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0:00हरे कृष्णा दोस्तों, आपके अपने YouTube
0:02चैनल पर आपका हार्दिक स्वागत है। यह
0:04वीडियो सिर्फ आपको सही दिशा दिखाने के लिए
0:06बनाया गया है। कृपया इसे देखकर कोई बढ़ा
0:09फैसला ना लें। अगर आपको ज्योतिषीय सलाह
0:12चाहिए तो किसी अनुभवी और काबिल ज्योतिषी
0:14से संपर्क जरूर करें। आज हम बात करेंगे
0:17कुंडली के चौथे भाव की। अक्सर जब लोग अपनी
0:20कुंडली देखते हैं तो उनका ध्यान धन पर,
0:22करियर पर या विवाह पर होता है। लेकिन क्या
0:25आपने कभी सोचा है कि अगर आपके पास दुनिया
0:27भर का पैसा हो, सबसे ऊंचा पद हो लेकिन मन
0:31में शांति ना हो तो क्या वह सफलता किसी
0:33काम की है? बिल्कुल नहीं। यहीं पर चौथा
0:36भाव आता है। कुंडली का चौथा भाव केवल एक
0:38घर नहीं है। यह आपके जीवन की नींव है।
0:42आपकी झड़े हैं। जिस तरह एक विशाल पेड़
0:45कितना भी ऊंचा क्यों ना चला जाए अगर उसकी
0:47जड़े रूट्स कमजोर हैं तो वह एक हल्की सी
0:51आंधी में गिर जाएगा। ठीक उसी तरह चौथा भाव
0:54वह बुनियाद है जिस पर आपके पूरे जीवन की
0:56इमारत खड़ी होती है। यह सुख स्थान है।
1:00जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं नौकरी,
1:03व्यापार, शादी, पैसा कमाना आखिर हम यह सब
1:06क्यों करते हैं? सिर्फ और सिर्फ सुख पाने
1:09के लिए और वह सुख व चैन व आनंद इसी चौथे
1:12घर में छिपा बैठा है। चौथे भाव का सबसे
1:15बहा और सबसे पवित्र कारक माता है। मां जो
1:18इस दुनिया में हमारा पहला गुरु होती है।
1:21हमारा पहला प्यार होती है। जब हम इस
1:23दुनिया में आंख भी नहीं खोलते तब से हमारा
1:26रिश्ता चौथे भाव यानी हमारी माता से जुड़
1:29जाता है। यह घर माता के आंचल की छांव है।
1:33दुनिया में चाहे कितनी भी धूप हो, कितनी
1:36भी परेशानियां हो, जब व्यक्ति अपनी मां की
1:38गोद में सिर रखता है, तो उसकी सारी
1:41चिंताएं मिट जाती हैं। इसलिए अगर चौथा भाव
1:44मजबूत है, तो व्यक्ति को माता का भरपूर
1:47प्यार और आशीर्वाद मिलता है। और याद रखिए
1:50जिसके सिर पर मां का हाथ है, उसका कोई भी
1:52ग्रह कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह घर बताता
1:55है कि आपकी परवरिश कैसी हुई है। आपके अंदर
1:58जो संस्कार हैं, जो भावनाएं हैं, उनका बीज
2:01कहां बोया गया है। इसके बाद यह घर आपके
2:04मकान का है। ध्यान दीजिए। मैंने मकान कहा,
2:07घर नहीं। मकान ईंट पत्थर का बना होता है।
2:10लेकिन जब उसमें परिवार का प्यार और सुख
2:12मिलता है, तब वह घर बनता है। आपके पास
2:15रहने के लिए कैसी जगह होगी? क्या आप एक
2:17आलीशान बंगले में रहेंगे या एक छोटे से
2:20फ्लैट में? क्या आपके पास अपनी जमीन
2:22जायदाद होगी? क्या आपके पास खेतीबाड़ी या
2:25फार्म हाउस होगा? यह सब चौथा भाव तय करता
2:28है। यह आपके सिंहासन का भी भाव है। पुराने
2:31जमाने में राजाओं के पास सिंहासन होता था।
2:33आज के जमाने में आपका सोफा, आपकी कुर्सी,
2:36आपका आरामदायक बिस्तर यह सब चौथे घर की
2:38देन है। अब थोड़ा और गहराई में चलते हैं।
2:41चौथा भाव आपके वाहन सुख का भी है। आपके
2:44गैराज में साइकिल खड़ी होगी या लग्जरी
2:46गाड़ी? आप गाड़ी खुद चलाएंगे या आपके लिए
2:49ड्राइवर गाड़ी चलाएगा। आपको गाड़ी से सुख
2:51मिलेगा या वह बार-बार खराब होकर आपको
2:54परेशान करेगी। इन सब सवालों का जवाब इसी
2:57घर के पास है। यह घर उन तमाम भौतिक
2:59सुविधाओं का है जो हमारे जीवन को आसान
3:01बनाती हैं। चाहे वह एसी हो, फ्रिज हो या
3:04घर की सास सज्जा का सामान। लेकिन दोस्तों,
3:08चौथे भाव की कहानी सिर्फ मकान और गाड़ी पर
3:10खत्म नहीं होती। इसका सबसे गहरा संबंध
3:13आपके मन माइंड से है। चंद्रमा इस घर का
3:16नैसर्गिक स्वामी है। इसलिए यह घर आपकी
3:19मानसिक स्थिति को दर्शाता है। क्या आप
3:22अंदर से खुश हैं? क्या आप रात को चैन की
3:25नींद सोते हैं? या फिर सब कुछ होते हुए भी
3:28एक अजीब सी बेचैनी आपको घेरे रहती है। यह
3:31पीस ऑफ माइंड का घर है। अगर चौथा घर बिगड़
3:34जाए तो इंसान राजा बनकर भी भिखारी जैसा
3:36महसूस करता है। और अगर यह घर सुधर जाए तो
3:39इंसान फकीर होकर भी बादशाह जैसी नींद सोता
3:42है। शारीरिक रूप से काल पुरुष की कुंडली
3:45में चौथा भाव हमारी छाती और हृदय, हार्ट
3:49को दर्शाता है। यह हमारे दिल का मामला है।
3:52हम जब कहते हैं कि यह बात मेरे दिल को लग
3:55गई तो असल में वह बात आपके चौथे भाव को
3:58प्रभावित करती है। फेफड़ों की ताकत, सांस
4:02लेने की क्षमता और भावनात्मक रूप से हम
4:04कितने मजबूत या कमजोर हैं? यह सब यहीं से
4:08देखा जाता है। यह हमारी संवेदनाओं का
4:10केंद्र है। आप कितने भावुक हैं? क्या आप
4:13दूसरों के दुख में रो पड़ते हैं? या आप
4:16पत्थर दिल हैं? यह सब चौथा भाव ही बताता
4:19है। एक और महत्वपूर्ण बात चौथा भाव हमारी
4:22प्रारंभिक शिक्षा का भी है। वह पढ़ाई जो
4:25हमारी नींव बनाती है। स्कूल के दिनों में
4:28आपका प्रदर्शन कैसा था? आपको ज्ञान
4:30प्राप्त करने में कितनी रुचि थी, यह सब
4:32इसी घर से पता चलता है। यह घर उस डिग्री
4:35का है जो आपको समाज में खड़ा होने के लिए
4:37एक आधार देती है। अंत में चौथा भाव अंत का
4:41भी है। जैसे दिन ढलने के बाद हम अपने घर
4:43लौटते हैं, वैसे ही जीवन की संध्या यानी
4:46बुढ़ापा कैसा होगा? यह भी चौथा भाव बताता
4:48है। क्या जीवन के अंतिम पलों में आपको सुख
4:51और शांति मिलेगी? क्या आप अपने घर में
4:54अपने लोगों के बीच होंगे? यह मोक्ष
4:56त्रिकोण का भी एक हिस्सा है क्योंकि असली
4:58मोक्ष तो मन की शांति में ही है। हम एक-एक
5:01करके जानेंगे कि जब चौथे घर का मालिक
5:03अलग-अलग 12 घरों में जाता है तो वह आपके
5:06जीवन की कहानी कैसे लिखता है। ज्योतिष
5:09शास्त्र में कुंडली का चौथा घर हमारे जीवन
5:11के सुख, शांति, माता, घर, वाहन और मन की
5:14स्थिति को दर्शाता है। और जब इस घर का
5:16स्वामी यानी चतुर्थेश उठकर सीधे लग्न यानी
5:19पहले घर में आ जाता है तो यह एक अत्यंत
5:21शुभ और राजयोग समान स्थिति का निर्माण
5:23करता है। लग्न हमारा शरीर है। हमारा
5:26व्यक्तित्व है और हमारी पूरी पहचान है।
5:28इसलिए जब सुख भाव का स्वामी स्वयं चलकर
5:31आपके व्यक्तित्व में समा जाता है तो ऐसा
5:34समझा जाता है कि सुख और संसाधन स्वयं आपको
5:36खोजते हुए आपके पास आए हैं। यह स्थिति
5:39दर्शाती है कि व्यक्ति का जन्म ही सुख
5:41भोगने और जीवन में स्थिरता प्राप्त करने
5:43के लिए हुआ है। ऐसे लोगों का जुड़ाव अपनी
5:46जड़ों, अपनी संस्कृति और अपनी माता के साथ
5:48बहुत गहरा होता है। इनका पूरा जीवन इनके
5:51घर और परिवार के इर्द-गिर्द ही घूमता है
5:53और इनकी सोच में हमेशा परिवार का हित सबसे
5:56ऊपर रहता है। यह केंद्र का स्वामी केंद्र
5:59में ही आने से एक प्रकार का सशक्त योग
6:01बनाता है जिससे व्यक्ति के जीवन में
6:03शिक्षा और संस्कार का बहुत गहरा प्रभाव
6:06देखने को मिलता है। ऐसे जातक जहां भी जाते
6:09हैं, वहां का माहौल घर जैसा बना देते हैं
6:11और लोग इनसे भावनात्मक रूप से बहुत जल्दी
6:13जुड़ जाते हैं। इस ग्रह स्थिति का सबसे
6:16बड़ा और प्रभावशाली पक्ष यह है कि यह जातक
6:19को स्वभाव से ही सुखी और संतुष्ट बनाती
6:22है। जब चौथे घर का स्वामी लग्न में
6:25विराजता है, तो ऐसा व्यक्ति अपने कुल और
6:27परिवार का दीपक होता है। आप पाएंगे कि
6:30इनके व्यक्तित्व में एक अलग ही सौम्यता और
6:33ठहराव होता है। यह जहां भी खड़े होते हैं,
6:36वहां का माहौल अपने आप शांत और सुखद हो
6:39जाता है। क्योंकि चौथा घर सिंहासन का भी
6:42होता है। इसलिए जब इसका स्वामी लग्न में
6:45आता है तो व्यक्ति को समाज में अनायास ही
6:48उच्च पद और मानसान प्राप्त होता है। यह
6:51सम्मान इन्हें मांगना नहीं पड़ता बल्कि
6:53इनके संस्कारों और व्यवहार को देखकर समाज
6:56खुद इन्हें सिर आंखों पर बैठाता है।
6:58शिक्षा के क्षेत्र में यह योग बहुत ही
7:00बेहतरीन परिणाम देता है। चौथा घर हमारी
7:02बुनियादी शिक्षा यानी पढ़ाई लिखाई का होता
7:05है। जब यह स्वामी लग्न में आता है तो
7:07सरस्वती स्वयं जातक की जेहवा पर विराजमान
7:10होती है। ऐसे लोग अत्यंत विद्वान होते हैं
7:13और इनकी सीखने की क्षमता कमाल की होती है।
7:17यह केवल किताबी कीड़ा नहीं होते बल्कि
7:19जीवन के अनुभवों से जो ज्ञान अर्जित करते
7:22हैं, वह इन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है।
7:24उच्च शिक्षा प्राप्त करना और अकादमिक
7:27क्षेत्र में बड़े पुरस्कार जीतना इनके लिए
7:29बहुत सामान्य बात होती है। इनका ज्ञान
7:32इनके चेहरे के तेज में साफ झलकता है। माता
7:35के साथ संबंध इस योग का सबसे सुनहरा
7:38अध्याय है। हम कह सकते हैं कि ऐसे जातक के
7:41लिए उनकी माता ही उनका सबसे बड़ा तीर्थ
7:43होती हैं। माता का आशीर्वाद इनके लिए एक
7:46अभेद्य कवच का काम करता है। इनकी परवरिश
7:49में माता का प्रभाव बहुत गहरा होता है। और
7:51अक्सर देखा गया है कि इनका स्वभाव और
7:54विचार अपनी माता से बहुत मिलते जुलते हैं।
7:57जीवन के हर मोड़ पर हर मुश्किल घड़ी में
8:00माता या माता तुल्य स्त्रियां इनका
8:02मार्गदर्शन करती हैं। यह जुड़ाव इतना गहरा
8:05होता है कि माता के संस्कार ही इनके जीवन
8:08की दिशा तय करते हैं। भूमि, भवन और वाहन
8:11के सुख में तो यह योग चार चांद लगा देता
8:14है। ऐसे लोग जीवन में एक से बढ़कर एक
8:16वाहनों का सुख भोगते हैं। इनके पास केवल
8:19गाड़ियां होती ही नहीं बल्कि यह उनका पूरा
8:22आनंद भी लेते हैं। इसी प्रकार यह लोग एक
8:25बहुत ही सुंदर और विशाल घर के स्वामी बनते
8:28हैं। इनका घर केवल रहने की जगह नहीं होती
8:31बल्कि वह शांति का टापू होता है।
8:34घर को सजाना संवारना और उसे एक कलात्मक
8:36रूप देना इन्हें बहुत पसंद होता है। इनके
8:39घर में प्रवेश करते ही एक सकारात्मक ऊर्जा
8:41का अनुभव होता है जो आगंतुक का मन मोह
8:44लेती है। जनता और समाज के बीच इनकी
8:46लोकप्रियता देखने लायक होती है। चौथा घर
8:50जनता का होता है और जब जनता का स्वामी आप
8:53लग्न में समाहित हो जाए तो आप जननायक बन
8:56जाते हैं। राजनीति, समाज सेवा या किसी भी
9:00ऐसे क्षेत्र में जहां लोगों से जुड़ना
9:02पड़ता है, यह स्थिति अपार सफलता दिलाती
9:05है। लोग इनकी बातों पर आंख मूंदकर भरोसा
9:08करते हैं। इनके अंदर नेतृत्व करने की
9:11क्षमता जन्मजात होती है। लेकिन यह नेतृत्व
9:14रोप जमाने वाला नहीं बल्कि साथ लेकर चलने
9:17वाला होता है। मानसिक शांति इनका सबसे
9:20बड़ा धन है। आज की भागदौड़ भरी दुनिया में
9:22जब सब तनाव में हैं, यह लोग एक स्थिर
9:25प्रज्ञा की तरह जीते हैं। बाहर चाहे कितना
9:28भी तूफान क्यों ना हो, इनका मन एक शांत
9:30झील की तरह रहता है। यह भावनात्मक
9:33बुद्धिमत्ता, इमोशनल इंटेलिजेंस इन्हें हर
9:36रिश्ते को खूबसूरती से निभाने में मदद
9:38करती है। यह दूसरों का दर्द समझते हैं और
9:41हमेशा मदद के लिए तैयार खड़े रहते हैं।
9:43इनका दिल बहुत बड़ा होता है और परोपकार
9:46इनके स्वभाव में रचा बसा होता है। करियर
9:49के लिहाज से भी यह एक मजबूत बुनियाद तैयार
9:52करता है। यह लोग उन कार्यों में विशेष सफल
9:54होते हैं जो दूसरों की देखभाल, शिक्षा,
9:57रियलस्टेट या जन कल्याण से जुड़े हो। यह
10:01अपने कार्यस्थल को भी घर जैसा माहौल दे
10:03देते हैं। जिससे इनके साथ काम करने वाले
10:05लोग बहुत सहज महसूस करते हैं। इनका
10:08अंतर्ज्ञान बहुत प्रबल होता है जिससे यह
10:11आने वाले संकट को पहले ही भांप लेते हैं
10:14और सही समय पर सही निर्णय लेकर बाजी पलट
10:17देते हैं। बुढ़ापे में भी यह योग बहुत शुभ
10:21फल देता है। जहां जातक को अपने परिवार और
10:24बच्चों से पूरा सम्मान और सेवा प्राप्त
10:26होती है। हर अच्छी चीज के साथ कुछ
10:29चुनौतियां भी आती हैं। जब सुख भाव का
10:32स्वामी लग्न में होता है तो कभी-कभी यह
10:34जातक को बहुत ज्यादा आराम तलब बना देता
10:36है। सब कुछ आसानी से मिल जाने के कारण कई
10:40बार इनमें संघर्ष करने की इच्छाशक्ति कम
10:42हो जाती है। आलस्य इनका सबसे बड़ा शत्रु
10:45बन सकता है। यह अपने कंफर्ट ज़ोन को छोड़ना
10:48नहीं चाहते और कई बार जीवन में आगे बढ़ने
10:51के सुनहरे अवसरों को केवल इसलिए गवा देते
10:54हैं क्योंकि उसमें थोड़ी मेहनत पड़नी थी।
10:57यह निष्क्रियता इनकी तरक्की में रोड़ा बन
10:59सकती है। भावुकता इनकी सबसे बड़ी कमजोरी
11:02साबित हो सकती है। चौथा घर भावनाओं का है
11:06और जब यह लग्न पर हावी होता है तो व्यक्ति
11:09अत्यधिक संवेदनशील हो जाता है। किसी की
11:12छोटी सी बात भी इन्हें बहुत गहरी चोट
11:14पहुंचा सकती है। यह बातों को दिल से लगा
11:17लेते हैं और फिर कई दिनों तक उसी दुख में
11:19पड़े रहते हैं। यह मूड स्विंग्स ना केवल
11:22इन्हें परेशान करते हैं बल्कि इनके साथ
11:24रहने वालों के लिए भी मुसीबत बन जाते हैं।
11:27माता का अत्यधिक प्रभाव कभी-कभी इनके
11:29स्वतंत्र व्यक्तित्व को पनपने नहीं देता।
11:32माता के प्रति अगाध प्रेम कई बार निर्भरता
11:35बन जाता है। जिससे यह अपने जीवन के
11:38महत्वपूर्ण निर्णय खुद नहीं ले पाते। इसका
11:40असर इनके वैवाहिक जीवन पर भी पड़ सकता है।
11:44जीवनसाथी को यह महसूस हो सकता है कि जातक
11:47अपनी माता की बातों को ही अंतिम सत्य
11:49मानता है। जिससे घर में बेवजह की तनातनी
11:52या झगड़े हो सकते हैं। रिश्तों में संतुलन
11:55बनाना इनके लिए कभी-कभी टेढ़ी खीर साबित
11:58होता है। संपत्ति को लेकर विवाद होने की
12:01संभावना भी बनी रहती है। यदि यह ग्रह किसी
12:04पाप प्रभाव में आ जाए, तो जिस घर और जमीन
12:07से इन्हें सुख मिलना चाहिए था, वही इनके
12:09लिए अदालती मामलों या पारिवारिक कलह का
12:12कारण बन जाता है। घर की मरम्मत में
12:14बार-बार बाधाएं आना या पड़ोसियों से अनबन
12:17होना, इनकी मानसिक शांति को भंग कर सकता
12:20है। भाइयों या रिश्तेदारों के साथ जमीन
12:23जायदाद को लेकर मनमुटाव हो सकता है जो
12:25लंबे समय तक खींच सकता है। शिक्षा में भी
12:28रुकावटें आ सकती हैं। मन की चंचलता के
12:31कारण पढ़ाई में ध्यान लगाना मुश्किल हो
12:33जाता है। कई बार यह देखा गया है कि ऐसे
12:35जातक कोर्सेस बदलते रहते हैं या पढ़ाई बीच
12:37में ही छोड़ देते हैं। विषय बदलने की आदत
12:40या जल्दी बोर हो जाना इनके करियर की
12:42शुरुआत को धीमा कर सकता है। यह अस्थिरता
12:45इनके आत्मविश्वास को भी डगमगा देती है।
12:48स्वास्थ्य के मामले में चौथा घर छाती और
12:51फेफड़ों का होता है। जब इसका स्वामी लग्न
12:54में आता है तो कफ, सर्दी, जुकाम या छाती
12:56में जकड़न जैसी समस्याएं इन्हें जल्दी
12:58पकड़ती हैं। यदि यह शारीरिक गतिविधि नहीं
13:02करते और केवल आराम करते हैं, तो वजन बढ़ने
13:05और शरीर में पानी भरने, वाटर रिटेंशन की
13:07समस्या हो सकती है। यह शारीरिक कष्ट इनके
13:10मन को भी उदास कर देते हैं क्योंकि इनका
13:13शरीर और मन बहुत गहरे जुड़े होते हैं।
13:16अत्यधिक भोलापन और उदारता भी इनके लिए
13:18घातक हो सकती है। यह लोगों पर बहुत जल्दी
13:21भरोसा कर लेते हैं और अपनी भावनाओं में
13:23बहकर ऐसे वादे कर बैठते हैं जिन्हें
13:25निभाना बाद में भारी पड़ता है। दुनियादारी
13:28की समझ कम होने के कारण लोग इनका फायदा
13:30उठाते हैं और अपना काम निकालकर चलते बनते
13:33हैं। जब इन्हें अपनी गलती का एहसास होता
13:36है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और यह
13:39ठगा हुआ महसूस करते हैं। इस स्थिति के शुभ
13:42फलों को बढ़ाने और दोषों को दूर करने के
13:44लिए हमारे शास्त्रों में बहुत ही सात्विक
13:46और सरल उपाय बताए गए हैं। सबसे प्रमुख
13:49उपाय है माता की सेवा। हम हमेशा कहते हैं
13:51कि अगर आपको अपना चौथा घर मजबूत करना है
13:54तो अपनी माता के चरणों में ही अपना स्वर्ग
13:56मानिए। रोज सुबह उठकर अपनी माता के चरण
13:59स्पर्श करें और उनका आशीर्वाद लें। यदि
14:02माता साथ नहीं है तो किसी भी बुजुर्ग
14:05महिला का सम्मान करें। माता को प्रसन्न
14:07रखना इस ग्रह स्थिति का सबसे बड़ा अचूक
14:10उपाय है जिससे आपका चंद्रमा और लग्न दोनों
14:13बली होते हैं। घर के वातावरण को पवित्र
14:16रखना अनिवार्य है। क्योंकि आपका सुख आपके
14:19घर में बसता है। इसीलिए अपने घर को हमेशा
14:21साफ सुथरा रखें। घर में कबाड़ या टूटी
14:24फूटी चीजें इकट्ठी ना होने दें। घर के
14:27ईशान कोण को हमेशा खाली और स्वच्छ रखें।
14:30नियमित रूप से घर में गूगल या लोबान की
14:32धूप जलाएं ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर रहे।
14:35घर में कलह क्लेश से बचें क्योंकि घर की
14:38अशांति सीधे आपके स्वास्थ्य पर असर
14:40डालेगी। भगवान शिव की उपासना आपके लिए
14:42संजीवनी बूटी के समान है। शिव जी ने
14:45चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण किया है।
14:47इसलिए उनकी पूजा से मन नियंत्रित रहता है।
14:50प्रतिदिन या सोमवार को शिवलिंग पर जल में
14:53थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें और ओम
14:55नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। यह उपाय
14:58आपके मन की चंचलता और भावुकता को स्थिर
15:00करेगा। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा के दर्शन
15:03करना और उसकी रोशनी में बैठना भी मानसिक
15:06शांति देता है। जल का सम्मान करें। चौथा
15:09घर जल तत्व का प्रतीक है। पानी को व्यर्थ
15:12बहाना मतलब अपने सुखों को बहाना है। नल को
15:15ठीक से बंद रखें और पानी की बर्बादी
15:17बिल्कुल ना करें। इसके अलावा चांदी के
15:19गिलास में पानी पीना आपके लिए बहुत
15:21लाभकारी है। चांदी चंद्रमा की धातु है और
15:24यह आपके गुस्से और आवेश को शांत करके मन
15:26को शीतलता प्रदान करती है। शिक्षा और
15:29विद्या का दान करें। गरीब बच्चों को पढ़ाई
15:32की सामग्री जैसे कॉपी, किताब या पेन दान
15:35करें। किसी जरूरतमंद छात्र की फीस भरने
15:38में मदद करना आपके लिए बहुत शुभ रहेगा।
15:40इससे आपकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी
15:43और शिक्षा में आ रही बाधाएं दूर होंगी।
15:46ज्ञान बांटने से बढ़ता है। यह बात आपके
15:48लिए 100% सही है। अपने अंतर्मन को मजबूत
15:51करने के लिए ध्यान मेडिटेशन को अपनी
15:53दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। आप बहुत
15:55संवेदनशील हैं। इसलिए आपको अपने ओरा को
15:57मजबूत करना होगा। रोज 10 से 15 मिनट आंखें
16:01बंद करके अपनी सांसों पर ध्यान दें। यह
16:04आपको बाहरी दुनिया की नकारात्मकता से
16:06बचाएगा। निर्माण कार्यों में ईमानदारी
16:09बरतें। यदि आप घर बनवा रहे हैं तो मजदूरों
16:12का हक ना मारे और उन्हें खुश रखें। घर की
16:14नींव में चांदी का टुकड़ा दबाना वास्तु
16:17दोषों को कम करता है। अपने घर के आसपास
16:19हरे पेड़-पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें।
16:22प्रकृति से जुड़ना आपके चौथे भाव को बहुत
16:25शक्ति प्रदान करता है। जब आप इन उपायों को
16:27श्रद्धा के साथ करते हैं, तो जीवन की बड़ी
16:30से बड़ी बाधा भी अपने आप दूर हो जाती है।
16:33जब चौथे घर का स्वामी यानी सुेश उठकर
16:36दूसरे भाव में आ बैठता है, तो यह ज्योतिष
16:38शास्त्र में एक अत्यंत धनदायक और शुभ
16:41स्थिति मानी जाती है। इसका सीधा सा अर्थ
16:43यह है कि आपका सुख आपके धन और परिवार में
16:46आकर बस गया है। आपको अपने जीवन में सुख
16:48शांति के लिए कहीं बाहर भटकने की जरूरत
16:51नहीं पड़ती। बल्कि आपका परिवार और आपकी
16:53जमा पूंजी ही आपके सुख का सबसे बड़ा स्रोत
16:57बन जाती है। यह स्थिति बताती है कि जातक
17:00अपने पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों से
17:03बहुत गहरा जुड़ाव रखता है। जिस प्रकार एक
17:06वटवृक्ष अपनी जड़ों से जुड़कर ही विशाल
17:08बनता है। उसी प्रकार आप अपने कुल और
17:11परिवार से जुड़कर ही जीवन में तरक्की करते
17:13हैं। इस ग्रह स्थिति का सबसे बड़ा और
17:16महत्वपूर्ण लाभ यह है कि जातक जन्मजात रूप
17:19से एक फाइनेंस मैनेजर की तरह होता है। जब
17:22सुख भाव का स्वामी धन भाव में आता है तो
17:25व्यक्ति के पास संपत्ति और धन को आकर्षित
17:27करने की एक स्वाभाविक कला होती है। ऐसे
17:30लोग जमीन जायदाद या रियलस्टेट के माध्यम
17:32से अपार धन अर्जित करते हैं। आप देखेंगे
17:35कि इन्हें प्रॉपर्टी की बहुत अच्छी समझ
17:37होती है। यह मिट्टी को भी हाथ लगा दें तो
17:40वह सोना बन जाती है। इन्हें पता होता है
17:42कि कौन सा मकान खरीदना फायदेमंद रहेगा और
17:45किस जमीन में पैसा लगाने से नुकसान होगा।
17:48यह समझ इन्हें विरासत में या अपने अनुभवों
17:51से मिलती है जो इनकी आर्थिक स्थिति को
17:54बहुत मजबूत बनाती है। इनका धन केवल बैंक
17:57बैलेंस तक सीमित नहीं रहता बल्कि यह ठोस
18:00संपत्ति जैसे खेत, खलिहान, फ्लैट्स या
18:04कमर्शियल प्रॉपर्टी के रूप में बढ़ता रहता
18:06है। पारिवारिक सुख और कुटुंब का सहयोग इस
18:10योग का एक और बहुत ही शानदार पहलू है। ऐसे
18:13जातक के लिए परिवार ही सब कुछ होता है। यह
18:16लोग एकल परिवार में रहने के बजाय संयुक्त
18:19परिवार में रहना ज्यादा पसंद करते हैं। घर
18:21के सदस्यों के बीच बैठकर भोजन करना,
18:23पुरानी बातें करना और हंसी टिठोली करना
18:26इनके लिए किसी थेरेपी से कम नहीं होता।
18:29इनका सुख इनके परिवार की मुस्कान में छिपा
18:31होता है। अक्सर देखा गया है कि ऐसे जातक
18:34अपने पारिवारिक व्यवसाय को बहुत ऊंचाइयों
18:36पर ले जाते हैं। जो काम इनके बाप दादा
18:38करते आ रहे थे, यह उसी काम में आधुनिकता
18:41और अपनी सोच का तड़का लगाकर उसे और बड़ा
18:44बना देते हैं। परिवार के लोग भी इन पर
18:46पूरा भरोसा करते हैं और आर्थिक मामलों की
18:49बागडोर इन्हीं के हाथों में सौंप देते हैं
18:51क्योंकि वे जानते हैं कि यह व्यक्ति धन को
18:53बर्बाद नहीं करेगा बल्कि उसे बढ़ाएगा।
18:56माता का प्रभाव और उनसे मिलने वाला लाभ इस
18:59स्थिति में विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
19:02दूसरे घर में बैठा चौथे घर का स्वामी यह
19:05बताता है कि जातक की माता केवल एक गणी
19:08नहीं बल्कि परिवार की लक्ष्मी होती है।
19:11माता के पास खुद की संपत्ति या धन हो सकता
19:13है जो बाद में जातक को प्राप्त होता है।
19:16उससे भी बड़ी बात यह है कि माता के
19:18संस्कार जातक की वाणी में झलकते हैं। ऐसे
19:21लोगों की बोली में एक अजीब सी मिठास और
19:23अपनापन होता है। जब यह बोलते हैं तो ऐसा
19:26लगता है जैसे कोई अपने घर का सदस्य समझा
19:29रहा हो। यह मधुर वाणी ही इनके लिए सफलता
19:32की कुंजी बनती है। चाहे यह व्यापार में हो
19:34या नौकरी में अपनी बातचीत के सलीके से यह
19:37सामने वाले का दिल जीत लेते हैं और अपना
19:39काम निकलवा लेते हैं। लोग इनकी बातों से
19:42प्रभावित होकर इन पर भरोसा करने लगते हैं
19:45जो अंततः इन्हें आर्थिक लाभ दिलाता है।
19:48शिक्षा के माध्यम से धनार्जन का योग भी
19:50यहां बहुत प्रबल होता है। चौथा भाव हमारी
19:53डिग्री और बेसिक शिक्षा का है। जब यह धन
19:56भाव से जुड़ता है तो व्यक्ति अपनी शिक्षा
19:58का उपयोग पैसा कमाने में बखूबी करता है।
20:00कई बार देखा जाता है कि लोग पढ़ते कुछ और
20:03हैं और काम कुछ और करते हैं। लेकिन इस योग
20:05वाला जातक अपनी पढ़ाई को ही अपने पेशे में
20:08बदल लेता है। अगर इन्होंने वकालत पढ़ी है
20:11तो यह एक नामी वकील बनकर पैसा कमाएंगे।
20:13अगर इंजीनियरिंग पढ़ी है तो उसी क्षेत्र
20:16में अपना साम्राज्य खड़ा करेंगे। इनका
20:18ज्ञान व्यर्थ नहीं जाता। यह अपनी विद्या
20:20को मोनेटाइज करना जानते हैं। साथ ही यह
20:24लोग जीवन भर कुछ ना कुछ सीखते रहते हैं और
20:26उस सीख को अपने बैंक बैलेंस को बढ़ाने में
20:28इस्तेमाल करते हैं। वाहन सुख भी इनके जीवन
20:31में प्रचुर मात्रा में होता है। क्योंकि
20:33चौथा घर वाहनों का है और दूसरा घर संचय का
20:36इसलिए ऐसे लोग महंगे और आरामदायक वाहनों
20:39का संग्रह करना पसंद करते हैं। इन्हें
20:41पुरानी या विंटेज गाड़ियों का शौक भी हो
20:44सकता है या फिर यह ऐसी गाड़ियां खरीदते
20:46हैं जो इनके स्टेटस सिंबल को बढ़ाती हैं।
20:49इनके पास एक से अधिक वाहन होने की संभावना
20:52रहती है और यह अपने वाहनों की देखभाल भी
20:55बहुत अच्छे से करते हैं। इनके लिए गाड़ी
20:57केवल आने जाने का साधन नहीं बल्कि इनकी
21:00समृद्धि का प्रदर्शन भी होती है। अक्सर यह
21:03देखा गया है कि वाहन खरीदने के बाद इनके
21:06धन में और वृद्धि होती है। यानी वाहन इनके
21:08लिए लकी चार्म साबित होता है। खानपान के
21:11शौकीन होना इनकी एक और विशेषता है। दूसरा
21:14घर भोजन का है और चौथा घर मन का। जब यह
21:17दोनों मिल जाते हैं तो व्यक्ति को अच्छे
21:19और स्वादिष्ट भोजन से बहुत लगाव होता है।
21:22यह ना केवल अच्छा खाना पसंद करते हैं
21:24बल्कि दूसरों को खिलाने में भी इन्हें
21:25बहुत आनंद आता है। इनके घर में मेहमान
21:28नवाजी बहुत शानदार होती है। अगर आप इनके
21:31घर जाएंगे तो बिना कुछ खाए पिए वापस नहीं
21:33आ सकते। यह अन्न का सम्मान करते हैं और
21:35रसोई को घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा
21:37मानते हैं। कई बार यह देखा गया है कि ऐसे
21:40जातक फूड इंडस्ट्री, रेस्टोरेंट या
21:43कैटरिंग के बिजनेस में भी बहुत नाम और
21:45पैसा कमाते हैं क्योंकि उन्हें स्वाद की
21:47गहरी समझ होती है। आर्थिक सुरक्षा का भाव
21:50इनके अंदर कूट-कूट कर भरा होता है। यह लोग
21:53भविष्य के लिए बचत करने में विश्वास रखते
21:56हैं। फिजूल खर्ची इन्हें बिल्कुल पसंद
21:58नहीं होती। यह अपनी कमाई का एक बड़ा
22:00हिस्सा बुरे वक्त के लिए बचा कर रखते हैं।
22:03इनका मानना होता है कि पैसा ही जीवन की कई
22:05समस्याओं का हल है। इसलिए यह अपनी आर्थिक
22:08नीव को कमजोर नहीं होने देते। यह निवेश
22:11करने में बहुत समझदार होते हैं और जोखिम
22:14भरे निवेश की जगह सुरक्षित निवेश जैसे
22:16फिक्स डिपॉजिट, गोल्ड या सरकारी बॉन्ड्स
22:19में पैसा लगाना पसंद करते हैं। धीरे-धीरे
22:22और लगातार धन जोड़ना इनकी रणनीति होती है
22:25जो इन्हें जीवन के उत्तरार्ध में बहुत
22:28अमीर बनाती है। अंत में हम यह भी कहेंगे
22:31कि ऐसे जातकों की कल्पना शक्ति बहुत धनी
22:34होती है। या अपनी बातों से, अपनी कहानियों
22:37से या अपनी लेखनी से भी पैसा कमा सकते
22:40हैं। अगर यह कला या साहित्य के क्षेत्र
22:42में जाते हैं तो वहां भी अपनी पारिवारिक
22:45विरासत और संस्कारों की छाप छोड़ते हैं।
22:48समाज में इन्हें एक कुलीन और सभ्य व्यक्ति
22:50के रूप में देखा जाता है। इनकी प्रतिष्ठा
22:53इनके धन से ज्यादा इनके व्यवहार और
22:56खानदानी रसूख के कारण होती है। यह जहां भी
22:59जाते हैं, अपने परिवार का नाम रोशन करते
23:02हैं। हर सिक्के का दूसरा पहलू भी होता है
23:04और इस स्थिति में भी कुछ सावधानियां बरतना
23:07जरूरी है। जब सुख भाव का स्वामी धन भाव
23:10में आता है और यदि वह किसी पाप ग्रह के
23:13प्रभाव में हो या नीच स्थिति में हो तो यह
23:16पारिवारिक कलह का कारण बन सकता है। धन और
23:19संपत्ति ही परिवार में झगड़ों की झड़ बन
23:21जाती है। जिस परिवार से जातक एक को सुख
23:24मिलना चाहिए था वही परिवार जायदाद के
23:26बंटवारे को लेकर युद्ध का मैदान बन जाता
23:28है। भाइयों या रिश्तेदारों के बीच पैसे को
23:31लेकर मनमुटाव इतना बढ़ जाता है कि बात
23:33कोर्ट कचहरी तक पहुंच जाती है। यह स्थिति
23:36जातक के मन को बहुत गहरी चोट पहुंचाती है
23:39क्योंकि वह स्वभाव से परिवार प्रेमी होता
23:41है लेकिन हालात उसे अपनों के खिलाफ खड़ा
23:44कर देते हैं। वाणी दोष इस स्थिति का एक और
23:47नकारात्मक पक्ष हो सकता है। यदि ग्रह
23:50स्थिति बिगड़ जाए तो जातक की वाणी बहुत
23:52कड़वी हो सकती है। वह घर में या बाहर ऐसी
23:55बातें बोल जाता है जो दूसरों के दिल को
23:58छलनी कर देती हैं। विशेषकर जब वह गुस्से
24:01में होता है तो उसे अपनी भाषा पर नियंत्रण
24:03नहीं रहता। वह अपनी माता या घर के बड़ों
24:06का अपमान कर सकता है। जिससे उसे बाद में
24:09पछतावा तो होता है लेकिन तब तक तीर कमान
24:13से निकल चुका होता है। यह कड़वी बोली उसके
24:15बने बनाए काम बिगाड़ देती है और उसके
24:18सामाजिक संपर्कों को नुकसान पहुंचाती है।
24:21लोग उससे बात करने से कतराने लगते हैं। धन
24:24को लेकर अत्यधिक आसक्ति या कंजूसी भी एक
24:26समस्या बन सकती है। कई बार यह लोग पैसे
24:29जोड़ने के चक्कर में वर्तमान के सुखों को
24:31मार देते हैं। कल के लिए बचाना है कि रट
24:34लगाकर यह आज की जरूरतों को भी नजरअंदाज कर
24:37देते हैं। घर की मरम्मत करवानी हो या खुद
24:40के लिए कुछ खरीदना हो यह हर जगह हाथ खींच
24:43लेते हैं। यह प्रवृत्ति घर के अन्य
24:45सदस्यों को परेशान करती है और उन्हें लगता
24:48है कि जातक केवल पैसों से प्यार करता है।
24:50इंसानों से नहीं। दूसरी ओर कभी-कभी यह घर
24:53की दिखावटी सजावट पर इतना पैसा बर्बाद कर
24:56देते हैं कि उनकी जमा पूंजी खत्म होने
24:58लगती है जिससे आर्थिक संतुलन बिगड़ जाता
25:00है। माता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता
25:03बनी रह सकती है। क्योंकि चौथा घर माता का
25:06है और दूसरा घर मार्ग स्थान भी माना जाता
25:08है। इसलिए माता को मुख दांत या गले से
25:10संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। माता के
25:13इलाज पर मोटा पैसा खर्च होने की संभावना
25:15रहती है। इसके अलावा माता का अत्यधिक
25:18हस्तक्षेप जातक के आर्थिक फैसलों में बाधा
25:21डाल सकता है। जातक अपनी पत्नी और मां के
25:24बीच पिस सकता है। खासकर धन के प्रबंधन को
25:27लेकर यह सास बहू का झगड़ा जातक की मानसिक
25:30शांति को पूरी तरह भंग कर सकता है। खानपान
25:33की गलत आदतें स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा
25:36सकती हैं। अच्छे भोजन का शौक कभी-कभी नशे
25:39या तामसिक भोजन की लत में बदल सकता है।
25:42यदि जातक अपनी जीभ पर नियंत्रण ना रखे तो
25:45उसे मोटापे, डायबिटीज या दांतों की
25:47समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। चौथा
25:51स्वामी दूसरे में होने से जातक भावात्मक
25:53रूप से खाने, इमोशनल ईटिंग की ओर प्रवृत्त
25:56हो सकता है। यानी जब वह दुखी या तनाव में
25:59होता है तो वह बहुत ज्यादा खाने लगता है
26:02जो उसके शरीर के लिए हानिकारक है। शिक्षा
26:05में बाधाएं भी आ सकती हैं। खासकर अगर
26:07पारिवारिक माहौल ठीक ना हो। घर में पैसों
26:10की तंगी या रोज-रोज की किचकिच के कारण
26:12जातक अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं
26:15कर पाता। कई बार उसे अपनी शिक्षा अधूरी
26:17छोड़कर कम उम्र में ही धन कमाने के लिए
26:19निकलना पड़ता है। यह जिम्मेदारी का बोझ
26:22उसे समय से पहले बड़ा बना देता है। लेकिन
26:24उसके मन में कहीं ना कहीं अपनी अधूरी
26:26पढ़ाई का मलाल रह जाता है। अंत में एक और
26:30नकारात्मक पहलू यह है कि जातक अपनी खुशी
26:33को केवल भौतिक वस्तुओं में ढूंढने लगता
26:35है। उसे लगता है कि अगर उसके पास बड़ा घर
26:38और बैंक बैलेंस है तभी वह सुखी है। इस
26:41दौड़ में वह अपने मानसिक सुकून और
26:43छोटी-छोटी खुशियों को नजरअंदाज कर देता
26:46है। जब कभी आर्थिक उतार-चढ़ाव आता है तो
26:49वह डिप्रेशन या गहरी चिंता का शिकार हो
26:52जाता है क्योंकि उसकी पहचान ही उसके धन से
26:54जुड़ी होती है। इस ग्रह योग के प्रतिकूल
26:57प्रभावों को शांत करने और शुभ फलों को
27:00बढ़ाने के लिए हमारे शास्त्रों में बहुत
27:02ही व्यावहारिक और सात्विक उपाय बताए गए
27:04हैं। सबसे पहला और परम आवश्यक उपाय है
27:08वाणी की शुद्धि। क्योंकि दूसरा घर वाणी का
27:11है इसलिए आपको कसम खानी चाहिए कि आप कभी
27:14भी किसी भी परिस्थिति में गाली गलौज या
27:16अपशब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे। विशेष
27:19रूप से अपनी माता और घर के बुजुर्गों से
27:22ऊंची आवाज में बात ना करें। जितनी मिठास
27:25आपकी बोली में होगी उतना ही धन और सुख
27:27आपके जीवन में बढ़ता जाएगा। यह एक ऐसा
27:30जादुई उपाय है जो बिना किसी खर्च के आपके
27:32ग्रहों को अनुकूल कर देता है। माता
27:35लक्ष्मी और भगवान विष्णु की संयुक्त
27:37उपासना करें। चौथा घर सुख का और दूसरा धन
27:41का है। इसलिए लक्ष्मीारायण की पूजा घर में
27:43सुख और समृद्धि दोनों लाती है। शुक्रवार
27:46के दिन घर में खीर बनाएं और उसका भोग माता
27:49लक्ष्मी को लगाएं। फिर उस खीर को प्रसाद
27:52के रूप में पूरे परिवार के साथ मिल बांटकर
27:54खाएं। यह उपाय परिवार में मिठास घोलेगा और
27:57धन की आवक को बढ़ाएगा।
27:59कोशिश करें कि भोजन हमेशा रसोई घर में या
28:02जमीन पर बैठकर खाएं। इससे राहु का
28:04दुष्प्रभाव कम होता है और परिवार एकजुट
28:07रहता है। चांदी का प्रयोग आपके लिए अत्यंत
28:09लाभकारी है। चौथा घर चंद्रमा का कारक है।
28:13आप चांदी के गिलास में पानी पीने की आदत
28:15डालें। यह ना केवल आपके शरीर को शीतलता
28:18देगा बल्कि आपके मन के चंद्रमा को भी शांत
28:21रखेगा। यदि संभव हो तो अपने गले में चांदी
28:24की चैन या हाथ में चांदी का कड़ा धारण
28:27करें। घर की नींव में या लॉकर में चांदी
28:30का एक चौकोर टुकड़ा रखना भी धन को
28:32सुरक्षित रखने और बढ़ाने में मदद करता है।
28:35शिक्षा और विद्यार्थियों की मदद करना आपके
28:39लिए बहुत शुभ फलदाई रहेगा। क्योंकि चौथा
28:41घर विद्या का है इसलिए गरीब और जरूरतमंद
28:44बच्चों को पढ़ाई की सामग्री दान करें।
28:47किसी होनहार बच्चे की स्कूल की फीस भर
28:49देना या उसे किताबें दिलाना आपके भाग्य के
28:52बंद दरवाजे खोल सकता है। विद्या का दान
28:55महादान होता है और इस योग में यह आपके धन
28:58के भंडार को भरने का काम करता है। आप किसी
29:01भी शिक्षण संस्थान में जाकर पानी की
29:03व्यवस्था जैसे वाटर कूलर भी करवा सकते
29:06हैं। घर के वास्तु का ध्यान रखना बहुत
29:09जरूरी है। अपने घर के उत्तर पूर्व कोने
29:11ईशान कोण को हमेशा साफ और हल्का रखें।
29:14वहां भारी सामान ना रखें। घर में नल से
29:16पानी टपकना धन की बर्बादी का संकेत है।
29:19इसलिए इसे तुरंत ठीक करवाएं। अपने घर के
29:22मुख्य द्वार को हमेशा सुंदर और साफ रखें
29:24और वहां शाम के समय रोशनी जरूर करें। यह
29:27सकारात्मक ऊर्जा को आपके घर में आमंत्रित
29:29करता है। भगवान शिव की आराधना मन की शांति
29:32के लिए अचूक है। रोज सुबह स्नान के बाद ओम
29:35नमः शिवाय का जाप करें। सोमवार को शिव
29:38मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध
29:40चढ़ाएं। शिव जी चंद्रमा को धारण करते हैं।
29:43इसलिए उनकी पूजा से मानसिक तनाव दूर होता
29:46है और पारिवारिक क्लेश शांत होते हैं। झूठ
29:49बोलने से बचें और ईमानदारी से धन कमाएं।
29:52बेईमानी का पैसा इस योग में टिकता नहीं है
29:55और वह अपने साथ बीमारियां या कोर्ट कचहरी
29:57के मामले लेकर आता है। अपनी कमाई का एक
29:59छोटा हिस्सा नियमित रूप से धार्मिक
30:02कार्यों या गरीबों को भोजन कराने में खर्च
30:04करें। अन्नदान इस स्थिति के लिए सर्वोत्तम
30:07दान माना गया है। भूखे को खाना खिलाने से
30:10आपके दूसरे घर के दोष कटते हैं। अंत में
30:13अपनी माता की सेवा को ही अपनी सबसे बड़ी
30:16पूजा समझें। रोज घर से निकलने से पहले
30:18उनके चरण स्पर्श करें। यदि वे दूर रहती
30:21हैं तो उनसे रोज फोन पर बात करें और उनका
30:24हालचाल लें। उनका आशीर्वाद आपके लिए किसी
30:27भी रत्न या ताबीज से ज्यादा शक्तिशाली है।
30:30माता प्रसन्न रहेंगी तो घर में बरकत अपने
30:33आप बनी रहेगी। जब चौथे घर का स्वामी यानी
30:36सुकेश उठकर तीसरे भाव में जा बैठता है तो
30:39यह एक बहुत ही दिलचस्प और कर्म प्रधान
30:41स्थिति का निर्माण करता है। ज्योतिष की
30:44भाषा में इसे सुख का पराक्रम में जाना कहा
30:46जाता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस जातक
30:49को जीवन में सुख सुविधाएं थाली में परोसी
30:52हुई नहीं मिलती बल्कि इसे अपने बाहुबल और
30:54मेहनत से अपना सुख अर्जित करना पड़ता है।
30:56यह स्थिति व्यक्ति को सेल्फ मेड यानी
30:59स्वनिर्मित बनाती है। जिस प्रकार एक
31:01मूर्तिकार पत्थर को तराश कर उसे भगवान की
31:04मूरत बनाता है। ठीक उसी प्रकार यह जातक
31:06अपने जीवन की कठिनाइयों को तराश कर उनसे
31:09अपने लिए खुशियों का महल खड़ा करता है। इस
31:12ग्रह स्थिति का सबसे बड़ा और सकारात्मक
31:14पक्ष यह है कि यह जातक को अदम्य, साहसी और
31:17जुझारू बनाती है। जब सुख भाव का स्वामी
31:21पराक्रम भाव में आता है तो व्यक्ति का मन
31:24किसी भी चुनौती से घबराता नहीं है। इनके
31:26अंदर एक अद्भुत इच्छाशक्ति होती है। यह
31:29लोग विपरीत परिस्थितियों में भी
31:31मुस्कुराना जानते हैं क्योंकि इनका मन
31:33चौथा भाव इनके साहस तीसरा भाव के साथ जुड़
31:37गया है। यह लोग कर्म ही पूजा है के
31:40सिद्धांत पर जीते हैं। आप देखेंगे कि ऐसे
31:43लोग कभी भी खाली बैठना पसंद नहीं करते।
31:46इन्हें हमेशा कुछ ना कुछ करते रहने में ही
31:48आनंद आता है और यही सक्रियता इनके जीवन
31:51में धन और समृद्धि लेकर आती है। इनका सुख
31:54निठल्ले बैठकर खाने में नहीं बल्कि दौड़
31:57भाग करके चीजों को हासिल करने में है।
31:59संचार कौशल और वाणी के माध्यम से सफलता इस
32:03योग का एक और शानदार पहलू है। तीसरा भाव
32:06कम्युनिकेशन यानी बातचीत का है और चौथा
32:09भाव भावनाओं का। जब यह दोनों मिलते हैं तो
32:12जातक की वाणी में गजब की भावना और गहराई आ
32:14जाती है। ऐसे लोग बहुत अच्छे लेखक, कवि,
32:17गीतकार या पत्रकार बन सकते हैं। इनकी
32:20बातों में वह जादू होता है जो सुनने वाले
32:22के दिल को छू लेता है। यह अपनी कलम या
32:25अपनी जुबान के जरिए लोगों की भावनाओं को
32:28जागृत करने की क्षमता रखते हैं। अगर यह
32:30सेल्स या मार्केटिंग के क्षेत्र में हो तो
32:33यह किसी को भी अपनी बातों से अपना मुरीद
32:35बना लेते हैं। इनका संवाद केवल शब्दों का
32:38खेल नहीं होता बल्कि उसमें एक अपनापन और
32:41संवेदना होती है जो सामने वाले को विश्वास
32:44दिलाती है। भाई-बहनों के साथ संबंध और
32:47उनसे मिलने वाला सुख भी यहां महत्वपूर्ण
32:49है। तीसरे घर में चौथे स्वामी का होना यह
32:52संकेत देता है कि जातक के छोटे भाई-बहन
32:55उसके लिए सुख का कारण बनते हैं। कई बार यह
32:58देखा गया है कि जातक अपने भाई-बहनों की
33:00देखभाल माता-पिता की तरह करता है या फिर
33:03छोटे भाई-बहन जातक की हर मुश्किल में ढाल
33:06बनकर खड़े रहते हैं। यह आपसी प्रेम और
33:09सहयोग जातक के जीवन को खुशियों से भर देता
33:11है। भाई-बनों के साथ मिलकर किया गया कोई
33:14भी काम या व्यवसाय इनके लिए बहुत फलदाई
33:17सिद्ध होता है। परिवार का सुख इन्हें अपने
33:20सहोदरों के माध्यम से ही प्राप्त होता है।
33:23स्वर्जित संपत्ति का सुख इन्हें विशेष रूप
33:25से मिलता है। हालांकि इन्हें विरासत में
33:28मिली संपत्ति को लेकर कुछ संघर्ष करना पड़
33:31सकता है। लेकिन जो घर या जायदाद यह अपनी
33:34मेहनत से बनाते हैं, उसका सुख अतुलनीय
33:36होता है। यह लोग अक्सर अपनी जन्मभूमि से
33:39दूर किसी दूसरे शहर या राज्य में अपना घर
33:42बनाते हैं। यह घर इनकी मेहनत से बनते हैं।
33:45का जीता जागता सबूत होता है। अपने हाथों
33:48से ईंटई जोड़कर बनाए गए आशियाने में रहने
33:51का जो सुकून इन्हें मिलता है, वह किसी महल
33:53में भी नहीं मिल सकता। रियलस्टेट,
33:56आर्किटेक्चर या इंटीरियर डिजाइनिंग जैसे
33:59क्षेत्रों में भी यह लोग बहुत अच्छा
34:01प्रदर्शन करते हैं क्योंकि इनके पास घर को
34:04सुंदर बनाने की एक स्वाभाविक समझ होती है।
34:08छोटी यात्राएं इनके लिए भाग्यवर्धक साबित
34:11होती हैं। क्योंकि तीसरा घर यात्राओं का
34:13है और चौथा घर सुख का इसलिए इन लोगों को
34:17घूमने फिरने से बहुत मानसिक शांति मिलती
34:19है। जब भी यह जीवन के तनाव से घिर जाते
34:22हैं तो एक छोटी सी यात्रा इनकी बैटरी को
34:24रिचार्ज कर देती है। अक्सर देखा गया है कि
34:27इनकी तरक्की और सुख के रास्ते यात्राओं के
34:30दौरान ही खुलते हैं। हो सकता है कि किसी
34:33यात्रा में इनकी मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति
34:35से हो जाए जो इनके करियर को नई दिशा दे
34:37दे। तीर्थ यात्राएं या प्रकृति के करीब
34:40समय बिताना इनके मन को बहुत सुकून देता
34:43है। हाथ के हुनर में यह लोग माहिर होते
34:46हैं। तीसरा घर हमारे हाथों का भी होता है।
34:48जब मन का स्वामी हाथों के भाव में आ जाए
34:51तो व्यक्ति के हाथों में जादू होता है। यह
34:54लोग बहुत अच्छे चित्रकार, मूर्तिकार, शेफ
34:57या सजन हो सकते हैं। जिस काम में हाथों की
35:00कारीगरी और मन की एकाग्रता दोनों की जरूरत
35:02हो, उस काम में इनका कोई सानी नहीं होता।
35:05यह अपने शौक, हॉबीज को ही अपने प्रोफेशन
35:09में बदलने की क्षमता रखते हैं। खाना
35:11बनाना, बागवानी करना या कोई वाद्य यंत्र
35:14बजाना इन्हें आत्मिक सुख प्रदान करता है।
35:17इनका व्यक्तित्व बहुत ही चुंबकीय होता है।
35:20यह लोग अपने पड़ोसियों और आसपास के लोगों
35:23के बीच बहुत लोकप्रिय होते हैं। चौथा घर
35:25जनता का भी है। जब यह तीसरे में आता है,
35:28तो व्यक्ति अपने आसपास के समुदाय में अपनी
35:31सेवा और मदद के लिए जाना जाता है।
35:33पड़ोसियों के साथ इनके संबंध बहुत मधुर
35:35होते हैं और जरूरत पड़ने पर पड़ोसी इनके
35:38काम आते हैं। इनका मिलनसार स्वभाव इन्हें
35:40समाज में एक अच्छी छवि बनाने में मदद करता
35:43है। यह लोग अपनी बातों को बहुत ही तार्किक
35:45और प्रभावशाली ढंग से रखने में सक्षम होते
35:47हैं। जिससे लोग इनकी सलाह लेना पसंद करते
35:50हैं। अंत में यह योग जातक को एक फाइटर
35:54बनाता है। जीवन की शुरुआत में चाहे जितनी
35:56भी मुश्किलें हो, यह लोग हार नहीं मानते।
35:59इनका आत्मविश्वास ही इनकी सबसे बड़ी पूंजी
36:02है। जैसे-जैसे इनकी उम्र बढ़ती है, इनका
36:06सुख और रसूख भी बढ़ता जाता है। यह अपने
36:08बच्चों को भी यही संस्कार देते हैं कि
36:10मेहनत से कमाया हुआ सुख ही असली सुख है।
36:13इनका जीवन दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत
36:16बनता है कि कैसे शून्य से शिखर तक पहुंचा
36:18जा सकता है। ज्योतिष में हर स्थिति के दो
36:21पहलू होते हैं और यहां भी कुछ चुनौतियां
36:24छिपी हैं। चौथा घर मन की शांति का है और
36:27तीसरा घर संघर्ष और भागदौड़ का है। जब सुख
36:30भाव का स्वामी संघर्ष के घर में चला जाता
36:32है तो जातक को मानसिक शांति आसानी से नहीं
36:35मिलती। इनके दिमाग में हमेशा उधेड़बंद
36:38चलती रहती है। ओवरथिंकिंग यानी जरूरत से
36:41ज्यादा सोचना इनकी सबसे बड़ी समस्या बन
36:44सकती है। छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंता
36:46करना और भविष्य के काल्पनिक डर से घबराना
36:49इनकी रातों की नींद हराम कर सकता है। यह
36:52मन की चंचलता इन्हें एक जगह टिक कर बैठने
36:55नहीं देती जिससे इन्हें रिलैक्स करने में
36:58बहुत मुश्किल होती है। माता से दूरी या
37:00माता को कष्ट इस योग का एक नकारात्मक
37:03प्रभाव हो सकता है। क्योंकि तीसरा घर चौथे
37:07से 12वां व्यय भाव होता है। इसलिए यह सुख
37:11का व्यय या माता का व्यय दर्शा सकता है।
37:14इसका मतलब यह हो सकता है कि जातक को पढ़ाई
37:17या नौकरी के सिलसिले में अपनी माता से दूर
37:20रहना पड़े या फिर माता का स्वास्थ्य कमजोर
37:23रह सकता है। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि
37:26माता के साथ विचारों का मतभेद रहता है।
37:28जातक अपनी माता से बहुत प्यार करते हुए भी
37:31उनके साथ तालमेल बिाने में संघर्ष करता
37:33है। यह भावनात्मक दूरी जातक के मन में एक
37:36खालीपन छोड़ देती है। जन्मभूमि से वियोग
37:39का दुख इन्हें सहना पड़ सकता है। जैसा कि
37:43हमने पहले कहा इनकी तरक्की अक्सर घर से
37:45दूर होती है। लेकिन इसका एक स्याह पक्ष यह
37:48है कि इन्हें अपने घर, अपने गांव और अपनी
37:51मिट्टी की याद बहुत सताती है। होम सिकनेस
37:54इनके लिए एक बड़ी समस्या हो सकती है।
37:56परदेश में सब कुछ पाकर भी इन्हें लगता है
37:58कि कुछ पीछे छूट गया है। कई बार यह अपनी
38:01पुरानी संपत्ति या पुश्तैनी मकान को बेचने
38:04के लिए मजबूर हो सकते हैं या उसे खो सकते
38:06हैं। अपनी झंडों से कटने का दर्द इनके दिल
38:09में हमेशा बना रहता है। संपत्ति को लेकर
38:12विवाद और धोखा भी संभव है। तीसरे घर में
38:15बैठा चौथा स्वामी कभी-कभी कागजी कारवाई
38:18डॉक्यूमेंटेशन में गड़बड़ी का संकेत देता
38:20है। यदि यह ग्रह पाप प्रभाव में है तो
38:23भाई-बहनों या रिश्तेदारों के साथ जमीन
38:26जायदाद को लेकर लंबी लड़ाई चल सकती है।
38:29जिस भाई पर इन्होंने सबसे ज़्यादा भरोसा
38:31किया, वही पीठ में छुरा घोंप सकता है।
38:34प्रॉपर्टी खरीदते समय दस्तावेजों में कमी
38:37रह जाना या किसी गलत डील में फंस जाना
38:40इनकी जमा पूंजी को खतरे में डाल सकता है।
38:43इसलिए इन्हें बहुत सतर्क रहने की जरूरत
38:45होती है। शिक्षा में रुकावटें या विषय में
38:48बदलाव की संभावना रहती है। मन स्थिर ना
38:51होने के कारण पढ़ाई में एकाग्रता की कमी
38:54हो सकती है। यह लोग अक्सर एक कोर्स शुरू
38:56करते हैं और फिर बीच में ही उसे छोड़कर
38:58दूसरा कोर्स पकड़ लेते हैं। यह अस्थिरता
39:01इनके करियर के शुरुआती दौर में बाधा बन
39:04सकती है। औपचारिक शिक्षा में इन्हें
39:06दूसरों की तुलना में ज्यादा मेहनत करनी
39:08पड़ती है। कभी-कभी घरेलू जिम्मेदारियों या
39:11भागदौड़ के कारण इनकी पढ़ाई बीच में ही
39:14छूट जाती है। जिसका मलाल इन्हें जीवन भर
39:16रहता है। वाहन से कष्ट या दुर्घटना का भय
39:19भी बना रह सकता है। क्योंकि चौथा घर वाहन
39:22का है और तीसरा घर यात्रा का। यदि यहां
39:25पाप ग्रहों की दृष्टि हो तो जातक को वाहन
39:27चलाते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।
39:30गाड़ी बार-बार खराब होना या यात्रा के
39:33दौरान अनावश्यक परेशानियां आना इनके सुख
39:36में खलल डाल सकता है। इन्हें पुरानी गाड़ी
39:39खरीदने से बचना चाहिए क्योंकि वह इनके लिए
39:42सिर दर्द बन सकती है। साहस का दुरुपयोग या
39:45गलत संगत भी एक खतरा है। कभी-कभी अत्यधिक
39:48आत्मविश्वास में आकर यह लोग ऐसे जोखिम उठा
39:51लेते हैं जो इनके लिए नुकसानदेह साबित
39:53होते हैं। अगर संगति गलत हो जाए तो यह
39:56अपनी ऊर्जा को गलत दिशा में लगा सकते हैं।
39:58जैसे जुआ, सट्टा या गैरकानूनी काम। यह
40:02प्रवृत्ति इनके बने बनाए परिवार और सुख को
40:04बर्बाद कर सकती है। पड़ोसियों के साथ
40:07छोटी-छोटी बातों पर उलझना या गसिप चुगली
40:11करना इनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल कर
40:14सकता है। फेफड़ों या श्वसन तंत्र से
40:17संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
40:20काल पुरुष की कुंडली में तीसरा और चौथा
40:22भाव छाती और फेफड़ों का प्रतिनिधित्व करते
40:25हैं। इस योग में जातक को अस्थमा,
40:27ब्रोंकाइटिस या सांस लेने में तकलीफ जैसी
40:30समस्याएं परेशान कर सकती हैं। मौसम बदलते
40:33ही इन्हें सर्दी, खांसी जल्दी पकड़ लेती
40:35है। यदि यह धूम्रपान करते हैं, तो यह इनके
40:38लिए जहर समान है और इन्हें इससे फौरन दूरी
40:41बना लेनी चाहिए। इस स्थिति के नकारात्मक
40:44प्रभावों को कम करने और जीवन में सुख
40:46शांति लाने के लिए हमारे आर्शियों ने बहुत
40:48ही कारगर और सात्विक उपाय बताए हैं। सबसे
40:51पहला और महत्वपूर्ण उपाय है भाई बहनों का
40:53सम्मान और सेवा। क्योंकि आपकी कुंडली में
40:55सुख का रास्ता तीसरे घर भाई-बहन से होकर
40:58जाता है। इसलिए अपने छोटे भाई बहनों से
41:00कभी भी संबंध खराब ना करें। उनकी यथासंभव
41:04मदद करें। 30 त्यहारों पर उन्हें उपहार
41:06दें। यदि आप अपने भाइयों से बनाकर रखेंगे
41:10तो आप देखेंगे कि आपके जीवन की आधी
41:12समस्याएं अपने आप खत्म हो गई हैं। यह एक
41:15ऐसा टोटका है जो सीधे आपके भाग्य को
41:17प्रभावित करता है। माता की सेवा और उनका
41:20आशीर्वाद लेना परम आवश्यक है। भले ही आप
41:23माता से दूर रहते हो लेकिन मानसिक रूप से
41:26उनसे जुड़े रहें। रोज उन्हें फोन करें। जब
41:29भी घर जाएं उनके लिए कोई ना कोई उपहार
41:31जरूर ले जाएं। विशेषकर सफेद रंग की
41:33वस्तुएं जैसे कपड़े या मिठाई। माता के चरण
41:36स्पर्श करके घर से निकलना आपके लिए
41:38सुरक्षा कवच का काम करेगा। यदि माता नहीं
41:41है तो किसी वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्ग
41:43महिलाओं की सेवा करें और उन्हें भोजन
41:45कराएं। यह आपके चौथे घर को मजबूत करेगा।
41:48भगवान गणेश और हनुमान जी की उपासना आपके
41:51लिए अत्यंत लाभकारी है। तीसरा घर बुध और
41:54मंगल का प्रभाव लिए होता है। बुधवार को
41:57भगवान गणेश को दूवा घास अर्पित करें और ओम
42:00गम गणपतय नमः का जाप करें। इससे आपकी
42:03बुद्धि स्थिर होगी और सही निर्णय लेने में
42:06मदद मिलेगी। मंगलवार को हनुमान चालीसा का
42:09पाठ करना आपके साहस को सही दिशा देगा और
42:12मन के डर को खत्म करेगा। हनुमान जी बल और
42:15बुद्धि दोनों के दाता हैं जो इस योग में
42:17संतुलन बनाने के लिए जरूरी है। दान पुण्य
42:20को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। तीसरे
42:23घर की शांति के लिए आप गरीबों को दवाइयों
42:25का दान कर सकते हैं। किसी बीमार व्यक्ति
42:28के इलाज में मदद करना आपके लिए बहुत शुभ
42:31है। इसके अलावा चौथा घर जल का है तो
42:34गर्मियों में प्याऊ लगवाना या पक्षियों के
42:36लिए पानी रखना आपके मानसिक तनाव को कम
42:39करेगा। शिक्षा से जुड़ी सामग्री जैसे पेन,
42:43पेंसिल या किताबें, जरूरतमंद बच्चों को
42:45बांटना भी एक बेहतरीन उपाय है। प्राणायाम
42:48और ध्यान मेडिटेशन आपके लिए अनिवार्य है।
42:52क्योंकि आपको फेफड़ों और मन की समस्या हो
42:54सकती है। इसलिए रोज सुबह अनुलोम विलोम और
42:57भ्रामरी प्राणायाम करें। अपनी सांसों पर
43:00नियंत्रण रखने से आपका मन शांत होगा।
43:03तीसरा घर सांस का है और चौथा घर मन का। जब
43:07आप सांसों को लयबद्ध करते हैं तो आपका मन
43:09अपने आप स्थिर हो जाता है। यह उपाय किसी
43:12भी दवाई से ज्यादा असरदार है। दस्तावेजों
43:14के मामले में हमेशा सतर्क रहें। कोई भी
43:17जमीन या मकान खरीदते समय कागजातों की दो
43:20बार जांच करवाएं। किसी भी कागज पर बिना
43:22पढ़े हस्ताक्षर ना करें। अगर संभव हो तो
43:25संपत्ति अपनी माता या पत्नी के नाम पर
43:27खरीदें। यह आपके लिए ज्यादा फलदाई हो सकता
43:30है। गले और छाती की सुरक्षा करें। चांदी
43:33की चैन या लॉकेट गले में धारण करना आपके
43:35लिए शुभ रहेगा। चांदी चंद्रमा की धातु है
43:38जो मन को शीतलता प्रदान करती है और तीसरे
43:41भाव के उग्र प्रभावों को शांत करती है।
43:43खाने में ठंडी चीजों का परहेज करें और
43:46स्वास्थ्यवर्धक भोजन लें। नकारात्मक बातों
43:49और चुगली से दूर रहें। अपनी ऊर्जा को
43:51सकारात्मक संवाद में लगाएं। अच्छा साहित्य
43:54पढ़ें। अच्छी बातें लिखें या बोलें। जब आप
43:57अपनी वाणी और संचार का प्रयोग दूसरों का
43:59भला करने या उन्हें प्रेरित करने के लिए
44:01करते हैं तो ब्रह्मांड आपको उसका फल सुख
44:05और समृद्धि के रूप में लौट आता है। इन
44:07उपायों को सच्चे मन से करने से निश्चित
44:09रूप से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव
44:11आएंगे। चौथे भाव का मालिक अपने ही घर में
44:15यानी चौथे भाव में आकर बैठ जाता है तो
44:18ज्योतिष शास्त्र में इसे एक अत्यंत राजसी
44:21और शक्तिशाली स्थिति माना जाता है। इसे आप
44:24ऐसे समझें कि एक राजा अपने ही किले में
44:27अपने ही सिंहासन पर विराजमान है। जब राजा
44:30अपने घर में होता है तो वह सबसे ज्यादा
44:32सुरक्षित, प्रसन्न और शक्तिशाली महसूस
44:34करता है। ठीक यही स्थिति इस ग्रह की होती
44:37है। यह स्वग्रही अवस्था कहलाती है। इस
44:41स्थिति में ग्रह अपने घर को यानी आपके
44:44सुखों को पूरी तरह से सुरक्षित कर लेता
44:46है। यह एक महापुरुष योग के समान फल देने
44:50वाली स्थिति है। जहां जातक को जीवन की
44:53बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष नहीं करना
44:56पड़ता। उसका जन्म ही मानो सुख भोगने के
45:00लिए हुआ हो। इस ग्रह स्थिति का सबसे बड़ा
45:03और प्रत्यक्ष लाभ यह है कि जातक को जीवन
45:06में भूमि, भवन और वाहन का सुख प्रचुर
45:08मात्रा में मिलता है। जब सुकेश अपने ही घर
45:11में हो तो व्यक्ति को अपने सिर पर छत के
45:13लिए कभी भटकना नहीं पड़ता। अक्सर देखा गया
45:16है कि ऐसे जातक एक बहुत ही विशाल और भव्य
45:18घर के स्वामी बनते हैं। यह घर या तो
45:21इन्हें विरासत में मिलता है या यह अपनी
45:23मेहनत से कम उम्र में ही अपना आशियाना बना
45:26लेते हैं। इनका घर साधारण नहीं होता बल्कि
45:30उसमें सुख सुविधा की हर चीज मौजूद होती
45:32है। कई बार यह लोग एक से अधिक मकानों या
45:36जमीनों के मालिक होते हैं। खेतीबाड़ी,
45:39फार्म हाउस या रियलस्टेट के काम से इन्हें
45:42बहुत लाभ होता है। इन्हें लैंड लॉर्ड या
45:44जमींदार जैसी हैसियत प्राप्त होती है।
45:47इनके पास केवल जमीन ही नहीं होती बल्कि उस
45:50जमीन से उपजने वाला धन और अन्न भी भरपूर
45:53होता है। माता का सुख और उनका प्रभाव इस
45:57योग का एक अत्यंत स्वर्णिम पक्ष है। चौथा
46:01घर माता का है और जब स्वामी वहीं बैठा हो
46:03तो माता की आयु लंबी होती है और उनका
46:06स्वास्थ्य अच्छा रहता है। जातक के लिए
46:08उसकी माता ही उसके जीवन की धुरी होती है।
46:11माता का व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली होता
46:13है और घर में उन्हीं का शासन चलता है।
46:16जातक अपनी माता से बहुत गहरा भावनात्मक
46:19जुड़ाव रखता है। माता ना केवल उनका पोषण
46:22करती हैं बल्कि एक गुरु और मार्गदर्शक की
46:25भूमिका भी निभाती हैं। माता के आशीर्वाद
46:27से ही जातक के जीवन के सारे बंद दरवाजे
46:30खुलते जाते हैं। कई मामलों में देखा गया
46:32है कि माता स्वयं एक कामकाजी या संपत्ति
46:35की मालकिन होती हैं। जिसका सीधा लाभ जातक
46:38को मिलता है। मानसिक शांति और आंतरिक
46:41संतोष इस स्थिति का सबसे अनमोल उपहार है।
46:44दुनिया में सब कुछ खरीदा जा सकता है,
46:46लेकिन मन का चयन नहीं, परंतु इस जातक के
46:49पास वह भी नैसर्गिक रूप से उपलब्ध होता
46:52है। यह लोग स्वभाव से बहुत ही स्थिर और
46:55गंभीर होते हैं। इनके चेहरे पर एक अलग ही
46:58सौम्यता और ठहराव दिखाई देता है। जीवन में
47:02चाहे कितनी भी उथल-पुथल क्यों ना हो, यह
47:04लोग अपना मानसिक संतुलन नहीं खोते। इनका
47:07मन एक शांत सरोवर की तरह होता है। यह
47:09भावनात्मक रूप से बहुत मजबूत होते हैं और
47:12दूसरों को भी मुसीबत के समय ढांडस बंधाने
47:15में सक्षम होते हैं। लोग इनके पास आकर
47:17अपनी समस्याएं सांझा करते हैं क्योंकि
47:19इनकी मौजूदगी में एक सुकून मिलता है।
47:22शिक्षा के क्षेत्र में यह योग बहुत ही
47:24उत्तम परिणाम देता है। चौथा घर हमारी
47:27स्कूली शिक्षा और डिग्री का होता है। जब
47:30स्वामी यहां बलवान होकर बैठता है तो जातक
47:32की शैक्षणिक नियम बहुत मजबूत होती है। यह
47:35लोग पढ़ाई में बहुत होशियार होते हैं और
47:37अक्सर उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं। इनके
47:40पास ज्ञान का भंडार होता है। यह केवल
47:42डिग्री हासिल करने के लिए नहीं पढ़ते
47:44बल्कि ज्ञान को आत्मसात करते हैं। कई बार
47:47यह लोग शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर
47:49बनाते हैं। जैसे प्रोफेसर, शिक्षक या किसी
47:52शिक्षण संस्थान के मालिक। इनकी याददाश्त
47:55तो बहुत तेज होती है और यह जटिल से जटिल
47:57विषयों को भी आसानी से समझ लेते हैं। वाहन
48:01सुख के मामले में यह लोग राजाओं जैसा जीवन
48:03जीते हैं। इन्हें जीवन में बेहतरीन और
48:06लग्जरी गाड़ियों का सुख मिलता है। यह केवल
48:09एक गाड़ी तक सीमित नहीं रहते बल्कि इनके
48:12पास वाहनों का काफिला हो सकता है। इन्हें
48:14गाड़ियां चलाने और उनके रखरखाव का भी बहुत
48:17शौक होता है। इनका वाहन हमेशा साफ सुथरा
48:21और अच्छी स्थिति में रहता है। यात्रा करते
48:24समय इन्हें हमेशा आराम मिलता है। यह लोग
48:26अपने वाहनों को अपने परिवार के सदस्य की
48:29तरह मानते हैं। जनता का सहयोग और
48:31लोकप्रियता इस योग्य का एक और शानदार पहलू
48:34है। चौथा घर जनता मैसेज का होता है। जब इस
48:39घर का स्वामी मजबूत होता है तो व्यक्ति को
48:41जनसाधारण का अपार प्रेम मिलता है। यदि यह
48:44लोग राजनीति में कदम रखते हैं तो इन्हें
48:46भारी मतों से विजय प्राप्त होती है। यह एक
48:49सफल राजनेता बन सकते हैं क्योंकि लोग
48:51इन्हें अपना मानते हैं। इनके अंदर नेतृत्व
48:54करने की क्षमता जन्मजात होती है। लेकिन यह
48:57नेतृत्व रोप जमाने वाला नहीं बल्कि
48:59केयरटेकर वाला होता है। यह समाज के कल्याण
49:02के लिए कार्य करते हैं और बदले में समाज
49:05इन्हें सिर आंखों पर बैठाता है। पवित्रता
49:08और नैतिकता इनके चरित्र का अभिन्न अंग
49:11होती है। यह लोग अपने संस्कारों और
49:13परंपराओं से बहुत जुड़े होते हैं। अपने
49:16कुल की मर्यादा का पालन करना इनके लिए
49:18सर्वोपरि होता है। यह अपने घर के माहौल को
49:20हमेशा पवित्र और सात्विक बनाए रखते हैं।
49:23इनके घर में अतिथियों का सत्कार बहुत ही
49:25आदर के साथ किया जाता है। अतिथियों देवो
49:28भव की भावना इनके घर में साक्षात दिखाई
49:31देती है। यह लोग दिल के बहुत साफ होते हैं
49:34और किसी के प्रति मन में मैल नहीं रखते।
49:36इनकी नियत साफ होती है। इसलिए ईश्वर भी
49:39इनकी मदद करता है। कृषि और प्रकृति से
49:42जुड़ाव इन्हें विशेष लाभ देता है। भले ही
49:45यह शहर में रहते हो लेकिन इनका मन गांव या
49:48प्रकृति के करीब बसता है। बागवानी करना,
49:51पेड़-पौधे लगाना या अपने फार्म हाउस पर
49:53समय बिताना इन्हें बहुत पसंद होता है। यह
49:56ग्रीन थंब वाले लोग होते हैं। यानी इनके
49:59हाथ से लगाए गए पौधे बहुत जल्दी फूलते
50:01फूलते हैं। भूमि से जुड़े किसी भी कार्य
50:04में इन्हें सफलता मिलती है। अंत में जीवन
50:07का अंतिम समय इनके लिए बहुत ही सुखद होता
50:09है। चौथा घर जीवन के अंत का भी सूचक है।
50:13इस ग्रह स्थिति वाले जातक का बुढ़ापा बहुत
50:15ही आराम और सम्मान के साथ बीतता है। यह
50:18अपने ही घर में अपने परिवार के बीच अंतिम
50:21सांस लेते हैं जो कि हर व्यक्ति की चाहत
50:24होती है। इनके बच्चे इनकी सेवा करते हैं
50:26और इन्हें किसी चीज की कमी नहीं होने
50:28देते। यह एक संतुष्ट जीवन जीकर जाते हैं।
50:32यद्यपि अपने घर में बैठा ग्रह अधिकतर शुभ
50:34फल ही देता है, लेकिन अति हर चीज की बुरी
50:37होती है। इस स्थिति का एक नकारात्मक पक्ष
50:40यह है कि जातक कभी-कभी बहुत ज्यादा आराम
50:43तलब हो जाता है। जब सुख आसानी से मिल जाता
50:46है, तो व्यक्ति के अंदर संघर्ष करने की
50:48क्षमता कम हो जाती है। यह लोग अपने कंफर्ट
50:51ज़ोन में इतना रम जाते हैं कि उससे बाहर
50:54निकलना ही नहीं चाहते। जीवन में आगे बढ़ने
50:57के लिए जो थोड़ी बहुत भागदौड़ या रिस्क
50:59लेने की जरूरत होती है, यह उससे कतराते
51:01हैं। यह आलस्य इनकी प्रतिभा पर जंग लगा
51:04सकता है। इन्हें लगता है कि सब कुछ तो पास
51:07है, फिर मेहनत क्यों करें? यह सोच इन्हें
51:11नहीं बनने देती। अहंकार और संकीर्णता भी
51:14इनके व्यक्तित्व में आ सकती है। जब किसी
51:17के पास बड़ा घर, गाढ़ी और सुख सुविधाएं
51:20होती हैं, तो कई बार वह दूसरों को तुच्छ
51:22समझने लगता है। यह लोग अपने स्टेटस और
51:25अपनी खानदानी रसूख का घमंड कर सकते हैं।
51:29यह दूसरों की गरीबी या संघर्ष का मजाक तो
51:31नहीं उड़ाते, लेकिन उन्हें समझने में
51:34असमर्थ होते हैं। कूप मंडूक यानी कुएं का
51:37मेंढक बनने की संभावना रहती है। यह अपनी
51:40दुनिया को ही सब कुछ मान लेते हैं और
51:43बाहरी दुनिया के बदलावों को स्वीकार नहीं
51:45कर पाते। यह संकीर्ण सोच इनके सामाजिक
51:48दायरे को सीमित कर देती है। माता का
51:50अत्यधिक हस्तक्षेप या माता पर अत्यधिक
51:53निर्भरता एक समस्या बन सकती है। क्योंकि
51:55माता का प्रभाव बहुत प्रबल होता है। इसलिए
51:57कई बार जातक मम्माज़ बॉय या मम्माज़ गर्ल
52:00बनकर रह जाता है। वह अपने जीवन के
52:03छोटे-छोटे फैसले भी माता से पूछे बिना
52:05नहीं ले पाता। इससे उसके वैवाहिक जीवन में
52:08कड़वाहट आ सकती है। जीवन साथी को लग सकता
52:11है कि उसकी कोई अहमियत ही नहीं है।
52:13कभी-कभी माता का स्वभाव बहुत ज्यादा हावी
52:15होने वाला डोमिनेटिंग हो सकता है। जिससे
52:18घर में एक घुटन महसूस हो सकती है। भले ही
52:21वह प्यार के कारण हो।
52:23भावनात्मक संवेदनशीलता इनका एक कमजोर पहलू
52:26है। चौथा घर भावनाओं का सागर है। जब ग्रह
52:30यहां बहुत बली होता है तो व्यक्ति हद से
52:32ज्यादा भावुक हो सकता है। यह छोटी-छोटी
52:34बातों को दिल से लगा लेते हैं। अगर घर में
52:37किसी ने ऊंची आवाज में बात कर दी तो यह
52:39घंटों उदास रह सकते हैं। यह लोग अतीत की
52:42यादों में खोए रहते हैं। पुरानी बातों को
52:44भूलना और आगे बढ़ना इनके लिए मुश्किल होता
52:47है। यदि इनके मन मुताबिक माहौल ना मिले तो
52:50यह बहुत जल्दी डिप्रेशन या अवसाद के शिकार
52:53हो सकते हैं। घर से दूर जाने में कठिनाई
52:56इनके करियर में बाधा डाल सकती है। कई बार
52:59अच्छी नौकरी या तरक्की के अवसर दूसरे
53:02शहरों या विदेशों में मिलते हैं। लेकिन यह
53:05जातक अपना घर और अपनी माता को छोड़कर जाना
53:08ही नहीं चाहता। होम सिकनेस होम सिकनेस
53:11इनके लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होती है। यह
53:14घर से दूर जाकर खुश नहीं रह पाते जिससे
53:17इनके करियर की ग्रोथ रुक जाती है। यह अपनी
53:20प्रतिभा को केवल अपने शहर तक ही सीमित कर
53:23देते हैं। यदि इस ग्रह पर किसी पाप ग्रह
53:25की दृष्टि हो तो परिणाम उलट भी हो सकते
53:28हैं। घर में ही कैद होने जैसा एहसास हो
53:31सकता है। जिस घर से सुख मिलना चाहिए वही
53:34घर लड़ाई झगड़ों का अखाड़ा बन सकता है।
53:37संपत्ति को लेकर रिश्तेदारों से विवाद हो
53:40सकता है। कभी-कभी पानी से या छाती से
53:43संबंधित रोग जैसे अस्थमा या कफ इन्हें
53:46परेशान कर सकते हैं। क्योंकि यह शारीरिक
53:49श्रम कम करते हैं इसलिए पाचन तंत्र धीमा
53:51पड़ने और मोटापा बढ़ने की समस्या भी आम
53:54होती है। हृदय रोग की संभावना भी बनी रहती
53:57है। चौथा घर हृदय का है। यदि जातक अपनी
54:00भावनाओं को व्यक्त नहीं करता और उन्हें
54:03अंदर ही दबाए रखता है तो इसका सीधा असर
54:05उसके दिल पर पड़ता है। अत्यधिक सुख
54:08सुविधाओं के कारण जीवन शैली निष्क्रिय हो
54:10जाती है जो हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छी
54:13नहीं है। इन्हें अपनी भावनाओं को बहने
54:15देना चाहिए ना कि उन्हें बांधकर रखना
54:17चाहिए। इस शक्तिशाली योग के शुभ फलों को
54:20संतुलित करने और इसके नकारात्मक प्रभावों
54:23जैसे आलस्य या अहंकार से बचने के लिए
54:26हमारे शास्त्रों में बहुत ही सात्विक और
54:28कर्म प्रधान उपाय बताए गए हैं। सबसे पहला
54:31और परम उपाय है माता की सेवा। क्योंकि
54:34चौथा घर माता का है इसलिए आप अपनी माता को
54:36ही ईश्वर का रूप मानिए। रोज सुबह उठकर
54:39उनके चरण स्पर्श करें। उनकी हर छोटी बड़ी
54:41जरूरत का ध्यान रखें। यदि माता प्रसन्न है
54:44तो समझ लीजिए कि आपका चौथा घर सुरक्षित
54:46है। माता के साथ बहस करने से बचें क्योंकि
54:49यह आपके सुखों में आग लगाने जैसा होगा।
54:52यदि माता नहीं है तो किसी भी बुजुर्ग
54:54महिला की सेवा करें। भगवान शिव की आराधना
54:57करना इस स्थिति के लिए रामबाण है। चौथा घर
55:00काल पुरुष की कुंडली में कर्क राशि का
55:02होता है। जिसके स्वामी चंद्रमा हैं और
55:04चंद्रमा शिव जी के मस्तक पर विराजमान है।
55:07इसलिए मन की शांति और गृह क्लेश से बचने
55:10के लिए भगवान शिव की पूजा करें। सोमवार को
55:13शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध चढ़ाएं। ओम
55:16नमः शिवाय मंत्र का नियमित जाप करें। यह
55:19आपके मन को स्थिर रखेगा और आपको अहंकार से
55:22दूर रखेगा। घर की साफ सफाई स्वयं करें। यह
55:25आलस्य को दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है।
55:28भले ही आपके पास नौकर चाकर हो, लेकिन अपने
55:31घर के किसी एक हिस्से की सफाई रोज अपने
55:34हाथ से करें। यह क्रिया आपको जमीन से
55:37जुड़ा रखेगी और आपके अंदर विनम्रता लाएगी।
55:40अपने घर के मंदिर को हमेशा स्वच्छ रखें।
55:43घर में कबाड़ इकट्ठा ना होने दें क्योंकि
55:45यह सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकता
55:48है। जल का संरक्षण और दान करें। चौथा घर
55:52जल तत्व का है। पानी बर्बाद करना आपके लिए
55:55बहुत हानिकारक है। नल को कसकर बंद रखें।
55:58इसके साथ ही गर्मियों में प्याऊ लगवाएं या
56:00लोगों को ठंडा पानी पिलाएं। पक्षियों और
56:03जानवरों के लिए घर के बाहर पानी का बर्तन
56:05रखें। बहते पानी में चांदी का सिक्का
56:08बहाना ज्योतिषीय सलाह पर भी मानसिक शांति
56:11के लिए एक अच्छा उपाय हो सकता है। शिक्षा
56:14और विद्या का दान करें। क्योंकि यह घर
56:17शिक्षा का भी है इसलिए जरूरतमंद बच्चों की
56:19पढ़ाई में मदद करें। किसी गरीब बच्चे की
56:22स्कूल फीस भर दें या उन्हें किताबें दान
56:25करें। विद्या का दान करने से आपके ज्ञान
56:28में वृद्धि होगी और अहंकार कम होगा।
56:31प्रकृति की सेवा करें। अपने घर के आंगन या
56:34बालकनी में पौधे लगाएं और उनकी देखभाल
56:36करें। विशेष रूप से तुलसी का पौधा लगाना
56:38और शाम को वहां दीपक जलाना घर के वास्तु
56:40दोषों को दूर करता है। पेड़ों को पानी
56:43देना आपके चंद्रमा को मजबूत करता है।
56:45चांदी के बर्तन का प्रयोग करें। चांदी
56:47चंद्रमा की धातु है। चांदी के गिलास में
56:50पानी पीने से मन शांत रहता है और क्रोध पर
56:52नियंत्रण रहता है। खाना खाने के लिए भी
56:54चांदी के बर्तनों का उपयोग करना शुभ माना
56:57जाता है। वास्तु का ध्यान रखें। घर के
56:59ईशान कोण नॉर्थ ईस्ट को हमेशा हल्का और
57:02साफ रखें। वहां कोई भारी सामान ना रखें।
57:05घर के ब्रह्म स्थान मध्य भाग को खाली
57:08छोड़ें। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक
57:10का चिन्ह बनाएं। अंत में कृतज्ञता
57:12ग्रेटट्यूड का भाव रखें। आपको ईश्वर ने जो
57:15सुख सुविधाएं दी हैं उनके लिए रोज ईश्वर
57:18का धन्यवाद करें और समाज के वंचित वर्ग की
57:21मदद करें। अपनी संपत्ति या पद का घमंड ना
57:24करें बल्कि उसे ईश्वर का प्रसाद समझकर जन
57:27कल्याण में लगाएं। जितना आप बांटेंगे आपका
57:30सुख उतना ही बढ़ेगा और स्थाई रहेगा।
57:35जब चौथे घर का स्वामी यानी सुकेश उठकर
57:37पांचव भाव में जा बैठता है तो यह ज्योतिष
57:40शास्त्र में एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली
57:42केंद्र त्रिकोण राजयोग का निर्माण करता
57:45है। केंद्र चौथा भाव भगवान विष्णु का
57:48स्थान है और त्रिकोण पांचवा भाव माता
57:51लक्ष्मी का। जब इन दोनों का मिलन होता है
57:54तो जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन
57:57स्वाभाविक रूप से होता है। इसका गहरा अर्थ
57:59यह है कि आपका सुख आपकी बुद्धि और आपके
58:02ज्ञान में निहित है। आप उन लोगों में से
58:04नहीं है जो बाहरी दुनिया में खुशी ढूंढते
58:06फिरते हैं। बल्कि आपकी खुशी, आपके अपने
58:08विचारों, आपकी रचनात्मकता और आपकी संतान
58:11के माध्यम से आपको प्राप्त होती है। यह
58:13स्थिति यह दर्शाती है कि जातक के पिछले
58:16जन्मों के पुण्य बहुत प्रबल हैं। जो इस
58:18जन्म में उसे सुख सुविधाओं के रूप में मिल
58:20रहे हैं। इस ग्रह स्थिति का सबसे विस्तृत
58:23और प्रभावशाली पक्ष यह है कि यह जातक को
58:26असाधारण बुद्धि और स्मरण शक्ति प्रदान
58:28करती है। जब मन चौथा भाव का स्वामी बुद्धि
58:32पांचवा भाव के घर में आता है तो व्यक्ति
58:35की सीखने की क्षमता अद्भुत होती है। ऐसे
58:37जातक शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ऊंचा
58:39मुकाम हासिल करते हैं। यह केवल रट्टा
58:42मारने वाली पढ़ाई नहीं करते बल्कि विषय की
58:45गहराई तक जाकर उसे समझते हैं। अक्सर देखा
58:47गया है कि ऐसे लोग उच्च शिक्षा जैसे
58:50पीएचडी या रिसर्च के क्षेत्र में बहुत नाम
58:53कमाते हैं। इनके पास ज्ञान का ऐसा भंडार
58:56होता है कि लोग इनसे सलाह लेना पसंद करते
58:58हैं। पांचवा घर मंत्री पद का भी होता है।
59:01इसलिए जब सुकेश यहां आता है तो व्यक्ति को
59:04समाज या सरकार में सलाहकार या मंत्री जैसा
59:06सम्मानजनक पद प्राप्त हो सकता है। इनकी
59:09सलाह से दूसरों का भला होता है और यही
59:11इनकी प्रतिष्ठा का कारण बनता है। संतान
59:14सुख इस योग का एक और बहुत ही सुनहरा
59:16अध्याय है। पांचवा घर संतान का है और चौथा
59:19घर सुख का। जब यह मिलन होता है तो जातक को
59:23अपनी संतानों से अपार सुख और संतोष
59:25प्राप्त होता है। इनकी संताने बहुत ही
59:27संस्कारी, आज्ञाकारी और जीवन में सफल होने
59:30वाली होती हैं। कई बार जातक की किस्मत
59:33उसकी संतान के जन्म के बाद चमकती है। हम
59:36कह सकते हैं कि बच्चे इनके लिए लकी चार्म
59:39होते हैं। यह जातक अपने बच्चों की परवरिश
59:41में कोई कसर नहीं छोड़ते और उनके साथ एक
59:43मित्रवत व्यवहार रखते हैं। बच्चों की
59:46सफलता देखकर इनका सीना गर्व से चौड़ा हो
59:48जाता है और यही इनके जीवन का सबसे बड़ा
59:51सुख बन जाता है। सट्टा, लॉटरी और आकस्मिक
59:54धन लाभ के मामले में भी यह स्थिति बहुत ही
59:57रोमांचक परिणाम देती है। पांचवा घर पूर्व
1:00:00पुण्य और आकस्मिक लाभ का है। जब सुख भाव
1:00:03का स्वामी यहां आता है तो जातक को शेयर
1:00:05बाजार, ट्रेडिंग या प्रॉपर्टी की
1:00:08खरीदफरोख्त से अचानक धन लाभ होने के प्रबल
1:00:11योग बनते हैं। इनकी अंतरात्मा गट फीलिंग
1:00:14बहुत मजबूत होती है। यह भांप लेते हैं कि
1:00:18बाजार का रुख किस ओर जाने वाला है। यदि यह
1:00:21समझदारी से निवेश करें तो कम समय में ही
1:00:23बहुत बड़ा धन अर्जित कर सकते हैं। इनका
1:00:26भाग्य समय-समय पर इनका साथ देता है। जिससे
1:00:29इन्हें आर्थिक रूप से कभी तंगी का सामना
1:00:31नहीं करना पड़ता। रचनात्मकता और कला के
1:00:35क्षेत्र में यह लोग भगवान का वरदान लेकर
1:00:37आते हैं। चौथा घर भावनाओं का है और पांचवा
1:00:40घर कलात्मक अभिव्यक्ति का। ऐसे लोग बहुत
1:00:43अच्छे लेखक, कवि, कलाकार, संगीतकार या
1:00:45अभिनेता बन सकते हैं। इनके अंदर भावनाओं
1:00:48का ज्वार होता है जिसे यह अपनी कला के
1:00:50माध्यम से दुनिया के सामने रखते हैं। इनका
1:00:53काम केवल मनोरंजन करना नहीं होता बल्कि
1:00:56लोगों के दिलों को छूना होता है। यह अपनी
1:00:58हॉबी को ही अपना प्रोफेशन बना सकते हैं और
1:01:01उससे अच्छा खासा पैसा और नाम कमा सकते
1:01:03हैं। जब यह कोई कलात्मक कार्य करते हैं,
1:01:06तो इनका मन शांत होता है और इन्हें
1:01:08परमानंद की अनुभूति होती है। प्रेम
1:01:11संबंधों में भी यह स्थिति बहुत ही सुखद
1:01:13अनुभव देती है। इनके लिए प्रेम कोई खेल
1:01:16नहीं बल्कि एक पवित्र बंधन होता है। यह
1:01:19अपने साथी से भावनात्मक रूप से बहुत गहरे
1:01:21जुड़े होते हैं। इनका प्रेम संबंध अक्सर
1:01:24विवाह में परिणत होता है और वह विवाह सफल
1:01:27भी रहता है। यह अपने साथी की देखभाल एक
1:01:30माता की तरह करते हैं। इनके रिश्तों में
1:01:33एक सुरक्षा की भावना होती है। यह अपने
1:01:35प्रियजन को खुश रखने के लिए किसी भी हद तक
1:01:38जा सकते हैं। इनका रोमांटिक जीवन काफी
1:01:41रंगीन और खुशमजाज होता है। जिससे इनके मन
1:01:44को हमेशा ताजगी मिलती रहती है। मंत्र
1:01:46सिद्धि और आध्यात्मिकता में इनकी गहरी
1:01:49रुचि होती है। पांचवा घर इष्ट देव और
1:01:53मंत्रों का है। जब सुेश यहां बैठता है तो
1:01:56जातक को ईश्वर की भक्ति में ही असली सुख
1:01:59मिलता है। यह लोग धार्मिक प्रवृत्ति के
1:02:02होते हैं और किसी ना किसी मंत्र का जाप
1:02:05करना पसंद करते हैं। इनके द्वारा जपा गया
1:02:08मंत्र बहुत जल्दी सिद्ध हो जाता है। इनकी
1:02:11प्रार्थनाओं में बहुत शक्ति होती है।
1:02:14अक्सर यह देखा गया है कि इनकी कही हुई
1:02:16बातें सच हो जाती हैं जिसे हम वाक्य
1:02:18सिद्धि भी कह सकते हैं। ईश्वर के प्रति
1:02:21इनका विश्वास अटूट होता है और यही विश्वास
1:02:23इन्हें जीवन के हर संकट से बाहर निकाल
1:02:25लाता है। माता के साथ इनका रिश्ता बहुत ही
1:02:29बौद्धिक और मित्रवत होता है। माता बहुत ही
1:02:32विदुषी और समझदार महिला होती हैं। जातक
1:02:35अपनी हर समस्या अपनी माता के साथ सांझा
1:02:37करता है और माता उसे बहुत ही व्यावहारिक
1:02:40सलाह देती हैं। माता के संस्कारों के कारण
1:02:43ही जातक का चरित्र बहुत ही उज्जवल और
1:02:45नैतिक होता है। माता का आशीर्वाद इनके लिए
1:02:48सफलता की चाबी है। कई मामलों में जातक को
1:02:51अपने ननिहाल पक्ष से भी धन या संपत्ति का
1:02:54लाभ मिलता है। राजनीति और कूटनीति में भी
1:02:58यह योग जातक को शिखर पर ले जा सकता है।
1:03:01पांचवा घर राजसत्ता का है और चौथा घर
1:03:04सिंहासन का। जब यह योग बनता है तो व्यक्ति
1:03:06को जनता का प्यार और सत्ता का सुख दोनों
1:03:08मिलता है। यह लोग बहुत अच्छे रणनीतिकार
1:03:11होते हैं। पर्दे के पीछे रहकर खेल को कैसे
1:03:13पलटना है यह इन्हें बखूबी आता है। लोग
1:03:16इनके शांत स्वभाव और तीक्ष्ण बुद्धि के
1:03:19कारण इनका लोहा मानते हैं। यह समाज के
1:03:22कल्याण के लिए नीतियां बनाने में बहुत
1:03:24सक्षम होते हैं। इनका घर खुशियों का खजाना
1:03:28होता है। यह अपने घर को बहुत ही सुंदर और
1:03:30कलात्मक तरीके से सजाते हैं। इनके घर में
1:03:33हमेशा उत्सव जैसा माहौल रहता है। यह अपने
1:03:36घर में धार्मिक आयोजन, भजन, कीर्तन या
1:03:39बौद्धिक चर्चाएं करवाना पसंद करते हैं।
1:03:42इनके घर आने वाले हर व्यक्ति को एक
1:03:44सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है। यह अपने
1:03:47परिवार को जोड़कर रखने में विश्वास करते
1:03:50हैं और घर के हर सदस्य की खुशी का ध्यान
1:03:52रखते हैं। अंत में यह स्थिति जातक को एक
1:03:56ऐसा जीवन देती है जहां उसे संघर्ष कम और
1:03:59सहयोग ज्यादा मिलता है। यह अपने पूर्व
1:04:02जन्मों के अच्छे कर्मों का फल इस जन्म में
1:04:04खाते हैं। इनका जीवन एक बहती हुई नदी की
1:04:08तरह सहज और सरल होता है। यह अपनी बुद्धि
1:04:11के बल पर अपनी किस्मत खुद लिखते हैं और
1:04:13समाज में एक उदाहरण बनकर उभरते हैं।
1:04:16यद्यपि केंद्र त्रिकोण राजयोग बहुत शुभ
1:04:19होता है। परंतु हर सिक्के का दूसरा पहलू
1:04:22भी होता है। इस स्थिति का एक नकारात्मक
1:04:25पक्ष यह है कि जातक कई बार ख्याली पुलाव
1:04:28पकाने में अपना समय बर्बाद कर देता है।
1:04:30क्योंकि मन चौथा बुद्धि पांचवा अंक में
1:04:33बैठा है तो दिमाग हमेशा चलता रहता है। यह
1:04:37लोग ओवरथिंकिंग यानी अत्यधिक सोच विचार के
1:04:40शिकार हो जाते हैं। छोटी सी बात को लेकर
1:04:43इतना ज्यादा विश्लेषण करते हैं कि मानसिक
1:04:45शांति भंग हो जाती है। यह आदत इन्हें
1:04:48अनिद्रा या चिंता एंग्जायटी का रोगी बना
1:04:51सकती है। इन्हें लगता है कि हर चीज इनके
1:04:54नियंत्रण में होनी चाहिए और जब ऐसा नहीं
1:04:56होता तो यह बहुत जल्दी निराश हो जाते हैं।
1:04:59सट्टेबाजी और जुए की लत इस योग का सबसे
1:05:02खतरनाक पहलू हो सकता है। यदि यह ग्रह पाप
1:05:05प्रभाव में हो तो जातक को क्विक मनी यानी
1:05:08जल्दी पैसा कमाने का चसका लग सकता है। इस
1:05:11चक्कर में वह अपनी मेहनत की कमाई और यहां
1:05:14तक कि अपना घर भी दांव पर लगा सकता है।
1:05:16शेयर बाजार या लॉटरी में बिना सोचे समझे
1:05:19पैसा लगाने से इन्हें भारी आर्थिक नुकसान
1:05:22उठाना पड़ सकता है। यह लालच इनके सुख चयन
1:05:25को छीन सकता है। कई बार यह देखा गया है कि
1:05:28ऐसे जातक अपनी पुश्तैनी जायदाद को सट्टे
1:05:31में गवा बैठते हैं। संतान को लेकर अत्यधिक
1:05:34मोह और चिंता भी इनके लिए कष्टकारी हो
1:05:37सकती है। यह अपने बच्चों से बहुत ज्यादा
1:05:39उम्मीदें लगा लेते हैं। यदि बच्चे इनकी
1:05:42उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते तो इन्हें
1:05:44गहरा आघात पहुंचता है। कई बार यह बच्चों
1:05:47के जीवन में इतना ज्यादा हस्तक्षेप करने
1:05:49लगते हैं कि बच्चों को घुटन महसूस होने
1:05:52लगती है जिससे रिश्तों में दूरियां आ जाती
1:05:55हैं। संतान से जुड़ी कोई ना कोई चिंता
1:05:58इनके मन में हमेशा बनी रहती है। चाहे वह
1:06:00उनकी सेहत को लेकर हो या करियर को लेकर।
1:06:03प्रेम संबंधों में धोखा या दिल टूटने का
1:06:06डर बना रहता है। यह लोग बहुत भावुक होते
1:06:09हैं और दिल से प्यार करते हैं। यदि इनका
1:06:11साथी इनके साथ छल करे तो यह उस सदमे को
1:06:14बर्दाश्त नहीं कर पाते। एक बार दिल टूटने
1:06:17पर यह लंबे समय तक डिप्रेशन में रह सकते
1:06:19हैं। इनका मन इतना कोमल होता है कि यह
1:06:22रिश्तों में मिली कड़वाहट को आसानी से भूल
1:06:24नहीं पाते। प्रेम में असफलता इनके करियर
1:06:27और पढ़ाई पर भी बहुत बुरा असर डाल सकती
1:06:29है। शिक्षा में एकाग्रता की कमी एक और
1:06:32चुनौती हो सकती है। यद्यपि यह बुद्धिमान
1:06:35होते हैं, लेकिन इनका मन बहुत चंचल होता
1:06:37है। यह अक्सर एक विषय को छोड़कर दूसरे
1:06:40विषय की ओर भागते हैं। जैक ऑफ ओनल ट्रेड्स
1:06:44मास्टर ऑफ नन वाली स्थिति बन सकती है।
1:06:47पढ़ाई के दौरान प्रेम प्रसंगों में पढ़ने
1:06:49के कारण इनकी शिक्षा बाधित हो सकती है।
1:06:53कई बार यह अपनी डिग्री पूरी किए बिना ही
1:06:55पढ़ाई छोड़ देते हैं। जिसका मलाल इन्हें
1:06:57बाद में होता है। पेट और पाचन से संबंधित
1:07:00स्वास्थ्य समस्याएं इन्हें परेशान कर सकती
1:07:03हैं। पांचवा घर पेट का होता है। जब चौथा
1:07:07स्वामी यहां आता है तो भावनात्मक तनाव का
1:07:10सीधा असर इनके पाचन तंत्र पर पड़ता है।
1:07:12इन्हें एसिडिटी, गैस या पेट दर्द की
1:07:15शिकायत अक्सर रहती है। यदि यह अपने खानपान
1:07:18का ध्यान ना रखें तो यह समस्याएं गंभीर
1:07:20रूप ले सकती हैं। इसके अलावा हृदय गति,
1:07:23हार्ट रेट में उतार-चढ़ाव भी हो सकता है
1:07:26क्योंकि चौथा घर हृदय का और पांचवा घर
1:07:29धड़कन का है। माता के साथ वैचारिक मतभेद
1:07:32या माता को स्वास्थ्य कष्ट भी संभव है।
1:07:36यदि ग्रह स्थिति ठीक ना हो तो माता को पेट
1:07:38या गर्भाशय से संबंधित रोग हो सकते हैं।
1:07:41कभी-कभी जातक और माता के बीच ईगो क्लैश
1:07:44यानी अहंकार का टकराव हो सकता है। क्योंकि
1:07:47पांचवा घर सूर्य का नैसर्गिक घर है जो कि
1:07:50अहंकार का कारक है। यह तनाव घर के माहौल
1:07:53को खराब कर सकता है। अंत में यह लोग
1:07:56कभी-कभी अपनी बुद्धि का दुरुपयोग भी कर
1:07:59सकते हैं। यह दूसरों को अपनी बातों में
1:08:01फंसाकर अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश कर
1:08:04सकते हैं। यह चालाकी अंततः इनकी छवि को
1:08:07नुकसान पहुंचाती है। दूसरों की भावनाओं के
1:08:10साथ खेलना इन्हें भारी पड़ सकता है। इस
1:08:13शुभ योग के फलों को सुरक्षित रखने और इसके
1:08:16दुष्प्रभावों से बचने के लिए हमारे आशियों
1:08:19ने बहुत ही प्रभावी और सात्विक उपाय बताए
1:08:22हैं। सबसे पहला और महत्वपूर्ण उपाय है
1:08:25अपने इष्ट देव की आराधना। क्योंकि पांचवा
1:08:28घर इष्ट देव का है इसलिए आपको अपने कुल
1:08:31देवता या जिस भी भगवान में आपकी आस्था है
1:08:34उनका नित्य पूजन करना चाहिए। भगवान विष्णु
1:08:37या उनके अवतार भगवान श्री कृष्ण की पूजा
1:08:39इस स्थिति के लिए सर्वोत्तम मानी गई है।
1:08:42आप ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का रोज
1:08:45108 बार जाप करें। यह मंत्र आपकी बुद्धि
1:08:48को सात्विक रखेगा और आपको गलत निर्णयों से
1:08:51बचाएगा। संतान और विद्यार्थियों की सेवा
1:08:54करना एक अचूक उपाय है। पांचवा घर विद्या
1:08:56का है। इसलिए गरीब और जरूरतमंद
1:08:58विद्यार्थियों की मदद करें। उन्हें कॉपी,
1:09:01किताब, पेन या स्कूल की फीस देकर सहायता
1:09:03करें। यदि आप निसंतान हैं या संतान सुख
1:09:07में बाधा आ रही है तो किसी अनाथालय में
1:09:09जाकर बच्चों को भोजन कराएं या उनके साथ
1:09:11समय बिताएं। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान
1:09:14लाने से आपका पांचवा घर और चौथा घर दोनों
1:09:16मजबूत होंगे जिससे आपके जीवन में सुख
1:09:19बढ़ेगा। गायत्री मंत्र का जाप करना आपके
1:09:21लिए संजीवनी के समान है। गायत्री मंत्र
1:09:24बुद्धि को प्रकाश की ओर ले जाता है। रोज
1:09:27सुबह सूर्योदय के समय कम से कम 24 बार
1:09:30गायत्री मंत्र का जाप करें। यह आपके मन की
1:09:32बेचैनी को शांत करेगा और ओवरथिंकिंग की
1:09:35समस्या से निजात दिलाएगा। सूर्य देव को जल
1:09:38देना भी आपकी प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास को
1:09:40बढ़ाएगा। सट्टेबाजी और जुए से पूरी तरह
1:09:43दूर रहें। यह आपके लिए एक सख्त नियम होना
1:09:46चाहिए। अपनी मेहनत की कमाई को कभी भी
1:09:48जोखिम भरे कार्यों में ना लगाएं। यदि आप
1:09:51निवेश करना चाहते हैं तो सुरक्षित योजनाओं
1:09:53में ही पैसा लगाएं। लालच आपके सुख का सबसे
1:09:56बड़ा शत्रु है। इस बात को गांठ बांध लें।
1:09:59अपनी माता का सम्मान करें और उनकी सलाह
1:10:01लें। कोई भी बड़ा काम शुरू करने से पहले
1:10:04माता का आशीर्वाद जरूर लें। यदि माता के
1:10:06साथ संबंध तनावपूर्ण है तो पहल करके
1:10:09उन्हें सुधारें। माता को खुश रखने के लिए
1:10:12उन्हें समय-समय पर उपहार दें या तीर्थ
1:10:14यात्रा पर ले जाएं। माता की सेवा से आपको
1:10:17वह मानसिक शांति मिलेगी जो किसी भी दवा से
1:10:20नहीं मिल सकती। ध्यान, मेडिटेशन को अपनी
1:10:23दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क्योंकि आपका
1:10:25मन और बुद्धि एक साथ जुड़े हैं इसलिए
1:10:27मानसिक संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है।
1:10:30रोज 15 से 20 मिनट आंखें बंद करके अपनी
1:10:33सांसों पर ध्यान दें। यह अभ्यास आपको
1:10:36भावनात्मक रूप से मजबूत बनाएगा और दिल
1:10:39टूटने या तनाव जैसी स्थितियों से निपटने
1:10:41की शक्ति देगा। भगवान शिव की उपासना भी
1:10:44बहुत लाभकारी है। चौथा घर चंद्रमा का है
1:10:47और चंद्रमा शिव जी के मस्तक पर है। सोमवार
1:10:50को शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर जल
1:10:52चढ़ाएं। रुद्राष्टकम का पाठ करना आपके लिए
1:10:55विशेष फलदाई रहेगा। यह आपके मन के डर और
1:10:58असुरक्षा की भावना को खत्म कर देगा। पेट
1:11:01के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
1:11:03सात्विक और सुपाच्य भोजन ग्रहण करें।
1:11:05सप्ताह में एक दिन उपवास रखना आपके पाचन
1:11:08तंत्र को आराम देगा और शरीर से विषाक्त
1:11:11पदार्थों को बाहर निकालेगा। तांबे के
1:11:14बर्तन में रखा हुआ पानी पीना भी पेट के
1:11:16लिए अच्छा होता है। अपने घर के वास्तु में
1:11:19उत्तर पूर्व दिशा ईशान कोण को पूजा स्थान
1:11:22बनाएं और वहां बैठकर ही मंत्र जाप करें।
1:11:25घर में मोर पंख रखना पांचव घर के दोषों को
1:11:28कम करता है और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता
1:11:31है। छठा भाव संघर्ष, सेवा, रोग, आरण,
1:11:35शत्रु और प्रतियोगिताओं का स्थान है। इसे
1:11:38ज्योतिष में त्रिक भाव या कठिन भाव माना
1:11:41जाता है। जब सुख का स्वामी यानी चौथे घर
1:11:44का मालिक उठकर छठे भाव में जा बैठता है,
1:11:46तो यह एक बहुत ही विशिष्ट और कर्म प्रधान
1:11:49स्थिति का निर्माण करता है। आमतौर पर लोग
1:11:52छठे घर का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं।
1:11:55लेकिन हम आपको बता दें कि यह स्थिति डरने
1:11:57की नहीं बल्कि समझने की है। इसका सीधा
1:11:59अर्थ यह है कि आपका सुख संघर्षों से होकर
1:12:02गुजरता है। आप उन लोगों में से नहीं हैं
1:12:04जिन्हें चांदी की चम्मच मुंह में लेकर
1:12:06पैदा होने का सौभाग्य मिला हो बल्कि आप वह
1:12:09हैं जो अपनी मेहनत और लड़ाई से उस चांदी
1:12:11की चम्मच को हासिल करते हैं। इस ग्रह
1:12:14स्थिति का सबसे सकारात्मक और शक्तिशाली
1:12:16पहलू यह है कि यह जातक को एक बेहतरीन
1:12:18समस्या निवारक या प्रॉब्लम सॉल्वर बनाती
1:12:21है। जब मन का स्वामी चौथा भाव रोग और
1:12:24शत्रु के घर छठा भाव में आता है तो ऐसे
1:12:27व्यक्ति को दूसरों के दुख दर्द दूर करने
1:12:29में असीम शांति मिलती है। यही कारण है कि
1:12:32यह गृह स्थिति बहुत अच्छे डॉक्टर्स, नर्स,
1:12:35वकील या सामाजिक कार्यकर्ताओं की कुंडली
1:12:38में देखी जाती है। इनका सुख खुद के आराम
1:12:41में नहीं बल्कि दूसरों की सेवा में छिपा
1:12:43होता है। जब यह किसी मरीज का इलाज करते
1:12:46हैं या किसी मुसीबत में फंसे व्यक्ति को
1:12:49कानूनी दांव पेंच से बाहर निकालते हैं तो
1:12:52इनके मन को जो तृप्ति मिलती है वह किसी भी
1:12:55भौतिक सुख से बढ़कर होती है। यह लोग
1:12:58जन्मजात हीलर होते हैं। जिनके पास दूसरों
1:13:01के जख्मों पर मरहम लगाने की कला होती है।
1:13:04प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के लिहाज से
1:13:06यह एक जबरदस्त स्थिति है। चौथा घर शिक्षा
1:13:10का है और छठा घर प्रतियोगिता का। जब यह
1:13:13दोनों मिल जाते हैं तो जातक किसी भी
1:13:15कंपटीशन को कुचलने की ताकत रखता है। चाहे
1:13:19सरकारी नौकरी की परीक्षा हो या कोई खेलकूद
1:13:21की प्रतियोगिता। यह लोग अपने प्रतिद्वंदों
1:13:24को पछाड़ कर ही दम लेते हैं। इनके अंदर
1:13:26जीतने का एक ऐसा जुनून होता है जो इन्हें
1:13:29सोने नहीं देता। शिक्षा के क्षेत्र में
1:13:32विशेषकर वकालत, चिकित्सा या पुलिस सेवा से
1:13:35जुड़ी पढ़ाई में यह लोग बहुत सफल होते
1:13:37हैं। इनका दिमाग बहुत तेज चलता है और यह
1:13:40दबाव प्रेशर में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते
1:13:43हैं। जहां दूसरे लोग तनाव में टूट जाते
1:13:45हैं, वहां यह लोग और निखर कर आते हैं।
1:13:48ननिहाल पक्ष से लाभ और मामा का सहयोग इस
1:13:51योग का एक और सुखद पहलू है। छठा भाव मामा
1:13:54का होता है। जब सुकेश यहां आता है तो जातक
1:13:57को अपने मामा या मौसी से बहुत स्नेह और
1:13:59आर्थिक मदद मिलती है। कई बार देखा गया है
1:14:02कि जातक की शिक्षा या करियर की शुरुआत में
1:14:04ननिहाल पक्ष का बहुत बड़ा योगदान होता है।
1:14:07मामा इनके लिए पिता समान मार्गदर्शक बन
1:14:10सकते हैं। कभी-कभी जातक को ननिहाल से
1:14:13संपत्ति या कोई कीमती उपहार भी प्राप्त
1:14:15होता है जो इनके जीवन में सुख के साधन
1:14:18जुटाने में मदद करता है। यह रिश्ता इनके
1:14:20लिए ढाल का काम करता है। शत्रुहंता योग का
1:14:24निर्माण भी यहां होता है। सुख भाव का
1:14:26स्वामी जब छठे में हो और यदि वह मजबूत
1:14:29स्थिति में हो तो जातक के शत्रु उसका बाल
1:14:32भी बांका नहीं कर सकते। जैसे ही कोई इनके
1:14:35खिलाफ साजिश रचता है, वह अपने आप ही
1:14:37परास्त हो जाता है। इनके विरोधी इनकी
1:14:40कार्यशैली और बुद्धिमत्ता देखकर खुद ही
1:14:42पीछे हट जाते हैं। यह लोग अपनी कूटनीति और
1:14:45समझदारी से अपने दुश्मनों को भी मित्र बना
1:14:48लेने की क्षमता रखते हैं या फिर उन्हें
1:14:50पूरी तरह किनारे कर देते हैं। कोर्ट कचहरी
1:14:53के मामलों में भी फैसला अक्सर इनके पक्ष
1:14:55में आता है जिससे इन्हें मानसिक संतोष और
1:14:58धन दोनों की प्राप्ति होती है। संपत्ति
1:15:00निर्माण के लिए यह लोग एक अलग रास्ता
1:15:02अपनाते हैं। यह लोग अक्सर बैंक से लोन
1:15:06लेकर या किस्तों पर अपना घर और गाड़ी
1:15:08खरीदते हैं। मजे की बात यह है कि छठा घर
1:15:11आरण का है। इसीलिए जब यह कर्ज लेते हैं तो
1:15:14वह इनके लिए शुभ साबित होता है। यह कर्ज
1:15:17के पैसे का सही इस्तेमाल करके अपनी
1:15:19संपत्ति एसेट्स बनाते हैं और समय पर उसे
1:15:23चुका भी देते हैं। कई बार यह लोग नीलामी
1:15:26वाली संपत्तियों को सस्ते दाम में खरीदकर
1:15:28उससे मोटा मुनाफा कमाते हैं। पुरानी या
1:15:32विवादित जायदाद को सुलझाकर उसे अपने नाम
1:15:35कर लेना इनकी खूबी होती है। नौकरी और
1:15:38सर्विस सेक्टर में यह लोग बहुत ऊंचाई तक
1:15:40जाते हैं। छठा घर सेवा सर्विस का है। यह
1:15:43लोग अपना खुद का बिजनेस करने के बजाय किसी
1:15:45बड़ी संस्था या सरकारी विभाग में 100 उच्च
1:15:48पद पर नौकरी करना ज्यादा पसंद करते हैं और
1:15:51उसमें सफल भी होते हैं। यह बहुत ही मेहनती
1:15:54और अनुशासित कर्मचारी होते हैं। अपने बॉस
1:15:57या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इनके संबंध
1:16:00हालांकि उतार-चढ़ाव भरे हो सकते हैं,
1:16:03लेकिन अपनी उपयोगिता के कारण यह हमेशा
1:16:06मांग में रहते हैं। कार्यस्थल पर आने वाली
1:16:08हर चुनौती को यह एक अवसर की तरह लेते हैं।
1:16:12पालतू जानवरों से प्रेम इनके जीवन में
1:16:14खुशियां भर देता है। छठा घर पालतू जानवरों
1:16:17का भी होता है। जब सुेश यहां आता है तो
1:16:21जातक को कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवरों
1:16:24को पालने का बहुत शौक होता है। जब यह अपने
1:16:26पालतू जानवर के साथ समय बिताते हैं तो
1:16:29इनका सारा तनाव गायब हो जाता है। यह जानवर
1:16:32इनके लिए केवल जानवर नहीं बल्कि परिवार का
1:16:34हिस्सा बन जाते हैं। कई बार यह देखा गया
1:16:37है कि जानवरों की सेवा करने से इनके
1:16:39ग्रहों के दोष भी शांत हो जाते हैं और
1:16:42इनके जीवन में बरकत आती है। इनका
1:16:45व्यक्तित्व बहुत ही जुझारू होता है। यह
1:16:48जीवन की कठिनाइयों से हार मानकर बैठने
1:16:50वाले नहीं होते। गिरकर संभलना इनकी फितरत
1:16:54में है। इनके पास एक फाइटिंग स्पिरिट होती
1:16:57है जो इन्हें हर बार शून्य से शिखर तक ले
1:16:59जाती है। यह अपने दम पर अपना साम्राज्य
1:17:02खड़ा करते हैं। इन्हें विरासत में मिली
1:17:05चीजों से ज्यादा अपनी कमाई हुई चीजों पर
1:17:07गर्व होता है। यह स्वाभिमानी होते हैं और
1:17:10किसी के आगे हाथ फैलाना पसंद नहीं करते।
1:17:13स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी इनमें
1:17:16कूट-कूट कर भरी होती है। क्योंकि इनका
1:17:19ध्यान हमेशा रोगों की ओर रहता है। इसलिए
1:17:21यह अपनी सेहत को लेकर बहुत सर्क रहते हैं।
1:17:24योग, जिम या डाइट पर इनका पूरा फोकस होता
1:17:27है। यह खुद को फिट रखने के लिए हर संभव
1:17:30प्रयास करते हैं। कई बार यह दूसरों को भी
1:17:33स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हैं और
1:17:35उन्हें फिट रहने की प्रेरणा देते हैं।
1:17:37इनका यह अनुशासन इन्हें लंबी उम्र और
1:17:40ऊर्जावान शरीर प्रदान करता है। इस स्थिति
1:17:43की चुनौतियों पर बात करें तो सबसे बड़ी
1:17:46समस्या मानसिक शांति का भंग होना है। चौथा
1:17:49घर मन का है और छठा घर चिंता और लड़ाई का।
1:17:52जब मन लड़ाई के घर में चला जाए तो व्यक्ति
1:17:54को 24ों घंटे कोई ना कोई चिंता सताती रहती
1:17:57है। इन्हें हमेशा ऐसा लगता है कि कुछ बुरा
1:18:00होने वाला है या कोई इनके खिलाफ षड्यंत्र
1:18:02रच रहा है। यह अज्ञात भय इन्हें चैन की
1:18:06नींद सोने नहीं देता। घर के अंदर का माहौल
1:18:09भी कई बार तनावपूर्ण हो जाता है। जिस घर
1:18:12में इन्हें सुकून मिलना चाहिए, वही घर
1:18:14रोज-रोज की किचकिच का केंद्र बन जाता है।
1:18:16यह मानसिक तनाव लंबे समय में माइग्रेन या
1:18:20डिप्रेशन का रूप ले सकता है। माता के
1:18:22स्वास्थ्य को लेकर यह स्थिति चिंताजनक हो
1:18:25सकती है। छठा घर रोग का है। इसीलिए माता
1:18:28को बार-बार कोई ना कोई स्वास्थ्य समस्या
1:18:30घेर सकती है। माता को अस्पताल के चक्कर
1:18:32लगाने पड़ सकते हैं। जिससे जातक का बहुत
1:18:35सा धन और समय खर्च होता है। कई बार जातक
1:18:37और माता के बीच विचारों का गहरा मतभेद हो
1:18:40जाता है। माता के साथ रिश्तों में कड़वाहट
1:18:42आ सकती है या किसी कारणवश जातक को अपनी
1:18:45माता से दूर रहना पड़ सकता है। यह
1:18:48भावनात्मक दूरी जातक के मन में एक टीस
1:18:50बनकर रह जाती है। संपत्ति और वाहन को लेकर
1:18:53विवाद होने की प्रबल संभावना रहती है। छठे
1:18:56घर में बैठा सुकेश यह संकेत देता है कि
1:18:59जातक को अपनी ही जमीन या मकान के लिए
1:19:01कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।
1:19:04किराएदारों के साथ विवाद या पड़ोसियों से
1:19:06झगड़ा होना बहुत आम बात हो सकती है। वाहन
1:19:09सुख में भी बाधाएं आती हैं। गाड़ी बार-बार
1:19:12खराब होना या दुर्घटना का शिकार होना जातक
1:19:15को परेशान कर सकता है। कई बार नई गाड़ी
1:19:18खरीदने के तुरंत बाद उसमें कोई बड़ी खराबी
1:19:20आ जाती है या वह चोरी हो सकती है जिससे
1:19:22आर्थिक नुकसान होता है। कर्ज का बोझ
1:19:25कभी-कभी इतना बढ़ जाता है कि वह जानलेवा
1:19:27लगने लगता है। यद्यपि कर्ज लेकर संपत्ति
1:19:30बनाना इनके लिए अच्छा है। लेकिन अगर यह
1:19:33अपनी चादर से बाहर पैर पसारते हैं तो कर्ज
1:19:36के जाल डे ट्रैप में फंस सकते हैं। ईएमआई
1:19:40ईएमआई चुकाने के चक्कर में यह अपने
1:19:42वर्तमान के सुखों का गला घोट देते हैं।
1:19:44कर्ज चुकाने का तनाव इनके चेहरे की हंसी
1:19:47छीन लेता है और यह समय से पहले बूढ़े
1:19:50दिखने लगते हैं। शिक्षा में रुकावटें आना
1:19:53भी इस योग का एक नकारात्मक प्रभाव है।
1:19:56पढ़ाई के दौरान बीमार पड़ना या किसी से
1:20:00लड़ाई झगड़ा हो जाना इनकी शिक्षा को बाधित
1:20:02कर सकता है। कई बार यह जिस विषय की पढ़ाई
1:20:05करते हैं, उसमें फेल हो जाते हैं या उसे
1:20:08बीच में ही छोड़ना पड़ता है। दोस्तों की
1:20:11गलत संगत या दुश्मनी के कारण इनका ध्यान
1:20:13पढ़ाई से भटक सकता है। जिससे इनके करियर
1:20:16की शुरुआत धीमी हो जाती है। हृदय और छाती
1:20:19से संबंधित रोग इन्हें परेशान कर सकते
1:20:22हैं। काल पुरुष की कुंडली में चौथा भाव
1:20:25छाती का है। जब यह छठे भाव रोग स्थान में
1:20:28जाता है तो जातक को कफ, अस्थमा,
1:20:31ब्रोंकाइटिस या हृदय से जुड़ी समस्याएं हो
1:20:33सकती हैं। यदि यह बहुत ज्यादा तनाव लेते
1:20:36हैं तो ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती
1:20:38है। यह लोग अपनी भावनाओं को अंदर ही अंदर
1:20:41दबाते हैं जो बाद में किसी बड़ी बीमारी के
1:20:43रूप में बाहर निकलती है। गुप्त शत्रु इनको
1:20:46हमेशा परेशान करते हैं। कार्यक्षत्र में
1:20:49इनके सहकर्मी इनसे ईर्ष्या कर सकते हैं और
1:20:51इनकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकते हैं।
1:20:54यह लोग बहुत जल्दी दूसरों पर भरोसा कर
1:20:56लेते हैं। जिसका फायदा उठाकर लोग इन्हें
1:20:59धोखा दे देते हैं। अपने ही दोस्त या
1:21:02रिश्तेदार पीठ पीछे इनकी बुराई कर सकते
1:21:04हैं। यह एहसास कि अपनों ने ही लूटा। इनके
1:21:08मन को बहुत दुखी करता है। घरेलू नौकरों या
1:21:11कर्मचारियों से परेशानी हो सकती है। घर
1:21:14में काम करने वाले नौकर चोरी कर सकते हैं
1:21:16या काम छोड़कर भाग सकते हैं। जिससे घर की
1:21:19व्यवस्था चरमरा जाती है। जातक को अपने घर
1:21:22के रखरखाव के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता
1:21:25है। पानी की टंकियों का लीक होना या घर
1:21:28में सीलन आना जैसी वास्तु समस्याएं भी
1:21:31इनके सुख में खलल डालती हैं। इस स्थिति के
1:21:34संघर्षों को कम करने और जीवन को सुचारू
1:21:37रूप से चलाने के लिए हमारे शास्त्रों में
1:21:39बहुत ही सटीक और सात्विक उपाय बताए गए
1:21:42हैं। सबसे पहला और महत्वपूर्ण उपाय है
1:21:45सेवा धर्म को अपनाना। क्योंकि आपका सुख
1:21:48छठे घर सेवा में है इसलिए आप निस्वार्थ
1:21:51भाव से सेवा करना शुरू करें। किसी अस्पताल
1:21:54में जाकर मरीजों की मदद करें या किसी
1:21:56वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्गों की सेवा
1:21:59करें। सप्ताह में एक बार किसी बीमार
1:22:01व्यक्ति को दवाइयों का दान करना आपके लिए
1:22:04चमत्कारिक परिणाम देगा। जब आप दूसरों का
1:22:07दर्द दूर करेंगे तो ग्रह शांत होकर आपको
1:22:10सुख प्रदान करेंगे। भगवान हनुमान जी की
1:22:13उपासना इस योग के लिए संजीवनी है। हनुमान
1:22:16जी बल, बुद्धि और विद्या के दाता हैं और
1:22:18शत्रुओं का नाश करने वाले हैं। रोज सुबह
1:22:21या कम से कम मंगलवार को हनुमान चालीसा और
1:22:24बजरंग बाण का पाठ करें। यह आपको मुकदमों
1:22:27में जीत दिलाएगा। शत्रुओं से रक्षा करेगा
1:22:30और आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। हनुमान
1:22:33जी को चोला चढ़ाना और बूंदी का प्रसाद
1:22:36बांटना कर्ज मुक्ति में बहुत सहायक सिद्ध
1:22:38होता है। जानवरों की सेवा करना विशेषकर
1:22:42कुत्तों की आपके लिए अत्यंत लाभकारी है।
1:22:45छठा घर केतु और पालतू जानवरों से जुड़ा
1:22:48है। रोज ताजी रोटी बनाकर उस पर थोड़ा सा
1:22:51सरसों का तेल लगाकर काले कुत्ते को
1:22:53खिलाएं। यह उपाय आपके शत्रुओं को शांत
1:22:56करेगा और आकस्मिक दुर्घटनाओं से बचाएगा।
1:22:59गाय की सेवा करना भी चौथे घर माता चंद्रमा
1:23:02को मजबूत करता है जिससे मानसिक शांति
1:23:05मिलती है। माता का सम्मान और विवाद से
1:23:07दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। अपनी माता के
1:23:10साथ कभी भी ऊंची आवाज में बात ना करें।
1:23:13यदि उनके स्वास्थ्य में कोई दिक्कत है तो
1:23:15तुरंत इलाज करवाएं। माता से चांदी का कोई
1:23:18सिक्का या चावल लेकर अपने पास हमेशा रखें।
1:23:20यह आपके लिए एक लकी चार्म का काम करेगा।
1:23:23माता के पैर दबाना या उनकी सेवा करना आपके
1:23:25सोए हुए भाग्य को जगा सकता है। कर्ज और
1:23:28कानूनी मामलों में बहुत सावधानी बरतें।
1:23:31कोई भी लोन लेने से पहले या किसी भी
1:23:33दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे
1:23:3610 बार पढ़ें। यदि संभव हो तो मंगलवार के
1:23:39दिन कर्ज की किश्त चुकाएं। इससे कर्ज
1:23:41जल्दी उतरता है। कभी भी मंगलवार के दिन
1:23:44नया कर्ज ना लें। जल का प्रयोग समझदारी से
1:23:48करें और चांदी धारण करें। चौथा घर जल का
1:23:52है। पानी को व्यर्थ ना बहाएं। चांदी के
1:23:54गिलास में पानी पीना आपके मन को शीतलता
1:23:57प्रदान करेगा और क्रोध को कम करेगा। गले
1:24:00में चांदी की चैन पहनना या हाथ में चांदी
1:24:02का कड़ा पहनना आपके शरीर की नकारात्मक
1:24:05ऊर्जा को सोख लेगा। घर के वास्तु में
1:24:09सुधार करें। घर में कबाड़, जंग लगा लोहा
1:24:12या बंद घड़ियां बिल्कुल ना रखें। यह छठे
1:24:14घर के दुष्प्रभावों को बढ़ाते हैं। घर के
1:24:17उत्तर पूर्व कोने को साफ रखें। यदि घर में
1:24:20सीलन है या नल टपक रहा है तो उसे तुरंत
1:24:23ठीक करवाएं क्योंकि यह धन हानि और मानसिक
1:24:27तनाव का कारण बनता है। भगवान शिव का
1:24:30रुद्रा अभिषेक करना मानसिक क्लेशों को दूर
1:24:32करने का सर्वोत्तम उपाय है। साल में एक
1:24:35बार अपने जन्मदिन पर या शिवरात्रि पर
1:24:38रुद्रा अभिषेक जरूर करवाएं। यह आपके जीवन
1:24:42के संघर्षों को समाप्त कर आपको सुख और
1:24:44समृद्धि की ओर ले जाएगा। अपने गुस्से और
1:24:47भावनाओं पर काबू रखना सीखें। प्रतिदिन 10
1:24:50मिनट ध्यान मेडिटेशन करें। यह आपको अपनी
1:24:53भावनाओं को संतुलित करने में मदद करेगा।
1:24:55याद रखें आपका असली सुख समस्याओं से भागने
1:24:58में नहीं बल्कि उन्हें सुलझाने और दूसरों
1:25:00की मदद करने में है। इसी सोच के साथ आगे
1:25:03बढ़ें। सफलता आपके कदम चूमेगी। जब सुख भाव
1:25:08का स्वामी यानी चौथे घर का मालिक सातवें
1:25:10घर में आकर विराजमान होता है तो यह कुंडली
1:25:13में एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली राजयोग का
1:25:16निर्माण करता है। इस स्थिति को ज्योतिष
1:25:18में केंद्र का स्वामी केंद्र में होना कहा
1:25:21जाता है जो जीवन में स्थिरता और उन्नति
1:25:23लाता है। इसका सीधा और सरल अर्थ यह है कि
1:25:26आपका सुख आपके जीवन साथी और बाहरी दुनिया
1:25:28के साथ आपके संबंधों में निहित है। आप उन
1:25:32भाग्यशाली लोगों में से हैं जिनका
1:25:33भाग्योदय विवाह के बाद होता है। जैसे ही
1:25:36आपके जीवन में आपके जीवन साथी के कदम
1:25:38पड़ते हैं, आपके सुखों में चार गुना
1:25:40वृद्धि हो जाती है। इस ग्रह स्थिति का
1:25:43सबसे बड़ा और सुखद पक्ष यह है कि जातक को
1:25:46एक अत्यंत गुणी, सुंदर और संस्कारी जीवन
1:25:48साथी का साथ मिलता है। जब सुकेश सातवें घर
1:25:51में होता है तो आपका जीवन साथी आपके लिए
1:25:53केवल एक पति या पत्नी नहीं बल्कि सुख का
1:25:56साक्षात स्वरूप होता है। अक्सर देखा गया
1:25:59है कि विवाह के बाद ऐसे जातक के जीवन में
1:26:01एक जादुई बदलाव आता है। जो संघर्ष या
1:26:04अस्थिरता विवाह से पहले थी, वह जीवन साथी
1:26:07के आते ही समाप्त हो जाती है। आपका
1:26:09पार्टनर बहुत ही भावनात्मक और देखभाल करने
1:26:12वाला होता है। उसमें आपको अपनी माता की
1:26:15छवि या माता जैसा निस्वार्थ प्रेम देखने
1:26:17को मिलता है। यह भी संभव है कि आपका जीवन
1:26:19साथी किसी धनी या प्रतिष्ठित परिवार से हो
1:26:22जिससे आपको विवाह के माध्यम से संपत्ति,
1:26:24वाहन या सामाजिक रसू का लाभ मिले। आपके
1:26:27ससुराल पक्ष से आपको बहुत सहयोग और सम्मान
1:26:30प्राप्त होता है। व्यापार और साझेदारी के
1:26:33लिए यह एक स्वर्णिम स्थिति है। चौथा घर
1:26:37संपत्ति और जमीन का है और सातवां घर
1:26:39व्यापार का। जब यह दोनों मिलते हैं तो
1:26:42जातक रियल एस्टेट, प्रॉपर्टी डीलिंग,
1:26:45कंस्ट्रक्शन या इंटीरियर डिजाइनिंग जैसे
1:26:47क्षेत्रों में अपार सफलता प्राप्त करता
1:26:49है। यदि आप किसी के साथ साझेदारी
1:26:52पार्टनरशिप में कोई काम शुरू करते हैं, तो
1:26:54वह बहुत फलता फूलता है। आपका पार्टनर आपके
1:26:57लिए लकी चार्म साबित होता है। आपके
1:27:00व्यापार में एक पारिवारिक माहौल होता है।
1:27:02जिससे आपके कर्मचारी और ग्राहक आपसे
1:27:04भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं। आप अपनी
1:27:07वाणी और व्यवहार से ग्राहकों का दिल जीतना
1:27:09जानते हैं। लोग आप पर भरोसा करते हैं और
1:27:12व्यापार में भरोसा ही सबसे बड़ी पूंजी
1:27:14होती है। शिक्षा और बौद्धिक क्षमता के
1:27:16मामले में भी यह योग बहुत प्रभावशाली है।
1:27:19ऐसे जातक उच्च शिक्षित होते हैं और उनकी
1:27:22शिक्षा का सीधा संबंध उनके करियर या
1:27:24व्यापार से होता है। आप अपनी विद्या का
1:27:27उपयोग लोगों को जोड़ने या समाज में संतुलन
1:27:30बनाने के लिए करते हैं। वकालत, कूटनीति,
1:27:33जनसंपर्क, पब्लिक रिलेशंस या शिक्षण जैसे
1:27:37क्षेत्रों में यह लोग बहुत नाम कमाते हैं।
1:27:40इनकी सोचने समझने की शक्ति बहुत
1:27:42व्यावहारिक होती है। यह जानते हैं कि
1:27:44सामने वाले के मन में क्या चल रहा है।
1:27:47इसलिए यह किसी भी विवाद को बातचीत के जरिए
1:27:50सुलझाने में माहिर होते हैं। व्यक्तित्व
1:27:52की दृष्टि से यह लोग बहुत ही सौम्य और
1:27:54शांतिप्रिय होते हैं। चौथा घर मन की शांति
1:27:58का है। जब यह सातवें घर में आता है तो
1:28:00व्यक्ति अपने आसपास के माहौल को शांत और
1:28:02सुखद बनाए रखना चाहता है। यह लड़ाई झगड़ों
1:28:05से दूर रहते हैं और हमेशा बीच का रास्ता
1:28:08निकालने की कोशिश करते हैं। इनकी इसी खूबी
1:28:10के कारण समाज में इनकी एक अलग प्रतिष्ठा
1:28:14होती है। लोग इन्हें एक सुलझे हुए और
1:28:17समझदार इंसान के रूप में देखते हैं।
1:28:19सार्वजनिक जीवन में या राजनीति में भी यह
1:28:23लोग बहुत सफल हो सकते हैं क्योंकि जनता
1:28:26चौथा भाव सीधे इनसे जुड़ती है सातवां भाव
1:28:29यह जन नेता बन सकते हैं जो लोगों के सुखदख
1:28:32को अपना समझते हैं। वाहन और यात्राओं का
1:28:35सुख भी इनके जीवन में खूब होता है। सातवां
1:28:38घर यात्राओं का भी है। जब सुखेश यहां
1:28:41बैठता है तो जातक को देश विदेश घूमने के
1:28:44कई अवसर मिलते हैं। यह यात्राएं केवल थकान
1:28:46भरी नहीं होती बल्कि बहुत ही आरामदायक और
1:28:49सुखद होती हैं। अक्सर यह देखा गया है कि
1:28:52ऐसे जातक अपनी मातृभूमि से दूर जाकर या
1:28:55विदेश में बसकर बहुत सुखी रहते हैं। इनका
1:28:58अपना घर बहुत ही सुंदर और भव्य होता है
1:29:00जिसे देखकर दूसरों को रस्क हो सकता है। यह
1:29:03अपने घर को सजाने में बहुत रुचि लेते हैं
1:29:05और मेहमानों का स्वागत बहुत दिल से करते
1:29:08हैं। इनका दांपत्य जीवन एक आदर्श उदाहरण
1:29:11बन सकता है। पति-पत्नी के बीच एक गहरी
1:29:13दोस्ती होती है। यह एक दूसरे की भावनाओं
1:29:16को बिना कहे ही समझ लेते हैं। चौथा घर
1:29:20भावनाओं का है इसलिए रिश्तों में रूखापन
1:29:22नहीं होता। प्रेम और रोमांस इनके जीवन का
1:29:24अभिन्न अंग होता है। यह अपने साथी की खुशी
1:29:27के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं।
1:29:29इनका साथी भी इनके हर सुखदख में ढाल बनकर
1:29:32खड़ा रहता है। बुढ़ापे में भी इनका आपसी
1:29:35प्रेम कम नहीं होता बल्कि और गहरा हो जाता
1:29:37है। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि यह लोग
1:29:41डिप्लोमेसी यानी कूटनीति के बादशाह होते
1:29:43हैं। यह जानते हैं कि कब, कहां और क्या
1:29:46बोलना है। अपनी मीठी बातों से यह किसी भी
1:29:48कठोर व्यक्ति का दिल पिघला सकते हैं। यह
1:29:51कौशल इन्हें व्यापार और नौकरी दोनों जगह
1:29:53बहुत फायदा पहुंचाता है। इनके दुश्मन भी
1:29:56इनकी शराफत के कायल होते हैं। यह लोग समाज
1:29:59में पुल ब्रिज का काम करते हैं जो दो
1:30:02अलग-अलग विचारों वाले लोगों को जोड़ने का
1:30:04हुनर रखते हैं। अंत में यह स्थिति जातक को
1:30:07मानसिक रूप से बहुत तृप्त रखती है। जब
1:30:10आपका जीवन साथी और आपका काम दोनों आपको
1:30:12खुशी दें तो जीवन में और क्या चाहिए? यह
1:30:16लोग रात को चैन की नींद सोते हैं क्योंकि
1:30:18इनका मन किसी के प्रति द्वेष या ईर्ष्या
1:30:20से भरा नहीं होता। यह जो और जीने दो के
1:30:24सिद्धांत पर चलते हैं। इनका घर हमेशा
1:30:26खुशियों से चहकता रहता है। जीवन में
1:30:29पूर्णता किसी को नहीं मिलती और ज्योतिष
1:30:31में भी हर योग के कुछ नकारात्मक पहलू होते
1:30:34हैं। इस स्थिति का एक बड़ा नुकसान यह है
1:30:37कि जातक भावनात्मक रूप से दूसरों पर
1:30:40विशेषकर अपने जीवन साथी पर बहुत ज्यादा
1:30:43निर्भर हो जाता है। इमोशनल डिपेंडेंसी
1:30:45इनकी सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है। यदि
1:30:48जीवन साथी कुछ समय के लिए दूर चला जाए या
1:30:51किसी बात पर नाराज हो जाए तो इनका मानसिक
1:30:53संतुलन बिगड़ जाता है। यह अकेलेपन से बहुत
1:30:56डरते हैं। इनका अपना कोई स्वतंत्र
1:30:58अस्तित्व नहीं रह जाता। इनकी हर खुशी और
1:31:01गम इनके पार्टनर से जुड़ा होता है। यह
1:31:04अत्यधिक मोह इनके दुख का कारण बन सकता है।
1:31:07व्यापारिक साझेदारी में अंधा विश्वास करना
1:31:09कभी-कभी इनके लिए घातक सिद्ध होता है।
1:31:12क्योंकि यह दिल के साफ होते हैं इसलिए यह
1:31:14सोचते हैं कि सामने वाला भी वैसा ही है।
1:31:17लेकिन अगर सातवें घर पर किसी पाप ग्रह की
1:31:19दृष्टि हो तो इनका बिजनेस पार्टनर इन्हें
1:31:21धोखा दे सकता है। संपत्ति को लेकर
1:31:24साझेदारी में विवाद हो सकते हैं। जिस
1:31:26मित्र या पार्टनर पर इन्होंने सबसे ज्यादा
1:31:28भरोसा किया वही इनकी पीठ में छुरा घोंप
1:31:31सकता है जिससे इन्हें भारी आर्थिक और
1:31:33मानसिक क्षति उठानी पड़ सकती है। दांपत्य
1:31:37जीवन में माता का हस्तक्षेप एक बड़ी
1:31:39समस्या बन सकता है। चौथा घर माता का है और
1:31:43सातवां घर पत्नी पति का। जब माता का
1:31:46स्वामी पत्नी के घर में बैठता है तो कई
1:31:48बार सास बहू या सास दामाद के बीच तनाव की
1:31:51स्थिति बन जाती है। जातक अपनी माता और
1:31:54जीवन साथी के बीच पिसकर रह जाता है। वह ना
1:31:57तो मां को छोड़ सकता है और ना ही जीवन
1:32:00साथी को। यह द्वंद्व उसके घर की शांति को
1:32:02भंग कर सकता है। कभी-कभी जातक अपनी माता
1:32:05की बातों में आकर अपने वैवाहिक जीवन में
1:32:08कड़वाहट खोल लेता है। कानूनी पचड़े और
1:32:11कोर्ट कचहरी के चक्कर भी लग सकते हैं।
1:32:13सातवां घर अदालती मामलों का भी होता है।
1:32:16यदि गृह स्थिति ठीक ना हो तो जमीन जायदाद
1:32:19को लेकर मुदकमेबाजी हो सकती है। यह मुदकमे
1:32:22लंबे समय तक चल सकते हैं और जातक का सुख
1:32:24चयन छीन सकते हैं। सार्वजनिक छवि धूमिल
1:32:28होने का डर भी बना रहता है। कोई छोटा सा
1:32:30स्कैंडल या अफवाह इनकी बरसों की कमाई हुई
1:32:33इज्जत पर दाग लगा सकती है। क्योंकि सातवां
1:32:36घर पब्लिक इमेज का भी है। शिक्षा में
1:32:39बाधाएं आ सकती हैं। कम उम्र में प्रेम
1:32:41प्रसंगों में पढ़ने या विवाह हो जाने के
1:32:44कारण जातक की पढ़ाई बीच में ही छूट सकती
1:32:46है। या फिर मन की चंचलता के कारण वह किसी
1:32:50एक विषय पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता।
1:32:52वह लगातार अपने करियर के विकल्प बदलता
1:32:55रहता है जिससे उसे स्थिरता नहीं मिलती।
1:32:58विदेशवास का योग होने पर भी वहां होम
1:33:01सिकनेस यानी घर की याद इन्हें बहुत सताती
1:33:04है। यह परदेश में जाकर पैसा तो कमा लेते
1:33:06हैं, लेकिन इनका मन हमेशा अपनी मिट्टी और
1:33:09अपने लोगों के लिए तरसता रहता है। यह
1:33:12मानसिक द्वंद इन्हें कभी भी पूरी तरह खुश
1:33:15नहीं रहने देता। इन्हें लगता है कि
1:33:18इन्होंने कुछ पाने के लिए बहुत कुछ खो
1:33:20दिया है। स्वास्थ्य के लिहाज से इन्हें
1:33:23मूत्र विकार या प्रजनन अंगों से संबंधित
1:33:25समस्याएं हो सकती हैं। सातवां घर इन अंगों
1:33:29का कारक है। भावनात्मक तनाव का सीधा असर
1:33:32इनके इन अंगों पर पड़ सकता है। यदि यह खुश
1:33:35नहीं है तो इनका शरीर बहुत जल्दी
1:33:38बीमारियों का घर बन जाता है। कभी-कभी यह
1:33:40लोग अपनी भावनाओं को दबा लेते हैं ताकि
1:33:43सामने वाले को बुरा ना लगे। यह पीपल प्लीज
1:33:46बन जाते हैं। यानी सबको खुश रखने की कोशिश
1:33:49करते हैं। इस चक्कर में यह अपनी इच्छाओं
1:33:52और स्वाभिमान का गला घोट देते हैं। लंबे
1:33:54समय तक ऐसा करने से इनके अंदर कुंठा और
1:33:56गुस्सा भर जाता है जो बाद में किसी
1:33:58विस्फोट के रूप में बाहर आता है। इस ग्रह
1:34:02स्थिति के शुभ फलों को बढ़ाने और अशुभ
1:34:04प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए हमारे
1:34:06शास्त्रों में बहुत ही सात्विक और प्रभावी
1:34:08उपाय बताए गए हैं। सबसे पहला और
1:34:11महत्वपूर्ण उपाय है जीवन साथी का सम्मान।
1:34:14क्योंकि आपका सुख सातवें घर में है इसलिए
1:34:17अपने पति या पत्नी को सदैव सम्मान दें।
1:34:19उनके साथ कभी भी दुर्व्यवहार ना करें।
1:34:22समय-समय पर अपने जीवन साथी को उपहार
1:34:24विशेषकर सुगंधित इत्र, परफ्यूम या सुंदर
1:34:28वस्त्र भेंट करें। यदि आपका जीवन साथी खुश
1:34:31है तो समझ लीजिए कि आपके नवग्रह शांत हैं।
1:34:34घर में लड़ाई झगड़े से बचें क्योंकि यह
1:34:37सीधे आपके भाग्य को कमजोर करता है। भगवान
1:34:40शिव और माता पार्वती की संयुक्त उपासना
1:34:42अर्धनारीश्वर स्वरूप इस स्थिति के लिए
1:34:45रामबाण है। यह युति पुरुष और प्रकृति के
1:34:48मिलन को दर्शाती है। सोमवार के दिन शिव
1:34:50मंदिर जाकर शिव पार्वती का गठबंधन करवाएं
1:34:53या उनका पूजन करें। ओम उमा महेश्वराभ्य
1:34:56नमः मंत्र का जाप करने से दांपत्य जीवन
1:34:59में मधुरता आती है और मानसिक शांति मिलती
1:35:01है। यह उपाय आपको भावनात्मक रूप से मजबूत
1:35:04बनाएगा। माता का आशीर्वाद लेना कभी ना
1:35:07भूलें। कोई भी नया व्यापार या काम शुरू
1:35:10करने से पहले अपनी माता के चरण स्पर्श
1:35:12करें और उनकी अनुमति लें। यदि माता और
1:35:15जीवन साथी के बीच तनाव है तो बहुत ही
1:35:17समझदारी और कूटनीति से संतुलन बनाएं। किसी
1:35:20एक का पक्ष लेकर दूसरे को अपमानित ना
1:35:22करें। माता की सेवा करने से आपका चौथा घर
1:35:25मजबूत होगा जो सुख का मूल है। व्यापार में
1:35:28पारदर्शिता रखें। यदि आप साझेदारी में
1:35:31व्यापार कर रहे हैं तो पैसों का हिसाब
1:35:33किताब बिल्कुल साफ रखें। अंधे भरोसे से
1:35:35बचें। हर महत्वपूर्ण दस्तावेज को ध्यान से
1:35:38पढ़ने के बाद ही हस्ताक्षर करें। अपने
1:35:40पार्टनर के साथ नियमित रूप से संवाद
1:35:43कम्युनिकेशन करते रहें ताकि कोई गलतफहमी
1:35:46ना पनपे। गौ सेवा और दान पुण्य करें। चौथा
1:35:51घर चंद्रमा और शुक्र सुख से जुड़ा है।
1:35:54शुक्रवार के दिन गाय को हरा चारा या ज्वार
1:35:57खिलाएं। किसी गरीब कन्या के विवाह में
1:35:59गुप्त रूप से आर्थिक मदद करना या उसे
1:36:01सुहाग की सामग्री दान करना आपके लिए बहुत
1:36:04ही पुण्यकारी रहेगा। यह उपाय आपके सातवें
1:36:07घर के दोषों को काटकर आपके वैवाहिक जीवन
1:36:10को सुरक्षित करता है। चांदी का प्रयोग
1:36:13बढ़ाएं। चांदी चंद्रमा की धातु है जो मन
1:36:16को शीतलता देती है। चांदी के गिलास में
1:36:18पानी पिए या हाथ में चांदी का कड़ा पहने।
1:36:21यह आपके मन की घबराहट को कम करेगा और आपको
1:36:24मानसिक स्थिरता प्रदान करेगा। घर के
1:36:26वास्तु को ठीक रखें। अपने शयन कक्ष बेडरूम
1:36:29को हमेशा साफ सुथरा और सुगंधित रखें।
1:36:32बेडरूम में कोई भी हिंसक तस्वीर या लड़ाई
1:36:34वाली पेंटिंग ना लगाएं। वहां राधा कृष्ण
1:36:37या हंसों के जोड़े की तस्वीर लगाना बहुत
1:36:40शुभ होता है। यह आपके रिश्तों में प्रेम
1:36:42और रोमांस को जीवित रखेगा। नदी या बहते
1:36:45पानी में कभी-कभी दूध या चावल प्रवाहित
1:36:47करना किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह से
1:36:50मानसिक शांति के लिए अच्छा हो सकता है
1:36:53क्योंकि चौथा घर जल का है और सातवां घर
1:36:55यात्रा का। नियमित रूप से ध्यान मेडिटेशन
1:36:59करें। क्योंकि आप बहुत भावुक हैं इसलिए
1:37:02आपको अपने मन को नियंत्रित करना आना
1:37:04चाहिए। रोज 15 मिनट अपनी सांसों पर ध्यान
1:37:07दें और मन को शांत करें। यह आपको
1:37:09भावनात्मक निर्भरता से बाहर निकलने में
1:37:11मदद करेगा। जब चौथे घर का स्वामी यानी
1:37:14सुेश उठकर आठवें भाव में जा बैठता है तो
1:37:17यह ज्योतिष में एक अत्यंत गूढ़ और रहस्यमय
1:37:19स्थिति का निर्माण करता है। आमतौर पर लोग
1:37:22आठवें घर को दुख का कारण मानते हैं। लेकिन
1:37:24जब सुख का स्वामी यहां आता है तो इसका
1:37:27अर्थ बदल जाता है। इसका मतलब है कि आपका
1:37:29सुख सतह पर नहीं बल्कि गहराई में छिपा है।
1:37:33आपको सामान्य चीजों में खुशी नहीं मिलती
1:37:35बल्कि जब आप किसी रहस्य को सुलझाते हैं,
1:37:37किसी पुरानी चीज को खोजते हैं या जीवन के
1:37:40गढ़ पहलुओं को समझते हैं, तब आपको असली
1:37:43आनंद मिलता है। इस ग्रह स्थिति का सबसे
1:37:46बड़ा और रोमांचक लाभ यह है कि जातक को
1:37:49जीवन में अनायास धन प्राप्ति या वसीयत का
1:37:52सुख मिलता है। जब सुख भाव का स्वामी आठवें
1:37:55घर में आता है तो यह दर्शाता है कि
1:37:57व्यक्ति को दूसरों के धन या संसाधनों से
1:37:59लाभ होगा। अक्सर देखा गया है कि ऐसे
1:38:02जातकों को विरासत में भारी संपत्ति,
1:38:04पुराना मकान या जमीन जायदाद मिलती है
1:38:07जिसके लिए उन्होंने खुद मेहनत नहीं की
1:38:08होती। यह संपत्ति उनके पूर्वजों की हो
1:38:11सकती है या ससुराल पक्ष से मिली हो सकती
1:38:13है। ससुराल पक्ष से आर्थिक सहयोग और लाभ
1:38:16मिलने के लिए यह एक बेहतरीन स्थिति है।
1:38:19आपके जीवन साथी का परिवार आर्थिक रूप से
1:38:21सक्षम होता है और समय-समय पर आपकी मदद
1:38:24करता है। जिससे आपके सुखों में वृद्धि
1:38:27होती है। यह छुपे हुए खजाने जैसा योग है
1:38:30जहां किस्मत अचानक पलटती है और जातक को
1:38:33मालामाल कर देती है। शिक्षा और ज्ञान के
1:38:35क्षेत्र में यह लोग अद्वितीय होते हैं।
1:38:38चौथा घर शिक्षा का है और आठवां घर शोध
1:38:41रिसर्च का। जब यह दोनों मिलते हैं तो जातक
1:38:44की बुद्धि बहुत ही तीक्षण और खोजपूर्ण हो
1:38:46जाती है। यह लोग सामान्य पढ़ाई लिखाई से
1:38:49संतुष्ट नहीं होते बल्कि किसी भी विषय की
1:38:51तह तक जाना पसंद करते हैं। ऐसे लोग बहुत
1:38:55अच्छे वैज्ञानिक शोधकर्ता, पुरातत्ववेदता,
1:38:57आर्कियोलॉजिस्ट या इतिहासकार बन सकते हैं।
1:39:01इन्हें पुरानी चीजों, रहस्यों और दबी हुई
1:39:04सच्चाइयों को बाहर निकालने में महारत
1:39:06हासिल होती है। यदि यह चिकित्सा क्षेत्र
1:39:09में जाते हैं तो यह बहुत अच्छे सर्जन या
1:39:12डायग्नोस्टिक एक्सपर्ट बनते हैं जो बीमारी
1:39:14की झाड़ को पकड़ लेते हैं। इनका दिमाग एक
1:39:17जासूस की तरह काम करता है जो दूसरों से
1:39:20छिपी हुई बातों को भी पढ़ लेता है।
1:39:22आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष के मार्ग पर
1:39:25यह योग बहुत सहायक है। चौथा भाव और आठवां
1:39:28भाव दोनों ही मोक्ष त्रिकोण के अंग हैं।
1:39:32जब सुखेश आठवें में आता है, तो जातक को
1:39:34भौतिक दुनिया की चमक-धमक से ज़्यादा आंतरिक
1:39:37शांति की तलाश होती है। यह लोग तंत्र,
1:39:40मंत्र, ज्योतिष या गढ़ विद्याओं, अकल्ट
1:39:43साइंसेस में गहरी रुचि रखते हैं और इनमें
1:39:45सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। इनका
1:39:47अंतर्ज्ञान, इंट्यूशन गजब का होता है। यह
1:39:51आने वाली घटनाओं का पूर्वाभास कर लेते
1:39:53हैं। एकांत में बैठना और ध्यान करना इनके
1:39:57मन को सबसे ज्यादा सुकून देता है। यह
1:40:00दुनिया के शोरशराबे से दूर किसी शांत और
1:40:03रहस्यमय स्थान पर रहकर अपनी साधना करना
1:40:06पसंद करते हैं। इनकी आध्यात्मिक यात्रा
1:40:09बहुत गहरी होती है और यह जीवन के सत्य को
1:40:11समझने में सक्षम होते हैं। संपत्ति
1:40:14निर्माण में भी यह लोग बहुत चतुर होते
1:40:16हैं। यह अक्सर ऐसी संपत्तियों में निवेश
1:40:18करते हैं जिन्हें दूसरे लोग बेकार या
1:40:20विवादित समझते हैं। डिस्ट्रेस्ड
1:40:23प्रॉपर्टी, डिस्ट्रेस्ड प्रॉपर्टी या
1:40:25नीलामी में बिकी हुई जमीन को खरीदकर उसे
1:40:28सोने में बदल देना इनका हुनर होता है। यह
1:40:31जमीन के नीचे छिपी चीजों जैसे माइनिंग तेल
1:40:34या खनिजों से जुड़े व्यापार में भी अपार
1:40:37सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इनका घर भी
1:40:40अक्सर किसी ऐसे स्थान पर होता है जो थोड़ा
1:40:43एकांत में हो या जहां बहुत ज्यादा शांति
1:40:46हो। यह अपने घर को बहुत ही सुरक्षित और
1:40:49निजी प्राइवेट रखना पसंद करते हैं। इनके
1:40:52घर के अंदर का माहौल बाहरी दुनिया के लिए
1:40:55एक रहस्य जैसा हो सकता है। बीमा और निवेश
1:40:58से इन्हें बहुत फायदा होता है। आठवां घर
1:41:02इंश्योरेंस और ग्रेचुटी का भी है। सुेश का
1:41:05यहां होना बताता है कि जातक को पुरानी
1:41:07पॉलिसियों, बोनस या मैच्योरिटी के पैसे से
1:41:10अचानक बड़ा लाभ मिल सकता है। यह लोग लंबी
1:41:13अवधि के निवेश में विश्वास रखते हैं और
1:41:15इनका पैसा धीरे-धीरे लेकिन ठोस रूप से
1:41:18बढ़ता है। टैक्स कंसलटेंट या ऑन डेटिंग
1:41:21जैसे कार्यों में भी यह बहुत सफल होते हैं
1:41:24क्योंकि इनमें दूसरों के पैसे और हिसाब
1:41:26किताब की गहराई में जाने की जरूरत होती
1:41:28है। इनका व्यक्तित्व बहुत ही गहरा और
1:41:31गंभीर होता है। यह छिछले स्वभाव के नहीं
1:41:33होते। इनके व्यक्तित्व में एक चुंबकीय
1:41:36आकर्षण होता है जो दूसरों को यह जानने के
1:41:39लिए मजबूर करता है कि आखिर इनके मन में चल
1:41:41क्या रहा है। यह बहुत अच्छे श्रोता होते
1:41:44हैं और दूसरों के राज्य को राज्य रखना
1:41:46जानते हैं। लोग इन पर भरोसा करते हैं और
1:41:49अपनी सबसे निजी बातें इनसे सांझा करते
1:41:51हैं। मनोवैज्ञानिक, साइकोलॉजिस्ट या
1:41:54काउंसलर के रूप में यह लोगों के मानसिक
1:41:56तनाव को दूर करने में बहुत कुशल होते हैं।
1:41:59यह दूसरों के दर्द को गहराई से समझते हैं।
1:42:02क्योंकि इन्होंने खुद जीवन के उतार-चढ़ाव
1:42:04को करीब से देखा होता है। परिवर्तन इनके
1:42:08जीवन का स्थाई भाव है और यह इनके लिए शुभ
1:42:10होता है। जब भी इनके जीवन में कोई बड़ा
1:42:13बदलाव आता है, चाहे वह घर बदलना हो या
1:42:15शहर, वह इनके लिए तरक्की के रास्ते खोलता
1:42:18है। अक्सर यह देखा गया है कि अपनी
1:42:21जन्मभूमि से दूर जाने पर या विदेश में
1:42:23बसने पर इनका भाग्य चमकता है। आठवां घर
1:42:28समुद्र पार की यात्राओं का भी संकेत देता
1:42:30है। वहां जाकर यह अपनी एक नई दुनिया बसाते
1:42:34हैं और सुखी रहते हैं। यह परिस्थितियों के
1:42:37अनुसार खुद को ढालने में माहिर होते हैं।
1:42:39जैसे पानी जिस बर्तन में जाए उसका आकार ले
1:42:42लेता है, वैसे ही यह हर स्थिति में अपने
1:42:45लिए सुख ढूंढ लेते हैं। दीर्घायु और जीवन
1:42:48शक्ति के मामले में भी यह स्थिति दिलचस्प
1:42:50है। यदि सुखेश यहां मजबूत है, तो यह सरल,
1:42:54विमल राजयोग या विपरीत राजयोग जैसी स्थिति
1:42:57बना सकता है। जो जातक को लंबी आयु और जीवन
1:43:01शक्ति प्रदान करता है। यह लोग जीवन के
1:43:03कठिन से कठिन दौर से भी बाहर निकल आते
1:43:05हैं। इनकी इच्छाशक्ति विल पावर बहुत मजबूत
1:43:09होती है। जब सब हार मान लेते हैं तब यह
1:43:12लोग नए सिरे से शुरुआत करते हैं। यह
1:43:15फिनिक्स पक्षी की तरह होते हैं जो अपनी ही
1:43:17राख से दोबारा जी उठता है। इनका घरेलू
1:43:20जीवन गोपनीयता से भरा होता है। यह अपने
1:43:23परिवार और निजी जीवन को प्राइवेसी के कड़े
1:43:26पहरे में रखते हैं। यह नहीं चाहते कि
1:43:29बाहरी लोग इनके घर के मामलों में दखल दें।
1:43:32यह अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बहुत
1:43:34सजग रहते हैं। अपने जीवन साथी के साथ इनका
1:43:37रिश्ता बहुत गहरा और भावनात्मक होता है।
1:43:40यह सतही बातों पर नहीं बल्कि रूहानी
1:43:43जुड़ाव पर विश्वास करते हैं। संकट के समय
1:43:46इनका परिवार और ससुराल पक्ष इनके साथ
1:43:48चट्टान की तरह खड़ा रहता है। सुख भाव के
1:43:52स्वामी का आठवें यानी रंद्र भाव में जाना
1:43:54कुछ चुनौतियां और संघर्ष भी लेकर आता है।
1:43:57इस स्थिति का सबसे बड़ा नकारात्मक पहलू
1:43:59मानसिक अशांति और अज्ञात भय है। चौथा घर
1:44:02मन का है और आठवां घर डर का। जब यह मिलते
1:44:05हैं तो जातक को अक्सर बिना किसी ठोस वजह
1:44:08के डर लगता रहता है। कहीं कुछ बुरा ना हो
1:44:10जाए की भावना इनके मन में घर कर जाती है।
1:44:13यह लोग छोटी-छोटी बातों पर बहुत ज्यादा
1:44:15घबरा जाते हैं। रातों को नींद ना आना या
1:44:17बुरे सपने आना इनके लिए एक आम समस्या हो
1:44:20सकती है। यह पैरानोइया पैरानोया इनके सुख
1:44:23चयन को छीन लेता है। भले ही बाहरी तौर पर
1:44:26सब कुछ ठीक क्यों ना हो। माता के
1:44:28स्वास्थ्य और जीवन के लिए यह स्थिति
1:44:30कष्टकारी हो सकती है। चौथा घर माता का है
1:44:33और आठवां घर मृत्यु या कष्ट का। सुेश का
1:44:36यहां होना माता को दीर्घकालिक रोग या
1:44:38शारीरिक कष्ट दे सकता है। कई बार जातक और
1:44:41माता के बीच गलतफहमी की दीवार खड़ी हो
1:44:43जाती है। यह भी संभव है कि परिस्थितियों
1:44:46के कारण जातक को कम उम्र में ही अपनी माता
1:44:49से दूर होना पड़े। माता के सुख में कमी
1:44:51आना जातक के लिए गहरा भावनात्मक आघात होता
1:44:54है। जिससे वह जीवन भर उबर नहीं पाता।
1:44:57शिक्षा में अचानक रुकावटें आने का खतरा
1:45:00रहता है। आठवां घर बाधाओं का है। पढ़ाई के
1:45:03दौरान कोई ऐसी घटना घट सकती है जिससे जातक
1:45:06को अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़नी पड़े या
1:45:08विषय बदलना पड़े। परीक्षा के समय अचानक
1:45:11बीमार पड़ना या पारिवारिक संकट आ जाना
1:45:14इनकी मेहनत पर पानी फेर सकता है। यद्यपि
1:45:17यह ज्ञानवान होते हैं, लेकिन डिग्री हासिल
1:45:20करने में इन्हें दूसरों की तुलना में
1:45:22ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है। संपत्ति और
1:45:25वाहन को लेकर भी जोखिम बना रहता है। आठवां
1:45:29घर दुर्घटनाओं का है। ऐसे जातकों को वाहन
1:45:32चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतानी चाहिए
1:45:35क्योंकि वाहन दुर्घटना के योग बन सकते
1:45:37हैं। गाड़ी बार-बार खराब होना या चोरी
1:45:40होना भी इनके सुख को बाधित करता है। जमीन
1:45:44जायदाद के मामलों में धोखा मिलने की
1:45:46संभावना रहती है। जिस जमीन को यह खरीदते
1:45:49हैं, उसके कागज फर्जी निकल सकते हैं या उस
1:45:52पर कोई पुराना कानूनी विवाद हो सकता है।
1:45:55घर में सीलन, दीमक या वास्तु दोष जैसी
1:45:57समस्याएं इन्हें परेशान कर सकती हैं।
1:46:00घरेलू सुख में कमी और पारिवारिक कलह का
1:46:03सामना करना पड़ सकता है। आठवां घर छिपे
1:46:07हुए क्लश का है। घर के अंदर का माहौल
1:46:10तनावपूर्ण रह सकता है। परिवार के सदस्यों
1:46:12के बीच गुप्त बातें या एक दूसरे से छिपाव
1:46:15रखने की प्रवृत्ति रिश्तों को खोखला कर
1:46:18सकती है। जातक को अपने ही घर में बेगानापन
1:46:21महसूस हो सकता है। ससुराल पक्ष से शुरुआत
1:46:24में लाभ मिलने के बाद संबंधों में कड़वाहट
1:46:27आ सकती है जो जातक के वैवाहिक जीवन पर
1:46:29बुरा असर डालती है। हृदय और छाती से
1:46:33संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
1:46:36चौथा घर छाती का है। जब यह आठवें भाव
1:46:40पुराने रोग में जाता है तो जातक को
1:46:42फेफड़ों में संक्रमण, अस्थमा या हृदय से
1:46:45जुड़ी कोई समस्या परेशान कर सकती है।
1:46:48मानसिक तनाव का सीधा असर इनके दिल पर
1:46:50पड़ता है। यह अपनी भावनाओं को अंदर ही
1:46:53अंदर घोटते रहते हैं। व्यक्त नहीं कर पाते
1:46:55जो आगे चलकर साइकोसोमेटिक, मनोदै
1:46:59बीमारियों का रूप ले लेती है। गलत संगत या
1:47:02अनैतिक कार्यों की ओर झुकाव हो सकता है।
1:47:05आठवां घर अनैतिकता और स्कैंडल का भी है।
1:47:09यदि ग्रह पाप प्रभाव में हो तो जातक गुप्त
1:47:12रूप से गलत कामों में लिप्त हो सकता है।
1:47:14जुआ, सट्टा या अवैध संबंधों के कारण इनकी
1:47:18सामाजिक प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल सकती
1:47:20है। समाज में बदनामी का डर हमेशा इनके सिर
1:47:24पर तलवार की तरह लटकता रहता है। यह डर
1:47:27इन्हें खुलकर जीने नहीं देता। इनके जीवन
1:47:30में स्थिरता की कमी होती है। जैसे ही यह
1:47:32लगता है कि अब सब ठीक हो गया है, तभी कोई
1:47:35अचानक समस्या आ धमकती है। यह सांप सीढ़ी
1:47:38का खेल इनके जीवन में चलता रहता है। यह
1:47:41अनिश्चितता इन्हें भविष्य के प्रति आशंकित
1:47:44बना देती है। यह कभी भी पूरी तरह से
1:47:46रिलैक्स नहीं हो पाते क्योंकि इन्हें
1:47:48हमेशा अगले संकट का इंतजार रहता है। इस
1:47:51संवेदनशील ग्रह स्थिति के दुष्प्रभावों को
1:47:53शांत करने और जीवन में स्थिरता लाने के
1:47:56लिए हमारे शास्त्रों में बहुत ही विशिष्ट
1:47:58और सात्विक उपाय बताए गए हैं। सबसे पहला
1:48:01और परम उपाय है भगवान गणेश और शिव की
1:48:04उपासना। आठवां घर आकस्मिक संकटों का है और
1:48:08भगवान गणेश विघ्न हर्ता हैं। किसी भी
1:48:11कार्य की शुरुआत ओम गणेशाय से करें। नमः
1:48:14बोलकर करें। रोज सुबह गणपति अथर्व शीर्ष
1:48:18का पाठ करना आपके जीवन के अचानक आने वाले
1:48:21तूफानों को रोक देगा। इसके साथ ही भगवान
1:48:24शिव जो मृत्युंजय हैं उनकी पूजा आठवें घर
1:48:27के दोषों को अमृत में बदल देती है।
1:48:30महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जाप आपके
1:48:33लिए जीवन रक्षक कवच है। माता का आशीर्वाद
1:48:36और उनकी सेवा इस योग की सबसे बड़ी काट है।
1:48:40यद्यपि माता के सुख में कमी हो सकती है।
1:48:42लेकिन आप अपनी तरफ से कोई कसर ना छोड़ें।
1:48:45अपनी माता के पास बैठे। उनकी बातें सुने
1:48:48और उनके पैर दबाएं। यदि माता नहीं है तो
1:48:51किसी वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्ग महिलाओं
1:48:53को भोजन या वस्त्र दान करें। माता से
1:48:56चांदी का एक चौकोर टुकड़ा लेकर अपने पास
1:48:58हमेशा रखें। यह उपाय आपके मन के डर को
1:49:01खत्म करेगा और आपको सुरक्षा का एहसास
1:49:03दिलाएगा। श्मशान या किसी गुप्त स्थान पर
1:49:06दान करना लाभकारी होता है। आठवां घर
1:49:10मृत्यु का है। आप कभी-कभी श्मशान घाट के
1:49:13पास स्थित किसी मंदिर में या वहां काम
1:49:15करने वाले लोगों को अन्न या धन का दान
1:49:17करें। यह एक तांत्रिक उपाय जैसा है जो
1:49:20आपके ऊपर आने वाले बड़े संकटों को टाल
1:49:22सकता है। इसके अलावा किसी लावारिस शव के
1:49:25अंतिम संस्कार में आर्थिक मदद करना भी
1:49:27आठवें घर के भारी दोषों को नष्ट करता है।
1:49:30कुत्ते की सेवा करना और उसे रोटी खिलाना
1:49:33अनिवार्य है। आठवां घर केतु का भी माना
1:49:36जाता है। रोज एक रोटी पर थोड़ा सा सरसों
1:49:38का तेल लगाकर काले कुत्ते को खिलाएं। यह
1:49:41उपाय आपको वाहन दुर्घटनाओं और गुप्त
1:49:44शत्रुओं से बचाएगा। यह आपके केतु को शांत
1:49:46रखेगा। जिससे आपको अचानक चोट चपेट नहीं
1:49:49लगेगी। घर के वास्तु में विशेष ध्यान दें।
1:49:52अपने घर में टूटी फूटी चीजें, बंद घड़ियां
1:49:55या जंग लगा, लोहे का सामान बिल्कुल ना
1:49:57रखें। घर के बाथरूम और शौचालय को हमेशा
1:50:00सूखा और साफ रखें क्योंकि आठवां घर गंदगी
1:50:03का भी है। घर में गूगल या लोबान की ध्वनि
1:50:06रोज शाम को दें जिससे नकारात्मक ऊर्जा
1:50:08बाहर निकले। घर की छत को हमेशा साफ रखें।
1:50:12बीमा और वसीयत के मामलों को व्यवस्थित
1:50:14रखें। अपने जीवन और स्वास्थ्य का बीमा
1:50:16जरूर करवाएं। यह आठवें घर की ऊर्जा का
1:50:19सकारात्मक उपयोग है। अपनी वसीयत या नॉमिनी
1:50:22से जुड़े कागजात हमेशा अपडेट रखें। यह
1:50:25व्यावहारिक उपाय आपको भविष्य की चिंताओं
1:50:27से मुक्त रखेगा। ध्यान, मेडिटेशन और
1:50:31प्राणायाम को जीवन का हिस्सा बनाएं।
1:50:33क्योंकि आपके मन में अज्ञात भय रहता है
1:50:36इसलिए ब्राह्मणी प्राणायाम और अनुलोम
1:50:38विलोम आपके लिए बहुत जरूरी है। रोज 20
1:50:42मिनट आंखें बंद करके अपने अंतर्मन में
1:50:44झांकें। यह आपको मानसिक शांति देगा और
1:50:47आपकी अंतर्ज्ञान शक्ति को सही दिशा में
1:50:49मोड़ेगा। जल में प्रवाहित करने वाले उपाय
1:50:52करें। यदि मानसिक तनाव बहुत ज्यादा हो तो
1:50:55ज्योतिषी की सलाह लेकर साल में एक बार
1:50:58नारियल या बादाम बहते पानी में प्रवाहित
1:51:00करें। चौथा घर जल का है और आठवां घर
1:51:04प्रवाह का। यह उपाय आपके रुके हुए सुख को
1:51:06गति देगा। गुप्त दान करें। आप जो भी दान
1:51:10करें उसका ढिंढोरा ना पीटें। गुप्त रूप से
1:51:13किया गया दान आठवें घर को सबसे ज्यादा
1:51:15प्रसन्न करता है। किसी गरीब विद्यार्थी की
1:51:18फीस भर दें या किसी बीमार का इलाज करवा
1:51:20दें। लेकिन किसी को पता ना चले। जब चौथे
1:51:23घर का स्वामी यानी सुकेश उठकर नौवें भाव
1:51:25में जा बैठता है तो यह ज्योतिष शास्त्र
1:51:28में एक अत्यंत श्रेष्ठ और दुर्लभ केंद्र
1:51:30त्रिकोण राजयोग का निर्माण करता है।
1:51:33केंद्र चौथा भाव भगवान विष्णु का स्थान
1:51:36माना जाता है और त्रिकोण नौवां भाव माता
1:51:39लक्ष्मी का। जब इन दोनों का मिलन होता है
1:51:42तो व्यक्ति का जीवन सुख और भाग्य के एक
1:51:44सुंदर संगम की तरह बन जाता है। इसका सीधा
1:51:47अर्थ यह है कि आपका सुख आपके भाग्य में
1:51:50लिखा हुआ है। आपको सुख सुविधाओं के लिए
1:51:53भागदौड़ नहीं करनी पड़ती बल्कि किस्मत खुद
1:51:55आपके दरवाजे पर खुशियां लेकर आती है। इस
1:51:59ग्रह स्थिति का सबसे बड़ा और चमत्कारी लाभ
1:52:02यह है कि जातक को जीवन में हर कदम पर
1:52:04भाग्य का साथ मिलता है। जब सुख भाव का
1:52:08स्वामी भाग्य भाव में बैठता है तो व्यक्ति
1:52:10जिस भी काम में हाथ डालता है वह सोना बन
1:52:13जाता है। इनके जीवन में संघर्ष बहुत कम
1:52:16होता है और सफलता आसानी से मिल जाती है।
1:52:19हम कह सकते हैं कि यह लोग किस्मत के धनी
1:52:22होते हैं। इनका जन्म ही एक ऐसे परिवार में
1:52:25होता है जहां सुख सुविधाओं की कोई कमी
1:52:27नहीं होती या इनके जन्म के बाद परिवार की
1:52:30आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार आता है।
1:52:34पिता के लिए भी यह संतान बहुत भाग्यशाली
1:52:36साबित होती है। जैसे ही इस जातक का जन्म
1:52:39होता है, पिता के करियर या व्यापार में
1:52:42दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की होने लगती
1:52:44है। माता का सुख और प्रभाव इस योग का एक
1:52:48अत्यंत स्वर्णिम अध्याय है। नौवें घर में
1:52:51चौथे स्वामी का होना यह बताता है कि माता
1:52:54बहुत ही धार्मिक, विदुषी और प्रभावशाली
1:52:56महिला होती हैं। माता के विचार और संस्कार
1:52:59जातक के व्यक्तित्व की नींव रखते हैं।
1:53:01जातक अपनी माता को अपना गुरु मानता है और
1:53:04उनकी हर बात को पत्थर की लकीर समझता है।
1:53:07माता की दुआएं इनके लिए किसी सुरक्षा कवच
1:53:10से कम नहीं होती। कई बार देखा गया है कि
1:53:13जातक को ननिहाल पक्ष से या माता की ओर से
1:53:16भारी धन संपत्ति या विरासत मिलती है। माता
1:53:20के साथ तीर्थ यात्रा पर जाने के कई अवसर
1:53:22इन्हें प्राप्त होते हैं जो इनके मन को
1:53:25असीम शांति देते हैं। उच्च शिक्षा के
1:53:28मामले में यह लोग शिखर को छूते हैं। चौथा
1:53:31घर बुनियादी शिक्षा का है और नौवां घर
1:53:34उच्च शिक्षा जैसे मास्टर्स या पीएचडी का।
1:53:38जब यह दोनों मिल जाते हैं तो जातक शिक्षा
1:53:40के क्षेत्र में बहुत नाम कमाता है। यह लोग
1:53:43ज्ञान के प्यासे होते हैं और जीवन भर कुछ
1:53:45ना कुछ नया सीखते रहते हैं। अक्सर यह देखा
1:53:48गया है कि ऐसे जातक उच्च शिक्षा प्राप्त
1:53:50करने के लिए विदेश जाते हैं और वहां बहुत
1:53:53सफल होते हैं। विदेशी विश्वविद्यालयों में
1:53:56पढ़ाई करना या वहां जाकर शोध कार्य करना
1:53:58इनके लिए बहुत आसान होता है। इनका ज्ञान
1:54:01केवल किताबी नहीं होता बल्कि उसमें एक
1:54:03दार्शनिक गहराई होती है। यह लोग बहुत
1:54:06अच्छे प्रोफेसर, लेक्चरर या शिक्षाविद बन
1:54:09सकते हैं। विदेश यात्रा और प्रवास का सुख
1:54:12इनके जीवन में बहुत होता है। नौवां घर
1:54:15लंबी दूरी की यात्राओं और विदेश का है। जब
1:54:18सुकेश यहां आता है तो जातक को अपना घर
1:54:21छोड़कर दूर देश में बसने में ही असली सुख
1:54:24मिलता है। यह लोग विदेशों में जाकर ना
1:54:26केवल धन कमाते हैं बल्कि वहां अपनी
1:54:29संपत्ति और घर भी बनाते हैं। इनका विदेशी
1:54:32प्रवास बहुत ही आरामदायक और सम्मानजनक
1:54:34होता है। कई बार यह लोग अपने काम या
1:54:36व्यापार के सिलसिले में पूरी दुनिया घूमने
1:54:39का सुख प्राप्त करते हैं। नई संस्कृतियों
1:54:41को जानना और नए लोगों से मिलना इन्हें
1:54:44बहुत पसंद होता है। धार्मिक और आध्यात्मिक
1:54:48प्रवृत्ति इनका एक विशेष गुण होती है।
1:54:51इनका मन मंदिर जैसा पवित्र होता है। यह
1:54:54लोग ईश्वर में अटूट विश्वास रखते हैं। दान
1:54:58पुण्य करना, गरीबों की मदद करना और
1:55:00धार्मिक आयोजनों में भाग लेना इन्हें
1:55:03आत्मिक संतोष देता है। यह लोग अपने घर में
1:55:06ही एक भव्य पूजा स्थल या मंदिर बनवाते हैं
1:55:09जहां नियमित रूप से पूजा पाठ होता है।
1:55:11इनके घर का वातावरण बहुत ही सात्विक और
1:55:14सकारात्मक होता है। इनके संपर्क में आने
1:55:17वाला व्यक्ति भी शांति का अनुभव करता है।
1:55:19यह लोग समाज में धर्म और नैतिकता के
1:55:21संरक्षक के रूप में देखे जाते हैं।
1:55:24संपत्ति और वाहन सुख की बात करें तो यह
1:55:26लोग बहुत ही भाग्यशाली होते हैं। इनके पास
1:55:29एक से अधिक मकान और गाड़ियां होने की
1:55:31संभावना रहती है। इनका घर बहुत विशाल और
1:55:34हवादार होता है जो किसी मंदिर या महल जैसा
1:55:37दिखता है। यह अपनी संपत्ति का उपयोग केवल
1:55:40अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों के कल्याण के
1:55:42लिए भी करते हैं। धर्मशाला बनवाना, स्कूल
1:55:45खोलना या प्याऊ लगवाना जैसे कार्य इनके
1:55:48द्वारा किए जाते हैं। पिता की संपत्ति का
1:55:51भी इन्हें पूरा सुख मिलता है और यह उसे और
1:55:53बढ़ाते हैं। इनका व्यक्तित्व बहुत ही उदार
1:55:56और क्षमाशील होता है। यह छोटी-छोटी बातों
1:55:59पर गुस्सा नहीं करते। इनका दिल समुद्र की
1:56:02तरह बढ़ा होता है। यह दूसरों की गलतियों
1:56:04को माफ करना जानते हैं। वसुधैव कुटुंबकम
1:56:07की भावना इनके अंदर कूट-कूट कर भरी होती
1:56:10है। समाज में इन्हें एक ज्ञानी और सुलझे
1:56:14हुए व्यक्ति के रूप में मानसान मिलता है।
1:56:17लोग इनसे सलाह लेने आते हैं। क्योंकि इनकी
1:56:20सलाह में अनुभव और ज्ञान का निचोड़ होता
1:56:23है। यह लोग अपने गुरुओं का बहुत सम्मान
1:56:25करते हैं और गुरु कृपा से जीवन की हर बाधा
1:56:28को पार कर लेते हैं। पिता के साथ संबंध भी
1:56:31सामान्यत बहुत अच्छे होते हैं। पिता इनके
1:56:33लिए केवल एक अभिभावक नहीं बल्कि एक दोस्त
1:56:36और मार्गदर्शक होते हैं। जातक अपने पिता
1:56:38के आदर्शों पर चलता है और उनके नाम को
1:56:41रोशन करता है। पिता के द्वारा शुरू किए गए
1:56:44कार्यों को यह नई ऊंचाइयों पर ले जाते
1:56:46हैं। यह एक ऐसा योग है जो पीढ़ियों को
1:56:49जोड़ता है, जातक अपने बच्चों को भी वही
1:56:52संस्कार देता है जो उसे अपने माता-पिता से
1:56:55मिले हैं। अंत में मानसिक शांति की दृष्टि
1:56:58से यह सर्वोत्तम स्थिति है। चाहे बाहर
1:57:01कितनी भी उथल-पुथल क्यों ना हो, इनका मन
1:57:04हमेशा स्थिर रहता है। यह लोग जानते हैं कि
1:57:07जो कुछ भी हो रहा है, वह ईश्वर की मर्जी
1:57:09से हो रहा है। इसलिए यह चिंता मुक्त रहते
1:57:12हैं। यह सकारात्मक सोच ही इनकी सबसे बड़ी
1:57:15ताकत है। इनका बुढ़ापा बहुत ही सुखद और
1:57:19सम्मान पूर्ण बीतता है। जहां यह समाज और
1:57:21परिवार के बीच एक वटवृक्ष की तरह पूजनीय
1:57:24होते हैं। हालांकि यह एक राजयोग है, लेकिन
1:57:27ज्योतिष में कोई भी स्थिति पूर्णतः दोष
1:57:29मुक्त नहीं होती। इस स्थिति का एक सूक्ष्म
1:57:32नकारात्मक पहलू यह है कि चौथा भाव और
1:57:35नौवां भाव एक दूसरे से षडाष्टक छह आठ
1:57:38संबंध बनाते हैं। नौवां घर चौथे से छठा है
1:57:41और चौथा घर नौवें से आठवां है। यह संबंध
1:57:45कभी-कभी माता और पिता के बीच तनाव का कारण
1:57:47बन सकता है। जातक को अपने माता-पिता के
1:57:50बीच सामंजस्य बिाने में कठिनाई हो सकती
1:57:53है। हो सकता है कि पिता के कारण माता को
1:57:55कुछ कष्ट हो या माता के स्वभाव के कारण
1:57:58पिता को परेशानी उठानी पड़े। यह घरेलू
1:58:01तनाव जातक के मन को व्यथित कर सकता है।
1:58:04पिता के सुख में कमी या वैचारिक मतभेद भी
1:58:06संभव है। यद्यपि यह योग पिता के लिए शुभ
1:58:10है। लेकिन कभी-कभी चौथे स्वामी माता मन का
1:58:13पिता के घर में जाना यह दर्शाता है कि
1:58:15पिता के जीवन में कुछ संघर्ष या स्वास्थ्य
1:58:18समस्याएं आ सकती हैं। जातक के पिता बहुत
1:58:21सख्त अनुशासन वाले हो सकते हैं। जिससे
1:58:24जातक को बचपन में थोड़ा दबाव महसूस हो
1:58:26सकता है। कई बार जातक अपने पिता की
1:58:29उम्मीदों के बोझ तले दब जाता है और उसे
1:58:31लगता है कि वह अपनी इच्छा से नहीं बल्कि
1:58:34पिता की मर्जी से जी रहा है। धार्मिक
1:58:37पाखंड या अंधविश्वास का खतरा भी बना रहता
1:58:40है। जब धर्म का भाव बहुत प्रबल हो जाता है
1:58:43तो कभी-कभी व्यक्ति लकीर का फकीर बन जाता
1:58:46है। वह रीति रिवाजों और कर्मकांडों में
1:58:49इतना उलझ जाता है कि धर्म का असली सार भूल
1:58:52जाता है। ऐसे लोग दूसरों पर अपने धार्मिक
1:58:55विचार थोपने की कोशिश कर सकते हैं जिससे
1:58:57समाज में या परिवार में लोग उनसे कटने
1:58:59लगते हैं। मैं ही सही हूं का धार्मिक
1:59:02अहंकार इनके पतन का कारण बन सकता है।
1:59:05भाग्य पर अत्यधिक निर्भरता इन्हें आलसी
1:59:07बना सकती है। क्योंकि इन्हें चीजें आसानी
1:59:10से मिल जाती हैं। इसीलिए कई बार इनमें
1:59:12संघर्ष करने का जज्बा कम हो जाता है। यह
1:59:15सोचते हैं कि सब कुछ भगवान की मर्जी से
1:59:18मिल जाएगा तो मेहनत क्यों करें? यह
1:59:20निष्क्रियता इनकी प्रतिभा को कुंद कर सकती
1:59:22है। जब कभी जीवन में कड़ी चुनौती आती है
1:59:25तो यह घबरा जाते हैं क्योंकि इन्हें लड़ने
1:59:27की आदत नहीं होती। यह कंफर्ट जोन कंफर्ट
1:59:30ज़ोन से बाहर निकलना ही नहीं चाहते। शिक्षा
1:59:33में विषय बदलने की प्रवृत्ति या भटकाव आ
1:59:36सकता है। नौवां घर उच्च शिक्षा का है
1:59:39लेकिन मन चौथा भाव चंचल होता है। जातक
1:59:43बार-बार अपने पढ़ाई के विषय बदल सकता है।
1:59:45कभी दर्शनशास्त्र पढ़ने का मन करता है तो
1:59:48कभी विज्ञान। यह अस्थिरता इनके करियर की
1:59:51शुरुआत में देरी का कारण बन सकती है। यह
1:59:53लोग बहुत ज्यादा आदर्शवादी हो जाते हैं और
1:59:56व्यावहारिकता से दूर हो जाते हैं। जिससे
1:59:58नौकरी या व्यापार में तालमेल बिाने में
2:00:01दिक्कत आती है। घर से दूर रहने का दुख भी
2:00:03इन्हें सहना पड़ सकता है। जैसा कि हमने
2:00:06बताया यह योग विदेशवास का है। लेकिन
2:00:09सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि विदेश में
2:00:11सब कुछ पाकर भी इन्हें होम सिकनेस बहुत
2:00:14सताती है। यह अपने देश, अपने त्योहारों और
2:00:17अपने रिश्तेदारों को बहुत याद करते हैं।
2:00:19कई बार माता-पिता के अंतिम समय में यह
2:00:22उनके पास नहीं पहुंच पाते जिसका मलाल
2:00:24इन्हें जीवन भर रहता है। यह भावनात्मक
2:00:27दूरी इनके मन में एक खालीपन छोड़ देती है।
2:00:30संपत्ति को लेकर कानूनी पचड़े भी हो सकते
2:00:32हैं। यदि यहां कोई पाप ग्रह प्रभाव डाल
2:00:35रहा हो तो पिता की संपत्ति या विरासत को
2:00:37लेकर भाई बहनों से विवाद हो सकता है। धर्म
2:00:40के नाम पर या किसी ट्रस्ट को दान देने के
2:00:42चक्कर में यह अपनी जमा पूंजी लुटा सकते
2:00:44हैं। जिससे परिवार को आर्थिक कष्ट हो सकता
2:00:47है। कभी-कभी यह लोग अपनी जिम्मेदारियों से
2:00:50भागकर वैराग्य या सन्यास की ओर आकर्षित हो
2:00:52सकते हैं। गृहस्थ जीवन की समस्याओं का
2:00:55सामना करने के बजाय यह आध्यात्मिकता की
2:00:58आड़ में छिपना चाहते हैं। यह पलायनवादी
2:01:00प्रवृत्ति इनके परिवार के लिए कष्टकारी हो
2:01:03सकती है। पत्नी और बच्चों को छोड़कर
2:01:05तीर्थों में भटकना इनके लिए तो सुखद हो
2:01:07सकता है। लेकिन परिवार के लिए यह अन्याय
2:01:10है। इस राजयोग के शुभ फलों को स्थाई बनाने
2:01:13और इसके सूक्ष्म दोषों को दूर करने के लिए
2:01:16हमारे शास्त्रों में बहुत ही सात्विक और
2:01:18सरल उपाय बताए गए हैं। सबसे पहला और परम
2:01:22आवश्यक उपाय है माता-पिता और गुरु का
2:01:24सम्मान। क्योंकि यह योग्य माता चार और
2:01:28पिता गुरु नौ के मिलन से बना है। इसलिए आप
2:01:32इन दोनों स्तंभों को मजबूत रखें। रोज सुबह
2:01:35माता-पिता के चरण स्पर्श करें। यदि आप
2:01:37उनसे दूर हैं तो नियमित रूप से उनसे बात
2:01:40करें और उनकी जरूरतों का ध्यान रखें। अपने
2:01:43गुरु या शिक्षक का कभी भी अनादर ना करें।
2:01:45उनका आशीर्वाद आपके भाग्य के द्वार हमेशा
2:01:48खुले रखेगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा और
2:01:51तीर्थ दर्शन करना आपके लिए विशेष फलदाई
2:01:53है। साल में कम से कम एक बार अपने पूरे
2:01:56परिवार के साथ किसी पवित्र तीर्थ स्थल पर
2:01:58जाएं। वहां जाकर केवल दर्शन ना करें बल्कि
2:02:01कुछ समय वहां मौन बैठकर ध्यान करें। यदि
2:02:04संभव हो तो किसी प्राचीन मंदिर के
2:02:06जीर्णोद्धार ना रिपेयर में आर्थिक मदद
2:02:09करें या वहां साफ सफाई की सेवा करें। यह
2:02:12उपाय आपके मन एक को शांति और भाग्य को बल
2:02:15प्रदान करेगा। घर में एक पवित्र स्थान या
2:02:17मंदिर जरूर बनाएं। अपने घर के ईशान कोण
2:02:20नॉर्थ ईस्ट में एक छोटा सा ही सही लेकिन
2:02:23सुंदर मंदिर स्थापित करें। वहां रोज
2:02:26सुबहशाम दीपक जलाएं और अगरबत्ती लगाएं। घर
2:02:29में नियमित रूप से रामायण, गीता या किसी
2:02:32भी धार्मिक ग्रंथ का पाठ करें। यह आपके घर
2:02:35के वास्तु दोषों को समाप्त करेगा और
2:02:37सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
2:02:40विद्यार्थियों और ब्राह्मणों की सेवा
2:02:42करें। नौवां घर उच्च शिक्षा और धर्म का
2:02:45है। आप गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाई की
2:02:47सामग्री दान करें या उनकी फीस भरें। किसी
2:02:51वेद पाठी ब्राह्मण या ज्ञानी व्यक्ति को
2:02:53वस्त्र और भोजन का दान करना आपके लिए बहुत
2:02:56शुभ रहेगा। विद्या दान इस योग के लिए सबसे
2:02:59श्रेष्ठ दान माना गया है। आप किसी
2:03:02पुस्तकालय में धार्मिक या ज्ञानवर्धक
2:03:04किताबें भी दान कर सकते हैं। पीपल और बरगद
2:03:07के पेड़ों की सेवा करें। गुरु बृहस्पति
2:03:10नौवें घर के कारक हैं। गुरुवार के दिन
2:03:13पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं। बिना स्पर्श
2:03:16किए और हल्दी का तिलक लगाएं। पेड़-पौधे
2:03:19लगाना और उनका संरक्षण करना। आपके चौथे
2:03:22भाव प्रकृति और नौवें भाव धर्म दोनों को
2:03:26संतुष्ट करता है। केसर या हल्दी का तिलक
2:03:29रोज अपने माथे पर लगाएं। यह बृहस्पति ग्रह
2:03:32को मजबूत करने का एक अचूक उपाय है। यह
2:03:35आपकी बुद्धि को सात्विक रखेगा और समाज में
2:03:38आपके मानसान को बढ़ाएगा। इसके साथ ही अपनी
2:03:42वाणी में सत्यता और मधुरता बनाए रखें। झूठ
2:03:45बोलना आपके भाग्य को कमजोर कर सकता है।
2:03:47गंगा स्नान या किसी पवित्र नदी में स्नान
2:03:50करना आपके लिए बहुत लाभकारी है। जब भी
2:03:53मौका मिले पवित्र नदियों में स्नान करें।
2:03:55घर में भी नहाने के पानी में थोड़ा सा
2:03:57गंगाजल मिलाकर स्नान करें। यह आपके शरीर
2:04:00और मन की शुद्धि के लिए बहुत जरूरी है
2:04:02क्योंकि चौथा घर जल का है। अपने घर की छत
2:04:05को हमेशा साफ रखें। घर की छत 12वें और
2:04:07नौवें घर से जुड़ी होती है। वहां कबाड़ या
2:04:10गंदगी ना रखें। छत पर पक्षियों के लिए
2:04:12दाना पानी रखें। यह छोटा सा उपाय आपके
2:04:15भाग्य में आने वाली बाधाओं को दूर कर
2:04:17देगा। जब सुख भाव का स्वामी यानी चौथे घर
2:04:21का मालिक उठकर 10वें घर में जा बैठता है
2:04:23तो यह ज्योतिष शास्त्र में एक अत्यंत
2:04:25प्रबल और राजयोग कारक स्थिति मानी जाती
2:04:28है। इसका सीधा अर्थ यह है कि आपका सुख
2:04:31आपके कर्म में है। आप उन लोगों में से
2:04:34नहीं है जो घर पर बैठकर आराम करने में
2:04:36खुशी महसूस करते हैं बल्कि आपको असली आनंद
2:04:39तब मिलता है जब आप काम कर रहे होते हैं।
2:04:41ज्योतिष में इसे एक बहुत ही शुभ स्थिति
2:04:44माना गया है क्योंकि चौथा स्वामी 10वें
2:04:46भाव में बैठकर अपनी सातवीं दृष्टि से वापस
2:04:49अपने ही घर चौथे भाव को देखता है। जब कोई
2:04:52ग्रह अपने घर को देखता है तो वह उसे
2:04:55सुरक्षित और मजबूत बना देता है। इस ग्रह
2:04:58स्थिति का सबसे विस्तृत और प्रभावशाली
2:05:00पक्ष यह है कि जातक को करियर में अपार
2:05:03सफलता और स्थायित्व प्राप्त होता है। जब
2:05:05सुकेश कर्म भाव में बैठता है तो व्यक्ति
2:05:08अपने काम को ही पूजा मानता है। ऐसे लोग
2:05:10अक्सर उच्च पदों पर आसीन होते हैं। चाहे
2:05:13वह सरकारी नौकरी हो, राजनीति हो या
2:05:15कॉरपोरेट जगत यह लोग हमेशा शीर्ष पर पाए
2:05:18जाते हैं। दसवां घर सत्ता का है। इसलिए इन
2:05:21लोगों के हाथ में पावर और अथॉरिटी
2:05:23स्वाभाविक रूप से आ जाती है। यह लोग बॉस
2:05:25बनने के लिए ही पैदा हुए हैं। इनके काम
2:05:28करने का तरीका इतना व्यवस्थित और अनुशासित
2:05:30होता है कि दूसरे लोग इनसे प्रेरणा लेते
2:05:33हैं। इन्हें समाज में एक प्रतिष्ठित
2:05:35व्यक्ति के रूप में देखा जाता है। इनकी
2:05:37प्रतिष्ठा केवल धन से नहीं बल्कि इनके काम
2:05:40के प्रभाव से होती है। रियलस्टेट और
2:05:43निर्माण क्षेत्र में यह योग चमत्कारिक
2:05:45परिणाम देता है। चौथा घर भूमि और भवन का
2:05:48है। जब यह करियर के घर से जुड़ता है तो
2:05:51जातक प्रॉपर्टी डीलिंग, कंस्ट्रक्शन,
2:05:54आर्किटेक्चर या इंटीरियर डिजाइनिंग के
2:05:57क्षेत्र में बहुत नाम और पैसा कमाता है।
2:05:59यह लोग मिट्टी को भी हाथ लगा दें तो वह
2:06:01सोना बन जाती है। इनके द्वारा बनाए गए भवन
2:06:04या प्रोजेक्ट्स बहुत सफल होते हैं। कई बार
2:06:08यह देखा गया है कि ऐसे जातक एक बहुत बड़े
2:06:11बिल्डर या लैंड लॉर्ड बनते हैं। इनके पास
2:06:14जमीन जायदाद की कोई कमी नहीं होती। यह
2:06:16अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा प्रॉपर्टी
2:06:18में निवेश करते हैं और उससे मोटा मुनाफा
2:06:21कमाते हैं। इनके पास एक से बढ़कर एक
2:06:24आलीशान मकान और दफ्तर होते हैं। माता का
2:06:27सहयोग और उनका प्रभाव इस योग का एक अत्यंत
2:06:30महत्वपूर्ण पहलू है। 10वें घर में बैठा
2:06:33चौथा स्वामी यह बताता है कि जातक के करियर
2:06:35निर्माण में उसकी माता की भूमिका बहुत अहम
2:06:38होती है। माता केवल एक गृणी नहीं बल्कि एक
2:06:41मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत होती हैं। कई
2:06:44मामलों में माता स्वयं एक कामकाजी महिला
2:06:47या उच्च पद पर हो सकती हैं। जिनके पद
2:06:49चिन्हों पर चलकर जातक सफलता प्राप्त करता
2:06:51है। माता का आशीर्वाद इनके लिए सफलता की
2:06:55कुंजी है। जब भी यह किसी मुश्किल में
2:06:57फंसते हैं, माता की सलाह इन्हें सही
2:06:59रास्ता दिखाती है। समाज में इनका परिवार
2:07:02बहुत प्रतिष्ठित होता है और लोग इनके कुल
2:07:05का सम्मान करते हैं। राजनीति और जन कल्याण
2:07:08के कार्यों में यह लोग बहुत सफल होते हैं।
2:07:11चौथा घर जनता मैसेज का है और दसवां घर
2:07:14शासन का। जब जनता का स्वामी शासन के घर
2:07:17में आ जाए तो व्यक्ति जननायक बन जाता है।
2:07:20यह लोग बहुत सफल राजनेता, मंत्री या समाज
2:07:23सुधारक बन सकते हैं। जनता इन्हें अपना
2:07:26नेता मानती है और इन्हें भरपूर समर्थन
2:07:28देती है। यह लोग जनता की नब्ज़ पहचानते
2:07:31हैं। इन्हें पता होता है कि लोगों को क्या
2:07:34चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान कैसे
2:07:36करना है। इनका सार्वजनिक जीवन बहुत ही
2:07:39चमकदार होता है। चुनाव जीतने या किसी
2:07:43संगठन का प्रमुख बनने में इन्हें ज्यादा
2:07:45संघर्ष नहीं करना पड़ता। वाहन सुख और
2:07:48सरकारी लाभ भी इन्हें खूब मिलता है। 10वें
2:07:52घर में चौथे स्वामी का होना यह दर्शाता है
2:07:54कि जातक को सरकार की ओर से वाहन और आवास
2:07:57की सुविधा मिल सकती है। यदि यह सरकारी
2:08:00नौकरी में हैं तो इन्हें रहने के लिए बड़े
2:08:02सरकारी बंगले और चलने के लिए सरकारी
2:08:04गाड़ियां मिलती हैं। यदि यह निजी क्षेत्र
2:08:07में हैं तो भी इनकी कंपनी इन्हें बेहतरीन
2:08:09कार और लग्जरी सुविधाएं प्रदान करती है।
2:08:13इनके पास वाहनों का एक काफिला हो सकता है।
2:08:16यह लोग शान और शौकत वाली जिंदगी जीना पसंद
2:08:18करते हैं और इसमें सफल भी होते हैं।
2:08:21शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाना भी
2:08:23इनके लिए बहुत फलदाई होता है। चौथा घर
2:08:27शिक्षा का है। जब यह 10वें से जुड़ता है
2:08:30तो जातक शिक्षाविद विश्वविद्यालय का वाइस
2:08:33चांसलर, स्कूल का मालिक या एक प्रसिद्ध
2:08:35प्रोफेसर बन सकता है। यह लोग ज्ञान का
2:08:38प्रसार करने में विश्वास रखते हैं। इनके
2:08:40पढ़ाने या समझाने का तरीका इतना
2:08:42प्रभावशाली होता है कि छात्र इनका बहुत
2:08:45सम्मान करते हैं। यह अपनी विद्या के दम पर
2:08:48दुनिया में अपनी पहचान बनाते हैं। इनके
2:08:50पास डिग्रियों का ढेर हो सकता है और यह
2:08:52अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
2:08:55मानसिक शांति और कार्य संतुष्टि का अद्भुत
2:08:57संगम यहां देखने को मिलता है। आमतौर पर
2:09:01लोग काम के बोझ से तनाव में आ जाते हैं।
2:09:03लेकिन इस जातक के लिए काम ही सुकून है। जब
2:09:06तक यह काम में व्यस्त रहते हैं। इनका मन
2:09:08शांत रहता है। यह अपने ऑफिस या कार्यस्थल
2:09:12को भी घर जैसा आरामदायक बना लेते हैं।
2:09:14इनके केबिन या दफ्तर में जाने पर आपको एक
2:09:16अपनापन महसूस होगा। यह अपने कर्मचारियों
2:09:19के साथ भी परिवार जैसा व्यवहार करते हैं।
2:09:22जिससे इनके अधीनस्थ कर्मचारी इनके लिए जी
2:09:25जान से काम करते हैं। यह वर्क लाइफ बैलेंस
2:09:28बनाने में माहिर होते हैं क्योंकि इनके
2:09:31लिए वर्क और लाइफ अलग नहीं है। धार्मिक और
2:09:34सामाजिक कार्यों में भी यह बढ़-चढ़कर
2:09:36हिस्सा लेते हैं। दवां घर हमारे कर्मों का
2:09:40है जो समाज को देखते हैं। यह लोग अपनी
2:09:42माता की याद में या अपने माता-पिता के नाम
2:09:45पर धर्मशाल, प्याऊ या अस्पताल बनवा सकते
2:09:49हैं। यह समाज को कुछ वापस देने में
2:09:51विश्वास रखते हैं। इनके द्वारा किए गए
2:09:54परोपकार के कार्य इनकी कीर्ति को चारों
2:09:57दिशाओं में फैलाते हैं। लोग इनके अच्छे
2:10:00कर्मों की मिसाल देते हैं। जीवन में हर
2:10:03ऊंचाई के साथ एक गहराई भी जुड़ी होती है
2:10:05और इस राजयोग के भी अपने कुछ नकारात्मक
2:10:08पक्ष हैं। सबसे बड़ी चुनौती घर की अनदेखी
2:10:11है। जब सुकेश 10वें घर करियर में चला जाता
2:10:15है तो व्यक्ति अपने काम में इतना डूब जाता
2:10:17है कि वह अपने असली घर को भूल जाता है। यह
2:10:20लोग वर्कहॉलिक वर्कहौलिक हो जाते हैं।
2:10:23सुबह जल्दी निकलना और रात को देर से लौटना
2:10:26इनकी दिनचर्या बन जाती है। इस चक्कर में
2:10:29पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों
2:10:32को इनका समय नहीं मिल पाता। घर के लोग
2:10:34इनकी उपस्थिति के लिए तरस जाते हैं।
2:10:37धीरे-धीरे परिवार में एक भावनात्मक दूरी आ
2:10:40सकती है जो इनके व्यक्तिगत जीवन में
2:10:42अशांति पैदा करती है। माता के स्वास्थ्य
2:10:45पर इसका बुरा असर पड़ सकता है या माता
2:10:48बहुत सख्त हो सकती हैं। दसवां घर काम और
2:10:52दबाव का है। जब कोमल स्वभाव वाला चौथा
2:10:55स्वामी यहां आता है तो माता के ऊपर बहुत
2:10:57जिम्मेदारियां आ सकती हैं। हो सकता है कि
2:11:00माता को जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ा
2:11:02हो। कभी-कभी जातक अपनी माता की उम्मीदों
2:11:05के बोझ तले दब जाता है। माता बहुत
2:11:08ज्यादात्वाकांक्षी हो सकती हैं और जातक को
2:11:10हमेशा नंबर वन बने रहने के लिए प्रेरित या
2:11:13प्रेशराइज कर सकती हैं। इससे जातक के मन
2:11:15में एक अनगाह तनाव बना रहता है। सार्वजनिक
2:11:18जीवन में निजता प्राइवेसी का अभाव एक बड़ी
2:11:21समस्या बन सकती है। क्योंकि इनका सुख दवें
2:11:24घर पब्लिक में है। इसलिए इनकी हर निजी बात
2:11:27सार्वजनिक हो जाती है। यह लोग अपनी पर्सनल
2:11:30लाइफ को छिपा नहीं पाते। लोग क्या कहेंगे
2:11:33का डर इन्हें हमेशा सताता रहता है। कोई
2:11:35छोटी सी पारिवारिक कलह भी बाहर वालों के
2:11:37लिए गसिप का मुद्दा बन सकती है। यह निरंतर
2:11:40निगरानी, स्क्रूटनी, इनके मानसिक सुकून को
2:11:43छीन लेती है। इन्हें हर समय एक मुखौटा
2:11:46पहनकर रहना पड़ता है कि सब कुछ ठीक है।
2:11:48जबकि अंदर से यह अकेलापन महसूस कर सकते
2:11:51हैं। हृदय रोग और तनाव जनित बीमारियां
2:11:54होने का खतरा रहता है। चौथा घर हृदय का
2:11:57है। जब यह 10वें घर के भारी दबाव में आता
2:12:00है तो काम का तनाव सीधे दिल पर असर डालता
2:12:03है। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या हार्ट
2:12:05अटैक जैसी समस्याएं इन्हें मध्य आयु में
2:12:08घेर सकती हैं। यह लोग अपनी भावनाओं को
2:12:10व्यक्त नहीं करते क्योंकि इन्हें अपनी
2:12:13मजबूत छवि बनाए रखनी होती है। यह
2:12:16भावनात्मक घुटन इनके स्वास्थ्य के लिए
2:12:18बहुत हानिकारक होती है। इन्हें आराम करना
2:12:21नहीं आता और यही इनकी सबसे बड़ी बीमारी बन
2:12:24जाती है। संपत्ति को लेकर विवाद और करियर
2:12:27में उतार-चढ़ाव भी संभव है। यदि चौथे
2:12:30स्वामी पर पाप ग्रहों की दृष्टि हो तो
2:12:32कार्यस्थल पर ही इनका सुख छीन सकता है।
2:12:35ऑफिस की राजनीति ऑफिस पॉलिटिक्स का यह
2:12:37शिकार हो सकते हैं। सहकर्मी इनकी तरक्की
2:12:40से जलकर इनके खिलाफ साजिश रच सकते हैं।
2:12:43कभी-कभी रियलस्टेट के बिजनेस में या जमीन
2:12:47की खरीदफरोख्त में इन्हें धोखा मिल सकता
2:12:49है या कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़
2:12:52सकता है। गलत निर्णयों के कारण इनकी
2:12:55सामाजिक प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है जो
2:12:58इनके लिए मृत्यु तुल्य कष्ट होता है।
2:13:01भावनाओं का व्यवसायकरण हो सकता है। यह लोग
2:13:04रिश्तों को भी नफा नुकसान के तराजू में
2:13:06तोलने लग सकते हैं। तुम मेरे लिए क्या कर
2:13:09सकते हो वाला रवैया इनके निजी रिश्तों को
2:13:12खत्म कर सकता है। यह अपने बच्चों से भी
2:13:15वही उम्मीद करते हैं जो यह अपने
2:13:17कर्मचारियों से करते हैं। पूर्ण अनुशासन
2:13:20और सफलता। इससे बच्चों के कोमल मन पर बुरा
2:13:23असर पड़ता है और वे अपने पिता या माता से
2:13:26डरने लगते हैं। प्यार नहीं करते। घर बदलना
2:13:30या स्थानांतरण ट्रांसफर की समस्या बनी
2:13:32रहती है। क्योंकि चौथा स्वामी दसवें में
2:13:35है तो नौकरी के कारण इन्हें बार-बार अपना
2:13:37घर बदलना पड़ सकता है। यह कभी भी एक जगह
2:13:40टिक कर अपनी झड़े नहीं जमा पाते। बच्चों
2:13:43की पढ़ाई और परवरिश पर इसका बुरा असर
2:13:45पड़ता है। यह खाना दोष वाली जिंदगी भले ही
2:13:48सुविधाओं से भरी हो लेकिन स्थिरता
2:13:51स्टेबिलिटी की कमी का एहसास कराती है। अंत
2:13:55में सेवा निवृत्ति रिटायरमेंट के बाद का
2:13:59जीवन इनके लिए कष्टकारी हो सकता है।
2:14:02क्योंकि इनका पूरा सुख काम में था इसलिए
2:14:04रिटायर होने के बाद इन्हें लगता है कि
2:14:07इनका जीवन व्यर्थ हो गया है। यह खालीपन
2:14:09इन्हें डिप्रेशन में डाल सकता है। बिना पद
2:14:12और पावर के यह खुद को अधूरा महसूस करते
2:14:14हैं। इस शक्तिशाली राजयोग के दुष्प्रभावों
2:14:18को कम करने और शुभ फलों को संतुलित करने
2:14:20के लिए हमारे शास्त्रों में बहुत ही
2:14:22व्यावहारिक और सात्विक उपाय बताए गए हैं।
2:14:25सबसे पहला और परम आवश्यक उपाय है माता और
2:14:28मातृभूमि की सेवा। क्योंकि आपका चौथा
2:14:30स्वामी दवें में है। इसलिए आप अपने
2:14:32कार्यस्थल पर अपनी माता की तस्वीर जरूर
2:14:34रखें। कोई भी महत्वपूर्ण काम शुरू करने से
2:14:37पहले माता का आशीर्वाद लें। यदि आप अपनी
2:14:40जन्मभूमि से दूर काम करते हैं तो साल में
2:14:43कम से कम एक बार अपनी जन्मभूमि पर जरूर
2:14:46जाएं और वहां के मंदिर में माथा टेकके। यह
2:14:49आपकी जड़ों को मजबूत रखेगा और आपको तनाव
2:14:51से बचाएगा। सूर्य देव को जल देना आपकी
2:14:54प्रतिष्ठा के लिए अनिवार्य है। दसवां घर
2:14:57सूर्य का कारक स्थान है। रोज सुबह स्नान
2:15:00के बाद तांबे के लोटे में जल, रोली और
2:15:03अक्षत डालकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दें।
2:15:06इससे आपके करियर में आने वाली बाधाएं दूर
2:15:08होंगी और ऑफिस की राजनीति का आप पर कोई
2:15:11असर नहीं होगा। साथ ही अपने पिता और बॉस
2:15:15का सम्मान करें। उनसे बहस करने से बचें
2:15:18क्योंकि यह सीधे आपके 10वें घर को खराब
2:15:20करता है। कार्यस्थल पर वास्तु और साफ सफाई
2:15:24का ध्यान रखें। आपका ऑफिस ही आपका मंदिर
2:15:27है। अपने डेस्क को हमेशा साफ रखें। वहां
2:15:30कबाड़ इकट्ठा ना होने दें। अपने कार्यस्थल
2:15:33पर पीने के पानी की उचित व्यवस्था करें।
2:15:36यदि आप बॉस हैं तो अपने कर्मचारियों को
2:15:38कभी-कभी मिठाई खिलाएं या उनकी मदद करें।
2:15:41खुशहाल कर्मचारी आपके 10वें घर को और
2:15:43मजबूत करेंगे। जनता की सेवा और दान पुण्य
2:15:47को दिनचर्या में शामिल करें। क्योंकि चौथा
2:15:49घर जनता का है इसलिए आप जन कल्याण के
2:15:52कार्यों में भाग लें। प्याऊ लगवाना, गर्मी
2:15:54में छाछ बांटना या गरीबों को वस्त्र दान
2:15:57करना आपके लिए बहुत शुभ है। आप किसी
2:16:00अनाथालय या वृद्धाश्रम में जाकर निर्माण
2:16:02सामग्री जैसे सीमेंट ईंट का दान भी कर
2:16:05सकते हैं क्योंकि चौथा घर निर्माण का है।
2:16:08भगवान शिव की उपासना मानसिक शांति के लिए
2:16:11रामबाण है। काम के बोझ के कारण आपका मन
2:16:15अशांत रह सकता है। सोमवार के दिन शिव
2:16:17मंदिर जाएं और शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। 10
2:16:20से 15 मिनट मंदिर में शांति से बैठे। यह
2:16:23आपके बर्न आउट बर्न आउट को रोकने में मदद
2:16:25करेगा। ध्यान मेडिटेशन करना आपके हृदय
2:16:29स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।
2:16:31पेड़-पौधे लगाना और पर्यावरण की रक्षा
2:16:33करना आपके लिए विशेष उपाय है। दवां घर
2:16:36खुले आसमान का है और चौथा घर प्रकृति का।
2:16:39आप सार्वजनिक स्थानों, पार्कों या सड़क के
2:16:41किनारे पेड़ लगाएं। विशेषकर छायादार वृक्ष
2:16:44जैसे-जैसे वे पेड़ बड़े होंगे और लोगों को
2:16:46छाया देंगे, वैसे-वैसे आपका यश और कीर्ति
2:16:49बढ़ेगी। यह उपाय आपके करियर को स्थिरता
2:16:52प्रदान करता है। अपने घर और ऑफिस के बीच
2:16:54संतुलन बनाएं। नियम बनाएं कि घर पहुंचने
2:16:57के बाद ऑफिस का काम या फोन नहीं उठाएंगे।
2:17:00सप्ताह में एक दिन पूरी तरह अपने परिवार
2:17:02को दें। घर के कार्यों में भी रुचि लें।
2:17:04जैसे घर की सजावट या बागवानी। इससे आपका
2:17:07चौथा घर सुख सक्रिय रहेगा और 10वें घर
2:17:10कर्म का दबाव कम होगा। चांदी का प्रयोग
2:17:14करें। मन की शांति के लिए चांदी के गिलास
2:17:16में पानी पिए या चांदी का कड़ा पहने। यह
2:17:19चंद्रमा चौथा स्वामी को शीतलता प्रदान
2:17:22करता है और कार्यस्थल पर आपके गुस्से या
2:17:25आवेग को नियंत्रित रखता है। ईमानदारी और
2:17:27नैतिकता का पालन करें। दवां घर कर्म का
2:17:30है। यदि आप अपने काम में बेईमानी करेंगे
2:17:33तो यह योग आपको बहुत नीचे गिरा सकता है।
2:17:36सत्य और निष्ठा से किया गया काम ही आपको
2:17:39स्थाई सफलता देगा। कभी भी अपनी शक्ति का
2:17:42दुरुपयोग ना करें। 11वां भाव जिसे हम लाभ
2:17:46स्थान कहते हैं, वह हमारी इच्छाओं की
2:17:48पूर्ति, बड़े भाई-बहन, मित्रों का दायरा,
2:17:51सामाजिक संपर्क और जीवन में होने वाली हर
2:17:53तरह की आमदनी का घर है। जब चौथे घर का
2:17:56स्वामी यानी सुेश उठकर 11वें भाव में जा
2:17:58बैठता है, तो यह ज्योतिष शास्त्र में एक
2:18:00अत्यंत शुभ और धनदायक महाधन योग का
2:18:03निर्माण करता है। इसका सीधा और सरल अर्थ
2:18:06यह है कि आपका सुख आपके लाभ से जुड़ा हुआ
2:18:09है और आपका लाभ आपके सुख के साधनों से
2:18:11आएगा। यह एक ऐसी स्थिति है जहां व्यक्ति
2:18:14की खुशियां केवल मन तक सीमित नहीं रहती
2:18:16बल्कि वे ठोस रूप में धन और संपत्ति के
2:18:19रूप में उसके जीवन में आती हैं। इस ग्रह
2:18:22स्थिति का सबसे बड़ा और शानदार लाभ यह है
2:18:25कि जातक को जीवन में संपत्ति और रियलस्टेट
2:18:28के माध्यम से जबरदस्त आर्थिक लाभ होता है।
2:18:32जब सुख भाव का स्वामी लाभ भाव में बैठता
2:18:35है तो व्यक्ति के लिए जमीन, मकान या कोई
2:18:38भी प्रॉपर्टी सोने के अंडे देने वाली
2:18:40मुर्गी बन जाती है। ऐसे लोग अक्सर
2:18:42प्रॉपर्टी डीलिंग, कंस्ट्रक्शन या किराए
2:18:45की आमदनी से बहुत मोटा पैसा कमाते हैं।
2:18:48इनके पास एक से अधिक मकान होते हैं और यह
2:18:51अपनी संपत्तियों को समय के साथ बढ़ाते ही
2:18:54जाते हैं। कई बार यह देखा गया है कि यह
2:18:56लोग पुराने या सस्ते मकान खरीद कर उन्हें
2:18:59रिनोवेट करते हैं और फिर ऊंचे दामों पर
2:19:01बेचते हैं। इनके लिए घर केवल रहने की जगह
2:19:04नहीं बल्कि निवेश का सबसे बड़ा जरिया होता
2:19:07है। माता से लाभ और सहयोग इस योग का एक
2:19:10अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष है। 11वें घर में
2:19:13बैठा सुखेश यह बताता है कि जातक की माता
2:19:16उसके लिए साक्षात लक्ष्मी का रूप होती है।
2:19:18माता स्वयं धनवान हो सकती हैं या उनके पास
2:19:21अपनी निजी संपत्ति हो सकती है जो अंततः
2:19:24जातक को ही मिलती है। माता का सोशल
2:19:27नेटवर्क या उनके संपर्क जातक के करियर और
2:19:29कमाई में बहुत मदद करते हैं। जब भी जातक
2:19:32को पैसों की जरूरत होती है, माता किसी ना
2:19:34किसी रूप में मदद के लिए खड़ी रहती हैं।
2:19:37माता के आशीर्वाद से इनके जीवन के
2:19:39बड़े-बड़े काम आसानी से बन जाते हैं।
2:19:41ननिहाल पक्ष से भी इन्हें अच्छा खासा धन
2:19:44या उपहार मिलने की संभावना हमेशा बनी रहती
2:19:47है। मित्रों और सामाजिक दायरे से सुख
2:19:49मिलना इनकी कुंडली की खासियत होती है।
2:19:52चौथा घर मन का है और 11वां घर दोस्तों का।
2:19:56ऐसे जातक को अपने दोस्तों के बीच रहने में
2:19:59ही सबसे ज्यादा सुकून मिलता है। इनके
2:20:02दोस्त बहुत प्रभावशाली और मददगार होते
2:20:04हैं। यह लोग जब भी किसी मुसीबत में फंसते
2:20:06हैं, इनका कोई ना कोई दोस्त ढाल बनकर खड़ा
2:20:09हो जाता है। इनका घर दोस्तों के लिए हमेशा
2:20:11खुला रहता है। इनके घर पर अक्सर महफिलें
2:20:14जमती हैं और दोस्तों का आना-जाना लगा रहता
2:20:16है। इनका सोशल नेटवर्क ही इनकी सबसे बड़ी
2:20:19पूंजी नेटवर्थ होता है। कई बार दोस्त ही
2:20:23इन्हें व्यापार के अवसर देते हैं या नौकरी
2:20:25दिलाने में मदद करते हैं। शिक्षा के
2:20:28माध्यम से उच्च आय अर्जित करना इनके लिए
2:20:30बहुत आसान होता है। चौथा घर डिग्री और
2:20:34शिक्षा का है। जब यह लाभ भाव से जुड़ता
2:20:36है, तो जातक अपनी पढ़ाई का पूरा फायदा
2:20:38उठाता है। यह लोग जिस क्षेत्र में पढ़ाई
2:20:41करते हैं, उसी में अपना करियर बनाते हैं
2:20:43और खूब पैसा कमाते हैं। यह लोग कोचिंग
2:20:46सेंटर, स्कूल, कॉलेज या ऑनलाइन एजुकेशन के
2:20:49बिजनेस में बहुत सफल हो सकते हैं। इनका
2:20:51ज्ञान व्यर्थ नहीं जाता बल्कि हर ज्ञान
2:20:54इनके बैंक बैलेंस को बढ़ाने में योगदान
2:20:56देता है। यह लोग बहुत ही व्यावहारिक
2:20:58प्रैक्टिकल होते हैं और जानते हैं कि अपनी
2:21:01स्किल को पैसे में कैसे बदलना है। वाहन
2:21:04सुख के मामले में यह लोग राजाओं जैसा जीवन
2:21:06जीते हैं। 11वां घर इच्छा पूर्ति का है और
2:21:09चौथा घर वाहन का। जातक की हमेशा से इच्छा
2:21:12होती है कि उसके पास सबसे अच्छी और महंगी
2:21:14गाड़ी हो और यह इच्छा पूरी भी होती है। यह
2:21:18लोग लग्जरी वाहनों के शौकीन होते हैं और
2:21:20जीवन में कई वाहन बदलते हैं। इनके वाहन
2:21:23इनके स्टेटस सिंबल को बढ़ाते हैं। कई बार
2:21:26यह ट्रांसपोर्ट या गाड़ियों की खरीद
2:21:28फरोख्त के बिजनेस से भी अच्छा मुनाफा
2:21:30कमाते हैं। इनका सफर हमेशा आरामदायक और
2:21:33सुविधाजनक होता है। इच्छापूर्ति
2:21:35औरत्वाकांक्षाओं का पूरा होना इस योग का
2:21:38वरदान है। 11वां घर कामना सिद्धि का है।
2:21:41जब सुेश यहां बैठता है तो जातक जो भी सपना
2:21:45देखता है, वह देर सवेेर पूरा हो ही जाता
2:21:47है। चाहे वह आलीशान घर बनाने का सपना हो
2:21:50या विदेश घूमने का। कुदरत इनके लिए रास्ते
2:21:53बना देती है। यह लोग बहुत ही आशावादी होते
2:21:56हैं। इनका मानना होता है कि अगर सुख लिखा
2:21:59है तो वह मिलकर ही रहेगा। यह सकारात्मक
2:22:02सोच इन्हें जीवन में हमेशा आगे बढ़ाती है।
2:22:06बड़े भाई बहनों से स्नेह और लाभ मिलता है।
2:22:0911वां घर बड़े भाई बहन का होता है। जातक
2:22:12को अपने बड़े भाई बहनों से माता जैसा
2:22:14स्नेह और पिता जैसा सहयोग मिलता है। वे
2:22:17जातक की सुख सुविधाओं का पूरा ध्यान रखते
2:22:20हैं। कई बार बड़ा भाई या बहन जातक को सेटल
2:22:23होने में आर्थिक मदद करते हैं या अपने साथ
2:22:25बिजनेस में शामिल कर लेते हैं। पारिवारिक
2:22:28रिश्तों में एक मजबूती और विश्वास बना
2:22:30रहता है। सामुदायिक भवन या एनजीओ एनजीओ से
2:22:34जुड़कर काम करना इन्हें बहुत रास आता है।
2:22:37क्योंकि चौथा घर जनता का और 11वां घर समूह
2:22:40का है। इसलिए यह लोग किसी हाउसिंग
2:22:43सोसाइटी, क्लब या सामाजिक संस्था के
2:22:46पदाधिकारी बन सकते हैं। समाज सेवा के
2:22:48कार्यों में भी यह लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा
2:22:51लेते हैं। लोगों की मदद करने से इनके मन
2:22:54को शांति मिलती है और साथ ही इनका जनसपर्क
2:22:57पब्लिक रिलेशंस भी मजबूत होता है। लोग
2:23:00इन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखते
2:23:03हैं जो समाज के लिए कुछ करना चाहता है।
2:23:05इनका व्यक्तित्व बहुत ही मिलनसार और
2:23:08आकर्षक होता है। यह जहां भी जाते हैं,
2:23:10वहां का माहौल खुशनुमा बना देते हैं। लोग
2:23:13इनकी कंपनी पसंद करते हैं। यह जानते हैं
2:23:16कि लोगों को कैसे जोड़ना है और नेटवर्क
2:23:18कैसे बनाना है। नेटवर्किंग इनकी नैसर्गिक
2:23:22प्रतिभा होती है। यह किसी भी अपरिचित
2:23:24व्यक्ति से मिनटों में दोस्ती कर सकते
2:23:26हैं। यह गुण इन्हें मार्केटिंग, सेल्स या
2:23:29राजनीति जैसे क्षेत्रों में बहुत ऊंचाइयों
2:23:32तक ले जाता है। हर सिक्के के दो पहलू होते
2:23:35हैं और इस राजयोग में भी कुछ सावधानियां
2:23:37छिपी हैं। इस स्थिति का सबसे बड़ा
2:23:40नकारात्मक पक्ष यह है कि जातक का सुख पूरी
2:23:43तरह से लाभ पर निर्भर हो जाता है। यह लोग
2:23:46बहुत ज्यादा भौतिकवादी मटेरियलिस्टिक हो
2:23:48सकते हैं। इनके लिए खुशी का मतलब केवल
2:23:51पैसा और सुविधाएं होती हैं। यह माता के
2:23:53लिए मृत्यु तुल्य कष्ट या बीमारी का घर हो
2:23:56सकता है। सुेश का यहां जाना माता को
2:23:58दीर्घकालिक रोग दे सकता है। माता को
2:24:00अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
2:24:03कभी-कभी यह भी देखा गया है कि जातक और
2:24:05माता के बीच धन को लेकर विवाद हो जाता है।
2:24:08माता की संपत्ति पाने के लालच में रिश्तों
2:24:10में खटास आ सकती है। दोस्तों की वजह से
2:24:13घरेलू जीवन में अशांति आ सकती है। क्योंकि
2:24:16इनका मन दोस्तों में रमता है इसलिए यह
2:24:19अपने परिवार को नजरअंदाज कर सकते हैं। घर
2:24:22में दोस्तों का जमावड़ा लगा रहने से
2:24:23परिवार की निजता प्राइवेसी खत्म हो जाती
2:24:26है। जीवनसाथी और बच्चों को लग सकता है कि
2:24:29जातक के लिए बाहर वाले ज्यादा महत्वपूर्ण
2:24:33हैं। कई बार फेयर वेदर फ्रेंड्स मतलबी
2:24:36दोस्त इनका फायदा उठाते हैं। यह दोस्त
2:24:39इनका पैसा खर्च करवाते हैं और सुख के समय
2:24:41साथ रहते हैं, लेकिन मुसीबत में गायब हो
2:24:43जाते हैं। गलत संगत में पड़कर यह अपनी जमा
2:24:46पूंजी और इज्जत दोनों गमवा सकते हैं।
2:24:49शिक्षा में भटकाव आ सकता है। पढ़ाई की
2:24:52उम्र में दोस्तों के साथ घूमना फिरना या
2:24:54मौज मस्ती करना इनकी शिक्षा को बाधित कर
2:24:57सकता है। यह लोग पढ़ाई को केवल पैसा कमाने
2:25:00का जरिया मानते हैं। इसलिए ज्ञान की गहराई
2:25:02में जाने के बजाय शॉर्टकट ढूंढते हैं। कई
2:25:06बार यह अपनी डिग्री का सही उपयोग नहीं कर
2:25:08पाते या लालच में आकर कोई गलत करियर चुन
2:25:11लेते हैं। जिसमें बाद में इन्हें पछताना
2:25:13पड़ता है। बड़े भाई बहनों के साथ संपत्ति
2:25:16को लेकर विवाद हो सकता है। यद्यपि यह घर
2:25:19लाभ का है। लेकिन अगर ग्रह पीड़ित हो तो
2:25:21पैतृक संपत्ति या किसी रियलस्टेट डील को
2:25:24लेकर भाई-बहनों में मनमुटाव हो सकता है।
2:25:27पैसे का लेनदेन रिश्तों में दरार डाल सकता
2:25:29है। जिस भाई पर इन्होंने सबसे ज्यादा
2:25:31भरोसा किया वही इन्हें धोखा दे सकता है।
2:25:34सामाजिक दिखावे के चक्कर में फिजूल खर्ची
2:25:36बहुत होती है। अपनी सोशल इमेज बनाए रखने
2:25:39के लिए यह लोग अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च
2:25:41कर देते हैं। महंगी गाड़ियां, बड़े घर और
2:25:43पार्टियों पर पानी की तरह पैसा बहाना इनकी
2:25:46आदत बन सकती है। यह आदत इन्हें कर्ज के
2:25:48जाल में फंसा सकती है। लोग इनकी पीठ पीछे
2:25:51इनका मजाक उड़ा सकते हैं कि यह केवल
2:25:53दिखावा करते हैं। हृदय और छाती से संबंधित
2:25:56रोग हो सकते हैं। चौथा घर हृदय का है। जब
2:26:00यह 11वें घर रोग भाव से छठा में आता है तो
2:26:04अनियमित जीवन शैली और देर रात तक जागने
2:26:07पार्टी करने के कारण इन्हें दिल की
2:26:09बीमारियां या कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या
2:26:11हो सकती है। मानसिक तनाव का सीधा असर इनके
2:26:15दिल पर पड़ता है। इस शक्तिशाली धन योग के
2:26:18शुभ फलों को सुरक्षित रखने और इसके
2:26:20नकारात्मक प्रभावों जैसे लालच या असंतोष
2:26:23से बचने के लिए हमारे शास्त्रों में बहुत
2:26:25ही सात्विक और प्रभावी उपाय बताए गए हैं।
2:26:29सबसे पहला और परम आवश्यक उपाय है माता की
2:26:32सेवा और आशीर्वाद। क्योंकि आपका सुखेश
2:26:35माता ही है इसलिए आप अपनी माता को ही अपनी
2:26:38सबसे बड़ी दौलत माने। कोई भी नया काम
2:26:41निवेश या प्रॉपर्टी खरीदने से पहले माता
2:26:43के चरण स्पर्श करें और उनकी राय लें। यदि
2:26:45आप अपनी कमाई का कुछ हिस्सा अपनी माता के
2:26:48हाथ में देते हैं तो उस धन में अद्भुत
2:26:50बरकत होगी। माता को खुश रखना आपके 11वें
2:26:53घर लाभ को सीधा सक्रिय कर देता है। समाज
2:26:56सेवा और दान को अपने जीवन का हिस्सा
2:26:58बनाएं। 11वां घर समाज का है और चौथा घर
2:27:01हृदय का। आप अपने धन का एक निश्चित हिस्सा
2:27:04जैसे 5 या 10% समाज कल्याण के लिए
2:27:07निकालें। किसी एनजीओ, एनजीओ, अनाथालय या
2:27:12वृद्धाश्रम में जाकर मदद करें। विशेष रूप
2:27:15से गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए दान करना
2:27:17या स्कूल बनवाने में मदद करना आपके लिए
2:27:20महा उपाय है। जब आप समाज को देते हैं तो
2:27:22ब्रह्मांड आपको उसे कई गुना करके लौटाता
2:27:25है। भगवान शिव और भगवान विष्णु की उपासना
2:27:28करें। चौथा घर सुख का और 11वां घर लाभ का
2:27:31है। भगवान शिव मन की शांति देते हैं और
2:27:34भगवान विष्णु लक्ष्मी धन के पति हैं।
2:27:37सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और ओम नमः
2:27:39शिवाय का जाप करें। यह आपके मन को लालच से
2:27:42दूर रखेगा और आपको मानसिक शांति देगा। साथ
2:27:45ही श्रीसूक्त का पाठ करना धन के प्रवाह को
2:27:47निरंतर बनाए रखेगा। जल संरक्षण करें और
2:27:50प्याऊ लगवाएं। चौथा घर जल का है। आप
2:27:53सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की
2:27:56व्यवस्था करवाएं। गर्मियों में लोगों को
2:27:58ठंडा पानी या शरबत पिलाएं। पक्षियों के
2:28:01लिए अपनी छत पर पानी का सकोरा रखें। पानी
2:28:04का दान करना आपके सुख और लाभ दोनों को
2:28:07शुद्ध करता है। घर में नल से पानी टपकने
2:28:09ना दें क्योंकि यह धन की बर्बादी का संकेत
2:28:12है। बड़े भाई बहनों और दोस्तों का सम्मान
2:28:14करें। अपने बड़े भाई बहनों से कभी भी
2:28:17संपत्ति को लेकर झगड़ा ना करें। यदि कोई
2:28:19विवाद है भी तो उसे बातचीत से सुलझाएं।
2:28:22अपने दोस्तों की मदद करें लेकिन अंधा
2:28:25भरोसा ना करें। दोस्तों के साथ मिलकर कोई
2:28:27भी अनैतिक कार्य ना करें। अच्छे और
2:28:29सात्विक मित्रों का संग करें। चांदी का
2:28:32प्रयोग बढ़ाएं। मन की चंचलता और दिखावे की
2:28:35प्रवृत्ति को रोकने के लिए चांदी के गिलास
2:28:37में पानी पिए। गले में चांदी की चैन पहनना
2:28:40या कनिष्ठा उंगली में चांदी का छल्ला
2:28:42पहनना आपके लिए लाभकारी रहेगा। चांदी
2:28:45चंद्रमा चौथे घर का कारक को बल देती है।
2:28:48घर के वास्तु को ठीक रखें। अपने घर को
2:28:50मिलनसार बनाएं। लेकिन अपनी निजता
2:28:53प्राइवेसी का भी ध्यान रखें। घर के मुख्य
2:28:55द्वार को बहुत सुंदर और स्वागत योग्य
2:28:57बनाएं क्योंकि 11वां घर स्वागत का भी है।
2:29:00घर के पश्चिम दिशा 11वें घर की दिशा में
2:29:03भारी सामान ना रखें और उसे साफ सुथरा
2:29:06रखें। प्रकृति के करीब रहें। अपने घर के
2:29:09आसपास या बालकनी में पेड़-पौधे लगाएं।
2:29:11बागवानी करना आपके मन को बहुत सुकून देगा।
2:29:14प्रकृति से जुड़ना आपके चौथे भाव को मजबूत
2:29:17करता है और तनाव को कम करता है। जब चौथे
2:29:21घर का स्वामी यानी सुखेश उठकर 12वें भाव
2:29:24में जा बैठता है तो यह ज्योतिष शास्त्र
2:29:26में एक बहुत ही आध्यात्मिक और रहस्यमय
2:29:29स्थिति का निर्माण करता है। सामान्य
2:29:31दृष्टि से देखने पर लोग इसे सुख का व्यय
2:29:34यानी सुखों का नुकसान समझ लेते हैं। लेकिन
2:29:37गहराई में जाने पर पता चलता है कि यह सुख
2:29:39का रूपांतरण है। इसका अर्थ यह है कि आपका
2:29:43सुख सामान्य भौतिक दुनिया में नहीं बल्कि
2:29:46दुनिया से दूर एकांत में या विदेश में
2:29:48छिपा है। इस ग्रह स्थिति का सबसे बड़ा और
2:29:51प्रमुख लाभ यह है कि जातक को विदेश में
2:29:54बसने और वहां सफलता प्राप्त करने के
2:29:56सुनहरे अवसर मिलते हैं। जब सुख भाव का
2:29:59स्वामी 12वें विदेश घर में बैठता है तो
2:30:02जातक के लिए परदेश ही स्वदेश बन जाता है।
2:30:05ऐसे लोग अक्सर अपनी पढ़ाई या नौकरी के
2:30:08सिलसिले में विदेश जाते हैं और वहीं के
2:30:10होकर रह जाते हैं। विदेश में इनका अपना घर
2:30:13होता है जो कि बहुत ही सुंदर और आरामदायक
2:30:16होता है। इन्हें विदेशी संस्कृति, विदेशी
2:30:19खानपान और वहां की जीवन शैली बहुत रास आती
2:30:22है। कई बार यह देखा गया है कि अपनी
2:30:25जन्मभूमि पर जो संघर्ष इन्हें करना पड़ता
2:30:27था, विदेश जाते ही वह समाप्त हो जाता है
2:30:30और यह एक खुशहाल जीवन व्यतीत करते हैं।
2:30:32इनके पास ग्रीन कार्ड या विदेशी नागरिकता
2:30:35होने की प्रबल संभावना होती है।
2:30:37आध्यात्मिक शांति और मोक्ष के मार्ग पर यह
2:30:39योग जातक को बहुत आगे ले जाता है। चौथा घर
2:30:43मन का है और 12वां घर मोक्ष और ध्यान का।
2:30:47जब मन मोक्ष के घर में जाता है तो व्यक्ति
2:30:50को दुनिया के शोरशराबे से दूर एकांत में
2:30:52बैठने में जो आनंद आता है, वह किसी राजा
2:30:55को अपने सिंहासन पर भी नहीं मिलता। यह लोग
2:30:58बहुत अच्छे साधक, योगी या ध्यान गुरु बन
2:31:00सकते हैं। इनका मन अंतर्मुखी होता है। यह
2:31:03घंटों अपनी ही दुनिया में ईश्वर के ध्यान
2:31:05में या आत्मचिंतन में खोए रह सकते हैं।
2:31:08आश्रमों, मठों या धार्मिक स्थलों पर जाकर
2:31:11रहना या वहां सेवा करना इन्हें आत्मिक
2:31:13तृप्ति देता है। इनका सुख बाहरी वस्तुओं
2:31:16में नहीं बल्कि भीतरी शांति में होता है।
2:31:18शयन सुख और आरामदायक नींद इस योग का एक और
2:31:21सुखद पहलू है। 12वां घर शयन कक्ष, बेडरूम
2:31:25और नींद का होता है। यदि सुखेश यहां शुभ
2:31:28स्थिति में है तो जातक को बहुत ही गहरी और
2:31:31आरामदायक नींद आती है। यह लोग अपने बेडरूम
2:31:34को किसी लग्जरी होटल के कमरे की तरह सजाकर
2:31:36रखते हैं। महंगे गद्दे, सुंदर पर्दे और
2:31:39शांत वातावरण इनका शौक होता है। इनके लिए
2:31:42नींद केवल शारीरिक जरूरत नहीं बल्कि एक
2:31:45सुखद अनुभव है। इनके सपने, ड्रीम्स बहुत
2:31:48ही स्पष्ट और कभी-कभी भविष्य बताने वाले
2:31:51होते हैं। इनका अवचेतन मन सबकॉन्शियस
2:31:54माइंड बहुत जागृत होता है जिससे इन्हें कई
2:31:57बार आने वाली घटनाओं का पूर्वाभास हो जाता
2:32:00है। माता का आध्यात्मिक स्वरूप इस स्थिति
2:32:03में देखने को मिलता है। जातक की माता बहुत
2:32:05ही धार्मिक सात्विक और त्यागी स्वभाव की
2:32:08हो सकती है। हो सकता है कि माता का झुकाव
2:32:11पूजा पाठ और दान पुण्य की ओर बहुत ज्यादा
2:32:15हो। माता जातक को बचपन से ही ईश्वर भक्ति
2:32:18और वैराग्य के संस्कार देती हैं। कई बार
2:32:21माता स्वयं किसी आश्रम से जुड़ी होती हैं
2:32:23या विदेश में रहती हैं। माता के आशीर्वाद
2:32:26से जातक को जीवन के गढ़ रहस्यों को समझने
2:32:29की शक्ति मिलती है। खर्च करने की क्षमता
2:32:32और दान पुण्य में रुचि इन्हें समाज में एक
2:32:35अलग पहचान दिलाती है। 12वां घर खर्च का
2:32:38है। जब सुकेश यहां आता है तो व्यक्ति अपने
2:32:41सुखों पर दिल खोलकर खर्च करता है। यह लोग
2:32:44कंजूस नहीं होते। यह अपनी सुविधाओं,
2:32:47यात्राओं और शौक पर पैसा खर्च करने में
2:32:50संकोच नहीं करते। इसके साथ ही यह लोग
2:32:53गुप्त दान चैरिटी में विश्वास रखते हैं।
2:32:56अस्पतालों, अनाथालयों या धार्मिक संस्थाओं
2:32:59को दान देना इन्हें सुकून देता है। इनका
2:33:02मानना होता है कि देने से ही धन बढ़ता है
2:33:05और शुद्ध होता है। यह परोपकार की भावना
2:33:08इन्हें मानसिक रूप से समृद्ध बनाती है।
2:33:10अस्पताल, जेल या सुधार गृहों से जुड़े
2:33:13कार्यों में यह लोग बहुत सफल होते हैं।
2:33:1612वां घर इन स्थानों का कारक है। ऐसे जातक
2:33:19डॉक्टर, नर्स, जेलर या किसी एनजीओ, एनजीओ
2:33:22में काम करके बहुत नाम और पैसा कमाते हैं।
2:33:25जो स्थान दूसरों को डरावने या उदास लगते
2:33:28हैं, वहां यह लोग आशा की किरण बनकर जाते
2:33:31हैं। हीलिंग हीलिंग
2:33:35प्रोफेशन के लिए यह एक बेहतरीन स्थिति है।
2:33:39मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक के रूप में
2:33:41भी यह लोग बहुत अच्छा कार्य करते हैं
2:33:44क्योंकि यह मन की गहराइयों को समझते हैं।
2:33:47कल्पना शक्ति और लेखन के क्षेत्र में यह
2:33:50योग वरदान साबित होता है। 12वां घर कल्पना
2:33:53और सपनों का है। ऐसे जातक बहुत अच्छे
2:33:55लेखक, कवि, फिल्म निर्देशक या कलाकार बन
2:33:58सकते हैं। यह अपनी कल्पनाओं को शब्दों या
2:34:01चित्रों में ढालकर दुनिया को चकित कर सकते
2:34:03हैं। यह फिक्शन फिक्शन या रहस्यमय
2:34:06कहानियां लिखने में माहिर होते हैं। इनकी
2:34:09दुनिया हकीकत से परे एक सपनों की दुनिया
2:34:11होती है जो बहुत खूबसूरत होती है। इंपोर्ट
2:34:14एक्सपोर्ट आयात निर्यात के व्यापार में
2:34:17इन्हें विशेष सफलता मिलती है। क्योंकि
2:34:19इनका संबंध दूरदराज के स्थानों से होता
2:34:22है। इसीलिए विदेशी कंपनियों के साथ
2:34:24व्यापार करना या विदेशी सामान का लेनदेन
2:34:27करना इनके लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होता
2:34:30है। यह लोग बहुराष्ट्रीय कंपनियों एमएसी
2:34:34में उच्च पदों पर कार्य कर सकते हैं। जहां
2:34:36इनका काम अलग-अलग देशों के साथ समन्वय
2:34:39बनाना होता है। सुख भाव का स्वामी जब व्यय
2:34:42भाव में जाता है तो जीवन में कुछ गंभीर
2:34:44चुनौतियां भी आती हैं। इस स्थिति का सबसे
2:34:47बड़ा नकारात्मक पक्ष घर से विरक्ति या
2:34:49बेघर होने का एहसास है। जातक चाहे कितने
2:34:52भी बड़े महल में रहे उसे अपने ही घर में
2:34:55परायापन महसूस हो सकता है। कई बार
2:34:57परिस्थितियों के कारण जातक को अपना
2:35:00पुश्तैनी घर बेचना पड़ता है या उसे छोड़कर
2:35:03जाना पड़ता है। घर के रखरखाव पर इतना
2:35:05ज्यादा खर्च होता है कि वह सिर दर्द बन
2:35:08जाता है। घर में सीलन, टूटफूट या अन्य
2:35:11समस्याएं लगातार बनी रह सकती हैं जो जातक
2:35:13की जमा पूंजी को बहा ले जाती है। माता के
2:35:16स्वास्थ्य और सुख के लिए यह स्थिति
2:35:19कष्टकारी हो सकती है। 12वां घर हानि और
2:35:22अस्पताल का है। सुेश का यहां होना माता को
2:35:25बार-बार अस्पताल के चक्कर लगवा सकता है।
2:35:28माता को कोई दीर्घकालिक बीमारी हो सकती है
2:35:31जिस पर बहुत धन खर्च होता है। सबसे दुखद
2:35:34पहलू यह हो सकता है कि जातक अपनी माता से
2:35:36दूर रहने को मजबूर हो जाए। या तो जातक
2:35:38विदेश चला जाता है या माता कहीं दूर रहती
2:35:41हैं। माता के अंतिम समय में पास ना हो
2:35:43पाने का मलाल जातक को जीवन भर कचोटता रहता
2:35:46है। मानसिक अशांति और अनिद्रा इंसोमिया की
2:35:50समस्या एक गंभीर चुनौती बन सकती है। यदि
2:35:53ग्रह पीड़ित है तो जिस 12वें घर से शयन
2:35:56सुख मिलना चाहिए था वही नींद उड़ा देता
2:35:58है। जातक को रात-रात भर नींद नहीं आती। मन
2:36:02में अजीब सी बेचैनी और घबराहट रहती है।
2:36:05अज्ञात भय या अकेलेपन का डर इन्हें सताता
2:36:08रहता है। यह लोग भीड़ में रहकर भी खुद को
2:36:11अकेला महसूस करते हैं। यह अलगाव, आइसोलेशन
2:36:15कभी-कभी डिप्रेशन का रूप ले सकता है।
2:36:17इन्हें लगता है कि कोई भी इनकी भावनाओं को
2:36:20समझ नहीं पा रहा है। शिक्षा में बाधाएं या
2:36:22विद्या का व्यय हो सकता है। चौथा घर पढ़ाई
2:36:25का है। जब यह 12वें में जाता है तो जातक
2:36:28को अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए घर से
2:36:31दूर हॉस्टल या बोर्डिंग स्कूल जाना पड़
2:36:33सकता है। जहां उसे घर की बहुत याद आती है।
2:36:35कई बार पढ़ाई में मन नहीं लगता या गलत
2:36:38संगत में पढ़कर पढ़ाई बीच में ही छूट जाती
2:36:40है या फिर जातक ऐसी विद्या प्राप्त करता
2:36:43है जिसका वह अपने करियर में कभी उपयोग
2:36:45नहीं कर पाता। यानी विद्या व्यर्थ चली
2:36:48जाती है। संपत्ति को लेकर विवाद और नुकसान
2:36:51का खतरा बना रहता है। विदेश में प्रॉपर्टी
2:36:54खरीदते समय या घर में निवेश करते समय
2:36:56इन्हें धोखा मिल सकता है। कानूनी पछड़ों
2:36:59में फंसकर इनकी संपत्ति कुर्क हो सकती है
2:37:01या हाथ से निकल सकती है। गलत जगह निवेश
2:37:04करने से इनकी बड़ी धनराशि डूब सकती है।
2:37:07इनके पास पैसा आता तो है लेकिन पानी की
2:37:10तरह बह जाता है। आमदनी अठन्नी खर्चा
2:37:13रुपैया वाली स्थिति अक्सर बनी रहती है।
2:37:15वाहन से जुड़ी समस्याएं और दुर्घटना का भय
2:37:18रहता है। चौथा घर वाहन का है और 12वां घर
2:37:22नुकसान का। इनकी गाड़ी बार-बार खराब हो
2:37:25सकती है जिस पर भारी खर्च आता है। गाड़ी
2:37:27चोरी होने या एक्सीडेंट होने का जोखिम भी
2:37:30रहता है। इन्हें पुरानी या सेकंड हैंड
2:37:32गाड़ी खरीदना बहुत भारी पड़ सकता है।
2:37:34गुप्त शत्रु और षड्यंत्र का शिकार होने की
2:37:37संभावना रहती है। कार्यक्ष क्षेत्र में या
2:37:39समाज में कुछ लोग इनकी पीठ पीछे इनकी
2:37:42बुराई कर सकते हैं। यह लोग बहुत भोले होते
2:37:44हैं और जल्दी किसी पर भी भरोसा कर लेते
2:37:47हैं। जिसका लोग फायदा उठाते हैं। अपने ही
2:37:50करीबी लोग इन्हें धोखा दे सकते हैं जिससे
2:37:52इनका मन खट्टा हो जाता है और यह दुनिया से
2:37:54कटने लगते हैं। गलत आदतों या नशे की लत लग
2:37:58सकती है। 12वां घर व्यसनों एडिक्शंस का भी
2:38:01है। यदि मानसिक शांति नहीं मिलती तो जातक
2:38:04शराब, ड्रग्स या अन्य नशीले पदार्थों का
2:38:08सहारा ले सकता है। यह पलायनवादी
2:38:10प्रवृत्ति, एस्केपिज्म इनके जीवन को
2:38:13बर्बाद कर सकती है। यह वास्तविकता का
2:38:15सामना करने के बजाय नशे में डूबकर खुद को
2:38:17बर्बाद कर लेते हैं। जेल या बंधन का योग
2:38:20भी बन सकता है। यदि बहुत ज्यादा पाप
2:38:23प्रभाव हो तो जातक को किसी कानूनी मामले
2:38:25में फंसकर जेल यात्रा करनी पड़ सकती है या
2:38:28किसी तरह के बंधन कनफाइनमेंट में रहना
2:38:31पड़ता है। यह स्थिति इनके मानसान को ठेस
2:38:34पहुंचाती है। इस स्थिति के नकारात्मक
2:38:36प्रभावों को नियंत्रित करने और जीवन को
2:38:38सुखमय बनाने के लिए हमारे शास्त्रों में
2:38:41बहुत ही सात्विक और प्रभावी उपाय बताए गए
2:38:43हैं। सबसे पहला और परम आवश्यक उपाय है
2:38:46विदेश या दूर स्थान से जुड़ना। यदि आप
2:38:49अपनी जन्मभूमि पर संघर्ष कर रहे हैं, तो
2:38:52कोशिश करें कि आप अपने घर से दूर किसी
2:38:54दूसरे शहर या विदेश में जाकर बस जाएं।
2:38:5612वां घर दूरी का है। जैसे ही आप अपने घर
2:38:59से दूर जाएंगे, आपके ग्रह शांत हो जाएंगे
2:39:02और आपको तरक्की मिलने लगेगी। यदि विदेश
2:39:05जाना संभव ना हो तो कम से कम विदेश से
2:39:08जुड़ा कोई काम करें या विदेशी संस्थाओं को
2:39:11दान दें। भगवान शिव की आराधना करना इस
2:39:14स्थिति के लिए संजीवनी है। भगवान शिव
2:39:17महायोगी हैं और 12वां घर योग ध्यान का है।
2:39:20साथ ही चौथा घर चंद्रमा मन का है जो शिव
2:39:24जी के मस्तक पर है। प्रतिदिन शिवलिंग पर
2:39:26जल चढ़ाएं और मंदिर में बैठकर कुछ देर ओम
2:39:29एयू एम नमः शिवाय का मानसिक जाप करें। यह
2:39:32आपके अशांत मन को स्थिरता देगा और अनिद्रा
2:39:35की समस्या को दूर करेगा। सोमवार को सफेद
2:39:37वस्तुओं जैसे दूध, चावल या चीनी का दान
2:39:40करना बहुत शुभ रहेगा। दान पुण्य को अपनी
2:39:42दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। 12वां घर व्यय
2:39:45का है। यदि आप स्वेच्छा से अच्छे कार्यों
2:39:47में धन खर्च नहीं करेंगे तो गृह आपसे
2:39:50जबरदस्ती अस्पताल या कोर्ट में धन खर्च
2:39:53करवाएंगे। इसलिए अपनी कमाई का एक हिस्सा
2:39:56नियमित रूप से अस्पतालों, अनाथालयों या
2:39:58गरीबों के इलाज के लिए दान करें। विशेष
2:40:01रूप से नेत्रहीन लोगों या कुष्ठ रोगियों
2:40:03की सेवा करना आपके 12वें घर के दोषों को
2:40:06पूरी तरह समाप्त कर सकता है। ध्यान,
2:40:08मेडिटेशन और योग अपनाएं। अपने दिन का कम
2:40:11से कम 20 मिनट ध्यान के लिए निकालें।
2:40:14आंखें बंद करके अपने अंतर्मन में उतरें।
2:40:16यह आपके 12वें घर की ऊर्जा का सबसे
2:40:18सकारात्मक उपयोग है। इससे आपको मानसिक
2:40:21शांति मिलेगी और आप गलत आदतों से दूर
2:40:23रहेंगे। सोने से पहले योग निद्रा का
2:40:26अभ्यास करना आपको गहरी और अच्छी नींद
2:40:28देगा। अपनी माता की सेवा करें। चाहे दूर
2:40:31से ही सही। यदि आप माता से दूर रहते हैं
2:40:34तो उनसे रोज वीडियो कॉल पर बात करें। उनके
2:40:37स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें। उनके नाम
2:40:39से धर्मार्थ कार्यों में दान करें। यदि
2:40:42माता साथ हैं तो उनके चरण स्पर्श करके ही
2:40:45दिन की शुरुआत करें। माता का आशीर्वाद
2:40:48आपके लिए किसी भी सुरक्षा कवच से बड़ा है।
2:40:51जल का संरक्षण करें। चौथा घर जल का है।
2:40:54पानी को व्यर्थ बहाना आपके धन और सुख को
2:40:57बहाने जैसा है। घर में नल ठीक रखें। इसके
2:40:59अलावा बहते पानी में कभी-कभी ज्योतिषी की
2:41:02सलाह से थोड़ा सा दूध या चावल प्रवाहित
2:41:05करना मानसिक शांति के लिए अच्छा हो सकता
2:41:07है। बिस्तर पर बैठकर खाना ना खाएं। 12वां
2:41:10घर शैनस सुख का है। बिस्तर केवल सोने के
2:41:13लिए है। वहां बैठकर खाना खाने से राहु के
2:41:15दोष बढ़ते हैं और नींद में बाधा आती है।
2:41:18साथ ही बुरे सपने आते हैं। अपने बेडरूम को
2:41:21हमेशा साफ और सुगंधित रखें। अस्पतालों में
2:41:24सेवा या दान करें। कभी-कभी किसी सरकारी
2:41:26अस्पताल में जाकर मरीजों को फल बांटें या
2:41:29दवाइयों का दान करें। यह उपाय आपके और
2:41:32आपके परिवार एक के स्वास्थ्य की रक्षा
2:41:34करेगा और अस्पताल के अनावश्यक खर्चों से
2:41:36बचाएगा। चांदी का प्रयोग करें। मन की
2:41:40शांति के लिए चांदी के गिलास में पानी पिए
2:41:42या चांदी का कड़ा पहने। यह चंद्रमा को
2:41:45मजबूत करता है। तो दोस्तों, इसी के साथ
2:41:48चौथे भाव के स्वामी यानी हमारे सुेश की यह
2:41:51विशेष यात्रा आज यहीं पूरी होती है। इस
2:41:55पूरी चर्चा में हमने गहराई से समझा कि
2:41:57हमारे जीवन का असली सुकून, घर का आनंद और
2:42:01मन की शांति ग्रहों की किस चाल पर निर्भर
2:42:03करती है। याद रखिए सुख बाहर ढूंढने की चीज
2:42:07नहीं बल्कि भीतर महसूस करने का एहसास है।
2:42:10हम उम्मीद करते हैं कि इस जानकारी से आपको
2:42:12अपने जीवन को और बेहतर ढंग से समझने में
2:42:15मदद मिली होगी। यह जानकारी केवल
2:42:17मार्गदर्शन के लिए है। जीवन का कोई भी
2:42:20बढ़ा फैसला लेने से पहले किसी अनुभवी
2:42:23ज्योतिषी से अपनी पूरी कुंडली का विश्लेषण
2:42:25जरूर कराएं। अगर आपके मन में अगले वीडियो
2:42:28के लिए कोई सुझाव हो तो नीचे कमेंट्स में
2:42:30जरूर बताएं। आपकी राय मेरे लिए बहुत मायने
2:42:32रखती है। अब मैं आपसे विदा लेता हूं। अपने
2:42:36सपनों को संजोए रखिए और अपनों के साथ
2:42:38खुशियां बांटिए। राधे राधे