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0:01हेलो न क्लास हम लोग अपनी आगे की क्लास
0:03कंटिन्यू करते हैं। पहले आपने ऑफलाइन के
0:05अंदर बोर के मॉडल का इंट्रोडक्शन पढ़ा और
0:08रात वाली ऑनलाइन एक्स्ट्रा क्लास के अंदर
0:10हमने उसको कवर कर दिया। अब आगे उसी मॉडल
0:12से रिलेटेड कुछ एक्स्ट्रा कॉम्पिटेंसी
0:15बेस्ड क्वेश्चन हम डिस्कस करेंगे। यार ये
0:18वाला क्वेश्चन ना अच्छे स्कूल में जरूर
0:20आएगा भाई। बहुत अच्छा क्वेश्चन है।
0:22बहुतेंट [गला साफ़ करने की आवाज़]
0:22क्वेश्चन है कि रुदरफोर्ड का मॉडल जो फेल
0:25हुआ था वो सारा एटम की स्टेबिलिटी के
0:27चक्कर में फेल हुआ था कि रुदरफोर्ड कुड
0:30नॉट एक्सप्लेन द स्टेबिलिटी ऑफ़ एन एटम। तो
0:32ऐसा क्या था बोर में कि बोर ने एटम की
0:35स्टेबिलिटी समझा दी। तो थोड़ा सा बोर के
0:37मॉडल के बारे में कि बोर ने क्या बोला था?
0:40इलेक्ट्रॉन्स मूव करते हैं न्यूक्लियस के
0:42अराउंड। ये बात सच है। लेकिन फिक्स्ड पाथ
0:45के अंदर प्रॉपर एनर्जी लेवल्स के अंदर। इन
0:47ऑर्बिट्स को इन गोले गोले को के एल एमn को
0:50क्या बोलते हैं? स्टेशनरी शेप्स स्टेशनरी
0:52शेल्स एनर्जी लेवल्स एनर्जी शेल्स।
0:57और
0:58तीसरा पॉइंट
1:00अगर कोई स्टेशनरी स्टेट का इलेक्ट्रॉन है
1:04तो उसके पास उसकी खुद की कांस्टेंट सेम की
1:07एनर्जी रहेगी। अगर वो इलेक्ट्रॉन कुछ नहीं
1:09कर रहा भाई ना इधर-उधर जा रहे हैं तो उसके
1:12पास जितनी एनर्जी है वो मेंटेंड रहेगी। वो
1:14वेस्ट नहीं होगी। ठीक है? तो ऐसा नहीं
1:17होता कि एक इलेक्ट्रॉन पड़ा पड़ा अपनी
1:19एनर्जी यूज़ करके न्यूक्लियस में गिर
1:21जाएगा। विदरफोर्ड का तो ड्रॉबैक ही था ना
1:23वो बता नहीं पा रहा था। इलेक्ट्रॉन ऐसा
1:25नहीं है भाई कि वो स्पायरल हो जाएगा।
1:26स्पायरल का मतलब यहां पे गिरने से है कि
1:28ऐसा नहीं होगा भाई कि वो लुप्त हो जाएगा।
1:31घूम जाएगा बुलबुलैया में न्यूक्लियस। बोर
1:34मॉडल ये समझाता है भाई कि एटम की
1:36स्टेबिलिटी है क्योंकि इलेक्ट्रॉन्स
1:38फिक्स्ड लेवल्स में मूव करते हैं। ठीक है?
1:41और उनकी एनर्जी वेस्ट नहीं होती ऐसे
1:43क्योंकि प्रॉपर रेस्ट एंड ऑल भी मिलता है।
1:48कुछ जनरल क्विक आपके लिए पहली शेल के शेल
1:53होती है। सबसे क्लोजेस्ट होती है
1:54न्यूक्लियस पे वो आपने देखा ही था ये
1:56न्यूक्लियस है तो सबसे पहले वाली शेल कौन
1:58सी होगी? के शेल सबसे कम एनर्जी इसमें
2:01होती है क्योंकि जितना आप न्यूक्लियस से
2:03दूर जाओगे उतनी ज्यादा एनर्जी बढ़ेगी। फिर
2:06आती है एल शेल। दूसरे नंबर की। इसमें के
2:09से थोड़ी ज्यादा एनर्जी होगी क्योंकि
2:10न्यूक्लियस से थोड़ी ज्यादा दूर है। तीसरे
2:13नंबर की एम शेल। इसमें एल शेल से थोड़ी
2:15ज्यादा एनर्जी होगी और एम शेल जो सबसे दूर
2:18है उसमें एम शेल से ज्यादा एनर्जी होगी।
2:20जितना दूर आप न्यूक्लियस से जाओगे उतने
2:22ज्यादा आपने इलेक्ट्रॉन्स होंगे और जितने
2:24ज्यादा इलेक्ट्रॉन्स होंगे उतनी ज्यादा आप
2:26में एनर्जी होगी।
2:28अब एनसीआरटी बेस्ड क्वेश्चन है बुक का
2:32इंटेक्स्ट। बोर मॉडल ने शेल्स को के
2:35एलएमएन क्यों बोला? ये बेटा किसी ने डाउट
2:37ही नहीं पूछा। हैरानी वाली बात की। आप में
2:39से भी किसी ने नहीं पूछा कि भैया इसने के
2:42एल एमए क्यों बोला? ए बी सी डी क्यों नहीं
2:44बोला? क ग क्यों नहीं बोला? तो भाई सिंपल
2:48है। इसका रीज़ क्या था? ये जो एटॉमिक शेल्स
2:52की नेमिंग हुई थी ना ये बहुत पुराने समय
2:55के एक्सरे एक्सपेरिमेंट [हंसी] से हुई थी।
2:57होता है ना हड्डियों का एक्सरे। ठीक है?
2:59ये बंदे का नाम याद रखना कोई जरूरत नहीं
3:01है भाई। कोई जरूरत नहीं है। मैं आपको खुद
3:03कह देता हूं। नाम याद रखो। इसका नाम याद
3:05रखना कोई जरूरत नहीं है। चार्ल्स बाकला
3:07कोई जरूरत नहीं है।
3:10बड़ा तगड़ा फिजिक्स का एक्सपर्ट था।
3:12सिंपली आप लिख सकते हो कि
3:17इसकी जगह आप ऐसे लिख सकते हो क्योंकि इसका
3:19नाम इतना इंपॉर्टेंट नहीं है भाई। इसकी
3:21जगह आप ऐसे लिख सकते हो अ फेमस साइंटिस्ट
3:25ऐसे लिख देना गाइस। इससे इजी कह लोगे कि
3:28एक फेमस साइंटिस्ट ने सबसे पहले एक्सरे की
3:31लाइन को के देखा था। बोर ने फिर आगे उसके
3:34हिसाब से के के बाद एल एम एन उसकी नेम कर
3:37दी।
3:38एक्स्ट्रा क्वेश्चन
3:41स्टेशनरी ऑर्बिट्स किसको कहते हैं? बेटा
3:43ये जो न्यूक्लियस के आसपास शेल्स बनी होती
3:45है ना के शेल एल शेल एम शेल के शेल एल एम
3:49एन इनको स्टेशनरी ऑर्बिट्स बोलते हैं। जो
3:52फिक्स्ड सर्कुलर पाथ है जिसके अंदर
3:54इलेक्ट्रॉन्स मूव करते हैं न्यूक्लियस के
3:56आसपास उन्हीं को स्टेशनरी ऑर्बिट्स बोला
3:58जाता है। वही अगला सिमिलर क्वेश्चन इन
4:01शेल्स को इन स्टेशनरी ऑर्बिट्स को एनर्जी
4:03लेवल क्यों बोलते हैं? क्योंकि भाई हर एक
4:06शेल के अंदर एक फिक्स्ड अमाउंट ऑफ एनर्जी
4:08होती है। डेफिनेट का मतलब ही यही होता है।
4:10फिक्स्ड अमाउंट ऑफ एनर्जी होती है।
4:13तो शेल्स को इसलिए एनर्जी लेवल या एनर्जी
4:15शेल्स भी बोला जाता है। क्या नेम और नंबर
4:19है? पहली चार शेल्स के बाय के शेल एल एम
4:22एन वन 2 3 4 सिंपल कौन सी शेल में सबसे कम
4:25एनर्जी होगी? बेटा उस शेल शेल में सबसे कम
4:28एनर्जी होगी जो न्यूक्लियस के सबसे पास
4:30होगी। अगर ये न्यूक्लियस है तो पहली शेल
4:32कौन सी होती है? ओके तो K शेल क्योंकि भाई
4:36न्यूक्लियस के सबसे
4:39अगला क्वेश्चन हाउ डस द एनर्जी ऑफ एन
4:41इलेक्ट्रॉन चेंज एज इट्स डिस्टेंस फ्रॉम द
4:44न्यूक्लियस इंक्रीज किस तरीके से एक
4:47इलेक्ट्रॉन की एनर्जी बदलती है जैसे ही
4:50उसका डिस्टेंस बढ़ता है न्यूक्लियस से तो
4:53यार जितना ज्यादा डिस्टेंस होगा ना
4:55न्यूक्लियस से उतना ज्यादा एक शेल के पास
4:59एनर्जी होगी तो सिंपल आंसर है इसका द
5:02एनर्जी ऑफ़ एन इलेक्ट्रॉन इंक्रीसेस एज
5:05इट्स डिस्टेंस फ्रॉम द न्यूक्लियस
5:07इंक्रीज। हिंदी में इसका मतलब जितना
5:09ज्यादा न्यूक्लियस से दूरी बढ़ेगी उतना
5:12ज्यादा एक इलेक्ट्रॉन की एनर्जी जो है वो
5:15बढ़ेगी। इसलिए भाई एल शेल के अंदर हमेशा के
5:18शेल से ज्यादा एनर्जी रहेगी। m शेल में L
5:20से ज्यादा रहेगी। N में M से ज्यादा
5:22रहेगी। क्योंकि जितना कोई दूर होगा
5:24न्यूक्लियस से उतनी ज्यादा एनर्जी रहती
5:26है। क्या एक इलेक्ट्रॉन दो एनर्जी लेवल्स
5:29के बीच में हो सकता है? नहीं भाई। या तो
5:31वो K में होगा। मान लो ये न्यूक्लियस है
5:33तो या तो वो इलेक्ट्रॉन के शेल में होगा
5:36या l में होगा या m में या n में। ऐसा
5:39नहीं है कि बीच में घूम रहा होगा। नो नो
5:40नो नो सिंपल जवाब है बोर के हिसाब से
5:44इलेक्ट्रॉन्स अपनी पर्टिकुलर शेल्स में
5:47मूव करते हैं। बीच में नहीं।
5:52अगला क्वेश्चन।
5:58क्या होगा जब एक इलेक्ट्रॉन एक लेवल से
6:00दूसरे में घुसेगा? कि के शेल छोड़ के एल
6:02में चला गया, एल छोड़ के एम में चला गया।
6:04क्या होगा भाई? तो भाई सिंपल आपको बताया
6:07था कि क्या होगा? इस क्वेश्चन को ऐसे समझो
6:09कि क्या होगा? अगर आप अपना घर छोड़ के
6:11अपने किसी रिलेटिव के घर जाते हो तो बेटा
6:13आप बच्चे हो भीगे। या तो वहां से कुछ लेके
6:16आओगे या कुछ देके आओगे अगर आपके छोटे हो
6:19गए वहां पे। तो एक इलेक्ट्रॉन जब एक
6:21एनर्जी लेवल से दूसरे एनर्जी लेवल में
6:23जाता है तो या तो वो एनर्जी लेता है या वो
6:26एनर्जी छोड़ता है। ठीक है?
6:31इतना भी लिखोगे ना बेटा तो चलेगा। ये आगे
6:33की लाइन काट सकते हो आप।
6:37बस इतना सा लिख देना चलेगा। ठीक है भाई?
6:40इसके बाद
6:43हाउ डिड बोर एक्सप्लेन द स्टेबिलिटी ऑफ़
6:45एटम? फिर वही बात कि बोर ने एटम की
6:47स्टेबिलिटी कैसे समझा दी? जो रूदर फेल हो
6:49गया था।
6:51सिंपल है भाई। बोर ने प्रपोज करा कि
6:54इलेक्ट्रॉन फिक्स्ड ऑर्बिट में घूमते हैं।
6:57स्टेशनरी ऑर्बिट में उसकी कांस्टेंट
6:58एनर्जी है और वो एनर्जी नहीं क्या देगा।
7:00तो इसलिए वो न्यूक्लियस में नहीं गिरेगा
7:02और एटम क्या है? स्टेबल रहेगा।
7:06क्वेश्चन्ट है बेटा ये वाला
7:10बोहर मॉडल को एक इंप्रूवमेंट क्यों बोला
7:13गया? रुदरफोर्ड के मॉडल क्योंकि यार
7:14रुदरफोर्ड उतना भी गलत नहीं था फंक्शन की
7:16तरह। वो बस ये नहीं समझा पा रहा था कि
7:18कैसे घूमेंगे इलेक्ट्रॉन? रुदरफोर्ड मॉडल
7:20कुड नॉट एक्सक्लूम कि इलेक्ट्रॉन्स क्यों
7:22अपनी एनर्जी नहीं लूज करके न्यूक्लियस में
7:24गिर जाएंगे। बोहर ने वो एनर्जी लेवल्स की
7:27बात कर दी कि बारी-बारी सब कुछ होगा भाई।
7:29तो इसलिए
7:32इससे पता लग गया कि एटम्स जो है वो क्या
7:34है? स्टेबल है। एक बहुत अच्छा कॉम्पिटेंसी
7:36बेस्ड क्वेश्चन है। एक इलेक्ट्रॉन के शेल
7:39में है। दूसरा इलेक्ट्रॉन l शेल में है।
7:42ज्यादा एनर्जी किसकी होगी? बेटा दूर कौन
7:44है? न्यूक्लियस से के या l? L ना तो l
7:47वाले में क्या होगी? ज्यादा एनर्जी
7:48क्योंकि उसका न्यूक्लियस से डिस्टेंस जो
7:50है वो बहुत ज्यादा है। तो बेटा आपने क्या
7:53करना है? एक बार आप कल वाले बोर मॉडल की
7:55वीडियो देखिए। यह 8 मिनट की वीडियो देखिए।
7:58इसके नोट्स बनाइए एंड देन असाइनमेंट
8:00मिलेगी वो करिए।