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Non-Profit Organizations | Fundamental of Accounting | CSEET October 2026 | Rishabh Tyagi

CSEET by PW · 12,818 words · 59 min read

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Accounting for Non-Profit Organizations

0:00तो हेलो बच्चा क्या हालचाल

0:03एक नंबर सर और आपके सामने हाजिर हैं आपके

0:08गब्बर सर कैसे हो गब्बर आर्मी उम्मीद है

0:12आप लोग सभी मस्त बेहतरीन सुपर्ब और मक्खन

0:15मलाई होंगे जैसे कि आप हमेशा रहते हैं तो

0:18बेटा जी एक और प्यारे से वन शॉट एक और

0:21प्यारे से गनशॉट में आपका स्वागत है व्हिच

0:23इज़ अकाउंटिंग फॉर नॉट फॉर प्रॉफिट

0:25ऑर्गेनाइजेशन

0:27ऐसी सारी ऑर्गेनाइजेशन जो प्रॉफिट को

0:29कमाने के मोटिव से नहीं बनी है। ऐसी सारी

0:32ऑर्गेनाइजेशन जिसका मोटिव प्रॉफिट को

0:34कमाना नहीं है उसको हम बोलते हैं नॉट फॉर

0:37प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन।

0:39ठीक है? तो यहां पर ये जो चैप्टर है चाहे

0:42आपके पास कॉमर्स थी या नहीं थी ये चैप्टर

0:44शायद आपने नहीं पढ़ा होगा। बिल्कुल नया

0:47चैप्टर है। तो आराम से डिटेल में अच्छे से

0:49पढ़ेंगे। यहां पर आप जैसे कि जो हमारी

0:52प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन होती हैं जो आपका

0:53प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बनाती हैं। यहां

0:55पर प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट मेंटेन नहीं

0:56होगा। यहां पर अकाउंटिंग अलग तरीके से

0:59करते हैं। यहां पर अकाउंट्स भी अलग होते

1:01हैं। ठीक है? तो स्टार्ट करते हैं।

1:04स्टार्ट करने से पहले मैं आपको बताना

1:06चाहूंगा बेटा कि ये जो हमारा बैच है वो है

1:08अभियान बैच। ये आपका अभियान बैच है। हमारे

1:12जो भी नोट्स हैं सारी चीजें जो हमारी

1:14वीडियोस हैं इस बैच की जो हमारे वन शॉट

1:16हैं ये सभी आपको मिलेंगे अभियान बैच में।

1:18इसके नोट्स भी आपको अभियान बैच में

1:20मिलेंगे। इस बैच में आपको एनरोल करना है।

1:22फ्री बैच है बेटा हमारे पीडब्ल्यू ऐप पर।

1:25तो आप इसका पार्ट बन जाइएगा अक्टूबर के

1:27लिए फटाफट से। चलिए बेटा जी ये बेचारे

1:30हमारे गुस्सा बोर्ड गुस्सा हो जाते हैं।

1:32उन्हें मालूम है बड़ा पीपीटी है तो बोर्ड

1:34भी गुस्सा हो जाता है। चलिए बेटा जी तो

1:36स्टार्ट करते हैं हमारा।

Understanding NPO Objectives and Services

1:40चलिए अकाउंटिंग फॉर नॉन प्रॉफिट

1:43ऑर्गेनाइजेशन।

1:44देखो मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों।

1:46अकाउंटिंग फॉर नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन

1:49का मतलब होता है ऐसे सारी ऑर्गेनाइजेशन

1:53ऐसे सारे बिजनेस जो इसलिए बने हैं कि उनका

1:57मोटिव प्रॉफिट कमाना नहीं है उनका मोटिव

1:59है सर्विस देना जैसे कि स्कूल्स हो गए

2:03जैसे कि आपके एजुकेशनल ट्रस्ट हो गए है ना

2:07जैसे कि सोसाइटीज हो गई है ना जैसे कोई

2:10एजुकेशनल इंस्टीटशंस हो गए कोई चैरिटेबल

2:13ट्रस्ट हो गए क्लब हो गए ये सब होते नॉट

2:16फॉर प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन जो इसलिए बने

2:19हुए हैं ताकि आपको सर्विस प्रोवाइड कर

2:21पाएं ना कि प्रॉफिट कमाने के मोटिव से। तो

2:24देखो क्या लिखा हुआ है? सर्टेन

2:27ऑर्गेनाइजेशन आर एस्टैब्लिश नॉट फॉर द

2:30पर्पस ऑफ अर्निंग प्रॉफिट बट टू प्रोवाइड

2:32सर्विसेस टू देयर मेंबर्स और टू द

2:35कम्युनिटी एट लार्ज। कुछ हमारी

2:38ऑर्गेनाइजेशनंस इसलिए बनी हुई हैं कि वो

2:41अपने प्रॉफिट को नहीं कमाएंगी। वो अपने

2:43मेंबर्स को सर्विस दे सकेंगी। ज्यादा से

2:46ज्यादा सुविधा दे सकेंगी। द बेनिफिशरीज ऑफ

2:50दी सर्विज आर जनरली मेंबर्स हु

2:53कंट्रीब्यूट थ्रू पीरियडिक सब्सक्रिप्शन

2:55और अदर फॉर्म्स ऑफ सपोर्ट। इसका जो

2:58बेनिफिट मिलता है, इसका जो फायदा मिलता

3:00है, वो इनके मेंबर्स को मिलता है। और

3:02मेंबर्स को फायदा क्यों मिलता है? क्योंकि

3:04उन्होंने कुछ ना कुछ थोड़ा बहुत पार्ट

3:07इसका पेमेंट किया है इन द फॉर्म ऑफ

3:09सब्सक्रिप्शन या इनके पास कहीं से और

3:11सपोर्ट मिला है। ऐसी ऑर्गेनाइजेशन को हम

3:14बोलते हैं नॉन ट्रेडिंग एंटिटी जिसके

3:17एग्जांपल्स हैं बेटा हमारे स्पोर्ट्स क्लब

3:20हैं एजुकेशनल इंस्टीटशंस हैं पब्लिक

3:22हॉस्पिटल्स हैं लाइब्रेरीज हैं कल्चरल

3:25एसोसिएशंस हैं ये सब क्या होते हैं बेटा

3:28हमारे नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन या फिर

3:31नॉन ट्रेडिंग एक्टिविटीज। अब सवाल ये आता

3:34है सर क्योंकि ये नॉन ट्रेडिंग एंटिटीज

3:37हैं तो क्या यह प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट

NPO Financial Statements Overview

3:40बनाएंगे?

3:41नहीं सर इनकी अकाउंटिंग बिल्कुल अलग तरीके

3:44से चलती है। यहां पर हम जो अकाउंट देखने

3:47वाले हैं वह देखने वाले हैं रिसीप्ट एंड

3:49पेमेंट अकाउंट, इनकम एंड एक्सपेंडिचर

3:52अकाउंट एंड बैलेंस शीट। सर यहां भी बैलेंस

3:55शीट आ गई। यस बेटा जी। क्या करें? पीछा ही

3:58नहीं छोड़ रही है। तो यहां भी आपको तीन

4:00अकाउंट बनाने हैं। फर्स्ट वन इज़ रिसीप्ट

4:03एंड पेमेंट अकाउंट। सेकंड वन इज़ इनकम एंड

4:07एक्सपेंडिचर अकाउंट। और थर्ड वन इज बैलेंस

4:10शीट। रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट में आपको

4:13कोई दिक्कत नहीं होने वाली है। क्योंकि

Using Receipt and Payment Accounts

4:15रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट बिल्कुल हूबहू

4:18कैश बुक की तरह है। जैसे आप कैश बुक बनाते

4:21थे बिल्कुल वैसे ही बनाते हैं रिसीप्ट एंड

4:23पेमेंट अकाउंट। डेबिट साइड में हम अपनी

4:25सारी रिसीप्ट डालते हैं। क्रेडिट साइड में

4:27हम अपने सारे पेमेंट डालते हैं। फर्क नहीं

4:29पड़ता वो इस साल का है। फर्क नहीं पड़ता

4:31वो अगली साल का है। जो भी पैसा आ रहा है

4:34वो रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट के डेबिट

4:36साइड में जाएगा। और जो भी पैसा जा रहा है

4:38वो रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट के क्रेडिट

4:40साइड का पार्ट बनेगा।

4:43तो चलिए थोड़ा सा आगे बढ़ाते हैं हम लोग।

4:47मीनिंग ऑफ नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन का

4:49मीनिंग क्या है? नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन

4:52आर एस्टैब्लिश्ड विद द प्राइमरी

4:54ऑब्जेक्टिव ऑफ सर्विंग सोसाइटी रेदर देन

4:57जनरेटिंग प्रॉफिट। ये सोसाइटी ये

5:00ऑर्गेनाइजेशन इसलिए बनी है कि अपनी जो

5:02सोसाइटी है उसको सर्व कर सकें। उनको

5:05सर्विस प्रोवाइड कर सकें ना कि प्रॉफिट

5:07कमाने के लिए। इनका पर्पस होता है आर्ट्स

5:10को, साइंस को, कॉमर्स को, स्पोर्ट्स कल्चर

5:13को, चैरिटी को, एजुकेशन को, रिसर्च

5:16एक्टिविटीज को प्रमोट करना। दीज़

5:18ऑर्गेनाइजेशन एमकास्ट वाइड रेंज ऑफ

5:20एंटिटीज। ये आपको नाम दे रखे हैं। किस-किस

5:23पार्ट्स में होती हैं हमारी? किस-किस

5:25पार्ट्स में होती हैं। ठीक है मेरे

5:26प्यारे-प्यारे बच्चों? यस सर।

5:30चलिए

5:32अब यह तो खैर मैंने आपको बता दिया कौन-कौन

5:34से अकाउंट बनाते हो आप लोग। अब ये जो नॉन

5:38प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है इनके पास पैसा

5:41कहां से आता है? भाई ये सोसाइटी की हेल्प

5:43करेंगी। ये सोसाइटी को सर्विस प्रोवाइड

5:46करेंगी। तो इनके पास पैसा कहां-कहां से

5:48आता है बेटा? द मेन सोर्स ऑफ इनकम फॉर नॉन

Primary Income Sources for NPOs

5:52प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशंस इंक्लूड

5:55सब्सक्रिप्शनंस फ्रॉम मेंबर्स डोनेशंस

5:59लाइफ मेंबरशिप फीस ग्रांट्स इनकम फ्रॉम

6:02इन्वेस्टमेंट ये सारे कुछ जरिया है जिससे

6:05इनके पास क्या आता है? पैसा आता है। इनके

6:08जो मेंबर्स हैं, वह इनके सब्सक्रिप्शन पे

6:11करते हैं। इनके पास डोनेशन आती है। इनके

6:14पास लाइफ मेंबरशिप फीस आती है। इनके पास

6:17ग्रांट्स आते हैं। इन्होंने कहीं

6:19इन्वेस्टमेंट कर रखा है तो वहां से इनकम

6:21आती है। फंड्स कलेक्टेड आर टिपिकली

6:24क्रेडिटेड टू कैपिटल और जनरल फंड। जो भी

6:27पैसा आ रहा है उसके लिए हम अलग-अलग फंड

6:29बनाते हैं। या तो कैपिटल फंड और अलग तरीके

6:32से उसको ट्रीट करते हैं। एट द एंड ऑफ ईच

6:35अकाउंटिंग पीरियड एनपीओ प्रिपेयर

6:37फाइनेंसियल स्टेटमेंट इंक्लूडिंग द

6:39रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट, इनकम एंड

6:41एक्सपेंडिचर अकाउंट एंड बैलेंस शीट टू

6:43डिटरमाइन देयर इनकम, एक्सपेंडिचर एंड

6:46ओवरऑल फाइनेंसियल पोजीशन। क्योंकि भाई

6:48इनके पास पैसा आ रहा है। इनके पास डोनेशन

6:51आ रही है। इनके पास सब्सक्रिप्शन आ रहा

6:53है। इनके पास लाइफ मेंबरशिप फीस आ रही है।

6:55तो मेरे प्यारे बच्चों इनकी भी जिम्मेदारी

6:58बनती है कि ये भी अपने अकाउंट्स को मेंटेन

7:01करें ताकि ये मालूम कर पाए कि हमारे कितने

7:04खर्चे हुए हैं। हमारे पास कितनी इनकम आई

7:06है और हमारी फाइनेंसियल पोजीशन क्या है।

7:09बट बट बट ये प्रॉफिट के लिए नहीं काम कर

7:13रही हैं। ये ट्रेडिंग एंटिटी नहीं है। तो

7:15बेटा ये प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट नहीं

7:16बनाएंगे। ये बनाते हैं रिसीप्ट एंड पेमेंट

7:19अकाउंट। उसके बाद इनकम एंड एक्सपेंडिचर

7:22अकाउंट और उसके बाद बैलेंस शीट। ये

7:24क्या-क्या बनाते हैं बेटा? रिसीप्ट एंड

7:26पेमेंट अकाउंट। उसके बाद इनकम एंड

7:28एक्सपेंडिचर अकाउंट। और उसके बाद क्या

7:30बनाते हैं? बैलेंस शीट। इस तरीके से तीन

7:33फज़ में करके ये लोग काम करते हैं। ठीक है?

7:36चलो।

7:37तो देखो ये आपका सारा अच्छे से रिवाइज कर

7:40देगी। सबसे पहला गवर्निंग बॉडी मैनेज्ड

7:44बाय एन इेड कमेटी और ट्रस्टीज रिस्पांसिबल

7:48फॉर पॉलिसी मेकिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन। नो

7:51प्रॉफिट डिस्ट्रीब्यूशन। यहां पर हमें कोई

7:54अगर फायदा होता है या कोई घाटा होता है तो

7:57वो बांटा नहीं जाता। यहां पर अगर हमें कोई

8:00घाटा होता है तो उसे बोलते हैं डेफिशिएट।

8:02और फायदा होता है तो उसे बोलते हैं

8:04सरप्लस। लेकिन यह किसी को बांटा नहीं

8:06जाता। पर्पस क्या है? ऑपरेट विदाउट अ

8:10प्रॉफिट मोटिव फोकसिंग ऑन सोशल, कल्चरल

8:13एंड एजुकेशनल कम्युनिटी वेलफेयर

8:15एक्टिविटीज। सोर्स ऑफ फंड पैसा कहां से

8:18आता है? ये अभी आपने देखा था। इस फंड का

8:21यूज़ कैसे करते हैं? वो डिपेंड करता है कि

8:23हम क्या भला करना चाह रहे हैं। कौन-कौन से

8:25एक्टिविटी करना चाह रहे हैं। मेंबरशिप

8:28मेंबरशिप राइट्स आर पर्सनल, नॉन

8:30ट्रांसरेबल एंड कैन नॉट बी सोल्ड और

8:32असाइन। और इसकी जो अकाउंटिंग होती है फॉलो

8:36द एंटिटी कांसेप्ट ट्रीटिंग द

8:38ऑर्गेनाइजेशन एज डिस्टिंक्ट फ्रॉम इट्स

8:40मेंबर जो इसके मेंबर्स हैं जिन्होंने इनका

8:43सब्सक्रिप्शन ले रखा है उसको और एनपीओ को

8:46दोनों को अलग-अलग ट्रीट किया जाता है। ठीक

8:48है बेट?

8:50[गला साफ़ करने की आवाज़]

8:51चलिए

8:53अब आता है सबसे पहला बुक्स ऑफ अकाउंट्स।

8:57बुक्स ऑफ अकाउंट्स। द प्राइमरी बुक्स ऑफ

9:00अकाउंट्स मेंटेन बाय अ नॉट फॉर प्रॉफिट

9:03ऑ्गेनाइजेशन टिपिकली इंक्लूड अ कैश बुक

9:06विद और विदाउट एन एनालाइज कॉलम टू रिकॉर्ड

9:10ऑल कैश एंड बुक ट्रांजैक्शन अ मेंबर

9:12रजिस्टर टू कीप डिटेल रिकॉर्ड ऑफ मेंबरशिप

9:15उसे हम क्या बोलते हैं रिसीप्ट एंड पेमेंट

9:18अकाउंट

9:20जिस कैश बुक की यहां पर बात हो रही है वो

9:23बिल्कुल रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट की तरह

9:25ही होती है। यानी कि यहां पर जो हम

9:27रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट बनाते हैं, वह

9:29कैश बुक की तरह ही होता है। जो भी पैसा आ

9:32रहा है, जहां-जहां से पैसा आ रहा है, उसको

9:34आप डेबिट साइड में डालते हो और जहां-जहां

9:36से पैसा आपके पास जा रहा है, उसको आप

9:39क्रेडिट साइड का पार्ट बनाते हो, उसको आप

9:40क्रेडिट साइड में डालते हो। ठीक है? यस

9:43सर। अब देखो प्रॉफिट सीकिंग ऑर्गेनाइजेशन

NPO vs Profit-Seeking Accounting Differences

9:47वर्सेस नॉट फॉर प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन।

9:50दोनों में क्या फर्क है? वो ऑर्गेनाइजेशन

9:52जो प्रॉफिट कमाने के मोटिव से बनी है और

9:55वो ऑर्गेनाइजेशन जो प्रॉफिट कमाने के

9:56मोटिव से नहीं बनी जिसका ये आप चैप्टर पढ़

9:59रहे हो। पॉइंट्स क्या है? प्रॉफिट सीकिंग

10:02ऑर्गेनाइजेशन और नॉट फॉर प्रॉफिट सीकिंग

10:04ऑर्गेनाइजेशन। इसका ऑब्जेक्टिव होता है

10:06प्रॉफिट कमाना। और इसका ऑब्जेक्टिव होता

10:09है सर्विस प्रोवाइड करना। प्रॉफिट नहीं

10:11कमाना। इसका जो फंड है वो कहां जाता है

10:14बेटा? ओनर्स फंड में। लेकिन यहां पर हम

10:17मेंटेन करते हैं कैपिटल फंड। ठीक है? यहां

10:20का रिजल्ट होता है प्रॉफिट या लॉस। यहां

10:23का रिजल्ट होता है सरप्लस और डेफिशिट जो

10:25मैंने आपको बताया था। यहां पर आप

10:27मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट, ट्रेडिंग अकाउंट,

10:29प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट, बैलेंस शीट बनाते

10:31हो। और यहां पर आप रिसीप्ट एंड पेमेंट

10:34अकाउंट, इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट और

10:36बैलेंस शीट बनाते हो। तो ये फर्क है आपकी

10:39प्रॉफिट सीकिंग ऑर्गेनाइजेशन में और नॉट

10:41फॉर प्रॉफिट सीकिंग ऑर्गेनाइजेशन में। हो

10:43सकता है थ्योरी में आ जाए कि नॉट फॉर

10:45प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन क्या होता है? या

10:47आपसे पूछ लिया जाए कि दोनों में फर्क क्या

10:49होता है नॉट फॉर प्रॉफिट में या प्रॉफिट

10:51सीकिंग ऑर्गेनाइजेशन में तो आप इससे

10:53पॉइंटर से नोट करके अच्छे से कर सकते हो।

10:57अब मेरे प्यारे बच्चों ट्रीटमेंट ऑफ

Handling Special Items in Accounting

11:00स्पेशल आइटम्स

11:02जब आप अकाउंटिंग करोगे जब आप अकाउंट्स

11:06बनाओगे जब आप रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट

11:08बनाओगे जब आप इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट

11:11बनाओगे जब आप बैलेंस शीट बनाओगे तो कुछ

11:14आइटम्स ऐसे होते हैं जिसके आपको ट्रीटमेंट

11:17करने होते हैं। सबसे पहले मैं आपको बहुत

11:19डिटेल में दोनों के बारे में थोड़ा-थोड़ा

11:22बता देता हूं ताकि आपको आगे दिक्कत कोई ना

11:24आए। देखो बेटा रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट

11:30यह इसका डेबिट साइड

11:34और ये इसका क्रेडिट साइड ठीक है यस सर और

11:38इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट

11:44ये इसका डेबिट साइड

11:48और यह इसका क्रेडिट साइड रिसीप्ट एंड

11:51पेमेंट अकाउंट एक रियल अकाउंट है। डेबिट

11:54व्हाट कम्स इन क्रेडिट व्हाट गोज़ आउट और

11:58इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट एक नॉमिनल

12:00नेचर का अकाउंट है। डेबिट ऑल एक्सपेंसेस

12:03एंड लॉसेस क्रेडिट ऑल इनकम एंड गेन।

12:05रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट के डेबिट साइड

12:08में आती है रिसीप्ट।

12:11और क्रेडिट साइड में आती है पेमेंट। फर्क

12:14नहीं पड़ता कि वो कैपिटल रिसीप्ट है। फर्क

12:17नहीं पड़ता वो रेवेन्यू रिसीप्ट है। फर्क

12:19नहीं पड़ता कि वो इस साल की है। पिछली साल

12:22की है या आने वाले साल की है। उसको आप

12:24रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट के डेबिट साइड

12:27में डालेंगे। सेम फर्क नहीं पड़ता कि वो

12:30रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है। फर्क नहीं पड़ता

12:32वो कैपिटल एक्सपेंडिचर है। फर्क नहीं

12:34पड़ता वो इस साल का पेमेंट किया है। पिछली

12:36साल का पेमेंट किया है या आने वाली साल का

12:39पेमेंट किया है। क्रेडिट साइड में उस

12:40पेमेंट को डालेंगे। तो रिसीप्ट एंड पेमेंट

12:43अकाउंट आपको बहुत इजी है। वेरी वेरी ईजी।

12:46पैसा आ रहा है डेबिट में डाल दो। पैसा जा

12:48रहा है क्रेडिट में डाल दो। लेकिन आपको

12:51मालूम है क्योंकि रिसीप्ट एंड पेमेंट

12:53अकाउंट एक कैश बुक की तरह है तो इसकी

12:56शुरुआत का भी कुछ बैलेंस होगा और लास्ट का

12:59भी कुछ बैलेंस होगा। तो अगर शुरुआत का

13:01बैलेंस प्लस में है तो डेबिट साइड में टू

13:03बैलेंस बीडी और शुरुआत का बैलेंस माइनस

13:06में है तो क्रेडिट साइड में टू बाय बैलेंस

13:09बी डी और लास्ट में आपको देखना है बैलेंस

13:12कहां पर आ रहा है उसी बैलेंस को हम कैरी

13:14फॉरवर्ड करते हैं आगे लेकिन इनकम एंड

Revenue vs Capital Expenditure Explained

13:16एक्सपेंडिचर अकाउंट बहुत ध्यान से समझना

13:19बेटा इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट के

13:21डेबिट साइड में आते हैं एक्सपेंडिचर लेकिन

13:23कौन से एक्सपेंडिचर रेवेन्यू एक्सपेंडिचर

13:29कौन कौन से एक्सपेंडिचर? रेवेन्यू

13:31एक्सपेंडिचर। और क्रेडिट साइड में आते हैं

13:34क्या? रेवेन्यू रिसीप्ट।

13:38दो तरह के आपके एक्सपेंडिचर होते हैं।

13:40कैपिटल एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू

13:42एक्सपेंडिचर। कैपिटल एक्सपेंडिचर इज़ अ

13:44पार्ट ऑफ बैलेंस शीट और रिसीप्ट एंड

13:47पेमेंट। इनकम एंड एक्सपेंडिचर में नहीं

13:49आएगा। लेकिन रेवेन्यू रेवेन्यू

13:52एक्सपेंडिचर

13:54रेवेन्यू एक्सपेंडिचर इनकम एंड

13:55एक्सपेंडिचर के डेबिट साइड आएगा। और

13:57रेवेन्यू रिसीप्ट इनकम एंड एक्सपेंडिचर के

13:59क्रेडिट साइड आएगा। अब सर रेवेन्यू

14:01एक्सपेंडिचर होता क्या है? रेवेन्यू

14:04रिसीप्ट होता क्या है बेटा? रेवेन्यू

14:06एक्सपेंडिचर वो खर्चा होता है जो एक

14:09रिकरिंग नेचर का होता है। ऐसा खर्चा जो

14:11आपको बार-बार करना पड़ेगा। ऐसा खर्चा जो

14:14आपको हर साल करना पड़ेगा। जिसका बेनिफिट

14:17आपको हद से हद एक साल तक मिलेगा। उसके बाद

14:19वो खर्चा आपको दोबारा करना पड़ेगा। वो

14:22खर्चा आपके बिजनेस से रिलेट कर रहा है वो

14:24होता है रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। और सेम

14:27आपकी रेवेन्यू रिसीप्ट ऐसे खर्चे जो आपकी

14:30एसेट्स और लायबिलिटी पर फर्क नहीं डालते

14:32वो आपके रेवेन्यू एक्सपेंडिचर और ऐसा ही

14:35होता है रेवेन्यू रिसीप्ट जो आपको बार-बार

14:37मिलेगी इसका बेनिफिट एक साल के अंदर ही

14:39खत्म हो जाएगा फिर आपको मिल जाएगा बट

14:41कैपिटल एक्सपेंडिचर वो एक्सपेंडिचर होता

14:44है जो रिकरिंग नेचर का नहीं होता जो आपके

14:47बिजनेस से रिलेट नहीं कर रहा है जो आपको

14:50मोर देन वन ईयर बेनिफिट देता है यानी आपने

14:52अगर वो खर्चा कर दिया तो वह आपको एक साल

14:55से ज्यादा बेन बेनिफिट देगा। जैसे आपने

14:58कोई एसेट्स खरीदी है तो वो आपके इनकम एंड

15:02एक्सपेंडिचर में नहीं आएगा। बाकी

15:04क्या-क्या आएगा, क्या-क्या नहीं आएगा वो

15:06मैं आपको बताऊंगा। और एक और इंपॉर्टेंट

15:08बात

15:10एक और इंपॉर्टेंट बात इनकम एंड

15:12एक्सपेंडिचर की। एक और इंपॉर्टेंट बात। आप

15:15जिस ईयर का इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट

15:18बना रहे हैं। आप जिस फाइनेंशियल ईयर का

15:21इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट बना रहे हैं,

15:24आप सिर्फ और सिर्फ उसी को लेंगे। यानी कि

15:28अगर मैं 1 अप्रैल 2026 से लेकर 31 मार्च

15:332027 तक का फाइनेंसियल ईयर बना रहा हूं

15:35बेटा तो सिर्फ और सिर्फ इसी साल के खर्चे

15:38इसी साल की इनकम लूंगा। ना ही इस साल से

15:41पहले की और ना ही इस साल के बाद की। इनकम

15:45एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट में ध्यान रखिएगा।

15:47यानी कि आपको याद होगा जैसे हम प्रॉफिट

15:49एंड लॉस में करते थे ना इसी साल का इसी

15:52साल का लेते थे। आउटस्टैंडिंग का

15:54ट्रीटमेंट करते थे। प्रीपेड का ट्रीटमेंट

15:56करते थे। रिसीव्ड एडवांस का ट्रीटमेंट

15:58करते थे। एक्रूड का ट्रीटमेंट करते थे।

16:00आउटस्टैंडिंग का ट्रीटमेंट करते थे। सेम

16:02वैसे ही चलेगा। नाम चेंज हुआ है। काम सारा

16:05का सारा वही है। बट यहां पर आपके रेवेन्यू

16:08एक्सपेंडिचर भी अलग होते हैं और रेवेन्यू

16:10रिसीप्ट भी अलग-अलग होती हैं। अब वन बाय

16:12वन हम समझते हैं मेरे प्यारे-प्यारे

16:14बच्चों। देखो

Subscription Treatment and Adjustments

16:16सबसे पहला है ट्रीटमेंट ऑफ सब्सक्रिप्शन।

16:20ट्रीटमेंट ऑफ सब्सक्रिप्शन। देखो मेरे

16:23प्यारे बच्चों सबसे पहली बात सब्सक्रिप्शन

16:25क्या होता है? जो भी आपके जो एन एनपीओ है

16:28उसमें जो आपके मेंबर्स हैं उसका पार्ट

16:31बनने के लिए उन्हें कुछ ना कुछ वो

16:33सब्सक्रिप्शन देते हैं। ठीक है?

16:35सब्सक्रिप्शन देते हैं। अगर यह

16:37सब्सक्रिप्शन अगर यह सब्सक्रिप्शन आपका

16:40पीरियडिकली है यानी कि आप हर साल देते हो

16:42तो वो आपकी रेवेन्यू रिसीप्ट है। यानी कि

16:45वो हमें मिल रहा है वो हमारे लिए रेवेन्यू

16:47रिसीप्ट है। लेकिन अगर ये सब्सक्रिप्शन

16:51लाइफ मेंबरशिप फीस है। यानी कि किसी बंदे

16:54ने आपको एक बार पैसा दे दिया। उसके बाद वो

16:57हाल फिलहाल पैसा नहीं देगा तो बेटा ये

16:59कैपिटल रिसीप्ट है। यह इनकम एंड

17:02एक्सपेंडिचर में नहीं जाएगी। यह आपकी

17:04रिसीप्ट एंड पेमेंट में जाएगी और बैलेंस

17:06शीट में जाएगी यहां पर लाइफ मेंबरशिप फंड

17:10में। दोबारा समझो सब्सक्रिप्शन क्या है?

17:13मेंबर्स पैसा दे रहे हैं हमको नॉट फॉर

17:16प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन में। अगर हमारे

17:18मेंबर्स कुछ मेंबर्स ऐसे हैं जो एनुअली

17:21पेमेंट करते हैं। हर साल पैसा देते हैं।

17:24रेवेन्यू रिसीप्ट है। आपका रिसीप्ट एंड

17:26पेमेंट अकाउंट में भी आएगा और आपके इनकम

17:29एंड एक्सपेंडिचर में भी आएगा। क्रेडिट

17:31साइड में और अगर कोई लाइफ मेंबरशिप फीस है

17:34अगर कोई आपको एक बार पेमेंट दे दिया उसके

17:37बाद वो आपको पेमेंट नहीं देगा तो बेटा वो

17:39आपकी कैपिटल रिसीप्ट है। बार-बार पैसा

17:42नहीं मिलेगा। इनकम एंड एक्सपेंस अकाउंट

17:44में नहीं जाएगा। वो आपका रिसीप्ट एंड

17:46पेमेंट अकाउंट में और आपकी बैलेंस शीट में

17:48जाएगा। अब इसका ट्रीटमेंट कैसे होता है?

17:51ट्रीटमेंट कैसे होता है? सपोज आपको 4 साल

17:56का सब्सक्रिप्शन दे रखा है। 2016 का दे

17:58रखा है, 2017 का दे रखा है, 2018 का दे

18:01रखा है, 2019 का दे रखा है। तो अगर मैं

18:04रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट बनाऊंगा तो

18:06सारे साल का सब्सक्रिप्शन उसमें शो

18:08करूंगा। अगर मैं रिसीप्ट एंड पेमेंट

18:11अकाउंट बनाऊंगा तो सारे साल का

18:13सब्सक्रिप्शन उसमें शो करूंगा। लेकिन इनकम

18:15एंड एक्सपेंडिचर में सिर्फ उस साल का

18:17लूंगा जो मेरा करंट ईयर है। तो मैंने यहां

18:20पर लिखा सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड इन एडवांस

18:23सॉरी सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड ड्यूरिंग द

18:25ईयर। इसको मैंने कहां डाला बेटा? इसको

18:28मैंने डाला क्रेडिट साइड में। इसको मैंने

18:31कहां डाला बेटा? इसको मैंने डाला क्रेडिट

18:33साइड में। 1 मिनट रुकिएगा।

18:36तो बेटा सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड ड्यूरिंग

18:38करंट ईयर। हमें सब्सक्रिप्शन मिला करंट

18:40ईयर का। हमने उसको कहां डाल दिया? क्रेडिट

18:41साइड में इनकम एंड एक्सपेंडिचर में। अब

18:43हमें कुछ एडजस्टमेंट दिए होते हैं। हमें

18:46कुछ एडजस्टमेंट दिए होते हैं। जैसे

18:50आउटस्टैंडिंग आपसे क्वेश्चन में बोल रहा

18:52है आउटस्टैंडिंग इन द बिगिनिंग ऑफ ईयर।

18:56कोई आउटस्टैंडिंग आपको दे रखा है इन द

18:59बिगिनिंग ऑफ ईयर। साल की शुरुआत में कोई

19:02सब्सक्रिप्शन आउटस्टैंडिंग है तो मेरे

19:05प्यारे बच्चों साल की शुरुआत में अगर कोई

19:07आउटस्टैंडिंग है तो वो पिछली साल का ही तो

19:10होगा। साल की शुरुआत में अगर कोई

19:12आउटस्टैंडिंग है तो वह पिछली साल का ही तो

19:14होगा। तो उसको आप क्या कर दोगे? माइनस कर

19:17दोगे। उसको आप क्या कर दोगे? माइनस कर

19:19दोगे। और आपसे कह रहा है आउटस्टैंडिंग एट

19:22द एंड ऑफ द ईयर। साल के लास्ट में कुछ

19:25आउटस्टैंडिंग है। इस साल के लास्ट में

19:28सब्सक्रिप्शन आउटस्टैंडिंग है। तो इस साल

19:30के लास्ट में यानी इसी साल का है। इस साल

19:33के लास्ट में यानी इसी साल का है बेटा।

19:35उसे क्या करेंगे? प्लस करेंगे। ऐसे ही

19:38सब्सक्रिप्शन रिसीव इन एडवांस। अगर आपसे

19:42क्वेश्चन में बोल रहा है सब्सक्रिप्शन

19:43रिसीव इन एडवांस और साल की शुरुआत में

19:47सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड इन एडवांस इन द

19:49बिगिनिंग ऑफ द ईयर। साल की शुरुआत में

19:52हमें एडवांस मिल गया तो इसी साल का मिला

19:55ऐड कर देंगे। और साल के लास्ट में एडवांस

19:58मिला है यानी आने वाले साल के लिए नेक्स्ट

20:00ईयर के लिए तो उसको क्या कर देंगे? माइनस

20:03कर देंगे। ऐसा करके निकल के आएगा हमारा

20:05सब्सक्रिप्शन का एक्चुअल अमाउंट जो कि

20:07हमारा सब्सक्रिप्शन कहां जाएगा? क्रेडिट

20:10साइड जाएगा इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट

20:12के। ठीक है? तो ये हो गया इसका ट्रीटमेंट।

20:16नेक्स्ट है ट्रीटमेंट ऑफ एंट्रेंस फीस या

20:19फिर एडमिशन फीस। देखो मेरे प्यारे बच्चों

20:23जब भी आप किसी भी एनपीओ का पार्ट बनते हो

20:27तो वहां पर कुछ एडमिशन चार्जेस होते हैं।

20:30वहां पर कुछ एंट्रेंस फीस होती है। अगर ये

20:33एंट्रेंस फीस आप रेवेन्यू रिसीप्ट मान रहे

20:36हो। अगर आपसे क्वेश्चन में साफ-साफ मेंशन

20:38है कि इस एंट्रेंस फीस को आप रेवेन्यू

20:41रिसीप्ट मान रहे हो तो बेटा कहां जाएगा?

20:44वो जाएगा इनकम एंड एक्सपेंडिचर के क्रेडिट

20:46साइड में। और अगर आपसे क्वेश्चन में कह

20:49रहा है कि कैपिटल रिसीप्ट मान रहा है,

20:51कैपिटल रिसीव मान रहा है तो बेटा कहां

20:53जाएगा? इनकम एंड एक्सपेंडिचर में नहीं

20:55जाएगा। बैलेंस शीट में जाएगा कैपिटल फंड

20:58के अंदर। बैलेंस शीट का पार्ट बनेगा

21:01कैपिटल फंड के अंदर। ठीक है? तो अभी मैंने

21:04आपको सब्सक्रिप्शन, लाइफ मेंबरशिप फीस,

21:07एंट्रेंस फीस, एडमिशन फीस इसके बारे में

21:09आपको मैंने बताया। आगे चलते हैं।

21:13ट्रीटमेंट ऑफ डोनेशन और लेगसी। देखो मेरे

21:16प्यारे बच्चों, डोनेशन दो तरह की होती है।

21:19एक होती है जनरल डोनेशन और एक होती है

21:21स्पेसिफिक डोनेशन। जर्नल डोनेशन का मतलब

21:24होता है जहां पर सिर्फ लिखा हुआ है

21:26डोनेशन। किसी ने आपको डोनेशन दी। किस लिए

21:30दी है? किस पर्पस के लिए दी है? यह मेंशन

21:33नहीं है। तो ऐसे को हम बोलते हैं जनरल

21:35डोनेशन। इसका ट्रीटमेंट क्या होता है? यह

21:38आपके इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट में

21:40जाती है एज अ रेवेन्यू रिसीव्ड। लेकिन अगर

21:43कोई स्पेसिफिक डोनेशन है साफ-साफ मेंशन है

21:46टूर्नामेंट के लिए पैसा मिला है आपको या

21:49स्पोर्ट्स के लिए फंड मिला है आपको या

21:51प्राइस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए आपको मिला

21:53है तो बेटा वो स्पेसिफिक डोनेशन है वो

21:56इनकम एंड एक्सपेंडिचर में नहीं जाएगी वो

21:58आपकी बैलेंस शीट में जाएगी और जो आपका वो

22:00फंड है ना उस फंड के अंदर आ जाएगा उसके

22:04बाद होता है लेगसी लेगसी का मतलब क्या

22:06होता है लेगसी का मतलब होता है कि किसी

22:09इंसान के मरने के बाद उसके द्वारा बनाया

22:12गया जो साम्राज्य था वह हमें मिल जाएगा।

22:15कहते हैं ना कि यार उसके मरने के बाद जो

22:18भी उसकी प्रॉपर्टी वगैरह है वह सब इनको

22:20दान कर देना इनको डोनेट कर देना। उसको

22:22बोलते हैं लेगसी। तो अगर लेगसी भी आपकी

22:25जनरल है तो आप उसको रेवेन्यू रिसीप्ट में

22:28अकाउंट करेंगे और स्पेसिफिक है तो आप उसको

22:31बैलेंस शीट में काउंट करेंगे। बट क्वेश्चन

22:32मेंशन होगा। बट ये जो लेगसी है ये जो

22:36लेगसी है आप इसको एक्सपेक्ट नहीं करोगे ये

22:38बार-बार मिलता रहेगा। इसलिए मोस्टली केस

22:41में हम इसको बैलेंस शीट की तरह ही ट्रीट

22:43करेंगे। ठीक है?

22:46चलो

22:49डोनेशन हो गया। यस सर। उसके बाद कुछ

22:52छोटे-छोटे टर्म्स हैं। कुछ छोटे-छोटे

22:54आइटम्स हैं। जैसे कि सेल ऑफ ओल्ड

22:56न्यूज़पेपर एंड पीरियडिकल्स। ये आपका इनकम

23:00एंड एक्सपेंडिचर में भी जाएगा और ये आपका

23:02रिसीप्ट एंड पेमेंट में भी जाएगा। आपके

23:04पास कुछ ओल्ड न्यूज़पेपर्स थे। कुछ

23:06पीरियडिकल्स थे। उसको आपने बेच दिया।

23:09बेचकर पैसा आया। इसको आप कहां डालोगे

23:11बेटा? इनकम एंड एक्सपेंडिचर के क्रेडिट

23:13साइड में। और रिसीप्ट एंड पेमेंट के डेबिट

23:15साइड में। क्योंकि ये आपकी रेवेन्यू

23:17रिसीप्ट है। ठीक है? यस सर। उसके बाद है

23:21सेल ऑफ ओल्ड फिक्स्ड एसेट्स। आपने किसी

23:24फिक्स्ड एसेट्स को अगर खरीदा या आपने किसी

23:27फिक्स्ड एसेट्स को बेचा इस पर जो भी आपके

23:30पास पैसा आ रहा है या पैसा जा रहा है इसको

23:34आप बैलेंस शीट में शो करोगे और रिसीप्ट

23:37एंड पेमेंट में शो करोगे इनकम एंड

23:39एक्सपेंडिचर में शो नहीं करोगे लेकिन अगर

23:43आपने कोई एसेट्स बेची है बेचने पर आपको

23:46फायदा हुआ है या बेचने पर आपको घाटा हुआ

23:49है वो फायदा या वो घाटा इनकम एंड

23:52एक्सपेंडिचर का पार्ट बनेगा। ठीक है बेटा?

23:56यस सर।

24:01उसके बाद है बेटा अगेन ट्रीटमेंट ऑफ फ्रॉम

24:04गवर्नमेंट एंड अदर इंस्टीट्यूशन। मान

24:06लीजिए गवर्नमेंट से हमें कोई सहायता मिल

24:09रही है। गवर्नमेंट से हमें कोई सहायता मिल

24:11रही है तो सेम है। अगर वह जनरल है तो वह

24:14इनकम एंड एक्सपेंडिचर में जाएगा। अगर वह

24:16स्पेशल है तो वह आपका बैलेंस शीट में

24:18कैपिटल फंड का पार्ट बनेगा। ठीक है?

24:23चलो

Accounting for Consumable Items

24:25उसके बाद आपसे कह रहा है ट्रीटमेंट ऑफ

24:28कंज्यूमबल आइटम्स कंज्यूम ड्यूरिंग ईयर।

24:31अब सर इसका मतलब क्या होता है? कंज्यूमेबल

24:33आइटम्स। कुछ हमारे एनपीओ में ऐसे आइटम्स

24:37होते हैं जिसको हम यूज़ करते हैं जिसको हम

24:39इस्तेमाल करते हैं जिसको हम कंज्यूम करते

24:41हैं। तो जैसे कि आपका स्टेशनरी का सामान

24:44हो गया, स्पोर्ट्स का मटेरियल हो गया,

24:47मेडिसिन हो गया। तो हमें ना उसका बैलेंस

24:49निकालना पड़ता है। हमें उसका बैलेंस

24:51निकालना पड़ता है कि साल की शुरुआत में

24:54कितना था। परचेस हमने कितना और किया। यूज़

24:57हमारा कितना हुआ? साल के लास्ट में उसका

24:59क्या बैलेंस बचा? तो उसका ट्रीटमेंट क्या

25:01होता है? प्रिपेयर स्टॉक स्टॉक अकाउंट फॉर

25:05ईच कंज्यूमर आइटम एंड कंप्यूट अमाउंट ऑफ

25:07कंज्यूमर कंज्यूम्ड ड्यूरिंग ईयर एंड

25:09ट्रांसफर टू डीआर ऑफ इनकम एंड एक्सपेंडिचर

25:12अकाउंट। हम स्टॉक अकाउंट बनाते हैं और यह

25:15पता करते हैं कि इस साल हमने कितना

25:17कंज्यूम किया है और वो अमाउंट कहां जाता

25:20है इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट में। अगर

25:23आपका मिसिंग है बेटा क्रेडिट परचेस अगर

25:27आपके क्वेश्चन में क्रेडिट परचेस मिसिंग

25:29है तो आप क्रेडिटर अकाउंट बनाते हो ताकि

25:32आपको मालूम पड़े कि इस साल आपने कितना

25:34सामान खरीदा था। ठीक है? अभी हो सकता है

25:38आपको थोड़ा बहुत आ रहा हो। बट जैसे-जैसे

25:40आप आगे बढ़ेंगे ना

25:41[गला साफ़ करने की आवाज़] वैसे-वैसे आपको

25:43और क्लियर हो जाएगा अच्छे से क्योंकि हम

25:45इसके क्वेश्चंस भी करेंगे। ठीक है?

25:49चलिए

25:51उसके बाद है ट्रीटमेंट ऑफ प्रॉफिट एंड लॉस

25:54फ्रॉम ट्रेडिंग एक्टिविटी। मेरे प्यारे

25:57बच्चों अगर मेरा कोई एनपीओ है, अगर मेरा

26:02कोई नॉट फॉर प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है।

26:04लेकिन अलग से मेरा कोई ऐसा बिजनेस भी है

26:07जो मेरा ट्रेडिंग एक्टिविटी से रिलेट करता

26:10है। जैसे जैसे रेस्टोरेंट बार रन बाय

26:14क्लब। मेरा कोई क्लब है। मेरा कोई क्लब

26:17है। लेकिन मैं रेस्टोरेंट भी चला रहा हूं।

26:21तो बेटा रेस्टोरेंट मेरा ट्रेडिंग

26:22एक्टिविटीज में आ गया। केमिस्ट शॉप बाय

26:26हॉस्पिटल। हॉस्पिटल क्या है बेटा?

26:28हॉस्पिटल आपका नॉट फॉर प्रॉफिट

26:30ऑर्गेनाइजेशन है। लेकिन अगर वो केमिस्ट की

26:33शॉप चला रहे हैं तो केमिस्ट की शॉप में

26:35आपकी ट्रेडिंग एक्टिविटी आ गई। बुक शॉप

26:38बाय लाइब्रेरी। मेरी लाइब्रेरी क्या है?

26:39नॉट फॉर प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है। लेकिन

26:42अगर मैं बुक शॉप भी ओपन कर रखा हूं तो बुक

26:44शॉपिंग मेरी क्या है? ट्रेडिंग एक्टिविटी।

26:46अब हम क्या करेंगे बेटा? हम एक सेपरेट

26:50ट्रेडिंग अकाउंट बनाएंगे ताकि हम पता कर

26:52सकें कि कितना प्रॉफिट हुआ और कितना लॉस

26:56हुआ और फिर उस प्रॉफिट को और लॉस को इनकम

26:59एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट में पहुंचाएंगे।

27:02दोबारा समझो अगर मेरा कोई नॉट फॉर प्रॉफिट

27:04ऑर्गेनाइजेशन है और मेरा अलग से कोई ऐसा

27:07काम भी है जो ट्रेडिंग एक्टिविटीज का

27:09पार्ट है जिसके आपको यहां पर एग्जांपल्स

27:11दे रखे हैं अच्छे-अच्छे। तो पहले मैं इसका

27:13प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बनाऊंगा सेपरेट।

27:16वहां पता करूंगा प्रॉफिट हुआ या लॉस हुआ।

27:19उसके बाद मैं उस प्रॉफिट को या लॉस को

27:21ट्रांसफर कर दूंगा इनकम एंड एक्सपेंडिचर

27:23अकाउंट में। ठीक है?

27:27चलिए अब यहां पर एक प्यारा सा क्वेश्चन दे

27:30रखा है। ट्रीटमेंट ऑफ सब्सक्रिप्शन। आपको

27:34बताना है कैलकुलेट द अमाउंट ऑफ

27:36सब्सक्रिप्शन टू बी क्रेडिटेड टू द इनकम

27:38एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट। आपको बताना है

27:41इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट में कितना

27:43पैसा जाएगा? देखो मेरे प्यारे बच्चों।

27:46आपसे कह रहा है

27:49सब्सक्रिप्शन

27:52रिसीव्ड इन एडवांस

27:57आपसे कह रहा है सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड इन

28:00एडवांस

28:02₹150000

28:04सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड इन एडवांस ₹150000

28:08अब आपसे कह रहा है आउटस्टैंडिंग

28:10सब्सक्रिप्शन साल की शुरुआत का

28:12आउटस्टैंडिंग है 5000 और साल के लास्ट

28:15लास्ट का आउटस्टैंडिंग है 8000 साल की

28:17शुरुआत का माइनस क्योंकि वो पिछली साल का

28:19है और साल के लास्ट का प्लस क्योंकि वो

28:21इसी साल का है तो

28:24ऐड सॉरी

28:28क्लोजिंग

28:32आउटस्टैंडिंग

28:34और लेस

28:37ओपनिंग

28:42आउटस्टैंडिंग।

28:44तो अब मेरे प्यारे बच्चों क्लोजिंग कितना

28:46था बेटा 8000

28:49और ओपनिंग कितना था 5000

28:55तो ये आपका हो गया ₹150000 158000 153000

29:02ठीक अब आपसे कह रहा है सब्सक्रिप्शन

29:05रिसीव्ड इन एडवांस ओपनिंग और क्लोजिंग जो

29:08साल की शुरुआत में मेरे पास सब्सक्रिप्शन

29:10एडवांस में आया उसको मैं प्लस करूंगा और

29:12जो साल के लास्ट में आया है उसको मैं क्या

29:14करूंगा माइनस करूंगा तो ऐड

29:19ओपनिंग

29:23सब्सक्रिप्शन

29:25वि इज़ 3000

29:29और लेस

29:31क्लोजिंग सब्सक्रिप्शन

29:33व्हिच इज़ 2000

29:36तो ये आ जाएगा बेटा ₹154000

29:40ये एक्चुअल अमाउंट आ गया ₹154000 ये

29:43अमाउंट ₹154000

29:45ये मैं डालूंगा इनकम एंड एक्सपेंडिचर

29:47अकाउंट के क्रेडिट साइड में। ये अमाउंट

29:49आएगा बेटा आपका इनकम एंड एक्सपेंडिचर

29:51अकाउंट के क्रेडिट साइड में। ठीक है?

29:55चलो भाई

29:57आगे देखते हैं कुछ और।

29:59यहां पर देखो आपसे कह रहा है ट्रीटमेंट ऑफ

30:01लाइफ मेंबरशिप फीस। एबीसी कल्चरल क्लब को

30:05₹400 मिले हैं लाइफ मेंबरशिप फीस के। कहां

30:08जाएंगे बेटा? बैलेंस शीट में जाएंगे। कहां

30:10जाएंगे? बैलेंस शीट में जाएंगे। ठीक है?

30:13लायबिलिटी साइड में बैलेंस शीट में

30:15जाएंगे। उसके बाद देखो ट्रीटमेंट ऑफ

30:18एंट्रेंस फीस। अगर आपने एंट्रेंस फीस को

30:21रेवेन्यू रिसीप्ट माना है कहां जाएगा?

30:23इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट में। और अगर

30:26आपने एंट्रेंस फीस को क्या माना है बेटा?

30:28कैपिटल रिसीव माना है तो क्या जाएगा?

30:30बैलेंस शीट में कैपिटल फंड में ऐड हो

30:32जाएगा। बैलेंस शीट में कैपिटल फंड में ऐड

30:35हो जाएगा। ठीक है बच्चा? चलो यहां से

30:39स्टार्ट करते हैं। यहां पर आपसे कह रहा है

30:41ट्रीटमेंट ऑफ कंज्यूमबल्स।

30:45ट्रीटमेंट ऑफ कंज्यूमबल ऐसे आइटम्स जो

30:48आपने इस महीने यानी कि इस साल में आपने

30:51कितना गुड्स कंज्यूम किया? कंज्यूम करने

30:54वाली चीजें आपने कितना कंज्यूम करी उसे

30:56कैसे निकालते हैं? देखो यहां पर आपको

30:58स्पोर्ट्स मटेरियल दे रखा है। स्पोर्ट्स

31:00मटेरियल भी आप यूज़ करते हो। ओपनिंग स्टॉक

31:04था 5000 का। परचेस किया आपने 25,000 का।

31:08तो बेटा ओपनिंग स्टॉक और परचेस दोनों को

31:10अगर आप जोड़ोगे तो 3,000 हो जाएगा और

31:13क्लोजिंग स्टॉक सिर्फ 7,000 का बचा। 3,000

31:16में से 7,000 माइनस करोगे तो 23,000 यानी

31:19इस साल आपने कितना कंज्यूम किया? 23,000

31:22तो ये कहां जाएगा बेटा? इनकम एंड

31:24एक्सपेंडिचर अकाउंट के डेबिट साइड में

31:27इसका पार्ट करेगा। डेबिट साइड में ये

31:29ट्रांसफर होगा। ठीक है?

31:31चलिए और देखते हैं। ट्रीटमेंट ऑफ प्रॉफिट

31:35एंड लॉस फ्रॉम ट्रेडिंग एक्टिविटी। यह

31:36मैंने आपको बताया था कि अगर हमारी नॉन

31:38प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है बट हमारी उसके

31:41साथ कुछ अदर एक्टिविटी ऐसी हैं जो

31:43ट्रेडिंग का पार्ट बन सकती हैं। ट्रेडिंग

31:45का पार्ट बनती हैं तो वहां कैसे करेंगे?

31:48तो देखो यहां पर आपको सेल्स गिवन है वि इज

31:5180000

31:52परचेस गिवन है वि इज 50000 वेजेस गिवन है

31:56व्हिच इज 10 और रेंट गिवन है व्हिच इज

32:005000 तो हमें क्या करना है बेटा 50 + 60 +

32:0465 तीनों को जोड़ दिया 65 में से 80 माइनस

32:07करेंगे तो कितना आएगा 15000 यानी 15000 का

32:11हमें यहां पर क्या हो रहा है प्रॉफिट हो

32:13रहा है तो ये 15000 का प्रॉफिट कहां जाएगा

32:16इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट अकाउंट के

32:18क्रेडिट साइड में ये 15,000 का प्रॉफिट

32:20कहां जाएगा बेटा? इनकम एंड एक्सपेंडिचर

32:23अकाउंट के क्रेडिट साइड का पार्ट बनेगा।

32:26ठीक है? यस सर।

Transparency and Financial Controls

32:28तो चलिए ये सारी बातें थी जो मैंने आपको

32:31बताई। अब हम समझते हैं कि हम कौन-कौन से

32:35अकाउंट्स बनाते हैं और उसका ट्रीटमेंट

32:37कैसे करते हैं। नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन

32:41आर जनरली नॉट इंगेज्ड इन ट्रेडिंग और

32:44कमर्शियल एक्टिविटी। देयर प्राइमरी

32:46सोर्सेस ऑफ इनकम इंक्लूड मेंबर

32:49सब्सक्रिप्शन, डोनेशन, गवर्नमेंट

32:51ग्रांट्स, फाइनेंसियल असिस्टेंस एंड इनकम

32:54जनरेशन फ्रॉम इन्वेस्टमेंट। जो आपकी नॉन

32:56प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन होती है बेटा वो

32:59बेसिकली इंगेज नहीं होती है ऐसी एक्टिविटी

33:02में जो आपकी कमर्शियल एक्टिविटी हो। ऐसी

33:05एक्टिविटी में जो आपकी ट्रेडिंग एक्टिविटी

33:07हो। ठीक है ना? इनका जो प्राइमरी सोर्स ऑफ़

33:09इनकम है, यह मैंने आपको बहुत बार बताया

33:11है। मेंबर्स का सब्सक्रिप्शन, डोनेशन,

33:13गवर्नमेंट की ग्रांट्स, कहीं से

33:15फाइनेंसियल असिस्टेंस, हमने जो

33:17इन्वेस्टमेंट कर रखा है, वहां से इनकम ये

33:19सारे जरिया होता है। एज मोस्ट ऑफ देयर

33:22ट्रांजैक्शन आर कंडक्टेड इन कैश और थ्रू

33:25बैंक्स, दीज़ ऑर्गेनाइजेशन आर लीगली

33:27रिक्वायर्ड टू मेंटेन प्रॉपर अकाउंटिंग

33:30रिकॉर्ड्स टू एनश्योर ट्रांसपेरेंसी एंड

33:33इफेक्टिव कंट्रोल ओवर द यूटिलाइजेशन ऑफ़

33:35फंड्स। कभी-कभी इनके पास जो ज्यादातर पैसा

33:40आ रहा है वह बैंक के थ्रू आ रहा है। तो

33:43भाई साहब कुछ पैसा गवर्नमेंट की तरफ से भी

33:46मिलता है। तो इनको अपने रिकॉर्ड्स को

33:49प्रॉपर मेंटेन करना पड़ता है ताकि मालूम

33:52पड़े कि इनके पास जो फंड्स आ रहा है, इनके

33:54पास जो पैसा आ रहा है, वो कहां-कहां खर्च

33:57हुआ है।

33:59टिपिकली दे मेंटेन अ कैश बुक टू

34:02सिस्टमेटिकली रिकॉर्ड ऑल रिसीप्ट्स एंड

34:04पेमेंट अलोंग विद द लेजर दैट कंटेन अकाउंट

34:07फॉर ऑल इनकम एक्सपेंस एंड लायबिलिटी और

34:10इसको हम कुछ अलग तरीके से रिकॉर्ड करते

34:13हैं। इस तरीके से यहां

34:17इस तरीके से जो यहां पर फाइनेंशियल

34:20स्टेटमेंट होते हैं बेटा वो तीन होते हैं।

34:22पहला है रिसीप्ट्स एंड पेमेंट अकाउंट।

34:24दूसरा है इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट।

34:27तीसरा है बैलेंस शीट। ये तीन अकाउंट बनाते

34:30हैं बेटा। पहला रिसीप्ट एंड पेमेंट

34:33अकाउंट। दूसरा इनकम एंड एक्सपेंडिचर

34:36अकाउंट। तीसरा बैलेंस शीट। ये लोग क्या

34:38बनाते हैं बेटा? तीन अकाउंट बनाते हैं।

34:40रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट, इनकम एंड

34:42एक्सपेंडिचर अकाउंट और बैलेंस शीट। ठीक

34:45है? अब रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट कैसे

34:48बनता है मेरे प्यारे बच्चों? रिसीप्ट एंड

34:50पेमेंट अकाउंट बिल्कुल कैश बुक की तरह है।

34:53जितना भी पैसा आ रहा है वो डेबिट साइड में

34:56और जितना भी पैसा जा रहा है वो क्रेडिट

34:58साइड में। फर्क नहीं पड़ता कौन से ईयर का

35:01पैसा है। फर्क नहीं पड़ता कौन से साल का

35:03पैसा है या फर्क नहीं पड़ता कौन सा खर्चा

35:06है। सब आ जाता है। इनकम एंड एक्सपेंडिचर

35:09अकाउंट भी मैं आपको थोड़ा सा समझा चुका

35:11हूं। बैलेंस शीट भी आपको ओवरऑल आती है। बट

35:14यह आपको अच्छे से जब आएगी जब हम इसके

35:16अच्छे क्वेश्चंस की प्रैक्टिस करेंगे। ठीक

35:18है?

35:20तो देखो रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट द

35:24रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट इज प्रिपयर्ड

35:26एट द एंड ऑफ द अकाउंटिंग ईयर बेस्ड ऑन द

35:30कैश रिसीप्ट एंड कैश पेमेंट रिकॉर्डेड इन

35:33द कैश बुक। रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट

35:35कैसे बनता है? जो भी हमारे पास पैसा आता

35:37है साल के एंड में उसके हिसाब से बनता है।

35:39जो भी हमारी कैश रिसीप्ट है, जो भी हमारा

35:42कैश पेमेंट है उसके हिसाब से बनता है। इट

35:46सर्व एज अ समरी ऑफ ऑल कैश एंड बैंक

35:49ट्रांजैक्शन। कौन-कौन से ऐसे ट्रांजैक्शंस

35:51हैं जो कैश में हो रहे हैं? कौन-कौन से

35:54ऐसे ट्रांजैक्शंस हैं जो बैंक के थ्रू हो

35:56रहे हैं? वह सारी चीजें इसमें आती हैं।

35:58फॉर एग्जांपल सब्सक्रिप्शन रिसीप्ट फ्रॉम

36:01मेंबर्स ऑन वेरियस डेट्स रिकॉर्डेड

36:04इंडिविजुअली ऑन द डेबिट साइड ऑफ कैश बुक

36:07आर प्रेजेंटेड इन टोटल ऑन द रिसीप्ट साइड

36:10ऑफ दिस अकाउंट। कैश बुक में आपने मेंटेन

36:12किया। टोटल कहां आ गया? रिसीप्ट एंड

36:15पेमेंट अकाउंट में। ठीक है?

36:18यह यहां से आपका जरूरी है क्योंकि कभी-कभी

36:21आपसे क्वेश्चन में पूछ सकता है कि रिसीप्ट

36:25एंड पेमेंट अकाउंट क्या होता है? इसके

36:27फीचर्स क्या होते हैं? तो अगर आपको इसके

36:28फीचर्स मालूम है तो आप इसकी डेफिनेशन

36:31ईजीली बना सकते हो। इट इज एन अकाउंट व्हिच

36:35कंटेन ऑल कैश एंड बैंक ट्रांजैक्शन मेड

36:39बाय अ नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन ड्यूरिंग

36:41अ पर्टिकुलर फाइनेंशियल पीरियड। यह वह

36:44अकाउंट है जो कैश और बैंक दोनों के

36:48ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड करता है और यह एक नॉन

36:51प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन द्वारा बनाया जाता

36:53है। यह स्टार्ट होता है ओपनिंग बैलेंस से

36:56और खत्म होता है क्लोजिंग बैलेंस से।

36:58ओपनिंग बैलेंस आपको मालूम ही है। ओपनिंग

37:00बैलेंस अगर कैश का ओपनिंग बैलेंस बेटा

37:03हमेशा डेबिट बैलेंस होगा। बैंक का ओपनिंग

37:05बैलेंस कुछ भी हो सकता है, डेबिट भी हो

37:07सकता है, क्रेडिट भी हो सकता है। सारा जो

37:10कैश पेमेंट है, फर्क नहीं पड़ता कि वो

37:13कैपिटल है या रेवेन्यू है। वो कहां जाता

37:16है बेटा? इसके क्रेडिट साइड में जाता है।

37:18और सारा जो रिसीप्ट है वो कहां आता है?

37:21डेबिट साइड में आता है। ये एक तरीके की

37:24समरी है कैश बुक की और यह रियल अकाउंट को

37:28फॉलो करती है। यानी कि रिसीप्ट एंड पेमेंट

37:30अकाउंट एक रियल अकाउंट आप कह सकते हो। ठीक

37:32है?

37:37तो देखो समरी क्या है? अकाउंट क्या है?

37:39इसको आप एसेट्स अकाउंट बोल सकते हो। रियल

37:41अकाउंट बोल सकते हो। डेबिट व्हाट कम्स इन

37:43क्रेडिट व्हाट गोज़ आउट। और ये

37:44प्यारे-प्यारे इसके फीचर्स हैं। तो चलिए

37:47बेटा जी आपके सामने इसका फॉर्मेट दे रखा

37:50है। फॉर्मेट में आपको कंफ्यूज होने की कोई

37:53जरूरत नहीं है। आपको बस ये देखना है

37:55कौन-कौन सा पैसा मेरे पास आ रहा है और

37:58कौन-कौन सा पैसा मेरे पास जा रहा है। पैसा

38:00आ रहा है डेबिट साइड में। पैसा जा रहा है

38:03क्रेडिट साइड में। बस शुरुआत होगी बैलेंस

38:06से एंड भी होगा बैलेंस पर। तो देखो यहां

38:10पर आपके बुक का

38:12एक प्यारा सा क्वेश्चन दिया हुआ है जिसको

38:15हम करेंगे आप लोगों के साथ।

38:18चलो तो पहले मैं फॉर्मेट बना लेता हूं

38:21यहां पर।

39:09चलो तो यह आपकी रिसीप्ट साइड है और यह

39:13आपकी पेमेंट साइड है और यह आपका अमाउंट

39:20और यह आपका अमाउंट।

39:28चलो भाई

39:32तो देखो सबसे पहले ये आपके सामने क्वेश्चन

39:35है। यहां पर आपको देखना है ओपनिंग बैलेंस

39:38कहां है? सबसे पहले आपको देखना है ओपनिंग

39:40बैलेंस। द रिसीप्ट एंड पेमेंट फॉर द डीपी

39:43क्लब फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च 2024। यहां

39:48पर आपको एंट्रेंस फीस दे रखी है। मेंबरशिप

39:51फीस दे रखी है। डोनेशन दे रखा है। फ़ूड

39:53स्टफ सेल्स दे रखा है। सैलरी एंड वेजेस,

39:56परचेस ऑफ फ़ूड स्टफ, कंस्ट्रक्शन ऑफ क्लब

39:58पवेलियन, जनरल एक्सपेंसेस, रेंट एंड

40:01टैक्सेस, बैंक चार्जेस, कैश इन हैंड। कैश

40:04इन हैंड शुरुआत का दे रखा है ₹200 और

40:08लास्ट का दे रखा है 350। अच्छा दोनों दे

40:10रखा है। ठीक है? तो यहां पर आ गया टू

40:15बैलेंस

40:17बीडी ब्रैकेट में कैश इन हैंड

40:24₹200।

40:28ठीक है? और यहां पर आप लास्ट में लिख सकते

40:31हैं बाय बैलेंस सीडी ब्रैकेट में

40:37कैश इन हैंड।

40:40300

40:4350

40:48उसी के साथ आपसे कह रहा है कैश इन बैंक 1

40:51अप्रैल को 400 तो यह भी आपका डेबिट साइड

40:54में टू बैलेंस बीडी

41:00कैश इन हैंड

41:04400

41:06और

41:09590

41:12बाय

41:14बैलेंस सीडी

41:16कैश एट बैंक

41:20590

41:22अक्सर क्वेश्चन में ऐसा होता है कि आपको

41:25ओपनिंग बैलेंस दिया होता है। क्लोजिंग

41:26बैलेंस आप लास्ट में क्वेश्चन को सॉल्व

41:28करके निकालते हो। बट यहां पर दिया हुआ है

41:31तो अच्छी बात है। अब हम देखते हैं बेटा

41:33सबसे पहले देखो एंट्रेंस फीस मिली हमें

41:37डेबिट साइड में जाएगा। मेंबरशिप फीस पैसा

41:40आया डेबिट साइड में जाएगा। डोनेशन आया

41:42डेबिट साइड में जाएगा। हमने फ़ूड स्टफ

41:45सेल्स किया डेबिट साइड में आएगा। यहां तक

41:47चीजें डेबिट साइड में आएंगी। तो टू

41:52एंट्रेंस

41:55पीस

41:57टू

42:00मेंबरशिप

42:01फीस

42:03टू

42:05डोनेशन

42:11तो एंट्रेंस फीस 300 मेंबरशिप फीस 3000

42:19उसके बाद डोनेशन 10,000

42:26उसके बाद फूड स्टफ ऑफ़ सेल्स 1200 तो टू

42:32फूड

42:36स्टफ

42:39सेल्स

42:411200

42:44टू फूड स्टफ सेल्स 1200। अब यहां से सैलरी

42:47एंड वेजेस पेमेंट है। परचेस ऑफ फूड स्टफ

42:50भी आपका पेमेंट है। कंस्ट्रक्शन ऑफ क्लब

42:52पवेलियन भी आपका पेमेंट है। जनरल

42:54एक्सपेंस, रेंट एंड टैक्सेस, बैंक चार्जेस

42:57ये सब आपका क्रेडिट साइड में आएगा। तो बाय

43:00सैलरी एंड वेजेस

43:05बाय

43:10सैलरी एंड वेजेस 1200

43:14बाय सैलरी एंड वेजेस 1200 परचेस ऑफ फ़ूड

43:18स्टफ बाय

43:21परचेस ऑफ

43:25फ़ूड स्टफ

43:28800 100

43:32उसके बाद कंस्ट्रक्शन ऑफ क्लब पवेलियन बाय

43:36कंस्ट्रक्शन

43:4211000

43:47उसके बाद जनरल एक्सपेंसेस 600

43:51बाय

43:53जनरल एक्सपेंसेस

43:55600

44:01ठीक है। उसके बाद

44:04रेंट एंड टैक्सेस 400

44:16400

44:19बैंक चार्जेस 160

44:24बाय बैंक चार्जेस

44:28160

44:31ठीक है। ओवरऑल हो गया। अब हम जरा टोटलिंग

44:34कर लेते हैं। ठीक है? कितना क्या आ रहा

44:36है, कैसे आ रहा है।

44:38तो

44:41सबसे पहले यहां 200 + 400

44:45+ 300 + 3000 + 10000

44:50+ 1200 तो यह आ रहा है 1500

44:56इधर का देखते हैं।

44:591200 + 800 + 11000

45:03+ 600 + 400 + 160 + 350

45:11+ 590 तो ये भी आ रहा है 1500 यानी हमारा

45:16क्वेश्चन पूरा सही है

45:20और आपको आई थिंक समझ में भी आ गया होगा।

45:23समझ में भी थोड़ा आपको आया होगा अच्छे से

45:25कि कैसे हमने यहां पर क्या किया है। ठीक

45:27है? चलो, तो यह था हमारा रिसीप्ट एंड

45:30पेमेंट अकाउंट। अब बारी आती है हमारी इनकम

45:32एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट की। मैंने आपको

45:34बताया था थोड़ी देर पहले। पहले भी मैंने

45:36आपको बताया था कि इनकम एंड एक्सपेंडिचर

45:39अकाउंट एकदम आपका प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट

45:41की तरह है। नॉमिनल अकाउंट है बेटा। डेबिट

45:44ऑल एक्सपेंसेस एंड लॉसेस, क्रेडिट ऑल इनकम

45:47एंड गेन होता है यहां पर। और उसके साथ-साथ

45:49बेटा यह जो आपका इनकम एंड एक्सपेंडिचर

45:52अकाउंट होता है इसमें सिर्फ और सिर्फ

45:53रेवेन्यू एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू रिसीप्ट

45:55ही इसका पार्ट बनती है। और इसमें सिर्फ

45:58इसी साल के खर्चे आते हैं। जो इस साल से

46:01रिलेट कर रहे हैं जो इस साल के हैं वही

46:03आते हैं। आने वाली साल के नहीं आते। तो

46:05देखिए बेटा एक बार समझते हैं। द इनकम एंड

46:09एक्सपेंडिचर अकाउंट एक अ समरी ऑफ ऑल

46:13रेवेन्यू इनकम एंड एक्सपेंडिचर फॉर द

46:15अकाउंटिंग ईयर प्रिपयर्ड ऑन द एक्रूरल

46:18बेसिस ऑफ अकाउंटिंग। अब ये एक्रूरल बेसिस

46:21क्या होता है? एक्रूरल बेसिस का मतलब होता

46:24है कोई ऐसा खर्चा जो कैश में हुआ नहीं

46:26लेकिन होना था। कोई ऐसा पेमेंट जो गया

46:29नहीं लेकिन जाना था। तब भी आप उसको

46:31रिकॉर्ड करोगे। यह एकदम सिमिलर फॉर्म ऑफ

46:34पर्पस है प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट की तरह।

46:36जैसे कि हमारा बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन

46:38प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बनाते हैं। नॉन

46:40प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन अपना इनकम एंड

46:42एक्सपेंडिचर अकाउंट बनाते हैं। ठीक है?

46:44इसमें सिर्फ रेवेन्यू आइटम्स आते हैं बेटा

46:47वो भी करंट पीरियड के। रेवेन्यू

46:49एक्सपेंडिचर आते हैं। रेवेन्यू इनकम आती

46:51है। वो भी करंट पीरियड के। ठीक है? अब

46:53बेटा अगर आपका यहां पर डेबिट साइड ज्यादा

46:56आ रहा है या क्रेडिट साइड ज्यादा आ रहा

46:58है। अगर हमारा क्रेडिट साइड ज्यादा आ रहा

47:01है बेटा या डेबिट साइड आ रहा है वो हमें

47:02देखना पड़ता है। डेबिट साइड होती है

47:04एक्सपेंडिचर की और क्रेडिट साइड होती है

47:05हमारी इनकम की। अगर क्रेडिट साइड यानी कि

47:07इनकम ज्यादा है तो हम बोलते हैं कि हमें

47:09सरप्लस हुआ उसको डेबिट साइड में डालते

47:11हैं। और हमारी डेबिट साइड ज्यादा है,

47:13एक्सपेंडिचर साइड ज्यादा है तो उसको बोलते

47:15हैं डेफिशिएट। उसको क्रेडिट साइड में

47:17डालते हैं। सरप्लस होता है तो बैलेंस शीट

47:19में कैपिटल फंड में सरप्लस को ऐड कर देते

47:22हैं और डेफिशिएट होता है तो बैलेंस शीट

47:24में कैपिटल फंड में डेफिशिएट को माइनस कर

47:27देते हैं। ठीक है?

47:30चलिए और क्या लिखा हुआ है इसके बारे में

47:31बेटा?

47:33द प्रिपरेशन ऑफ दिस अकाउंट रिक्वायर्स

47:36एडजस्टमेंट टू द फिगर इन द रिसीप्ट एंड

47:38पेमेंट अकाउंट इन कॉर्पोरेटिंग एडिशनल

47:40इनेशन। जैसे कि आउटस्टैंडिंग प्रीपेड

47:43एक्सपेंसेस, एक्रूड इनकम, नॉन कैश चार्जेस

47:46सारा वही है जो आप प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट

47:50में जिस तरीके से ट्रीटमेंट कर रहे थे,

47:52ठीक उसी की तरह है। अब कुछ फीचर्स जैसा कि

47:56मैंने आपको बताया था कि कुछ हो सकता है

47:58थ्योरी में आ जाए कि रिसीप्ट एंड पेमेंट

47:59अकाउंट क्या होता है? इनकम एंड

48:01एक्सपेंडिचर अकाउंट क्या होता है? तो

48:02थ्योरी भी आपको आनी चाहिए। सबसे पहले यह

48:04नॉमिनल अकाउंट को फॉलो करता है। ऑल

48:07एक्सपेंसेस ऑफ़ रेवेन्यू नेचर। इसमें खर्चे

48:09भी रेवेन्यू नेचर के आते हैं। इसमें

48:11रिसीप्ट भी रेवेन्यू नेचर की आती है। ठीक

48:13है? और उसके बाद इसमें सिर्फ करंट ईयर के

48:17इनकम और एक्सपेंसेस आते हैं। अगर पिछले

48:20साल का है या आने वाली साल का है तो उसको

48:22हटा दिया जाएगा बेटा। ठीक है?

48:26चलिए। अब यहां पर कुछ पॉइंटर्स आपको दे

48:30रखे हैं। अगर आपने कोई एसेट्स को सेल किया

48:33तो वो नहीं आएगा। लेकिन उस एसेट्स को

48:36बेचने पर अगर प्रॉफिट हुआ या लॉस हुआ वो

48:39आएगा। मेरे प्यारे बच्चों पूरे साल की जो

48:42एनुअल डेप्रिसिएशन है वो आएगी। अगर इनकम

48:45इज मोर देन एक्सपेंडिचर यानी कि क्रेडिट

48:47साइड ज्यादा है डेबिट साइड से तो हमें

48:49क्या होता है? सरप्लस जो कि फायदा है। और

48:51ये कहां जाता है बेटा? ये आपकी बैलेंस शीट

48:54में कैपिटल में या जनरल फंड में ऐड हो

48:56जाता है। अगर एक्सपेंडिचर ज्यादा है,

48:58डेबिट साइड ज्यादा है तो हमें घाटा होता

49:00है। उसे हम क्रेडिट साइड में शो करते हैं

49:02बाय डेफिशिएट और ये वहां पर माइनस हो जाता

49:04है। ठीक है? यस सर।

49:09चलो मेरे प्यारे बच्चों, अभी ये सारी चीज

49:13आपको ऐसे नहीं आएगी। जैसे-जैसे आप

49:15ट्रीटमेंट करेंगे वैसे-वैसे आपको समझ में

49:17आएगी। हालांकि देखो सैलरी एंड वेजेस पेड

49:21यह आपको मालूम है सैलरी एंड वेजेस पेड एक

49:23रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है। आपको बार-बार पे

49:25करना पड़ता है। उसके बाद ये ट्रीटमेंट है

49:28कि आउटस्टैंडिंग है या प्रीपेड है। रेंट

49:31रेट एंड टैक्सेस, इंश्योरेंस प्रीमियम,

49:34डेप्रिसिएशन, बुक्स एंड पीरियडिकल्स, ऑडिट

49:38फीस यहां पर सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड हुआ

49:41आपको। उसका ट्रीटमेंट मैं आपको बता चुका

49:43हूं। एंट्रेंस फीस अगर हम उसको रेवेन्यू

49:46मान रहे हैं। जर्नल डोनेशन लाइफ मेंबरशिप

49:49फीस अगर हम उसको रेवेन्यू मान रहे हैं।

49:52प्रॉफिट फ्रॉम एनुअल डिनर जो भी हमारा

49:54कंट्रीब्यूशन है एक्सपेंसेस के हिसाब से

49:56वो सारी चीज यहां पर आपकी आती है।

49:59प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी होनोरेियम किसी को

50:02आपने आपके लिए किसी ने कुछ करा उसको आपने

50:04पेमेंट करा। बैंक चार्जेस है। यह सभी वह

50:07खर्चे हैं जो आपके रेवेन्यू नेचर के हैं।

50:10ठीक है? तो चलिए

50:14इसके बाद आपको दे रखी है बैलेंस शीट जो कि

50:17आपके लिए बहुत जरूरी है। समझना बेटा। द

50:20बैलेंस शीट ऑफ अ नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन

50:22प्रेजेंट अ स्टेटमेंट ऑफ एसेट्स एंड

50:25लायबिलिटी ऑन अ स्पेसिफिक डेट। देखो

50:28बैलेंस शीट क्या होती है? कैसे होती है?

50:30वो तो आपको मालूम है। बट नॉन प्रॉफिट

50:32ऑर्गेनाइजेशन में बैलेंस शीट कैसे बनती

50:34है? उसे समझना है। यह जो बैलेंस शीट है,

50:37यह आपकी इनकम और एक्सपेंडिचर अकाउंट के

50:39बाद बनाई जाती है। जो आपका क्लोजिंग

50:42बैलेंस होता है एसेट्स का और लायबिलिटी

50:44का, वो अपडेट किया जाता है कैपिटल फंड के

50:46हिसाब से। ठीक है? यस सर। यह आपका

50:50परफॉर्मा है। देखो यह आपका परफॉर्मा दे

50:53रखा है। सबसे पहले है कैपिटल फंड। इस

50:57कैपिटल फंड में सबसे पहले इसका ओपनिंग

51:00बैलेंस। अब ओपनिंग बैलेंस में अगर आपको

51:02इनकम एंड एक्सपेंडिचर में फायदा हुआ तो

51:05इसमें ऐड हो जाएगा। घाटा हुआ तो लेस हो

51:08जाएगा। अगर आपकी कोई लाइफ मेंबरशिप फीस है

51:11या कोई आपकी एंट्रेंस फीस है या कोई

51:14स्पेशल फंड है लेकिन वो कैपिटलाइज माना

51:17हुआ है आपने कैपिटल नेचर का माना हुआ है

51:19तो उसमें क्या हो जाएगा बेटा? ऐड हो

51:21जाएगा। उसके बाद कोई ऐसा फंड है या कोई

51:24ऐसा अलग से आपने जैसे प्राइस फंड बनाया

51:27हुआ है। अब प्राइस फंड में जितने भी आपका

51:29पैसा आएगा वो यहां ऐड होता जाएगा और जो भी

51:33खर्चा होता जाएगा वो यहां लेस होता जाएगा।

51:36सेम यहां पर देखो बिल्डिंग फंड बिल्डिंग

51:38से रिलेटेड जो भी पैसा आएगा वो इस फंड में

51:41क्या हो जाएगा बेटा? ऐड होता जाएगा और जो

51:44भी पैसा जाएगा वो इस फंड में लेस होता

51:46जाएगा। लास्ट में जो बैलेंस है उसको हम

51:49ट्रांसफर करते हैं। ठीक है? उसके बाद

51:52सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड एडवांस आउटस्टैंडिंग

51:55एक्सपेंसेस खर यह तो आपको मालूम है

51:56ट्रीटमेंट कैसे करते हैं इसको अगर हम इधर

51:59की बात करें तो देखो यहां पर आपकी फिक्स्ड

52:01एसेट्स है बिल्डिंग है और डेप्रिसिएशन

52:04वगैरह फर्नीचर स्पोर्ट्स इक्विपमेंट

52:06इन्वेस्टमेंट प्राइस फंड बिल्डिंग फंड अगर

52:09आपने इन्वेस्टमेंट कर रखा है प्राइस फंड

52:11इन्वेस्टमेंट या बिल्डिंग फंड

52:12इन्वेस्टमेंट तो वो आपकी एसेट्स भी बन

52:14जाएगी मेरे प्यारे बच्चों

52:17चलो

52:19तो देखो आपको समझाने के लिए यहां पर एक

52:21प्यारा सा क्वेश्चन दे रखा है और इसको

52:24समझते हैं। यहां पर क्या कह रहा है। फ्रॉम

52:26द फॉलोइंग इंफॉर्मेशन ऑफ अ क्लब शो द

52:29अमाउंट ऑफ मैच एक्सपेंसेस एंड मैच फंड इन

52:33द एप्रोप्रियट फाइनेंसियल स्टेटमेंट ऑफ द

52:36क्लब। देखो यहां पर क्या दे रखा है? हमें

52:38मैच एक्सपेंसेस दे रखे हैं। हमें मैच फंड

52:42दे रखा है। हमें डोनेशन फॉर मैच फंड दे

52:45रखा है। और प्रोसीड्स फ्रॉम द सेल ऑफ द

52:48मैच टिकट दे रखा है। आपको यहां पर

52:50इंफॉर्मेशन दे रखी है कि कौन-कौन सी तरह

52:53से पैसा आया है और कैसे-कैसे आपका पैसा

52:56यहां पर जा रहा है। अब हम क्या कर अब यहां

52:58पर जो आप बैलेंस शीट बनाओगे ना बेटा तो

53:01यहां पर जो आप अरे क्या ये क्या खुल गया

53:03भाई? ये कहां पहुंच गई अपने आप? यह यहां

53:07पर बेटा आप जब बनाओगे ना तो देखो कैसे

53:09बनाओगे? सबसे पहले आप बनाएंगे बैलेंस शीट।

53:11ठीक है? अब समझना मेरी बात को।

53:21चलिए।

53:36बैलेंस शीट

53:39देखो बेटा सबसे पहले आप ये चेक करो क्या

53:42आपको मैच फंड दिया हुआ है ये आपकी

53:45लायबिलिटी साइड है

53:48अमाउंट

53:51एसेट्स

53:55अमाउंट

54:00जब भी किसी फंड के बारे में बात करी जाए,

54:03स्पेसिफिक फंड के बारे में बात करी जाए तो

54:06सबसे पहले आप देखो क्या इस क्वेश्चन में

54:07वो फंड दिया हुआ है? आप देखो यहां पर

54:10क्वेश्चन में क्या वो फंड दिया हुआ है? यस

54:12सर दिया हुआ है। मैच फंड कितना है बेटा?

54:1430,000 तो उसको हम यहां डालेंगे

54:16लायबिलिटीज़ में मैच फंड।

54:2230000

54:25अब इससे रिलेटेड जो भी इनकम आ रही है वो

54:29तो यहां प्लस हो जाएगी और जो भी

54:31एक्सपेंसेस हैं वो यहां माइनस हो जाएंगे।

54:34इससे रिलेटेड जो भी यहां पर इनकम आ रही है

54:36वो इसमें प्लस हो जाएगी और जो भी एक्सपेंस

54:39आ रहे हैं वो यहां पर माइनस हो जाएंगे। तो

54:41देखिए बेटा जी कैसे करेंगे?

54:46कैसे करेंगे यहां पर डोनेशन दे रखा है

54:49आपको 55000 तो ऐड

54:55डोनेशन

54:5955000

55:03ठीक है ये हो गया ये हो गया प्रोसीड्स

55:06फ्रॉम द सेल ऑफ मैच टिकट्स 20000 भाई आपने

55:09मैच टिकट सेल करी वहां से पैसा आया ऐड

55:13प्रोसीड्स

55:15फ्रॉम सेल

55:2020,000

55:22ठीक अब यहां पर

Managing Fund-Based Accounting

55:26मैच एक्सपेंस दे रखा है ₹10000 देखो बेटा

55:30ये आपका 30000 ये 20 50000 ये हो गया

55:33₹15000

55:36और आपका जो मैच एक्सपेंस है बेटा वह हुए

55:41हैं ₹10000

55:46अब सर अब क्या करेंगे? हमारे पास उतना

55:49पैसा नहीं है। उससे ज्यादा खर्चा हो गया।

55:52हमारे पास टोटल पैसा ₹15,000 और मैच

55:56एक्सपेंस में खर्चा हो गया ₹10,000 मेरे

55:59प्यारे बच्चों। ऐसे केस में हम क्या

56:01करेंगे? ऐसे केस में ये जो 5,000 का घाटा

56:04है, यह आप सीधा-सीधा पहुंचा देंगे इनकम

56:07एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट के डेबिट साइड

56:09में। कहां पहुंचा देंगे? इनकम एंड

56:11एक्सपेंडिचर अकाउंट के डेबिट साइड में आप

56:14इसको सीधा-सीधा पहुंचा देंगे बेटा जी। ठीक

56:16है?

56:19यस सर। चलिए

56:22तो अब यहां पर आपको डिफरेंस दे रखा है कि

56:25रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट में और इनकर

56:27एंड एक्सेप्ट अकाउंट में क्या फर्क है? तो

56:29ये अभी आपको अब अच्छे से आ चुका है। चलो

56:33तो आपके मॉड्यूल का एक प्यारा सा क्वेश्चन

56:36आपके सामने पेश करते हैं।

56:58चलो

Preparing Income and Expenditure Accounts

57:01बनाते हैं इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट।

57:10यह आपका

57:12डीआर साइड

57:14और ये आपका सीआर साइड। अब देखिए मेरे

57:18प्यारे बच्चों

57:21यहां पर ये आपका क्वेश्चन है प्यारा सा

57:23फ्रॉम द फॉलोइंग रिसीप्ट्स एंड पेमेंट

57:25अकाउंट फॉर द ईयर एंडिंग 31 मार्च 2026 ऑफ

57:30सीनियर सिटीजन क्लब प्रिपेयर इनकम एंड

57:33एक्सपेंडिचर अकाउंट फॉर द सेम पीरियड।

57:34हमें क्या बनाना है बेटा? इनकम एंड

57:36एक्सपेंडिचर अकाउंट बनाना है सेम पीरियड

57:39का। सेम पीरियड यानी कि हमें बनाना है 31

57:43मार्च 2026। यानी कि हमें 2526 का क्या

57:46बनाना है बेटा? 25 26 का हमें बनाना है

57:48रिसी इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट। लेकिन

57:51आपको क्वेश्चन में साथ-साथ कुछ

57:53एडजस्टमेंट्स भी दे रखी हैं। तो आपको अगर

57:56दिक्कत ना हो तो हम पहले एडजस्टमेंट अच्छे

57:58से करेंगे ताकि आपको प्रॉब्लम ना आए। सबसे

58:01पहला दे रखा है बेटा सैलरीज आउटस्टैंडिंग

58:0415,000। देखो मेरे प्यारे बच्चों सैलरी

58:07कहां है? यह रही 1,20,000 सैलरी कहां

58:10आएगी? डेबिट साइड में टू सैलरी

58:171,20,000

58:20ऐड

58:23आउटस्टैंडिंग

58:2615,000

58:28और टोटल हो गया

58:3113,35,000

58:33टोटल हो गया 13,35,000

58:37ठीक है? ये वाला हो गया। उसके बाद कह रहा

58:40है एंटरटेनमेंट एक्सपेंस आउटस्टैंडिंग

58:425000 तो भाई एंटरटेनमेंट एक्सपेंस भी आपके

58:46आउटस्टैंडिंग है 5000 के 9000 दे रखा है

58:50यहां पर तो ये टू

58:54एंटरटेनमेंट

58:57एक्सपेंस 9000 के थे

59:01ऐड

59:04आउटस्टैंडिंग

59:075000

59:10तो यह हो गया आपका 14,000। ठीक है? यस सर।

59:15उसके बाद बैंक इंटरेस्ट रिसीवबल ₹4,500

59:19मतलब ₹4,500

59:22बैंक से इतना इंटरेस्ट अभी मिलना बाकी है।

59:25बैंक इंटरेस्ट रिसीवबल ₹4,500 ₹4,500 इतना

59:29इंटरेस्ट अभी मिलना बाकी है। तो क्या

59:31क्वेश्चन में कोई इंटरेस्ट दे रखा है? दे

59:33रखा है बेटा। इंटरेस्ट ऑन बैंक डिपॉजिट

59:3614500 तो देखो क्या करेंगे इस सीआर में

59:40जाएगा बाय

59:43बैंक

59:45इंटरेस्ट

59:4814500

59:50प्लस

59:51रिसीवेबल

59:544500

59:56दोनों को आप जोड़ोगे

59:58तो आएगा 19000

1:00:01दोनों को आप जोड़ोगे तो आ जाएगा आपका 19000

1:00:04ठीक है। यस सर। उसके बाद कह रहा है

1:00:07सब्सक्रिप्शन एक्रूड 14,000। सब्सक्रिप्शन

1:00:10कमा तो लिया लेकिन मिला नहीं है। तो इसी

1:00:13साल का है। ऐड करेंगे तो देखो

1:00:15सब्सक्रिप्शन देखो कैश एट बैंक तो ये आपका

1:00:17बैलेंस शीट में जाएगा। इनकम एंड

1:00:19एक्सपेंडिचर अकाउंट में नहीं जाएगा।

1:00:21सब्सक्रिप्शन आपको 2425 का दे रखा है। 25

1:00:2326 का दे रखा है। 2627 का दे रखा है। हम

1:00:26इनकम एंड एक्सपेंडिचर कब का बना रहे हैं

1:00:28बेटा? इसी साल का बना रहे हैं। 25 26 का

1:00:30तो 2 लाख और प्लस 14,000

1:00:35तो बाय

1:00:38सब्सक्रिप्शन

1:00:422 लाख

1:00:4514000 बाय सब्सक्रिप्शन

1:00:4814000 ठीक है बच्चा यस सर

1:00:53अब आगे देखते हैं

1:00:59ये हो गया

1:01:0250% % ऑफ एंट्रेंस फीस इज टू बी

1:01:05कैपिटलाइज। यानी कि जो आपके पास एंट्रेंस

1:01:07फीस आई है, उसका आधा आपका बैलेंस शीट में

1:01:11जाएगा। आधा ही आपका जाएगा इनकम एंड

1:01:13एक्सपेंडिचर अकाउंट में। तो बाय एंट्रेंस

1:01:16फीस

1:01:1810,000 का

1:01:2050%

1:01:22व्हिच इज़ 5,000।

1:01:27ठीक है? यह भी हो गया। फर्नीचर इज़ टू बी

1:01:29डेप्रिशिएट एट 10% पर एनम। फर्नीचर पर 10%

1:01:33से डेप लग रहा है। ठीक है? फर्नीचर कहां

1:01:36है भाई? ये रहा फर्नीचर। परचेस ऑफ़

1:01:39फर्नीचर। अब फर्नीचर परचेस किया आपने 500

1:01:42का। 17 2025 में। 17 यानी कि 1 जुलाई। तो

1:01:46अप्रैल, मई, जून तीन महीने घटा दो। तो, यह

1:01:50आपका मैं अपना यंत्र ले लेता हूं।

1:01:54यह आपका आना चाहिए बेटा

1:01:575,000 का

1:02:0210%

1:02:04और अप्रैल, मई, जून ठीक है? 9 महीने तो ये

1:02:09आ गया डेप्रिसिएशन 3750

1:02:13तो टू

1:02:15डेप्रिसिएशन

1:02:17ऑन फर्नीचर

1:02:193750

1:02:21आप बेटा वर्किंग नोट में ये जो कैलकुलेशन

1:02:23है ना ये सब शो करोगे। जो आपकी ऐसी

1:02:26कैलकुलेशन है जो आप निकाल रहे हो उसको आप

1:02:28वर्किंग नोट में शो करोगे। ठीक है? चलो तो

1:02:32सारी एडजस्टमेंट हो गई यहां की। अब हम

1:02:34चलते हैं यहां पर सबसे पहला डोनेशन हॉल

1:02:38रेंट।

1:02:41डोनेशन क्योंकि जर्नल है इसलिए यहां पर

1:02:43आएगा बाय डोनेशन।

1:02:47और बाय ऑल

1:02:50रेंट

1:02:5320,000 और 33,000 हां

1:02:5720,000

1:02:59और 33,000

1:03:04इधर का और हो चुका है। यस। अब इधर आते

1:03:06हैं। परचेस ऑफ़ फर्नीचर हो गया, सैलरी हो

1:03:08गया। टेलीफोन एक्सपेंसेस, इलेक्ट्रिसिटी

1:03:11चार्जेस तो टू

1:03:16टेलीफोन

1:03:18एक्सपेंसेस

1:03:20टू इलेक्ट्रिसिटी

1:03:23चार्जेस

1:03:27टेलीफोन एक्सपेंसेस इलेक्ट्रिसिटी चार्जेस

1:03:303000 और 16000 तो ये हो गया आपका 3000

1:03:35और यह हो गया आपका 16000

1:03:39ठीक है

1:03:41यस सर

1:03:43उसके बाद पोस्टेज एंड स्टेशनरी 11500 तो

1:03:48टू पोस्टेज एंड स्टेशनरी

1:03:5111500

1:03:58टू पोस्टेज एंड स्टेशनरी 11500

1:04:02ठीक है यस सर उसके बाद परचेस ऑफ बुक्स

1:04:05नहीं आएगा परचेस ऑफ़ बुक्स नहीं आएगा ये

1:04:08आपका हो चुका है परचेस ऑफ गवर्नमेंट

1:04:11पेपर्स नहीं आएगा लेकिन मेरे प्यारे

1:04:12बच्चों यहां पर आपको 8% दे रखा है। यानी

1:04:16कि इस पर 8% से आपको इंटरेस्ट मिल रही है।

1:04:19तो 80,000 का 8%

1:04:24और

1:04:26एक साथ यानी यहां भी 9 महीने तो यह आपका

1:04:3280,000 का

1:04:348%

1:04:379 महीने 4,800

1:04:41बाय

1:04:43इंटरेस्ट

1:04:46ऑन इन्वेस्टमेंट

1:04:494800

1:04:52उसके बाद है आपका मिसलेनियस एक्सपेंसेस

1:04:5516,000

1:04:57तो टू

1:05:00मिसलेनियस

1:05:02एक्सपेंसेस

1:05:0516,000

1:05:10ठीक है। अब देखते हैं इसमें क्या कैसे

1:05:13करना है। सबसे पहले डेबिट साइड का टोटल

1:05:16करते हैं। 1335000

1:05:19+ 14000 + 3750

1:05:23+ 3000 + 16000 + 11500 + 16000 तो इधर का

1:05:32आ रहा है 19990

1:05:37इधर का मैं करता हूं 19000 + 214000

1:05:42+ 5000 + 20000 + 33000 + 4800

1:05:51इधर का आ रहा है बेटा 295800

1:05:56क्रेडिट साइड ज्यादा है डेबिट साइड कम है

1:05:59तो हमारे लिए फायदा है वो है सरप्लस तो टू

1:06:04सरप्लस तो कितना आया बेटा यहां आया आपका

1:06:092

1:06:1095800

1:06:12अब ये आपका 295800

1:06:15100 में से माइनस कर दो 199250

1:06:20199250

1:06:22तो ये आ गया आपका 96550

1:06:27और ये हमारा आ गया सरप्लस

1:06:32इस तरीके से इस तरीके से आप बनाते हैं

1:06:35इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट ठीक है चलिए

1:06:40आगे भी क्वेश्चन है बेटा मैंने जो लिया है

1:06:42आपकी बुक का ही क्वेश्चन है ये वाला नहीं

1:06:44करेंगे ये मिसिंग क्वेश्चन है रिसीप्ट एंड

1:06:47पेमेंट अकाउंट तो आप बना लेंगे। आपको ऐसे

1:06:50क्वेश्चन करने हैं जिसमें से रिसीप्ट एंड

1:06:53पेमेंट अकाउंट में से आपको बनाना है इनकम

Patel Entertainment Club Practical Example

1:06:55एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट। तो देखो ये एक और

1:06:57क्वेश्चन है आपके सामने। फॉलोइंग इज द

1:06:59रिसीप्ट एंड पेमेंट ऑफ पटेल एंटरटेनमेंट

1:07:02क्लब फॉर द ईयर क्वेश्चन। और ये आपके

1:07:04मॉड्यूल का ही क्वेश्चन है। तो आपको इसमें

1:07:06दिक्कत नहीं आनी चाहिए। और मैं पूरी कोशिश

1:07:08करूंगा कि दिक्कत कैसी भी आए नहीं। चलो

1:07:13मेरे प्यारे बच्चों यहां पर आपसे कह रहा

1:07:15है फॉलोइंग इज द रिसीप्ट एंड पेमेंट

1:07:18अकाउंट ऑफ पटेल एंटरटेनमेंट क्लब फॉर द

1:07:21ईयर एंडिंग 31 मार्च 2026 यह आपको दे रखा

1:07:26है रिसीप्ट एंड पेमेंट अकाउंट फॉर द ईयर

1:07:28एंडेड 31 मार्च 2026 का यह आपको पूरी

1:07:32डिटेल दे रखी है हमारा सबसे पहला काम है

1:07:36एडजस्टमेंट्स को ट्रीट करना ताकि आपको बाद

1:07:39में दिक्कत ना आए

1:07:43सबसे पहले क्या करेंगे?

1:07:47एडजस्टमेंट्स करेंगे।

1:07:50चलिए

1:07:52इनकम एंड

1:07:56एक्सपेंडिचर

1:08:00अकाउंट

1:08:03फॉर द

1:08:07ईयर एंडेड

1:08:10पक्का है

1:08:1525 26 या फिर 31 मार्च

1:08:222026

1:08:23ठीक है चलो

1:08:38अब हम बनाएंगे यहां पर

1:08:42यह आपका DR

1:08:46और यह आपका CR

1:08:50ठीक। अब हम बनाएंगे यहां पर इनकम एंड

1:08:53एक्सपेंडिचर अकाउंट। ठीक है? चलो तो सबसे

1:08:57पहले एडजस्टमेंट में चलते हैं। यहां पर

1:09:00आपसे कह रहा है द क्लब हैड 150 मेंबर्स ईच

1:09:04पेइंग एन एनुअल सब्सक्रिप्शन ऑफ ₹70।

1:09:09हमारा जो क्लब है उसमें बेटा हमारे पास

1:09:14जो टोटल मेंबर्स हैं वो है 150 मेंबर्स और

1:09:17हर मेंबर ₹750 दे रहा है। यानी कि हमारे

1:09:21पास इस साल का जो सब्सक्रिप्शन है वो

1:09:24कितना आना चाहिए? ₹11500।

1:09:27आपसे कह रहा है सब्सक्रिप्शन आउटस्टैंडिंग

1:09:29एज ऑन 31 मार्च 2026। अब इसका डायरेक्ट

1:09:33ट्रीटमेंट नहीं करेंगे। हम यहां पर

1:09:35देखेंगे कि हमारे पास देखो ये तो जाएगा

1:09:37नहीं इनकम एंड एक्सपेंडिचर में ये भी नहीं

1:09:39जाएगा मेंबर सब्सक्रिप्शन में ये जाएगा

1:09:41हमारे पास कितना पैसा आया बेटा 1 लाख

1:09:44कितना आना चाहिए था 111500

1:09:47तो यानी कि सिर्फ 12500 आउटस्टैंडिंग है

1:09:50बाकी का पिछली साल का है वो बाय

1:09:54सब्सक्रिप्शन

1:09:571 लाख

1:10:00प्लस

1:10:0312000 500

1:10:0611500

1:10:09ठीक है

1:10:11चलो

1:10:13नेक्स्ट

1:10:15ये हो गया

1:10:17नेक्स्ट टेलीफोन बिल आउटस्टैंडिंग फॉर द

1:10:20ईयर 2526 इज़ 2000 टेलीफोन बिल हमारा कहां

1:10:24है टेलीफोन बिल हमारा ये रहा 35000 का और

1:10:282000 का इसमें आउटस्टैंडिंग शामिल तो टू

1:10:33टेली टेलीफोन

1:10:35बिल

1:10:3735000

1:10:40प्लस आउटस्टैंडिंग

1:10:44वि इज 2000

1:10:48तो ये टोटल हो गया

1:10:5037000

1:10:54ये आपका टोटल हो गया 37000

1:10:5835 + 2 37000

1:11:02उसके बाद

1:11:04यह हो गया। उसके बाद लॉकर्स रेंट जो आपके

1:11:08पास आया है उसमें से 450 आउटस्टैंडिंग है

1:11:12शुरुआत का और 2500 है लास्ट का। तो शुरुआत

1:11:15का माइनस लॉकर्स रेंट कहां है? ये रहा

1:11:18लॉकर्स रेंट 1750

1:11:22तो बाय

1:11:25लॉकर्स रेंट

1:11:311750

1:11:33लेस

1:11:36ओपनिंग आउटस्टैंडिंग

1:11:40450

1:11:43यह आपका कितना बचेगा?

1:12:01माइनस

1:12:03450

1:12:06यह आपका आ गया 13000

1:12:10ठीक है? अब इसमें ऐड कर देंगे

1:12:14क्लोजिंग आउटस्टैंडिंग।

1:12:17कितना

1:12:2125 हजार

1:12:28ये आ गया आपका

1:12:3015500

1:12:32ये आ गया आपका 15500

1:12:36ठीक है बेटा यस सर और क्या कह रहा है हमें

1:12:39क्वेश्चन में क्वेश्चन में आपसे कह रहा है

1:12:41सैलरी आउटस्टैंडिंग फॉर द ईयर 25 26 4000

1:12:44भाई सैलरी आउटस्टैंडिंग िंग है 2526 की

1:12:474000 तो यहां पर सैलरी कहां है आपकी सैलरी

1:12:52ये रही 44000 की तो यहां पर

1:12:57टू सैलरी

1:13:0244000

1:13:05और ऐड

1:13:07आउटस्टैंडिंग

1:13:104000

1:13:12तो ये हो गया

1:13:1448 48000

1:13:16ये आ गया आपका 48000 ठीक है यस सर उसके

1:13:21बाद है देखो ओपनिंग स्टॉक ऑफ प्रिंटिंग

1:13:23एंड स्टेशनरी इज़ 2000 एंड क्लोजिंग स्टॉक

1:13:26ऑफ प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी इज़ 3000 तो

1:13:29देखो बेटा सबसे पहले हम यहां पर गए

1:13:31प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी ये रहा ₹13000 तो

1:13:35इसको मैंने यहां डाला टू

1:13:38प्रिंटिंग

1:13:40एंड स्टेशनरी

1:13:4313000

1:13:45अब इसमें ओपनिंग स्टॉक को ऐड करेंगे।

1:13:49कितना है?

1:13:532000

1:13:56और क्लोजिंग स्टॉक को लेस करेंगे

1:14:043000

1:14:06तो ये आपका हो गया 12

1:14:10ये आपका हो गया 12

1:14:13और क्या दे रखा है बेटा ये तो सारे हो गए

1:14:16उसके बाद आपको देखो फर्नीचर की वैल्यू दे

1:14:18रखी है बिल्डिंग की वैल्यू दे रखी है

1:14:20स्पोर्ट्स फंड की वैल्यू दे रखी है। आपसे

1:14:22कह रहा है डेप्रिसिएशन टू बी चार्ज ऑन

1:14:24फर्नीचर एंड बिल्डिंग 10% 5% फर्नीचर पर

1:14:2810% का डेप लग रहा है और बिल्डिंग पर 5%

1:14:32का डेप लग रहा है। ठीक है? एक बार

1:14:34क्वेश्चन में देख लेते हैं। कहीं हमने

1:14:35फर्नीचर को परचेस या सेल तो नहीं करा है

1:14:38कहीं पे? कहीं हमने फर्नीचर को सेल या

1:14:41परचेस तो नहीं करा? देखो सेल ऑफ फर्नीचर।

1:14:44सेल ऑफ फर्नीचर 1.425 साल की बिल्कुल

1:14:48शुरुआत में हमने ₹8,000 का फर्नीचर 10,000

1:14:53में बेच दिया। 8,000 का फर्नीचर 10,000

1:14:56में बेच दिया। फायदा हो गया बेटा 20,000

1:14:58का। फायदा हो गया 20,000 का तो फायदा यहां

1:15:01आ जाएगा बाय सेल

1:15:05प्रॉफिट।

1:15:082000

1:15:11अब मेरे प्यारे बच्चों यहां पर फर्नीचर था

1:15:14₹123000 का इसमें से आपने 8000 का फर्नीचर

1:15:19बेच दिया है तो अब कितने का फर्नीचर बचा

1:15:22बेटा? ₹115000 का और ₹15,000 का 10% कितना

1:15:27हो जाएगा? 11500

1:15:29तो यहां पर [गला साफ़ करने की आवाज़]

1:15:32टू

1:15:34डेप

1:15:36ऑन

1:15:39फर्नीचर

1:15:44टू डेप ऑन

1:15:47फर्नीचर 11500

1:15:51बिल्डिंग का है 650000 60 बिल्डिंग पे तो

1:15:55कुछ नहीं करा बिल्डिंग पे तो कुछ नहीं

1:15:58ये हो गया।

1:16:02ये नहीं आएगा। ये नहीं आएगा।

1:16:05बिल्डिंग पर कुछ नहीं है। तो आप 650000 का

1:16:105% डेप लगा देंगे

1:16:13तो यह आ जाएगा 32500

1:16:16तो टू

1:16:20डेप

1:16:21ऑन

1:16:24बिल्डिंग

1:16:26व्हिच इज़ 32

1:16:30500 टू डेप ऑन बिल्डिंग व्हिच इज़ ₹32500

1:16:35ठीक है यस सर तो सारा चीज हो गया बेटा।

1:16:39एडजस्टमेंट सारे हो गए। अब क्वेश्चन पर

1:16:41चलते हैं। क्वेश्चन में यहां से शुरुआत

1:16:44करते हैं। यहां पर हमारा यह हो गया। ये हो

1:16:46गया। देखो सेल इन रेस्टोरेंट ये एक

1:16:49ट्रेडिंग एक्टिविटी है। अब हमने

1:16:51रेस्टोरेंट में सेल कितने की करी है? ₹1

1:16:53लाख की। क्या कुछ रेस्टोरेंट के खर्चे दे

1:16:56रखे हैं? क्या कुछ रेस्टोरेंट के खर्चे दे

1:16:58रखे हैं? दे रखे हैं। कितने? ₹0000 के।

1:17:02सेल कितने की हुई है? ₹1 लाख की। खर्चे

1:17:05कितने हुए हैं? ₹70,000 के तो ₹00 का

1:17:08प्रॉफिट हो गया। तो बाय

1:17:12प्रॉफिट

1:17:15ऑन रेस्टोरेंट

1:17:19कितना ₹0000

1:17:23ही है ना?

1:17:25[गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़]

1:17:26₹1 लाख और 700 हां ये भी गया यहां से और

1:17:30ये भी गया। उसके बाद सेल ऑफ ओल्ड

1:17:33पीरियडिकल्स ₹3200 यह सीआर में जाएगा बाय

1:17:39सेल ऑफ

1:17:42ओल्ड पीरियडिकल्स

1:17:453200 है। 32000 है। एक सेकंड मैं चेक करता

1:17:48हूं।

1:17:513200 है। उसके बाद हायर ऑफ ग्राउंड यूज

1:17:54फॉर मैरिज 48750

1:17:58[गला साफ़ करने की आवाज़] तो बाय

1:18:00हायर ऑफ ग्राउंड

1:18:04था।

1:18:0848750

1:18:0948750

1:18:13ठीक है। यस सर। अब देखो बेटा आपको

1:18:16क्वेश्चन में स्पोर्ट्स फंड का ओपनिंग

1:18:18बैलेंस दे रखा है 15,000। अब आपको यह

1:18:21देखना है कि क्या मेरा यह फायदा हुआ यहां

1:18:24पर मेरा ज्यादा खर्चा हुआ या कम खर्चा

1:18:26हुआ? तो देखो बेटा स्पोर्ट्स फंड मेरा

1:18:29₹15,000 का था।

1:18:32ठीक है? उसके बाद यहां पर मुझे डोनेशन

1:18:38मिली है स्पोर्ट्स फंड के लिए ₹25,000 की।

1:18:44तो मेरे पास टोटल पैसा कितना है स्पोर्ट्स

1:18:46फंड के लिए? 400 और

1:18:53मेरे स्पोर्ट्स एक्सपेंस है ₹00 के। मेरे

1:18:57पास पैसा ₹400 है और मेरे पास स्पोर्ट्स

1:19:00एक्सपेंस है ₹00 के। तो 10,000 ज्यादा

1:19:02खर्चा हो गया। ₹10,000 हमारा नुकसान हो

1:19:05गया। तो यहां पर टू

1:19:09स्पोर्ट एक्सपेंसेस

1:19:1310,000

1:19:16ठीक है

1:19:18यस सर। तो बेटा यहां का सब हो गया

1:19:22हम। अब यहां आते हैं इलेक्ट्रिसिटी 21,000

1:19:27तो टू

1:19:31इलेक्ट्रिसिटी

1:19:3421000

1:19:36उसके बाद [गला साफ़ करने की आवाज़]

1:19:39उसके बाद उसके बाद सब्सक्रिप्शन फॉर

1:19:41पीरियडिकल्स 14,500

1:19:45तो टू

1:19:48सब्सक्रिप्शन फॉर पीरियडिकल्स

1:19:5314500

1:19:56ठीक

1:20:02ये हो गया ये हो गया ये हो गया सेक्रेटरीस

1:20:05ओनोरेियम ₹00

1:20:08तो टू

1:20:11सेक्रेटरीस ऑनरेरियम

1:20:14₹00

1:20:18उसके बाद देखो बेटा आपसे कह रहा है कि

1:20:20आपने इन्वेस्टमेंट किया है सिक्योरिटीज

1:20:23में 8% आपने सिक्योरिटीज में 8%

1:20:27इन्वेस्टमेंट किया है लेकिन 31326

1:20:30को यानी इस साल के लास्ट में किया है तो

1:20:32कायदे से ये वैसे तो बैलेंस शीट में जाएगा

1:20:34बट इस पर इंटरेस्ट अगली साल मिलेगी तो ये

1:20:37कहीं भी नहीं होगा बेटा ठीक है

1:20:40तो बस अब यहां टोटलिंग कर देते हैं एक बार

1:20:43[गला साफ़ करने की आवाज़]

1:20:45पहले का टोटल करते हैं। 37000 + 48000 +

1:20:5012000 + 11500 + 32500 + 10000 + 21000 +

1:21:0214500 + 30000 तो ये आ रहा है बेटा आपका

1:21:08216500

1:21:11ये आ रहा है आपका 216500

1:21:14ठीक है इधर का मैं करता हूं। 111500

1:21:19+ 15500 + 2000 + 30000 +

1:21:263200 + 48750

1:21:31ये आ रहा है आपका 211950

1:21:35यानी कि डेबिट साइड ज्यादा है। क्रेडिट

1:21:37साइड कम है बेटा। डेबिट साइड ज्यादा है।

1:21:40क्रेडिट साइड कम है। तो घाटा हो गया हमें।

1:21:43तो 216500

1:21:44-

1:21:46211950

1:21:48डेफिशिएट आ गया आपका

1:21:52डेफिशिएट आ गया 4550

1:21:57और ये डेफिशिएट बैलेंस शीट में कैपिटल फंड

1:22:00में लेस हो जाएगा। ठीक बच्चा? यस सर। अभी

1:22:04मैं आपको एक लास्ट क्वेश्चन कराता हूं

1:22:06ताकि इस चैप्टर में आपको और ज्यादा

1:22:09कॉन्फिडेंस आ जाए। ये आपके सामने क्वेश्चन

1:22:12है और आई थिंक आपको शायद अगर प्रॉपर दिख

1:22:16रहा है मैं देख सकता हूं क्या इसको मैं

1:22:19थोड़ा और ज़ूम कर पाऊंगा क्या वैसे तो

1:22:23पॉसिबल नहीं है चलो ये लो

1:22:27इससे ज्यादा नहीं हो पाएगा बेटा ठीक है ना

1:22:31और इसको भी मैं वैसे ये तो दिख रहा होगा

1:22:32साफ-साफ

1:22:34ये तो आपको साफ-साफ दिख रहा होगा बट मैं

1:22:36आपको पढ़ के बता दूंगा तो कोई दिक्कत वाली

1:22:37बात नहीं है ये लो मैं आपको पढ़ करके बता

1:22:41दूंगा तो कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। ये

1:22:43आपके एग्जाम में आया था बेटा। ठीक है? ये

1:22:46आपके एग्जाम में आया हुआ क्वेश्चन है। ठीक

1:22:48है ना? तो देखो [गला साफ़ करने की आवाज़]

1:22:50यहां पर आपको सबसे पहले क्या करेंगे? हम

1:22:53उसको ले आते हैं इनकम एंड एक्सपेंडिचर को।

1:23:01और यहीं पर बैलेंस शीट हो जाएगी।

1:23:09[गला साफ़ करने की आवाज़]

1:23:24कौन से ईयर का बना रहे हैं हम? 31 दिसंबर

1:23:272025।

1:23:29ठीक है?

1:23:30यहां बना रहे हैं।

1:23:3631 दिसंबर

1:23:382025

1:23:41और यह बैलेंस शीट है।

1:23:44बैलेंस शीट हालांकि अभी तक आपका जो

1:23:46मॉड्यूल है ना उसमें नहीं दे रखी है। तो

1:23:49बच्चे प्रैक्टिस कहां से करें? बट ICI ने

1:23:53क्वेश्चन पेपर में बैलेंस शीट दे दी।

1:23:57कोई बात नहीं। हमारे बच्चे कर लेंगे।

1:24:00प्यारे-प्यारे क्यूटीज़ हैं।

1:24:05चलो, यह बैलेंस शीट है बेटा।

1:24:14यह लायबिलिटीज़ हैं।

1:24:17अमाउंट

1:24:20एसेट्स

1:24:24अमाउंट।

1:24:34ठीक है। चलो अब हम बनाते हैं। सबसे पहले

1:24:38हम जाएंगे कहां पर? सबसे पहले हम जाएंगे

1:24:41हमारे

1:24:43सबसे पहले हम जाएंगे हमारे कहां पर? सबसे

1:24:45पहले हम जाएंगे हमारे एडजस्टमेंट्स में और

1:24:48एडजस्टमेंट्स में देखेंगे कि क्या-क्या

1:24:50चीजें दे रखी हैं। देखिए बेटा यहां पर कह

1:24:53रहा है ऑन फर्स्ट जनवरी 2025 द क्लब

1:24:56प्रिमिसेस वैल्यू 1 लाख इन्वेस्टमेंट एट

1:25:0024000 और फर्नीचर 15,000 ये तीनों क्या है

1:25:04बेटा? ये तीनों एसेट्स हैं। ये तीनों कहां

1:25:07जाएंगी? बैलेंस शीट में जाएंगी। बट आपको

1:25:09ये देखना है कहीं आपको यहां पर कोई

1:25:12एडजस्टमेंट तो नहीं बोला गया। क्या यहां

1:25:14पर प्रिमिसेस इन्वेस्टमेंट या फर्नीचर को

1:25:17लेकर कुछ बोला तो नहीं गया बेटा? हां जी।

1:25:20क्या यहां पर प्रिमिसेस यहां पर देखो

1:25:22इन्वेस्टमेंट को लेकर कुछ बात बोली गई है।

1:25:25फर्नीचर को लेकर कुछ बात बोली गई है और

1:25:28प्रिमिससेस पर डेप लग रहा है। अब हमें

1:25:30इसको कैसे करना है? इसको देखते हैं बेटा

1:25:32कि इसका ट्रीटमेंट कैसे करेंगे आप? तो

1:25:34सबसे पहले यहां पर हम यहां पर इस क्वेश्चन

1:25:37में बेटा फोकसली बहुत होके देखना पड़ेगा

1:25:39क्योंकि ना आपको ये आपके मॉड्यूल में नहीं

Creating Opening Balance Sheets for NPOs

1:25:42दे रखा। तो देखो इस क्वेश्चन में क्या

1:25:44होगा बेटा? इस क्वेश्चन में आपकी दो

1:25:47बैलेंस शीट बनेगी। मतलब सर मतलब कि ये कि

1:25:50आप जरा इस क्वेश्चन में पहले देखो। क्या

1:25:53इस क्वेश्चन में कहीं पर भी आपको कैपिटल

1:25:56फंड दिखाई दे रहा है? क्या यहां पर इस

1:25:58क्वेश्चन में कहीं भी आपको कैपिटल फंड

1:26:00दिखाई दे रहा है? द आंसर इज नो। कैपिटल

1:26:03फंड अगर आपको नहीं दे रखा है बेटा तो हमें

1:26:06कैपिटल फंड को निकालना पड़ेगा और उसके लिए

1:26:09आप बनाओगे ओपनिंग बैलेंस शीट। उसके लिए आप

1:26:11क्या बनाओगे बेटा? ओपनिंग बैलेंस शीट। तो

1:26:14सबसे पहले मैं यहां पर बना देता हूं

1:26:16ओपनिंग बैलेंस शीट। यानी कि 1 जनवरी 2025

1:26:20की ओपनिंग बैलेंस शीट। अब ये कैसे बनेगी

1:26:22बेटा? बहुत सिंपल है। जो जो एसेट्स आपको

1:26:26एक तारीख की दे रखी है, उसको एसेट साइड

1:26:28में डाल दो और जो जो लायबिलिटी आपको एक

1:26:31तारीख की दे रखी है, उसको लायबिलिटी साइड

1:26:33में डाल दो। तो देखो यहां पर हमको सबसे

1:26:35पहले प्रिमिसेस दिया हुआ है,

1:26:40इन्वेस्टमेंट दिया हुआ है,

1:26:45फर्नीचर दिया हुआ है।

1:26:48ठीक है?

1:26:50अब इसको मैं सीधा ऊपर ही ले जा रहा हूं

1:26:52ताकि ऊपर बार-बार लाने में दिक्कत ना हो।

1:26:54ओ हो

1:26:57देखो प्रिमिसेस 1 लाख इन्वेस्टमेंट 24000

1:27:01फर्नीचर 15,000 तो प्रिमिसेस 1 लाख

1:27:06इन्वेस्टमेंट 24,000

1:27:09और फर्नीचर 15,000

1:27:11ये सब हमें एक तारीख का दे रखा है बेटा।

1:27:13तो हमने यहां पर डाल दिया। उसके बाद देखो

1:27:16बेटा द क्लब हैड 720 मेंबर ईच पेइंग एन

1:27:19एनुअल सब्सक्रिप्शन ऑफ 100 720 मेंबर्स

1:27:22हैं और हर मेंबर हमें 100 दे रहा है तो

1:27:25यानी हमारे पास पैसा आना चाहिए 72000

1:27:29लेकिन मेरे प्यारे बच्चों यहां पर देखो

1:27:3264800

1:27:34और 6000

1:27:3964800

1:27:41और 6000 यानी कि हमारे पास भले ही एडवांस

1:27:44में आ गया लेकिन टोटल आ चुका है 70800

1:27:47यानी 1200 का क्या है एरियर है 1200 का

1:27:51क्या है बेटा एरियर है सब्सक्रिप्शन इन

1:27:53एरियर 1200

1:27:56ये ओपनिंग बैलेंस शीट है इसलिए ऐसा कर रहे

1:27:58हैं पैसा तो हमारे पास आ चुका है 1200 का

1:28:00एरियर मान के चल रहे हैं उसके बाद मेरे

1:28:03प्यारे बच्चों यहां पर ये तो खैर दिसंबर

1:28:06वाला पार्ट है ये ये ये ये ये स्टॉक ऑफ

1:28:10स्टेशनरी आपको दे रखा है ₹2000 बेटा स्टॉक

1:28:14स्टॉक

1:28:16ऑफ

1:28:18स्टेशनरी

1:28:20कितना दे रखा है शुरुआत का? ₹2000 दे रखा

1:28:23है। राइट यस सर। उसके बाद देखो साल की

1:28:27शुरुआत में आपका कैश इन एंड था ₹11,000 तो

1:28:30वो भी एसेट्स है। कैश

1:28:34₹11,000

1:28:37अब मैं जरा यहां का टोटल करता हूं मेरे

1:28:39प्यारे बच्चों। तो यह आपका 1 लाख प्लस यह

1:28:43आपका 24,000 प्लस यह आपका 15,000

1:28:48प्लस यह आपका 1200 प्लस ये आपका 2000 प्लस

1:28:54ये आपका 11000 तो ये आ रहा है बेटा आपका

1:28:57153200

1:29:00अब यहां पर हम क्या करेंगे बेटा? 153200

1:29:04में यहां पर हमें और बैलेंस शीट में क्या

1:29:07दे रखा है बेटा?

1:29:09यहां पर देखो लायबिलिटीज में कुछ दे रखा

1:29:11है क्या? लायबिलिटीज में कुछ दे रखा है

1:29:13क्या? लायबिलिटीज में कुछ दे रखा है। बैंक

1:29:17ओवरड्राफ्ट दे रखा है एक तारीख का ₹15,000

1:29:20तो यहां पर आ गया बैंक ओवरड्राफ्ट

1:29:26₹15,000।

1:29:28अब उस अमाउंट से

1:29:3515,000 माइनस कर देंगे तो बेटा आ गया मेरा

1:29:38कैपिटल फंड

1:29:40ये आ गया मेरा कैपिटल फंड कितना आ गया

1:29:441338200

1:29:46ये मेरा ओपनिंग बैलेंस शीट से कैपिटल फंड

1:29:49आ गया

1:29:51ये मेरा ओपनिंग बैलेंस शीट से कैपिटल फंड

1:29:54आ गया अब मैं बनाऊंगा इनकम एंड

1:29:56एक्सपेंडिचर चर अकाउंट। अब मैं बनाऊंगा

1:29:59बेटा इनकम एंड एक्सपेंडिचर अकाउंट। तो बना

1:30:03देते हैं। चलो फटाफट से। अब इसका कोई काम

1:30:06नहीं है। इसको अभी ले जाओ नीचे सबसे। अब

1:30:09यहां आ जाओ। यहां आ जाओ। सबसे पहले

1:30:12एडजस्टमेंट में देखो। यहां आ जाओ। सबसे

1:30:15पहले देखो 2025 में। 2025 में पैसा आया है

1:30:1964,800।

1:30:22आना कितना था? 72000 कितने का

1:30:25आउटस्टैंडिंग? 7200

1:30:27तो यहां पर बाय

1:30:31सब्सक्रिप्शन

1:30:3464800

1:30:37ऐड

1:30:40आउटस्टैंडिंग

1:30:427200

1:30:44तो ये हो गया आपका

1:30:4772000

1:30:49और क्योंकि यह सब्सक्रिप्शन आपका

1:30:53आने वाला है।

1:30:55तो बैलेंस शीट में भी डाल दो सब्सक्रिप्शन

1:31:00आउटस्टैंडिंग

1:31:027200

1:31:03और सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड इन एडवांस

1:31:07सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड इन एडवांस

1:31:106000

1:31:13ठीक चलो

1:31:16आगे चलते हैं। कैश इन एंड हो चुका है। हां

1:31:20जी। अब देखो ये लास्ट का है। कैश इन एंड

1:31:23कैश एट बैंक। तो लास्ट वाली बैलेंस शीट

1:31:25में 4000 और 12,000 कैश इन हैं एंड कैश एट

1:31:27बैंक तो कैश इन हैंड

1:31:344000

1:31:37कैश एट बैंक

1:31:4312000

1:31:46ठीक है यस सर

1:31:50सॉरी बेटा जी अर्जेंट कॉल आ रहा था तो

1:31:52मेरे को लेना था

1:31:54तो हां जी मेरे प्यारे बच्चों तो हम

1:31:56साथ-साथ ये करते भी जा रहे हैं, ट्रीटमेंट

1:31:58भी करते जा रहे हैं। चलिए अब हम यहां

1:32:00देखते हैं मेरे प्यारे बच्चों

1:32:02यहां पर कैश लैंड आएगा नहीं। वो हमने

1:32:04बैलेंस शीट में पहुंचा दिया है। ये आएगा

1:32:05नहीं। इनकम फ्रॉम सिक्योरिटीज ₹2600 इनकम

1:32:09फ्रॉम सिक्योरिटीज़। तो यहां पर बाय

1:32:12इनकम

1:32:15फ्रॉम

1:32:17सिक्योरिटीज़

1:32:19₹2600

1:32:22बाय इनकम फ्रॉम सिक्योरिटीज़ ₹2600 उसके

1:32:25बाद मेरे प्यारे बच्चों एंट्रेंस फीस आपको

1:32:282000 दे रखी है। क्वेश्चन में कहा गया है

1:32:30हाफ ऑफ द एंट्रेंस फीस आर टू बी

1:32:32कैपिटलाइज़्ड। यानी एंट्रेंस फीस को आधा

1:32:35रेवेन्यू मानना है और आधा कैपिटल मानना

1:32:37है। तो ठीक है? तो आपके आधा तो जाएगा आपका

1:32:42एंट्रेंस

1:32:44सॉरी यहां नहीं कहां गया इनकम एक्सपेंडिचर

1:32:47यहां बाय

1:32:51बाय

1:32:53एंट्रेंस फीस

1:32:561000

1:32:58बाकी जो आपका कैपिटल फंड निकल के आया था

1:33:00ना कितना आया था बेटा ₹138200

1:33:04इसको हम यहां डालेंगे कैपिटल फंड

1:33:101338200

1:33:14और इसमें एंट्रेंस फीस ऐड हो जाएगी।

1:33:18एंट्रेंस फीस इसमें ऐड हो जाएगी व्हिच इज

1:33:211000। ठीक है? यस सर।

1:33:25उसके बाद देखो

1:33:28ये भी हो गया। आपसे कह रहा है प्रोसीड्स

1:33:31फ्रॉम ड्रामा। ड्रामा से आपके 8160 आए।

1:33:35लेकिन यहां पर कॉस्ट ऑफ ड्रामा दिख रहा है

1:33:37आपको 7000 तो दोनों को माइनस करोगे तो

1:33:40मेरे ख्याल से ₹160 आएगा तो पाई

1:33:46प्रोसीड्स फ्रॉम

1:33:49ड्रामा

1:33:51₹160

1:33:55देन उसके बाद आपको दे रखा है टू सेल

1:33:57प्रोसीड्स फ्रॉम ओल्ड फर्नीचर कॉस्ट 4800

1:34:00में एक फर्नीचर जिसकी कॉस्ट ₹400 थी आपने

1:34:03उसको ₹800 में बेच यानी ₹400 का फायदा हो

1:34:06गया। ठीक? तो बाय

1:34:10प्रॉफिट

1:34:13ऑन

1:34:16फर्नीचर

1:34:19400 बाय प्रॉफिट ऑन फर्नीचर 400। ठीक है?

1:34:24यस सर। अब मेरे प्यारे बच्चों यहां पर

1:34:28देखो आपको इन्वेस्टमेंट दे रखा है 13,600

1:34:30का। फर्नीचर आपको दे रखा है 10,000 का।

1:34:33यानी ये आपने परचेस किया है। तो इसका भी

1:34:35हम बाद में देखते हैं। सैलरी आपको दे रखी

1:34:37है ₹400 की और आपको सैलरी आउटस्टैंडिंग दे

1:34:40रखी है ₹2500 की। तो देखो

1:34:45टू सैलरी

1:34:4920400

1:34:52और

1:34:55आउटस्टैंडिंग सैलरी

1:34:58₹500

1:34:59तो ये हो जाएगा आपका 22900

1:35:04ठीक है और ₹500 आपका जाएगा लायबिलिटी साइड

1:35:06में

1:35:09आ गया ये रहा

1:35:11यहां पर सैलरी

1:35:14आउटस्टैंडिंग

1:35:18₹00

1:35:20उसके बाद मेरे प्यारे बच्चों प्रिंटिंग

1:35:22एंड स्टेशनरी आपको दे रखा है 3560 और यहां

1:35:26पर देखो आपको प्रिंटिंग स्टेशनरी का

1:35:28ओपनिंग बैलेंस दे रखा है क्लोजिंग बैलेंस

1:35:30दे रखा है तो कितना था प्रिंटिंग एंड

1:35:32स्टेशनरी 3560

1:35:34तो यहां पर आएगा

1:35:37टू

1:35:38प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी

1:35:423560

1:35:46ऐड

1:35:48ओपनिंग

1:35:50लेस

1:35:52क्लोजिंग ओपनिंग शायद 2000 है और क्लोजिंग

1:35:55शायद 3000 है तो ये आ जाएगा आपका 2560

1:36:02ये आ जाएगा आपका ₹560

1:36:06ठीक है यस सर और क्लोजिंग वाला ₹3000 यहां

1:36:11यहां भी जाएगा स्टॉक और स्टेशनरी

1:36:22चलिए उसके बाद पोस्टेज एंड टेलीग्राफ

1:36:26₹5,000

1:36:29तो

1:36:31टू

1:36:33पोस्टेज

1:36:35₹5,000 इसके बारे में कुछ दिया है क्या?

1:36:38यह हो गया। यह हो गया। सैलरी हो गया। यह

1:36:41हो गया। यह हो गया। ठीक है? उसके बाद

1:36:43कॉस्ट ऑफ सेंडरी एक्सपेंसेस ₹6000। तो टू

1:36:48सेंड्री एक्सपेंसेस

1:36:51₹6000।

1:36:53अब देखो मेरे प्यारे बच्चों

1:36:56आपसे क्वेश्चन में कहा गया कि जो आपके

1:36:59प्रिमिसेस है उस पर 10% डेप लग रहा है। तो

1:37:021 लाख का 10% कितना हो जाएगा बेटा?

1:37:061 लाख का 10% 10,000 हो जाएगा। तो टू डेप

1:37:11ऑन

1:37:14प्रिमिसेस

1:37:16₹10,000

1:37:19आपसे क्वेश्चन में कहा गया बेटा कि आपके

1:37:22पास इन्वेस्टमेंट था ₹24,000 का और आपने

1:37:25परचेस किया है ₹13,600 का। तो यहां पर

1:37:30इन्वेस्टमेंट

1:37:3324000

1:37:35और ऐड परचेस 13600

1:37:38तो ये 37600 आ जाएगा आई थिंक

1:37:4337600

1:37:4524000 + 13600

1:37:48तो ये आपका आ गया 37600

1:37:53ठीक उसके बाद फर्नीचर 15000 का था आपने

1:37:5710,000 का फर्नीचर और परचेस किया है 400

1:38:00का बेच दिया। तो देखो मेरे प्यारे बच्चों

1:38:03फर्नीचर आपका

1:38:0515,000 का था।

1:38:08400 का फर्नीचर बेच दिया और 10,000 का

1:38:11फर्नीचर और खरीद लिया आपने।

1:38:14ठीक? तो 15,000 - 400

1:38:19+ 100,000 तो यह हो गया आपका 24,600

1:38:26ठीक है।

1:38:29ठीक है? यस सर। अभी आपको बैलेंस शीट में

1:38:32यह हमने डाल दिया। ठीक है। अब एक बार हम

1:38:34क्या करते हैं? हमने इसको कर दिया। इसको

1:38:36कर दिया। इसको कर दिया। चलो एक बार हम

1:38:38पहले इनकम एंड एक्सपेंडिचर को निकालते

1:38:40हैं। सबसे पहले हम डेबिट साइड का टोटल

1:38:42करते हैं। 22,900 + 2560 + 5000 + 6000 +

1:38:5010000 तो ये आपका आ रहा है 46460

1:38:55ये अपना आ रहा है डेबिट साइड का टोटल

1:38:5746460

1:38:59तो हम यहां लिखते हैं 46460

1:39:03अगर इधर का जोड़ता हूं मैं बेटा तो इधर का

1:39:05अपना आ रहा है

1:39:0772000 + 2600 + 1000 + 1160 + 400 तो ये

1:39:17अपना आ रहा है बेटा 76160

1:39:2276160

1:39:24यानी यहां पर आपको दिख रहा है कि हमें

1:39:26फायदा हुआ सरप्लस हुआ तो यहां पर 2

1:39:31सरप्लस

1:39:32कितना हुआ बेटा यह हमारा 77

1:39:3777160

1:39:39- 4646

1:39:410 तो बेटा यह जो आपका सरप्लस हो रहा है वो

1:39:44हो रहा है 30700 का। ये जो आपका सरप्लस है

1:39:48वो है 30700 का। अब ये 30700 का जो सरप्लस

1:39:52है वो कहां पर ऐड हो जाएगा? कैपिटल फंड

1:39:54में।

1:39:57यहां ऐड

1:40:00सरप्लस। अगर डेफिशिएट होता तो माइनस हो

1:40:03जाता।

1:40:05अगर डेफिशिएट होता तो माइनस हो जाता। अब

1:40:08एक बार हम इसको देख लेते हैं। यहां पर

1:40:09हमारी कोई चीज रह तो नहीं गई है बेटा। ठीक

1:40:12है? है। पहले टोटलिंग कर लेते हैं। 6000 +

1:40:161338200

1:40:18+ 1000 + 3700

1:40:22+500

1:40:24तो ये हमारा आ रहा है बेटा ₹178400

1:40:291778400

1:40:32यहां देखते हैं एक बार यहां पर हमारा

1:40:367200 + 4000 + 12000 +

1:40:443000 प्लस

1:40:47कुछ रह गया क्या?

1:40:49प्रिमिसेस तो लिखी नहीं है भाई। प्रिमिसेस

1:40:541 लाख की थी। 10,000 का डेप्थ

1:40:5990,000

1:41:02ठीक है? तो 3000 + 3676

1:41:07ठीक है फिर 24600

1:41:10+ 90000

1:41:131778400

1:41:16हो गया भाई साहब

1:41:19तो ये आपका हो गया एकदम एनपीओ अकाउंटिंग

1:41:23फॉर नॉट फॉर प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन एकदम

1:41:25धुआंधार बेहतरीन तरीके से अब एग्जाम में

1:41:28आप बिल्कुल मचा दोगे खतरनाक तरीके से हमने

1:41:31इसमें आपके आपके मॉड्यूल के क्वेश्चंस भी

1:41:33कवर किए हैं। हमने आपके इसमें जो जून के

1:41:35एग्जाम में क्वेश्चन आया उसको भी कवर किया

1:41:37है ताकि आपको किसी भी एंगल से कहीं भी

1:41:40दिक्कत ना हो। तो आज के लिए मेरे प्यारे

1:41:42बच्चों इतना ही। मिलते हैं आपसे फिर कभी

1:41:44किसी मोड़ पर। तब तक के लिए अपना ध्यान

1:41:46रखिएगा। खाना पीना खाते रहिएगा। मां-बाप

1:41:48का ध्यान रखिएगा। टाटा बाय-ब सी यू। गब्बर

1:41:51सर। गब्बर आर्मी हैशटग रोला ऑन द टॉप। बाय

1:41:56बेटस। टेक केयर।

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