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Nifty कहाँ जाएगा? India VIX से करें Smart Prediction! | Nitin Murarka | Option Trading | SKT

SKT PODCAST HITS · 6,880 words · 32 min read

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0:06हेलो एवरीवन एसकेटी पडकास्ट हिट्स आप देख

0:08रहे हैं। मैं हूं आपके साथ शालिनी कपूर

0:10तिवारी। आज पडकास्ट में मेरे साथ है वीपी

0:12रिसर्च एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज नितिन

0:15मुरारका सर जिन्होंने मार्केट की

0:17बारीकियों को बहुत शानदार ढंग से बताया

0:20है। यह समझाया है कि कैसे ऑप्शन ट्रेडिंग

0:22में लगा था। 26 महीने वो फायदे में रहे

0:25हैं और उन्हीं ट्रेडिंग का उन्हीं टेक्निक

0:28का इस्तेमाल करके आपको भी मार्केट से

0:30प्रॉफिट हो सकता है। कुछ कहना है कमेंट

0:32सेक्शन में जरूर कहिएगा लेकिन चैनल

0:34सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा क्योंकि लंबे

0:36पडकास्ट यहां इस चैनल पर मैं छोटे पार्ट्स

0:38में आप लोगों के लिए लेकर आती हूं। तो इसी

0:40पडकास्ट का आज है पार्ट वन। बहुत स्वागत

0:43है सर आपका।

0:45नमस्कार। नमस्कार। थैंक यू वेरी मच।

0:47सबसे पहला सवाल तो यही मैं पूछना चाहती

0:49हूं सर कि बीते कई महीनों से मार्केट किधर

0:53जाएगा यह सिर्फ ट्रंप साहब को ही पता था।

0:55उन्हें मालूम था। अब मैं ऐसा कहने वाला

0:57हूं तो मार्केट क्या रिएक्ट करेगा? बाकी

0:59किसी को नहीं मालूम था। अब जबकि अमेरिका

1:01और ईरान की जो टेंशन है वो थोड़ी कम होती

1:04हुई हमें दिखाई दे रही है। तो ऐसे में

1:06आपको क्या लगता है? अब मार्केट में आगे

1:08क्या होने वाला है? और खासकर अगर मैं

1:10रिटेल निवेशकों की बात करूं मेरी बात करूं

1:12तो हमें किस नजरिए से देखना है मार्केट?

1:14देखिए यह जो मार्केट में आप देखेंगे तो

1:17मार्च ऑनवर्ड्स यूएस और ईरान की टेंशन

1:20चालू हुई थी और उसके बाद से मार्केट में

1:22बहुत ज्यादा वोलेटिलिटी हो गई थी। मार्केट

1:24आप देखेंगे तो 26,000 से 23,000 की तरफ आ

1:27गई थी। बट अब ये रीसेंट अभी जून में जैसे

1:30शांति वार्ता एक तरीके से हुई यानी डील

1:33साइन होने की बातचीत हो रही है। इसका मतलब

1:36इंडेक्स एक तरीके से ऐसा लग रहा है कि

1:38बॉटम आउट कर रही है और उसके पीछे रीज़ंस भी

1:41हैं। रीज़ंस ये है कि एक तो विक्स VIX

1:43इंडेक्स हम लोग देखते हैं। विक्स अभी 15

1:45के नीचे आ गया। 15 के नीचे आने का मतलब

1:47हुआ कि मार्केट अब जो रिस्क प्रीमियम है

1:50उसको मार्केट अब डिस्काउंट कर रहा है कि

1:51मार्केट में बहुत ज्यादा रिस्क नहीं है।

1:54दूसरा फैक्टर जैसे जो मेन रिस्क आ रही थी

1:56वो क्रूड प्राइसेस से आ रहा था। क्रूड 125

1:5826 जाकर के अभी क्रूड आ गया 7578

2:02इसका मतलब ऊपर से क्रूड का करीब 3035%

2:05डाउन है। तो मेन रिस्क क्रूड से आ रहा था

2:08जो जिससे इनफ्लेशन का प्रेशर आ रहा था,

2:10इंटरेस्ट रेट पे प्रेशर आ रहा था वो सब सब

2:12कूल डाउन हो गए। तो मुझे ऐसा लग रहा है कि

2:15इन सब फैक्टर्स को देखते हुए मार्केट अब

2:17धीरे-धीरे बॉटम आउट बना के ऊपर की तरफ

2:20चलेगी। जहां रुपी डॉलर भी आप देख रहे थे

2:22कि रुपया 9697 चला गया था। बट अब वापस से

2:26रुपी डॉलर भी कास्टेंट 9594 की तरफ आ रहा

2:30है। तो कुल मिला के अगर सारे इंटरम

2:33मार्केट एनालिसिस करें तो मार्केट का यही

2:36सिग्नल मिल रहा है कि मार्केट अब बॉटम आउट

2:37हो के ऊपर की तरफ जानी चाहिए। तो जो

2:40इन्वेस्टर्स हैं उनको यह राइट टाइम है

2:42जहां पे आपको इन्वेस्टमेंट बढ़ा देनी

2:45चाहिए ना कि घटानी चाहिए। यानी कि मार्केट

2:48में जो सिग्नल्स पॉजिटिव मिल रहे हैं। कई

2:50ऐसे सेक्टर्स हैं जो इस वार के दौरान गिरे

2:52थे। जैसे एिएशन आप देख लीजिए काफी गिरा था

2:55बिकॉज़ ऑफ़ क्रूड के प्राइस के ऊपर जाने के

2:57कारण पेंट इंडस्ट्री के पेंट के स्टॉक्स

3:00नीचे आ गए थे।

3:01इवन टूरिज्म के स्टॉक्स नीचे आ गए थे।

3:04वहां पे इन्वेस्टमेंट का मौका है। बैंकिंग

3:06में भी इन्वेस्टमेंट का मौका है क्योंकि

3:07इंटरेस्ट रेट का प्रेशर था। था। तो कुल

3:09मिला के समरी यही है कि यहां से मार्केट

3:11आने वाले समय में बाय ऑन डीप रहेगी। यानी

3:13एव्री डीप पे आपको बाइंग ओपोरर्चुनिटी

3:15मिलेगी। और अगर आप एसआईपी कर रहे हैं या

3:18म्यूच्यूल फंड्स में कर रहे हैं या

3:20स्टॉक्स में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं तो

3:21यह समय है जहां पे आपको पोर्टफोलियो

3:23इनक्रीस करना चाहिए। और मुझे ऐसा लगता है

3:25कि अब यहां से लेके 2027 यहां से पॉजिटिव

3:29रिटर्न मार्केट में देना चाहिए। तो कुल

3:31मिलाके यह जो ट्रंप और

3:35यूएस और ईरान की जो डील साइन हुई है इससे

3:39पॉजिटिव ही रहेगा और आने वाले समय में

3:40जुलाई में एक और पॉजिटिव न्यूज़ आ सकती है

3:43जो है ट्रेड डील की बातें यानी कि अभी तक

3:46ट्रेड डील इंडिया और यूएस के ट्रेड डील की

3:48भी जो डिस्प्यूट्स चल रही थी उसका भी

3:50चांसेस लग रहा है कि जुलाई अगस्त तक वह भी

3:52नॉर्मलाइज़ हो जाएगी तो उसके बाद फिर आपको

3:55रैली मिलेगी तो मैं तो ऐसा मान रहा हूं कि

3:56आने वाले समय में मार्केट अब यहां से वापस

3:5925000 की तरफ जाएगी तो आपको यहां से

4:02इन्वेस्टमेंट बिल्कुल बरकरार रखना चाहिए

4:04और आप नया इन्वेस्टमेंट भी कर सकते हैं।

4:06हम नितिन सर को जो लोग जानते हैं वो

4:08उन्हें यह पता है कि ज्यादातर उनकी तरफ से

4:11मार्केट को लेके जो भी प्रेडिक्शन दी जाती

4:13है या उनके फॉलोअर्स को जो बातें वो बताते

4:15हैं उनमें से ज्यादातर सही बैठती है।

4:17लेकिन आज हम क्योंकि बातचीत कर रहे हैं तो

4:19मैं व्यूअर को एक बात और बता दूं कि अभी

4:21तक सर की जो एक्यूरेसी थी उसमें और चार

4:24चांद लग गया है। अब वो एक्यूरेसी और बढ़

4:26गई है। उसके पीछे की वजह क्या है वो हम

4:28आगे डिस्कस करने वाले हैं। और ये भी मैं

4:30आप लोगों को बता दूं कि लास्ट टाइम जब

4:32मैंने सर से बात की थी तो लगातार वो 22वां

4:35महीना था जब सर प्रॉफिट में थे अब वो बढ़

4:38गया है। मतलब वो रिकॉर्ड टूटा नहीं है। वो

4:40अब और बढ़ गया है। 22 महीना जो लगातार था

4:43वो बढ़ के 26 महीना हो गया। मतलब 26 महीने

4:45से लगातार सर प्रॉफिट्स दे रहे हैं और

4:48उनके साथ जो जुड़े हुए लोग हैं वो खुद ये

4:50बात मानते हैं। मुझे कमेंट्स करके बताएंगे

4:52भी। अब सर ये जो आपकी एक्यूरेसी बढ़ी है

4:55उस पे मैं आगे आऊं। उसके पहले अभी आपने ये

4:57कहा कि विक्स इंडेक्स 15 के नीचे आ चुका

5:00है। आप एक रफ आईडिया हमें प्लीज देंगे कि

5:02हम इसको कैसे देखें और फिर कितने के ऊपर

5:05जाए तो हम घबराना शुरू कर दें और कितने के

5:07नीचे आए तो हम शांत

5:08देखिए बहुत बहुत आपने सही सवाल पूछा जो

5:11विक्स है इसे हर ऑप्शन बयर या सेलर को

5:14हमेशा देखना चाहिए और इसे बैंड में डिवाइड

5:16करना चाहिए। एक बैंड हो गई 10 से 15 के

5:19बीच में। दूसरी बैंड होती है 15 से 20 के

5:22बीच में और थर्ड आप 202 और 25 से फिर ऊपर

5:25वाली बैंड। अगर 10 से 15 के बीच में है तो

5:28आप ऐसा मान के चलें कि मार्केट स्टेबल

5:30रहेगी और मार्केट में ओवरऑल तेजी बनी

5:33रहेगी क्योंकि मार्केट में रिस्क प्रीमियम

5:35नहीं है। अगर ये 15 से ऊपर जाने लग जाए तो

5:38इसका मतलब मार्केट में कुछ ना कुछ फियर

5:40फैक्टर आ रहा है और मार्केट वोलेटाइल हो

5:43सकती है। 20 से ऊपर चली जाए तो रिस्क

5:45फैक्टर बहुत बढ़ गया है और मार्केट ज्यादा

5:47वोलेटाइल हो सकती है। 25 से ऊपर होने पे

5:49रिस्क ज्यादा हो जाता है। तो कुल मिला के

5:52हमें विक्स के बेसिस पर बहुत सारे हम

5:54ऑप्शंस में स्टॉप लॉस, रिस्क मैनेजमेंट,

5:57पोजीशंस मैनेजमेंट डिसाइड करते हैं। और

5:59नॉर्मली अगर पूरे साल में आप देखिएगा तो

6:01जनरली विक्स 15 के नीचे ही होती है। यानी

6:03अगर पूरे साल में 250 ट्रेडिंग सेशन है तो

6:06मोस्ट ऑफ द ट्रेडिंग सेशन अगर कोई

6:08अनसर्टेनिटीज नहीं है लाइक वॉर लाइक

6:10सिचुएशन तो विक्स आपको 80% ऑफ़ द टाइम 15

6:12से नीचे ही मिलेगी। एक्सेप्ट बजट बजट के

6:15आसपास विक्स इनक्रीस हो जाती है क्योंकि

6:17बजट से वोलेटाइल होने का चांसेस होता है।

6:19तो विक्स बिल्कुल 15 के नीचे है। इसका

6:22मतलब मार्केट में मार्केट और निफ्टी और

6:25विक्स और निफ्टी का इनवर्स कोरिलेशन होता

6:26है। ये भी एक समझना होगा। यानी कि अगर

6:28विक्स नीचे है

6:30तो निफ्टी ऊपर जाएगी और विक्स ऊपर जा रही

6:32है तो निफ्टी नीचे जाएगी। एक और विक्स के

6:35लिए मैंने एक सीजनल एनालिसिस की थी। इसमें

6:38यह मैंने फाइंड किया कि जनवरी जनवरी का

6:41महीना पिछले 10 साल की एनालिसिस आप करेंगे

6:43तो जनवरी के महीने में हमेशा विक्स बढ़ती

6:45है और विक्स और निफ्टी का कोरिलेशन इनवर्स

6:48है तो जनवरी के महीने में मोस्ट ऑफ द टाइम

6:50मार्केट नीचे आती है।

6:52ये ऐसा इसलिए तो नहीं क्योंकि फर्स्ट

6:54फरवरी को बजट आने वाला होता है। तो जनवरी

6:57से ही डर का माहौलता है।

6:58नहीं ये पूरे वर्ल्ड वाइड होता है। मतलब

6:59ये एनालिसिस मैंने पूरे वर्ल्ड वाइड किया

7:01और पूरे वर्ल्ड वाइड सारे वीक्स को के

7:04पैटर्न्स को अंडरस्टैंड करने की कोशिश

7:05करी। इसे हम बोलते हैं सीजनल पैटर्न

7:07एनालिसिस। तो मैंने ये फाइंड किया कि

7:09जनवरी के महीने में पूरे वर्ल्ड मार्केट

7:11में हल्की-फुल्की प्रॉफिट बुकिंग आती है।

7:13अब हम आते हैं जून के महीने में।

7:15तो जून और जुलाई ये दो महीने ऐसे होते हैं

7:18जिस समय विक्स गिरती है मोस्ट ऑफ द मंथ्स

7:20में। यानी पिछले 10 साल का अगर हिस्टोरिकल

7:22एनालिसिस कीजिएगा। अभी जैसे जून में हम

7:24लोग ये बातचीत कर रहे हैं। तो अभी जून के

7:26महीने में विक्स गिर के 18-19 से गिर के

7:2813 14 आ गई है। तो जून के इस साल भी यानी

7:31ये 11वां साल है। जब हमने देखा कि जून के

7:34महीने में विक्स गिरी। तो जून का महीना

7:36में विक्स गिरने का मतलब इनवर्स कोरिलेशन

7:38विद निफ्टी यानी निफ्टी ऊपर आ गई। तो जून

7:41में निफ्टी का लो था 23,200 अभी चल रही है

7:4424,000। तो बहुत अच्छी रैली मिल गई। एक और

7:47यहां पे मैं आपको बताना चाहूंगा कि जून से

7:49बेटर जुलाई का महीना होता है। यानी जुलाई

7:51में हायर प्रोबेबिलिटी होती है कि विक्स

7:53नीचे रहेगी और मार्केट ऊपर रहेगी। यानी कि

7:56अगर आप ये पडकास्ट देख रहे हैं तो आप यहां

7:58से लर्निंग आपकी ये है कि जून और जुलाई

8:00में आपको बुलिश प्ले करना है और जनवरी के

8:02महीने में आपको बियरिश प्ले करना है। फिर

8:04एक और फाइंडिंग यहां पे है अगस्त का

8:06महीना। अगस्त के महीने में अगर आप सीजनल

8:08एनालिसिस कीजिएगा तो अगस्त के महीने में

8:10मोस्ट ऑफ द टाइम वीक्स ऊपर जाती है। यानी

8:13कि निफ्टी में प्रॉफिट बुकिंग आ सकती है।

8:15यानी जून और जुलाई में तेजी खेलना है।

8:17अगस्त में थोड़ा प्रॉफिट बुकिंग करना है

8:19और फिर जाके दिसंबर में वापस से सीजनल

8:22पैटर्न ये बोलता है कि विक्स गिरती है तो

8:24मार्केट ऊपर जाती है। तो ये कुछ पॉइंटर

8:26जैसे आपने विक्स का सवाल किया तो विक्स पे

8:28मैंने काफी रिसर्च किया है। तो उससे जो

8:30मेरी फाइंडिंग रही यह उसकी फाइंडिंग है कि

8:33जनवरी में प्रॉफिट बुकिंग, जून जुलाई में

8:35तेजी, अगस्त में फिर से प्रॉफिट बुकिंग और

8:37फिर से दिसंबर में तेजी आती है।

8:39हम और मैं आपसे जब बात करती हूं तो मैं

8:41हमेशा ये कहती हूं कि आप चीजों को इतना

8:42इजी करके बता देते हैं कि उसे समझना बहुत

8:44आसान होता है। अच्छा ये विक्स इंडेक्स

8:46कहां पे देख सकते हैं?

8:48विक्स इंडेक्स मनी कंट्रोल की वेबसाइट पे

8:50आप देख सकते हैं। मनी कंट्रोल की वेबसाइट

8:52पे आप सिंपल डालिए कि विक्स सीजनल पैटर्न

8:55तो आपको पूरा डाटा मिल जाएगा। या फिर वैसे

8:58फ्री देखना है तो मनी कंट्रोल की वेबसाइट

9:00है। वहां पे आपको सारा डाटा चार्ट्स भी

9:02मिलते हैं और विक्स का सीजनल एनालिसिस भी

9:05कर सकते हैं। जो मैंने अभी सीजनल एनालिसिस

9:07आपको सिखाई अगर आप ये खुद से देखना चाहते

9:09हैं तो आप जाके मनी कंट्रोल की वेबसाइट पे

9:11देख सकते हैं। वहां पे सारा डाटा फ्री में

9:13फ्री में अवेलेबल है।

9:14हम तो अभी तो बातचीत की शुरुआत ही हुई है

9:17और आप कैसे फ्री में ये इंडेक्स चेक कर

9:18सकते हैं और आपको ये अभी मालूम चल गया कि

9:20जुलाई में आपको मार्केट थोड़ा अब जाते हुए

9:23दिखाई देगा। जनवरी आप मोस्टली ये मान के

9:25चलिए

9:26जी। है ना?

9:27मोस्टली मतलब पिछले 10 साल में तो 10 के

9:2910 साल ही जो जनवरी का महीना है उसमें

9:32मार्केट मतलब विक्स ऊपर गई है। निफ्टी

9:34नीचे की तरफ गई है।

9:36हम

9:36तो जैसे शालिनी जी देखिए विक्स की हम लोग

9:38बातचीत कर रहे तो विक्स का जो सीजनल

9:39पैटर्न है वो आप जनवरी के मंथ में आप देख

9:42सकते हैं। यह विक्स है और जनवरी में अगर

9:45आप देखिएगा तो 2026 में 43% विक्स ऊपर गई

9:48है।

9:4825 में 12% और 2024 में 10% इस तो इस

9:53तरीके से अगर पिछले 10 साल आप एनालाइज

9:55करें 18 से लेके 2026 तक तो एवरेज 20% का

9:59जंप जनवरी में वीक्स में आता है।

10:02फरवरी में अभी थोड़ा पॉजिटिव रहा है।

10:04मार्च पॉजिटिव इसलिए दिख रही है क्योंकि

10:06आउटलाइयर है 2026 में क्योंकि 2026 में

10:09यूएस और ईरान का जो टेंशंस हुई थी जिसके

10:12कारण मार्च में विक्स बढ़ी थी। उसके बाद

10:14से अप्रैल में जून जून में देखिए अभी हम

10:16लोग जो बातचीत कर रहे हैं एवरेज विक्स

10:17गिरती है। पिछले चार सालों से विक्स पांच

10:19सालों से गिर रही है।

10:20यानी कि विक्स का गिरना मार्केट के लिए

10:22पॉजिटिव साइन है। जुलाई में भी विक्स

10:25गिरती है। यानी आने वाले मंथ में जुलाई

10:26में भी पॉजिटिव होने के चांसेस हैं।

10:28और फिर आगे अगस्त सितंबर में थोड़ी

10:30प्रॉफिट बुकिंग आती है। तो इस तरीके से

10:32विक्स को बिल्कुल सभी ऑप्शन बयर को देखना

10:35चाहिए ताकि वो अपनी ट्रेडिंग की पोजीशंस

10:38को इसके हिसाब से थोड़ा सीजनल पैटर्न के

10:40हिसाब से एनालाइज़ कर सकते हैं। और इसका

10:42होता है रिवर्स कोरिलेशन। यानी कि अभी हम

10:44लोग विक्स देख रहे हैं। मान लीजिए विक्स

10:46की जगह मैं निफ़ी के सीजनल पैटर्न को देखते

10:50हैं कि क्या जनवरी में विक्स बढ़ी तो क्या

10:53निफ्टी गिर रही थी? तो क्योंकि इनवर्स

10:55कोरिलेशन होती है। तो अगर हम निफ्टी 50 पे

10:58यही एनालिसिस करके देखते हैं सेम। तो यहां

11:00पे आप देख सकते हैं कि निफ्ट्टी 50 पे

11:02जनवरी में करीब-करीब सारे मंथ नेगेटिव है।

11:05और वहीं जून और जुलाई में पॉजिटिव रिटर्न

11:07मिल रहा है।

11:08राइट?

11:08राइट? तो अभी विक्स जून के महीने में नीचे

11:12आ गई है।

11:12तो इसका मतलब निफ्टी में पॉजिटिव रिटर्न

11:14मिलने के चांसेस हैं। जुलाई में भी

11:16पॉजिटिव रिटर्न मिलने के चांसेस हैं एस पर

11:18सीजनल एनालिसिस।

11:19तो विक्स कुल मिला के सभी को देखना चाहिए

11:23और इससे बहुत अच्छा क्लूज़ मिलता है

11:24क्योंकि ये एक तरीके से फियर फैक्टर को

11:26इंडिकेट करती है। मार्केट में फियर नहीं

11:28है। इसका मतलब मार्केट ऊपर जाएगी। फियर है

11:30तो मार्केट वोलेटाइल हो सकती है। हम

11:32और मेरे ख्याल से बहुत से ऐसे ट्रेडर

11:34होंगे जरूर जो विक्स इंडेक्स के ऊपर

11:36बिल्कुल ध्यान नहीं देते होंगे या ऐसे लोग

11:38भी होंगे शायद जिन्हें विक्स के बारे में

11:39मालूम ही नहीं होगा। मुझे कमेंट करके

11:41बताइए अगर आप जानते थे तो क्या आप विक्स

11:43इंडेक्स की मदद लेते थे? ये मुझे कमेंट

11:46करके आप जरूर बताइएगा। अब आगे बढ़ते हुए

11:48सर क्योंकि हमने देखा है कि हाल फिलहाल

11:50में ससेक्स का ससेक्स ऑप्शन में हमने ये

11:53देखा है कि बहुत अच्छी ट्रेडिंग भी हो रही

11:55है और बहुत बहुत एक्टिव हमने देखा है लोग

11:59उसमें हैं। तो अब मुझे आप ये बताइए कि जो

12:01निफ्टी ट्रेडर है वो क्या ये जो पूरा डाटा

12:04हमारे पास ससेक्स का आ रहा है उससे कुछ

12:07हेल्प ले सकता है क्या?

12:09शालिनी जैसे क्या है एक तो हो गया आप

12:10निफ्टी के एनालिसिस कर रहे हैं तो निफ्टी

12:12का ऑप्शन चेन का डाटा देख रहे हैं। अब

12:14निफ्टी के ऑप्शन चेन में करोड़ों शेयर की

12:15पोजीशंस बन रही है।

12:16तो वहां से मुझे क्लूज़ मिल रहे हैं कि

12:18मार्केट में क्या पीसीआर है। किस तरीके से

12:20मार्केट मूव करेगी। अब सपोज मुझे एक और

12:22ऐसा इंस्ट्रूमेंट मिल गया जिसका निफ्टी से

12:25कोरिलेशन 90% से ज्यादा है। यानी कि

12:27सेंसेक्स और निफ्टी का जो कोरिलेशन है वो

12:29मोर दैन 90% है। यानी सेंसेक्स मूव करेगी

12:32या निफ्टी मूव करेगी तो उसी डायरेक्शन में

12:33ससेक्स भी मूव करता है। तो अब हम लोग जब

12:36से ससेक्स आया है और ससेक्स की एक्सपायरी

12:38होती है थर्सडे को। तो सेंसेक्स में भी हम

12:40देख रहे हैं कि एक-एक स्ट्राइक्स पे लाखों

12:42शेयर का ओपन इंटरेस्ट क्रिएट हो रहा है।

12:44और निफ्टी में तो ऑलरेडी होता ही था। यानी

12:46पोजीशन साइज बढ़ गई। इसका मतलब एफआई का

12:49पार्टिसिपेशन बढ़ गया। रिटेल का

12:50पार्टिसिपेशन बढ़ गया। तो जो हम लोग

12:52एनालिस्ट हैं, हमारे लिए डेटा पॉइंट दो हो

12:55गए। अर्लियर हम एक ही डाटा पे रिलाई करते

12:57थे कि निफ्टी में क्या-क्या पोजीशंस बन

12:59रही है, उसके ऊपर डिसीजन लेना है। आज मेरे

13:01पास निफ्टी और ससेक्स दो ऐसे प्रोडक्ट हैं

13:04जो आपस में 90% का कोरिलेशन है और मैं

13:07दोनों इंस्ट्रूमेंट्स को अगर नजर रखता हूं

13:09और मैं देखता हूं कि दोनों में अगर

13:11पॉजिटिव सिग्नल बन रहे हैं तो इसका मतलब

13:13अगर मैं पॉजिटिव साइड ट्रेड करूं तो मेरी

13:16विनिंग प्रोबेबिलिटी ज्यादा है क्योंकि

13:17मैंने कंफर्मेशन ससेक्स से भी ले लिया।

13:19नंबर वन नंबर टू जैसे सेंसेक्स में होते

13:24हैं 30 शेयर हम

13:25निफ्टी में होते हैं 50 शेयर

13:27हम

13:28अब ससेक्स के अंदर जो 30 शेयर हैं वो

13:30हाईली हाई मार्केट फ्लोट वाले शेयर हैं

13:33जिसमें एफआई का इन्वेस्टमेंट ज्यादा है

13:35तो जनरली सेंसेक्स में लीडिंग इंडिकेटर

13:37हमें निफ्टी के कंपैरिजन में मिलता है।

13:39जैसे मान लीजिए अगर 30 शेयर है तो वो

13:42मूवमेंट जल्दी करेगा क्योंकि 50 शेयर है

13:44तो उसका वेटेज ज्यादा हो गया अलग-अलग

13:46शेयर्स के क्योंकि ज्यादा नंबर ऑफ शेयर

13:47हैं जैसे फॉर एग्जांपल nसdc और Djons का

13:49लीजिए

13:50तो NASDC बनता है 100 शेयर से और Dजons

13:52बनते हैं 30 शेयर से तो 30 शेयर है तो

13:54अलग-अलग शेयर का वेटेज है तो Djons में

13:57ज्यादा तेज मूवमेंट आती है।

13:58तो अगर आप ससेक्स आ गया तो ससेक्स को आप

14:01ट्रैक कीजिएगा तो उससे थोड़ा अर्ली आप

14:03इंडिकेशंस मिल जाते हैं कंपेयर टू निफ्टी

14:05क्योंकि निफ्टी में 50 शेयर हैं। ससेक्स

14:07में केवल 30 शेयर हैं तो मूवमेंट फास्ट

14:09होती है। ससेक्स में ज्यादा वेटेज है

14:11Reliance का, HDFC बैंक का बट अगर आप

14:14निफ्टी में लेंगे तो निफ्टी में Reliance

14:17और HDFC का वेटेज कंपेयर टू सेंसेक्स कम

14:20है। क्योंकि सेंसेक्स क्योंकि निफ्टी में

14:2250 शेयर हैं। तो एक फायदा और है कि

14:24सेंसेक्स इज़ अ लीडिंग इंडिकेटर।

14:26करेक्ट? तीसरी बात कई बार ऐसा दिखता है कि

14:30मान लीजिए ससेक्स लीडिंग है और सेंसेक्स

14:32में पुट कॉल रेशियो या ओपन इंटरेस्ट जो हम

14:34लोग देखते हैं वो डाटा अगर वीक है और

14:37निफ्टी एकदम स्टेबल चल रही है तो हमें

14:39सेंसेक्स का डाटा से समझ में आ जाता है कि

14:41निफ्टी में परफॉर्मेंस अंडर परफॉर्मेंस है

14:44और सेंसेक्स का डाटा वीक हो रहा है तो

14:46निफ्टी गिर सकती है क्योंकि कोरिलेशन इज़

14:48मोर देन 90% अर्लियर क्या होता था हमारे

14:51पास एक ही इंस्ट्रूमेंट था निफ्टी और

14:53निफ्टी का डाटा सपोज़ पॉजिटिव है तो हम ये

14:54रिलाई करते थे कि डाटा पॉजिटिव है तो हम

14:56कॉल साइड ट्रेड करें। बट अभी मेरे पास एक

14:59और इंस्ट्रूमेंट है ससेक्स जिसका डाटा

15:01नेगेटिव हो रहा है। तो मैं अर्ली कैच कर

15:03लेता हूं कि निफ्टी में कुछ प्रॉब्लम आ

15:05सकती है क्योंकि दोनों कोरिलेटेड

15:06इंस्ट्रूमेंट है। तो ये तो हो गया

15:08सिंपल-सिंपल।

15:09अब इसका एक और हम लोगों ने सॉल्यूशन

15:11निकाला। हम लोगों ने डेवलप किया एक

15:14कंबाइंड पीसीआर। यानी कि जब हमें दो

15:17इंस्ट्रूमेंट को देखना है तो क्यों ना एक

15:19ऐसा पीसीआर कैलकुलेट किया जाए जिसमें

15:22निफ्टी का भी ओपन इंटरेस्ट का डाटा हो

15:25और ससेक्स का भी ओपन इंटरेस्ट का डाटा हो

15:27और उसमें साथ-साथ हमने बैंक निफ्टी का भी

15:30डाटा मिक्स कर दिया क्योंकि बैंक निफ्टी

15:31में भी ऑप्शंस में ट्रेड होती है। तो इन

15:34तीनों को कंबाइन करके इन तीनों के ऑप्शन

15:36चेन को कंबाइन करके एक पीसीआर कैलकुलेट

15:39किया जिसे हम बोलते हैं कंबाइंड पीसीआर।

15:41तो अर्लियर जब मैं निफ्टी पीसीआर यूज़ करता

15:43था तो मेरी एक्यूरेसी आप मान लो कि 10 में

15:45से से छह ट्रेड सही होते थे।

15:47बट जब से मैं कंबाइन पीसीआर यूज़ करने लग

15:50गया तो मेरी एक्यूरेसी उसमें 10 में से

15:52सात ट्रेड आने लग गई। यानी एक्यूरेसी में

15:54इंक्रीमेंटल फायदा मिला। तो ये हुआ कि जो

15:57सेंसेक्स आया है इससे रिसर्च में भी बहुत

16:00फायदा है और ऑप्शन ट्रेडर्स

16:03जो निफ़ी ट्रेड करते हैं उनको सेंसेक्स का

16:05डाटा बिल्कुल देखना चाहिए। क्योंकि ससेक्स

16:08से आपको अर्ली सिग्नल मिलेंगे क्योंकि

16:09वहां पे 30 स्टॉक है तो जल्दी मूवमेंट

16:12होगी। वहां पे पोजीशन साइज भी बहुत बन रही

16:14है। लिक्विडिटी भी काफी आ गई है और

16:16एक्सपायरी भी अलग-अलग है। यानी कि ससेक्स

16:18की एक्सपायरी थर्सडे को होती है और

16:20ट्यूसडे को होती है निफ्टी की एक्सपायरी।

16:23अगर मैं मान लीजिए थर्सडे को ट्रेड कर रहा

16:25हूं निफ्टी में तो मुझे क्लूज़ ज्यादा

16:27मिलेंगे ससेक्स से। क्योंकि एक्सपायरी

16:29वाले दिन ससेक्स में ज़्यादा पोज़शंस है। तो

16:32जहां पे ज़्यादा लिक्विडिटी है, जहां पे

16:33ज़्यादा पोज़शंस है, वहां से जल्दी क्यूज़

16:36आपको मिलने लग जाएंगे। तो, आपको ज्यादा

16:38एक्यूरेसी खासतौर से थर्सडे वाले दिन अगर

16:41आप निफ्टी ट्रेडर हैं, तो ससेक्स के डाटा

16:42से मिलती है।

16:43मेरा काउंटर इस पे है और वो ये है कि पहले

16:46आपने बैंक निफ्टी और निफ्ट्टी 50 को ऐड तो

16:49किया नहीं था।

16:50तब तो आपने कंबाइंड डाटा निकाला नहीं था।

16:52अब ये तीनों को एक साथ ऐड करके ये क्या और

16:55कॉम्प्लिकेटेड और जैसा आप बोल रहे हैं

16:57एक्यूरेसी बढ़ गई है सुन के तो मुझे ऐसा लग

16:59रहा है कि घट जानी चाहिए और डिस्टरबेंस और

17:01कंफ्यूजन

17:02बहुत वैलिड पॉइंट आपने पूछा

17:05ये डिपेंड करती है कोरिलेशन पे अब अगर आप

17:07दो नॉन कोरिलेटेड यानी लो कोरिलेटेड

17:10इंडेक्स का अगर आप पीसीआर कैलकुलेट करेंगे

17:12तो वो कॉम्प्लिकेटेड हो जाएगी। मतलब अगर

17:14हम सिर्फ बैंक निफ्टी और निफ्टी करेंगे तो

17:17इन दोनों का

17:18कोरिलेशन

17:19कोरिलेशन अप्रोक्समेटली 6070% है। क्यों?

17:23क्योंकि बैंक निफ्टी का वेटेज निफ्टी में

17:26कितना है? 37% उसमें Reliance भी है, आईटी

17:29भी तो है, ऑटो भी है, एफएमसीजी भी है।

17:32कोरिलेटेड है बट कंपेयर टू ससेक्स

17:35कोरिलेशन कम है। ससेक्स का जो कोरिलेशन है

17:38निफ्टी के साथ वो अप्रोक्सिममेटली 95 96%

17:41कोरिलेशन है। यानी कि ससेक्स अगर ऊपर जा

17:44रहा है तो निफ्टी के 96% चांसेस है कि

17:46निफ्टी भी ऊपर जाएगी। बट अगर बैंक निफ्टी

17:49ऊपर जा रही है तो जरूरी नहीं है निफ्टी

17:51नीचे ऊपर जाएगी। बैंक निफ्टी हटा दें। अगर

17:53हम हम फिर ससेक्स और निफ्टी को ही अगर

17:55कंबाइन करके और उसका कंबाइन पीसीआर

17:57निकालें तो और बेहतर नहीं हो जाएगा।

17:59तो फिर उसमें क्या है? हो सकता है कर सकते

18:02हैं। बट उसमें बैंक निफ्टी का वेटेज

18:04क्योंकि निफ्टी में 37% है और तो हम लोगों

18:07ने उसको कंबाइन करके बैक टेस्ट किया। एक

18:10हम लोगों ने बैक टेस्ट किया कि निफ्टी और

18:11ससेक्स और एक हमने बैक टेस्ट किया कि

18:13निफ़ी, बैंक निफ़ी और अह ससेक्स तीनों को

18:17कंबाइन करते हैं तो कैसी एक्यूरेसी मिलती

18:18है। तो हमें कंपेरेटिवली इसमें ज्यादा

18:20अच्छे क्यूज़ मिले क्योंकि बैंक निफ्टी का

18:23वेटेज निफ्टी में 37% है और ससेक्स में

18:26करीब 40% के आसपास है। तो ये बहुत

18:28इंपॉर्टेंट इंडेक्स हो गया। इसलिए इसमें

18:30हम लोगों ने वेटेज इंक्लूड किया। इसमें

18:33थोड़ा वेटेज का डिफरेंस किया। यानी कि

18:35अलग-अलग किस हिसाब से वेटेज देना है उसके

18:38ऊपर हम लोगों ने काम किया। तो हमें ज्यादा

18:40एक्यूरेसी कम कॉम्बिनेशन में आई।

18:43मैं फर्स्ट टाइम सुन रही हूं ऐसा कोई भी

18:45कॉम्बिनेशन या कंबाइंड पीसीआर मैं फर्स्ट

18:48टाइम सुन रही हूं। लेकिन मैं ये जानना

18:50चाहती हूं आपसे कि क्या इसके ऊपर कोई और

18:52भी काम कर रहा था मार्केट में? ये आईडिया

18:54कैसे आया आपको?

18:55ये आईडिया आया लाइव मार्केट में जब हम लोग

18:57ट्रेडिंग करते हैं

18:58तो कई बार ऐसा होता था कि आपने आपने भी

19:01ऑब्जर्व किया होगा कि निफ्टी 400 पॉइंट

19:03ऊपर है।

19:04हम और सॉरी बैंक निफ्टी 400 पॉइंट ऊपर है

19:07और निफ्टी केवल 2030 पॉइंट ही ऊपर चल रही

19:10है। ऐसा कई बार होता है। या निफ्टी 200

19:12पॉइंट ऊपर और बैंक निफ्टी फ्लैट है। तो वो

19:16एक तो हम लोगों ने ये फाइंड किया कि ऐसे

19:18सिचुएशन में कैसे ट्रेड करें क्योंकि

19:20निफ्टी स्ट्रांग दिख रही है। बैंक निफ्टी

19:22वीक दिख रही है और डाटा पीसीआर का जो डाटा

19:24है

19:25वो निफ्टी का स्ट्रांग है। बैंक निफ्टी का

19:27डाटा नेगेटिव आ रहा है। तो कंफ्यूजन

19:28क्रिएट होती थी कि ट्रेड कैसे लें? तो उस

19:31केस में हम लोगों इस कंफ्यूजन को दूर करने

19:34के लिए हमने कंबाइंड कर दिया पीसीआर। अब

19:36इससे क्या होता है कि जब आप कंबाइन करते

19:38हैं तो आपको एक फ्रेम माइंड में आपको एकदम

19:40क्लेरिटी मिलती है कि ओवरऑल पीसीआर

19:42नेगेटिव है तो मुझे पुट साइड ही ट्रेड

19:44करना है। जैसे मैं अभी आपको स्क्रीन पे

19:46दिखाता हूं। आप यह देख सकते हैं कि यह जो

19:48डाटा अभी बन रहा है यह कंबाइंड पीसीआर

19:52मेरे सामने चल रहा है। कंबाइंड पीसीआर में

19:55ये देखिए कंबाइंड पीसीआर ये दिख रहा है

19:57हम

19:57और कंबाइंड पीसीआर में कॉल साइड में यानी

20:00ये जो कॉल साइड हमें दिख रही है 97% दिख

20:02रही है।

20:03हम

20:03अब अर्लियर हम क्या करते थे? केवल निफ्टी

20:05का डाटा देखते थे। बट यहां पे 97%

20:09कॉल की पोजीशन ससेक्स में, बैंक निफ़ी में

20:12और निफ़ी में तीनों तीनों के पोजीशंस को

20:14मिला दूं तो करीब 97% कॉल में पोजीशंस बनी

20:17हुई है और पुट में केवल 2% है।

20:19तो सिग्नल मेरा वीक आ रहा है। तो हम लोग

20:21जीरो से नीचे है तो कंटीन्यूअस मार्केट

20:23नीचे की तरफ जा रही है। तो हम केवल पुट

20:25ऑप्शंस में ट्रेड कर रहे हैं।

20:27अब यहां पे साइमलटेनियसली हम यहां पे

20:28निफ्टी को भी देखते हैं। अब देखिए निफ्टी

20:30की भी लगा रखी है। तो निफ्टी में 87% है

20:32और पुट में 12% के आसपास है। अब मान लीजिए

20:36मैं यहां पे चाहता हूं कि कंबाइंड के

20:38साथ-साथ मुझे यहां पे सेंसेक्स देखना है।

20:41फॉर एग्जांपल ससेक्स। तो देखिए मैंने यहां

20:43पे सेंसेक्स में 59% पोजीशंस है।

20:45हम

20:46और मान लीजिए मुझे यहां पे बैंक निफ्टी भी

20:47देखनी है तो बैंक निफ्टी भी मैं ऐसे देख

20:49सकता हूं।

20:50तो ये सारा ऑटो ट्रेंडर के अंदर हम लोगों

20:52ने डेवलप किया है कंबाइंड पीसीआर। कंबाइंड

20:54पीसीआर का मेन फायदा होता है कि आपको

20:57अलग-अलग इंडेक्स के पीसीआर को देखने की

20:59जरूरत नहीं है। केवल एक कंबाइंड पीसीआर

21:01देखने से आपको माइंड में क्लेरिटी मिलती

21:03है कि मुझे किस साइड ट्रेड करना है। कई

21:06बार ऐसा मार्केट में होता है कि बैंक

21:07निफ्टी का अलग दिख रहा है, निफ्टी का अलग

21:09दिख रहा है। ससेक्स निफ्टी करीब-करीब सेम

21:11दिखते हैं। बट निफ्टी और बैंक निफ्टी

21:14अलग-अलग दिखते हैं। तो उसके लिए हम लोगों

21:16ने कंबाइंड पीसीआर डेवलप किया और इससे

21:18एक्यूरेसी तो बढ़ी है। जैसे मैंने अब

21:21अर्लियर भी बोला कि पहले हमें 10 में से

21:24छह ट्रेड सही होते थे। अब 10 में से सात

21:26ट्रेड सही होने लग गए। तो 70% तक

21:28एक्यूरेसी आने लग गई।

21:29हम तो अभी आप जितना भी काम कर रहे हैं या

21:31आप जो भी रिसर्च करते हैं अब वो कंबाइंड

21:34पीसीआर के आधार पे

21:35बिल्कुल हमने एक रूल बना रखा है कि हम

21:37ट्रेड इंट्राडे में कंबाइंड पीसीआर के

21:39अगेंस्ट नहीं लेंगे। जो भी ट्रेड लेंगे

21:42जिस साइड कंबाइंड पीसीआर है उसी डायरेक्शन

21:44में ट्रेड लेने की कोशिश करेंगे। यानी कि

21:46अगर आप यहां पे देख रहे हैं कंबाइंड

21:48पीसीआर जीरो से नीचे है तो आज किसी भी

21:49कंडीशन में मैं ट्रेड दूंगा तो केवल पुट

21:51ऑप्शन का दूंगा। कॉल ऑप्शन का ट्रेड नहीं

21:53होगा। और अगर ये पीसीआर जीरो से ऊपर होता

21:56तो हर अटेम्प्ट कॉल ऑप्शन में ही होता।

21:58पुट ऑप्शन में अटेम्प्ट नहीं होता। हो

22:00सकता है कभी ट्रेड गलत होंगे। रिस्क

22:01मैनेजमेंट वहां पे हम करते हैं। बट अगर इस

22:04मेथड पे आप काम कीजिएगा। तो मैं आपको दावे

22:06के साथ बोल सकता हूं कि महीने में आपके 22

22:09ट्रेडिंग सेशन होते हैं तो आप कम से कम 15

22:11ट्रेडिंग सेशन प्रॉफिट लेके जाइएगा।

22:13हम अब मुझे एक चीज़ आप बताइए। आपने इसके

22:16रिसर्च के लिए जैसे अभी आपने मुझे इंडेक्स

22:18दिखाया तो आपने मुझे 10 साल का डाटा

22:20दिखाया कि इतना तो मैंने टेस्ट किया है।

22:22अब इसकी रिसर्च में आपने कितना टाइम दिया?

22:25कितने महीनों का डाटा आपने चेक किया? ये

22:27इसलिए भी क्योंकि पेंडेमिक के टाइम हमने

22:29देखा लोगों ने वैक्सीन लगवा ली लेकिन ये

22:31बोला इस पे रिसर्च तो ठीक से हुई नहीं थी।

22:33इजीली हार्ट अटैक आ रहा है।

22:35तो ये जो आपका है इस पे ठीक से रिसर्च हुई

22:37या हार्ट अटैक तो नहीं आया। डाटा लिमिटेड

22:39है क्योंकि ससेक्स का डाटा आपके पास

22:41लिमिटेड डाटा है। निफ्टी का तो आपके पास

22:42पुराना डाटा है।

22:44तो ससेक्स निफ्टी पे तो हम लोगों ने बहुत

22:46बैक टेस्ट भी कर रखा है और लाइव तो मैं

22:48पिछले छ साल से ससेक्स को कम्युनिटी के

22:51थ्रू कर रहा हूं।

22:52और 2004 से मैं निफ्टी ऑप्शंस पे काम कर

22:56रहा हूं। जब मंथली एक्सपायरी होती थी। उस

22:58समय से मैं पीसीआर डाटा पे काम कर रहा

23:00हूं। 2004 से आप समझ सकते हैं 22 साल हो

23:02गए। मुझे निफ्टी ऑप्शंस के पीसीआर डाटा को

23:042017 से तो मैं ही देख रही हूं। हां तो

23:07पीसीआर डाटा के ऊपर तो मैंने काफी काम कर

23:09खासतौर से निफ्टी पे फिर वीकली ऑप्शंस आ

23:11गई तो इसकी एक्यूरेसी और अच्छी मिलने लग

23:13गई बट जब से ससेक्स और बैंक निफ्टी है तो

23:16ससेक्स पे हम लोगों ने करीब मुश्किल से छ

23:19आठ महीने कोई बैक टेस्ट किया होगा क्योंकि

23:21लिक्विडिटी तब से ही आई है। तो ससेक्स का

23:24की बैक टेस्टिंग मेरे पास आप मान लें कि 6

23:26महीने के आसपास की है

23:28और निफ्टी की तो मेरे पास आप 10 साल तक का

23:30भी बैक टेस्टिंग बोल सकते हैं। तो छ महीने

23:33का भी डाटा से हमें ये समझ में आ गया

23:35क्योंकि 6 महीने में ट्रेडिंग सेशन आप

23:36बहुत होते हैं। 22 ट्रेडिंग सेशन एक महीने

23:38में हो गए। तो आप मान लीजिए 130 ट्रेडिंग

23:41सेशन अगर आप बैक टेस्ट करते हो और उसमें

23:43अगर आपको एक्यूरेसी मिल गई तो 130

23:45ट्रेडिंग सेशन भी सफिशिएंट हो गए। तो छ

23:47महीने की बैक टेस्टिंग मेरे पास ससेक्स की

23:49है।

23:49हम अब इसके अलावा कोई निफ्टी और बैंक

23:52निफ्टी ससेक्स ये तो हमें समझ में आ गया।

23:56लेकिन क्या अगर हमें एक खास स्टॉक को

23:58समझना है तो उसमें भी हेल्प मिलती है

24:01क्या? देखिए

24:02कोई ऐसा डाटा स्टॉक के लिए भी है क्या?

24:04स्टॉक्स का बिहेवियर अलग होता है क्योंकि

24:06स्टॉक्स की एक्सपायरी होती है मंथली

24:08और ऑप्शंस की एक्सपायरी जो निफ्टी और

24:11ससेक्स है इसकी एक्सपायरी होती है वीकली।

24:13हम

24:14ऑप्शंस में ज्यादातर ट्रेडर्स पोजीशंस

24:17होती है और और स्टॉक में इन्वेस्टमेंट

24:19पोजीशंस बहुत होती है।

24:21हम

24:21स्टॉक और इंडेक्स का बिहेवियर बिल्कुल

24:24डिफरेंट होता है फ्रॉम अ ऑप्शन ट्रेडर

24:26पॉइंट ऑफ व्यू। क्योंकि ऑप्शन में बहुत

24:28सारे म्यूच्यूल फंड्स कवर्ड कॉल राइटिंग

24:30करते हैं। कवर्ड कॉल राइटिंग का मतलब हो

24:32गया कि आपके पास पोर्टफोलियो है और आपने

24:35ऊपर के लेवल्स की कॉल बेच दी ताकि आप

24:37प्रीमियम को कैप्चर कर सकें। तो हमेशा

24:39आपको दिखेगा कि स्टॉक का पीसीआर हमेशा वन

24:42से नीचे होता है।

24:43यानी कि कॉल की पोजीशंस ज्यादा होगी। पुट

24:46की पोजीशंस कम होगी मोस्ट ऑफ द स्टॉक्स

24:48में क्योंकि वहां पे कॉल राइटिंग होती है।

24:50कुछ-कुछ ऐसे स्टॉक्स जिसकी पीसीआर अगर वन

24:52से स्ट्रांग है इसका मतलब वो बहुत

24:54स्ट्रांग स्टॉक है। तभी उसकी पीसीआर वन से

24:57ज्यादा है। स्टॉक्स में काम करने के लिए

25:00जो ये ऑप्शंस का डाटा है ये हम लोग लास्ट

25:02वीक में यूज़ करते हैं। जब एक्सपायरी के

25:04आसपास हम लोग चले जाते हैं। यानी लास्ट

25:08ट्यूसडे को एक्सपायरी होती है। तो लास्ट

25:10वीक में जैसे ही आप जाने लग जाएंगे वहां

25:12पर ये स्टॉक ऑप्शंस का डाटा पीसीआर का

25:14डाटा काम करता है। बट यह सारे स्टॉक्स में

25:16काम नहीं करता है। जो निफ्टी के टॉप 10

25:18स्टॉक्स हैं जैसे Reliance, Infosys इन सब

25:20में अच्छे से काम करता है।

25:22[नाक से की जाने वाली आवाज़]

25:22अब यहां पे आपका एक सवाल का एक और आंसर

25:24देता हूं कि स्टॉक्स के लिए कौन सा डाटा

25:26ज्यादा काम करता है। ठीक है? उसके लिए काम

25:28करता है डिलीवरी का डाटा। डिलीवरी का डाटा

25:31मतलब ये हुआ कि कोई भी स्टॉक के वॉल्यूम्स

25:33हो रहे हैं। सपोज किसी स्टॉक में वॉल्यूम

25:35हुआ 1 करोड़ शेयर का

25:36और उस स्टॉक में उसका डिलीवरी वॉल्यूम

25:39यानी कि जो डिलीवरी कैरी हुई वो सपोज

25:42कीजिए 20% है। यानी 1 करोड़ में से 20 लाख

25:44शेयर ही कैरी फॉरवर्ड हुए। तो कितना

25:45परसेंट डिलीवरी कैरी हुआ? 20% यानी 80%

25:49उसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम है। तो जिस स्टॉक

25:51में ट्रेडिंग वॉल्यूम ज्यादा है उस स्टॉक

25:54में हमें इन्वेस्टमेंट नहीं करना चाहिए

25:56क्योंकि वहां पे कमिटमेंट ऑफ कैपिटल नहीं

25:58है। जैसे फॉर एग्जांपल मान लीजिए Reliance

26:01है पूरे दिन में वॉल्यूम्स हो रहा है

26:03उसमें 1 करोड़ शेयर का। फॉर एग्जांपल और

26:05एक डिलीवरी परसेंटेज आती है। डिलीवरी का

26:07डाटा जो एनएससी की वेबसाइट में दिखता है।

26:09डिलीवरी डाटा। आप Google में जाके सर्च

26:11कीजिएगा और लिखिएगा डिलीवरी परसेंटेज। तो

26:14आपको डाटा एनएससी की वेबसाइट में दिख

26:16जाएगा। अब मान लीजिए Reliance है जिसमें 1

26:18करोड़ शेयर का वॉल्यूम हुआ कैश मार्केट

26:21में और उसका डिलीवरी हुआ 60% यानी कैपिटल

26:25कमिटमेंट कितनी है? 60% की। यानी लोग

26:28शेयर्स को अपने डिलीवरी में लेके जा रहे

26:30हैं। डीमेट में लेके जा रहे हैं। तो वो

26:32स्टॉक हमेशा इन्वेस्ट इन्वेस्टमेंट के

26:34ग्रेड स्टॉक हो गए। तो एज अ इन्वेस्टर

26:38जैसे मान लीजिए आपको जब कभी भी

26:40इन्वेस्टमेंट करना हो आपके पास एक

26:42सिंपलेस्ट मेथड है ये ट्रैक करने का कि ये

26:45स्टॉक स्पेकुलेटिव है या इन्वेस्टमेंट

26:47ग्रेड स्टॉक है। उसके लिए आप डिलीवरी

26:49परसेंटेज चेक कर लीजिए। अगर किसी भी स्टॉक

26:51का डिलीवरी

26:53लेस देन 30% है तो उस स्टॉक में कभी भी

26:56हमें

26:57अपना इन्वेस्टमेंट नहीं करनी चाहिए। लॉन्ग

26:59टर्म इन्वेस्टमेंट या फिर उसमें ट्रेडिंग

27:01एक्टिविटी भी नहीं करनी चाहिए। उसका भी

27:03रीज़न क्या है? सपोज कीजिए मैंने एक फ्यूचर

27:05खरीद लिया एक स्टॉक का

27:06और मैं बाय पोजीशंस पे बैठा हूं और उसका

27:09एवरेज डिलीवरी 30% है। यानी 70%

27:12स्पेकुलेटिव पोजीशंस है।

27:13सपोज मार्केट में कोई सेलिंग आ गई तो क्या

27:16होगा? मार्केट अगर 1% गिरेगी तो वो स्टॉक

27:185% गिर जाएगा। कई बार ऐसा होता है ना?

27:20क्यों होता है? क्योंकि उसमें स्पेकुलेटिव

27:22पोजीशन 70% है तो लिक्विडेशंस आ जाती है

27:24पोजीशंस की। जो लोग जो डेरिवेटिव मार्केट

27:27में लॉन्ग पोजीशन है वो पैनिकिक में काट

27:28देते हैं। वो स्टॉक तेजी से गिर जाता है।

27:30और कई स्टॉक में आप देखिएगा कि निफ्टी 1%

27:33गिरती है तो वो स्टॉक आधे% ही गिरता है

27:35क्योंकि उसमें इन्वेस्टर्स बैठे हैं तो

27:38वहां पे इन्वेस्टमेंट ग्रेड स्टॉक है। तो

27:40अगर आप एफएओ में भी ट्रेडिंग कर रहे हैं

27:42तो आपको एफएओ में वही स्टॉक सेलेक्ट करने

27:44चाहिए जो इन्वेस्टमेंट ग्रेड क्वालिटी के

27:46हैं क्योंकि आपका कैपिटल प्रोटेक्शन

27:48इंपॉर्टेंट है ना कि प्रॉफिट इंपॉर्टेंट

27:50है। यानी कि यह एक बीटा फैक्टर होता है।

27:53बीटा बीटा का मतलब होता है कि निफ़ी के

27:55कंपैरिजन में वो स्टॉक कितना रिएक्ट करता

27:58है। जनरली अगर वन बीटा है तो निफ़ी अगर 1%

28:02गिरेगी तो स्टॉक 1% नीचे जाएगा और वन से

28:06ज्यादा बीटा है तो निफ्टी से ज्यादा

28:08रिएक्शन आता है। तो जिन स्टॉक की डिलीवरी

28:1030% से ज्यादा होती है वो हमेशा हाई बीटा

28:12स्टॉक्स बोलते हैं उसको और हाई

28:15है

28:15हां मोस्टली यस हाई बीटा स्टॉक बोलते हैं।

28:17लॉजिक है ना कि अगर आप उसमें देखिए कि

28:20इन्वेस्टमेंट कमिटमेंट ऑफ कैपिटल नहीं है

28:22और मार्केट में जरा सी भी नेगेटिव न्यूज़

28:24आएगी तो वो स्टॉक फटाक से गिर जाएंगे

28:25क्योंकि वहां पे लिक्विडेशंस हो जाती है

28:27ट्रेडिंग पोजीशंस की बट अगर मेरा कमिटमेंट

28:29ऑफ कैपिटल है वहां पे मेरी डिलीवरी

28:31पोजीशंस ज्यादा है तो वो स्टॉक जल्दी से

28:33नहीं गिरेगा जैसे फॉर एग्जांपल HDFC Bank

28:35ले लीजिए आप ICIC आप Infosys पकड़ लीजिए

28:37TCS पकड़ लीजिए आप Reliance Industries

28:40पकड़ लीजिए ऐसे स्टॉक्स में सेलिंग में भी

28:42बहुत ज्यादा स्टॉक नहीं गिरते तो डिलीवरी

28:45का डाटा कोई कोई भी ऑप्शन बयर हो या

28:48फ्यूचर ट्रेडर हैं या आप इन्वेस्टमेंट कर

28:51रहे हैं। आपको इन डिलीवरी का डाटा भी जरूर

28:53देखना चाहिए और यह फ्री में मिलता है

28:54एनएससी की वेबसाइट पे।

28:56हम अब एक बड़ा सवाल आता है कि वो स्ट्राइक

28:59प्राइस क्या हो? कंफ्यूजन भी यहां पे

29:02क्रिएट होता है। तो मुझे आप यह बताएं कि

29:04आप जब सेलेक्ट करते हैं या आप जब रिसर्च

29:08कर रहे होते हैं तो आपको कैसे मालूम चलता

29:11है कि यही सही स्ट्राइक प्राइस है।

29:13यह डिपेंड करती है वीक्स के ऊपर। अगर बहुत

29:17ज्यादा वोलेटाइल रहेगी तो फिर आपका

29:19स्ट्राइक प्राइस सिलेक्शन भी उसी हिसाब से

29:21होगा क्योंकि जब विक्स ज्यादा होती है तो

29:24ऑप्शंस के प्रीमियम इनक्रीस हो जाते हैं

29:26क्योंकि फियर फैक्टर ज्यादा होगा तो

29:28प्रीमियम ज्यादा हो जाएंगे मार्केट में

29:30तो नॉर्मली जैसे अभी 15 से नीचे विक्स है

29:33तो जब 15 से नीचे विक्स है तो स्ट्रेट

29:35फॉरवर्ड आप एट द मनी स्ट्राइक सेलेक्ट

29:37करेंगे यानी जिस लेवल पे मार्केट है

29:3924000 पे मार्केट है तो 24000 की कॉल या

29:4124000 के पुट ऑप्शंस में आप ट्रेड करें वो

29:43एट द मनी हम लोग सेलेक्ट करते हैं

29:45अगर अगर विक्स ऊपर चली गई तो विक्स के ऊपर

29:48जाने में क्या होता है? वेगा फैक्टर विक्स

29:50का ऊपर ऑप्शंस के प्रीमियम को डिटरमाइन

29:52क्या-क्या करता है? एक तो करता है विक्स

29:55यानी वोलेटिलिटी।

29:56हम

29:56वो बढ़ेगी तो प्रीमियम्स बढ़ जाएंगे। दूसरा

29:59टाइम कितना एक्सपायरी को बचा हुआ है?

30:01अंडरलाइन का प्राइस कैसे मूव कर रहा है?

30:03तो स्ट्राइक प्राइस सेलेक्शन में विक्स का

30:06रोल बहुत ही ज्यादा है। अगर विक्स 15 से

30:09ऊपर चली गई इसका मतलब ऐड द मनी का

30:11प्रीमियम कॉस्टली हो गया है। आप ऐड द मनी

30:13में करेंगे तो आपका रिस्क फैक्टर बढ़

30:14जाएगा क्योंकि प्रीमियम ज्यादा है टाइम

30:16डके ज्यादा हो सकता है। तो उस केस में हम

30:18एट द मनी से थोड़ा सा एक स्ट्राइक ऊपर

30:20ट्रेड करते हैं। तो बड़ा सिंपल ऐसे रखना

30:23है कि अगर आप वीक्स 15 से नीचे हैं

30:26तो आप स्ट्रेट फॉरवर्ड एट द मनी में काम

30:29कीजिए जहां पे मार्केट चल रही है। जब आपको

30:31कन्विक्शन बहुत लग रही है कि नहीं एकदम

30:33श्योर शॉट मार्केट मूव कर जाएगी तो उस केस

30:35में आप थोड़ा इन द मनी में भी जा सकते

30:37हैं। यानी कि जिस लेवल पर मार्केट है उससे

30:39अंदर इन द मनी।

30:40अगर विक्स ऊपर चली गई जैसे मान लीजिए 15

30:4316 17 विक्स चली गई तो ऐसे केस में जिस

30:46लेवल पे मार्केट है वहां से 100 पॉइंट ऊपर

30:48की स्ट्राइक्स पे आप ट्रेड कीजिएगा तो

30:50जल्दी फायदा मिलेगा क्योंकि मार्केट अगर

30:52मूव करेगी तो उसका प्रीमियम ज्यादा

30:54बढ़ेगा। उसके पीछे गामा फैक्टर होता है कि

30:56गामा फैक्टर ये बताता है कि डेल्टा कितना

30:59तेजी से मूव करेगा। ये थोड़ा ग्रीक्स

31:00कॉम्प्लिकेटेड हो गया। बट ये आप सिंपल

31:02समझो कि विक्स अगर 15 से ऊपर है तो 100

31:04पॉइंट आउट ऑफ मनी करना है और विक्स 15 से

31:07नीचे है तो एट द मनी में काम करना है। और

31:09विक्स 25 से ऊपर चली गई तो फिर आप ऑप्शन

31:11ट्रेडिंग कम कर दो या रिड्यूस कर दो वो

31:13ज्यादा बेहतर रहेगा। यह मैंने पूछा नहीं

31:15होता तो पता नहीं चलता क्योंकि मैं तो यही

31:17सोच रही थी कि विक्स इंडेक्स देख के आपको

31:18बस यही समझ में आएगा कि मार्केट कितना

31:21घबराया हुआ है। आपको यही समझ में आएगा

31:23क्योंकि आपने कहा कि निफ्टी उसके ऑोजिट

31:25हमेशा उसका नेचर है। तो मुझे इतना ही

31:27मालूम होता है ये स्ट्राइक प्राइस में भी

31:29इतना इंपॉर्टेंट है।

31:30नहीं विक्स बहुत काम किया है। विक्स से

31:32आपको स्टॉप लॉस भी डिटरमाइन होता है।

31:34कैसे?

31:34कैसे?

31:35कैसे? [हंसी] क्योंकि देखिए विक्स का मतलब

31:37क्या हो गया? विक्स का मतलब फियर। विक्स

31:39का मतलब वोलेटिलिटी। विक्स का मतलब हायर

31:41स्टैंडर्ड डेविएशन। ठीक है? है विक्स का

31:44मतलब हायर एटीआर एवरेज ट्रू रेंज यानी

31:46हायर रेंज बन रही है। विक्स बढ़ेगी तो

31:47मार्केट की रेंज बढ़ेगी। विक्स बढ़ेगी तो

31:49मार्केट का डेविएशन मीन से ज्यादा हो

31:51जाएगा। क्योंकि विक्स का मतलब रेंज का

31:53एक्सपेंड होना। तो जब रेंज की एक्सपेंशन

31:56हो रही है और आप उसी स्टॉप लॉस पे काम

31:59करते रहेंगे जो आप नॉर्मल स्टॉप लॉस पे

32:01करते हैं। तो रेंज एक्सपेंशन में आपके

32:02स्टॉप लॉस फटाफट हिट हो जाएंगे। तो जब

32:04विक्स बढ़ती है तो ट्रिक ये होती है कि आप

32:07पोजीशन साइज़ कम करो और स्टॉप लॉस वाइड

32:10करो। क्योंकि विक्स अगर इनक्रीस हो रही है

32:12तो आप अगर पोजीशन साइज आपकी वही रहेगी और

32:15स्टॉप लॉस छोटा रहेगा तो आपका हिट होने के

32:16चांसेस ज्यादा रहेंगे। तो रिस्क को भी

32:18मैनेज करना है तो उस केस में हम पोजीशन

32:20साइज कम करेंगे और स्टॉप लॉस को वाइड कर

32:23देंगे ताकि मेरा स्टॉप लॉस हिट ना ही हो

32:25और मेरे को बड़ा लॉस नहीं हो इसलिए हम

32:27पोजीशन साइज कम करते हैं। तो रिस्क विक्स

32:30बहुत ही इंपॉर्टेंट है पोजीशन साइजिंग के

32:32लिए रिस्क मैनेजमेंट के लिए स्ट्राइक

32:35सेलेक्शन के लिए स्टॉप लॉस के लिए और

32:37टारगेट्स के लिए और एक और फैक्टर

32:39विक्स अगर नीचे है तो मोस्ट ऑफ द टाइम हम

32:43सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस पे ट्रेड करेंगे।

32:45ट्रेंडिंग मार्केट लोअर विक्स में नहीं

32:46होती है। हायर वक्स में ट्रेंडिंग मार्केट

32:48होगी। यानी अगर विक्स ऊपर रहेगा तो

32:50अपॉर्चुनिटी भी ज्यादा मिलती है। मार्केट

32:52ट्रेंड में चलती है। अभी आप देख आपने देखा

32:54होगा मई और जून में मार्केट रोज 200 300

32:57पॉइंट का मूवमेंट दे रही थी। तो ऑप्शन

32:58बायर को ट्रेंड मिलता है। बट अभी ये जून

33:01के महीने में विक्स आ गई है 15 से नीचे।

33:03तो ऐसे केस में अगर आप ब्रेकआउट्स ट्रेड

33:05कीजिएगा तो आपको प्रॉफिट नहीं मिलेगा।

33:06कैसे करना होगा? सपोर्ट पे लेना है।

33:09रेजिस्टेंस पे बेचना है। यानी सपोर्ट एंड

33:11रेजिस्टेंस वाली ट्रेडिंग ज्यादा काम

33:12करेगी। तो विक्स अपने आप में बहुत ही

33:14इंपॉर्टेंट सब्जेक्ट है और ये हर तरीके से

33:17ऑप्शंस में आप इसको यूज़ कर

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