Full transcript
0:00झाल
0:02कि नमस्कार प्रदर्शन को नक्षत्रों तक आपका
0:05अपना YouTube चैनल मैं आदित्य द्विवेदी
0:08आपका ज्योतिष मित्र आज एक नए विषय वस्तु
0:12के बारे में आपको जानकारी देंगे आपकी
0:14कुंडली से जुड़े हुए ये विषय वस्तु के
0:17बारे में ही जानकारी देंगे उसके पहले अगर
0:19आप अपनी कुंडली पर परामर्श चाहते हैं खराब
0:23ग्रह दशाओं का उपाय जानना चाहते हैं और
0:27रत्न रुद्राक्ष साथ के बारे में जानना
0:29चाहते हैं तो आप
0:3370070 पर कॉल कर सकते हैं WhatsApp कर
0:37सकते हैं कॉल करके व्हाट्सएप करके आप
0:40उत्सुक और परामर्श की प्रक्रिया के बारे
0:44में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं चलिए
0:46शुरू करते हैं आज के एक नए रोचक विषय
0:49वस्तु पर चलते हैं
0:57एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है लोग अपनी
1:01कुंडली के द्वारा जानना चाहते हैं कि उनका
1:05जो वर्तमान समय है या भविष्य का जो आने
1:08वाला समय है वह कैसा होने वाला है और उस
1:13हिसाब से लोग अपने लाइफ टिप्पणी करते मान
1:16लीजिए आज आपका अच्छा समय चल रहा है तो कल
1:19बुरा आएगा बुरा है तो अच्छा आएगा प्लानिंग
1:22होती है महादशा और अंतरदशा से लोगों की
1:26सबसे बड़ी उत्सुकता यही रहती है कि मेरी
1:29जो महादशा चल रही है उसमें कौन सी
1:32अंतर्दशा है तो महादशा पूरी कैसी जाएंगे
1:35और उसकी अंतर दशा कैसी जाने वाली है कुछ
1:39लोगों ने लोग कहते हैं राहु की दशा कि
1:43शुरू में बहुत अच्छा दिया अभी खराब चल रहा
1:46है शुरू में खराब रहा बाद में अच्छा दे
1:49रहा है तो कैसे आप दशाओं का पैनल स्टिच
1:52करेंगे देखिए यह पूरे कार्यक्रम में बने
1:56रहेंगे इस तो यह कार्यक्रम को देख करके आप
1:59अपना जो वर्तमान का समय है या आने वाला
2:03भविष्य है आप पूरा एनर्जी सिस्टम पाएंगे
2:06आपको ना तो कुछ याद करने की जरूरत है और
2:09ना ही किसी भी प्रकार से ज्योतिष के ज्ञान
2:13की आवश्यकता है बस आपके पास आपकी कुंडली
2:16होनी चाहिए बेसिक जान सबको है आपके पास
2:20आपकी कुंडली अगर है तो नहीं है तो किसी ऐप
2:24में खोल लीजिए आज का जो सूत्र होगा दशा और
2:27महादशा इसका तो पूरा ऐनालिसिस तीन भाग में
2:32आएगा लेकिन आज हम आपको तारा मिलान की
2:35पद्धति से बताएंगे बहुत ही महत्वपूर्ण है
2:379 तारा होते हैं उन्हें तारा से ही आपको
2:42मिलान करके जान पाएंगे आप चीज जो महादशा
2:45चल रही है उसमें कौन सी अंतर दशा चल रही
2:48है और वह कैसी जाने वाली है बिना कठिन
2:52सूत्र के बिना बुना गणित के तो बने रहिए
2:54आप हमारे साथ में आ अपने लग्न कुंडली लेनी
2:59है लग्न कुंडली में क्या है कि हर ग्राहक
3:01किसी ना किसी भाव और राशि में बैठा हुआ है
3:04और आप उसी अपनी कुंडली में देख कर जान
3:07पाएंगे इस कि कौन सा ग्रह किस नक्षत्र पर
3:12बैठा हुआ है यह जो तारा मिलान की पद्धति
3:15होती है नक्षत्रों पर आधारित होती है और
3:18नक्षत्रों कि गणना यह बहुत सटीक होती है
3:21गौचर के बारे में हम आ जल्दी ही कार्यक्रम
3:25लाइन जैसे यह दशा महादशा का इसके बाद एक
3:27वीडियो और लेंगे ताकि यह पूरा कंपलीट हो
3:31सके फिर उसके बाद नक्षत्र के माध्यम से आप
3:34अपना वर्तमान का गोचर जैसे सनी अभी जो है
3:37मकर राशि पर है बृहस्पति कुंभ पर है तो
3:40आपकी राशि से कौन सा ग्रह कहां है तो क्या
3:43रिजल्ट देगा उसके बारे में भी बताएंगे आज
3:46हम आपको बताएंगे कि आप अपनी कुंडली सामने
3:49रखिए और देख लीजिए किस ग्रह की महादशा चल
3:52रही है और उस महादशा में आप एनालिसिस करते
3:56हैं अब हुआ था सामूहिक तो किस महादशा में
3:59कौन सी अंतर दशा कैसी जाने वाली है आज मैं
4:02बताऊंगा
4:04मैंने कुंडली 12th 1988 का जन्म 11:40
4:09जन्मस्थान उत्तर प्रदेश बस्ती जनपद इस समय
4:14इनकी शुक्र की महादशा चल रही है जैसा कि
4:16देख सकेंगे इस कुंडली में शुक्र इसमें
4:21घृतकुमारी में होता है तो यह धन कारक हो
4:26जाता है वैसे के साथ स्थान परिवर्तन किया
4:29हुआ तो कुंडली में अगर हम देखते हैं तो
4:32प्लेसमेंट के हिसाब स्कूल है और
4:37सब्सक्राइब भी देता है शीघ्र
4:43तो यहां पर हम शुक्रवार को शुक्र की
4:47महादशा में जातक की इस जातक शुक्र की
4:50महादशा चल रही है 1 जून दो हजार कि शुक्र
4:54की महादशा शुरू हुई है और 1 अक्टूबर दो
4:57बाजार 24 तक शुक्र की महादशा में शुक्र का
5:00अंतर रहेगा और 1 अक्टूबर 2025 तक शुक्रमेह
5:05सूर्यकांत राज आएगा तो यह अंत यह महादशा
5:09में यह अंतर दशा कैसी जाएगी मैं आपको इसी
5:12की विधि बताने चल रहा हूं शुक्र की महादशा
5:16में शुक्र कान तरफ से जान लीजिए किसी भी
5:19ग्रह की महादशा में उसी का अंतर आपके
5:23कर्मों पर निर्भर करता है कैसे अभी आप इस
5:26सूत्र से भी जाएंगे फिर शुक्रमेह सूर्य का
5:29यानि इस जातक का आपको अक्टूबर दो हजार 24
5:33से अक्टूबर 2025 के बीच का समय कैसा होगा
5:37जून दो हजार किससे अक्टूबर 2036 का समय
5:41कैसा होगा भी आपको पता चलेगा सेम प्रोसेस
5:44में आप अपनी कुंडली की दशा को देख लेंगे
5:46इस समय जिससे की महादशा चल रही है उस ग्रह
5:50को नोट कर लीजिए इसमें शुक्र की महादशा चल
5:53रही है और अंतर्दशा जिसकी चल रही है अपनी
5:57कुंडली में उसको भी नोट कर लीजिए यहां पर
6:00शुक्र की है उसके बाद जो अंतर दशा है कि
6:03आप उसको भी नोट करके आगे जान सकते हैं
6:06फिलहाल मैं इस प्रकार की महादशा में शुक्र
6:09की अंतर्दशा के बारे में बताने जा रहा हूं
6:13आप अपनी कुंडली में जिस की महादशा है वह
6:18किस नक्षत्र में बैठा हुआ यहां पर महादशा
6:21में शुक्र है शुक्र इस कुंडली में मृगशिरा
6:25नक्षत्र में बैठा हुआ
6:27लीजिए महादशा का स्वामी है वह जिस नक्षत्र
6:32में बैठा हुआ है उसको नोट कर लीजिए
6:36मृगशिरा हो गया और अंतर्दशा शुक्र की है
6:40तो यह भी वृद्धि हुई हो जाएगा तो कि दोनों
6:46नक्षत्र एक ही आ रहे हैं तो यहां पर मैं
6:50इसको भी बताऊंगा कि अगली की भी ले लेता
6:54हूं
6:55इससे आपको यह हुआ था कि मैं दो स्टेप में
6:59जब बता दूंगा तो आप तीसरा चौथा स्वयं
7:01कैलकुलेट कर ले जाएंगे तो शुक्र की महादशा
7:04में शुक्र मृगशिरा नक्षत्र में अंतर दशा
7:07बुखार की तो अनु सुखराम विश्नोई नक्षत्र
7:10में सूर्य आएगा उसके बाद जो सूर्यत देखिए
7:14कुंडली में कृतिका नक्षत्र में बैठा है तो
7:16सूर्य का भी मैंने लिया कि इसमें और
7:20कृतिका नक्षत्र में बैठा हुआ है ऐसे नोट
7:24कलियुग में तुरंत ही पूरा सूत्र अचानक से
7:28नहीं ताकि आपको मौका मिले कैलकुलेट करने
7:33से ऊपर की तरफ से नीचे की तरफ या अगले पेज
7:37पर
7:39लिखा होगा कि कौन सा ग्रह किस नक्षत्र में
7:43इतना काम करने के बाद मैं आपको बता देता
7:47हूं देखिए सूत्र है
7:51जो महादशा चल रही है जिस ग्रह की महादशा आ
7:57रही है वह ग्रह जिस नक्षत्र में बैठा हुआ
8:00है वहां कुल कितने नक्षत्र होते हैं 27
8:04नक्षत्र होते हैं अभिजित को छोड़ दिया
8:07जाएगा
8:08कि जो महादशा वाला ग्रह है वह जिस नक्षत्र
8:12में बैठा हुआ है वहीं से गिनेंगे
8:15अंतर्दशा वाला जो ग्रह है वह जिस नक्षत्र
8:19में बैठा है वहां तक अभी आपको समझ में
8:22नहीं आया होगा मैं समझा देता हूं मैं
8:24नक्षत्र का टेबल सामने रखूंगा आपको समझ
8:27में आ जाएगा थोड़ी देर के लिए मैं आपको
8:29अपने टैप से समझाऊंगा देखिए यहां पर शुक्र
8:33मिश्रा नक्षत्र में बैठा हुआ है इस कुंडली
8:36में जो अभी आपने नीचे इसमें देखिए यहां पर
8:40लिखा हुआ यहां पर अश्विनी भरणी कृतिका यही
8:45क्रम चलता है नक्षत्रों और यहां पर मैंने
8:47लिख दिया है इस नक्षत्र का स्वामी
8:52राघवानंद में अंतर दशा भी शुक्र की
8:56अंतर्दशा का स्वामी भी मृगशिरा में बैठा
8:59है तो अगर आप करेंगे तो आपको क्या प्रारंभ
9:02से ही रह गया एक प्राप्त हुआ जिसकी महादशा
9:07अंतर्दशा क्व वह एक दूसरे से सिर्फ एक
9:12नक्षत्र की दूरी पर है मैंने एक लिया अभी
9:16मैं दूसरे एग्जांपल से को भी देख लेता हूं
9:18देखिए अभी शुक्रमेह शुक्र की अंतर्दशा
9:21कैसी जाएगी इसी एक को याद रखना है अभी इसी
9:25से पता चलेगा कि मैं बताऊंगा आपको अभी फिर
9:28दूसरी जो अंतर्दशा आएगी शुक्र की महादशा
9:31में सूर्य की अंतर्दशा एक अक्टूबर दो हजार
9:3524 से 1 अक्टूबर 2036 तक तो यह समय कैसा
9:39रहेगा अब एक नंबर से पता चलेगा और शुक्र
9:42में सूर्य का जो रहेगा इसको नंबर निकालिए
9:45नंबर क्या है कि महादशा में शुक्र की
9:49कुंडली में देख लीजिए किस नक्षत्र में है
9:51जो कुंडली नीचे
9:53उदाहरणस्वरूप मैंने दिया है उसमें शक्कर
9:56में इस नक्षत्र में है अब आपको देखना है
10:01सूर्य की अंतर्दशा तो सूर्य कृतिका
10:04नक्षत्र में इस कुंडली में देख लीजिए
10:06कृतिका यहां पर लिखा हुआ है है तो आप
10:10देखेंगे इस कुंडली में कृतिका यहां पर
10:13लिखा हुआ है अब करना क्या है आपको उल्टा
10:16नहीं सिद्ध क्रम में गिनते हुए जाना है
10:20शुक्र की महादशा व मृगशिरा नक्षत्र जिसकी
10:24भी अंतर्गत आपने की कुंडली में चल रही है
10:26उसको देख लीजिए कहां पर है तुमरे कि
10:29कृतिका तक
10:32[संगीत]
10:36123456789 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19
10:4320 21 22 23 24 25 26
10:48सूर्य जो है शुक्र के नक्षत्र अश्लेषा
10:53नक्षत्र में
10:55इसको नोट कर लीजिए अब देखिए यह हमारे पास
11:00सारे कितने नो संख्या 9 से अधिक आयु की
11:05संख्या 812
11:07आ सके
11:10123456789 तक आया है कि अपने पति तो आप
11:14वही 1 से 9 के बीच की संख्या लीजिए अगर 9
11:19से अधिक आ गया तो आपको उस समय में नौ से
11:23इस चीज को ध्यान से सुनिए आप लोग कमेंट
11:26में यही चीज पूछेंगे कि मेरा तो इतना आया
11:3190 मैं
11:34अगर 1 से 9 के बीच में है तो आपको लेना है
11:389 से अधिक
11:4111126 तो आपको देना पड़ेगा
11:44269 से डेढ
11:482666 में जब आप नौ से भाग लेंगे इसे अ
11:54कि 18 और फिर इसको - कर लेंगे जितना से इस
11:58बच्चे का या तो यहां पर यह आठ बचाएगा
12:03कितना सैस बचेगा आठ क्योंकि अंतरिक्ष 273
12:07जाएगा नहीं दो जाएगा आठ बचा तो जो यह से
12:11सफल बच्चे का या तो यहीं से फल लेना है
12:15यानी सूर्य यहां पर क्या बचेगा आवंटन का
12:19बचाव पहले मैं उनको एक प्राप्त था और जब
12:22हम सूर्य का निकालते हैं तो प्राप्त होता
12:25है 8 सूर्य के लिए आठ रख लेंगे अब मैं एक
12:29चीज और स्पष्ट कर दूं अगर आपने फाड़ दिया
12:32और आपका से सफल जीरो आ गया
12:37क्षेत्रफल 0 कुछ लोग कमेंट करेंगे कि मेरा
12:4110 मामलों में आज आप वास्तव में यह जो
12:44शेषफल आता है या कभी 10 मामलों में नहीं
12:46आएगा यह सकता है यह नहीं आएगा अगर किसी का
12:51जीरो आया है तो वह नो अपने का यह जीरो को
12:56नोक के बराबर मानकर चलिए अगर आपका एक आया
13:00तो एक को ही अक्सेप्ट कर लेंगे
13:04123456789 1 से 9 के बीच में जो गिनती
13:07आएगी वहीं लेंगे अगर 9 से बढ़ा है तो उस
13:12गिनती में नौ से भाग लेंगे अगर यहीं पर 12
13:16आ गया होता तो मैं 9 से 12 में भाग दे
13:18देता और जो शेषफल आता उसे लेता अगर से
13:21स्पेशल सूर्या जाएगा तू भी आपको नो लेना
13:24है अब विषय वस्तु को बहुत ध्यान से समझिए
13:28रोचक है इंट्रस्टिंग है यह कुंमली मैं
13:31आपको बता दूं यह सिर्फ वो एक विधि है अब
13:36इसके बाद दो बिटिया और नाम रामायण और इसी
13:39वीडियो के बाद ही अगले एक-दो दिन में मैं
13:41लेट आऊंगा फिर आप ओवरऑल जान पाएंगे आज
13:44आपको हनुमान लगी ही जाएगा कि कैसा आपका
13:48समय चल रहा है या जाएगा और आपको यह भी पता
13:52चलेगा समय आपका खराब चौ यह देखिए अब यहां
13:56पर जब हम शुक्र की महादशा में शुक्र की
13:58अंतर्दशा लिए थे तो कितना शेष बचा था एक
14:01यानी कि प्रथम तारा मिली थी और प्रथम तारा
14:05का नाम होता है जन्म तारा अगर एक शेष बचा
14:09है तो जन्म तारा है और जब दोसेस बच्चे का
14:13या तो संपत तारा बोलते हैं उसको अगर 3 से
14:18इस बचेगा तो विपक्ष सितारा बोलते हैं
14:21चार से इस बचेगा तो 605 बचेगा तो प्रत्यरि
14:266 बचेगा तो साधक पश्चात बचेगा तो वध और आठ
14:30बच्चे अ मित्रों बचेगा तो अधिमित्र तारा
14:34आप चल रही है अब इसको कैसे आप रिजल्ट में
14:39कंवर्ट कर लेंगे इसको भी जान लीजिए
14:42मैंने शुरू में कहा था कि जब किसी भी ग्रह
14:47की महादशा में उसकी अंतर्दशा रहती है तो
14:50रिजल्ट वहीं प्राप्त होगा जो
14:54पहले नंबर का पहला नंबर भी आएगा एक नंबर
14:57ही बच्चे का या तो हमेशा जन्म की तारावती
15:00है अगर आपका जन्म का तारा आया है तो इसका
15:04मतलब होता है कि आप जैसा कर्म करेंगे वैसा
15:08फल मिलेगा इसी लिए किसी भी महादशा में
15:11उसकी अंतर्दशा उसी ग्रह की अंतर्दशा ना
15:15अच्छा प्रभाव देती है न बुरा प्रभाव जब भी
15:18आप की महादशा चेंज हो रही है बुध की
15:20महादशा है अगर आपकी तो पहली अंतर दशा भी
15:23बुद्ध की होगी शनि की महादशा है तो पहली
15:26अंतर दशा शनि की ही होंगी तो उसी ग्रह की
15:30महादशा में उसी ग्रह की अंतर्दशा में जैसा
15:33कर्म करेंगे वैसा फल मिलेगा यह जन्म तारा
15:37का प्रभाव होता है तो अभी शुक्र की महादशा
15:40में शुक्र की अंतर्दशा यानी 1 जून 2030 से
15:441 अक्टूबर 2036 तक जातक जैसा कर्म करेगा
15:49और था खतरा मगर घूमने-फिरने में समय
15:52व्यर्थ कर देगा तो उस तो वहीं रिजल्ट आगे
15:55भी मिलने वाला है और अगर जातक लगातार
15:58परिश्रम कर रहा है काम कर रहा है तो सफलता
16:01भी मिलेगी यानी जन्म तारा में कर्म फल
16:04मिलता है अच्छा अब यहां पर देखिए जो दूसरा
16:08हमने शुक्रिया में सूर्य का निकाला था
16:11अंतर दशा कैसी जाएगी तो कौन सा काव्य था
16:14वोट तो 8 वें अंक को देखिए कौन सी तारा आई
16:18है मित्रता रहा आई हुई है तो यानी शुक्र
16:22की दशा में सूर्य की अंतर्दशा मित्र मतलब
16:27होता है अच्छी पर स्थिति रहेगी आपकी अच्छी
16:31स्थिति रहेगी या दशा महादशा में या
16:35अंतर्दशा अच्छा लाभ देने वाली है तो अब
16:38मैं आपको पूरा समझा देता हूं यह बात अगर
16:42आपका Facebook जैसे अब सूर्य की महादशा के
16:46बाद में जो अगली अंतर्दशा आएगी उसको जब
16:49रेगुलेट करना है अगर आपको तो इसी प्रकार
16:52से आपको निकालना पड़ेगा ना से आपको मान
16:55लीजिए शुक्र की महादशा है इसी कुंडली में
16:59शुक्र की महादशा में बुध का जानना है तो
17:02पहले शुक्र जिस नक्षत्र में है उसको फिर
17:04बुद्ध जिस नक्षत्र में है उसको देख लीजिए
17:06दोनों नक्षत्रों के बीच का अंतर अकाउंट कर
17:10लीजिए 9 से अधिक है तो भाग देखें कुछ समझा
17:13आपको प्राप्त होंगी मान लीजिए जो संख्या
17:15प्राप्त हुई वह पांच हुई टक्कर में जब
17:18बुद्ध का आपने निकाला या जो भी आप की दशा
17:20चल रही है पांच नंबर शेष बचा पांच मिला तो
17:24यहां पर यही पांच देखेंगे यानी उस महादशा
17:28में आपको यही परिणाम प्राप्त होने वाला अब
17:30मैं इन सब का विवरण दे देता हूं जन्म तारा
17:33मतलब होता है अगर आपको एक की संख्या
17:36प्राप्त हुई तो जन्म तारा मतलब कर्म का फल
17:39मिलेगा 2 नंबर प्राप्त हुआ संपत तारा आई
17:42यानी कि संपत मतलब संपत्ति देने वाली यानि
17:46इस जूस में भी आपको संपत आया है दो नंबर
17:50जिस महादशा और अंतरदशा में उसमें आपको
17:53संपत्ति की पी होने वाली है तीसरा अगर आया
17:57है 3 से इस बचा है तो विपक्ष उतारा है
17:59यानी आपके ऊपर विपत्ति आएगी आपके ऊपर
18:03परेशानियां मुसीबतें आने वाली है तो आप उस
18:07जिसकी अंतर दशा चल रही है उसका उपाय कर
18:10लेना चाहिए अगर आपका शेष चार बचा है तो
18:15यानी छह तारा आपको प्राप्त हुआ है उस
18:18महादशा और अंतरदशा के कोंबिनेशन में छह
18:22मतलब होता है कल्याण यानी कल्याण मतलब गुड
18:26होता है ग्लास होता है यानी अगर 64 नंबर
18:30आया है तो उस महादशा में वह अंतर्दशा आपके
18:33लिए कल्याणकारी रहेगी यानी आपके द्वारा जो
18:37कुछ होगा आपके लिए जो कुछ होगा वह सकता उस
18:40समय आपको वह बुरा भी लगे लेकिन वहीं बाद
18:43में कल्याणकारी होने वाली है
18:46अगर 5 बचा है तो प्रत्याशी उतारा मिली हुई
18:49है और प्रत्यय तारा जो है यह लड़ाई झगड़ा
18:53कराती है शत्रु उड़ाती है अनुबंध कराती है
18:56यानी प्रत्येक अगर पांच नंबर से बचा है तो
18:59अच्छा नहीं है अगर जो महादशा और अंतरदशा
19:03का कैलकुलेशन आपने निकाला अगर यहां पर छह
19:07बचा हुआ है तो साधक तारा है मतलब होता है
19:12किसी चीज को धुंध किसी चीज के लिए प्रयास
19:17करना परिश्रम करना है यह आपके परिश्रम
19:21करने वाली है और परिश्रम से आपके कार्य
19:24पूरे होने वाले हैं अगस्त से बचा है से
19:28बचा है तो वो है मतलब इस दिशा में आप को
19:33अगर उम्र हो गई है किसी की हो चुकी है तो
19:36उसकी मृत्यु हो सकती है अन्यथा अगर आपको
19:40यह कार्य कर रहे हैं तो इस कार्य की
19:42समाप्ति हो सकती है मतलब खत्म होना इसमें
19:46अगर आपको यह कार्य कर रहे हैं तो वह कार्य
19:49खत्म हो सकता है कोई रिश्ता आपका जिसे आप
19:52बहुत दिन से जो आपके गले की फांस बना हुआ
19:56है वह रिश्ता टूट सकता है या अगर आपकी
19:59उम्र हो चुकी है कुंडली में मार्केट वगैरह
20:02भी प्रबल हो रहा है तो उसमें आपको भी
20:06चोट-चपेट लग सकती है या अब मृत्यु भी हो
20:10सकती है अगर आठ नंबर की गिनती शेष बची हुई
20:13है तो मित्रता रहा है नाम से ही स्पष्ट है
20:17कि मित्रता रहा है तो प्रसन्नता देने वाली
20:20है खुशहाल जीवन देने वाली है और अगर नो
20:24नंबर से इस बचा है तो आती मित्र है या
20:26निरमित्र का भी स्क्वायर हो गया है यहां
20:29पर अतिमित्र है यानी नौ नंबर जिनका शेष
20:32बचा है वह निकली उस महादशा में वह अंतर
20:35दशा बहुत ही मजेदार जाने वाली है इंजॉय
20:38करेंगे हैप्पी लाइफ जीवन ले करके जाएंगे
20:42तो यह हो गया मैंने पूरा प्रयास किया आपको
20:47बताने के लिए कि आप कैसे तारा मिलान
20:50करेंगे अगर किसी की न एक बार फिर दूंगा
20:55अगर कुछ रह गया मान लीजिए आप अप की महादशा
20:57में बुध की है
20:59तो आप बुध को देखिए किस नक्षत्र में बैठा
21:02है और बुध में गुरु की अंतर्दशा देखनी है
21:06तो गुरु को देखिए किस नक्षत्र में है
21:08दोनों बोध से गुरु के नक्षत्र तक गिन
21:11लीजिए अगर 9 से अधिक आएगा तो नो से भाग दे
21:15दीजिए का यह जो गिनती प्राप्त होगी उसको
21:18यहीं से टेली करना है यानी उस महादशा व
21:21अंतर्दशा इसी के अनुरूप रिजल्ट देने वाली
21:24है अब जो अगला पुत्र होता है इसमें जैसे
21:27मान लीजिए कि सूर्य और शुक्र की महादशा
21:31में सूर्य का हमने निकाला तो कुंडली में
21:34शुक्र इस भाव का स्वामी है और सूर्य किस
21:38भाव का स्वामी है इसको साफ धर्मिता बोलते
21:41हैं अगले वीडियो में मैं इसके बारे में
21:42बताऊंगा यह छोटा सर्किलों देता हूं आपको
21:45अधीक्षक के यहां इस कुंडली में लाभ भाव का
21:48स्वामी है और सूर्य किस भाव का स्वामी है
21:51धन भाव का यानि दोनों गिर अयस्क की महादशा
21:55है जिसकी अंतर्दशा है दोनों ग्रहों का
21:58प्रभाव कहीं ना कहीं धन से बन रहा है
22:00सूर्य धन भाव का स्वामी है और यह लाभ
22:03दोनों धन कुंजी चिंतित इंडिकेट करते हैं
22:07तो यानि इस दशा में यहां से अगर आपने जब
22:10निकाला था तो आवारा यथावत मतलब मित्र यानी
22:14यहां से भी अच्छा रहा है और दोनों
22:16कुंडलियों में साधर्मी है साधर्मी मतलब
22:19अगर कोई ग्राहक छठे भाव का स्वामी है
22:22महादशा जिसकी है वह शक्तियों का स्वामी है
22:25और अंतर्गत साथ जिसकी है वह आदमी का
22:27स्वामी है तो 6 8 12 क्या होते हैं खराब
22:30तो 6 8 12 भाव एक समान धन भाव यह दोनों धन
22:35से संबंधित है तो यह दोनों एक समान है लखन
22:38को त्रिकोण कहते हैं पंचम को त्रिकोण कहते
22:41हैं नवम को रिकॉर्ड तो यह तीनों त्रिकोण
22:43है एक जैसे धर्म वाले हैं उम्मीद है आपको
22:46समझ में आ रहा होगा तो इसी प्रकार से 7
22:49धर्मिता के माध्यम से भी जाना जा सकता है
22:52और एक चीज है मैं सोच में नक्षत्र से भी
22:56विचार होगा तो सा धार्मिकता और सोचकर
22:59नक्षत्र का विचार मैं आपके लिए इस ठीक है
23:02इसके बाद अगले कार्यक्रम में लेकर के आने
23:04वाला हूं एक या दो दिन में अगले एक-दो दिन
23:07में आ जाएगा जब वह कार्यक्रम आ जाएगा तब
23:10मैं उसका लिंक इस विडियो के डिस्क्रिप्शन
23:13में डाल दूंगा और इस वीडियो कॉलिंग उसमें
23:17भी डाल दूंगा आज के लिए इतना ही लाइक करिए
23:19और शेयर करिए कमेंट करिए और मेरी
23:21हैंडराइटिंग कैसी है इसको जरूर बताइए
23:24धन्यवाद