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Class 11th Economics | IC | Indifference Curve |

Anish's Academy · 3,449 words · 16 min read

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0:00हेलो 11th इकोनॉमिक्स आपका जो आज टॉपिक

0:03कवर होगा दैट विल बी आईसी फ्रॉम

0:05माइक्रोइकोनॉमिक्स चैप्टर नंबर फोर

0:07कंज्यूमर इक्विलिब्रियम ऑर्डिनल एनालिसिस

0:10अब ये है क्या भाई बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक

0:12है एक तो ध्यान रखना आपके सारे

0:13एग्जामिनेशंस के लिए आई सी इनडफरेंस कर्व

0:17ये क्या चीज़ होती है भाई इनफेंस कर्व एक

0:20ऐसा कर्व है जो अलग-अलग कॉम्बिनेशंस

0:23दिखाता है जो कस्टमर को सेम लेवल ऑफ़

0:26सेटिस्फेक्शन देंगे। लाइक यहां वाले

0:29एग्जांपल से पहले एक रियल लाइफ एग्जांपल

0:31डिस्कस करते हैं। आईसी की नॉलेज रखकर

0:35माइक्रोइकोनॉमिक्स में एक

0:38रेस्टोरेंट अपने फूड कॉम्बोस सेट कर सकता

0:42है। फूड कॉम्बोस सेट कर सकता है। जैसे मान

0:46लो रियल लाइफ में लेट इट बी बहुत सारे

0:49रेस्टोरेंट्स में आप देखते हो ना कि कुछ

0:52फ्लैट ₹200 के अंदर कुछ कॉम्बोस चल रहे

0:54होते हैं। ठीक है? तो उसने भाई एक

0:57रेस्टोरेंट है मान लो उसने ₹200 में

0:59कॉम्बो रखा हुआ है। कॉम्बो नंबर वन जिसमें

1:02यू विल गेट दो लच्छे पराठे और एक दाल

1:06मखनी। ठीक है? फॉर ₹200 साथ में एक सब्जी

1:10लगा लो और चलो। यह एक ₹200 का कॉम्बो है।

1:14सेम ₹200 में ही उसने एक और कॉम्बो भी रखा

1:16हुआ है कि ₹200 में ही अगर आप अपने इस दो

1:20परांठे में से एक पराठे को सैक्रिफाइस

1:22करते हो तो हम आपको साथ में थोड़े चावल दे

1:25देंगे। ऐसा होता है ना कि भाई कोई

1:27कॉम्बिनेशन है, कोई थाली वगैरह का ऑर्डर

1:29है। उसमें उन्होंने कह दिया या तो भाई आप

1:31चार रोटी ले लो या दो रोटी और राइस ले लो।

1:35ठीक है? वो चीज उस स्टडी को हम IC के थ्रू

1:37पढ़ सकते हैं। इनडिफरेंस कर्व के थ्रू कि

1:40ऐसेसे कॉम्बिनेशंस बनाना जो कस्टमर को सेम

1:44लेवल ऑफ़ सेटिस्फेक्शन देंगे वो IC में आते

1:46हैं। लाइक मीनिंग बाद में पहले टेबल पे

1:50आना।

1:52इसका मतलब है मान लो

1:55गुड एक्स थोड़ा महंगा गुड है। मान लेते

1:57हैं। दो कॉम्बिनेशंस हैं। अ दो तरह के

1:59गुड्स हैं। गुड एक्स और गुड बाय। मान लेता

2:01हूं गुड एक्स थोड़ा महंगा है। लेट इट बी

2:03एप्पल्स थोड़े महंगे होते हैं एज कंपेयर

2:07टू ऑरेंज ये सर्दियों में किन्नू वगैरह

2:09सस्ते आते हैं ना तो

2:12कह रहे हैं अगर वो कस्टमर 10 एप्पल और 100

2:16ऑरेंज लेगा तो उसको जितनी सेटिस्फेक्शन

2:19मिलेगी उतनी ही सेटिस्फेक्शन उसको

2:2320 एप्पल और 70 ऑरेंज वाले कॉम्बो में भी

2:26मिल जाएगी।

2:28उतनी ही सेटिस्फेक्शन उसको 30 एप्पल और 50

2:31ऑरेंज वाले कॉम्बो में भी मिल जाएगी। और

2:35उतनी ही सेटिस्फेक्शन उसको 40 एप्पल और 40

2:38ऑरेंज वाले कॉम्बो में भी मिल जाएंगे।

2:40क्योंकि कस्टमर को पता है मान लो एप्पल है

2:42थोड़े महंगे हैं। तो अगर 40 एप्पल मिल रहे

2:44हैं तो ऑरेंज कम भी मिल रहे हैं तो फर्क

2:45नहीं पड़ता। वो चीज़। ठीक है? IC की स्टडी

2:48ये होती है। मीनिंग क्या है? IC शोज़

2:52डिफरेंट कॉम्बिनेशंस ऑफ़ टू कमोडिटीज़। टू

2:54कमोडिटीज मतलब टू गुड्स दैट ऑफर सेम लेवल

2:59ऑफ सेटिस्फेक्शन टू द कंज्यूमर। भाई

3:02अलग-अलग कॉम्बिनेशन दो गुड्स का जो कस्टमर

3:05को सेम लेवल ऑफ़ सेटिस्फैक्शन देंगे।

3:07अर्थात इसका हिंदी में मतलब क्या है?

3:10जितनी सैटिस्फैक्शन कस्टमर को कंज्यूमर को

3:1310 एप्पल और 100 ऑरेंज में मिलती है, उतनी

3:16ही सैटिस्फैक्शन उसको 20 एप्पल और 70

3:18ऑरेंज में भी मिल जाएगी। उसी लेवल की

3:20सेटिस्फेक्शन अगर वो 30 एप्पल और 50

3:22कॉम्बो खरीदेगा तो उसको मिलेगी और उतनी ही

3:25सेटिस्फेक्शन अगर आप उसे 40 एप्पल और 40

3:27ऑरेंज दोगे तो वो मिलेगी। आईसी यही दिखाता

3:31है अलग-अलग कॉम्बोस जो कस्टमर को सेम लेवल

3:33ऑफ़ सेटिस्फेक्शन देंगे। खैर हमारी स्टडी

3:36जो हमारी माइक्रोइकोनॉमिक्स की यहां पर ये

3:38वाली स्टडी है। इसमें प्राइस का कोई रोल

3:40नहीं है। लेकिन रियल लाइफ में होता है।

3:42रियल लाइफ में प्राइस से हर चीज़ नापी तोली

3:44जाती है। ठीक है? एक कंज्यूमर का बजट होता

3:46है। प्राइस को देख के वो खरीद रहा होता

3:48है। तो रियल लाइफ एग्जांपल ही मैं आपसे

3:50डिस्कस कर रहा था कि मान लो भाई आपने ₹200

3:53में कॉम्बो चलाया कोई अपने रेस्टोरेंट के

3:55लिए। ₹200 का आपका कोई कॉम्बो है और

3:59रेस्टोरेंट्स वाले भी यार बेवकूफ नहीं है।

4:00वो सोच के ही कॉम्बो बनाते हैं कि हम ऐसा

4:02कॉम्बो सेट करें जिससे कस्टमर भी

4:04सेटिस्फाइड हो कि भाई ₹200 में आपको

4:06कॉम्बो मिलेगा। कॉम्बो नंबर वन या ऑप्शन

4:09नंबर वन ये है कि यू विल गेट

4:14दाल मखनी।

4:16ठीक है? प्लस कोई सा भी पनीर थोड़ा सा

4:19कटोरी कटोरी और थाली में आपको किलो देगा

4:21वो। ठीक है? दाल मखनी थोड़ा बहुत पनीर और

4:25इसके साथ में यू कैन टेक लेट इट बी

4:29फोर रोटी। ये एक कॉम्बो है जो ₹200 में चल

4:34रहा है उनका। ठीक है? चार तंदूरी रोटी या

4:37बटर रोटी जो भी कॉम्बो है उनको ऐसा लगता

4:39है यार कि अगर कोई बंदा हो जिसका थोड़ा और

4:41वैरायटी क्योंकि कंज्यूमर वांट्स वैरायटी

4:43उसका थोड़ा और वैरायटी का मन हो तो हम एक

4:45काम करते हैं हम इसको एक और कॉम्बो भी ऑफर

4:48कर सकते हैं। कॉम्बो नंबर टू सेम प्राइस

4:51में कि भाई तू दाल मखनी ले ले पनीर खरीद

4:55ले भरा पनीर ले ले कॉम्बो में साथ में और

4:58चार रोटी की जगह हम तेरे को दो ही रोटी

5:01देंगे। रोटी उसकी तुमने कम करा दी और थोड़े

5:04से थोड़े से पोर्शन आपको राइस का भी दे

5:07देंगे। इस कॉम्बो में थोड़ी सी उसने आपकी

5:10रोटी कम करी लेकिन आपको राइस का कॉम्बो दे

5:12दिया साथ में क्योंकि उनको ऐसा लग रहा है

5:14कि भाई ₹200 में कंज्यूमर इसमें भी ओके

5:16होएगा कि भाई चार रोटी की जगह अगर दो रोटी

5:18कम भी कर रहा है तो साथ में राइस भी दे

5:20रहा है। इसी चीज की स्टडी को आईसी बोलते

5:23हैं भाई कि अलग-अलग ऐसे कॉम्बो ऐसे

5:25कॉम्बिनेशंस बनाना जो कंज्यूमर को सेम

5:28लेवल ऑफ़ सैटिस्फैक्शन दिलवा देंगे। दैट इज

5:31IC ऑल अबाउट कि IC शोज़ डिफरेंट कॉम्बिनेशन

5:35ऑफ टू कमोडिटीज़। दो कमोडिटीज़ के अलग-अलग

5:39कॉम्बिनेशंस जो ऑफर दैट ऑफर सेम लेवल ऑफ़

5:43सैटिस्फैक्शन टू द कंज्यूमर। जो कंज्यूमर

5:46को सेम लेवल ऑफ़ सैटिस्फैक्शन प्रोवाइड करा

5:49देंगे। उस स्टडी को आईसी बोला जाता है। अब

5:51भैया हम ये टेबल कैसे याद रखें? एसएसआई

5:55टेबल आपने पीपीसी में भी बनाया था। इस

5:58टेबल की ट्रिक क्या है भाई? सुन लो। मैं

5:59एक बार आपको बना के दिखाता हूं। टेबल क्या

6:01है? हां तो बना बनाया। यहां पर देखो मान

6:03लो आपका कॉम्बो नंबर ए कॉम्बो नंबर बी

6:06कॉम्बो नंबर सी कॉम्बो नंबर डी।

6:10गुड x गुड y

6:13x को 10 से स्टार्ट करो और प्लस 10 करते

6:17चलो। तो भाई 10 फिर 20 फिर 30 फिर 40। ठीक

6:23है? कोई दिक्कत? y को 100 से स्टार्ट करो

6:27और इसको गिराते चलो।

6:29ठीक है जी। पहले आप ऐसा करो पहले गिराओ 30

6:33फिर 20 गिराओ फिर 10 गिराओ तो 100 - 30

6:4070 70 - 20 50 - 10 और 50 - 10 40 ऐसे बना

6:49है वो टेबल वो जो टेबल वहां बना हुआ है वो

6:51ऐसे ही बना है 10 से शुरू करा 10 10

6:53बढ़ाते गए 10 20 30 40 व्हाई 100 से शुरू

6:57करा पहले 30 गिराया 100 - 30 70 फिर 20

7:01गिराया 70 - 20 50 फिर 10 गिराया 50 - 10

7:0640 तो ये IC का टेबल बन जाता है। IC केस

7:09में स्ेड्यूल की ज्यादा ना इनडिफरेंस सेट

7:12बोला जाता है। IC स्ेड्यूल क्यों नहीं

7:14बोलते बेटा? क्योंकि IC में नाम में ही

7:17कर्व आ रहा है। कर्व का मतलब ग्राफ होता

7:18है। तो इस इनडिफरेंस सेट मतलब इसका टेबल।

7:22इसके टेबल को बोला जाता है इनडिफरेंस सेट।

7:26और बेटा जब आप इसको प्लॉट करोगे भी ना ये

7:28ऐसा बनेगा। ध्यान से देखना। ऐसा ये बनेगा

7:32इसी का कर्व। आप इसको प्लॉट करके देखना।

7:35ऐसा ही बनेगा। इस शेप को बोलते हैं मैथ्स

7:38में रेक्टेंगुलर हाइपरबोला। इस प्रकार की

7:40शेप। ठीक है? स्ट्रेट लाइन नहीं है। कर्व

7:43ही है। इनडिफरेंस कर्व इसका नाम है। ठीक

7:45है? एक सेकंड रुको। ये देखो।

7:50IC कैसा बनेगा? लाइक

7:54दिस।

7:56लाइक दिस इस प्रकार से कर्व बनेगा। इस

7:59कर्व को बोलते हैं हम इनडिफरेंस कर्व।

8:01इसका बेटा फटाफट स्क्रीनशॉट लो। इसको नोट

8:03करो जल्दी से।

8:07अब जो आगे का टॉपिक है IC के बारे में

8:09आपको बेसिक बता दिया। एग्जाम में टॉपिक

8:11आता है प्रॉपर्टीज ऑफ़ IC आएगा ही आएगा

8:14पेपर में। मोस्टेंट टॉपिक है। जो सा मर्जी

8:16स्कूल हो। ध्यान रखना। IC की प्रॉपर्टीज

8:18क्या होती है? कुछ प्रॉपर्टीज आपको ध्यान

8:20रखनी है। ऑलमोस्ट सारी ही। फर्स्ट

8:22प्रॉपर्टी IC इज़ डाउनवर्ड स्लोपिंग भाई

8:27जैसे डिमांड का कर्व होता है ना डाउनवर्ड

8:28स्लोपिंग ऐसे IC भी डाउनवर्ड स्लोपिंग है।

8:31हम कैसे मान ले भैया अगर ग्राफ में देखना

8:34है तो यार इसका कर्व बेशक थोड़ा टेढ़ा है।

8:37गिर रहा है ना नीचे को नीचे की तरफ गिरता

8:39हुआ कर्व है। उठता हुआ कर्व है इसका।

8:41ध्यान से देखो अब ये देखो। इसका कर्व है

8:44ये। ये गिरता हुआ कर्व है। IC ठीक है?

8:47डाउनवर्ड स्लोपिंग। अच्छा उसका रीज़न भैया

8:50उसका रीज़न क्या है? IC डाउनवर्ड स्लोपिंग

8:52क्यों है? बिकॉज़ ऑफ

8:55इनवर्स

8:57या नेगेटिव रिलेशनशिप

8:59इनवर्स या नेगेटिव रिलेशन बिटवीन

9:04गुड x एंड गुड y हम कैसे मान लें नेगेटिव

9:08रिलेशन है अभी मनवाते हैं आपने इसका टेबल

9:11नहीं बनाया था ये देखो

9:14x और y जब x बढ़ रहा था जब x बढ़ रहा था

9:20तो y गिर रहा था भाई इसी रिलेशन को तो

9:24नेगेटिव रिलेशन बोलते हैं कि भाई जब गुड x

9:27को इंक्रीस किया जा रहा था तो गुड y को

9:31सैक्रिफाइस करना पड़ रहा था। जैसे-जैसे

9:33कंज्यूमर में कॉम्बो में गुड x को बढ़ाया

9:36जा रहा था वैसे-वैसे गुड y को कम किया जा

9:38रहा था। सो ये एक रीज़न है कि IC स्लोप्स

9:41डाउनवर्ड क्योंकि उसके अंदर जो दो गुड्स आ

9:43रहे हैं उनमें एक नेगेटिव रिलेशन है। इसको

9:46नोट करो फटाफट से अच्छे से कि भाई IC

9:49डाउनवर्ड स्लोपिंग क्यों है?

9:52सेकंड एक और ईजी प्रॉपर्टी है। यह देखो।

9:56हायर IC इंप्लाई

10:00हायर लेवल ऑफ़ सैटिस्फैक्शन।

10:03हायर IC इंप्ल्लाई

10:06हायर लेवल ऑफ़ सैटिस्फैक्शन।

10:09मतलब जितना ऊंचा IC बनेगा ना उसका मतलब

10:13उतनी ज्यादा सेटिस्फेक्शन ऑफर हो रही है।

10:16एग्जांपल ये देखो ग्राफिकल एग्जांपल ऐसा

10:20जो मैं अभी यहां पे ग्राफ बनाऊंगा ना ये

10:21एग्जाम में एमसीक्यू में आता है। ये देखो

10:25ये IC बनाया थोड़ा कौसा नहीं बना इसका। ये

10:28देख लो।

10:29ये IC है। IC1

10:33ये IC है IC2

10:36ये IC है IC3

10:39इन तीनों में से सबसे ऊंचा कौन है? IC3

10:43सबसे नीचा कौन है? IC1 इसका मतलब ये है

10:46भाई IC3

10:48सबसे ज्यादा सेटिस्फैक्शन दे रहा है। IC2

10:52उससे कम IC1 सबसे कम कि भाई जितना ऊंचा IC

10:57होता है उतनी ज्यादा लेवल ऑफ़ सेटिस्फेक्शन

11:00होती है। ध्यान रखना। इसका फटाफट से

11:02स्क्रीनशॉट लो। नोट करो।

11:05नेक्स्ट

11:07थर्ड प्रॉपर्टी

11:11आईसीस

11:14डू नॉट टच

11:18x एक्सिस और y एक्सिस। बेटा ये जो IC का

11:21कर्व आप बना रहे हो ना ये IC में C का

11:23मतलब ही कर्व है इनडिफरेंस कर्व। ये कभी

11:26भी X एक्सिस और Y एक्सिस को टच ही नहीं

11:29करेंगी। अर्थात मान लो मैं ऐसे बना दूं या

11:37ऐसे बना दूं तो भाई इट इज़

11:42रॉन्ग ऐसा कभी नहीं होगा IC देख लो भाई

11:47क्या लिख के कह दो हां ठीक है वो देखो

11:48क्या लिखा है रॉन्ग IC कभी भी X एक्सिस या

11:52Y तुम देखो जब मैंने बनाया भी था ये देखो

11:55हमेशा ऐसे बनाया ये नहीं कि इसको जबरदस्ती

11:57या चिपकवा दिया ऐसा नहीं करना IC को कभी

12:00भी आपने X या Y एक्सिस से टच नहीं करवाना।

12:04क्योंकि इसके अंदर लगता है मैथ्स का

12:06लॉजिक। मैथ्स का लॉजिक क्या कहता था भाई?

12:10जब भी कोई लाइन किसी दूसरी लाइन को टच

12:12मारती है उस पर्टिकुलर पॉइंट पर X और Y की

12:16वैल्यू सेम हो जाती है। अब और एक और लॉजिक

12:19मैथ्स का जो दूसरा था वो भी छोड़ दो। इस

12:21लॉजिक पे आओ अगर आप इफ आपने IC को

12:26X-एक्सिस टच करा दी। इफ IC टच टचेस X

12:30एक्सिस। अगर आपने IC को X- एक्सिस को टच

12:33करा दिया तो हमने यार बचपन में मैथ्स में

12:35सुना था। यहां पर लिख देता हूं मैं।

12:40X एक्सिस पर Y की वैल्यू ज़ीरो होती है। और

12:44Y एक्सिस पर

12:47X की वैल्यू ज़ीरो होती है। तो बेटा अगर

12:49आपने अपनी IC को X- एक्सिस टच करा दिया तो

12:52Y की वैल्यू ज़ीरो हो जाएगी। ठीक है? और

12:55अगर आपने अपने IC को Y एक्सिस टच करा

12:58दिया। इफ IC टचेस Y एक्सिस तो X की वैल्यू

13:02ज़ीरो हो जाएगी। लेकिन यार आप तो पढ़ ही IC

13:04रे हो जा कम से कम दो गुड्स का कॉम्बो है।

13:07उन दो गुड्स में से एक गुड ज़ीरो हो जाएगा।

13:09तो फिर IC ही कैसा रह गया ये। ठीक है? हम

13:11तो दो गुड्स का कॉम्बिनेशन पढ़ रहे हैं ना।

13:13तो हाउ कैन एनी वन ऑफ़ देम बी ज़ीरो?

13:16वो वाली बात है। ठीक है? दोबारा सुन लो

13:19बात। IC कभी भी X- एक्सिस और Y एक्सिस को

13:22टच नहीं करते। रीज़न मीन अगर IC X एक्सिस

13:25को टच करेगा। अगर IC आपकी X एक्सिस को टच

13:29करेगा। इसका मतलब होगा कि Y की वैल्यू

13:33ज़ीरो है। और अगर IC Y एक्सिस को टच करेगा।

13:36इसका मतलब है कि X की वैल्यू ज़ीरो है। बट

13:38हाउ कैन दिस बी पॉसिबल? बट IC में तो तुम

13:42टू गुड्स का कॉम्बो पढ़ रहे हो ना। तुम टू

13:44गुड्स का कॉम्बिनेशन स्टडी कर रहे हो। तो

13:46हाउ इज़ दिस पॉसिबल कि मतलब हाउ कैन वन ऑफ़

13:49देम बी ज़ीरो? हाउ कैन वन ऑफ देम बी ज़ीरो?

13:54तुम कह रहे हो IC में दो गुड्स का कॉम्बो

13:56है। इवन यार तुम टेबल देखो जरा साइड वाले

13:58बोर्ड पे। हमने टेबल में भी कहीं जीरो

14:00नहीं करा। X भी कुछ-कुछ है, Y भी कुछ-कुछ

14:02है। ज़ीरो नहीं करा। तो IC का ग्राफ कभी भी

14:06X एक्सिस या Y एक्सिस टच नहीं करता।

14:09क्योंकि IC के अंदर आप दो गुड्स का कॉम्बो

14:11पढ़ रहे हो। अगर वो किसी एक्सिस को टच कर

14:13गया, इसका मतलब दूसरे वाला ज़ीरो हो जाएगा।

14:15X- एक्सिस टच करा तो Y की वैल्यू ज़ीरो, Y

14:18एक्सिस टच करा तो X की वैल्यू ज़ीरो। वो तो

14:20पॉसिबल ही नहीं। आप तो दो गुड्स का कॉम्बो

14:21पढ़ रहे हो। वही तो IC है। इंपॉर्टेंट

14:23प्रॉपर्टी है। नोट करो। क्वाइटेंट।

14:28नेक्स्ट प्रॉपर्टी भाई इसकी आपकी IC इज़

14:33कॉन्वेक्स

14:34टू ओरिजिन। ये प्रॉपर्टी बेटा अलग से भी आ

14:37जाती है आप पे कई बारी। कि दो नंबर में IC

14:40इज़ कॉन्वेक्स टू ओरिजिन। एक्सप्लेन कमेंट

14:42ऐसा-ऐसा क्वेश्चन। भाई ये बात बिल्कुल

14:45जेन्युइन है। IC ओरिजिन के कॉन्वेक्स ही

14:47होता है। ठीक है? अब दो तरीके से समझाता

14:50हूं इसको मैं आपको। दो तरीके से

14:53तरीका नंबर वन अगर मैं आपको IC की शेप्स

14:56की बात करूं। IC की शेप की बात तो भाई ये

15:00कॉन्वेक्स शेप ही होती है आपकी। ठीक है?

15:02ये वाली जो शेप बनती है ना ये कॉन्वेक्स

15:04कर्व की शेप होती है। ये तो हो गया शेप

15:06वाला लॉजिक। लेकिन पेपर में सिर्फ शेप

15:09वाला लॉजिक नहीं देना। मैथमेटिकल लॉजिक की

15:11बात करते हैं। शेप किसी कर्व की कॉनकेव

15:15बनेगी या कॉन्वेक्स बनेगी। अच्छा आपने तो

15:17अभी पिछले साल ही 10वीं करी है। कॉनकेव

15:19मिरर ऐसे और कॉन्वेक्स मिरर ऐसे नहीं

15:20बनाते थे। आपका आईसी इनमें से कैसा है?

15:23ऐसा या ऐसा? ऐसा ना? ऐसा-सा कॉन्वेक्स

15:26मिरर ही बनाते थे। आया याद थोड़ा सा? तो

15:29शेप वाला लॉजिक तो इसका ये हो गया कि ये

15:31कॉन्वेक्स ओरिजिन है। और इसका मैथमेटिकल

15:35ग्राफिकल लॉजिक क्या है भाई? अगर किसी की

15:38स्लोप गिर रही हो ना तो वो कॉन्वेक्स टू

15:42ओरिजिन होता है। और इफ बाय चांस इफ बाय

15:46चांस अभी आपने लिखा भी था IC इज़ डाउनवर्ड

15:48स्लोपिंग वो सिर्फ कहानी करी थी। इफ बाय

15:51चांस पेपर में तीन नंबर का क्वेश्चन आ

15:53गया। तो इतने से काम नहीं चलेगा। तो आप

15:55वहां पर स्लोप निकाल के दिखा दो। स्लोप

15:57होती है किसी भी कर्व की चेंज इन y / चेंज

16:01इन x। हम स्लोप निकाल के दिखा देंगे। भाई

16:03क्या दिक्कत है? कॉम्बो।

16:07कॉम्बो A कॉम्बो B कॉम्बो C कॉम्बो D ये X

16:12था ये Y था गुड X गुड Y ये था 10 20 30 40

16:16ये था आपका 100 - 30 70 - 20 50 - 10 40

16:21मैंने आपको कहा स्लोप निकाल के दिखा दो

16:24स्लोप स्लोप क्या होती है चेंज इन y /

16:27चेंज इन X y में कितना चेंज आ रहा है अपॉन

16:31X में कितना चेंज आ रहा है जिन बच्चों को

16:32ट्रायंगल का मतलब नहीं पता ट्रायंगल का

16:34मतलब होता है चेंज तो निकाल के देख लेते

16:37हैं यार। पहले लेवल पर तो क्या ही आएगा

16:38चेंज। y में कितने का चेंज आया? 100 और 70

16:4230 का। x में कितना आया? 10 का। 30 / 10

16:46तीन। अब कितना आया? 20 का। यहां भी कितना

16:49आया? 10 का। 20 / 10 दो। अब कितना आया?

16:5210. x में कितना आया चेंज? 10. 10 / 10

16:56एक। तो बेटा जब इसकी स्लोप ये 3 2 1 स्लोप

16:59इसकी बढ़ रही है या घट रही है? घट रही है।

17:01जब भी किसी की स्लोप घटती है तो हम उसको

17:04क्या बोलते हैं? इट इज़ कॉन्वेक्स टू

17:07ओरिजिन कि भाई ये कॉन्वेक्स है।

17:10इंपॉर्टेंट प्रॉपर्टी है। बहुत अच्छे से

17:12नोट करना और इसको एक बार ना रिवाइंड करके

17:14दोबारा देखना है फोर्थ प्रॉपर्टी को। ठीक

17:16है? इंपॉर्टेंट है।

17:20अगली भाई IC डोंट इंटरसेक्ट ईच अदर। आप

17:24कभी भी ऐसा डायग्राम नहीं देखोगे कि मान

17:28लो ये एक IC मैंने बनाया। लेट इट बी एक IC

17:31प्लॉट करा है। ठीक है? मान लो इसका नाम

17:33मैंने रख दिया A और एक और IC है भाई मान

17:38लो ऐसा जिसका नाम है B एक दूसरे को काट

17:42रहे हैं एट पॉइंट C ऐसा कभी नहीं होगा ऐसा

17:46कभी नहीं होगा लॉजिक इसका ऐसा क्यों नहीं

17:49होगा कभी भाई वो भी सुन लो मैथ्स का लॉजिक

17:51लगाएंगे भाई जिस पॉइंट पर वो एक दूसरे को

17:54काट रहे हैं वहां पर क्या रहती है जी

17:57वैल्यूस सेम रहती है तो यार A और C अगर

18:01बराबर बराबर है। बात नंबर वन। B और C का

18:06एक जगह मिल रहे हैं। B और C बराबर है। बात

18:08नंबर टू। फ्रॉम वन एंड टू हम ये कह सकते

18:11हैं फ्रॉम वन एंड टू हम ये कह सकते हैं कि

18:14भाई A = B बट दिस इज़ नॉट पॉसिबल भाई। दिस

18:20इज़ नॉट पॉसिबल। ऐसा कैसे पॉसिबल है? ग्राफ

18:24में भी देखो। क्या A पॉइंट और B पॉइंट एक

18:27है? बिल्कुल भी नहीं भाई। ये पॉसिबल ही

18:30नहीं है। IC पढ़ रहे हो। दो अलग-अलग कर्व्स

18:33जो बना रखे हैं आपने। दो अलग-अलग कर्व्स

18:36वो सेम सेटिस्फैक्शन कैसे दे सकते हैं

18:38भाई? दो अलग-अलग कर्व्स।

18:42हाउ कैन टू डिफरेंट कर्व्स? दो अलग-अलग

18:46कर्व्स कैसे सेम सेटिस्फैक्शन दे सकते

18:48हैं?

18:52ऑफर सेम लेवल ऑफ सैटिस्फैक्शन।

18:55दो अलग-अलग कर्व्स सेम लेवल ऑफ़

18:58सैटिस्फैक्शन कैसे दे सकते हैं भाई?

18:59नॉर्मल सी बात है।

19:01आई आप कहोगे भैया दो अलग-अलग कॉम्बोस तो

19:03देते हैं ना सेम लेवल ऑफ़ सेटिस्फेक्शन।

19:05भाई वो एक ही IC के ऊपर बनते हैं। ये तो

19:07दो अलग-अलग IC हैं। वो एक दूसरे को कभी टच

19:10नहीं करते। एक्चुअल में बहुत सारे IC

19:12बनेंगे भी ना तो ऐसे बनेंगे

19:15ऐसे। वो एक दूसरे को काटेंगे नहीं कहीं पर

19:19मैथ्स के लॉजिक्स के अकॉर्डिंग। ठीक है?

19:21बाकी भाई आपकी जो बुक्स हैं उसमें ये पांच

19:25प्रॉपर्टीज हैं। एक एक्स्ट्रा प्रॉपर्टी

19:27मैं लिखवा देता हूं। वैसे पांच प्रॉपर्टीज

19:30हैं। अगर इन पांच में से आप कोई एक ही सी

19:32भूल जाओ। पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी,

19:33पांचवी मान लो फॉर एग्जांपल आप यही भूल गए

19:36या आपको ये डिफिकल्ट लगी मान लो। तो एक

19:38एक्स्ट्रा प्रॉपर्टी मैं और लिखवा देता

19:39हूं आपको IC की ही जो आपके काम आ जाएगी।

19:42अगर आप भूले तो ये भी चलेगी। पर इसको कोई

19:45गलत नहीं कर सकता क्योंकि ये बिल्कुल इसका

19:47मैथमेटिकल लॉजिक है।

19:49IC इज़ अ

19:53रेक्टेंगुलर

19:55हाइपरबोला।

19:57जो बच्चे अभी 11th क्लास में मैथ्स वाले

20:00बच्चे हैं उनको पता होगा कि यार इस शेप को

20:03हाइपरबोला बोला जाता है। ये जो शेप होती

20:06है ना इसी की जो बन रही है इसको

20:08रेक्टेंगुलर हाइपरबोला ये शेप जो IC बना

20:11के दे रहा है आपको इस शेप को रेक्टेंगुलर

20:14हाइपरबोला बोला जाता है। ठीक है?

20:17और रेक्टेंगुलर हाइपरबोले का मतलब क्या

20:19होता है? कि भाई नो मैटर

20:25व्हाट कॉम्बो

20:29यू चूज़

20:32यू विल गेट

20:36सेम लेवल ऑफ़ सैटिस्फैक्शन। यही तो आईसी की

20:39स्टडी है भाई। यही तो हम पढ़ रहे थे। फिर

20:42भी नहीं अजीब लग रहा है। तो ये देखो हमने

20:44यही तो पढ़ा था कि जितनी सैटिस्फैक्शन 10

20:47एप्पल और 100 ऑरेंज देंगे उतनी ही

20:49सैटिस्फैक्शन 20 एप्पल और 70 ऑरेंज

20:51प्रोवाइड करा देंगे। उतनी ही सेटिस्फेक्शन

20:5330 एप्पल और 50 ऑरेंज प्रोवाइड करा देंगे।

20:56उसी लेवल की सेटिस्फेक्शन 40 एप्पल और 40

20:59ऑरेंज अगर मिलेंगे तो भी प्राप्त हो

21:01जाएगी। दैट इज द गेम। फटाफट इन छह की छह

21:04प्रॉपर्टीज को पढ़ लो। 5 + 1 है। पांच बुक

21:06की है। एक एक्स्ट्रा लिखवाई है। इसको

21:08अच्छे से पढ़ लो। जो भी डाउट्स है पूछ लो।

21:11ठीक है? मोस्टेंट है। ध्यान रखना। दैट्स

21:13ऑल।

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