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0:07हेलो नाइंथ क्लास वेलकम बैक टू अनीश
0:10एकडमी। इस वीडियो के अंदर हम लोग जो 2026
0:14की न्यू एनसीआरटी एक्सप्लोरेशन बुक है
0:17उसमें जो आपका मेन चैप्टर है पहले वाला
0:19सेल उसके सारे के सारे एनसीईआरटी सॉलशंस
0:23डिस्कस करेंगे। इन टेक्स्ट भी और एनसीआरटी
0:26के बैक एक्सरसाइज के भी। अप्रोक्स
0:28अप्रोक्स 40 के आसपास क्वेश्चंस करेंगे
0:30जिसमें इंटेक्स्ट भी कवर हो जाएंगे।
0:31एक्स्ट्रा भी थोड़े बहुत कवर हो जाएंगे
0:33एंड आपके बैक एक्सरसाइज के भी। तो स्टार्ट
0:36करते हैं। पहला क्वेश्चन वेयर डस अ सेल कम
0:40फ्रॉम? सेल कहां से आते हैं? भाई एक सेल
0:43हमेशा पुराने सेल से आता है। अ न्यू सेल
0:46ऑलवेज कम्स फ्रॉम एकिस्टिंग सेल्स। और सेल
0:50खुद को डिवाइड करा करा के बढ़ाते हैं। जब
0:53एक सेल डिवाइड होता है उससे आगे फदर डॉटर
0:56सेल्स प्रोड्यूस होते हैं। कि मान लो ये
0:58एक सेल था। इसने खुद को पहले अंदर ही अंदर
1:01इसके दो न्यूक्लियस बने। फिर सही मौका आने
1:04पर ये दो सेल्स में डिटच हो गया। एक सेल
1:07खुद को डिवाइड करके मल्टीप्लाई करता है।
1:09ध्यान रखना। सेल्स के केस में क्या होता
1:11है? सेल्स खुद को डिवाइड करके अपनी संख्या
1:13बढ़ाते हैं। तो क्वेश्चन था वेयर डज़ अ सेल
1:16कम फ्रॉम? तो अ न्यू सेल ऑलवेज कम्स फ्रॉम
1:19एकिस्टिंग सेल्स। कैसे? बाय सेल डिवीजन।
1:23सेल डिवीजन के दौरान वन पेरेंट सेल
1:25डिवाइड्स टू फॉर्म टू और मोर सेल। एक
1:28पेरेंट सेल डिवाइड होता है जिससे दो या दो
1:30से ज्यादा सेल्स बनते हैं। अब आगे अगला
1:33क्वेश्चन। हाउ हैव टेक्नोलॉजिकल इन्वेंशंस
1:37हेल्प अस स्टडी सेल्स? इस क्वेश्चन का
1:40मतलब है कि टेक्नोलॉजी के अंदर जो जो
1:42एडवांसमेंट्स आई है, नए-नए इन्वेंशनंस आए
1:45हैं, उससे सेल स्टडी करने में क्या मदद
1:47मिली है? देखो यार हमें बड़े अच्छे से पता
1:50है कि सेल इतना स्मॉल है कि हम उसको अपनी
1:52नेकेड आई से तो देख ही नहीं सकते। वक्त के
1:55साथ-साथ ये टेक्नोलॉजी तो थी कि प्रिमिटिव
1:57माइक्रोस्कोप से लाइट माइक्रोस्कोप की तरफ
1:59गए। फिर आगे लाइट माइक्रोस्कोप से
2:01इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की तरफ। ये जो
2:03न्यू न्यू तरह के माइक्रोस्कोप्स एंड ऑल
2:06आए ना पहले लाइट माइक्रोस्कोप हुआ करता
2:08था।
2:09उसके बाद और टेक्नोलॉजी के साथ इतना
2:11खतरनाक सा यह इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप भी
2:13आ गया। यह क्या है? यह टेक्नोलॉजी ही तो
2:16है। तो सिंपल हम लिख सकते हैं कि
2:20टेक्नोलॉजिकल इन्वेंशंस जैसे कि लाइट
2:22माइक्रोस्कोप और इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप।
2:24इन्होंने साइंटिस्ट की बहुत मदद करी है
2:27सेल्स को और डिटेल में जांच में। ठीक है?
2:29पहले देसी माइक्रोस्कोप से ना गिनीचुनी
2:31चीजें दिखती थी कि सेल के अंदर एक
2:33न्यूक्लियस दिख गया। एक सेल मेंब्रेन उसकी
2:35बाउंड्री दिख गई। एक आधा कोई डॉट डॉट डॉट
2:37डॉट दिख गया।
2:38ये जो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप जैसी चीजें
2:40आई है इन्होंने सेल के बाकी अनफाउंड
2:43ऑर्गेनलीस भी ढूंढने में मदद करी जो बाद
2:47में पता लगे साइंटिस्ट को। इन
2:49माइक्रोस्कोप्स की वजह से क्या होता है
2:51भाई? इनकी वजह से हमें बहुत छोटे-छोटे सेल
2:53के स्ट्रक्चर्स भी दिख जाते हैं जो
2:54नॉर्मली आपको नेकेड आई से नहीं दिखेंगे।
2:57नेक्स्ट क्वेश्चन। व्हाट इज़ द लिमिट ऑफ़
3:00रेजोल्यूशन ऑफ़ ह्यूमन आई? भाई, अगर वन
3:02वर्ड है ना, तो 0.1 मि.मी. एमएम मतलब
3:06मिलीमीटर। अब आगे होता क्या है भाई थोड़ा
3:09अगर थ्योरेटिकल लिखना हो तो लिमिट ऑफ
3:11रेजोल्यूशन क्या होती है कम से कम कितना
3:14डिस्टेंस हो कि ह्यूमन आई दो ऑब्जेक्ट्स
3:17को अलग-अलग देख सके कि उसको ये ना लगे कि
3:19ये एक ही ऑब्जेक्ट है कि दूर से देखने में
3:22तो एक ही लगेगा ना तो भाई वो अगर वन वर्ड
3:25आंसर आपको चाहिए ना तो 0.1 मिलमी मतलब एक
3:28जनरल क्यूरोसिटी वाला क्वेश्चन है कि एक
3:32ह्यूमन आई की रेज़ोल्यूशन की क्या लिमिट
3:34है तो 0.1 1 मिलीमीटर की एक नंबर में आ
3:39सकता है। ये ध्यान रखिएगा।
3:42ये वो टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स की लाइट
3:44माइक्रोस्कोप और एक खतरनाक सा इलेक्ट्रॉन
3:46माइक्रोस्कोप।
3:49अब व्हाई इज एन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप
3:52यूज्ड? भाई ये वाला जो है ना तुम्हें देख
3:53के पता लग रहा है। इतना कॉम्प्लेक्स सा
3:55तगड़ा सा सेटअप बना रखा है इसका। लाइट
3:57वाला तो कंपैरेटिवली सिंपल सा था। यह जो
4:00इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप है ना यह बहुत ही
4:03ज्यादा छोटे-छोटे सेल के स्ट्रक्चर्स
4:05देखने के लिए यूज किया जाता है। जो एक
4:07नॉर्मल लाइट माइक्रोस्कोप देख ही नहीं
4:09सकता। यह बहुत हाईली मैग्नीिफाइड इमेज
4:12देता है और क्लियर इमेज देता है। महंगा भी
4:15आता है। एक जनरल लेवल का क्वेश्चन
4:18मिलीमीटर जो आप लोगों ने पहले सुना हुआ है
4:20और माइक्रोोमीटर जो आपने शायद नहीं सुना
4:23होगा। इनके बीच में क्या रिलेशन है? व्हाट
4:26इज द रिलेशन बिटवीन मिलीमीटर एंड अ
4:29माइक्रोमीटर? यार आप लोगों ने सुना होगा
4:32मीटर उससे छोटा सेंटीमीटर उससे छोटा
4:34मिलीमीटर। आप लोगों की वो जो सबसे छोटी
4:36यूनिट है ना जो आप लोग मेजरमेंट में यूज़
4:38करते हो मिलीमीटर। 1 मिलीमीटर में 1000
4:42माइक्रो मीटर आ जाते हैं। तो सोचो माइक्रो
4:44मीटर कितना छोटा होगा? कि 1 मिलीलीटर आप
4:47लोगों की नॉलेज के हिसाब से तो मिलीलीटर
4:49ही सबसे छोटा है ना। उसमें 1000 माइक्रो
4:51मीटर आ जाते हैं। तो सोचो माइक्रो मीटर
4:54कितना स्माल होता होगा?
4:56नेक्स्ट आपका क्वेश्चन आ जाता है। हाउ कैन
5:00द साइज ऑफ अ सेल बी एस्टेटेड? बेटा इसमें
5:03ना अभी इस साल तो न्यू न्यू है। अगले साल
5:06में आपको ना न्यूमेरिकल देखने को मिल
5:07जाएंगे इसके एक नंबर में। अभी तो इस साल
5:09नई-नई बुक आई है तो चांसेस थोड़े कम है।
5:12इसके न्यूमेरिकल आपको देखने को नजर आएंगे।
5:14प्रॉपर बुक में क्योंकि फार्मूला दे रखा
5:16है। एक सेल का साइज कैसे अंदाजा लगाया
5:19जाता है? द साइज ऑफ अ सेल कैन बी एस्टेटेड
5:23बाय यह ध्यान से देखना। डिवाइडिंग द
5:26डायमीटर ऑफ द वििबल फील्ड बाय द नंबर ऑफ
5:29सेल्स प्रेजेंट। अगर आपको एक सेल के साइज
5:32का अंदाजा लगाना है तो बड़ा सिंपल सा है।
5:34जितना भी आपको दिख रहा है, नजर आ रहा है,
5:37जो भी आपको एरिया नजर आ रहा है, उसका
5:39डायमीटर अपॉन कितने सेल्स वहां पर हैं?
5:43अगर आप उसे डिवाइड कर देंगे, तो आप पे एक
5:45सेल का साइज़ आ जाएगा। ये कोई बहुत
5:47कॉम्प्लेक्स फार्मूला नहीं है। कॉमन सेंस
5:49बेस्ड क्वेश्चन था। जैसे मान लो फॉर
5:51एग्जांपल अगर मैं बोलूं कि ये एरिया है
5:54एक। ठीक है? इसका डायमीटर है फॉर एग्जांपल
5:5720 मीटर। और इसके अंदर 10 लोग प्रेजेंट
6:01है। तो बेटा 20 को अगर आप 10 से डिवाइड
6:04करोगे इसका मतलब एक-एक बंदा कितनी जगह ले
6:06रहा है? दो। 2 मीटर की। यह इतनी कॉमन सेंस
6:10के ऊपर यह फार्मूला बना रखा है। बट यह
6:13पूरे-पूरे चांसेस है कि आने वाले सालों
6:15में आपको यह क्वेश्चंस न्यूमेरिकल में एक
6:17नंबर में देखने को मिल सकते हैं। अब
6:21क्या होगा अगर सो मूंग की बीन सीड्स को आप
6:25कंसंट्रेटेड सॉल्यूशन में रखें। बेटा वो
6:27ऐसे यार थोड़ा इंग्लिश में ना एम यू एन जी
6:30सोक्ड मूंग बीन कुछ नहीं यार हरी मूंग की
6:32दाल ये देखो ये नहीं होती हरी मूंग की दाल
6:37उसकी बात हो रही है तो क्वेश्चन है क्या
6:41होगा
6:42आपके हिसाब से
6:45अगर सोक्ड मूंग की दाल के सीड्स को आप एक
6:50कंसंट्रेटेड सॉल्यूशन में रखो तो यार आपको
6:52सिंपल बताया था अगर आप किसी चीज को प्योर
6:55या इसके ना इस वीडियो में बहुत सारे
6:57क्वेश्चन है। अगर आप प्योर वाटर में किसी
7:00चीज को रखोगे तो वाटर उस चीज में ऑस्मोसिस
7:03से आ जाएगा और वो क्या हो जाएगी चीज?
7:05स्वेल हो जाएगी। अगर आप किसी कंसंट्रेटेड
7:08सॉल्यूशन में रखोगे ना जैसे सॉल्ट टी वाटर
7:10ये सब चीजों में कंसंट्रेटेड सॉल्यूशन में
7:13तो उसका सारा पानी बाहर चला जाएगा
7:16ऑस्मोसिस की वजह से और वो श्रिंक होएगा।
7:18तो यही क्वेश्चन है। अगर मूंग की दाल को
7:20आप नमक वाले पानी में फॉर एग्जांपल रख दो
7:22तो क्या होगा? सिकुड़ जाएगी बेटा वो। सेम
7:25एग्जांपल किशमिश से किया जा सकता है। सेम
7:27एग्जांपल एग से कर सकते हैं। सेम एग्जांपल
7:29बुक में पोटैटो से करा है। कैरेट से करें।
7:32होगा क्या? वाटर विल मूव आउट ऑफ द सीड बाय
7:35ऑस्मोसिस। और क्या होगा? फिर वो सीड
7:38श्रिंक हो जाएगी। जिसका पानी निकल गया यार
7:40आप समझ लो ना कि
7:43सिकड़ी हुई किशमिश।
7:46अब आगे
7:50ये बेटा पहले भी हमने ऑफलाइन में डिस्कस
7:52करा था। फ्लूइड मोसेक मॉडल बेटा यह ना एक
7:56डिजाइन होता है। यह एक आर्ट होती है। यह
7:58देखो अक्सर हमने बहुत सारे स्विमिंग पूल्स
8:00में ऐसे स्ट्रक्चर देखे हैं। ये ब्लू वाला
8:03तो जरूर देखा होगा। आपने स्विमिंग पूल की
8:04जो बाउंड्रीज बन रखी होती है ना ये मोसेक
8:07टाइल्स कहते हैं इसको। ये ये चीज मोसेक
8:10आर्ट मोसेक टाइल्स। इसी वजह से यहां सेल
8:14के अंदर भी इसका चर्चा हुआ है। फ्लूइड का
8:16मतलब यहां पर ना लिक्विड से नहीं मूवमेंट
8:18से और मोसेक क्या होता है? टाइल लाइक
8:20अरेंजमेंट। ये क्या है भाई? ये इतना फैंसी
8:23नाम क्यों और बच्चों को कंफ्यूज करने के
8:25लिए? क्यों ये क्वेश्चन है? ध्यान से
8:26देखो।
8:28सिंपली आपने यह लिखना है भाई कि जो फ्लूइड
8:30मोसेक मॉडल है ना यह सेल मेंब्रेन का
8:33स्ट्रक्चर समझाता है। यह मॉडल एक्सप्लेन
8:36करता है कि सेल मेंब्रेन जो है ना वो एक
8:38फ्लूइड से बनी हुई है। फ्लूइड की लिपिड्स
8:41की लिपिड्स प्रोटंस जैसे ही होते हैं।
8:43उनकी लेयर से बनी हुई है। और उसके अंदर जो
8:46प्रोटीनंस है वो जैसे मोसेक टाइल्स के
8:48अंदर अरेंज हो रखा है ना ये ऐसे डिज़ाइनों
8:51की तरह ऐसे इन टाइल्स की तरह उसके अंदर
8:54प्रोटंस अरेंज है। दोबारा समझ लो फ्लूइड
8:57मोसेक मॉडल क्या कहता है कि आपकी सेल
8:59मेंब्रेन तो लिक्विड से बनी हुई है और उस
9:01लिक्विड के अंदर जैसे डिजाइन बन रखा है ना
9:04ये अभी जो मैं अभी से लेवल कर रहा हूं ऐसे
9:06मोसेक टाइल्स की तरह प्रोटंस उसमें
9:09अरेंज्ड हैं।
9:11अगर आप पेपर में फ्लूइड मोसेक मॉडल आ जाए
9:13दो-तीन नंबर में। ये लिख के आना एक नंबर
9:16भी नहीं कटेगा। सबसे पहले तो दोबारा मैं
9:18समझा रहा हूं ये क्वेश्चन कि फ्लूइड मोसेक
9:21मॉडल क्या समझाता है? सेल मेंब्रेन का
9:24स्ट्रक्चर समझाता है। पहली बात। दूसरी बात
9:27यह मॉडल समझाता है कि सेल मेंब्रेन जो है
9:29वह फ्लूइड लिपिड से बनी हुई है और
9:32प्रोटीनंस जो है वो उसके अंदर
9:34मोसेक्टाइल्स की तरह अरेंज्ड है।
9:37अगला क्वेश्चन प्लांट्स को सेल वॉल की
9:40क्या ही जरूरत है?
9:43प्लांट्स को सेल वॉल की जरूरत इसलिए है
9:45भाई क्योंकि सेल वॉल प्लांट्स के सेल को
9:47एक शेप देती है, सपोर्ट देती है और
9:49प्रोटेक्शन देती है। ये तो हो गया बच्चों
9:51वाला आंसर। और आगे क्या लिख सकते हो? इसके
9:54अलावा भाई आपको पता है प्लांट सेल्स को
9:56रेगुलरली पानी नहीं मिलता। तो जब मिलता है
9:58ना वो एकदम से अब्सॉर्ब कर लेते हैं। तो
10:01ये जो सेल वॉल है ना ये प्लांट के सेल्स
10:03को रोकती है कि वो फट ना जाए जब वो पानी
10:05अब्सॉर्ब कर रही है। क्या होता है ये देखो
10:08एक स्ट्रक्चर सा
10:13मैं डॉ कर देता हूं। यहां पर देख लो। लो
10:17कि जैसे मान लो ये प्लांट का सेल है।
10:21इस सेल के बाहर ना जैसे ऐसे समझ लो
10:26ये आपका प्लांट सेल है। ये जो ब्लैक ब्लैक
10:30सी मैंने बनाई है ये इसकी सेल मेंब्रेन
10:31है। सीएम लिख रहा हूं मैं इसको। इसके बाहर
10:34एक अलग से हार्ट प्रोटेक्शन कवर होता है
10:36जो एनिमल सेल्स में नहीं होता। इस रेड
10:39वाली लाइन को बोलते हैं सेल वॉल। तो ये
10:43क्या करती है भाई? प्लांट को सपोर्ट देती
10:44है, शेप देती है। जब पानी प्लांट्स पानी
10:47अब्सॉर्ब करते हैं तो उन्हें फटने से
10:49बचाती है। ये इनका काम होता है।
10:53अच्छा क्या होगा अगर ये प्लांट की सेल वॉल
10:56भी सेल मेंब्रेन जितनी ही फ्लेक्सिबल हो
10:58जाए क्योंकि सेल वॉल होती है रिजिड। अगर
11:00ये भी सेल मेंब्रेन जितनी फ्लेक्सिबल हो
11:02जाए तो प्लांट का गुजारा नहीं हो पाएगा।
11:04बेटा प्लांट सेल्स अपनी सारी शेप अभी-अभी
11:07ऊपर आपने पढ़ा है। देखो रिलेटेड क्वेश्चन
11:09है कि ये सेल वॉल क्या करती है? अगर यह भी
11:11सेल मेंब्रेन जैसी होगी तो इसका काम नहीं
11:13हो पाएगा। प्लांट सेल्स अपनी शेप और
11:15स्ट्रेंथ त्याग देंगे। इसके अलावा पानी
11:18अब्सॉर्ब करते हुए फट भी सकते हैं।
11:22ठीक है? इसके आगे अब
11:2811th क्वेश्चन बेटा ये जो 11th क्वेश्चन
11:30है ना हमने इसके जैसे बहुत सारे क्वेश्चंस
11:32करे थे। ये इंटेक्स्ट क्वेश्चन है। एक बैक
11:35एक्सरसाइज में कैरेट वाला क्वेश्चन है।
11:37पूरा एक्सपेरिमेंट है वो। क्वेश्चनंस बहुत
11:39सारे बन सकते हैं। क्वेश्चन बनता है एग
11:41का, किशमिश का, पोटैटो का, कैरेट का या
11:45अभी मूंग का देख लिया आपने। ब्लड सेल का
11:48हो सकता है। ठीक है? कि यार क्या होगा? अब
11:52ना ये एक एक्सपेरिमेंट था। शॉर्ट में मैं
11:54बता रहा हूं एक्सपेरिमेंट क्या था। दो आलू
11:56के पीस लिए थे। ठीक है? एक को प्योर वाटर
12:01में रखा था। एक को कंसंट्रेटेड सॉल्यूशन
12:03में रखा था। अभी-अभी हमने ऊपर लॉजिक सीखा।
12:05अभी-अभी कि प्योर वाटर में क्या होता है?
12:08स्वेल हो जाता है और कंसंट्रेटेड में
12:10श्रिंक हो जाता है। अब वो कह रहे हैं
12:16कि भाई ये दोनों आलू सेम साइज के क्यों
12:19होने चाहिए इस ऑस्मोसिस वाले एक्सपेरिमेंट
12:21से पहले? तो सिंपल है ना भाई ताकि आपको
12:23सही और एक्यूरेट रिजल्ट्स मिले। इसलिए
12:25दोनों आलू के पीस, दोनों गाजर के पीस,
12:27दोनों एग्स जो भी क्वेश्चन है वो जिनसे आप
12:30एक्सपेरिमेंट करवा रहे हो ना कि एक को
12:32आपने प्योर वाटर में डाला, एक को
12:33कंसंट्रेटेड सॉल्यूशन में डाला। जैसे
12:35साल्टी वाटर वगैरह में तो दोनों सेम साइज
12:37के होने चाहिए ताकि आपको सही फेयर
12:39एक्यूरेट रिजल्ट्स पता लगे। बेटा अब इनमें
12:42से ये क्वेश्चन बहुत अच्छा है। अगेन वही
12:45बात बोलूंगा मैं इस साल आने का चांस उतना
12:47ज्यादा नहीं आने वाले सालों में दिखेगा
12:49दिखेगा क्योंकि बेटा एनसीआरटी ने बुक छापी
12:51है ना 15 साल कहीं नहीं गई है वो यही
12:53चलेगी। दो चार साल में सारे क्वेश्चंस
12:56कॉमन हो जाएंगे। अभी आपको लग रहा है
12:58क्योंकि आप लोगों के साथ नया है कि फ्लूइड
13:00मोसेक मॉडल हम गलत फंस गए। बेटा ये अभी
13:02है। हो सकता है कुछ स्कूल टीचर्स को लग
13:04रहा हो कि हां ये क्या है? ये है वो है।
13:06काम बढ़ गया। दो-ती सालों में धक्के खाएंगे
13:09ये क्वेश्चंस। फ्लूइड मोसेक मॉडल बच्चे
13:11बच्चे को पता होगा कि क्या होता है।
13:14ठीक है? अब इनमें से एक वर्ड है जो आपने
13:16सुन रखा है। दैट इज वायरसेस। हम इसके अंदर
13:20थोड़ा सा एक्स्ट्रा में वॉइड्स और
13:21प्रियों्स के बारे में भी पढ़ेंगे।
13:24पहली बात तो वायरसेस क्या होते हैं?
13:27ये देखो।
13:30सबसे पहले इतनी कैटेगरीज क्या है बेटा? ये
13:32जो पैथोज्स होते हैं ना यह सारे पैथोज्स
13:35के खानदान से आते हैं। पैरासाइट्स,
13:38प्रोटोजोआ, फंगाई, प्रोकैरियोट्स, वायरस,
13:43प्रायन और ये जो अभी ऊपर एक और पढ़ा था। ये
13:46ना सारे एक ही खानदान के होते हैं
13:48थोड़े-थोड़े। इनका कैटेगरी बना रखी है।
13:50इनमें से सेल्स वाले कौन से हैं?
13:52पैरासाइट्स, प्रोटोजोआ, फंगाई,
13:53प्रोकैरियोट। और बिना सेल्स वाले कौन है?
13:56वायरस और प्रायोन हो गया। अब क्या
13:58सिनेरियो है भाई इनका? पहले ना एक चैप्टर
14:02हुआ करता था ओल्ड एनसीआरटी में कुछ साल
14:03पहले लास्ट ईयर नहीं था। व्हाई डू वी फॉल
14:06इन? वहां पर इनके बारे में थोड़ा-थोड़ा
14:09पढ़ाया जाता था कि कुछ बीमारियां ऐसी होती
14:11है जो वायरसेस करते हैं। जैसे कोरोना
14:13वायरस कुछ बीमारियां बैक्टीरिया की वजह से
14:15होती है। कुछ बीमारियां प्रायंस की वजह से
14:18होती है। कुछ बीमारियां फंगाई की वजह से
14:20होती है। कुछ बीमारियां प्रोटोजोआ की वजह
14:22से होती है। कुछ बीमारियां पैरासाइट्स की
14:24वजह से होती है। इनफेक्शन कॉज करती है ये।
14:26तो इन्हीं के बारे में थोड़ा सा पढ़ना है।
14:29इनमें फर्क क्या है? पहली बात तो अभी-अभी
14:31देखो आपने यहां पे क्या देखा कि वायरसेस
14:34किस खानदान में आ रहे हैं? एसेल्यूलर में।
14:36मतलब इनमें सेल्स नहीं होते। तो वायरसेस
14:39आर एसेल्यूलर इनफेशियस एजेंट्स। इनफेक्शन
14:42कॉज करते हैं। कोरोना वायरस इतना बड़ा
14:44पेंडेमिक आ गया इसकी वजह से। जो जेनेटिक
14:46मटेरियल और प्रोटीन की कोटिंग से बने हुए
14:49हैं। इसका ना ये ध्यान रखना भाई। ऐसे ही
14:51नहीं इग्नोर करना किससे बना हुआ है।
14:53वायरसेस जेनेटिक मटेरियल और प्रोटीन की
14:56कोटिंग से बने हुए हैं। जेनेटिक मटेरियल
14:59से और प्रोटीन की कोटिंग से। ये क्यों
15:01जरूरी है? क्योंकि इसी के दम पे डिफरेंस
15:04होगा। इन्हीं के जैसे जो वॉइड्स होते हैं
15:07इनमें सिर्फ जेनेटिक मटेरियल है लेकिन
15:09प्रोटीन नहीं है। इसलिए बोला था ध्यान से
15:12पढ़ना। वायरसेस में जेनेटिक मटेरियल भी
15:14होता है और प्रोटीन की कोटिंग भी होती है।
15:16वीरॉइड्स में सिर्फ जेनेटिक मटेरियल होता
15:19है। प्रोटीन की कोटिंग नहीं होती। ठीक है?
15:22वायरसेस में जेनेटिक मटेरियल भी होता है।
15:25प्रोटीन की कोटिंग भी होती है। विरॉइड्स
15:26में जेनेटिक मटेरियल डीएनए तो होता है बट
15:29प्रोटीन की कोटिंग नहीं होती। और प्रायंस
15:32जो है ये तो बेटा मैं सही बताऊं वो जो
15:35डेकोरेशन के लिए यूज़ की जाती है ना चीजें।
15:37जैसे देखो ये पहला डायग्राम था एक वायरस
15:39का। यह ऐसी फोटो आपने न्यूज़ पेपर में
15:41बड़ी देखी होगी अखबारों में कोविड के टाइम
15:43पर
15:46यह भी रॉय इसके जैसे ही है देखने में तो
15:48इसके जैसा ही होता है सिमिलर सा ये देखो
15:51ये आपको वायरस लग भी नहीं रहा होगा ये तो
15:53आपको वो चमकीली सी लग रही होगी वो डिजाइनर
15:54सा वो बर्थडे पॉपर्स में नहीं आता ऐसासा
15:56डिजाइन
15:58ये बेटा प्रायंस कहलाते हैं। यह जो बनाया
16:01ना यह बना हुआ है ना जो यह वो डिजाइन सा
16:03पेपर से बनाते हैं बच्चे ऐसे यह प्रायंस
16:06इवन यह जो आर्ट होती है ना यह बनाने की
16:09इन्हें प्रायन आर्ट ही कहते हैं क्योंकि
16:11प्रायंस जैसी शेप है। प्रायंस इस शेप के
16:14होते हैं।
16:16अब
16:18हमने पढ़ा वायरसेस में जेनेटिक मटेरियल भी
16:21है। वायरसेस के अंदर प्रोटीन कोटिंग भी
16:23है। विरियड्स के अंदर आपका जेनेटिक
16:27मटेरियल है। प्रोटीन कोटिंग नहीं है।
16:29प्रायंस भी इनफेशियस प्रोटंस ही है। लेकिन
16:32इनमें जेनेटिक मटेरियल नहीं होता। तो मैं
16:34ऐसा भी कह सकता हूं कि प्रोटीन कोटिंग है,
16:36जेनेटिक मटेरियल नहीं है। तो तीनों आपस
16:38में सिमिलर ही है। क्योंकि तीनों के
16:40डिफरेंसेस जो है वो करी सिर्फ इस बात पे
16:42रहे हैं कि डीएनए है या प्रोटीन है।
16:44जेनेटिक मटेरियल है या प्रोटीन है। तो
16:46सिंपल एक बार रिपीट कर लेना इतनी बात को
16:50कि क्या है भाई? वायरसेस में जेनेटिक
16:52मटेरियल भी है, प्रोटीन कोटिंग भी है। इन
16:53तीनों में से स्ट्रांग वायरसेस ही होते
16:55हैं। वॉइड्स में जेनेटिक मटेरियल है,
16:57प्रोटीन कोटिंग नहीं है। और प्रायंस के
16:59अंदर प्रोटीनंस हैं बट जेनेटिक मटेरियल
17:01नहीं होता। ठीक है जी।
17:05व्हाट इज साइटोस्केलेटन? ये देखो फोटो।
17:12यह रहा। यह जो बेटा एक सेल मेंब्रेन के
17:15अंदर यह जो धागे धागे से है ना यह यह
17:18साइटोस्केलेटन कहलाते हैं।
17:23साइटोस्केलेटन क्या है? साइटोस्केलेटन एक
17:26नेटवर्क है पतले-पतले फाइबर्स का। फाइन
17:29मतलब यहां पे पतले से हैं। एक यूकैरियोटिक
17:32सेल के अंदर ये सेल को सपोर्ट करता है।
17:34अच्छा क्वेश्चन है। ये इस साल भी आ सकता
17:37है। अच्छा सेल इंक्लूजंस क्या है? बेटा
17:40इंक्लूजंस एक बेसिक इंग्लिश वर्ड है। किसी
17:42चीज के अंदर क्या-क्या है उसको इंक्लूजंस
17:44कहते हैं। तो सेल इंक्लूजंस कुछ नॉन
17:46लिविंग चीजें हैं जो सेल के साइटोप्लाज्म
17:48में जो सेल का लिक्विड पार्ट होता है ना
17:50जैसे सेल है तो सेल का जो लिक्विड पार्ट
17:52है साइटोप्लाज्म इसके अंदर स्टर्ड होते
17:54हैं।
17:57जैसे कि स्टार्च हो गया, ऑयल हो गया
17:59एक्सट्रा।
18:01ये वो पैथोज्स का फ्लो चार्ट। ये ये वायरस
18:04था। ये विरॉइड्स था और ये आपका प्रायंस था
18:07और ये साइटोस्केलेटन।
18:09अब आगे बेटा कुछ क्वेश्चंस रिमेंबरिंग
18:11बेस्ड। हु डिस्कवर्ड गोल्गी अपरेटस आंसर
18:15सिंपल वन वर्ड आंसर है भाई कैमिलो गोल्गी
18:171898 में ईयर पूछा नहीं था मैंने बता दिया
18:20थोड़े टाइम बाद आपको कहीं ना कहीं मिल
18:22सकता है 1898 में कैमिलो गोल्गी ने गोलगी
18:26अपरेटस गोल्गी बॉडीज को डिस्कवर करा था
18:28सेल्स के अंदर
18:30ये बहुत अच्छा क्वेश्चन है बेटा एप्लीकेशन
18:32बेस्ड क्वेश्चन है ये वाला जो क्वेश्चन है
18:34ना 16th मुझे उम्मीद है कि ये सेप्टेंबर
18:37में बेशक ना आए ये आपके जो आगे मार्च वाले
18:40एग्जाम्स होंगे ना वहां पर ये क्वेश्चन आ
18:42सकता है फाइनल एग्जाम्स।
18:46लाइसोजोम्स के जो एंजाइम्स होते हैं उनकी
18:50क्या जरूरत है ह्यूमन के स्पर्म सेल्स
18:52में? वैसे तो बेटा ये जो टॉपिक है ये 10थ
18:54क्लास का है। बट यहां पर हम क्योंकि आपके
18:57सिलेबस का पार्ट है तो अभी पढ़ेंगे। ये
18:59देखो ये फोटो क्या दिखा रही है? जिस टाइम
19:01पर ह्यूमंस में एनिमल्स में रिप्रोडक्शन
19:03होती है। ये एक मेल का स्पर्म सेल है। इसी
19:08स्ट्रक्चर का होता है। ये जो अभी ग्रीन से
19:10मैंने लेवल करा। और यह जो बन रखा है ना यह
19:14ब्लू ब्लू जिसको मैं लेयर कर रहा हूं
19:17यह फीमेल का एक सेल है। प्रेगनेंसी कह लो,
19:21फर्टिलाइजेशन कह लो या रिप्रोडक्शन कह लो
19:24तभी होती है जिस टाइम पर ये स्पर्म सेल इस
19:29एग सेल को ब्रेक करता है। ये जो स्पर्म
19:32सेल्स है ना जिस टाइम पर ये स्पर्म सेल इस
19:34एग सेल को फाड़ के ब्रेक करेगा तब जाके
19:38फर्टिलाइजेशन होती है। तो फिर ह्यूमंस में
19:41जैसे होता है ना कि 9 मंथ्स बाद एक बच्चा
19:43पैदा होगा। इस प्रोसेस के 9 महीने बाद
19:46होता है वो। तो लाइसोजोम्स कहां से आ गए
19:49इसमें? तो लाइसोजोम्स के जो एंजाइम्स है
19:52ना बेटा वो मदद करते हैं स्पर्म को एग को
19:56एग की बाहर वाली कवरिंग को फाड़ने में,
19:58ब्रेक करने में जिससे फर्टिलाइजेशन जो
20:01होती है जो रिप्रोडक्शन है वो पॉसिबल हो
20:03पाएगी, इजी हो पाएगी। यह जो लाइसोजोम्स
20:06क्योंकि हमने एक बात पढ़ी थी कि
20:08लाइसोजोम्स के एंजाइम्स वेरी वेरीरी
20:10पावरफुल होते हैं। डाइजेस्टिव एंजाइम्स
20:12होते हैं और रिप्रोडक्शन के टाइम पर
20:14स्पर्म को ना एग को एग की बाहर वाली लेयर
20:18को ब्रेक करना है। जो फीमेल एग होता है
20:20ओव्यूम ओवा कहते हैं जिसको उसको ब्रेक
20:22करना है। तो लाइसोजोम्स के एंजाइम मदद
20:24करते हैं स्पर्म की। उस एग की आउटर कवरिंग
20:27को ब्रेक करने के लिए।
20:30एक्स्ट्रा क्वेश्चन अगेनेंट स्ट्रोमा क्या
20:33होता है? डायग्राम में दिखाते हैं आपको।
20:35ये देखो
20:37ये बेटा एक डायग्राम है क्लोरोप्लास्ट का।
20:40प्लास्टेड होते हैं एक तरीके के प्लांट
20:42सेल्स में क्लोरोप्लास्ट। ये जो बेसिकली
20:45ये टेबलेट्स टैबलेट से बन रखे हैं ना ये
20:47ग्रीन ग्रीन से टेबलेट्स दिख रहे हैं आपको
20:49ये गोलियां लग रही है बेसिकली। जैसे आजकल
20:52वो नहीं चलते वो एप्पल साइडर विनेगर के
20:54टेबलेट्स वैसे लग रहे हैं। यह यह इसके साथ
20:58में यह जो है ना स्ट्रक्चर यह स्ट्रोमा
21:00कहलाता है। स्ट्रोमा का लेमाइल और
21:03स्ट्रोमा ये वाला सारा वो जो कुशन टाइप बन
21:05रखा है ये कहलाता है। ये ना सोचना ये
21:08चप्पल है बेटा ना ना ना ना। ठीक है? अब ये
21:11तो वैसे ही डायग्राम दिखा दिया। पेपर में
21:12डायग्राम लेबलिंग के लिए नहीं आना आपको।
21:14इसका याद रखने वाला अगेन क्वेश्चन है कि
21:16स्ट्रोमा क्या होता है?
21:19स्ट्रोमा एक सेमीफ्लूइड सब्सटांस है। सेमी
21:21फ्लूइड क्यों बोल रहा हूं वो मैं इसके
21:22डायग्राम से आपको दिखा सकता हूं। यह ना
21:25थोड़ा-थोड़ा फॉर्म लग रहा है। कल परसों
21:27मैं आपने उसमें पढ़ा था कोलाइडल में कि
21:29फॉर्म एक कोलाइड है, थोड़ा लिक्विड है,
21:31थोड़ा गैस है। ऐसे सेमी फ्लूइड्स हैं। मैं
21:34इसको ये जो स्पोंज है ना जिसके ऊपर ये
21:36सारे कैप्सूल्स टिके हुए हैं। ये वाला
21:38पार्ट। मैं इसको कंप्लीटली सॉलिड या
21:40कंप्लीटली लिक्विड नहीं कह पा रहा। इसलिए
21:42मैं इसको सेमी फ्लूइड कह रहा हूं
21:46जो क्लोरोप्लास्ट में प्रेजेंट होता है और
21:49फोटोसिंथेसिस में मदद करता है। अगर ये ऊपर
21:52वाला पैरा भी लिखोगे ना तो भी चलेगा।
21:53फिलहाल नोट्स में दोनों लिखना।
21:56अगला क्या वाइट फ्लावर्स में भी कोई
21:59पिगमेंट होती है? यस होती है ना?
22:03यस। वाइट फ्लावर्स आल्सो कंटेन पिगमेंट्स।
22:06वाइट फ्लावर्स में भी पिगमेंट होती है। बट
22:10उनके अंदर ना अलग-अलग कलर्स की पिगमेंट
22:12नहीं होती। बड़े मात्रा में छोटी मात्रा
22:14में होती है। और
22:16ज्यादातर ये वाइट ही कलर नजर क्यों आते
22:19हैं? दे मेनली रिफ्लेक्ट ऑल कलर्स ऑफ
22:21लाइट। ये ना लाइट के सारे कलर्स को
22:23रिफ्लेक्ट कर देते हैं। और आपको ये बात तो
22:26पता होगी। नहीं पता तो 10थ में आ जाएगी कि
22:28सारे कलर्स बने तो वो वाइट लाइट से ही है
22:30ना। वो विप्योर के जितने भी कलर है
22:31वायलेट, इंडिगो, ब्लू, ग्रीन, येलो,
22:33ऑरेंज, रेड। तो यह सारे कलर्स को स्कैटर
22:36करती है। इसी वजह से वाइट नजर आती है।
22:40यह देखो भाई ना जानना पहचान जे क्रेक
22:43वेंटर कौन था? और उसने क्या करा? अब जब तक
22:45आपको इसके बारे में नहीं पता होगा आप कैसे
22:47लिखोगे?
22:49और बेटा ये वाले क्वेश्चंस आपको अगर लग
22:51रहा हो ना कि ये कहां से आ गए? बेटा ये
22:53एनसीआरटी के अंदर से निकाले हुए हैं
22:54क्वेश्चंस। भी एनसीआरटी में से वो जो साइड
22:57पे बॉक्सिक बुक्स आपने इग्नोर कर दिए ना
22:59ये सारे क्वेश्चंस वहां से आए हैं।
23:02जे क्रेग वेंट एक साइंटिस्ट था। एक
23:05साइंटिस्ट थे जिन्होंने सिंथेटिक डीएनए
23:09क्रिएट कर दिया था। लेबोरेटरी में एक होता
23:10है नेचुरल डीएनए। इन्होंने स सिंथेटिक
23:14मतलब नेचुरल नहीं सिंथेटिक डीएनए लैब में
23:18अपनी क्रिएट कर दिया था। और उससे शो कर
23:21रहा था एक्सपेरिमेंट से। का एक्सपेरिमेंट
23:22ये दर्शा रहा था कि डीएनए ही सेल की सारी
23:25एक्टिविटीज और स्ट्रक्चर को एक्टिविटीज को
23:28स्ट्रक्चर को कंट्रोल करता है। और इसका ना
23:30बेटा एक और लॉजिक भी है। आपने बोल दिया
23:32आपको इतना तो याद है कि सेल की सारी
23:34एक्टिविटी सेल का ब्रेन न्यूक्लियस
23:35कंट्रोल करता है। न्यूक्लियस के अंदर ही
23:37तो होता है डीएनए। तो ये बात बोलने में
23:39कोई बड़ी बात थोड़ी ना।
23:42सेल साइकिल क्या होती है? बेटा
23:45जैसे एक चीज होती है
23:49हां जी। तो सेल साइकिल का क्या होता है?
23:51एक टॉपिक होता है जैसे प्रोडक्ट लाइफ
23:54साइकिल, बिजनेस साइकिल्स इनका मतलब क्या
23:57होता है? फेसेस होते हैं। ठीक है?
24:00इसी तरीके से सेल की लाइफ में भी ना कुछ
24:03फेसेस आते हैं। एक पूरी लाइफ साइकिल जैसे
24:06लाइफ साइकिल वर्ड तो सुना होगा ना आपने
24:08बर्थ से लेके डेथ तक वैसे ही सेल साइकिल
24:10है कि भाई सेल साइकिल क्या है? एक प्रोसेस
24:12है एक प्रोसेस जिसके अंदर एक सेल ग्रो
24:16होएगा, डिवाइड होएगा। एक ऑर्डरली तरीके से
24:19ऑर्डरली मतलब स्टेप बाय स्टेप उम्र के
24:21साथ-साथ अब ऐसा तो नहीं है ना कि एक
24:22ह्यूमन बीइंग पैदा हुआ पैदा होते ही भाई
24:25फॉर एग्जांपल उसके चार बच्चे हो गए ऐसा तो
24:28नहीं है ना स्टेप बाय स्टेप चलता है ना
24:30धीरे-धीरे सब कुछ बॉडी ग्रो डेवलप सब कुछ
24:32होएगी वक्त के साथ-साथ एजिंग होगी
24:33मैच्योरिटी आएगी पब्लिक स्पीकिंग आएगी
24:36एक्सट्रा एक्सट्रा वो चीज़ ये इंपॉर्टेंट
24:39क्वेश्चन है भाई इसका एक रीज़न मैं दे रहा
24:41हूं भाई देखो सिंपल सी बात है जितना
24:44इंपॉर्टेंट ये अरुण कुमार शर्मा जी है
24:47कायदे से उतना ही इंपॉर्टेंट ये जे क्रेक
24:50वेंटर भी है। लेकिन यू नो ज्यादातर टीचर्स
24:53को यही लगेगा कि थोड़ा फमिलियर वर्ड है।
24:55इंडियन है कोई तो इनका नाम दे दो। पेपर
24:58में ज्यादा चांसेस इनके बनते हैं। अरुण
25:00कुमार शर्मा जी के। क्या है? जी एक फेमस
25:03इंडियन साइंटिस्ट थे जो क्रोमोजोम्स के
25:05बारे में अपनी स्टडी से बड़े फेमस थे।
25:07इन्होंने क्रोमोजोम्स के बारे में बड़ी
25:09स्टडी करी थी। बहुत ज्यादा स्टडी करी थी
25:11क्रोमोजोम्स के बारे में। इन्होंने
25:15इन्होंने बहुत सारे मेथड्स डेवलप करे
25:17जिससे क्रोमोजोम्स वगैरह को प्लांट्स में
25:19स्टडी किया गया। पहले सेल कल्चर क्या होता
25:22है? बेटा याद रखना अभी सेल चैप्टर पढ़ रहे
25:24हो तो सेल कल्चर है। आगे टिश्यू चैप्टर
25:26में टिश्यू कल्चर भी आएगा। ये एक प्रोसेस
25:29है जिसमें आप आर्टिफिशियली
25:33प्लांट्स और एनिमल्स के सेल को ग्रो करते
25:35हो। सूटेबल कंडीशंस में। देखो लिखा हुआ है
25:38ना आउटसाइड द बॉडी। आप आर्टिफिशियली कुछ
25:41प्लांट और एनिमल सेल्स को ग्रो कर रहे
25:43हैं।
25:45सेल कल्चर क्यों जरूरी है भाई? सेल
25:47साइंटिस्ट की मदद करता है सेल्स को पढ़ने
25:50में और सेल कल्चर ना बेटा इसलिए भी जरूरी
25:53है इस सेल कल्चर की पढ़ाई की वजह से बहुत
25:55सारी मेडिसिंस, दवाइयां, बायोकेमिकल्स
25:58वगैरह बन रहे हैं। अब देखो कोविड इतनी
26:00बड़ी समस्या क्यों बन गई थी? कोविड एक
26:02वायरस वाली चीज थी। कोविड आया। अब टाइम
26:06लगा साइंटिस्ट को उस वायरस को डिटेक्ट
26:09करके उस पर्टिकुलर टाइप के वायरसेस को
26:14तो अभी जैसे कोविड आया अभी हम वही बात कर
26:16रहे थे कोविड आया जैसे ठीक है तो उस टाइम
26:19पीरियड पर क्या सिनेरियो हुआ साइंटिस्ट को
26:22टाइम लगा क्योंकि यार उनको सारा स्टडी एंड
26:24ऑल करना था कि ये किस तरीके के सेल्स है
26:26इसके इसके तोड़ क्या है आओ हम इसको
26:29प्रिवेंट कैसे कर सकते हैं हम इसको खत्म
26:31कैसे कर सकते हैं ठीक है अब मान लो कोई
26:34दवाई बनानी है, मेडिकेशन बनानी है किसी
26:36डिजीज की। अगर बॉडी में एक पर्टिकुलर टाइप
26:39के सेल्स हो तो वो बीमारी नहीं होती। किसी
26:42बंदे की बॉडी में वो मान लो सेल्स नहीं है
26:44तो हम दवाई के रूप में उसको वो सेल्स दे
26:46सकते हैं। वो चीज इसलिए सेल कल्चर की
26:49पढ़ाई जरूरी भी है।
26:51और ये जो पढ़ाई लोग करते हैं काफी हाई
26:54लेवल की और महंगी पढ़ाई होती है ये। आगे
26:58व्हाई डस सेल हैव मेनी माइटोकांड्रियास
27:01इंस्टेड ऑफ़ वन जॉइंट माइटोकांड्रिया? सेल
27:05में माइटोकांड्रियन भी लिखा हुआ है। इस
27:07बार ना एनसीआरटी में माइटोकांड्रियन
27:08ज्यादा लिखा हुआ है। अब क्वेश्चन है
27:11माइटोकांड्रिया हमें पता है पावर हाउस ऑफ
27:13द सेल होता है। तो सेल के अंदर बहुत सारे
27:15छोटे-छोटे माइटोकांड्रिया होती हैं। उसकी
27:18जगह एक बड़ा माइटोकांड्रिया भी तो हो सकता
27:19था। तो बेटा नेचुरली बहुत सही चीज है।
27:22छोटे-छोटे माइटोकांड्रिया ना ज्यादा एरिया
27:25देंगे। पहली बात तो दूसरी चीज सबसे बड़ी
27:27जो मेन चीज है छोटे-छोटे माइटोकांड्रिया
27:30जब मिलके काम करेंगे ना तो सबसे मेन चीज
27:32हो जाएगी दैट इज डिवीजन ऑफ लेबर। सारा काम
27:35बट जाएगा। एक ही माइटोकांड्रिया पर प्रेशर
27:37नहीं पड़ेगा। जिससे एनर्जी ज्यादा ईजीली
27:40क्या होगी? सप्लाई। एनर्जी कहां से आ गई
27:42बेटा? एनर्जी वहां से आ गई बेटा क्योंकि
27:44माइटोकांड्रिया को ही पावर हाउस ऑफ द सेल
27:46बोलते हैं। आगे क्या होगा अगर स्किन के
27:50सेल्स मायोसिस से डिवाइड होने लग जाए
27:52माइटोसिस की जगह। अब बेटा दो तरीके की सेल
27:56डिवीजन होती है। जो सेल डिवीजन होती है ना
27:59वह दो तरीके की होती है। एक होती है
28:02माइटोसिस।
28:06एक होती है मायोसिस।
28:09एक होती है माइटोसिस, एक होती है मायोसिस।
28:12क्या फर्क होता है दोनों के अंदर?
28:17माइटोसिस एक नॉर्मल सेल डिवीजन है जिसमें
28:20कम से कम एक बारी में एक डॉट एक पेरेंट
28:23सेल के कम से कम दो डॉटर सेल्स निकलेंगे।
28:25और मायोसिस ना एक्सट्रीम केसेस में होती
28:27है। जहां पर दो की जगह चार-चार डॉटर सेल्स
28:30निकलते हैं। अब नॉर्मली हमारी बॉडी की
28:33ग्रोथ और रिपेयर के लिए माइटोसिस ही सही
28:35रहती है कि एक पेरेंट सेल है वो कम से कम
28:38दो सेल्स में डिवाइड हो।
28:40तो अगर हमारी बॉडी नॉर्मल सी स्किन को ठीक
28:44करने के लिए भी मान लो स्किन के सेल्स हैं
28:46उनके लिए भी मायोसिस करने लगेगी। तो ऐसे
28:48केस में अगर आपकी स्किन पे कोई कट वगैरह
28:50लगेगा ना बेटा वो ठीक ही नहीं हो पाएगा।
28:52और या होगा भी तो ढंग से नहीं होगा भाई
28:55क्योंकि बॉडी की ग्रोथ और बॉडी की
28:56रिपेयर्स के लिए ना माइटोसिस ही सही रहती
28:58है। मायोसिस जो होती है ना वो तो सिर्फ
29:01सेक्स सेल्स बनाने के लिए होती है गेमिट्स
29:03फॉर्मेशन के लिए फटाफट से काउंट पूरा करने
29:07के लिए। बॉडी की ग्रोथ रिपेयर के लिए तो
29:09माइटोसिस ही बेस्ट है। अब अगर बॉडी पे इस
29:11केस में मान लो आपकी स्किन पे कोई कट
29:13वगैरह लग गया, कोई जख्म वगैरह हो गया, वो
29:15ठीक ही नहीं हो पाएगा अगर आपके स्किन के
29:17सेल्स मायोसिस करने लग गए।
29:22शॉर्ट तरीका समझाने का जिन बच्चों को नहीं
29:23पता उनके लिए क्या रहेगा? बेटा आपने वो
29:26कहावत तो सुनी होगी ना हिंदुस्तान में
29:27रहते हुए कि चोट एक दिन में ठीक नहीं होगी
29:30वक्त लगेगा। वो वक्त इसलिए लगता है
29:31क्योंकि माइटोसिस हो रही है। माइटोसिस
29:33धीरे धीरे धीरेधीरे अब मान लो कुछ सेल्स
29:35फट के बाकी स्किन के तो एक पेरेंट सेल दो
29:39में डिवाइड हो रहा है। फिर एक दो में
29:40डिवाइड हो रहा है। फिर एक दो में डिवाइड
29:41हो रहा है। धीरे-धीरे हो रहा है। तो वो
29:44चोट ठीक हो जाती है। स्किन वापस आ जाती
29:45है। यही अगर मायोसिस हो वो फटाफट से भाई
29:48एक का चार एक का चार होने लग जाए। एक
29:49पेरेंट सेल चार में डिवाइड हो रहा है तो
29:51बेटा उस केस में नुकसान ये रहेगा कि वो
29:53जख्म ढंग से ठीक ही नहीं होगा।
29:56एक और
29:58सर
30:00गॉटली हैवर्डलैंड ये कौन थे भाई?
30:04ऑस्ट्रेलियन बंदा था। एक तो याद रखना
30:06इन्होंने ना एक थ्योरी सी दी थी कि कोई भी
30:09लिविंग प्लांट सेल जो है वो एक प्लांट सेल
30:12पूरे कंप्लीट प्लांट में डेवप हो सकता है।
30:14यार जब एनिमल में हो सकता है तो प्लांट
30:15में भी होएगा ही। हम जो ह्यूमन बीइंग्स है
30:18वो भी तो एक आधे सेल से ही आए हैं। स्पर्म
30:21और ओव्यूम के मिक्सचर से ही आए हैं। तो एक
30:23सेल से अगर हम लोग एक प्रॉपर ह्यूमन बन गए
30:25तो प्लांट्स भी बन सकते हैं। वो भी तो
30:27लिविंग ही है।
30:31ध्यान से प्रोनाउंस करना। व्हाट इज टॉटी
30:33पोटेंसी? टॉटी पोटेंसी। टॉटी पोटेंसी क्या
30:37होती है? एक एबिलिटी है। एबिलिटी मतलब
30:39काबिलियत। एक अकेला प्लांट सेल एक कंप्लीट
30:44नए प्लांट में डेवलप कर जाए। उस
30:46कैपेबिलिटी को टॉटी पोटेंसी कहते हैं।
30:48बेटा यह वाले जो वर्ड्स है ना यह आगे इन
30:50सब स्टडी में बहुत आते हैं बोट एनी वगैरह
30:52में। टॉटी पोटेंसी का मतलब क्या है? ये एक
30:55एबिलिटी है एक कले लिविंग प्लांट सेल की
30:59जिससे वो एक कंप्लीट न्यू प्लांट में
31:01डेवलप हो सकता है।
31:04प्लांट टिश्यू कल्चर टेक्नोलॉजी क्या होती
31:06है? अभी हमने पढ़ा था सेल कल्चर। प्लांट
31:08टिश्यू कल्चर टेक्नोलॉजी क्या है भाई? एक
31:10टेक्निक है जिसमें आप नए-नए तरह के
31:12प्लांट्स उगाते हो प्लांट सेल से। अब ये
31:16क्यों आया? क्योंकि अभी-अभी पढ़ा भाई टॉटी
31:18पोटेंसी वही तो होता है एक प्लांट सेल से
31:20पूरा प्लांट उगाना लैबोरेटरी के अंदर।
31:24इसके बाद अब आगे वाले क्वेश्चंस ना ईजी
31:26हैं।
31:28कैंसर सेल्स कैसे ग्रो और स्प्रेड होते
31:30हैं? ये बहुत कॉमन क्वेश्चन है भाई। ऑल
31:32ओवर इंडिया। हर टीचर ट्राई करेगी ऐसे-ऐसे
31:35ईजी क्वेश्चंस देने का जो उनको भी चेक
31:37करने में आसान लगे। ठीक है? अब
31:41कैंसर सेल्स ग्रो और डिवाइड करते हैं
31:43अनकंट्रोलेबली। अंधाधुंध। दिक्कत ही यही
31:46है भाई। यह ट्यूमर भी बना देंगे, गांठ बना
31:49देंगे बेसिकली और बॉडी के अदर पार्ट्स में
31:51भी स्प्रेड हो सकते हैं।
31:54अब आगे बड़ा इजी सा क्वेश्चन। सेल के
31:56पार्ट्स बताने हैं। कौन सेल की सारी
31:58एक्टिविटी कंट्रोल करता है? न्यूक्लियस।
32:00सेल्यूलर रेस्पिरेशन कहां पर होती है?
32:02माइटोकांड्रिया में। स्टोरेज कौन करता है?
32:04वैक्यूल। सेल के कंटेंट्स को उसकी
32:06सराउंडिंग से कौन अलग करता है? सेल की
32:08मेंब्रेन।
32:10स्ट्रक्चर को रिजिडिटी कौन देता है? सेल
32:12की वॉल। पैकेजिंग का काम किसका होता है?
32:15गोल्गी अपरेटस का। फूड बनाने में कौन मदद
32:18करता है? क्लोरोप्लास्ट। वजह सुन लो
32:20लॉजिक। क्लोरोप्लास्ट ग्रीन कलर देता है
32:23जिसकी वजह से प्लांट की पत्तियों पर
32:25क्लोरोफिल आती है। ग्रीन कलर क्लोरोफिल का
32:27क्लोरोप्लास्ट देते हैं। अब उस ग्रीन कलर
32:31की वजह से सनलाइट अब्सॉर्ब होती है और
32:33सनलाइट अब्सॉर्ब होने की वजह से
32:34फोटोसिंथेसिस होती है और फोटोसिंथेसिस की
32:36वजह से प्लांट अपना खाना बनाता है। तो
32:39डायरेक्टली और इनडायरेक्टली खाना बनाने
32:40में किसका रोल है सेल का? क्लोरोप्लास्ट
32:42का।
32:44अब एक क्वेश्चन है एनसीआरटी बैक एक्सरसाइज
32:47की तरफ पहुंच गए हो अब आप।
32:49दो बच्चे हैं रेनू और रोहित
32:52प्लास्टेड्स पर चर्चा कर रहे हैं। रेनू
32:55बोली कि सारे पार्ट्स जो होते हैं ना
32:58प्लांट्स के इवन रूट्स उनमें भी प्लास्टिड
33:01होते हैं। रोहित कह रहा नहीं
33:05प्लास्टेड रूट्स में नहीं होते क्योंकि
33:08रूट्स तो अंडर ग्राउंड है और रूट्स
33:10फोटोसिंथेसिस भी नहीं करती। तो कौन सही
33:13है? रोहित या रेनू? तो बेटा रेनू ठीक है
33:16यहां पर। रेनू क्या कह रही थी? रेनू कह
33:18रही थी कि हर जगह प्लास्टिड्स हैं। यह बात
33:20सही है भाई। रूट्स तक में प्लास्टिड्स
33:22हैं। रेनू सही है। प्लास्टिड्स प्रेजेंट
33:25होते हैं हर प्लांट के सेल्स में रूट्स के
33:27साथ। ठीक है? अब रूट के अंदर भाई
33:30लिकोप्लास्ट होते हैं। थोड़े कलरलेस से
33:32होते हैं। रूट के अंदर क्लोरोप्लास्ट नहीं
33:34होते। हरे कलर के नहीं होते। लेकिन ऐसा
33:35थोड़ी है प्लास्टिड्स नहीं होते। अभी आगे
33:37एक क्वेश्चन आएगा उसमें लिखा होगा
33:39प्लास्टिड्स बेटा तीन तरह के होते हैं।
33:41क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट,
33:43लकोप्लास्ट। क्लोरोप्लास्ट हरे कलर के
33:45होते हैं। तो मेजर प्लांट हरा ही होता है।
33:48तो बहुत सारे पत्तियां। फिर क्रोमो होते
33:51हैं बाकी कलर्स के ग्रीन को छोड़ के। तो
33:54बाकी कलर्स प्लांट के क्या होते हैं?
33:55ब्राउन वगैरह उसमें हो गए प्लास्टिड्स और
33:58कलरलेस को लीको बोल देते हैं। ठीक है? ये
34:01वाली ना इसके अंदर एक मैं करेक्शन करवा
34:03रहा हूं। ये वाली लाइन काट दो। यहां पर
34:05रूट सेल कंटेन्स लीकोप्लास्टी। काट ही दो।
34:10सिंपली ये लिख देना कि रेनू सही है कि
34:12क्लोरोप्लास्टिड्स जो है वो हर सेल में
34:14होते हैं प्लांट के। ठीक है? रूट में बस
34:16क्लोरोप्लास्ट नहीं होते। मैं ये बोल सकता
34:18हूं कि रूट के सेल में ना क्लोरोप्लास्ट
34:20नहीं है क्योंकि रूट्स हरे कलर की नहीं
34:21होती ना। वो तो पत्तियां होती है।
34:24भाई ये वाला क्वेश्चन वेरीेंट। ये
34:26क्वेश्चन ना ओल्ड एनसीआरटी में था नहीं।
34:28लेकिन ये ना पुराने टाइम पर एक्स्ट्रा
34:30बुक्स में बहुत ज्यादा था और बहुत आता था।
34:33तो एक्स्ट्रा के नाम पर क्वेश्चन अभी भी आ
34:34सकता है कि न्यू एनसीआरटी का ही है।
34:37माइटोकांड्रिया और क्लोरोप्लास्ट में
34:40सिमिलरिटी मतलब ये माइटोकांड्रिया और
34:42प्लास्टिड्स का क्वेश्चन है बेटा मेजरली
34:45माइटोकांड्रिया और प्लास्टिड्स के बीच में
34:49सिमिलरिटी और डिफरेंसेस बताओ।
34:52बहुत अच्छा क्वेश्चन है। पुरानी एनसीईआरटी
34:55जब चलती थी ना तो जितने भी सैंपल पेपर आते
34:57थे ना बेटा सब में ये क्वेश्चन होता था।
34:59सब में अब सिमिलरिटीज क्या है बेटा?
35:02माइटोकांड्रिया और प्लास्टर दोनों की डबल
35:04लेयर्ड मेंब्रेन होती है। डबल लेयर्ड डबल
35:08मेंब्रेन बाउंड ऑर्गेनलीज़ हैं। यानी डबल
35:10लेयर मेंब्रेन होती है। दोनों पे अपना
35:12जेनेटिक मटेरियल है। एक नंबर में क्वेश्चन
35:14आता था पहले भी नेम टू सेल ऑर्गेनलीज़
35:16हैविंग देयर ओन जेनेटिक मटेरियल। जेनेटिक
35:18मटेरियल मतलब डीएनए। तो माइटोकांड्रिया और
35:21प्लास्टिड्स दोनों पे होता है। दोनों ही
35:23इंपॉर्टेंट लाइफ प्रोसेससेस में मदद करती
35:25है भाई।
35:27प्लास्टिड्स में क्लोरोप्लास्ट खाना बनाने
35:29में और एनर्जी रिलीज करने में
35:31माइटोकांड्रिया हो गया। फर्क क्या है भाई?
35:34बड़ा इजी सा टेबल बना रखा है। ध्यान से
35:36देखना।
35:37अकरेंस माइटोकांड्रिया जो है ना बेटा
35:42अकरेंस का क्या है? माइटोकांड्रिया जो है
35:45माइटोकांड्रिया प्लांट और एनिमल दोनों
35:47सेल्स में होता है और प्लास्टिड्स जो है
35:50ये सिर्फ प्लांट सेल्स में होते हैं।
35:52फंक्शन माइटोकांड्रिया एनर्जी प्रोड्यूस
35:55करता है फॉर्म ऑफ एटीपी में और प्लास्टिड
35:57कलर देता है प्लांट्स को। माइटोकांड्रिया
35:59के टाइप्स नहीं होते। प्लास्टिक के
36:01प्लास्टिड्स के तीन टाइप होते हैं। अभी
36:02पढ़ रहे थे ना हम ग्रीन कलर के
36:04प्लास्टिड्स क्लोरोप्लास्ट। ग्रीन को छोड़
36:07के बाकी सारे कलर के प्लास्टिट्स
36:08क्रोमोप्लास्ट और कलरलेस प्लास्टिड
36:10लिकोप्लास्टिस। कलर माइटोकांड्रिया
36:13ज्यादातर कलरलेस होता है। और यहां पर बोल
36:16दिया कि क्लोरोप्लास्ट हरे हो सकते हैं।
36:17क्रोमोप्लास्ट किसी और कलर के हो सकते
36:19हैं। और लकोप्लास्ट तो कलरलेस होते ही
36:21हैं। एक एमसीक्यू
36:26इनमें से कौन से पेयर्स जो है उनमें डीएनए
36:28होगा? क्लोरोप्लास्ट और राइबोजोम।
36:31क्लोरोप्लास्ट में होता है, राइबोजोम में
36:33नहीं होता तो नहीं। माइटोकांड्रिया में
36:34होता है, न्यूक्लियस में होता है तो यस।
36:36गोलगी में नहीं होता, राइबोजोम्स में होता
36:38है तो नहीं। न्यूक्लियस में होता है।
36:39लाइसोम्स में नहीं होता तो नहीं।
36:42माइटोकांड्रिया और न्यूक्लियस दोनों में
36:43होता है। एक क्वेश्चन देखो भाई केस बेस्ड
36:46क्वेश्चन है। डायग्राम भी बना सकता है।
36:50एक फीमेल रिस्चर ने वही वाला क्वेश्चन है
36:52यार। दो गाजर उठाई सेम साइज की। उसने एक
36:56गाजर को रखा प्लेन पानी में, एक गाजर को
36:58रखा साल्ट सॉल्यूशन में। 24 घंटे बाद उसने
37:01ऑब्जरवेशन करी। पहली बात वो क्या चाहती
37:04थी? सलाद बनाना चाहती थी। क्वेश्चन यह है
37:07कि व्हाट डस शी वांट टू टेस्ट थ्रू दिस
37:10एक्सपेरिमेंट? क्या क्यों कर रही है भाई?
37:12गाजर थी, खा लेती, जूस बना लेती। तेरे को
37:15क्या जरूरत थी ये करने की? तो भाई ये
37:17एक्सपेरिमेंट टेस्ट करता है कि वाटर जो है
37:20वो सेल मेंब्रेन के अंदर बाहर मूव करता है
37:22कि नहीं करता ऑस्मोसिस से? इसलिए इसने ऐसा
37:25करा। दूसरा
37:27क्या आप अपनी सजेशन दोगे कि एक्सपेरिमेंट
37:30बढ़िया हो? तो बेटा ऐसे ही वो आलू वाला
37:32क्वेश्चन था जो अभी ऊपर आया था थोड़ी देर
37:34पहले कि भाई हमारी सजेशन तो यह रहेगी कि
37:37ये दोनों गाजर बराबर की उठाएं।
37:41द कैरेट शुड बी ऑफ इक्वल साइज और इक्वल
37:44वेट। और जैसे बकर वन में अगर पानी डाला है
37:48तो 200 ml पानी डाला है ना तो बकर टू में
37:50अगर नमक वाला पानी डाल रहे हो तो वो भी
37:52200 ml डालो ताकि भाई बढ़िया भेदभाव ना हो
37:55गई। अगला
37:58जो कैरेट प्लेन वाटर में थी वह स्टिफ रही
38:00बल्कि क्रंची होगी थोड़ी लेकिन जो साल्ट
38:03सॉल्यूशन में थी वो सॉगी सी होगी निचुर सी
38:06गई खत्म सी होगी सिंपल है भाई पढ़ा था
38:09हमने प्लेन वाटर में क्या होता है स्वेल
38:11हो जाता है वाटर अंदर जाएगा कैरेट सेल्स
38:13के ऑस्मोसिस से तो वो स्टिफ हो जाएंगी
38:15कंसंट्रेटेड सॉल्यूशन में पानी बाहर निकल
38:17जाएगा तो चीज जो है वो थोड़ी श्रिंक सी
38:20होगी तो सॉफ्ट होगी वो
38:22अब ये जो 35th क्वेश्चन है ना इसकी इसकी
38:25जगह कुछ टीचर्स पेपर में आपको सिंपली
38:28पुराने समय में क्वेश्चन आता था बहुत
38:30ज्यादा डिफरेंशिएट बिटवीन प्रोकैरियोटिक
38:32एंड यूकैरियोटिक सेल। प्रोकैरियोटिक सेल
38:35होता था बेटा बैक्टीरिया का और
38:37यूकैरियोटिक होता था एनिमल सेल। इन्होंने
38:40वही घुमा दिया क्वेश्चन आज।
38:43जैसे कि
38:45क्रोमोजोम्स। क्रोमोजोम्स बेटा बैक्टीरिया
38:48में भी होते हैं और एनिमल में भी होते
38:50हैं।
38:52न्यूक्लियस बैक्टीरिया के सेल्स में नहीं
38:53होता था। तो न्यूक्लियोइड होता था। एनिमल
38:55सेल्स में होता है। माइटोकांड्रिया उस समय
38:57पे इनके सेल्स में नहीं होता था।
39:00बैक्टीरिया वाले में एनिमल में होता है।
39:02गोलगी अपरेटस तो बिल्कुल ही नहीं था।
39:03एनिमल में होता है। और क्रोमोप्लास्ट
39:07क्रोमोप्लास्ट एनिमल सेल में भी नहीं होता
39:08और बैक्टीरिया में भी नहीं होता। ये तो
39:10प्लांट सेल में होता है।
39:12अब क्वेश्चन इनकरेक्ट पेयर उठाना है आपने।
39:15राइबोजोम्स प्रोटीन सिंथेसिस करते हैं।
39:18स्मॉल एंडप्लाज्मिक रेटिकुलम डिटॉक्सिफाई
39:20करती है पोइजन और ड्रग्स को और लिपिड की
39:22सिंथेसिस करती है। सेलुलोज़ की नहीं करती।
39:25तो यही है इनकरेक्ट पेयर। ये इनकरेक्ट
39:27पेयर है। सेकंड वाला लाइसोजोम्स डाइजेशन
39:30ऑफ़ फॉरेन एजेंट्स। ये भी बात सही है।
39:32इनकरेक्ट पेयर कौन है? गोले वाला।
39:35इसका ना रीज़ लिख लो प्रॉपर कि स्मॉल
39:37एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम जो है स्मॉल
39:39एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम लिपिड्स की
39:41सिंथेसिस तो करती है बट सेलुलोज़ की नहीं
39:43करती।
39:46उसके बाद एक क्वेश्चन यह पेपर में आ सकता
39:49है भाई बहुत हॉट क्वेश्चन है बहुत कॉमन
39:51क्वेश्चन रहेगा पूरे साल भर में देख लेना
39:53आपके स्कूल में आने के हाई चांस है इस
39:54क्वेश्चन जो साम मर्जी स्कूल हो ऑल इंडिया
39:57जा एनसीआरटी आई है क्या आउटकम आप
40:01एक्सपेक्ट करते हो अगर ऑल द
40:04माइटोकांड्रिया आर रिमूव्ड फ्रॉम अ
40:06यूकैरियोटिक सेल बेटा इस क्वेश्चन का आंसर
40:08जो आपका टेस्ट बना था उसके आंसर की में भी
40:10था ये लोग ऑफलाइन में जिन बच्चों ने टेस्ट
40:12दिया है क्या है अगर अगर माइटोकांड्रिया
40:15को हटा दिया गया। सिंपल सबसे पहले आप ये
40:18लिख दो यार माइटोकांड्रिया क्या करता था?
40:20तो बेटा बड़ा सिंपल सा आंसर है। सेल को
40:23अपनी एक्टिविटीज करने के लिए जितनी भी
40:26एनर्जी चाहिए होती है वो एनर्जी
40:27माइटोकांड्रिया छोड़ता है। अगर
40:29माइटोकांड्रिया नहीं होगा तो एनर्जी नहीं।
40:31एनर्जी नहीं तो काम नहीं। काम नहीं तो सेल
40:32मर जाएगा। बस यही क्वेश्चन है। सिंपल। द
40:35एनर्जी रिक्वायर्ड बाय वेरियस केमिकल
40:37एक्टिविटीज नीडेड फॉर लाइफ। जो एनर्जी
40:41लाइफ की अलग-अलग एक्टिविटीज के लिए चाहिए
40:43होती है। उस एनर्जी को इज रिलीज्ड बाय
40:46माइटोकांड्रिया इन द फॉर्म ऑफ एटीपी। वो
40:49एनर्जी माइटोकांड्रिया छोड़ता है एटीपी के
40:51रूप में। अब अगर माइटोकांड्रिया हटा दिया
40:53गया तो क्या होगा?
40:55सेल एनर्जी नहीं प्रोड्यूस कर पाएगा। सेल
40:58अपने फंक्शनंस नहीं कर पाएगा तो
41:00अल्टीमेटली सेल जल्दी से मर जाएगा। और एक
41:03ये वाला क्वेश्चन ये भी वैसा ही भाई। मतलब
41:05मैं कह रहा बिना बड़े बता दो। सेल X को
41:07प्योर वाटर में रखा है। क्या होगा? स्वेल
41:10सेल y को साल्ट सॉल्यूशन में रखा है। क्या
41:12होगा? श्रिंक।
41:14यही क्वेश्चन है भाई। सिंपल सा है। देखो
41:16पढ़ लो। सेल x को प्योर वाटर में रखा है।
41:19वाटर अंदर जाएगा ऑस्मोसिस से। सेल स्वेलो
41:21होगा और फट भी सकता है। सेल y को साल्ट
41:23सॉल्यूशन में रखा है। वाटर बाहर जाएगा
41:25ऑस्मोसिस से। ऑस्मोसिस क्या होती है बेटा?
41:27वाटर की मूवमेंट्स। सेल के अंदर बाहर। सेल
41:30श्रिंक हो जाएगा और सिकुड़ जाएगा, रिंकल्ड
41:32हो जाएगा।
41:37भाई एक बड़ा तगड़ा क्वेश्चन है।
41:41कौन सा ऐसा फिनोमिना है जो प्रिवेंट करता
41:45है या स्लो डाउन कर देता है बॉडी में
41:47ट्यूमर्स को? क्या प्लांट्स में भी
41:49ट्यूमर्स आते हैं? पहले ना एक काम करते
41:51हैं। नीचे वाले क्वेश्चन का जवाब करते
41:52हैं। हां जी। प्लांट में भी ट्यूमर आते
41:54हैं। यस। प्लांट्स कैन आल्सो डेवलप
41:57ट्यूमर्स। ठीक है? किसी बैक्टीरिया की वजह
41:59से या एबनॉर्मल एबनॉर्मल सेल ग्रोथ की वजह
42:01से। हां प्लांट में भी ट्यूमर्स बन सकते
42:04हैं। अब भाई यह बड़ा तगड़ा क्वेश्चन है।
42:07कौन सी ऐसी प्रोसेस है जो रोकती है या
42:10प्रिवेंट करती है या स्लो डाउन कर देती है
42:12ट्यूमर्स को ह्यूमन बॉडी में?
42:15एपोपोसिस।
42:18बड़ी तगड़ी वो होती है यह।
42:20सर्जरी समझ लो। प्रोग्राम्ड सेल डेथ।
42:25इसमें क्या किया जाता है भाई?
42:28अगर मान लो भगवान ना करे किसी की बॉडी के
42:30अंदर कैंसर सेल्स पैदा हो रहे हैं,
42:32ट्यूमर्स पैदा हो रहे हैं तो प्रॉपर एक
42:34सर्जरी होती है। इसका नाम ही यही है बेटा
42:36एपोसिस तो टेक्निकल नेम है। प्रोग्राम्ड
42:39सेल डेथ। इसके अंदर बॉडी के सारे सेल्स
42:42नहीं मरेंगे ना बंदा मरेगा। उसकी बॉडी में
42:44उन वाले पर्टिकुलर सेल्स को मार दिया
42:46जाएगा जो ट्यूमर कॉज कर रहे थे या कैंसर
42:48कॉज कर रहे थे। तो बेटा दैट्स इट। इसके
42:50अलावा मैं मान रहा हूं दो-तीन क्वेश्चन और
42:53हैं। वो इसमें रह गया। एक बड़ा सा केस
42:54बेस्ड क्वेश्चन था वो रह गए हैं। अदरवाइज
42:57बेटा अब अगर आप एनसीआरटी खोलोगे ना जस्ट अ
42:59सेकंड मैं आपको शो कर देता हूं वो।
43:02ये देखो भाई
43:05ये न्यू एनसीआरटी के कुछ टेक्स्ट थे। यहां
43:08से क्वेश्चंस उठाए हैं। ये न्यू एनसीआरटी
43:10में पैराग्राफ था। न्यू वर्ड्स थे। यहां
43:12से क्वेश्चन है। ये इन टेक्स्ट क्वेश्चंस
43:14है। ये सारे हमने कवर कर लिए। ये थ्रेड्स
43:17ऑफ क्यूरियसिटी जो न्यू एनसीआरटी में है
43:18ना ये सारी चीजें इनके क्वेश्चन और आंसर्स
43:21हमने कवर कर लिए हैं। ये जितने भी न्यू
43:23एनसीआरटी आपकी जो है उसके अंदर जहां-जहां
43:25पर ये सब चीजें थी ना ये सब हमने कवर कर
43:27ली है।
43:32और क्योंकि अभी आपको ये बात का भी पता है
43:34कि अभी नया-नया है तो इतना ओके क्वेश्चंस
43:37नहीं आएंगे। तो जरा ना मैंेंट क्वेश्चन
43:39आपको बता देता हूं। इस पूरे में से कौन से
43:41हैं जो मैंने सेट अभी बनाया।