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0:00[संगीत]
0:08हां जी नाइंथ क्लास हम लोग आगे कंटिन्यू
0:10करते हैं। हमने जो लास्ट टॉपिक स्टार्ट
0:12करा था उसके अंदर कुछ बातें थी जैसे चार्ज
0:14ऑफ इलेक्ट्रॉन। इलेक्ट्रॉन का चार्ज -1 भी
0:17बोला जाता है। बट एग्जैक्ट होता है -1.602
0:21* 10 की पावर -19 कूलॉम्स। कूलॉम इज़ एसआई
0:26यूनिट ऑफ़ चार्ज। चार्ज को मेजर करने की
0:28यूनिट है। अब थॉमसन मॉडल क्या था? थॉमसन
0:32मॉडल में गिनी बातें थी। पहली कि एक एटम
0:35जो है ना वो स्फीयर है पॉजिटिव चार्ज का।
0:38थॉमसन जी ने बोला कि एटम जो है वो एक गोला
0:40है पॉजिटिव चार्ज का। दूसरी बात
0:43इलेक्ट्रॉन्स इसके अंदर बटे हुए हैं।
0:45पिरोए हुए हैं पूरे पॉजिटिव स्फीयर में।
0:48बेसिकली अगर आपसे कोई पूछे कि किसने बोला
0:50था एटम को ये पॉजिटिव स्फीयर होता है।
0:53थॉमसन ने बोला था। बिल्कुल इन्होंने पॉइंट
0:55को समझाया था कि बिल्कुल जैसे वाटरमलन
0:57होता है। वाटरमलन में जो लाल वाला हिस्सा
1:00है मान लो वो एटम है और उसके अंदर जो
1:02सीड्स है ब्लैक ब्लैक सी वो उसके
1:03इलेक्ट्रॉन्स हैं। और इन्होंने कहा ये जो
1:06नेगेटिव और पॉजिटिव चार्जेस है ये एक
1:09दूसरे को बैलेंस कर जाते हैं।
1:12इसलिए एक एटम क्या रहता है? न्यूट्रल।
1:15ये बात हमने भी अपनी लास्ट क्लास में
1:17डिस्कस करी थी। आगे चलते हैं आज के काम
1:20से।
1:22यह जो थॉमसन मॉडल है इसके दो और नाम थे।
1:24एक तो वाटरमलन मॉडल।
1:29वाटरमलन मॉडल में इन्होंने क्या समझाया था
1:32बेटा? यही जो ऊपर लिखा हुआ था ये चीज कि
1:37जो एटम्स है ना जो इलेक्ट्रॉन है वो
1:40बिल्कुल सीड्स की तरह है वाटरमेलन में कि
1:43अगर वाटरमेलन का लाल वाला हिस्सा एटम है
1:45ना तो सीड्स जो है ब्लैक कलर की वो उसके
1:48इलेक्ट्रॉन्स है पूरे तरबूज में इधर-उधर
1:50बटे हुए हैं। एक तो ये और दूसरा बोला था
1:53इन्होंने प्लम पुडिंग मॉडल। इसकी मैं आपको
1:55फोटो दिखाता हूं। यह देखना यह देखो
1:58बिल्कुल इस प्रकार से आपने कभी कोई चोको
2:01चिप वाली कुकी देखी है कि जैसे वह गोल
2:03कुकी है और उसके अंदर चोको चिप बटे हुए
2:05होते हैं बिल्कुल उसी प्रकार से बिल्कुल
2:08उसी तरीके से
2:11कि एक गोल कुकी है पुडिंग है उसके अंदर ये
2:15प्लम्स के जो गोल-गोल से पर्पल पर्पल से
2:17पीसेस आपको यहां दिख रहे हैं ना ये प्लम्स
2:20ये कि एटम जो है वो गोला है उसके अंदर
2:22ऐसेसे अलग-अलग जगहों पर ये फैले हुए हैं
2:25प्लम्स प्लम इसी रीजन से प्लम पुडिंग मॉडल
2:28कहा था कि थॉमसन के मॉडल को प्लम पुडिंग
2:30मॉडल भी कहते हैं। इलेक्ट्रॉन्स बिल्कुल
2:32प्लम्स की तरह है जो डिस्ट्रीब्यूट हो रखे
2:35हैं पुडिंग में। ये देखना अब कि अगर ये
2:39पुडिंग है इसके अंदर ये जो पर्पल पर्पल से
2:41गोले हैं या ऐसा भी कह सकता हूं मैं अगर
2:42ये मान लो कोई चोको चिप की है तो इसके जो
2:44चोको चिप्स है वो एक तरीके से
2:47इलेक्ट्रॉन्स की तरह है।
2:51और दूसरा कंपैरिजन इन्होंने वाटरमलन के
2:53साथ करा था। अच्छा अब सवाल उठता है कि
2:56थॉमसन जी का मॉडल जरूरी क्यों था? यार
2:59थॉमसन का मॉडल ना एक पहला जेन्युइन
3:01अटेमप्ट था जो एटम के इंटरनल स्ट्रक्चर की
3:04बात कर रहा था। डेल्टन जी ने बातें करी थी
3:07लेकिन इंटरनल स्ट्रक्चर की नहीं करी थी।
3:09थॉमसन का पहला अटेंप्ट था जिसमें एटम के
3:12अंदर की बातें हुई। दूसरा इन्होंने बताया
3:15था कि पॉजिटिव और नेगेटिव चार्जेस आपस में
3:17बैलेंस्ड रहती हैं। जैसे इनका मतलब था कि
3:20अगर किसी एटम के अंदर
3:24आठ नेगेटिव चार्ज है ना अगर आठ नेगेटिव
3:27चार्ज है तो उसमें आठ ही पॉजिटिव चार्ज
3:31होंगे। आठ उसमें क्या होंगे? पॉजिटिव
3:35चार्ज ताकि वो आपस में +8 -8 कैंसिल आउट
3:38हो जाए और एटम जीरो न्यूट्रल चार्ज का
3:41रहे। और ये बात भाई आज भी सच्ची है।
3:43एग्जांपल के तौर पे आगे आगे चैप्टर में हम
3:45पढ़ेंगे। अब जैसे आज सोडियम एटम की मैं बात
3:48करूं। सोडियम एटम में बेटा क्या होता है?
3:51इसमें इलेक्ट्रॉन्स होते हैं 11 और
3:53प्रोटॉन्स भी कितने होते हैं? 11. जितना
3:56पॉजिटिव चार्ज है उतना ही नेगेटिव चार्ज
3:58है। तो एटम पूरा क्या रहेगा? फिर न्यूट्रल
4:00ही तो रहेगा।
4:05बट वही बात बाद वाले एक्सपेरिमेंट से ये
4:08पता लगा कि ये मॉडल बिल्कुल कंप्लीटली
4:10करेक्ट नहीं है। आगे
4:13कुछ क्वेश्चन आंसर्स जो हमने डिस्कस करे
4:14थे लास्ट क्लास में। पहले ये टॉपिक है।
4:16रेडियो एक्टिविटी क्या होता है? एक ऐसा
4:18फिनोमिना जिससे पता लगता है कि कुछ
4:20एलिमेंट्स जो है वो इनविज़िबल एनर्जी और
4:21पार्टिकल्स छोड़ते हैं। जैसे आपको
4:23यूरेनियम बताया था। इसकी वजह से पता लगा
4:25कि एटम्स छोटे-छोटे पार्टिकल से बनी हुई
4:27है। इलेक्ट्रॉन कि इन्होंने डिस्कवर करे
4:29यार जे जे थॉमसन ने करे। कब करे? 1897 में
4:33अपने कैथोड रेस के एक्सपेरिमेंट से। कैथोड
4:36रेज क्या होती है? कैथोड रेज नेगेटिवली
4:38चार्ज्ड पार्टिकल्स है जो कब प्रोड्यूस
4:40होते हैं? जब हाई वोल्टेज करंट को लो
4:42प्रेशर की गैस पर पास किया जाता है। ये
4:44हमने पढ़ा था।
4:46[नाक से की जाने वाली आवाज़]
4:46थॉमसन ने क्या कंक्लूड करा अपने
4:48एक्सपेरिमेंट से? थॉमसन ने कंक्लूड करा कि
4:50कैथोड रेज के अंदर कंसिस्ट ऑफ मतलब इसके
4:53अंदर है नेगेटिवली चार्ज्ड पार्टिकल्स
4:56जिनका मास एटम से कम ही है। क्योंकि उसके
4:59अंदर के पार्ट का मास तो कम ही होगा ना।
5:01इसी पार्टिकल्स को बाद में क्या बोला गया?
5:03इलेक्ट्रॉन्स।
5:05आगे
5:07थॉमसन के मॉडल को प्लम पुडिंग मॉडल क्यों
5:09बोला? आप नंबरिंग में ऐसे सेवन ना करना।
5:11अगर मान लो आपका ये क्वेश्चन नंबर फाइव बन
5:13रहा होगा तो फाइव ही लिखना। एक्चुअली जो
5:14फिफ्थ और सिक्स्थ है वो हम क्लास में कर
5:16चुके हैं इसलिए मैंने यहां पर वो हटा
5:17दिया। [नाक से की जाने वाली आवाज़] आप
5:19इसकी नंबरिंग क्वेश्चन नंबर फाइव ही करना।
5:24थॉमसन के मॉडल को प्लम पुडिंग मॉडल कहा
5:26गया क्योंकि इलेक्ट्रॉन्स को माना गया था
5:28कि वो भी डिस्ट्रीब्यूट हो रखे हैं।
5:30एंबेडेड हो रखे हैं। पिरोए हुए हैं एक
5:32पॉजिटिवली चार्ज्ड स्फीयर के अंदर। याद
5:35रखना यार ये जो बार-बार वर्ड आ जाता है ना
5:37पॉजिटिवली चार्ज स्फीयर। थॉमसन ने कहा था
5:40पॉजिटिव चार्ज स्फीयर। किसको?
5:43थॉमसन के हिसाब से थॉमसन ने जो बोला था ना
5:45वो कह रहा था कि एटम है यह पॉजिटिवली
5:47चार्ज स्फीयर। थॉमसन के मॉडल में जहांजहां
5:50पर भी ये वर्ड आया ना पॉजिटिवली चार्ज
5:53स्फीयर इससे उनका मतलब एटम से था।
5:58प्लम्स जिस तरीके से प्लम पुडिंग में गए
6:00होते हैं। जिस तरीके से वाटरमलन के सीड्स
6:03वाटरमलन में होते हैं। जिस तरीके से कुकी
6:05के अंदर चोको चिप होते हैं। उस तरीके से
6:07इलेक्ट्रॉन्स जो है वो एक एटम के अंदर है।
6:10यह थॉमसन ने कहा।
6:13क्या लिमिटेशन था डेल्टन का जो इलेक्ट्रॉन
6:15से आया? डेल्टन ने क्या बोला था? एटम्स आर
6:18इंडिविजिबल पार्टिकल्स। डेल्टन जी ने क्या
6:20बोला था? एटम इंडिविजिबल है यानी डिवाइड
6:22नहीं हो सकता। बट इलेक्ट्रॉन से पता लग
6:24गया कि एटम के अंदर और छोटी-छोटी चीजें भी
6:26होती है। तो इसका मतलब एटम डिवाइड हो सकता
6:29है। एक बहुत अच्छा क्वेश्चन है यार। बहुत
6:32प्यारा क्वेश्चन। ध्यान से देखना।
6:37एक स्टूडेंट ने गैस बदल दी थॉमसन के कैथोड
6:39रे एक्सपेरिमेंट में। अब थॉमसन का कैथोड
6:42रे एक्सपेरिमेंट याद रखो क्या था? हाई
6:45वोल्टेज के करंट को क्या करा था थॉमसन जी
6:48ने? हाई वोल्टेज के करंट को पास कराया था।
6:54किससे? एक लो प्रेशर की गैस से।
7:00अब एक बच्चे ने क्या करा? एक बच्चा इसी
7:04एक्सपेरिमेंट के अंदर गैस बदल देता है। इस
7:07कैथोडरे ट्यूब के अंदर ये जो एक्सपेरिमेंट
7:09हुआ था ना
7:12बट हैरानी की बात सेम प्रकार की कैथोड रेज
7:15ही है तो वो बच्चा क्या कंक्लूड कर सकता
7:17है बेटा कंक्लूजन ये है
7:19[नाक से की जाने वाली आवाज़] कि जो
7:20पार्टिकल्स कैथोड रेज बनाते हैं वो एटम के
7:23सबसे बेसिक कॉम्पोनेंट है ठीक है ये कौन
7:25है इलेक्ट्रॉन्स कोई फर्क नहीं पड़ता जो
7:28सी मर्जी गैस होगी अब इसको मैं आपकी भाषा
7:30में आसान शब्दों से सुनाता हूं थॉमसन ने
7:33क्या करा था एक हाई वोल्टेज के करंट को लो
7:36प्रेशर की गैस पे डाला था ना लो प्रेशर
7:38गैस पे अब एक बच्चे ने क्या करा? इस गैस
7:41को बदल दिया। एग्जांपल के तौर पर मान लो
7:43पहले अगर गैस x यूज़ हो रही थी तो उस बच्चे
7:46ने उसको हटा के गैस y लगा दी।
7:48[नाक से की जाने वाली आवाज़]
7:49फिर भी क्या निकला रिजल्ट कि भाई फिर भी
7:55जो पार्टिकल्स कैथोड रेज को बना रहे थे वो
7:57अभी भी आए। जब उसने किसी दूसरी गैस के साथ
8:00भी एक्सपेरिमेंट करा तो भी उसको वो कैथोड
8:03रेज दिखी। यानी वो इलेक्ट्रॉन्स जो थे वो
8:06महसूस हुए। स्टूडेंट ने ये कंक्लूड करा कि
8:08जो पार्टिकल कैथोड रेज को बना रहे हैं
8:10यानी इलेक्ट्रॉन्स वो हर एटम के बेसिक
8:13कॉम्पोनेंट है। इंडिपेंडेंट ऑफ द गैस
8:15यूज्ड मतलब नो मैटर कोई फर्क नहीं पड़ता।
8:18आसान शब्दों में इसका मतलब क्या है? कि
8:21कोई फर्क नहीं पड़ता।
8:24आप गैस जो सी मर्जी लो कैथोड रे के
8:27एक्सपेरिमेंट में
8:29अगर एटम के अंदर इलेक्ट्रॉन है ना तो वो
8:32रहेगा।
8:34गैस x लो, गैस y लो, जो सी मर्जी गैस ले
8:37लो। अगर इलेक्ट्रॉन दिखना है तो वो दिख ही
8:39जाना है। हर एटम के अंदर होता है। इसके
8:42[नाक से की जाने वाली आवाज़] बाद एक ब्रीफ
8:42समरी
8:44याद रखने वाली बात है। 1897 में जे थमसन
8:47ने एक्सपेरिमेंट करा। कैथोड रेज का नेचर
8:49क्या निकला? नेगेटिवली चार्ज। इन्हीं को
8:50बाद में क्या बोला गया? इलेक्ट्रॉन। एक
8:53इलेक्ट्रॉन का चार्ज क्या होता है? -1.602
8:56* 10 की पावर -19 कूलॉम। इलेक्ट्रॉन
8:59प्रेजेंट है हर एटम में। थॉमसन का मॉडल
9:01क्या था कि एटम एक पॉजिटिव स्फीयर है और
9:03इलेक्ट्रॉन उसके अंदर पिरोए हुए हैं। मॉडल
9:06को प्लम पुडिंग मॉडल, वाटरमलन मॉडल भी
9:08बोला गया। और मेन आईडिया थॉमसन का जो फेमस
9:10बात थी वो ये थी कि नेगेटिव और पॉजिटिव
9:13चार्जेस एक दूसरे को बैलेंस कर जाते हैं।
9:15इसलिए एटम क्या रहता है? न्यूट्रल। तो
9:18बेटा अपनी लास्ट क्लास वाले नोट्स रिवाइज
9:19करो और इसके सारे के नोट्स बनाओ। ए टू Z
9:22हां इसको दोबारा मत लिखना। इसको मैं बता
9:25रहा हूं।
9:28ये आप लिख चुके हो ना? तो इस वाले पेज को
9:30दोबारा मत लिखना। यह बस ओवरव्यू देने के
9:33लिए था। यहां से नोट्स बनाने शुरू कर
9:34देना।