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0:01हेलो 10th क्लास। इस वीडियो के अंदर ब्रो
0:04हम कवर करेंगे 10थ क्लास का इलेक्ट्रिसिटी
0:07चैप्टर। ठीक है? बहुत सारे स्कूल्स में
0:10अभी पीरियडिक एग्जाम्स के अंदर
0:12इलेक्ट्रिसिटी चैप्टर आना है। ठीक है?
0:14वैसे ये चैप्टर बहुत बड़ा है। इस वीडियो के
0:17अंदर हम इसके इंपॉर्टेंट टॉपिक्स, थोड़े
0:19न्यूमेरिकल्स, थोड़ी थ्योरी टॉपिक्स जो
0:21इंपॉर्टेंट है वो हम कवर करेंगे। जिससे कि
0:24आपको आपके पीरियडिक एग्जाम्स या और कुछ
0:26स्कूल्स में हाफ ईयरली में भी आना है।
0:28वहां पर आपको हेल्प मिलेगी। बाकी ऑफलाइन
0:30के अंदर तो बेटा ये वाला चैप्टर आराम से
0:32ही चलेगा थोड़ा लेट टाइम पर। तो अभी जिन
0:35स्कूल्स के अंदर ये चैप्टर आना है शॉर्ट
0:37में बेसिकली पीरियडिक्स वगैरह के अंदर
0:39पीरियडिक में सेशनल में जो आपके रेगुलर
0:41मंथली टेस्ट है उनके अंदर तो वहां पर आपको
0:44हेल्प मिलेगी क्योंकि आप लोगों की भी
0:45कोचिंग्स वगैरह पे ये चैप्टर अक्सर बाद
0:47में ही करवाया जाता है। पहले लाइट वगैरह
0:50चल रहा होता है। तो इसलिए यहां पर इसको हम
0:52डिस्कस करेंगे शॉर्ट में। अब जरा फटाफट से
0:54सुनना भाई बिल्कुल बेसिक जल्दी-जल्दी से।
0:57इलेक्ट्रिसिटी जो होती है ना वो होती है
0:59दो तरह की। एक होती है स्टैटिक
1:01इलेक्ट्रिसिटी, एक होती है करंट
1:03इलेक्ट्रिसिटी। पहले अगर हम इन दो की बात
1:05करें, स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी कौन सी होती
1:08है भाई? जो निंजा हथौड़ी में क्यों नहीं
1:11करता था, शीशा सा अपनी बॉडी से रब करके
1:13चार्ज प्रोड्यूस कर देता था। वो स्टैटिक
1:15इलेक्ट्रिसिटी होती है। ठीक है? चार्जिंग
1:18ऑफ़ एन ऑब्जेक्ट बाय रबिंग इट विद अनदर
1:21ऑब्जेक्ट। किसी ऑब्जेक्ट का चार्ज हो जाना
1:23दूसरे ऑब्जेक्ट से रब होने से उसको
1:25स्टार्टिंग इलेक्ट्रिसिटी कहते हैं। जैसे
1:27भाई आप सब ने बचपन में वो करा होगा ना
1:29स्कूल में या फिर घर पे कॉम्ब को बालों
1:31में रब करा और फिर छोटे-छोटे बिट्स ऑफ
1:33पेपर को उससे चिपका के दिखाया। देखो जी ये
1:35क्या हुआ? वो एग्जांपल या फिर बैलून को
1:38बालों से रब करके आपने कहीं चिपका दिया।
1:41अब ये कैसे होता है भाई? ध्यान से सुनो।
1:43हर ऑब्जेक्ट के अंदर ना इलेक्ट्रॉन्स तो
1:45प्रेजेंट ही होते हैं। अब कई बार अक्सर
1:47आपने देखा होगा कि हम अक्सर कभी-कहीं जगह
1:50सर्दियों में ज्यादा होता है। किसी जगह टच
1:52करते हैं एकदम से करंट लगता है या एकदम से
1:54किसी से हैंडशेक करा एकदम से आपको करंट सा
1:56लगा। झटका सा महसूस हुआ। बेटा कुछ नहीं
1:59होता। वहां पर वो कोई एक फ्री इलेक्ट्रॉन
2:00बैठा होता है और वो थोड़ा चार्ज हो रखा
2:03होता है। तो जैसे ही आप उसको टच करते हो
2:05वो आपको अपनी प्रेजेंस दिखा देता है कि
2:07भाई मैं जिंदा हूं। आई एम आल्सो देयर। अब
2:10ज्यादा चार्ज जो है ना वो रबिंग से
2:12प्रोड्यूस होता है। आपने अक्सर वो मेरे
2:13ख्याल YouTube वगैरह पे, Instagram वगैरह
2:15पे वो रील चलते हुए देखी होगी कि दो लोग
2:19बैठे हुए हैं। एक ने भाई एक के सर पे कोई
2:21कपड़ा सा रब करा और उसने ऐसे गैस स्टोफ की
2:24तरफ उंगली करी और उसमें आग लग गई। वो
2:26स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी है भाई। चार्ज
2:28प्रोड्यूस हो जाता है। एक्चुअली क्या होता
2:30है? चार्ज प्रोड्यूस हो जाता है। तो
2:32स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी को कैसे लिखेंगे?
2:34चार्जिंग ऑफ़ एन ऑब्जेक्ट बाय रबिंग इट विद
2:37अनदर ऑब्जेक्ट इज़ नोन ऐज़ या इज़ कॉल्ड
2:39स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी। एग्जांपल कॉम्ब और
2:42पेपर बिट्स वाला एग्जांपल समझा सकते हो।
2:44बैलून को बालों से रब करा और फिर उसको
2:46कहीं चिपका दिया वो एग्जांपल समझा सकते
2:48हो। ठीक है? वो चीज़ होती है। सर्दियों में
2:50अक्सर आप जब वूलन क्लोथ्स चेंज कर रहे
2:52होते हैं तो वो क्रैकलिंग साउंड आता है।
2:54वो सारी चीजें। अब बेटा हमारा ये जो
2:56चैप्टर है ना ये फोकस करेगा करंट
2:59इलेक्ट्रिसिटी पे। स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी
3:01पे नहीं। तो इसके बारे में बस आपको बेसिक
3:03इतना पता होना चाहिए। अगर बाय चांस कुछ
3:05नहीं दिख रहा स्क्रीनशॉट ले रहे हो तो
3:07जस्ट अ सेकंड अब ले लेना। ठीक है? अब आगे
3:11करंट इलेक्ट्रिसिटी क्या होती है भाई? ये
3:13पूरा हमारा चैप्टर है। करंट
3:15इलेक्ट्रिसिटी। जब किसी कंडक्टर में या जब
3:18किसी सर्किट के अंदर चार्ज दौड़ता है ना,
3:21उसको हम बोलते हैं करंट इलेक्ट्रिसिटी। जब
3:24किसी सर्किट में या जब किसी कंडक्टर में
3:27बेटा कंडक्टर वो सब्सटेंसेस होते हैं जो
3:29इलेक्ट्रिसिटी को सपोर्ट करते हैं। अब
3:31इंसुलेटर से थोड़ी करंट फ्लो करेगा। कल्ले
3:33प्लास्टिक से थोड़ी कर जाएगा भाई। कंडक्टर
3:35से ही करेगा ना। तो जब किसी कंडक्टर से एक
3:39चार्ज दौड़ता है ना उसको हम करंट
3:41इलेक्ट्रिसिटी बोलते हैं। एग्जांपल के तौर
3:43पर जैसे मान लो आपने बल्ब ऑन करा। जैसे ही
3:47आप बल्ब ऑन करते हो। इलेक्ट्रिक करंट तार
3:49के थ्रू। तार क्या है? तार एक कंडक्टर ही
3:51तो है जो बिजली को सपोर्ट कर रही है। तार
3:54के थ्रू फ्लो करता है और बल्ब को जला देता
3:57है। इसी के बारे में हमने आगे पढ़ना है।
3:59तो फटाफट से स्क्रीनशॉट लीजिए और नोट करिए
4:01इसको। फिर आगे नेक्स्ट टॉपिक।
4:05अब देखो भाई आगे। मैंने अभी आपको बताया कि
4:08हम पढ़ेंगे करंट इलेक्ट्रिसिटी यहां पर।
4:10ठीक है? तो करंट इलेक्ट्रिसिटी के अंदर
4:12हमें पहले शुरुआती कुछ बेसिक टर्म्स पता
4:14होनी चाहिए। नंबर वन इज़ योर इलेक्ट्रिक
4:17चार्ज। ध्यान से देखना क्या होता है। देखो
4:19भाई, न्यू वर्ड्स हैं। मैं मानता हूं
4:21एग्रीड। ठीक है? न्यू वर्ड्स हैं, न्यू
4:23टर्म्स हैं। बट यार पढ़ाई तो उसी को कहते
4:24हैं ना? तो अब इलेक्ट्रिक चार्ज।
4:28इलेक्ट्रिक चार्ज को बेटा डिनोट किया जाता
4:30है q से। ठीक है? इलेक्ट्रिक चार्ज का
4:33मतलब क्या होता है? चार्ज का मतलब होता है
4:36किसी कंडक्टर में इलेक्ट्रॉन्स का दौड़ना।
4:38ठीक है? फ्लो ऑफ़ इलेक्ट्रॉन्स इन अ
4:41कंडक्टर। किसी कंडक्टर में इलेक्ट्रॉन्स
4:44के दौड़ने को चार्ज कहते हैं भाई। क्योंकि
4:46देखो यार एक थोड़ी और तुम्हें ऑफ द टॉपिक
4:49बात बता देता हूं। अगर कोई कंडक्टर में
4:52करंट नहीं चल रहा मान लो आपने स्विच ऑफ कर
4:54रखा है या स्विच ऑन नहीं कर रहा जो भी है।
4:56ठीक है? उस टाइम पर जो कंडक्टर्स कंडक्टर
4:59के अंदर के इलेक्ट्रॉन्स है ना मान लो ये
5:01कोई कंडक्टर है। इसके इलेक्ट्रॉन्स ना
5:03अंदर ऐसे फ्रीली एक जगह से दूसरी जगह पड़े
5:06रहते हैं। लेकिन जैसे ही आप चार्ज पास
5:11करते हो या मतलब जैसे ही आप करंट ऑन करते
5:14हो। ठीक है? जैसे ही आप स्विच को ऑन करोगे
5:17उस टाइम पर भाई ये चार्ज अप हो जाते हैं।
5:20उसी टाइम पर ये चार्ज अप हो जाते हैं और
5:22लाइन से अरेंज हो जाते हैं और फ्लो करने
5:25लग जाते हैं एक एंड से दूसरे एंड तक। तो
5:28ये एक्चुअली ये चार्ज ही है जो क्या
5:31करवाता है? करंट सपोर्ट करता है। ठीक है?
5:34इस चार्ज की वजह से जैसे कई बार आपने देखा
5:37भाई आप रियल लाइफ में बोलते हो यार यार इस
5:38बीच में चार्ज आ रहा है कि नहीं आ रहा?
5:40करंट आ रहा है कि नहीं आ रहा? एक्चुअली
5:42क्या होता है भाई? करंट इज डिपेंडेंट ऑन
5:44चार्ज। तो और चार्ज का मतलब क्या होता है?
5:48इलेक्ट्रॉन्स का भारी। चार्ज को डिनोट
5:50किया जाता है q से। ये इसकी डिनोशन है। और
5:53इसकी स्टैंडर्ड यूनिट है कूलम्स। चार्ज को
5:55ना कूलम में मेजर करा जाता है। कूलम नहीं
5:57है बेटा वो कूलम। दो कूलम का चार्ज, तीन
6:00कूलॉम का चार्ज, 6 कूलॉम का चार्ज
6:02एक्सट्रा। इसके बेटा दो फॉर्मूले हैं। एक
6:04q = it बहुत ज्यादा यूज़ होगा। और सिर्फ एक
6:08पर्टिकुलर टाइप के क्वेश्चन के लिए q = ne
6:11ये एक-एक टर्म हमने पढ़नी है भाई। q होता
6:14है चार्ज I होता है करंट अभी पढ़ेंगे और t
6:16होता है टाइम। q चार्ज n होता है नंबर ऑफ़
6:19इलेक्ट्रॉन्स और e होता है चार्ज ऑफ़ वन
6:21इलेक्ट्रॉन। एक नंबर के लिए इंपॉर्टेंट
6:23एमसीक्यू है भाई पीरियडिक के लिए। चार्ज
6:25ऑफ़ वन इलेक्ट्रॉन क्या होता है? अभी सारा
6:27हम आगे लिखेंगे इस वीडियो के अंदर कि एक
6:29इलेक्ट्रॉन का चार्ज क्या होता है? तो
6:31पहले यहां तक की बेसिक बात समझ लो भाई।
6:33चार्ज का मतलब होता है इलेक्ट्रॉन्स का
6:35भागना। क्योंकि भाई वो डिवाइस वर्क तभी
6:37करेगा जब उसके इलेक्ट्रॉन्स दौड़ रहे
6:40होंगे। ठीक है? अदरवाइज नहीं करेगा। तो
6:42चार्ज का मतलब ही यही होता है भाई
6:43इलेक्ट्रॉन्स का भागना। अब जब किसी
6:47कंडक्टर में कुछ समय के लिए चार्ज दौड़ता
6:51है उसी को हम करंट बोलते हैं। ठीक है?
6:53करंट क्या होता है? करंट को बेटा डिनोट
6:56किया जाता है I से। द रेट ऑफ फ्लो ऑफ
7:00चार्ज इन अ कंडक्टर इज कॉल्ड करंट। बेटा
7:03एक बात बहुत पहले सिखाई थी दोबारा सुन
7:05लेना जिन बच्चों को नहीं पता। रेट ऑफ का
7:09मतलब होता है डिवाइड कराना टाइम से। रेट
7:12ऑफ़ जहां लिखा मिल जाए ना आपको उसका मतलब
7:14उसको आपने टाइम से डिवाइड कराना है। तो
7:16यार क्या लिखा हुआ है? रेट ऑफ़ फ्लो ऑफ़
7:20चार्ज। इसका मतलब अगर करंट का मुझे
7:22फार्मूला बनाना है, तो मुझे चार्ज को रेट
7:25ऑफ़ लिखा हुआ है ना, टाइम से डिवाइड कराना
7:28पड़ेगा। यही इसका फार्मूला होता है। करंट
7:31को डिनोट करते हैं I से और इसकी एसआई
7:33यूनिट है एंपियर। क्यों पढ़ी भाई? एक फीमेल
7:36साइंटिस्ट थी मैरी एंड्री एंपियर।
7:38उन्होंने करंट की डिस्कवरी करी थी। ये
7:40करंट इलेक्ट्रिसिटी की फील्ड में बहुत बड़ा
7:42उनका योगदान था। तो इस वजह से उनके नाम के
7:45रिस्पेक्ट में जैसे फोर्स पे न्यूटन लगाते
7:47हो आप एसआई यूनिट। तो इसलिए इसकी एसआई
7:50यूनिट एंपियर है। ठीक है? कौन सी फीमेल
7:52साइंटिस्ट थी भाई? मैरी एंड्री एंपियर।
7:54नाम फेमस है। नाम याद रखना। ठीक है?
7:56फार्मूला कैसे बनता है? I = Q/ T भाई
7:59लॉजिक क्या है फ़ूले का वो भी देख लो। जब
8:02भी किसी चीज़ से पहले रेट ऑफ़ लिखा जाए। जिन
8:04बच्चों को नहीं पता अलग से नोट कर लो।
8:06कहीं पर रेट ऑफ़ लिखा मिल जाए। रेट ऑफ का
8:08मतलब है डिवाइड करेंगे टाइम से। किससे
8:10पहले रेट ऑफ़ लिखा है? चार्ज से पहले। तो
8:12चार्ज को चार्ज यानी Q को डिवाइड करेंगे
8:15टाइम से। और अगर नहीं भाई, आपने रट्टा ही
8:18मारना है, तो यार इस फ़ूले से डिराइव कर
8:19लो। आपको पता है Q = IT होता है। तो अगर I
8:24की वैल्यू निकालना है टाइम यहां जाके क्या
8:26हो जाएगा? d / d तो पे होगा तो ऐसे बन
8:28जाएगा भाई। नेक्स्ट भाई सबसे इंपॉर्टेंट
8:31टॉपिक जो डिफाइन करने को भी बहुत बार आता
8:33है एग्जाम में। बेटा पोटेंशियल डिफरेंस जो
8:36है ना ये डिफाइन करने को बहुत एग्जाम्स
8:38में आता है। इवन बोर्ड्स तक में आ जाता है
8:40यार डिफाइन पोटेंशियल डिफरेंस। और ये
8:43थोड़ा ऐसा वर्ड भी है जो आपने थोड़ा सुना
8:45नहीं। पहले चार्ज सुना होगा, करंट सुना
8:48होगा रियल लाइफ में। पोटेंशियल डिफरेंस भी
8:50सुना। बेटा जब तक पोटेंशियल डिफरेंस नहीं
8:52आता ना तब तक कुछ नहीं हो सकता। मुझे एक
8:55बात बताओ अगर अभी-अभी हमने पढ़ा चार्ज का
8:59मतलब होता है इलेक्ट्रॉन्स का भागना और
9:01करंट का मतलब होता है चार्ज का दौड़ना। तो
9:03बेसिकली करंट के लिए चार्ज जरूरी है।
9:07चार्ज के लिए इलेक्ट्रॉन्स का भागना जरूरी
9:09है। बेटा ये सब चीजें एनर्जी तो लेंगी ना।
9:13मुझे बताओ ऐसे तो नहीं यार कोई इलेक्ट्रॉन
9:15भी है। वो तो अपना मस्त रेस्ट पे फैला हुआ
9:17लेटा हुआ है। जब आप करंट ऑन कर रहे हो।
9:21ऐसा क्या हो जाता है एकदम से कि यार वो
9:23मोशन में आगे भागने लग जाता है और अब जैसे
9:25आपके यार गर्मियां चल रही है, पंखे हैं,
9:28एसी है, रेफ्रिजरेटर है। भाई ये तो
9:30कंटीन्यूअसली चलते जा रहे हैं। तो इनके जो
9:33इलेक्ट्रॉन्स हैं उनको सीधा ऐसे भागने के
9:36लिए कोई तो दे रहा होगा एनर्जी। वो सोर्स
9:39ऑफ एनर्जी जो होता है ना वो पोटेंशियल
9:40डिफरेंस होता है भाई। पोटेंशियल डिफरेंस।
9:43वर्क डन कितना करा उन्होंने? अब पोटेंशियल
9:46डिफरेंस। इसको ना समझाने के लिए भी ऐसे
9:48एग्जांपल लिया जाता है कि मान लो ये कोई
9:51कंडक्टर है। मान लो ये कोई तार है अंदर
9:52से। अब इस तार में अगर आपने इलेक्ट्रॉन्स
9:56को भगवाना है। मान लो किसी A पॉइंट से B
9:59पॉइंट तक। तो भाई ये A पॉइंट से B पॉइंट
10:02तक जो इलेक्ट्रॉन्स दौड़ेंगे
10:05A पॉइंट से B पॉइंट तक ये जो इलेक्ट्रॉन्स
10:08दौड़ेंगे कितना वर्क डन लगेगा इसके लिए? वो
10:12पोटेंशियल डिफरेंस होता है। बेटा ध्यान
10:14रखना। कोशिश करना इस डेफिनेशन को भी साथ
10:17के साथ लर्न कर लो क्योंकि बाद में रहती
10:19रहती रह जाएगी और ये पेपर में आ जाएगी।
10:21पोटेंशियल डिफरेंस बिटवीन टू पॉइंट्स A
10:23एंड B अगर दो पॉइंट्स हैं A और B इनके बीच
10:27का पोटेंशियल डिफरेंस क्या होता है? कितना
10:29वर्क डन लगेगा? कितना काम करना पड़ेगा? एक
10:32कूलॉम ऑफ़ चार्ज को एक पॉइंट से दूसरे
10:35पॉइंट भिजवाने पर। अब आपके मन में डाउट आ
10:37सकता है भैया आपने तो यहां एक कूलम ऑफ़
10:39चार्ज लिखा है। तो ये अंदर EE क्यों लिखा
10:41है? तो बेटा वापस आओ ना। चार्ज क्या होता
10:44है? चार्ज का मतलब इलेक्ट्रॉन्स का भागना।
10:46आई बात समझ? तो एक पॉइंट A से दूसरे पॉइंट
10:51B तक जाने के लिए इन इलेक्ट्रॉन्स को
10:55कितना वर्क डन लगेगा? वो पोटेंशियल
10:57डिफरेंस होता है। भाई मैं एग्री करता हूं
11:00इसको दो बार सुनो, तीन बार सुनो। ये बहुत
11:02इंपॉर्टेंट है। ये पेपर में आपके आ सकता
11:04है। कोई भी स्कूल हो। ठीक है? कि
11:06पोटेंशियल डिफरेंस को डिफाइन करो। तो द
11:09पोटेंशियल डिफरेंस बिटवीन टू पॉइंट्स A
11:11एंड B दो पॉइंट A और B के बीच का जो
11:14पोटेंशियल डिफरेंस है वो क्या होता है? एक
11:17कूलम ऑफ चार्ज को पॉइंट A से पॉइंट B ले
11:20जाने के लिए कितना वर्क डन करना पड़ा?
11:22कितना काम करना पड़ा? अगर मान लो ये पॉइंट
11:25है A ये पॉइंट है B तो यहां से यहां तक इन
11:28इलेक्ट्रॉन्स को भागने के लिए कितना वर्क
11:30डन करना पड़ा वो पोटेंशियल डिफरेंस होता
11:32है। और अभी आपको थोड़ा सा ये रिलेट होने लग
11:35जाएगा 2 मिनट बाद। ऐसा क्यों बोला भाई?
11:37इसकी यूनिट होती है इसको डिनोट करते हैं V
11:40से और इसकी यूनिट होती है वोल्ट्स। बेटा
11:43अब वो बर्ड तो आपने पहले सुना है ना
11:45वोल्ट्स वोल्टेज।
11:47ठीक है? अब सोच के देखो जब तक आपके घर के
11:51अंदर 220 240 वोल्टेज वोल्ट्स की वोल्टेज
11:55नहीं आएगी। आपके घर के कोई भी डिवाइस वर्क
11:58करेगा। बताओ मुझे। आपके घर के अंदर आपके
12:02डोमेस्टिक हाउसहोल्ड के अंदर यह पोटेंशियल
12:04डिफरेंस ही तो है। आप लोग लोगों के घर में
12:07जैसे बिजली का कनेक्शन आ रहा है। ठीक है?
12:09आप बोलते हो जी 220 वोल्ट की बिजली आ रही
12:12है। 250 मतलब 230 वोल्ट की बिजली आ रही
12:14है। कभी अगर वोल्टेज लो है थोड़ी सी 180
12:17की आ रही है। 190 की आ रही है। ठीक है?
12:19अभी जैसे रफली फॉर एग्जांपल ये स्टेबलाइजर
12:22है। इसके अंदर अभी मतलब मेजर भी होता है
12:24साथ-साथ। तो 214 वोल्ट की वोल्टेज आ रही
12:26है। अगर 214 वोल्ट की वोल्टेज आ रही है तो
12:29ये एसी वर्क कर रहा है भाई। अगर लाइट चली
12:31जाएगी वोल्टेज नहीं आएगी तो एसी भी कैसे
12:34चलेगा भाई? क्योंकि ये एसी भी क्या है? एक
12:36कंडक्टर है। इसके अंदर भी क्या है?
12:38इलेक्ट्रॉन्स हैं। तो भाई इन इलेक्ट्रॉन्स
12:40को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए कुछ
12:42काम तो करना पड़ेगा। वो टॉपिक है भाई आपका
12:45पोटेंशियल डिफरेंस। इसके ना बेटा दो
12:48फॉर्मूले होते हैं। एक होता है v = w/q।
12:52ये ये देखो।
12:55एक होता है v = w/ q ये तो बेटा यहीं से
12:59बन रहा है फार्मूला कि कितना वर्क डन
13:01लगेगा वो w क्या करने में चार्ज फ्लो
13:05कराने में चार्ज कूलम्स कूलम्स चार्ज q तो
13:08w/ q एक तो ये फार्मूला है। बाकी
13:11न्यूमेरिकल्स जब आगे करोगे ना यहां स्टार
13:13लगा रखा है। न्यूमेरिकल्स में सबसे ज्यादा
13:15ये वाला फार्मूला यूज़ होगा। v = IR अब
13:18भैया r क्या होता है बेटा? अगला टॉपिक वही
13:20है। हम R ही पढ़ेंगे। रेजिस्टेंस क्या
13:22होती है? तो भाई पहले एक बारी फटाफट से
13:25शॉर्ट में ये कहानी समझते हैं। अब वो तो
13:28हमारी सीक्वेंस ऐसी है कि हमने ये पढ़ा।
13:30इनिशियली ना होता क्या है? जब कोई
13:33पोटेंशियल डिफरेंस जब कोई पोटेंशियल
13:36डिफरेंस एनर्जी देगा समझ लो। मैंने अभी
13:39समझने के लिए समझ लो कि पोटेंशियल डिफरेंस
13:41सोर्स ऑफ एनर्जी है भाई। ठीक है? जब
13:43पोटेंशियल डिफरेंस एनर्जी देगा तो करंट
13:46दौड़ेगा। और करंट दौड़ने का मतलब होता है
13:48चार्ज का दौड़ना। और चार्ज के दौड़ने का
13:50मतलब होता है इलेक्ट्रॉन्स का दौड़ना। तो
13:52जरा ना इधर छोटे बोर्ड पे देखना भाई समझने
13:55के लिए। ये देखो
13:57जब कोई पोटेंशियल डिफरेंस इसको फिलहाल समझ
14:01लो सोर्स ऑफ एनर्जी। जब कोई पोटेंशियल
14:04डिफरेंस आपको एनर्जी देगा। अब भाई अगला
14:08क्वेश्चन ही बहुत इंपॉर्टेंट ये है कि भाई
14:09पोटेंशियल डिफरेंस कौन ला के देता है एक
14:11सर्किट में? तो भाई अगर एक छोटा सा नॉर्मल
14:13सा सर्किट है तो सेलिया बैटरी और आपके
14:16घरों में सेल या बैटरी नहीं है। मतलब
14:17बैटरी तो इन्वर्टर वाली है ना। मेन आपके
14:19घर के अंदर जो बिजली है वो कौन लाके दे
14:21रहा है भाई? आपके जो मेन वोल्टेज लाइन आ
14:23रही है जो आपने बिजली बोर्ड से कनेक्शन ले
14:25रखा है आपके घर में जो 220 230 वोल्ट आ
14:27रही है वो तो सबसे पहले पोटेंशियल डिफरेंस
14:31जब अपना सोर्स ऑफ एनर्जी देगा इससे क्या
14:34होगा इससे इलेक्ट्रिक करंट फ्लो करेगा
14:37इससे आपके सॉकेट्स के अंदर अलग-अलग
14:39सर्किट्स के अंदर करंट फ्लो करेगा और बेटा
14:42करंट फ्लो करने का मतलब क्या होता है
14:44चार्ज का दौड़ना करंट फ्लो मतलब चार्ज
14:48फ्लो करेगा और चार्ज के फ्लो करने का मतलब
14:51क्या होता है? इलेक्ट्रॉन्स का बोलो।
14:54इलेक्ट्रॉन्स का फ्लो। फ्लो ऑफ़
14:57इलेक्ट्रॉन्स। ये कहानी होती है भाई।
14:59सीखने के लिए टर्म्स पहले चार्ज पढ़ा। फिर
15:01करंट फिर पोटेंशियल डिफरेंस। क्योंकि इसकी
15:04डेफिनेशन में सब आना था। बट एक्चुअल में
15:06क्या होता है भाई? सबसे पहले कोई
15:08पोटेंशियल डिफरेंस होगा। सोर्स ऑफ़ एनर्जी।
15:11छोटे सर्किट में सेल हो सकता है, बैटरी हो
15:13सकता है। आपके घर के अंदर वोल्टेज लाइन है
15:15आपकी। ये क्या कर रही है भाई? ये आपको
15:17सोर्स दे रही है एनर्जी का। अगर ये ऑन
15:20होगा ये ओके है तो करंट दौड़ेगा और करंट
15:23दौड़ने का मतलब क्या होता है? चार्ज
15:25दौड़ेगा। और चार्ज दौड़ने का मतलब क्या होता
15:27है? इलेक्ट्रॉन दौड़ेगा। तो भाई ये चीज
15:29आपको बड़े अच्छे से समझ आनी चाहिए कि चार्ज
15:32का मतलब क्या है? चार्ज का मतलब होता है
15:34बेटा इलेक्ट्रॉन्स का दौड़ना। चार्ज का
15:36मतलब इलेक्ट्रॉन्स का दौड़ना। जब
15:38इलेक्ट्रॉन्स दौड़ते हैं, चार्ज फ्लो कर
15:40रहा है उसी को हम बोल देते हैं करंट। और
15:42इनको कराने के लिए जो वर्क डन करना पड़ेगा
15:45एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट तक इन
15:46इलेक्ट्रॉन्स को लेके जाने के लिए इस करंट
15:48को लेके जाने के लिए इस चार्ज को लेके
15:50जाने के लिए उसको पोटेंशियल डिफरेंस कहते
15:52हैं भाई। ठीक है? तो ये बात एक बार दोबारा
15:54सुनना। ये लास्ट 10 मिनट की जो वीडियो है
15:58इसको रिवाइंड करो। दोबारा सुनो। अच्छे से
16:00इसके नोट्स बनाओ। ठीक है? अपने हिसाब से
16:02एप्रोप्रियट टाइम पर स्क्रीनशॉट लो। नोट्स
16:04बनाओ और फिर आगे करते हैं। ठीक है भाई?
16:09उसके बाद भाई क्योंकि अभी आपने सारी
16:11टर्म्स पढ़ी। पहले पढ़ा आपने चार्ज फिर पढ़ा
16:14करंट फिर पढ़ा पोटेंशियल डिफरेंस। तो इन
16:17सबके ये वाले क्वेश्चंस बहुत बार आते हैं
16:19भाई। डिफाइन वन। अब भाई इन वाले क्वेश्चंस
16:21को नाइंथ में भी आपने ऐसे क्वेश्चन देखे
16:23होंगे फिजिक्स में अक्सर आते हुए। भाई
16:25डिफाइन वन कूलॉम, डिफाइन वन वॉट, डिफाइन
16:28वन एंपियर, डिफाइन वन वोल्ट, डिफाइन वन
16:31वॉट ऑफ़ पावर, डिफाइन वन जूल ऑफ़ वर्क,
16:34डिफाइन वन जूल ऑफ़ एनर्जी। भाई इनको करने
16:36का एक बड़ा सिंपल सा पैटर्न होता है। जिस
16:38तरीके से मैंने यहां लिख रखा है। सबसे
16:40पहले आप देखो वो किसकी यूनिट है। दूसरे
16:43नंबर पे उसका फार्मूला लिखो। तीसरे नंबर
16:46पे उनकी एसआई यूनिट्स के आगे वन वन वन लगा
16:49दो और कहानी बना दो। जैसे कि ये देखो
16:52ध्यान से देखना। रटने वाले बच्चे तो रट्टा
16:55मार ही लेंगे। सबसे पहले कांसेप्ट सीखो। 1
16:57कूलम। भाई इन्होंने बोला मेरे को डिफाइन
17:00करो वन कूलम। अब कूलम क्या होती है बेटा?
17:02चार्ज की यूनिट। तो सबसे पहले मैं चार्ज
17:04का फार्मूला लिखूंगा। अभी चेक करो वीडियोस
17:06थोड़ा सा रिवाइंड करके। मेन फार्मूला Q =
17:09IT अब सबसे पहले मैंने चार्ज का फार्मूला
17:13लिख दिया। Q = IT उसके बाद मैंने सबकी
17:15एसआई यूनिट लिखी भाई। चार्ज की कूलम, I की
17:19करंट की एंपियर, टाइम की सेकंड्स।
17:21इन्होंने मेरे से 1 कूलम पूछा तो मैंने
17:23तीनों जगह वन वन वन लगा दिया। अब मैं ऐसी
17:27सी कहानी लिख दूंगा भाई कि
17:30चार्ज इज सेड टू बी 1 कूलम। चार्ज इज सेड
17:34टू बी 1 कूलॉम व्हेन अ करंट ऑफ़ 1 एंपियर
17:39व्हेन अ करंट ऑफ़ 1 एंपियर किससे फ्लो
17:42करेगा भाई कंडक्टर से। फ्लोस थ्रू अ
17:44कंडक्टर फॉर टाइम 1 सेकंड। दोबारा देखना
17:48भाई कैसे बनाई जाती है? सबसे पहले
17:51फार्मूला लिख दो। जैसे मान लो चार्ज की
17:53यूनिट थी। तो q = IT थोड़ा ज़ूम इन कर लेना।
17:57ठीक है? अब उसके बाद चार्ज की एसआई यूनिट
18:00कूलॉम, करंट की एंपियर, टाइम की सेकंड। 1
18:04कूलम पूछ रहा है तो वन वन वन लगा दो। और
18:08इसके बाद चार्ज इज़ सेट। ये देखो मैं यहां
18:10से कैसे बना रहा हूं। चार्ज इज़ सेट टू बी
18:131 कूलॉम व्हेन अ करंट ऑफ़ 1 एंपियर फ्लोस
18:16थ्रू अ कंडक्टर फॉर 1 सेकंड्स। इस तरीके
18:20से। यही लॉजिक सीखना है तो भाई आप 1
18:22एंपियर में भी देख लो। अब इन्होंने हमसे
18:24मान लो पेपर में पूछा डिफाइन 1 एंपियर। अब
18:27दिमाग दौड़ाएंगे आप। एंपियर क्या होती है?
18:29करंट की एसआई यूनिट होती है। तो सबसे पहले
18:31करंट का फार्मूला लिख देते हैं। जी करंट
18:33होता है I = Q / T लिख दिया अच्छा। अब
18:37इनकी एसआई यूनिट लिख दो भाई। I की करंट की
18:40एंपियर चार्ज की कूलम्स टाइम की सेकंड। 1
18:44एंपियर पूछ रहा है तो 1 वन वन लगा दो। अब
18:47इसी से डेफिनेशन बनाओ भाई कि
18:51करंट इज सेड टू बी 1 एंपियर। करंट 1
18:55एंपियर का होगा जब अ चार्ज ऑफ़ वन कूलम।
19:00चार्ज ऑफ़ वन कूलम किसी कंडक्टर से फ्लो
19:03करे फॉर टाइम वन सेकंड्स। इस तरीके से भाई
19:07और इसी तरीके से भाई पोटेंशियल डिफरेंस
19:09की। अभी-अभी पढ़ा था ना हमने पोटेंशियल
19:12डिफरेंस की यूनिट होती है वोल्ट। तो
19:13पोटेंशियल डिफरेंस का फार्मूला लिख दो। V
19:16= W / Q अब पोटेंशियल डिफ़रेंस को बेटा
19:21डिनोट भी V से करते हैं। इसकी एसआई यूनिट
19:23भी वोल्ट ही होती है। V तो पोटेंशियल
19:26डिफरेंस इज़ सेड टू बी 1 वोल्ट। PD मतलब
19:29पोटेंशियल डिफरेंस। पोटेंशियल डिफरेंस इज़
19:32सेड टू बी 1 वोल्ट। व्हेन ये क्या है?
19:34वर्क। उसकी एसआई यूनिट क्या होती है? जूल।
19:36व्हेन 1 जूल ऑफ़ वर्क इज़ डन। जब 1 जूल का
19:41काम होगा। और क्या लिखते थे भाई? इसमें हम
19:44एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट तक चार्ज दौड़ाने
19:46के लिए ना इन ब्रिंगिंग वन कूलॉम ऑफ चार्ज
19:51वन कूलॉम ऑफ चार्ज फ्रॉम पॉइंट ए टू पॉइंट
19:54बी भैया ये पॉइंट ए से पॉइंट बी कैसे आ
19:56गया बेटा अभी-अभी तो पढ़ा था कि पोटेंशियल
19:59डिफरेंस में ये मान लो किसी कंडक्टर के
20:01अंदर पॉइंट ए है या पॉइंट बी है। इससे
20:04वहां तक इलेक्ट्रॉन्स दौड़वाना यानी चार्ज
20:06फ्लो करवाने में कितना वर्क डन लगेगा वही
20:09पोटेंशियल डिफरेंस होता है। तो भाई
20:11पोटेंशियल डिफरेंस यह वाला बहुत
20:12इंपॉर्टेंट है भाई। पोटेंशियल डिफरेंस इज़
20:14सेड टू बी 1 वोल्ट जब एक जूल का काम होएगा
20:181 कूलॉम चार्ज को एक पॉइंट A से दूसरे
20:20पॉइंट B तक पहुंचाने में। बहुत
20:23इंपॉर्टेंट। एक और इंपोर्टेंट क्वेश्चन
20:25भाई एक डिवाइस का नाम बताओ जो पोटेंशियल
20:28डिफरेंस को मेंटेन करके रखता है भाई। तो
20:30सिंपल यार सेल और अ बैटरी एक नंबर के लिए
20:33इंपोर्टेंट क्वेश्चन है। एजशन रीज़न में आ
20:35सकता है। पोटेंशियल डिफरेंस अभी आपको
20:37मैंने बताया था। इसको माइंड में समझ लो
20:39लाइक सोर्स ऑफ़ एनर्जी। तो कौन ला के देगा
20:41सोर्स ऑफ़ एनर्जी? एक सेल या बैटरी। आपके
20:43घरों में कौन ला के देता है? आपकी मेन
20:45वोल्टेज लाइन। एक सर्किट में सेल या फिर
20:47बैटरी। करना भाई नोट।
20:52नेक्स्ट टॉपिक है भाई आपका रेजिस्टेंस।
20:55यार रेजिस्टेंस को समझो लाइक योर अप्टर।
21:00अप्टर। आप लोगों के यार जो मोबाइल फोंस
21:03हैं। ठीक है? उनका अप्टर है एक। आप उसकी
21:07जो मतलब टाइप बी या टाइप सी वाली USB केबल
21:11है उसको आप अपने फोन में इंसर्ट करते हो
21:13और जो दूसरा सॉकेट है USB वाला उसको आप
21:16लगाते हो अप्टर में और फिर अप्टर को आप
21:18स्विच में लगा देते हो। राइट? अब कभी ना
21:21अगर आपके थोड़ा फोन के अप्टर की हालात ठीक
21:24है तो उसको पढ़ के देखो। वहां ना बेटा ये
21:26सभी लिखा होगा।
21:28I करंट A एंपियर V वोल्ट्स। अब यार एक
21:33लॉजिक क्या है? एक नॉर्मल सी बात सोचना
21:36भाई। आपके घरों के जो नॉर्मल सॉकेट्स है
21:39जो नॉर्मल स्विच है उनके अंदर तो यार आपकी
21:42वोल्टेज लाइन से 220 से 240 वोल्ट का जो
21:46पोटेंशियल डिफरेंस है वो आ रहा है। करंट
21:48अच्छा खासा आ रहा है। अच्छा करंट की
21:50टर्म्स में बोलता हूं। तो वहां से अच्छा
21:52खासा करंट आ रहा है भाई। ठीक है? अब उसी
21:55सॉकेट पे भाई आप सॉकेट को थोड़ी पता है
21:57यार आप इसके अंदर ऑल आउट चलाओगे, मोबाइल
22:00फोन चलाओगे या हेयर ड्रायर चलाओगे या कोई
22:02और बड़ा डिवाइस चलाओगे इस सॉकेट के अंदर।
22:05ठीक है? अब आपके फोन को क्या आपको लगता है
22:09जितना सारा करंट आपके सॉकेट से आ रहा है,
22:12आपके फोन को उतनी करंट की जरूरत है? नहीं
22:15ना भाई। तो अप्टर का काम होता है कि करंट
22:18को रोकना। सिर्फ जितने की जरूरत है उसको
22:21आगे भेजना फोन तक और बाकी के को रोक देना।
22:25इसको ना करंट को मैं जरा पोटेंशियल
22:27डिफरेंस की टर्म्स में समझाता हूं क्योंकि
22:28वोल्ट्स को आप थोड़ा इज़ली समझ पाओगे। जैसे
22:30कि भाई मान लो वोल्टेज के एग्जांपल से
22:32समझाता हूं मैं। एग्जांपल
22:36आपके जो घर के सॉकेट्स हैं जो आपकी
22:39वोल्टेज लाइन है यार आपके घर में जो आ रही
22:41है वो सपोर्ट करती है भाई आपको 220 वोल्ट
22:44तक दे देगी वो। क्या आपके फोन को 220
22:47वोल्ट चाहिए? अगर आपका अप्टर सही हालातों
22:49में है ना भाई तो जस्ट अभी आप अपना अप्टर
22:52पढ़ लो। जस्ट अ सेकंड मैं ही दिखाता हूं
22:53अप्टर।
22:55भाई यही होता है अप्टर। यही होता है ना
22:58अप्टर। इसके अंदर जो यहां पर आप अपना USB
23:02केबल इंसर्ट करते हो। इसको आप सॉकेट में
23:04लगाते हो और फिर अपने फोन को चार्ज करते
23:06हो। अब भाई साहब इसमें खास लैपटॉप में भी
23:08होता है। अब इसमें खास चीज क्या है भाई?
23:11यही वो चीज़ है। और अगर भाई आपको नहीं यकीन
23:13तो कुछ ना करो। चार्जर आपको देसी मैं बना
23:16के दूंगा। आप इस अर को अपने फेंक दो और
23:20प्रॉपर केबल मैं आपको लगा के दूंगा। आप एक
23:23टू पिन प्लग को बिना अप्टर के सीधा सॉकेट
23:25में लगाओ और अपने फोन में लगाओ। ना फोन
23:27आपका हो गया 1 मिनट में फुल चार्ज या फट
23:29गया तो बताना फिर। अब भाई क्या होता है?
23:32इस पे ना ध्यान से देखना। यहां पर आपको
23:34लिखा हुआ मिल सकता है।
23:37थोड़ा चेक करो।
23:40देखा
23:42इसमें क्या लिखा हुआ है? पढ़ो।
23:46कुछ टर्म्स मिल रही है मतलब कि 100 से
23:50मतलब मैं उल्टा पढ़ रहा हूं तो 100 से 150
23:53वी
23:55और ए में भी लिखा हुआ है आगे
23:582.5a यानी एंपियर वो 100 से 150 वी यानी
24:03वोल्ट्स तो वोल्ट्स की भाषा में अगर मैं
24:05समझाऊं भाई इसको पढ़ के अब थोड़ा सीधा
24:10भाई इस पे लिखा हुआ है अप्टर पे कि इस पे
24:14अगर मान मान लो फॉर एग्जांपल रफली लगा लो।
24:17अगर इसके अंदर इनपुट आ रहा है 200 से 240
24:20वोल्ट। वही मैंने आपको कहा कि आपके
24:22वोल्टेज लाइन से अप्रोक्स 220 वोल्ट आते
24:24हैं। 200 से 240 वोल्ट 200 से 240 वोल्ट
24:28आपके घर के सॉकेट्स में आते हैं।
24:29पोटेंशियल डिफरेंस की टर्म्स में समझो।
24:32इसके अंदर इनपुट अगर 200 से 240 वोल्ट का
24:37जाएगा। आपके फोन को नहीं चाहिए भाई 240
24:40वोल्ट। वो आउटपुट में कितना कन्वर्ट करेगा
24:43भाई? वो इसमें से यूज करेगा सिर्फ और
24:45सिर्फ
24:495 वोल्ट से 10 वोल्ट।
24:52क्योंकि आपके फोन को यार उतने की ही
24:55आवश्यकता है। फ़ में एक बैटरी ही तो है।
24:59ठीक है? आपके फोन को आवश्यकता सिर्फ 5 से
25:0210 वोल्ट की है। बाकी सारा ये क्या करेगा?
25:04ये अप्टर रोक के रखेगा। आगे मत आइयो भाई।
25:08पीछे ही रह तू। फ़ के अंदर ना घु वरना फोन
25:10ब्लास्ट हो जाएगा। फ़ जाएगा आपका। वो
25:13बात होती है। ये मैंने आपको समझाया अभी
25:15पोटेंशियल डिफरेंस की टर्म्स में। अब इसी
25:17को मैं आपको करंट की टर्म्स में समझाता
25:19हूं। पोटेंशियल डिफरेंस की टर्म्स में
25:21क्यों समझा दिया भाई आपको मैंने? क्योंकि
25:23पोटेंशियल डिफरेंस की आपको थोड़ी
25:24सिमिलैरिटी है। आपको थोड़ा पता है कि यार
25:26वोल्टेज वोल्टेज आती है। कुछ तो होता है
25:28ऐसा। वाह। अब इसी को मैं करंट की भाषा में
25:30समझाता हूं। करंट को किस में मेजर करते
25:32हैं हम? एंपियर में। तो ये कह रहा है भाई
25:35अगर आपके सॉकेट से नॉर्मल जो आपके घर के
25:39सॉकेट होते हैं ना 5 एंपियर तक का आता है
25:40वहां से। तो इसमें लिखा हुआ है भाई
25:44अगर फॉर एग्जांपल
25:54आपका 5 एंपियर का करंट आएगा ना रफ्ली रफली
25:58बता रहा हूं मैं तो ये आपके चार्जर से
26:01आपके फोन तक 3 एंपियर ही भेजेगा बाकी दो
26:05का आ गया उसको रोक के रखेगा मत आ भाई आगे
26:08क्योंकि आपके फोन को जरूरत ही नहीं है
26:09उसकी ये रेजिस्टेंस होती है भाई। हां
26:12सॉकेट से 5 एंपियर का है। ये अप्टर है। ये
26:15अप्टर के अंदर क्या प्रॉपर्टी है? वही
26:18रेजिस्टेंस है। भाई रेजिस्टेंस वही
26:20प्रॉपर्टी होती है जो करंट को रोकती है।
26:22पढ़ लो डेफिनेशन क्या लिखी हुई है?
26:24रेजिस्टेंस इज़ द इनबिल्ट प्रॉपर्टी ऑफ़ अ
26:26कंडक्टर ड्यू टू व्हिच इट अपोजेस द अमाउंट
26:30ऑफ़ करंट फ्लोइंग थ्रू इट। इसप्टर के अंदर
26:33ये रेजिस्टेंस ही है जो रोक के रखती है
26:36भाई। इसप्टर के अंदर और इस अप्टर में क्या
26:39भाई? हर एक कंडक्टर के अंदर अपनी-अपनी
26:42रेजिस्टेंस होती है। ये उसकी एक इनबिल्ट
26:44प्रॉपर्टी होती है। हर कंडक्टर की इनबिल्ट
26:46मतलब ऑलरेडी बिल्ट है। जिसकी वजह से वो
26:49अपोज करता है करंट को जो उससे फ्लो कर रहा
26:53है। पढ़ो। रेजिस्टेंस इज़ द इनबिल्ट
26:56प्रॉपर्टी ऑफ़ अ कंडक्टर व्हिच अप ड्यू टू
27:00व्हिच इट अपोजेस अपोजेस मतलब रोकता है। द
27:03अमाउंट ऑफ करंट फ्लोइंग थ्रू इट। कि
27:06रेजिस्टेंस एक ऐसी प्रॉपर्टी है भाई जिसकी
27:08वजह से करंट रुकता है। अभी आपको दोनों
27:10केसेस के एग्जांपल से समझाया। अगर वोल्टेज
27:13से एग्जांपल समझना है तो ये रहा भाई आपके
27:14घर की वोल्टेज लाइन जो है ये पोटेंशियल
27:16डिफरेंस वाला एग्जांपल है। क्योंकि
27:18पोटेंशियल डिफरेंस को वोल्ट्स में मेजर
27:20करते हैं ना अभी पढ़ा था। तो अगर आपके घर
27:22की जो मेन सॉकेट्स है उसमें 200 से 240
27:25वोल्ट आ रहा है इनपुट तो आपके फोन में
27:28अप्टर सिर्फ 5 से 10 वोल्ट ही भेज रहा है
27:30भाई। ठीक है? मतलब डिपेंड करता है भाई आप
27:3320 वोल्ट भी हो सकता है 25 भी हो सकता है
27:36लेकिन इतना तो नहीं भेज रहा इतना तो नहीं
27:38भेज रहा भाई बाकी को रोक रहा है ना ऐसी
27:41करंट से समझो अगर 5 एंपियर का करंट आ रहा
27:43है तो वो दो दिन ही आगे भेज रहे है बाकी
27:45को रोक रहा है क्योंकि उसकी जरूरत नहीं है
27:47इसी प्रॉपर्टी को बेटा रेजिस्टेंस कहते
27:49हैं करंट को रोकना करंट को रोकने की
27:52प्रॉपर्टी को ही क्या बोला जाता है
27:54रेजिस्टेंस बोला जाता है द इनबिल्ट
27:57प्रॉपर्टी ऑफ़ अ कंडक्टर ड्यू टू व्हिच इट
27:59अपोजेस रोकती है करंट को जो उससे दौड़ रहा
28:03है। रेजिस्टेंस को R से डिनोट किया जाता
28:06है। एसआई यूनिट बेटा ओम्स है। ये साइन
28:08होता है ओम्स का। ये ये ऑक्टोपस सा बनाना
28:10है आपने। ओम्स
28:13ओम्स वो जादू वाला नहीं ओम ओम ओम ओम नाम
28:16ही इसका ओम्स है भाई। और भाई कृपया करके
28:19वो मीम मत याद दिलाना कि पेपर में पूछा हो
28:22कि भाई राइट द एसआई यूनिट ऑफ रेजिस्टेंस।
28:26आपने अपने दोस्त से पूछा। दोस्त ने आपको
28:28बताया ओम लिख दे और आप भाई साहब ये लिखा
28:32है भाई गलत नहीं है बट नंबर नहीं मिलेंगे
28:35ना इसके ये भी ओम है भाई बट ये वाला ओम
28:38चलेगा यार ये वाला नहीं चलेगा ठीक है जी
28:41ये नहीं चलेगा यहां पर फार्मूला फार्मूला
28:46बेटा इसके दो होते हैं। ठीक है जस्ट अ
28:48सेकंड
28:50हां फ़ूले बेटा इसके दो होते हैं। एक होता
28:53है R = V/I एक होता है R = स्टाइलिश P L /
28:59स्टाइलिश P ही तो है एरो है देखो बेटा। तो
29:02दो फॉर्मूले होते हैं। एक है R = V/I V/I
29:08R का मतलब रेजिस्टेंस V पोटेंशियल डिफरेंस
29:11I करंट। ये बहुत यूज़ होगा। ठीक है? और भाई
29:15साहब एक बात बताऊं थोड़ी देर पहले की अगर
29:17आपको वीडियो या अपनी कॉपी में लिख रहे थे
29:19आपको याद हो। आपने V में एक फार्मूला लिखा
29:21था। V = IR बेटा वहां से ये फार्मूला ही
29:24तो बना है। ये I को यहां भेज दो। तो R का
29:27फार्मूला क्या बन जाएगा? V/ N
29:30और ये दूसरा फार्मूला ना बेटा
29:32न्यूमेरिकल्स में बहुत यूज़ होता है। और ये
29:34फार्मूला एक बहुत इंपॉर्टेंट हमारा थ्योरी
29:37का क्वेश्चन तैयार करा देते हैं जो पेपर
29:38में आने के बहुत चांसेस होते हैं। व्हाट
29:41डू यू मीन बाय रेजिस्टेंस? व्हाट आर द
29:43फैक्टर्स ऑन व्हिच रेजिस्टेंस ऑफ़ अ
29:44कंडक्टर डिपेंड्स? रेजिस्टेंस किन-किन
29:46फैक्टर्स पर डिपेंड करती है? तो
29:50ये फार्मूला ध्यान से देखना। मैं
29:51प्रोनाउंस कर रहा हूं। R इक्व ये स्टाइलिश
29:54P को कहते हैं बेटा रेजिस्टिविटी।
29:57रेजिस्टिविटी इंटू लेंथ ऑफ़ कंडक्टर अप
30:01एरिया ऑफ़ क्रॉस सेक्शन। ये जो स्टाइलिश P
30:04है ना इसका नाम होता है रो। ठीक है? इसका
30:07मतलब रेजिस्टिविटी है। उसकी डिनोशन है ये।
30:09L का मतलब लेंथ ऑफ़ कंडक्टर। तार कितनी बड़ी
30:12है। और A
30:14एरिया ऑफ़ क्रॉस सेक्शन। तार कितनी मोटी
30:16है। ठीक है? अभी जो हमारा नेक्स्ट टॉपिक
30:19है उसमें बेटा ये सब सीखोगे कि क्यों आपके
30:22हैवी डिवाइसेस के अंदर मोटी तार यूज़ करी
30:25जाती है। ठीक है? और छोटे-मोटे डिवाइसेस
30:29के अंदर लंबी पतली तारें यूज़ करी जाती है।
30:31क्यों? वो हमारा नेक्स्ट टॉपिक होएगा। और
30:33वो इसी फ़ूले के दम पे बनेगा। इसी फ़ूले के
30:35दम पे। तो भाई इसको फटाफट से नोट करो। फिर
30:38हम अगला बहुत इंपॉर्टेंट थ्योरी टॉपिक
30:40करते हैं कि व्हाट आर द फ़ैक्टर्स ऑन व्हिच
30:42रेजिस्टेंस ऑफ़ अ कंडक्टर डिपेंड्स। ठीक
30:44है?
30:49इसके बाद भाई आगे बहुत ही इंपॉर्टेंट
30:52थ्योरी टॉपिक है आपके पास। व्हाट आर द
30:55फैक्टर्स ऑन व्हिच रेजिस्टेंस ऑफ़ अ
30:57कंडक्टर डिपेंड्स? भाई पेपर में कई बार
31:00सिंपल थ्योरी क्वेश्चन भी मिलता है आपको
31:02डिफाइन या व्हाट डू यू मीन बाय
31:04रेजिस्टेंस? तो उसका आंसर लिख दोगे।
31:07रेजिस्टेंस इज़ द इनबिल्ट प्रॉपर्टी ऑफ़ अ
31:09कंडक्टर ड्यू टू व्हिच इट अपोज़ द अमाउंट
31:12ऑफ़ करंट फ्लो थ्रू इट। रेजिस्टेंस वो
31:14प्रॉपर्टी है जो करंट को रोकती है। अब किन
31:17फैक्टर्स पर ये डिपेंड करती है बेटा? चार
31:19फैक्टर्स पर डिपेंड करती है। चार फैक्टर्स
31:22पर। ध्यान से समझना। और इसके बाद आपको पता
31:24लगेगा भाई आपके घरों में अलग-अलग डिवाइसेस
31:27की अलग-अलग तारें हैं। किसी की तार पतली
31:29है, किसी की तार मोटी है, किसी की तार
31:31लंबी है, किसी की तार छोटी है। क्या लॉजिक
31:35है इसका? अब
31:37पहला है भाई लेंथ ऑफ कंडक्टर यानी छोटा ए।
31:41रेजिस्टेंस इज डायरेक्टली प्रपोर्शनल टू
31:44लेंथ। ये साइन होता है बेटा
31:46प्रोपोर्शनैलिटी का। अब इसका क्या होता
31:48है? अगर किसी बच्चे को नहीं पता भाई अगर
31:50इस साइन के सामने कुछ लिखा हो ना इसका
31:53मतलब डायरेक्टली डायरेक्टली प्रपोर्शनल
31:55है। वो लाइट पड़ रही है। देखो अगर मान लो
31:58मैं ऐसे लिख दूं a प्रपोर्शनल टू b इसका
32:02मतलब बेटा डायरेक्टली प्रपोर्शनल है। अगर
32:03इसके सामने लिख दिया कि जैसे-जैसे एक चीज़
32:06बढ़ेगी दूसरी भी बढ़ेगी। अगर पहली घटेगी तो
32:08दूसरी भी घटेगी। और अगर मैं इसी साइन के
32:10ऐसे नीचे वन अपॉन करके लिखूं इसका मतलब
32:13इनवर्स रिलेशन है। a बढ़ेगा तो B घटेगा। A
32:16घटेगा तो B बढ़ेगा। तो इसी टॉपिक को जरा हम
32:19समझते हैं। जरा ध्यान से देखना। अब लेंथ
32:22ऑफ़ कंडक्टर का क्या है भाई? लेंथ ऑफ़
32:25कंडक्टर और रेजिस्टेंस का डायरेक्ट रिलेशन
32:28है। मतलब अगर लेंथ ऑफ़ कंडक्टर ज्यादा
32:30होगी। कंडक्टर तार समझ लो भाई। अगर लेंथ
32:32ऑफ़ कंडक्टर ज्यादा होगी तो रेजिस्टेंस भी
32:35क्या होगी? ज्यादा। और अगर लेंथ ऑफ़
32:37कंडक्टर कम होगी तो रेजिस्टेंस भी क्या
32:39होगी बेटा? कम होगी। अगर लेंथ ज्यादा तो
32:42रेजिस्टेंस ज्यादा। अगर बेटा लेंथ कम तो
32:45रेजिस्टेंस भी कम। इसका सम सिंपल-सिंपल
32:47मतलब क्या है भाई? कि लंबी तारों की
32:50ज्यादा रेजिस्टेंस होती है छोटी तारों से।
32:52क्योंकि लंबी तार लंबाई ज्यादा, लंबाई
32:55ज्यादा तो रेजिस्टेंस ज्यादा। लंबी तार जो
32:57है लॉन्ग वायर जो है लंबाई में जो ज्यादा
32:59है लेंथ ज्यादा होगी तो रेजिस्टेंस ज्यादा
33:02होगी। तो लंबी तारों की रेजिस्टेंस क्या
33:04होती है? ज्यादा होती है। ये जो ब्लैक
33:06वाली लाइन लिखी हुई है ना भाई ये एक नंबर
33:08में काम आएगी। ध्यान रखना। अगला टॉपिक है
33:10बेटा मतलब अगला पॉइंट है एरिया ऑफ़ क्रॉस
33:13सेक्शन। यार एरिया ऑफ़ क्रॉस सेक्शन का
33:15मतलब होता है कहीं लिख लो अपने पास अपने
33:16नोट्स में यार आपके नोट्स में जो मर्ज़ी
33:18लिखो। लिखो तार की मोटाई। तार कितनी मोटी
33:21है? क्रॉस सेक्शन क्यों बोलते हैं इसको?
33:23भाई तार कितनी बार क्रॉस सेक्ट हुई है?
33:27जितनी ज्यादा बार तार क्रॉस सेक्ट होगी
33:29उतनी वो तार मोटी मोटी मोटी मोटी होती
33:31जाएगी। ठीक है? तो एरिया ऑफ़ क्रॉस सेक्शन
33:34बेटा ये देखो कैसे लिखा हुआ है।
33:36रेजिस्टेंस इज़ 1 / A 1 / का मतलब
33:39इन्वर्सली प्रपोर्शनल इन्वर्सली
33:42प्रपोर्शनल है। इन्वर्सली प्रोपोर्शनल का
33:45बेटा मतलब क्या होता है? कि अगर एक चीज़
33:47बढ़ेगी तो दूसरी घटेगी, एक चीज़ घटेगी तो
33:51दूसरी बढ़ेगी। ठीक है?
33:54जैसे कि अगर एरिया ऑफ़ क्रॉस सेक्शन ज्यादा
33:57होगा तो क्योंकि इनवर्स रिलेशन है।
34:00रेजिस्टेंस क्या होगी? कम। और अगर एरिया
34:02ऑफ़ क्रॉस सेक्शन कम होगा तो रेजिस्टेंस
34:05क्या होगी? ज्यादा। तो बेटा इसका मतलब
34:08क्या है? कि जो थिक वायर्स होती है थिक
34:11वायर मोटी वायर मतलब उसका एरिया ज्यादा
34:13है। उनकी एरिया ज्यादा है तो रेजिस्टेंस
34:16क्या होगी? कम। उनकी कम रेजिस्टेंस होती
34:19है पतली वायर के मुकाबले। और बेटा इसकी
34:21मैं अगर आपको एक रियल लाइफ एप्लीकेशन समझा
34:23दूं ना तो
34:26आपके जितने भी घर में अभी चेक कर लो। हैवी
34:29डिवाइसेस है माइक्रोवेव, ओवन, एसी और भी
34:33कोई हैवी डिवाइस अगर इन सारे हैवी
34:36डिवाइसेस की तार मोटी होती है। अब आपने
34:39सोचा होगा हां जी मोटी तार है क्योंकि
34:41मोटा डिवाइस है। इस चक्कर में महंगा
34:43डिवाइस है इसलिए मोटी तार लगा दी। पतली भी
34:45तो लगा सकते थे। बिल्कुल जहाज जो तार होती
34:47है जो सस्ते-सस्ते एक्सटेंशन बोर्ड्स में
34:49लग रखी होती है वो भी तो लगा सकते थे। तो
34:51बेटा लॉजिक है उसके पीछे। ध्यान से सुनना।
34:53बड़ा इंटरेस्टिंग लॉजिक है। अगर आपके घर
34:56का कोई तगड़ा हैवी डिवाइस है। मान लो
34:58माइक्रोवेव हो गया, एसी हो गया। बेटा इन
35:01डिवाइसेस को ना करंट चाहिए होता है
35:03ज्यादा। वो तो तुम्हें भी पता है कि इन
35:05डिवाइसेस की जो करंट रिक्वायरमेंट है वो
35:06क्या है? थोड़ी ज्यादा। अब करंट को
35:09रेजिस्टेंस रोकती है। रेजिस्टेंस और करंट
35:12का तो बिल्कुल वो 36 का आंकड़े वाली बात
35:14है भाई। अपोजिट सिनेरियो चल रहा है। ठीक
35:16है? रेजिस्टेंस ज्यादा होती है तो करंट कम
35:19होता है। रेजिस्टेंस करंट को रोकती है।
35:21रेजिस्टेंस कम होती है तो करंट ज्यादा
35:22होता है। वो सिनेरियो अब जितने भी बेटा
35:25आपके हैवी डिवाइसेस होती है ना घर के हैवी
35:27डिवाइसेस पूरी कहानी समझना। आपके घर का जो
35:30हैवी डिवाइस है ना कोई भी हैवी डिवाइस उस
35:34हैवी डिवाइस को ज्यादा करंट चाहिए। नीड्स
35:38मोर करंट। उस डिवाइस को ज्यादा करंट
35:41चाहिए। ये बात से तो आप भी एग्री करोगे।
35:43ये हैवी डिवाइस है उसको ज्यादा करंट
35:44चाहिए। अब करंट ज्यादा चाहिए तो यार
35:48रेजिस्टेंस कम होनी चाहिए क्योंकि
35:50रेजिस्टेंस तो करंट को रोकती है तो इट शुड
35:54हैव लेस रेजिस्टेंस। अब उस डिवाइस का जो
35:58तारत है उसकी रेजिस्टेंस कम होनी चाहिए।
36:01अब कम रेजिस्टेंस कब होएगी? जब आप थिक
36:04वायर का प्रयोग करोगे। क्योंकि अभी-अभी
36:06पढ़ा अगर थिक वायर है उसकी रेजिस्टेंस
36:08क्या होगी? कम। थिक वायर से क्या होगी?
36:11रेजिस्टेंस कम। सो मोर करंट फ्लोस ज्यादा
36:15करंट दौड़ेगा। लॉजिक दोबारा समझो जिसको
36:18नहीं समझ आया भाई। जितने भी आपके घर के
36:21हैवी हैवी डिवाइसेस हैं तगड़े-तगड़े ज्यादा
36:24बिजली खाने वाले उनको आपको भी पता है कि
36:27करंट रिक्वायरमेंट उनकी ज्यादा है। अब
36:30करंट रिक्वायरमेंट ज्यादा है तो
36:31रेजिस्टेंस क्या होनी चाहिए? कम। तो
36:34रेजिस्टेंस कम कैसे करें भाई? तार मोटी
36:36लगा दो। उसकी सिंपल सी बात है। एरिया ऑफ़
36:38क्रॉस सेक्शन और रेजिस्टेंस का तो उल्टा
36:40रिलेशन ही होता है भाई। अगर आप एरिया
36:42बढ़ाओगे, मोटाई बढ़ाओगे तार की तो
36:44रेजिस्टेंस कम होगी। थिक वायर्स की
36:46रेजिस्टेंस कम होती है। जब रेजिस्टेंस
36:48उसकी कम होगी तो वो ज्यादा करंट को
36:50दड़वाएगी और आपका जो टास्क है वो अकंप्लिश
36:53हो जाएगा, पूरा हो जाएगा। ये दो पॉइंट
36:55सबसे इंपॉर्टेंट है। तीसरा तो जनरल पॉइंट
36:58है बेटा नेचर ऑफ़ मटेरियल। सिंपल सी बात
37:00है। एलॉयज़ की रेजिस्टेंस ज्यादा होती है
37:04प्योर मेटल के मुकाबले। अब बेटा अगर कोई
37:06बच्चा ऐसा जिसको एलॉय नहीं पता तो शॉर्ट
37:09भाषा में मैं बता रहा हूं। एलॉयस होते
37:11हैं। जब आप मेटल्स की मिलावट करके कोई ऐसा
37:15सब्सटांस बना देते हो जो पहले से ज्यादा
37:18बेटर पहले से ज्यादा बढ़िया फीचर्स वाला
37:20होता है। उन्हीं को एलॉयस बोलते हैं।
37:22एग्जांपल के तौर पे पहले बेटा चलता था
37:24स्टील। स्टील पे भी जंग लग जाता था। ठीक
37:28है? उसी स्टील के अंदर थोड़ी मिलावट करके।
37:31ठीक है? थोड़ा क्रोमियम वगैरह डाल के उसका
37:35स्टेनलेस स्टील बना दिया। स्टेनलेस मतलब
37:37जिस पे स्टेंस नहीं पड़ेंगे। जिस पे जंग
37:39नहीं लगेगा वो एलॉय होता है। ठीक है? अब
37:42जो एलॉयज़ होते हैं ना उनकी वो ज्यादा
37:45स्ट्रांग होते हैं। उनकी रेजिस्टेंस जो है
37:46वो ज्यादा होती है प्योर मेटल के मुकाबले।
37:49तो ये बहुतेंट क्वेश्चन है भाई। ये वाला
37:51जो आंसर लिखा हुआ है ना ये ब्लैक लाइन सी
37:54ये किस क्वेश्चन का आंसर है कि व्हाई
37:57एलिमेंट्स ऑफ
37:59हीटिंग डिवाइसेस आर मेड अप ऑफ एलॉयज़ लाइक
38:02नाइक्रोम। जो आपके हीटिंग डिवाइसेस होते
38:04हैं ना बेटा ड्रायर स्ट्रेटनर हेयर कलर
38:09कलर नहीं कर्लर ठीक है या फिर आपका वो हो
38:14गया प्रेस हो गई आयरन या फिर हीटर इवन समझ
38:18लो माइक्रोवेव ये हीटिंग पानी गरम करने
38:21वाली र ये हीटिंग डिवाइसेस है इनका काम है
38:24हीट प्रोड्यूस करना ठीक है अब इनके जो
38:27एलिमेंट्स होते हैं ना वो कॉपर वगैरह से
38:30इतने नहीं बनाए जाते इनके अंदर ना
38:33इसकी नाइक्रोम जैसे हैं नाइक्रोम टंगस्टन
38:35मेन अगर मैं बोलूं तो नाइक्रोम की कोई ना
38:38कोई पार्ट इसका नाइक्रोम का होता है। ऐसा
38:40क्यों भाई? क्योंकि नाइक्रोम है एक बहुत
38:43फेमस एलॉय। इनकी रेजिस्टेंस होती है
38:45ज्यादा। अब जितनी उसकी रेजिस्टेंस होगी ना
38:48उतना ज्यादा वो करंट को रोकेगा। क्योंकि
38:50ये तो आपको पता है रेजिस्टेंस ज्यादा तो
38:52करंट रुकेगा। जितना ज्यादा करंट रुकेगा ना
38:55भाई उतना वो डिवाइस रेड हॉट होता रहेगा।
38:57इमेजिन करो भाई फॉर एग्जांपल आपका कोई यार
39:00दोस्त है भाई वो कहीं घूमने गया हुआ है
39:03ट्रैकिंग ट्रुकिंग पे ठीक है अपनी सहेली
39:05के साथ वहां पर भाई उसको बिल्कुल घने
39:09जंगलों के अंदर आ गई पॉटी अब वो क्या
39:11करेगा भाई रोकेगा ना भाई जितना ज्यादा वो
39:14रोकता जाएगा उतना वो तपता जाएगा रेड हॉट
39:16होता रहेगा भाई वही सीन है ये जो हीटिंग
39:20डिवाइसेस होते हैं ना इनका काम है इसके
39:22एलॉयस इसके जो एलिमेंट्स होते हैं वो एलॉय
39:25से क्यों बनाए जाते हैं क्योंकि एलॉयस की
39:27रेजिस्टेंस होती है ज्यादा वो करंट को
39:28ज्यादा रोकेंगे रुक जा आगे मत जा अब वो जब
39:31उसको ज्यादा रोकेंगे भाई करंट आगे नहीं
39:34जाएगा तो डिवाइस रेड हॉट हो जाएगा और वही
39:36उसका काम था भाई ठीक है इंपॉर्टेंट
39:38क्वेश्चन है और इसके बाद भाई फोर्थ पॉइंट
39:42स्क्रीनशॉट लो पहले
39:46ज़ूम इन कर लेना भाई
39:54फोर्थ पॉइंट ज़ूम इन करना बेटा टेंपरेचर
39:58ये एक नंबर का एक्सर्शन टिशन बड़ाेंट है
40:01नीचे जो लिखा हुआ है। अब टेंपरेचर क्या है
40:04भाई? अगर टेंपरेचर बढ़ता है ना तो प्योर
40:06मेटल की रेजिस्टेंस बढ़ती है। ठीक है?
40:09प्योर मेटल की रेजिस्टेंस का और टेंपरेचर
40:11का डायरेक्ट रिलेशन है। टेंपरेचर ज्यादा
40:13होगा तो प्योर मेटल की रेजिस्टेंस ज्यादा
40:15होगी। टेंपरेचर कम होगा तो प्योर मेटल की
40:18रेजिस्टेंस कम होगी। लेकिन बेटा
40:20इंपॉर्टेंट बात टेंपरेचर से घंटा फर्क
40:23नहीं पड़ता एलॉयज़ की रेजिस्टेंस पे। एलॉयज़
40:26की रेजिस्टेंस पे एक पैसे का फर्क नहीं
40:28पड़ता टेंपरेचर से। क्योंकि यार एलॉयज़
40:30ऑलरेडी मिलावट है। एलॉयज़ आर मच मोर
40:33स्ट्रांगर। तो टेंपरेचर बदल लेने से एलॉयज़
40:35की रेजिस्टेंस पे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वो
40:37सिर्फ प्योर मेटल्स की रेजिस्टेंस पे
40:39पड़ेगा। तो बहुत इंपॉर्टेंट बेटा आपका
40:41थ्योरी टॉपिक है। अच्छे से इसके नोट्स
40:43बनाओ। ठीक है?
40:46इसके बाद भाई एक और टॉपिक जो पिछले कुछ
40:48सालों में इंपॉर्टेंट देखा गया है। ठीक
40:51है? टॉपिक है बेटा रेजिस्टिविटी। अभी क्या
40:54पढ़ा था फिर? वो रेजिस्टेंस थी भाई।
40:57रेजिस्टिविटी इसका नाम है। अब भाई टॉपिक
40:59समझने से पहले ध्यान से देखना यार
41:02रेजिस्टेंस आपने पढ़ा कि एक कंडक्टर की
41:04प्रॉपर्टी है जिसकी वजह से वो करंट को
41:07रोकती है। मुझे बताओ क्या जितनी इंटेंसिटी
41:11से कॉपर करंट को रोकता होगा क्या उतनी ही
41:15इंटेंसिटी से सिल्वर भी रोकता होगा? हां
41:17या ना? क्या जितनी इंटेंसिटी से एलुमिनियम
41:22रोकता होगा किसी करंट को क्या उतनी ही
41:25इंटेंसिटी से कॉपर रोकता होगा या फिर क्या
41:29जितनी इंटेंसिटी से नाइक्रोम एक
41:32रेजिस्टेंस देता होगा नाइक्रोम किसी करंट
41:35को रोकता होगा क्या उतनी इंटेंसिटी की
41:38रेजिस्टेंस कॉपर दे पाएगा नहीं ना उसी को
41:41रेजिस्टिविटी कहते हैं कि एक पर्टिकुलर
41:44कंडक्टर की रेजिस्टेंस क्या है
41:47रेजिस्टिविटी क्या है भाई? इट इज़ द
41:50रेजिस्टेंस ऑफ़ अ पर्टिकुलर कंडक्टर। भाई,
41:54हर मटेरियल की अपनी खुद की एक
41:56रेजिस्टिविटी होती है। क्योंकि हर मटेरियल
41:59की अपनी खुद की एक रेजिस्टेंस है। और
42:01रेजिस्टिविटी का मतलब क्या है? एक
42:02पर्टिकुलर
42:04कंडक्टर की अपनी खुद की रेजिस्टेंस। अच्छा
42:09रेजिस्टिविटी को बेटा डिनोट करते हैं
42:10स्टाइलिश P से। स्टाइलिश P का नाम होता है
42:13रो। एसआई यूनिट है ओम्स मीटर। ओम्स
42:16रेजिस्टेंस की और कितने मीटर की वो तार है
42:18इसलिए ओम्स में फार्मूला ये कहां से बना
42:21भाई एक फार्मूला याद रख लो r =
42:24रेजिस्टिविटी l / a ये फार्मूला जो चलेगा
42:28बहुत ज्यादा इसी को ही घुमा फिरा के आप
42:30बाकी भी बना सकते हो ज़ूम इन कर लेना अगर
42:33मुझे इसकी वैल्यू निकालनी है ये a डिवाइड
42:35में वहां जाके क्या होएगा मल्टीप्लाई ये l
42:38मल्टीप्लाई में यहां आ के क्या होएगा
42:40डिवाइड तो r * a / l क्या बनेगा
42:44रेजिस्टिविटी का फार्मूला तो ये ऐसे ही
42:47बना है भाई ये
42:49और ये दोबारा सुनो भाई हर मटेरियल की अपनी
42:52खुद की रेजिस्टिविटी होती है जैसे कुछ एक
42:54डेटा भी लिखा है सिल्वर 1.60 * 10 की पावर
42:59-8 सिल्वर की ये रेजिस्टेंस है
43:01पर्टिकुलरली कॉपर की तो अलग है ना
43:04एलुमिनियम की तो और अलग है नाइक्रोम की तो
43:07अलग है ना भाई और अब पता लगा क्यों अगर आप
43:12गर्मियों के सीजन में एसी खरीद रहे हो और
43:14आप एल्युमिनियम वाला खरीदते हो तो वो आप
43:16एल्युमिनियम फिटिंग वाला खरीदते हो
43:17एलुमिनियम एलुमिनियम की वायरिंग वाला तो
43:20वो सस्ता पड़ता है लेकिन कॉपर वायरिंग
43:22लेते हो तो महंगा पड़ता है। कॉपर महंगा
43:24है। ठीक है भाई। ओके। मान लिया बात।
43:26एक्चुअली लॉजिक क्या है? उसका बिजली से
43:28रिलेशन में क्या लॉजिक है? कभी किसी बिजली
43:29वाले से पूछ के देखना कि भैया कॉपर की
43:31वायरिंग कराएं या एलुमिनियम की? कॉपर जी
43:34कॉपर। कॉपर का बेनिफिट क्या है? अभी के
43:37लिए तो आपको थोड़ा खर्चा लगेगा। थोड़ा
43:40ज्यादा महंगा है क्योंकि कॉपर। बट लॉन्ग
43:42रन में वो आपको बेनिफिट ही देगा। भाई वो
43:44बिजली कम खाएगा। क्योंकि कंपेयर कर लो ना
43:46कॉपर और एलुमिनियम की रेजिस्टेंस को।
43:48एलुमिनियम की 2.63 * 10 की पावर -8 है।
43:52कॉपर की 1.62 * 10 की पावर -8 है।
43:55एलुमिनियम ज्यादा करंट रोकेगा। उससे आपकी
43:57बिजली का बिल ज्यादा आएगा। ठीक है? कॉपर
43:59कंपेरेटिवली आपकी बिजली का बिल भी कम
44:01करवाएगा क्योंकि वो करंट को ज्यादा बहने
44:03देगा। कम रोकेगा थोड़ा एलुमिनियम के
44:05मुकाबले। और सिल्वर तो होता ही बेस्ट
44:07कंडक्टर ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी है। बट सिल्वर
44:08वायरिंग बेटा लगवा ले उतनी औकात नहीं है
44:11ना किसी की। वो चीज़। अब
44:15एक इंपॉर्टेंट टॉपिक ये आने लग गया पेपर
44:18में। अब फैक्टर्स ऑन व्हिच रेजिस्टिविटी
44:21डिपेंड्स। बेटा 10 बार पढ़ना फैक्टर्स ऑन
44:24व्हिच रेजिस्टेंस डिपेंड आया वो तो है ही
44:25हॉट टॉपिक या रेजिस्टिविटी आया है। कहीं
44:28आपसे पूछा हो फैक्टर्स ऑन व्हिच
44:29रेजिस्टिविटी डिपेंड्स। आप रेजिस्टेंस के
44:31चार पॉइंट लिख दो। या रे रेजिस्टेंस के
44:33पूछे आप इसके दो लिख दो। बेटा रेजिस्टेंस
44:35के चार पॉइंट थे। लेंथ ऑफ कंडक्टर, एरिया
44:38ऑफ़ क्रॉस सेक्शन, टेंपरेचर, नेचर ऑफ़
44:40मटेरियल। रेजिस्टिविटी के सिर्फ आखिरी के
44:42दो पॉइंट्स हैं। टेंपरेचर और नेचर ऑफ
44:45मोटर। रेजिस्टिविटी सिर्फ इन दो चीजों पे
44:48डिपेंड करती है। लेंथ से और एरिया से कोई
44:50फर्क नहीं पड़ता। अभी मैं आपको प्रूफ भी
44:52करवा सकता हूं एक बार एग्जांपल के तौर पे।
44:54भाई फॉर एग्जांपल तार कोई आसपास पड़ी होती
44:58है तो मैं आपको दिखाता हूं। एक सेकंड रुको
44:59जस्ट
45:02भाई। अब मान लो फॉर एग्जांपल ये एक तार
45:05है। ठीक है?
45:07यह पड़ोसी से ही चुराई है। अब मान लो भाई
45:09फॉर एग्जांपल ये तार है। तार ठीक है। यह
45:13बनी हुई है भाई कॉपर वायर है। वैसे तो ये
45:15बाहर कोटिंग प्लास्टिक की है। वरना बेटा
45:17झटका लग जाएगा। ये देखो अंदर से खोल रखी
45:19है मैंने।
45:22कैमरे पे ज़ूम इन करो। अंदर क्या है इसके?
45:27कॉपर। ये देखो।
45:37क्या है? कॉपर वायर है। ठीक है? अब
45:41ये जो तार है ये कॉपर की बनी हुई है। ठीक
45:44है भाई? तार। मुझे एक बात बताओ। बड़ी कॉमन
45:46सेंस की बात लगाना। अगर मैं इस तार को इस
45:52तार को खींचूं
45:54या डबल कर दूं। क्या ये कॉपर से एलुमिनियम
45:58की रेजिस्टेंस देने लग जाएगा? वाह जी।
46:00वाह। क्या लॉजिक लगा है? नहीं ना? दोबारा
46:02सुनना भाई अगर मैं इस तार को थोड़ा लंबा
46:07कर दूं और ज्यादा थोड़े इसमें चेंजेस कर
46:10देते हैं इस तार को थोड़ा लंबा कर देते
46:12हैं। फॉर एग्जांपल तो मुझे बताओ क्या इस
46:14तार को अगर मैं लंबा कर दूंगा थोड़ा तो
46:16क्या ये कॉपर की जगह मुझे सिल्वर की
46:18रेजिस्टेंस देने लग जाएगा? फिर तो भाई आप
46:21लोग सस्ते वाला आईसी लो एलुमिनियम का और
46:23उसको लंबा करके लगा दो कॉपर की रेजिस्टेंस
46:25वो दे देगा। ऐसा तो नहीं होगा ना? या फिर
46:28अगर मैं इस तार को थोड़ा मोटा कर दूं यानी
46:30कि इसको डबल करके लगाऊं ऐसे डबल सोचो ना
46:34अंदर से तार को ऐसे मोटा कर दिया थोड़ा
46:36ओवरलैप करी तार थोड़ी मोटी होगी तो यार
46:40अगर ये तार मैंने थोड़ी मोटी कर दी है तो
46:42क्या ये जो तार है ये मेरे को नाइक्रोम की
46:45रेजिस्टेंस दे देगी या एलुमिनियम की दे
46:46देगी कॉपर ही रहेगा ना भाई अब वही बात है
46:50कॉपर तो है ये जितनी रेजिस्टेंस इसकी है
46:52उतनी ही रहेगी ना इसको मोड़ने तोड़ने से
46:54लंबा चौड़ा करने से रेजिस्टिविटी पे कोई
46:57फर्क नहीं पड़ेगा। तो, यह बहुतेंट क्वेश्चन
46:59है भाई। बोर्ड्स में आता है अक्सर। अ वायर
47:01ऑफ़ लेंथ 10 मीटर इज़ स्ट्रेच्ड टू डबल इट्स
47:04लेंथ। एक तार है उसको खींचा या हाफ कर
47:07दिया। या तो क्वेश्चन होगा आधा कर दिया
47:08काट के ओवरलैप करके या फिर उसको लंबा कर
47:12दिया। तो मुझे बताओ क्या उसकी रेजिस्टेंस
47:14चेंज होगी? हां भाई होगी। क्यों होगी? अभी
47:17आप कह रहे नहीं होगी। बेटा रेजिस्टिविटी
47:19नहीं होगी। रेजिस्टेंस तो होगी ना। अभी
47:21आपने पढ़ा फैक्टर्स ऑन व्हिच रेजिस्टेंस ऑफ़
47:23अ कंडक्टर डिपेंड्स। अभी-अभी आपने पढ़ा कि
47:25फैक्टर्स ऑन व्हिच रेजिस्टेंस ऑफ़ अ
47:27कंडक्टर डिपेंड्स। तो रेजिस्टेंस में तो
47:29लेंथ ऑफ कंडक्टर आता है। तो यस रेजिस्टेंस
47:31बदलेगी। रेजिस्टिविटी बदलेगी। नो भाई
47:34खींचो, तोड़ो मोड़ो जो मर्जी करो कॉपर कॉपर
47:36ही रहेगा। क्योंकि रेजिस्टिविटी क्या होती
47:38है? एक पर्टिकुलर कंडक्टर की रेजिस्टेंस।
47:41ठीक है भाई?
47:48तो भाई यहां तक का जो काम आपने करा है ना
47:50ये बहुत इंपॉर्टेंट था। पहले बेस बनाने के
47:54लिए आपका। तो ये जो 47 मिनट्स अप्रोक्स 48
47:57मिनट्स की जो आपकी ये वीडियो है इसको एक
47:59बार दोबारा देखना। एक-एक कांसेप्ट अपनी
48:01नोटबुक में रजिस्टर में नोट करो। इसके बाद
48:03इसका एक पार्ट टू आएगा आपके पास। उस पार्ट
48:06टू में आगे का काम होगा भाई। जैसे कि वो
48:08आगे का न्यूमेरिकल वाला पार्ट थोड़ा
48:10ज्यादा स्टार्ट हो जाएगा कि भाई सी
48:12कनेक्शन कैसे-कैसे होते हैं? सीरीज क्या
48:16होता है? पैरेलल क्या होता है? किसका क्या
48:18फायदा है? किसका क्या नुकसान है?
48:21एममीटर क्या होता है? वोल्टमीटर क्या होता
48:23है? इलेक्ट्रिक सर्किट क्या होता है?
48:27रेजिस्टेंस कैसे निकाली जाती है?
48:29रेजिस्टेंस इन सीरीज़ का फार्मूला क्या
48:30होता है? रेजिस्टेंस इन पैरेलल का
48:32फार्मूला क्या होता है? और न्यूमेरिकल्स
48:34कैसे सॉल्व करने हैं? रेजिस्टेंस को कैसे
48:36सॉर्ट करना है? कौन सी सीरीज़ में करंट सेम
48:40होता है कि पोटेंशियल डिफरेंस सेम होता
48:42है? पैरेलल में कौन सेम होता है? कौन
48:44डिफरेंट होता है? बिजली का बिल कैसे
48:46निकालते हैं? वगैरह कुछ आएगा भाई आगे। ठीक
48:48है? तो इसका अभी ये कम से कम इसके थ्री
48:50टोटल तीन पार्ट्स बनेंगे ऐसे शॉर्ट-शोर्ट
48:52वाले में क्योंकि यार चैप्टर कायदे से
48:5420-25 दिन का चैप्टर है ये। तो अभी आपका
48:57ये वाले पार्ट के अंदर इतना ही। इसके बाद
48:59एक दूसरा पार्ट आपके पे अपलोड हो रहा है।
49:01आपने वो सारे देखने हैं। ठीक है जी? दैट्स
49:03ऑल।