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0:01हां जी 11th क्लास यह जो आपका टॉपिक है
0:04पूरा चैप्टर वन शॉर्ट में जरा देखेंगे
0:06क्विकली का एक्टिविटी जो होती है वो दो
0:09तरीके की होती है इकोनॉमिक और नॉन
0:12इकोनॉमिक एक्टिविटी एक होती है इकोनॉमिक
0:15एक्टिविटी इकोनॉमिक्स नहीं है ये इकोनॉमिक
0:18एक्टिविटी और एक होती है नॉन इकोनॉमिक
0:20एक्टिविटी ठीक है एक एक्टिविटी होती है
0:23इकोनॉमिक एक होती है नॉन इकोनॉमिक
0:26इकोनॉमिक एक्टिविटी वो होती है जो पैसे
0:29कमाने के लिए करी जाती है। ठीक है? व्हिच
0:31इज़ डन टू अर्न मनी। जो काम आप पैसे कमाने
0:35के लिए कर रहे हो उसको इकोनॉमिक एक्टिविटी
0:37कहते हैं। एंड नॉन इकोनॉमिक एक्टिविटी जो
0:39पैसे कमाने के मोटिव से नहीं करी। जैसे
0:41सोशल वर्क कर दिया, समाज सेवा, पूजापा,
0:44रिलीजियस वर्क वो सब। ठीक है? अब जैसे मान
0:47लो कोई मेड है। अगर वो किसी के ऑफिस में,
0:50किसी के घर पे जाकर सफाई कर रही है, झाड़ू
0:53लगा रही है। वो इकोनॉमिक एक्टिविटी होगी
0:55भाई। पैसे कमाने के लिए कर रही है। लेकिन
0:57अगर कोई व्यक्ति मंदिर में झाड़ू लगा रहा
1:00है अपनी श्रद्धा भाव से तो वह क्या हो
1:02गया? नॉन इकोनॉमिक एक्टिविटी। या फिर कोई
1:04सोशल वर्कर है और सड़क पर सफाई कर रहा है
1:06तो वो क्या हो गया? नॉन इकोनॉमिक
1:08एक्टिविटी। ठीक है? नॉन इकोनॉमिक में एक
1:11और चीज भी आती है कि जो आप अपनी खुद की
1:13सेटिस्फेक्शन के लिए कर रहे हो। पैसे
1:15कमाने के लिए नहीं। और ये जो इकोनॉमिक
1:18एक्टिविटी है ये तीन तरह की होती है।
1:19बिनेस, प्रोफेशन और एंप्लॉयमेंट। तो वो जो
1:23टेस्ट में एमसीक्यू था ना इकोनमिक
1:24एक्टिविटी इक्वल टू तो वहां पर आना था
1:26बिजनेस प्लस प्रोफेशन प्लस एंप्लॉयमेंट।
1:30ठीक है?
1:32वेजेस किसको कहते हैं भाई? ध्यान रखना
1:34दिहाड़ी को जो पर डे के हिसाब से मिलती
1:36है। जैसे वर्कर्स को फॉर एग्जांपल
1:40600 पर डे, 700 पर डे एक्सट्रा और सैलरी
1:43कौन सी होती है? जो मंथली बेसिस पर मिलती
1:46है आपको पे एंप्लाइजज़ को जो मिलती है जैसे
1:49₹55,000 पर मंथ या कुछ भी और वो चीज होती
1:52है सैलरी।
1:55इसके बाद टॉपिक आता है बिजनेस। यह एक-एक
1:58करके इकोनमिक एक्टिविटीज आपने पढ़नी है।
2:00तो कल की स्टडी भी आपने करी थी। बिजनेस के
2:02क्या फीचर्स होते हैं भाई? अब जरा ध्यान
2:04से देखना।
2:06बिजनेस पहली बात है कि इकोनॉमिक एक्टिविटी
2:08है भाई। पैसे कमाने के मोटिव से किया जाता
2:11है। बिनेस में क्या आता है? प्रोडक्शन एंड
2:13प्रक्योरमेंट ऑफ गुड्स एंड सर्विसेस। या
2:16तो प्रोडक्शन का मतलब क्या होता है?
2:18मैन्युफैक्चर करना। और प्रोक्योरमेंट का
2:20मतलब क्या होता है? खरीदना और बेचना। जैसे
2:22नॉर्मल किराने वाले दुकानदार करते हैं।
2:24आपके उन्होंने [गला साफ़ करने की आवाज़]
2:26किसी होलसेलर से ₹9 में कोई पैकेट खरीदा।
2:29₹10 में आपको बेच दिया। उसे प्रोक्योरमेंट
2:31कहते हैं। बिनेस में क्या करी जाती है? जी
2:34रेगुलर रेगुलैरिटी होती है। रेगुलर
2:36डीलिंग्स करी जाती है। और गुड्स और सर्विज
2:39का क्या होता है? एक्सचेंज। एक बंदे से एक
2:42पार्टी से दूसरी पार्टी तक जा रही है।
2:44बिज़नेस करने का ऑब्जेक्टिव या मोटिव क्या
2:46होता है? प्रॉफिट कमाना। और बिज़नेस में
2:48क्या होता है? रिस्क। बिजनेस में ना
2:51कस्टमर सेटिस्फेक्शन पे बहुत ध्यान दिया
2:53जाता है कि यार अपना कस्टमर है अपना
2:55ग्राहक के हमारा ही फायदा होगा तो इसलिए
2:58कस्टमर सेटिस्फेक्शन पे बहुत ध्यान दिया
3:00जाता है। इसके बाद सेकंड आता है आपका
3:02प्रोफेशन। बेटा हर एक काम को प्रोफेशन ना
3:04बोल देना। प्रोफेशन एक इकोनॉमिक एक्टिविटी
3:07होती है जिसमें एक स्पेशल स्किल, स्पेशल
3:10ट्रेनिंग, स्पेशल नॉलेज आपके पास होती है
3:12और वो आपने बड़े फॉर्मल तरीके से ऑब्टेन
3:14करी होती है। जैसे डॉक्टर की पढ़ाई, लॉयर
3:16की पढ़ाई, सीए की पढ़ाई वो सब। एक बहुत
3:19फॉर्मल कोड ऑफ़ कंडक्ट होता है। कोड ऑफ़
3:22कंडक्ट होता है काम करने का तरीका। जैसे
3:24भाई लॉयर्स हमेशा वो अपना ब्लैक अटायर
3:26डालते हैं। डेंटिस्ट हो गया या फॉर
3:28एग्जांपल डॉक्टर्स अपना वो वाइट कलर का जो
3:31उनका प्रॉपर सेट होता है। काम करने का एक
3:33तरीका होता है फॉर्मल फीस कमाते हैं। फीस
3:37अर्न करते हैं और सर्विस को प्रायोरिटी
3:40देते हैं पैसे कमाने की जगह और इनकी एक
3:43प्रोफेशनल एसोसिएशन एक प्रोफेशनल संस्था
3:45भी होती है। जैसे लॉयर्स की है भाई।
3:47लॉयर्स के लिए जरूरी है बार काउंसिल ऑफ
3:49इंडिया का पार्ट होना हर एक लॉयर के लिए।
3:51ये एक संस्था है। हर सीए आईसीएआई का पार्ट
3:54होना चाहिए। इंस्टट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड
3:56अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया। डॉक्टर्स जो
3:58एमबीबीएस डॉक्टर्स होते हैं वो एम्स के
3:59पार्ट होने चाहिए। एम्स की फुल फॉर्म क्या
4:01है? ऑल इंडिया मेडिकल साइंसेस। और आईसीएआई
4:03की तो अभी बताई।
4:06नेक्स्ट आपके पास आता है एंप्लॉयमेंट।
4:08एंप्लॉयमेंट क्या होता है भाई? जहां पर आप
4:10दूसरे लोगों के लिए काम करते हो। वर्क फॉर
4:12अदर्स। एंप्लॉयमेंट भी एक इकोनमिक
4:14एक्टिविटी है जिसमें आप दूसरे लोगों को
4:16सर्विस प्रोवाइड कर रहे हो। एक एग्रीमेंट
4:18बनता है। कॉन्ट्रैक्ट सेंड किया जाता है।
4:20एंप्लयर और एंप्लई के बीच में एंप्लयर
4:23बेटा वो होता है जो आपको नौकरी पर रख रहा
4:25है। ठीक है? और एंप्लई जो काम कर रहा है।
4:29इसमें ना आपका रोल एक सर्वेंट की तरह ही
4:32है। क्योंकि यार एंप्लई को क्या बोलते हैं
4:33हिंदी में? नौकर नौकरी कर रहा है नौकर।
4:36ठीक है?
4:38इसमें रिस्क नहीं होता। इसमें एक ही रिस्क
4:40होता है। आपको नौकरी से निकाल दिया जाए।
4:41उसके अलावा कोई रिस्क नहीं है कि भाई
4:43पैसों का लॉस हो जाएगा। ये वो ऐसा कुछ
4:45नहीं। कैपिटल की जरूरत नहीं है। कैपिटल
4:47क्या होता जो पैसा बिज़नेस में इन्वेस्ट
4:48करते हैं। इसमें क्या जरूरत है भाई? आपको
4:50आप तो किसी के लिए काम कर रहे हो। जो काम
4:52वो बोलेगा आप कर दोगे। और आप क्या कमाते
4:55हो? रेमुनरेशन। रेमुनरेशन क्या होता है
4:57भाई? वेजेस या सैलरी।
5:01इसके बाद दो चार वर्ड ध्यान से समझना भाई।
5:04ट्रांसफर ऑफ इंटरेस्ट किसको कहते हैं?
5:06अपनी जगह पर किसी और को बिठाना। जैसे एक
5:08बिजनेसमैन अपना इंटरेस्ट ट्रांसफर कर सकता
5:11है। अगर वो किसी दिन अवेलेबल नहीं है,
5:13उसकी जगह वो अपने बेटे को, अपनी बेटी को,
5:16अपनी वाइफ को, अपने भाई को दुकान पे बिठा
5:18सकता है। प्रोफेशनल या एंप्लई ऐसा नहीं कर
5:21सकता। कोड ऑफ़ कंडक्ट होता है काम करने का
5:24तरीका वही।
5:25एफिशिएंसी मतलब बेटर होना पहले से और
5:27कैपिटल तो बता ही दिया था जो अमाउंट
5:29बिज़नेस में इन्वेस्ट करते हैं। अगर हम एक
5:31बहुत इंपॉर्टेंट डिफरेंस की बात करें
5:33बिज़नेस, प्रोफेशन, एंप्लॉयमेंट की, तो
5:35यहां पर देखना फटाफट।
5:37ध्यान से देखो। बिजनेस में काम क्या किया
5:40जाता है? प्रोडक्शन एंड प्रोक्योरमेंट ऑफ
5:43गुड्स एंड सर्विज। गुड्स और सर्विज को
5:45प्रोड्यूस किया जाता है या फिर उठा के
5:47बेचा जाता है। प्रोफेशन में जी प्रोफेशनल
5:49सर्विज का काम होता है आपका और
5:51एंप्लॉयमेंट में आप वो काम करते हो जो
5:52आपके एंप्लयर ने आपको अलॉट करा है। मतलब
5:55असाइन करा है यानी दिया है। रिस्क बिज़नेस
5:58में बहुत हाई है। प्रोफेशन में थोड़ा कम है
6:01और एंप्लॉयमेंट में तो बिल्कुल नाम मात्र
6:02है। एंप्लॉयमेंट में एक ही रिस्क है नौकरी
6:04से निकाल दिया जाना। ठीक है? इसके बाद अगर
6:07मैं क्वालिफिकेशन की बात करूं, बिजनेस
6:09करने के लिए क्वालिफिकेशन की नॉर्मली आपको
6:11जरूरत नहीं होगी। प्रोफेशन के लिए फॉर्मल
6:14क्वालिफिकेशन और एंप्लॉयमेंट के लिए जॉब
6:16पे डिपेंड करता है। आप कैसी जॉब कर रहे
6:18हो, वैसी आपको क्वालिफिकेशन की
6:19रिक्वायरमेंट होगी। एक बिजनेसमैन क्या
6:22कमाता है भाई? एक बिजनेसमैन अपने रिटर्न
6:25में कमाता है प्रॉफिट। एक प्रोफेशनल कमाता
6:29है फीस। डॉक्टर, लॉयर, टीचर जो पढ़ा रहे
6:32हैं खुद से वह फीस चार्ज करते हैं और एक
6:34एंप्लई वेजेस या सैलरी जिसको रेमुनरेशन
6:36कहते हैं। ट्रांसफर ऑफ इंटरेस्ट अभी पढ़ा
6:39था ऊपर अपनी जगह किसी और को बिठाना अपने
6:42काम पर। तो एक बिज़नेसमैन अपना इंटरेस्ट
6:44ट्रांसफर कर सकता है। कई बार बिज़नेसमैन
6:46नहीं है। वो अपनी जगह अपनी दुकान पर किसी
6:48और को बिठा के जा सकता है। ठीक है? बहुत
6:51सारे बिज़नेसेस में ऐसा हो सकता है। बट
6:54प्रोफेशन में ऐसा नहीं हो सकता और एंप्लई
6:56भी अपना इंटरेस्ट ट्रांसफर नहीं कर सकता।
6:58अगर आप नौकरी पे नहीं जाओगे आपकी जगह आपका
7:00भाई थोड़ी भेज दोगे आप। कोड ऑफ कंडक्ट
7:03बिजनेसमैन का कोई कोड ऑफ कंडक्ट नहीं
7:05होता। काम करने का तरीका नहीं होता। जो
7:07प्रोफेशनल्स होते हैं उनका एक प्रोफेशनल
7:09काम करने का तरीका होता है। जैसे डॉक्टर्स
7:11का वो प्रॉपर सर्जरी करने से पहले प्रॉपर
7:14अपना वो न्यू सर्जरी कोई करनी है। न्यू वो
7:16कपड़े डालेंगे। वो चप्पल डालेंगे। कभी
7:19देखना एक डॉक्टर सर्जरी करने से पहले कैसे
7:21रेडी होते हैं। ठीक है? और एंप्लॉयमेंट का
7:24जो कोड ऑफ कंडक्ट है ना वो डिपेंड करता है
7:26आपकी जॉब पे। कैसी जॉब है वैसा कोड ऑफ़
7:28कंडक्ट। टेस्ट ऑफ़ एफिशिएंसी मतलब आपका काम
7:31कितना बढ़िया चल रहा है। यह कैसे चेक होगा
7:33भाई? बिज़नेसमैन का प्रॉफ़िट देखा जाता है।
7:36प्रोफ़ेशनल की क्वालिटी ऑफ़ सर्विस और
7:38एंप्लॉयमेंट की डडीिकेशन टुवर्ड्स जॉब।
7:42इन्वेस्टमेंट। बिज़नेस में इन्वेस्टमेंट
7:44आपके बिज़नेस के नेचर के हिसाब से होती है।
7:46अब आप आयरन और स्टील की फैक्ट्री खोल दोगे
7:48तो तो बहुत पैसा लगेगा। भाई आप किरियाने
7:50की दुकान खोलोगे या चाय की रेडी खोलोगे
7:52थोड़ा कम लगेगा। प्रोफेशन में कम ही लगता
7:55है और एंप्लॉयमेंट में तो कोई कैपिटल लगता
7:58ही नहीं है। इसको भाई अच्छे से पढ़ो। यह
8:00एक बहुत तगड़ा टॉपिक है आपका। इसी से
8:03रिलेटेड आपके पास टेस्ट में दो क्वेश्चंस
8:05थे। एक तो फ्री गाइडेंस बाय अ टीचर टू ह
8:09सन इज़ एक टीचर अपने बच्चे को फ्री में
8:11पढ़ा रहा है। ये इकोनॉमिक एक्टिविटी नहीं
8:13है। ये नॉन इकोनॉमिक एक्टिविटी है।
8:15क्योंकि वो पैसे कमाने के लिए नहीं कर रहा
8:16ना वो काम। दूसरा इकोनॉमिक एक्टिविटी में
8:19क्या होता है? तो अभी हमने पढ़ा था भाई
8:21बिनेस प्रोफेशन एंप्लॉयमेंट तीनों आते
8:24हैं। उसके बाद एक और क्वेश्चन था टेस्ट
8:26में ह्यूमन एक्टिविटीज जो वेल्थ कमाने के
8:30लिए करी जाती है उन्हें इकोनॉमिक
8:31एक्टिविटीज कहते हैं। तो बेटा ये ट्रू है।
8:34अच्छा किसी को वर्ड समझ ना आया हो
8:35एक्विजिशन ऑफ़ वेल्थ इसका मतलब था वेल्थ
8:38एक्वायर करने के लिए। वेल्थ पैसा एक्वायर
8:42करने के लिए। एक्वायर मतलब इकट्ठा करने के
8:45लिए, प्राप्त करने के लिए। तो जो
8:46एक्टिविटीज़ आप पैसा इकट्ठा करने के लिए
8:48करते हैं उन्हीं को तो इकोनॉमिक कहते हैं।
8:50तो ये भी क्या है? ट्रू। नेक्स्ट टॉपिक है
8:53आपका ऑब्जेक्टिव्स ऑफ बिजनेस। भाई
8:56ऑब्जेक्टिव का मतलब होता है आप कोई काम
8:58क्यों कर रहे हो? व्हाई? आप फॉर एग्जांपल
9:01बिजनेस ही है। आप बिजनेस क्यों कर रहे हो?
9:03भाई व्हाई आर यू डूइंग बिज़नेस?
9:08आप बिज़नेस को क्यों कर रहे हैं? ये हमारा
9:10टॉपिक है। अब ध्यान से देखना भाई। एक होते
9:14हैं बिज़नेस के इकोनॉमिक ऑब्जेक्टिव्स।
9:15यानी पैसे वाले ऑब्जेक्टिव्स। मेन जो पैसे
9:18कमाने के लिए आप कर रहे हो। ठीक है?
9:20इकोनॉमिक ऑब्जेक्टिव्स। पैसे कमाने वाले
9:23कि भाई आप बिज़नेस क्यों कर रहे हो?
9:25क्योंकि आपको प्रॉफ़िट कमाना है। आपको
9:27कस्टमर बनाना है। वह आपको पैसा लाके देगा।
9:29आपको कुछ इनोवेटिव करना है। क्योंकि जितना
9:31इनोवेशन का मतलब क्या होता है? यूनिक
9:33क्रिएटिव न्यू। जितना आपका कोई यूनिक
9:35क्रिएटिव हटके आईडिया होगा ना, न्यू
9:37बिज़नेस होगा, उतना ज्यादा उसमें पैसा
9:39बनेगा क्योंकि बाकी लोग वो काम नहीं कर
9:41रहे। और एक होते हैं बिज़नेस के भाई ये
9:44इंपॉर्टेंट होते हैं सोशल ऑब्जेक्टिव।
9:47ठीक है? कि भाई हो सकता है बहुत लोग समाज
9:49के लिए भी बिजनेस कर रहे हो। जैसे कि ये
9:52देखो
9:56समाज के पॉइंट ऑफ व्यू से जैसे कि ये देखो
10:05ये रहा। प्रोवाइडिंग एंप्लॉयमेंट। लोगों
10:08को नौकरियां दे सकते हैं। इसलिए कर रहे
10:11हैं बिनेस कि यार हम इस लायक है कि हम खुद
10:14जॉब नहीं कर रहे। किसी को नौकरी देने लायक
10:16है। इसलिए अच्छे क्वालिटी के प्रोडक्ट्स
10:18बनाने के लिए मेकिंग गुड क्वालिटी
10:19प्रोडक्ट्स।
10:21इसके अलावा प्रोवाइडिंग हाई क्वालिटी
10:23प्रोडक्ट्स एट फेयर प्राइसेस। अच्छे
10:25प्राइसेस पर क्विक प्राइसेस पर अच्छी
10:27क्वालिटी के प्रोडक्ट्स देने के लिए और
10:29एनवायरमेंट की रक्षा करने के लिए,
10:31एनवायरमेंट सेफ करने के लिए कि भाई हम
10:34थोड़े सेफ प्रोडक्ट्स बनाएंगे। मार्केट में
10:36इतने सारे पॉलिथीन है जो नुकसान कर रहे
10:38हैं। लैंड पोलशन कर रही है। ड्रेनेज ब्लॉक
10:40कर रही है। कैटल की डेथ हो जाती है उससे।
10:42तो हम जी ऐसी पॉलिथीन बैग्स बनाएंगे जो
10:45प्लास्टिक फ्री या वो पॉलीथीन नहीं होगा।
10:47उसमें एनवायरमेंट को हार्म नहीं करेंगे वो
10:49सब।
10:51अगला एक बहुतेंट टॉपिक है रोल ऑफ़ प्रॉफिट
10:54इन बिज़नेस। वेरीेंट।
10:56इसका इनडायरेक्ट क्वेश्चन है कि प्रॉफिट
10:57इज़ नॉट एन ऑब्जेक्टिव बट अ रिक्वायरमेंट
10:59ऑफ़ अ बिज़नेस। डू यू एग्री? कि प्रॉफिट तो
11:02ऑब्जेक्टिव क्या है? एक रिक्वायरमेंट ही
11:04है भाई बिनेस की। तो ये बहुतेंट क्वेश्चन
11:06है। बिज़नेस में प्रॉफिट की क्या जरूरत है?
11:09अब ध्यान से देखना। बिनेस में प्रॉफिट की
11:12क्या जरूरत है? पहला फॉर लॉन्ग सर्वाइवल।
11:15अगर आपको लंबे समय तक करना है तो आप पेमें
11:17प्रॉफिट होना चाहिए ही। क्योंकि यार हर
11:20टाइम तो प्रॉफिट नहीं होगा ना आपके पास।
11:21अगर आपने अपने कल का प्रॉफिट बचा रखा है
11:24तो वो आपके काम आएगा। दूसरा फॉर रैपिड
11:26ग्रोथ कि भाई अगर आपको जल्दी से ग्रो करना
11:29है। रैपिड मतलब वेरी क्विक। कोई
11:32अपोरर्चुनिटी मिली आपको गैब करनी है सस्ते
11:34में कहीं जमीन मिल रही है कोई मशीन मिल
11:36रही है आपका प्रॉफिट पड़ा होगा आप उसको
11:38जाके गैब कर लोगे उस ओपोरर्चुनिटी को
11:39एक्वायर कर लोगे थर्ड एफिशिएंसी बढ़ाने के
11:42लिए कॉस्ट वगैरह भी कम हो जाती है बेटा
11:44प्रॉफिट से मान लो अगर आज आपने एक मशीन है
11:48जिसमें एक प्रोडक्ट ₹8 का बनता है कल को
11:51आप पे ज्यादा पैसा पड़ा है आप उससे भी
11:52बढ़िया मशीन ले आए जिसके अंदर एक प्रोडक्ट
11:54₹7 का बन रहा है वो होता है एफिशिएंसी
11:56बढ़ाने का मतलब और
11:59एक पॉइंट फॉर कवरिंग कॉस्ट यार जो आप इतने
12:02सारे खर्चे कर रहे हो रेंट इलेक्ट्रिसिटी
12:04बिजली उनको भी तो कवर करना है उसके उसके
12:06लिए भी तो प्रॉफिट चाहिए वरना आपका लॉस हो
12:08जाएगा गुडविल प्रेस्टीज गुडविल रेपुटेशन
12:11ये सब बनाने के लिए भी जिस बिनेस के पास
12:13प्रॉफिट अच्छा होता है उसी की गुडविल उसी
12:15की इज्जत उसी की रेपुटेशन होती है और
12:17लास्ट पॉइंट है फॉर अर्निंग मोर प्रॉफिट्स
12:20बेटा पैसा पैसे को खींचता है बचपन से सुना
12:22होगा आपने क्योंकि आप पे आज प्रॉफिट है आप
12:24उस प्रॉफिट को रीइन्वेस्ट करोगे तो उससे
12:27और प्रॉफिट आएगा इसलिए भी बिजनेस में
12:29प्रॉफिट चाहिए होता है देन भाई व्हाट कम्स
12:32नेक्स्ट ध्यान से देखना बिजनेस। बिजनेस की
12:34डेफिनेशन क्या थी यार? प्रोडक्शन या
12:36प्रोक्योरमेंट ऑफ गुड्स एंड सर्विज। गुड्स
12:39और सर्विज की प्रोडक्शन करना या
12:40प्रोक्योरमेंट करना। अब ये जो प्रोडक्शन
12:44है ये कहां पर होती है? इंडस्ट्री के
12:46अंदर। और प्रोक्योरमेंट यानी उठा के बेचने
12:48वाला काम कहां होता है? कॉमर्स के अंदर।
12:51तभी बोलते हैं कि बिजनेस के अंदर
12:53इंडस्ट्री और कॉमर्स दोनों आ जाते हैं। अब
12:55ध्यान से देखिएगा भाई। बिजनेस के अंदर
12:58इंडस्ट्री भी आता है और कॉमर्स भी आता है।
13:00इंडस्ट्री में प्रोडक्शन होती है, कॉमर्स
13:02में प्रोक्योरमेंट होती है। उठा के बेचा
13:04जाता है। अब एक-एक करके हमने सारे टॉपिक्स
13:06पढ़ने हैं। सबसे पहले इंडस्ट्री पढ़ते हैं
13:09भाई। प्राइमरी, सेकेंडरी, टर्शरी। ये आगे
13:11पढ़ेंगे।
13:13इंडस्ट्री क्या होती है? इंडस्ट्री इज़ अ
13:15जगह जहां पर प्रोडक्शन होती है। जहां पर
13:18रॉ मटेरियल को कन्वर्ट करा जाता है
13:20फिनिश्ड गुड में। रॉ मटेरियल से फिनिश्ड
13:22गुड बनाया जाता है। एग्जांपल थ्रेड है
13:24धागा उससे शर्ट बना लो। वो जहां पर काम
13:27होगा उसे क्या कहेंगे? इंडस्ट्री। उससे
13:30पहले एक एक्स्ट्रा टॉपिक है टाइप्स ऑफ
13:31गुड्स। बेटा प्रोड्यूसर गुड्स वो गुड्स
13:33होते हैं जो प्रोडक्शन के लिए यूज़ करेंगे।
13:35जैसे मशीनंस वेइंग मशीन वगैरह। कंज्यूमर
13:38गुड्स जिनको कंज्यूमर यूज़ करते हैं कपड़े
13:40वगैरह। ठीक है? और इंटरमीडिएट गुड्स जो
13:43वर्क इन प्रोग्रेस है अभी जिन पे काम चल
13:46रहा है वो
13:48नेक्स्ट भाई आपका बड़ा ही इंपॉर्टेंट
13:50इंडस्ट्रीज का फ्लो चार्ट ध्यान से देखना
13:52इसको
13:54तीन तरह की इंडस्ट्री होती है प्राइमरी
13:56सेकेंडरी और टर्शरी क्या हिसाब किताब है
14:00इसका ध्यान से देखना
14:04प्राइमरी इंडस्ट्री बेटा वो होती है जो
14:06नेचुरल रिसोर्सेज से कहीं ना कहीं रिलेट
14:09करती है नेचुरल रिसोर्सेज वाली इंडस्ट्री
14:11जो नेचुरल रिसोर्सेज से रिलेट कर रही है।
14:16जैसे कि इसके अंदर आती है एक तो थोड़ा ज़ूम
14:19इन कर लेना वीडियो को आप। जेनेटिक और एक
14:21आती है एक्सट्रैक्टिव इंडस्ट्री। क्या
14:24फर्क है भाई? जेनेटिक इंडस्ट्री होती है
14:26प्लांट्स और एनिमल्स से रिलेटेड। याद कैसे
14:28रख सकते हो? पहले साइंस में पढ़ा हुआ है
14:30नाइन 10थ में जींस। डीएनए, जींस वो सब
14:33प्लांट, एनिमल बायोलॉजी की तो बात थी। तो
14:35जेनेटिक इंडस्ट्री होती है जो प्लांट्स और
14:37एनिमल से रिलेट करती है। जैसे कि
14:41हो सकता है भाई आपका एनिमल हस्बेंडरी आपने
14:44खोल रखी हो। जैसे काऊ, बफेलो, गोट इन सबको
14:47पाल रखा हो। ठीक है? पोल्ट्री फार्मिंग कर
14:50सकते हो। हेंस, मुर्गी वगैरह रखी हुई है।
14:52प्लांटेशन जैसे नर्सरी होती है। छोटे-छोटे
14:55पौधे, सैपल्लिंग्स आप बेचते हो उगा के
14:57ग्रो करके। ठीक है? यह होती है जेनेटिक
14:59इंडस्ट्री। देन कम्स योर एक्सट्रैक्टिव
15:02इंडस्ट्री। जहां पर आप कुछ नेचर से
15:04एक्सट्रैक्ट करते हो। जैसे माइनिंग।
15:06माइनिंग क्या होता है? जब आप मिनरल्स को
15:09एक्सट्रैक्ट करते हो। जैसे गोल्ड माइन से
15:11गोल्ड निकाल रहे हो। कोल की माइन से कोयला
15:14निकाल रहे हो। क्वेरिंग। क्वेरिंग होता है
15:16भाई ओशन से कुछ निकालना। जैसे भाई आप फॉर
15:18एग्जांपल जेम स्टोंस वगैरह को मोती वगैरह
15:21को निकाला जाता है पर्ल्स को समुंदर से।
15:24एग्रीकल्चर। एग्रीकल्चर में आप वीट राइस
15:26निकाल रहे हो अर्थ से। इवन फिशिंग भी आ
15:28जाएगा। भाई आप समुंदर से कुछ निकाल रहे
15:30हो। कुछ बुक्स में ना फिशिंग और क्वेरिंग
15:32के अंदर ही लिखा हुआ है कि समुंदर से कुछ
15:33निकाल रही है। ये प्राइमरी इंडस्ट्री होती
15:37है।
15:38देन भाई नेक्स्ट आता है सेकेंडरी
15:40इंडस्ट्री। सेकेंडरी में एक होती है
15:42मैन्युफैक्चरिंग। फैक्ट्री लेवल वाला काम
15:45भाई जहां पर एक्चुअली फैक्ट्री में कुछ
15:46मैन्युफैक्चर हो रहा है। ये बहुत
15:48इंपॉर्टेंट है एमसीक्यू के लिए। वेरी
15:50वेरीेंट मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री। ध्यान
15:52से देखना इसको।
15:55एनालिटिकल इंडस्ट्री कौन सी होती है? जहां
15:58पर एक चीज को सेपरेट करा जाता है। इसका
16:00बेस्ट एग्जांपल है क्रूड ऑयल। थोड़ा ज़ूम इन
16:02कर लो। जैसे क्रूड ऑयल है। क्रूड ऑयल में
16:05से पेट्रोल अलग करा, डीजल अलग करा। वो
16:08चीज। देन आती है आपकी एक प्रोसेसिंग
16:10इंडस्ट्री। जहां पर एक प्रॉपर प्रोसेस
16:13फॉलो करी जाती है। जैसे शुगर है भाई। शुगर
16:16ऐसी थोड़ी बन जाती है। प्रॉपर प्रोसेस होती
16:18है ना। शुगरकेन, गन्ना, उससे जैगरी, फिर
16:20उससे आगे शुगर।
16:23उसके बाद आती है सिंथेटिक इंडस्ट्री।
16:26सिंथेटिक इंडस्ट्री वो होती है जहां पर
16:28चीजों को मिक्स करके यूज़ किया जाता है।
16:29जैसे सीमेंट इंडस्ट्री बहुत सारी चीजों को
16:31मिक्स करा और सीमेंट रेडी हो गया।
16:35असेंबलिंग इंडस्ट्री वेरी इंपॉर्टेंट जहां
16:38पर अलग-अलग चीजों को मिला के एक चीज तैयार
16:41करी जाती है। जैसे गाड़ियों में या फिर
16:43कंप्यूटर के अंदर इसका एग्जांपल आप दे
16:45सकते हैं कि मॉनिटर, सीपीयू, माउस इन सबको
16:50कंबाइन करके एक यूनिट तैयार करके दी
16:52कंप्यूटर। ठीक है जी।
16:57नेक्स्ट आती है कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री। यह
16:59भी सेकेंडरी का ही है। कुछ नहीं भाई जहां
17:01पर आप कुछ कंस्ट्रक्ट कर रहे हो। एनीथिंग
17:03यू आर कंस्ट्रक्टिंग। आप कोई रोड बना रहे
17:06हो, बिल्डिंग बना रहे हो, डैम बना रहे हो,
17:07ब्रिज बना रहे हो। कंस्ट्रक्शन रिलेटेड
17:09काम है कॉन्ट्रैक्टर वाला वो कंस्ट्रक्शन
17:11इंडस्ट्री भी इसी में ही आती है भाई
17:13इंडस्ट्री के अंदर।
17:16देन बेटा जो आपका ये ये है ना क्या कहते
17:18हैं? टर्शरी इंडस्ट्री। इसको अभी नाम पढ़
17:20लो। ट्रांसपोर्टेशन, बैंकिंग, इंश्योरेंस,
17:22वेयर हाउसिंग, एडवर्टाइजमेंट यह अभी हम
17:25आगे पढ़ेंगे ऑिलरीज टू ट्रेड के अंदर। ठीक
17:27है?
17:30इसके बाद भाई आगे का टॉपिक क्या है? ध्यान
17:32से देखो। कॉमर्स।
17:35अभी फ्लो चार्ट आपने पढ़ा था। बिज़नेस में
17:37दो चीजें आती है। इंडस्ट्री और कॉमर्स।
17:39इंडस्ट्री के अंदर प्राइमरी, सेकेंडरी,
17:41टर्शरी। टर्शरी अभी आगे पढ़ेंगे। ऑज़िलरीज़
17:43टू ट्रेड और टर्शरी इंडस्ट्री सेम ही है
17:46भाई। अब हम पढ़ेंगे कॉमर्स। कॉमर्स में यार
17:49दो चीजें आती है। एक ट्रेड और एक ऑिलरीज
17:51टू ट्रेड।
17:52ट्रेड क्या होता है? सौदा करना। बाइंग एंड
17:55सेलिंग ऑफ गुड्स एंड सर्विज। और ऑिलरीज टू
17:58ट्रेड क्या होता है? ऐसी एक्टिविटीज जो
18:00ट्रेड करने में मदद करती है या फिर ऐसी
18:03एक्टिविटीज जो हिंडेंसेस को सॉल्व करेगी,
18:05प्रॉब्लम्स को सॉल्व करेगी जो ट्रेड करते
18:08समय आ सकती है।
18:11नेक्स्ट हमारे पास आता है भाई कॉमर्स।
18:13व्हाट इज कॉमर्स?
18:16इसकी डेफिनेशन बेटा आपको बोली है यह ही
18:18लिख के आनी है आपने सिर्फ यह कॉमर्स का
18:21मतलब सम टोटल ऑफ ऑल द एक्टिविटीज वो सारी
18:25एक्टिविटीज का टोटल जो एंगेज्ड है रिमूवल
18:29ऑफ हिंटेंसेस में और साथ-साथ गुड्स और
18:31सर्विज के एक्सचेंज में यही लिखनी है आपने
18:34डेफिनेशन भाई उन सारी एक्टिविटीज का टोटल
18:38जो लगी हुई है हिंडरेंसेस को रिमूव करने
18:41में क्योंकि यहां पर ऑिलरीज टू ट्रेड आता
18:43है भाई ऑिलरीज टू ट्रेड का काम है ये
18:45रिमूवल ऑफ़ इंट्रेंसेस और क्या आता है?
18:48ट्रेड इसमें क्या होता है? बाइंग एंड
18:49सेलिंग यानी एक्सचेंज ऑफ़ गुड्स एंड
18:51सर्विज। तो अलोंग विद एक्सचेंज ऑफ़ गुड्स
18:54एंड सर्विज। जब-जब पेपर में कॉमर्स आएगा
18:57आपने यही डेफिनेशन लिखनी है। अब कॉमर्स
19:01में दो चीजें आती है। ट्रेड और ऑिलरीज टू
19:03ट्रेड। ये हम आगे पढ़ेंगे।
19:07नेक्स्ट टॉपिक है आपका बेटा ट्रेड।
19:10नेक्स्ट टॉपिक क्या है? ट्रेड।
19:14हां, ट्रेड का मतलब क्या है? बाइंग एंड
19:17सेलिंग ऑफ गुड्स एंड सर्विज। गुड्स और
19:20सर्विज का खरीदा बेचा जाना। ट्रेड बेटा दो
19:23तरीके का होता है। एक होता है होम ट्रेड।
19:25मैप याद है ना? या भूल गए? होम ट्रेड और
19:28फॉरेन ट्रेड। होम ट्रेड जो आपके देश के
19:31अंदर-अंदर हो रहा है। जैसे हम इंडिया में
19:32रहते हैं तो इंडिया के अंदर-अंदर है। ठीक
19:34है? तीन तरह का होता है। लोकल लेवल, स्टेट
19:37लेवल, नेशनल लेवल। ये पढ़ेंगे। फॉरेन ट्रेड
19:40अलग-अलग कंट्रीज के बीच का व्यापार। किसी
19:42कंट्री से मंगाना इंपोर्ट, किसी कंट्री
19:44में भेजना एक्सपोर्ट और जहां तीन-चार
19:46कंट्रीज का इन्वॉल्वमेंट है उसको एंटरपॉट
19:48कहते हैं।
19:50नेक्स्ट आता है बेटा होम ट्रेड। होम ट्रेड
19:54क्या होता है? जो ट्रेड आप अपनी नेशनल
19:56बाउंड्रीज के अंदर-अंदर कर रहे हो। ट्रेड
19:59विद इन नेशनल बाउंड्रीज। जैसे कि कोई भी
20:02ट्रेड अगर आपने इंडिया के अंदर-अंदर करा
20:03है, वो आपका होम है ना, होम ट्रेड में
20:05आएगा। अब लोकल लेवल कौन सा होता है भाई?
20:08अगर आप अपने ओन लोकल एरिया में अपने गांव
20:11में, अपने शहर में, अपनी डिस्ट्रिक्ट के
20:13अंदर-अंदर कोई भी व्यापार कर रहे हो वो
20:15लोकल लेवल में आएगा। जैसे आप लोग अंबाला
20:17से हो तो अंबाला के अंदर-अंदर आप कोई भी
20:20व्यापार करो। जैसे भाई फॉर एग्जांपल
20:23यशप्रीत ने लिखा हुआ है एयरफोर्स स्टेशन
20:25से सदर बाजार हो गया। यहां से कुछ खरीदा
20:29बेचा जा रहा है। अंबाला के तो अंदर ही हो
20:30ना लोकल लेवल में। अक्सर लोग फ्रूट्स,
20:33दूध, वेजिटेबल यह सब अपने लोकल एरिया से
20:35खरीदते हैं जो डेली यूज़ की आइटम्स होती
20:37है। दूसरा एग्जांपल हम कह सकते हैं। मान
20:39लो आप ने उगाड़ा गांव में रहते हुए अंबाला
20:43सिटी से कुछ खरीदा। रहे तो अंबाला के अंदर
20:45ही ना। ये स्टेट लेवल होता है भाई जो आपकी
20:49स्टेट के अंदर-अंदर हो रहा है। जैसे आपकी
20:51स्टेट क्या है? हरियाणा। तो हरियाणा के
20:52अंदर-अंदर आप अंबाला से हो। आप करनाल के
20:55साथ कोई व्यापार करो या मान लो जींद और
20:57कैथल का कोई व्यापार हो रहा है। अंबाला
20:59पानीपत का हो रहा है। हिसार और सोनीपत का
21:02हो रहा है। एनीथिंग डिस्ट्रिक्ट्स के बीच
21:04का व्यापार है। जैसे अंबाला, करनाल,
21:05पानीपत, हिसार, जींद, रोहतक वो सब। ठीक
21:08है? मान लो अंबाला और कैथल के बीच में कुछ
21:10हो रहा है। दिवाली पे क्रैकर्स आते हैं
21:13कैथल से अंबाला। देन आपका नेशनल लेवल
21:16ट्रेड होता है। जो आप अपने देश के
21:18अंदर-अंदर कर रहे हो। स्टेट्स के बीच में।
21:20आप हरियाणा के हो और ये महाराष्ट्र यहां
21:23का पहुंचा दिया अंशप्रीत इससे बढ़िया
21:25ड्राइंग तो मैंने करी हुई थी हरियाणा और
21:28महाराष्ट्र हरियाणा और महाराष्ट्र के बीच
21:31में कोई व्यापार चल रहा है मान लो रहे तो
21:33इंडिया के अंदर ही ना आसाम की चाहे पूरे
21:35इंडिया में जाती है मान लो आसाम से पंजाब
21:37में चाहे आई रहे तो इंडिया के अंदर ही ये
21:39नेशनल लेवल होता है नेक्स्ट बेटा आपका आता
21:43है फॉरेन ट्रेड फॉरेन ट्रेड फॉरेन ट्रेड
21:47का क्या सिनेरियो है ध्यान से देखना
21:50जो ट्रेड अलग-अलग देशों के बीच में होता
21:52है। ठीक है?
21:57पूरा वर्ल्ड मैप ही आपके लिए हो गया। इसके
22:00टाइप्स क्या है? ध्यान से देखना। इंपोर्ट।
22:02इंपोर्ट में बेटा इन आता है। इन मतलब अपनी
22:04कंट्री में मंगवाना। बाइंग फ्रॉम अदर
22:07कंट्रीज। ठीक है? जैसे इंडिया फेमसली क्या
22:09इंपोर्ट करता है बाहर से? क्रूड ऑयल,
22:11टेक्नोलॉजी, ड्राई फ्रूट्स, गोल्ड।
22:14एक्सपोर्ट का मतलब होता है दूसरी कंट्रीज
22:16में बेचना। इंडिया के फेमस एक्सपोर्ट्स
22:18क्या आ जाते हैं? बासमती का राइस ठीक है
22:20टी लीव्स मसाले ये वो और सबसे ज्यादा पैसा
22:24बनता है इंटरपॉट में बाय फ्रॉम वन कंट्री
22:28असेंबल इन अदर कंट्री एंड सेल इन थर्ड
22:30कंट्री किसी एक कंट्री से मंगवाया दूसरी
22:33में असेंबल करा तीसरी में बेच दिया ऐसे
22:35बिज़नेस को इंटरपॉट कहते हैं। एमएसी यही तो
22:38करती है। अब Samsung है भाई उन्होंने देखा
22:40भाई की। अलग-अलग कंट्रीज इन्वॉल्व कर रही
22:42है। सबसे सस्ते जहां पर लेबर है वहां
22:44फैक्ट्री डाल ली। सबसे महंगा जहां वो
22:46प्रोडक्ट बिकेगा वहां पर उन्होंने अपने
22:48शोरूम खोल लिए। सबसे सस्ता कस्टमर सर्विस
22:50इंडिया पाकिस्तान में मिलेगा। वहां
22:51इन्होंने कॉल सेंटर खोल लिए। वो चीज।
22:56इसके अलावा कुछ एक्स्ट्रा वैरायटीज ऑफ़
22:58ट्रेड अभी पढ़ते हैं।
23:01नेक्स्ट भाई आपके पास आता है सम मोर
23:03वैरायटीज ऑफ़ ट्रेड। कुछ और वैरायटीज़।
23:06होलसेल। अब इन्हें जरा शॉर्ट में सुनना
23:07भाई फटाफट से। होलसेल ट्रेड कौन सा होता
23:09है? जो लार्ज क्वांटिटी में करा जाता है
23:11और जो व्यक्ति इसको करता है उसको बोलते
23:12हैं होलसेलर। होलसेलर की क्या पोजीशन है
23:15भाई? मैन्युफैक्चर से सामान होलसेलर पे
23:17जाता है और आगे ये रिटेलर को बेचता है।
23:19एग्जांपल यहां पर दे रखा था आपका अंबाला
23:21बेस्ट। ठीक है?
23:23ये एक बार पढ़ लेना। ये मैं वीडियो में
23:25नहीं डिस्कस कर रहा।
23:28नेक्स्ट रिटेल ट्रेड। जो कम क्वांटिटीज के
23:31अंदर होता है भाई। कम क्वांटिटीज में जो
23:33ट्रेड होता है उसको रिटेल ट्रेड कहते हैं।
23:35रिटेलर वो व्यक्ति होता है जो इसको करता
23:36है। यह वही बंदा है बेटा जो आपके घर के
23:38आसपास का किराने वाला मान लो। होलसेलर से
23:41सामान रिटेलर पे जाता है। आपके घर के पास
23:43वाले दुकानदार पे और वहां से आप तक आता
23:45है। होलसेलर से खरीदता है और आपको बेचता
23:47है। इसके बाद भाई वेरी इंपॉर्टेंट टॉपिक
23:50ऑिलरीज टू वेरी ही इंपॉर्टेंट बहुत
23:54इंपॉर्टेंट टॉपिक है। और ये डबल टॉपिक है।
23:56एक्चुअली यही आपकी टर्शरी इंडस्ट्री भी
23:59है। सर्विस इंडस्ट्री
24:01बेटा ऑिलरीज टू ट्रेड क्या होती है? ऐसी
24:04एक्टिविटीज जो ट्रेड को सॉल्व हेल्प करती
24:07है उसमें उसको सपोर्ट करती है। हिंडरेंसेस
24:10को रिमूव करती है। ऑिलरीज टू ट्रेड
24:13सॉल्व्स हिंडेंसेस। अलग-अलग प्रॉब्लम्स को
24:16सॉल्व करती है। जैसे फाइनेंस की प्रॉब्लम
24:18है, पैसे की तो बैंकिंग उसका हल है। रिस्क
24:21की प्रॉब्लम है तो इंश्योरेंस करा लो। जगह
24:23की दिक्कत है तो ट्रांसपोर्टेशन। एक जगह
24:25से सामान दूसरी जगह कैसे पहुंचेगा? टाइम
24:27स्टोरेज की दिक्कत है तो वेयर हाउसिंग।
24:29कम्युनिकेशन की एडवरटाइजमेंट। और एक
24:31सिक्स्थ नंबर की और होती है। हिंडरेंस लिख
24:33लेना अपने नोट्स में भी। हिंडरेंस ऑफ
24:36पर्संस। प्रॉपर लिखना। हिंडरेंस ऑफ पर्संस
24:41लोगों की दिक्कत है तो उसको सॉल्व कौन
24:43करता है? मिडिल मैन बेटा मिडिलम मैन में
24:45कौन आती है? यही एजेंट्स होलसेलर, रिटेलर
24:48ये लोग।
24:52उसके बाद बहुत इंपॉर्टेंट डिफरेंस
24:54इंडस्ट्री, कॉमर्स और ट्रेड का वो भी
24:55पढ़ेंगे।
24:57इंडस्ट्री, कॉमर्स और ट्रेड का क्या
24:59डिफरेंस है? ध्यान से देखना। इंडस्ट्री,
25:01कॉमर्स और ट्रेड। इंडस्ट्री वर्सेस कॉमर्स
25:04वर्सेस ट्रेड। ध्यान से देखना। बेटा
25:07इंडस्ट्री में क्या एक्टिविटी करी जाती है
25:09इंडस्ट्री के अंदर?
25:12गुड्स और सर्विज की प्रोडक्शन होती है।
25:14कॉमर्स में डिस्ट्रीब्यूशन होती है और
25:18ट्रेड में बाइंग एंड सेलिंग होती है।
25:20नेक्स्ट पॉइंट आपका आ जाता है स्कोप।
25:22इंडस्ट्री में क्या-क्या आ जाता है?
25:23प्राइमरी इंडस्ट्री, सेकेंडरी इंडस्ट्री
25:26और टर्शरी इंडस्ट्री। कॉमर्स के फ्लो
25:28चार्ट को देखो। दो चीजें आती है। ट्रेड और
25:30ऑिलरीज टू ट्रेड। नेक्स्ट ट्रेड में क्या
25:33आता है? होम ट्रेड और फॉरेन ट्रेड। इसके
25:35बाद कैपिटल। कैपिटल का मतलब होता है जो
25:37पैसा आपने बिजनेस में लगा रखा है।
25:40इंडस्ट्री के अंदर बहुत ज्यादा पैसा चाहिए
25:42आपको। फिक्स्ड कैपिटल भी चाहिए और वर्किंग
25:44कैपिटल भी चाहिए। मतलब मशीनों वगैरह वाला
25:46भी फिक्स्ड कैपिटल चाहिए ज्यादा वाला और
25:48उसको चलाने के लिए जो ऑयल वगैरह लगेगा वो
25:51सब भी चाहिए। कॉमर्स के अंदर आपको वर्किंग
25:53कैपिटल ज्यादा चाहिए होता है। फिक्स्ड
25:55थोड़ा कम और ट्रेड में डिपेंड करता है
25:57आपका कैसा बिज़नेस है। तो हम बोलेंगे आपको
25:59कितना व्यापार चाहिए। ट्रेड तो बेटा चाय
26:01की रेडी भी है एक तरीके से ही या फिर फॉर
26:04एग्जांपल ट्रेड तो यार आप
26:07₹500 की सब्जियां खरीद के बेच लो घर-घर
26:09जाके टमाटर की टोकरी छत पे सर पे रख के तो
26:12भी वो ट्रेड है। उसमें कुछ ज्यादा
26:14इन्वेस्टमेंट नहीं लगी और ट्रेड ही करना
26:15है तो आप डायमंड ट्रेडिंग कर लो। वहां
26:17करोड़ों रुपए लगेंगे। तो डिपेंड करता है
26:19कैसा बिज़नेस है। सबसे ज्यादा बिज़नेस में
26:22उसी में रिस्क होता है जो जहां सबसे
26:24ज्यादा पैसा लगा हुआ है। सबसे ज्यादा
26:26रिस्क होता है इंडस्ट्री में। कम रिस्क
26:28होता है थोड़ा कॉमर्स में और ट्रेड में
26:29सबसे कम।
26:32यह बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है भाई। कॉमर्स
26:34और ट्रेड डिपेंड करते हैं इंडस्ट्री पे।
26:37क्योंकि इंडस्ट्री में ही सामान बनता है।
26:38अगर सामान बनेगा ही नहीं तो कॉमर्स में
26:41डिस्ट्रीब्यूशन किसकी करोगे और ट्रेड में
26:43खरीदोगे, बेचोगे किसको? कॉमर्स किस पे
26:46डिपेंडेंट है? मेन ट्रेड पर। क्योंकि
26:49कॉमर्स के दो कॉम्पोनेंट्स हैं ना ट्रेड
26:50और ऑिलरीज टू ट्रेड। ऑिलरीज टू ट्रेड में
26:53भी ट्रेड ही आते हैं। मेन चीज क्या है
26:54कॉमर्स की? ट्रेड। और बिना ट्रेड के कोई
26:58जस्टिफिकेशन ही नहीं है इंडस्ट्री और
27:00कॉमर्स की। क्योंकि भाई जब चीजों को खरीदा
27:02बेचा ही नहीं जाएगा तो फिर इंडस्ट्री का
27:04किस काम की या कॉमर्स किस काम की? इसके
27:07बाद भाई चैप्टर का लास्ट और सबसे इजी
27:09टॉपिक बिज़नेस रिस्क। ये कैपिटल वाला एक
27:11बार ईजी सा ही है। पढ़ लेना भाई। फिक्स्ड
27:12कैपिटल कौन सा होता है? वन टाइम
27:14इन्वेस्टमेंट, बड़े अमाउंट वाला। जैसे मशीन
27:16लैंड, बिल्डिंग में जो पैसा लगा हुआ है,
27:17वर्किंग जो डे टू डे रनिंग के लिए चाहिए
27:19जैसे पेट्रोल वगैरह का खर्चा।
27:22अगला इंपॉर्टेंट टॉपिक है बिज़नेस रिस्क।
27:24इसकी डेफिनेशन भी भाई प्रॉपर लिखनी है।
27:27सिचुएशन ऑफ इनएडीिक्वेट प्रॉफिट्स और इवन
27:30लॉसेस ड्यू टू अनसर्टेनिटीज़। बिनेस रिस्क
27:32का मतलब एक परिस्थिति किस चीज की? कम
27:35प्रॉफिट्स की या फिर लॉसेस की।
27:38अनसर्टेनिटीज़ की वजह से। अनसर्टेनिटीज़
27:40मतलब अनसर्टेन है ना यार। कुछ भी कभी भी
27:42हो सकता है। श्योर नहीं है। बिनेस रिस्क
27:45का बेटा नेचर कैसा है? नेचर ऑफ़ बिज़नेस
27:47रिस्क।
27:49रिस्क अनसर्टेनिटीज़ की वजह से आता है।
27:51क्योंकि कुछ भी श्योर नहीं है बिज़नेस में।
27:53एकदम से कोविड आ गया। रिस्क अनवॉयडेबल है
27:56भाई। कंप्लीटली नहीं हम उसको अवॉयड कर
27:57सकते। थोड़ा कम कर सकते हैं। डिग्री ऑफ
28:00रिस्क डिपेंड करता है आपका बिज़नेस कैसे?
28:02ज्यादा बड़ा बिज़नेस होगा तो ज्यादा रिस्क
28:03होगा। प्रॉफिट इज़ द कंसीडरेशन ऑफ़ रिस्क
28:06टेकिंग। डर के आगे जीते सुना होगा ना कि
28:08भाई रिस्क क्यों लेते हैं? क्योंकि
28:09प्रॉफिट मिलेगा। रिस्क डिपेंड्स ऑन द टाइप
28:12एंड नेचर ऑफ़ बिज़नेस। जैसे क्लोथिंग फैशन
28:15के बिज़नेस में बहुत ज्यादा रिस्क होता है।
28:17उसके बाद भाई आपके चैप्टर का जो लास्ट
28:19टॉपिक था वेरी इंपॉर्टेंट जो पेपर में
28:21आएगा ही आएगा। कॉज ऑफ बिनेसे फटाफट से
28:24डिस्कस करते हैं जल्दी से
28:26नेचुरल कॉज भाई कॉजेस का मतलब होता है
28:29कारण नेचुरल कॉज यानी नेचर के कारण जैसे
28:31जिनकी वजह से बिज़नेस में लॉस हुआ या रिस्क
28:33हुआ फ्लड अर्थक्वेक सुनामी साइक्लोन
28:36लैंडस्लाइड कोविड कोरोना वायरस कुछ भी ऐसा
28:39सा ह्यूमन कॉजेस किसी पर्सन की वजह से
28:42जैसे आपका कस्टमर चोर निकला आपका एंप्लई
28:44बेईमानी कर गया आपके वर्कर हड़ताल पे बैठ
28:46गए केयरलेसनेस ध्यान से काम नहीं करा
28:48नुकसान हो गया इकोनॉमिक कॉजेस ये
28:50इंपॉर्टेंट होते इकोनमी में कोई चेंजज़ आए
28:53भाई। जैसे इकोनमी में फैशन बदल गया एकदम
28:56से। प्राइस बदल गए, कंपटीशन आ गया एकदम
28:59से। ठीक है?
29:01इनकम चेंज हो गई लोगों की। कोविड के बाद
29:03से बहुत लोगों की इनकम पे फर्क पड़ गया।
29:05लोगों को लोगों के टेस्ट और प्रेफरेंसेस
29:07बदल गए। पहले लोग बहुत मतलब मान लो मैदा
29:10मूदा इज़ली खाते थे। अब लोग थोड़ा जंक फूड
29:12अवॉइड कर रहे हैं। वो चीज़ हो गई। अदर
29:15कॉजेज़ छोटे-मोटे जैसे मैनेजर रियल रिस्क।
29:17मैनेजर्स मैनेजमेंट ने कोई गड़बड़ कर दी।
29:19टेक्निकल कोई ग्लिच आ गया, मशीन खराब हो
29:21गई एकदम से। ऑर्डर नहीं भुगत पाया वो सब।
29:24दैट्स ऑल भाई। यह एक चैप्टर का क्विक
29:25रिव्यु था। 30 मिनट्स की वीडियो। जितनी
29:27बार भी स्कूल में यहां पर टेस्ट होगा, इस
29:29वीडियो को अच्छे से देख के जाना और नोट्स
29:31रिवाइज करना हेल्प रहेगी। ठीक है भाई?