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0:07हेलो 12th क्लास। इस वीडियो में हम डिस्कस
0:10करेंगे डायरेक्टिंग चैप्टर का वन ऑफ द
0:12मोस्ट इंपॉर्टेंट टॉपिक दैट इज लीडरशिप
0:15स्टाइल्स। एक अच्छा लीडर कैसे माना जाता
0:18है? लीडरशिप के स्टाइल्स क्या-क्या होते
0:21हैं? यानी तरीके क्या-क्या होते हैं?
0:23किस-किस प्रकार से आप लीडर बन सकते हो?
0:25बेटा याद रखना लीडर वो इंसान है जो
0:30अपने सबोर्डिनेट से जो अपने फॉलोअर्स से
0:33कुछ भी करवा ले मतलब इस तरीके से उनसे काम
0:36करवाए कि उनको लगे भी ना एक तरीके से कि
0:39हमारे ऊपर कोई प्रेशर है और वो काम करें।
0:41ठीक है? जो लोगों को इन्फ्लुएंस करें
0:44कायदे से जस्ट अ सेकंड
0:48जो आपने देखा होगा Instagram पे भी इतने
0:50सारे इन्फ्लुएंसर्स हैं। यह एक तरीके से
0:53एज अ लीडर ही तो एक्ट कर रहे हैं। लीडर्स
0:56का काम ही यही है लोगों को इन्फ्लुएंस
0:58करना।
0:59जरूरी नहीं है वो इनफ्लुएंस बैड ही हो फॉर
1:02अ गुड कॉज भी हो सकता है वो कि भाई जो
1:04लीडर ने कहा वो उसके फॉलोअर्स वो उसके
1:06सब्सक्राइबर्स वो कर रहे हैं जो वो जो
1:09उसके टीम मेंबर्स है वो कर रहे हैं और
1:13मैनेजमेंट में इसका क्या काम है भाई एक
1:15अच्छे मैनेजर को एक अच्छा लीडर होना बहुत
1:17जरूरी है भाई एक अच्छा लीडर एक अच्छा
1:20मैनेजर बन सकता है मैनेजर के लिए तो मस्ट
1:22स्किल है भाई क्योंकि उसको लोगों से काम
1:25करवाना है
1:27लोगों को उसकी उसकी बात फॉलो कर करवानी है
1:30वो उसको कि लोग उसके जो टीममेट्स हैं जो
1:32उसके सबोर्डिनेट्स है जो उसके एम्प्लाइज
1:34है वो वो बात फॉलो करें जो लीडर चाह रहा
1:37है। ठीक है कायदे से अगर आप देखिए इवन कोई
1:42लेट इट बी कोई मंत्री भी है यार तो ही और
1:44शी इज़ आल्सो इवन अ लीडर नहीं समझ आया तो
1:47एक एग्जांपल से देखते हैं। जब कोरोना
1:49वायरस आया लॉकडाउन लगा हमारे लीडर ने चलो
1:52लॉकडाउन वाज़ समथिंग स्ट्रिक्ट कि घर में
1:55बैठना है दैट्स फेयर इनफ बट जब हमारे लीडर
1:58ने हमारे देश के प्रधानमंत्री ने बोला कि
2:01ताली बजाओ तो लोगों ने बजाई ना थाली बजाओ
2:05तो थाली बजाई घंटियां बजाओ तो घंटियां
2:07बजाई ठीक है कोई ऑफेंस नहीं है बट जो लीडर
2:12ने बोला लोगों ने करी ना वो बात ऐसी बीच
2:14में मेरे ख्याल किसी दिन कुछ ऐसा हुआ था
2:17कि रात को दिए जलाने है तो लोगों जलाई थी
2:19वो वाला सिनेरियो है भाई कि लीडर अपने
2:23सबोर्डिनेट से अपने फॉलोअ से काम करवाना
2:26जानता है वो अब लीडरशिप के तीन स्टाइल्स
2:29होते हैं भाई काफी हो गया इंट्रोडक्शन
2:32बहुत इंपॉर्टेंट है टॉपिक ऑटोक्रेटिक
2:35लीडरशिप डेमोक्रेटिक लीडरशिप और थर्ड का
2:38नाम है लेजिस्फेयर जिसको फ्री रेन भी बोला
2:41जाता है। अब शॉर्ट में बेटा ऑटोक्रेटिक ना
2:45बिल्कुल डिक्टेटरशिप की तरह होता है। जरा
2:47आप सिर्फ और सिर्फ यह वाला डायग्राम
2:49देखिए। यह जो डायग्राम मैं सर्कल में
2:51मार्क कर रहा हूं, यह डायग्राम देखो।
2:52सिर्फ इस वाले को बाकी छोड़ो। छोड़ो नहीं।
2:55इन डायग्राम्स में क्या हो रहा है? एक
2:58लीडर है वन वे एरो जा रहे हैं एबी सी की
3:01तरफ। जो ये बोल रहा है वो एबी सी फॉलो
3:04करेंगे। ठीक है? ऑटोक्रेटिक स्टाइल में
3:06क्या होता है? अंडर दिस स्टाइल, द लीडर
3:09रंस ऑल द शो बाय हिमसेल्फ। सारा शो लीडर
3:12ही चलाएगा। सारी उसकी मर्जी चलेगी। और
3:15एरोस देख के बेटा पता लग रहा है। लीडर
3:18इनकी तो सुन ही नहीं रहा ना। बस इनको
3:20ऑर्डर दे रहा है। ये देखो एरोस से पता लग
3:22रहा है। तो कम्युनिकेशन में भी क्या लिखा
3:24हुआ है? वन वे।
3:27कोई यहां पर डेलीगेशन ऑफ़ अथॉरिटी नहीं
3:29होती। सारा का सारा काम लीडर बताता है।
3:31इन्हें बस करना होता है। और ये वाला
3:33स्टाइल बेटा कब सूटेबल है? जब
3:35सबोर्डिनेट्स यानी आपके जो फॉलोअर्स हैं
3:38वो अनस्किल्ड हो, अनडिसिप्लिंड हो,
3:40अनएजुकेटेड हो, अनट्रेंड हो तब सूटेबल
3:43रहता है ये वाला स्टाइल कि बिल्कुल उनको
3:45स्पून फीडिंग करने की जरूरत है। हाथ पकड़
3:47के लिखवाने की जरूरत है। वो वाला
3:49सिनेरियो।
3:50ऐसे में एंप्लाइजस का मोराल काफी कम होता
3:53है क्योंकि उनको लगता है हम अपनी मर्जी से
3:54तो कुछ कर ही नहीं पा बस जो लीडर बोल रहा
3:56है वो करना पड़ रहा है और क्योंकि
3:59एंप्लाइजज़ अनस्किल्ड है, अनडिसिप्लिंड है
4:01तो बहुत क्लोज सुपरविज़न भी रखनी पड़ती है।
4:04एग्जांपल के तौर से आपने भी ये फज़ अपनी
4:07लाइफ में कहीं ना कहीं एक्सपीरियंस करा
4:08है। मैं बताता हूं कहां बेटा? जिस टाइम पर
4:11आप लोगों ने जस्ट पढ़ाई स्टार्ट करी थी। उस
4:14टाइम पर पता है आज की डेट में उतना चैलेंज
4:17नहीं है जितना आपके लिए उस टाइम पर था। आज
4:20आपको कम से कम पता है। अब आज आपको मैं
4:22बोलूं कि अपनी नोटबुक पर लिखो टू तो यू
4:25कैन राइट टू। आपको बोलूं लिखो फाइव तो आप
4:27फाइव लिख दोगे। आपको कहूं कि वन से 100 की
4:29गिनती लिखो। आप वो लिख दोगे। जिस टाइम पे
4:31आपने पढ़ाई लिखाई स्टार्ट करी थी ब्रो।
4:35उस टाइम पर एक बार याद रखो आपके जो
4:38प्राइमरी स्कूल्स थे वहां पर जो आपके
4:40टीचर्स हुआ करते थे। ठीक है? वो क्या करते
4:42थे? सारा शो खुद से ही तो चलाते थे।
4:44उन्होंने ही डिसाइड करना है क्या करना है।
4:46आपकी कोई सलाह नहीं ली जाती थी। ऐसा क्यों
4:49भाई? क्योंकि यार आप अनस्किल्ड थे। आपको
4:51एबी सी नहीं पता थी ना तब कोई अकल नहीं।
4:53सही बात है। ना एजुकेशन कोई ना आप लोगों
4:56को आपके पास कोई ट्रेनिंग ना कोई
4:58डिसिप्लिन ना कोई स्किल थी। तो ऐसे केस
5:00में आपका मोराल भी थोड़ा कम रहता था कि
5:03बच्चे याद करो छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते
5:05हुए रोते थे। क्योंकि अंदर से पता होता था
5:07कि वहां जाके कौन सी हमारी चलनी है। जो
5:09टीचर बोले कि जो सर बोलेंगे वो करना
5:11पड़ेगा। और टीचर सारा टाइम आपके सर पर ही
5:14खड़े रहते थे। बहुत क्लोजली आपको आपके काम
5:16पे नजर रखते वेरी क्लोज सुपरविजन रखनी
5:18पड़ती थी। आपका खुद का मोराल बड़ा कम होता
5:21था। उस टाइम पर आप लोग अनस्किल्ड थे,
5:23अनडिसिप्लिंड थे, अनएजुकेटेड थे।
5:25डिसिप्लिन तो खैर चलो आज भी बट कोई बात
5:27नहीं। आपसे वो कोई काम नहीं। आपसे उम्मीद
5:29रखते थे। बस आपको बता देते थे क्या करना
5:31है। और वन में कम्युनिकेशन होती थी। आप
5:34कुछ बोलो भी तो वो सुनेंगे थोड़ी। अब
5:36इमेजिन करो। आप किसी नर्सरी के बच्चे को
5:39सिखा रहे हो कि वन ऐसे लिखना है या फिर
5:41ऐसे लिखना है। आगे से वो कह रहे हैं मैं
5:44एकदम मैदम ऐसे ही लिख लूं। तो तुम चांटे
5:46मारोगे ना तेरी ऐसी की तैसी ऐसे कैसे लिख
5:48लूं भाई आप उसकी सुनोगे ही नहीं ना वन वे
5:51कम्युनिकेशन होगी सारी तो क्या होता है
5:54भाई ऑटोक्रेटिक स्टाइल में लीडर सारा का
5:56सारा शो खुद से चलाता है ऑल द शो बाय
5:59हिमसेल्फ लीडर रंस ऑल द शो बाय हिमसेल्फ
6:02वन वे कम्युनिकेशन होती है कोई डेलीगेशन
6:05नहीं होती कोई अथॉरिटी का ट्रांसफर नहीं
6:07होता तब सूटेबल रहता है जब सबोर्डिनेट्स
6:09अनस्किल्ड हो अनडिसिप्लिंड हो अनएजुकेटेड
6:12हो
6:13एम्प्लाइजस का मोराल थोड़ा कम रहता है
6:17और एम्प्लाइज पर बहुत क्लोज सुपरविज़ रखनी
6:20पड़ती है।
6:23अब
6:26अगर मैं कंपनी के पॉइंट ऑफ व्यू से बात
6:27करूं तो ये वाला स्टाइल कब सूटेबल है? मान
6:30लो एक नई प्रोसेस स्टार्ट हो रही है।
6:32कोई नई प्रोसेस स्टार्ट हुई है। कोई नए
6:35टाइप की आपने फील्ड एंटर करी है और
6:41उसके लिए मान लो 20 लोगों को आपने बुलाया।
6:4520 लोग हायर हो गए। 20 लोगों की अब
6:47ट्रेनिंग करनी है। उनमें से किसी को ए बी
6:48सी भी नहीं पता। तो भाई अगर आप ट्रेनर हो,
6:51आप मैनेजर हो, आप ट्रेनर हो तो सारी आपकी
6:53मर्जी चलेगी ना। इस टाइम पे आप उनकी सजेशन
6:55नहीं ले सकते। आप उन्हें वन वे
6:57कम्युनिकेशन करोगे। वो उसके नोट्स
6:58बनाएंगे, पढ़ेंगे, लिखेंगे, समझेंगे वो
7:00चीज। जब तक उन्हें काम नहीं आता, आप उनसे
7:03कोई ज्यादा उम्मीद भी नहीं रखोगे। और कब
7:05सूटेबल है जब उनको उस चीज की नॉलेज नहीं
7:07है। वो अनस्किल्ड है, अनडिसिप्लिंड है या
7:10अनएजुकेटेड है। उस पर्टिकुलर काम के बारे
7:12में उन्हें ए बी सी भी नहीं पता। ऐसे में
7:14उनका मोराल लो रहेगा क्योंकि उनको वो चीज
7:16किसी भी ह्यूमन को कंट्रोल होना नहीं पसंद
7:18भाई। उनको होगा कि ये तो अपनी मर्जी चला
7:19रहा है और बहुत क्लोज उन उस ट्रेनर को
7:22आपके ऊपर नजर रखनी पड़ेगी। ये ऑटोक्रेटिक
7:25स्टाइल होता है। नेक्स्ट आ जाते हैं बेटा
7:28डेमोक्रेटिक स्टाइल। डायग्राम देखना कितना
7:29प्यारा डायग्राम है। जहां फुल डेमोक्रेटिक
7:32एनवायरमेंट है। हर कोई हर एक से कंसल्ट कर
7:35रहा है। ये देखो कितना प्यारा डायग्राम
7:37है। बीच में लीडर
7:42ठीक है? बीच में लीडर बना रखा है। ये
7:44देखना अभी
7:47ये लीडर है और ये A, B, C और D
7:52सबोर्डिनेट्स हैं। और ये लोग आपस में भी
7:55कम्युनिकेट कर रहे हैं। देखो B C से बात
7:57कर रहा है। C B से बात कर रहा है। A B से
8:00कम्युनिकेट कर रहा है। B A से कम्युनिकेट
8:02कर रहा है। A और D आपस में बात कर रहे
8:05हैं। D और C आपस में बात कर रहे हैं। आपस
8:08में भी ये लोग एक दूसरे से कंसल्ट कर रहे
8:10हैं। अलोंग विद दैट देखो यह लीडर के साथ
8:13भी बातचीत टू वे हो रही है। दोनों तरफ के
8:14एरो है भाई ऐसे
8:17ये डेमोक्रेटिक स्टाइल होता है लीडरशिप का
8:19डायग्राम बहुत जरूरी है बनाना इसमें
8:22क्या होता है भाई यहां पर मीनिंग क्या है
8:26इस स्टाइल के अंदर लीडर डिस्कस कर रहा है
8:28सब कुछ सबोर्डिनेट के साथ सबोर्डिनेट के
8:31साथ डिस्कस कर कम्युनिकेशन दिख रहा है हर
8:32तरफ टू वे एरोस है टू वे कम्युनिकेशन है
8:35और कुछ हद तक डेलीगेशन अथॉरिटी डेलीगेशन
8:37ऑफ़ अथॉरिटी होती है कुछ हद तक डेलीगेशन टू
8:40सम एक्सटेंट सूटेबल भाई तभी है जब
8:42सबोर्डिनेट स्किल्ड हो और बात करने के लिए
8:46बड़े उत्सुक हो। इगर टू डिस्कस हो कि
8:48डिस्कशन करने के लिए उत्सुक हो। तभी तो
8:49भाई बात करके मजा आएगा। मोराल एंप्लाइजज़
8:52का थोड़ा मॉडरेट रहता है। मीडियम सा रहता
8:54है और मॉडरेट सुपरविज़न की जरूरत है।
8:56मॉडरेट मतलब मीडियम। बहुत ज्यादा सुपरविज़न
8:58की भी जरूरत नहीं है। और ऐसे ही नहीं कि
9:00बिल्कुल ही छोड़ दिया क्योंकि अभी वो
9:01लर्निंग फेज में है। ये डेमोक्रेटिक
9:04स्टाइल होता है।
9:06अब
9:07लेजिस्फेयर या फ्री रेन। बेटा फ्री रेन
9:10नाम से याद रखना कि बिल्कुल ही अपने
9:11सबोर्डिनेट्स को खुला छोड़ दिया। एग्जांपल
9:14से समझो रियल लाइफ यार आप मैनेजर थे। आपने
9:1820 एंप्लाइजस को अपने अंडर ट्रेनिंग दी।
9:20अब उनको वो काम करते-करते 2 साल हो गए
9:24यार। 2 साल बहुत होते हैं। 2 साल डेली 8आ
9:27घंटे वो लोग वो काम कर रहे हैं। उन्हें
9:28बहुत अच्छे से आ गया काम। अब अब थोड़ी यार
9:31आप उन पे नजर रखोगे। उनको पता है उनके लिए
9:33क्या बेटर है क्या बेटर नहीं है। उनको
9:34बड़े अच्छे से काम करना आता है। अब वो
9:37क्या करते हैं? वो इतना सीख चुके हैं कि
9:39अब हम इतना ज्यादा उनके ऊपर डंडा लेके
9:41नहीं घूमेंगे। तलवार नहीं घुमाए उनके सर
9:43पे लटकाएंगे कोई। ठीक है? अब ऐसे केस में
9:46क्या है? उन्हें सारा काम आता है। हमने
9:47बोल रखा है यार 10:00 बजे से 6:00 बजे का
9:49टाइम है ऑफिस का। अगले 10:00 बजे सुबह आते
9:51हैं। वो ऑफिस का कल्चर है तो 10:00 बजे
9:53आना पड़ेगा। 6:00 बजे जाना पड़ेगा। आते
9:55हैं सबसे हाय हेलो करने में आधा घंटा लगा
9:58देते हैं। 10:30 हो गए। जी। अगर ऑफिस में
10:00ब्रेकफास्ट मिलता 11:00 बजे तक ब्रेकफास्ट
10:02कर लिया। 11:00 बजे स्मोक ब्रेक पर चले गए
10:05एम्प्लाइजस। स:15 बजे आए अपना लॉग इन करा।
10:0811:30 तक लॉग इन ही करते रह गए। बस 11:30
10:12बजे चाय मंगा ली। चाय पीने बैठ गए। एक आधी
10:14ईमेल वमेल देख ली। कितना काम आ रखा है।
10:1712:00 बजे बैठे। 12 से 1 में पिछले 3 घंटे
10:21का सारा काम खत्म कर दिया और अगले एकद
10:22घंटे का एडवांस कर दिया। 1:00 बजे फिर
10:24वेले बैठे बातें कर रहे हैं। 2:00 बजे लंच
10:26ब्रेक आ गई। चलो जी कोई बात नहीं। 3:00
10:29बजे लंच से आए। 3:00 से 4 में फिर सारा
10:31काम खत्म कर दिया। फिर वेले बैठे हैं। तो
10:33इसमें गलत क्या है यार? वो इस काबिल बने
10:35हैं ना कि वो अपना 8 घंटे का काम 2 घंटे
10:37में अगर कर रहे हैं तो फिर इसमें गलत भी
10:39क्या है? व्हाट्स रॉन्ग इन इट ना। ये
10:41लेजिस्फेयर स्टाइल होता है। देखो लीडर
10:44अकेला है। लीडर ने इनको खुला छोड़ रखा है।
10:47इसने कह रखा है अगर कोई दिक्कत हो सिर्फ
10:49तब मेरे पे आना। आपस में देखो किसी को कोई
10:52प्रॉब्लम प्रॉब्लम हो वैसे तो आएगी नहीं।
10:54आए भी तो आपस में एक दूसरे से बात करो। ए
10:56सी से बात कर ले। सी ए से बात कर ले। ए बी
10:59के साथ कम्युनिकेट करे। बी और डी आपस में
11:02करे और एक दूसरे से ऐसे ए और डी कर सकते
11:04हैं। आपस में एक दूसरे के साथ बातत करो।
11:06अगर कोई दिक्कत आई तो मेरे पास आना।
11:09बाकी आपको फुल फ्रीडम है। मीनिंग क्या है?
11:12अंडर द स्टाइल द लीडर गिव्स कंप्लीट
11:14फ्रीडम टू ह सबोर्डिनेट्स। लीडर कंप्लीट
11:17फ्रीडम दे देता है अपने सबोर्डिनेट्स को
11:19कि जो करना है जैसे करना है कर भाई। कोई
11:21दिक्कत नहीं। फ्री फ्लो ऑफ कम्युनिकेशन
11:23है। देखो कोई भी किसी से भी बात कर पा रहा
11:25है। ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे
11:27ओपन कम्युनिकेशन कह सकते हैं हम
11:30और ये बेटा गलती से यहां डेलीसिपेशन लिखा
11:33हुआ है। डेलीगेशन आएगा
11:36यहां पे ना बेसिस में ठीक लिखना क्योंकि
11:38हमारे पास एक खास बच्ची है ना कीर्तिका जो
11:40तो लिखती ही सही को भी गलत है। तो गलत को
11:42तो बेसिस में डेलीगेशन आएगा। ठीक है? यहां
11:45पे क्या होता है? कंप्लीट डेलीगेशन होती
11:47है। पूरा वो डिसेंट्रलाइजेशन ही होगी भाई।
11:49पूरी पावर लीडर ने दे दिया है इन्हें। जो
11:51करना है जैसे करना है करो। सूटेबल कब रहता
11:53है भाई ये वाला स्टाइल? जब आपके
11:56सबोर्डिनेट्स, आपके एम्प्लाइज बहुत ज्यादा
11:58स्किल्ड और एजुकेटेड हो। इसके अंदर उनका
12:00मोराल मोटिवेशन बहुत हाईएस्ट रहता है
12:02क्योंकि वह सब कुछ खुद करते हैं और
12:03सुपरविज़न की बहुत कम जरूरत है क्योंकि
12:05उनको अब सब कुछ आता है। ऐसे में आप क्या
12:08ही उन पे नजर रखोगे भाई? दे बेटर नो। तो
12:11वेरीेंट फ्लो चार्ट भाई वेरीेंट डायग्राम।
12:13एक बार एक साथ समझते हैं सारा डिफरेंस।
12:17ऑटोक्रेटिक स्टाइल, डेमोक्रेटिक स्टाइल,
12:19लेजिस्फियर। ये डायग्राम रहा मीनिंग
12:21ऑटोक्रेटिक में अंडर द स्टाइल द लीडर रंस
12:24ऑल द शोभा हिमसेल्फ डेमोक्रेटिक में अंडर
12:27द स्टाइल द लीडर डिस्कसेस विद इट्स
12:29सबोर्डिनेट्स विद ह सबोर्डिनेट्स और फ्री
12:31रेनियल लेजिस्फेयर में द लीडर गिव्स
12:33कंप्लीट फ्रीडम टू ह सबोर्डिनेट लीडर्स ने
12:36लीडर ने फुल फ्रीडम दे रखी है जो करना है
12:38जैसे करना है कर भाई कोई दिक्कत नहीं
12:40कम्युनिकेशन
12:42ऑटोक्रेटिक स्टाइल में वन वे कम्युनिकेशन
12:44होती है लीडर बस देखो बता रहा है सुन नहीं
12:47रहा उनकी कुछ डेमोक्रेटिक में टू में
12:49कम्युनिकेशन है और यहां पर तो भाई फ्री
12:51फ्लो ऑफ़ कम्युनिकेशन है। जो मर्जी जिस
12:53मर्जी से जैसे मर्जी बात करें कोई दिक्कत
12:55नहीं।
12:59इसके बाद ये डेलीगेशन ऑफ़ अथॉरिटी है।
13:03डेलीसिपेशन ना लिखना। डेलीगेशन आएगा यहां
13:05पे। यहां पर कोई पावर ट्रांसफर नहीं हो
13:07रही। सारे गेम लीडर चला रहे हैं।
13:11नो डेलीगेशन। डेमोक्रेटिक में कुछ हद तक
13:14टू सम एक्सटेंड मतलब कुछ हद तक और
13:16लेजिस्फियर में तो कंप्लीट डेलीगेशन या
13:17ऐसा भी कह सकते हैं डिसेंट्रलाइजेशन ही हो
13:19रखी है। फुल पावर बांट रखी है। सूटेबिलिटी
13:24ऑटोक्रेटिक स्टाइल कब सूटेबल है? जब
13:27सबोर्डिनेट्स अनस्किल्ड, अनडिसिप्लिंड या
13:29अनएजुकेटेड हो। डेमोक्रेटिक जब
13:32सबोर्डिनेट्स स्किल्ड हो और इगर टू डिस्कस
13:34हो। बातचीत करने के लिए बड़े प्रोत्साहित
13:37हो। और फ्री रेन जब सबोर्डिनेट्स यानी
13:40एम्प्लाइज हाईली स्किल्ड और एजुकेटेड है।
13:43बेटा सिंपल सी बात है।
13:46तुम जितना मर्जी कर लो। जिस दिन तुम खुद
13:48कभी क्वेश्चन अपने हाथ से निकालोगे ना
13:50आपको बहुत हाईएस्ट सेटिस्फेक्शन हाईएस्ट
13:52मोटिवेशन मिलेगी। अगर मेरे साथ डिस्कस
13:55करके निकालोगे कि मैं बोल रहा हूं थोड़ा
13:57तुम कर रहे हो। थोड़ा अपना दिमाग लगा रहे
13:58हो तो मॉडरेट। और अगर जबरदस्ती बस मैं
14:00लिखवाए जा रहा हूं। तुम लिखे जा रहे हो तो
14:02आपका खुद का मोटिवेशन कम ही रहेगा भाई।
14:04क्योंकि जब तक आप खुद से चीज नहीं करोगे
14:05ना आपको वो नहीं आएगी।
14:09डिग्री ऑफ सुपरविजन ऑटोक्रेटिक में बहुत
14:11क्लोज नजर रखनी पड़ती है।
14:15डेमोक्रेटिक में मॉडरेट और फ्री रेन में
14:18तो बिल्कुल ही ना के बराबर। अब जैसे आप
14:20लोगों के एग्जांपल में मैं अगर आज की डेट
14:22में बताऊं मुझे पता है भाई तुम सबको वन टू
14:24लिखना आता है कीर्तिका के अलावा। बाकियों
14:26को तो आता है ना। अब एग्जांपल के तौर पे
14:29भाई अगर मैंने बोला है कि मैं आंसर
14:31डिक्टेट भी कर सकता हूं तुम्हें। क्या कभी
14:33तुमने देखा है कि नर्सरी के बच्चों को
14:35डिक्टेट किया जाता है? नहीं किया जाता
14:37भाई। उनपे तो पूरी नजर रख के हाथ पकड़ के
14:39लिखवाना पड़ता है। टीचर बोर्ड पे लिख भी
14:41देगी ना तो भी उसको एक-एक बच्चे के पास
14:43घूमना पड़ता है। ऐसे लिखो वन ऐसे टू होता
14:46है। वो बच्चा ये भी गलत लिख रहा होता है।
14:49बट जैसे-जैसे आप सीखते रहते हो तो बढ़िया
14:51हो जाती है गेम। दैट्स इट। एक बार भाई ये
14:55फुल थ्योरी आंसर भी देखो आप। चलो ये आज के
14:58लिए ज्यादा हो जाएगा। बाद में डिस्कस
14:59करेंगे। आप बस और बस ये डायग्राम ये 15
15:02मिनट की वीडियो देखो और इसको नोट करो।
15:05दैट्स इट। साफ़-सुथरा बच्चे काम कर लो। फुल
15:08थ्योरी डिफरेंस इसके साथ करोगे तो लेंथी
15:10हो जाएगा आपके लिए। कोई नहीं।
15:12इतना करो भाई। दैट्स इट।