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Budget Line | 21st Sep

Anish Dhammi · 2,115 words · 10 min read

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0:07हेलो 11th क्लास हम लोगों ने डिस्कस करना

0:09स्टार्ट करा था कंज्यूमर इक्विलिब्रियम

0:11आईसी एनालिसिस और बजट के बारे में हमने

0:14अपनी लास्ट क्लास में डिस्कस करा था क्या

0:16होती है बजट लाइन? बजट लाइन एक लाइन है जो

0:19अलग-अलग कॉम्बोस दिखाती है दो गुड्स के जो

0:22एक कंज्यूमर खरीद सकता है अपनी इनकम से और

0:24उनके गुड्स के प्राइसेस से। सारे

0:27कॉम्बिनेशंस दिखाती है कि कौन से कौन से

0:29कॉम्बोस के अंदर कंज्यूमर अपनी सारी इनकम

0:31अगर स्पेंड करे अपना बजट जो उसका वो बनाए

0:34बैठा है क्या-क्या खरीद सकता है। एग्जांपल

0:37के तौर पे अभी बेटा टू कमोडिटी क्या

0:40मल्टीपल कमोडिटी का एग्जांपल लगा लेते

0:42हैं। अभी दिवाली आएगी। मान लो आपको ₹2000

0:45का बजट मिला कि आपको जितने भी पटाखे

0:48खरीदने हैं 2000 के अंदर ही खरीदने है। अब

0:51आप जो मर्जी कॉम्बो खरीदो। आप 2000 के

0:542000 के अनार ले आओ। आप दो के 2000 के

0:56रॉकेट ले आओ। आप दो के 2000 की फुल झड़ ले

0:59आओ या आलू बम ले आओ। आपको रखना उस 2000 का

1:02कॉम्बो है। एक समझदार कंज्यूमर क्या

1:04करेगा? थोड़ी वैरायटी कर लेगा कि उस 2000

1:07के अंदर ही थोड़ा कुछ थोड़ा कुछ थोड़ा कुछ

1:10थोड़ा कुछ सवाल उठता है क्या एक कंज्यूमर

1:13कभी अपनी बजट लाइन के आगे जा सकता है? भाई

1:15नहीं। नो। क्योंकि इको स्कार्स रिसोर्सेज

1:19को समझदारी से यूज करने की रैशन मैनेजमेंट

1:21है।

1:23बजट लिमिटेड है। चॉइससेस तो उसके

1:25अंदर-अंदर ही आपको बनानी पड़ेगी।

1:28ठीक है? तो अपनी इनकम और प्राइसेस का

1:30ध्यान रखते हुए ही उसको खरीदना है। अगर

1:33बाहर कुछ भी कॉम्बो लेगा जो उसकी रेंज

1:35उसकी औकात से बाहर होगा तो वो नॉन अटेनेबल

1:37या नॉन फिजिबल कहलाएगा। जैसे यह देखो

1:40जितना भी यह ग्रीन रीजन है यह देखना अभी

1:43इस एरिया के अंदर-अंदर यह कुछ भी खरीद ले

1:46कोई भी कॉम्बो या इवन इस बॉर्डर लाइन पर

1:48भी कोई भी कॉम्बो बना ले वो अटेनेबल है

1:51लेकिन जहां ये बॉर्डर लाइन टाए बाहर वाली

1:53सारी रेंज इसकी औकात से बाहर है ये इसकी

1:55बजट से बाहर की रेंज होती है अब बेटा ये

2:00इक्वेशन ध्यान से देखना इसके अंदर ना काफी

2:03जगह आपको ये वाला साइन मिलेगा ये वाला ये

2:07साइन होता है लेस दैन इक्वल

2:09एक बात याद रखना भाई एक कंज्यूमर का बजट

2:12ना मैं मानता हूं देखने में आपको फार्मूला

2:14फैंसी लग रहा होगा लेकिन एक कंज्यूमर का

2:16सारा बजट इसी के दम पे चलता है। ये

2:19इक्वेशन 2 मिनट के लिए याद रखो। p1 x1 p2

2:22x2 < = y इसी को उठा के जरा मैं आपको एक

2:26प्रैक्टिस करवाता हूं। एक एग्जांपल बनवाता

2:27हूं। इक्वेशन याद रखो 2 मिनट के लिए। P1 *

2:30X1 + P2 * X2 < = Y P1 * X1 + P2 * X2 < =

2:37Y क्या याद करा था हमने? इसी को भी अभी हम

2:40डिस्कस करेंगे। देखो क्या था वो? P1 * X1

2:46+ P2 * X2

2:54< = Y

3:03लेस दैन इक्वल टू याद रखना।

3:08अब ये जो गंदी सी इक्वेशन लिखी है और किसी

3:11को समझ नहीं आई है। कैसे बनेगा इसकी कहानी

3:14भाई? देखते हैं। चलो इस इक्वेशन का ध्यान

3:17रखेंगे और लेट्स सी क्या बनता है।

3:21अ कुछ एग्जांपल्स मानते हैं यार हम। मान

3:24लेते हैं

3:26कुछ बेसिक एजम्पशनंस। दो गुड्स हैं। ध्यान

3:29से देखना।

3:31x1 और x2 दो अलग-अलग प्रकार के गुड्स हैं

3:34मार्केट में जो एक कंज्यूमर लेने वाला है

3:36x1 और x2। P1 हो गया 2 मिनट के लिए। मैं

3:39मान लेता हूं प्राइस ऑफ़ X1। जो पहले वाला

3:43गुड है इनमें से X1 उसका प्राइस हो गया

3:45P1। मैं अस्यूम कर लेता हूं जो गुड वन है

3:48वह ₹10 का आता है।

3:50P2 फिर क्या हो जाएगा? प्राइस ऑफ़ गुड

3:54X2 जो दूसरे वाला गुड है उसका प्राइस हो

3:57जाएगा P2 मैं मान लेता हूं दूसरे वाला गुड

3:59जो है वो ₹20 का है और

4:04Y क्या होता है इको में माइक्रोइकोनॉमिक्स

4:06में भी याद रखना मैक में भी बेटा Y का

4:08मतलब होता है फ्रॉम इनकम

4:11इनकम से मैं मान लेता हूं कंज्यूमर की जो

4:14इनकम है या जो इसका बजट है वो है ₹100 का

4:18अब

4:21तीन चीजें मैंने बनवाई आपको यहां पर 2

4:23मिनट के लिए कि मान लो इसका बजट जो है या

4:25इनकम जो है वो ₹100 की है। एक गुड पहला

4:28गुड ₹10 का है। दूसरा गुड ₹20 का है। इतनी

4:30बात दो मिनट के लिए मान लो। अब हम एक टेबल

4:34चला के देखते हैं। इतनी बात याद रखना भाई।

4:36पहले वाला गुड कितने का था? दूसरे वाला

4:38कितने का था? और इनकम कितनी थी। अब

4:42एक टेबल बनाते हैं।

4:46गुड x की यूनिट्स, x1 जो था ना उसकी

4:49कमोडिटीज कितनी x1 ली इसने?

4:53कितनी इसने x2 की यूनिट्स खरीदी

4:56और इसका इनकम कितनी थी?

5:02और इसकी बजट लाइन कैसे बनेगी?

5:06बजट इक्वेशन कैसे बनेगी? अब देखते हैं

5:08जरा। बेटा दो चार बातें याद रखो दोबारा

5:11से। ये देखो

5:13P1 कितने का माना था? ₹10 का। यह मत

5:16भूलना। या मैं इसके ऊपर 10 लिख देता हूं

5:17जिससे याद रहेगा ये ₹10 का आता है। और गुड

5:19X2 कितने का आता है? ₹20 का। और इन भाई जी

5:23की इनकम या बजट कितना है? ₹1 ₹100।

5:28अब लेट्स सी।

5:31अगर यह बंदा यह एक चीज फिक्स है भाई कि

5:33इसका जो बजट है ना यह ₹100 है। जो मर्जी

5:37कॉम्बो बना लो भाई जो मर्जी कॉम्बो औकात

5:39नहीं पार करनी बस ना ना ना ना औकात नहीं

5:41पार करनी भाई जो रेंज है वो रहेगी

5:49अब

5:52₹100 का बजट बोल दिया ना तो ₹100 का बजट

5:54रहेगा टेबल मैं नहीं कह रहा तुम बनाओ खुद

5:57ही बनेगा अभी देखना

6:00दो चार कॉम्बोस बना के देखते हैं

6:02क्या-क्या हो सकता है। मान लीजिए इस बंदे

6:04की जगह आप हो। आप ₹100 लेकर किसी दुकान पर

6:07गए। दो चीजें हैं वहां x1 और x2। पहली चीज

6:10₹10 की है। दूसरी 20 की है। क्या-क्या

6:12ऑप्शंस बैठते हैं? एक ऑप्शन बेटा अगर आप

6:1610 की 10 यूनिट्स x1 की खरीद लो। क्या x2

6:20खरीदने के पैसे बचेंगे? x1 कितने का था?

6:23₹10 का। 10 * 10 ₹100 आपके क्या हो गए?

6:27खत्म। x2 खरीदने के पैसे ही नहीं बचेंगे।

6:30तो 0 x2 रहेगा आपका तो आपके ₹100 पूरे

6:33खर्च हो जाएंगे। कैसे? ये देखो बजट

6:36इक्वेशन क्या थी? अभी-अभी ऊपर आपने याद

6:38करी थी ना p1 x1 + p2 x2 <= y तो p1 क्या

6:44था? पहले गुड का प्राइस 10 इंटू x1 कितनी

6:48यूनिट्स खरीद रहे हो आप x की? 10

6:53प्लस p2 कितना था? दूसरे गुड का प्राइस 20

6:58दूसरा गुड खरीद पा रहे हो? नहीं खरीद पा

7:01रहे। लेस < = 100 10 + 0 <= 100 ये

7:07इक्वेशन होती है। माइंड में भी चला सकते

7:09हो। दूसरा केस देखो। अगर मैं उस दुकान पर

7:14x1 सिर्फ आठ खरीदूं। कितने रुपए चले

7:17जाएंगे फिर मेरे बजट में से? 8 * 10 ₹80

7:20मेरे पे कितने रुपए बचेंगे? ₹20 उस ₹20

7:23में मैं x2 की एक यूनिट खरीद सकता हूं।

7:25क्योंकि x2 कितने का है?

7:27₹20 का इक्वेशन कैसे बनेगी देखो जरा

7:36इक्वेशन क्या है बजट की p1 x1 ना गुड वन

7:40का प्राइस तो 10 ही है इस बार x1 कितना

7:42खरीद रहे हैं हम आठ प्लस p2 x2 p2 कितना

7:46था ₹20 का दूसरे गुड का प्राइस और इस बार

7:49वो कितना खरीद रहे हैं हम वन देखना 10 * 8

7:52= 80 + 20 हो गया फिर से 100 या तो 100 तक

7:55या 100 से कम

7:57तीसरी देखो। चलो अगर मैं यहां पर x1 की छ

8:01यूनिट्स खरीदूं। ₹10 का x1 आता है। सिर्फ

8:05छ यूनिट्स खरीदूं। कितने रुपए चले गए? 10

8:07* 6 = 60। अब मेरे पास x2 खरीदने के लिए

8:11दो यूनिट्स खरीदने के पैसे बचेंगे। x2

8:13कितने का था? ₹20 का। 20 * 2 = 40। ये बनी

8:18बात। एक और एग्जांपल। अगर मैं यहां पर x1

8:22की सिर्फ चार यूनिट्स खरीदूं तो यार 10 p1

8:26* x1 होता है ना तो 10 * 4 = ₹40 चले गए।

8:29फिर होता है p2 * x2

8:32इतनी x2 की यूनिट्स मैं खरीद सकता हूं कि

8:35मेरा बजट पूरा हो जाए शायद से तीन। क्यों

8:39भाई? 10 * 4 = 40 20 * 3 = 60 तीन यूनिट्स

8:42आ जाएंगी इसकी। फिर अगर मैं मान लो सिर्फ

8:45x1 की दो ही यूनिट्स खरीदता हूं। ₹10 का

8:47था ना x1 10 * 2 ₹20 चले गए मैं y चार

8:51खरीद पाऊंगा फिर जो ₹20 का था तो भी देखो

8:54बजट क्या रहा 10 * 2 = 20 20 * 4 = 18 100

8:59या 100 से कम ही रहा और अगर लास्ट केस मैं

9:02x ही नहीं खरीदता पांच के पांच y की

9:05यूनिट्स ही खरीद लेता हूं तो भी मेरा बजट

9:07मेंटेन रहेगा भाई ₹10 का x1 था मैंने एक

9:10भी नहीं खरीदा और ₹20 का जो x2 था मैंने

9:13पांच के पांच वही खरीद लिए तो भी मैं अपने

9:16बजट में रहूंगा तभी भाई ये ऐसी इक्वेशन

9:18बनती है। दैट इज द ओनली एंड ओनली रीज़ ऐसी

9:21इक्वेशन बनने का।

9:23ठीक है भाई? इसको एक बार आप नोट करना अपने

9:26पास।

9:31ऐसा नहीं है कि सिर्फ ये स्लाइड नोट

9:33करोगे। वो भी करोगे भाई। ये इसके बारे में

9:35थोड़ा समझा रखा था। ये ग्राफ बना लेना। और

9:39फिजिबल अटेनेबल कॉम्बो कौन से हैं जो इस

9:42लाइन के अंदर-अंदर है।

9:45और जो बाहर वाले हैं वो नॉन अटेनेबल

9:47रहेंगे। भाई

9:50सिंपल बात है यार। ये तो कहानी है। एट द

9:53एंड सिंपल एग्जांपल आपको दिया है। ये

9:55देखना एक बारी।

9:58ये देखो एक बारी। अगर मैं आपको कहूं

10:00दिवाली की शॉपिंग करनी है आपने। आपके घर

10:03वालों ने आपको बजट दे दिया ₹2000 का। घर

10:06वालों ने आपको देकर भेजे ₹2000 या तो ₹00

10:09तक पटाखे आएंगे या ₹2000 के अंदर आएंगे।

10:12मैं मैक्स मान के चलता हूं ₹2000। अब भाई

10:14आपकी मर्जी है। चाहे तो 2000 के 2000 का

10:17एक ही पटाखा फोड़ दो पॉल्यूशन फ्री। समझ

10:21गए? समझ गए? एक ही पटाखा फोड़ दो।

10:23पॉल्यूशन फ्री दो के 2000 का। या फिर भाई

10:26आप 2000 में वैरायटी ऑफ़ पटाखे फोड़ो।

10:31आप उस 2000 के अंदर-अंदर वैरायटी ऑफ़ पटाखे

10:33फोड़ो। एग्जांपल के तौर पे मान लेता हूं

10:36मैं कि

10:38₹500 का डब्बा आया

10:41बड़े वाला रॉकेट का। आपने एक डब्बा रॉकेट

10:45का खरीद लिया। 500 * 1 ₹500 यहां चले गए।

10:48ठीक है? ₹400 का डब्बा आया

10:52गंगा जमुना का। मान लो आपने दो खरीद लिए।

10:55400 * 2 ₹800 यहां चले गए।

10:58₹300 की फुलझड़ी आई। आपने

11:02एक खरीद ली। ₹300 यहां चले गए। ठीक है? और

11:08लेट इट बी ₹250 के आलू बम आए।

11:13आपने एक खरीदा। ₹250 यहां चले गए। देखना

11:16कितने पैसे बचे। अब यार

11:20300 550 ₹150 1850 ₹150 बचे। उस ₹150 तक

11:26के आप एक पूरी लड़ी मुर्गा छाप के लिए आए।

11:30अब इन सारे ही एग्जांपल्स के अंदर एक चीज

11:32आप अगर गौर फरमाएं

11:35आपने यह सब करके अपना वो बजट पूरा कर दिया

11:38भाई 150 250 300 800 500 अपना वो 2000

11:44वाला वो स्लैब मेंटेन कर लिया अलग-अलग

11:46कॉम्बोस ही तो खरीदे कि आपका जो बजट था आप

11:48उसके अंदर रहे हो भाई ये चीज होती है अब

11:51चाहते तो आप 2000 का एक ही अब जरूरी थोड़ी

11:54है मान लो दो चार बच्चों को सबको यही बजट

11:55मिला है अपने घर से दिवाली के पटाखों का

11:57अब हो सकता था भाई कोई बंदा बंद ऐसा करता

12:01वो कहता मैं क्या करूंगा एक बारी के पटाखे

12:03फोड़ के 2000 का सीधा एक साइलेंट पटाखा

12:05फोड़ता हूं। उसने कोई एक और पटाखे खरीदे

12:08नहीं। ऐसा भी हो सकता था। या फिर दूसरा

12:11एग्जांपल

12:13वो बच्चे ने क्या करा? ₹2000 थे।

12:18उसने क्या करा? सिंपल कहानी। मान लो उसको

12:21अ लेट इट बी। उसने दिमाग लगाया आलू बम भी

12:25फटता है और अनार से वह निकलता है क्या

12:28कहते हैं चिंगारियां निकलती है मैं इसकी

12:30जगह सीधा गंगा जमुना वाला जो पटाखा आता है

12:33वो खरीदूंगा उसमें दोनों का काम हो जाता

12:35है उसमें से पहले अनार निकलता है और फिर

12:37बाद में फटता भी है गंगा जमुना का मान लो

12:40प्राइस जो है वो आ रहा है लेट इट बी ₹500

12:43का आ रहा है यह इसने कहा भाई मैं अलग-अलग

12:46क्या लूंगा ऐसा करता हूं ₹500 का है ना

12:49सीधा तीन बॉक्स गंगा जमुना के खरीद लो

12:52500 * 3 ₹1500 तो उसने बजट में से यही

12:56खर्च लिए और बाकी अलग वैरायटी के लिए उसने

12:59क्या करा बाकी उसने क्या करा भाई लेट इट

13:03बी उसने फुल जोड़ी खरीद ली फुल जड़ी

13:08जो मान लो लेट इट बी एग्जांपल के तौर पे

13:11वो ₹250 की थी x2 दूसरी चीज जो थी 250 की

13:15थी इसने क्या करा इसने 250 की दो डब्बी

13:18फुल छड़ी की ले ली 500 1500 और 500 मिलके

13:22इसका बजट कंप्लीटेड रहा। ये चीज होती है

13:24भाई। दैट्स इट। एक बार इसके नोट्स बनाना।

13:27आगे भी कंटिन्यू करेंगे इसे।

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