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Leadership Styles | 21st Sep

Anish Dhammi · 2,874 words · 14 min read

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0:07हेलो 12th क्लास। इस वीडियो में हम डिस्कस

0:10करेंगे डायरेक्टिंग चैप्टर का वन ऑफ द

0:12मोस्ट इंपॉर्टेंट टॉपिक दैट इज लीडरशिप

0:15स्टाइल्स। एक अच्छा लीडर कैसे माना जाता

0:18है? लीडरशिप के स्टाइल्स क्या-क्या होते

0:21हैं? यानी तरीके क्या-क्या होते हैं?

0:23किस-किस प्रकार से आप लीडर बन सकते हो?

0:25बेटा याद रखना लीडर वो इंसान है जो

0:30अपने सबोर्डिनेट से जो अपने फॉलोअर्स से

0:33कुछ भी करवा ले मतलब इस तरीके से उनसे काम

0:36करवाए कि उनको लगे भी ना एक तरीके से कि

0:39हमारे ऊपर कोई प्रेशर है और वो काम करें।

0:41ठीक है? जो लोगों को इन्फ्लुएंस करें

0:44कायदे से जस्ट अ सेकंड

0:48जो आपने देखा होगा Instagram पे भी इतने

0:50सारे इन्फ्लुएंसर्स हैं। यह एक तरीके से

0:53एज अ लीडर ही तो एक्ट कर रहे हैं। लीडर्स

0:56का काम ही यही है लोगों को इन्फ्लुएंस

0:58करना।

0:59जरूरी नहीं है वो इनफ्लुएंस बैड ही हो फॉर

1:02अ गुड कॉज भी हो सकता है वो कि भाई जो

1:04लीडर ने कहा वो उसके फॉलोअर्स वो उसके

1:06सब्सक्राइबर्स वो कर रहे हैं जो वो जो

1:09उसके टीम मेंबर्स है वो कर रहे हैं और

1:13मैनेजमेंट में इसका क्या काम है भाई एक

1:15अच्छे मैनेजर को एक अच्छा लीडर होना बहुत

1:17जरूरी है भाई एक अच्छा लीडर एक अच्छा

1:20मैनेजर बन सकता है मैनेजर के लिए तो मस्ट

1:22स्किल है भाई क्योंकि उसको लोगों से काम

1:25करवाना है

1:27लोगों को उसकी उसकी बात फॉलो कर करवानी है

1:30वो उसको कि लोग उसके जो टीममेट्स हैं जो

1:32उसके सबोर्डिनेट्स है जो उसके एम्प्लाइज

1:34है वो वो बात फॉलो करें जो लीडर चाह रहा

1:37है। ठीक है कायदे से अगर आप देखिए इवन कोई

1:42लेट इट बी कोई मंत्री भी है यार तो ही और

1:44शी इज़ आल्सो इवन अ लीडर नहीं समझ आया तो

1:47एक एग्जांपल से देखते हैं। जब कोरोना

1:49वायरस आया लॉकडाउन लगा हमारे लीडर ने चलो

1:52लॉकडाउन वाज़ समथिंग स्ट्रिक्ट कि घर में

1:55बैठना है दैट्स फेयर इनफ बट जब हमारे लीडर

1:58ने हमारे देश के प्रधानमंत्री ने बोला कि

2:01ताली बजाओ तो लोगों ने बजाई ना थाली बजाओ

2:05तो थाली बजाई घंटियां बजाओ तो घंटियां

2:07बजाई ठीक है कोई ऑफेंस नहीं है बट जो लीडर

2:12ने बोला लोगों ने करी ना वो बात ऐसी बीच

2:14में मेरे ख्याल किसी दिन कुछ ऐसा हुआ था

2:17कि रात को दिए जलाने है तो लोगों जलाई थी

2:19वो वाला सिनेरियो है भाई कि लीडर अपने

2:23सबोर्डिनेट से अपने फॉलोअ से काम करवाना

2:26जानता है वो अब लीडरशिप के तीन स्टाइल्स

2:29होते हैं भाई काफी हो गया इंट्रोडक्शन

2:32बहुत इंपॉर्टेंट है टॉपिक ऑटोक्रेटिक

2:35लीडरशिप डेमोक्रेटिक लीडरशिप और थर्ड का

2:38नाम है लेजिस्फेयर जिसको फ्री रेन भी बोला

2:41जाता है। अब शॉर्ट में बेटा ऑटोक्रेटिक ना

2:45बिल्कुल डिक्टेटरशिप की तरह होता है। जरा

2:47आप सिर्फ और सिर्फ यह वाला डायग्राम

2:49देखिए। यह जो डायग्राम मैं सर्कल में

2:51मार्क कर रहा हूं, यह डायग्राम देखो।

2:52सिर्फ इस वाले को बाकी छोड़ो। छोड़ो नहीं।

2:55इन डायग्राम्स में क्या हो रहा है? एक

2:58लीडर है वन वे एरो जा रहे हैं एबी सी की

3:01तरफ। जो ये बोल रहा है वो एबी सी फॉलो

3:04करेंगे। ठीक है? ऑटोक्रेटिक स्टाइल में

3:06क्या होता है? अंडर दिस स्टाइल, द लीडर

3:09रंस ऑल द शो बाय हिमसेल्फ। सारा शो लीडर

3:12ही चलाएगा। सारी उसकी मर्जी चलेगी। और

3:15एरोस देख के बेटा पता लग रहा है। लीडर

3:18इनकी तो सुन ही नहीं रहा ना। बस इनको

3:20ऑर्डर दे रहा है। ये देखो एरोस से पता लग

3:22रहा है। तो कम्युनिकेशन में भी क्या लिखा

3:24हुआ है? वन वे।

3:27कोई यहां पर डेलीगेशन ऑफ़ अथॉरिटी नहीं

3:29होती। सारा का सारा काम लीडर बताता है।

3:31इन्हें बस करना होता है। और ये वाला

3:33स्टाइल बेटा कब सूटेबल है? जब

3:35सबोर्डिनेट्स यानी आपके जो फॉलोअर्स हैं

3:38वो अनस्किल्ड हो, अनडिसिप्लिंड हो,

3:40अनएजुकेटेड हो, अनट्रेंड हो तब सूटेबल

3:43रहता है ये वाला स्टाइल कि बिल्कुल उनको

3:45स्पून फीडिंग करने की जरूरत है। हाथ पकड़

3:47के लिखवाने की जरूरत है। वो वाला

3:49सिनेरियो।

3:50ऐसे में एंप्लाइजस का मोराल काफी कम होता

3:53है क्योंकि उनको लगता है हम अपनी मर्जी से

3:54तो कुछ कर ही नहीं पा बस जो लीडर बोल रहा

3:56है वो करना पड़ रहा है और क्योंकि

3:59एंप्लाइजज़ अनस्किल्ड है, अनडिसिप्लिंड है

4:01तो बहुत क्लोज सुपरविज़न भी रखनी पड़ती है।

4:04एग्जांपल के तौर से आपने भी ये फज़ अपनी

4:07लाइफ में कहीं ना कहीं एक्सपीरियंस करा

4:08है। मैं बताता हूं कहां बेटा? जिस टाइम पर

4:11आप लोगों ने जस्ट पढ़ाई स्टार्ट करी थी। उस

4:14टाइम पर पता है आज की डेट में उतना चैलेंज

4:17नहीं है जितना आपके लिए उस टाइम पर था। आज

4:20आपको कम से कम पता है। अब आज आपको मैं

4:22बोलूं कि अपनी नोटबुक पर लिखो टू तो यू

4:25कैन राइट टू। आपको बोलूं लिखो फाइव तो आप

4:27फाइव लिख दोगे। आपको कहूं कि वन से 100 की

4:29गिनती लिखो। आप वो लिख दोगे। जिस टाइम पे

4:31आपने पढ़ाई लिखाई स्टार्ट करी थी ब्रो।

4:35उस टाइम पर एक बार याद रखो आपके जो

4:38प्राइमरी स्कूल्स थे वहां पर जो आपके

4:40टीचर्स हुआ करते थे। ठीक है? वो क्या करते

4:42थे? सारा शो खुद से ही तो चलाते थे।

4:44उन्होंने ही डिसाइड करना है क्या करना है।

4:46आपकी कोई सलाह नहीं ली जाती थी। ऐसा क्यों

4:49भाई? क्योंकि यार आप अनस्किल्ड थे। आपको

4:51एबी सी नहीं पता थी ना तब कोई अकल नहीं।

4:53सही बात है। ना एजुकेशन कोई ना आप लोगों

4:56को आपके पास कोई ट्रेनिंग ना कोई

4:58डिसिप्लिन ना कोई स्किल थी। तो ऐसे केस

5:00में आपका मोराल भी थोड़ा कम रहता था कि

5:03बच्चे याद करो छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते

5:05हुए रोते थे। क्योंकि अंदर से पता होता था

5:07कि वहां जाके कौन सी हमारी चलनी है। जो

5:09टीचर बोले कि जो सर बोलेंगे वो करना

5:11पड़ेगा। और टीचर सारा टाइम आपके सर पर ही

5:14खड़े रहते थे। बहुत क्लोजली आपको आपके काम

5:16पे नजर रखते वेरी क्लोज सुपरविजन रखनी

5:18पड़ती थी। आपका खुद का मोराल बड़ा कम होता

5:21था। उस टाइम पर आप लोग अनस्किल्ड थे,

5:23अनडिसिप्लिंड थे, अनएजुकेटेड थे।

5:25डिसिप्लिन तो खैर चलो आज भी बट कोई बात

5:27नहीं। आपसे वो कोई काम नहीं। आपसे उम्मीद

5:29रखते थे। बस आपको बता देते थे क्या करना

5:31है। और वन में कम्युनिकेशन होती थी। आप

5:34कुछ बोलो भी तो वो सुनेंगे थोड़ी। अब

5:36इमेजिन करो। आप किसी नर्सरी के बच्चे को

5:39सिखा रहे हो कि वन ऐसे लिखना है या फिर

5:41ऐसे लिखना है। आगे से वो कह रहे हैं मैं

5:44एकदम मैदम ऐसे ही लिख लूं। तो तुम चांटे

5:46मारोगे ना तेरी ऐसी की तैसी ऐसे कैसे लिख

5:48लूं भाई आप उसकी सुनोगे ही नहीं ना वन वे

5:51कम्युनिकेशन होगी सारी तो क्या होता है

5:54भाई ऑटोक्रेटिक स्टाइल में लीडर सारा का

5:56सारा शो खुद से चलाता है ऑल द शो बाय

5:59हिमसेल्फ लीडर रंस ऑल द शो बाय हिमसेल्फ

6:02वन वे कम्युनिकेशन होती है कोई डेलीगेशन

6:05नहीं होती कोई अथॉरिटी का ट्रांसफर नहीं

6:07होता तब सूटेबल रहता है जब सबोर्डिनेट्स

6:09अनस्किल्ड हो अनडिसिप्लिंड हो अनएजुकेटेड

6:12हो

6:13एम्प्लाइजस का मोराल थोड़ा कम रहता है

6:17और एम्प्लाइज पर बहुत क्लोज सुपरविज़ रखनी

6:20पड़ती है।

6:23अब

6:26अगर मैं कंपनी के पॉइंट ऑफ व्यू से बात

6:27करूं तो ये वाला स्टाइल कब सूटेबल है? मान

6:30लो एक नई प्रोसेस स्टार्ट हो रही है।

6:32कोई नई प्रोसेस स्टार्ट हुई है। कोई नए

6:35टाइप की आपने फील्ड एंटर करी है और

6:41उसके लिए मान लो 20 लोगों को आपने बुलाया।

6:4520 लोग हायर हो गए। 20 लोगों की अब

6:47ट्रेनिंग करनी है। उनमें से किसी को ए बी

6:48सी भी नहीं पता। तो भाई अगर आप ट्रेनर हो,

6:51आप मैनेजर हो, आप ट्रेनर हो तो सारी आपकी

6:53मर्जी चलेगी ना। इस टाइम पे आप उनकी सजेशन

6:55नहीं ले सकते। आप उन्हें वन वे

6:57कम्युनिकेशन करोगे। वो उसके नोट्स

6:58बनाएंगे, पढ़ेंगे, लिखेंगे, समझेंगे वो

7:00चीज। जब तक उन्हें काम नहीं आता, आप उनसे

7:03कोई ज्यादा उम्मीद भी नहीं रखोगे। और कब

7:05सूटेबल है जब उनको उस चीज की नॉलेज नहीं

7:07है। वो अनस्किल्ड है, अनडिसिप्लिंड है या

7:10अनएजुकेटेड है। उस पर्टिकुलर काम के बारे

7:12में उन्हें ए बी सी भी नहीं पता। ऐसे में

7:14उनका मोराल लो रहेगा क्योंकि उनको वो चीज

7:16किसी भी ह्यूमन को कंट्रोल होना नहीं पसंद

7:18भाई। उनको होगा कि ये तो अपनी मर्जी चला

7:19रहा है और बहुत क्लोज उन उस ट्रेनर को

7:22आपके ऊपर नजर रखनी पड़ेगी। ये ऑटोक्रेटिक

7:25स्टाइल होता है। नेक्स्ट आ जाते हैं बेटा

7:28डेमोक्रेटिक स्टाइल। डायग्राम देखना कितना

7:29प्यारा डायग्राम है। जहां फुल डेमोक्रेटिक

7:32एनवायरमेंट है। हर कोई हर एक से कंसल्ट कर

7:35रहा है। ये देखो कितना प्यारा डायग्राम

7:37है। बीच में लीडर

7:42ठीक है? बीच में लीडर बना रखा है। ये

7:44देखना अभी

7:47ये लीडर है और ये A, B, C और D

7:52सबोर्डिनेट्स हैं। और ये लोग आपस में भी

7:55कम्युनिकेट कर रहे हैं। देखो B C से बात

7:57कर रहा है। C B से बात कर रहा है। A B से

8:00कम्युनिकेट कर रहा है। B A से कम्युनिकेट

8:02कर रहा है। A और D आपस में बात कर रहे

8:05हैं। D और C आपस में बात कर रहे हैं। आपस

8:08में भी ये लोग एक दूसरे से कंसल्ट कर रहे

8:10हैं। अलोंग विद दैट देखो यह लीडर के साथ

8:13भी बातचीत टू वे हो रही है। दोनों तरफ के

8:14एरो है भाई ऐसे

8:17ये डेमोक्रेटिक स्टाइल होता है लीडरशिप का

8:19डायग्राम बहुत जरूरी है बनाना इसमें

8:22क्या होता है भाई यहां पर मीनिंग क्या है

8:26इस स्टाइल के अंदर लीडर डिस्कस कर रहा है

8:28सब कुछ सबोर्डिनेट के साथ सबोर्डिनेट के

8:31साथ डिस्कस कर कम्युनिकेशन दिख रहा है हर

8:32तरफ टू वे एरोस है टू वे कम्युनिकेशन है

8:35और कुछ हद तक डेलीगेशन अथॉरिटी डेलीगेशन

8:37ऑफ़ अथॉरिटी होती है कुछ हद तक डेलीगेशन टू

8:40सम एक्सटेंट सूटेबल भाई तभी है जब

8:42सबोर्डिनेट स्किल्ड हो और बात करने के लिए

8:46बड़े उत्सुक हो। इगर टू डिस्कस हो कि

8:48डिस्कशन करने के लिए उत्सुक हो। तभी तो

8:49भाई बात करके मजा आएगा। मोराल एंप्लाइजज़

8:52का थोड़ा मॉडरेट रहता है। मीडियम सा रहता

8:54है और मॉडरेट सुपरविज़न की जरूरत है।

8:56मॉडरेट मतलब मीडियम। बहुत ज्यादा सुपरविज़न

8:58की भी जरूरत नहीं है। और ऐसे ही नहीं कि

9:00बिल्कुल ही छोड़ दिया क्योंकि अभी वो

9:01लर्निंग फेज में है। ये डेमोक्रेटिक

9:04स्टाइल होता है।

9:06अब

9:07लेजिस्फेयर या फ्री रेन। बेटा फ्री रेन

9:10नाम से याद रखना कि बिल्कुल ही अपने

9:11सबोर्डिनेट्स को खुला छोड़ दिया। एग्जांपल

9:14से समझो रियल लाइफ यार आप मैनेजर थे। आपने

9:1820 एंप्लाइजस को अपने अंडर ट्रेनिंग दी।

9:20अब उनको वो काम करते-करते 2 साल हो गए

9:24यार। 2 साल बहुत होते हैं। 2 साल डेली 8आ

9:27घंटे वो लोग वो काम कर रहे हैं। उन्हें

9:28बहुत अच्छे से आ गया काम। अब अब थोड़ी यार

9:31आप उन पे नजर रखोगे। उनको पता है उनके लिए

9:33क्या बेटर है क्या बेटर नहीं है। उनको

9:34बड़े अच्छे से काम करना आता है। अब वो

9:37क्या करते हैं? वो इतना सीख चुके हैं कि

9:39अब हम इतना ज्यादा उनके ऊपर डंडा लेके

9:41नहीं घूमेंगे। तलवार नहीं घुमाए उनके सर

9:43पे लटकाएंगे कोई। ठीक है? अब ऐसे केस में

9:46क्या है? उन्हें सारा काम आता है। हमने

9:47बोल रखा है यार 10:00 बजे से 6:00 बजे का

9:49टाइम है ऑफिस का। अगले 10:00 बजे सुबह आते

9:51हैं। वो ऑफिस का कल्चर है तो 10:00 बजे

9:53आना पड़ेगा। 6:00 बजे जाना पड़ेगा। आते

9:55हैं सबसे हाय हेलो करने में आधा घंटा लगा

9:58देते हैं। 10:30 हो गए। जी। अगर ऑफिस में

10:00ब्रेकफास्ट मिलता 11:00 बजे तक ब्रेकफास्ट

10:02कर लिया। 11:00 बजे स्मोक ब्रेक पर चले गए

10:05एम्प्लाइजस। स:15 बजे आए अपना लॉग इन करा।

10:0811:30 तक लॉग इन ही करते रह गए। बस 11:30

10:12बजे चाय मंगा ली। चाय पीने बैठ गए। एक आधी

10:14ईमेल वमेल देख ली। कितना काम आ रखा है।

10:1712:00 बजे बैठे। 12 से 1 में पिछले 3 घंटे

10:21का सारा काम खत्म कर दिया और अगले एकद

10:22घंटे का एडवांस कर दिया। 1:00 बजे फिर

10:24वेले बैठे बातें कर रहे हैं। 2:00 बजे लंच

10:26ब्रेक आ गई। चलो जी कोई बात नहीं। 3:00

10:29बजे लंच से आए। 3:00 से 4 में फिर सारा

10:31काम खत्म कर दिया। फिर वेले बैठे हैं। तो

10:33इसमें गलत क्या है यार? वो इस काबिल बने

10:35हैं ना कि वो अपना 8 घंटे का काम 2 घंटे

10:37में अगर कर रहे हैं तो फिर इसमें गलत भी

10:39क्या है? व्हाट्स रॉन्ग इन इट ना। ये

10:41लेजिस्फेयर स्टाइल होता है। देखो लीडर

10:44अकेला है। लीडर ने इनको खुला छोड़ रखा है।

10:47इसने कह रखा है अगर कोई दिक्कत हो सिर्फ

10:49तब मेरे पे आना। आपस में देखो किसी को कोई

10:52प्रॉब्लम प्रॉब्लम हो वैसे तो आएगी नहीं।

10:54आए भी तो आपस में एक दूसरे से बात करो। ए

10:56सी से बात कर ले। सी ए से बात कर ले। ए बी

10:59के साथ कम्युनिकेट करे। बी और डी आपस में

11:02करे और एक दूसरे से ऐसे ए और डी कर सकते

11:04हैं। आपस में एक दूसरे के साथ बातत करो।

11:06अगर कोई दिक्कत आई तो मेरे पास आना।

11:09बाकी आपको फुल फ्रीडम है। मीनिंग क्या है?

11:12अंडर द स्टाइल द लीडर गिव्स कंप्लीट

11:14फ्रीडम टू ह सबोर्डिनेट्स। लीडर कंप्लीट

11:17फ्रीडम दे देता है अपने सबोर्डिनेट्स को

11:19कि जो करना है जैसे करना है कर भाई। कोई

11:21दिक्कत नहीं। फ्री फ्लो ऑफ कम्युनिकेशन

11:23है। देखो कोई भी किसी से भी बात कर पा रहा

11:25है। ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे

11:27ओपन कम्युनिकेशन कह सकते हैं हम

11:30और ये बेटा गलती से यहां डेलीसिपेशन लिखा

11:33हुआ है। डेलीगेशन आएगा

11:36यहां पे ना बेसिस में ठीक लिखना क्योंकि

11:38हमारे पास एक खास बच्ची है ना कीर्तिका जो

11:40तो लिखती ही सही को भी गलत है। तो गलत को

11:42तो बेसिस में डेलीगेशन आएगा। ठीक है? यहां

11:45पे क्या होता है? कंप्लीट डेलीगेशन होती

11:47है। पूरा वो डिसेंट्रलाइजेशन ही होगी भाई।

11:49पूरी पावर लीडर ने दे दिया है इन्हें। जो

11:51करना है जैसे करना है करो। सूटेबल कब रहता

11:53है भाई ये वाला स्टाइल? जब आपके

11:56सबोर्डिनेट्स, आपके एम्प्लाइज बहुत ज्यादा

11:58स्किल्ड और एजुकेटेड हो। इसके अंदर उनका

12:00मोराल मोटिवेशन बहुत हाईएस्ट रहता है

12:02क्योंकि वह सब कुछ खुद करते हैं और

12:03सुपरविज़न की बहुत कम जरूरत है क्योंकि

12:05उनको अब सब कुछ आता है। ऐसे में आप क्या

12:08ही उन पे नजर रखोगे भाई? दे बेटर नो। तो

12:11वेरीेंट फ्लो चार्ट भाई वेरीेंट डायग्राम।

12:13एक बार एक साथ समझते हैं सारा डिफरेंस।

12:17ऑटोक्रेटिक स्टाइल, डेमोक्रेटिक स्टाइल,

12:19लेजिस्फियर। ये डायग्राम रहा मीनिंग

12:21ऑटोक्रेटिक में अंडर द स्टाइल द लीडर रंस

12:24ऑल द शोभा हिमसेल्फ डेमोक्रेटिक में अंडर

12:27द स्टाइल द लीडर डिस्कसेस विद इट्स

12:29सबोर्डिनेट्स विद ह सबोर्डिनेट्स और फ्री

12:31रेनियल लेजिस्फेयर में द लीडर गिव्स

12:33कंप्लीट फ्रीडम टू ह सबोर्डिनेट लीडर्स ने

12:36लीडर ने फुल फ्रीडम दे रखी है जो करना है

12:38जैसे करना है कर भाई कोई दिक्कत नहीं

12:40कम्युनिकेशन

12:42ऑटोक्रेटिक स्टाइल में वन वे कम्युनिकेशन

12:44होती है लीडर बस देखो बता रहा है सुन नहीं

12:47रहा उनकी कुछ डेमोक्रेटिक में टू में

12:49कम्युनिकेशन है और यहां पर तो भाई फ्री

12:51फ्लो ऑफ़ कम्युनिकेशन है। जो मर्जी जिस

12:53मर्जी से जैसे मर्जी बात करें कोई दिक्कत

12:55नहीं।

12:59इसके बाद ये डेलीगेशन ऑफ़ अथॉरिटी है।

13:03डेलीसिपेशन ना लिखना। डेलीगेशन आएगा यहां

13:05पे। यहां पर कोई पावर ट्रांसफर नहीं हो

13:07रही। सारे गेम लीडर चला रहे हैं।

13:11नो डेलीगेशन। डेमोक्रेटिक में कुछ हद तक

13:14टू सम एक्सटेंड मतलब कुछ हद तक और

13:16लेजिस्फियर में तो कंप्लीट डेलीगेशन या

13:17ऐसा भी कह सकते हैं डिसेंट्रलाइजेशन ही हो

13:19रखी है। फुल पावर बांट रखी है। सूटेबिलिटी

13:24ऑटोक्रेटिक स्टाइल कब सूटेबल है? जब

13:27सबोर्डिनेट्स अनस्किल्ड, अनडिसिप्लिंड या

13:29अनएजुकेटेड हो। डेमोक्रेटिक जब

13:32सबोर्डिनेट्स स्किल्ड हो और इगर टू डिस्कस

13:34हो। बातचीत करने के लिए बड़े प्रोत्साहित

13:37हो। और फ्री रेन जब सबोर्डिनेट्स यानी

13:40एम्प्लाइज हाईली स्किल्ड और एजुकेटेड है।

13:43बेटा सिंपल सी बात है।

13:46तुम जितना मर्जी कर लो। जिस दिन तुम खुद

13:48कभी क्वेश्चन अपने हाथ से निकालोगे ना

13:50आपको बहुत हाईएस्ट सेटिस्फेक्शन हाईएस्ट

13:52मोटिवेशन मिलेगी। अगर मेरे साथ डिस्कस

13:55करके निकालोगे कि मैं बोल रहा हूं थोड़ा

13:57तुम कर रहे हो। थोड़ा अपना दिमाग लगा रहे

13:58हो तो मॉडरेट। और अगर जबरदस्ती बस मैं

14:00लिखवाए जा रहा हूं। तुम लिखे जा रहे हो तो

14:02आपका खुद का मोटिवेशन कम ही रहेगा भाई।

14:04क्योंकि जब तक आप खुद से चीज नहीं करोगे

14:05ना आपको वो नहीं आएगी।

14:09डिग्री ऑफ सुपरविजन ऑटोक्रेटिक में बहुत

14:11क्लोज नजर रखनी पड़ती है।

14:15डेमोक्रेटिक में मॉडरेट और फ्री रेन में

14:18तो बिल्कुल ही ना के बराबर। अब जैसे आप

14:20लोगों के एग्जांपल में मैं अगर आज की डेट

14:22में बताऊं मुझे पता है भाई तुम सबको वन टू

14:24लिखना आता है कीर्तिका के अलावा। बाकियों

14:26को तो आता है ना। अब एग्जांपल के तौर पे

14:29भाई अगर मैंने बोला है कि मैं आंसर

14:31डिक्टेट भी कर सकता हूं तुम्हें। क्या कभी

14:33तुमने देखा है कि नर्सरी के बच्चों को

14:35डिक्टेट किया जाता है? नहीं किया जाता

14:37भाई। उनपे तो पूरी नजर रख के हाथ पकड़ के

14:39लिखवाना पड़ता है। टीचर बोर्ड पे लिख भी

14:41देगी ना तो भी उसको एक-एक बच्चे के पास

14:43घूमना पड़ता है। ऐसे लिखो वन ऐसे टू होता

14:46है। वो बच्चा ये भी गलत लिख रहा होता है।

14:49बट जैसे-जैसे आप सीखते रहते हो तो बढ़िया

14:51हो जाती है गेम। दैट्स इट। एक बार भाई ये

14:55फुल थ्योरी आंसर भी देखो आप। चलो ये आज के

14:58लिए ज्यादा हो जाएगा। बाद में डिस्कस

14:59करेंगे। आप बस और बस ये डायग्राम ये 15

15:02मिनट की वीडियो देखो और इसको नोट करो।

15:05दैट्स इट। साफ़-सुथरा बच्चे काम कर लो। फुल

15:08थ्योरी डिफरेंस इसके साथ करोगे तो लेंथी

15:10हो जाएगा आपके लिए। कोई नहीं।

15:12इतना करो भाई। दैट्स इट।

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