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0:01इसके बाद आता है यह क्रॉस प्राइस इफेक्ट।
0:04यह इसका एक क्वेश्चन लिखा हुआ है। अभी
0:06यहां पर रिवाइज भी करेंगे। क्रॉस प्राइस
0:07इफेक्ट क्या होता है? इससे पहले जरा हल्का
0:10सा क्वेश्चन ही देख लेते हैं। पहले
0:12क्वेश्चन में कुछ ऐसा-सा लिखा हुआ था भाई
0:14कि अगर गुड x का प्राइस कम होता है तो गुड
0:18y की डिमांड बढ़ जाती है। अगर गुड x का
0:22ऐसे क्वेश्चन लिख लो तुम लोग कि इफ द
0:24प्राइस ऑफ गुड x फॉल्स देन द डिमांड फॉर
0:28गुड y राइज़ेस। ये कैसे गुड्स हैं भाई? तो
0:32भाई ये पक्का कॉम्प्लीमेंट्री गुड्स
0:34होंगे। एग्जांपल गाड़ी का प्राइस अगर कम
0:36होता है तो पेट्रोल की डिमांड बढ़ जाती
0:38है। कॉम्प्लीमेंट्री गुड्स मतलब जो एक साथ
0:40चलते हैं। क्योंकि नॉर्मल सी बात है जब
0:42गाड़ियां सस्ती होंगी लोग ज्यादा गाड़ियां
0:44खरीदेंगे। अगर लोग ज्यादा गाड़ियां
0:46खरीदेंगे तो पेट्रोल की डिमांड तो
0:48ऑटोमेटिकली बढ़ जाएगी वो चीज।
0:52इसके बाद अगला क्वेश्चन है। क्वेश्चन में
0:55कुछ ऐसा लिखा हुआ है कि जब इनकम कम होती
0:57है, इनकम कम होती है तो नॉर्मल गुड्स जो
1:02है इनकी डिमांड क्या होती है? यार इनकी
1:04डिमांड कम हो जाती है। इनका कर्व कहां
1:06शिफ्ट होता है? ये क्वेश्चन था। इनका कर्व
1:08लेफ्टवर्ड शिफ्ट मारता है। क्योंकि यार जब
1:10बंदे की कमाई कम होगी। पहले वो इतनी
1:11डिमांड कर रहा था। अब वो थोड़ी सी कम
1:13करेगा। लेकिन इंफीरियर गुड्स की डिमांड जो
1:16है वो बढ़ जाती है क्योंकि यार गुजारा तो
1:18करना ही है। सस्ते गुड्स खरीदने लग जाएगा
1:20कम कमाई पे वो तो उसका कर्व कहां शिफ्ट
1:22होगा? राइट। क्योंकि जो सस्ती चीजें हैं
1:24फिर वो उनको ज्यादा खरीदने लग जाएगा अपने
1:26बजट के हिसाब से। वो जरा भाई अब अच्छे से
1:30पढ़ते हैं। क्रॉस प्राइस इफेक्ट।
1:32क्रॉस प्राइस इफेक्ट क्या होता है भाई? कि
1:35भाई किसी और गुड के प्राइस में चेंज आने
1:37से किसी और गुड की डिमांड में चेंज आना।
1:40पेपर के लिए बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक है। और
1:41छह नंबर वाला टॉपिक है भाई ये। जितना लॉ
1:43ऑफ डिमांड इंपॉर्टेंट है डिमांड चैप्टर
1:46में उतना ही यह भी इंपॉर्टेंट है।
1:49क्रॉस प्राइस इफेक्ट में दो तरह के गुड्स
1:51की बात करी गई है। नंबर वन सब्स्टट्यूट
1:54गुड्स। सब्स्टट्यूट गुड्स कौन से होते
1:56हैं? जो एक दूसरे के स्थान पर यूज़ किए जा
1:58सकते हैं। नंबर वन सब्स्टट्यूट गुड्स। कौन
2:02से? द गुड्स व्हिच कैन बी यूज्ड इन प्लेस
2:05ऑफ़ अदर। जैसे कोक और पेप्सी। कोक नहीं
2:08मिली तो पेप्सी से भी काम चल जाएगा। हां
2:10100% सब्स्टट्यूट नहीं है लेकिन क्लोज
2:12सब्स्टट्यूट है। हम अक्सर इंडिया में ऐसे
2:14ही बोलते हैं जी काली वाली कोल्ड ड्रिंक
2:15चाहिए। कोक नहीं मिली तो पेप्सी, पेप्सी
2:17नहीं मिली तो थम्स अप। सब्स्टट्यूट गुड्स
2:19व्हिच कैन बी यूज्ड इन प्लेस ऑफ़ अदर जो एक
2:22दूसरे के स्थान पर यूज़ हो सकते हैं। और
2:25कॉम्प्लीमेंट्री गुड्स कौन से होते हैं
2:27भाई? अभी जैसे ऊपर पढ़ रहे थे गाड़ी और
2:29पेट्रोल। गुड्स व्हिच कंप्लीट्स द डिमांड
2:32फॉर ईच अदर। जो मिलकर चलते हैं। जैसे गाड़ी
2:35और पेट्रोल। अब मिलके ही चलेंगे यार।
2:38गाड़ी चलाने के लिए पेट्रोल लगेगा, डीजल
2:40लगेगा। वो सब चीजें। अब अगर इनके बारे में
2:43पढ़े भाई, अगर आपके पेपर में क्रॉस प्राइस
2:46इफेक्ट आया, आप दोनों समझाओगे। पहले तो
2:48सब्स्टट्यूट गुड्स।
2:50सब्स्टट्यूट गुड्स क्या होते हैं? कोक और
2:52पेप्सी। फॉर एग्जांपल इसके एग्जांपल से
2:54समझते हैं। अगर भाई सोचना अगर
3:00कोला का प्राइस बढ़ गया। पेप्सी की डिमांड
3:03छोड़ो पहले। कोका कोला की बात करते हैं।
3:05अगर कोका कोला महंगी हुई तो लोग कोका कोला
3:08की डिमांड क्या कर देंगे? कम। उसकी जगह
3:10लोग कहां शिफ्ट हो जाएंगे? उसके
3:11सब्स्टट्यूट पे जो कौन है? पेप्सी। अगर
3:14कोका कोला का प्राइस बढ़ा तो लोग कोका
3:17कोला कम पी के कहां शिफ्ट हो जाएंगे?
3:18पेप्सी पे। तो उससे पेप्सी की डिमांड बढ़
3:20जाएगी। तो पेप्सी का डिमांड कर्व कहां
3:22शिफ्ट होएगा? राइटवर्ड। पेप्सी का डिमांड
3:25कर्व कहां शिफ्ट होगा? राइटवर्ड। पहले यह
3:27डिमांड थी। फिर यह बढ़ती हुई हो जाएगी।
3:30Pepsi का डिमांड कब राइटवर्ड शिफ्ट हो
3:32जाएगा। और अगर हम पेप्सी वाले हैं। मान लो
3:35C कोलाa ने अपना प्राइस गिरा दिया तो
3:37हमारी डिमांड ऑटोमेटिकली गिर जाएगी। भाई
3:40क्यों? क्योंकि पहले मान लो हमारी डिमांड
3:42ये थी। CocaC कोलाa ने अपना प्राइस गिरा
3:45दिया। C कोलाa ने अपना प्राइस गिरा दिया।
3:47तो लोग जो है वो Cocoका कोला खरीदने लग
3:49गए। हमारी डिमांड ऑटोमेटिकली क्या होगी?
3:53कम होगी।
3:56ये चीज।
3:59इसके बाद आ जाते हैं भाई आपके
4:01कॉम्प्लीमेंट्री गुड्स। कॉम्प्लीमेंट्री
4:03गुड्स कौन से होते हैं जो एक साथ चलते
4:05हैं। जो एक साथ चलते हैं। गाड़ी के
4:09साथ-साथ पेट्रोल लगेगा लगेगा भाई। ठीक है?
4:11पेन और इंक बुक में लिखा हुआ है वो चीजें।
4:15अब
4:16इनका क्या सिनेरियो होता है भाई? जैसे कार
4:18और पेट्रोल के एग्जांपल से हम समझते हैं।
4:21अगर बेटा गाड़ी का प्राइस कार का प्राइस
4:24बढ़े। अगर गाड़ी का प्राइस बढ़े तो भाई
4:28पहले सोचो ये पेट्रोल डिमांड नीचे सीधा
4:30ऐसे देखो ना समझो अगर गाड़ी का प्राइस
4:33बढ़ता है अगर गाड़ियां महंगी होती है तो
4:36भाई प्राइस और डिमांड का डायरेक्टली मतलब
4:38जो होता है रिलेशन वो इनवर्स होता है
4:40सीधा-सीधा जो रिलेशन होता है प्राइस और
4:42डिमांड का वो इनवर्स होता है अगर गाड़ियां
4:44महंगी होंगी लोग गाड़ियां कम खरीदेंगे कम
4:48खरीदेंगे तो चलो पेट्रोल डीजल इन सब चीजों
4:50की डिमांड क्या हो जाएगी कम वो एग्जांपल
4:52है कि भाई अगर गाड़ियां महंगी हुई लोग
4:55गाड़ियां कम खरीदेंगे तो ये पेट्रोल वगैरह
4:57की डिमांड थोड़ी सी क्या हो जाएगी?
4:58पेट्रोल, डीजल वगैरह की डिमांड कम हो
5:00जाएगी। तो भाई हम मान लो हमारी पेट्रोल
5:02पंप था। गाड़ियों ने प्राइस महंगा करा।
5:05ऑटोमेटिकली हमारी जो डिमांड है वो क्या
5:07होगी? जी कम हो गई। वो चीज
5:10कि हमारा क्या था? जी हमारा पेट्रोल पंप
5:12था। गाड़ी वालों ने अपना प्राइस महंगा
5:14करा। हम बेचारों की वैसे डिमांड क्या
5:16होगी? कम। क्योंकि लोगों ने गाड़ियां
5:18खरीदनी कम कर दी। वो चीज और अगर गाड़ियों
5:22का प्राइस सस्ता हो जाए भाई। अगर गाड़ियों
5:25का प्राइस सस्ता हो जाए। यह देखो।
5:27गाड़ियों का प्राइस कम हो जाए। तो भाई हर
5:30बंदा जो पहले गाड़ी खरीदना चाहता था, खरीद
5:31नहीं पा रहा था, महंगे बजट से, वह खरीद
5:33लेगा तो पेट्रोल वगैरह की डिमांड बढ़
5:36जाएगी। पहले यहां डिमांड थी, फिर डिमांड
5:38कहां शिफ्ट हो जाएगी? आगे को।
5:42ठीक है भाई? इसको अच्छे से पढ़ना। इसको तो
5:44रिवाइंड करके दोबारा देखो। क्रॉस प्राइस
5:46इवेंट को बहुत इंपॉर्टेंट है।