Full transcript
0:05हेलो 12th क्लास। आपका जो ह्यूमन कैपिटल
0:08फॉर्मेशन का चैप्टर चल रहा था ये अब खत्म
0:10होने वाला है। ठीक है? इस पार्ट के अंदर
0:12हम इसके मेजर डेटा की बात करेंगे। ध्यान
0:15रखना भाई ये वाला पार्ट बहुत ज्यादा
0:17इंपॉर्टेंट है। रीज़न बीइंग बाकियों में तो
0:20थोड़ी जनरल बातें थी। इस पार्ट में थोड़ा
0:22डेटा है जो एग्जाम में पूछा जाता है। इस
0:25वीडियो के अंदर अभी और भी इसके अलावा और
0:28भी डेटा है जो हम पढ़ेंगे। ये वाला डेटा
0:30इंपॉर्टेंट है क्योंकि आप सबको पता होना
0:32चाहिए इंडियन इकॉनमी के अंदर आपको अच्छे
0:34नंबर तभी मिलते हैं जब आप अपने आंसर्स में
0:37मैक्सिमम डेटा लिखते हो। इसके अलावा डेटा
0:40आपके थ्योरी आंसर्स में मदद करेगा। जहां
0:42आपको डेटा पता है वहां पर इंक्लूड कर देना
0:44अपने आंसर के अंदर। उसके अलावा कई बार वाई
0:48वाले ने जो एग्जामिनर्स आते हैं आपका वो
0:50आपसे कुछ ना कुछ डाटा पूछ लेते हैं और
0:52एमसीक्यूस में तो डेटा आता ही है। तो इस
0:55वीडियो के अंदर स्पेशली डाटा कवर होगा अभी
0:58तक। इंडिया के अंदर एजुकेशन सेक्टर में
1:01क्या-क्या हुआ है? जो टॉपिक है आज का वो
1:04पहले क्या है? ग्रोथ ऑफ एजुकेशन सेक्टर इन
1:07इंडिया। देखो भाई, हम स्टूडेंट्स हैं।
1:09हमने कोई एक पाथ नहीं चूज़ करना कि हम
1:12सिर्फ और सिर्फ तारीफें ही करे जा रहे
1:13हैं। हम दोनों पढ़ेंगे। ये कुछ डाटा है।
1:16ठीक है? ये पढ़ेंगे। ये आपको सुनने में
1:19बढ़िया लगेगा। हो सकता है इसके अंदर कुछ
1:21कमियां भी हो। मैं आपको वो भी बताऊंगा।
1:22ठीक है? अब
1:24सबसे पहले तो एजुकेशन कमीशन जो 1964 से
1:291966 वाला उसका टाइम पीरियड था उस टाइम पर
1:32उसने रिकमेंड करा था कि कम से कम एटलीस्ट
1:366% ऑफ द जीडीपी जो है वो एजुकेशन पर सरकार
1:40को खर्चना चाहिए। भाई 1964 की उससे पहले
1:43क्यों नहीं 47 में तो आजाद ही हुए थे 51
1:45में आपका पहला प्लान आया एजुकेशन तक
1:48जाते-जाते ये वाली बात थी। ठीक है? 1964
1:52से 1966 के अंदर एजुकेशन कमीशन जो हमारे
1:55देश की है, अगर आपसे एक नंबर में एमसीक्यू
1:57पूछे कि व्हेन वाज़ एजुकेशन कमीशन सेट अप?
2:00तो इस रेंज पे क्लिक करना। अच्छा भैया अगर
2:02ऑप्शन में एमसीक्यू में ये ना हुआ तो 1964
2:0656 वाला आपको जो रेंज मिलेगा उस पे टिक
2:08करेंगे क्योंकि ऑप्शन सारे ऐसे नहीं देगा
2:10ना आपको 62 63 64 65 अलग-अलग ऑप्शंस देगा।
2:13तो 1964 1966 वाले टाइम पीरियड में जो
2:17क्लोजेस्ट लगे आपको आप उस पे टिक करके
2:19आएंगे कि व्हेन वास एजुकेशन कमीशन सेट अप।
2:21ठीक है? इसने इस टाइम पीरियड में रिकमेंड
2:24करा था कि कम से कम 6% देश के जीडीपी का
2:28एजुकेशन पे लगना चाहिए। जिन बच्चों को
2:29जीडीपी नहीं पता क्या होता है? जीडीपी
2:31रेफर्स टू द टोटल वैल्यू ऑफ़ ऑल द गुड्स
2:34एंड सर्विसेस व्हिच आर प्रोड्यूस्ड इन द
2:36डोमेस्टिक टेरिटरी ऑफ़ अ कंट्री ड्यूरिंग
2:38एन अकाउंटिंग ईयर। अर्थात इसका मतलब भाई
2:41जीडीपी का मतलब होता है इन शॉर्ट एक
2:43कंट्री में एक साल में कितनी फाइनल वैल्यू
2:46की गुड्स और सर्विज प्रोड्यूस हो रही है।
2:49तो एजुकेशन कमीशन ने रिकमेंड क्या किया था
2:52कि कम से कम 6% ऑफ द जीडीपी एजुकेशन पे
2:55खर्च होना चाहिए। ये हमने अभी लास्ट
2:58वीडियो के अंदर एक पार्ट में भी पढ़ा था
3:00कि इन्होंने रिकमेंड 6% करा हुआ है। लेकिन
3:02खर्च सिर्फ सरकार 4% ही कर पाती है। तो वो
3:05एक डीमैरिट था। ठीक है? उसके बाद बेटा
3:091998 से 1999 में इस टाइम पीरियड पर
3:14गवर्नमेंट ने एक कमेटी अपॉइंट करी थी।
3:17इसकी प्रोनाउंसिएशन क्या है? तपस मजूमदार
3:21कमेटी। ठीक है? मजनूदार नहीं बोलना। तपस
3:25मजूमदार कमेटी। ये एक कमेटी है। बहुत
3:28इंपॉर्टेंट है भाई। यहां से ये कमेटी और
3:30आगे वाले रूरल डेवलपमेंट में कावे कमेटी।
3:32ये दो तीन कमेटियां हैं आपकी जो
3:34इंपॉर्टेंट है जिसका क्वेश्चन पूछा जाता
3:35है। तपस मजूमदार कमेटी एजुकेशन के लिए थी।
3:39गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने 1998 1999 में
3:42इसको अपॉइंट करा था। कुछ बुक्स में डेटा
3:441998 का है। कुछ का कुछ में 1999 का है।
3:48एमसीक्यू वाले क्वेश्चंस के अंदर जो सबसे
3:50क्लोजेस्ट आपको दिखेगा ना आपके चार ऑप्शंस
3:52में से उस पे टिक करके आना है। ठीक है?
3:54गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने 1998 से 1999 के
3:57टाइम पीरियड में तपस मजूमदार कमेटी अपॉइंट
4:00करी थी। और इस कमेटी ने ये सारे प्रयास
4:03करे थे कि भाई जो भी बच्चे सिक्स से 14
4:06इयर्स तक की ऐज के हैं ना उनको एजुकेशन
4:08मिले। इस कमेटी ने पूरी-पूरी कोशिशें करी
4:11इस कमेटी ने टाइम टू टाइम ऐसे प्रोग्राम्स
4:13ल्च करें। ऐसे आइडियाज, ऐसे इनिशिएटिव्स
4:16दिए जिससे भाई जो छ से 14 साल तक के बच्चे
4:19हैं ना और ये बार-बार ध्यान रखना छ से 14
4:21साल आएगा। अभी जब हम आरटीई पढ़ेंगे ना
4:24यहां पर भी आएगा। यार छ से 14 साल होता
4:26है। क्लास वाइज अगर मैं बोलूं तो फर्स्ट
4:28से आठवीं क्लास क्योंकि यूजली बच्चा 5 छ
4:32साल की उम्र के अंदर एडमिशन लेता है
4:34फर्स्ट क्लास में और लगभग जब वो 14 का
4:36होता है तो वो आठवीं कक्षा के अंदर होता
4:38है। ठीक है? कैलकुलेट करके देख लेना। तो
4:41इस कमेटी ने बहुत सारे प्रयास करे थे कि
4:44भाई जो भी सिक्स से 14 इयर्स तक के बच्चे
4:46हैं वो एजुकेशन के अंडर आए और अच्छा आप
4:49सोचोगे भैया गवर्नमेंट खुद ही कर लेती
4:50कमेटी क्यों बनाई? यार जब एक बार कोई
4:52कमेटी बन जाती है ना क्योंकि सरकार पे और
4:54बहुत सारे काम है। अगर एक बार एक सेपरेट
4:57डिपार्टमेंट अलग कर दिया ना तो वो टाइम टू
4:59टाइम सरकार को रिमाइंड करवाता रहेगा।
5:00सरकार पे पैसे तो बहुत है लेकिन इतना
5:03ध्यान नहीं रहता ना कि यार कहां पे क्या
5:04खर्चा करना है। तो अगर एक कमेटी अलग से
5:06अपॉइंट कर दी एक सम सॉर्ट ऑफ ऑफिस वगैरह
5:08प्रोवाइड करा दिया तो टाइम टू टाइम वो
5:10रिमाइंडर्स करवाते रहेंगे गवर्नमेंट को कि
5:12सर इस बारी का ऐसा है ऐसा है ये रिपोर्ट्स
5:15है अब इतना करना है वैसे करना है एक्सट्रा
5:16एक्सट्रा उसके अलावा भाई ये इंडिया के
5:19अंदर कोई बहुत बढ़िया चीज हुई है जो पास्ट
5:21में हुई है आरटीई 2009
5:24आरटीई रेफर्स टू राइट टू एजुकेशन एक्ट ये
5:28बहुत बढ़िया चीज है भाई जो इंडिया की
5:29हिस्ट्री के अंदर हुई थी इस एक्ट ने
5:32एजुकेशन को एक फंडामेंटल राइट बनाया
5:35भाई ये एक्ट क्या कहती है? इन श इस एक्ट
5:38के चलते आज की डेट में भी पहली से आठवीं
5:41क्लास तक की पढ़ाई फ्री ऑफ कॉस्ट है। आप
5:44कहोगे हैं भैया क्या बोल रहे हो? हमें तो
5:45नहीं मिली जी। आप प्राइवेट स्कूल से पढ़े
5:47हो बच्चों। और जो यहां पर बच्चे केवी वाले
5:49हैं ना केवी नवोदय आर अ पार्ट ऑफ सेंट्रल
5:53गवर्नमेंट। दे आर नॉट अ पार्ट ऑफ़ स्टेट
5:55गवर्नमेंट। जो आपके असली सरकारी स्कूल
5:58होते हैं ना स्टेट गवर्नमेंट वाले जहां पर
6:00वोटिंग होती है जहां पर आप वोट डालने जाते
6:03हो तो सही में देखने में 100% सरकारी आपको
6:05लग भी रहे होते हैं। उन स्कूल्स के अंदर
6:08पहली से आठवीं क्लास तक की जो स्टडी है वो
6:11फ्री ऑफ कॉस्ट है। और स्टडी ही फ्री ऑफ
6:13कॉस्ट नहीं है। एक तो इस एक्ट ने छ से 14
6:16साल। फिर वही बात छ से 14 साल मतलब फर्स्ट
6:19से आठ एथ क्लास तक की पढ़ाई को फ्री करा
6:23और सिर्फ फ्री एजुकेशन नहीं एक-एक खर्चा
6:26फ्री करा भाई उनका इसके अंदर अभी आरटीई के
6:28अंडर क्या होता है अगर कोई भी बच्चा राइट
6:31टू एजुकेशन एक्ट के अंदर एडमिशन लेता है
6:33किसी स्टेट गवर्नमेंट के सरकारी स्कूल में
6:35ऐसा नहीं है कि वो सिर्फ हरियाणा में ही
6:37पाए जाते हैं या यूपी में ही पाए जाते हैं
6:39ऑल ओवर इंडिया जो आपके स्टेट गवर्नमेंट्स
6:41हैं वहां पर बहुत सारे स्कूल ओपन करे गए
6:43हैं जहां पर जो एक्चुअली नीड नीडी लोग हैं
6:47वो जाएं पहली से आठवीं कक्षा तक की उनकी
6:50पढ़ाई फ्री ऑफ कॉस्ट है। उसके अलावा सरकार
6:52ने उसको प्रमोट करने के लिए बहुत सारे
6:54बेनिफिट्स दिए कि बच्चों को आप स्कूल भेजो
6:57उनको मिड डे मील भी देंगे और ऐसा नहीं है
6:59कि यार वो बेकार होती है। मतलब प्रॉपर
7:01उनके न्यूट्रिशन का ध्यान दिया जाता है।
7:03उनको वहां पर गरम दूध, फ्रूट्स, ठीक है?
7:06खिचड़ी और प्रॉपर जो उनका खाना वगैरह होता
7:09है वो भी मिलता है। ठीक है? फ्री एजुकेशन
7:12भी साथ में मिड डे मील भी प्लस ऑल एजुकेशन
7:16एक्सपेंसेस विल बी बोर्न बाय गवर्नमेंट।
7:18आपको लग रहा होगा अच्छा भैया सिर्फ स्कूल
7:20की फीस सरकार भर रही है। नहीं नहीं नहीं
7:21नहीं नहीं जो बुक्स है वो भी सरकार देती
7:24है। उसके अलावा इवन सरकार यूनिफार्म तक का
7:27पैसा देती है भाई। पहली से आठवीं कक्षा के
7:30अंडर अगर कोई भी तो इसका आप लोग भी ध्यान
7:33रखना। अगर आपके आसपास आपके नोन में कोई
7:35नीडी हो तो यार उस बच्चे की एडमिशन ना
7:37किसी सरकारी स्कूल में असली सरकारी स्कूल
7:39में करवा दो जो किसी स्टेट गवर्नमेंट के
7:41अंडर आते हैं। उनकी आठवीं कक्षा तक की
7:44पढ़ाई फ्री हो जाएगी। बच्चा और उसके
7:45पेरेंट्स आपको दुआएं देंगे। ठीक है? फ्री
7:48एजुकेशन प्लस उन्हें मिड डे मील भी दी
7:50जाती है। मिड डे मील के यार दो कारण है।
7:52एक तो ये कि जेनुइनली वो बच्ची नीडी है तो
7:54खाना उन्हें एक टाइम वहां मिलेगा। दूसरी
7:56बात गांव देहात वगैरह वाले एरियाज के अंदर
7:58ना कई बच्चे और कई पेरेंट्स तो अपने
8:02बच्चों को सिर्फ इसीलिए स्कूल भेज देते
8:03हैं कि चलो कम से कम एक टाइम का खाना तो
8:05बाहर खा आएंगे। ठीक है? तो मिड डे मील
8:07उसके अलावा और बहुत सारे उनके एक्सपेंसेस
8:10सरकार देती है। जैसे कि उनकी बुक्स का
8:12नोटबुक्स का आपका यूनिफार्म एक्सपेंसेस वो
8:15सब चीजें। तो ये बहुत बढ़िया एक्ट है। ठीक
8:18है? लेकिन ये है कब तक? आठवीं कक्षा तक की
8:20पढ़ाई। उसके बाद गवर्नमेंट ने इनकम टैक्स
8:24में 2% का एजुकेशनल सेस लगाया है।
8:29हमारे यहां क्या होता है? इनकम टैक्स के
8:31अंदर ना 4% का टोटल सेस लगता है। एक
8:34एक्स्ट्रा टैक्स लगता है इनकम के ऊपर।
8:36उसमें से 2% एजुकेशन पे जाता है और 2% जो
8:39होता है वो हेल्थ केयर पे जाता है। तो अगर
8:41हम एजुकेशन की बात करें तो 2% का एजुकेशनल
8:44सेस लगाया है सारे यूनियन टैक्सेस पर। अब
8:47इसका सरकार करेगी क्या भाई? ये 2% का
8:50एजुकेशनेशनल सेस लगाकर जो भी सरकार को
8:52रेवेन्यू जनरेट होगा। रेवेन्यू मतलब जो
8:54कमाई जनरेट होगी वो सारी की सारी सरकार
8:57एलिममेंट्री एजुकेशन पर लगाएगी।
8:59एलिममेंट्री एजुकेशन यही वाली होती है
9:00भाई। उस दिन भी हमने पढ़ा था एलिममेंट्री
9:02कौन सी होती है? फर्स्ट क्लास से आठवीं
9:05क्लास तक की जो पढ़ाई होती है वो
9:06एलिममेंट्री एजुकेशन कहलाती है। इसके
9:08अलावा अब ये तो हो गई यार एलिममेंट्री
9:10एजुकेशन की बात। और यह सही बात है। हमारी
9:13इंडियन गवर्नमेंट मेजर खर्चा जो कर रही
9:15है, वह एलिममेंट्री एजुकेशन पर ही कर रही
9:17है। इतना ज़्यादा सीनियर सेकेंडरी,
9:20सेकेंडरी या टर्शरी एजुकेशन जो आपकी हायर
9:22लेवल एजुकेशन है ना कॉलेज यूनिवर्सिटीज उस
9:24पे इतना ज्यादा नहीं खर्चा होते। उसके लिए
9:27और क्या करें? हायर एजुकेशन भी जरूरी है।
9:29तो उसको प्रमोट करने के लिए हायर एजुकेशन
9:32को प्रमोट करने के लिए गवर्नमेंट बहुत
9:34सारी लोन स्कीम्स देती है भाई डिर्विंग
9:37स्टूडेंट्स को। ठीक है? कई बार तो कोलटरल
9:39फ्री ही लोन कि मतलब कोई डिर्विंग बच्चा
9:41है। बस वही है कि अवेयरनेस नहीं है। मान
9:43लो यार उसको कल को एमबीए पर्स्यू करनी है।
9:46ठीक है? और उसके लिए खर्चा अच्छा आ रहा
9:48है। ठीक है? लैक्स ऑफ रुपी विल बी
9:50इन्वेस्टेड इन दैट। तो उसके लिए गवर्नमेंट
9:52लोन ओपोरर्चुनिटीज़ भी प्रोवाइड कराती है।
9:54और बहुत सारे लोन तो एजुकेशन वाले कोलटरल
9:57फ्री कर दिए गए हैं कि कुछ गिरवी रखने की
9:58भी जरूरत नहीं है आपको। इसके अलावा और
10:01बहुत कम इंटरेस्ट रेट्स पर जस्ट प्रमोशन
10:04के लिए। और इसके अलावा यार ये लास्ट पॉइंट
10:07थोड़ा सा क्रॉप हो रहा होगा। जस्ट अ
10:08सेकंड।
10:11हां जी। ये जो आगे लास्ट सेकंड लास्ट
10:13पॉइंट था ये क्या लिखा हुआ था? प्रमोशन ऑफ
10:16हायर एजुकेशन बाय प्रोवाइडिंग लोन स्कीम्स
10:18फॉर स्टूडेंट्स। इसके अलावा और सरकार ने
10:21क्या करा है यार? स्कॉलरशिप्स आर
10:23प्रोवाइडेड टू मेरिट होल्डर्स एस्पेशली इन
10:26ग्रेड 12थ। आप लोग यार 12वीं के बच्चे हो।
10:28अगर मैं ये नहीं कह रहा आप लोग डिर्विंग
10:30हो। डिर्विंग नहीं हो। आप लोग नीडी हो,
10:32नीडी नहीं हो। वो वाली बात नहीं है। जो भी
10:34मेरिट होल्डर्स है ना वो 12वीं कक्षा का
10:38उसको सरकार अपने एनएसपी पोर्टल के थ्रू
10:41एनएसपी की फुल फॉर्म ही यही है भाई। नेशनल
10:43स्कॉलरशिप पोर्टल। एनएसपी की फुल फॉर्म
10:45क्या है? नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल।
10:48गवर्नमेंट अपने इस एनएसपी पोर्टल के थ्रू
10:51जो गवर्नमेंट का नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल
10:53है। इस पोर्टल के थ्रू वो देखो नेशनल
10:56स्कॉलरशिप पोर्टल। इस एनएसपी के थ्रू
10:59नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के थ्रू
11:02स्कॉलरशिप्स प्रोवाइड करी जाती है। अभी
11:04जहां तक का है कुछ ऐसा है कि 12वीं कक्षा
11:08के अंदर अगर आप लोगों के अच्छे नंबर आते
11:10हैं 90ज के अंदर अगर आपके नंबर आ रहे हैं
11:13तो गवर्नमेंट आपको आपके बैचलर्स के टाइम
11:15पर थ्री इयर्स तक हर साल एक पेमेंट करेगी
11:18और वो आती ही आती है। अभी आई गेस कुछ ऐसा
11:21चल रहा है कि फर्स्ट ईयर में आपको 10,000
11:24मिलता है सरकार से और सेकंड और थर्ड ईयर
11:26के अंदर आपको 12-12,000 मिलता है। तो वह
11:29गवर्नमेंट प्रमोट करने के लिए कर रही है
11:31आपकी हायर लेवल एजुकेशन को। उसके अलावा और
11:33बरे ऐसे गवर्नमेंट स्कॉलरशिप और ऐसे-ऐसे
11:36इंसेंटिव्स देती है जो लोग उसके बाद
11:38मास्टर्स कर रहे होते हैं। अगर बैचलर्स पे
11:40बच्चे ने पढ़ाई छोड़ दी तो वो स्कॉलरशिप
11:42वो 3 साल की रुक जाएगी। अगर वही बच्चा आगे
11:45मास्टर्स करता है 2 साल की तो जो इस
11:47पोर्टल के अंदर रजिस्टर्ड है उसको फिर 20-
11:492000 कुछ ऐसा अमाउंट है जो और 2 साल आपकी
11:52एमकॉम में एमबीए में एमटेक में उन सब
11:55जगहों पर मिलता है और जो लोग पीएचडी करते
11:58हैं उनको भी गवर्नमेंट एक फाइनेंसियल एड
12:01देती है पर मंथ के हिसाब से तो गवर्नमेंट
12:03खर्चा तो काफी कर रही है एजुकेशन को
12:05प्रमोट करने के लिए अभी ये खत्म नहीं हुआ
12:07और भी डाटा है आप इसका पहले फटाफट से
12:10स्क्रीनशॉट लीजिए और इसको साथ के साथ नोट
12:11कर लोगे तो ज्यादा बेटर है
12:15इसके बाद आगे क्या है आपका? इतने में ही
12:17गवर्नमेंट की कंट्रीब्यूशन रुके नहीं। ठीक
12:19है? ये यार रिसेंटली आया कोविड से पहले
12:24एनईपी 2020। अच्छा यार इसके अंदर एक बात
12:27का ध्यान रखना जो अभी ऑफलाइन वाले बच्चे
12:30हैं उनका चल रहा है चैप्टर एलपीजी न्यू
12:33इकोनॉमिक पॉलिसी उसको भी एनईपी बोला जाता
12:35है। दैट इज़ एनईपी 1991। ठीक है? जो ऑफलाइन
12:39वाले बच्चे अभी चल रहे हैं ना उनका ये
12:40ऑफलाइन में कौन सा टॉपिक चल रहा है? अ
12:42न्यू इकोनॉमिक पॉलिसी 1991 तो वो दोनों
12:45में कंफ्यूज ना हो जाना। पेपर में लिख के
12:48आएगा यार लिख के आएगा। ईयर ही हमेशा एक्ट
12:50के साथ होता है। अगर एनईपी 2020 की बात कर
12:53रहे हैं इसका मतलब ये न्यू एजुकेशन पॉलिसी
12:55की बात हो रही है। अगर एनईपी 1991 हो मतलब
13:00वो एलपीजी पॉलिसी की बात हो रही है। ठीक
13:02है? जो आपका अगला चैप्टर है पिछला चैप्टर
13:03है इससे। इसके अलावा एनईपी ल्च करा सरकार
13:07ने न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020। यार ये बहुत
13:10बढ़िया चीज़ करी है सरकार ने। वैसे तो
13:12बच्चों को इससे प्रॉब्लम है। कुछ-कुछ
13:15टीचर्स को भी इससे प्रॉब्लम है बट चीज़
13:16बहुत बढ़िया है। इसके अंदर क्या है? बहुत
13:19सारे प्रैक्टिकल सब्जेक्ट्स आए हैं जिनसे
13:22स्किल्स बढ़ाई जाती है। स्किल वाले
13:24सब्जेक्ट्स आए हैं यार। लगभग-लगभग पुराने
13:26जमाने में क्या हो रहा था? ओल्ड पैटर्न
13:28में कॉलेज वगैरह की पढ़ाई के अंदर पांच से
13:30छह सब्जेक्ट रहते थे। तो बच्चों को वो
13:32करने होते थे बस। यहां पर कॉलेज में 8-आ
13:359-9 सब्जेक्ट्स आ गए हैं। कुछ माइनर
13:37सब्जेक्ट्स हैं, कुछ मेजर सब्जेक्ट हैं।
13:39बच्चे को पास होना सब में जरूरी है। बहुत
13:42सारे ना मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्सर्सेस लाई
13:44है गवर्नमेंट। ये कोर्सर्सेस क्या होते
13:46हैं यार? ऐसे-ऐसे अगले साल आप लोग कॉलेज
13:48में एडमिशन लेंगे ना आप पे ऐसे-ऐसे
13:50सब्जेक्ट आएंगे।
13:52एईसी, एमडीसी, एसईसी इस शॉर्ट फॉर्म के
13:57अंदर सब्जेक्ट्स आएंगे। होंगे माइनर
13:58सब्जेक्ट्स आपके यूजुअली 35 नंबर का
14:00सब्जेक्ट होगा। पास होना इसमें जरूरी है।
14:02ये वाले सारे आपके स्किल्स वाले
14:04सब्जेक्ट्स हैं। एग्जांपल दे देता हूं।
14:06जैसे अभी रिसेंटली हमारे एरिया के अंदर
14:08जैसे जो एईसी, एमडीसी, एससीसी वाले
14:10सब्जेक्ट्स चल रहे हैं कॉलेजेस के अंदर वो
14:12ऐसे-से हैं कि कॉमर्स का बच्चा अ कुछ
14:16कॉलेजेस के अंदर केमिस्ट्री पढ़ रहा है।
14:18नो डाउट उसका फाइनेंशियल अकाउंटिंग, उसका
14:21अह बिनेस वाला, बिनेस मैनेजमेंट वाले
14:23सब्जेक्ट्स, इकोनॉमिक्स वो उसका चल रहा है
14:25साइड बाय साइड। वो उसका मेजर सब्जेक्ट है
14:27माइनर में उसको लगभग लगभग ये जो ल्च करा
14:30गया है ना ये ऑल राउंड डेवलपमेंट के लिए
14:32ल्च करा गया है कि ऐसा ना हो कि कॉमर्स
14:34वाला कॉमर्स तक ही रह जाए मेडिकल वाला
14:36मेडिकल तक ही रह जाए इसके अंदर बच्चे को
14:39कोशिश करी जा रही है कि यार उसको साइंस
14:41सोशल साइंस ह्यूमैनिटीज सबकी थोड़ी-थोड़ी
14:44थोड़ी-थोड़ी नॉलेज हो कि यार वो वो ना करे
14:47लैग आउट ना करे रह ना जाए ठीक है वो वाला
14:50प्रॉब्लम ना हो ऐसे सब्जेक्ट्स के अंदर
14:51हमारे यहां पर यूजुअली क्या चल रहा है यार
14:54एक आपका कॉमर्स वाले वाले बच्चों को C++
14:57करवाया जा रहा है। ठीक है? कंप्यूटर
14:58कोडिंग लैंग्वेज है। टेक्निकली वो किसका
15:00है? वो यार आपका कंप्यूटर साइंस का
15:02सब्जेक्ट है। लेकिन कॉमर्स वाला बच्चा
15:04कॉलेज में वो करेगा। HTML करवा रहे हैं।
15:06है तो वो यार एक टेक्निकल चीज़ और कॉमर्स
15:09का उससे डायरेक्ट लेना देना नहीं है। ठीक
15:11है? बट करवाया जा रहा है। कुछ-कुछ कॉलेजेस
15:13में तो अभी बीकॉम के फर्स्ट सेम के अंदर
15:16केमिस्ट्री पढ़वाई जा रही थी बच्चों को।
15:18कुछ जगहों पर हिस्ट्री। ठीक है? कि साइंस
15:21के, सोशल साइंस के, ह्यूमैनिटीज के हर
15:23प्रकार के सब्जेक्ट्स आ जाए बच्चे के पास
15:25जिससे उसकी ऑलराउंड डेवलपमेंट हो और साथ
15:27के साथ उसको ये वाले सारे स्किल बेस्ड
15:30सब्जेक्ट्स लाइक सिर्फ ये ना हो कि बच्चे
15:32की वो जैसे वो रील वायरल हुई थी ना प्लेन
15:35बीए कर रहा हूं वो ना हो सीन जैसे बीकॉम
15:38कर रहा है बच्चा या बीबीए कर रहा है तो
15:39उसके साथ-साथ उस पे टेक्निकल सब्जेक्ट्स
15:41भी हो कि बाद में ये ना हो ना कि यार वो
15:43नौकरी करने गया फिर वहां उसको गालियां पड़
15:45रही है। अच्छा तुम्हें एक्सेल चलाना भी
15:46नहीं आता। तो कॉलेज के साथ-साथ प्रैक्टिकल
15:49सब्जेक्ट्स लाइक और वो वाला एक्सेल नहीं
15:52जैसे स्कूल में करवाया करते थे हफ्ते में
15:53एक बार रेगुलरली क्लासेस लग रही है उसका
15:55एग्जाम होगा प्रॉपर उनकी लैब क्लासेस
15:58लगेंगी हफ्ते में एक से दो दिन दो-ती दिन
15:59उनकी क्लासेस लगेंगी जिसके अंदर उनको
16:02टेक्निकली सारा ये टैली सॉफ्टवेयर जो होता
16:04है कम अकाउंट्स का उधर से आपका C++ हो गया
16:07थोड़ा बहुत जावा वगैरह पython एंड ऑल वो
16:10सारी चीजें बच्चों को करवाई जाए और ये
16:12नहीं कि सिर्फ कंप्यूटर साइंस वाले बच्चों
16:13को सबको और ऐसे ही नॉन मेडिकल वाले बच्चों
16:16को हमारे वाले सब्जेक्ट्स का कुछ-कुछ थोड़ा
16:18मैनेजमेंट करा दी, थोड़ी ईजी लेवल की
16:20इकोनॉमिक्स करा दी। एक्सट्रा एक्सट्रा
16:22इसके अलावा यार सरकार ने बहुत सारी
16:24ऑर्गेनाइजेशन सेटअप करी है। ठीक है? ये
16:27कुछ चार ऑर्गेनाइजेशनंस यहां पर लिखी हुई
16:29है। इनकी फुल फॉर्म मैं बता रहा हूं। आप
16:31फटाफट से साथ के साथ लिखते चलिएगा क्योंकि
16:33इनकी फुल फॉर्म्स भी एग्जाम में पूछी जाती
16:35है। ठीक है? इन चारों की फुल फॉर्म्स का
16:37भी आप ध्यान रखिएगा। एग्जाम में पूछी जाती
16:40है। एनसीईआरटी
16:42एनसीईआरटी क्या है? नेशनल काउंसिल फॉर
16:46एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग। नेशनल
16:50काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग।
16:54भाई एनसीईआरटी क्या करवा रहे हैं? आपको
16:56पता है आपकी स्कूल में अभी 10वीं तक की भी
16:58जो आप किताबें मेजरली पढ़ रहे थे। अभी भी
17:00आपकी एनसीईआरटी आती है। ठीक है? टेक्स्ट
17:03मटेरियल प्रोवाइड कराता है सीनियर
17:05सेकेंडरी लेवल तक का। 12वीं कक्षा तक का
17:07टेक्स्ट मटेरियल सबसे सस्ती किताब कौन सी
17:09है मार्केट में? एनसीईआरटी। वो सस्ती
17:11क्यों है? ऐसा नहीं है यार वो बेकार है
17:13बुक। वो भी बढ़िया है। वो सस्ती क्यों है
17:14ताकि हर बच्चा उसको ईजीली एक्सेस कर पाए।
17:17ठीक है? यूजीसी यूजीसी क्या होता है?
17:20यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन। यूजीसी वाले
17:23का इन शॉर्ट शॉर्ट में आपके लिए क्या
17:25समझने जरूरी है? ये फंडिंग अरेंज करवाता
17:27है यूनिवर्सिटीज कॉलेजेस वगैरह के लिए। एक
17:30एआईसीटीई
17:32ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन।
17:36ये क्या करवाता है यार? जो भी ये सारे
17:38रूल्स एंड रेगुलेशंस बनाता है टेक्निकल और
17:41इंजीनियरिंग एजुकेशन के। इसके अलावा
17:43आईसीएमआर आईसीएमआर क्या है? ये रूल्स एंड
17:46रेगुलेशंस बनाता है मेडिकल रिसर्च।
17:50इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च। जो भी
17:53आपके हेल्थ केयर वगैरह में मेडिकल लाइन
17:54में रिसर्चेस एंड ऑल होती है। उसके लिए ये
17:57सारे रूल्स एंड रेगुलेशंस बनाता है। तो ये
18:00कुछ चार ऑर्गेनाइजेशंस भी है यार जो
18:02गवर्नमेंट ने ल्च करी है। एक आधा आपको और
18:04फुल फॉर्म याद रखनी हो सीबीएसई की याद रख
18:06लेना। ठीक है? सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी
18:08एजुकेशन एनसीईआरटी नेशनल काउंसिल फॉर
18:10एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग यूजीसी
18:13यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन एआईसीटीई ऑल
18:15इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन एक
18:18आपका आईसीएमआर हो गया ठीक है पहले जब
18:20हेल्थ केयर करते थे तो पीजीआई वगैरह की भी
18:22फुल फॉर्म थी बट मेन आपके लिए ये रहेगा ये
18:25कुछ डाटा है यार ये जो आठ पॉइंट्स थे ना
18:28ये कुछ डाटा बताते हैं आपको अगर एग्जाम
18:31में अब सुन लेना इसकी फुल फॉर्म एक तो लिख
18:33लेना जो मैंने बताई है दोबारा रिपीट भी
18:35करी थी लिख लेना ठीक है
18:37अगर एग्जाम में आपके कोई इनडायरेक्ट
18:39क्वेश्चन ऐसा आया कि व्हाट रोल हैस
18:42गवर्नमेंट प्लेड इन डेवलपिंग द एजुकेशन
18:45सेक्टर इन इंडिया? सरकार ने एजुकेशन
18:48सेक्टर के लिए क्या-क्या किया? तो उसमें
18:49कोई बुराई ना लिखना। उसमें ये आठ पॉइंट्स
18:52में से आपके जितने भी नंबर का क्वेश्चन हो
18:54आप बनाकर लिख सकते हो कि यार एक बार एक
18:56क्विक रिककैप करते हैं सरकार ने क्या-क्या
18:58करा। एजुकेशन से अह एजुकेशन कमीशन सेटअप
19:01करी थी 1964 से 1966 में जिसके अंदर क्या
19:04था भाई? जिसके अंदर अ रिकमेंड वो सारा हुआ
19:07था। रिकमेंडेशन एंड ऑल चली थी कि 6%
19:10जीडीपी का कंट्रीब्यूट करना है एजुकेशन
19:12पे। ठीक है? उसके अलावा अब उसमें ना बुराई
19:14लिख देना कि नहीं गवर्नमेंट तो सिर्फ चार
19:16कर रही है। अगर क्वेश्चन प्लस का होगा ना
19:18पॉजिटिव का होगा तो पॉजिटिव में ही चलाना।
19:20दोनों चीजें एक साथ ना मिक्स कर देना।
19:22उसके अलावा भाई सबसे इंपॉर्टेंट कमेटी तपस
19:25मजूमदार कमेटी। भाई कब आई थी? 1998 से
19:281999 के टाइम पीरियड में आई थी। कमेटी
19:31बहुत इंपॉर्टेंट है। एक उसका और ध्यान रख
19:33लेना भाई। अगर याद रख पाओ क्योंकि अगर कोई
19:36मैच द फॉलोइंग वगैरह में आ गया कि कौन सी
19:38ऐसी कमेटी थी जिसने 1998 1999 वाले टाइम
19:44पर यह बोला था कि सरकार को ऑलमोस्ट
19:46ऑलमोस्ट 1.37
19:49लाख करोड़
19:511.37
19:53लाख करोड़ खर्चने होंगे आने वाले 10 सालों
19:56में जिससे कि वो 6 से 14 साल तक के बच्चों
19:59को एजुकेशन के अंडर ला सके। 1998 में ये
20:03बात बोली थी। अमाउंट आज भी सुनने में बड़ा
20:05लगता है। 1.37 लाख करोड़। 1998 में बोला
20:09था। ये किसने बोला था? तपस मजूमदार कमेटी
20:12ने। ये एक इंपॉर्टेंट बात है। उसके अलावा
20:14सरकार क्या कर रही है भाई? सरकार ने आपका
20:16एक राइट टू एजुकेशन एक्ट ले आई। 2009 में
20:19वो भी हमने पढ़ा। उसके अलावा ये न्यू इकोन
20:22न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अंदर आई। ठीक
20:24है? बहुत सारी ऑर्गेनाइजेशन सरकार ने बनाई
20:27है। स्कॉलरशिप्स चल रही है यार। एनएसपी का
20:29पोर्टल गवर्नमेंट ने इस्टैब्लिश कर रखा
20:30है। और अगर कोई बच्चा 12वीं पास आउट का भी
20:33ये वीडियो देख रहा है और अभी-अभी कॉलेज
20:34में एडमिशन लेने वाला है तो ध्यान रखना
20:37जल्दी ही नोटिफिकेशन आएगी। यूजुअली
20:39सितेंंबर अक्टूबर वाले टाइम पर ना एनएसपी
20:42का पोर्टल खुलता है। अगर आप लोगों के
20:4412वीं के अंदर 90 के आसपास 90 से ऊपर नंबर
20:47थे। आप अप्लाई कर दो और अगर आपका मतलब
20:50सारा आपका एक बार ऑथेंटिक डेटा वेरीफाई हो
20:52जाता है तो आपके ये गवर्नमेंट की तरफ से
20:55ग्रांट आएगी। ठीक है? और आपकी बढ़िया बात
20:58है भाई। और इसके अलावा बहुत सारी
21:00ऑर्गेनाइजेशंस बनाई गई। गवर्नमेंट और क्या
21:02कर रही है यार? हायर लेवल की एजुकेशन के
21:04लिए सरकार ने और क्या करा है? बहुत सारे
21:07लोंस वगैरह भी देते हैं हायर लेवल की
21:09स्टडीज के लिए। ये सब गवर्नमेंट बहुत सारी
21:12माइग्रेशन अपोरर्चुनिटीज प्रोवाइड करा रही
21:14है। ठीक है? इन सब इसके अलावा और अगर आपको
21:17बोलना हो ना और जनरल बातें
21:20वैसे तो ये एट मोर दन इनफ है। फिर भी अगर
21:23आपको बोलना हो थोड़ा बहुत कुछ ना कुछ और
21:25इसके अंदर तो गवर्नमेंट ने यार बहुत सारी
21:28ओपन स्कूलिंग भी सेटअप करा है। मतलब अगर
21:30और बोलना हो ना तो यार पॉइंट्स खत्म नहीं
21:32होते। बहुत कुछ हुआ है। ये तो कुछ जनरल
21:34बातें जो बुक में लिखी हुई है। ठीक है? एक
21:36आधी एक्स्ट्रा ही बताई है तुम्हें। एक आधी
21:38जनरल अगर और लिखनी हो ना भाई गवर्नमेंट ने
21:41एनआईओएस भी तो स्टार्ट करा हुआ है।
21:45एनआईओएस
21:47नेशनल
21:50इंस्टट्यूट
21:52फॉर ओपन स्कूलिंग ये जरूर लिख के आना
21:56क्योंकि बाकी बच्चे इसको लिख के नहीं
21:57आएंगे आप लिख के आना। ठीक है? एनआईओएस
22:00गवर्नमेंट ने सेटअप करा है वो जो ओपन
22:01स्कूलिंग होती है ना जिन लोगों की और
22:03इसमें कोई ऐज बार नहीं है। आप जिस मर्जी
22:06के ऐज के हो अगर आपकी एक जमाने में किसी
22:08अपने रीज़न से 10वीं नहीं हो रखी ना आप
22:1010वीं कर सकते हो। ठीक है? एक 45 साल का
22:13अंकल एक 55 साल की आंटी भी एनआईओएस के तहत
22:17अपनी पढ़ाई पूरी कर सकती है। जब वो चाहे
22:19अपनी लाइफ में साल में एक बार उनका पेपर
22:21होता है। ठीक है? पूरा उनका इसमें एडमिशन
22:23होगा। तो ये बहुत बढ़िया करा है गवर्नमेंट
22:24ने एजुकेशन को प्रमोट करने के लिए कि एज
22:27इज़ अ एज इज़ नॉट अबाउट। बंदे की अगर कभी
22:30किसी रीजन से ड्रॉप पड़ गया, गैप पड़ गया,
22:32पढ़ाई छूट गई वो भी स्कूल की तो वो दोबारा
22:35कंप्लीट कर सकते हैं। कॉलेजेस के अंदर
22:37गवर्नमेंट ने एक चीज बोल रखी है कॉलेजेस
22:39को कि अगर कोई बच्चा है लेट इट बी कॉलेज
22:42के अंदर बच्चा है। उसकी तीन साल की बीकॉम
22:44है। उसने 2 साल कंप्लीट कर लिए। किसी
22:46पर्सनल रीज़न से, फैमिली रीज़न से, किसी भी
22:49रीज़न से उसकी उसने बीच में पढ़ाई में ड्रॉप
22:51ले लिया। 2 साल उसकी डिग्री हुई है। तो
22:54यार बेशक 1 साल, 2 साल, 3 साल, 4 साल
22:57जितना मर्जी टाइम बीत जाए। वो दोबारा अपनी
23:00उस पढ़ाई को वहां से रिज्यूम कर सकता है
23:02थर्ड ईयर से दोबारा। ठीक है? बस उसके
23:05पुराने एग्जाम सारे क्लियर होने चाहिए। तो
23:07तो गवर्नमेंट ने और बहुत कुछ करा है भाई।
23:08एन एनआईओएस जैसे इंस्टट्यूट्स भी लाया है।
23:11ये जरूर लिख के आना पेपर में। ठीक है? ये
23:13भी गवर्नमेंट ने इस्टैब्लिश करा है। नेशनल
23:15इंस्टट्यूट फॉर ओपन स्कूलिंग वगैरह-वगैरह।
23:17तो अच्छा खासा डाटा है यार। हमारे पास आठ
23:19नौ पॉइंट्स हो गए हैं। आपको तो पेपर में
23:21सबसे बड़ा क्वेश्चन छह नंबर का ही आएगा।
23:23तो उसके लिए पॉइंट्स मिल गए। इसको सारे को
23:25नोट कर लो। फटाफट से स्क्रीनशॉट ले लो।
23:27नोट कर लो। जो डाउट्स होंगे बता देना। और
23:30बस एक पार्ट इसका और आएगा यार बस बस। ठीक
23:33है? ओके।