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0:0211th बिजनेस का चैप्टर फोर बिजनेस सर्विज
0:05में बैंकिंग से एक बहुत ही इंपॉर्टेंट
0:07टॉपिक है। कमर्शियल बैंक के प्राइमरी
0:10फंक्शनंस क्या होते हैं? यार कोई भी
0:12कमर्शियल बैंक है। कमर्शियल बैंक पहली बात
0:14आपको जानना है क्या होते हैं? कमर्शियल
0:16बैंक उस बैंक को कहा जाता है जहां पर
0:20नॉर्मल पब्लिक की डीलिंग होती है। जहां पर
0:24नॉर्मल पब्लिक डीलिंग करती है। आपके मेरे
0:27जैसे लोग जाकर जहां पर अपने अकाउंट्स
0:29खुलवाते हैं। अपना पैसा रखवाते हैं,
0:33विड्रॉल लेते हैं, लोन की जरूरत हो तो लोन
0:36लेते हैं, एफडी करवाते हैं, आरडी करवाते
0:39हैं। लॉकर फैसिलिटी अवेलेबल कराते हैं।
0:42नॉर्मल हम लोगों की जहां पे डीलिंग होती
0:44है वह कमर्शियल बैंक से है। ठीक है? अब
0:47इसके एग्जांपल्स आपको चाहिए तो कुछ सरकारी
0:50बैंकों में हो गया SBI, IND बैंक, पंजाब
0:54नेशनल बैंक, प्राइवेट में हो गया, HDFC,
0:57Yes Bank, Axis Bank ये सब जहां पर पब्लिक
1:00डीलिंग हो सकती है उनको बोलते हैं
1:01कमर्शियल बैंक। बैंक के कई फंक्शनंस होते
1:04हैं। प्राइमरी फंक्शनंस का दो ही है।
1:07बेसिकली प्राइमरी फंक्शनंस।
1:10एक तो कि बक्स
1:13यह देखो दो टाइप्स के फंक्शन है। एक
1:17एक्सेप्टिंग डिपॉजिट्स और दूसरा एडवांसिंग
1:20लोनस। इसका आप फ्लो चार्ट भी बना सकते हो
1:23कि बैंक के प्राइमरी फंक्शनंस दो ही
1:24प्रकार के हैं। एक अलग-अलग प्रकार से
1:27लोगों के डिपॉजिट्स को एक्सेप्ट करना। जो
1:30लोग अपना पैसा जमा करा रहे हैं उसे
1:31अलग-अलग तरीकों से अपने पे जमा करना। और
1:34एक उनको अलग-अलग प्रकार के लोनस देना
1:37जिसको जैसी रिक्वायरमेंट होगी। अब
1:40डिपॉजिट्स के बारे में एक बार मैं शॉर्ट
1:42में ओवरव्यू यहां पर ही दे देता हूं आपको।
1:45बैंक कई रूपों में लोगों से पैसे जमा
1:47कराता है। नॉर्मल लोग सेविंग्स अकाउंट
1:49खुलवाते हैं जिसके अंदर लोग अपना पैसा जमा
1:52करते हैं। उस बैंक उन्हें थोड़ा इंटरेस्ट
1:54भी देता है। बिजनेसमैन करंट अकाउंट
1:56खुलवाता है जिसमें कोई लिमिट नहीं होती।
1:58नंबर ऑफ ट्रांजैक्शन की जितनी मर्जी
1:59ट्रांजैक्शंस करो। सेविंग्स के लिए अगर
2:03लोगों को पता हो कि उन्हें 5 सात साल पैसे
2:05नहीं छेड़ने हैं तो वह एफडी करवाते हैं
2:07यानी फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट। इसमें क्या
2:10होता है? एक बार आप अच्छी खासी पेमेंट जमा
2:13कराते हो। आप बैंक को प्रॉपर बताते हो कि
2:15हम 5 सात साल इसको नहीं छोड़ेंगे। उसप
2:17बैंक आपको अच्छा इंटरेस्ट देता है। आरडी
2:20होता है रेकरिंग डिपॉजिट। यह सैलरी वालों
2:22के लिए अच्छा होता है। जिन पे पर मंथ
2:24थोड़ा थोड़ा पैसा आता है। मल्टीपल टाइम्स
2:26रेकरिंग टाइम्स बार-बार यह पैसा जमा
2:28कराएंगे। विड्र एक ही बारी मिलेगा और आजकल
2:31तो ऑनलाइन के बाद से इतना जमाना आ गया है
2:33कि मल्टीपल ऑप्शन का जमाना है। मल्टीपल
2:36ऑप्टिंग क्या होता है? इसके अंदर आप अपनी
2:38एक लिमिट सेट करवा सकते हो कि मेरे बैंक
2:41में अगर फॉर एग्जांपल 500 तक होंगे तो वो
2:43सेविंग्स अकाउंट में रखना। उससे ऊपर जो
2:46पैसा होगा उसकी ऑटोमेटिकली एफडी बना देना।
2:49और अलग-अलग प्रकार के बैंक्स लोन देता है।
2:51एक तो यह बच्ची इतनी इंटेलिजेंट है ना।
2:54इसने ओवरलोडिंग लिखा हुआ है। यह
2:55ओवरड्राफ्ट है।
3:00ओवरड्राफ्ट
3:05ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी कैश क्रेडिट लोन टर्म
3:08लोन डिमांड लोन इवन क्रेडिट कार्ड भी एक
3:10तरीके का लोन ही है।
3:13ये अलग-अलग प्रकार के लोनस देता है बैंक।
3:16इनके बारे में हमने एक-एक करके पढ़ना है।
3:19ठीक है भाई? तो यहां तक की बात क्या है?
3:21कमर्शियल बैंक कौन सी है? जहां पब्लिक
3:23डीलिंग होती है। दो तरह के फंक्शनंस
3:25परफॉर्म करते हैं। लोगों के डिपॉजिट
3:26एक्सेप्ट करना और लोगों को लोन देना। अब
3:29अगर हम बात करें एक्सेप्टिंग डिपॉजिट्स की
3:32तो नंबर वन है सेविंग्स अकाउंट। बैंक अपना
3:36एक सेविंग्स अकाउंट खुलवा देता है लोगों
3:38का कस्टमर्स का। यह एक बड़ा नॉर्मल और
3:40कॉमन अकाउंट है। सेविंग्स को एनकरेज करने
3:43के लिए, सेविंग्स को प्रमोट करने के लिए
3:44खुलवाया जाता है। इसके अंदर एक ड्रॉबैक
3:47है। आप बहुत बड़ा अमाउंट नहीं रखवा सकते।
3:49और इसके अंदर जो आप पैसा रखोगे इस पर आपको
3:52बैंक इंटरेस्ट भी देगा। इंटरेस्ट भी पे
3:54करेगा।
3:56इंटरेस्ट भी बैंक आपको पे करेगी।
4:00करंट अकाउंट बिजनेसमैन खुलवाते हैं। यूज्ड
4:03बाय बिनेसमैन।
4:05ठीक है? यूज्ड बाय बिनेसमैन। कोई लिमिट
4:08नहीं होती इसकी दिन की। जितनी मर्जी नंबर
4:10ऑफ़ ट्रांजैक्शंस करो कोई प्रॉब्लम नहीं
4:11है। जैसे आप दुकान पे देखो वो क्यूआर कोड
4:14पड़ा होता है, मशीन पड़ी होती है। दिन में
4:16कम से कम 100 200 ट्रांजैक्शंस हो जाती
4:17होंगी। तो ऐसा थोड़ी है कि उनका बैंक शाम
4:19तक ब्लॉक हो जाता है। ऐसा कुछ नहीं है।
4:21इसके ऊपर बैंक फैसिलिटी देता है इसलिए वो
4:23इंटरेस्ट नहीं देता कोई। और एक बड़ी खास
4:26बात करंट अकाउंट में नेगेटिव बैलेंस भी जा
4:29सकता है। जैसे हम लोगों के सेविंग्स
4:30अकाउंट में तो मैक्सिमम एट लास्ट जीरो
4:33जाएगा ना। इसमें नेगेटिव भी जा सकता है।
4:36बैंक ये फैसिलिटी देता है बिनेसमैन को जो
4:39करंट अकाउंट खुलवाते हैं कि आप अपने बैंक
4:42में जो बैलेंस पड़ा हुआ है उससे थोड़ा
4:44ज्यादा भी निकलवा सकते हो। एग्जांपल है
4:46अगर बैंक ने इसी चीज को बेटा ओवरड्राफ्ट
4:48कहते हैं जो आगे लोन में पड़ा होगा। ठीक
4:51है? ओवरलोडिंग इस इंटेलिजेंट बच्ची ने
4:53लिखा हुआ था। ओवरड्राफ्ट कहते हैं इसको।
4:56अब एफडी आपने अपने घर वालों से जरूर सुना
4:58होगा कभी ना कभी। एफडी करा दो। एफडी इज़
5:01फिक्स्ड डिपॉजिट। इसके अंदर क्या होता है?
5:03एक बार डिपॉजिट होगा। एक ही बारी विड्रॉल
5:06मिलेगा। और विड्रॉल मिलेगा आफ्टर
5:08एक्सपायरी ऑफ अ फिक्स्ड पीरियड। विड्र
5:11आफ्टर
5:13एक्सपायरी ऑफ फिक्स्ड
5:18एक फिक्स्ड समय खत्म होने के बाद ही
5:20मिलेगा आपको विड्र एक फिक्स टाइम पीरियड
5:22के बाद एग्जांपल 5 साल बाद मिल सकता है 8
5:26साल बाद 10 साल बाद जितने भी टाइम की आपने
5:28कराई है और हाई रेट ऑफ इंटरेस्ट होता है 7
5:318% मिल जाता है 6 से 7% आजकल मिलता है
5:34सेविंग्स अकाउंट में जहां 1 1ढ़% मिलना है
5:36यहां 7 से 8% मिलेगा बैंक वाले गधे नहीं
5:39है बेटा उन्हें पता है कि 5 साल अपना पैसा
5:41वापस नहीं मांगेगा। उतने टाइम पर हम इसको
5:43यूज करके बहुत पैसा बना सकते हैं। इसलिए
5:45वो दे भी देते हैं। नेक्स्ट आता है
5:49आरडी रेकरिंग डिपॉजिट। बेटा ये ना आरडी जो
5:53है ये उनके लिए बेस्ट है जो लोग जॉब करते
5:56हैं। जिन पे एक बार ही मोटा पैसा नहीं
5:58आएगा। पर मंथ थोड़ा-थोड़ा आएगा। इसमें
6:00क्या होता है? आप मल्टीपल टाइम्स पैसा
6:03डिपॉजिट करा सकते हो। मल्टीपल टाइम्स
6:06डिपॉजिट होगा।
6:09यह करेक्शंस कर लेना भाई।
6:13मल्टीपल टाइम्स डिपॉजिट करा सकते हो।
6:16ठीक है? और विड्रॉल आपको एक ही बारी
6:19मिलेगा। वन टाइम विड्रॉल मिलेगा आफ्टर
6:22एक्सपायरी ऑफ़ अ फिक्स पीरियड। एक टाइम
6:24खत्म होने के बाद। आरडी बेटर क्यों है
6:27भाई? क्योंकि आप इसमें मल्टीपल टाइम पैसा
6:29डाल सकते हो। और रेट ऑफ इंटरेस्ट जो इसका
6:31है वह भी अच्छा होता है। एफडी से कम है
6:33लेकिन सेविंग्स अकाउंट से ज्यादा है। और
6:36सबसे इंपॉर्टेंट जो ट्रेंडिंग में है वो
6:38है ये। जब से बेटा ये ऑनलाइन का जमाना आया
6:40है ना तब से और ट्रेंड में आ गया मल्टीपल
6:42ऑप्शन। मल्टीपल ऑप्टिंग भी कहते हैं इसको।
6:45वो गलत नहीं है। ये एक मिक्सचर है बच्चे
6:47का सेविंग्स अकाउंट और एफडी अकाउंट का।
6:50इसके अंदर एक ऑटोमेटिक ऑप्शन होता है। आप
6:51लिमिट फिक्स करा लेते हो।
6:53[नाक से की जाने वाली आवाज़] अगर लिमिट से
6:54ऊपर आपके खाते में पैसा गया तो उस बचे हुए
6:56अमाउंट की ऑटोमेटिकली बैंक एफडी कर देगा।
6:58एग्जांपल 25 जुलाई को आपके बैंक का बैलेंस
7:02है 6000 आपने लिमिट लगवा रखी है 10,000 की
7:06ठीक है आपके पास कहीं से ₹7000 आए 6000
7:10पड़ा हुआ था खाते में सात और आ गए कितना
7:13हो गया 13 10 की लिमिट थी तो बचे हुए 3000
7:16की ऑटोमेटिकली बैंक एफडी बना देगा
7:21इस तरीके से बैंक्स डिपॉजिट एक्सेप्ट करता
7:23है
7:28नेक्स्ट टॉपिक आ जाता है एडवांसिंग लोनस।
7:30इसके अंदर एक ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी देता है
7:32बैंक। एक ये कैश लिखा हुआ है इसने। कैश
7:35क्रेडिट कहते हैं इसको।
7:39टर्म लोन
7:41टर्न लिखा हुआ है इसने। टर्म टर्म आएगा।
7:48टर्म लोन और डिमांड लोन। एक-एक करके हम
7:50अलग-अलग प्रकार के लोन पढ़ेंगे। बेटा
7:53ओवरड्राफ्ट वही चीज है जो मैंने अभी-अभी
7:55आपको बताया था कि करंट अकाउंट में नेगेटिव
7:57बैलेंस हो सकता है। देखा था ना ये नेगेटिव
8:00बैलेंस वाली फैसिलिटी को ही तो बेटा
8:02ओवरड्राफ्ट कहते हैं। करंट अकाउंट में जब
8:04बैलेंस नेगेटिव होता है उस प्रकार को तो
8:07उसी चीज को तो ओवरड्राफ्ट कहते हैं। कैसे?
8:09अभी समझते हैं।
8:13ओवरड्राफ्ट का लोन सिर्फ करंट अकाउंट के
8:15होल्डर्स को मिलता है जो बैंक में करंट
8:17अकाउंट खुलवाते हैं। इसके अंदर जो होल्डर
8:20है वो ज्यादा पैसा निकलवा सकता है जितना
8:22प्रेजेंट है एक्चुअली उससे। करंट अकाउंट
8:25में नेगेटिव बैलेंस होता है शॉर्ट टर्म
8:26लोन। एग्जांपल से समझो। मान लीजिए ताकि
8:30बिज़नेसमैन की इज्जत बनी रहे। करंट अकाउंट
8:33में बैलेंस है 9,97,000।
8:37अब बैंक वाले आपको किसी को पेमेंट करनी है
8:4010 लाख की। कितना शॉर्ट है? सिर्फ 3000
8:42शॉर्ट है ना? तो बैंक वो पेमेंट सक्सेसफुल
8:45करा देगा और वो जो ₹3000 का नेगेटिव
8:47बैलेंस है वो ओवरड्राफ्ट शो होगा। वो जो
8:50एक्स्ट्रा पैसा आपने विड्र करा लिया। अगली
8:52बार जब आपके खाते में पैसे आएंगे आपको वो
8:54₹3000 पहले कट जाएगा। सेविंग्स अकाउंट
8:57में। तो भाई जी अगर आप किसी को ₹100 की
8:59पेमेंट कर रहे हो ₹99 है ना तो बेइज़्ज़ती
9:01हो जाती है। पेमेंट फेल दिखा देता है
9:02इनसफिशिएंट फंड्स। करंट अकाउंट में छोटा
9:05सा लोन मिल जाता है।
9:07नेक्स्ट है कैश क्रेडिट। कैश क्रेडिट बैंक
9:10इंडिया में तो बहुत ही कम लोग लेते हैं
9:12बेटा कैश क्रेडिट लोन। यह बैंक सिर्फ एक
9:15पर्टिकुलर अमाउंट का लोन देता है।
9:17स्पेसिफिक अमाउंट का लोन देगा। एक
9:19स्पेसिफिक यानी पर्टिकुलर चीज को गिरवी रख
9:22के अगेंस्ट अ स्पेसिफिक यानी पर्टिकुलर
9:24सिक्योरिटी। ठीक है?
9:28और इसको कोई भी बैंक दे देगा। बेशक आपका
9:31उसमें खाता है या नहीं। जैसे मान लो मेरा
9:34लेट इट बी मेरा HDFC में खाता नहीं है।
9:36HDFC मेरे से एक पर्टिकुलर सिक्योरिटी
9:38मांग के मेरे को लोन दे देगा। बेशक मेरा
9:40उसमें खाता हो ना। बस उनको एक पर्टिकुलर
9:42सिक्योरिटी चाहिए होगी। ज्यादातर गोल्ड
9:44वगैरह या इंश्योरेंस वगैरह गिनवी रखवाते
9:46हैं उसके अगेंस्ट।
9:49देन आता है डिमांड लोन। ये भी इंडिया में
9:51लोग थोड़ा कम लेते हैं। डिमांड लोन को
9:53डिमांड लोन क्यों बोलते हैं? क्योंकि बैंक
9:55इसको कभी भी डिमांड बैक कर सकता है। इसमें
9:57बैंक कहता है भाई कि आप मेरे को इंटरेस्ट
10:01भरते रहो। जब मुझे मेरे पैसे की जरूरत
10:03होगी, मैं आपको एक दो महीने का नोटिस
10:04दूंगा। फिर मुझे आपको पैसे वापस करने
10:06होंगे। तो इतना रिस्की लोन इंडिया में कोई
10:08लेता नहीं है। इसका इंटरेस्ट भी कम होता
10:09है। खैर ये वाला लोन बैंक सिर्फ LIC के
10:12अगेंस्ट, म्यूचल फंड्स के अगेंस्ट या आपकी
10:15एफडी के अगेंस्ट आपको लोन देता है।
10:18सिक्योरिटी ये रखता है बैंक। सबसे ज्यादा
10:20इंडिया में लिए जाने वाला लोन है टर्म
10:22लोन। टर्म के अंदर बेटा वर्ड है टाइम। एक
10:26लंबे टाइम के लिए जो लोन होता है लगर
10:28पीरियड ऑफ टाइम के लिए वह टर्म लोन होता
10:30है। यह ज्यादातर एसेट्स खरीदने के लिए
10:32होता है। होम लोन, कार लोन, टू व्हीलर लोन
10:34ये सब जितना भी लोन अमाउंट होता है उसकी
10:37ईएमआई बन जाती है। भाई जी इंटेलिजेंट
10:39लड़की ईएमआई लिख के बैठ गया। इसकी ईएमआई
10:42बन जाती है। ईएमआई तो आपने सुना होगा ना
10:44कि ईएमआई की फुल फॉर्म होती है इक्वेटेड
10:47मंथली इंस्टॉलमेंट इक्वल सी। दैट्स इट
10:49भाई। दैट्स ऑल। ये पढ़ लीजिए। बढ़िया
10:51रहेगा। बहुत ही इंपॉर्टेंट टॉपिक है इस
10:54चैप्टर में। एक तो ये प्राइमरींस और एक
10:56इंश्योरेंस के प्रिंसिपल्स। वेरी वेरीेंट
10:58बेटा अच्छे से इसको पढ़ो।