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Class 11th | Outsourcing of Services |

Anish's Academy · 2,025 words · 10 min read

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0:00हेलो 11th बिनेस। आज का जो आपका टॉपिक है

0:03दैट विल बी आउटसोर्सिंग ऑफ सर्विज। ठीक

0:06है? यार सर्विज को आउटसोर्स करना क्या

0:08होता है? आउटसोर्सिंग का मतलब होता है

0:10आउटसोर्स करना। वाह जी वाह क्या मतलब

0:12बताया है? आउटसोर्स करना मतलब

0:17बाहर से ऑब्टेन करना। बाहर से ऑब्टेन

0:22करना। मतलब क्या होता है यार? बिनेस में

0:26हम हर एक काम खुद भी नहीं कर सकते भाई।

0:28उसमें टाइम भी जाएगा, एफर्ट्स भी जाएंगे।

0:31आपकी नॉर्मल कंज्यूमर जिंदगी में और

0:34बिजनेस जिंदगी में बहुत फर्क है। ठीक है?

0:36आप लोगों को घर पे सिखाया जाता है हर चीज

0:38घर पे बनाओ, सस्ती पड़ती है। बाहर से मत

0:41मंगाओ, घर पे बनाओ सस्ता पड़ेगा। ये है वो

0:43है। लेकिन बिनेसेस अक्सर कई चीजें क्या?

0:46मेजॉरिटी चीजें मेजॉरिटी सर्विसेस बाहर से

0:50ही ऑब्टेन करते हैं ताकि उनका बिज़नेस

0:52स्मूथली चलता रहे। एक छोटे से एग्जांपल से

0:54समझते हैं। मान लो मेरा खुद का काम अ

0:57टीचिंग है। ठीक है? तो अब यार मेरा काम

1:00पढ़ाने से है। अब अगर मैं कहूं कि यार

1:03पढ़ाने के लिए जो बोर्ड लग रहा है वो भी

1:05मैं ही बनाऊंगा। जो मार्कर लग रहा है वो

1:07भी मैं ही बनाऊंगा। ठीक है? बच्चों को

1:09बिाने के लिए जो चेयर्स है वो भी मैं ही

1:11सेटअप करूंगा। खुद से ही बनाऊंगा। मैं ही

1:13फर्नीचर का काम भी मैं करूंगा। तो भाई मैं

1:15कुछ भी नहीं कर पाऊंगा उस हिसाब से। पैसे

1:17बहुत वेस्ट हो जाएंगे। टाइम वेस्ट होगा,

1:19एफर्ट्स वेस्ट होंगे और बढ़िया कर भी नहीं

1:21पाएंगे। क्योंकि हम उस चीज के एक्सपर्ट

1:22नहीं है कि हम कुर्सियां बनाने लग जाए,

1:24मार्कर बनाने लग जाए। तो बाहर से तो

1:27ऑब्टेन कर ही रहे हैं ना। शॉर्ट में बोले

1:30तो इट रेफर्स टू ऑब्टेनिंग सम सर्विसेस।

1:36इट रेफर्स टू ऑब्टेनिंग सम सर्विसेस

1:41फ्रॉम

1:43आउटसाइड द ऑर्गेनाइजेशन।

1:46अपनी ऑर्गेनाइजेशन के बाहर से कुछ सर्विज

1:49ऑब्टेन करना ही आउटसोर्सिंग कहलाता है।

1:53अपनी ऑर्गेनाइजेशन के बाहर से सर्विज

1:56अरेंज करना, मंगवाना, ऑब्टेन करना ही

1:59आउटसोर्सिंग कहलाता है। ठीक है? एग्जांपल

2:02से समझे तो भाई मान लो एक ब्रांड है जो

2:05गाड़ियां बना रहा है। ठीक है? लेटेड भी

2:07कार का ब्रांड हम बात कर लेते हैं Maruti

2:09Suzuki।

2:11तो यार Maruti Suzuki एक्सपर्ट है गाड़ियां

2:13बनाने में। इंजन वो बना रहा होगा। डिज़ाइन

2:15में भी वो बना रहा होगा। लेकिन इसी गाड़ी

2:17का एक मेजर पार्ट है जिसके बिना गाड़ी की

2:20कैसे चलेगी? दैट इज टायर। क्या टायर भी ये

2:22लोग अपना Maruti Suzuki का बनाते हैं।

2:24आपने देखा है टायर पे Maruti Suzuki लिखा

2:26हुआ टायर ये लोग किसी बढ़िया ब्रांड का CAT

2:29का, MRF का, अपोलो का ऐसे ऑब्टेन करते

2:34हैं। इसी चीज़ को तो आउटसोर्स करना कहते

2:36हैं कि नो डाउट गाड़ी बनाना हमारा काम है।

2:38लेकिन गाड़ी में लगने वाला हर एक पार्ट हम

2:40बनाए ऐसा जरूरी नहीं है। हम उसको बाहर से

2:42ऑब्टेन कर लेंगे। जो भी उसका खर्चा होगा

2:44उसको अपने प्रोडक्ट में जोड़ लेंगे। लॉस

2:46थोड़ी खाएंगे। इस कांसेप्ट को आउटसोर्सिंग

2:48कहा जाता है। ठीक है? अब यार इसके फीचर्स

2:52और नीड जब पढ़ोगे ना तो उसमें सारा आ

2:54जाएगा कि इसका फायदा क्या है? ठीक है?

2:56इसका फायदा क्या है? अब भाई अगर हम बात

3:00करें आउटसोर्सिंग की तो दो तरह के

3:02कांसेप्ट्स आएंगे हमारे पास चैप्टर में।

3:04केपीओ दैट स्टैंड्स फॉर नॉलेज प्रोसेस

3:08आउटसोर्सिंग और बीपीओ दैट स्टैंड्स फॉर

3:11बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग। बीपीपीओ में

3:14नॉर्मल लोगों को लगता है सिर्फ वो आता है

3:17कस्टमर सर्विस आता है कॉल सेंटर आता है और

3:19भी बहुत कुछ आता है बीपीपीओ में। कोई भी

3:21अगर बिनेस सर्विस बाहर से ऑब्टेन करी जा

3:23रही है। दैट इज़ बीपीओ। वो बेशक कॉल सेंटर

3:25वाली हो या किसी और भी चीज की हो। और

3:28केपीओ होता है नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग।

3:30जब हाई एंड नॉलेज वर्क को बाहर से ऑब्टेन

3:33किया जाता है किसी एक्सपर्ट से दैट इज

3:36केपीओ। तो हम शुरुआत करते हैं भाई बीपीपीओ

3:39से। बीपीपीओ स्टैंड्स फॉर बिनेस प्रोसेस

3:43आउटसोर्सिंग। बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग।

3:48बिनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग।

3:52अब बच्चों इसके अंदर आता क्या है भाई?

3:54सिंपल अगर हम आसान भाषा में बोल तो इट

3:56रेफर्स टू ऑब्टेनिंग सर्विसेस फ्रॉम

3:59आउटसाइड द ऑर्गेनाइजेशन। भैया यही तो

4:01आउटसोर्सिंग की डेफिनेशन थी। यहां भी यही

4:03आएगा। बस आगे थोड़ा सा लाइन ऐड ऑन कर

4:05देंगे इन ऑर्डर टू रन द बिनेस सक्सेसफुली।

4:08तो बीपीओ क्या होता है? बीपीओ

4:12रेफर्स टू

4:14बीपीओ रेफर्स टू ऑब्टेनिंग सम सर्विसेस।

4:19ऑब्टेनिंग सम सर्विसेस फ्रॉम

4:25आउटसाइड द ऑर्गेनाइजेशन। आपकी अपनी

4:28ऑर्गेनाइजेशन, अपने बिजनेस के बाहर से कुछ

4:31ऑब्टेन करना। और ये सब क्यों कर रहे हैं?

4:35इन ऑर्डर टू रन द बिनेस सक्सेसफुली।

4:40अगर हम इसके एग्जांपल की बात करें ना भाई,

4:43हर जगह आउटसोर्सिंग होती है हर बिज़नेस

4:45में। एक बिजली वाला बिजली की फिटिंग करता

4:48है। हो सकता है वो पंखे-पंखे भी बना देता

4:51हो छोटे-मोटे फराटे टाइप। लेकिन क्या तारे

4:53भी वो घर पे बनाते हैं क्या? बाहर से ही

4:55ऑब्टेन करते हैं ना। ठीक है? एक कारपेंटर

4:58लकड़ी की आर्ट में माहिर है। लेकिन यार वो

5:01उस लकड़ी को तो कहीं से खरीदता ही है ना।

5:04वो भी तो देखो आप कई से कच्ची लकड़ी तो

5:06खरीदता है। मिठाई वाला मिठाई बनाता है।

5:09लेकिन वह उसके लिए खोया, दूध ये सब कहीं

5:12ना कहीं से तो ऑब्टेन करता ही है। तुम कहो

5:14भैया उसकी खुद की डेरी है। चलो मान लो

5:16डेरी है। फिर भी यार जो फ्लेवर्स वगैरह

5:18होते हैं वो सब तो ऑब्टेन कर रही है। जिस

5:21बंदे की बेकरी है वो केक खुद बना रही है।

5:23लेकिन केक का कच्चा सामान तो कहीं से

5:25ऑब्टेन कर ही रहे हैं ना। कहीं से तो आपका

5:28जो टॉपिंग्स होती है केक की वो सारी चीजें

5:30क्रीम वो सब आ रहा है। ब्रेड आ ही नहीं

5:33रही है। वो सब चीजें ये होता है

5:35आउटसोर्सिंग में। अब इसका फटाफट से

5:37स्क्रीनशॉट लो जल्दी से। हां। अब बेटा

5:41बीपीओ के फीचर्स क्या है? बीपीओ में

5:43क्या-क्या आ जाते हैं? इसके फायदे क्या

5:45है? वो सब हम पढ़ेंगे एक-एक करके। अगर आपके

5:47पास पेपर में टॉपिक आता है इनमें से कुछ

5:51भी फीचर्स

5:54सश नेचर या इवन कररेक्टरिस्टिक्स ऑफ बिनेस

5:59प्रोसेस आउटसोर्सिंग कि आपको इसके बारे

6:01में क्या पता है इसके फीचर्स इसके नेचर

6:04उसके कररेक्टरिस्टिक्स मतलब व्हाट यू नो

6:06अबाउट द टॉपिक तो सबसे पहले भाई

6:10अवेलेबिलिटी ऑफ सर्विस

6:13अवेलेबिलिटी ऑफ सर्विस

6:17आउटसाइड द ऑर्गेनाइजेशन। भाई बीपीओ आपकी

6:21कंपनी के बाहर से भी आपको कोई सर्विस

6:23ऑब्टेन करवा के दे देता है। जो चीज आपके

6:26बिनेस की है भी नहीं वो भी चीज आप बाहर से

6:28ऑब्टेन कर सकते हो विद द हेल्प ऑफ़ बीपीओ।

6:31सेकंड एक तो हो गया ये। इसके अलावा यार

6:34हमें ना सबसे बड़ी बात स्पेशलाइजेशन का

6:37बेनिफिट मिलता है। हर बंदा हर चीज में

6:40प्रो नहीं हो सकता भाई।

6:43मेरा काम पढ़ाने का है। मैं पढ़ा दूंगा।

6:45लेकिन अगर मैं कहूं मैं मार्कर भी खुद बना

6:47दूं तो क्या मेरे को मार्कर बनाना आता है

6:49या क्या मैं डोम्स जैसा मार्कर बना

6:51पाऊंगा? बिल्कुल भी नहीं यार। बिल्कुल भी

6:53नहीं। कदापि नहीं। तो अगर आपको

6:55स्पेशलाइजेशन का बेनिफिट ऑब्टेन करना है

6:57तो भी आपको कुछ चीजें बाहर से ही ऑब्टेन

7:00कर लेनी चाहिए। इसके अलावा भाई बहुत

7:02इंपॉर्टेंट पॉइंट जो आप लोगों को बड़ा वहम

7:04है कि बाहर से महंगा पड़ता है। बाहर से

7:06सस्ता भी पड़ता है। भाई ये चीपर सोर्स है।

7:10सर्विज का चीपर सोर्स है। इसकी वजह सुनो।

7:13अगर मैं आपको बोलूं कि कच्ची मैgi भी आप

7:15लोग ही बनाओगे। आपको लगता है आप ₹8 में

7:18बना पाओगे एक पैकेट। आप ₹100 फूंक दोगे और

7:20वो भी बेकार बनेगी। क्योंकि मैगी वाले

7:22nसle वाले आर एक्सपर्ट्स। दे आर प्रोब्स।

7:25वो बल्क में बनाते हैं। उनको बनाना आता

7:27है। उन्होंने ह्यूज क्वांटिटी में बनाना

7:29है। उन पे सालों की एक्सपर्टीज है। इतने

7:31साल हो गए उनको बनाते बनाते। दे आर

7:33एक्सपर्ट। ठीक है? डोम्स हैं, मार्कर बना

7:35रहे हैं। दे आर एक्सपर्ट। हम उस काम में

7:37घुसेंगे। हम वो चीज़ उतनी अच्छी से कर ही

7:38नहीं पाएंगे। और सबसे बड़ी बात उस काम पे

7:41एंटर भी तो तब करें जब हमने वो काम करना

7:43हो। हमारा काम पढ़ाने अब सब कुछ थोड़ी

7:45ऑब्टेन करते रहेंगे बाहर से। मतलब सब कुछ

7:47थोड़ी खुद ही बनाते रहेंगे। तो भाई ये

7:49सस्ता पड़ता है। और इसका एक लॉजिक भी है।

7:53अवॉइड्स

7:55इन्वेस्टमेंट

7:58इन फिक्स्ड एसेट्स।

8:01बेटा अगर 2 मिनट के लिए मैं मान लूं कि

8:03मैं मार्कर बनाना भी चालू कर दूं तो यार

8:05ये हाथ से तो बनेगा नहीं। मुझे बहुत

8:07बड़े-बड़े फिक्स्ड एसेट्स लगाने पड़ेंगे।

8:09मशीन वगैरह, फैक्ट्री, ठीक है? प्लांट,

8:11फिर लेबर रखनी पड़ेगी। उसमें मेरा खर्चा

8:13ज़्यादा ही पड़ेगा। तो, ये एक पॉइंट। और

8:16भाई, अगर आप बाहर से ऑब्टेन करते हो ना,

8:19इससे आपके बिज़नेस की एफिशिएंसी बढ़ेगी ही

8:21बढ़ेगी।

8:23बिकॉज़ अगर आप बाहर से कुछ ऑब्टेन कर रहे

8:26हो, तो वी कैन फोकस ऑन मेन बिज़नेस

8:30एक्टिविटीज़। तो, हम अपने मेन बिज़नेस पे

8:32अच्छे से फोकस कर पाएंगे। सुना है ना दो

8:34नाव का सवारी हमेशा डूबता है। ऐसा तो हर

8:37नाव का सवारी बन जाओगे आप तो डूबोगे ही

8:39डूबोगे। मेन काम पर फोकस ही नहीं कर

8:40पाओगे। इधर-उधर ही उलझते रहोगे या हर

8:42सारा। तो भाई ये है इसके कुछ फीचर्स।

8:44फटाफट से इसका लीजिए स्क्रीनशॉट।

8:49आगे

8:52नीड या फिरेंस ऑफ़ बीपीओ अगर आपके पास आता

8:55है एग्जाम में, तो क्या लिखेंगे? नीड या

8:58फिरेंस ऑफ़ बीपीयू। यह देखो।

9:03नीड याेंस

9:05ऑफ बीपीओ

9:09बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग की जरूरत क्या

9:11है या इसकी नीड क्या है तो भाई सबसे पहला

9:15पॉइंट आपको बढ़िया क्वालिटी का सामान मिल

9:17सकता है जो खुद आप बनाने बैठोगे तो आप

9:19नहीं बना पाओगे शायद तो ऑब्टेनिंग

9:22क्योंकि बाहर जो बंदा उस चीज में डील कर

9:24रहा है वो उसका एक्सपर्ट है ही नोस हाउ टू

9:26मेक इट हाउ टू डील विद इट ऑब्टेनिंग गुड

9:29क्वालिटी प्रोडक्ट्स बाहर से ऑब्टेन करोगे

9:32वो एक्सपर्ट होगा। उसका काम ही वही है। तो

9:34वो चीज तो बढ़िया से ही करेगा ना। वो वाली

9:36बात होती है। अब आप बोलो यार कि हम खुद को

9:39खुद ही पढ़ाना शुरू कर दे। तो आज की डेट

9:41में यार इतना पॉसिबल नहीं है। आप लोग खुद

9:42को खुद नहीं पढ़ा सकते। तभी तो आप बाहर से

9:44ऑब्टेन कर रहे हो वो सर्विस। ठीक है?

9:47ऑब्टेनिंग गुड क्वालिटी प्रोडक्ट्स। इसके

9:49अलावा स्मूथ रनिंग ऑफ़ बिज़नेस। आपका फोकस

9:52आप ही के बिज़नेस पे रहेगा क्योंकि फालतू

9:54की चीज़ आप बाहर से ऑब्टेन कर लोगे तो आपका

9:57बिज़नेस स्मूथली रन करेगा। स्मूथ रनिंग ऑफ

10:00बिजनेस।

10:02इसमें कोई दिक्कत भाई। इसके अलावा

10:06अवॉयडिंग

10:09फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट

10:12जो मैंने अभी आपको मशीन वाला एग्जांपल

10:14दिया था कि अगर मैं बोलूं यार मैं मार्कर

10:16भी खुद ही बनाऊंगा तो मुझे उसके लिए मशीन

10:18लगानी पड़ेगी। फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट बहुत

10:20होएगी। कितने सालों में जाके वो कवर होगा

10:22वो भी पता नहीं हो ना हो क्योंकि वी आर

10:24नॉट एक्सपर्ट एट मेकिंग द मार्कर्स।

10:27ठीक है भाई चीप पड़ेगा सस्ता पड़ेगा वो भी

10:30देखो आप बाहर से ऑब्टेन करना बिजनेस को और

10:34आपको स्पेशलाइजेशन बेनिफिट मिलेगा पॉइंट्स

10:36थोड़े एक दूसरे से इंटरलिंक्ड ही है अगर

10:39मैं बाहर से कोई चीज ऑब्टेन करूंगा ना भाई

10:41तो वो बंदा उस काम को बहुत बढ़िया से

10:43करेगा शॉर्ट में एग्जांपल बताऊं आपके घर

10:45वाले एग्जांपल लेट इट बी आप

10:49घर पे कुकिंग करते हो घर की आप लोगों को

10:51पसंद नहीं है आप बाहर से मंगाते हो बाहर

10:53से ऑब्टेन कर रहे हो ठीक है आप वो बेचने

10:55के लिए नहीं करते इसलिए इसलिए आपको महंगा

10:57पड़ता है। कंसमशन के लिए कर रहे हो तो

10:58सारी कॉस्ट का बर्डन आपके ऊपर पड़ता है।

11:00अगर यही बाहर से ऑब्टेन किया जाएगा तो आप

11:03बिनेस के पॉइंट ऑफ व्यू से आप उसको आगे

11:05बेचोगे तो कस्टमर से तो कवर कर ही लोगे वो

11:07खर्चा। अब अगर मान लो भाई बाहर से आपको ही

11:10पता है आप अगर घर पे बनाओ और बाहर बनाओ तो

11:13बाहर आपको बेटर मिलेगा। क्योंकि उनका मेन

11:15आपके घर का या आपके पेरेंट्स का मेन काम

11:17खाना बनाना नहीं है। वो बाहर वाले किसी

11:19रेस्टोरेंट ढाबे का है। तो वो तो उस पे

11:21अपना पूरा फोकस डालेगा ही ना। वो तो उसी

11:23का माहिर है। वो बात हो गई है इसके अंदर।

11:25कोई दिक्कत? दैट्स ऑल फॉर इट। इसको फटाफट

11:28से पढ़ो। अगले लेक्चर में हम पढ़ेंगे इसके

11:30टाइप्स। अगले लेक्चर में हम पढ़ेंगे इसके

11:33टाइप्स।

11:35ठीक है? इसको फटाफट पढ़ो, नोट्स बनाओ,

11:38डाउट्स मैसेज करो। देन

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