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0:02हां जी नाइंथ क्लास आप लोगों का जो फुल
0:05सिलेबस टेस्ट हुआ है उसकी आंसर की है। तो
0:08एक-एक क्वेश्चन जरा ध्यान से देखना। इसके
0:10जो न्यूमेरिकल्स होंगे वो एक अलग वीडियो
0:12में कवर होंगे। इसमें मेजरली सारे थ्योरी
0:15क्वेश्चंस होंगे। ठीक है? अब
0:21सबसे पहले एक क्वेश्चन था टेस्ट में।
0:23व्हाट आउटकम डू यू एक्सपेक्ट इफ ऑल द
0:27माइटोकांड्रिया आर रिमूव्ड फ्रॉम अ
0:30यूकैरियोटिक सेल? पहली बात तो यूकैरियोटिक
0:32सेल्स में माइटोकांड्रिया होता है। और ये
0:36क्वेश्चन थोड़ा मॉडिफाइड क्वेश्चन है
0:38माइटोकांड्रिया के रोल का ही। जैसे
0:40माइटोकांड्रिया का रोल था ना कि
0:41माइटोकांड्रिया पावर हाउस ऑफ द सेल होता
0:43है। ये वो सारी चीजें हम यही लिखेंगे
0:46क्योंकि देखो नॉर्मल सी बात है। किसी चीज
0:48का असलीेंस कब पता लगेगा? जब वो चीज नहीं
0:51होगी। तो ऐसे क्वेश्चंस में ना हम ये लिख
0:54सकते हैं कि माइटोकांड्रिया क्या-क्या
0:56करता था। अगर उसको हटा दिया गया तो फिर
0:59क्या होगा? ठीक है? उस तरीके से इसका आंसर
1:02बनेगा। जैसे देखो
1:05व्हाट आउटकम डू यू एक्सपेक्ट इफ ऑल द
1:08माइटोकांड्रिया आर रिमूव्ड फ्रॉम योर सेल।
1:11तो सबसे पहले हम बता देते हैं
1:12माइटोकांड्रिया करता क्या था? तो यह आपके
1:15नोट्स से ही आंसर है। द एनर्जी रिक्वायर्ड
1:17बाय वेरियस केमिकल एक्टिविटीज नीडेड फॉर
1:20लाइफ इज रिलीज्ड बाय माइटोकांड्रिया इन द
1:24फॉर्म ऑफ एटीपी। मतलब
1:27बॉडी के लिए अलग-अलग काम करने के लिए जो
1:30भी आपको अपनी आपको जीवित रखने के लिए
1:32अलग-अलग एक्टिविटीज करनी पड़ती है आपकी
1:34बॉडी को। उस एनर्जी को रिलीज कौन करता है?
1:37उसको रिलीज माइटोकांड्रिया करता है। किस
1:40रूप में? एटीपी के रूप में। एटीपी क्या
1:42होता था? एनर्जी करेंसी ऑफ द सेल
1:45एडिनोसाइन ट्राई फास्फेट फुल फॉर्म होती
1:47है। अब अगर आपने सारा माइटोकांड्रिया
1:50रिमूव कर दिया तो क्या होगा? तो यार
1:53माइटोकांड्रिया क्या करता था? एनर्जी
1:55रिलीज करता था ना। माइटोकांड्रिया क्या कर
1:58रहा था? रिलीज़ कर रहा था एनर्जी। तो सेल
2:01जो होगा वो एनर्जी नहीं बना पाएगा। अब अगर
2:05सेल एनर्जी नहीं बना पाएगा तो वो बहुत
2:08सारे काम नहीं कर पाएगा ढंग से। तो
2:10अल्टीमेटली सेल जल्दी ही मर जाएगा। इस
2:13तरीके से अगर आप आंसर लिखेंगे कोई भी
2:16स्कूल टीचर इसके नंबर नहीं काटेंगे कि भाई
2:19क्या आउटकम आप एक्सपेक्ट करोगे अगर
2:21माइटोकांड्रिया को रिमूव कर दिया जाए। तो
2:24सिंपल लिख दो यार कि माइटोकांड्रिया जो है
2:26वो एनर्जी रिलीज़ कराता है। अगर
2:28माइटोकांड्रिया हटा देंगे तो एनर्जी कौन
2:30रिलीज़ कराएगा? सेल अपने काम नहीं कर पाएगा
2:32और जल्दी ही सेल मर जाएगा। कुछ इस तरीके
2:36से।
2:39एक और क्वेश्चन था टेस्ट में दो सिमिलर
2:42एनिमल सेल्स सीक्वेंस ऊपर नीचे हो सकती है
2:44क्वेश्चनंस की इनको दो सॉलशंस में रखा सेल
2:49x को आपने प्योर वाटर में रखा सेल y को
2:51आपने सॉल्ट सॉल्यूशन में रखा ऐसे आपने
2:54बहुत सारे क्वेश्चंस करे थे वो हाइपरटॉनिक
2:56हाइपरटॉनिक आइसोटोनिक के दौरान ऑस्मोसिस
2:59के दौरान वैसे क्वेश्चंस हैं या आपको तब
3:02भी ट्रिक बताई थी कि प्योर वाटर के अंदर
3:05क्या होता है स्वेल हो जाता है और सॉल्ट
3:06सॉल्यूशन में श्रिंक हो जाता है। वैसे ही
3:09है ये क्वेश्चन।
3:11तो सबसे पहले सेल x को अगर आप प्योर वाटर
3:14में रखो तो सबसे पहले तो वो वाटर गेन कर
3:16लेगा। वाटर विल एंटर बाय ऑस्मोसिस।
3:20ऑस्मोसिस क्या होता था? वाटर मॉलिक्यूल्स
3:23की मूवमेंट एक सेल से दूसरे सेल तक। तो
3:25अगर आप सेल एक्स को प्योर वाटर में रखोगे
3:28तो वो फटाफट से पानी को गेन कर लेगा। वाटर
3:31विल एंटर थ्रू ऑस्मोसिस। ऑस्मोसिस क्यों
3:34लिखा? क्योंकि वाटर की मूवमेंट को
3:35ऑस्मोसिस कहते हैं। अब जब ज्यादा पानी सेल
3:38में घुस जाएगा तो सेल क्या होगा? स्वेल हो
3:40जाएगा, फूल जाएगा और अगर ज्यादा ही फूल
3:43गया तो फट भी सकता है एंड मे बस्ट।
3:46इसी तरीके सेल
3:50व को अगर साल्ट सॉल्यूशन में रखें तो
3:54सॉल्ट सॉल्यूशन में क्या होता है? पानी
3:55छोड़ जाता है। वाटर विल मूव आउट बाय
3:58ऑस्मोसिस। सेम वही बोलेंगे ऑस्मोसिस से
4:01वाटर बाहर चला जाएगा। क्योंकि ऑस्मोसिस
4:04क्या होती है? जिन बच्चों को नहीं पता ना,
4:05मैं डिक्टेट कर रहा हूं। यहां पर आप लिख
4:07सकते हो कि द मूवमेंट ऑफ वाटर मॉलिक्यूल्स
4:11फ्रॉम अ रीजन ऑफ हाई कंसंट्रेशन टू अ रीजन
4:14ऑफ लो कंसंट्रेशन
4:16अक्रॉस अ सेमी परमीएबल मेंब्रेन इज़ नोन एज
4:20ऑस्मोसिस। कि वाटर मॉलिक्यूल्स की मूवमेंट
4:23हाई कंसंट्रेशन से लो कंसंट्रेशन तक एक
4:28सेमी परमीएबल मेंब्रेन के थ्रू ऑस्मोसिस
4:31कहलाती है। याद रखने का बड़ा सिंपल है
4:33भाई। प्योर वाटर में गेन होता है और सॉल्ट
4:37वाटर में लूज हो जाता है वाटर। यही आप
4:40लोगों ने अपने नोट्स में भी लिखा हुआ है।
4:42अब अगर कोई सेल पानी छोड़ देगा तो वह क्या
4:44होगा? बिल्कुल जैसे किशमिश होती है ना
4:47उसकी तरह श्रिंक हो जाएगा और रिंकल्ड हो
4:49जाएगा।
4:52नेक्स्ट क्वेश्चन तो यहां से देख लो। सेल
4:54ऑर्गेनली को आइडेंटिफाई करना है।
4:58साइट यानी जगह ऑफ सेल्यूलर रेस्पिरेशन।
5:01सेल्यूलर रेस्पिरेशन कहां होती है? सेल के
5:04अंदर जो रेस्पिरेशन है दैट टेक प्लेस इन
5:07माइटोकांड्रिया।
5:11ऐसा क्यों बोल रहे हैं? अभी-अभी ऊपर पढ़ा
5:14ना माइटोकांड्रिया एनर्जी रिलीज कराता है।
5:17बेटा एनर्जी रिलीज तब होती है जब
5:18रेस्पिरेशन होती है। तो रेस्पिरेशन सेल के
5:21अंदर माइटोकांड्रिया में होती है। तभी
5:23माइटोकांड्रिया को साइट ऑफ सेल्यूलर
5:26रेस्पिरेशन भी कहते हैं। इसके बाद
5:30सेपरेट्स सेल कंटेंट्स फ्रॉम इट
5:32सराउंडिंग। सेल के अंदर की चीजों को उसके
5:35सराउंडिंग से अलग करके रखते हैं। तो ये
5:37सेल की मेंब्रेन होगी। आप यहां पर जवाब
5:40सेल मेंब्रेन या प्लाज्मा मेंब्रेन। दोनों
5:43में से कुछ भी लिखोगे तो चलेगा।
5:47नेक्स्ट
5:49कंट्रोलिंग ऑल द एक्टिविटीज ऑफ द सेल।
5:52बेटा सेल की सारी एक्टिविटीज को
5:54डायरेक्टली इनडायरेक्टली उसका ब्रेन
5:56कंट्रोल करता है। व्हिच इज न्यूक्लियस।
6:00किचन ऑफ द सेल आपको क्या बताया था? किसको
6:02बोलते हैं? प्लास्टिड्स को। जैसे किचन में
6:05अलग-अलग कलर पाए जाते हैं। प्लास्टिड्स
6:07में भी तो अलग-अलग कलर पाए जाते हैं। सेल
6:10का वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम कौन है? सेल के
6:13सारे वेस्ट को कौन डिस्पोज ऑफ करता है?
6:15सेल के लाइसोजोम्स।
6:18इनको तो बेटा बोला है स्कैवेंजर्स ऑफ द
6:20सेल जाते हैं जो वश में से अपना खाना
6:23बनाते हैं।
6:26क्या आएगा यहां पर?
6:29लाइसोजोम्स।
6:32साइट ऑफ प्रोटीन सिंथेसिस यानी कि इस जगह
6:35पर प्रोटीन एक्सट्रैक्ट होता है सेल के
6:37अंदर। सिंपल जवाब है इसका राइबोजोम्स।
6:41यह बेटा इंपॉर्टेंट कुछ क्वेश्चंस है।
6:43आपको इसका ध्यान रखना है।
6:46ठीक है?
6:53उसके बाद कुछ डिफरेंसेस पढ़ लेते हैं जो
6:55इस टेस्ट में थे।
6:58सेल वॉल और सेल मेंब्रेन का डिफरेंस। सेल
7:01मेंब्रेन को ही बेटा प्लाज्मा मेंब्रेन भी
7:03कहते हैं। अब रूल क्या है? सेल वॉल सिर्फ
7:06प्लांट सेल्स में होती है। सेल मेंब्रेन
7:08प्लांट और एनिमल दोनों सेल्स में होती है।
7:10सेल वॉल डेड होती है। सेल मेंब्रेन लिविंग
7:13होती है। सेल वॉल डेड होती है। तभी तो
7:14प्लांट्स इतने हार्ड होते हैं बाहर से।
7:16सेल वॉल सेलुलोज़ से बनी होती है। सेल
7:18मेंब्रेन प्रोटीन और लिपिड से बनी होती
7:20है। ये देखो पहले आप
7:24ये जो अंदर वाली बाउंड्री है ना ये इट इज़
7:27सेल मेंब्रेन फ्लैक्सिबल सी। लेकिन इसके
7:30बाहर ये जो रिजिड सी हार्ड सी कवरिंग बना
7:33रखी है ना ये डब्बा सा इट इज़ सेल वॉल।
7:39अंदर वाली सेल मेंब्रेन है। अब सिंपल
7:42डिफरेंस है भाई। सेल वॉल सिर्फ प्लांट
7:44सेल्स में होती है। सेल मेंब्रेन दोनों
7:46सेल्स में होती है। प्लांट्स और एनिमल्स।
7:48सेल वॉल डेड होती है। सेल मेंब्रेन लिविंग
7:51होती है। सेल वॉल सेलुलोज़ से बनी हुई है।
7:53जैसे हमारी बॉडी में ग्लूकोस होता है।
7:55प्लांट की बॉडी में सेलुलोज़। सेल मेंब्रेन
7:57लिपिड्स और प्रोटीन से बनी हुई है।
8:01नेक्स्ट आरईआर और एससीआर का डिफरेंस क्या
8:04है? बेटा मैंने आपको बोला है फुल फॉर्म
8:06में वर्ड जरूर लिख सकते हो इसका। लेकिन
8:08कायदे से ना फुल फॉर्म डिफरेंस का एक
8:10पॉइंट काउंट नहीं होता। इस बात को हमेशा
8:12ध्यान रखना। तो अगर दो नंबर में लिख रहे
8:15हो ना तो इसकी फुल फॉर्म के अलावा एक और
8:17पॉइंट जरूर लिखो।
8:20अब आरईआर रेफर्स टू रफ एंडोप्लाज्मिक
8:23रेटिकुलम और एसईआर क्या है? स्मूथ
8:26एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम।
8:28रफ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम का मेन काम है
8:31प्रोटीन की सिंथेसिस। अब आपके मन में डाउट
8:33होगा भैया अभी-अभी तो ऊपर हमने कुछ और
8:35लिखा कि राइबोजोम्स करते हैं प्रोटीन की
8:37सिंथेसिस। ठीक है? आरईआर के सरफेस पर
8:40राइबोजोम्स ही अटैच्ड होते हैं। जैसे मान
8:43लो अगर ये आरईआर है ना तो इसके ऊपर
8:47राइबोजोम्स ही चिपके होते हैं जो ये काम
8:49कर रहे होते हैं। तो हम ये भी बोल देते
8:52हैं कि आरईआरजी जो है ये प्रोटीन की
8:54सिंथेसिस करते हैं। एसईआर का मेन काम है
8:57बॉडी के अंदर सेल के अंदर जो बहुत सारे
8:59ड्रग्स और पोइजंस बन रहे हैं उनको
9:01डिटॉक्सिफाई करना।
9:06इसके बाद राइबोजोम्स वो आ गई बात
9:09राइबोजोम्स अटैच्ड होते हैं आउटर सरफेस पर
9:11आरआर के एसआर में राइबोजोम्स नहीं होते
9:17तीन तरह के प्लास्टिड्स के बारे में भी
9:18पढ़ लो प्लास्टिड्स वो ऑर्गनेल है जो
9:21सिर्फ प्लांट सेल्स में पाए जाते हैं।
9:22इनका काम होता है प्लांट सेल्स को कलर
9:24देना।
9:26अब तीन तरह के प्लास्टिड्स हैं। ध्यान
9:28रखना।
9:31तीन तरह के क्लोरोप्लास्ट,
9:33क्रोमोप्लास्ट, लकोप्लास्ट। क्लोरो के
9:37अंदर बेटा वर्ड याद रखना जैसे क्लोरोफिल
9:39होता है ना क्लोरोफिल। क्लोरोफिल किस कलर
9:41की होती है? ग्रीन कलर की। तो
9:43क्लोरोप्लास्ट ग्रीन कलर के प्लास्टिड्स
9:45हैं। वो प्लांट के सेल्स जो प्लांट के
9:48पार्ट्स को ग्रीन कलर देंगे। जैसे लीफ में
9:50पाए जाते हैं क्लोरोप्लास्ट।
9:53[नाक से की जाने वाली आवाज़]
9:53क्रोमोप्लास्ट ग्रीन कलर को छोड़ के बाकी
9:56सारे कलर के प्लास्टिड्स। क्योंकि ग्रीन
9:58कलर के लिए अलग से वर्ड यूज़ हो रहे है
10:00क्लोरोप्लास्ट। एग्जांपल चाहिए तो एप्पल
10:02रेड क्यों है? इसकी वजह से। स्टेम ब्राउन
10:05क्यों है? इसकी वजह से। ठीक है?
10:08लिकोप्लास्ट कलरलेस प्लास्टर जिनका कोई
10:10कलर नहीं होता। जैसे लीची अंदर से
10:14कलरलेस है ना एक तरीके से वो
10:18हम तीनों का डिफरेंस पढ़ लेते हैं।
10:20न्यूक्लियस, न्यूक्लियोडइड और
10:21न्यूक्लियोलस का क्या डिफरेंस होता है?
10:23बेटा न्यूक्लियस तो सेल का ब्रेन होता है।
10:26न्यूक्लियोइड डीएनए वाला रीजन है
10:28प्रोकैरियोटिक सेल में। ऐसा क्यों बोल रहे
10:30हैं? [नाक से की जाने वाली आवाज़] बेटा पी
10:31फॉर प्रो पी फॉर पुराना।
10:34ये जो प्रोकैरियोटिक सेल्स होते थे ना ये
10:37पुराने सेल्स होते थे। इनमें एग्जैक्ट
10:39न्यूक्लियस तो नहीं होता था। एक ऐसे
10:41डिज़ाइन सा बन रखा होता था। उस डिज़ाइन से
10:44को वो डिज़ाइन जो था ना वह डीएनए कैरी करता
10:48था बिल्कुल न्यूक्लियस की तरह। तो पुराने
10:50समय के सेल्स में न्यूक्लियस की जगह
10:52न्यूक्लियोडइड होता था और न्यूक्लियोलस जो
10:54है ये तो एक पार्ट है जी न्यूक्लियस के
10:56अंदर का
10:58अगर हम लोकेशन की बात करें
11:02न्यूक्लियस पाया जाता है यूकैरियोटिक
11:04सेल्स में न्यूक्लियोइड प्रो में और
11:07न्यूक्लियोलस किसका पार्ट है? देखो
11:09न्यूक्लियोलस इज़ अ पार्ट ऑफ़ न्यूक्लियस।
11:11न्यूक्लियस खुद एक यूकैरियोटिक सेल है। तो
11:13न्यूक्लियोलस भी यूकैरियोटिक होगा क्योंकि
11:15उसका पार्ट है। न्यूक्लियस बड़ा होता है।
11:19न्यूक्लियोाइट छोटा और न्यूक्लियोलस तो
11:21पार्ट है तो बहुत ही छोटा होता। फिर एक
11:24टेस्ट में क्वेश्चन था होमोजनियस और
11:25हेटेरजेनियस मिक्सचर का डिफरेंस करो।
11:28मिक्सचर्स एंड देयर सेपरेशन चैप्टर से।
11:30बड़ा सिंपल डिफरेंस है। आप कई बार पढ़
11:32चुके हो।
11:34होमोजनियस एंड हेटेरोजीनियस। जो मिक्सचर्स
11:37कंप्लीटली मिक्स [गला साफ़ करने की आवाज़]
11:38हो जाते हैं ना उनको होमोजनियस कहा जाता
11:41है। द [नाक से की जाने वाली आवाज़]
11:42मिक्सचर्स इन वि सब्सटेंसेस आर कंप्लीटली
11:45मिक्स्ड टुगेदर आर कॉल्ड होमोजनियस
11:48मिक्सचर्स। और जिनमें भाई वो अलग-अलग रहते
11:51हैं। जैसे ऑयल इन वाटर सेपरेट नहीं होते
11:54उनको क्या बोलते हैं? हेटेरोजीनियस। द
11:56मिक्सचर्स इन व्हिच सब्सटेंसेस रिमेन
11:58सेपरेट आर कॉल्ड हेटेरोजीनियस मिक्सचर।
12:02होमोजनियस मिक्सचर की यूनिफॉर्म कंपोजीशन
12:05होती है। मतलब बराबर सा नजर आता है घुलने
12:07के बाद। जैसे शुगर एंड वाटर आपने घोल दिया
12:10तो अलग-अलग नजर थोड़ी आता है।
12:14[नाक से की जाने वाली आवाज़]
12:16और हेटेरोजीनियस की नॉन यूनिफॉर्म कंपोज़शन
12:19होती है उसके पूरे मास में। कहने का मतलब
12:22जैसे ऑइल एंड वाटर है। अलग-अलग नजर आता है
12:24ना लेयर्स बना के।
12:27होमोजनियस की विज़िबल बाउंड्रीज़ नहीं होती।
12:29हेटेरजीनियस में तो आप ऑल एंड वाटर को
12:31मिक्स करो। ऊपर देखो ऑयल अलग से अपनी
12:33बाउंड्री बना लेगा।
12:36एग्जांपल शुगर सॉल्यूशन सॉल्ट सॉल्यूशन
12:38होमोजेनियस के सॉल्यूशन मतलब पानी में
12:41घोलना और इधर ऑयल इन वाटर मड इन वाटर वो
12:44चीज।
12:46टेस्ट में जगह का क्वेश्चन था फ्रैक्शनल
12:47डिस्टिलेशन। बेटा क्या-क्या लिखना था वहां
12:49पर? फ्रैक्शनल डिस्टिलेशन एक एडवांस्ड
12:51फॉर्म है डिस्टिलेशन का।
12:53यहां पर उन लिक्विड्स को सेपरेट किया जाता
12:56है। दोस लिक्विड्स आर सेपरेटेड जिनका
12:59बॉइलिंग पॉइंट्स में डिफरेंस कम है। देखो
13:02बेटा नॉर्मली ना डिस्टिलेशन यूज़ करी जाती
13:06थी उन लिक्विड्स के लिए जिनमें बॉइलिंग
13:08पॉइंट्स का डिफरेंस 25° से ज्यादा है।
13:11लेकिन यार अगर 25° सेल्सियस से कम का
13:13डिफरेंस है ना तो फ्रैक्शनल डिस्टिलेशन का
13:16प्रयोग होता है।
13:20यही यहां पर लिखा भी हुआ है।
13:23फ्रैक्शनल डिस्टिलेशन एक मेथड है जो उन
13:26लिक्विड्स को सेपरेट करने के लिए यूज किया
13:28जाता है जिनमें बहुत जरा सा डिफरेंस है
13:30उनके बॉइलिंग पॉइंट्स में। फ्रैक्शनल
13:33डिस्टिलेशन तब यूज़ किया जाता है जब दोनों
13:35लिक्विड्स के बॉइलिंग पॉइंट्स का डिफरेंस
13:3825° सेल्सियस। ये लाइन जरूर लिख के आनी है
13:41आपने। 25 डिग्री सेल्सियस से कम है ना तब
13:45यूज किया जाता है।
13:48अगर हम प्रोसेस की बात करें ये नोट्स में
13:51ये टेस्ट में क्वेश्चन था कि प्रोसेस क्या
13:54है? तो इसका डायग्राम याद है ना वो जो आप
13:56लोगों ने बनाया था डायग्राम वही भला
13:58चलेगा। ये देखो होगा यहां पर।
14:02यह रहा
14:05यह डायग्राम आप लोगों ने जो बनाए थे एक
14:07भट्टी सी के अंदर क्या हो रहा है?
14:11एक यह भट्टी फर्नेस के अंदर क्रूड ऑयल को
14:14हीट किया जा रहा है। अब भाई यह सारी चीजें
14:16क्रूड ऑयल से ही निकलती है। एलपीजी एनएफ
14:18था, गैसोलन यानी पेट्रोल, केरोसिन, डीजल,
14:21बायमेन ये सब चीजें। अब
14:25सिंपल लॉजिक है यार। सबसे पहले देखो
14:27टेंपरेचर भी लिखा हुआ है। सबसे पहले 40°
14:30सेल्सियस का टेंपरेचर आएगा। वहां पर
14:33एलपीजी के वेपर्स अलग हो जाएंगे। उसको
14:35कंडेंस करके फिर लिक्विफाइड पेट्रोलियम
14:37गैस बना ली जाएगी। फिर नेफ्था का फिर
14:40पेट्रोल का ऐसे ही केरोसिन अलग होगा डीजल
14:43अलग होगा। अलग-अलग देखो आपके फनल्स बन रखे
14:45हैं। ये चीज है। तो सबसे पहला स्टेप क्या
14:48है?
14:49सबसे पहले क्रूड ऑयल को एक भट्टी में
14:51फर्नेस के अंदर क्या किया जाता है?
14:53कमर्शियल लेवल पे हीट किया जाता है। उसके
14:57बाद
14:59देखो पहला स्टेप क्रूड ऑयल इज़ हीटेड इन अ
15:02फर्नेंस। इसके बाद अलग-अलग सब्सटेंसेस जो
15:06है वह अपनेप सही टेंपरेचर आने पर वेपराइज
15:09हो जाएंगे। मतलब उड़ेंगे। वो लिक्विड से
15:11क्या बन जाएंगे? वेपर्स बन जाएंगे। हर एक
15:14सब्सटांस का अपना एक बॉइलिंग पॉइंट है
15:15भाई। अपना एक उबलने का पॉइंट है। उसके बाद
15:21वो जो अलग-अलग कॉलम्स बना रखे थे उसमें
15:23वेपर्स राइज़ होंगे और अलग-अलग फ्रैक्शंस
15:26से अलग-अलग तरह की चीजें आएंगी। जैसे यह
15:28देखो जरा डायग्राम।
15:35यह देखो
15:37इसके अंदर सारा क्रूड ऑयल हीट हो रहा है।
15:40सबसे पहले टेंपरेचर आएगा 40° के आसपास का।
15:43वहां पर एलपीजी के वेपर्स अलग हो जाएंगे।
15:45उसको अलग कॉलम से कलेक्ट करेंगे। बाद में
15:48ठंडा करके आप एलपीजी गैस बना सकते हो। ऐसे
15:50ही एक पेट्रोकेमिकल होता है नेफ्था। फिर
15:52पेट्रोल फिर केरोसिन टेंपरेचर देखते चलो।
15:56250° का जब टेंपरेचर चल जाएगा तो डीजल अलग
15:58हो जाएगा। लास्ट में बाइट टू मेडल अलग
16:00होता है 450 से भी ज्यादा पे सबका
16:02अपना-अपना यूज़ होता है। वो भी पढ़ लेते हैं
16:04जरा।
16:09जैसे कि जो पेट्रोल गैस है जिसको एलपीजी
16:12कहते हैं वो तो एक फ्यूल की तरह यूज़ होती
16:14है। घर में आग उग लगाने के लिए कुकिंग के
16:16लिए। पेट्रोल गाड़ियों के लिए था। इनिशियली
16:18डीजल, ट्रक्स और बसेस हैवी व्हीकल्स के
16:20लिए। केरोसिन एिएशन फ्यूल है। एिएशन फ्यूल
16:23मतलब हवाई विमानों के लिए। ठीक है?
16:29इसका ध्यान रखिएगा।
16:36उसके बाद टेस्ट में क्वेश्चन था क्वेश्चन
16:38नंबर 16 एक जगह डिस्टिलेशन और
16:40क्रिस्टलाइजेशन का प्रिंसिपल बताओ। हां तो
16:42बेटा सेपरेटिंग पैनल का भी सकता था। उस
16:44टाइम पे आपने कर नहीं रखा था। इसलिए वो
16:46टेस्ट में नहीं था। अब प्रिंसिपल ऑफ़
16:49डिस्टिलेशन। डिस्टिलेशन किस प्रिंसिपल पे
16:50वर्क करती है? याद है ना? हमने एसिडोन और
16:53वाटर को मिक्स करा था। बेटा वैसी चीजें भी
16:55सेपरेट हो सकती है। वैसी चीजें भी क्या
16:59देखो नॉर्मल सी बात है बहुत कॉमन सेंस है।
17:01जिस लिक्विड का बॉइलिंग पॉइंट कम होगा वो
17:04पहले उड़ जाएगा। जो वेपर है उसको फिर आपने
17:07कलेक्ट करके ठंडा करके वापस लिक्विड बना
17:09लेना है। बस क्रिस्टलाइजेशन का क्या था?
17:14क्रिस्टलाइजेशन वर्क करती है डिफरेंस इन द
17:17सॉलीबिलिटी ऑफ़ सब्सटेंसेस एट डिफरेंट
17:19टेंपरेचर।
17:21अलग-अलग टेंपरेचर पर अलग-अलग सॉलीबिलिटी
17:23होती है सब्सटेंसेस की। हर टेंपरेचर पर
17:26सेम सॉलीबिलिटी नहीं होती। अगर आप ज्यादा
17:28टेंपरेचर कर देते हो तो उसके अंदर ज्यादा
17:30सॉल्यूट घुस सकता है और कूलिंग पे
17:32एक्स्ट्रा सॉल्यूट बाहर आ जाएगा
17:34क्रिस्टल्स के रूप में। यही
17:35क्रिस्टलाइजेशन का प्रिंसिपल था।
17:41फिर एक टेस्ट में क्वेश्चन था सेल चैप्टर
17:43से सेल सैप क्या है? उसकी कंपोज़शन क्या
17:45होती है?
17:46जोॉटरी लिक्विड प्रेजेंट है ना प्लांट सेल
17:50के वैक्यूल के अंदर उसको सेल सैप कहते
17:52हैं। वैक्यूल स्टोरेज के लिए होता है।
17:54उसके अंदर जो लिक्विड सा प्रेजेंट है ना
17:56पानी जैसा उसको कहते हैं। सेल सैप एक
17:59तरीके से न्यूट्रिएंट्स के सूप की तरह है।
18:02उसमें वाटर है, न्यूट्रिएंट्स है, थोड़े
18:04साल्ट्स है जैसे एक सूप में होते हैं ना
18:06ये उसकी कंपोज़शन होती है। ध्यान रखना।
18:10उसके बाद बेटा एक क्वेश्चन था व्हाट इज
18:13टिंचर आयोडीन? ये? मैं यहां पर ही बता रहा
18:14हूं। लिख लेना अपने पास।
18:18टिंचर आयोडीन इज सिंपली आयोडीन इन
18:21अल्कोहल।
18:23आयोडीन इन अल्कोहल को ही टिंचर आयोडीन
18:26बोला जाता है। अच्छा अगर इसके रियल लाइफ
18:28यूज़ की बात करें अगर आपको लग रहा है कि
18:30थोड़ा एक नंबर के हिसाब से कम रहेगा। वैसे
18:32मतलब तो यही है कि टिंचर आयोडीन सिंपली
18:35रेफर्स टू अ मिक्सचर ऑफ़ आयोडीन इन
18:37अल्कोहल। ये जो मैंने अभी-अभी लाइन बोली
18:39ना इसको लिख लेना अपने नोट्स में।
18:43टिंचर आयोडीन का यूज़ होता है बेटा
18:45होम्योपैथिक मेडिसिनस में
18:50जो होम्योपैथिक मेडिसिनस होती है ना
18:54वो जो चार-चार गोली दिन में चार बार आप
18:56लोग खा रहे हो या फिर पीने वाली
18:58होम्योपैथिक मेडिसिंस उसके अंदर इसका यूज़
19:01होता है मदर टिंचर बोलते हैं इसको वहां पे
19:06इसके बाद फुल फॉर्म्स तो ऐसी देख लो भाई
19:09यह वाली फुल फॉर्म्स जो है
19:12एफएफडीसी
19:14फ्रेगेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर कनोज
19:17के अंदर जो है लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस
19:19एलपीजी डीएनए डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक एसिड
19:24आरएनए राइबोन्यूक्लिक एसिड एटीपी एनर्जी
19:27करेंसी ऑफ़ द सेल एडिनोसाइन ट्राई फास्फेट
19:31स्पेलिंग अगर किसी के चाहिए जैसे एटीपी के
19:34तो एडीआई एटीपी के मैं लिख देता हूं
19:36एडिनोसाइन
19:38एडिनोसाइन
19:41फिर टी से ट्राई फिर फास्फेट
19:48एडिनोसाइन ट्राई फास्फेट नोट कर लीजिएगा
19:54डीएनए की डी ऑक्सी राइबो
20:01ये एक वर्ड था फिर न्यूक्लिक एक वर्ड है
20:04और फिर ए फॉर एसिड ये
20:08आरएनए की सिंपल है राइबो आरआईबीओ और राइबो
20:11न्यूक्लिस एसिड लिक्विफाइड
20:15लिक्विफाइड
20:16पेट्रोलियम गैस
20:19लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस और इसकी तो
20:23सिंपल ही है फ्रेगेंस एंड फ्लेवर
20:25डेवलपमेंट सेंटर तो ये हो गया ये हो गया
20:30अब डिटेल में ये वाली एक्टिविटी करेंगे
20:32पहले छोटे-छोटे क्वेश्चंस देख लो भाई
20:34वेलोसिटी टाइम ग्राफ की स्लोप क्या देती
20:37है बेटा आपको मैंने बताया था स्लोप जो
20:39होती है ना अभी यहां पे देखो समझा रहा हूं
20:41मैं एक जगह होगी
20:54ये देखना
20:57ये मैंने एक ग्राफ बनाया
21:03ये देखो
21:08ये y एक्सिस, ये ओरिजिन, ये x एक्सिस।
21:12आपको ट्रिक बताई थी x एक्सिस पर हमेशा
21:14टाइम आता है। अब अगर वेलोसिटी टाइम ग्राफ
21:17है, x एक्सिस पर टाइम आ गया। तो वेलोसिटी
21:20कहां होगी? y एक्सिस पर। बेटा स्लोप का
21:22बड़ा सिंपल तरीका होता है। स्लोप का मतलब
21:25है जो भी y पे है अपॉन जो भी x पे है जो
21:29भी y एक्सिस पे है अपॉन जो भी x एक्सिस पे
21:33है। तो
21:36ये देखो
21:38वेलोसिटी टाइम ग्राफ का स्लोप बोला है ना
21:40इसने आपको यानी y एक्सिस पे वेलोसिटी x
21:43एक्सिस पे टाइम तो आप चेक कर लो कि जी
21:45वेलोसिटी / टाइम क्या होता है? जी वो तो
21:48एक्सीलरेशन होती है। तो यहां पर उत्तर आना
21:50था एक्सीलरेशन। पूरा लिखना था। एरिया क्या
21:54होता है? y * x अब वेलोसिटी टाइम ग्राफ का
21:57एरिया क्या देगा वह भी देख लेते हैं। आपको
22:00ना बेटा दो बातें ध्यान रखनी है। एरिया
22:01होता है y पे जो है इंटू x पे जो है और
22:06स्लोप होता है y पे जो है अप x पे जो है।
22:09अब एरिया बताना था मान लो एरिया ऑफ़
22:12वेलोसिटी टाइम ग्राफ यानी कि वेलोसिटी *
22:15टाइम। वेलोसिटी को हम स्पीड की तरह भी मान
22:18सकते हैं ग्राफ्स वगैरह में। तो स्पीड *
22:21टाइम क्या होता है? स्पीड * टाइम क्या
22:23होता है? डिस्टेंस।
22:26तो इस क्वेश्चन में यहां पर आना था
22:27डिस्टेंस। ऊपर आना था एक्सीलरेशन। ध्यान
22:31रखिएगा।
22:37उसके बाद एक क्वेश्चन था। डिटेल में समझाओ
22:40कैसे आप कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल्स को
22:42ऑब्टेन करेंगे। तो
22:46सिंपल है भाई। सबसे पहले शॉर्ट में यहां
22:48पर ही देखो जल्दी से। नोट्स में बहुत
22:50ज्यादा भी लिखा हुआ है। क्रिस्टलाइजेशन एक
22:52प्रोसेस है जिसके अंदर आप प्योर क्रिस्टल
22:54ऑब्टेन करते हैं किसी सैचुरेटेड सॉल्यूशन
22:57से उसको धीरे-धीरे ठंडा करके कि भाई आपने
23:00प्योर क्रिस्टल्स बनाने हैं किसी
23:02सैचुरेटेड सॉल्यूशन से उसको धीरे-धीरे
23:05ठंडा करके जैसे आप लोगों ने भी अपना वो
23:07ट्राई करा था घर पे शुगर क्रिस्टल्स बनाने
23:09का।
23:12अब कैसे बनाएंगे इसके क्रिस्टल्स? बड़ा
23:14सिंपल है। देखो, एक बर्नर से हम नीचे इसको
23:17गर्म कर रहे हैं इस लिक्विड को। यह कॉपर
23:19सल्फेट का सॉल्यूशन है। ठीक है? बकर है।
23:23इसमें पानी डाला और थोड़े कॉपर सल्फेट के
23:25वो डाल दिया क्रिस्टल्स।
23:28कॉपर सल्फेट पाउडर फॉर्म में डाल सकते हो।
23:30क्या करना है? 1 ग्राम कॉपर सल्फेट का
23:33पाउडर लो। उसमें पानी डालो और थोड़ा सा
23:35एसिड डालो। पेपर काेंट क्वेश्चन जो आपने
23:38नहीं समझाया था टेस्ट में। एसिड क्यों
23:40डाला था? यह किसी बच्चे ने नहीं लिखा होगा
23:43टेस्ट में कि व्हाई एसिड वास एडेड। बेटा
23:45एसिड डालने का एक रीजन था ताकि अनवांटेड
23:48रिएक्शन ना हो।
23:501 ग्राम कॉपर सल्फेट का पाउडर लीजिए।
23:52थोड़ा पानी डालिए। एक ड्रॉप एसिड की
23:55डालिए। उसको हीट करें और साथ-साथ ऐसे
23:56मिक्स करते चलिए इस रोड से। थोड़ा और कॉपर
23:59सल्फेट डालिए तब तक वो सैचुरेटेड ना बन
24:01जाए। एक बार उसको छान लो। जो क्लीन
24:04लिक्विड बचता है फिल्ट्रेशन के बाद उसे
24:06फिल्ट्रेट कहते हैं। एक नंबर का क्वेश्चन।
24:08धीरे-धीरे ठंडा होने दो। आप क्या ऑब्जर्व
24:11करेंगे कि ब्लू कलर के शाइनी कॉपर सल्फेट
24:14क्रिस्टल्स बनेंगे। यहां बेटा फिर भी
24:16शॉर्ट में है। यहां पर देखो डिटेल्ड नोट्स
24:19आप अपने अभी टेस्ट में जब आंसर की लिख रहे
24:21हो ना तो ये वाली लिखना
24:24डायग्राम बना लेना और ये लिखना
24:28एक्टिविटी क्या है? क्रिस्टल्स बनाने हैं
24:30कॉपर सल्फेट के। क्या-क्या लगेगा जी? कॉपर
24:33सल्फेट लगेगा, वाटर लगेगा, डाइल्यूटेड
24:36सल्फ्यूरिक एसिड लगेगा, थोड़ा बकर लगेगा।
24:39ग्लास रोड मिक्स करने के लिए, फनल छानने
24:41के लिए, वॉच ग्लास जहां पर आप सब्सटांस को
24:44रखोगे,
24:47बर्नर और स्टैंड क्या करना है? 1 ग्राम
24:50कॉपर सल्फेट के पाउडर को लो एक बीतर में।
24:52यहां पर ना एक वर्ड लिख देना पाउडर।
25:00फिर उसके अंदर वाटर डालेंगे और एक ड्रॉप
25:03एसिड डालेंगे। इंपॉर्टेंट सवाल। एसिड
25:06क्यों डाला? व्हाई? ताकि प्योर क्रिस्टल्स
25:09इजीली आए और अनवांटेड रिएक्शन प्रिवेंट हो
25:12जाए। यानी अनवांटेड रिएक्शन ना हो। ऐसा ना
25:14हो कि वो कॉपर सल्फेट कोई और रिएक्शन कर
25:16दे क्रिस्टल्स बनाने की।
25:20फिर इसको हीट करेंगे कंटीन्यूसली घुमाते
25:22हुए। और कॉपर सल्फेट डालते रहेंगे जब तक
25:26कि उसकी पूरी गुंजाइश खत्म ना हो जाए कि
25:29और अब डल ही नहीं पा रहा। वो सैचुरेटेड ना
25:31बन जाए। फिर एक बार फिल्टर कर लो सॉल्यूशन
25:33को ताकि कोई इंप्योरिटीज रह गई है तो वह
25:37हट जाए। जो क्लियर लिक्विड बचेगा उसको
25:39फिल्ट्रेट कहते हैं। अब उस फिल्ट्रेट को
25:42ठंडा होने के लिए छोड़ दो।
25:44ऑब्जरवेशंस ब्लू कलर के शाइनी कॉपर सल्फेट
25:47के क्रिस्टल्स आ जाएंगे।
25:56एक प्रश्न में क्वेश्चन था कैंसरस एंड नॉन
25:59कैंसरस ट्यूमर्स। बेटा जो कैंसरस ट्यूमर
26:02है वो डेंजर है। वो जल्दी से ग्रो करेगा।
26:05पूरी बॉडी में फैल जाएगा। डेंजरस होता है
26:08और कैंसर कॉज करेगा। जैसे लंग्स में कैंसर
26:11कॉज हो गया। हार्ट में कैंसर कॉज हो गया।
26:13वो सब
26:15नॉन कैंसरस ट्यूमर्स जो धीरे-धीरे ग्रो
26:18करते हैं। बॉडी के बाकी पार्ट्स में नहीं
26:20फैलती। अगर गर्दन में है तो गर्दन में ही
26:22रहेगा। लंग्स में तो लंग्स में ही रहेगा।
26:24उतना डेंजरस नहीं है। जैसे स्किन पर
26:26छोटे-छोटे लम्स हो जाना।
26:33एक क्वेश्चन था टेस्ट में स्पीड और
26:35वेलोसिटी का डिफरेंस करो।
26:38नो डाउट सिलेबस चेंज हो गया है बट स्कूल
26:41टीचर्स को फिर भी ज्यादा पसंद ना स्पीड और
26:44वेलोसिटी की जगह डिस्टेंस और
26:46डिस्प्लेसमेंट का डिफरेंस ही ज्यादा पसंद
26:48है। ध्यान रखना।
26:50यार स्पीड क्या होता है? स्पीड इज़ सिंपली
26:53डिस्टेंस / टाइम। इतना डिस्टेंस आप वक्त
26:55के साथ ट्रेवल कर रहे हो। और वेलोसिटी
26:57क्या है? इसी स्पीड में अगर डायरेक्शन डाल
27:00दो आप। जैसे अ कार ट्रेवल्स एट 24 कि.मी.
27:03पर आर। यह स्पीड है। बट अ कार ट्रेवल्स एट
27:0824 कि.मी. पर आर टुवर्ड्स नॉर्थ। ये मैंने
27:11डायरेक्शन मेंशन कर दी। तो ये क्या है?
27:12वेलोसिटी। स्पीड कैसे लिखते हैं? डिस्टेंस
27:16ट्रेवल्ड पर यूनिट टाइम बाय एन ऑब्जेक्ट
27:18इज़ कॉल्ड इट स्पीड। जितना डिस्टेंस एक
27:21ऑब्जेक्ट कवर कर रहा है वक्त के साथ-साथ,
27:22वह उसकी स्पीड है। और वेलोसिटी क्या है?
27:25डिस्टेंस ट्रेवल्ड पर यूनिट टाइम बाय एन
27:27ऑब्जेक्ट इन अ गिवन डायरेक्शन।
27:29डायरेक्टिंग नहीं आएगा या डायरेक्शन आएगा?
27:31ये वैष्णवी है ना इंग्लिश क्लास वाली।
27:33उसने लिखा हुआ है।
27:36स्पीड स्केलर है क्योंकि डायरेक्शन नहीं
27:38होती। वेलोसिटी वेक्टर है। स्पीड हमेशा
27:41पॉजिटिव या ज़ीरो होगी। वेलोसिटी पॉजिटिव
27:44नेगेटिव ज़ीरो कुछ भी हो सकती है। ये वर्ड
27:45नेगेटिव है।
27:47पॉजिटिव नेगेटिव और ज़ीरो। एग्जांपल दे रखा
27:51है जो भी बताया यह फार्मूला।
27:59अब देखते हैं इस वाली में से क्या-क्या बच
28:01गया।
28:03कुछ छोटे-छोटे क्वेश्चंस बेटा
28:13ये बहुत अच्छा टेस्ट था।
28:16ये कर लिया। ये दूसरी वीडियो में करेंगे।
28:18न्यूमेरिकल में। ये भी न्यूमेरिकल है। अभी
28:20नहीं करेंगे। फोर्थ क्वेश्चन हु डिस्कवर्ड
28:23सेल्स हाउ एंड व्हेन बेटा रॉबर्ट हुक ने
28:26सेल्स डिस्कवर करे हु डिस्कवर्ड सेल्स
28:29रॉबर्ट हुक व्हेन 1665
28:33पहली बात हु डिस्कवर्ड सेल्स रॉबर्ट हुक
28:35कब 1665 कैसे विद द हेल्प ऑफ ह प्रिमिटिव
28:40माइक्रोस्कोप क्या करा था उसने प्रॉपर
28:42अपना नोट्स वाला आंसर लिख सकते हो कि
28:44रॉबर्ट हुक इन 1665
28:46या इन 1665 रॉबर्ट हुक डिस्कवर्ड सेल्स
28:51कैसे कह रहा था भाई ही ऑब्जर्व द कॉर्क सी
28:55ओ आर के पेड़ की छाल उसने पेड़ की छाल को
28:59देखा था वि द हेल्प ऑफ ह प्रिमिटिव
29:02माइक्रोस्कोप उनके पास जो देसी सा
29:04माइक्रोस्कोप था ना उससे उन्होंने देखा था
29:07उस देसी से माइक्रोस्कोप से
29:10यह स्टेटमेंट किसने दी थी कि सारे सेल्स
29:12प्री एकिस्टिंग सेल से आते हैं वर्चुअली
29:17इंपॉर्टेंट है
29:23दो तरह के माइक्रोस्कोप के बारे में
29:25बताइए। ज्यादा स्ट्रांग कौन है? जी दो तरह
29:27का माइक्रोस्कोप होता है। आप लिख सकते
29:29हैं।
29:31लाइट माइक्रोस्कोप जिसका दूसरा नाम
29:34कंपाउंड माइक्रोस्कोप भी होता है।
29:38और इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप।
29:40इनमें से ज्यादा स्ट्रांग कौन सा होता है?
29:42इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप। ध्यान रखना।
29:49ओआरएस किसने बनाया? ओआरएस आपके नोट्स में
29:52क्वेश्चन है। ओआरएस स्टैंड्स फॉर ओरल
29:55रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन। हां जी। तो ओआरएस
29:59किसने डेवलप करा भाई? दिलीप महल एंड बीस
30:01ने। याद रखना भाई एक इंडियन जिन्होंने
30:04ओआरएस डेवलप करा था। हु डेवलप्ड ओआरएस?
30:07दिलीप डी आई एल आई पी दिलीप महल एंड बीस।
30:18यह रहा। ठीक है जी।
30:22कौन सी मोशन को एक्सीलरेटेड मोशन बोलते
30:25हैं? बेटा हमने पढ़ा था यूनिफॉर्म सर्कुलर
30:27मोशन इज़ आल्सो नोन एज एक्सीलरेटेड मोशन।
30:30मैं शॉर्ट में लिख रहा हूं या यूसीएम। आप
30:31पूरा लिखोगे यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन।
30:35ह्यूमन बीइंग्स का एक सेल बताओ जिसका
30:37न्यूक्लियस नहीं है। यार रेड ब्लड सेल्स
30:39का न्यूक्लियस नहीं होता। तभी तो लाइफ
30:40स्पैन छोटा होता है उनका 120 दिन तक का।
30:43तभी तो बोलते हैं कि खून धोना कोई बड़ी
30:45बात नहीं है। आप खून डोनेट कर रहे हो अगर
30:47तो उतना बन ही जाएगा बाद में क्योंकि रेड
30:49ब्लड सेल्स का वैसे भी लाइफ स्पेल लंबा
30:51नहीं होता। ठीक है? ऐसे
30:55उसके बाद डिफाइन द टर्म न्यूक्लइड।
30:57अभी-अभी ऊपर भी आपने पढ़ा था न्यूक्लियोइड
30:59क्या होता है? द डीएनए रीजन इन
31:01प्रोकैरियोटिक सेल्स इज़ नोन ऐ
31:02न्यूक्लियोइड। यह क्वेश्चन हम कर चुके
31:05हैं।
31:14और इस टेस्ट का क्वेश्चन
31:18डिफरेंस हमने ये कर लिया। ये कर लिया। ये
31:20कर लिया। इससे ज्यादा ही करें। ये हो गया।
31:23ये भी तीन वाला करें हैं। ये हो गया। ये
31:24हो गया। ये न्यूमेरिकल मैं प्रॉपर एक इसकी
31:28वीडियो शूट करूंगा। वाइट बोर्ड वाली। वहां
31:30पर होगा। यह हो गया। यह हो गया। 16
31:32क्वेश्चन
31:34यह हो गया।
31:40यह भी हो गया
31:44जो इसके न्यूमेरिकल्स या कोई क्वेश्चन बाय
31:47चांस अगर बच गया इसका तो वो एक अलग वीडियो
31:50के अंदर हो जाएगा। ठीक है? अगर बाय चांस
31:52कुछ रह गया तो
31:57ये भी हो गया।
32:02बस एक बात ध्यान रखना। हां यहां पर देखो
32:04यहां पर यह हो गया है। ये पढ़ा है।
32:10ठीक है? और इसके बारे में देखते हैं। ये
32:13हो गया।
32:18ये देखो
32:31बेटा। यह वाला ना क्वेश्चन वैसे तो
32:32न्यूमेरिकल है। लेकिन यह बहुत छोटा सा
32:34क्वेश्चन था। एक बार देखते हैं।
32:36यहां पर
32:39एक सर्कुलर पाथ है। ठीक है? ध्यान से
32:43देखना जरा।
32:48एक सर्कुलर रास्ता है। मान लो।
32:53अब इस सर्कुलर रास्ते में एक पॉइंट है ये
32:56पहले वाला। पॉइंट A एक पॉइंट है मान लो यह
33:00पॉइंट B अ पार्टिकल इज मूविंग इन अ
33:03सर्कुलर पाथ ऑफ रेडियस R
33:06हाफ अ सर्कल के बाद इसकी डिस्प्लेसमेंट
33:08क्या होगी? तो देखो भाई अगर वो ऐसे मूव कर
33:11रहा है
33:13यहां से लेके यहां तक गया ये B पॉइंट पे
33:15इसका आधा सर्कल पूरा होगा ना।
33:18अब यहां से डिस्प्लेसमेंट क्या होगी?
33:20डिस्प्लेसमेंट क्या होता है? शॉर्टकट
33:22रास्ता अपनी इनिशियल पोजीशन पे वापस जाने
33:24का। तो शॉर्टकट तो यही होगा ना कि ये बीच
33:26में से चला जाए। तो ये येलो वाली लाइन
33:29क्या होगी बेटा? ये पूरा डायमीटर है। ये
33:32रेडियस ये रेडियस। तो ये पूरा क्या होगा?
33:35r + r 2r तो इसका जवाब बेटा आना था 2r
33:41स्क्रीनशॉट ले लेना। इसका नोट करना ऐसे
33:43ही।
33:46उसके बाद भाई एक बार इनको भी छोटी-छोटी
33:48टर्म्स को पढ़ लेते हैं।
33:51एक दूसरी पीडीएफ थी उसमें ना सबके बारे
33:53में लिखा हुआ था। चलो उसमें कवर कर लेंगे।
33:55ठीक है? इसको
33:57दूसरे पार्ट में कवर कर लेंगे इसको।