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0:05क्या आप जानते हैं कि आज दुनिया की सबसे
0:07बड़ी ताकत माने जाने वाला इंग्लैंड हजारों
0:10साल पहले कोई द्वीप या टापू था ही नहीं।
0:13जी हां, आज जिसे हम ब्रिटेन या इंग्लैंड
0:15कहते हैं, वह असल में यूरोप की मुख्य जमीन
0:18से जुड़ा हुआ एक मैदानी इलाका था। लोग
0:21पैदल चलकर वहां आया जाया करते थे। लेकिन
0:24फिर आज से लगभग 11,000 साल पहले एक ऐसी
0:27कुदरत आपदा आई [संगीत] जिसने भूगोल को
0:30हमेशा के लिए बदल कर रख दिया। हिम खत्म हो
0:33रहा था। बर्फ पिघल रही थी और समंदर का
0:36वाटर लेवल इतनी तेजी से बढ़ा कि यूरोप और
0:39ब्रिटेन को जोड़ने वाला डॉगरलैंड नाम का
0:41एक विशाल मैदान पूरी तरह पानी में डूब
0:43गया। देखते ही देखते वह हराभरा रास्ता एक
0:46गहरे समंदर में बदल गया और ब्रिटेन बाकी
0:49दुनिया से कटकर एक अलग टापू बन गया।
0:52दुनिया से अलग होने के बावजूद यहां
0:54इंसानों की जिंदगी थमी नहीं। ईसा पूर्व
0:574000 के आसपास यहां खेती की शुरुआत हुई और
1:00इंसानों ने स्टोनहेंस जैसे पत्थरों के ऐसे
1:02रहस्यमई और विशाल ढांचे खड़े किए जिन्हें
1:06देखकर आज भी विज्ञान हैरान रह जाता है।
1:08समय बीतता गया। पत्थर का जमाना बदला और
1:11कांस यानी कि ब्रोंज़ का दौर आ गया। यूरोप
1:14से नए-नए कबीले यहां आकर बसते रहे जिन्हें
1:17कैल्टिक कहा गया। सदियों तक इन कैल्टिक
1:20आदिवासियों की जिंदगी अपनी रफ्तार से चलती
1:22रही। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि समंदर
1:24पार एक ऐसी महाशक्ति खड़ी हो रही है जिसकी
1:27भूख पूरी दुनिया को निगलने वाली थी और यही
1:30वो मोमेंट था जब साल ईसा पूर्व 55 में
1:33इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर एक ऐसा खौफनाक
1:36मंजर दिखा जिसने वहां के लोगों के होश
1:39उड़ा दिए। समंदर की लहरों को चीरते हुए
1:42रोमन साम्राज्य के सैकड़ों लड़ाकू जहाज तट
1:45की तरफ बढ़ रहे थे। इस फौज की अगुवाई कोई
1:48और नहीं बल्कि इतिहास का सबसे
1:50महत्वाकांक्षी रोमन जनरल जूलियस सीज़र कर
1:53रहा था। सीज़र फ्रांस को फतह करने के बाद
1:55इस अनजान द्वीप को भी अपने पैरों तले
1:58रौंदना चाहता था। सीज़र का पहला हमला तो
2:01सिर्फ तट तक ही सीमित रहा। इसलिए वो अगले
2:03साल फिर से यानी कि ईसा पूर्व 54 में एक
2:06और बड़ा और खूनी लश्कर लेकर वापस लौटा। इस
2:09बार रोमन सैनिकों की तलवारें केल्टिक
2:12आदिवासियों का खून बहाते हुए टेम्स नदी के
2:14उत्तरी किनारे पर पहुंच गई। लेकिन
2:17आदिवासियों के कड़े प्रतिरोध और खराब मौसम
2:19के कारण सीजर यहां अपना कोई पक्का ठिकाना
2:22नहीं बना पाया और उसे वापस लौटना पड़ा। यह
2:25सुनकर अजीब लगता है कि जिस जमीन को सीजर
2:27जैसा महान योद्धा नहीं जीत पाया, उसे रोमन
2:30साम्राज्य भूल नहीं सका। उनके दिमाग में
2:33यह बात बैठ चुकी थी कि इस द्वीप पर कब्जा
2:35करना ही होगा। आखिरकार करीब 100 साल बाद
2:38यानी कि सन 43 ईस्वी में रोमन सम्राट
2:41कॉर्डियस ने एक बेहद खतरनाक और सोची समझी
2:45योजना के तहत इंग्लैंड पर दोबारा धावा बोल
2:47दिया। इस बार रोमन सेना रुकी नहीं।
2:49उन्होंने बर्बरता और कड़े अनुशासन के दम
2:52पर लगभग पूरे इंग्लैंड को अपने घुटनों पर
2:54ला दिया। इसी दौर में उन्होंने लंदन,
2:57चेस्टर और यॉर्क जैसी बस्तियों की नींव
3:00रखी जो आज दुनिया के नक्शे पर बड़े शहरों
3:02में है। रोम का यह शासन कोई शांति की
3:05[संगीत] सेज नहीं था। सन 60 ईसवी में यहां
3:08की एक जांबाज़ आदिवासी रानी बुदिका ने रोम
3:11के जुल्म के खिलाफ ऐसी बगावत की कि रोमन
3:14साम्राज्य की नींव हिल गई। रानी बुदिका की
3:16सेना ने हजारों रोमन सैनिकों को मौत के
3:19घाट उतार दिया। हालांकि बाद में इस
3:21विद्रोह को बेहद बेरहमी से कुचल दिया गया।
3:24इस बगावत के बाद रोम ने अपनी सरहदों को
3:27सुरक्षित करने के लिए उत्तर में हेरर्डियन
3:29वॉल नाम की एक विशाल पथरीली दीवार खड़ी कर
3:32दी। अगली कुछ सदियों तक इंग्लैंड रोमन
3:35साम्राज्य का एक अटूट हिस्सा बना रहा।
3:37लेकिन इतिहास का नियम है जो साम्राज्य ऊपर
3:40उठता है, उसका गिरना भी तय होता है।
3:42पांचवी सदी की शुरुआत होते-होते रोम खुद
3:45अंदर से बहुत कमजोर हो चुका था और उस पर
3:47जंगली बर्बर कबीलों के हमले हो रहे थे।
3:50अपनी मुख्य जमीन को बचाने के लिए सन 407
3:53में रोम ने अपने आखिरी सैनिकों को भी
3:55इंग्लैंड से वापस बुला लिया। रोमन सेना के
3:58जाते ही इंग्लैंड बिल्कुल अनाथ हो गया।
4:00कोई राजा नहीं, कोई फौज नहीं। और तभी
4:03समंदर के रास्ते कुछ ऐसे नए कबीलों की नजर
4:06इस लावारिस जमीन पर पड़ी जिन्होंने यहां
4:08कदम रखते ही एक ऐसा खूनी खेल शुरू किया
4:11जिसने आज की अंग्रेजी भाषा और संस्कृति को
4:14जन्म दिया। तो कौन थे वह खूंखार कबीले और
4:17उन्होंने कैसे पैर पसार कर मूल निवासियों
4:20को उनके ही घर से पराया कर दिया।
4:23[चीखने की आवाज़]
4:30रोमन सेना के जाते ही इंग्लैंड के मूल
4:33निवासी यानी कैल्टिक लोग बिल्कुल बेसहारा
4:35हो चुके थे। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर
4:38पांचवी सदी के मध्य में समंदर पार से कुछ
4:41ऐसे जर्मनी कबीले वहां पहुंचे जिन्होंने
4:44इतिहास का रुख ही पलट दिया। इन्हें आज हम
4:46एंग्लो सेक्शन के नाम से जानते हैं।
4:48शुरुआत में यह लोग रोमन फौज में भाड़े के
4:51सैनिक बनकर आए थे। लेकिन जब उन्होंने देखा
4:53कि यहां की उपजाऊ जमीन पर राज करने वाला
4:56कोई भी नहीं है तो इन्होंने अपने कबीलों
4:58को बुलाना शुरू कर दिया। इतिहासकारों के
5:01बीच आज भी इस बात को लेकर बहस चलती है कि
5:04यह बदलाव कैसे हुआ। कुछ का मानना है कि यह
5:06एक बेहद खौफनाक और खूनी कत्लेआम था। जहां
5:09इन बाहरी हमलावरों ने मूल निवासियों को
5:12गाजर मूली की तरह काट डाला और उनकी जमीनों
5:14पर कब्जा कर लिया। वहीं कुछ लोग मानते हैं
5:17कि यह काम धीरे-धीरे और शांति से हुआ।
5:19हकीकत चाहे जो भी हो लेकिन नतीजा बेहद
5:22क्रूर था। इन एंग्लो सेक्शन लोगों ने मूल
5:24निवासियों की संस्कृति, उनकी परंपराओं और
5:27उनकी भाषा को पूरी तरह मिटा दिया। अब सोचो
5:30जरा सदियों पुरानी एक पूरी सभ्यता को
5:33हटाकर उन्होंने अपनी भाषा और तौर तरीके
5:36थोप दिए और यही वो भाषा थी जो आगे चलकर आज
5:39की अंग्रेजी बनी। सातवीं सदी आते-आते इन
5:42एंग्लो सेक्सन लोगों ने मूल निवासियों को
5:44खदेड़कर वेल्स और कॉर्नवाल जैसे सुदूर
5:47पश्चिमी कोनों में समेट दिया। अब लगभग
5:49पूरे इंग्लैंड पर इनका ही राज था। लेकिन
5:52यह आपस में एक नहीं थे। इन्होंने पूरी
5:54जमीन को सात छोटे-छोटे स्वतंत्र राज्यों
5:56में बांट रखा था। जैसे ईस्ट एंग्लिया,
5:59एसेक्स, केंट, ससेक्स, मर्सिया,
6:02नार्थंबिया और वसेक्स। यह राज्य कहने को
6:05तो एक ही भाषा बोलते थे, लेकिन ताकत के
6:07नशे में चूर ये कबीले हमेशा एक दूसरे के
6:10खून के प्यासे रहते थे। वक्त के साथ-साथ
6:13इन एंग्लो सेक्सन राजाओं ने ईसाई धर्म
6:15अपना लिया। आपसी लड़ाईयों और कत्लेआम के
6:18बाद आठवीं सदी के अंत तक सात छोटे राज्य
6:21सिमटकर सिर्फ चार बड़े राज्यों में ही रह
6:23गए। नॉर्थ एंब्रिया, मर्सिया, ईस्ट
6:25एंग्लिया और वेसेस। अब ऐसा लगने लगा था कि
6:28शायद इनमें से कोई एक राजा पूरे इंग्लैंड
6:31को एक कर देगा। लेकिन तभी समुंदर की लहरों
6:34पर कुछ ऐसा दिखाई दिया जिसने पूरे
6:36इंग्लैंड की रूह कपा दी। साल 793 की एक
6:40ठंडी सुबह नॉर्थ एंब्रिया के तट पर स्थित
6:42लिंस फोर्न नाम के एक शांत ईसाई मठ के
6:46भिक्षु रोज की तरह अपनी प्रार्थनाओं में
6:48मशगूल थे। अचानक समुंदर से अजीबोगरीब
6:51आकृतियों वाली लंबी नावें तट की तरफ आती
6:54दिखाई दी। इनसे पहले कि कोई कुछ समझ पाता,
6:57नावों से हाथ में कुल्हाड़ी और ढाल लिए
7:00खूंखार लंबे चौड़े लड़ाकू चीखते हुए बाहर
7:03निकले। यह इंग्लैंड पर वाइकिंग्स का पहला
7:05सबसे बड़ा और ऐतिहासिक हमला था। इन
7:08वाइकिंग्स ने पवित्र मठ में घुसकर भगवान
7:10की मूर्तियों को तोड़ डाला। निहत्ते
7:12भिक्षुओं को बेरहमी से गाजर मूली की तरह
7:15काट दिया और मठ में रखे सोने चांदी के
7:17खजानों को लूट कर रफूचक्कर हो गए। उस दौर
7:20में जहां चर्च और मठों को सबसे सुरक्षित
7:23और पवित्र माना जाता था, वहां हुए इस
7:25कत्लेआम ने पूरे देश में दहशत का माहौल
7:28पैदा कर दिया। शुरुआत में तो यह वाइकिंग्स
7:30सिर्फ आओ, लूटो और भागो की रणनीति पर काम
7:33कर रहे थे। लेकिन साल 865 में इनकी भूख और
7:37बढ़ गई। अब वह सिर्फ सोना चांदी लूटने
7:39नहीं बल्कि इस पूरी जमीन पर कब्जा करने आए
7:42थे। वाइकिंग्स की एक बहुत बड़ी फौज जिसे
7:44इतिहास में द ग्रेट हीथन आर्मी कहा गया
7:47है। इंग्लैंड के तट पर उतरी। ये सेना एक
7:50के बाद एक एंग्लो सेक्शन राज्यों को
7:52निगलती चली गई। 867 में नॉर्थ एंब्रिया
7:55मलबे में तब्दील हो चुका था। 869 में ईस्ट
7:58एंग्लिया का अंत हुआ और 874 आते-आते
8:01मर्सिया भी वाइकिंग्स के पैरों तले कुचला
8:04जा चुका था। अब पूरे इंग्लैंड में
8:06वाइकिंग्स के खौफनाक शासन के सामने सिर्फ
8:08एक आखिरी राज्य सीनात ताने खड़ा था। वह था
8:11वैसेक्स का राज्य जिसका राजा था
8:13एलेक्जेंडर का हमना नाम अल्फ्रेड।
8:15वैगिंग्स ने वसिक्स को भी चारों तरफ से
8:18घेर लिया था। साल 878 तक आते-आते हालात
8:21इतने बदतर हो गए कि राजा अल्फ्रेड को अपनी
8:23जान बचाने के लिए दलदलों और जंगलों में
8:26छिपना पड़ा। इंग्लैंड का भविष्य पूरी तरह
8:28अंधकार में था। चारों तरफ सिर्फ वाइकिंग्स
8:30की कुल्हाड़ियां और चीखें थी और एंग्लो
8:33सेक्सन साम्राज्य का अंत बिल्कुल करीब था।
8:35तो क्या राजा अल्फ्रेड इन खंखार वाइकिंग्स
8:38के सामने घुटने टेकने वाले थे? या फिर
8:40जंगलों की इस राख से एक ऐसा पलटवार होने
8:43वाला था जो इंग्लैंड को एक नए सम्राट से
8:46मिलवाने वाला था।
8:55दोस्तों दलदलों और घने जंगलों में छिपे
8:57राजा अल्फ्रेड के पास खाने के लिए अब कुछ
8:59भी नहीं बचा था सिवाय अपनी मातृभूमि की
9:02आजादी के। मई 878 में अल्फ्रेड ने बिखरे
9:05हुए सैनिकों को इकट्ठा किया और एडिंगटन की
9:08लड़ाई में वाइकिंग्स के खिलाफ अपनी जिंदगी
9:10का सबसे बड़ा दांव खेल दिया। यह जंग इतनी
9:13भयानक थी कि तलवारों की खनक और चीखों से
9:16आसमान गूंज उठा। अल्फ्रेड की यह रणनीति
9:19काम कर गई और उन्होंने वाइकिंग्स को पीछे
9:22धकेल दिया। इसी ऐतिहासिक जीत के बाद
9:24उन्हें नाम मिला अल्फ्रेड द ग्रेट।
9:27अल्फ्रेड ने वाइकिंग्स के साथ समझौता करके
9:29उन्हें देश के पूर्वी हिस्से यानी डेंडला
9:32तक सीमित कर दिया। इसके बाद वैसेक्स के
9:34राजाओं ने धीरे-धीरे वाइकिंग्स के कब्जे
9:36वाले इलाकों को वापस जीतना शुरू किया।
9:39अल्फ्रेड के पोते एथलस्टेन ने साल 927 में
9:43यॉर्क पर कब्जा कर लिया और इतिहास में
9:45पहली बार खुद को एक नया खिताब दिया किंग
9:48ऑफ द इंग्लिश। यानी अब जाकर सही मायनों
9:51में एक संयुक्त इंग्लैंड का जन्म हुआ था।
9:53लेकिन यह शांति ज्यादा दिनों तक टिकी
9:55नहीं। साल 1042 में राजा एडवर्ड द
9:59कन्फेंसर गद्दी पर बैठे। लेकिन उनकी एक
10:01गलती ने पूरे इंग्लैंड को फिर से तबाही के
10:04मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। वो गलती थी
10:07बिना किसी वारिस के मर जाना। साल 1066 की
10:11शुरुआत होते ही इंग्लैंड की गद्दी के लिए
10:14एक ऐसा खूनी ड्रामा शुरू हुआ जिसकी मिसाल
10:17इतिहास में नहीं मिलती। एडवर्ड की मौत के
10:19बाद इंग्लैंड के एक ताकतवर रईस हेरोल्ड
10:22गॉडविंसन ने खुद को राजा घोषित कर दिया।
10:25लेकिन इस गद्दी पर सिर्फ उनकी ही नजर नहीं
10:27थी। नॉर्वे का खूंखार वाइकिंग राजा
10:29हेरोल्ड हार्डराडा और फ्रांस के नॉर्मेडी
10:32का ड्यूक विलियम दोनों का मानना था कि
10:35गद्दी पर असली हक उनका है। अब सोचो जरा एक
10:38छोटा सा देश और उस पर एक साथ तीन-तीन
10:40दावेदार। सितंबर 106 में नॉर्वे के
10:44वाइकिंग्स ने उत्तर से हमला कर दिया। राजा
10:46हेरोल्ड ने फुर्ती दिखाई और स्टैमफोर्ड
10:49ब्रिज की लड़ाई में वाइकिंग्स राजा को मौत
10:51के घाट उतार कर उस हमले को नाकाम कर दिया।
10:54लेकिन अभी वह इस जीत का जश्न मना भी नहीं
10:56पाए थे कि दक्षिण से एक और बुरी खबर आई।
10:59फ्रांस का ड्यूक विलियम एक बहुत बड़ी फौज
11:02के साथ इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर उतर
11:04चुका था। हेरोल्ड की थकी हारी सेना को
11:07बिना आराम किए हफ्तों पैदल चलकर दक्षिण की
11:10तरफ भागना पड़ा और फिर आया 14 अक्टूबर 106
11:14का वह बदनाम दिन जिसे इतिहास हेस्टिंग्स
11:17की लड़ाई के नाम से जानता है। मैदान जंग
11:19का मंजर रूह कापा देने वाला था। एक तरफ
11:22फ्रांस के घुड़सवार थे तो दूसरी तरफ
11:24एंग्लो सेक्सन सैनिकों की ढालों की दीवार।
11:26जंग के बीच में एक अफवाह उड़ी कि ड्यूक
11:29विलियम मारा गया। लेकिन विलियम ने अपना
11:31हेलमेट उतार कर चिल्लाते हुए कहा, "मैं
11:34जिंदा हूं इस जमीन को जीत कर रहूंगा।" इसी
11:37अफरातफरी के बीच एक तीर सीधे राजा हेरोल्ड
11:40की आंख में जा घुसा। राजा के गिरते ही
11:43एंग्लो सेक्सन सेना में भगदड़ मच गई। उसी
11:46साल क्रिसमस के दिन फ्रांस के इस विजेता
11:49को विलियम द कॉनकरर के रूप में इंग्लैंड
11:51का नया राजा चुना गया। इस एक जंग ने
11:54इंग्लैंड के इतिहास, उसकी संस्कृति और
11:56उनके रईसों को हमेशा के लिए बदल दिया।
11:59एंग्लो सेक्सन राजाओं का दौर अब खत्म हो
12:02चुका था और अब शुरू होने वाला था
12:04फ्रांसीसी मूल के नॉर्मन राजाओं का एक ऐसा
12:06दौर जिसने इंग्लैंड को एक नई भाषा और नए
12:10जुल्म से रूबरू कराया। तो क्या इंग्लैंड
12:12के लोग इन फ्रांसीसी आकाओं की गुलामी
12:15चुपचाप स्वीकार करने वाले थे या फिर देश
12:17के भीतर एक और गृह युद्ध की आग सुलगने
12:20वाली थी?
12:28विजेता विलियम ने राजा बनते ही पूरे
12:31इंग्लैंड पर अपना शिकंजा कस लिया।
12:33उन्होंने डोमस्टे बुक नाम का एक विशाल
12:35सर्वे करवाया ताकि देश की पाईपाई और एक-एक
12:39इंसान का हिसाब रखा जा सके। नतीजा यह हुआ
12:42कि इंग्लैंड के लगभग सभी पुराने रईसों को
12:44हटाकर फ्रांसीसी मूल के नॉर्मन ब्लॉट्स को
12:48जमीनें दे दी गई। अब महल के ऊंचे कमरों
12:50में फ्रेंच भाषा बोली जाने लगी। जबकि आम
12:53जनता अपनी पुरानी अंग्रेजी बोलती रही। इसी
12:56मिलावट से आज की आधुनिक अंग्रेजी का जन्म
12:58हुआ। वक्त का पहिया घूमता रहा। लगभग 80
13:01साल बाद गद्दी की लड़ाई के कारण देश में
13:04एक खौफनाक गृह युद्ध छिड़ा। आखिरकार साल
13:071154 में गद्दी संभाली हेनरी द्वितीय ने
13:10जो प्लंटेगनेट राजवंश के पहले राजा बने।
13:13हेनरी सिर्फ इंग्लैंड के राजा नहीं थे
13:15बल्कि अपनी शादी और ताकत के दम पर वो
13:18फ्रांस के एक बहुत बड़े हिस्से के भी
13:20मालिक थे। इसे एंजविन साम्राज्य कहा गया।
13:23लेकिन यह सुनके अजीब लगता है ना कि जो
13:25राजा इतने बड़े साम्राज्य का मालिक था उसी
13:28के वंशज किंग जॉन की नाकामी के कारण इन
13:30रईसों ने बगावत कर दी। साल 1215 में रईसों
13:34ने राजा को घेर कर एक ऐतिहासिक दस्तावेज
13:37पर दस्तखत करने के लिए उन्हें मजबूर किया
13:39जिसे मैग्नाका कहा जाता है। इसने राजा की
13:42असीमित ताकत पर लगाम लगा दी और आम लोगों
13:45के अधिकारों की नींव रखी। इसके बाद एडवर्ड
13:47प्रथम ने देश की पहली संसद यानी कि
13:50पार्लियामेंट की शुरुआत की और तलवार के दम
13:52पर वेल्स पर कब्जा कर लिया। 14वीं सदी की
13:55शुरुआत होते ही इंग्लैंड और फ्रांस के बीच
13:58जमीन को लेकर एक ऐसी लंबी जंग शुरू हुई जो
14:01इतिहास में 100 इयर्स ऑफ वॉर यानी कि 100
14:04साल के युद्ध के नाम से जानी जाती है।
14:06एडवर्ड तृतीय के नेतृत्व में इंग्लैंड की
14:09फौज ने फ्रांस को कई लड़ाईयों में धूल
14:11चटाई। लेकिन तभी समंदर पार से एक ऐसा
14:14दुश्मन आया जिसके सामने राजा की तोपें और
14:16सैनिकों की तलवारें बिल्कुल बेअसर साबित
14:19हुई। वो दुश्मन था ब्लैक डेथ यानी प्लेग
14:22की महामारी। साल 1348 में एशिया से होता
14:25हुआ यह प्लेग एक जहाज के जरिए इंग्लैंड तक
14:28जा पहुंचा। सोचो जरा वो मंजर कितना भयानक
14:31रहा होगा। हट्टे-खट्टे इंसान सुबह भले
14:33चंगे उठते थे और शाम तक उनके शरीर पर
14:36काले-काले फोड़े निकल आते थे और अगले दिन
14:39उनकी लाश मिलती थी। देखते ही देखते इस
14:41बीमारी ने इंग्लैंड की आधी आबादी को साफ
14:44कर दिया। हर तरफ सिर्फ लाशों का ढेर था और
14:46उन्हें दफनाने वाला कोई बचा नहीं था। इस
14:49महामारी ने देश का [संगीत] पूरा ताना-बाना
14:52तोड़ दिया। खेत बंजर हो गए क्योंकि काम
14:54करने वाले कोई मजदूर नहीं बचे थे। जो
14:56मजदूर जिंदा बचे उन पर राजा ने जंग का
14:59खर्चा निकालने के लिए भारी टैक्स ठोक
15:01दिया। इस जुल्म के खिलाफ साल 1381 में
15:05गरीब किसानों ने पिजेंट्स रिवॉल्ट यानी कि
15:08किसानों की वह ऐतिहासिक बगावत की जिसने
15:10लंदन की सड़कों को हिला कर रख दिया।
15:13गुस्साए किसानों ने सरकारी अफसरों को बीच
15:15बाजार मौत के घाट उतार दिया। हालांकि इस
15:17बगावत को बाद में शांत कर दिया गया। लेकिन
15:19राजमहल के भीतर गद्दी की खूनी जंग अभी
15:22खत्म नहीं हुई थी। साल 1455 में एक ऐसा
15:25गृह युद्ध शुरू हुआ जिसने प्लांटनेट
15:28राजवंश के दो गुटों को आपस में लड़ा दिया।
15:30इस युद्ध को इतिहास में वॉर्स ऑफ़ द रोजेज़
15:33कहा जाता है। क्योंकि यर्क कबीले का
15:35प्रतीक सफ़ेद गुलाब था और लंगस्टर कबीले का
15:38प्रतीक लाल गुलाब था। 30 सालों तक चले इस
15:41खूनी खेल में दोनों तरफ के रईस और शहजादे
15:44एक दूसरे का कत्ल करते रहे। आखिरकार साल
15:471485 में बर्थवर्स फील्ड्स की लड़ाई में
15:50हेनरी ट्यूडर ने यर्क कबीले के आखिरी राजा
15:53रिचर्ड तृतीय को मौत के घाट उतार दिया।
15:55रिचर्ड के मौत के साथ ही इस खूनी जंग का
15:58अंत हुआ और हेनरी ट्यूडर ने दोनों कबीलों
16:01को एक करने के लिए यार्क की राजकुमारी से
16:04शादी कर ली और यहीं से शुरुआत हुई इतिहास
16:06के सबसे मशहूर सन की और ताकतवर ट्यूडर
16:10राजवंश की। तो कौन था ट्यूडर राजवंश का वो
16:12राजा जिसने सिर्फ एक बेटे की चाहत में छह
16:15शादियां की और जिसके फैसलों ने पूरे
16:18इंग्लैंड के धर्म को ही बदल कर रख दिया।
16:27ट्यूडर वंश की शुरुआत के साथ ही इंग्लैंड
16:30में सुख शांति का एक नया दौर शुरू हुआ।
16:32लेकिन साल 1509 में जब हेनरी आठवां गद्दी
16:36पर बैठा तो देश का इतिहास एक बेहद अजीब और
16:39क्रूर रास्ते पर चल पड़ा। हेनरी को अपने
16:41साम्राज्य के लिए एक बेटा यानी वारिस
16:44चाहिए था। उसकी पहली पत्नी कैथरीन से उसे
16:46सिर्फ एक बेटी मिली मैरी। जब स्पेन के पोप
16:49ने हेनरी को तलाक देने से मना कर दिया तो
16:52गुस्से में आकर सन की राजा ने पूरे देश को
16:55ही कैथोलिक चर्च से अलग कर दिया। उसने खुद
16:58का एक नया प्रोटेस्टेंट चर्च ऑफ इंग्लैंड
17:00बनाया और अपनी मर्जी से तलाक ले लिया।
17:03बेटा पाने की इस सनक में हेनरी ने एक के
17:05बाद एक छह शादियां की। उसकी दूसरी पत्नी
17:08एन बोलिन को उसने सिर्फ इसलिए सरेआम
17:11कुल्हाड़ी से कटवा दिया क्योंकि वह भी
17:13बेटा नहीं दे पाई। तीसरी पत्नी बेटे को
17:15जन्म देते ही मर गई। चौथी को उसने बदसूरत
17:18कहकर तलाक दे दिया और पांचवी पत्नी को भी
17:21बेवफा बेवफाई के इल्जाम में मौत के घाट
17:23उतार दिया और सिर्फ छठी पत्नी ही
17:25खुशकिस्मत रही जो राजा की मौत के वक्त
17:27जिंदा बच सकी। साल 1547 में हेनरी की मौत
17:31के बाद उसका बेटा एडवर्ड राजा बना। लेकिन
17:34टीबी की बीमारी की वजह से वह छोटी सी उम्र
17:36में ही चल बसा। इसके बाद गद्दी संभाली
17:39हेनरी की पहली बेटी ब्लडी मैरी ने। मैरी
17:42पक्की कैथोलिक थी। इसलिए उसने पिता के
17:44बनाए प्रोटेस्टेंट धर्म के लोगों पर ऐसा
17:46जुल्म ढाया कि करीब 280 लोगों को जिंदा
17:50खंभों से बांधकर आग के हवाले कर दिया। इसी
17:53बेरहमी के कारण लोग उसे आज भी ब्लडी मैरी
17:56कहते हैं। लेकिन जब 1558 में मैरी की मौत
17:59हुई तो इंग्लैंड के इतिहास में उस रानी की
18:01एंट्री हुई जिसने देश को दुनिया की
18:03महाशक्ति बना दिया। रानी एलिजाबेथ प्रथम।
18:07रानी एलिजाबेथ के 45 सालों के राज को
18:10इंग्लैंड का स्वर्णकाल कहा जाता है।
18:12उन्होंने देश में धार्मिक शांति कायम की।
18:14आबादी बढ़ी और विलियम शेक्सपियर जैसे महान
18:17लेखकों ने इसी दौर में अपने नाटक लिखे।
18:20इसी समय सर फ्रांसिस ड्रैक जैसे समुद्री
18:22लुटेरों और नाविकों ने समंदर पर इंग्लैंड
18:25की धाक जमाई और 1588 में उस समय की सबसे
18:29बड़ी नौसेना स्पेनिश अरमाडा को धूल चटा
18:32दी। एलिजाबेथ ने कभी शादी नहीं की। इसलिए
18:341603 में उनकी मौत के बाद ट्यूडर वंश खत्म
18:38हो गया और गद्दी पहुंची स्कॉटलैंड के
18:40स्टुअर्ट राजवंश के राजा जेम्स के पास।
18:42राजा जेम्स के समय ही 1605 में गन पाउडर
18:45प्लांट नाम की एक मशहूर साजिश हुई जिसमें
18:48कुछ कैथोलिकों ने संसद को बारूद से उड़ाने
18:50की कोशिश की थी। इसी दौर में अंग्रेजों ने
18:53अमेरिका और भारत में अपनी पहली कोठियां और
18:56कॉलोनियां बनाई जो आगे चलकर ब्रिटिश
18:58साम्राज्य की रीड बनी। लेकिन राजा और
19:00ब्रिटिश संसद यानी कि हाउस ऑफ लॉर्ड्स के
19:03बीच ताकत की यह लड़ाई जेम्स के बेटे
19:05चार्ल्स प्रथम के समय एक खूनी मोड़ पर
19:08पहुंच गई। राजा चार्ल्स का मानना था कि
19:10उसे राज करने का अधिकार सीधे भगवान से
19:12मिला है। इसलिए वह संसद को कुछ भी नहीं
19:15समझता था। बात इतनी बिगड़ी कि 1642 में
19:18देश में एक भीषण गृह युद्ध छिड़ गया। एक
19:20तरफ थे राजा के वफादार तो दूसरी तरफ ओलिवर
19:23क्रोमवेल के नेतृत्व वाली संसद की कड़क
19:26सेना। आखिरकार हाउस ऑफ लॉर्ड्स की जीत हुई
19:28और जनवरी 1649 में राजा चार्ल्स प्रथम को
19:32सरेआम मौत की सजा दी गई। उनका सिर धड़ से
19:35अलग कर दिया गया। कुछ सालों के लिए
19:37इंग्लैंड एक गणतंत्र बन गया। हालांकि 1660
19:40में राजा के बेटे चार्ल्स द्वितीय को वापस
19:42बुलाकर राजा बनाया गया। लेकिन राजा की
19:45ताकत हमेशा के लिए कम हो चुकी थी। इसी दौर
19:47में 1665 में लंदन में एक भयानक प्लेग
19:50फैला और 1666 की लंदन की महा आग यानी
19:53ग्रेट फायर ऑफ लंदन ने पूरे शहर को जलाकर
19:56खाक कर दिया। इसके बाद 1688 में शानदार
19:59क्रांति यानी कि ग्लोरियस रेवोल्यूशन हुई
20:01जिसमें बिना खून बहाए कैथोलिक राजा जेम्स
20:04द्वितीय को हटाकर उसकी बेटी मैरी और दामाद
20:07विलियम को गद्दी सौंप दी गई। नए राजा ने
20:09बिल ऑफ राइट्स को माना जिसे ब्रिटिश संसद
20:12देश की असली मालिक बन गई। आखिरकार साल
20:151707 में एक्ट्स ऑफ यूनियन के तहत
20:17इंग्लैंड और स्कॉटलैंड की संसद हमेशा के
20:20लिए एक हो गई और जन्म हुआ ग्रेट ब्रिटेन
20:22का। 19वीं सदी के आते-आते इसी ब्रिटेन में
20:25औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई। भाप के
20:27इंजनों और फैक्ट्रियों की ताकत ने इस छोटे
20:30से देश को दुनिया का सबसे बड़ा साम्राज्य
20:33बना दिया। एक ऐसा साम्राज्य जिसके बारे
20:35में कहा जाता है कि वहां कभी सूरज नहीं
20:37डूबता। हालांकि 20वीं सदी के पहले और
20:40दूसरे विश्व युद्ध ने इस देश को पूरी तरह
20:42कंगाल कर दिया। लेकिन हजारों सालों के इस
20:45खोने और उतार-चढ़ाव भरे इतिहास ने दुनिया
20:48को एक नई भाषा दी जो आज पूरी दुनिया बोलती
20:51है। रोम की लैटिन, एंग्लो सेक्सन की
20:53जर्मनी, वाइकिंग्स की ओल्ड नॉर्थ और
20:55नॉर्मंस की फ्रेंच इन सब भाषाओं के
20:58कत्लेआम और मिलावट से ही आज की अंग्रेजी
21:01का जन्म हुआ है। तो दोस्तों, इंग्लैंड के
21:03इसी खूनी और जादुई सफर की कहानी यहीं पूरी
21:05होती है। क्या आपको लगता है कि अगर राजा
21:07चार्ल्स प्रथम का सिर ना काटा गया होता तो
21:09संसद को इतनी ताकत ना मिलती और क्या
21:12इंग्लैंड कभी दुनिया पर राज कर पाता? अपनी
21:14राय मुझे कमेंट सेक्शन में लिखकर जरूर
21:16बताएं। और अगर इस वीडियो से आपको कुछ नया
21:18जानने या सीखने को मिला या फिर
21:19इंटरेस्टिंग लगा तो प्लीज इस वीडियो को एक
21:21लाइक करके इसे अपने फ्रेंड्स और फैमिली
21:23में से जरूर शेयर करें और ऐसे ही हिस्ट्री
21:25के डिटेल्ड वीडियो देखने के लिए इस चैनल
21:27को सब्सक्राइब करके बेल नोटिफिकेशन आइकन
21:28को ऑन कर लीजिए ताकि हमारे आने वाले
21:30वीडियोस आप मिस ना करें। मिलते हैं इतिहास
21:33के एक और पन्ने के साथ तब तक के लिए
21:35नमस्कार।