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0:07हेलो 11th बिनेस। इस वीडियो के अंदर हम
0:10अपना बैंकिंग वाला टॉपिक खत्म कर देंगे।
0:12मात्र दो टॉपिक्स करेंगे और हमारा ये
0:15यूनिट जो है 4.1 दैट विल बी कंप्लीटेड।
0:17हमारा टॉपिक रहेगा भाई एक तो इंटरनेट
0:20बैंकिंग जिसको नेट बैंकिंग भी बोला जाता
0:22है। और दूसरा टॉपिक मोबाइल बैंकिंग। फर्क
0:26क्या है? सबसे पहले इंटरनेट बैंकिंग को ही
0:29नेट बैंकिंग कहते हैं। याद कैसे रखेंगे?
0:31क्योंकि इंटरनेट को बेटा नेट भी बोला जाता
0:33है। ठीक है? इंटरनेट के अंदर आखिरी तीन
0:35वर्ड नेट ही होते हैं। तो एक तो ये याद
0:38रखना कि नेट बैंकिंग पूछे मतलब इंटरनेट
0:40बैंकिंग की बात हो रही है। अब
0:43क्या होता है इंटरनेट बैंकिंग? एक मेथड है
0:46डिजिटल तरीके से पेमेंट करने का जिसके
0:48अंदर यूजर जो है वो अलग-अलग फाइनेंसियल
0:50ट्रांजैक्शन कर सकता है बैंक की वेबसाइट
0:54से। याद रखना।
0:59वेबसाइट बेटा जिसको नहीं पता वह होती है
1:00वह जैसे होती है ना www
1:06indian bank.co.in
1:09ऐसे
1:11कि बैंक की एक वेबसाइट पे आप जाके अपनी
1:14डिटेल्स एंटर करके वहां से आप कोई
1:17फाइनेंसियल ट्रांजैक्शन परफॉर्म कर रहे
1:18हो। क्या-क्या कर सकते हो आप? अपनी
1:21ट्रांजैक्शन हिस्ट्री चेक कर सकते हो कि
1:22किस-किस को पास्ट में पैसे भेजे, किस-किस
1:24से आए? फंड्स ट्रांसफर कर सकते हो। ऑनलाइन
1:27बिल की पेमेंट्स बिजली के बिल वगैरह भर
1:29सकते हो। एफडी या आरडी खुलवा सकते हो।
1:31फिक्स्ड डिपॉजिट या रेकरिंग डिपॉजिट लोन
1:34अप्लाई कर सकते हो। क्रेडिट कार्ड मेक की
1:37जगह अप्लाई आएगा टू अप्लाई फॉर क्रेडिट
1:40कार्ड। क्रेडिट कार्ड अप्लाई कर सकते हो।
1:44यह आखरी पॉइंट एक बार ध्यान से देख लो।
1:46क्या आएगा यहां? आखरी पॉइंट आएगा
1:50टू अप्लाई
1:53फॉर
1:54क्रेडिट कार्ड
1:57इसके अंदर क्या करना होता है आपको? अगर
1:59आपने मान लो यह करना है। क्या करना होगा?
2:01लॉग इन कैसे करोगे? बैंक वाले आपको आपकी
2:04एक लॉगिन आईडी और पासवर्ड देंगे। आप बैंक
2:07बैंक अपने कस्टमर्स को एक लॉगिन आईडी और
2:09पासवर्ड देगा। आप उसको एंटर करो और आप
2:11बैंक की वेबसाइट पे चले जाओगे। वहां पर आप
2:14अपने अकाउंट से यह वाली जो ऊपर
2:15ट्रांजैक्शन हमने पढ़ी यह परफॉर्म कर सकते
2:18हो। बस मेजरली इंटरनेट बैंकिंग या नेट
2:20बैंकिंग यही होती है। बैंक वाले क्या
2:23करेंगे? आपको एक लॉगिन आईडी और पासवर्ड दे
2:26देंगे। उस पासवर्ड को यूज़ करके आप बैंक की
2:28वेबसाइट पर जाओ और अपनी ट्रांजैक्शन
2:30परफॉर्म करो। एग्जांपल के लिए देखो ये
2:34देखिए ये मैंने अभी-अभी क्या लिखा?
2:36वेबसाइट ऑफ़ HDFC इनकी वेबसाइट खुल गई
2:38www.hdfc.bank.in
2:41इसको मैं अगर ओपन करूंगा यहां पर ऑप्शन
2:44आएगा मेरे पास लॉगिन का। क्या ऑप्शन आ रहा
2:47है? लॉग इन का। इस लॉग इन के अंदर मैं
2:50अपनी जो भी अगर मेरा HDFC में अकाउंट है
2:52और बैंक वालों ने मेरे को कोई डिटेल्स दे
2:54रखी है तो मैं नेट बैंकिंग पर क्लिक
2:56करूंगा और यह जो कस्टमर आईडी यह मेरे को
2:59किसने दे रखी होगी? बैंक ने दे रखी होगी।
3:01इस कस्टमर आईडी और पासवर्ड को मैं यहां पे
3:04प्लेस करूंगा।
3:06बिल्कुल जिस प्रकार से यहां बना हुआ था कि
3:08लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्लेस करेंगे और
3:11ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। लॉग इन आईडी
3:13डालेंगे और पासवर्ड डालेंगे। दैट्स इट। अब
3:17मोबाइल बैंकिंग में ऐसा क्या खास है जो
3:19उसके अंदर नहीं है? मोबाइल बैंकिंग के
3:22अंदर बेटा जस्ट डिफरेंस ये है कि YouTube
3:26चलाना है। आप Google पर लिख रहे हो www.
3:29YouTube और वहां से YouTube चला रहे हो
3:31ब्राउज़र से वो होगी इंटरनेट या नेट। अगर
3:35आप ऐप चला रहे हो तो वो मोबाइल के थ्रू हो
3:37जाती है। बेसिकली मोबाइल बैंकिंग में क्या
3:40होता है?
3:41एक मेथड ही है डिजिटल पेमेंट का जिसके
3:43अंदर जो यूजर है वह एक स्पेशल ऐप अपने
3:47मोबाइल फोन में डाउनलोड करता है। यह बेटा
3:49बैंक की ऐप होती है। यह भी अभी आपको
3:51दिखाते हैं। अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड
3:54करेंगे और इस ऐप पे सारा काम हो जाएगा। ये
3:56बेटर है। थोड़ी ज्यादा कन्वीनिएंट है।
3:59फैसिलिटीज वैसी सी है। आप बैलेंस
4:01इंक्वायरी कर सकते हो। पैसों का ट्रांसफर
4:03कर सकते हो। बिल्स पेमेंट कर सकते हो।
4:06मिनिमम बैलेंस सेट कर सकते हो और एम पिन
4:09भी डाल सकते हो। तो एमपी बेटा याद रखना
4:10एमपी की फुल फॉर्म पता होनी चाहिए मोबाइल
4:14बैंकिंग पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर इसको
4:17एक एग्जांपल से समझाता हूं मैं आपको देखो
4:19ये देखो भाई Kotak बैंक की मोबाइल
4:23एप्लीकेशन
4:25ये मोबाइल ऐप है Kotak Mahindra बैंक की
4:27ये Yo SBI SBI की मोबाइल बैंकिंग एप है।
4:30यह ICICI की है। ठीक है जी। यह पंजाब
4:34नेशनल बैंक की है। ऐसी अलग-अलग बैंक्स की
4:36होती है। ये HDFC की एक ऐप है। HDFC बैंक
4:39ऐप
4:41इन एप्स पर ये इंडियन बैंक की ये मेरे फोन
4:43में इंस्टॉल्ड है। बट इसको मैं ओपन करूंगा
4:46तो वो स्क्रीन रिकॉर्डिंग ऑफ हो जाएगी
4:48क्योंकि प्राइवेसी कंसर्न्स होते हैं
4:49उसके।
4:51ये चीज
4:53तो होता क्या है? दोनों के अंदर सिमिलर
4:55काम हो सकते हैं। मेन फर्क मोबाइल बैंकिंग
4:58में और नेट बैंकिंग में यही है। नेट
5:00बैंकिंग के अंदर आपको वेबसाइट पर लॉग इन
5:02करके अपना यह लॉगिन आईडी और पासवर्ड डालना
5:05पड़ता है जो बैंक ने आपको दे रखा है। और
5:07मोबाइल बैंकिंग में आप बैंक की ऐप को
5:09डाउनलोड करके एक बार डिटेल सेव कर लेते
5:11हो। अपना एम पिनिन वगैरह सेट कर लेते हो।
5:13एक बार चलो ट्राई करते हैं। लेट्स सी
5:14देखते हैं क्या होता है। देखते हैं अगर
5:17स्क्रीन रिकॉर्डिंग अलव हो जाए। यह मेरे
5:18फोन में एक बैंकिंग ऐप है इंडियन बैंक की।
5:23हां।
5:24अब इस ऐप के अंदर क्या है? यह बायोमेट्रिक
5:27लॉग इन कर सकता हूं। और ये जो अभी आपको एम
5:29पिन वर्ड बताया था वो ये रहा। मोबाइल
5:31बैंकिंग पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर। अब
5:34मैं एम पिन नहीं डालूंगा क्योंकि मेरा थंब
5:35प्रिंट यहां लगा हुआ है। थंब प्रिंट से
5:37मैं इसको ऑन करूंगा। कुछ इस प्रकार की एक
5:40बैंकिंग ऐप दिखती है। स्क्रीन रिकॉर्डिंग
5:43बस और कोई डिटेल्स नहीं दिखेंग। यह
5:45बैंकिंग ऐप है। अकाउंट डिटेल्स देख सकते
5:47हैं। अकाउंट स्टेटमेंट, मिनी पासबुक, फंड
5:50ट्रांसफर कर सकते हैं। यूपीआई भी परफॉर्म
5:52कर सकते हैं। एक्सट्रा एक्स्रा
5:56ठीक है भाई? तो यही फर्क होता है मोबाइल
5:58बैंकिंग और नेट बैंकिंग में। इसी के साथ
6:00बेटा आपका टॉपिक 4.1 यूनिट कंप्लीट है।
6:04इसके नोट्स बनाओ। कल इसका टेस्ट।