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0:00क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्या
0:02है उस छोटे से पहाड़ी आश्रम में जहां कदम
0:05रखते ही दुनिया के सबसे बड़े दिमागों की
0:09बेचैनी गायब हो जाती है।
0:12क्या सोचा आपने कि कैलिफोर्निया के टेक
0:15लैब में बैठकर कोड लिखने वाले अरबपति
0:18अचानक हिमालय की हवा में शांति खोजने
0:21क्यों लग जाते हैं?
0:23क्यों स्टीव जॉब्स जैसा जीनियस जिसका हर
0:26आईडिया दुनिया को बदल दिया करता था। वह यह
0:29कहता है कि मेरी सबसे महत्वपूर्ण यात्रा
0:32भारत की है।
0:34कैंची धाम की है।
0:37क्यू मार्क ज़करबर्ग जैसा इंसान जिसका हर
0:40सेकंड करोड़ों में तोला जाता है। अपनी
0:42सबसे निजी कमजोरी प्रधानमंत्री मोदी के
0:45सामने यूं खोलता है और कहता है कि जब मैं
0:48टूट गया था तो स्टीव जॉब्स ने मुझसे कहा
0:50था कि भारत जाओ नीम करौली बाबा के पास
0:53जाओ।
0:55और यहीं से असली सवाल उठता है कि वो
0:58कौन सा बाबा था
1:02जिसने कभी टीवी पर उपदेश तो नहीं दिया।
1:05कभी मीडिया के सामने सिर नहीं उठाया, कभी
1:07प्रचार का एक पोस्टर तक नहीं लगाया।
1:10लेकिन फिर भी दुनिया के कोनेकोने में बैठे
1:13करोड़ों लोग उसे भगवान के रूप में मान रहे
1:16हैं। नतमस्तक है। पूर्ण समर्पण किए बैठे
1:20हैं।
1:23वो कौन से बाबा थे जो
1:26जीते जी
1:29तो प्रसिद्ध थे ही लेकिन शायद जब इस श्लोक
1:32से उस श्लोक गए
1:34तो उनको मानने वालों की संख्या और असंख्य
1:36बढ़ गई।
1:39और यह संख्या सिर्फ देसी लोगों की नहीं
1:41है। यह उनकी है जो दुनिया को चलाते हैं।
1:45दुनिया पर राज करते हैं।
1:47जिनको कुछ लेना नहीं है। सब कुछ जिनके पास
1:50है।
1:53वो कौन से बाबा थे?
1:56जिनके पास ना कोई तिलक का भारी भरकम
1:59प्रतीक था, ना चमत्कारी डंडा, ना सिंहासन,
2:01ना चमत्कार का चोला।
2:04फिर भी लोग कह देते थे बाबा जो कह दे वही
2:06हो जाता है।
2:09आज ये कहानी सिर्फ एक संत की नहीं है। यह
2:11उस रहस्य की कहानी है जो हर तर्क को
2:13चुनौती देता है। जिसे ना विज्ञान समझ पाया
2:16ना इतिहास पकड़ पाया। ना ही धर्म
2:18शास्त्रों में जिसका पूरा वर्णन होता है।
2:21एक ऐसा संत जो जितना साधारण दिखता उतना ही
2:24असाधारण था। जिसने कभी खुद को भगवान नहीं
2:27कहा। लेकिन दुनिया ने भगवान का संदेशवाहक
2:30माना। यह कहानी है हमारे नीम करौली बाबा
2:34की। एक ऐसा नाम जो चमत्कार से बड़ा है।
2:37चमत्कारों की दुनिया के लिए एक ऐसी पहेली
2:40है जिसका समाधान आज तक कोई नहीं खोज पाया।
2:44यह कहते हैं कि नीमकरली बाबा का श्री राम
2:47लक्ष्मीारायण शर्मा था। उत्तर प्रदेश के
2:50अकबरपुर गांव में जन्मे लगभग 1900 के
2:53आसपास। तारीख स्पष्ट नहीं है। बचपन साधारण
2:57था। स्वभाव असाधारण। कोई ढोंग नहीं, कोई
3:00चमत्कार दिखाने की कोशिश नहीं। कोई आश्रम
3:03का साम्राज्य नहीं। 11 सितंबर साल 1973 को
3:06जब शरीर त्यागा उसी दिन से उनका प्रभाव
3:09बढ़ता चला गया। दुनिया में शायद यह पहला
3:12उदाहरण है जब किसी संत की शक्ति उसके जाने
3:15के बाद कई गुना बढ़ी। इतना की मौत के बाद
3:19कैलिफोर्निया के टिक साम्राज्यों की दिशा
3:21निर्धारित हो गई। यही भूमिका, यही रहस्य
3:23है और यही दरवाजा है जहां से नीम करौली
3:25बाबा की अद्भुत कथा की शुरुआत होती है।
3:28अकबरपुर का साधारण सा लड़का जो आगे चलकर
3:30दुनिया की दिशा बदलने वाला था। ये कहते
3:33हैं कि बचपन से ही उनमें एक अजीब सी
3:34ऊर्जा, एक स्थिरता, एक गहराई थी। कई बार
3:37बिना बोले लोगों के मन की बात कह देते थे।
3:40कई बार ऐसी बातें कहते थे जो बाद में सच
3:42होती थी। पर इस पर कभी ध्यान नहीं गया
3:44क्योंकि अपने भीतर किसी शक्ति का प्रदर्शन
3:46नहीं कर रहे थे।
3:50समय बीता, बड़े हुए, घर छोड़ा। सामान्य
3:52जीवन से दूर गए। किसी को बताया नहीं कि वह
3:54कौन है, क्या बनने आए हैं। चुपचाप भारत की
3:57गलियों, खेतों, गांवों में घूमते रहे और
3:59इसी दौरान धीरे-धीरे लोगों को एहसास हुआ
4:02कि आदमी साधारण नहीं है। अब शुद्ध सवाल
4:05होगा कि कैंची धाम कैसे आया? 1950 के दशक
4:08की बात है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा के पास
4:10एक शांत घाटी धूप शांति प्रकृति की गोद
4:13में बैठा एक संत नीम करौली बाबा सड़क
4:16किनारे बैठे हैं। चुप। तभी सामने पहाड़ी
4:19पर एक युवक दिखाई पड़ता है। बाबा दूर से
4:21चिल्लाते हैं। पूरन नीचे आओ। पूरन चौंक
4:23जाता है। उसकी धड़कन थी। कौन है? नाम कैसे
4:26जानता है? पर आवाज इतनी सच्चाई से भरी थी
4:29कि नीचे उतरता है। बाबा मुस्कुराते हैं।
4:31कहते हैं मैं तुम्हें कई जन्मों से जानता
4:33हूं। खाना लाओ। पूरन घर जाता है। गरीब
4:35परिवार बस दाल रोटी लाकर बाबा को देता है।
4:38बाबा खाते हैं। फिर अचानक कहते हैं 24
4:40घरों के लिए चावल लाओ। गांव के लोग इकट्ठा
4:43हो जाते हैं। बाबा उन्हें जंगल की ओर ले
4:45जाते हैं। एक विशाल पत्थर की ओर इशारा
4:47करते हैं। कहते हैं हटाओ। लोग हंसते हैं।
4:49कहते हैं सदियों से पड़ा है। हिल नहीं
4:51सकता। पर जैसे ही सब मिलकर धक्का देते हैं
4:54पत्थर हट जाता है। पीछे एक गुफा दिखाई
4:56पड़ती है। इतनी साफ कि जैसे किसी ने
4:59अभी-अभी इस्तेमाल की हो। अंदर धनी जल रही
5:02थी। गर्म राख ताजा लकड़ियां। जैसे कोई अभी
5:05उठाओ। गांव वाले हैरान बाबा शर्त। वो कहते
5:08हैं कि यह हनुमान जी की जगह है। उनकी
5:11तपोभूमि इसे पवित्र करो। लोगों ने पानी
5:15लाकर जगह को पवित्र किया और यही स्थान बाद
5:18में बन गया कैंची धाम। जहां से बाबा की
5:21अंतरराष्ट्रीय पहचान की शुरुआत हुई। जहां
5:23आज लाखों लोग आते हैं। जहां स्टीव जॉब्स,
5:26मार्क ज़करबर्ग और दुनिया की सैकड़ों
5:28हस्तियां अपनी जिंदगी का नया पन्ना लिखने
5:30आती हैं। एक बार बाबा दिल्ली में बिरला
5:33मंदिर परिसर में थे। कई भक्त मिलने आए।
5:35उन्हीं में एक युवक उदास था। चेहरा उदास
5:37मन बेबस वो कुछ बोल पाता उससे पहले ही
5:40बाबा ने कहा तुम्हारा भाई जेल से निकलेगा
5:42देश का शासक बनेगा जाओ तैयारी करो युवक
5:45रोता हुआ बोला कि बाबा आप क्या कह रहे हैं
5:47मेरे भाई को पाकिस्तान में सजाए मौत दी गई
5:50है मियांवाली जेल में कभी भी फांसी हो
5:52सकती है बाबा मुस्कुराए कह जाओ समय बदल
5:55चुका है सत्य वही हुआ पाकिस्तान
5:57बांग्लादेश युद्ध हुआ बांग्लादेश अस्तित्व
6:00में आया और वहीं से इतिहास रचा गया उस
6:03युवक का भाई बना बांग्लादेश का पहला
6:05राष्ट्रपति शेख मुजीब उर रहमान यह कोई
6:08भविष्यवाणी नहीं थी। यह किसी शक्ति का खेल
6:10था। एक ऐसी शक्ति जो नियमों से नहीं भावों
6:13से चल रही थी। और ऐसी अनगिनत कहानियां है।
6:15एक कहानी बुलेट प्रूफ कंबल की जिससे सैनिक
6:18की जान बचाई। यह कहानी दुनिया में सबसे
6:21ज्यादा सुनाई जाती है क्योंकि तर्क से परे
6:23है लेकिन सत्य है। फतेहगढ़ उत्तर प्रदेश
6:25में एक बुजुर्ग दंपत्ति बाबा के भक्त एक
6:28शाम बाबा पहुंचे। दरवाजे पर गरीब लोग थे
6:30पर श्रद्धा समृद्ध थी। जो भी था खिलाया।
6:33एक पुरानी चारपाई पर कंबल डालकर बाबा को
6:35सुला दिया। रात गहराई उसके साथ बाबा की
6:38करहटें शुरू हुई। दंपत्ति ने देखा बाबा
6:40जैसे किसी अदृश्य हमले से बचने की कोशिश
6:43कर रहे हो। करवटें, दर्द, पीड़ा, चोट की
6:46आवाज। जैसे उन्हें गोलियां आर-पार कर रही
6:49हो। जैसे कोई युद्ध चल रहा हो। दंपति डर
6:53गए पर नजदीक जाने की हिम्मत नहीं हुई।
6:55सुबह बाबा उठे, कंबल दंपति को दिया। कहा,
6:57"इसे खोलना नहीं, गंगा में छोड़ना, खुश हो
7:00जाओ। एक महीने बाद तुम्हारा बेटा लौट
7:03आएगा।
7:04दंपति ने कंबल उठाया महसूस हुआ अंदर कोई
7:07लोहे की चीज है। मनुआ खोलें पर आदेश कमान
7:09रखा। गंगा में प्रभावित कर दिया। ठीक एक
7:12महीने बाद दरवाजे पर दस्तक हुई। उनका बेटा
7:15जो बर्मा फ्रंट पर जापानी सेना से लड़ रहा
7:17था जिंदा लौटा। उसने बताया कि उस रात
7:20गोलियां इतनी चली कि सारे साथी मारे गए।
7:23उसने कहा कि मुझे लग रहा था कि मौत तय है।
7:25लेकिन ना जाने कैसे हर गोली मेरे पास से
7:27गुजरती रही। कुछ हुआ नहीं।
7:30दंपत्ति खामोश उन्हें बस उसी रात की याद
7:33आई जब बाबा करवट बदल रहे थे। ऐसा लग रहा
7:35था जैसे मानो खुद लड़ रहे हो। कैसे-कैसे
7:38अदृश्य युद्ध की चोटें अपने ऊपर ले रहे
7:40हो।
7:42ये कहानी विज्ञान शायद सवाल खड़े करे
7:45लेकिन आस्था तर्कों से ऊपर होती है। ऐसी
7:48ही कहानी है स्टीव जॉब्स जकरबर्ग की। 1974
7:52में स्टीव जॉब्स भारत आए। वो टूटे हुए थे
7:55अंदर से, बाहर से, जीवन से। जॉब्स बाद में
7:58कहते हैं कि मैंने अपने जीवन का अर्थ
8:00कैंची धाम में पाया। उसे लगा जैसे किसी ने
8:02उसके भीतर बसी बेचैनी को निकालकर शांत जल
8:05की तरह रख दिया और कई साल बाद जब मार्क
8:07ज़करबर्ग अपने करियर के कठिन दौर में थे।
8:09Facebook टूट रहा था। आलोचनाएं बढ़ रही
8:11थी। दिशा खो चुके थे। तब जॉब्स ने सलाह दी
8:14कि भारत जाओ। कैची धाम जाओ। ज़करबर्ग भारत
8:16आए। एक दिन रुकना था। मौसम खराब हुआ। दो
8:19दिन फंस गए। जब लौटे तो कहा मेरी सोच बदल
8:22गई। जीवन बदल गया। यही वजह है कि आज
8:24विसलकॉन वैली में नीम करौली बाबा की
8:26तस्वीरें जगह-जगह मिलेंग। लोग कहते हैं
8:29उनकी ऊर्जा कोड नहीं बनाती पर कोड बनाने
8:31वालों का मन बदल देती है। बाबा के बारे
8:34में कई कहानियां है। बाबा का असली रहस्य
8:38क्या था जो दुनिया को बांध लिया गया।
8:39देखिए बाबा ने कभी प्रचार नहीं किया। कभी
8:41चमत्कार दिखाने की कोशिश नहीं की। खुद को
8:44भगवान नहीं कहा। अपनी शक्तियों का
8:46प्रदर्शन नहीं किया। हमेशा यही कहा कि मैं
8:48कुछ नहीं हूं। जो है वह हनुमान जी है। यही
8:51उनकी सबसे बड़ी शक्ति थी। पूर्ण
8:53अहंकारहीनता जब दुनिया के बड़े से बड़े
8:56लोग टूट जा रहे थे, निराश हो रहे थे, दिशा
8:58खो रहे थे, बाबा सिर्फ एक बात कह रहे थे
9:01कि सब प्रेम से करो बाकी खुद हो जाएगा।
9:04उनके पास समाधान नहीं था। उनके पास
9:06उपस्थिति थी। किसी के जीवन में जादू इसी
9:10से आता है। उपस्थिति से ना कि दिखावे से।
9:13आज भी कैंची धाम में वही ऊर्जा बहती है।
9:15उत्तराखंड की पहाड़ियों में बसा वह स्थान
9:18आज सिर्फ एक मंदिर नहीं एक अनुभव है। लोग
9:20कहते हैं वहां जाने से पहले मन में जो
9:22सवाल आता है, जवाब भीतर से निकलता है।
9:24जैसे बाबा वहीं बैठे हो। आज भी कंबल ओढ़े,
9:28मुस्कुराते कुछ कहे बिना सब कुछ नहीं जाने
9:32वाले।
9:33ये कहानी नीमकरली बाबा की थी। कैंची धाम
9:37की थी। कहानी अच्छी लगी हो तो अपनों से
9:39शेयर कीजिएगा। हमारे भक्ति बुक से नहीं
9:43जुड़े हो तो जुड़िएगा
9:45और हमारे चैनल को सब्सक्राइब भी कीजिएगा।
9:48हमारा आपका रिश्ता मजबूत होगा। ऐसी और
9:49कहानियां हम आप तक लाते रहेंगे। जय हिंद
9:52जय भारत नमस्कार।
9:54[संगीत]
9:57नहीं