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0:01हां जी नाइंथ क्लास आप लोगों का फर्स्ट
0:04पार्ट में हम रिवाइज कर रहे थे यह वाइट
0:06बोर्ड पीडीएफ जिसके अंदर हमने यह टिश्यूस
0:08तक करा था अप्रोक्स। ठीक है? अब आगे
0:10टिश्यूज़ से स्टार्ट करेंगे। टिश्यू क्या
0:12होता है भाई? ग्रुप या क्लस्टर ऑफ सेल्स।
0:16सेल्स के ग्रुप को ही क्या बोला जाता है?
0:18टिश्यू। अब टिश्यू दो प्रकार के हैं हमारे
0:21सिलेबस में। प्लांट और एनिमल। जो प्लांट
0:25टिश्यू है वो दो प्रकार का होता है आगे।
0:28एक मेरिस्टमेटिक और एक परमानेंट। फर्क
0:31क्या होता है? एक बार मैं यहां पर बोल रहा
0:32हूं। यह चीज आप लिख जरूर लेना। ठीक है?
0:35मेरिस्टेमैटिक टिश्यू। टिश्यू क्या होता
0:37है? ग्रुप ऑफ सेल? मेरिस्टेमैटिक टिश्यू
0:39इज़ अ ग्रुप ऑफ एक्टिवली डिवाइडिंग सेल्स।
0:41इसके कुछ कैरेक्टरिस्टिक्स मैं ऐसे बोल
0:43रहा हूं। मेरिस्टेमैटिक टिश्यू कौन सेल्स
0:45का ग्रुप होता है जो एक्टिवली डिवाइड होते
0:47रहते हैं। ठीक है? तो इनका रेट ऑफ
0:50रेस्पिरेशन और एनर्जी रिक्वायरमेंट्स भी
0:51इनके सेल्स की ज्यादा होती है।
0:53मेरिस्टेमैटिक टिश्यू अक्सर कहां पाया
0:55जाता है भाई? ग्रोइंग टिप्स ऑफ रूट्स एंड
0:57शूट्स पे तीन प्रकार का होता है। वो इसका
1:00डायग्राम इंपॉर्टेंट है। लेटरल मेरिस्टम,
1:02एपिकल मेरिस्टम, इंटरकैलरी मेरिस्टम,
1:04लेटरल मेरिस्टम ऑन द लेटरल साइड, एपिकल
1:07मेरिस्टम ऑन द ग्रो टिप्स ऑफ रूट्स एंड
1:11शूट्स और आपका
1:13इंटरकलरी ऑन द बेस ऑफ लीव्स। परमानेंट
1:16टिश्यू दो प्रकार का होता है। जब
1:18मेरिस्टेमैटिक टिश्यू अपनी लूज़ करने की
1:20कैपेबिलिटी खत्म कर देते हैं। दे फॉर्म
1:22परमानेंट टिश्यू एंड इट इज़ ऑफ़ टू टाइप्स।
1:25सिंपल परमानेंट एंड कॉम्प्लेक्स परमानेंट।
1:28सिंपल परमानेंट फर्दर थ्री टाइप्स का होता
1:30है। पैरेंकाइमा, कोलेंकाइमा,
1:32स्क्लेरेंकाइमा। एंड कॉम्प्लेक्स परमानेंट
1:35दो टाइप्स का होता है। जाइलम एंड फ्लोएम।
1:38इनके बारे में अभी पढ़ेंगे। और अगर हम बात
1:40करें एनिमल टिश्यू की तो इसमें क्या-क्या
1:42नाम आपने पढ़े थे? अभी सारे पढ़ेंगे।
1:44कनेक्टिव, नर्वस, मस्कुलर और एपिथीलियल।
1:47अब एक-एक करके स्टार्ट करते हैं भाई।
1:53पैरेंकाइमा।
1:55सबसे पहले नंबर वन पैरेंकाइमा।
2:02पैरेंकाइमा क्या होता है भाई? ऐसे इसके
2:06अंदर
2:08ओपनली वाइडली स्प्रेड होते हैं सेल्स। थिन
2:10वाल्ट सेल्स है। पैरेंकाइमा लिविंग सेल से
2:13बना होता है। सबसे कॉमन प्लांट टिश्यू है।
2:15मोस्ट कॉमन प्लांट टिश्यू है और बहुत
2:17ज्यादा इंटरसेल्यूलर स्पसेस होती है।
2:19ठीक-ठाक जगह है खाली। और ऑलमोस्ट ये हर
2:21पार्ट में प्रेजेंट है। स्टेम में, रूट्स
2:23में, लीफ में, फ्लावर में, फ्रूट्स में।
2:25और दो इसकी मॉडिफिकेशंस भी है। वो
2:27क्लोरेंकाइमा और एररेंकाइमा। जो
2:30पैरेंकाइमा क्लोरोफिल वाला होता है उसको
2:32क्लोरेंकाइमा कहते हैं। और जो पैरेंकाइमा
2:35एयर स्पीशीज वाला होता है उसको एरेंकाइमा।
2:37याद रखना क्लोरेंकाइमा अलग है। और यह जो
2:40हाइड हो रखा है ना यह कोलेंकाइमा है। यह
2:43अलग है।
2:50यह कौन सा होता है जो इर्रेगुलरली थिक्ड
2:52होता है। मतलब कॉर्नर्स वगैरह पर अक्सर
2:55थिक होता है। बीच में कंपैरेटिवली क्या
2:57होता है? थिन।
3:00इसके [नाक से की जाने वाली आवाज़] बारे
3:00में भाई बात करें तो ध्यान से देखो। ये
3:02बना हुआ है लिविंग सेल से। इसके सेल्स भी
3:05लिविंग होते हैं। डेड किसके होते हैं?
3:06स्क्लेरेंकाइमा के वो जोस्कोप कोकोनट वाला
3:08होता है। इसके थिक वॉल्ट कहां पर है?
3:10एंगल्स एंगल्स पर। एंगल्स मतलब किनारों
3:12पर। इंटरसेल्यूलर स्पीशीज इसके पैरेंकाइमा
3:15के कंपैरेटिवली थोड़ी कम है और इसका मेन
3:18काम है मैकेनिकल सपोर्ट देना सेल को
3:20फ्लेक्सिबिलिटी देता है ये भाई स्टेम लीफ
3:22में प्रेजेंट है ईजी बेंडिंग करवाता है
3:24बिना टूट तोड़े उसको उसके बाद यहां पे
3:27स्क्लेरेंटाइमा नहीं लिखा हुआ उसके बारे
3:28में थोड़ी बातें बता दें आपको
3:32यहां लिख देते हैं
3:44स्क्लेरेंकाइमा
3:49इसके सेल्स हाइली थिक वॉल्व होते हैं।
3:51नोट्स बना के लिखते रहना। हाइली थिक हली
3:54थिक वॉल्ड होते हैं। इसके डेड सेल्स होते
3:56हैं। हस्क ऑफ कोकोनट में पाया जाता है।
3:58स्ट्रेंथ देता है बस और कुछ नहीं है।
3:59स्ट्रांग बनाता है। रिजिड बनाता है। सख्त
4:01बनाता है प्लांट को। ठीक है? अब डिटेल में
4:05अगर पढ़े तो यहां पर आ जाओ भाई और डिटेल इस
4:08वाले फ्लो चार्ट पे
4:11हम आगे क्या है भाई प्लांट टिश्यू के बारे
4:14में प्लांट टिश्यू दो टाइप्स का होता है
4:16अभी पढ़ा मेरिस्टेमैटिक और परमानेंट
4:18मेरिस्टेमैटिक टिश्यू के बारे में कुछ
4:19बातें तीन टाइप्स का होता है एपिकल
4:22मेरिस्टम लेटरल मेरिस्टम और इंटरकैलरी
4:25एपिकल मेरिस्टम रूट्स और शूट्स की टिप्स
4:27पे पाया जाता है शूट्स को स्टेम बोलते हैं
4:29बेटा लेटरल यानी अपोजिट साइड पे लेटरल
4:31साइड पे और इंटरकैलरी मेरिस्टम बेस ऑफ लीफ
4:34पे इसका जो डायग्राम है उसकी तुम्हें
4:36ट्रिक भी मैंने बता रखी है। ध्यान रखना ए
4:38आई एल ऊपर वाला पार्ट एपिकल फिर इंटरकलरी
4:41और फिर लेटरल ध्यान रखिएगा
4:45मेन जो आपका इंपॉर्टेंट है जो डिफरेंस में
4:47भी आता है पैरेंकोलन स्क्लेरेंट
4:50आपका परमानेंट वाला
4:57परमानेंट टिश्यू दो प्रकार का होता है।
4:59सिंपल परमानेंट और कॉम्प्लेक्स परमानेंट।
5:01यह ध्यान से देखना भाई।
5:04दो प्रकार का परमानेंट टिश्यू है। सिंपल
5:06और कॉम्प्लेक्स दोनों ही बहुत इंपॉर्टेंट
5:08है। सिंपल परमानेंट में तीन तरह के आते
5:10हैं टिश्यूज़। पैरेंकाइमा, कोलेंकाइमा और
5:13स्क्लेरेंकाइमा।
5:15पैरेंकाइमा कौन सा होता है भाई? जो बहुत
5:18सारे पार्ट्स में पाया जाता है। लिविंग
5:20सेल्स होते हैं। थिन वॉल सेल्स होते हैं।
5:21इंटरसेल्यूलर स्पसेस ज्यादा होती है। इसकी
5:24दो मॉडिफिकेशन है। एरेंकाइमा और
5:27क्लोरेंकाइमा। एररेंकाइमा क्या होता है?
5:29पैरेंकाइमा विद एयर स्पसेस आएगा नीचे।
5:31वहां क्रॉप हो गया वो। और क्लोरेंकाइमा इज़
5:33पैरेंकाइमा विद क्लोरोफिल। कोलेंकाइमा का
5:36मेन काम क्या है?
5:40मैकेनिकल सपोर्ट देना, ईजी बेंडिंग कराना,
5:42फ्लेक्सिबल बनाना। और इसके सेल्स कैसे
5:44होते हैं? ऊपर डायग्राम में भी पढ़ा है।
5:45थिक एट एंगल्स। स्क्लेरेंकाइमा रिजिड
5:47बनाता है, स्टिफ बनाता है, सख्त बनाता है,
5:49डेड सेल्स से बना हुआ है, थिक वॉलड है और
5:51कोई इंटरसेल्यूलर स्पीशीज़ ही नहीं है।
5:53कोकोनट के हस्क में पाया जाता है। ध्यान
5:55रखना कोकोनट के छिलके में। इधर
5:57कॉम्प्लेक्स परमानेंट के लिए तो उस दिन
5:59आपने वीडियो भी देख ली भाई दो प्रकार का
6:01होता है। ज़ाइलम और फ्लोएम। इसके आपको
6:03चार-चार नाम याद रखने हैं। ज़ाइलम का मेन
6:05काम होता है वाटर एंड मिनरल्स को कंडक्ट
6:07करना, ट्रांसपोर्ट करना और फ्लोएम का फूड
6:10वाला काम होता है। जाइलम के चार पार्ट्स
6:13क्या है? ट्रैकीट्स, वेसल्स, जाइलम,
6:14पैरेंकाइमा, जाइलम फाइबर्स। फ्लोएम का
6:16सीफ्ट ट्यूब्स, कंपैनियन सेल्स, फ्लोएम,
6:18पैरेंकाइमा, फ्लोएम फाइबर्स।