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Primary Functions of Commercial Banks

Anish Dhammi · 1,883 words · 9 min read

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0:0211th बिजनेस का चैप्टर फोर बिजनेस सर्विज

0:05में बैंकिंग से एक बहुत ही इंपॉर्टेंट

0:07टॉपिक है। कमर्शियल बैंक के प्राइमरी

0:10फंक्शनंस क्या होते हैं? यार कोई भी

0:12कमर्शियल बैंक है। कमर्शियल बैंक पहली बात

0:14आपको जानना है क्या होते हैं? कमर्शियल

0:16बैंक उस बैंक को कहा जाता है जहां पर

0:20नॉर्मल पब्लिक की डीलिंग होती है। जहां पर

0:24नॉर्मल पब्लिक डीलिंग करती है। आपके मेरे

0:27जैसे लोग जाकर जहां पर अपने अकाउंट्स

0:29खुलवाते हैं। अपना पैसा रखवाते हैं,

0:33विड्रॉल लेते हैं, लोन की जरूरत हो तो लोन

0:36लेते हैं, एफडी करवाते हैं, आरडी करवाते

0:39हैं। लॉकर फैसिलिटी अवेलेबल कराते हैं।

0:42नॉर्मल हम लोगों की जहां पे डीलिंग होती

0:44है वह कमर्शियल बैंक से है। ठीक है? अब

0:47इसके एग्जांपल्स आपको चाहिए तो कुछ सरकारी

0:50बैंकों में हो गया SBI, IND बैंक, पंजाब

0:54नेशनल बैंक, प्राइवेट में हो गया, HDFC,

0:57Yes Bank, Axis Bank ये सब जहां पर पब्लिक

1:00डीलिंग हो सकती है उनको बोलते हैं

1:01कमर्शियल बैंक। बैंक के कई फंक्शनंस होते

1:04हैं। प्राइमरी फंक्शनंस का दो ही है।

1:07बेसिकली प्राइमरी फंक्शनंस।

1:10एक तो कि बक्स

1:13यह देखो दो टाइप्स के फंक्शन है। एक

1:17एक्सेप्टिंग डिपॉजिट्स और दूसरा एडवांसिंग

1:20लोनस। इसका आप फ्लो चार्ट भी बना सकते हो

1:23कि बैंक के प्राइमरी फंक्शनंस दो ही

1:24प्रकार के हैं। एक अलग-अलग प्रकार से

1:27लोगों के डिपॉजिट्स को एक्सेप्ट करना। जो

1:30लोग अपना पैसा जमा करा रहे हैं उसे

1:31अलग-अलग तरीकों से अपने पे जमा करना। और

1:34एक उनको अलग-अलग प्रकार के लोनस देना

1:37जिसको जैसी रिक्वायरमेंट होगी। अब

1:40डिपॉजिट्स के बारे में एक बार मैं शॉर्ट

1:42में ओवरव्यू यहां पर ही दे देता हूं आपको।

1:45बैंक कई रूपों में लोगों से पैसे जमा

1:47कराता है। नॉर्मल लोग सेविंग्स अकाउंट

1:49खुलवाते हैं जिसके अंदर लोग अपना पैसा जमा

1:52करते हैं। उस बैंक उन्हें थोड़ा इंटरेस्ट

1:54भी देता है। बिजनेसमैन करंट अकाउंट

1:56खुलवाता है जिसमें कोई लिमिट नहीं होती।

1:58नंबर ऑफ ट्रांजैक्शन की जितनी मर्जी

1:59ट्रांजैक्शंस करो। सेविंग्स के लिए अगर

2:03लोगों को पता हो कि उन्हें 5 सात साल पैसे

2:05नहीं छेड़ने हैं तो वह एफडी करवाते हैं

2:07यानी फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट। इसमें क्या

2:10होता है? एक बार आप अच्छी खासी पेमेंट जमा

2:13कराते हो। आप बैंक को प्रॉपर बताते हो कि

2:15हम 5 सात साल इसको नहीं छोड़ेंगे। उसप

2:17बैंक आपको अच्छा इंटरेस्ट देता है। आरडी

2:20होता है रेकरिंग डिपॉजिट। यह सैलरी वालों

2:22के लिए अच्छा होता है। जिन पे पर मंथ

2:24थोड़ा थोड़ा पैसा आता है। मल्टीपल टाइम्स

2:26रेकरिंग टाइम्स बार-बार यह पैसा जमा

2:28कराएंगे। विड्र एक ही बारी मिलेगा और आजकल

2:31तो ऑनलाइन के बाद से इतना जमाना आ गया है

2:33कि मल्टीपल ऑप्शन का जमाना है। मल्टीपल

2:36ऑप्टिंग क्या होता है? इसके अंदर आप अपनी

2:38एक लिमिट सेट करवा सकते हो कि मेरे बैंक

2:41में अगर फॉर एग्जांपल 500 तक होंगे तो वो

2:43सेविंग्स अकाउंट में रखना। उससे ऊपर जो

2:46पैसा होगा उसकी ऑटोमेटिकली एफडी बना देना।

2:49और अलग-अलग प्रकार के बैंक्स लोन देता है।

2:51एक तो यह बच्ची इतनी इंटेलिजेंट है ना।

2:54इसने ओवरलोडिंग लिखा हुआ है। यह

2:55ओवरड्राफ्ट है।

3:00ओवरड्राफ्ट

3:05ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी कैश क्रेडिट लोन टर्म

3:08लोन डिमांड लोन इवन क्रेडिट कार्ड भी एक

3:10तरीके का लोन ही है।

3:13ये अलग-अलग प्रकार के लोनस देता है बैंक।

3:16इनके बारे में हमने एक-एक करके पढ़ना है।

3:19ठीक है भाई? तो यहां तक की बात क्या है?

3:21कमर्शियल बैंक कौन सी है? जहां पब्लिक

3:23डीलिंग होती है। दो तरह के फंक्शनंस

3:25परफॉर्म करते हैं। लोगों के डिपॉजिट

3:26एक्सेप्ट करना और लोगों को लोन देना। अब

3:29अगर हम बात करें एक्सेप्टिंग डिपॉजिट्स की

3:32तो नंबर वन है सेविंग्स अकाउंट। बैंक अपना

3:36एक सेविंग्स अकाउंट खुलवा देता है लोगों

3:38का कस्टमर्स का। यह एक बड़ा नॉर्मल और

3:40कॉमन अकाउंट है। सेविंग्स को एनकरेज करने

3:43के लिए, सेविंग्स को प्रमोट करने के लिए

3:44खुलवाया जाता है। इसके अंदर एक ड्रॉबैक

3:47है। आप बहुत बड़ा अमाउंट नहीं रखवा सकते।

3:49और इसके अंदर जो आप पैसा रखोगे इस पर आपको

3:52बैंक इंटरेस्ट भी देगा। इंटरेस्ट भी पे

3:54करेगा।

3:56इंटरेस्ट भी बैंक आपको पे करेगी।

4:00करंट अकाउंट बिजनेसमैन खुलवाते हैं। यूज्ड

4:03बाय बिनेसमैन।

4:05ठीक है? यूज्ड बाय बिनेसमैन। कोई लिमिट

4:08नहीं होती इसकी दिन की। जितनी मर्जी नंबर

4:10ऑफ़ ट्रांजैक्शंस करो कोई प्रॉब्लम नहीं

4:11है। जैसे आप दुकान पे देखो वो क्यूआर कोड

4:14पड़ा होता है, मशीन पड़ी होती है। दिन में

4:16कम से कम 100 200 ट्रांजैक्शंस हो जाती

4:17होंगी। तो ऐसा थोड़ी है कि उनका बैंक शाम

4:19तक ब्लॉक हो जाता है। ऐसा कुछ नहीं है।

4:21इसके ऊपर बैंक फैसिलिटी देता है इसलिए वो

4:23इंटरेस्ट नहीं देता कोई। और एक बड़ी खास

4:26बात करंट अकाउंट में नेगेटिव बैलेंस भी जा

4:29सकता है। जैसे हम लोगों के सेविंग्स

4:30अकाउंट में तो मैक्सिमम एट लास्ट जीरो

4:33जाएगा ना। इसमें नेगेटिव भी जा सकता है।

4:36बैंक ये फैसिलिटी देता है बिनेसमैन को जो

4:39करंट अकाउंट खुलवाते हैं कि आप अपने बैंक

4:42में जो बैलेंस पड़ा हुआ है उससे थोड़ा

4:44ज्यादा भी निकलवा सकते हो। एग्जांपल है

4:46अगर बैंक ने इसी चीज को बेटा ओवरड्राफ्ट

4:48कहते हैं जो आगे लोन में पड़ा होगा। ठीक

4:51है? ओवरलोडिंग इस इंटेलिजेंट बच्ची ने

4:53लिखा हुआ था। ओवरड्राफ्ट कहते हैं इसको।

4:56अब एफडी आपने अपने घर वालों से जरूर सुना

4:58होगा कभी ना कभी। एफडी करा दो। एफडी इज़

5:01फिक्स्ड डिपॉजिट। इसके अंदर क्या होता है?

5:03एक बार डिपॉजिट होगा। एक ही बारी विड्रॉल

5:06मिलेगा। और विड्रॉल मिलेगा आफ्टर

5:08एक्सपायरी ऑफ अ फिक्स्ड पीरियड। विड्र

5:11आफ्टर

5:13एक्सपायरी ऑफ फिक्स्ड

5:18एक फिक्स्ड समय खत्म होने के बाद ही

5:20मिलेगा आपको विड्र एक फिक्स टाइम पीरियड

5:22के बाद एग्जांपल 5 साल बाद मिल सकता है 8

5:26साल बाद 10 साल बाद जितने भी टाइम की आपने

5:28कराई है और हाई रेट ऑफ इंटरेस्ट होता है 7

5:318% मिल जाता है 6 से 7% आजकल मिलता है

5:34सेविंग्स अकाउंट में जहां 1 1ढ़% मिलना है

5:36यहां 7 से 8% मिलेगा बैंक वाले गधे नहीं

5:39है बेटा उन्हें पता है कि 5 साल अपना पैसा

5:41वापस नहीं मांगेगा। उतने टाइम पर हम इसको

5:43यूज करके बहुत पैसा बना सकते हैं। इसलिए

5:45वो दे भी देते हैं। नेक्स्ट आता है

5:49आरडी रेकरिंग डिपॉजिट। बेटा ये ना आरडी जो

5:53है ये उनके लिए बेस्ट है जो लोग जॉब करते

5:56हैं। जिन पे एक बार ही मोटा पैसा नहीं

5:58आएगा। पर मंथ थोड़ा-थोड़ा आएगा। इसमें

6:00क्या होता है? आप मल्टीपल टाइम्स पैसा

6:03डिपॉजिट करा सकते हो। मल्टीपल टाइम्स

6:06डिपॉजिट होगा।

6:09यह करेक्शंस कर लेना भाई।

6:13मल्टीपल टाइम्स डिपॉजिट करा सकते हो।

6:16ठीक है? और विड्रॉल आपको एक ही बारी

6:19मिलेगा। वन टाइम विड्रॉल मिलेगा आफ्टर

6:22एक्सपायरी ऑफ़ अ फिक्स पीरियड। एक टाइम

6:24खत्म होने के बाद। आरडी बेटर क्यों है

6:27भाई? क्योंकि आप इसमें मल्टीपल टाइम पैसा

6:29डाल सकते हो। और रेट ऑफ इंटरेस्ट जो इसका

6:31है वह भी अच्छा होता है। एफडी से कम है

6:33लेकिन सेविंग्स अकाउंट से ज्यादा है। और

6:36सबसे इंपॉर्टेंट जो ट्रेंडिंग में है वो

6:38है ये। जब से बेटा ये ऑनलाइन का जमाना आया

6:40है ना तब से और ट्रेंड में आ गया मल्टीपल

6:42ऑप्शन। मल्टीपल ऑप्टिंग भी कहते हैं इसको।

6:45वो गलत नहीं है। ये एक मिक्सचर है बच्चे

6:47का सेविंग्स अकाउंट और एफडी अकाउंट का।

6:50इसके अंदर एक ऑटोमेटिक ऑप्शन होता है। आप

6:51लिमिट फिक्स करा लेते हो।

6:53[नाक से की जाने वाली आवाज़] अगर लिमिट से

6:54ऊपर आपके खाते में पैसा गया तो उस बचे हुए

6:56अमाउंट की ऑटोमेटिकली बैंक एफडी कर देगा।

6:58एग्जांपल 25 जुलाई को आपके बैंक का बैलेंस

7:02है 6000 आपने लिमिट लगवा रखी है 10,000 की

7:06ठीक है आपके पास कहीं से ₹7000 आए 6000

7:10पड़ा हुआ था खाते में सात और आ गए कितना

7:13हो गया 13 10 की लिमिट थी तो बचे हुए 3000

7:16की ऑटोमेटिकली बैंक एफडी बना देगा

7:21इस तरीके से बैंक्स डिपॉजिट एक्सेप्ट करता

7:23है

7:28नेक्स्ट टॉपिक आ जाता है एडवांसिंग लोनस।

7:30इसके अंदर एक ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी देता है

7:32बैंक। एक ये कैश लिखा हुआ है इसने। कैश

7:35क्रेडिट कहते हैं इसको।

7:39टर्म लोन

7:41टर्न लिखा हुआ है इसने। टर्म टर्म आएगा।

7:48टर्म लोन और डिमांड लोन। एक-एक करके हम

7:50अलग-अलग प्रकार के लोन पढ़ेंगे। बेटा

7:53ओवरड्राफ्ट वही चीज है जो मैंने अभी-अभी

7:55आपको बताया था कि करंट अकाउंट में नेगेटिव

7:57बैलेंस हो सकता है। देखा था ना ये नेगेटिव

8:00बैलेंस वाली फैसिलिटी को ही तो बेटा

8:02ओवरड्राफ्ट कहते हैं। करंट अकाउंट में जब

8:04बैलेंस नेगेटिव होता है उस प्रकार को तो

8:07उसी चीज को तो ओवरड्राफ्ट कहते हैं। कैसे?

8:09अभी समझते हैं।

8:13ओवरड्राफ्ट का लोन सिर्फ करंट अकाउंट के

8:15होल्डर्स को मिलता है जो बैंक में करंट

8:17अकाउंट खुलवाते हैं। इसके अंदर जो होल्डर

8:20है वो ज्यादा पैसा निकलवा सकता है जितना

8:22प्रेजेंट है एक्चुअली उससे। करंट अकाउंट

8:25में नेगेटिव बैलेंस होता है शॉर्ट टर्म

8:26लोन। एग्जांपल से समझो। मान लीजिए ताकि

8:30बिज़नेसमैन की इज्जत बनी रहे। करंट अकाउंट

8:33में बैलेंस है 9,97,000।

8:37अब बैंक वाले आपको किसी को पेमेंट करनी है

8:4010 लाख की। कितना शॉर्ट है? सिर्फ 3000

8:42शॉर्ट है ना? तो बैंक वो पेमेंट सक्सेसफुल

8:45करा देगा और वो जो ₹3000 का नेगेटिव

8:47बैलेंस है वो ओवरड्राफ्ट शो होगा। वो जो

8:50एक्स्ट्रा पैसा आपने विड्र करा लिया। अगली

8:52बार जब आपके खाते में पैसे आएंगे आपको वो

8:54₹3000 पहले कट जाएगा। सेविंग्स अकाउंट

8:57में। तो भाई जी अगर आप किसी को ₹100 की

8:59पेमेंट कर रहे हो ₹99 है ना तो बेइज़्ज़ती

9:01हो जाती है। पेमेंट फेल दिखा देता है

9:02इनसफिशिएंट फंड्स। करंट अकाउंट में छोटा

9:05सा लोन मिल जाता है।

9:07नेक्स्ट है कैश क्रेडिट। कैश क्रेडिट बैंक

9:10इंडिया में तो बहुत ही कम लोग लेते हैं

9:12बेटा कैश क्रेडिट लोन। यह बैंक सिर्फ एक

9:15पर्टिकुलर अमाउंट का लोन देता है।

9:17स्पेसिफिक अमाउंट का लोन देगा। एक

9:19स्पेसिफिक यानी पर्टिकुलर चीज को गिरवी रख

9:22के अगेंस्ट अ स्पेसिफिक यानी पर्टिकुलर

9:24सिक्योरिटी। ठीक है?

9:28और इसको कोई भी बैंक दे देगा। बेशक आपका

9:31उसमें खाता है या नहीं। जैसे मान लो मेरा

9:34लेट इट बी मेरा HDFC में खाता नहीं है।

9:36HDFC मेरे से एक पर्टिकुलर सिक्योरिटी

9:38मांग के मेरे को लोन दे देगा। बेशक मेरा

9:40उसमें खाता हो ना। बस उनको एक पर्टिकुलर

9:42सिक्योरिटी चाहिए होगी। ज्यादातर गोल्ड

9:44वगैरह या इंश्योरेंस वगैरह गिनवी रखवाते

9:46हैं उसके अगेंस्ट।

9:49देन आता है डिमांड लोन। ये भी इंडिया में

9:51लोग थोड़ा कम लेते हैं। डिमांड लोन को

9:53डिमांड लोन क्यों बोलते हैं? क्योंकि बैंक

9:55इसको कभी भी डिमांड बैक कर सकता है। इसमें

9:57बैंक कहता है भाई कि आप मेरे को इंटरेस्ट

10:01भरते रहो। जब मुझे मेरे पैसे की जरूरत

10:03होगी, मैं आपको एक दो महीने का नोटिस

10:04दूंगा। फिर मुझे आपको पैसे वापस करने

10:06होंगे। तो इतना रिस्की लोन इंडिया में कोई

10:08लेता नहीं है। इसका इंटरेस्ट भी कम होता

10:09है। खैर ये वाला लोन बैंक सिर्फ LIC के

10:12अगेंस्ट, म्यूचल फंड्स के अगेंस्ट या आपकी

10:15एफडी के अगेंस्ट आपको लोन देता है।

10:18सिक्योरिटी ये रखता है बैंक। सबसे ज्यादा

10:20इंडिया में लिए जाने वाला लोन है टर्म

10:22लोन। टर्म के अंदर बेटा वर्ड है टाइम। एक

10:26लंबे टाइम के लिए जो लोन होता है लगर

10:28पीरियड ऑफ टाइम के लिए वह टर्म लोन होता

10:30है। यह ज्यादातर एसेट्स खरीदने के लिए

10:32होता है। होम लोन, कार लोन, टू व्हीलर लोन

10:34ये सब जितना भी लोन अमाउंट होता है उसकी

10:37ईएमआई बन जाती है। भाई जी इंटेलिजेंट

10:39लड़की ईएमआई लिख के बैठ गया। इसकी ईएमआई

10:42बन जाती है। ईएमआई तो आपने सुना होगा ना

10:44कि ईएमआई की फुल फॉर्म होती है इक्वेटेड

10:47मंथली इंस्टॉलमेंट इक्वल सी। दैट्स इट

10:49भाई। दैट्स ऑल। ये पढ़ लीजिए। बढ़िया

10:51रहेगा। बहुत ही इंपॉर्टेंट टॉपिक है इस

10:54चैप्टर में। एक तो ये प्राइमरींस और एक

10:56इंश्योरेंस के प्रिंसिपल्स। वेरी वेरीेंट

10:58बेटा अच्छे से इसको पढ़ो।

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