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0:00नमस्कार दोस्तों, ऐसी मेरी परमपिता
0:04परमात्मा से प्रार्थना है कि आप सब सुखी
0:07हो, स्वस्थ हो, मस्त हो और मजे में हो। आज
0:11मैं आपकी सेवा में एक नया वीडियो लेकर
0:13हाजिर हुआ हूं। वीडियो शुरू करने से पहले
0:16आपसे विनम्र विनती है कि अगर आपको मेरा यह
0:19वीडियो अच्छा लगे, तो मेरा चैनल
0:21सब्सक्राइब कर देना और मेरा वीडियो लाइक व
0:24शेयर कर देना। चलिए आज के मुद्दे पर आते
0:27हैं। आज का जो हमारा मुद्दा है वो है राहु
0:30के ऊपर। राहु एक मायावी ग्रह है और
0:35ज्योतिष में एक सिद्धांत होता है भाववत
0:38भाव का। लेकिन देखने में आया है कि वैसे
0:43तो सभी ग्रह भावत भाव के अनुसार फल देते
0:46हैं। लेकिन राहु
0:51मायावी रूप से गुप्त ढंग से अचानक ही
0:57भावत भाव के सिद्धांत के अनुसार फल देता
1:00है। यानी कि जैसे
1:05ये जो सिद्धांत है मुख्य रूप से भावों में
1:09ये लागू होता है कि जैसे
1:13तीसरा भाव
1:15पराक्रम का है तो तीसरे से तीसरा तीसरा एक
1:20दो तीन पंचम भाव भी तीसरे भाव और पंचम भाव
1:26इनसे हम पराक्रम देख सकते हैं। लेकिन
1:30सिर्फ राहु एक ऐसा ग्रह है जिस पर भावत
1:35बाप का जो प्रिंसिपल है वो इसी दूसरे ढंग
1:38से लागू होता है। एक मायावी ढंग से वैसे
1:42भी राहु माया है। माया जहां होती है वहां
1:47होती नहीं है। जो है वो हमें दिखाई नहीं
1:51देता। जो दिखाई देता है वो नहीं है।
1:53इल्यूजन है राहु। तो काफी रिसर्च के बाद
1:58ये पाया कि जैसे दूसरे भाव में राहु है।
2:01दूसरे से दूसरा तीसरा हो गया तो तीसरे भाव
2:04का फल देगा। तीसरे में है तो पंचम भाव का
2:07देगा। चौथे में है तो ये सप्तम भाव का फल
2:11भी देगा। आइए प्रत्येक भाव के अनुसार
2:15चर्चा करते हैं कि जब राहु पहले भाव में
2:18होता है, लग्न में होता है तो पहले से
2:21पहला तो पहला भाव ही हो गया। इसलिए पहले
2:24भाव में राहु सिर्फ पहले भाव का फल ही
2:27देगा। तो सबसे अधिक कुंडली में राहु जिस
2:31भाव में फल देता है वो है लग्न का भाव।
2:34जिस भाव में राहु सबसे अधिक फल देता है।
2:39जब राहु लग्न में हो तो जातक का जीवन कैसे
2:42कटता है? पहले जातक लोगों को नहीं समझता।
2:47और जब जातक लोगों को नहीं समझता। लोगों का
2:51काम करता रहता है तो लोग उसे अच्छा कहते
2:55रहते हैं। फिर जब जातक लोगों को समझ लेता
2:59है तो लोग उसे नहीं समझते। उसकी माया को
3:02नहीं समझते। जब लोगों की बात नहीं मानता
3:06अपने ढंग से काम करता है फिर वही बंदा
3:09खराब हो जाता है। तो लगन में राहु की सीधा
3:13फंडा ये है कि जब तक आप लोगों के लिए काम
3:18करोगे [गला साफ़ करने की आवाज़] लोग आपको
3:20यूज़ करते रहेंगे। आप अच्छे हैं। नहीं तो
3:23आपके जैसा बुरा ही बंदा कोई नहीं है। और
3:27जो बंदे आपको बहुत अच्छा कहते हैं
3:3140 साल की उम्र के बाद धीरे-धीरे वो आपको
3:35कहेंगे कि इस जैसा बुरा बंदा तो कोई है ही
3:38नहीं। इस जैसा मायावी बंदा तो कोई है ही
3:42नहीं। इस जैसा छली कपटी बंदा तो कोई है ही
3:47नहीं। वैसे भी एक बात मैं बता दूं कि लग्न
3:50में जिनके राहु है जब तक आपकी बुराई नहीं
3:53होती इस संसार में तब तक आप तरक्की नहीं
3:57कर सकते। जब तक आपको जीने का ढंग नहीं आता
4:02कलयुग के हिसाब से तब तक आप तरक्की नहीं
4:05कर सकते। जब पहले लोग समझते हैं कि ये
4:08डरता ही बहुत है, भयभीत रहता है। आप का जो
4:13अच्छा पन है, जो आपकी अच्छी क्वालिटीज है,
4:16लोग उसको डर समझते हैं। लेकिन, जब आपका
4:21अपने डर पर काबू डालकर आप उससे आगे निकल
4:24जाते हैं, तो फिर इतना साहस आता है, इतना
4:28साहस आता है, राहु अबंडेंस में देता है जो
4:31भी देता है। तो इतना साहस देता है कि फिर
4:34जब आप लड़ने पर आते हैं ये
4:38मैंने कई कुंडलियों में देखा है कि जब
4:40लग्न में राहु हो जब जातक अग्रेसिव होता
4:43है लड़ने पर आता है तो बड़े से बड़ा
4:46दुश्मन उसके सामने घुटने टेक देता है और
4:50एक बात और है कि जातक का जन्मभूमि से दूर
4:55और इंटरनेट की सहायता से जातक को अपने
4:58जीवन में बहुत अधिक तरक्की मिलती
5:02जातक को क्या है कि जातक कहता तो दूसरे के
5:06अच्छों के लिए बात है। दूसरे की भलाई के
5:09लिए बात है। इसकी बात इंटरप्ट ही बहुत गलत
5:12ढंग से की जाती है। तो बेहतर ये है कि चुप
5:15रहिए, शांत रहिए और जातक बहमी बहुत होता
5:20है। कि मुझे सुबह मैं घर से निकल रहा था
5:25वो दिखाई दे गया तो मेरा काम नहीं हुआ। तो
5:28इस तरह के बहम बिल्कुल छोड़िए।
5:32पहले आपको थोड़ा लगेगा कि मैंने वहम नहीं
5:35किया तो मुझे नुकसान हो गया कि कोई नए
5:38जूते खरीदे आज ये जूते डाले मेरा दिन खराब
5:41गया तो खराब गया अगले दिन फिर डालिए जूतों
5:45को कहिए कि यार आज इससे भी खराब करके दिखा
5:49और अधिक अंधविश्वास में नहीं पड़ना
5:54जो आम ब्राह्मण है अपने आप को कहते हैं जी
5:58धार्मिक बंदे हैं जिनके पीछे पीछे आम लोग
6:02फिरते हैं। आपने नहीं किसी के पीछे फिरना
6:05किसी के साथ ही चरण स्पर्श करते रहना।
6:08किसी की आगे पीछे फिरना ये क्या है कि ये
6:11आपके लिए सही नहीं है। ये समाज में भी
6:15आपकी वैल्यू को कम करता है। और जिसके आगे
6:19पीछे फिर आप वो आपको यूज करेगा। कोई टेंशन
6:23नहीं। लाइफ को सीरियसली नहीं लेना। एंजॉय
6:27कीजिए। दुनिया जाए बाहर में।
6:30और आपके पास इतना दिमाग है, आपके पास इतना
6:35टैलेंट है कि आप अपनी लाइफ को बहुत आसानी
6:39से, बहुत अच्छे ढंग से, बहुत लग्जरी ढंग
6:43से जी सकते हैं। सिर्फ डर के कारण, सोच के
6:48कारण, लोग क्या कहेंगे? इसी कारण आपने
6:51अपना जीवन नर्क बनाया हुआ है। इसको छोड़िए
6:54और वैसे तो 40 साल के बाद राहु छवा देता
6:58है। लेकिन [गला साफ़ करने की आवाज़] अगर
6:59आपने पहले छोड़ दिया कुंडली आपकी थोड़ी सी
7:02भी स्ट्रांग है तो जीवन में देखिए कैसे आप
7:06तरक्की करते हैं। अब दूसरे भाव में राहु
7:08दूसरे से दूसरा तीसरा हो गया।
7:12ये है कि राहु दूसरे भाव में हो तो तीसरे
7:16भाव का फल भी देता है।
7:19यह राहु पर रूल लागू होता है मेन। तो जब
7:23राहु तीसरे भाव में है, दूसरे भाव में है
7:27तो जातक क्या एक तो क्या है कि पढ़ाई में
7:30रुकावट डालेगा। एक साल खराब करेगा या क्या
7:32करेगा? कोई कोर्स चेंज करेगा। इसमें थोड़ा
7:36ये करेगा ही करेगा। जातक को जीवन में अगर
7:40जब तक हारश डिसीजन नहीं लेगा अपने
7:43रिश्तेदारों के लिए तब तक तरक्की नहीं
7:45करेगा। इसके अलावा क्या है कि जातक के जो
7:48ट्रेडिशन चले आ रहे हैं वो कहता है जी मैं
7:50तो वही फॉलो करूंगा जो हमारे खानदान में
7:542020 साल से चीजें चली आ रही हैं उसको
7:57नहीं फॉलो करना जमाने के साथ अपने आप को
7:59क्या है चेंज कीजिए आपका सबसे अच्छा मित्र
8:03आपका दिमाग है।
8:06अह लोगों की गलती नहीं निकालनी। मेरा काम
8:09खराब हो गया। उसके कारण खराब हो गया। किसी
8:12के कारण नहीं हुआ। आपका काम खराब हुआ है।
8:15ये आपके कारण हुआ है। आपकी नालायकी के
8:17कारण हुआ है। आप अपनी नालायकी को समझिए।
8:20और देखिए कि इससे कहां इंप्रूव होती है।
8:23उसको वहां इंप्रूव कीजिए। कंप्लेंट नहीं
8:26करनी। और मार्केटिंग में है, मीडिया में
8:29है, टेक्नोलॉजी में है, कम्युनिकेशन में
8:32है, डिजाइनिंग में है या इस चीज में नहीं
8:36है तो इसको अपना शौक बनाइए। तो देखिए कैसे
8:39समाज में आपका एक रुतबा होता है। समाज में
8:42आपका क्या है? एक नाम होता है। और अपने
8:47काम का फैलाव इंटरनेट के थ्रू कीजिए।
8:51लोगों तक पहुंचिए। जितने अधिक लोगों तक
8:53पहुंचोगे, जितने अधिक लोगों से
8:55कम्युनिकेशन करेंगे, बातचीत करेंगे, उतना
8:59समाज में आपकी हुकूमत चलेगी।
9:02और एक आपको क्या है? बहरूपिया बनना
9:05पड़ेगा। जितने आप में दयालुता है, लोगों
9:09को उससे कहीं अधिक शो करनी पड़ेगी। जितने
9:12आप धार्मिक है, लोगों को उससे अधिक शो
9:15करना पड़ेगा।
9:17आप चाहे सेल्फिश हैं लेकिन लोगों को नहीं
9:20लगना चाहिए कि आप सेल्फिश हैं। और
9:24गुप्त शत्रुओं को हमेशा अपने दोस्त बनाकर
9:28रखना। जब आप किसी प्रॉब्लम में होंगे जब
9:33आपकी इज्जत दाव पर लगी होगी तो वही गुप्त
9:37शत्रु जो आपके दोस्त के रूप में गुप्त
9:40शत्रु है वही आपको क्या है वह बचाएंगे। अब
9:44तीसरे भाव में राहु है तो तीसरे से तीसरा
9:46क्या हो गया आपका पंचम भाव हो गया तो जो
9:50तीसरे भाव में राहु पंचम भाव का जातक को
9:55फल देगा ही देगा क्या है ये कि तीसरे भाव
9:58में जब राहु हो तो जीवन में तरक्की करनी
10:02है। अधिक कानून प्रिंसिपल से जुक्त नहीं
10:05होना पड़ेगा। लीगल अलीगल सभी काम आपको
10:08करने पड़ेंगे ही पड़ेंगे। एक जगह पर टिक
10:12कर काम करेंगे तो जीवन में बहुत अधिक
10:15तरक्की करेंगे। जब आप किसी से बहसबाजी
10:18करें तो लॉजिकल बहसबाजी करें। जैसे
10:22एडवोकेट्स करते हैं, टीचर्स लेक्चर देते
10:25हैं। उसमें लॉजिक होता है। वैसे भी कोई
10:28वकील है, कोई टीचर है, कोई ट्रेनिंग कर
10:32रहा है, किसी को कोई कंसलटेंसी दे रहा है
10:34और राहु जिसका तीसरे भाव में है, पंचम भाव
10:39का उसको फल दे रहा है। उस फील्ड में वो
10:41क्या है कि बहुत अधिक तरक्की करेगा। जातक
10:45का काम करने का जो ढंग है वो नए तरीके का
10:49होता है। ये नहीं कि नया तरीका महंगा ही
10:52हो। कई बार नई नया आविष्कार जातक ऐसा करता
10:58है कि चीप एंड बेस्ट होता है जो नया
11:00आविष्कार होता है। आपकी सबसे बड़ी कमजोरी
11:04क्या है कि दूसरों पर डिपेंड रहते हैं। कि
11:09वो मेरा काम करेगा। इसलिए दूसरों से डरते
11:12रहते हैं। तो कोई नहीं आपका काम करेगा। आप
11:15अपना काम खुद करेंगे। आगे बढ़िए और आप
11:19अपना काम कीजिए। किसी पर कोई डिपेंड नहीं
11:22रहना। जिस पर डिपेंड रहेंगे वही आपको यूज
11:25करेगा। आपके लिए प्रॉब्लम क्रिएट करेगा।
11:28समाज में आपका नाम आपके लिए क्या है वो?
11:32खराब करेगा। और तीसरे भाव में राहु है।
11:35आपके लिए ऑपोजिट सेक्स क्या है? वो आपको
11:38दबोने का काम करेंगी। तो किसी के ये मोह
11:43माया को छोड़िए। आप अपनी गोल की ओर ध्यान
11:46दीजिए। पॉलिटिक्स में है। किसी बड़ी
11:49गवर्नमेंट पोजीशन पर है। कोई बड़ा बिजनेस
11:52एंपायर है। अपना जो सीक्रेट काम है। कोई
11:56ऑपोजिट सेक्स का बंदा आपके साथ ना हो। और
12:00जब आपका पैशन प्रोफेशन बन जाए। आपकी हॉबी
12:04है, किसी को सिंगिंग की हॉबी है, किसी को
12:06एस्ट्रोलॉजी की हॉबी है, किसी को डांसिंग
12:10की हॉबी है। और जब ये प्रोफेशन बन जाए
12:12आपका, तो देखिए कैसे आप अपने जीवन में
12:15बहुत अधिक तरक्की करते हैं। और इसका सबसे
12:20अच्छा उपाय यह है। तीसरे भाव में राहु है।
12:23जो आपका मान सम्मान बना हुआ है इस समाज
12:27में। उस मान सम्मान को मेंटेन करने के लिए
12:31किन्नरों को आप दान कीजिए। बुधवार के दिन
12:35किन्नरों को हरी चीजें, हरे फल, हरी
12:38सब्जियां ये खाने वाली वस्तुएं दें तो
12:42इससे आपको बहुत अधिक लाभ होगा। अब आया जी
12:46चौथे भाव में राहु। तो चौथे भाव में राहु
12:49है। चौथे से चौथा कौन सा हो गया? ये चौथे
12:52से चौथा जो आपका भाव हो गया वो हो गया
12:55आपका सप्तम भाव। तो चौथे भाव में राहु है।
12:59ये सप्तम भाव को इंपैक्ट करेगा। ये मेरी
13:02बात याद रखना।
13:04चौथे भाव में राहु है तो घर की स्त्रियों
13:08के कारण आपकी पैतृक संपत्ति में प्रॉब्लम
13:12का सामना करना पड़ेगा। जिसमें मेन रोल घर
13:15की स्त्रियां ऑोजिट सेक्स के लोग लोग
13:20निभाएंगे और कभी भी आपने पार्टनरशिप में
13:23कोई काम नहीं करना।
13:27आपके जीवन में कितनी भी विघ्न बाधाएं आए
13:31आएंगी।
13:33लेकिन आप उसे तभी पार कर पाओगे जब आप
13:37मेहनत करोगे। जब आप हमेशा एक्शन मोड में
13:40रहेंगे। मेहनत करना, एक्शन मोड में रहना
13:43सिर्फ यही आपको सफलता दिलवा सकता है। और
13:47जो आपकी प्रोफेशनल लाइफ है, आप कोई
13:50दुकानदारी करते हैं, कोई नौकरी करते हैं,
13:53उसमें क्या है कि आसपास के लोगों के साथ
13:56अच्छे रिलेशन बनाकर रखना। पहले उनको
13:59समझिए।
14:01और डिप्लोमेटिक ढंग से, राजनीतिक तरीक़े से
14:05उनके साथ निपटे, नहीं तो वह आपको तरक्की
14:08नहीं लेने देंगे। आपकी प्रमोशन नहीं वो
14:12होने देंगे और अंतरजातीय विवाह बिल्कुल ना
14:15करें।
14:17अंतरजातीय विवाह आपके लिए प्रॉब्लम पैदा
14:20करेगा।
14:22काम आप करते रह जाएंगे। क्रेडिट कोई दूसरा
14:25ले जाएगा। परिवार के लिए मांगते रहेंगे।
14:29लेकिन परिवार से आपको सुख की प्राप्ति
14:32नहीं होगी। इसके पीछे सारे की सारा जो है
14:35वो अपोजिट सेक्स के लोग होंगे। खासतौर पर
14:38औरतों का हाथ होगा जो आपके लिए दुख है।
14:43पिछले जन्म में औरतों का बहुत कर्जा देना
14:46है। आपने सताया है औरतों को इस जन्म में
14:49आपका क्या है वो भुगत रहे हैं। और आपकी जो
14:54प्रोफेशनल लाइफ है, उसमें जो आपकी प्रशंसा
14:57करता है, समझ लो आपको बलि का बकरा बना रहा
15:00है। एक दिन वो क्या है? आप आपसे वो बदला
15:05लेगा ही लेगा। और जब आपका चौथे भाव में
15:09राहु आ जाए तो आपने परिवार से अधिक अपने
15:14काम को महत्व देना है। नहीं तो आप अपना
15:18काम चेंज करते रहेंगे लेकिन आपको क्या है
15:21किसी भी काम में आपको लाभ नहीं मिलेगा।
15:25पंचम भाव में अगर राहु हो तो पंचम से पंचम
15:28कौन सा हो गया? नवम भाव। तो पंचम से पंचम
15:31नवम भाव हो गया। नवम भाव का आपको फल देगा
15:35जब आपका राहु पंचम भाव में विराजमान हो
15:38जाए तो पंचम और नवम दोनों ही अचानक लाभ के
15:43भाव है। तो क्या है सपने देखिए
15:49जितने अधिक सपने देखेंगे उतने अधिक आपके
15:52क्योंकि आपका दिमाग बहुत क्रिएटिव है।
15:54उल्टा दिमाग है कि शॉर्टकट ढंग से काम
15:59कैसे करना है। तो शॉर्टकट ढंग से आप तभी
16:02काम कर पाएंगे जब ड्रीम्स देखेंगे सपने
16:07देखेंगे और ये मैटर नहीं करता कि आप कितना
16:11पढ़े लिखे हैं। पढ़ाई लिखाई चाहे कम हो
16:15लेकिन आपका शातिर दिमाग आपको बहुत ऊपर
16:19लेकर जाएगा। आपका शातिर सोच
16:24लोगों से काम निकलवाने का ढंग ये आपके
16:28भाग्य को आगे बढ़ाएगा। आपकी जो दूरदर्शी
16:32सोच है ये आपके को आगे लेकर जाएगी और
16:39जिससे आपकी शादी होगी वो बाय डिफॉल्ट
16:43होगी। यानी उससे होनी ही होनी है। और
16:46जिसके साथ आपके रिलेशन बनेंगे वह भी बाय
16:50डिफॉल्ट बनेंगे। यानी कई जन्मों जन्मों के
16:53संबंध चलते आ रहे हैं तो उसके साथ आपके
16:57क्या है? रिलेशन बन गए। आपकी नेचर
17:00कोऑपरेटिव होनी चाहिए। नहीं तो जीवन में
17:04धक्के इतने पड़ेंगे कि आपको कोऑपरेटिव बना
17:07देगी। तो इसलिए है कि शुरू से ही आप
17:10कोपरेटिव हो जाए। नहीं तो 40 साल की उम्र
17:13के बाद तो जातक बहुत अधिक क्या है?
17:15कोपरेटिव हो जाता है। और बहुत अधिक उसकी
17:18श्यान शक्ति बढ़ जाती है। जहां जो पंचम
17:22भाव है ये भाव है अह अचानक आपके पिछले
17:27जन्म के कर्मों का फल उदय करने का। तो जब
17:32आपके भाग्येश की साल चले। जैसे सूर्य
17:35भाग्येश है तो 22वां साल। चंद्रमा भाग्येश
17:38है तो 24वां साल। जब आपके भाग्येश का साल
17:42चले तो अचानक ही आपको कई मौके मिलेंगे आगे
17:46बढ़ने के लिए। उन मौकों का आपने पूरे का
17:50पूरा लाभ उठाना है। और धर्म के मामले में
17:55किसी से कोई बहसबाजी नहीं। किसी देवी
17:58देवता की हमने क्या है? कोई
18:03किसी के बारे में गलत नहीं बोलना। निंदा
18:05नहीं करनी।
18:07डर बहुत लगेगा आपको। पंचम भाव क्या है कि
18:10हार्ट बीट का भाव है। बढ़ेगी कभी-कभी। ऊपर
18:14से तो बड़ी-बड़ी बातें कर लेंगे, लेकिन बीच
18:16में डर बहुत लगेगा। जब भय का मोहल ऑन बने
18:19ना आपका, डर बहुत अधिक लगे। तो, उस समय
18:23कोई खराब दशा अंतरर्दशा चल रही हो, तो
18:26चांदी का चकोर टुकड़ा आप अपने पलट में
18:30रखें। इससे आपको बहुत अधिक लाभ होगा। और
18:34जितना आप जन्मभूमि से दूर जाएंगे ट्रैवल
18:38करेंगे उतना आप की जो आमदनी है वो आमदनी
18:42आपकी बढ़ेगी और जो पॉलिटिक्स है या आपका
18:48प्रोफेशन है उसमें भी जन्मभूमि से दूर के
18:51जो लोग हैं वो दूर के लोग आपकी बहुत अधिक
18:55सहायता करेंगे आपके प्रोफेशन में। अब आ
18:58गया जी छठे भाव में राहु। तो छठे भाव में
19:01राहु जो है सो छठे से छठा कौन सा हो गया?
19:0411वा भाव।
19:06छठे से छठा 11वा भाव। तभी कहते हैं छठे
19:10भाव में भी राहु राजयोग है। 11व भाव में
19:13भी राहु राजयोग है। तो छठे भाव का राहु
19:16जातक को राजा बनाता है। छठे भाव का राहु
19:21अपने आप में ही एक राजयोग है। तो जातक के
19:25पास हर क्षेत्र की नॉलेज होती है। जातक
19:29कभी ये नहीं कहता कि मैं ईमानदार हूं। वह
19:32कहते हैं जी कलयुग है और इस तरह का समय है
19:38थोड़ा बहुत इधर-उधर तो करना ही पड़ता है
19:41तो जितना आप सीधा चलेंगे उतना आप अपने
19:45जीवन में कामयाब होंगे। जितना आप ये शो
19:49करेंगे कि मैं तो बंदा अच्छा हूं ही नहीं
19:52उतना आप अपने जीवन में कामयाब होंगे।
19:55जितनी चतुराई आप में है। चतुराई के साथ
19:58क्या चाहिए? साथ में कॉन्फिडेंस के साथ
20:01चतुराई डरना नहीं किसी से और इसमें मैं
20:06आपको एक बात समझा दूं कि ये जो छ और 11 का
20:09संबंध है ना इसमें ये है कि शत्रुओं का
20:12नाश नहीं करना शत्रुओं को मित्र बनाना है
20:16मित्र आजकल सभी बनते हैं कलयुग है साम दाम
20:20दंड भेद सोशल मीडिया
20:24किसी तरीके से बंदा टिकाना है आपने डर से
20:28पैसे से रिश्वत से किसी तरह से टिकाना है
20:34तो दुश्मन को साथ लेकर चले दुश्मन का काम
20:38पहले करें उसको यह लगे कि यह मेरा दोस्त
20:42है फिर देखिए कैसे आप अपने जीवन में
20:45तरक्की करते हैं और जिससे दुश्मनी है दिल
20:48में रखिए शो नहीं करनी कई बार गुस्से में
20:52आकर चार बंदों के बीच बोल देते हो कि मैं
20:54देख लूंगा उसे जब आपने यह बात बोल दी तो
20:58समझ लीजिए
20:59वह बंदा आपका कट्टर शत्रु बन गया। आपसे
21:02पहले वह देख लेगा आपको क्योंकि आपने तो
21:05अपने मन की बड़ा कह निकाल दी और बड़ा
21:09निकालने के बाद आप तो शांत होकर बैठ गए।
21:12अब उसकी बारी है।
21:14कमाई से अधिक आपकी समाज में रेपुटेशन
21:19होगी।
21:21बस आपने क्या करना है? हार्ट बीट का ध्यान
21:24रखना है। पेट की बीमारियों का ध्यान रखना
21:27है। और इसके अलावा रिलेशनशिप कम से कम
21:31रखने हैं। रिलेशनशिप आपके प्रैक्टिकल होने
21:35चाहिए।
21:38जिससे लाभ है उसी से रिलेशनशिप हो। जिससे
21:42लाभ है उसी से आपकी मित्रता हो। सोशल
21:46सर्कल सेल्फिश होना चाहिए। कि जिससे लाभ
21:50है उसी से सोशल सर्कल हो। तो देखिए आप
21:53अपने जीवन में कैसे तरक्की करते हैं।
21:55सप्तम भाव में राहु हो तो सप्तम से सप्तम
21:58क्या हो गया? ये लग्न का भाव हो गया। तो
22:01पहले भी लग्न का मैं फल बता चुका हूं। फिर
22:04बता देता हूं कि लगन
22:07का जो लग्न में राहु हो तो सिर्फ एक ही
22:10भाव का फल देता है। लेकिन सप्तम भाव में
22:13राहु हो तो वो सप्तम भाव का फल भी देगा।
22:15यानी किसी से पार्टनरशिप नहीं करनी। लोगों
22:18से धोखा मिलेगा। यह तो है ही है। लिख ले
22:21बात और एक लग्न का फल देगा ही देगा। लग्न
22:25का फल क्या है? पेशेंस नहीं देगा। धैर्य
22:28नहीं देगा। जातक भटकता रहेगा। पहले जातक
22:32लोगों को नहीं समझेगा। जब तक लोगों को
22:35नहीं समझेगा लोग कहेंगे बंदा ही बहुत
22:37अच्छा है। और जब जातक लोगों को समझ लेगा
22:42लोग उसको नहीं समझेंगे। क्योंकि जातक का
22:44दिमाग जब चलता है बहुत उल्टे लेवल पर चलता
22:48है। जहां लोगों की सोच शुरू होती है।
22:51लोगों की सोच खत्म होती है वहां जातक की
22:54सोच शुरू होती है। काम करने का ढंग
22:56बिल्कुल डिफरेंट। सोचने का ढंग बिल्कुल
22:59डिफरेंट। शॉर्टकट अपनाने वाला, शॉर्टकट से
23:02काम करने वाला। लेकिन मन में डर रहता है।
23:06साहस की कमी। बहुत से डिसीजन ले लेगा,
23:10बहुत सी प्लानिंग कर लेगा। इंप्लीमेंट
23:12नहीं कर पाएगा। तो जब सप्तम भाव में राहु
23:15जब आपने अपनी प्लानिंग इंप्लीमेंट कर ली
23:18तो समझ लीजिए कि आप कामयाब होंगे। नहीं तो
23:2140 वर्ष के बाद जब धक्के लगेंगे धक्के
23:25लगेंगे अगर आप अपने आप को नहीं सुधारेंगे।
23:28जब सप्तम भाव का राहु सप्तम से सप्तम पहला
23:31भाव हो। जब आप लोगों के लिए जिएंगे तो
23:34धक्के लगेंगे। आपको अपने आप के लिए जीना
23:37पड़ेगा और जिए आप अपने आप के लिए।
23:41और
23:43अगर आप अधिक लोगों के बारे में सोचते रहे
23:46तो क्या हार्ट बीट तेज करेंगे अपनी हाथ
23:50पैर में पसीना आएगा पेट खराब होगा किसी ने
23:53आपको इनाम नहीं दे देना किसी ने यह नहीं
23:56कहना कि इसने मेरा बहुत काम किया है और
23:59मेरी बात नोट कर ले जब सप्तम भाव में राहु
24:02और लग्न का भी फल दे रहा हो तो जिसका आप
24:06अच्छा करेंगे वह वही कहेगा कि तूने मेरे
24:09लिए किया ही क्या फिर आप देखते रहोगे कि
24:12यार ये यू टर्न कैसे ले गया? लोग यू टर्न
24:15लेंगे आपकी लाइफ में। जिसका आपने बहुत
24:18किया दिल से किया वही यू टर्न लेगा। इसलिए
24:21पहले ही ना करें और जब कोई यू टर्न ले जाए
24:24क्योंकि
24:25यू टर्न लेगा और आप करेंगे भी क्योंकि
24:28पिछले जन्म का कर्जा देना है। तो अगर यू
24:31टर्न ले गया तो फिर आपको क्या है कि अधिक
24:33सोचने की आवश्यकता नहीं है। ले गया तो ले
24:36गया। तो बिल्कुल लाइफ को टेंशन फ्री होकर
24:39जिए और कोर्ट केसेस के चक्कर में ना फंसे।
24:44कोर्ट केस में आप हारेंगे नहीं इतना पक्का
24:47है। लेकिन कोर्ट केसेस के मामले में
24:51मानसिक चिंता बहुत अधिक हो जाएगी। और जो
24:54आपका डेली का शेड्यूल है वो डेली का
24:56शेड्यूल क्या है जो खराब हो जाएगा। और अगर
25:00आपका अष्टम भाव में राहु है तो अष्टम से
25:03अष्टम कौन सा भाव हो गया भाई?
25:05तीसरा भाव हो गया तो यह तीसरे भाव का फल
25:09भी आपको देगा। तो जब अष्टम भाव में राहु
25:14है तो [गला साफ़ करने की आवाज़] एक बात तो
25:16यह है कि यह आपको
25:19बड़ा वकील बड़ा जज बना सकता है। आपको
25:23हुकूमत दे सकता है। अगर ये अच्छी पोजीशन
25:25में है। अगर ये मित्र की राशि में है।
25:28आपका शुक्र की राशि में है। आपका शनि की
25:31राशि में है। राहु उच्च का है। दो नंबर की
25:34राशि में है। तीन नंबर की राशि में है। तो
25:36यह आपको बहुत बड़ी पावर दे सकता है। लेकिन
25:42इसके अलावा यह तीसरे भाव का फल भी देगा।
25:46जातक को जब तक लोगों की बारे में पूरी
25:50इंफॉर्मेशन नहीं होगी, लोगों के बारे में
25:52पूरी नॉलेज नहीं होगी, तब तक जातक अपने
25:56क्षेत्र में यह कामयाबी हासिल नहीं कर
25:59पाएगा। तो जितना आप लोगों का पीछा करेंगे,
26:04लोगों ने किसने कब गलत काम किया, उसका
26:07रिकॉर्ड रखेंगे, उतना आप अपने जीवन में
26:10बहुत अधिक कामयाब होंगे। अपने भाई बहनों
26:14से किसी तरह का कोई आपने एक्सपेक्टेशन
26:17नहीं रखनी। अचानक धन लाभ आपको होगा। लेकिन
26:21भाई बहनों से थोड़ा आपको उल्ट विचार रखने
26:24पड़ेंगे। तब आपको पैतृक संपत्ति से भी लाभ
26:27होगा। अचानक धन लाभ भी होगा। नहीं तो आपके
26:30भाई बहन आपके लिए प्रॉब्लम क्रिएट करने
26:33लगेंगे और आपके जीवन में क्या है कि आप हर
26:37कीमत पर शांति चाहते हैं। मुझे शांति मिल
26:40जाए और छोटी सी बात से डर जाते हैं तो
26:44बिल्कुल इस पर आपने काबू पाना है। तो
26:47पराक्रमी बनना है। तभी आपकी समाज में क्या
26:51है? हुकूमत चलेगी। जब तीसरे भाव का यह फल
26:55देगा तो आपको गिरने नहीं देगा। कितनी
26:59प्रॉब्लम आ जाए आपको गिरने नहीं देगा और
27:03डर के आगे जीत है। जब जीवन में बहुत बड़ी
27:06समस्या आएगी तो आप एकदम चेंज हो जाएंगे।
27:10आपको भी नहीं पता चलेगा कि आप कैसे चेंज
27:13हो गए। एकदम चेंज हो जाएंगे और उसको पार
27:16कर कर आप आगे बढ़ेंगे। और आप अपने
27:20रिसोर्सेज को बचा कर रखिए। अपने पैसे को
27:23बुरे वक्त के लिए बचा कर रखिए। वो आपके
27:26बहुत अधिक काम आएगा। आपका सबसे अच्छा
27:29मित्र आपका क्या है? ये पैसा ही है जो
27:32आपको बचाएगा। जब नवम भाव में राहु हो तो
27:36नवम से नवम कौन सा हो गया? ये आपका पंचम
27:39भाव हो गया। नवम से नवम नवम से नवम राहु
27:43तो पंचम भाव का फल ये बहुत ही मायावी ढंग
27:48से सीक्रेट वे से देगा कि आपके जीवन में
27:51ऑपोजिट सेक्स के लोग बहुत राह चलते आ
27:55जाएंगे और ऐसे आ जाएंगे कि जैसे प्रारब्ध
28:00है कि जन्मों जन्मों से उनका कुछ लेना
28:02देना है। अब जहां ये देखना पड़ेगा कि राहु
28:05की स्थिति कैसी है। अगर राहु आपका अह
28:10अच्छी आपका शुक्र की राशि में है। दो सात
28:13आपका शनि की राशि में है। 10 11 उच्च का
28:17है दो और तीन नंबर की राशि में तो ये क्या
28:20है? आपको अच्छा फल देगा। क्योंकि ये जो
28:24आपका नवम भाव है काल पुरुष की कुंडली के
28:27अनुसार राहु का नीच का भाव है। तो जब ये
28:30पंचम भाव का फल देगा। कई बार जातक
28:32डिप्रेशन में चला जाता है। तो उससे आपको
28:35क्या है? बचना होगा और यह जो पंचम 12 एकदम
28:40आपका भाग्य खुलेगा। अचानक ही आपका भाग्य
28:43खुलेगा और जो आपको कई साल बाद मिलेंगे
28:46आपको पहचान ही नहीं पाएंगे। आप इतनी
28:48तरक्की कर लेंगे। रातोंरात जो एमपी एमएलए
28:51बनाता है रातोंरात आपको तरक्की देता है वो
28:54पंचम भाव है और नवम भाव में जब राहु होता
28:58है तो आपका भाग्य तब उदय होता है जब आप
29:01अपने लोगों की यानी आप अपने जन्मभूमि के
29:04लोगों की नेगेटिव एनर्जी से दूर हो जाते
29:07हैं। तब जाकर ये आपको अच्छा फल देता है।
29:11नवम भाव का राहु में एक बात याद रखना आपके
29:14सोचने से कुछ नहीं होगा। आपकी प्लानिंग
29:17धरी की धरी रह जाएगी। आपकी प्लानिंग किसी
29:21काम नहीं आएगी। और जब तक आप दूसरों पर
29:25डिपेंड रहने की कोशिश करेंगे तब तक आप
29:28अपने जीवन में तरक्की नहीं कर पाएंगे।
29:31आपने डिपेंड रहना है ईश्वर के ऊपर। और जब
29:36तक आप इस ईश्वर जब आप ईश्वर पर सब कुछ
29:40छोड़ देंगे कि ईश्वर ही मेरा मित्र है और
29:42सबसे दुश्मनी ले ले लेनी पड़ेगी तो आप
29:45अपने जीवन में कामयाब होंगे। किसी की
29:48विटनेस नहीं डालनी, किसी की गवाही नहीं
29:51डालनी। और अगर भाग्य उदय होने में, बाहर
29:54जाने में, दूर इंपोर्ट एक्सपोर्ट का काम
29:58करने में कोई विघ्न बाधा आ रही हो तो आपने
30:01क्या करना है कि एक ठोस चांदी का हाथी
30:04बनवाकर आपने अपने घर में रखना है। इससे
30:07आपको क्या है? बहुत अधिक लाभ होगा। दशम
30:10भाव में अगर आपका राहु विराजमान हो जाए तो
30:13दशम से दशम कौन सा हो गया? सप्तम भाव। तो
30:17दशम भाव में राहु हो तो सप्तम भाव का फल
30:20भी साथ में देगा। जब आपका राहु दशम भाव
30:23में बहुत तरक्की देगा। बहुत आप अपने जीवन
30:27में ऊंचाइयां हासिल करेंगे लेकिन
30:30पार्टनरशिप में कोई काम नहीं करना। कोर्ट
30:33केसेस से दूर रहना है। जब आपके ऊपर कोर्ट
30:36केस हो गया तो समझ लीजिए कि आप अपने
30:39प्रोफेशन में क्या है कि डाउन जाने आपने
30:42शुरू कर दिया। जो भी आपका प्रोफेशन है
30:45उसमें आप डाउन चले गए और यह जो आपका सप्तम
30:50भाव है यह है ऑपोजिट सेक्स और आपकी
30:53प्रोफेशनल लाइफ में चाहे आप पॉलिटिक्स में
30:56हैं चाहे आप नौकरी में है चाहे आप कहीं पर
30:59भी हैं ऑपोजिट सेक्स आपकी कमजोरी होगा और
31:04कई बार ऐसे काम हो जाएंगे कि उनको सीक्रेट
31:07रखना बहुत अधिक आपके लिए आवश्यक हो जाएगा
31:11जीवन में ठान थाना कचहरी इसमें एक दो बार
31:16जाना पड़ेगा लेकिन अवॉइड कीजिए कि पैसे ले
31:20देकर काम वहीं पर हल हो जाए। थाना कचहरी
31:24कोर्ट कोर्ट में आपको जाना बिल्कुल ना
31:26पड़े। और इसमें एक बात याद रखना कि आपकी
31:30प्रोफेशनल लाइफ का असर आपकी मैरिड लाइफ पर
31:34पड़ेगा कि आपका ध्यान अपने प्रोफेशन पर ही
31:38होगा। पैसे कमाने पर होगा या मैं अपने
31:42प्रोफेशन में और अधिक तरक्की कैसे करूं?
31:44बड़े-बड़े लोगों के साथ संबंध अच्छे कैसे
31:47बनाऊं इस पर होगा। इससे आपके वैवाहिक जीवन
31:50में प्रॉब्लम्स आएंगी। वैवाहिक जीवन में
31:53आपके खटास आएगी। तो, आपको क्या है कि एक
31:56बैलेंस पैदा करना पड़ेगा अपने वैवाहिक
31:59जीवन में और आपको अपनी प्रोफेशनल लाइफ़
32:02में। यू शुड हैव टू क्रिएट ए बैलेंस। अगर
32:06दशम भाव में राहु के कारण प्रोफेशन में
32:09कोई प्रॉब्लम आ जाए आसपास के लोग आपकी लेग
32:13पुलिंग अधिक करें तो क्या करें सच्चे
32:15देवरिंग को एक जटा वाला नारियल बहते पानी
32:18में जल प्रवाह करें तो इससे आपको बहुत
32:21अधिक लाभ होगा अब आते हैं जी आपके 11व भाव
32:25में 11व भाव में राहु हो तो आपका 11व से
32:2811वा भाव कौन सा हो गया 11व से 11वा भाव
32:32हो गया आपका नवम भाव तो जब आपका 11व भाव
32:36में राहु हो तो भाग्य उदे तब इसको राजयोग
32:41कहते हैं।
32:43जातक
32:45भाग्य का वो कहते हैं कि मुकद्दर का
32:49सिकंदर होता है।
32:52ईश्वर खुद आकर पूछता है कि बता तेरी रजा
32:55क्या है? लेकिन संतुष्ट नहीं होता।
32:59क्योंकि राहु और के चक्कर में और मिल जाए
33:02और मिल जाए और मिल जाए तो जब यह 11 9 का
33:06संबंध बने तो आपने संतुष्ट होना है जो
33:09ईश्वर ने आपको दिया है सुख की वस्तुएं दी
33:13हैं लग्जरी की वस्तुएं दी हैं उसका आप
33:16आनंद लेना सीखिए उसका आप आनंद लीजिए
33:21फिर और के चक्कर में पड़े नहीं तो और के
33:24चक्कर में कि इतना कमा लूं तो मैं इसका का
33:28एंजॉय करूंगा। आपके जीवन का आखिरी दिन आ
33:31जाएगा। वो कहते हैं कि अच्छा दिन कब आएगा?
33:35अच्छा दिन तब आता है जातक कहता है मेरे
33:38दिन कब आएगा? मेरा टाइम कब आएगा? जब
33:41डॉक्टर कहते हैं अभी इसका टाइम आ गया।
33:43रिश्तेदार बुला लो। तो इसलिए आपने उस टाइम
33:47का इंतजार नहीं करना। पहले ही अपनी लाइफ
33:49को एंजॉय कीजिए। मेन प्रॉब्लम ही यह है।
33:52जब 11 और नौ का संबंध बन जाता है तो जातक
33:56और मिल जाए।
33:59और जो उसको मिला है उसका एंजॉय कर नहीं
34:02पाता तो अपनी लाइफ से सेटिसफाई नहीं हो
34:05पाता। आप अपने जीवन में आपका भाग्य कैसे
34:09तरक्की करेगा इंटरनेट के जित सहायता से
34:13आपके जितने सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म्स
34:16हैं उसकी सहायता से वो तरक्की करेगा। और
34:19जब सोशल मीडिया के नहीं था तो कैसे लोग
34:22तरक्की करते थे? जो आपके
34:26दुश्मन है लोगों को उनके खिलाफ भड़काकर
34:30यानी आपका लोगों के साथ बातचीत करने का
34:34ढंग ऐसा है कि आप सबको इंप्रेस कर लेते
34:38हैं। सबको आप अपने बस में कर लेते हैं। तो
34:42ये तरीका भी आप जारी रखिए। यह ट्रेडिशनल
34:45तरीका भी कभी-कभी आपके काम आएगा। और
34:50[गला साफ़ करने की आवाज़]
34:51जो आपने कमाया उसमें से पहले बचाइए।
34:55जो आपने कमाया
34:58उसमें से बचाकर एक तरफ रखें और उसके बाद
35:02फिर आपने आगे चलना है। कई बार ऐसा होता है
35:0511 9 का संबंध होता है। जातक खुद तो उसका
35:08उपयोग करता नहीं। जो उसके रिश्तेदार होते
35:11हैं, आसपास के लोग होते हैं, उसके साथ
35:13कनेक्टेड लोग होते हैं। वही जातक के जो
35:16उसका कमाई का वो इस्तेमाल वगैरह वही लोग
35:20क्या है? करते रहते हैं। अब आ गया जी आपका
35:2312व भाव में राहु। 12व भाव में राहु तो ये
35:2711व भाव का फल भी देगा। बहुत अच्छा जोगन
35:31ऑफ़ द बेस्ट जो 12व भाव में राहु आता है।
35:36ये
35:38और अब ये 11व भाव का फल भी दे रहा है कि
35:41जीवन में कभी इतनी समस्या नहीं आएगी पैसे
35:45की धन की जिसके कारण आपका कोई काम रुके।
35:50आमदनी भी होती रहेगी। आम चाहे खर्च भी
35:53होता रहे, आमदनी भी होती रहेगी। अगर आपकी
35:56आमदनी के साधन एक से अधिक है तो आप जीवन
35:59में अधिक
36:01तरक्की करेंगे। आपके जो मित्र है उनको
36:05पर चार पैसे खर्च कर दें। कोई आपका मित्र
36:09किसी संकट में है तो उस पर को पैसे उधार
36:14दे दे। कोई आपका मित्र बीमार है तो उसकी
36:17हेल्प कर दे। तो इस तरह के काम आपके आगे
36:21लेकर जाने में आपकी बहुत मदद करेंगे। जो
36:24भी आपके दर पर आ गया आपके घर पर आ गया
36:27उसका काम 10001%
36:30आपको करना ही है और उसके वो आपके घर से
36:34खुश होकर जाए जो जी आए राजी जाए जो भी
36:38आपके घर में आए खुश होकर जाए तो आपका अगला
36:42जीवन भी बहुत अच्छा होगा। आपकी गति भी
36:44बहुत अच्छी होगी। आपका जो मृत्यु का समय
36:48है, मृत्यु का जो समय है वह भी बहुत अच्छा
36:51होगा। इसके अलावा क्या है कि 40 साल की
36:55उम्र के बाद आप में चतुराई बढ़ेगी और आपके
36:59प्रिंसिपल भी फिक्स हो जाएंगे। ये कि
37:02चतुराई आप सिर्फ अपने आपको ऊपर उठाने के
37:06लिए करोगे। लोगों को की भलाई करने के लिए
37:09भी कई बार चतुराई करनी पड़ती है तो तब भी
37:13आप क्या है चतुराई करेंगे और आपको जब 12
37:1811 का ये संबंध हो दो भावों का इकट्ठा
37:21राहु फल दे रहा हो तो आपने क्या है कि
37:27सच्चाई और ईमानदारी इसमें एक बैलेंस बनाना
37:31पड़ेगा।
37:33अगर आप ईमानदारी पर चले तो 11वा भाव भी
37:38बीच में आ गया तो तो भी आपके लिए नुकसान
37:41है। अगर आपने जायज नाजायज काम ना किए तो
37:45भी आप तरक्की नहीं कर पाएंगे।
37:48तो दोनों आपको करने पड़ेंगे जब 11व और 11
37:52और 12 का ये जो राहु का संबंध बनता है और
37:56एक बात मैं आपको और बता देना चाहता हूं कि
37:5812व 11 का संबंध है तो एक आपका जो आमदनी
38:03का स्रोत है उससे अगर फॉरेन इनकम जनरेट हो
38:06रही हो या दूर जन्मभूमि से दूर किसी शहर
38:10से आमदनी हो रही हो तो वो आमदनी आपको बहुत
38:14फलेगी उस आमदनी से आपको बहुत अधिक लाभ
38:19होगा। और अगर आपको कभी लगे कि नाजायज खर्च
38:22बहुत हो रहा है, बिना मतलब के पैसे खर्च
38:25हो रहे हैं, तो आपने किसी भी हॉस्पिटल की
38:28इमरजेंसी में जाकर दवाइयों का दान दे देना
38:32है। या श्मशान घाट में कोई पानी की
38:36व्यवस्था कर दे, कोई भी व्यवस्था कर दे कि
38:39जो वहां लोग आते हैं उनकी सुविधा के
38:43अनुसार कोई भी व्यवस्था कर दे या किसी
38:46गरीब के घर के किसी की डेथ हो जाए तो उसके
38:49लिए आप कर दें तो आपको क्या है कि बहुत
38:52अधिक लाभ होगा। और अगर जीवन में अह
38:56डॉक्टर्स के चक्कर दिख लगे अह भागदौड़
39:00अधिक हो रही हो, तो आपने गरीबों को केले
39:03देने हैं। धार्मिक संस्था में नहीं देने,
39:06गरीबों को खाने के लिए केले देने हैं।
39:08इससे क्या है कि एक जो आपके मन में बहुत
39:11अधिक विचारों की ट्रैफिक चल रही है। तो कई
39:15बार ऐसा भी देखा गया है कि 12वें भाव में
39:17राहु और जातक अपनी कमाई के साधन बढ़ाने के
39:20लिए अपने आपको कई बार डिप्रेशन में ले
39:23जाता है। तो कमाई होती भी बहुत है फिर भी
39:26और के चक्कर में डिप्रेशन में ले जाता है।
39:29तो उसके लिए आपको क्या है कि ये आप
39:33[गला साफ़ करने की आवाज़] सैटरडे को और
39:35थर्सडे को दोनों दिन आप गरीबों को केले
39:39दान करें। वैसे भी चैरिटी में किसी भी दिन
39:42आप गरीबों को केले दान कर सकते हैं। तो
39:44इससे आपको लिए
39:47जो आपके रास्तों में कांटे हैं वो सभी
39:50कांटे दूर होंगे और आप जीवन में तरक्की
39:54करेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि मृत्यु
39:58का समय भी अच्छा रहेगा और बुढ़ापे में
40:01बाकी कुंडली भी काउंट करती है। बुढ़ापे
40:03में भी जो है वो आपका सुखी रहेगा। तो भाई
40:08यह तो मेरा वीडियो था। राहु किस भाव में
40:11हो तो किस भाव का फल देता है? आपने अपना
40:14इतना कीमती समय निकालकर यह वीडियो देखा।
40:17मैं आपका तहे दिल से आभारी हूं। थैंक्स अ
40:20लॉट।