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0:00हेलो 12th क्लास हमने लास्ट क्लास के अंदर
0:03बिजनेस के अंदर ऑनलाइन में पढ़ा था कि
0:05ऑटोक्रेटिक डेमोक्रेटिक और लेजिस्फेयर का
0:07डिफरेंस। ठीक है? एक बार भाई इस वीडियो को
0:10आगे चलाने से पहले जिन बच्चों ने वो
0:12वीडियो नहीं देखी है या भूल गया थोड़ा सा
0:14छोटी सी वीडियो है एक बार उसको जरूर
0:16देखिए। क्योंकि अब इसी डिफरेंस को हम
0:19लॉन्ग पॉइंट ऑफ व्यू से पेपर में कैसे लिख
0:21सकते हैं? इवन अगर कोई कॉलेज का बच्चा इस
0:24वीडियो को देख रहा है ना तो वो अपने कॉलेज
0:26के अंदर सेम आंसर लिख के आ सकता है। कॉलेज
0:28के हिसाब से लिखा हुआ आंसर है। नंबर नहीं
0:30कटेंगे भाई। एक दो
0:33तीन चार पांच छ सात आठ नौ पॉइंट्स है भाई।
0:40और मेरिट डिमैरिट के तो अलग बतेरे पॉइंट्स
0:42बन जाते हैं भाई। नौ 10 पॉइंट्स का एक
0:44प्रॉपर थ्योरी डिफरेंस है। इसमें हम एक
0:46बार कवर करेंगे और पुराना कांसेप्ट भी
0:48क्या होगा बेटा? रिवाइज हो जाएगा। अब
0:52लीडरशिप में तीन तरह के स्टाइल्स है।
0:54ऑटोक्रेटिक, डेमोक्रेटिक और लेजिस्फीयर।
0:56लेजिस्फीयर को फ्री रेन भी बोला जाता है।
1:01शॉर्ट में क्या होता था भाई? ऑटोक्रेटिक
1:03में वन मैन शो चलता था। लीडर ही सारी गेम
1:05चलाता है। भाई जो लीडर बोलेगा वो होगा।
1:09ये देखो लीडर सिर्फ वन वे कम्युनिकेशन कर
1:12रहा है। ऑर्डर्स पास कर रहा है ए को, बी
1:14को, सी को। डेमोक्रेटिक में प्रॉपर
1:16डिस्कशन होगी। सारे लोग आपस में डिस्कस
1:18करते हैं। लीडर से डिस्कस करते हैं। और जब
1:21आपके एम्प्लाइजस बहुत ट्रेंड हो जाते हैं।
1:23बहुत स्किल्ड हो जाते हैं तो उनको लीडर
1:25अकेला छोड़ देता है कि आप अपने हिसाब से
1:27करो। कभी कोई प्रॉब्लम हुई तो मेरे पास
1:29आना। अब आप इतने भी बेवकूफ नहीं रह गए कि
1:32आपको समझाया जाए वो चीज।
1:38अब
1:41मेजर पॉइंट है मीनिंग का। प्रॉपर पेपर में
1:43मीनिंग कैसे लिख सकते हो? ऑटोक्रेटिक
1:45स्टाइल के अंदर जो लीडर है वो सारा शो खुद
1:48से चलाता है। अंडर द स्टाइल द लीडर रंस ऑल
1:51द शो बाय हिमसेल्फ। सारी गेम क्यों चलाता
1:54है। डेमोक्रेटिक के अंदर
1:58जो लीडर है वो सब कुछ डिस्कस करता है अपने
2:01सबोर्डिनेट्स के साथ। सबोर्डिनेट्स मतलब
2:03उसके जूनियर, उसके एम्प्लाइज उनके साथ सब
2:05कुछ डिस्कस करता है। कोई भी डिसीजन लेने
2:08से पहले अंडर दिस स्टाइल द लीडर डिस्कसेस
2:12विद ह सबोर्डिनेट्स बिफोर मेकिंग फाइनल
2:15डिसीजन। और जो फ्री रेन एललेजिस इस स्टाइल
2:19के तहत लीडर उन्हें कंप्लीट फ्रीडम देता
2:20है अपने सबोर्डिनेट्स को। अंडर दिस स्टाइल
2:23द लीडर गिव्स कंप्लीट फ्रीडम टू ह
2:26सबोर्डिनेट्स।
2:29अगला पॉइंट आता है बेटा सूटेबिलिटी किसका?
2:32सूटेबिलिटी ऑटोक्रेटिक स्टाइल कब सूटेबल
2:34है? डेमोक्रेटिक स्टाइल कब सूटेबल है?
2:36फ्री रेंज स्टाइल कब सूटेबल है? यार
2:38ऑटोक्रेटिक स्टाइल कब सूटेबल है? व्हेन
2:40सबोर्डिनेट्स आर अनस्किल्ड अनएक्स्ड या
2:44अनएटेड कि जब आपके जो एम्प्लाइज है,
2:46जूनियर्स है उनके पास स्किल्स नहीं है।
2:49उनको नॉलेज नहीं है, अनएजुकेटेड है। वो
2:51काम की नॉलेज नहीं है। तो ये वाला स्टाइल
2:54यूज़ किया जाता है। डेमोक्रेटिक स्टाइल तभी
2:56होगा भाई? जब सबोर्डिनेट्स इगर टू डिस्कस
2:58होंगे। जब सबोर्डिनेट्स भी उत्सुक होंगे
3:01भाई वो सीख रहे हैं काम डाउट्स आ रहे हैं
3:03पूछ रहे हैं डिस्कस कर रहे हैं और जब
3:06सबोर्डिनेट्स हाईली स्किल्ड हो जाते हैं
3:07और एक्सपीरियंस हो जाते हैं तो लीडर को
3:09उनके ऊपर एक डंडा ले घूमने की जरूरत नहीं
3:11होती भाई तब ये वाला स्टाइल अडॉप किया
3:14जाता है
3:16कम्युनिकेशन
3:19भाई लीडरशिप के अंदर ऑटोक्रेटिक स्टाइल
3:21में तो आपने देखा वन वे कम्युनिकेशन हो
3:23रही है देयर इज वन वे कम्युनिकेशन दैट इज
3:27जो ऑर्डर्स वो लीडर से उसके सबोर्डिनेट्स
3:30तक जाते हैं। देयर इज वन वे कम्युनिकेशन
3:32दैट इज द ऑर्डर्स फ्लोस फ्रॉम लीडर टू
3:35सबोर्डिनेट।
3:37डेमोक्रेटिक स्टाइल में देखो भाई कितनी
3:39ओपन बातचीत है। सारे एक दूसरे से भी बात
3:41कर रहे हैं और लीडर से भी बात कर रहे हैं।
3:43तो ओपन कम्युनिकेशन होती है। ओपन
3:46कम्युनिकेशन। खुली कम्युनिकेशन लीडर और
3:49उसके सबोर्डिनेट्स में। देयर इज़ ओपन
3:51कम्युनिकेशन बिटवीन द लीडर एंड द
3:53सबोर्डिनेट्स। और लेजिस्फियर या फिर फ्री
3:56रेंज जिसको बोलते हैं। इसके अंदर लीडर
3:59इन्हें अकेला छोड़ देता है। सिर्फ
4:00सबोर्डिनेट्स आपस में एक दूसरे के साथ
4:02डीलिंग करते हैं।
4:05फ्री फ्लो ऑफ कम्युनिकेशन होता है। जो
4:07मर्जी सबोर्डिनेट जिस मर्जी से जैसे मर्जी
4:09बात करे लीडर से पूछने की जरूरत नहीं है।
4:12जब तक कोई प्रॉब्लम ना आए। इसके बाद बेटा
4:15एक ऑर्गेनाइजिंग चैप्टर का कांसेप्ट था
4:18डेलीगेशन ऑफ़ अथॉरिटी। जो बच्चे भूल गए हैं
4:20उन्हें दोबारा याद दिलवा देते हैं।
4:22डेलीगेशन ऑफ अथॉरिटी लिख लेना मार्जिन
4:25लाइन के ऊपर अथॉरिटी को अथॉरिटी यानी पावर
4:29को
4:33पावर को
4:37ट्रांसफर करना। पावर बांटना पावर को क्या
4:40करना? ट्रांसफर करना। अब
4:44क्या होता है भाई? डेलीगेशन ऑफ़ अथॉरिटी।
4:46ऑटोक्रेटिक स्टाइल के अंदर कोई डेलीगेशन
4:48नहीं होती। सारा मेजर काम लीडर अपने हाथ
4:51में रखते हैं। तभी तो लिखा था द लीडर रंस
4:53ऑल द शोभा हिमसेल्फ। सारे गेम खुद ही
4:55चलाता है।
4:58डेमोक्रेटिक [गला साफ़ करने की आवाज़] में
4:59थोड़ी बहुत डेलीगेशन हो जाती है। और फ्री
5:02रेन में तो मैं कहूंगा भाई कंप्लीट
5:03डेलीगेशन है। पूरी डेलीगेशन को
5:05डिसेंट्रलाइजेशन कहते हैं कि सारी पावर
5:07बांट चुके हैं सबोर्डिनेट्स के हाथ में।
5:09लीडर सिर्फ बैठा हुआ है कि अगर उन्हें कोई
5:13तकलीफ हो तो वह पूछ सकते हैं। इसके बाद है
5:16नजर रखने की कितनी जरूरत है? क्योंकि आज
5:18गंदी नजर की बात नहीं हो रही भाई।
5:19सुपरविजन की अपने एम्प्लाइज को ओवरसी करने
5:22की कितनी जरूरत है? कितनी डिग्री की
5:24रिक्वायरमेंट? तो ऑटोक्रेटिक स्टाइल में
5:27तो भाई अभी वो अनस्किल्ड है, अनएक्स है,
5:29अनजुकेटेड है। बहुत क्लोज सुपरविजन रखनी
5:32पड़ती है डेमोक्रेटिक में मॉडरेट मीडियम
5:35मतलब और फ्री रेन में बिल्कुल ना के
5:38बराबर। तो क्या लिखा हुआ है ऑटोक्रेटिक
5:41स्टाइल में? द लीडर नीड्स टू कीप वेरी
5:44क्लोज सुपरविजन ऑन एम्प्लई डेमोक्रेटिक के
5:48अंदर द लीडर कीप्स मॉडरेट। मॉडरेट मतलब
5:50मीडियम कंट्रोल एस पर द सिचुएशन और फ्री
5:54रेन के अंदर तो लीडर कीप्स ऑलमोस्ट वेरी
5:56लिटरल सुपरविजन। क्योंकि उसे पता है यार
5:58एम्प्लईस को काम आता है वो कर लेंगे। ये
6:00नहीं कि सारा टाइम उसके सर पे ही खड़े रह
6:03कि काम कर काम कर।
6:05भाई मोराल ऑफ एम्प्लई मोराल मतलब जो सेल्फ
6:08कॉन्फिडेंस अंदर से आएगा। ऑटोक्रेटिक
6:10स्टाइल में बहुत ही कम मोराल होता है
6:11क्योंकि वो प्रेशर में काम कर
6:14डेमोक्रेटिक स्टाइल में मोराल बढ़ता है
6:16क्योंकि भाई वो डिस्कस कर रहे हैं सब कुछ
6:19अपने डाउट्स क्लियर कर रहे हैं और हाईएस्ट
6:21मोराल किसी को तब मिलता है जब उस पे सारी
6:23पावर हो। फ्री रेन में एम्प्लई को खुली
6:25छूट दे रखी होती है। उनके पास हाईएस्ट
6:28लेवल ऑफ मोटिवेशन हाईएस्ट मोराल होता है
6:30कि भाई हमें किसी का कोई डंडा नहीं है। हम
6:32अपनी मर्जी से जो करेंगे करेंगे।
6:34सबके अपनेप फायदे अपने नुकसान है।
6:37ऑटोक्रेटिक स्टाइल के फायदे हैं। मेरिट्स
6:39एनी प्लस पॉइंट्स
6:44कि जल्दी से डिसीजन लिया जाता है। फिर भी
6:46सारे डिसीजन लीडर ने लेने हैं। टाइम बहुत
6:49बच जाता है। डेमोक्रेटिक के फायदे हैं।
6:51शांति बनी रहती है और एम्प्लईस का मोराल
6:53बढ़ता है और इसका फायदा मेजर है भाई। एक
6:56तो हाईएस्ट मोराल होता है और एम्प्लाइज का
6:58सेल्फ कॉन्फिडेंस बहुत बढ़ता है क्योंकि
6:59वो सब कुछ ठीक से कर रहे होते हैं। सबके
7:01अपनेप नुकसान भी है भाई।
7:05ऑटोक्रेटिक स्टाइल का नुकसान है भाई
7:07ज्यादा टाइम आप मोटिवेट नहीं रह सकते जब
7:08आपके ऊपर डंडा रहेगा एम्प्लाइज रेिस्ट
7:12करते हैं यार किसी भी ह्यूमन बीइंग को
7:13कंट्रोल होना नहीं पसंद अगर कोई उसका बॉस
7:16उसका मैनेजर उसको 24 घंटे कंट्रोल कर रहा
7:18है तो बट वो रेिस्ट करेंगे उस चीज को
7:21रेिस्ट मतलब रेजिस्टेंस का मतलब क्या होता
7:23है भाई रोकने का प्रयास करना रेजिस्टेंस
7:27रेफर्स टू
7:32रोकने का
7:34डेमोक्रेटिक का नुकसान है भाई अगर सब कुछ
7:36लीडर डिस्कस करेगा तो टाइम बहुत लगेगा और
7:39डिसीजन मेकिंग में डिले हो जाएगा
7:41जब बिल्कुल ही खुला छोड़ दिया जाता है
7:44एम्प्लाइज को उसमें कोपरेट करना बहुत
7:46डिफिकल्ट होता है क्योंकि हर कोई प्रधान
7:47है भाई सबको काम आता है ये सिर्फ स्किल्ड
7:50एम्प्लईस के लिए हो सकता है ना तो ये
7:52डिफरेंस 8 मिनट की जो वीडियो है इसको
7:54अच्छे से करिए जो भी डाउट्स है मैसेज करके
7:57पूछिए ठीक है बेटा