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Shehbaz Sharif’s ‘Act of War’ Warning at UN | India Hits Back on Terrorism | By Ankit Sir

Ankit Inspires India · 4,691 words · 22 min read

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0:00नमस्कार साथियों, स्वागत है आप सभी का

0:01अंकित इंस्पायर इंडिया पर। मैं हूं अंकित

0:03अवस्थी और चर्चा पाकिस्तान की। ये आप सभी

0:05जानते हैं कि यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली

0:07की बैठक चल रही है। मतलब वैश्विक पंचायत

0:10चल रही है और उस वैश्विक पंचायत में

0:12दुनिया भर के देश अपनी-अपनी आकर कह रहे

0:14हैं। लेकिन पाकिस्तान के पास अपनी से

0:16ज्यादा भारत की कहने के लिए है तो उसने

0:18भारत के बारे में बहुत कुछ बयान दिए। उसके

0:21बयान शायद कहीं ना कहीं से आप तक पहुंच गए

0:23होंगे। नहीं भी पहुंचे होंगे तो हम पहुंचा

0:24देते हैं। इन्होंने भारत के बारे में कहा

0:27कि सिंधु जल रोकना हमारे लिए एक्ट ऑफ वॉर

0:29जैसा है। इन्होंने पाकिस्तान ने भारत के

0:32साथ-साथ अमेरिका को भी धन्यवाद देते हुए

0:34कहा कि साहब आपने जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद

0:37युद्ध रुकवाया ना जाने कितने लोग मरते। ये

0:39बिल्कुल वैसी वाली फीलिंग दे रहे थे जैसे

0:41कि वेलकम मूवी के अंदर बल्लू कहता है कि

0:44मेरी एक टांग नकली है। भला हो इनका कि

0:47इन्होंने हमारी टांग डलवा दी। बताएंगे आज

0:48पूरे विश्लेषण पर कि कैसे पाकिस्तान

0:51समय-समय पर अमेरिका जाकर अपना रिचार्ज

0:53करवाता है अंतरराष्ट्रीय साख के लिए और

0:56उसकी अंतरराष्ट्रीय साख इन दिनों तार-तार

0:59हो रखी है तालिबान की वजह से और उसकी

1:02अंतरराष्ट्रीय साख इस समय बुरी तरह पिटी

1:04पड़ी है अफगानिस्तान की तरफ से हो रहे

1:07हमलों पर। उसकी साख पर इन दिनों पट्टे लग

1:10रहे हैं वहां हो रहे सुसाइड बॉम्बिंग

1:12हमलों पर। इसके चलते पाकिस्तानी लोग अब

1:15अपने देश में हो रही इन आतंकी घटनाओं के

1:17लिए भी भारत को जिम्मेदार ठहराने लगे हैं।

1:20तो क्या वाकई भारत पाकिस्तान में आतंकी

1:23हमले कर आ रहा है? जब जयशंकर साहब से एक

1:26पाकिस्तानी पत्रकार ने यह सवाल किया तो

1:29उन्होंने किस तरह उसे शर्मसार किया आज के

1:32इस सत्र में आपको बताएंगे। आज चर्चा इस

1:34बात की भी होगी कि यूनाइटेड नेशन जनरल

1:36असेंबली के माध्यम से भारत ने दुनिया को

1:38क्या बताया और अमेरिका क्यों फिर से

1:41पाकिस्तानी सोशल मीडिया की किस्त लेकर फिर

1:45से अपने आप को समझ लिया कि चलो पीआर गेम

1:47में ट्रंप को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट

1:50डालने का पैसा मिला और वो पाकिस्तान के

1:52लिए फिर से पोस्ट डाल दिया। आज सारी खबरों

1:55का विश्लेषण होगा लेकिन एंगल यह जरूर

1:57रहेगा कि पाकिस्तान अमेरिका जाकर रिचार्ज

2:01कैसे करवाता है और कैसे अंतरराष्ट्रीय

2:03स्तर पर अमेरिकी कंपनियों को रिचार्ज का

2:06पैसा देकर भारत के सामने अपनी फालतू की

2:09शान बनाने का प्रयास करता है और भारत उसका

2:12कैसे हवा निकालता है चलिए शुरू करते हैं

2:15और हां ये जितनी भी लड़ाई झगड़े हैं ना इन

2:17सबके बीच में एक जानकारी आपको और दे देता

2:19हूं और जानकारी ये ये जितनी भी बातें हैं

2:22अंतत गथवा लैंड करती हैं युद्ध पर जाकर और

2:25युद्ध की खबर दुनिया में ऑलरेडी बहुत चल

2:27रही है। चाहे रूस यूक्रेन की चल रही हो,

2:28अमेरिका, ईरान की चल रही हो और कुछ हो ना

2:31हो भारतीय बाजार बुरी तरह से आज ही के दिन

2:34फिर से गिरा है और भारतीय बाजार गिरता देख

2:37के बहुत सारे निवेशकों के मन में अपने

2:39पोर्टफोलियो के एक्सपोज़र को लेकर के कई

2:42तरह के प्रश्न हैं। जैसा मैंने पहले भी

2:44कहा है, मैं फिर से बता रहा हूं। भारतीय

2:46बाजार बीते 2 सालों में या एक साल में भी

2:49अगर आप देखें तो लगभग फ्लैटिश रहा है।

2:51निफ्ट्टी 50 का अगर मैं आपके सामने आंकड़ा

2:53बताऊं तो - 0.19% के हिसाब से उसने ग्रोथ

2:56दिखाई है। लेकिन वहीं अमेरिकी स्टॉक

2:58मार्केट अपने बूम साइड पर है। लगभग 30% का

3:02ग्रोथ अमेरिकी बा स्टैंडर्ड पुअर्स 500 ने

3:04दिखाया है। यदि आप चाहते हैं भारत

3:07बैठे-बैठे अमेरिकी स्टॉक मार्केट के अंदर

3:09निवेश करना और अमेरिकी स्टॉक मार्केट में

3:11लिस्टेड चाहे साउथ कोरियन, जापानी या कोई

3:14भी ईटीएफ वहां पर निवेश करना तो मैं आपको

3:16एक प्लेटफार्म का नाम दे रहा हूं। नाम है

3:18उसका आईएडी मनी ग्लोबल। यहां भारत में

3:20बैठे-बैठे आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश

3:23करके देश के लिए पैसा कमा सकते हैं। आप

3:25यहां से बैठकर अमेरिकी स्टॉक मार्केट में

3:27पैसा लगाएं। बढ़िया कमाएं, कमाकर वापस देश

3:29में ले आएं। यह काम आप इसलिए कर सकते हैं

3:32क्योंकि अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र ना केवल

3:34आपको कंपनी के प्रोफाइल में बढ़ता हुआ

3:36दिखता है बल्कि आप उसके साथ-साथ रुपए में

3:39हुए डेप्रिसिएशन का भी वहां लाभ लेते हैं।

3:42जहां रुपया लगातार गिरा है डॉलर के

3:44मुकाबले वहीं डॉलर में हुआ निवेश जिस तरह

3:47से बढ़ा है उसके मुकाबले आपकी प्रोफाइल

3:50में बड़ा फायदा दिखाई देता है। एनvीड के

3:52स्टॉक का 10 साल में हुआ जो ग्रोथ है यह

3:5433450%

3:56का इसमें बड़ा योगदान असल में रुपए का

3:59डॉलर के मुकाबले गिरना भी एक बड़े रोल में

4:01दिखाई देता है क्योंकि कहां ₹84 में $1 था

4:05₹94 में $1 है तो आपने तो डॉलर में परचेस

4:07किया था तो वो डॉलर का जो एप्रिसिएशन है

4:09वो आपको ज्यादा आकर लैंड होता है। भारतीय

4:12स्टॉक मार्केट में आप जो निवेश करते हैं

4:13वह रुपी टू रूपी करते हैं। लेकिन यहां

4:16रुपी टू डॉलर हो के निवेश होता है। आप

4:18अपने किसी भी मतलब जिस तरह से स्टॉक में

4:22निवेश कर सकते हैं। जैसे इंडिया से निवेश

4:23करते हैं। आप इंडिया में बैठे-बैठे बाय

4:26एंड सेल कर सकते हैं। अमेरिकी स्टॉक्स को

4:28पूरी तरह कानूनी रूप से भारत की एजेंसीज

4:30के द्वारा वेरीिफाइड आईएडी मनी ग्लोबल।

4:33इसका मैं आपको अभी लिंक कमेंट बॉक्स में

4:34पिन कर रहा हूं। आप देख लीजिएगा। और तो और

4:37कई शेयर्स ऐसे भी हैं जिनकी कीमत लाखों

4:39रुपए में है। आप उन्हें फ्रैक्शंस में भी

4:41परचेस कर सकते हैं। जरूरी नहीं है कि आप

4:43₹34 लाख का ही एक अमेरिकी शेयर खरीदें। आप

4:46उसमें फ्रैक्शनल 300,400, ₹500,000 टाइप

4:49से भी शेयर परचेस कर सकते हैं। उसी के

4:51हिसाब से अंश ले सकते हैं। ठीक है? यहां

4:53पर मैंने आपके सामने कुछ और ऐसे ही शेयर्स

4:55और तो और आप केवल अमेरिका ही नहीं यूरोप,

4:58एशिया तमाम मार्केट का एक्सपोज़र भी इस ऐप

5:01के माध्यम से ले सकते हैं। मैंने यहां पर

5:03आपके सामने लिंक लगा दिया है। दूसरा यहां

5:05से अगर कमाई करके लौटते हैं तो साहब उस

5:07कमाई पर टैक्सेशन कैसा होता है? तो उसके

5:09लिए भी परेशान नहीं होना है। टैक्स

5:11रिपोर्ट भी आप यहां से डाउनलोड कर सकते

5:12हैं और अपने सीए को डायरेक्ट दे सकते हैं।

5:15तरीका बहुत आसान है। अपना मोबाइल नंबर,

5:17ओटीपी जिस तरह से अपन वेरीफाई करते हैं

5:18वैसे वेरीफाई करें। अपनी ईमेल एंड ऑल सब

5:21कुछ वेरीफाई करके आपके लिए जो भी मतलब पैन

5:24कार्ड, आधार कार्ड जैसे जो भी जरूरी

5:26दस्तावेज हैं, उन्हें आप लगाएं। आधार

5:28कार्ड लगाएं और पैन कार्ड लगाएं और अपने

5:30आप को वेरीफाई करें। जिस प्लेटफार्म की

5:32मैं आपसे चर्चा कर रहा हूं उसकी सेफ्टी के

5:34बारे में मैं आपके सामने जो जानकारी रख

5:35रहा हूं वो ये कि ये रेगुलेटेड है

5:37आईएफएससीए द्वारा जो गिफ्ट सिटी से ऑपरेट

5:40होता है। आईएफएससीए ब्रोकर डीलर

5:42रजिस्ट्रेशन आपके सामने है। गैप ऑथराइजेशन

5:44नंबर आपके सामने है और यहां पर जो भी भारत

5:47सरकार के द्वारा प्रोवाइडेड है कि आप

5:49कितने रुपए तक का निवेश कर सकते हैं। उन

5:51सभी शर्तों की पालना की गई है। ठीक है?

5:53लिंक कमेंट बॉक्स में है। जाकर चेक करिए।

5:55वापस विषय वस्तु पर लौटते हैं। जैसा कि आप

5:58सभी जानते हैं कि यूनाइटेड नेशंस की 81वीं

6:01बैठक चल रही है। यूनाइटेड नेशंस जनरल

6:03असेंबली दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत जिसका

6:05मुख्यालय असल में अमेरिका में है। अमेरिका

6:08में दुनिया भर के राजनेता आए हुए हैं।

6:10दुनिया भर के राजनेताओं में बहुत से देशों

6:11के राष्ट्रीय अध्यक्ष या उनके

6:13रिप्रेजेंटेटिव जैसे पाकिस्तान ने अपने

6:15प्रधानमंत्री भेजे तो भारत ने अपने विदेश

6:17मंत्री। यह वही वाली बैठक है जिसमें आपने

6:19ट्रंप को बोलते सुना जिसमें आपने अर्धगन

6:21को बोलते सुना, नेतन्या को सुना, पजकियन

6:24को सुना। यह सभी जगह पर अब भारत और

6:26पाकिस्तान के लोग भी गए हुए हैं। सबको

6:28मौका मिला था। तो पाकिस्तान वाले जब

6:30पहुंचे तो यहां एक पंथ दो-चार काम और भी

6:32निपटा लिए। जैसे यहां के कई अन्य जो भी

6:35फॉरेन डेलीगेट्स थे उनसे मिलने का काम भी

6:37इन्होंने यहीं पर कर लिया। फिर चाहे

6:38सीरिया के नए जो आतंकवादी जो राष्ट्रपति

6:41बने थे उनसे बात करने की मुलाकात हो या

6:43आईएमएफ से लोन मांगने की बात हो। ये सारे

6:46काम इन्होंने यहां पर कर लिए। फाइनली

6:47आईएमएफ की वहां से यूएन की बैठक में

6:50पहुंचते हैं। अपनी बात रखने पहुंचते हैं।

6:53यहां पर दो बड़े मुद्दे उठाते हैं। पहला

6:55मुद्दा सिंधु सिंधु नदी जल को लेकर करते

6:58हैं। आप सभी जानते हैं जब पाकिस्तान ने

7:00पहलगाम [गला साफ़ करने की आवाज़] में

7:00आतंकी हमला किया उसके बाद भारत ने

7:03पाकिस्तान जाने वाला इंडस वाटर रोक दिया।

7:06हालांकि ये ट्रीटी मानने से इंकार किया।

7:09पानी हमने अभी तक नहीं रोका है क्योंकि

7:10पानी को अभी हमारे पास रखने की इतनी

7:12व्यवस्था है नहीं। हमने ट्रीटी मानने से

7:14रोक दिया। इसका मतलब ये होता है कि अगर

7:16पाकिस्तान को हमें सूचना देनी पड़ती थी

7:18पहले कि हां भाई अब पानी छोड़ रहे हैं अब

7:20पानी रख रहे हैं इतना पानी हम रखेंगे इतना

7:22तुम्हें देंगे समय-समय पर बैठकें हुआ करती

7:25थी अब हमने वो छोड़ दी हैं अब हम क्या

7:27करते हैं हमारी मर्जी से जितना चाहते हैं

7:29उतना यूज़ करते हैं जितना उनको भेजना है

7:30बेच देते हैं क्योंकि सिंधु नदी का 80%

7:33पहले ही हम पाकिस्तान को दिया करते थे ऐसे

7:36में पाकिस्तान से उस 80% को एक दिन में

7:38रोक लेना वो हमारे लिए प्रैक्टिकली फिलहाल

7:40पॉसिबल नहीं है लेकिन भारत ने कहा है कि

7:43हम संधि मानने वाले नहीं हैं कि 20% ही हम

7:45रखेंगे। 80% तक तुम्हें देंगे। लेकिन

7:48पाकिस्तान ने कहा कि अगर आप ऐसा करते हैं

7:51क्योंकि आपने सिंधु जल को लेकर के इस तरह

7:53का विचार अगर रखा है तो हम इसे युद्ध की

7:56घटना मानेंगे। एक्ट ऑफ वॉर का मतलब होता

7:58है आपको सीधा-सीधा ये कहना कि हम इसे

8:00युद्ध मानेंगे तो हम तुम पर भी युद्ध थोप

8:02देंगे। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर

8:04सिंधु नदी का पानी का मसला उठाकर दुनिया

8:07के सामने यह कहा कि अगर हम चाहें तो भारत

8:09से युद्ध कर सकते हैं इस मुद्दे पर। पहला

8:12मुद्दा तो ये क्या आपको लगता है कि

8:14पाकिस्तान इस विषय पर भारत से युद्ध

8:16करेगा? तो इसके जवाब में केवल इतनी सी

8:18लाइन कि पाकिस्तान दुनिया भर के जंग को

8:20देखकर इतना तो समझ गया है कि अभी नैरेटिव

8:23में पाकिस्तान का भले ही समर्थन हो लेकिन

8:25अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की इस

8:29सोशल मीडिया पर बनी साख की पूर्ति केवल और

8:32केवल युद्ध में पार्टिसिपेट कर कर नहीं हो

8:34सकती। उसे आवश्यक है अपने आंतरिक हालात

8:37सुधारना। अब मैं आपको वहां लेकर चलता हूं।

8:39लेकिन उससे पहले इन्होंने सोशल मीडिया का

8:42रिचार्ज भी करवाया। साथियों आप सभी जानते

8:44हैं आजकल सोशल मीडिया के दौर पर तमाम

8:46प्रकार के पीआर के काम चलते हैं। मतलब

8:48जैसे मैंने अभी आपके सामने एक कंपनी का

8:50विज्ञापन किया। इस विज्ञापन की एक शुल्क

8:53होता है जो हम लोगों को हमारी आजीविका और

8:56हमारे साथ काम कर रही टीम के लिए पेमेंट

8:58में काम आता है। जब आप हमें सुनते हैं उस

9:00विज्ञापन के माध्यम से अगर आपको कुछ अच्छा

9:02लगता है आप वहां से कुछ निर्णय लेते हैं।

9:05उस कंपनी को लगता है कि उनके उस

9:07प्लेटफार्म को हमने प्रमोट किया और उससे

9:09उनको कुछ लाभ हुआ तो एक प्रकार का प्रॉफिट

9:11शेयरिंग समझ लीजिए या फिर आपको एक शुल्क

9:14दिया जाता है कि आप इसका विज्ञापन में

9:15इस्तेमाल करिए। यही हम लोगों की प्रेरणा

9:17भी है क्योंकि हम इस माध्यम से फिर अपने

9:19काम को और आगे उन्नत किस्म का कर पाते

9:21हैं। पाकिस्तान भी लेकिन इसको बड़े लेवल

9:24पर करता है। अलग-अलग लेवल पर जैसे आज आप

9:26हमें देखते हैं कि मैं आपके सामने कोई

9:28वीडियो बनाकर इस बात को बता रहा हूं। तमाम

9:29न्यूज़ चैनल्स पर आप विज्ञापन चलते हुए

9:31देखते हैं। उन सबकी फीस न्यूज़ चैनल्स

9:33वाले वसूलते हैं। तमाम अखबार चाहे ₹5 में

9:36आप खरीदते हो लेकिन

9:37[नाक से की जाने वाली आवाज़] उन पर लगे

9:37हुए जो विज्ञापन है असल में उनकी वही सबसे

9:39बड़ी कमाई होती है। वो कमाई के लिए आपने

9:42प्लेटफार्म पर बहुत सारे विज्ञापन दाताओं

9:44को देखा होगा। पाकिस्तान इस समय विज्ञापन

9:46दाता बन चुका है और वो अमेरिका को सीधे

9:48विज्ञापन देता है। कैसे विज्ञापन?

9:50उन्होंने ट्रंप नामक इन्फ्लुएंसरर को हायर

9:53कर रखा है। जबजब उनको एक मोटी किस्त

9:55पहुंचती है ट्रंप उनके माध्यम उनके समर्थन

9:57में एक बढ़िया सा ट्वीट कर देते हैं और उस

9:59ट्वीट के दम पर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय

10:02स्तर पर बता पाता है कि देखो सब चंगासी

10:04जैसे यहां से जब वो पहुंचते हैं यूएन में

10:07और यूएन जाकर के शहबाज शरीफ फिर से वही

10:09कहते हैं। ये तो भला हो ट्रंप का जो

10:11ऑपरेशन सिंदूर के बाद उन्होंने जंग को

10:13रुकवा दिया। अदरवाइज मिलियंस में लोगों को

10:15जान जा सकती थी। मतलब कि साहब फिर तो ऐसा

10:17होता कि ना जाने न्यूक्लियर बम चल जाते और

10:20दोनों देशों की तरफ से बम चलते और ना जाने

10:22कितने लोग मारे जाते। ट्रंप का भला हो।

10:24अच्छा ट्रंप को यहां पर म्यूचुअल बेनिफिट

10:26दिखता है। क्यों? क्योंकि कुछ ऐसे भी हैं

10:28ट्रंप के चाहने वाले अमेरिका में जिन्हें

10:30लगता है कि पाकिस्तान ने धन्यवाद दिया है

10:33तो पाकिस्तान ने ट्रंप को सराहना दी है कि

10:35वाह ट्रंप मान गए टाइप से। तो जब ट्रंप के

10:38लिए शबाज शरीफ तारीफ मारते हैं तो तुरंत

10:40प्रभाव से ट्रंप उसके क्लिप को उठाकर अपने

10:42प्लेटफार्म पर चिपका देते हैं। अब आप

10:44पूछेंगे क्या ये फ्री में काम हो रहा है?

10:46नहीं ट्रंप अपने घर वालों के लिए भी फ्री

10:48में काम ना करें। इनके लिए तो छोड़ ही

10:50दीजिएगा। इन लोगों ने बहुत कुछ दिया है।

10:52मैंने आपको मल्टीपल टाइम बताया है। इन

10:53लोगों ने अपने यहां से मिनरल्स दे दिए

10:56हैं। यहां पर क्रिप्टो खरीद कर ली है।

10:58यहां से ड्रोन खरीद लिए हैं। मतलब

11:00पाकिस्तान वालों ने अमेरिका और अमेरिका के

11:02ट्रंप को पूरी तरह से अपने पक्ष में लेने

11:04के लिए खूब सारे एफर्ट मारे हैं। और इन

11:07एफर्ट्स की एक पर्टिकुलर फीस होती है जो

11:09ट्रंप आराम से वसूलता है। अच्छा अभी

11:11रिसेंटली जब मैं इस पूरे सीन को देख रहा

11:13था। मुझे वेलकम मूवी का वो सीन ध्यान आ

11:15गया जो इन कलाकार द्वारा निभाया गया जिनकी

11:17हाल ही में जो दिवंगत हुए हैं जिसमें आपने

11:19देखा होगा बल्लू नाम था इनका अगर वेलकम

11:20फिल्म देखी है तो जब भी

11:24जो फिल्म के असली कलाकार हैं वो इनसे

11:26पूछते हैं बताओ बल्लू सच बताओ कि मैं कैसा

11:28आदमी हूं तो वो कहते हैं मेरी एक टांग

11:29नकली है ये दिल के बहुत अच्छे हैं

11:31इन्होंने मेरी टांग तोड़ी गुस्सा आने पर

11:33लेकिन फिर इसे सही करा दिया अस्पताल भेज

11:35के तो ट्रंप ने पाकिस्तान को एक बल्लू बना

11:38कर रखा हुआ है कि बता बल्लू हम कैसे हैं

11:40तो बल्लू बताता है कि ट्रंप बहुत अच्छे

11:41हैं जिन्होंने दुनिया में युद्ध को रोका

11:43रुकवाया। लेकिन यह बल्लू बोलने वाला जो

11:45पाकिस्तान है यह असल में कई बार यह भूल

11:47जाता है कि चलो भारत से युद्ध रुकवा कर

11:49मिलियंस में लोगों की जान बचवा ली। वो जो

11:51आए दिन तुम्हारे साथ पिछले 4 महीने से

11:53अफगानिस्तान लड़ रहा है। तुम कुछ उखाड़

11:56क्यों नहीं पा रहे हो? उनके पास तो

11:57न्यूक्लियर बम भी नहीं है। तुम्हारे पास

11:58तो न्यूक्लियर बम है ना। तुम्हारे साथ

12:00तालीबान जो आए दिन इतना जंग में है। इतने

12:02दिन से तुम्हारे साथ में हमले कर रहा है।

12:05तुम उनका कुछ बाल बांका नहीं कर पा रहे

12:07हो। तो ट्रंप को जाकर के तुम ये जो बधाई

12:09देकर के आते हो कि सर ये तोहफा कबूल करो

12:11और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारा एक बार

12:13नाम ले दो हमारा एक पोस्ट डाल दो। अब वो

12:15उजागर हो गया है। ठीक है? हालांकि

12:17पाकिस्तान का पूरी तरह से एक नैरेटिव गेम

12:19है जो ट्रंप बढ़िया से शबाज शरीफ के लिए

12:22कर देते हैं। जो भी हो शहबाज शरीफ के लिए

12:24उन्होंने बहुत बार किया है। पाकिस्तान

12:25पीएम ने जबजब बोला है ट्रंप के लिए नोबेल

12:27पीस पुरस्कार तक की मांग करने वाला

12:29पाकिस्तान ही था। यानी इस पूरे नैरेटिव

12:31वॉर में बढ़िया से ट्रंप ने शहबाज शरीफ को

12:33अपना बल्लू बनाकर दुनिया में घुमाया। अब

12:35बल्लू ने जो भी बातें बोली इस पर मल्टीपल

12:37टाइम हम सेशन कर चुके हैं। अभी जो हमारी

12:38फिलहाल की चर्चा है ना वो तो ये है कि जब

12:41ये इस तरह की बात बोल रहे होते हैं कि

12:42साहब इन्होंने बहुत बढ़िया किया उस समय ये

12:45भूल क्यों जाते हैं कि तालीबान वालों ने

12:46इनके हालत खराब कर रखे हैं और ट्रंप वहां

12:49उस समय गायब कहां हो जाते हैं? तालीबान के

12:51मसले पर वो पाकिस्तान का साथ देने क्यों

12:52नहीं आते? असल में कारण ये है कि भारत की

12:55अपनी एक साख है। पाकिस्तान और भारत जब आपस

12:58में जंग में होते हैं तो पाकिस्तान और

13:00भारत दोनों से ही ट्रंप को फायदा होता है।

13:02क्योंकि दोनों के ही लोग अमेरिका में रहते

13:04हैं। अमेरिकी वोटर हैं। अफगानिस्तानी लोग

13:06अमेरिका में बम फोड़ नहीं गए होंगे शायद

13:0891 के बाद। इसलिए ट्रंप उनके बारे में

13:10ज्यादा बोलते नहीं है। खैर फिलहाल के लिए

13:12ट्रंप चुप हैं। लेकिन पाकिस्तान में जो हो

13:14रहा है वो मैं आंकड़ों में आपको दिखाऊं तो

13:16कुछ इतनी बड़ी संख्या है लगभग 753 लोगों

13:19की संख्या है मारे जाने की जो पाकिस्तान

13:21में बीते छ सात महीने के अंदर मारे जा

13:23चुके हैं अफगानिस्तान के द्वारा या

13:25अफगानिस्तान से आए हुए तालीबानी आतंकियों

13:27के द्वारा। आज की ही खबर अगर मैं आपको एक

13:30दिन पुरानी दिखाऊं तो गनमैन ने वाशिंगटन

13:32पोस्ट में छपी खबर है ये। गनमैन ने गोली

13:34चलाई लगभग 12 लोगों के मारे जाने की खबर

13:37बनकर आई। रॉयर्स में भी ये खबर जब छपी तब

13:3911 लोगों के मरने की खबर थी। आए दिन

13:41आत्मघाती हमले हो रहे हैं। यहां पाकिस्तान

13:43की पूरी लिस्ट है जब-जब हमले हुए हैं और

13:45पाकिस्तान लगभग पूरी तरह जोन वाइस बट चुका

13:48है जिसमें एक्सट्रीमली अफेक्टेड एरिया

13:50अफगानिस्तान से लगे हुए कुछ क्षेत्र हैं।

13:52हाइली अफेक्टेड चाइनीज ऑक्यूपाइड कश्मीर

13:54तमाम स्थितियां पाकिस्तान की ऐसी हैं।

13:55पाकिस्तान बकायदा इन सब क्षेत्रों में

13:57लिस्टेड आतंकियों की सूची जारी करता है कि

14:00यहां पर ये ये आतंकी समूह हैं। भारत के

14:02मसले पर क्योंकि पाकिस्तान को लगता है कि

14:04एक पीआर गेम चल सकता है। वो उसका लाभ लेने

14:06की सोचता भले ही हो लेकिन हालात आपके

14:09सामने हैं कि यहां पर कितने आतंकी समूहों

14:11को हालात के रूप में पाकिस्तान पनपा चुका

14:14है और पाकिस्तान के अंदर जो हो रहा है वो

14:16आप और मुझको सबको विदित है। पाकिस्तान में

14:18हो रहे इन आतंकी हमलों को और पाकिस्तान

14:21जिस तरह से आतंक को पनाह दे रहा है। अब

14:24पाकिस्तान इसमें विक्टिम कार्ड खेलता है।

14:26विक्टिम कार्ड खेलता है और भारत पर आरोप

14:28लगाता है कि पाकिस्तान में जो आतंकी हमले

14:30हो रहे हैं यह भारत करवा रहा है और करवाने

14:33के लिए उसने अफगानिस्तान में तालीबान को

14:35मोटिवेट किया है कि भारत में हमले करो और

14:37इसी बात को इन्होंने यहां पर प्रमोट करने

14:39का प्रयास किया है। अभी शहबाज शरीफ जब

14:42यूएन में जा रहे थे तब भारत की एक पत्रकार

14:44ने उनसे पूछा कि आतंक पर रोने वालों कम से

14:46कम यही बता दो कि हाफिज सईद को कब तुम

14:48गिरफ्तार करने वाले हो क्योंकि यूएन

14:51डेजिग्नेटेड आतंकी है। शहबाज शरीफ हाथ

14:53हिलाते हुए वहां से निकल कर चले गए। पर

14:55कोई बात नहीं। भारत ने अपनी तरफ से

14:57अंतरराष्ट्रीय मंच पर ही इन्हें बढ़िया

14:59जवाब दिया। हुआ यह कि यूएन की बैठक में ही

15:01विदेश मंत्री के सामने कुछ पत्रकार सवाल

15:03कर रहे थे। एक पाकिस्तानी पत्रकार उठता है

15:06और आतंक के बारे में सवाल पूछता है कि

15:08साहब पाकिस्तान में जो आतंक फैला रहे हो

15:10उसका क्या? तब शबाज शरीफ तब विदेश मंत्री

15:13हमारे उस पाकिस्तानी पत्रकार से ये कहते

15:15हैं कि तुम तो बोलो ही मत यार। आतंक

15:17फैलाने वाला देश हमसे सवाल पूछेगा। बैठ

15:19जाओ। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी

15:21दुनिया को यही बताया कि जो जो अमेरिका

15:24पाकिस्तान को पाल कर चल रहा है उस पर 91

15:27जैसा हमला करने वाला ओसामा बिन लादेन

15:29पाकिस्तान में ही छिप कर रह रहा था।

15:31पाकिस्तान ही उसे पनाह दे रहा था। पता

15:33नहीं अमेरिकी भूल क्यों जाते हैं। लेकिन

15:34हमारा काम है हम उसे याद दिलाएं। और दूसरा

15:37जो पाकिस्तानी इसे कहते हैं कि हमारे गले

15:39की नस है। हम बता दें कि जम्मू कश्मीर

15:41भारत का अभिन्न हिस्सा है और अविभाज्य

15:43भारत का हिस्सा है। ध्यान रखने वाली बात

15:45यह है कि भारत ने सीमा

15:47[नाक से की जाने वाली आवाज़] पार पर से

15:47अगर आतंकवाद फैलाया तो उस पर जवाब देंगे।

15:49ये अंतरराष्ट्रीय मंच पर कहा। कहा कि

15:51ओसामा बिन लादेन को पनाह देने वालों आतंक

15:54पर ज्ञान मत दो। बस यही सबसे बड़ी बात है।

15:55और रही बात लोकतंत्र की तो तुम्हारे यहां

15:57सेना का शासन चलता है। लोकतांत्रिक तरीके

15:59की तो बात मत करो। तुम फॉर्म 47 सरकार हो।

16:02मतलब तुम्हारे यहां पर सरकार के आंकड़े

16:04खुद तुम्हारी अपोजिशन पार्टी कहती है कि

16:06तुमने चुनाव को किसी तरह से रिग करके

16:08चुनाव जीता है तो तुम अपने बारे में बात

16:10मत दो। रही बात भारत पर अल्पसंख्यकों के

16:12ज्ञान देने की बोलो ही मत। तुम फॉर्म 47

16:14सरकार हो। भारत ने बकायदा अंतरराष्ट्रीय

16:16मंच पर जिस तरह से शबाज शरीफ की सरकार

16:20उसको इमरान खान को जेल में डालकर सरकार

16:23चला रही है। उस पर बढ़िया तरीके से इन

16:26लोगों की ग्रिलिंग करी। दुनिया के सामने

16:28इस तरह से भारत ने रखा। भारत की तरफ से जो

16:30भारत की रिप्रेजेंटेटिव वहां पर बोल रही

16:33थी पटेल मैडम। तो इनके बोलने पर जिस

16:36प्रकार से भारत ने इन्हें एक्सपोज किया तो

16:38उधर की तरफ जो इमरान खान समर्थक हैं

16:41उन्होंने इस बात को उठाया कि देखो

16:43अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तुम्हारे चुनाव

16:45जीतने की चर्चाएं हैं कि तुमने कितना गलत

16:47तरीके से चुनाव जीता। पर कोई बात नहीं। ये

16:49तो पाकिस्तान खुद मानता है कि पाकिस्तान

16:51में सेना का शासन है। खुद यहां के विदेश

16:53रक्षा मंत्री अमेरिका में इंटरव्यू देकर

16:56ये स्वीकार कर चुके हैं कि हां साहब हमारे

16:58यहां तो सेना का ही शासन चलता है। खैर

17:00भारत ने इनको जवाब देते हुए यही कहा कि

17:03अगर आतंक फैलाओगे तो मुंह की खाओगे। और जब

17:06आतंक फैलाओगे मुंह की खाओगे तो फिर हमारे

17:08सामने ये मत कहो कि हमने पानी रोक दिया,

17:10हमने ये कर दिया। हमारे यहां पर मित्रता

17:12और आतंक एक साथ नहीं चलता। यही हमारा पहले

17:16दिन से जीरो टॉलरेंस है। अगर तुम आतंक

17:18भेजोगे तो हम फिर उसका जवाब मित्रता से

17:20मित्रता से नहीं देंगे। और ऐसे में अगर

17:23आतंक को तुमने अपने यहां पर संरक्षण देने

17:25का विचार भी किया है तो आतंक की घटनाओं को

17:28खुद के देश में देखो। अफगानिस्तान खुद कह

17:30रहा है कि 28 फाइटर्स तुमने पाकिस्तान से

17:33अफगानिस्तान में भेजे। ये तुम्हारा क्या

17:35प्रमाण है? मतलब सोच कर देखिए कि

17:38पाकिस्तान आजकल जो अफगानिस्तान से जंग में

17:40उलझा हुआ है। भारत ने ये बात दुनिया के

17:42सामने रखी कि ये कितना बड़ा आतंक का

17:44प्रायोजक है। खबर उठा कर देखिए कि

17:46पाकिस्तान की तरफ से 28 फाइटर्स राइटर में

17:49छपी खबर है ये। ऐसे लड़ाके अफगानिस्तान

17:51में एंट्री किए जिनको आईएसआई ने ट्रेनिंग

17:53दी थी। आतंकियों को लेकिन मार दिया गया

17:56तालिबान के द्वारा घुसते ही मार दिया गया।

17:58बकायदा अफगानिस्तान ने इस बात पर कहा कि

18:00सुन लीजिए शनिवार को हमले के इरादे से

18:02हमारे नूरिस्तान जिले के अंदर कुछ आतंकी

18:05दाखिल हुए थे। हमने एक ऑपरेशन चलाया और

18:07उन्हें वापस खदेड़ दिया और उनको मार

18:09भगाया। नूरिस्तान बिल्कुल अफगानिस्तान के

18:11अंदर एक क्षेत्र है। पाकिस्तान अब

18:13अफगानिस्तान में आतंक फैला रहा है। आईएसआई

18:15ट्रेनिंग दे दे के अपने लोगों को यहां भेज

18:17रही है और एक आतंकी ने खुद जो पकड़ा गया

18:19उसने इस बात को कबूल किया। हालांकि

18:22पाकिस्तान इस बात को फिर से इग्नोर किया।

18:24लेकिन हां इसके रक्षा मंत्री जिनको कोई

18:26नहीं मतलब सेना सुनती नहीं है लेकिन

18:28पत्रकारों में आकर बोल जाते हैं। वो इस

18:30बात को जरूर बोल गए कि हम लोगों ने

18:32तालीबान को पाल करके गलत किया। हुआ ये था

18:34ना कि ये वही लोग हैं जब इमरान खान की

18:36सरकार हुआ करती थी जब अमेरिका को यहां से

18:39हटा के तालिबान सत्ता में अफगानिस्तान में

18:41आया था तब इमरान खान बड़े खुश हुए थे और

18:43इमरान खान की पार्टी समर्थकों ने ये तक कह

18:45दिया था कि अब इस तालीबान का इस्तेमाल हम

18:47कश्मीर के लिए करेंगे। लेकिन तो उस

18:50पाकिस्तान ने बीते कुछ दिनों में तालीबान

18:52के बदले रवैया को और असल में जो पाकिस्तान

18:55में जो अफगानिस्तान में बैठा तालिबान है

18:57वो पाकिस्तान के असली चेहरे को पहचान गया

18:59कि पाकिस्तान कुछ नहीं हमारा केवल

19:02इस्तेमाल करना चाहता है। हमारे लोगों को

19:04मरवाने में इस्तेमाल करना चाहता है।

19:05अफगानिस्तानी लोग समझ गए या कहिए कि

19:07भारतीयों ने उन्हें समझा दिया। यही

19:10पाकिस्तान को आज सबसे बड़ी चिंता है कि आज

19:12से 4 साल पहले जो हमारी पॉलिसी थी हम समझ

19:15रहे थे कि तालीबानी लड़ाकों को उठाएंगे

19:17मुजाहिद्दीन बनाएंगे बनाकर भारत में

19:18भेजेंगे वो आकर के पाकिस्तान में आत्मघाती

19:21हमले क्यों कर रहे हैं पाकिस्तान को क्यों

19:23मार रहे हैं आप तो जानते ही होंगे

19:25पाकिस्तान अफगानिस्तान के बीच की सीमा

19:27रेखा जो डूरंड लाइन है उसमें पाकिस्तान ने

19:29एंक्रोचमेंट किया है सीमा को हड़प लिया है

19:31अफगानिस्तानियों की| अफगानिस्तानियों ने

19:33कहा कि देखो हम ना तो रूस से डरे ना हम

19:35अमेरिका से डरे तुम कौन सी खेत की मूली हो

19:37हट जाओ ना पीछे हट जाओ जाओ अदरवाइज तुमको

19:40छेद देंगे हम और ऐसे में अफगानिस्तान वाले

19:42आए दिन इन्हें बढ़िया छेद रहे हैं। इस बीच

19:44में भारत की तरफ से ह्यूमैनिटेरियन

19:46असिस्टेंस आज से दो दिन पहले ही

19:48अफगानिस्तान को भेजा गया। भाई साहब आजकल

19:50सोशल मीडिया का जमाना है। एआई के जमाने

19:52में ऐसीऐसी रील निकल कर आई कि भारत मानवीय

19:55सहायता नहीं हथियार भेज रहा है। हालांकि

19:57इसकी सत्यता तो हम प्रमाण वो नहीं करते।

19:59भारत की तरफ से मेडिसिन और मेडिकल

20:01कंज्यूुमेबल आइटम्स को भेजा गया

20:02ह्यूमेनिटेरियन असिस्टेंट्स के नाम पर।

20:05लेकिन लोगों ने भाई साहब एआई से निकाल

20:06निकाल कर दिखाया कि भारत ने तो इसमें असल

20:08में तोप गोले और बंदूके भेजी हैं। सत्यता

20:11तो नहीं पता लेकिन अगर भेज भी दी हो तो

20:13बुराई नहीं लगती। ऐसा समस्त भारतीय मानते

20:15होंगे। खैर फिलहाल के लिए अफगानिस्तान

20:17पाकिस्तानी लोग तो बिलीव ही ये कर रहे हैं

20:19कि अफगानिस्तान को भारत वेपन दे रहा है।

20:21भारत पैसे दे रहा है ताकि वो पाकिस्तान

20:23में हमले करें। कुल जमा अर्थ यह है कि

20:25क्या भारत पाकिस्तान को उसी की भाषा में

20:28जवाब दे रहा है और अगर

20:30[नाक से की जाने वाली आवाज़] पाकिस्तान

20:30में भारत आतंक फैलाकर जवाब दे रहा है तो

20:33क्या ये सही नीति है? नंबर दूसरा भारत इस

20:36बात को टोटली इग्नोर करता है और डिनाई

20:38करता है कि हमने ऐसा कुछ नहीं किया। लेकिन

20:40पाकिस्तान दुनिया के सामने जो साख बचाने

20:43निकला था उस साख का कम से कम चेहरा तो उतर

20:45गया है। पाकिस्तान दुनिया को अमेरिका के

20:48सामने धन्यवाद देता है और अमेरिका को

20:49धन्यवाद देता है कि आपने मिलियंस में जाने

20:52बचा ली। अदरवाइज हम न्यूक्लियर बम चलाते

20:54थे। आए दिन तुम पर बम चला रहा है

20:55अफगानिस्तान। तुम उसका बाल नहीं बिगाड़

20:57पाए। तुम्हारी कथनी में इतना अंतर है क्या

20:59दुनिया में फालतू की भूखाली काट रहे हो।

21:01बाकी आप लोग क्या सोचते हो? अपनी राय

21:03कमेंट बॉक्स में दो। हमने ये सेशन क्यों

21:04किया? अगर हम नहीं करते तो यूएन में क्या

21:06घटित हुआ आपको नहीं पता रहता। अब मैंने

21:09यूएन की अधिकांश खबरें आपसे कवर कर दी

21:11हैं। 22 से लेकर 28 तारीख के बीच में यूएन

21:13में जो भी घटनाएं घटी शी जिनपिंग हुए,

21:15ट्रंप हुए, अर्धगन हुए। तमाम जो बातें थी

21:17हमने आप तक पहुंचाई हैं। अगर आपको हमारी

21:19ये पूरी कवरेज अच्छी लगी हो, विश्लेषण

21:21अच्छा लगा हो तो चैनल को एक बार

21:23सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा और अपनी राय

21:25कमेंट बॉक्स में अवश्य दीजिएगा। ठीक है

21:26साहब। बाकी आईएडी मनी ग्लोबल का लिंक

21:28कमेंट बॉक्स में पिन है। निवेश से पहले आप

21:31खुद जरूरी दस्तावेज चेक कर लें। अपने आप

21:34को संतुष्ट कर लें क्योंकि निवेश आपका

21:36पैसे का अपना है। हमारी राय

21:37[नाक से की जाने वाली आवाज़] आपके सामने

21:38केवल इसके विज्ञापन की है। आपको बताने की

21:40है कि ऐसा एक प्लेटफार्म है। निवेश अपनी

21:42रिसर्च के बाद करें। यह हमारी तरफ से आपके

21:44लिए सलाह रहेगी। लिंक कमेंट बॉक्स में पिन

21:46है। धन्यवाद।

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