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इंग्लैंड का सम्पूर्ण इतिहास।The Entire History of England | Full Documentary

IRON AND INK · 3,788 words · 18 min read

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0:05क्या आप जानते हैं कि आज दुनिया की सबसे

0:07बड़ी ताकत माने जाने वाला इंग्लैंड हजारों

0:10साल पहले कोई द्वीप या टापू था ही नहीं।

0:13जी हां, आज जिसे हम ब्रिटेन या इंग्लैंड

0:15कहते हैं, वह असल में यूरोप की मुख्य जमीन

0:18से जुड़ा हुआ एक मैदानी इलाका था। लोग

0:21पैदल चलकर वहां आया जाया करते थे। लेकिन

0:24फिर आज से लगभग 11,000 साल पहले एक ऐसी

0:27कुदरत आपदा आई [संगीत] जिसने भूगोल को

0:30हमेशा के लिए बदल कर रख दिया। हिम खत्म हो

0:33रहा था। बर्फ पिघल रही थी और समंदर का

0:36वाटर लेवल इतनी तेजी से बढ़ा कि यूरोप और

0:39ब्रिटेन को जोड़ने वाला डॉगरलैंड नाम का

0:41एक विशाल मैदान पूरी तरह पानी में डूब

0:43गया। देखते ही देखते वह हराभरा रास्ता एक

0:46गहरे समंदर में बदल गया और ब्रिटेन बाकी

0:49दुनिया से कटकर एक अलग टापू बन गया।

0:52दुनिया से अलग होने के बावजूद यहां

0:54इंसानों की जिंदगी थमी नहीं। ईसा पूर्व

0:574000 के आसपास यहां खेती की शुरुआत हुई और

1:00इंसानों ने स्टोनहेंस जैसे पत्थरों के ऐसे

1:02रहस्यमई और विशाल ढांचे खड़े किए जिन्हें

1:06देखकर आज भी विज्ञान हैरान रह जाता है।

1:08समय बीतता गया। पत्थर का जमाना बदला और

1:11कांस यानी कि ब्रोंज़ का दौर आ गया। यूरोप

1:14से नए-नए कबीले यहां आकर बसते रहे जिन्हें

1:17कैल्टिक कहा गया। सदियों तक इन कैल्टिक

1:20आदिवासियों की जिंदगी अपनी रफ्तार से चलती

1:22रही। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि समंदर

1:24पार एक ऐसी महाशक्ति खड़ी हो रही है जिसकी

1:27भूख पूरी दुनिया को निगलने वाली थी और यही

1:30वो मोमेंट था जब साल ईसा पूर्व 55 में

1:33इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर एक ऐसा खौफनाक

1:36मंजर दिखा जिसने वहां के लोगों के होश

1:39उड़ा दिए। समंदर की लहरों को चीरते हुए

1:42रोमन साम्राज्य के सैकड़ों लड़ाकू जहाज तट

1:45की तरफ बढ़ रहे थे। इस फौज की अगुवाई कोई

1:48और नहीं बल्कि इतिहास का सबसे

1:50महत्वाकांक्षी रोमन जनरल जूलियस सीज़र कर

1:53रहा था। सीज़र फ्रांस को फतह करने के बाद

1:55इस अनजान द्वीप को भी अपने पैरों तले

1:58रौंदना चाहता था। सीज़र का पहला हमला तो

2:01सिर्फ तट तक ही सीमित रहा। इसलिए वो अगले

2:03साल फिर से यानी कि ईसा पूर्व 54 में एक

2:06और बड़ा और खूनी लश्कर लेकर वापस लौटा। इस

2:09बार रोमन सैनिकों की तलवारें केल्टिक

2:12आदिवासियों का खून बहाते हुए टेम्स नदी के

2:14उत्तरी किनारे पर पहुंच गई। लेकिन

2:17आदिवासियों के कड़े प्रतिरोध और खराब मौसम

2:19के कारण सीजर यहां अपना कोई पक्का ठिकाना

2:22नहीं बना पाया और उसे वापस लौटना पड़ा। यह

2:25सुनकर अजीब लगता है कि जिस जमीन को सीजर

2:27जैसा महान योद्धा नहीं जीत पाया, उसे रोमन

2:30साम्राज्य भूल नहीं सका। उनके दिमाग में

2:33यह बात बैठ चुकी थी कि इस द्वीप पर कब्जा

2:35करना ही होगा। आखिरकार करीब 100 साल बाद

2:38यानी कि सन 43 ईस्वी में रोमन सम्राट

2:41कॉर्डियस ने एक बेहद खतरनाक और सोची समझी

2:45योजना के तहत इंग्लैंड पर दोबारा धावा बोल

2:47दिया। इस बार रोमन सेना रुकी नहीं।

2:49उन्होंने बर्बरता और कड़े अनुशासन के दम

2:52पर लगभग पूरे इंग्लैंड को अपने घुटनों पर

2:54ला दिया। इसी दौर में उन्होंने लंदन,

2:57चेस्टर और यॉर्क जैसी बस्तियों की नींव

3:00रखी जो आज दुनिया के नक्शे पर बड़े शहरों

3:02में है। रोम का यह शासन कोई शांति की

3:05[संगीत] सेज नहीं था। सन 60 ईसवी में यहां

3:08की एक जांबाज़ आदिवासी रानी बुदिका ने रोम

3:11के जुल्म के खिलाफ ऐसी बगावत की कि रोमन

3:14साम्राज्य की नींव हिल गई। रानी बुदिका की

3:16सेना ने हजारों रोमन सैनिकों को मौत के

3:19घाट उतार दिया। हालांकि बाद में इस

3:21विद्रोह को बेहद बेरहमी से कुचल दिया गया।

3:24इस बगावत के बाद रोम ने अपनी सरहदों को

3:27सुरक्षित करने के लिए उत्तर में हेरर्डियन

3:29वॉल नाम की एक विशाल पथरीली दीवार खड़ी कर

3:32दी। अगली कुछ सदियों तक इंग्लैंड रोमन

3:35साम्राज्य का एक अटूट हिस्सा बना रहा।

3:37लेकिन इतिहास का नियम है जो साम्राज्य ऊपर

3:40उठता है, उसका गिरना भी तय होता है।

3:42पांचवी सदी की शुरुआत होते-होते रोम खुद

3:45अंदर से बहुत कमजोर हो चुका था और उस पर

3:47जंगली बर्बर कबीलों के हमले हो रहे थे।

3:50अपनी मुख्य जमीन को बचाने के लिए सन 407

3:53में रोम ने अपने आखिरी सैनिकों को भी

3:55इंग्लैंड से वापस बुला लिया। रोमन सेना के

3:58जाते ही इंग्लैंड बिल्कुल अनाथ हो गया।

4:00कोई राजा नहीं, कोई फौज नहीं। और तभी

4:03समंदर के रास्ते कुछ ऐसे नए कबीलों की नजर

4:06इस लावारिस जमीन पर पड़ी जिन्होंने यहां

4:08कदम रखते ही एक ऐसा खूनी खेल शुरू किया

4:11जिसने आज की अंग्रेजी भाषा और संस्कृति को

4:14जन्म दिया। तो कौन थे वह खूंखार कबीले और

4:17उन्होंने कैसे पैर पसार कर मूल निवासियों

4:20को उनके ही घर से पराया कर दिया।

4:23[चीखने की आवाज़]

4:30रोमन सेना के जाते ही इंग्लैंड के मूल

4:33निवासी यानी कैल्टिक लोग बिल्कुल बेसहारा

4:35हो चुके थे। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर

4:38पांचवी सदी के मध्य में समंदर पार से कुछ

4:41ऐसे जर्मनी कबीले वहां पहुंचे जिन्होंने

4:44इतिहास का रुख ही पलट दिया। इन्हें आज हम

4:46एंग्लो सेक्शन के नाम से जानते हैं।

4:48शुरुआत में यह लोग रोमन फौज में भाड़े के

4:51सैनिक बनकर आए थे। लेकिन जब उन्होंने देखा

4:53कि यहां की उपजाऊ जमीन पर राज करने वाला

4:56कोई भी नहीं है तो इन्होंने अपने कबीलों

4:58को बुलाना शुरू कर दिया। इतिहासकारों के

5:01बीच आज भी इस बात को लेकर बहस चलती है कि

5:04यह बदलाव कैसे हुआ। कुछ का मानना है कि यह

5:06एक बेहद खौफनाक और खूनी कत्लेआम था। जहां

5:09इन बाहरी हमलावरों ने मूल निवासियों को

5:12गाजर मूली की तरह काट डाला और उनकी जमीनों

5:14पर कब्जा कर लिया। वहीं कुछ लोग मानते हैं

5:17कि यह काम धीरे-धीरे और शांति से हुआ।

5:19हकीकत चाहे जो भी हो लेकिन नतीजा बेहद

5:22क्रूर था। इन एंग्लो सेक्शन लोगों ने मूल

5:24निवासियों की संस्कृति, उनकी परंपराओं और

5:27उनकी भाषा को पूरी तरह मिटा दिया। अब सोचो

5:30जरा सदियों पुरानी एक पूरी सभ्यता को

5:33हटाकर उन्होंने अपनी भाषा और तौर तरीके

5:36थोप दिए और यही वो भाषा थी जो आगे चलकर आज

5:39की अंग्रेजी बनी। सातवीं सदी आते-आते इन

5:42एंग्लो सेक्सन लोगों ने मूल निवासियों को

5:44खदेड़कर वेल्स और कॉर्नवाल जैसे सुदूर

5:47पश्चिमी कोनों में समेट दिया। अब लगभग

5:49पूरे इंग्लैंड पर इनका ही राज था। लेकिन

5:52यह आपस में एक नहीं थे। इन्होंने पूरी

5:54जमीन को सात छोटे-छोटे स्वतंत्र राज्यों

5:56में बांट रखा था। जैसे ईस्ट एंग्लिया,

5:59एसेक्स, केंट, ससेक्स, मर्सिया,

6:02नार्थंबिया और वसेक्स। यह राज्य कहने को

6:05तो एक ही भाषा बोलते थे, लेकिन ताकत के

6:07नशे में चूर ये कबीले हमेशा एक दूसरे के

6:10खून के प्यासे रहते थे। वक्त के साथ-साथ

6:13इन एंग्लो सेक्सन राजाओं ने ईसाई धर्म

6:15अपना लिया। आपसी लड़ाईयों और कत्लेआम के

6:18बाद आठवीं सदी के अंत तक सात छोटे राज्य

6:21सिमटकर सिर्फ चार बड़े राज्यों में ही रह

6:23गए। नॉर्थ एंब्रिया, मर्सिया, ईस्ट

6:25एंग्लिया और वेसेस। अब ऐसा लगने लगा था कि

6:28शायद इनमें से कोई एक राजा पूरे इंग्लैंड

6:31को एक कर देगा। लेकिन तभी समुंदर की लहरों

6:34पर कुछ ऐसा दिखाई दिया जिसने पूरे

6:36इंग्लैंड की रूह कपा दी। साल 793 की एक

6:40ठंडी सुबह नॉर्थ एंब्रिया के तट पर स्थित

6:42लिंस फोर्न नाम के एक शांत ईसाई मठ के

6:46भिक्षु रोज की तरह अपनी प्रार्थनाओं में

6:48मशगूल थे। अचानक समुंदर से अजीबोगरीब

6:51आकृतियों वाली लंबी नावें तट की तरफ आती

6:54दिखाई दी। इनसे पहले कि कोई कुछ समझ पाता,

6:57नावों से हाथ में कुल्हाड़ी और ढाल लिए

7:00खूंखार लंबे चौड़े लड़ाकू चीखते हुए बाहर

7:03निकले। यह इंग्लैंड पर वाइकिंग्स का पहला

7:05सबसे बड़ा और ऐतिहासिक हमला था। इन

7:08वाइकिंग्स ने पवित्र मठ में घुसकर भगवान

7:10की मूर्तियों को तोड़ डाला। निहत्ते

7:12भिक्षुओं को बेरहमी से गाजर मूली की तरह

7:15काट दिया और मठ में रखे सोने चांदी के

7:17खजानों को लूट कर रफूचक्कर हो गए। उस दौर

7:20में जहां चर्च और मठों को सबसे सुरक्षित

7:23और पवित्र माना जाता था, वहां हुए इस

7:25कत्लेआम ने पूरे देश में दहशत का माहौल

7:28पैदा कर दिया। शुरुआत में तो यह वाइकिंग्स

7:30सिर्फ आओ, लूटो और भागो की रणनीति पर काम

7:33कर रहे थे। लेकिन साल 865 में इनकी भूख और

7:37बढ़ गई। अब वह सिर्फ सोना चांदी लूटने

7:39नहीं बल्कि इस पूरी जमीन पर कब्जा करने आए

7:42थे। वाइकिंग्स की एक बहुत बड़ी फौज जिसे

7:44इतिहास में द ग्रेट हीथन आर्मी कहा गया

7:47है। इंग्लैंड के तट पर उतरी। ये सेना एक

7:50के बाद एक एंग्लो सेक्शन राज्यों को

7:52निगलती चली गई। 867 में नॉर्थ एंब्रिया

7:55मलबे में तब्दील हो चुका था। 869 में ईस्ट

7:58एंग्लिया का अंत हुआ और 874 आते-आते

8:01मर्सिया भी वाइकिंग्स के पैरों तले कुचला

8:04जा चुका था। अब पूरे इंग्लैंड में

8:06वाइकिंग्स के खौफनाक शासन के सामने सिर्फ

8:08एक आखिरी राज्य सीनात ताने खड़ा था। वह था

8:11वैसेक्स का राज्य जिसका राजा था

8:13एलेक्जेंडर का हमना नाम अल्फ्रेड।

8:15वैगिंग्स ने वसिक्स को भी चारों तरफ से

8:18घेर लिया था। साल 878 तक आते-आते हालात

8:21इतने बदतर हो गए कि राजा अल्फ्रेड को अपनी

8:23जान बचाने के लिए दलदलों और जंगलों में

8:26छिपना पड़ा। इंग्लैंड का भविष्य पूरी तरह

8:28अंधकार में था। चारों तरफ सिर्फ वाइकिंग्स

8:30की कुल्हाड़ियां और चीखें थी और एंग्लो

8:33सेक्सन साम्राज्य का अंत बिल्कुल करीब था।

8:35तो क्या राजा अल्फ्रेड इन खंखार वाइकिंग्स

8:38के सामने घुटने टेकने वाले थे? या फिर

8:40जंगलों की इस राख से एक ऐसा पलटवार होने

8:43वाला था जो इंग्लैंड को एक नए सम्राट से

8:46मिलवाने वाला था।

8:55दोस्तों दलदलों और घने जंगलों में छिपे

8:57राजा अल्फ्रेड के पास खाने के लिए अब कुछ

8:59भी नहीं बचा था सिवाय अपनी मातृभूमि की

9:02आजादी के। मई 878 में अल्फ्रेड ने बिखरे

9:05हुए सैनिकों को इकट्ठा किया और एडिंगटन की

9:08लड़ाई में वाइकिंग्स के खिलाफ अपनी जिंदगी

9:10का सबसे बड़ा दांव खेल दिया। यह जंग इतनी

9:13भयानक थी कि तलवारों की खनक और चीखों से

9:16आसमान गूंज उठा। अल्फ्रेड की यह रणनीति

9:19काम कर गई और उन्होंने वाइकिंग्स को पीछे

9:22धकेल दिया। इसी ऐतिहासिक जीत के बाद

9:24उन्हें नाम मिला अल्फ्रेड द ग्रेट।

9:27अल्फ्रेड ने वाइकिंग्स के साथ समझौता करके

9:29उन्हें देश के पूर्वी हिस्से यानी डेंडला

9:32तक सीमित कर दिया। इसके बाद वैसेक्स के

9:34राजाओं ने धीरे-धीरे वाइकिंग्स के कब्जे

9:36वाले इलाकों को वापस जीतना शुरू किया।

9:39अल्फ्रेड के पोते एथलस्टेन ने साल 927 में

9:43यॉर्क पर कब्जा कर लिया और इतिहास में

9:45पहली बार खुद को एक नया खिताब दिया किंग

9:48ऑफ द इंग्लिश। यानी अब जाकर सही मायनों

9:51में एक संयुक्त इंग्लैंड का जन्म हुआ था।

9:53लेकिन यह शांति ज्यादा दिनों तक टिकी

9:55नहीं। साल 1042 में राजा एडवर्ड द

9:59कन्फेंसर गद्दी पर बैठे। लेकिन उनकी एक

10:01गलती ने पूरे इंग्लैंड को फिर से तबाही के

10:04मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। वो गलती थी

10:07बिना किसी वारिस के मर जाना। साल 1066 की

10:11शुरुआत होते ही इंग्लैंड की गद्दी के लिए

10:14एक ऐसा खूनी ड्रामा शुरू हुआ जिसकी मिसाल

10:17इतिहास में नहीं मिलती। एडवर्ड की मौत के

10:19बाद इंग्लैंड के एक ताकतवर रईस हेरोल्ड

10:22गॉडविंसन ने खुद को राजा घोषित कर दिया।

10:25लेकिन इस गद्दी पर सिर्फ उनकी ही नजर नहीं

10:27थी। नॉर्वे का खूंखार वाइकिंग राजा

10:29हेरोल्ड हार्डराडा और फ्रांस के नॉर्मेडी

10:32का ड्यूक विलियम दोनों का मानना था कि

10:35गद्दी पर असली हक उनका है। अब सोचो जरा एक

10:38छोटा सा देश और उस पर एक साथ तीन-तीन

10:40दावेदार। सितंबर 106 में नॉर्वे के

10:44वाइकिंग्स ने उत्तर से हमला कर दिया। राजा

10:46हेरोल्ड ने फुर्ती दिखाई और स्टैमफोर्ड

10:49ब्रिज की लड़ाई में वाइकिंग्स राजा को मौत

10:51के घाट उतार कर उस हमले को नाकाम कर दिया।

10:54लेकिन अभी वह इस जीत का जश्न मना भी नहीं

10:56पाए थे कि दक्षिण से एक और बुरी खबर आई।

10:59फ्रांस का ड्यूक विलियम एक बहुत बड़ी फौज

11:02के साथ इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर उतर

11:04चुका था। हेरोल्ड की थकी हारी सेना को

11:07बिना आराम किए हफ्तों पैदल चलकर दक्षिण की

11:10तरफ भागना पड़ा और फिर आया 14 अक्टूबर 106

11:14का वह बदनाम दिन जिसे इतिहास हेस्टिंग्स

11:17की लड़ाई के नाम से जानता है। मैदान जंग

11:19का मंजर रूह कापा देने वाला था। एक तरफ

11:22फ्रांस के घुड़सवार थे तो दूसरी तरफ

11:24एंग्लो सेक्सन सैनिकों की ढालों की दीवार।

11:26जंग के बीच में एक अफवाह उड़ी कि ड्यूक

11:29विलियम मारा गया। लेकिन विलियम ने अपना

11:31हेलमेट उतार कर चिल्लाते हुए कहा, "मैं

11:34जिंदा हूं इस जमीन को जीत कर रहूंगा।" इसी

11:37अफरातफरी के बीच एक तीर सीधे राजा हेरोल्ड

11:40की आंख में जा घुसा। राजा के गिरते ही

11:43एंग्लो सेक्सन सेना में भगदड़ मच गई। उसी

11:46साल क्रिसमस के दिन फ्रांस के इस विजेता

11:49को विलियम द कॉनकरर के रूप में इंग्लैंड

11:51का नया राजा चुना गया। इस एक जंग ने

11:54इंग्लैंड के इतिहास, उसकी संस्कृति और

11:56उनके रईसों को हमेशा के लिए बदल दिया।

11:59एंग्लो सेक्सन राजाओं का दौर अब खत्म हो

12:02चुका था और अब शुरू होने वाला था

12:04फ्रांसीसी मूल के नॉर्मन राजाओं का एक ऐसा

12:06दौर जिसने इंग्लैंड को एक नई भाषा और नए

12:10जुल्म से रूबरू कराया। तो क्या इंग्लैंड

12:12के लोग इन फ्रांसीसी आकाओं की गुलामी

12:15चुपचाप स्वीकार करने वाले थे या फिर देश

12:17के भीतर एक और गृह युद्ध की आग सुलगने

12:20वाली थी?

12:28विजेता विलियम ने राजा बनते ही पूरे

12:31इंग्लैंड पर अपना शिकंजा कस लिया।

12:33उन्होंने डोमस्टे बुक नाम का एक विशाल

12:35सर्वे करवाया ताकि देश की पाईपाई और एक-एक

12:39इंसान का हिसाब रखा जा सके। नतीजा यह हुआ

12:42कि इंग्लैंड के लगभग सभी पुराने रईसों को

12:44हटाकर फ्रांसीसी मूल के नॉर्मन ब्लॉट्स को

12:48जमीनें दे दी गई। अब महल के ऊंचे कमरों

12:50में फ्रेंच भाषा बोली जाने लगी। जबकि आम

12:53जनता अपनी पुरानी अंग्रेजी बोलती रही। इसी

12:56मिलावट से आज की आधुनिक अंग्रेजी का जन्म

12:58हुआ। वक्त का पहिया घूमता रहा। लगभग 80

13:01साल बाद गद्दी की लड़ाई के कारण देश में

13:04एक खौफनाक गृह युद्ध छिड़ा। आखिरकार साल

13:071154 में गद्दी संभाली हेनरी द्वितीय ने

13:10जो प्लंटेगनेट राजवंश के पहले राजा बने।

13:13हेनरी सिर्फ इंग्लैंड के राजा नहीं थे

13:15बल्कि अपनी शादी और ताकत के दम पर वो

13:18फ्रांस के एक बहुत बड़े हिस्से के भी

13:20मालिक थे। इसे एंजविन साम्राज्य कहा गया।

13:23लेकिन यह सुनके अजीब लगता है ना कि जो

13:25राजा इतने बड़े साम्राज्य का मालिक था उसी

13:28के वंशज किंग जॉन की नाकामी के कारण इन

13:30रईसों ने बगावत कर दी। साल 1215 में रईसों

13:34ने राजा को घेर कर एक ऐतिहासिक दस्तावेज

13:37पर दस्तखत करने के लिए उन्हें मजबूर किया

13:39जिसे मैग्नाका कहा जाता है। इसने राजा की

13:42असीमित ताकत पर लगाम लगा दी और आम लोगों

13:45के अधिकारों की नींव रखी। इसके बाद एडवर्ड

13:47प्रथम ने देश की पहली संसद यानी कि

13:50पार्लियामेंट की शुरुआत की और तलवार के दम

13:52पर वेल्स पर कब्जा कर लिया। 14वीं सदी की

13:55शुरुआत होते ही इंग्लैंड और फ्रांस के बीच

13:58जमीन को लेकर एक ऐसी लंबी जंग शुरू हुई जो

14:01इतिहास में 100 इयर्स ऑफ वॉर यानी कि 100

14:04साल के युद्ध के नाम से जानी जाती है।

14:06एडवर्ड तृतीय के नेतृत्व में इंग्लैंड की

14:09फौज ने फ्रांस को कई लड़ाईयों में धूल

14:11चटाई। लेकिन तभी समंदर पार से एक ऐसा

14:14दुश्मन आया जिसके सामने राजा की तोपें और

14:16सैनिकों की तलवारें बिल्कुल बेअसर साबित

14:19हुई। वो दुश्मन था ब्लैक डेथ यानी प्लेग

14:22की महामारी। साल 1348 में एशिया से होता

14:25हुआ यह प्लेग एक जहाज के जरिए इंग्लैंड तक

14:28जा पहुंचा। सोचो जरा वो मंजर कितना भयानक

14:31रहा होगा। हट्टे-खट्टे इंसान सुबह भले

14:33चंगे उठते थे और शाम तक उनके शरीर पर

14:36काले-काले फोड़े निकल आते थे और अगले दिन

14:39उनकी लाश मिलती थी। देखते ही देखते इस

14:41बीमारी ने इंग्लैंड की आधी आबादी को साफ

14:44कर दिया। हर तरफ सिर्फ लाशों का ढेर था और

14:46उन्हें दफनाने वाला कोई बचा नहीं था। इस

14:49महामारी ने देश का [संगीत] पूरा ताना-बाना

14:52तोड़ दिया। खेत बंजर हो गए क्योंकि काम

14:54करने वाले कोई मजदूर नहीं बचे थे। जो

14:56मजदूर जिंदा बचे उन पर राजा ने जंग का

14:59खर्चा निकालने के लिए भारी टैक्स ठोक

15:01दिया। इस जुल्म के खिलाफ साल 1381 में

15:05गरीब किसानों ने पिजेंट्स रिवॉल्ट यानी कि

15:08किसानों की वह ऐतिहासिक बगावत की जिसने

15:10लंदन की सड़कों को हिला कर रख दिया।

15:13गुस्साए किसानों ने सरकारी अफसरों को बीच

15:15बाजार मौत के घाट उतार दिया। हालांकि इस

15:17बगावत को बाद में शांत कर दिया गया। लेकिन

15:19राजमहल के भीतर गद्दी की खूनी जंग अभी

15:22खत्म नहीं हुई थी। साल 1455 में एक ऐसा

15:25गृह युद्ध शुरू हुआ जिसने प्लांटनेट

15:28राजवंश के दो गुटों को आपस में लड़ा दिया।

15:30इस युद्ध को इतिहास में वॉर्स ऑफ़ द रोजेज़

15:33कहा जाता है। क्योंकि यर्क कबीले का

15:35प्रतीक सफ़ेद गुलाब था और लंगस्टर कबीले का

15:38प्रतीक लाल गुलाब था। 30 सालों तक चले इस

15:41खूनी खेल में दोनों तरफ के रईस और शहजादे

15:44एक दूसरे का कत्ल करते रहे। आखिरकार साल

15:471485 में बर्थवर्स फील्ड्स की लड़ाई में

15:50हेनरी ट्यूडर ने यर्क कबीले के आखिरी राजा

15:53रिचर्ड तृतीय को मौत के घाट उतार दिया।

15:55रिचर्ड के मौत के साथ ही इस खूनी जंग का

15:58अंत हुआ और हेनरी ट्यूडर ने दोनों कबीलों

16:01को एक करने के लिए यार्क की राजकुमारी से

16:04शादी कर ली और यहीं से शुरुआत हुई इतिहास

16:06के सबसे मशहूर सन की और ताकतवर ट्यूडर

16:10राजवंश की। तो कौन था ट्यूडर राजवंश का वो

16:12राजा जिसने सिर्फ एक बेटे की चाहत में छह

16:15शादियां की और जिसके फैसलों ने पूरे

16:18इंग्लैंड के धर्म को ही बदल कर रख दिया।

16:27ट्यूडर वंश की शुरुआत के साथ ही इंग्लैंड

16:30में सुख शांति का एक नया दौर शुरू हुआ।

16:32लेकिन साल 1509 में जब हेनरी आठवां गद्दी

16:36पर बैठा तो देश का इतिहास एक बेहद अजीब और

16:39क्रूर रास्ते पर चल पड़ा। हेनरी को अपने

16:41साम्राज्य के लिए एक बेटा यानी वारिस

16:44चाहिए था। उसकी पहली पत्नी कैथरीन से उसे

16:46सिर्फ एक बेटी मिली मैरी। जब स्पेन के पोप

16:49ने हेनरी को तलाक देने से मना कर दिया तो

16:52गुस्से में आकर सन की राजा ने पूरे देश को

16:55ही कैथोलिक चर्च से अलग कर दिया। उसने खुद

16:58का एक नया प्रोटेस्टेंट चर्च ऑफ इंग्लैंड

17:00बनाया और अपनी मर्जी से तलाक ले लिया।

17:03बेटा पाने की इस सनक में हेनरी ने एक के

17:05बाद एक छह शादियां की। उसकी दूसरी पत्नी

17:08एन बोलिन को उसने सिर्फ इसलिए सरेआम

17:11कुल्हाड़ी से कटवा दिया क्योंकि वह भी

17:13बेटा नहीं दे पाई। तीसरी पत्नी बेटे को

17:15जन्म देते ही मर गई। चौथी को उसने बदसूरत

17:18कहकर तलाक दे दिया और पांचवी पत्नी को भी

17:21बेवफा बेवफाई के इल्जाम में मौत के घाट

17:23उतार दिया और सिर्फ छठी पत्नी ही

17:25खुशकिस्मत रही जो राजा की मौत के वक्त

17:27जिंदा बच सकी। साल 1547 में हेनरी की मौत

17:31के बाद उसका बेटा एडवर्ड राजा बना। लेकिन

17:34टीबी की बीमारी की वजह से वह छोटी सी उम्र

17:36में ही चल बसा। इसके बाद गद्दी संभाली

17:39हेनरी की पहली बेटी ब्लडी मैरी ने। मैरी

17:42पक्की कैथोलिक थी। इसलिए उसने पिता के

17:44बनाए प्रोटेस्टेंट धर्म के लोगों पर ऐसा

17:46जुल्म ढाया कि करीब 280 लोगों को जिंदा

17:50खंभों से बांधकर आग के हवाले कर दिया। इसी

17:53बेरहमी के कारण लोग उसे आज भी ब्लडी मैरी

17:56कहते हैं। लेकिन जब 1558 में मैरी की मौत

17:59हुई तो इंग्लैंड के इतिहास में उस रानी की

18:01एंट्री हुई जिसने देश को दुनिया की

18:03महाशक्ति बना दिया। रानी एलिजाबेथ प्रथम।

18:07रानी एलिजाबेथ के 45 सालों के राज को

18:10इंग्लैंड का स्वर्णकाल कहा जाता है।

18:12उन्होंने देश में धार्मिक शांति कायम की।

18:14आबादी बढ़ी और विलियम शेक्सपियर जैसे महान

18:17लेखकों ने इसी दौर में अपने नाटक लिखे।

18:20इसी समय सर फ्रांसिस ड्रैक जैसे समुद्री

18:22लुटेरों और नाविकों ने समंदर पर इंग्लैंड

18:25की धाक जमाई और 1588 में उस समय की सबसे

18:29बड़ी नौसेना स्पेनिश अरमाडा को धूल चटा

18:32दी। एलिजाबेथ ने कभी शादी नहीं की। इसलिए

18:341603 में उनकी मौत के बाद ट्यूडर वंश खत्म

18:38हो गया और गद्दी पहुंची स्कॉटलैंड के

18:40स्टुअर्ट राजवंश के राजा जेम्स के पास।

18:42राजा जेम्स के समय ही 1605 में गन पाउडर

18:45प्लांट नाम की एक मशहूर साजिश हुई जिसमें

18:48कुछ कैथोलिकों ने संसद को बारूद से उड़ाने

18:50की कोशिश की थी। इसी दौर में अंग्रेजों ने

18:53अमेरिका और भारत में अपनी पहली कोठियां और

18:56कॉलोनियां बनाई जो आगे चलकर ब्रिटिश

18:58साम्राज्य की रीड बनी। लेकिन राजा और

19:00ब्रिटिश संसद यानी कि हाउस ऑफ लॉर्ड्स के

19:03बीच ताकत की यह लड़ाई जेम्स के बेटे

19:05चार्ल्स प्रथम के समय एक खूनी मोड़ पर

19:08पहुंच गई। राजा चार्ल्स का मानना था कि

19:10उसे राज करने का अधिकार सीधे भगवान से

19:12मिला है। इसलिए वह संसद को कुछ भी नहीं

19:15समझता था। बात इतनी बिगड़ी कि 1642 में

19:18देश में एक भीषण गृह युद्ध छिड़ गया। एक

19:20तरफ थे राजा के वफादार तो दूसरी तरफ ओलिवर

19:23क्रोमवेल के नेतृत्व वाली संसद की कड़क

19:26सेना। आखिरकार हाउस ऑफ लॉर्ड्स की जीत हुई

19:28और जनवरी 1649 में राजा चार्ल्स प्रथम को

19:32सरेआम मौत की सजा दी गई। उनका सिर धड़ से

19:35अलग कर दिया गया। कुछ सालों के लिए

19:37इंग्लैंड एक गणतंत्र बन गया। हालांकि 1660

19:40में राजा के बेटे चार्ल्स द्वितीय को वापस

19:42बुलाकर राजा बनाया गया। लेकिन राजा की

19:45ताकत हमेशा के लिए कम हो चुकी थी। इसी दौर

19:47में 1665 में लंदन में एक भयानक प्लेग

19:50फैला और 1666 की लंदन की महा आग यानी

19:53ग्रेट फायर ऑफ लंदन ने पूरे शहर को जलाकर

19:56खाक कर दिया। इसके बाद 1688 में शानदार

19:59क्रांति यानी कि ग्लोरियस रेवोल्यूशन हुई

20:01जिसमें बिना खून बहाए कैथोलिक राजा जेम्स

20:04द्वितीय को हटाकर उसकी बेटी मैरी और दामाद

20:07विलियम को गद्दी सौंप दी गई। नए राजा ने

20:09बिल ऑफ राइट्स को माना जिसे ब्रिटिश संसद

20:12देश की असली मालिक बन गई। आखिरकार साल

20:151707 में एक्ट्स ऑफ यूनियन के तहत

20:17इंग्लैंड और स्कॉटलैंड की संसद हमेशा के

20:20लिए एक हो गई और जन्म हुआ ग्रेट ब्रिटेन

20:22का। 19वीं सदी के आते-आते इसी ब्रिटेन में

20:25औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई। भाप के

20:27इंजनों और फैक्ट्रियों की ताकत ने इस छोटे

20:30से देश को दुनिया का सबसे बड़ा साम्राज्य

20:33बना दिया। एक ऐसा साम्राज्य जिसके बारे

20:35में कहा जाता है कि वहां कभी सूरज नहीं

20:37डूबता। हालांकि 20वीं सदी के पहले और

20:40दूसरे विश्व युद्ध ने इस देश को पूरी तरह

20:42कंगाल कर दिया। लेकिन हजारों सालों के इस

20:45खोने और उतार-चढ़ाव भरे इतिहास ने दुनिया

20:48को एक नई भाषा दी जो आज पूरी दुनिया बोलती

20:51है। रोम की लैटिन, एंग्लो सेक्सन की

20:53जर्मनी, वाइकिंग्स की ओल्ड नॉर्थ और

20:55नॉर्मंस की फ्रेंच इन सब भाषाओं के

20:58कत्लेआम और मिलावट से ही आज की अंग्रेजी

21:01का जन्म हुआ है। तो दोस्तों, इंग्लैंड के

21:03इसी खूनी और जादुई सफर की कहानी यहीं पूरी

21:05होती है। क्या आपको लगता है कि अगर राजा

21:07चार्ल्स प्रथम का सिर ना काटा गया होता तो

21:09संसद को इतनी ताकत ना मिलती और क्या

21:12इंग्लैंड कभी दुनिया पर राज कर पाता? अपनी

21:14राय मुझे कमेंट सेक्शन में लिखकर जरूर

21:16बताएं। और अगर इस वीडियो से आपको कुछ नया

21:18जानने या सीखने को मिला या फिर

21:19इंटरेस्टिंग लगा तो प्लीज इस वीडियो को एक

21:21लाइक करके इसे अपने फ्रेंड्स और फैमिली

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