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0:08हेलो 11th क्लास। इस वीडियो में हम डिस्कस
0:10करेंगे इलेक्ट्रॉनिक रूप में फंड्स को
0:14पैसे को बैंक से ट्रांसफर कराने के
0:17क्या-क्या ऑप्शंस अवेलेबल होते हैं। बहुत
0:19ही इंपॉर्टेंट टॉपिक और बहुत ही
0:21इंपॉर्टेंट डिफरेंस है आपके सिलेबस का।
0:24एनईएफटी एंड आरटीजीएस।
0:27बेटा ऑनलाइन अगर आपको पैसे ट्रांसफर करने
0:31हैं। बेसिकली आपको इलेक्ट्रॉनिक फंड्स का
0:34ट्रांसफर करना है। अपने बैंक से पैसा कहीं
0:37और भेजना है तो उसके ऑप्शंस होते हैं
0:40मेजरली दो। वैसे तो तीन होते हैं। एक
0:43आईएमपीएस भी होता है। वो इस वीडियो में
0:45डिस्कस नहीं करेंगे। और आपके सिलेबस में
0:48भी जो मेजरली डिफरेंस है वो एनईएफटी और
0:50आरटीजीएस का ही है।
0:53सबसे पहले फुल फॉर्म। एनएफटी की फुल फॉर्म
0:57होती है नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स
1:00ट्रांसफर और आरटीजीएस की रियल टाइम ग्रॉस
1:04सेटलमेंट। फर्क क्या होता है बेटा? आप जरा
1:06ध्यान से देखिए। दोनों तरीके ऑनलाइन फंड्स
1:10को पैसे को ट्रांसफर करने के ही है। मेजर
1:13फर्क ये होते हैं एनईएफटी के अंदर ना
1:17थोड़ा रुक-रुक के पैसा जाता है। बैचेस में
1:20जाते हैं। ये देखो क्या लिखा हुआ है
1:22मीनिंग एनईएफटी में। एनईएफटी इज अ सिस्टम
1:27दैट अलाउस इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर ऑफ मनी
1:31इन बैचेस बिटवीन बैंक्स। इन बैचेस मतलब
1:34टुकड़ों में जाता है पैसा। एनएफटी की
1:37पेमेंट अगर आप करवाते हो ना तो सारा पैसा
1:40एक साथ नहीं पहुंचेगा। थोड़ा रुक-रुक के
1:42जाएगा। देर लग सकती है। इमीडिएट उसी सेकंड
1:45पैसा पहुंचने की कोई गारंटी नहीं है। ठीक
1:48है? एनईएफटी के अंदर कोई मिनिमम अमाउंट
1:52नहीं होता। आप ₹100 की एनएफटी भी करा सकते
1:55हो। किसी भी अमाउंट को ट्रांसफर कर सकते
1:57हो। किस तरीके की ट्रांजैक्शन होती है?
2:00टुकड़ों में बैचेस के अंदर आपकी
2:03ट्रांजैक्शन पहुंचती है। इस चीज को भी मैं
2:05आपको एग्जांपल से समझाऊंगा। कैसे बैचेस
2:09सेटलमेंट का कोई रियल टाइम नहीं है भाई।
2:12फिक्स्ड इंटरवल्स के बाद ही पैसा जाएगा।
2:16चार्जेस ज्यादातर एनएफटी फ्री होता है या
2:18बहुत कम चार्जेस होते हैं और एनईएफटी वाला
2:21ट्रांसफर सूटेबल रहता है। अगर आपने कम
2:24वैल्यू की ट्रांजैक्शन करनी हो, रेगुलर
2:26पेमेंट्स करनी हो, सैलरी या बिल देने हो
2:29तो एनईएफटी सही रहता है। अब होता क्या है?
2:32एनईएफटी के अंदर बेटा एनईएफटी इज़ थोड़ा
2:36सस्ता सिस्टम। क्या होता है यहां पर? ये
2:39देखिएगा।
2:41एनईएफटी के अंदर क्या होता है? देखो ध्यान
2:43से। जैसे मान लीजिए एक तरफ एक पार्टी है।
2:50एक बच्चा है मान लो पेप्सुरेट।
2:54एक तरफ हो गया पेप्सुरेट।
3:00और दूसरी तरफ बच्चा है गु्वावा। अमरूद।
3:06अब अगर पेप्सेंट ने अमरूद को एनएफटी करी
3:10है।
3:13पेप्सेंट ने मान लो अमरूद को भिजवाने हैं
3:16एग्जांपल के तौर पर ₹100
3:20₹100
3:25और peps ने इसको कर दी एनएफटी
3:29मान के चलते हैं कि peps ने
3:346 PM पर पैसे भेजे।
3:38गुवावा के पास एनएफटी में उस टाइम पर पैसे
3:42नहीं पहुंचेंगे। यह होती है एनएफटी।
3:45पहुंचने के चांसेस बहुत कम है कि अगर
3:47₹10,000 इस peps ने इस अमरूद भाई को यानी
3:51अमरिंदर भाई को भिजवाए हैं।
3:54ठीक है? अगर अमरिंदर को पैसोरेंट ₹10,000
3:56भिजवा रहा है और वो एनईएफटी से ट्रांसफर
3:59कर रहा है। तो अगर 6:00 बजे इसने पैसे
4:01भेजे हैं ना तो कोई गारंटी नहीं है कि
4:036:00 बजे अमरूद जी के पास पहुंच जाएंगे।
4:06ज्यादातर केसेस में ऐसा होता है कि भाई जी
4:09ने 6:00 बजे भेजे ठीक है तो मे बी 7:00
4:13बजे पहुंचे 8:00 बजे पहुंचे 9:00 बजे
4:15पहुंचे 24 घंटे के अंदर-अंदर पहुंच जाते
4:18हैं। ऐसे नहीं है कि पेप्सेंट ने ट्रांसफर
4:20कर दिया उधर से। अमरूद उसको चिल्ला रहा है
4:22कि भाई पेमेंट नहीं आई तेरी तू चोर है तू
4:24यह है तू वो है। पेप्सेंट अगर इतना ही बोल
4:27देगा ना एनईएफटी करिए तो अगर अमरूद थोड़ा
4:29समझदार होगा वो चुप हो जाएगा क्योंकि उसको
4:31पता है कि एनईएफटी का पैसा थोड़ा रुक-रुक
4:34के आता है। एकदम से नहीं पहुंचता। दोबारा
4:37समझ लो। दूसरा एग्जांपल कि अगर दो पार्टीज
4:40है ए और बी
4:43ए बी को मान लो ₹15,000 भेज रहा है।
4:49एनएफटी के जरिए और A ने वह पैसा भेजा है 7
4:54am पर। तो कोई गारंटी नहीं है कि B को भी
4:587:00 am पर ही मिल जाएगा। ठीक है? ऐसा
5:00नहीं है कि इमीडिएटली वो पैसा पहुंच
5:02जाएगा। B के पास हो सकता है वो पैसा 8:00
5:05बजे आए, 9:00 बजे आए, 10:00 बजे पहुंचे,
5:0810:30 पहुंचे, 11 पहुंचे, सवा पहुंचे, मे
5:11बी आफ्टरनून में पहुंचे,
5:15मे बी इवनिंग तक पहुंचे, बेसिकली विद इन
5:1924 आवर्स पहुंच जाएगा। यह बात की होती है
5:21बात। 24 से 48 बोलते हैं बट 24 घंटे में
5:24पहुंच जाता है। ज्यादा लेट नहीं होता।
5:26बैंक वाले तो कहते हैं कि एनएफटी का पैसा
5:29है ना तो हमारे पर आकर कलेश करने से पहले
5:31इतनी देर रुकिए। 24 से 48 आवर्स के लिए
5:34रुकिए। उसके बाद हमारे पास आना। एनएफटी
5:37में क्या होता है? पैसा टुकड़ों में जाता
5:39है।
5:41बैंक वाले बार-बार हर टाइम आपकी सेटलमेंट
5:43नहीं करते। बैंक वाले क्या करते हैं?
5:45पैसों का ट्रांसफर तब करते हैं जब उनके
5:47पास एक फिक्स्ड अमाउंट इकट्ठा हो जाता है।
5:49एक एग्जांपल से समझिए। मान लीजिए बैंक ने
5:52मान रखा है कि हम एक बारी में 5 लाख के
5:55फंड्स इधर-उधर करेंगे। अब जिस टाइम बैंक
5:58के पास वो पैसा इकट्ठा हो जाएगा कि मान लो
6:00ए के अकाउंट से 20,000 ट्रांसफर होने हैं।
6:04बी बी कस्टमर के अकाउंट से 70,000
6:06ट्रांसफर होने हैं। C के खाते से 2 लाख
6:09ट्रांसफर होने हैं। ऐसे करते-करते जब बैंक
6:13का वो 5 लाख वाला कोटा पूरा होएगा ना, फिर
6:15वो एक साथ बैठेगा सबके पैसे ट्रांसफर
6:18करने। इसलिए एनईएफटी का पैसा जो है वो
6:20टुकड़ों में जाता है। यह इसका मतलब होता
6:23है। यह देखिए दोबारा से समझिए इस चीज को।
6:26एनईएफटी क्या था? नेशनल इलेक्ट्रॉनिक
6:29फंड्स ट्रांसफर। क्या है ये? ये एक सिस्टम
6:31है जिसके अंदर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर होता
6:33है पैसों का बैचेस में। बैचेस का मतलब
6:36क्या है? टुकड़ों में पैसा ट्रांसफर होता
6:39है बैंक्स के बीच में। कोई मिनिमम अमाउंट
6:41नहीं है भाई। किसी भी अमाउंट को आप
6:43ट्रांसफर कर सकते हो। 100 200 5000 2000
6:46लाख कुछ भी ट्रांजैक्शन कैसे होती है? बैच
6:49में बैचेस में यानी टुकड़ों में पैसा जाता
6:52है। सेटलमेंट रियल टाइम पर नहीं होती।
6:55रियल टाइम पर मतलब उसी समय नहीं होगी जिस
6:57टाइम पर आप पैसे भेज रहे हो कि अगर
6:59पेप्सूरेंट अमरूद को 6:00 बजे पैसे भेज
7:01रहा था तो गारंटी नहीं है कि अमरूद के
7:03खाते में 6:00 बजे आ जाएंगे। वो पर्टिकुलर
7:07टाइम के बाद ही आएंगे क्योंकि एनईएफटी
7:10बड़ी सस्ती सी फैसिलिटी है। बड़ी चालू सी
7:12फैसिलिटी है। तो या तो इसकी फीस बहुत कम
7:14होती है या ज्यादातर फ्री ही होता है। ये
7:17सूटेबल है रेगुलर ट्रांजैक्शन के लिए कि
7:19सैलरी है। कंपनी वालों ने 31 को डाल दी।
7:2231 से एक में कभी भी आ गई। ये आपने चीज़
7:25ऑब्जर्व करी होगी। जिनके पेरेंट्स की
7:27सैलरी आती है। सैलरी का फिक्स नहीं है कि
7:3012:00 बजे ही शाम पहुंचेगी सैलरी। इतना
7:32पता होता है कि 30 31 एक तारीख में सैलरी
7:35आएगी। कंपनी वाले एनईएफटी कर देते हैं
7:37सैलरी। फिर वो किसी भी टाइम पर आ जाते
7:39हैं। ऐसा नहीं है कि हर बार 12 ही बजे आती
7:41है। तो बेटा वो ट्रांजैक्शन एनईएफटी ही तो
7:43होती है। ये चीज। ठीक है?
7:48अब हम आते हैं दूसरे टॉपिक पर। दैट इज
7:50आरजीएस। भाई जी ये फैसिलिटी ज्यादातर अमीर
7:53लोग यूज़ करते हैं या जिन्होंने बड़ी-बड़ी
7:55ट्रांजैक्शन करनी हो वो कर सकते हैं। ऐसा
7:58मैं क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि इस
8:00फैसिलिटी में सिर्फ आप तब इस फैसिलिटी को
8:03अेल कर सकते हो अगर कम से कम आप 2 लाख या
8:06उससे ज्यादा का ट्रांसफर कर। वही है ना
8:09एक्सक्लूसिव बना रखा है चीज को कि अगर आप
8:11कम से कम 2 लाख की ट्रांजैक्शन कर रहे हो
8:13तो ही आप आरटीजीएस करवा सकते हो। अदरवाइज
8:17नहीं। एनईएफटी करानी पड़ेगी वरना। ये
8:20थोड़ा मॉडर्न कांसेप्ट है। महंगा महंगी
8:23बातचीत वाला कांसेप्ट है। आरटीजीएस क्या
8:25है? एक सिस्टम है जिसके अंदर रियल टाइम
8:28ट्रांसफर होता है। रियल टाइम ट्रांसफर
8:30मतलब इमीडिएट ट्रांसफर होगा पैसों का एक
8:33खाते से दूसरे खाते तक। एक बैंक से दूसरे
8:37बैंक तक क्योंकि ये एक एक्सक्लूसिव
8:39फैसिलिटी है। तो कम से कम ₹ लाख का आपको
8:42मिनिमम करवाना ही पड़ेगा। इसमें कोई बैचेस
8:45में पैसा नहीं जाता।
8:48इसमें रियल टाइम प्रोसेसिंग होती है। रियल
8:51टाइम प्रोसेसिंग मतलब उसी टाइम इंस्टेंटली
8:54रियल टाइम प्रोसेसिंग को वन वर्ड में
8:56बताना हो ना बेटा तो इंस्टेंटली अभी
8:58एग्जांपल से अभी समझेंगे।
9:01सेटलमेंट टाइम क्या है? रियल टाइम पे पैसा
9:03भिजवाया जाता है। उसी टाइम
9:06और रही बात चार्जेस की आरटीजीएस का चार्ज
9:10एनएफटी से महंगा ही होता है। और ये सूटेबल
9:13होता है बड़ी ट्रांजैक्शन के लिए या
9:14अर्जेंट पेमेंट्स के लिए। अब दोबारा से हम
9:16पेप्सूरेंट और अमरूद वाले एग्जांपल पहनते
9:18हैं। अब दूसरा एग्जांपल लगाइए। मान लो फिर
9:23से वही एग्जांपल। एक तरफ है पेप्सुरेंट।
9:28दूसरी तरफ है अमरूद गु्वावा को।
9:32अब क्या है? पेप्सुरेंट को गु्वावा को
9:35भिजवाने हैं।
9:37₹ लाख।
9:40क्या 3 लाख का आरटीजीएस हो सकता है? पहले
9:42ये देखो। क्या 3 लाख 2 लाख से ज्यादा है?
9:46हां जी। तो 3 लाख में यह क्या करवा सकता
9:49है? आरटीजीएस करवा सकता है। अब इस
9:52आरटीजीएस में क्या होगा? अगर pepsेंट ने
9:546:07 पी.m. पर पैसे ट्रांसफर करे हैं ना
9:596:07 पर pepsेंट के खाते से वो कटा है
10:03पैसा। तो भाई जी 6:07 पर पहुंच जाएगा उधर।
10:08रिसीव हो जाएगा अमरूद द्वारा। उसी टाइम
10:11इंस्टेंट सेटलमेंट होएगी किसेंट के खाते
10:14से घटा और अमरूद के खाते में आ गया। ये
10:17चीज होती है। दूसरा एग्जांपल देख लो।
10:21मान लो दो लोग हैं ए और बी। ए और
10:25ए ने बी को भिजवाने हैं। ₹ लाख। इसने
10:29आरटीजीएस करवा दिया। अगर सुबह 10 बजके 49
10:33am पर इसने पैसे ट्रांसफर करे हैं ना तो
10:3610:49 am पर ही इंस्टेंटली वो पैसा इसके
10:40खाते से कटेगा और इसके खाते में आ जाएगा।
10:43ये आरटीजीएस होता है। ये इंस्टेंट वाली
10:46सुप्रीम वाली फैसिलिटी है इसलिए थोड़ी
10:48महंगी भी पड़ती है। ये देखो इसलिए
10:51आरटीजीएस की फुल फॉर्म एक तो रियल टाइम
10:53ग्रॉस सेटलमेंट मीनिंग क्या था? एक सिस्टम
10:56है जो अलव करता है इंस्टेंट ट्रांसफर
10:58इमीडिएट ट्रांसफर टू पुच्चे अमाउंट नहीं
11:01करा सकते अगर आपसे कोई पूछे कि आयुष्मान
11:04को अर्थ को ₹1 लाख भिजवाने हैं क्या
11:07आरटीजीएस कर सकता है नहीं कर सकता भाई
11:09आरटीजीएस का मिनिमम अमाउंट ₹ लाख है दूसरा
11:12एग्जांपल सिया को वंशिका को ₹199000
11:15भिजवाने हैं क्या आरटीजीएस कर सकती है भाई
11:18नहीं कर सकती क्योंकि 2 लाख नहीं है इसमें
11:22जो ट्रांजैक्शन है वो रियल टाइम
11:24प्रोसेसिंग होती यानी इंस्टेंटली पैसा
11:26पहुंच जाएगा। 10:05 पे पेमेंट करिए तो
11:2910:05 पे पहुंच जाएगी। सेटलमेंट रियल टाइम
11:32पे होती है। इमीडिएट सेटलमेंट होती है।
11:35चार्जेस थोड़े महंगे होते हैं क्योंकि थोड़ी
11:37प्रीमियम फैसिलिटी है और ये ना नॉर्मल
11:40ट्रांजैक्शंस के लिए सूटेबल नहीं है। जब
11:42बहुत अर्जेंट पेमेंट करनी हो, बड़े अमाउंट
11:44की सेटलमेंट हो, लार्ज वैल्यू की
11:46ट्रांजैक्शन हो तब करी जाती है। कॉमन बात
11:49क्या है भाई? दोनों एनईएफटी और आरटीजीएस
11:52सेफ है, सिक्योर है और रिलायबल है।
11:54रिलायबल का मतलब भरोसेमंद है। ठीक है जी।
11:57और आरबीआई इनको रेगुलेट भी करता है। यह
12:00तरीके हैं ऑनलाइन फॉर्म में किसी को पैसे
12:02भिचवाने के।
12:04दैट्स इट।