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Class 9th Science | 21st Sep class

Anish Dhammi · 1,659 words · 8 min read

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0:00[संगीत]

0:08हां जी नाइंथ क्लास हम लोग आगे कंटिन्यू

0:10करते हैं। हमने जो लास्ट टॉपिक स्टार्ट

0:12करा था उसके अंदर कुछ बातें थी जैसे चार्ज

0:14ऑफ इलेक्ट्रॉन। इलेक्ट्रॉन का चार्ज -1 भी

0:17बोला जाता है। बट एग्जैक्ट होता है -1.602

0:21* 10 की पावर -19 कूलॉम्स। कूलॉम इज़ एसआई

0:26यूनिट ऑफ़ चार्ज। चार्ज को मेजर करने की

0:28यूनिट है। अब थॉमसन मॉडल क्या था? थॉमसन

0:32मॉडल में गिनी बातें थी। पहली कि एक एटम

0:35जो है ना वो स्फीयर है पॉजिटिव चार्ज का।

0:38थॉमसन जी ने बोला कि एटम जो है वो एक गोला

0:40है पॉजिटिव चार्ज का। दूसरी बात

0:43इलेक्ट्रॉन्स इसके अंदर बटे हुए हैं।

0:45पिरोए हुए हैं पूरे पॉजिटिव स्फीयर में।

0:48बेसिकली अगर आपसे कोई पूछे कि किसने बोला

0:50था एटम को ये पॉजिटिव स्फीयर होता है।

0:53थॉमसन ने बोला था। बिल्कुल इन्होंने पॉइंट

0:55को समझाया था कि बिल्कुल जैसे वाटरमलन

0:57होता है। वाटरमलन में जो लाल वाला हिस्सा

1:00है मान लो वो एटम है और उसके अंदर जो

1:02सीड्स है ब्लैक ब्लैक सी वो उसके

1:03इलेक्ट्रॉन्स हैं। और इन्होंने कहा ये जो

1:06नेगेटिव और पॉजिटिव चार्जेस है ये एक

1:09दूसरे को बैलेंस कर जाते हैं।

1:12इसलिए एक एटम क्या रहता है? न्यूट्रल।

1:15ये बात हमने भी अपनी लास्ट क्लास में

1:17डिस्कस करी थी। आगे चलते हैं आज के काम

1:20से।

1:22यह जो थॉमसन मॉडल है इसके दो और नाम थे।

1:24एक तो वाटरमलन मॉडल।

1:29वाटरमलन मॉडल में इन्होंने क्या समझाया था

1:32बेटा? यही जो ऊपर लिखा हुआ था ये चीज कि

1:37जो एटम्स है ना जो इलेक्ट्रॉन है वो

1:40बिल्कुल सीड्स की तरह है वाटरमेलन में कि

1:43अगर वाटरमेलन का लाल वाला हिस्सा एटम है

1:45ना तो सीड्स जो है ब्लैक कलर की वो उसके

1:48इलेक्ट्रॉन्स है पूरे तरबूज में इधर-उधर

1:50बटे हुए हैं। एक तो ये और दूसरा बोला था

1:53इन्होंने प्लम पुडिंग मॉडल। इसकी मैं आपको

1:55फोटो दिखाता हूं। यह देखना यह देखो

1:58बिल्कुल इस प्रकार से आपने कभी कोई चोको

2:01चिप वाली कुकी देखी है कि जैसे वह गोल

2:03कुकी है और उसके अंदर चोको चिप बटे हुए

2:05होते हैं बिल्कुल उसी प्रकार से बिल्कुल

2:08उसी तरीके से

2:11कि एक गोल कुकी है पुडिंग है उसके अंदर ये

2:15प्लम्स के जो गोल-गोल से पर्पल पर्पल से

2:17पीसेस आपको यहां दिख रहे हैं ना ये प्लम्स

2:20ये कि एटम जो है वो गोला है उसके अंदर

2:22ऐसेसे अलग-अलग जगहों पर ये फैले हुए हैं

2:25प्लम्स प्लम इसी रीजन से प्लम पुडिंग मॉडल

2:28कहा था कि थॉमसन के मॉडल को प्लम पुडिंग

2:30मॉडल भी कहते हैं। इलेक्ट्रॉन्स बिल्कुल

2:32प्लम्स की तरह है जो डिस्ट्रीब्यूट हो रखे

2:35हैं पुडिंग में। ये देखना अब कि अगर ये

2:39पुडिंग है इसके अंदर ये जो पर्पल पर्पल से

2:41गोले हैं या ऐसा भी कह सकता हूं मैं अगर

2:42ये मान लो कोई चोको चिप की है तो इसके जो

2:44चोको चिप्स है वो एक तरीके से

2:47इलेक्ट्रॉन्स की तरह है।

2:51और दूसरा कंपैरिजन इन्होंने वाटरमलन के

2:53साथ करा था। अच्छा अब सवाल उठता है कि

2:56थॉमसन जी का मॉडल जरूरी क्यों था? यार

2:59थॉमसन का मॉडल ना एक पहला जेन्युइन

3:01अटेमप्ट था जो एटम के इंटरनल स्ट्रक्चर की

3:04बात कर रहा था। डेल्टन जी ने बातें करी थी

3:07लेकिन इंटरनल स्ट्रक्चर की नहीं करी थी।

3:09थॉमसन का पहला अटेंप्ट था जिसमें एटम के

3:12अंदर की बातें हुई। दूसरा इन्होंने बताया

3:15था कि पॉजिटिव और नेगेटिव चार्जेस आपस में

3:17बैलेंस्ड रहती हैं। जैसे इनका मतलब था कि

3:20अगर किसी एटम के अंदर

3:24आठ नेगेटिव चार्ज है ना अगर आठ नेगेटिव

3:27चार्ज है तो उसमें आठ ही पॉजिटिव चार्ज

3:31होंगे। आठ उसमें क्या होंगे? पॉजिटिव

3:35चार्ज ताकि वो आपस में +8 -8 कैंसिल आउट

3:38हो जाए और एटम जीरो न्यूट्रल चार्ज का

3:41रहे। और ये बात भाई आज भी सच्ची है।

3:43एग्जांपल के तौर पे आगे आगे चैप्टर में हम

3:45पढ़ेंगे। अब जैसे आज सोडियम एटम की मैं बात

3:48करूं। सोडियम एटम में बेटा क्या होता है?

3:51इसमें इलेक्ट्रॉन्स होते हैं 11 और

3:53प्रोटॉन्स भी कितने होते हैं? 11. जितना

3:56पॉजिटिव चार्ज है उतना ही नेगेटिव चार्ज

3:58है। तो एटम पूरा क्या रहेगा? फिर न्यूट्रल

4:00ही तो रहेगा।

4:05बट वही बात बाद वाले एक्सपेरिमेंट से ये

4:08पता लगा कि ये मॉडल बिल्कुल कंप्लीटली

4:10करेक्ट नहीं है। आगे

4:13कुछ क्वेश्चन आंसर्स जो हमने डिस्कस करे

4:14थे लास्ट क्लास में। पहले ये टॉपिक है।

4:16रेडियो एक्टिविटी क्या होता है? एक ऐसा

4:18फिनोमिना जिससे पता लगता है कि कुछ

4:20एलिमेंट्स जो है वो इनविज़िबल एनर्जी और

4:21पार्टिकल्स छोड़ते हैं। जैसे आपको

4:23यूरेनियम बताया था। इसकी वजह से पता लगा

4:25कि एटम्स छोटे-छोटे पार्टिकल से बनी हुई

4:27है। इलेक्ट्रॉन कि इन्होंने डिस्कवर करे

4:29यार जे जे थॉमसन ने करे। कब करे? 1897 में

4:33अपने कैथोड रेस के एक्सपेरिमेंट से। कैथोड

4:36रेज क्या होती है? कैथोड रेज नेगेटिवली

4:38चार्ज्ड पार्टिकल्स है जो कब प्रोड्यूस

4:40होते हैं? जब हाई वोल्टेज करंट को लो

4:42प्रेशर की गैस पर पास किया जाता है। ये

4:44हमने पढ़ा था।

4:46[नाक से की जाने वाली आवाज़]

4:46थॉमसन ने क्या कंक्लूड करा अपने

4:48एक्सपेरिमेंट से? थॉमसन ने कंक्लूड करा कि

4:50कैथोड रेज के अंदर कंसिस्ट ऑफ मतलब इसके

4:53अंदर है नेगेटिवली चार्ज्ड पार्टिकल्स

4:56जिनका मास एटम से कम ही है। क्योंकि उसके

4:59अंदर के पार्ट का मास तो कम ही होगा ना।

5:01इसी पार्टिकल्स को बाद में क्या बोला गया?

5:03इलेक्ट्रॉन्स।

5:05आगे

5:07थॉमसन के मॉडल को प्लम पुडिंग मॉडल क्यों

5:09बोला? आप नंबरिंग में ऐसे सेवन ना करना।

5:11अगर मान लो आपका ये क्वेश्चन नंबर फाइव बन

5:13रहा होगा तो फाइव ही लिखना। एक्चुअली जो

5:14फिफ्थ और सिक्स्थ है वो हम क्लास में कर

5:16चुके हैं इसलिए मैंने यहां पर वो हटा

5:17दिया। [नाक से की जाने वाली आवाज़] आप

5:19इसकी नंबरिंग क्वेश्चन नंबर फाइव ही करना।

5:24थॉमसन के मॉडल को प्लम पुडिंग मॉडल कहा

5:26गया क्योंकि इलेक्ट्रॉन्स को माना गया था

5:28कि वो भी डिस्ट्रीब्यूट हो रखे हैं।

5:30एंबेडेड हो रखे हैं। पिरोए हुए हैं एक

5:32पॉजिटिवली चार्ज्ड स्फीयर के अंदर। याद

5:35रखना यार ये जो बार-बार वर्ड आ जाता है ना

5:37पॉजिटिवली चार्ज स्फीयर। थॉमसन ने कहा था

5:40पॉजिटिव चार्ज स्फीयर। किसको?

5:43थॉमसन के हिसाब से थॉमसन ने जो बोला था ना

5:45वो कह रहा था कि एटम है यह पॉजिटिवली

5:47चार्ज स्फीयर। थॉमसन के मॉडल में जहांजहां

5:50पर भी ये वर्ड आया ना पॉजिटिवली चार्ज

5:53स्फीयर इससे उनका मतलब एटम से था।

5:58प्लम्स जिस तरीके से प्लम पुडिंग में गए

6:00होते हैं। जिस तरीके से वाटरमलन के सीड्स

6:03वाटरमलन में होते हैं। जिस तरीके से कुकी

6:05के अंदर चोको चिप होते हैं। उस तरीके से

6:07इलेक्ट्रॉन्स जो है वो एक एटम के अंदर है।

6:10यह थॉमसन ने कहा।

6:13क्या लिमिटेशन था डेल्टन का जो इलेक्ट्रॉन

6:15से आया? डेल्टन ने क्या बोला था? एटम्स आर

6:18इंडिविजिबल पार्टिकल्स। डेल्टन जी ने क्या

6:20बोला था? एटम इंडिविजिबल है यानी डिवाइड

6:22नहीं हो सकता। बट इलेक्ट्रॉन से पता लग

6:24गया कि एटम के अंदर और छोटी-छोटी चीजें भी

6:26होती है। तो इसका मतलब एटम डिवाइड हो सकता

6:29है। एक बहुत अच्छा क्वेश्चन है यार। बहुत

6:32प्यारा क्वेश्चन। ध्यान से देखना।

6:37एक स्टूडेंट ने गैस बदल दी थॉमसन के कैथोड

6:39रे एक्सपेरिमेंट में। अब थॉमसन का कैथोड

6:42रे एक्सपेरिमेंट याद रखो क्या था? हाई

6:45वोल्टेज के करंट को क्या करा था थॉमसन जी

6:48ने? हाई वोल्टेज के करंट को पास कराया था।

6:54किससे? एक लो प्रेशर की गैस से।

7:00अब एक बच्चे ने क्या करा? एक बच्चा इसी

7:04एक्सपेरिमेंट के अंदर गैस बदल देता है। इस

7:07कैथोडरे ट्यूब के अंदर ये जो एक्सपेरिमेंट

7:09हुआ था ना

7:12बट हैरानी की बात सेम प्रकार की कैथोड रेज

7:15ही है तो वो बच्चा क्या कंक्लूड कर सकता

7:17है बेटा कंक्लूजन ये है

7:19[नाक से की जाने वाली आवाज़] कि जो

7:20पार्टिकल्स कैथोड रेज बनाते हैं वो एटम के

7:23सबसे बेसिक कॉम्पोनेंट है ठीक है ये कौन

7:25है इलेक्ट्रॉन्स कोई फर्क नहीं पड़ता जो

7:28सी मर्जी गैस होगी अब इसको मैं आपकी भाषा

7:30में आसान शब्दों से सुनाता हूं थॉमसन ने

7:33क्या करा था एक हाई वोल्टेज के करंट को लो

7:36प्रेशर की गैस पे डाला था ना लो प्रेशर

7:38गैस पे अब एक बच्चे ने क्या करा? इस गैस

7:41को बदल दिया। एग्जांपल के तौर पर मान लो

7:43पहले अगर गैस x यूज़ हो रही थी तो उस बच्चे

7:46ने उसको हटा के गैस y लगा दी।

7:48[नाक से की जाने वाली आवाज़]

7:49फिर भी क्या निकला रिजल्ट कि भाई फिर भी

7:55जो पार्टिकल्स कैथोड रेज को बना रहे थे वो

7:57अभी भी आए। जब उसने किसी दूसरी गैस के साथ

8:00भी एक्सपेरिमेंट करा तो भी उसको वो कैथोड

8:03रेज दिखी। यानी वो इलेक्ट्रॉन्स जो थे वो

8:06महसूस हुए। स्टूडेंट ने ये कंक्लूड करा कि

8:08जो पार्टिकल कैथोड रेज को बना रहे हैं

8:10यानी इलेक्ट्रॉन्स वो हर एटम के बेसिक

8:13कॉम्पोनेंट है। इंडिपेंडेंट ऑफ द गैस

8:15यूज्ड मतलब नो मैटर कोई फर्क नहीं पड़ता।

8:18आसान शब्दों में इसका मतलब क्या है? कि

8:21कोई फर्क नहीं पड़ता।

8:24आप गैस जो सी मर्जी लो कैथोड रे के

8:27एक्सपेरिमेंट में

8:29अगर एटम के अंदर इलेक्ट्रॉन है ना तो वो

8:32रहेगा।

8:34गैस x लो, गैस y लो, जो सी मर्जी गैस ले

8:37लो। अगर इलेक्ट्रॉन दिखना है तो वो दिख ही

8:39जाना है। हर एटम के अंदर होता है। इसके

8:42[नाक से की जाने वाली आवाज़] बाद एक ब्रीफ

8:42समरी

8:44याद रखने वाली बात है। 1897 में जे थमसन

8:47ने एक्सपेरिमेंट करा। कैथोड रेज का नेचर

8:49क्या निकला? नेगेटिवली चार्ज। इन्हीं को

8:50बाद में क्या बोला गया? इलेक्ट्रॉन। एक

8:53इलेक्ट्रॉन का चार्ज क्या होता है? -1.602

8:56* 10 की पावर -19 कूलॉम। इलेक्ट्रॉन

8:59प्रेजेंट है हर एटम में। थॉमसन का मॉडल

9:01क्या था कि एटम एक पॉजिटिव स्फीयर है और

9:03इलेक्ट्रॉन उसके अंदर पिरोए हुए हैं। मॉडल

9:06को प्लम पुडिंग मॉडल, वाटरमलन मॉडल भी

9:08बोला गया। और मेन आईडिया थॉमसन का जो फेमस

9:10बात थी वो ये थी कि नेगेटिव और पॉजिटिव

9:13चार्जेस एक दूसरे को बैलेंस कर जाते हैं।

9:15इसलिए एटम क्या रहता है? न्यूट्रल। तो

9:18बेटा अपनी लास्ट क्लास वाले नोट्स रिवाइज

9:19करो और इसके सारे के नोट्स बनाओ। ए टू Z

9:22हां इसको दोबारा मत लिखना। इसको मैं बता

9:25रहा हूं।

9:28ये आप लिख चुके हो ना? तो इस वाले पेज को

9:30दोबारा मत लिखना। यह बस ओवरव्यू देने के

9:33लिए था। यहां से नोट्स बनाने शुरू कर

9:34देना।

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