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Class 12th eco | Human Capital Formation Part 2 | Role and Problems|

Anish's Academy · 5,069 words · 24 min read

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0:03हां जी 12th क्लास आपका आज ये सेकंड पार्ट

0:05है ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन का। ठीक है?

0:08फर्स्ट ऑफ़ ऑल जिसने भी फर्स्ट पार्ट नहीं

0:09देखा वो फटाफट से फर्स्ट पार्ट देख लेना।

0:11ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन का। हमने फर्स्ट

0:13पार्ट में क्या-क्या डिस्कस करा था?

0:15कैपिटल के टाइप्स क्या होते हैं? ह्यूमन

0:17कैपिटल क्या होता है? व्हाट डू यू मीन बाय

0:19ह्यूमन कैपिटल? व्हाट डू यू मीन बाय

0:21ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन? स्टॉक कांसेप्ट

0:23है कि फ्लो कॉनंसेप्ट है? और ह्यूमन

0:25कैपिटल फॉर्मेशन कैसे-कैसे करी जा सकती

0:27है? इस पार्ट में हम आगे इस चैप्टर को

0:30कंटिन्यू करेंगे बिल्कुल सीक्वेंस के साथ।

0:32अब

0:33इन शॉर्ट अगर एक क्विक रीकैप दें तो

0:35ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन होती क्या है

0:37बच्चा? ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन मतलब किसी

0:40भी इकॉनमी के अंदर ऐसे लोगों को एक्वायर

0:43करना और इंक्रीस करना जिनके पास राइट

0:45अमाउंट ऑफ़ स्किल्स, नॉलेज एंड एक्सपर्टीज

0:47है। अब बेटा डेफिनेशन में आता है एक्वायर

0:50करना। लेकिन प्रैक्टिकली इट इज़ नॉट पॉसिबल

0:52ना कि आप बाहर से जाके यूके से बंदे उठा

0:55के इंडिया में ले आओ कि भैया आप हमारे

0:57यहां पे बढ़िया काम करोगे। वो क्यों आएंगे?

0:59व्हाई विल दे कम टू अ पुअर नेशन देन देम?

1:03ठीक है? इंडिया, यूके वगैरह के हिसाब से

1:05तो गरीबी है ना। वो यहां क्यों आएंगे? तो

1:07फिर एक ही ऑप्शन बचता है। अपने ही लोगों

1:09की स्किल्स, नॉलेज और एक्सपर्टीज बढ़ा

1:11देना। वो ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन में आता

1:14है। अब ऐसा करने से होगा क्या? व्हाट इज द

1:17रोल ऑफ ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन इन

1:20इकोनॉमिक ग्रोथ? ऐसा करने से होगा क्या?

1:22तो भाई सबसे पहले तो

1:25चेंज इन

1:28इमोशनल

1:32एंड मटेरियल एनवायरमेंट ऑफ ग्रुप। ठीक है?

1:36क्या पॉइंट है आपका? चेंज इन इमोशनल एंड

1:40मटेरियल एनवायरमेंट ऑफ ग्रुप। ह्यूमन

1:43कैपिटल फॉर्मेशन की वजह से

1:46इमोशनल एज वेल एज मटेरियल एनवायरमेंट ऑफ

1:50ग्रोथ में बदलाव आएगा। इसका बेटा मतलब

1:52क्या होता है? इसका इन शॉर्ट मतलब होता है

1:56अगर हमारे यहां पर ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन

1:58होएगी तो उसकी वजह से लोगों का इमोशनल और

2:03मटेरियल एनवायरमेंट ऑफ़ ग्रोथ भी चेंज

2:05होगा। जैसे कि बेटा इमोशनल का मतलब लोग

2:08इमोशनल की जगह प्रैक्टिकल डिसीजंस लेंगे।

2:11इमोशनल एनवायरमेंट चेंज से मतलब क्या है?

2:13कि लोग इमोशनल ना होकर प्रैक्टिकल डिसीजंस

2:17लेंगे। एग्जांपल से मैं समझाता हूं।

2:19इमोशनल की जगह वो प्रैक्टिकली डिसीजंस

2:21लेंगे अपने लाइफ के। और मटेरियल

2:23एनवायरमेंट से हमारा मतलब क्या है? कि

2:25उनके मटेरियल, कंफर्ट्स, स्टैंडर्ड ऑफ

2:27लिविंग ये सारी चीजें बनेंग।

2:30अब एग्जांपल से डिस्कस करते हैं ऐसा कैसे?

2:34तो सबसे पहले तो अगर ह्यूमन कैपिटल

2:37फॉर्मेशन होंगी, लोग पढ़े लिखे होंगे,

2:39अच्छी नॉलेज वाले होंगे, अच्छी स्किल्स

2:41वाले होंगे। तो यार वो इमोशनल डिसीजन नहीं

2:43लेंगे। जैसे हमारे यहां क्या होता है यार

2:45कोई गांव का बच्चा है। ठीक है? बड़ी

2:48मुश्किल से बड़े स्ट्रगल से पेरेंट्स ने

2:49पढ़ाया। कुदरती बात उसकी नौकरी भी अच्छी

2:52लगी। गांव का देहात का बच्चा था और नौकरी

2:56लग गई। लेट इट बी उसकी मान लो बोर। अब

2:58होगा पता है क्या? यार उसके घर वाले उसे

3:00नहीं भेजते बोर। एस्पेशली इन केस ऑफ़

3:02गर्ल्स। कहेंगे चलो यार होगी पढ़ाई। अच्छा

3:05है। रिशेदारी में वाहवाही होगी। लेकिन

3:07बेटा अब अब तो यहीं रहना पड़ेगा आपको। वजह

3:10क्योंकि वो इमोशनल डिसीजन लेते हैं। हाय

3:13हमारा बच्चा हमसे दूर थोड़ी जाएगा। कैसे

3:15रहेगा? छोटी से परिवार है। बच्चा भी चले

3:17जाएगा तो हमारा क्या होगा? वो ऐसे कैसे

3:20होगा? वैसे कैसे होगा? लोग क्या बोलेंगे?

3:23ठीक है? हम अपने रिश्तेदार को क्या

3:24बताएंगे? बच्चे को भेज दिया। फिर वो सारा

3:27सिनेरियो तो अगर लोग पढ़े लिखे होंगे ना

3:30तो भाई ऐसे इमोशनल डिसीजन नहीं लिए

3:32जाएंगे। प्रैक्टिकल डिसीजन लिए जाएंगे भाई

3:34कि प्रैक्टिकल डिसीजन लो। बच्चे ने अगर

3:35स्ट्रगल करके कोई अच्छा कॉलेज, कोई अच्छी

3:38यूनिवर्सिटी, कोई अच्छी जॉब प्राप्त करी

3:39है तो लेट्स माइग्रेट। उसको वहां शिफ्ट

3:42करवाया जाए और मटेरियल एनवायरमेंट भी चेंज

3:44होगा। क्योंकि यार ये बात आप भी मानते हैं

3:47पढ़े लिखे लोगों का स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग

3:49ज्यादा होता है। ठीक है? अब आप ये भी बोल

3:51सकते हैं भाई कि जो कम पढ़े लिखे हैं उनप

3:54पैसा बहुत है। वो दिखावा नहीं करते। वो

3:56आपका पॉइंट ऑफ व्यू है। बट टेक्निकली जो

3:59पढ़े लिखे लोग होते हैं ना उनका स्टैंडर्ड

4:01ऑफ लिविंग ज्यादा होता है। और स्टैंडर्ड

4:03ऑफ लिविंग कह लो या शोसेबाजी कह लो या फिर

4:05काम की बात तो ये है ना बेटा कि हम

4:07मैकोनॉमिक्स पढ़ रहे हैं। यहां पर आप

4:09माइक्रो लेवल पर नहीं सोच सकते। आप देश के

4:11बारे में सोचो। अगर स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग

4:13ज्यादा होगा ना तो ही देश बढ़िया तरीके से

4:15चलेगा। क्योंकि देश बचत करके नहीं देश

4:18खर्चा करके चलता है। ये मैकोनॉमिक्स का

4:20पहला कांसेप्ट होता है। ठीक है? इसके

4:22अलावा और क्या होगा? हायर प्रोडक्टिविटी

4:26ऑफ फिजिकल कैपिटल।

4:28हायर प्रोडक्टिविटी ऑफ फिजिकल कैपिटल। अगर

4:32अच्छी ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन होगी ना तो

4:35बेटा जो आपका फिजिकल कैपिटल होता है वो भी

4:37अच्छी तरीके से यूटिलाइज़ होगा। वजह एक पढ़ा

4:40लिखा इंसान एक स्किल्ड इंसान मशीन को, रॉ

4:43मटेरियल को, लेबर को बहुत बेहतरीन तरीके

4:46से प्रयोग करवा सकता है। एज़ कंपेयर टू अ

4:48अनस्किल्ड अनपढ़ कम पढ़ा लिखा इंसान। ठीक

4:51है? वो वाला पॉइंट आ जाता है। ठीक है?

4:53इसके अंदर कोई डाउट? इसके अलावा

4:56भाई देश में इनोवेटिव स्किल्स, इनोवेशन,

4:59इन्वेंशंस ये सारी चीजें भी आएंगी

5:02क्योंकि पढ़े लिखे लोगों का मेंटल होराइजन

5:04हो रखा होता है। उनका मेंटल स्टेट ऑफ लेवल

5:07बहुत ज्यादा होता है। ठीक है? तो इनोवेशन,

5:10इनोवेटिव स्किल्स, न्यू न्यू टेक्नोलॉजी

5:12ये सारी चीजें आपके देश के अंदर आएंगी।

5:15ठीक है? इनोवेशन, क्रिएटिव आइडियाज वो

5:17सारी चीजें। इसके अंदर आप क्या लिख सकते

5:19हैं कि भाई अगर अच्छी अमाउंट ऑफ ह्यूमन

5:21कैपिटल फॉर्मेशन होगी तो देश में अक्सर आए

5:23दिन इनोवेशन होती रहेगी। कुछ ना कुछ

5:26क्रिएटिव कुछ यूनिक कुछ हटके होता रहेगा।

5:29वो घिसा पिटा नहीं होगा कि जो चल गया वही

5:31चलता जा रहा है। ये एक फायदा है। ये तीन

5:34फाद में बच्चों के डाउट आपको। इसके अलावा

5:37भाई देश में हायर रेट ऑफ पार्टिसिपेशन

5:40होगा। हायर रेट ऑफ पार्टिसिपेशन भी होगा

5:45एज वेल एज इक्वलिटी भी होगी बेटा। एंड

5:48इक्वलिटी।

5:51अभी क्या होता है यार? नो डाउट आजकल थोड़ा

5:54माहौल बदल गया है। ठीक है? वुमेन आर वुमेन

5:56आर आल्सो पार्टिसिपेटिंग अलोंग विथ द मैन

5:58इन द हाउसेस। ठीक है? वो भी साथ में

6:00पार्टिसिपेट कर रही है। इकोनमिक ग्रोथ में

6:02कहीं ना कहीं मदद कर रही है। वुमेन

6:04एंटरप्रेन्योर बहुत सारे निकल के आए दिन

6:06सामने आ रहे हैं। ठीक है? बहुत अच्छी बात

6:07है। ये सब किसकी बदौलत है बेटा? ह्यूमन

6:10कैपिटल फॉर्मेशन की। हायर रेट ऑफ़

6:12पार्टिसिपेशन मतलब हर बंदा पार्टिसिपेट

6:14करेगा इकॉनमी के लिए कुछ ना कुछ करने में।

6:16वो वाला सिनेरियो नहीं होगा कि घर में एक

6:18कमा रहा है और बाकी चार पांच बैठ के खा

6:20रहे हैं। सारे लोग पार्टिसिपेट करेंगे।

6:22सारे कुछ ना कुछ इकॉनमी के लिए

6:24कंट्रीब्यूट करेंगे और ऐसे ही बेटा

6:26धीरे-धीरे करके आपका देश आगे बढ़ेगा।

6:28प्रोग्रेस करेगा। साथ के साथ इक्वलिटी भी

6:30होगी। इक्वलिटी वाला पॉइंट कहां से आ जाता

6:32है भाई? इक्वलिटी इसलिए क्योंकि पढ़े लिखे

6:34लोग हैं तो फिर भेदभाव वाला पॉइंट थोड़ा

6:36सा कम हो जाएगा। और इक्वलिटी में मेरा

6:38मतलब है सिर्फ जेंडर इक्वलिटी से नहीं है।

6:40हर प्रकार की इक्वलिटी से है। ठीक है? वो

6:44जाति वाइज हो, आपकी, कास्ट वाइज हो, हायर

6:46रेट ऑफ़ पार्टिसिपेशन का मतलब भी सिर्फ जॉब

6:48से नहीं है कि आप सोचो पढ़ने लिखने से बंदा

6:51सिर्फ नौकरी करता है। ना ना अगर पढ़ा लिखा

6:54बंदा होगा ना भाई, तो वो बेशक नौकरी करे।

6:57वो बेशक बिज़नेस करे, वो बेशक प्रोफेशन

6:59करे। लेकिन पार्टिसिपेट जरूर करेगा। वो

7:01नहीं होगा कि बैठ के खाए। हायर रेट ऑफ़

7:03पार्टिसिपेशन किसमें? हायर रेट ऑफ

7:06पार्टिसिपेशन।

7:08हायर रेट ऑफ पार्टिसिपेशन

7:11इन

7:13जॉब्स एज वेल एज बिजनेस कि भाई अगर पढ़े

7:16लिखे लोग होंगे ना तो मान लेता हूं मैं

7:18अगर वो जॉब ना भी करें तो कम से कम बिजनेस

7:20करेंगे किसी ना किसी प्रकार से जीडीपी में

7:22कंट्रीब्यूट करेंगे देश की इकॉनमी के लिए

7:24अपना योगदान देंगे वो वाला पॉइंट आ जाता

7:26है यहां पर। ठीक है? इसके अलावा लोगों की

7:29भाई क्वालिटी ऑफ़ लाइफ भी इंप्रूव होगी।

7:33ये थोड़ा-थोड़ा स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग वाला

7:34पॉइंट हो सकता है। इंप्रूवमेंट इन

7:37क्वालिटी ऑफ़ लाइफ। यार अगर पढ़े लिखे लोग

7:39होंगे ना आप किसी भी एग्जांपल से समझ लो

7:42उस इकॉनमी की क्वालिटी ऑफ लाइफ हमेशा

7:44ज्यादा होगी। किसी भी पॉइंट ऑफ व्यू से

7:46समझ लो। आप स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग से समझ लो

7:48कि अगर स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग आपका रॉयल है

7:50तो आपकी स्टैंडर्ड ऑफ़ लाइफ है। आपकी

7:52क्वालिटी ऑफ़ लाइफ अच्छी है। उसके अलावा आप

7:54दूसरे पॉइंट ऑफ व्यू से समझ लो। अगर लोग

7:56अच्छी स्किल्स एक्वायर कर लेंगे, एजुकेटेड

7:58होंगे, पढ़े लिखे होंगे, अच्छी हेल्थ वाले

7:59होंगे। तो देश में जो बाकी समस्याएं हैं

8:01ना, लूटपाट, चोरी, डकैती, मर्डर्स। ठीक

8:05है? वो सब नहीं होगा। तो क्वालिटी ऑफ़ लाइफ

8:08हर आस्पेक्ट से इंप्रूव होएगी ही होएगी।

8:11ये बेटा कुछ जनरल पॉइंट्स हैं ह्यूमन

8:14कैपिटल फॉर्मेशन के फायदों के कि एक

8:16इकोनमिक ग्रोथ के अंदर ह्यूमन कैपिटल

8:18फॉर्मेशन कैसे अपना रोल निभाता है। इसका

8:20स्क्रीनशॉट लीजिए। इसको फटाफट से नोट

8:22करिए। ठीक है?

8:25अब आगे ये जनरल एक नंबर का इंपॉर्टेंट

8:28टॉपिक है। वाइवा में भी पूछ सकते हैं।

8:31मार्केट वैल्यू ऑफ़ एचसीएफ क्या होती है?

8:33मार्केट वैल्यू ऑफ़ ह्यूमन कैपिटल

8:35फॉर्मेशन। ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन की

8:37मार्केट में वैल्यू क्या है? तो यार सिंपल

8:39है। ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन किसी की भी

8:42वैल्यू निकालनी हो उसकी फॉर्मेशन से

8:45ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन से कितने

8:47बेनिफिट्स मिले? माइनस उसमें कितनी लागत

8:50लगी? वो आपकी वैल्यू है। अगर कोई आपसे

8:52पूछे कि मार्केट वैल्यू ऑफ़ एचसीएफ क्या

8:55होती है? तो सिंपल आप जवाब दे सकते हो

8:57भाई। द डिफरेंस बिटवीन

9:02द बेनिफिट्स डिराइव्ड

9:05डिफरेंस बिटवीन द बेनिफिट्स डिराइव्ड

9:09एंड द कॉस्ट इंकर्ड

9:15इज़ इक्वल टू द मार्केट वैल्यू ऑफ़ HCF

9:22मतलब क्या हुआ भाई इसका? ठीक है? जो भी

9:26डिफरेंस रहा है बेनिफिट्स जो आपको मिल रहे

9:29हैं उसमें वर्सेस जो भी आपने कॉस्ट कॉस्ट

9:33मतलब लागत करी जो भी आपने कॉस्ट लगाई कौन

9:36सी कॉस्ट भाई आपने एजुकेशन पर जो खर्चा

9:39करा अपना बेसिकली

9:41उससे आती है मार्केट वैल्यू ऑफ़ HCL इसको

9:44समझने के लिए यार आप एग्जांपल समझो आज की

9:47डेट में हम सबको पता है बच्चे पढ़ाना कितना

9:49डिफिकल्ट काम है आप लोगों को अच्छा फील

9:52करना चाहिए यार आप लोगों के पेरेंट्स इस

9:53टाइम पर आपके आपके गार्डियंस किस तरीके से

9:55आपको सपोर्ट करके पढ़ा रहे हैं। ठीक है?

9:57बट वो क्यों कर रहे हैं? क्योंकि यार ये

9:59बात कहीं ना कहीं पता है कि जितना कॉस्ट

10:02आपकी एजुकेशन पर लगाया जा रहा है एंड ऑफ द

10:05डे आप उससे ज्यादा का ही बेनिफिट डिराइव

10:08करेंगे ही करेंगे। ठीक है? हां हो सकता है

10:11भाई आपकी जॉब लगे। शुरुआत आपकी 15,000

10:1420,000 से हो। बट सारी जिंदगी तो 15,000

10:16पे नहीं रह जाओगे ना भाई। इतना तो कोई भी

10:19ऐसा नहीं होता एवरेज। इतना एवरेज तो कोई

10:21नहीं होता कि सारी जिंदगी 15,000 की नौकरी

10:23पे ही रह गया। ठीक है? तो यूजुअली आपके घर

10:27वाले भी बेटा इसी लॉजिक पे आपके ऊपर भी

10:29इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। क्योंकि उनको भी

10:31ये बात मालूम है कि ओवरऑल अपनी लाइफ में

10:34हां सबका अलग-अलग हो सकता है स्ट्रीम्स के

10:36हिसाब से। कोई 5 साल में अपनी कॉस्ट ऑफ़

10:38एजुकेशन कवर कर लेता है। कोई 10 साल में,

10:39कोई 15 साल में, कोई एक साल में कि भाई जब

10:42आप कमाने बैठे, बिनेस करो या जॉब करो।

10:45आपने जितने बेनिफिट्स डिराइव करे, जितना

10:47पैसा कमाया है, माइनस जितनी आपने उस

10:50एजुकेशन को प्राप्त करने के लिए कॉस्ट

10:52लगाई थी, वो होती है मार्केट वैल्यू ऑफ़

10:54एचसीएफ। और बेटा अगर ये मार्केट वैल्यू ना

10:57हो रही होती ना, तो भाई फिर पेरेंट्स पढ़ा

11:00ही ना रहे होते। गार्डियंस अपने बच्चों को

11:02पढ़ा ही ना रहे होते। फिर सारे वेले घूम

11:03रहे होते। क्यों आपके ऊपर इन्वेस्टमेंट

11:06करी जा रही है? ध्यान रखना एजुकेशन एक

11:07खर्चा नहीं है। एजुकेशन एक इन्वेस्टमेंट

11:09है। और क्यों आप लोगों के ऊपर

11:10इन्वेस्टमेंट करी जा रही है? क्योंकि ये

11:12बात तय है भाई 99% कि आपकी पढ़ाई पर जितना

11:17खर्चा हो रहा है ना उससे ज्यादा का आप

11:19अपने लाइफ टाइम में बेनिफिट निकाल ही

11:20लेंगे उस पढ़ाई के चक्कर में। ठीक है? यार

11:23आप बिल्कुल बेसिक दिमाग लगाओ। एक बिल्कुल

11:25एवरेज यूनिवर्सिटी से मान लो आपने 3 साल

11:28की अपनी बैचलर्स खत्म करी लेट इट भी ₹1

11:30लाख की। उसके बाद आपका फॉर एग्जांपल सिर्फ

11:34और सिर्फ छोटा एग्जांपल पकड़ के रखते हैं।

11:37आपकी 20 से ₹25,000 की नौकरी लग गई। अगर

11:40बेटा आपकी मान लो 20,000 की भी नौकरी लगी

11:42है तो यार ₹400 तो आपने एक साल में ही कमा

11:44लिया।

11:46पढ़ाई पे कितना लगा था? उस कॉलेज की डिग्री

11:48पे कितना लगा था? 1 लाख। उसके बाद क्या?

11:50उसके बाद वो एक्सपायर थोड़ी हो जाएगी

11:51नौकरी। फिर तो जिंदगी भर बैठे हो आप। तो

11:54ये वाला सिनेरियो होता है। मार्केट वैल्यू

11:56ऑफ़ एचसीएफ क्या होती है? जितना भी डिफरेंस

11:58आए बेनिफिट्स डिराइव्ड में माइनस जो भी उस

12:01एजुकेशन को प्राप्त करने के लिए आपकी लागत

12:04लगी है, खर्चा लगा है, उसको बोला जाता है

12:06मार्केट वैल्यू ऑफ़ एचसीएफ।

12:10ठीक है? अब बेटा जो आपका अगला टॉपिक है इट

12:12इज वेरीेंट फ्रॉम एग्जामिनेशन पॉइंट ऑफ

12:14व्यू। ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन करते हुए

12:18क्या-क्या बाधाएं आ रही हैं? व्हाट आर द

12:20प्रॉब्लम्स इन द पाथवे ऑफ़ ह्यूमन कैपिटल

12:23फॉर्मेशन? ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन में

12:25लिमिटेशन कोई नहीं है। उसको करने में

12:28प्रॉब्लम क्या आ रही है? ध्यान रखना। कुछ

12:29बच्चे का लिमिटेशंस।

12:31प्रॉब्लम्स या बैरियर्स क्या आ रहे हैं?

12:34एक देश में स्पेशली हमारे देश में ह्यूमन

12:36कैपिटल फॉर्मेशन करते हैं। अगर मैं इंडिया

12:38की बात करूं तो इंडिया में क्या

12:40प्रॉब्लम्स आ रही है अच्छे अमाउंट की

12:43ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन करने में। तो बेटा

12:45एक जनरल बात ध्यान रखना हमारी इंडियन

12:47इकॉनमी में ना हर चैप्टर की कमी में आप

12:50सबसे बड़ी कमी अपने देश की पॉपुलेशन डाल

12:52सकते हो। ठीक है भाई? पॉपुलेशन तो देखो आप

12:55कितनी है। सबसे बड़ी दिक्कत राइजिंग

12:57पापुलेशन। बढ़ती हुई पापुलेशन।

13:00वो एक बहुत बड़ा चैलेंज है ह्यूमन कैपिटल

13:02फॉर्मेशन करते हुए क्योंकि यार देखो

13:04नॉर्मल सी बात है इकोनॉमिक्स लगाते हैं जो

13:07रिसोर्सेज हैं वो लिमिटेड है यार

13:09रिसोर्सेज लिमिटेड है और नंबर ऑफ पर्संस

13:13बहुत सारे हैं तो हर एक बंदे को हम उतने

13:16अच्छे तरीके से करवा नहीं सकते भाई। ठीक

13:18है? रिसोर्सेज लिमिटेड है। अब मान लो यार

13:20हमारे सरकारी स्कूल में एक बारी में लेट

13:23इट बी एक सरकारी स्कूल में 100 बच्चों को

13:25बिठाने की जगह है और पपुलेशन में बहुत

13:29सारे लोग हैं। तो यार हर बच्चे को उस टाइम

13:31पे एजुकेशन नहीं मिल पाएगी ना। सरकारी

13:33अस्पतालों में आप जाओ। आप वहां पर सबसे

13:34बड़ी प्रॉब्लम में देखते हो। हेल्थ केयर

13:36की अगर हम बात करें आप गवर्नमेंट हॉस्पिटल

13:38जाते हो। वहां ऐसे होता है यार आप 9:00

13:40बजे गए सवा5 आपकी अपॉइंटमेंट होगी। 9:30

13:42आपका ऑपरेशन हो गया। 10:00 बजे आपकी

13:44छुट्टी होगी। ऐसा नहीं होता बेटा। जाके

13:46देखो फिजिक सिविल हॉस्पिटल आप जाओगे 10:00

13:49बजे डॉक्टर आते हैं। उसके बाद में जाके

13:52आपका धक्के धुक्के खा के पर्चियां कटा के

13:541 2:00 बजे तक नंबर आ रहा है। लंच हो गया।

13:56ठीक है? इतने आपके चक्कर लग रहे हैं। भीड़

13:59में खड़े हैं वहां एनवायरमेंट कैसे आपको

14:00ये सारी बातें पता है। तो सबसे बड़ी

14:02प्रॉब्लम ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन करने में

14:04अभी जो आ रही है वो है ह्यूमन राइजिंग

14:07पापुलेशन। वजह क्योंकि बेटा नॉर्मल सी बात

14:10है। आप खुद देखो पॉपुलेशन इतनी ज्यादा है

14:12और रिसोर्सेज आपकी लिमिटेड है। स्कूल्स,

14:14हॉस्पिटल्स ये सब लिमिटेड है। तो एक बारी

14:17में इतने सारे लोगों को कवर कर लोगे ना ये

14:19प्रॉब्लम। दूसरी बेटा सबसे फनी और सबसे

14:22बढ़िया प्रॉब्लम हमारे देश की क्या है? वो

14:24है ब्रेन ड्रेन। ये बड़ा प्यारा वर्ड है।

14:27ब्रेन ड्रेन।

14:29ब्रेन ड्रेन क्या होता है यार? बहुत

14:31इंपॉर्टेंट वर्ड है। लिख के जरूर आना पेपर

14:33में। ब्रेन ड्रेन। हमारे यहां पर सबसे

14:35ज्यादा ये वीडियो अभी हम अंबाला हरियाणा

14:37से शूट कर रहे हैं। अब नॉर्मल सी बात बता

14:39दूं। हमारे यहां से हरियाणा और पंजाब से

14:4290% यूथ क्या करता है? 90% यूथ अपनी 12वीं

14:47करता है। शायद वो कॉलेज तक टिक जाए। नहीं

14:51तो जिस टाइम पर उसकी 12वीं कंप्लीट हुई वो

14:54क्या करता है?

14:56गाना सुना है ना वो कनाडा कनाडा मैं जाना

14:59वो वाला सिनेरियो चल रहा होता है उनका।

15:01ठीक है? सीधा भारत जिस टाइम पर मतलब बचपन

15:04उन्होंने अपना सारा यहां निकाला बेसिक

15:06एजुकेशन और बेसिक लर्निंग यहां पर करी और

15:09जब उनका देश में कंट्रीब्यूट करने का वक्त

15:12आया तो वो फ्लाई वो वाला सिनेरियो देखो

15:16यार मैं इस एप्रोच के अगेंस्ट नहीं हूं।

15:18ठीक है? हर एक का अपना पॉइंट ऑफ व्यू होता

15:20है। आप में से बहुत सारे बच्चे जो ये

15:21वीडियो देख रहे हैं वो जा भी चुके हैं।

15:23बहुत सों ने जाना भी है। गलत नहीं है। बट

15:25अगर हम मैकोनॉमिक्स पॉइंट ऑफ व्यू से बात

15:28करें ना तो उस पॉइंट ऑफ व्यू से एक

15:30प्रॉब्लम है। हमारा जो पढ़ा लिखा बच्चा जो

15:33समझदार जो देश के लिए कुछ कर सकता है उसका

15:36जब देश के लिए कंट्रीब्यूट करने का वक्त

15:38आता है तो वो क्या करता है? वो बाहर चला

15:40जाता है। ठीक है? ये होती है ब्रेन रेन की

15:42प्रॉब्लम। देखो बेटा माइग्रेशन करने में

15:44कोई प्रॉब्लम नहीं है। ठीक है? माइग्रेशन

15:46करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है। बट जब

15:49आपका देश के लिए कंट्रीब्यूट करने का समय

15:51है उस टाइम पर आप या तो यार आप शुरू से

15:54बाहर जाते। जब आपका एक समय आया ऐसा भी

15:57नहीं आया यार बच्चा पहली क्लास में बाहर

15:58भेज रहे हैं। 10वीं हो गई, 12वीं हो गई,

16:00कॉलेज हो गया। अब बच्चे ने कुछ

16:02कंट्रीब्यूट करना है। बच्चे ने पैसा कमाना

16:03है। उस टाइम पर उसको बाहर भेज दिया जाता

16:06है। वो बच्चा बाहर चले जाता है। अब वो

16:08किसके लिए काम करेगा? नो डाउट। अपने पास

16:10उस पे पैसे आएंगे। लेकिन इकॉनमी का

16:12बेनिफिट हमारी का नहीं होगा। की तरह

16:13ज्यादा बेनिफिट वहां की डोमेस्टिक इकॉनमी

16:15का होगा जहां वो बच्चा गया है। बट सोए एवर

16:17कनाडा, ऑस्ट्रेलिया व्हाटएवर इट इज़ वो

16:19वाला पॉइंट आ जाता है। तो ब्रेन ड्रेन

16:21वाला पॉइंट बच्चों पेपर में जरूर लिख के

16:23आना। ब्रेन ड्रेन क्या होता है भाई?

16:24सिंपली द माइग्रेशन ऑफ़ माइग्रेशन ऑफ़

16:29स्किल्ड यूथ। स्पेशली यूथ। स्किल्ड

16:32पर्सनंस स्पेशली इन केस ऑफ़ यूथ।

16:36फ्रॉम इंडिया। हमारे इंडिया की अगर हम बात

16:39करें तो भाई इंडिया का जो स्किल्ड पर्सनंस

16:41है, स्किल्ड यूथ है, स्किल्ड यंग जनरेशन

16:44है भाई वो माइग्रेट कर जाती है टू अदर

16:47कंट्रीज। प्रॉब्लम क्या है यार? सरकार को

16:49आपके माइग्रेट करने से प्रॉब्लम नहीं है।

16:51दिक्कत ये है यार कि आप लोगों का जब देश

16:53के लिए कुछ कंट्रीब्यूट करने का वक्त आया

16:55उस टाइम पर आप लोग देश से बाहर चले गए। ये

16:58बहुत बड़ी प्रॉब्लम है जो इंडिया में आ

17:00रही है। यहां पर बच्चा स्किल्स सारी यहां

17:04ली। बेसिक एजुकेशन यहां कर गई। एलिमेंट्री

17:05एजुकेशन यहां हुई। सेकेंडरी एजुकेशन यहां

17:08हुई। आपकी सीनियर सेकेंडरी एजुकेशन यहां

17:10हुई। मैक्सिमम केसेस में कॉलेज भी आपकी

17:12ग्रेजुएशन भी यहां हुई। उसके बाद जब आप

17:14बिल्कुल तैयार हो गए हो उस टाइम पर आप देश

17:16छोड़ के चले जाते हो और वहां जाके अर्न कर

17:19रहे हो। तो ये एक प्रॉब्लम है। ठीक है?

17:21मैं इसके अगेंस्ट नहीं हूं बट चैप्टर के

17:22पॉइंट ऑफ व्यू से ये एक जनरल पॉइंट है कि

17:24ब्रेन ड्रेन इंडिया में एक प्रॉब्लम है कि

17:26ह्यूमन कैपिटल फॉर्मेशन सही से नहीं हो

17:29पाती। इसके अलावा एक और इंपॉर्टेंट पॉइंट

17:33डेफिशिएंट मैन पावर प्लानिंग। बेटा हमारी

17:36लेबर की कोई प्लानिंग ही नहीं हो रखी है।

17:40हमारे यहां पर मैन पावर की तो प्लानिंग

17:43अच्छे से हो ही नहीं रखी। हमारे यहां पर

17:45इंडिया के केस में जो लेबर की प्लानिंग है

17:48वो हो ही नहीं रखी। लेबर किस एरिया में

17:50जरूरत से ज्यादा है और कहीं है ही नहीं।

17:52ठीक है? अब आपके यहां पंजाब हरियाणा में

17:54जब फसल की कटाई का टाइम आता है। आप किस

17:56तरीके से ढूंढते हो ना यार कि यूपी बिहार

17:58साइड से आपको लेबर मिल जाए और आप उनसे काम

18:00कराओ। और डेली बेसिस पर क्या हो रहा है?

18:02आप सुबह बाहर देखो आपके आपके भी एरियाज के

18:06अंदर कई ऐसे चौंक और बिजी आपके पॉइंट्स

18:09होंगे जहां पर लेबर सुबह-सुबह बस अपना बैग

18:11लेके खड़ी रहती है कि कोई उनको काम पर ले

18:14जाए और वो काम करके हार्डली एक दिन की

18:16दहाड़ी कमा ले। 5000 जो भी है वो वाला एक

18:19पॉइंट आता है कि हमारे यहां पर बैंड पावर

18:21प्लानिंग बहुत डेफिशिएंट है। सप्लाई ऑफ़

18:24लेबर मिसमनेज्ड है। तो आपके यहां सप्लाई

18:27ऑफ़ लेबर है ना वो बहुत मिसमैनेज्ड है।

18:29इसको वैसे हम आगे और चैप्टरों में भी

18:31पढ़ेंगे। बड़ी मिसमैनेज्ड सप्लाई ऑफ़ लेबर

18:34है। कुछ एरियाज में बहुत ज्यादा है। कुछ

18:36एरिया में है ही नहीं। तो लेबर की प्रॉपर

18:38मैनेजमेंट नहीं हो रही। मतलब आपका पॉइंट

18:40आएगा तो हम क्या करें? जी इसमें क्या करा

18:42जा सकता है? प्रॉपर लेबर का रिकॉर्ड बने।

18:45जैसे भारतीय देशों में होता है। प्रॉपर

18:46कायदे से उनका वर्क ऑर्डर बने। उनका

18:48रिकॉर्ड बने। इतने दिन इस लेबर को इतना

18:51काम मिला है। ताकि ये ना हो कि एक लेबर को

18:53सारा साल काम मिल गया और कुछ लेबर को काम

18:55ही नहीं मिला। प्रॉपर लेबर की प्लानिंग

18:57करो ताकि हर एक का बेनिफिट होए। इसके

18:59अलावा भाई

19:02हमारे बड़े लो अेडमिक स्टैंडर्ड्स हैं। ये

19:06पॉइंट्स तो बेटा हमारी इंडियन एजुकेशन में

19:08बहुत नीचे है। इसके लिए गवर्नमेंट बहुत

19:11कुछ कर भी रही है। नो डाउट। अभी आप देखना

19:13अभी जब नेक्स्ट ईयर से आप लोगों की कॉलेज

19:14की शुरुआत होगी ना दैट विल बी डिफरेंट

19:17फ्रॉम पास्ट स्टूडेंट्स। जो उन्होंने पहले

19:19करा है ना उससे बहुत अलग होगी। फिलहाल एक

19:22प्रॉब्लम क्या है? हमारे एकेडमिक

19:24स्टैंडर्ड्स बहुत लोग हैं। इसका मतलब यार

19:26हमारी जो लर्निंग है ना वो थ्योरी बेस्ड

19:28लर्निंग है। नो डाउट सरकार इसके लिए बहुत

19:30कुछ कर भी रही है। लेकिन हमारी जो एजुकेशन

19:33है ना हमारी जो एजुकेशन है दैट इज थ्योरी

19:35बेस्ड। हमारी एजुकेशन जो है वो थ्योरी

19:38बेस्ड एजुकेशन है भाई। यहां पर उतनी

19:40प्रैक्टिकल ट्रेनिंग नहीं है। यहां आप

19:42थ्योरी पढ़ पढ़ के तो यार पास हो रहे हो।

19:43ठीक है? थ्योरी पढ़-पढ़ के थ्योरी पढ़ पढ़

19:46के थ्योरी बेस्ड एजुकेशन कह लो या फिर ऐसा

19:47कह लो थ्योरी बेस्ड एजुकेशन भी कह सकते

19:50हैं या हम ऐसा भी कह सकते हैं डिग्री

19:53बेस्ड एजुकेशन है बस। लोग पढ़ाई किस लिए

19:56कर रहे हैं? डिग्रियां इकट्ठी करने के

19:57लिए। स्किप सीखने के लिए डिग्री इकट्ठी

20:00करने के लिए। यार हम ज्यादा से ज्यादा

20:01डिग्री इकट्ठी कर लें। कल को जो होगा क्या

20:04उससे रियलिटी? डिग्री इकट्ठी करोगे। कल को

20:08मेंटालिटी वही है अभी भी कि डिग्री जितनी

20:10ज्यादा होगी उतनी ज्यादा डोरी आएगी उतनी

20:12ज्यादा दहेज आएगा वो वाला पॉइंट ऑफ व्यू

20:15रहता है हमारे एकेडमिक स्टैंडर्ड्स बहुत

20:17लो है थ्योरी बेस्ड एजुकेशन है हमारी

20:19डिग्री बेस्ड एजुकेशन है लोग वही थ्री

20:21डियर्स वाली बात वो लर्निंग के पीछे नहीं

20:23भाग रहे वो बस डिग्री रट के जैसे मर्जी बस

20:26डिग्री इकट्ठी कर ले ठीक है आप में से

20:28बहुत सारे बच्चे हैं भाई बस रट के उन्हें

20:30पास करना है किताब है किताब दे दो उन्हें

20:32समझ कुछ ना आए वो किताब रट के टॉप कर

20:34लेंगे 95 99 ले आएंगे बड़े आराम से

20:37एक्चुअल में क्या है वो? वो थ्योरी बेस्ड

20:39लर्निंग है भाई। आप समझ नहीं रहे हैं। आप

20:41बस चीजों को रट रहे हैं एक तोते की तरह और

20:43बाद में उसी को एग्जाम में चेप देंगे और

20:45आपको जेन्युइनली उसके दम पे नंबर भी मिल

20:47जाएंगे। यह एक पॉइंट आ जाता है कि हमारी

20:49लर्निंग के जो एकेडमिक स्टैंडर्ड्स है वो

20:51कम है। जेनुइनली बहुत सारे बच्चे बेटा ऐसे

20:53होते हैं जो आपके बिलो एवरेज बच्चे होते

20:56हैं। 50 60 70 वाले बच्चे होते हैं।

20:58नॉर्मल बच्चे होते हैं। उनके पास ज्यादा

21:01मेंटल लेवल होता है एज़ कंपेयर टू एक 98

21:04वाला टॉपर जो बस नेट के पास हो रहा है। बट

21:06वैल्यू किसकी होती है यहां पर देश में?

21:08सारी इज्जत किसकी करेंगे? उस 98 वाले की।

21:106070 वाले की कोई नहीं करेगा क्योंकि उसके

21:13पास अच्छे नंबर नहीं है। ये एक प्रॉब्लम

21:15है आपके देश के अंदर। बेटा पहले इसका

21:16स्क्रीनशॉट लो। अभी दो पॉइंट और भी हैं।

21:18ठीक है? इसका स्क्रीनशॉट लो फटाफट से।

21:22इसके अलावा फिफ्थ प्रॉब्लम क्या है

21:23बच्चों? आपकी इनसफिशिएंट ऑन द जॉब

21:26ट्रेनिंग इन प्राइमरी सेक्टर। प्राइमरी

21:29सेक्टर कौन सा होता है बच्चों? एग्रीकल्चर

21:30सेक्टर। एग्रीकल्चर वाला सेक्टर आपका

21:33एग्रीकल्चरल सेक्टर। उसके अंदर आज भी उतनी

21:38बेहतरीन ऑन द जॉब ट्रेनिंग या ऐसा हम कह

21:41ले कोई प्रोफेशनलिज्म नहीं है। इस सेक्टर

21:44के अंदर आज भी उतना प्रोफेशनलिज्म नहीं है

21:48भाई।

21:49प्रोफेशनलिज्म नहीं है। आज भी बहुत सारे

21:52एरिया में आप लोग कहोगे क्यों भैया हम लोग

21:54तो ट्रैक्टर्स थ्रेशर्स मॉडर्न फार्मिंग

21:56मेथड्स एचवाईवी सीड्स यूज़ कर रहे हैं।

21:58बेटा आप हरियाणा से हो। आप यूज़ कर रहे हो।

22:00बहुत सारे एरिया इंडिया में आज भी ऐसे

22:02क्योंकि हमारे इंडिया में बहुत सारी

22:04मेजॉरिटी पॉपुलेशन आज भी खेतीबाड़ी करती

22:07है। लेकिन उसके लिए इतनी कोई स्पेशल

22:09ट्रेनिंग स्किल्स नहीं है। ठीक है? वो वही

22:12करते आ रही है जो उनको उनके फादर्स

22:14फोरफादर्स पेरेंट्स ग्रैंड पेरेंट्स ने

22:15सिखाया है। वो वही खेती कर रहे हैं जो

22:18पेरेंट्स ने सिखाई है। ठीक है? वो ठीक भी

22:20है यार। पेरेंट्स ने भी उसे सर्वाइवल करा

22:22है। लेकिन उसके अंदर भी तो प्रोफेशनलिज्म

22:24लाया जा सकता है। गांव-गांव के अंदर हर एक

22:26को पता है यार कि सोइल का भी पीएच होता

22:29है। एसिडिक अगर सॉइल हो तो बेसिक क्रॉप्स

22:31उगाते हैं। बेसिक सॉइल हो तो एसिडिक

22:33क्रॉप्स उगाते हैं। नहीं पता भाई। थोड़े

22:35बहुतों को पता भी होगा। बाकियों को नहीं

22:36पता। और ये तो सिर्फ एक एग्जांपल है। ऐसे

22:38बहुत सारे मॉडर्न फार्मिंग मेथड्स होते

22:40हैं और बहुत सारे मॉडर्न तौर तरीके होते

22:42हैं जो फॉलो नहीं करे जा रहे।

22:44प्रोफेशनलिज्म नहीं है। इतनी ज्यादा

22:46अवेयरनेस नहीं है प्राइमरी सेक्टर के

22:49अंदर। यार देखो खेती करने में बुराई नहीं

22:52है। हमारी मेजॉरिटी पापुलेशन खेती कर रही

22:55है। लेकिन रिटर्न भी तो है। ये आपको भी

22:56पता है कि हमारी मेजॉरिटी पापुलेशन खेती

22:58कर रही है। लेकिन मेजॉरिटी रिटर्न वहां से

23:00नहीं आ रहा। सर्विस सेक्टर से आ रहा है।

23:02तो यार जब लोगों ने खेती करनी है तो फिर

23:04अच्छे से करो। अच्छे से करो गवर्नमेंट को

23:07भी करना चाहिए रोल उसके अंदर पूरा ऐसे

23:10कम मिनि रेट्स के अंदर एग्रीकल्चरल

23:12यूनिवर्सिटीज बनाए जहां पर एक एग्रीकल्चरल

23:16फैमिली का बच्चा जाए वो वहां पर स्किल्स

23:19सीखे और उसको रियल लाइफ में अप्लाई करें

23:20और फिर देखो आप इंडिया के अंदर भी ऐसीऐसे

23:22आपके एोकारडो जैसे आपके फ्रूट्स

23:25वेजिटेबल्स जैसी चीजें बनेंगी जिससे आपके

23:27देश का नाम थोड़ा ऊंचा होगा वो वाला

23:30सिनेरियो ठीक है अब आपको भी पता है आप

23:32जैसे हरियाणा पंजाब में हो हमें भी पता है

23:34हम यहां केसर की खेती नहीं कर सकते उतनी

23:36अच्छी। ठीक है? हमारे यहां की जमीन ही

23:38नहीं उसका सपोर्ट करेगी। तो ऐसा नहीं कुछ

23:41करना चाहिए जिससे यहां की जमीन भी उस लायक

23:43बन जाए जैसे साउथ के अंदर होता है। जिस

23:45लेवल की फार्मिंग साउथ में हो सकती है वो

23:47यहां नॉर्थ में भी हो पाए। ठीक है? वो

23:49वाला सिनेरियो। ठीक है? ये वाला एक पॉइंट

23:52आ जाता है। इसके अलावा बेटा एक आधा जनरल

23:54पॉइंट हमारे यहां पर ये तो

23:57जेंडर इक्वलिटी है। जेंडर इनकलिटी है बहुत

24:02ज्यादा। ठीक है? गर्ल पापुलेशन मेल

24:06पापुलेशन बड़ा सिनेरियो है भाई। ठीक है?

24:08जो फैसिलिटीज है बहुत सारे एरिया में आज

24:10भी वो मेल डोमिनेंट सोसाइटी है। वो वाला

24:12आप पॉइंट लिख सकते हो सिंपली कि मेल

24:14डोमिनेंट सोसाइटी है। ठीक है? जो सोसाइटी

24:15है वो कैसी है? मेल डोमिनेंट सोसाइटी है।

24:17ठीक है? एवरीबडी प्रेफर्स अ मेल चाइल्ड

24:19ओवर अ फीमेल चाइल्ड। ठीक है? वो वाला

24:21पॉइंट बार-बार आता है कि ये दिक्कत है एक

24:24बहुत ज्यादा जो यहां पर आ रही है। वैसे

24:26बुक के अंदर कुछ बुक्स में पांच पॉइंट है।

24:28एक एक्स्ट्रा पॉइंट आप लिख सकते हो कि

24:30हमारे देश में ये वाली भी बहुत प्रॉब्लम

24:32है यार। जो भी फैसिलिटीज़ है वो मेल के लिए

24:34है। फीमेल के लिए काफी फैसिलिटीज़ नहीं है।

24:36एजुकेशन है, फीमेल को प्रॉब्लम है। मेल के

24:39लिए इज़ली अवेलेबल है। जेंडर इनकलिटी है।

24:42तो वो वाला पॉइंट बड़ा आ जाता है। इवन

24:44कॉलेजेस है भी। तो यार बहुत सारी फैमिलीज़

24:47के सिनेरियो ऐसा होता है कि वो अपनी गर्ल

24:50चाइल्ड को पढ़ाई के लिए नहीं भेजते। और शहर

24:53से बाहर तो बहुत रेयर कि ऐसा सिनेरियो

24:56होगा। आप पढ़ाई कर ली? अच्छा कर ली बेटा।

24:58बच्ची ने बेशक बाहर भी टॉप कर लिया हो।

25:00पढ़ोगे आप बेटा यहीं पर ही बाहर नहीं जाना

25:02बेटा गांव से बाहर नहीं जाना शहर से बाहर

25:04नहीं जाना बिगड़ जाओगे वो वाला सिनेरियो

25:06भाई लड़का भी तो संभालो वो भी तो बिगड़

25:08रहा है तो जेंडर इनकलिटी बहुत ज्यादा है

25:10यहां पर ये एक प्रॉब्लम आ जाती है तो दीज़

25:13वर कुछ जनरल सी प्रॉब्लम्स जो ह्यूमन

25:15कैपिटल फॉर्मेशन में आती है इस वीडियो में

25:17इतना ही नेक्स्ट पार्ट में हम एजुकेशन से

25:19स्टार्ट करेंगे एक बार एक क्विक रीकैप कर

25:21लेते हैं क्या-क्या पॉइंट्स हैं जो ह्यूमन

25:23कैपिटल फॉर्मेशन में बाधा लेकर आ रही है

25:25दो तो बेटा यही हो गए इनसफिशिएंट ऑन द जॉब

25:28ट्रेनिंग इन एग्रीकल्चरल सेक्टर आज भी वो

25:29पुरानी िक तौर तरीके ट्रेडिशनल मेथड्स

25:31बहुत सारी जगहों पर यूज़ हो रहे हैं। दूसरा

25:33जेंडर इनकलिटी के बारे में तो भाई आप 10

25:35पेज लिख सकते हो कि इनकलिटी बहुत है वो

25:38मेल डोमिनेंट सोसाइटी है वो सब। इसके

25:40अलावा पहले चार पॉइंट्स क्या थे? ब्रेन

25:42ड्रेन है। ब्रेन ड्रेन क्या होता है?

25:43कनाडा भाग जाना, ऑस्ट्रेलिया भाग जाना,

25:45न्यूजीलैंड भाग जाना। जिस टाइम पर हमारे

25:47देश का यूथ देश के लिए कंट्रीब्यूट करने

25:49लायक होता है, वो भाग जाता है यहां से। वो

25:50बाहर के देश में चले जाता है और वहां की

25:52सोसाइटी के लिए कंट्रीब्यूट कर रहा है।

25:54डायरेक्टली और इनडायरेक्टली। तुम कहोगे हम

25:55कौन सा खुशी से कर रहे हैं भाई? वहां रह

25:57रहे हो। टैक्सेस तो वही दोगे। इंडिया कौन

26:00सा तुम रोज टैक्स भिजवा रहे? इनडायरेक्ट

26:01टैक्स तो वही दोगे। जीएसटी तो वही दे रहे

26:03हो। वहां के लोकल बिनेसेस को फायदा हो रहा

26:05है। आपको फायदा हो रहा है उससे इंडियन

26:07गवर्नमेंट को। उसके अलावा पॉपुलेशन इतनी

26:09ज्यादा है कि चाहकर भी सारी पॉपुलेशन को

26:11एक बारी में कवर किया नहीं जा सकता। उसके

26:13अलावा एकेडमिक स्टैंडर्ड्स स्लो है।

26:15थ्योरी बेस्ड डिग्री बेस्ड लर्निंग है

26:16आपकी और लेबर की बड़ी डेफिशिएंट

26:18इनएडीिक्वेट मिसमैनेज सप्लाई है। ये

26:21बच्चों कुछ पॉइंट्स थे आपके। ये वीडियो आप

26:23पूरी देख लो। इसके नोट्स बना लो। नेक्स्ट

26:25वीडियो के अंदर हम एजुकेशन से स्टार्ट

26:27करेंगे। ठीक है? बाय-ब।

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