसको उसकी फिटिंग करवानी

7:34है। उसमें चेंजेस करवाने हैं। लूज या टाइट

7:37करवाना है। है ना? ऑल्टरेशन का मतलब तो

7:39यही होता है ना। जैसे बोलते हैं कि किसी

7:41ने अपनी पट को ऑल्टर कराना है। मतलब उसकी

7:43फिटिंग चेंज करानी है। थोड़ा लूज टाइट

7:45कराना है वो सब। तो क्योंकि एमओए कंपनी का

7:48बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट है। वो

7:51ईजीली ऑल्टर नहीं हो पाएगा। सिंस इट इज़

7:54वेरी वेरीरीेंट डॉक्यूमेंट। इट कांट बी

7:55इजीली ऑल्टर। बट एओए जो है फिर भी ऑल्टर

7:59किया जा सकता है। वो भी ऐसे नॉर्मली नहीं

8:02एक स्पेशल रेजोल्यूशन पास करके। तो भाई ये

8:05डिफरेंस काफी इंपॉर्टेंट है। पॉइंट्स आप

8:07देख लो टोटल कितने हैं यहां पर टोटल

8:10पॉइंट्स। ये तो फुल फॉर्म ही है। इसको ना

8:12भी गिनो तो एक ये दो ये तीन ये चार देन

8:18फिफ्थ सिक्स्थ सेवंथ। छह नंबर से बड़ा

8:22क्वेश्चन नहीं आएगा। हमारे पास स्टिल वहां

8:24पर सात पॉइंट है। कोई छह भी याद रह गए ना

8:28आपको फुल फॉर्म के अलावा तो मोर दन इनफ

8:30है। फुल फॉर्म मिलाकर तो आठ पॉइंट है।

8:32बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट डिफरेंस है। ऐसा

8:35नहीं होगा कि ये पूरे साल भर में किसी

8:37स्कूल में आए ही ना हो। ये बेटा वो वाले

8:39टॉपिकों में से हैं जो मतलब अंधे

8:42इंपॉर्टेंट टॉपिक्स है ना कि यार हर कोई

8:44तैयार करवाएगा कि आना ही आना है। यह उन

8:46टॉपिकों में से एक टॉपिक है। इतना

8:48इंपॉर्टेंट है इसका ध्यान रखना जरा। ठीक

8:51है?

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