Full transcript
0:03हां जी 12th क्लास तो आपका ये ह्यूमन
0:05कैपिटल फॉर्मेशन का पार्ट फोर रहेगा। ठीक
0:08है? लास्ट क्लास में हमने क्या डिस्कस करा
0:10था? व्हाट डू यू मीन बाय द टर्म एजुकेशन?
0:13एजुकेशन रेफर्स टू द प्रोसेस ऑफ़ टीचिंग,
0:16लर्निंग एंड ट्रेनिंग इन ऑर्डर टू
0:18प्रोवाइड या इन ऑर्डर टू गेन स्किल्स एंड
0:21एक्सपर्टीज। ठीक है? अब आज का बच्चों
0:23हमारा टॉपिक रहेगा नीड फॉर गवर्नमेंट
0:26इंटरवेंशन इन एजुकेशन। कि भाई सरकार की
0:30क्या जरूरत है? एजुकेशन वाले सेक्टर में
0:33गवर्नमेंट को एस्पेशली इन केस ऑफ इंडिया
0:35जो एक डेवलपिंग नेशन है। ठीक है? या मिडिल
0:39क्लास का देश ज्यादा है। ऐसे देश के अंदर
0:41ऐसी इकॉनमी के अंदर गवर्नमेंट का क्या रोल
0:44है? एजुकेशन के लिए। ठीक है? गवर्नमेंट का
0:47एजुकेशन की फील्ड में क्या रोल है? या फिर
0:49क्यों गवर्नमेंट को इस लाइन में इंटरफेयर
0:51करने की जरूरत है? तो फटाफट से पढ़ते हैं।
0:54कुछ बेसिक-बेसिक से पॉइंट्स हैं। पहली बात
0:56तो भाई दिस सेक्टर नीड्स ह्यूज
0:58इन्वेस्टमेंट। दिस सेक्टर नीड्स ह्यूज
1:03इन्वेस्टमेंट। यार ये जो एजुकेशन वाला
1:05सेक्टर है ना इसमें बहुत ज्यादा
1:07इन्वेस्टमेंट लगती है। और इन्वेस्टमेंट भी
1:10कौन सी? वर्किंग कैपिटल नहीं बहुत ज्यादा
1:13फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट लगती है। क्योंकि
1:16यार अब आजकल तो चलो थोड़ी टेक्नोलॉजी आ
1:19गई। अदरवाइज
1:21अगर हमें एजुकेशन प्राप्त करनी है, वी नीड
1:24सम काइंड ऑफ स्कूल, लोकेशन, फिक्स्ड
1:27एसेट्स लाइक बेंच, डेस्क, एक्सट्रा
1:30एक्सट्रा तो इस लाइन में बहुत ज्यादा
1:32इन्वेस्टमेंट चाहिए होती है। तो हर इंसान
1:35अपना स्कूल नहीं खोल सकता। भाई हर एक के
1:37पास इतने पैसे नहीं है कि वो अपना स्कूल,
1:39कॉलेज या यूनिवर्सिटी खोल ले। तो एक तो ये
1:41बेसिक पॉइंट है कि इस सेक्टर के अंदर
1:43ह्यूज इन्वेस्टमेंट की आवश्यकता है। इसलिए
1:46सरकार को यहां पर आने की जरूरत है क्योंकि
1:49सरकार अपनी ट्रेजरी में से पैसा फिर भी
1:51लगा सकती है। और आप में से कोई बोले कि
1:54यार हमारे पे बहुत पैसे हैं। हम अपना
1:55स्कूल खोल लें। तो बच्चों वो अभी हम
1:57नेक्स्ट पॉइंट में डिस्कस करेंगे। अगर
1:59आपके मेरे में से कोई अगर अपना स्कूल
2:01खोलेगा भी ना तो हम प्राइवेट सेक्टर वाले
2:03लोग हैं। भाई हम उसका प्राइस हाई चार्ज
2:06करेंगे जो हर बंदा अफोर्ड नहीं कर पाएगा।
2:09तो वो एक अफोर्डेबिलिटी वाला पॉइंट भी
2:11यहां पर आ जाता है। पहला पॉइंट क्या रहता
2:13है कि दिस सेक्टर नीड्स ह्यूज
2:15इन्वेस्टमेंट। इसके अलावा यार इट इज़
2:18डिफिकल्ट। इट इज़ डिफिकल्ट टू एक्सपेक्ट
2:26प्राइवेट सेक्टर
2:32टू प्रोवाइड
2:34अफोर्डेबल एजुकेशन। ऐसे-सा आप एक पॉइंट
2:37लिख सकते हो भाई। कि पहला पॉइंट तो ये कि
2:39यार प्राइवेट सेक्टर पे उतना पैसा नहीं
2:42है। इसमें बहुत इन्वेस्टमेंट लगती है। वो
2:44सरकार ही प्रोवाइड करा सकती है। दूसरा अगर
2:46कुछ प्राइवेट सेक्टर के लोगों के पास पैसा
2:49हो जैसे आपके इंडिया वाले केस में अंबानी
2:51की बात करें उनका एक इंटरनेशनल स्कूल है।
2:54बट क्या आपके मेरे जैसे बच्चे वहां पढ़
2:56सकते हैं? नहीं। ठीक है? वहां कौन पढ़ रहे
2:58हैं? सारे आपके बॉलीवुड के स्टार्स, किड्स
3:01वो सारे पढ़ रहे हैं वहां पर। क्यों?
3:03क्योंकि यार अगर प्राइवेट सेक्टर वहां
3:05प्राइवेट सेक्टर नॉर्मल सी बात है यार।
3:06गलत कुछ नहीं है इसमें। लेकिन प्राइवेट
3:08सेक्टर वेलफेयर के लिए नहीं प्रॉफिट
3:10मैक्सिमाइजेशन के लिए कहीं भी इन्वेस्ट
3:12करता है। ठीक है? अब अगर प्राइवेट सेक्टर
3:14ने इन्वेस्ट कर भी दिया तो वो क्या करेंगे
3:17यार? वो अपनी कॉस्ट को कवर करने के चक्कर
3:20में एजुकेशन का प्राइस हाई रख देंगे। ठीक
3:22है? जो फीस होगी वो सब चीजों को हाई रखा
3:25जाएगा। तो हर बंदा उसको अफोर्ड नहीं कर
3:27पाएगा। ठीक है? तो अफोर्डेबल वाले पॉइंट
3:29से रिलेटेड ये वाला पॉइंट आ जाता है। ठीक
3:31है? इसके अलावा यार यह एक कॉन्स्टिट्यूशनल
3:34राइट भी है।
3:37कॉन्स्टिट्यूशनल राइट ये नहीं है कि भाई
3:39आप इंजीनियर ही बने। कॉन्स्टिट्यूशनल राइट
3:41है कम से कम बेसिक एजुकेशन का। एक राइट टू
3:44एजुकेशन आपका एक बेसिक कॉन्स्टिट्यूशनल
3:46राइट है। उसके बारे में हम इस पार्ट में
3:48आने वाले पार्ट्स में भी पढ़ेंगे जो आपका
3:50आरटीई है राइट टू एजुकेशन। ठीक है? तो हर
3:53एक इंसान को हर एक बच्चे को बेसिक एजुकेशन
3:56प्राप्त करने का पूरा-पूरा अधिकार है।
3:58इसलिए भी सरकार को इस सेक्टर के अंदर
4:01इन्वेस्ट करने की आवश्यकता है। भाई एक
4:04पॉइंट हो गया आपका क्योंकि इस सेक्टर में
4:05ह्यूज इन्वेस्टमेंट चाहिए। दूसरा
4:08अफोर्डेबिलिटी वाला पॉइंट क्योंकि मुश्किल
4:11है यार कि प्राइवेट सेक्टर अगर इन्वेस्ट
4:13करे तो वो अफोर्डेबल एजुकेशन रखेगा। ठीक
4:15है? इसके अलावा एक कॉन्स्टिट्यूशनल राइट
4:18भी है। ठीक है? इसके अंदर कोई दिक्कत अगर
4:21आपको फोर्थ पॉइंट अलग से बनाना है। वैसे
4:22तो ये थर्ड में ही कवर सेकंड में ही कवर
4:24हो रहा है। आप अफोर्डेबिलिटी वाला पॉइंट
4:26एक अलग से बना सकते हैं
4:29कि यार ताकि हर एक के लिए अफोर्डेबल रहे।
4:32इस वजह से भी सरकार को एजुकेशन की लाइन
4:34में इन्वेस्ट करने की आवश्यकता है और करती
4:36भी है सरकार। वो हम अपने आने वाले टॉपिक्स
4:38में पढ़ेंगे कि हमारी इंडियन गवर्नमेंट ने
4:40क्या-क्या करा है। क्या-क्या बोला था और
4:42कर लिया। क्या-क्या बोला था और नहीं करा।
4:44वो सब कुछ हम आने वाले पार्ट्स में कवर
4:46करेंगे। इसका बच्चों फटाफट स्क्रीनशॉट
4:48लीजिए जल्दी से। ठीक है? जल्दी से।
4:53ठीक है? तो अब हमारा जो नेक्स्ट टॉपिक है
4:55दैट इज एजुकेशन स्ट्रक्चर इन इंडिया।
4:58इंडिया के अंदर हमारे यहां पर एजुकेशन का
5:00कैसा स्ट्रक्चर रहता है। देखो ऐसा जरूरी
5:03नहीं है कि ये सेम टॉपिक एग्जाम में वर्ड
5:04टू वर्ड पूछा जाएगा। लेकिन कोई भी
5:07एमसीक्यू हो, कोई भी केस स्टडी हो उसके
5:09अंदर ना ऐसे वर्ड्स आप देखेंगे
5:11एलिममेंट्री एजुकेशन, सेकेंडरी एजुकेशन,
5:14सीनियर सेकेंडरी एजुकेशन। ठीक है? ठीक है?
5:16टर्शरी एजुकेशन। तो इसके बारे में आपको
5:18जानना जरूरी है। बच्चों सबसे पहले एक
5:21एजुकेशन होती है एलिममेंट्री एजुकेशन।
5:23इसके अंदर क्या इंक्लूड होता है?
5:26एलिममेंट्री एजुकेशन। एलिममेंट्री का
5:29बच्चों मतलब ये होता है बिल्कुल बेसिक
5:30एजुकेशन। एलिममेंट्री एजुकेशन कौन सी होती
5:33है? बिल्कुल बेसिक एजुकेशन। बेसिकली आपकी
5:37प्राइमरी एजुकेशन
5:39प्राइमरी एजुकेशन
5:42प्लस जो आपकी मिडिल स्कूलिंग रही है ना
5:44मिडिल स्कूलिंग मिडिल एजुकेशन वो
5:47एलिममेंट्री एजुकेशन के अंदर आती है। आप
5:49कहोगे कैसे यार प्राइमरी जो बिल्कुल आपने
5:52बेसिक से शुरुआत करी थी वो जो आपकी एलकेजी
5:55यूकेजी वाली क्लासेस होती है ना बिल्कुल
5:56बेसिक जहां आप वर्ड्स वगैरह लिखना सीखते
5:58हैं प्लस आपकी मिडिल स्कूलिंग बेटा मिडिल
6:01स्कूलिंग कौन सी है आपकी टिल एथ स्टैंडर्ड
6:05टिल एथ क्लास आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई को
6:09एलिममेंट्री एजुकेशन में गिना जाता है।
6:11कौन सी एजुकेशन में? एलिममेंट्री एजुकेशन
6:13में। और कौन सी क्लास? आठवीं क्लास। बच्चा
6:16बेसिक लेवल से ठीक है? फर्स्ट, सेकंड,
6:19थर्ड, फोर्थ, फिफ्थ, सिक्स्थ, सेवंथ, एथ
6:21क्लास। आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई को
6:23एलिममेंट्री एजुकेशन के अंदर गिना जाता
6:25है। देन कम्स योर सेकेंडरी एजुकेशन।
6:30सेकेंडरी एजुकेशन।
6:33अब कुछ लोग ना सेकेंडरी एजुकेशन में नाइंथ
6:36से 12th बोल देते हैं। वो यार उतना सही
6:38नहीं है। सेकेंडरी एजुकेशन में सीधा नाइंथ
6:41से 12th बोल देना इज़ नॉट दैट मच गुड।
6:43सेकेंडरी एजुकेशन टेक्निकली जो है ना वो
6:46आपकी नाइंथ और 10थ क्लास होती है। नाइंथ
6:49क्लास एंड 10थ क्लास जो है वो सेकेंडरी
6:53एजुकेशन में आती है। कुछ बुक्स में आपको
6:56नाइंथ से 12th तक लिखा हुआ मिल जाएगा
6:57सेकेंडरी एजुकेशन में। बट टेक्निकली नाइंथ
7:00और 10थ क्लास जो है वो आपकी सेकेंडरी
7:03एजुकेशन में आती है। तो भैया फिर 11th और
7:0512th कहां आती है? वो सीनियर सेकेंडरी
7:08एजुकेशन में आती है। ठीक है? या साइड पे
7:10लिख देते हैं। जो आपकी नाइंथ एंड 10थ
7:12क्लास है ना 11th एंड 12थ वो सीनियर
7:15सेकेंडरी एजुकेशन में आती है।
7:18सीनियर सेकेंडरी एजुकेशन। इसके अंदर
7:22बच्चों आपका वो आता है आगे वाला जो आपकी
7:2511th क्लास और 12th क्लास होती है। 11th
7:28क्लास एंड 12th क्लास। तो बच्चों पहले
7:31स्कूल का ही समझ लो सिनेरियो कॉलेज में तो
7:33बाद में चलेंगे। एलिमेंट्री एजुकेशन कौन
7:35सी होती है? बिल्कुल बेसिक एजुकेशन। ठीक
7:37है? जिसमें आपकी प्राइमरी एजुकेशन एज वेल
7:40ऐ मिडिल लेवल एजुकेशन कवर होती है। जो
7:42आपकी आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई है उसको
7:45एलिममेंट्री एजुकेशन बोलते हैं। आगे इस
7:47चैप्टर में हम आगे पढ़ेंगे। हमारी इंडियन
7:49गवर्नमेंट भी जो मेजर पैसा खर्च कर रही है
7:51ना वो एलिममेंट्री एजुकेशन पे ही कर रही
7:53है। क्योंकि यार आठवीं क्लास तक बच्चे को
7:55बेसिक शिक्षा मिल जाती है। तो सबसे ज्यादा
7:58इन्वेस्टमेंट सरकार इसी सेक्टर पे कर रही
8:00है। ठीक है?
8:02सेकेंडरी एजुकेशन कौन सी है? नौवीं और
8:0410वीं कक्षा में। एंड सीनियर सेकेंडरी
8:06आपकी 11th एंड 12थ। तो भैया फिर कॉलेज
8:09यूनिवर्सिटी क्या होता है? हम तो करेंगे
8:10जी। वो क्या होता है? वो आपकी टर्शरी
8:13एजुकेशन के अंदर आते हैं। जो आपका कॉलेज
8:16एंड यूनिवर्सिटी है ना
8:19कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी वो आपका टर्शरी
8:22एजुकेशन के अंदर आता है। कौन सा यहां पर
8:24देख लो जो आपका कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी है
8:27ना कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी वाली पढ़ाई ये
8:31वाली पढ़ाई आपकी किस में आती है? टर्शरी
8:34एजुकेशन के अंदर।
8:37एक बार फटाफट से एजुकेशन इंडिया के अंदर
8:40कैसे चलती है? इसका एक क्विक रिकैप सुनिए
8:42भाई। ठीक है? फटाफट से हमारे यहां पर
8:45लगभग-लगभग चार तरीके से एजुकेशन चलती है।
8:47नंबर वन एलिममेंट्री एजुकेशन। एलिममेंट्री
8:50एजुकेशन कौन सी होती है आपकी यार? बिल्कुल
8:52प्राइमरी एजुकेशन प्लस मिडिल एजुकेशन
8:54जिसके अंदर आपकी आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई
8:56कवर्ड है। नेक्स्ट कम्स योर सेकेंडरी
8:59एजुकेशन जिसमें नौवीं और 10वीं कक्षा
9:02कवर्ड है। सीनियर सेकेंडरी 11वीं और
9:0512वीं। जैसे अभी आप लोग जो वीडियो देख रहे
9:07हो 12वीं क्लास वाले बच्चे आप अभी सीनियर
9:09लेवल की पढ़ाई कर रहे हो। सीनियर
9:11सेकेंडरी। ठीक है? एंड देन इसके बाद जब आप
9:13कॉलेज वगैरह स्टार्ट करेंगे वो टर्शरी
9:15एजुकेशन के अंदर आता है। एक जनरल सा फैक्ट
9:18अभी इसी पार्ट में बता दूं। हमारी भारत
9:20सरकार सबसे ज्यादा पैसा एलिममेंट्री
9:23एजुकेशन पर खर्च है और जो ठीक भी है।
9:26क्योंकि यार बाकी पढ़ाई तो बाद की बात है।
9:27पहले बच्चे को बेसिक तो आए। ठीक है? इसका
9:30फटाफट से एक स्क्रीनशॉट लीजिए। चांसेस ऐसे
9:33बिल्कुल नहीं है कि पेपर में डायरेक्ट वो
9:34आपसे पूछेगा कौन सी एजुकेशन में क्या होता
9:36है। फिर इसका फायदा क्यों? फिर ये टॉपिक
9:38किया क्यों? भाई एमसीक्यूस, केस स्टडी,
9:41वाइवा उन सारी जगहों पर कहीं ना कहीं ये
9:43वर्ड आपको देखने को मिलेंगे। तब आपको
9:46प्रॉब्लम ना हो। ठीक है? डेटा के केस में
9:48ये काम आएंगे कि इंडियन गवर्नमेंट का मेजर
9:50पैसा किस एजुकेशन पर जा रहा है। उसको आपको
9:52ये पता होनी चाहिए। फटाफट से इसका एक
9:54स्क्रीनशॉट लीजिए। ठीक है?
9:58हां जी। तो अब आपका आगे चैलेंजेस इन
10:01एजुकेशन क्या चल रहे हैं यार? हमारे यहां
10:03पर इंडिया में एजुकेशन के अंदर क्या-क्या
10:06चैलेंजेस आ रहे हैं? ठीक है? ये पेपर में
10:08पूछा भी जाता है क्वेश्चन कई बारी कि
10:10चैलेंजेस क्या है एजुकेशन में? अच्छा
10:13बच्चों चैप्टर में बचा क्या है? सुन लो
10:14फटाफट से। एजुकेशन के चैलेंजेस। उसके बाद
10:17गवर्नमेंट ने क्या-क्या करा है इंडियन
10:19एजुकेशन के लिए और थोड़ा बहुत चैप्टर का
10:22डेटा वगैरह कौन सी-कौ ऑर्गेनाइजेशन ने
10:24क्या-क्या करा है। सारा डेटा हम एक ही
10:26वीडियो में कवर करेंगे। चैप्टर का मेजर जो
10:28पूछा जाता है और जो आप अपने आंसर के अंदर
10:30लिखेंगे तो आपका आंसर ज्यादा बेटर
10:32प्रेजेंटेबल रहेगा। और छोटे-मोटे टॉपिक्स
10:35हैं। ह्यूमन कैपिटल और ह्यूमन डेवलपमेंट
10:37का डिफरेंस एक्सट्रा। ठीक है? अब चैलेंजेस
10:41क्या-क्या चल रहे हैं यार एजुकेशन के
10:42अंदर? हमारे यहां पर एजुकेशन वाली लाइफ
10:45में क्या-क्या चैलेंजेस हैं? तो यार सबसे
10:47बड़ा चैलेंज है लार्ज नंबर ऑफ़
10:51इलिटरेट्स।
10:53यार, ये हमने कल पढ़ा था इलिटरेट्स वाला
10:55टॉपिक। ठीक है? लार्ज नंबर ऑफ़ इलिटरेट्स।
10:58देयर इज़ अ डिफरेंस बिटवीन बीइंग एजुकेटेड
11:01एंड बीइंग लिटरेट। हमारे यहां पर बहुत
11:03सारे लोग आज भी इलिटरेट हैं। इलिटरेट कौन
11:06होते हैं यार? दोज़ हु कांट इवन
11:09रीड एंड राइट।
11:12हमारे यहां पर आज भी बहुत सारे हैं। आप
11:14कहोगे हमारे आसपास तो नहीं है भाई। आप अभी
11:16पूरा इंडिया नहीं घूमे। बहुत सारे गांव
11:19में, बहुत सारे जगहों पर इलिटरेट लोग आज
11:21भी बहुत सारे हैं। जिनको अभी सिर्फ रीड और
11:24राइट करना ही नहीं आता यार। तो एजुकेशन तो
11:27एक बहुत दूर की बात होगी। भी जिनको लिखना
11:30पढ़ना नहीं आता ना उस पॉइंट ऑफ़ व्यू से तो
11:32एजुकेशन बहुत ज्यादा बड़ा चैलेंजेस है।
11:34हमारे यहां पर आज भी बहुत सारे इलिटरेट
11:37हैं। हां एक सिटी हमारे यहां एक पूरा
11:40एरिया जिसने यहां पर सबसे ज्यादा लिटरेसी
11:42हासिल करी है वो है आपका केरला। ठीक है?
11:45बाकी बिहार साइड पर बहुत ज्यादा इलिटरेट्स
11:48आज भी प्रेजेंट है। ठीक है? एक पॉइंट आपका
11:50ये हो गया। इसके अलावा यार दूसरा पॉइंट
11:53हमारे यहां इंडियन एजुकेशन में ना
11:55इनएडीिक्वेट
11:58वोकेशनलाइजेशन है। इनएडीिक्वेट
12:01वोकेशनलाइजेशन है। इनएडीिक्वेट मतलब आधी
12:04अधूरी वोकेशनलाइजेशन है। यार हमारे यहां
12:06पर जो इंडिया में पढ़ाई है ना दैट इज
12:09हमारे यहां पर थ्योरी बेस्ड लर्निंग पे
12:12ज्यादा फोकस करा जाता है यार। ये हमने
12:14पॉइंट पहले भी डिस्कस करा था। हमारे यहां
12:16पर थ्योरी बेस्ड लर्निंग ज्यादा है।
12:19प्रैक्टिकल कोर्सेज प्रैक्टिकल एप्लीकेशन
12:22नहीं है। इतनी ज्यादा नो डाउट सरकार ने
12:25उसके लिए बहुत कुछ करा है। ठीक है? तो मैं
12:26100% ये तो नहीं बोल सकता कि है ही नहीं।
12:29क्योंकि अब हम बैठे हैं यार ये वीडियो अभी
12:312025 में शूट हो रही है और 2020 में एनईपी
12:35ल्च करी थी सरकार द्वारा न्यू एजुकेशन
12:36पॉलिसी जिसके अंदर अब आपके कॉलेजेस वगैरह
12:39में भी वोकेशनल कोर्सर्सेस आए हैं। बट फिर
12:41भी उतनी ज्यादा वोकेशनलाइजेशन नहीं है।
12:44थ्योरी बेस्ड लर्निंग ज्यादा है।
12:45प्रैक्टिकल कोर्सर्सेस इतने हैं नहीं तो
12:47वही होता है। अब इसकी वजह से होता क्या है
12:50वो भी आप जान लो। इस बात से तो आप भी
12:52एग्री करेंगे कि हमारे यहां बहुत सारे लोग
12:54अपनी पढ़ाई पूरी कर लेते हैं। बट दे आर
12:57नॉट लकी इनफ टू गेट अ जॉब या दे आर नॉट
12:59लकी इनफ टू गेट अ सिक्यर्ड एंड अ बेटर
13:01जॉब। होता क्या है यार बच्चे ने 12वीं तक
13:04की अपनी सीनियर सेकेंडरी एजुकेशन कवर करी।
13:07उसके बाद भाई बच्चे ने अपनी कहीं ना कहीं
13:09से बैचलर्स करी। एट द एंड क्या 15,000 में
13:12मजदूरी। और ये फैक्ट है आपकी यहां पर अगर
13:15आप पढ़ाई कर रहे हो आपकी बार ये ग्रेजुएशन
13:19कंप्लीट होने के बाद 15 से 2000 की नौकरी
13:21लगती है। रीज़न क्या है? और वहां जाकर आपको
13:24पता लगता है यार जो आपने कॉलेज में पढ़ा था
13:26ये कुछ भी नहीं है। कंपनी वाले भी अपनी
13:28जगह कह देते हैं यार हम क्यों दे आपको
13:30पैसे? आपको कौन सा कुछ आता है? क्योंकि
13:32लिटरली जो आप लोगों ने पढ़ाई करी है अपने
13:34स्कूल में, कॉलेजेस में वहां पर जाकर
13:37कॉर्पोरेट वर्ल्ड में या रियल लाइफ में
13:38वैसा कुछ नहीं है। ठीक है? दैट इज़ फॉर
13:42अवे। वो पीएचडी वगैरह में काम आती है वो
13:44पढ़ाई। ठीक है? स्पेशली अगर आप एजुकेशन
13:46लाइन में हो बट हर कोई तो एजुकेशन लाइन
13:48में नहीं है ना। तो इनएडीिक्वेट
13:50वोकेशनलाइजेशन है यार हमारे देश के अंदर।
13:52इसके अलावा भाई एक आपका फेवरेट टॉपिक
13:55जेंडर बायसनेस तो भर-भर के है।
13:58छोरी छोरों से कम है कि अब सही में है।
14:00ऐसा यहां पे पढ़ाई के मामले में तो बहुत
14:02ज्यादा है। और बीच में ये चीज़ ना थोड़ी ठीक
14:05हो गई थी। आजकल फिर बढ़ने लग गई है। वजह
14:08एजुकेशन यार अगर आप कोविड के बाद से भी एक
14:10ट्रेंड देखें ना एजुकेशन बहुत महंगी हो गई
14:12है। तो फिर वही बात है घर में दो बच्चे
14:15हैं। लड़का और लड़की लड़के को पढ़ा देते
14:17हैं। लड़की को तो एट द एंड दूसरे घर जाना
14:19है। अपने आप देख लेगी। ससुराल वालों ने
14:21पढ़ाना होगा तो पढ़ा देंगे। और फिर लोग
14:23ऐसी-ऐसी बातें करते हैं कि लड़की तो जी
14:26अपनी किस्मत लेके आती है। उसकी किस्मत में
14:28होगा तो ससुराल वाले पढ़ा देंगे। एक्सट्रा
14:30एक्सट्रा जेंडर बायसनेस बहुत ज्यादा है।
14:33ठीक है? ये एक आधा पॉइंट है यार। आपकी हर
14:35जगह इंडियन इकॉनमी में एक डीमैरिट में
14:37लिखा जा सकता है। जेंडर बायसनेस बहुत है।
14:40लोग लड़कियों को पढ़ा के राजी नहीं है। और
14:42कुछ-कुछ जगहों पे तो मेंटालिटी भी है कि
14:44लड़की ज्यादा बढ़ जाती है तो उस सर पे चढ़
14:46जाती है। ठीक है? वो वाला सिनेरियो। इसके
14:50अलावा भाई लो रूरल एक्सेस लेवल।
14:57गांव वगैरह में इतना ज्यादा एक्सेस लेवल
15:00नहीं है एजुकेशन का। आज की नो डाउट आपके
15:03माइंड में साथ-साथ ऐसे पॉइंट्स आ सकते हैं
15:06कि भैया ये आप क्या बोल रहे हो? हमारे
15:07गांव में तो सरकारी स्कूल है। वो हम
15:09पढ़ेंगे भाई। वो टॉपिक है अभी कि
15:11गवर्नमेंट ने क्या-क्या करा है। शायद हो
15:13सकता है आपके गांव में हो। आपके पड़ोसी के
15:15गांव में हो, आपके रिश्तेदार के गांव में
15:17हो। लेकिन सारे गांव में आज भी नहीं है।
15:19ठीक है भाई? आप और भी देखो यार रेस्ट
15:22पार्ट ऑफ द इंडिया बहुत सारी जगहों पे आज
15:24भी गांव में एजुकेशन एक्सेसबल नहीं है।
15:28इतनी ईजीली एक्सेसबल नहीं है। और भी दो
15:30तीन पॉइंट है। पहले इसका स्क्रीनशॉट लीजिए
15:32फटाफट से। ठीक है?
15:35नेक्स्ट पॉइंट
15:38प्राइवेटाइजेशन। इसकी तो बात ही नहीं करी
15:41थी अभी तक। प्राइवेटाइजेशन
15:46सबसे बड़ा चैलेंज है भाई आजकल। आज की डेट
15:49में ना वेले बैठ के सोचना बच्चे पढ़ाना
15:52बहुत डिफिकल्ट काम है। पढ़ाना मतलब टीचिंग
15:54वाला नहीं जो मैं कर रहा हूं वो वाला
15:56सिनेरियो नहीं बच्चों की फीस निकालना उनके
15:59खर्चे निकालना फिर ऊपर के खर्चे स्कूल बस
16:02आप बस कैलकुलेट करो आज की डेट में ऑन एन
16:04एवरेज ना आप लोग अपने पेरेंट्स को ना करते
16:07हुए भी ना 7 से 10 महीने के मिनिमम पढ़ ही
16:10रहे हो। अब कहोगे भैया यह तो आपने ही
16:12बताया था इन्वेस्टमेंट होती है। होती है।
16:14लेकिन यार अभी करेंटली तो आपके पेरेंट्स
16:16को अपनी जेब से निकालना पड़ रहा है। आपके
16:18पेरेंट्स को आपके गार्डियंस को। तो ये
16:20बड़ा एक चैलेंज आ रहा है। प्राइवेट सेक्टर
16:22बढ़ता जा रहा है एजुकेशन वाली लाइन में और
16:24प्राइवेट सेक्टर में आप खुद अपने स्कूल्स
16:26के हाल देख लो। ठीक है? सारी एजुकेशन बहुत
16:28ज्यादा क्या हो चुकी है? महंगी हो चुकी
16:30है। प्राइवेट सेक्टर स्कूल में मतलब
16:32जूनियर जूनियर क्लासेस की फीस साल की
16:34लाखों में पड़ जाती है। फिर फीस ट्यूशन
16:36फीस स्कूल वाले भी अलग से ट्यूशन फीस
16:38चार्ज कर रहे हैं। एडमिशन फीस अलग
16:40यूनिफार्म एक्सपेंसेस। फिर हफ्ते में दो
16:42दिन अलग-अलग यूनिफार्म डालोगे। फैंसी
16:44ड्रेस फैंसी टिफिन कभी इवेंट है। कभी
16:47स्कूल वाले आपसे फोर शीट्स के पैसे मंगा
16:49रहे हैं। कुछ नहीं तो आपकी एब्सेंटिज्म
16:51में फाइन ही काटे जा रहे हैं। आपके बस
16:54एक्सपेंसेस फिर स्कूल वालों ने अगर गर्मी
16:56में आपकी एसी बस कर दी तो उसका अलग खर्चा
16:58आपका। ठीक है? तो ऊपर के खर्चे मिला के भी
17:01प्राइवेट सेक्टर बहुत ज्यादा लूट रहा है
17:03इस टाइम एजुकेशन में। प्राइवेटाइजेशन बहुत
17:05हो गई है। तो ये ना एक कॉमन मैन के लिए
17:09एक्सेसबल नहीं रहा। अब कॉमन मैन कह लो या
17:11फिर एक मिडिल क्लास के लिए कह लो।
17:15मिडिल क्लास और पुअर क्लास के लिए ना अब
17:17एजुकेशन उतनी अफोर्डेबल नहीं रही है भाई।
17:21आज की डेट में अगर आप लोगों को आपके
17:23पेरेंट्स पढ़ा रहे हैं ना तो यू आर लकी
17:25इनफ। प्राइवेटाइजेशन बहुत है। इसके चक्कर
17:28में बहुत लोगों की पढ़ाई भाई रह रही है।
17:30एक बार डाटा चेक करो। ड्रॉप आउट रेट बढ़
17:32गया है। वजह यार पेरेंट्स अफोर्ड ही नहीं
17:34कर पा रहे। चलो बहुत अच्छी बात है। आप
17:37लोगों के पेरेंट्स ने अफोर्ड कर भी लिया।
17:38यार जो पेरेंट्स जो लोग कमाई ही महीने का
17:4210-15,000 रहे हैं वो चारप लोगों की
17:44फैमिली कहां से चला लेंगे? प्लस आपकी
17:46पढ़ाई। ठीक है? तो ड्रॉप रेट्स बहुत बढ़
17:49गए हैं। और एक और पॉइंट आपका ये भी है जो
17:52अभी हमने वोकेशनलाइजेशन में पढ़ा था। इतनी
17:55इन्वेस्टमेंट करने के बाद कौन सी जॉब की
17:56गारंटी है कि आपकी जॉब लग जाएगी और लगेगी
17:59भी तो कौन सी अच्छी लगेगी वो वाला पॉइंट आ
18:01जाता है। तो ये एक चैलेंज है। इसके अलावा
18:04भाई
18:06नो डाउट ध्यान से सुन लेना पॉइंट फिर
18:08लिखना। नो डाउट सरकार ने बहुत खर्चा करा
18:11है एजुकेशन पर। गांव-गांव में सरकारी
18:14स्कूल खोले हैं। मानते हैं सरकार की तारीख
18:16है। राइट टू एजुकेशन आठवीं तक की पढ़ाई वो
18:18सब हम पढ़ेंगे। लेकिन फिर भी जितना
18:21गवर्नमेंट वादा करती है वो पूरा नहीं है।
18:23गवर्नमेंट ने वादा करा हुआ है कि हम 6%
18:27जीडीपी का एजुकेशन पर लगाएंगे। लेकिन
18:30एक्चुअल में वो 4% ही लगा पाते हैं। ये एक
18:32पॉइंट आ जाता है।
18:35लो गवर्नमेंट
18:39एक्सपेंडिचर
18:42ऑन एजुकेशन।
18:45सरकार का एजुकेशन पर एक्सपेंडिचर अभी भी
18:48कम है। आप कहोगे इससे ज्यादा क्या करें?
18:51जी बहुत कुछ कर रहे हैं। हमारे पड़ोसी के
18:53बच्चे सरकारी स्कूल जाते हैं। उनको सिम भी
18:55मिलता है वहां पर। भाई गवर्नमेंट ने वादा
18:586% का करा हुआ है और ठीक है गवर्नमेंट ने
19:00जो कमिटमेंट करी हुई है ना वादा कमिटमेंट
19:03जो सरकार ने कर रखी है कमिटमेंट जो है
19:06सरकार की वो 6% ऑफ द जीडीपी की है सरकार
19:09ने जो कमिटमेंट करी है ना वो 6% ऑफ़ जीडीपी
19:11की कर रखी है कि हम जीडीपी का 6% लगाएंगे
19:15बट एक्चुअल में क्या हो रहा है एक्चुअल
19:17में 45% ही कंट्रीब्यूट हो रहे हैं और ये
19:20हर साल क्या है भाई हर साल 2-2% वाला गैप
19:23अब आप खुद देख लो ठीक है गवर्नमेंट का
19:25वादा है कि हम कंट्रीब्यूट करेंगे 6% ऑफ़
19:28जीडीपी। लेकिन एक्चुअल में 4% ऑफ़ जीडीपी
19:30का ही कंट्रीब्यूशन सरकार द्वारा रहता है।
19:32तो यार ये कुछ 4 से 5% ठीक है? ये कुछ
19:35चैलेंजेस थे जो इंडियन एजुकेशन में आ रहे
19:38हैं और जिसके चक्कर में यहां पर प्रॉब्लम
19:40होती जा रही है। एक बार फटाफट से अगर हमें
19:43क्विक रीकैप करें इसका जल्दी से। जस्ट अ
19:45सेकंड। हां। तो ये छह पॉइंट्स क्या थे
19:49यार? जो चैलेंजज़ इन एजुकेशन आ रहे हैं।
19:50फटाफट से सुनिएगा। क्या-क्या चैलेंजज़ हैं?
19:52एक तो लार्ज नंबर ऑफ़ इलिटरेट्स। आज भी
19:55आपके देश में बहुत सारे लोग ऐसे हैं
19:57जिन्हें रीड और राइट करना नहीं आता। तो
19:58यार एजुकेशन तो बहुत दूर की बात है। सेकंड
20:01इनएडीिक्वेट वोकेशनलाइजेशन। वोकेशनल
20:04कोर्सर्सेस उतने अच्छे हैं नहीं। ठीक है?
20:05थ्योरी थ्योरी नॉलेज है। प्रैक्टिकल नॉलेज
20:07है नहीं। तो अगर मतलब हम ना पेरेंट्स ये
20:09चीज़ देखते हैं कि यार दो बच्चे थे बड़े
20:11लड़के को पढ़ा लिया। उसने पढ़ लिख के क्या कर
20:13लिया? लोगों का सही में ये माइंडसेट है
20:15भाई। क्योंकि वो ये है कि उसने क्यूरी
20:19बेस्ड पढ़ाई करी। जो था उस टाइम देश में
20:22उसके बाद क्या हुआ? जॉब नहीं लगी। धक्के
20:24खा रहे हैं। ठीक है? तो पेरेंट्स सोचते भी
20:26है यार कितनी पढ़ाई पे आपके खर्चा करके
20:28फायदा क्या? ठीक है? उसके बाद आपका
20:31प्राइवेट सेक्टर बहुत ज्यादा है। प्राइवेट
20:32सेक्टर बहुत ज्यादा हो गया है। उसके चक्कर
20:34में पढ़ाई महंगी भी हो गई है। जेंडर
20:36बायसनेस है। रूरल एरियाज में एक्सेस अभी
20:38भी कम है। और सरकार का जो एक्सपेंडिचर है
20:40एजुकेशन पर वो भी कम है बच्चों। गवर्नमेंट
20:42कमिटमेंट करती है हम 6% लगाएंगे जीडीपी
20:44का। ये डाटा जरूर लिख के आना। लेकिन
20:46एक्चुअल में सरकार 4% ही लगा रही है
20:48जीडीपी का। अब आगे क्या बचा है यार इस
20:51चैप्टर में? आ गए छोटे-मोटे टॉपिक्स। एक
20:53तो बहुत हो गया यार। इस वीडियो में मेरे
20:56को खुद ऐसा लगा कि सरकार की थोड़ी सी
20:58बुराई या थोड़ा सा नेगेटिव पॉइंट हमने
21:00बोले। तो अगले पार्ट के अंदर टेंशन ना
21:02लीजिए। ठीक है? आपकी गवर्नमेंट की बुराई
21:04नहीं करेंगे। अगले पार्ट के अंदर
21:06गवर्नमेंट ने इंडियन एजुकेशन के लिए
21:07क्या-क्या करा है? कौन सी-कौ सी कमिटीज़
21:10बनाई है। ठीक है? कौन सी राइट टू एजुकेशन
21:12एक्ट आई है? न्यू इकोनमिक न्यू एजुकेशन
21:15पॉलिसी एनसीईआरटी
21:17एआईसीटीई
21:19एम्स आईएमआर और जितना कुछ है पीजीआई जो भी
21:23कुछ गवर्नमेंट ने एजुकेशन और हेल्थ से
21:25रिलेटेड देश के लिए करा है ना स्पेशली
21:27ज्यादा फोकस एजुकेशन पे रहेंगे वो सब हम
21:30अगले पार्ट में डिस्कस करेंगे। ठीक है?
21:33अगले एक से दो पार्ट्स के अंदर ये चैप्टर
21:35वाइंड अप हो जाएगा। ठीक है? जो भी डाउट्स
21:38होंगे प्लीज लेट मी नो। ठीक है? इस वीडियो
21:40के लिए इतना ही।