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How I Made ₹6 Lakhs While Still in School

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0:00अगर तुम आज से दो-ती साल पहले मुझसे पूछते

0:02कि 16 17 की ऐज तक तेरे पास क्या होगा? तो

0:05मेरा सीधा जवाब होता एक नॉर्मल सी स्कूल

0:07लाइफ, सुबह स्कूल, दोपहर को कोचिंग,

0:09होमवर्क, एग्जाम्स और रिपीट। लेकिन

0:11रियलिटी थोड़ी अलग निकली। अपना ड्रीम,

0:13पीसी सेटअप, अपना फोन, अपने सारे

0:16एक्सपेंसेस खुद उठाना, घर पर सपोर्ट करना

0:18और फ्यूचर के लिए इन्वेस्ट करना। लेकिन

0:20यही रुको। अगर तुम्हें लग रहा है कि मेरे

0:22साथ कोई स्पेशल केस हुआ है तो बिल्कुल

0:24नहीं। मैं किसी बिजनेस फैमिली से नहीं

0:26आता। ना मेरे पापा करोड़पति हैं और ना ही

0:28मेरे पास कोई डिग्री है। मैं अभी भी एक

0:30नॉर्मल स्कूल स्टूडेंट हूं बिल्कुल

0:32तुम्हारी तरह। वही मिडिल क्लास घर जहां

0:34पेरेंट्स बहुत स्ट्रिक्ट होते हैं। पढ़ाई

0:37फर्स्ट प्रायोरिटी होती है और पॉकेट मनी

0:39के नाम पर 100 200 के लिए भी सोचना पड़ता

0:41है। एक टाइम पर मैं भी हर चीज के लिए

0:43परमिशन मांगता था और सोचता था क्या मैं

0:45कभी अपनी मर्जी की लाइफ जी पाऊंगा। यह

0:47वीडियो सिर्फ एक नॉर्मल स्टोरी नहीं है।

0:49यह वो रोड मैप है जो काश मुझे 13 14 साल

0:52की एज में किसी ने दे दिया होता। कैसे

0:54मैंने अपने पहले 10,000 बनाए। कैसे

0:56पेरेंट्स का ट्रस्ट जीता, कैसे बिना किसी

0:58सेटअप के 6 लाख से ज्यादा जनरेट किए और

1:01कैसे जजी के मटेरियलिस्टिक ट्रैप से बचकर

1:03कैपेबल बना। और वीडियो शुरू करने से पहले

1:05एक प्रॉमिस इसमें कुछ फिल्टर या शो ऑफ

1:08नहीं होगा। सब कुछ रॉ और रियल होगा। वो

1:10टाइम भी जब सब फेल हो गया था और लगा था कि

1:12गिव अप कर देना चाहिए।

1:17तो चलो थोड़ा पीछे चलते हैं। जब मैं 14-15

1:19साल का था। मेरी लाइफ भी बिल्कुल एक

1:21स्टैंडर्ड इंडियन स्टूडेंट जैसी चल रही

1:23थी। स्कूल, ट्यूशन और हर चीज के लिए घर पर

1:26हिसाब देना। लेकिन मेरे अंदर एक अजीब सा

1:28कीड़ा था। मुझे किसी भी चीज के डेप्थ में

1:30जाना, नई चीजें सीखना और समझना बहुत पसंद

1:33था। सच बोलूं तो ताकि मैं दोस्तों के

1:35सामने जाकर चीजें एक्सप्लेन कर सकूं और

1:37थोड़ा कूल लग सकूं। लेकिन उस ऐज में हर

1:39टीनएजर्स की तरह मेरे दिमाग में भी एक ही

1:42चीज घूमती थी। पैसा कैसे कमाऊं? और वहां

1:44से मेरी लाइफ का सबसे फनी और स्ट्रगल वाला

1:46पार्ट शुरू हुआ। उस टाइम पर WhatsApp

1:48ग्रुप में ऐसे मैसेजेस आते थे। यह सर्वे

1:50फिल करो और 500 कमाओ। अब मेरे पास अपना

1:53पर्सनल फोन तो था नहीं तो मैं रात को

1:55चुपके से पापा का फोन लेता था और घंटों

1:57बैठ के वो अजीब अजीब से सर्विस फिल करता

1:59था। दिमाग में चल रहा होता था कि सुबह

2:01उठूंगा तो 500 अकाउंट में होंगे। लेकिन

2:03अगले दिन रिजल्ट क्या बिग जीरो क्योंकि ऑफ

2:06कोर्स वो पूरा एक स्कैम था। अब थक हारकर

2:08मैं गया YouTube पर और सर्च करना शुरू

2:10किया हाउ टू मेक मनी ऑनलाइन। वहां मुझे

2:12पता चला ड्रॉपशिपिंग के बारे में। वीडियो

2:14में लोग कह रहे थे कि बस एक स्टोर बनाओ

2:16प्रोडक्ट लिस्ट करो और बेचो। पैसे आने

2:19लगेंगे। सुनने में इतना आसान लग रहा था कि

2:21मैंने सोचा अब तो मुझे अमीर बनने से कोई

2:22नहीं रोक सकता। लेकिन रियलिटी चेक तब मिला

2:25जब शुरू करने गया। ना मेरे पास लैपटॉप था

2:28ना मार्केटिंग का कोई आईडिया और ना इतना

2:30दिमाग की एक्चुअली सेल्स ला पाऊं। एंड मैं

2:32वहां फेल हो गया। लेकिन इस फेलियर से मुझे

2:34एक चीज समझ आई। ऑनलाइन पैसा कमाना इतना

2:36आसान नहीं है जितना ये YouTube के लोग

2:38बताते हैं। पहले कुछ रियल सीखना पड़ेगा।

2:40तो मैंने फिर से YouTube खोला और एक बंदे

2:42की वीडियो देखी जो कह रहा था वीडियो

2:44एडिटिंग सीख लो। उसमें बहुत पैसा है।

2:46मैंने सोचा चलिए ट्राई करते हैं। लेकिन

2:48प्रॉब्लम वही ना अच्छा लैपटॉप ना अच्छा

2:50फोन जो पुराना फोन था उसी में कैप को

2:52डाउनलोड किया और एडिट करना शुरू कर दिया।

2:54और जैसा कि तुम्हें पता है हमारे टिपिकल

2:56इंडियन पेरेंट्स का रिएक्शन क्या होता है?

2:58बेटा ये सब में कुछ नहीं रखा। फोन छोड़ो

3:00और पढ़ाई पर ध्यान दो। यह सब बकवास है।

3:02ऊपर से अगर ज्यादा देर फोन पर दिख जाओ तो

3:04पापा से जो डांट और स्ट्रिक्ट ट्रीटमेंट

3:06मिलता था वो अलग। मैं फ्रस्ट्रेट हो जाता

3:08था कि यार मैं कुछ ट्राई तो कर रहा हूं

3:10लेकिन कुछ हो नहीं रहा। लेकिन कुछ टाइम

3:12कैपkट पे काम करने के बाद मुझे एक बात समझ

3:14आई। मैं एडिटिंग सिर्फ इसीलिए कर रहा था

3:16क्योंकि किसी ने बोला था कि इसमें पैसा

3:18है। मेरा उसमें कोई रियल इंटरेस्ट था ही

3:20नहीं और वहां मुझे अगर तुम लाइफ का सबसे

3:22बड़ा लेसन मिला। पिक मनी देखकर भाग रहे हो

3:25तो तुम ज्यादा दूर तक नहीं जा पाओगे। मैं

3:27शॉर्टकट्स ढूंढ रहा था जबकि मुझे ध्यान इस

3:29बात पे देना चाहिए था कि मेरा एक्चुअल

3:31[संगीत] इंटरेस्ट किस में है। अब देखो

3:33फिटनेस और सेल्फ इंप्रूवमेंट में मेरा

3:35इंटरेस्ट कोई एकदम से रातोंरात नहीं आया

3:37था। YouTube स्क्रॉल करते वक्त मैंने कुछ

3:39वीडियोस देखी और मुझे देखकर लगा [संगीत]

3:41यह चीज तो मैं भी बना सकता हूं। तब तक मैं

3:4316 साल का हो चुका था और इतना सब ट्राई

3:45करने और फेल होने के बाद मैंने घर वालों

3:47से लड़ झगड़ कर ईएमआई पर एक नया [संगीत]

3:49फोन लिया था अपने पैसों से और यह वही फोन

3:52है जिसे मैं आज तक यूज करता हूं। 31st

3:54जनवरी को मैंने यह चैनल क्रिएट किया। अब

3:56तुम बोलोगे कि पहली वीडियो कैसे बनाई? ना

3:58मेरे पास कोई अच्छा माइक था, ना कोई

4:00सेटअप, नथिंग। मैं अपने नॉर्मल फोन के

4:02माइक से वॉइस ओवर रिकॉर्ड करता था और उसे

4:04AOबी पडकास्ट पर डालकर एनहांस कर लेता था।

4:07बात रही एडिटिंग की तो देखो पिछले कुछ

4:09अटेम्प्ट्स में जो थोड़ी बहुत एडिटिंग

4:10मैंने सीखी थी वो सब यहां एक्चुअली काम

4:13आने लगी। मैंने अपनी पहली वीडियो बनाई और

4:15जब मैंने देखा कि उस वीडियो ने अच्छा

4:17परफॉर्म किया तो मुझे एक किक मिली। मैं

4:19सेल्फ इंप्रूवमेंट और फिटनेस से रिलेटेड

4:21और वीडियोस बनाने लगा और धीरे-धीरे

4:23इनडायरेक्टली मेरा रियल इंटरेस्ट इस चीज

4:25में डेवलप होने लगा। जब मैंने नोटिस किया

4:28कि चैनल ग्रो हो रहा है। तो मैंने जिम भी

4:30जॉइ कर लिया। दिमाग में यह था कि चाहे

4:31फ्यूचर में मेरे पास यह चैनल रहे या ना

4:33रहे। मैं पर्सनली हर एक पीओवी से ग्रो कर

4:36सकूं ताकि कभी भी लाइफ में अगर मेरा

4:38डाउनफॉल आता है तो मैं वापस से कम बैक कर

4:40सकूं। धीरे-धीरे जब चैनल ग्रो होने लगा,

4:42लोग जानने लगे, दोस्त और रिश्तेदार

4:44आइडेंटिफाई करने लगे, तब मुझे रियलाइज हुआ

4:47यह करने में मुझे एक्चुअली में मजा आ रहा।

4:49पहली बार मैं किसी चीज को जबरदस्ती नहीं

4:52कर रहा था।

4:54वेल, जैसे-जैसे चैनल ग्रो हो रहा था,

4:57ओपोरर्चुनिटीज भी आने लगी। सबसे पहले

4:58मैंने एडसन से अपने पहले 10,000 जनरेट किए

5:02थे और उस टाइम की खुशी मैं तुम्हें

5:03एक्सप्लेन भी नहीं कर सकता। इतना सब फील

5:05होने के बाद इतनी ठोकर [संगीत] खाने के

5:07बाद फाइनली वो पहला 10k का माइलस्टोन

5:10मैंने अचीव किया था। उसके बाद ब्रांड

5:12डील्स और स्पॉनसरशिप आना शुरू हुई।

5:14स्टार्टिंग में बहुत कम मिलते थे। वही

5:165000 6000 लेकिन टाइम के साथ-साथ यह नंबर

5:18भी इनक्रीस होने लगे जिसके प्रूफ्स तुम

5:21यहां स्क्रीन पर देख सकते हो। और सच बताऊं

5:23तो बहुत सारे ट्रांजैक्शन के मेरे पास

5:24स्क्रीनशॉट्स भी नहीं है। और जब ये पैसे

5:26आने लगे तो हर नॉर्मल टीनएजर की तरह मैंने

5:29भी सोचा ये खरीदूंगा वो खरीदूंगा और मैंने

5:31किया भी। मैंने अपना ड्रीम पीसी सेटअप

5:33बनाया। अब एक अच्छे जिम में जाता हूं।

5:35अपने सारे एक्सपेंसेस खुद हैंडल करता हूं

5:38और घर वालों को भी सपोर्ट करता हूं। और एक

5:40रॉ रियलिटी बताऊं जब तुम एक्चुअली कमा के

5:42दिखाते हो [संगीत] ना तब घर वाले भी

5:44तुम्हें सपोर्ट करने लगते हैं। क्योंकि कम

5:45ऑन एट द एंड उन्हें भी बस रिजल्ट्स और

5:47स्टेबिलिटी ही देखनी होती है।

5:51लेकिन यह सब ठीक है। मैंने पैसे बनाए,

5:53अपने ऊपर काम किया सब सही है। लेकिन अगर

5:56तुम अभी एक टीनएजर हो और अपनी पहली इनकम

5:58जनरेट करना चाहते हो तो अब जो मैं तुम्हें

6:00बताने वाला हूं उसे बहुत ध्यान से सुनना।

6:03यह बिल्कुल रॉ होने वाला है और एकदम रियल।

6:05क्योंकि तुमसे कुछ छुपाकर भला मुझे क्या

6:07ही मिलेगा। बट इस पूरे टाइम में मैंने

6:10बहुत सारी ऐसी गलतियां की जिसमें मेरा

6:12सालों का टाइम वेस्ट हुआ। तो अगर मुझे आज

6:14एक चांस मिले वापस से 15 साल का बनने का

6:16विद जीरो मनी, जीरो स्किल्स और जीरो

6:18फॉलोअर्स। तो मैं एग्जैक्टली क्या करता

6:20ताकि इस माइलस्टोन तक बिना टाइम वेस्ट किए

6:22पहुंच सकूं।

6:26तो सबसे पहले अगर मैं 15 साल का होता तो

6:28मैं एक बात अपने दिमाग में अच्छे से बिठा

6:30लेता। मेरी सबसे बड़ी प्रॉब्लम पैसा ना

6:33होना नहीं है। एक स्टूडेंट को हमेशा लगता

6:35है कि मेरे पास अच्छा फोन नहीं है, अच्छे

6:37कपड़े नहीं है। दोस्तों के साथ बाहर जाने

6:39के लिए पैसे नहीं है। और सोशल मीडिया

6:40देखकर लगता है कि बस पैसा आ जाए तो लाइफ

6:43सेट हो जाएगी। लेकिन रियलिटी यह है कि अगर

6:45कल सुबह तुम्हारे अकाउंट में 1 लाख भी आ

6:47जाए और तुम्हारे पास कोई सॉलिड स्किल या

6:49डायरेक्शन नहीं है। तो कुछ महीनों बाद तुम

6:51वापस वहीं जीरो पर खड़े होगे। एडल्ट्स को

6:53पैसा चाहिए होता है सर्वाइव करने के लिए।

6:56उन्हें रेंट देना है, बिल्स भरने हैं। 9

6:58टू फाइव जॉब का प्रेशर होता है। लेकिन एक

7:0015 से 16 साल के स्टूडेंट के पास एक

7:02अनफेयर [संगीत] एडवांटेज होता है। जीरो

7:04फाइनेंशियल प्रेशर और टाइम। हां, मैं

7:06मानता हूं कि तुम में से कुछ ऐसे होंगे

7:07जिनके ऊपर यह होगा। तुम्हारे सर पर कल घर

7:09चलाने की रिस्पांसिबिलिटी नहीं है। तुम 6

7:11महीने बिना ₹1 कमाए कोई स्किल सीख सकते

7:14हो। फेल हो सकते हो और वापस रिस्ट कर सकते

7:17हो। तुम्हारे पास अभी गलतियां करने का

7:19लाइसेंस है। अगर तुम 15 की ऐज में किसी

7:21वैल्यूुएबल चीज में दो से 3 साल लगा देते

7:23हो तो 18 के होते-होते तुम्हारे पास सिर्फ

7:26स्किल नहीं बल्कि रियल एक्सपीरियंस होगा।

7:28तुम्हारा सबसे बड़ा एसेट पैसा नहीं यह

7:30फ्री टाइम है। और सबसे डेंजरस बात यह है

7:32कि टीनएजर्स को इस एडवांटेज की वैल्यू तब

7:35समझ आती है जब यह हाथ से निकलने लगता है।

7:38तो अगर मैं 15 साल का होता तो मेरी अप्रोच

7:40सिंपल होती। ट्राई, फाइंड और मास्टर। पहले

7:42आते हैं ट्राईपड। 15 की ऐज में मैं यह सोच

7:45कर नहीं बैठता कि मुझे अभी से लाइफ भर के

7:47लिए कोई एक स्किल लॉक करनी है। मैं

7:49अलग-अलग चीजें ट्राई करता। एडिटिंग,

7:51YouTube, कोडिंग, सेल्स या फ्रीलांस।

7:53लेकिन यहां एक इंपॉर्टेंट रूल होता है।

7:55मैं किसी भी चीज को सिर्फ चार दिन देखकर

7:57जज नहीं करता। हर स्किल की शुरुआत बोरिंग

8:00होती है। तो उसको इनफ टाइम देना पड़ता है।

8:02उसका एक्चुअल नेचर समझने के लिए। और इसका

8:04मतलब यह नहीं है कि तुम 10 चीजों को एक

8:06साथ ट्राई करो। एक टाइम पे एक चीज पकड़ो।

8:09ऑनेस्टली सीखो। कुछ क्रिएट करो और देखो

8:11कैसा लग रहा है। शुरुआत का गोल पैसा बनाना

8:13नहीं है। अपनी डायरेक्शन ढूंढना है। अब

8:16सेकंड स्टेप [संगीत] फाइंड और फिल्टर।

8:17यहां सबसे ज्यादा लोग गलती करते हैं।

8:19उन्हें वो स्किल पसंद नहीं होती। उन्हें

8:21बस उस स्किल से आने वाला पैसा पसंद होता

8:23है। दोनों में जमीन आसमान का फर्क है। अगर

8:25तुम किसी को कोडिंग से लाखों कमाते देखकर

8:28कोडिंग शुरू करते हो। लेकिन तुम्हें कोड

8:29लिखने में कोई इंटरेस्ट ही नहीं है तो 2

8:31महीने में जब पैसा नहीं आएगा तुम क्विट कर

8:34दोगे। इसीलिए मैं यह नहीं देखता कि इसमें

8:36पैसा कितना है। मैं खुद से यह पूछता क्या

8:38मैं इसमें जेनुइनली क्यूरियस हूं? क्या

8:40मैं प्रॉब्लम आने पर सॉल्व करने का सोचता

8:42हूं या भागने का? और क्या मैं इसके बोरिंग

8:45पार्ट को टोलरेट कर सकता हूं? इंटरेस्ट का

8:47मतलब हर वक्त मजा आना नहीं होता। इसका

8:49सिंपल मतलब है कि तुम इसमें इंप्रूव होने

8:51के प्रोसेस को जेनुइनली पसंद करते हो। और

8:54थर्ड स्टेप मास्टर जब तुम्हें तुम्हारा

8:56फील्ड मिल जाए तब ऑप्शंस ढूंढना बंद।

8:58Instagram पर किसी और को कुछ और करते

9:00देखकर बार-बार ट्रैक चेंज मत करो। वरना

9:03तुम हर चीज में बिगिनर रह जाओगे और मास्टर

9:05किसी में नहीं बनोगे। एक चीज पकड़ो और

9:07उसमें डीप जाओ। सीखो, प्रैक्टिस करो, फेल

9:10हो, फीडबैक लो और रोज थोड़ा बेटर बनो। और

9:13यहां तुम्हारा गोल सिर्फ एक बेसिक टास्क

9:15करना नहीं होना चाहिए। तुम्हारा गोल होना

9:17चाहिए अनरिप्लेसेबल वैल्यू क्रिएट करना।

9:20अगर तुम सिर्फ थंबनेल बना सकते हो तो

9:22तुम्हारी तरह हजारों लोग हैं। लेकिन अगर

9:24तुम थंबनेल के साथ टाइटल, ऑडियंस,

9:26साइकोलॉजी और पैकेजिंग समझते हो तो तुम

9:28सिर्फ एक डिजाइनर नहीं हो। तुम रिजल्ट

9:30क्रिएट करने वाले बंदे बन चुके हो। जब तुम

9:33रिजल्ट क्रिएट करने लगते हो तो मार्केट

9:35तुम्हें रिप्लेस नहीं कर सकती।

9:40के बाद अगला स्टेप आता है अपना स्किल स्टक

9:42बिल्ड करना। इसका सिंपल फंडा है। एक कोर

9:44स्किल तुम्हें मार्केट में एंट्री दिलाती

9:46है और सपोर्टिंग स्किल्स तुम्हें एंड टू

9:48एंड प्रॉब्लम सॉल्व बनाती है। समझो तुम एक

9:51वीडियो एडिटर हो। तुम्हारी कोर स्किल है

9:53एडिटिंग। लेकिन क्लाइंट को सिर्फ क्लिप्स

9:54जुड़वाना नहीं है। उसको चाहिए कि उसकी

9:56वीडियो एक्चुअली परफॉर्म करें। तो अगर तुम

9:58एडिटिंग के साथ थोड़ी स्टोरी टेलिंग,

10:00रिटेंशन, फेसिंग और व्यूअर साइकोलॉजी भी

10:03समझते हो तो तुम क्लाइंट को सिर्फ फाइल

10:05एक्सपोर्ट करके नहीं दोगे। तुम उसे बता

10:07सकते हो यहां इंट्रो स्लो है। यह शॉट हटाओ

10:10और यहां विजुअल चेंज करते हैं क्योंकि

10:12व्यूअर का अटेंशन ड्रॉप हो सकता है। अब

10:14तुम सिर्फ एक बेसिक टास्क नहीं कर रहे।

10:15तुम उसके वीडियो का रिजल्ट्स इंप्रूव कर

10:18रहे हो और मार्केट तुम्हें घंटे घिसने के

10:20नहीं रिजल्ट्स डिलीवर करने के पैसे देता

10:22है। सेम चीज कंटेंट क्रिएशन में है। जब

10:24तुम्हें स्क्रिप्टिंग, एडिटिंग, थंबनेल

10:25पैकेजिंग और ऑडियंस बिहेवियर का पूरा

10:28प्रोसेस समझ आता है तो स्टार्टिंग स्टेज

10:30में बिना किसी टीम या पैसे के भी तुम बहुत

10:32फास्ट एक्सपेरिमेंट कर सकते हो। लेकिन एक

10:34रियलिटी चेक। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं

10:36है कि तुम छह सात चीजों का थोड़ा-थोड़ा

10:38सरफेस नॉलेज ले लो और किसी में भी अच्छे

10:40ना हो। ऑर्डर बहुत इंपॉर्टेंट है। पहले

10:42किसी एक कोर स्किल में जेनुइनली सॉलिड बनो

10:45और उसके आसपास सपोर्टिंग स्किल्स स्टक

10:47करो।

10:50अब जब तुमने एक स्किल सीख ली और उसका स्टक

10:53बना लिया तो सबसे बड़ा सवाल आता है इसको

10:55पैसे में कन्वर्ट कैसे करें? सबसे पहले एक

10:58बात क्लियर समझ लो। किसी को तुम्हारे

11:00पोटेंशियल या हार्ड वर्क से कोई लेना देना

11:02नहीं है। क्लाइंट को या ऑडियंस को चाहिए

11:04प्रूफ और पोर्टफोलियो का मतलब कोई फैंसी

11:06वेबसाइट बनाना नहीं होता। तो किसी क्रिएटर

11:08का क्लिप उठाओ। उसे बेटर पेसिंग और साउंड

11:11डिजाइन के साथ रिकक्रिएट करो और दिखाओ। यह

11:13ओरिजिनल था। मैंने यह चेंजेस किए और इस

11:15रीजन से किए। अगर तुम कंटेंट क्रिएटर हो

11:18तो तुम्हारी शुरुआत की 20 वीडियोस ही

11:20तुम्हारा पोर्टफोलियो है। व्यूज नहीं आए

11:22डजंट मैटर। सामने वाले को दिखाने के लिए

11:24तुम्हारे पास प्रूफ है कि तुम क्या बना

11:26सकते हो। लेकिन सिर्फ स्किल और प्रूफ होना

11:28काफी नहीं है। तुम्हें चाहिए

11:29डिस्ट्रीब्यूशन। स्किल तुम्हें वैल्यूुएबल

11:31बनाती है। लेकिन डिस्ट्रीब्यूशन तुम्हें

11:33लोगों के सामने डिस्कवर करवाती है।

11:35YouTube, Instagram, Lindin कोल्ड आउट

11:37रीच। ये सब डिस्ट्रीब्यूशन के रास्ते हैं

11:39जहां से ट्रस्ट बिल्ड होता है और जब एक

11:41बार ट्रस्ट और डिस्ट्रीब्यूशन बन जाता है

11:43तब खुलते हैं मोनेटाइजेशन के मल्टीपल

11:45पार्ट ऑडियंस बेस्ड एडसेंस ब्रांड

11:47स्पॉनसरशिप्स एफिलिएट लिंक्स और डिजिटल

11:49प्रोडक्ट स्किल बेस्ड हाई टिकट फ्रीलांस

11:51सर्विज या कंसलटेंट लेकिन यहां 99%

11:54स्टूडेंट एक बहुत बड़ी गलती करता है। अभी

11:57पहला ₹1000 कमाया नहीं होता और वो और वो

11:59एक साथ अलग-अलग इनकम स्ट्रीम्स बनाने की

12:02सोचने लगता है। ऐसा मत करो। पहले एक कोर

12:04इंजन को चलने दो। पहले 1000 बनाओ, फिर

12:0710,000 बनाओ, उसको रिपीटेबल बनाओ, फिर

12:09स्केल करो। और इस सेक्शन का सबसे बड़ा

12:11ट्रुथ हमेशा याद रखना। पैसा सिर्फ स्किल

12:14होने से नहीं आता। पैसा वैल्यू देने से और

12:16सामने वाले की प्रॉब्लम सॉल्व करने से आता

12:18है।

12:21अब आते हैं सबसे प्रैक्टिकल पार्ट पर। एक

12:23स्टूडेंट एक्चुअली क्या ट्राई कर सकता है?

12:26सबसे पहले यह सोचना बंद करो कि सबसे

12:27प्रॉफिटेबल स्किल कौन सी है? उसकी जगह यह

12:30देखो कि तुम्हारा नेचुरल इंटरेस्ट मार्केट

12:32की डिमांड के साथ कहां मैच करता है।

12:34फर्स्ट अगर तुम क्रिएटिव या विजुअल

12:36माइंडेड हो कंटेंट क्रिएशन, वीडियो

12:37एडिटिंग, शॉर्ट फॉर्म, कंटेंट या यूजीसी

12:39ट्राई करो। लेकिन सिर्फ कैपिट के बेसिक

12:41टूल सीख कर मत रुक जाओ। यह समझो कि वीडियो

12:44को बेटर कैसे बनाते हैं। सेकंड अगर तुम

12:46टेक या लॉजिक माइंडेड हो, कोडिंग, वेब

12:48डेवलपमेंट, ऑटोमेशन या एआई वर्क फ्लोस

12:50एक्सप्लोर करो। यहां सर्टिफिकेट इकट्ठा

12:52करने के पीछे मत भागो। कुछ रियल बनाओ। एक

12:55सिंपल वेबसाइट, एक यूज़फुल टूल या कोई

12:57ऑटोमेशन जो किसी की रियल प्रॉब्लम सॉल्व

12:59करें। थर्ड अगर तुम कम्युनिकेशन या पीपल

13:01पर्सन हो, सेल्स, आउटरीच और क्लाइंट

13:03एक्विजेशन सीखो। यह सुनने में फ्लैश ही

13:05नहीं लगता। लेकिन रियल वर्ल्ड में हर

13:07बिजनेस को क्लाइंट्स चाहिए होते हैं।

13:09फोर्थ, अगर तुम बिजनेस माइंडेड हो, छोटे

13:11डिजिटल प्रोडक्ट्स या सर्विस बेस्ड

13:12एक्सपेरिमेंट ट्राई करो। सीधा 500 का

13:15स्टॉक मत खरीदो। पहले एक छोटी प्रॉब्लम

13:17आइडेंटिफाई करो। उसका सॉल्यूशन बनाओ और

13:19देखो कि क्या उसके लिए कोई पे करने को

13:21रेडी है। और यहां सबसे बड़ा एक्सक्यूज आता

13:24है भाई मेरे पास लैपटॉप नहीं है। ऑनेस्टली

13:26शुरुआत के लिए लैपटॉप बिल्कुल जरूरी नहीं

13:28है। कौन सी तुम कंटेंट बना सकते हो,

13:30रिसर्च कर सकते हो, आउटरीच कर सकते हो और

13:32बेसिक स्किल्स सीख सकते हो। लैपटॉप स्केल

13:35करने के लिए चाहिए होता है। लेकिन स्टार्ट

13:37करने के लिए एक्सक्यूज मत बनाओ। पहले पैसा

13:40फोन से जनरेट करो। फिर उसे सेटअप अपग्रेड

13:42करने में लगाओ। और तुम्हारा फर्स्ट 30 टू

13:4460 डेज का गोल क्या होना चाहिए? पहले 30

13:46दिन सीखो, एक्सपेरिमेंट करो और छोटे

13:48प्रोजेक्ट्स बनाओ। 60 दिन होते-होते

13:50तुम्हारे पास प्रूफ होना चाहिए। तीन से

13:52पांच अच्छे प्रोजेक्ट्स कंटेंट की एक

13:54लाइब्रेरी या फर्स्ट क्लाइंट कन्वर्जेशन।

13:5630 दिन में रिजल्ट्स जज मत करो। 60 दिन

13:58में अपनी डायरेक्शन जज करो। अगर 60 दिन

14:01काम करने के बाद भी जबरदस्ती लग रहा है तो

14:03मूव ऑन। लेकिन अगर लग रहा है कि मुझे

14:05इसमें और बेटर होना है तो वहीं रुक जाओ।

14:07बिकॉज़ यू जस्ट फाउंड योर थिंग। पहले 60

14:09दिन तुम्हारा टारगेट पैसा नहीं होना

14:11चाहिए। तुम्हारा टारगेट यह होना चाहिए कि

14:1360 दिन बाद तुम्हारे पास कुछ ऐसा हो जो 60

14:16दिन पहले तुम बना ही नहीं सकते थे।

14:20अब आते हैं उन चीजों पर जिनसे तुम्हें हर

14:23हाल में बचना है। शुरुआत में 50-00 के

14:25बेसिक एडिट्स, कॉपी पेस्ट या छोटे-मोटे

14:27रिपीटिव टास्क मिलना नॉर्मल है। और पहली

14:29अर्निंग के लिए वो ठीक भी है। लेकिन

14:31प्रॉब्लम तब आती है जब तुम महीनों तक उसी

14:34लूप में फंसे रहते हो। अगर 3 घंटे काम

14:36करके 300 मिल रहे हैं तो अगले महीने 600

14:38के लिए 6 घंटे देने पड़ेंगे। तुम्हारा

14:40टाइम बढ़ रहा है लेकिन तुम्हारी पर्सनल

14:42वैल्यू वहीं की वहीं रटकी हुई है और यहां

14:45लोग एक और बड़ी गलती करते हैं। स्किल के

14:47सरफेस [संगीत] लेवल पर रुक जाना। एडिटिंग,

14:49राइटिंग या ग्राफिक डिजाइनिंग बुरी स्किल

14:51नहीं है। लेकिन अगर तुम्हें सिर्फ

14:52सॉफ्टवेयर के बटंस चलाना आता है और यह

14:55नहीं पता कि वीडियो बोरिंग क्यों हो रही

14:56है। फर्स्ट एंड सेकंड में ऑडियंस ड्रॉप

14:58क्यों हो रही है या साउंड डिजाइन से इमोशन

15:00कैसे बिल्ड करना है तो तुम टेक्निकली काम

15:02तो कर लोगे लेकिन प्रॉब्लम सॉल्व करना

15:05नहीं सीख पाओगे। और आज के एआई एरा में कोई

15:07ओवर ड्रामेटिक होने की जरूरत नहीं है।

15:09सिंपल रियलिटी यह है जो काम बेसिक और

15:11प्रेडिक्टेबल है उसकी मार्केट वैल्यू

15:13गिरेगी। एआई तुम्हें 20 आइडियाज दे सकता

15:16है। लेकिन कौन सा आईडिया क्लिक करवाएगा और

15:18किस इमोशन को ट्रिगर करेगा यह ह्यूमन

15:20टेस्ट और साइकोलॉजी डिसाइड करती है।

15:22इसीलिए एआई से बेसिक काम करवाना सीखो।

15:25लेकिन खुद बेसिक वर्कर मत बन जाओ। हमेशा

15:27एक बात याद रखना चीप वर्क से स्टार्ट करना

15:30प्रॉब्लम नहीं है। चीप वर्क में

15:31परमानेंटली चीप रह जाना प्रॉब्लम है।

15:33टास्क और टूल के लेवल से ऊपर उठो और यह

15:36समझो कि एक्चुअल रिजल्ट्स कैसे डिलीवर

15:38होता है।

15:41तो अगर आज मुझे 15 साल की ऐज में सिर्फ एक

15:44चीज चूज़ करनी हो तो मैं कंटेंट क्रिएशन

15:46चूज़ करूंगा। क्योंकि मेरे हिसाब से कंटेंट

15:48क्रिएशन सिर्फ एक सिंगल स्किल नहीं है। यह

15:50एक पूरा व्हीकल है। जब तुम कंटेंट बनाना

15:53स्टार्ट करते हो तो तुम एक साथ मल्टीपल

15:55चीजें सीख सकते हो। आईडिया सोचना,

15:57स्क्रिप्ट लिखना, कैमरा के सामने क्लियरली

15:59बोलना, एडिट करना, थंबनेल पैकेजिंग,

16:01मार्केटिंग और ऑडियंस साइकोलॉजी और सबसे

16:03अच्छी बात इसकी एंट्री कॉस्ट ऑलमोस्ट जीरो

16:06है। कोई ऑफिस या टीम नहीं चाहिए। सिर्फ एक

16:08फोन, इंटरनेट और तुम्हारे थॉट। अगर

16:10तुम्हारे पास सिर्फ एक स्किल है तो तुम

16:13किसी क्लाइंट के लिए काम करोगे। लेकिन अगर

16:15तुम्हारे पास स्किल प्लस ऑडियंस दोनों है

16:17तो तुम अपनी खुद की ओपोरर्चुनिटीज क्रिएट

16:20कर सकते हो। और दूसरा सबसे बड़ा रीजन है

16:22पर्सनल ग्रोथ। जब मैंने YouTube शुरू किया

16:24था। मेरे पास आज जैसा कॉन्फिडेंस या

16:26क्लेरिटी नहीं थी। लेकिन वीडियोस बनाते

16:28बनाते मेरी कम्युनिकेशन बेटर हुई। मैंने

16:30क्रिटिसिज्म हैंडल करना सीखा और चैनल के

16:33साथ-साथ मैंने अपनी फिजिक और हैबिट्स पर

16:35काम किया। कंटेंट क्रिएशन और सेल्फ

16:37इंप्रूवमेंट एक दूसरे को फीड कर रहे हैं।

16:39लेकिन इस पूरी जर्नी का सबसे पावरफुल

16:41पार्ट मेरा चैनल नहीं है। सबसे अच्छी बात

16:43यह है कि मुझे देखकर मेरी ऑडियंस में से

16:45बहुत से लोगों ने कंटेंट बनाना स्टार्ट

16:47किया और आज उनमें से कुछ लोग मुझसे भी

16:50बेटर ग्रो कर रहे हैं और ऑनेस्टली मुझे

16:52उससे कोई जलन या ईगो नहीं है। मुझे लगता

16:54है वही सबसे बड़ा प्रूफ है कि कंटेंट

16:56सिर्फ पैसा नहीं लोगों की लाइफ

16:57ट्रांसफॉर्म करता है। इसीलिए 15 की ऐज में

17:00मेरा रीजन यह नहीं होता कि YouTube से

17:02पैसे आते हैं। मेरा रीजन सिंपल होता।

17:04कंटेंट क्रिएशन इसीलिए पावरफुल नहीं है

17:06क्योंकि एक दिन इससे पैसे बन सकते हैं। यह

17:08इसीलिए पावरफुल है क्योंकि इस जर्नी में

17:10तुम जिस इंसान को ग्रो कर रहे हो वो खुद

17:13तुम हो।

17:16जब आज मैं पीछे मुड़कर उस 14-15 साल के

17:18लड़के को देखता हूं तो मुझे उस पर कोई

17:20गुस्सा या शर्म नहीं आती। बस लगता है यार

17:23यह बंदा कितना क्लूलेस था। रात को पापा का

17:25फोन छुपके से लेकर सर्वेज भरना, कैपकट पर

17:28रैंडम एडिट्स करना, डेड चैनल्स बनाना उस

17:30टाइम मुझे कुछ नहीं पता था। बस एक अजीब सी

17:32थी कि मुझे कुछ करना है। मुझे भी पैसे

17:35कमाने हैं। उसको डायरेक्शन नहीं पता था।

17:37लेकिन कम से कम वो बिना किसी गारंटी के

17:39ट्राई कर रहा था। और सच बोलूं तो अगर वो

17:41सारे अटेम्प्ट्स फेल नहीं होते तो शायद आज

17:43ये 6 लाख का रिजल्ट कभी बनता ही नहीं।

17:46ड्रॉपशिपिंग फेल हुई तो समझ आया कि इजी

17:48मनी के पीछे भागने का कोई फायदा नहीं है।

17:50चैनल्स डेड हुए तो मुझे समझ आया कि सिर्फ

17:52अपलोड कर देना काफी नहीं होता। एडिटिंग

17:54ट्राई की और इंटरेस्ट नहीं आया तो समझ आया

17:57कि हर प्रॉफिटेबल चीज मेरे लिए नहीं है।

17:59हर एक फेलियर ने एक-एक गलत ऑप्शन को मेरी

18:02लिस्ट से बाहर निकाल दिया और धीरे-धीरे जो

18:04बचा वो एक्चुअली मेरा था। इसीलिए यह 6 लाख

18:07की स्टोरी एक्चुअली किसी बड़े अमाउंट से

18:09स्टार्ट नहीं हुई थी। यह उन सारे जीरो

18:11वाले अटेम्प्ट से स्टार्ट हुई थी। उन

18:13फेलियर्स ने मुझे पेशेंस सिखाया। मुझे यह

18:15समझ आया कि पहला वर्जन खराब होना बिल्कुल

18:18नॉर्मल है और फेलियर कोई फुल स्टॉप नहीं

18:20बल्कि एक इंफॉर्मेशन है कि अगली बार क्या

18:22बेटर करना है। तो अगर आज तुम 15-16 के हो

18:25और तुम्हारी लाइफ बिल्कुल लॉस्ट या

18:27कंफ्यूज्ड लग रही है तो इट्स टोटली ओके जो

18:29चीजें तुम्हें अभी वेस्ट ऑफ टाइम लग रही

18:31है। जरूरी नहीं कि वो वेस्ट ही हो।

18:33कभी-कभी यह समझने के लिए तुम्हारे लिए

18:35क्या सही है। पहले यह जानना जरूरी होता है

18:37कि तुम्हारे लिए क्या गलत है। आज मुझे

18:40अपने पुराने किसी भी फेलियर पर रिग्रेट

18:42नहीं होता क्योंकि अगर मैं उन सब में फेल

18:44नहीं होता तो शायद मैं कभी यह जान ही नहीं

18:46पाता कि मुझे एक्चुअली करना क्या है और

18:48अगर मैं वापस 15 का होता तो मैं इस चीज को

18:51सबसे पहले समझता।

18:55तो देखो सिंपल सी बात अगर तुम अभी 15, 16

18:58या 17 के हो तो तुम्हें अभी सक्सेसफुल

19:00दिखने की जल्दी नहीं होनी चाहिए। तुम्हें

19:02बस इतना कैपेबल बनना है कि आने वाले कल

19:04में तुम्हारे पास ऑप्शंस हो और अगर तुम

19:06अभी भी फिगर आउट कर रहे हो कि तुम्हें

19:08क्या करना है या किसी चीज में स्ट्रगल कर

19:10रहे हो तो मुझे कमेंट में बताना मैं

19:12जेनुइनली पढ़ना चाहता हूं। तब तक बाय-ब

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