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Introduction to Law | Business Law | CSEET October 2026 | CS Shivani Miglani

CSEET by PW · 10,591 words · 49 min read

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Introduction to the Chapter

0:01हेलो हेलो हेलो हेलो हेलो हेलो हेलो जी

0:03हेलो हेलो मेरे बच्चे कैसे हैं आप सब होप

0:07यू ऑल आर डूइंग ग्रेट एट योर होम घर पे सब

0:10कैसे हैं बढ़िया अंकल जी आंटी जी ठीक हैं

0:13घरवाले घरवाली ठीक है तुम्हारे भाई सब

0:16बढ़िया चल रहा है तो आज जो भाई पहला पहला

0:20प्यार नहीं जिंदा लाश वन शॉट है किसका वन

0:23शॉट है बिजनेस लॉ मैम वन शॉट का मतलब क्या

0:26है कि इसमें एक ही लेक्चर में लॉ का एक

0:31चैप्टर खल्लास। भाई बोल सकते हैं हम एक

0:35क्लास और एक चैप्टर खल्लास। जैसे आज हमारा

0:40चैप्टर का टारगेट है इंट्रोडक्शन टू लॉ।

0:44बिजनेस लॉ का चैप्टर नंबर वन। बिजनेस लॉ

0:49का चैप्टर नंबर वन। तो आज हम इस चैप्टर को

0:53एकदम बहुत बढ़िया तरीके से करने की कोशिश

0:56करेंगे। ठीक है जी? आइए आगे बढ़ते हैं। अब

0:59तुम्हें पता है कि बिजनेस लॉ जो है यह

1:02कंप्लीट एक एमसीक्यू पेपर है। तो हमें

1:04इसमें मॉड्यूल में से करने की भी बहुत

1:06जरूरत है। क्यों? क्योंकि कभी कबभार

1:08छोटे-छोटे क्वेश्चंस, छोटी-छोटी केस

1:11स्टडीज में से बड़ी-बड़ी क्वेश्चंस आ सकते

1:14हैं। चलो आइए अगर आपको ये नोट्स चाहिए जो

1:18मैं लिखवा रही हूं मेरे बच्चे तो आप आप

1:21सीएस डबल ईटी के बैच में जाएंगे अभियान

1:24बैच में आपको वहां पर ये नोट्स मिल जाएंगे

1:28मेरे बच्चे। ठीक है? आप वहां से ये नोट्स

1:31डाउनलोड कर सकते हैं। बैच कौन सा रहेगा

1:33अपना? अभियान बैच। ठीक है जी। आइए।

1:37चैप्टर का नाम क्या है? माय पुचंकड़ी। और

1:412x पे नहीं देखना। बहुत चैट पढ़ेंगे मैं

1:43बता रही हूं। चैप्टर का नाम है

1:46इंट्रोडक्शन

1:48टू लॉ। क्या नाम है मेरे बच्चे?

1:51इंट्रोडक्शन

1:53टू लॉ। ठीक है मैम। कोई दिक्कत नहीं है।

1:55इंट्रोडक्शन टू लॉ। है ना? अब सबसे पहले

What is Law?

1:58तो ये समझना है कि भाई साहब जी ये लॉ क्या

2:04होता है? तो लॉ का मतलब होता है रूल्स एंड

2:10रेगुलेशंस

2:11मेड बाय गवर्नमेंट। क्या मतलब है? रूल्स

2:16एंड रेगुलेशंस मेड बाय गवर्नमेंट। अच्छा

2:19अब आपको भी पता है कि यार हिंदुस्तान में

2:21कितनी प्रॉब्लम्स हैं? टैक्स के नाम पे

2:24प्रॉब्लम्स, बाइकों के नाम पे प्रॉब्लम्स,

2:26मोटर व्हीकल के नाम पे प्रॉब्लम्स, कंपनी

2:29के नाम पे प्रॉब्लम्स, शेयर के नाम पे

2:31प्रॉब्लम्स, न्यूमरस प्रॉब्लम्स। उन

2:34प्रॉब्लम्स का सॉल्यूशन क्या है? कि उस पर

2:37लॉ बनाओ। उसको रेगुलेट करो। उससे रिलेटेड

2:41रूल्स एंड रेगुलेशन बने। तो अगर मैं एक

2:44शब्द में आपको जवाब दूं तो लॉ का मतलब

2:47क्या होगा मेरे बच्चे? सॉल्यूशन। लॉ का

2:51मतलब क्या होगा रजे? सॉल्यूशन। क्या इतनी

2:54बात क्लियर है? दूसरा सवाल आता है कि मैम

2:58ये जो लॉ है ये डायनेमिक इन नेचर है या ये

3:03स्टैटिक इन नेचर है? स्टैटिक का मतलब होता

3:07है स्थिर। स्टैटिक का मतलब क्या होता है?

3:10स्थिर। जो चीज कभी चेंज नहीं होती। जैसे

3:14तुम उसके लाख बार ब्लॉक करने के बाद भी

3:16उसी के पास जाते हो। मतलब तुम कभी चेंज

3:19नहीं होते। और डायनेमिक का मतलब जो चीज और

3:23पल-पल जीना मोहर मतलब जो पल-पल चेंज होती

3:27रहती है जैसे वो समझ रहे हो जब उसका मूड

3:30करता है मैसेज आता है जब नहीं करता नहीं

3:33आता तो लॉ भी क्या है मेरे बच्चे डायनेमिक

3:36इन नेचर बिकॉज़ लॉ कीप्स ऑन चेंजिंग लॉ

3:41व्हाट मेरे बच्चे कीप्स ऑन चेंजिंग लॉ जो

3:46है वो चेंज होता रहता है आप सिंपल सी बात

3:50समझो समझो यार जो लॉ है वो किसके लिए बना

3:53है? सोसाइटी के लिए। किसके लिए बना है?

3:57सोसाइटी के लिए। क्या सोसाइटी चेंज होती

4:00है? यस। तो भाई लॉ को भी तो चेंज होना

4:03पड़ेगा ना ताकि वो सोसाइटी की नीड्स को

4:05सर्व कर सके। सो लॉ

4:08रूल्स एंड रेगुलेशंस मेड बाय द गवर्नमेंट।

4:11एंड इट इज़ नॉट स्टैटिक। इट इज़ व्हाट?

4:14डायनेमिक इन नेचर। इट इज व्हाट मेरे बच्चे

4:18डायनेमिक इन नेचर। अब हम आगे बढ़ते हैं। अब

Schools of Law: An Overview

4:21मेरी बात सुनना ध्यान से। जब मैं लॉ की

4:25बात करती हूं किसकी बात करती हूं? लॉ की

4:29तो लॉ की कोई भी एक डेफिनेशन नहीं है। इट

4:34इज नॉट लाइक कि भाई साहब लॉ में सिर्फ एक

4:37डेफिनेशन नहीं। ऐसा क्यों? क्योंकि समझो

4:41लॉ में जो लोग एक्सपर्ट्स हैं उन्हें

4:44बोलते हैं जरिस्ट। ठीक है? अब जैसे मैं

4:47गाना बहुत अच्छा गाती हूं तो मैं सिंगर,

4:50मैं डांस बहुत अच्छा करती हूं। तो मैं

4:53डांसर, मैं भाई ड्राइंग बहुत अच्छी बनाती

4:56हूं। देखो ये क्या लड़की बनाई है मैंने।

4:58ठीक है? तो आई एम आर्टिस्ट। तो उसी तरीके

5:02से वो इंसान जिसको लॉ की बहुत ज्यादा

5:06तगड़ी नॉलेज है उसको क्या बोला जाता है?

5:10जुरिस्ट। क्या बोला जाता है मेरे बच्चों?

5:13जुरिस्ट। तो अलग-अलग जरिस्ट रहे और

5:16उन्होंने अलग-अलग डेफिनेशंस दी लॉ की। ठीक

5:19है? तो मेरा पहला पड़ाव है उन डेफिनेशंस

5:24को समझना। तो हमारे लॉ के पांच स्कूल्स

5:28रहे। मैम स्कूल्स का मतलब एक तरीके के

5:31ब्रांचेस। लॉ की डेफिनेशन को अलग-अलग

5:34स्कूल्स में डाला गया। उन स्कूल्स के

5:37अलग-अलग जुरिस थे। क्या मैम हमें नाम याद

5:39रखना है? एक बहुत बढ़िया बात क्या है कि

5:42आपको लिखना नहीं है कि आपको कंप्लीट नाम

5:44याद होना चाहिए। अगर आपको थोड़ा सा हिंट

5:47भी है ना उस नाम का तो भाई आप बहुत तगड़े

5:50तरीके से एमसीक्यू को सॉल्व कर सकते हो।

5:52ठीक है? सुनना मेरी बात।

5:58अब लॉ जो है।

6:00ठीक है? अब किसी भी एक जरिस्ट ने तो

6:02डिफाइन किया ही नहीं है। तो पांच स्कूल्स

6:06हैं जो आपके सिलेबस में हैं। कितने

6:09स्कूल्स हैं मेरे बच्चे? पांच। आइए सबसे

6:11पहले

6:13नेचुरल स्कूल। सबसे पहले नेचुरल स्कूल।

6:17ठीक है? फिर रियलिस्टिक स्कूल। फिर क्या

6:22है? रियलिस्टिक स्कूल।

6:25उसके बाद पॉजिटिविस्टिक स्कूल।

6:29पॉजिटिविस्टिक स्कूल उसके बाद

6:34हिस्टोरिकल स्कूल

6:37और उसके बाद सोशियोलॉजिकल

6:41स्कूल। उसके बाद कौन सा स्कूल है मेरे

6:44बच्चे? सोशियोलॉजिकल स्कूल। तो ये पांच

6:47स्कूल्स हैं जिनमें अलग-अलग जरिस्ट हैं और

6:51हमें वो पढ़ने हैं। फटाफट से। सबसे पहला

6:53क्या है? नेचुरल स्कूल। बोलो। सबसे पहला

6:56क्या है मेरे बच्चों? नेचुरल स्कूल दूसरा

7:00रियलिस्टिक स्कूल तीसरा पॉजिटिविस्टिक

7:03स्कूल चौथा हिस्टोरिकल स्कूल पांचवा

7:06सोशियोलॉजिकल स्कूल बोलो बोलो बोलो नेचुरल

7:09स्कूल रियलिस्टिक स्कूल पॉजिटिविस्टिक

7:11स्कूल हिस्टोरिकल स्कूल सोशियोलॉजिकल

7:14स्कूल क्या एक सवाल मेरे पेपर में ये आ

7:16सकता है कि बताओ कौन सा स्कूल जो है वो

7:20डिफाइंड नहीं है यस और नो तो माइट बी

7:23पॉसिबल कि भाई यह तुम्हारे पेपर में आ

7:25सकता है कि बताओ कौन सा स्कूल है बट बट

7:27वैसे तुम याद रखोगे नेचुरल, रियलिस्टिक,

7:31पॉजिटिविस्ट, हिस्टोरिकल एंड सोशियोलॉजिकल

7:36ब्रो। ठीक है? कोई दिक्कत नहीं है। अब आगे

7:38बढ़ते हैं। अब सबसे पहले हम शुरुआत करते

7:41हैं नेचुरल स्कूल से। ठीक है? आप समझो

Natural School of Law

7:45नेचुरल का मतलब ही क्या है? जो चीज

7:48आर्टिफिशियल नहीं है, हां या ना? उसको हम

7:51बोलते हैं नेचुरल। जो चीज सही है हम उसको

7:55बोलते हैं नेचुरल। तो नेचुरल स्कूल में

7:58एफसिस किया गया कि जो सही है वो लॉ है और

8:02जो सही नहीं है वो लॉ नहीं है। दोबारा जब

8:06हम नेचुरल स्कूल के बारे में पढ़ते हैं।

8:09जब हम किसके बारे में पढ़ते हैं? नेचुरल

8:12स्कूल के बारे में। तो नेचुरल स्कूल में

8:15ये एफेसिस यानी ये बोला गया कि भाई साहब

8:19जी सुनो जो सही है वो लॉ है और जो सही

8:24नहीं है वो लॉ नहीं है। जैसा कि एग्जांपल

8:29इसमें तीन जरिस्ट थे। यू सी एंड जे। कितने

8:34जरिस्ट थे? तीन। यू सी एंड जे। दोबारा

8:39कितने जरिस्ट थे? तीन। यू सी एंड जे यू से

8:44क्या होता है मेरे बच्चे अल्पाइन

8:48यू से क्या होता है अल्पाइन

8:51सी से क्या होता है सिरारियो

8:55और जे से है मेरे बच्चे जस्टिनियन

8:59जे से क्या है जस्टिनियन अल्पाइन ने क्या

9:03बोला लॉ इज द एक्ट एंड साइंस

9:09ऑफ व्हाट इज इज इक्विटेबल एंड गुड? व्हाट

9:13इज इक्विटेबल एंड गुड?

9:17क्या चीज सही है? वो लॉ है। ठीक है?

9:21सिरारियो ने क्या बोला? लॉ इज द हाईएस्ट

9:26रीजन। लॉ इज द हाईएस्ट रीजन इंप्लांटेड इन

9:32नेचर। लॉ इज द हाईएस्ट रीजन इंप्लांटेड इन

9:37नेचर। इंप्लांटेड इन व्हाट मेरे बच्चे?

9:40इंप्लांटेड इन नेचर। जस्टिनियन ने क्या

9:44बोला? व्हाट इज जस्ट एंड व्हाट इज अनजस्ट?

9:50व्हाट इज जस्ट एंड व्हाट इज अनजस्ट? ये लॉ

9:54है। ठीक है? एक बार इसको दोबारा पढ़ते हैं।

9:57एक बार दोबारा फटाफट से सुनना। नेचुरल

10:00स्कूल देखो याद करते हुए चलेंगे। टेंशन

10:02नहीं लेनी। चाहे ये वन शॉट है। आप इसको 2x

10:05पे अब भाई तुम मानोगे तो है नहीं। ठीक है?

10:07आप इसको जैसे मर्जी देखो बस आपको मेरे साथ

10:10रिपीट करना है। नेचुरल स्कूल यू सीजे बोलो

10:14बोलो बोलो नेचुरल स्कूल यू सीजे नेचुरल

10:17स्कूल यू सीजे नेचुरल स्कूल यू सीजे यू से

10:22अल्पाइन सी से सिरारियो जे से जस्टिनियन

10:28अल्पाइन की कहदा है व्हाट इज़ इक्विटेबल

10:31एंड व्हाट इज़ गुड सिरारियो की कहदा है

10:34हाईएस्ट रीज़ इंप्लांटेड नेचर वो वो कहते

10:37है ना पंजाबी वो हाईएस्ट रीज़ इंप्लांटेड

10:40इन नेचर हाईएस्ट रीज़ इंप्लांटेड इन नेचर

10:42का क्या मतलब है कि भाई लॉ बना लॉ जो है

10:45ना वो नेचर में हाईएस्ट रीजन है भाई इतना

10:48बड़ा लॉ है ठीक है और जस्टिनियन क्या बोलता

10:51है व्हाट इज़ जस्ट एंड व्हाट इज अनजस्ट अब

10:54डेफिनेशन कैसे एमसीक्यू आ सकता है मान लो

10:57आपको ये डेफिनेशन दे दी लॉ इज़ हाईएस्ट

11:00रीज़न इंप्लांटेड इन नेचर ये किसने बोली है

11:02ये आ सकता है दूसरा ये कौन से स्कूल से

11:05रिलेटेड है ये आ सकता है ठीक है बट टेंशन

11:08नहीं लेनी है क्यों क्योंकि अगर आपको मान

11:10लो सिनेरियो याद नहीं भैया ये याद है सी

11:12से कुछ है। ठीक है? तो तुम कर सकते हो।

11:15सबसे पहले हमने कौन सा स्कूल पढ़ा? जल्दी

11:18बताओ फटाफट से। सबसे पहले हमने कौन सा

11:20स्कूल पढ़ा है? नेचुरल स्कूल। कौन सा

11:23स्कूल पढ़ा है? नेचुरल स्कूल। अच्छा जी।

11:26नेचुरल स्कूल में कितने जरिस्ट हैं? तीन।

11:29नेचुरल स्कूल में कितने जरिस्ट हैं? तीन।

11:32सी अ सॉरी सॉरी सॉरी। यू सीजे अल्पाइन,

11:38सिरारियो एंड जस्टिनियन। बोलो बोलो

11:41अल्पाइन सिरारियो एंड जस्टिनियन अल्पाइन

11:45क्या बोलता है जल्दी बताओ अल्पाइन बोलता

11:48है व्हाट इज इक्विटेबल एंड व्हाट इज गुड

11:50सिारियो हाईएस्ट रीजन इंप्लांटेड इन नेचर

11:54एंड जस्टिनियन व्हाट इज जस्ट एंड व्हाट इज

11:58अनजस्ट व्हाट इज जस्ट एंड व्हाट इज अनजस्ट

12:04क्या यहां तक क्लियर है मेरे बच्चों सबको

12:07आई होप यहां तक रज सबको बहुत बढ़िया तरीके

12:12से क्लियर होगा। ठीक है? आइए अब अगले

12:15स्कूल पे चलते हैं। और अगला स्कूल कौन सा

12:18है? आ जाओ आ जाओ आ जाओ आ जाओ। अगला स्कूल

Positivistic School of Law

12:22है मेरे बच्चे पॉजिटिविस्टिक स्कूल। अगला

12:26क्या है? पॉजिटिविस्टिक स्कूल। अब

12:29पॉजिटिविस्टिक स्कूल में एक तो ए और एक

12:33के। करण औजला याद है के। के करण औजला।

12:36सुनते होंगे के और ए। करण औजला। उसी तरीके

12:39से यहां पर भी के और ए है। लेकिन कैल्सन

12:42और ऑस्टिन कौन है मेरे बच्चे? कैल्सन और

12:46ऑस्टिन। इस तरीके से याद रखना। जब हम

12:50पॉजिटिविक स्कूल की बात करेंगे किसकी बात

12:54करेंगे? पॉजिटिविस्टिक स्कूल तो उसमें दो

12:57हैं। ठीक है? के और ए क्या है रजे? के और

13:01ए। करन नहीं के से कैल्सन और ए से है

13:06ऑस्टिन। और ऑस्टिन क्या बोलता है सुनना।

13:11लॉ इज द

13:14कमांड ऑफ सोवन। लॉ इज द कमांड ऑफ सोवन।

13:22बैक्ड बाय सेंशन।

13:25बैक्ड बाय व्हाट मेरे बच्चे? सेंशन। लॉ इज़

13:29द कमांड ऑफ द सोवरन। बैक्ड बाय सेंशन।

13:34मतलब वो बोल रहा है कि भाई देखो लॉ एक

13:37आदेश है। नहीं मानोगे तो पीची पीछी होगी।

13:41नहीं मानोगे तो क्या होगा? पीची पीछे।

13:43हेलमेट लगाना एक आदेश है। जो सही है छोड़

13:47दो। नेचुरल स्कूल वाली डेफिनेशन छोड़ दो।

13:50भाई साहब हेलमेट लगाना एक आदेश है

13:51गवर्नमेंट के द्वारा। नहीं लगाओगे तो

13:54चालान कटेगा। तो ये ऑस्टिन इस बात पे

13:56एम्फेसिस करता है कि लॉ जो है वो सोवरन की

14:00कमांड है। सोववरन मतलब हाईएस्ट अथॉरिटी।

14:03सोवरन मतलब हाईएस्ट अथॉरिटी। लॉ जो है वो

14:07सोवरीन की कमांड है। बैक्ड बाय सेंशन।

14:10बैक्ड बाय व्हाट मेरे बच्चे सेंशन कि

14:14प्रूव मतलब पास हुआ है बकायदा। परमिशन

14:16मिली है। अगर नहीं फॉलो करोगे तो आपको

14:20इसका जो बोलते हैं ना क्या उस रिजल्ट वो

14:24भुगतना पड़ेगा। अगर आप इसको एक बार मैं

14:27आपको यहां से मॉड्यूल से भी पढ़ाऊं। देखो

14:29क्या लिखा हुआ है? ऑस्टिन क्या बोलता है?

14:32लॉ इज द एग्रीगेट ऑफ द रूल्स सेट अप बाय अ

14:36मैन एज अ पॉलिटिकल सुपीरियर। है ना? अब

14:40ऐसा तो है नहीं। हम या आप लॉ बनाते हैं।

14:42ठीक है? लॉ कौन बनाता है? पॉलिटिकल

14:45सुपीरियर जो पर्सन होते हैं जो कौन होते

14:47हैं रजे? पॉलिटिकली

14:50सुपीरियर पर्संस जो होते हैं वो लॉ बनाते

14:54हैं। पॉलिटिकली सुपीरियर जो पर्संस होते

14:57हैं वो लॉ बनाते हैं। लॉ इज द कमांड ऑफ द

15:01सोवरन। तो [नाक से की जाने वाली आवाज़]

15:02इसमें तीन चीजें आती हैं। एक तो कमांड, एक

15:04ड्यूटी और एक सेंशन। कि ऊपर की कमांड है,

15:07हमारी ड्यूटी है, नहीं मारा तो पेटी-पिटी

15:10होगी। ठीक है? तो अगर मैं ऑस्टिन की

15:12डेफिनेशन की बात करूं तो ऑस्टिन की

15:14डेफिनेशन के तीन एलिमेंट्स हैं। ठीक है?

15:17कमांड,

15:19ड्यूटी एंड सेंक्शन।

15:23कमांड, ड्यूटी एंड सेंशन। और अगर मैम केसन

15:28की बात करें तो कैल्सन बोलता है लॉ क्या

15:31है? गेल्सन गव अ प्योर थ्योरी ऑफ़ लॉ। अब

15:35यहां से एक एमसीक्यू बन सकता है कि प्योर

15:38थ्योरी ऑफ़ लॉ किसने दी? तो प्योर थ्योरी

15:40ऑफ़ लॉ किसने दी थी मेरे बच्चे? कैल्सन ने

15:43अकॉर्डिंग टू हिम लॉ इज अ नॉर्मेटिव साइंस

15:47कि क्या होना चाहिए सुनना क्या होना चाहिए

15:52लॉ डज़ नॉट अटेम्प्ट टू डिस्क्राइब व्हाट

15:55एक्चुअली अकर्स बट ओनली प्रिस्राइब सर्टेन

15:59रूल्स लॉ मेकर बोलता है ये ये जो कैल्सन

16:01है ये बोलता है कि लॉ एक नॉर्मेटिव साइंस

16:04है लॉ ये बताता है कि क्या होना चाहिए लॉ

16:08ये नहीं बताता कि क्या है लॉ क्या बताता

16:11है कि क्या होना चाहिए? क्या होना चाहिए?

16:16जितने भी लॉज़ हैं वो अपनी पावर कहां से

16:20डिराइव करते हैं? ग्रैंड नॉर्म। ग्रैंड

16:22नॉर्म यानी कॉन्स्टिट्यूशन यानी बोलते हैं

16:25ना देवों के देव महादेव। तो लॉ का लॉ।

16:28कॉन्स्टिट्यूशन आप समझो। जितने भी सारे

16:31जितने भी लॉज़ हैं यहां पर नॉर्म्स का मतलब

16:34क्या हो जाता है? लॉ। जितने भी लॉज़ हैं ये

16:37सारे अपनी पावर कहां से डिराइव करते हैं?

16:41ये सारे अपनी पावर डिराइव करते हैं

16:44कॉन्स्टिट्यूशन से। कहां से डिराइव करते

16:47हैं मेरे बच्चे? कॉनस्ट्टिट्यूशन से। तो

16:50अगर मैं केल्सन दूं तो कैल्सन ने क्या

16:53बोला? प्योर थ्योरी ऑफ़ लॉ। केल्सन ने क्या

16:56दिया? प्योर थ्योरी ऑफ़ लॉ। केल्सन ने लॉ

17:00को क्या बोला? नॉर्मेटिव

17:04साइंस। क्या बोला है मेरे बच्चों?

17:06नॉर्मेटिव साइंस। और क्या बोला है? सारे

17:10जो नॉर्म्स हैं

17:13वो अपनी पावर डिराइव करते हैं। कहां से

17:18डिराइव करते हैं? ग्रैंड नॉर्म से। कहां

17:21से डराइव करते हैं मेरे बच्चे? ग्रैंड

17:24नॉर्म से। क्या इतनी बात समझ आई? एक बार

17:27हम नेचुरल स्कूल और पॉजिटिविस्टिक स्कूल

17:30दोनों ना याद करते हैं। हम कोशिश करेंगे

17:32कि ये लेक्चर जो है ना इसके बाद

17:34इंट्रोडक्शन ऑफ लॉ हमें उठाने की भी जरूरत

17:38ना पड़े। एक बार दोबारा इंट्रोडक्शन ऑफ लॉ

17:41में हमने नेचुरल स्कूल पढ़ा। नेचुरल स्कूल

17:43में यू सी जे अल्पाइन सिरारियो जस्टिनियन।

17:46अल्पाइन क्या बोलता है? व्हाट इज

17:48इक्विटेबल एंड व्हाट इज गुड। सिरारियो

17:50क्या बोलता है? हाईएस्ट रीज़ इंप्लांटेड इन

17:52नेचर। जस्टिनियन क्या बोलता है? है व्हाट

17:55इज़ जस्ट एंड व्हाट इज़ अनजस्ट। ठीक है?

17:57पॉजिटिविस्टिक स्कूल करण औजला के ए के ए

18:00से कैल्सन ए से ऑस्टिन। ऑस्टिन क्या बोलता

18:03है? लॉ इज द कमांड ऑफ द सोवरन बैक्ड बाय द

18:06सेंशन। कैल्सन ने क्या दिया था? प्योर

18:09थ्योरी ऑफ़ लॉ। कैल्सन ने लॉ को क्या बोला?

18:12एक नॉर्मेटिव साइंस। और इसने क्या बोला?

18:14कि सारे नॉर्म्स अपनी पावर कहां से डिराइव

18:17करते हैं? ग्रैंड नॉर्म। ग्रैंड नॉर्म

18:20मतलब सारे सबका लॉ। एक तरीके से बेस। अब

18:23जैसे कॉन्स्टिट्यूशन है, कॉन्स्टिट्यूशन

18:26सारे लॉज़ का बेस है। तो हम कॉन्स्टिट्यूशन

18:28को क्या बोलते हैं? ग्रैंड नॉर्म।

18:30कॉन्स्टिट्यूशन को क्या बोला जाता है मेरे

18:33बच्चों? ग्रैंड नॉर्म। इतनी बात क्लियर

18:35है? अगली है हिस्टोरिकल डेफिनेशन।

Historical School of Law

18:39हिस्टोरिकल डेफिनेशन में एसएच आता है। अब

18:42जैसे मेरा नाम शिवानी है तो तुम ऐसे याद

18:44कर सकते हो। एसएच। ठीक है? शिवानी मैम। इस

18:47तरीके से हिस्टोरिकल डेफिनेशन में शिवानी

18:48मैम आती हैं। एसएच आती है। एस से

18:52सेविंगनीज़

18:54और एच से हेनरी सर हेनरी सेविंगनीज़ क्या

18:58बोलता है? देखो हिस्टोरिकल डेफिनेशन कि लॉ

19:01यार बहुत पहले का है। लॉ जो है बना मतलब

19:05लॉ बनाया नहीं जाता। लॉ मिलता है। अब

19:08समझो। नेचुरल स्कूल लॉ नेचर में है।

19:11पॉजिटिविस्टिक स्कूल जो है उसकी बात करो।

19:14ठीक है? हिस्टोरिकल स्कूल यानी पुराना

19:16मतलब लॉ बनाया नहीं जाता ब्रो। लॉ ऑलरेडी

19:21नेचर की रगरग में है। लॉ ऑलरेडी नेचर की

19:26रगरग में है। तो जो सेविंगनीस थ्योरी ऑफ़

19:29लॉ है तो उसको हम कैसे बोल सकते हैं?

19:32सुनना। लॉ जो है एक ऑर्गेनिक ग्रोथ है।

19:34भाई अपने आप होगा अपने आप। लॉ इज फाउंड

19:39नॉट मेड। लॉ जो है ढूंढा जाता है। लॉ

19:45बनाया नहीं जाता। लॉ क्या होता है मेरे

19:48बच्चों? ढूंढा जाता है। लॉ बनाया नहीं

19:52जाता। लॉ इज नॉट यूनिवर्सल इन नेचर। मतलब

19:56यार जैसे लैंग्वेज चेंज होती है। क्या हर

19:59स्टेट के लिए अलग-अलग लॉज़ हो सकते हैं? हर

20:03लोगों के लिए लॉज़ हो सकते हैं? द आंसर इज़

20:05यस। बिल्कुल सही बात है। वो कह रहा है

20:07सुन, सुन ध्यान से। इसको अभी छोड़। लॉ हैज़

20:11इट सोर्स इन द कॉमन कॉन्शियसनेस दैट इज

20:14वोकेजिस्ट ऑफ द पीपल। कॉमन कॉन्शियसनेस

20:17मतलब हमें पता है कि क्या सही है, क्या

20:19गलत है और उसी को इन्होंने लॉ बोल रखा है।

20:21और कॉमन कॉन्शियसनेस को इन्होंने क्या नाम

20:24दे दिया? वोल्केजिस्ट। क्या नाम दे दिया

20:26मेरे बच्चे? वोल्केजिस्ट। तो अगर मैं

20:29हिस्टोरिकल डेफिनेशन पे जाऊं। किस पे जाऊं

20:33मेरे बच्चे?

20:36हिस्टोरिकल डेफिनेशन पे तो एस और एच यस और

20:41नो क्या आएगा मेरे बच्चे एस और एच एस से

20:45क्या होगा बोलो जल्दी एस से क्या होगा

20:50सेविंगनीस राइट और एच से क्या होगा मेरे

20:54बच्चे हेनरी एच से क्या होगा हेनरी क्लियर

20:58है सर हेनरी लिख दो कुछ भी लिख दो अब जब

21:01हम बात करते हैं सेवेंगिनीस की तो

21:03सेविंगनीस क्या बोलता होता है लॉ इज फाउंड

21:09नॉट मेड लॉ बनाया नहीं जाता लॉ लोगों के

21:14अंदर ही मिल जाता है लॉ जो है बनाया नहीं

21:19जाता है लॉ लोगों के अंदर ही मिल जाता है

21:29ठीक है जी हां मैम यहां तक हमें ठीक है

21:32यहां पर हमें कोई कोई भी दिक्कत यहां तक

21:36हमें कोई भी दिक्कत नहीं है। लॉ इज नॉट

21:39फाउंड लॉ इज मेड। उसके बाद मेरे बच्चे

21:42इसमें एक कांसेप्ट आता है जिसको हम बोलते

21:45हैं वोल्केजिस्ट। जिसको हम क्या बोलते हैं

21:48रजे? वोल्केजिस्ट। वोल्केजिस्ट का मतलब

21:51क्या होता है? कॉमन कॉन्शियसनेस।

21:55जिसका मतलब क्या होता है? कॉमन

21:57कॉन्शियसनेस। तो आपके पेपर में ये सवाल आ

22:01सकता है कि वोल्केजिस्ट का मतलब क्या है?

22:04वोल्केजिस्ट का मतलब क्या होता है मेरे

22:06बच्चे? कॉमन कॉन्शियसनेस। दोबारा एस से

22:09क्या है अपना? सेविंगनीज़। क्या है?

22:11सेविंगनीज़। ये क्या बोलता है कि लॉ मिलाता

22:15है। लॉ बनता नहीं है। ठीक है जी? एंड

22:19वोल्केजिस्ट। यहां दो सवाल आ सकते हैं। और

22:21हेनरी क्या बोलता है कि भाई देखो लॉ जो है

22:25लॉ जो है वो दो चीजें हैं। जो चीज ऑर्डर

22:27में है वो लॉ है। सिंपल सी बात। नोशन ऑफ

22:30ऑर्डर एंड नोशन ऑफ फोर्स। सर हेनरी क्या

22:34बोलते हैं? नोशन ऑफ ऑर्डर।

22:38नोशन ऑफ ऑर्डर एंड नोशन ऑफ फोर्स। नोशन ऑफ

22:43ऑर्डर एंड नोशन ऑफ फोर्स। अब पांच में से

22:47हमारे तीन स्कूल्स हो गए। ठीक है? मैं

22:49आपको पांचों स्कूल्स एक ही साथ नहीं

22:51करवाऊंगी। अभी तीन करें। इसके बाद हम अलग

22:53टॉपिक करेंगे। उसके बाद लास्ट में दो

22:55करेंगे। ऐसा क्यों? सो दैट अगर पांचों एक

22:58साथ हो जाएंगे तो बहुत होचपच हो जाएगा।

23:00कुछ समझ ही नहीं आएगा। इसीलिए इट इज़

23:02वेरीेंट कि हम थोड़ा सा ना पांचों को ऐसे

23:04अलग रखें। ठीक है? नेचुरल स्कूल यूसीजे

23:07अल्पाइन सेियोस्टिनियन पॉजिटिविस्टिक

23:10स्कूल कैल्सन और ऑस्टिन। ठीक है? और उसके

23:12बाद हिस्टोरिकल स्कूल एसएच शिवानी सॉरी

23:15सेविंगनीज़ एंड हसर हेनरी। सेविंगनी इज़

23:18वोल्केजिस्ट यस और नो और लॉ इज़ फाउंड नॉट

23:21मेड और हेनरी नोशन ऑफ़ ऑर्डर एंड द नोशन ऑफ

23:24फोर्स नोशन ऑफ ऑर्डर एंड द नोशन ऑफ़ फोर्स।

23:28क्या यहां तक क्लियर है?

23:32ओके ओके ओके। अब लेट्स मूव अहैड अब हम आगे

23:35चलते हैं। ठीक है? अब ये लॉ मेकर कह रहा

Sources of Law: Primary and Secondary

23:39है शिवानी ये जो लॉ है ये आया कहां से है?

23:44ध्यान से समझना। ये जो लॉ है ये आया कहां

23:48से है? मैं बोल सकती हूं सोर्स ऑफ लॉ। मैं

23:53क्या बोलती हूं? सोर्स ऑफ लॉ। कि ये जो लॉ

23:58है ये आया कहां से है? तो लॉ मेकर क्या कह

24:02रहा है? शिवानी देखो मेरी बात। लॉ जो है

24:06उसके दो सोर्सेज हैं। लॉ के कितने सोर्सेस

24:09हैं मेरे बच्चे? दो सोर्सेस हैं। एक तो है

24:13प्राइमरी सोर्सेस।

24:15और एक है सेकेंडरी सोर्सेस। एक है

24:19प्राइमरी सोर्स और एक है सेकेंडरी सोर्स।

24:23मैंने कहा ठीक है। मैंने कहा प्राइमरी

24:25सोर्स कौन से हैं? कहता शिवानी देख जैसे

24:28एग्जांपल ले कस्टम इज द प्राइमरी सोर्स।

24:33ठीक है? उसके बाद एक्ट बनाया जाता है।

24:37प्राइमरी सोर्स। जुडिशियल प्रेसिडेंट्स

24:41दीज़ आर प्राइमरी सोर्स। दीज़ आर व्हाट?

24:45प्राइमरी सोर्स। उसके बाद

24:49जस्टिस इक्विटी एंड गुड कंसाइज। जस्टिस

24:53इक्विटी

24:55एंड गुड कॉनसाइज। इट्स अ सेकेंडरी सोर्स।

24:59इंग्लिश लॉ इज़ अ सेकेंडरी सोर्स।

25:03मरकेंटाइल लॉ इज़ ऑल्सो अ सेकेंडरी सोर्स।

25:07मतलब अब हमें यह पढ़ना है कि भाई जो ये

25:11तुम लॉ की डेफिनेशन में पढ़ रहे हो ये आया

25:15कहां से है? भाई लॉ के सोर्सेस क्या हैं?

25:17तो लॉ के मेरे बच्चे दो सोर्सेस हैं। एक

25:20प्राइमरी सोर्स है और एक क्या है?

25:23सेकेंडरी सोर्स। बोलो बोलो। एक है

25:25तुम्हारा प्राइमरी सोर्स और एक है

25:27सेकेंडरी सोर्स। दोबारा। एक है प्राइमरी

25:30सोर्स और एक है सेकेंडरी सोर्स। प्राइमरी

25:33सोर्स तीन प्राइमरी सोर्स हैं। कस्टम्स

25:36एक्ट जिसको हम स्टच्यूट्स भी बोलते हैं और

25:39जुडिशियल प्रेसिडेंट्स यानी जुडिशियल

25:42डिसीजंस। ये प्राइमरी सोर्स हैं। और उसके

25:44बाद जस्टिस इक्विटी गुड कंसाइज, मरकेंटाइल

25:47लॉ एंड इंग्लिश लॉ। ये क्या है मेरे

25:49बच्चे? सेकेंडरी सोर्स। ये क्या है?

25:52सेकेंडरी सोर्स। अब हम आगे बढ़ते हैं।

25:55सुनना मेरी बात। बहुत ध्यान से। जब हम बात

25:58करते हैं मेरे बच्चे कस्टम की तो लॉ मेकर

Understanding Customs

26:03कहता है शिवानी जितने भी लॉज़ आए हैं जितने

26:07भी क्या आए हैं लॉज़ वो कस्टम्स से ही कहीं

26:10ना कहीं इंस्पायर्ड है। कस्टम का क्या

26:13मतलब होता है? रिवार्ज है ना? जो चीज बहुत

26:17पहले से चली आ रही है उसी को हम कस्टम

26:20बोलते हैं। बहुत सिंपल सा अर्थ है। जो चीज

26:23बहुत पहले से चली आ रही है उसी को हम क्या

26:26बोलते हैं? कस्टम। उसी का क्या मतलब होता

26:29है? रिवाज़। है ना? इसमें तो कोई दिक्कत

26:31नहीं है। अब रिवाज जो है वहीं से लॉ आया

26:35है। तो मैंने बोला ठीक है कोई दिक्कत नहीं

26:38है। लेकिन मुझे बताओ तो सही कि सबसे पहले

26:40तो मुझे ये बताओ कि ये रिवाज़ होता क्या

26:42है? तो लॉ मेकर कहता है शिवानी देख आओ

26:45सबसे पहले हम ये समझते हैं कि रिवाज क्या

26:48होते हैं? कस्टम क्या होता है? कह रहा है

26:50कोई भी चीज जिसमें ये सारी की सारी चीजें

26:54हो ना उसे हम रिवाज बोलते हैं। अब जैसे

26:56मान लो जब शादी होती है तो लड़के लड़की की

27:00मांग में सिंदूर भरा जाता है। सात फेरे

27:03होते हैं। है ना? गले में मंगलसूत्र डाला

27:05जाता है। सात फेरों से बना जन्मों का यह

27:10बंधन। प्यार से जोड़ा है रब ने प्रीत का

27:15दामन। है ना? इसको हम कस्टम बोलते हैं। जब

27:19भी हिंदू धर्म में हमारे दिमाग में शादी

27:21आता है तो ये सारे रिचुअल्स आते हैं। ये

27:23सब कस्टम्स हैं। तो लॉ ना कभी भी कस्टम्स

27:26के अगेंस्ट नहीं जाता। तो लॉ मेकर कह रहा

27:29है शिवानी वैलिड कस्टम के लिए क्या-क्या

27:32होना चाहिए? सबसे पहला तो इमेमोरियल

27:35एंटीक्विटी। मतलब पुराना होना चाहिए। अगर

27:38कोई आज का रिवाज है उसे कस्टम नहीं

27:40बोलेंगे। जैसे बैचलर रेट। बैचलर रेट को हम

27:43कस्टम नहीं बोल सकते। सर्टेनिटी मतलब पता

27:46होना चाहिए कि चीजें कैसे करनी है।

27:50रीज़नेबलनेस पॉसिबल होना चाहिए उसे करना।

27:53कंपलसरी ऑब्जरवेंस सारे लोग उसे करते हो।

27:57लॉ और पब्लिक मोरालिटी के अगेंस्ट ना हो।

28:01सब लोगों का उस पे एक तरीके का ही ओपिनियन

28:04हो। लोग उसे एंजॉय करें और वो

28:07कंसिस्टेंटली फॉलो होता हो। वो किसी और

28:11कस्टम के अगेंस्ट ना हो। वो किसी सोसाइटी

28:14किसी लोगों के अगेंस्ट ना हो। तो अगर किसी

28:18भी रिचुअल में ये सारी चीजें पाई जाती हैं

28:22तो हम उसे बोलते हैं कि वो एक कस्टम है।

28:26वो क्या है मेरे बच्चों? एक कस्टम है। एक

28:29बार दोबारा

28:31कस्टम की अगर मैं बात करूं किसकी बात करूं

28:34मेरे बच्चे? कस्टम की अगर मैं बात करूं तो

28:37कस्टम की क्वालिटीज सबसे पहले हम क्या कह

28:40रहे हैं मेरे बच्चे? कस्टम की क्वालिटीज

28:42क्या-क्या क्वालिटीज हैं? सबसे पहला देखो।

28:45एंटीक्विटी मतलब पुराना होना चाहिए।

28:49सर्टेनिटी होनी चाहिए। रीज़नेबलनेस होनी

28:53चाहिए। कंपलसरी ऑब्ज़रवेंस होनी चाहिए।

28:56कंफर्मिटी विद लॉ एंड पब्लिक मोरालिटी,

28:59यूनानिमिटी ऑफ द ओपिनियन, पीसफुल

29:02एंजॉयमेंट एंड कंसिस्टेंसी एंड व्हाट मेरे

29:06बच्चे कंसिस्टेंसी। दोबारा दोबारा

29:09इमोरियल।

29:12ठीक है? पुराना होना चाहिए। आओ एक बार

29:15इसको लिख के देखते हैं। अब आपके एमसीक्यू

29:18में ये आ सकता है। व्हाट आर द रिक्विज़िट्स

29:20ऑफ़ अ वैलिड कस्टम? व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़

29:22अ रिक्विज़िट ऑफ़ वैलिड कस्टम? और व्हिच ऑफ़

29:24द फॉलोइंग इज़ नॉट अ रिक्विज़ाइट ऑफ़ वैलिड

29:26कस्टम। ठीक है? ये तुम्हारे पेपर में सवाल

29:29आ सकता है। तो आइए एक बार इसे पढ़ते हैं।

29:32सबसे पहला तो क्या है? एंटीक्विटी। मतलब

29:36पुराना होना चाहिए। क्या होना चाहिए मेरे

29:39बच्चों? पुराना होना चाहिए। दूसरा क्या है

29:43मेरे बच्चे? अ कंसिस्टेंसी। मतलब किसी भी

29:47लॉ के अगेंस्ट नहीं होना चाहिए। उसके बाद

29:50पब्लिक मोरालिटी। कंफर्मिटी विद पब्लिक

29:53मोरालिटी है ना लोगों के जज्बातों के

29:56अगेंस्ट भी नहीं होना चाहिए। रीज़नेबलनेस

29:59होनी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि भाई

30:01कुछ भी कर रहे हो जो बहुत हार्ड है। ठीक

30:03है? रीज़नेबलनेस होनी चाहिए।

30:08यूनानिमिटी ऑफ ओपिनियन होना चाहिए। मतलब

30:11लोग उसे सब मिलजुलकर फॉलो करें।

30:14यूनानिमिटी ऑफ ओपिनियन होना चाहिए। फिर

30:18पीसफुल एंजॉयमेंट होनी चाहिए। क्या होनी

30:21चाहिए? पीसफुल एंजॉयमेंट होनी चाहिए। और

30:25क्या-क्या रह गया? एक बार देखते हैं।

30:27एंटीक्विटी होनी चाहिए, कंसिस्टेंसी होनी

30:29चाहिए। कंपलसरी ऑब्जरवेंस होनी चाहिए कि

30:33सब लोग जो है मेरे बच्चे उसे फॉलो करें।

30:36क्या होनी चाहिए? कंपलसरी ऑब्जरवेंस। 1 2

30:403 4 5 6 7 हुए ना? 1 2 3 4 5 6 7 8 एक रह

30:44गया ना? अ रीज़नेबलनेस। सर्टेनिटी रह गया

30:48शायद। यस। सर्टेनिटी होनी चाहिए। तो यहां

30:51से मैम ये याद करने हैं। देखो एस सच ऐसे

30:54आपको रटने नहीं है। बट अगर एमसीक्यू आ गया

30:56तो आपको इतना होना चाहिए कि आप फिगर आउट

30:59कर पाओ कि क्या कस्टम है और क्या नहीं है।

31:02एक बार दोबारा एंटीक्विटी होनी चाहिए।

31:05कंसिस्टेंसी होनी चाहिए। कंफर्मिटी विद

31:08पब्लिक मोरालिटी होना चाहिए। रीज़नेबलनेस

31:10होनी चाहिए। यूनानिमिटी ऑफ़ ओपिनियन होना

31:13चाहिए। पीसफुल एंजॉयमेंट कंपलसरी

31:16ऑब्जरवेशन एंड सर्टेनिटी एंड व्हाट मेरे

31:21बच्चे सर्टेनिटी क्या यहां तक क्लियर है?

31:23यस मैम यहां तक क्लियर है। अब हम आगे

31:25बढ़ते हैं। आइए अब जो कस्टम्स है ना कस्टम

31:29हमने दो प्रकार के डिवाइड किए हैं। ठीक

31:31है? एक तो कस्टम विद सेंशन।

31:37कस्टम विद सेंशन

31:41और दूसरा है मेरे बच्चे कस्टम विदाउट

31:45सेंशन।

31:46कस्टम विदाउट सेंशन। ठीक है? एक क्या है?

31:50कस्टम विद सेंशन। और एक क्या है? कस्टम

31:54विदाउट सेंशन। कस्टम व्हाट? विदाउट सेंशन।

31:57विद सेंशन का मतलब क्या होता है? रजी लीगल

32:00कस्टम। मतलब जिनका कोई लॉ है। विदाउट

32:05सेंशन। मतलब जो आप फॉलो कर रहे हो ड्यू टू

32:09पब्लिक प्रेशर। आप फॉलो कर रहे हो ड्यू टू

32:13व्हाट मेरे बच्चे? ड्यू टू पब्लिक प्रेशर।

32:16लेट अस टेक एन एग्जांपल। सुनना। अभी

32:18एग्जांपल लेते हैं। अब बड़े लोगों के पैर

32:22छूने होते हैं। बड़े लोगों के क्या करना

32:24होता है? पैर छूना होता है। क्या ये कहीं

32:27लिखा हुआ है? अगर गली की आंटी को देखे

32:29हेलो ब्रो WhatsApp बोल दोगे तो क्या कुछ

32:32हो जाएगा? द आंसर इज़ नो। कुछ नहीं होगा

32:34भाई। लेकिन क्या कस्टम है कि पैर छूने

32:36हैं। यस। सो दिस इज कस्टम विदाउट सेंशन।

32:40इसे हम क्या बोलते हैं? कस्टम विदाउट

32:43सेंशन। बट कस्टम विद सेंशन मतलब जिसकी कोई

32:48लीगल वैल्यू होती है लोग उसे फॉलो करते

32:51हैं क्योंकि वो कहीं लिखा हुआ है। वो कहीं

32:55लिखा हुआ है। अब कस्टम हैविंग सेंशन के

32:59आगे दो पार्ट्स होते हैं।

33:02कस्टम हैविंग सेंशन के आगे दो पार्ट्स

33:06होते हैं। ठीक है? एक होता है लीगल कस्टम।

33:11एक होता है लीगल कस्टम।

33:14और एक होता है कन्वेंशनल कस्टम। एक क्या

33:19होता है मेरे बच्चे? कन्वेंशनल कस्टम।

33:22लीगल कस्टम जिसका लॉ है। कन्वेंशनल कस्टम

33:27जो बहुत समय से फॉलो होता हुआ आ रहा है और

33:30अब वो इस लेवल पे है कि वो लॉ बन चुका है।

33:33जो अब इस लेवल पे है कि वो क्या बन चुका

33:36है? लॉ। देखो लीगल कस्टम दे ऑपरेट एज अ

33:39बाइंडिंग रूल ऑफ लॉ। और कन्वेंशनल कस्टम

33:42को हम यूसेजेस भी बोलते हैं। मतलब इतने

33:45टाइम से ये फॉलो होता हुआ आ रहा है। इतने

33:47टाइम से कि अब ये क्या बन चुका है मेरे

33:50बच्चे? अब ये बन चुका है। अब लॉ बन चुका

33:53है। पार्टीज अपने एग्रीमेंट के बीच में जो

33:56खुद डिसाइड करती हैं उसे हम बोलते हैं

33:59कन्वेंशनल कस्टम। दीज़ कस्टम्स आर बाइंडिंग

34:03ड्यू टू एन एग्रीमेंट बिटवीन द पार्टीज।

34:06ड्यू टू व्हाट मेरे बच्चे? एन एग्रीमेंट

34:09बिटवीन द पार्टीज। तो मैम देखो कस्टमर दो

34:12टाइप कस्टमर कह रही हूं। कस्टम दो तरीके

34:14के होते हैं। राइट?

34:17तो लीगल कस्टम और कन्वेंशनल कस्टम। ठीक

34:21है? हम इन पे हैं। आइए एक बार इनकी बात

34:23करते हैं। सुनना मेरी बात बहुत ज्यादा

34:26ध्यान से। कहां गया? कहां गया? कहां गया?

34:28आई गेस वो मिट गया होगा। चलिए

34:33व्हेन वी टॉक अबाउट कस्टम्स। व्हेन वी टॉक

34:37अबाउट कस्टम्स। कस्टम मेरे बच्चे दो तरीके

34:40के होते हैं। राइट? हमने डिस्कस करा है।

34:43एक तो होता है कस्टम विद सेंशन

34:47और एक होता है कस्टम विदाउट सेंशन। एक कौन

34:51सा होता है मेरे बच्चों? कस्टम विदाउट

34:54सेंशन। अच्छा विद सेंशन मतलब जिसकी कोई

34:58लीगल वैल्यू होती है। विद सेंशन का मतलब

35:01क्या होता है रजे? जिसकी कोई लीगल वैल्यू

35:04होती है जो कि लॉ में लिखा होता है और

35:08विदाउट सेंशन जिसकी कोई भी लीगल वैल्यू

35:12नहीं है जो लॉ में लिखा हुआ नहीं है उसे

35:17हम बोलते हैं कस्टम विदाउट सेंशन हमने अभी

35:20एग्जांपल लिया था जैसे अब गली में आंटी जा

35:22रही है अब हम नमस्ते करते हैं पांव छूते

35:24हैं लेकिन क्या हम ये भी बोल सकते हैं

35:26हेलो आंटी व्हाट्स अप हाउ आर यू बिल्कुल

35:29अगर नहीं बोलेंगे तो क्या आंटी केस कर

35:32सकती है कि नहीं कर सकती? यह रिवाज है।

35:35लेकिन यह लीगल रिवाज नहीं है। सो दैट इज

35:38कस्टम विदाउट सेंशन। बट कस्टम विद सेंशन

35:42मतलब जिसकी एक लीगल बाइंडिंग है। एंड

35:45कस्टम विद सेंशन। दो तरीके के होते हैं

35:48मेरे बच्चे।

35:50एक होता है तुम्हारा लीगल कस्टम। और एक

35:54होता है तुम्हारा कन्वेंशनल कस्टम। अच्छा,

35:58लीगल कस्टम का मतलब क्या होता है? सुनना

36:02लीगल कस्टम का मतलब होता है जो चीज लॉ में

36:06लिखी हुई है और कन्वेंशनल कस्टम का मतलब

36:09क्या होता है कि भाई देख लॉ में तो नहीं

36:12लिखी लेकिन हमने आपस में कॉन्ट्रैक्ट किया

36:15था उसमें लिखा हुआ था सुनना एक तो चीज है

36:19कि भाई लॉ में लिखी है वो तो हो गया लीगल

36:21कस्टम दूसरी सिचुएशन क्या है कि लॉ में

36:24कहीं नहीं लिखी हमने आपस में कॉन्ट्रैक्ट

36:27किया था हमने आपस में क्या किया था

36:30कॉन्ट्रैक्ट एक्ट और उसमें वो चीज लिखी थी

36:32तो अब तो माननी पड़ेगी। सो उसे हम क्या

36:35बोलते हैं मेरे बच्चे? कन्वेंशनल कस्टम।

36:38क्या बोलते हैं? कन्वेंशनल कस्टम। ठीक है?

36:42अब लीगल कस्टम के भी आगे दो प्रकार आते

36:45हैं। एक आता है लोकल कस्टम।

36:48आओ रुको। ये मैं आपको यहां से कराती हूं।

36:51देखो जब हम बात करते हैं ना रजे लीगल

36:54कस्टम की। आजा आजा आजा आजा आजा। कहां गया?

36:57कहां गया?

36:59यह रहा ये रहा लीगल कस्टम। लीगल कस्टम भी

37:02दो तरीके के होते हैं। एक होता है लोकल और

37:05एक होता है जर्नल। लोकल मतलब जो एक

37:07पर्टिकुलर जगह लगते हैं। और जर्नल का मतलब

37:10क्या होता है? कि जो हर जगह लगते हैं।

37:14लीगल को भी आगे दो पार्ट्स में डिवाइड

37:16किया। लोकल और जर्नल। तो ये मेरे बच्चे

37:20हमारा फर्स्ट सोर्स जो कस्टम है वो है

37:24पूरा। ठीक है? विद सेंशन विदाउट सेंशन।

37:26विदाउट सेंशन खत्म। विद सेंशन में लीगल

37:28कन्वेंशनल कन्वेंशनल खत्म लीगल में लोकल

37:32और जर्नल डन आगे बढ़े यस मैम अब आई गेस हम

37:36लोग आगे बढ़ सकते हैं ठीक है सिर्फ देखो

37:40कोई भी कन्वेंशनल का मतलब क्या है ये जो

37:43है ये ड्यू टू आवर कॉन्ट्रैक्ट है ड्यू टू

37:46क्या है आर कॉन्ट्रैक्ट मतलब ऐसा भी कहीं

37:48लॉ में नहीं लिखा हुआ हमारे कॉन्ट्रैक्ट

37:51की वजह से उसके बाद है जुडिशियल डिसीजंस

Judicial Decisions and Precedents

37:55उसके बाद क्या है मेरे बच्चों बच्चों

37:57जुडिशियल डिसीजन जिसे हम जुडिशियल

38:00प्रेसिडेंट्स भी बोलते हैं। जिसे हम क्या

38:03बोलते हैं? जुडिशियल प्रेसिडेंट्स। अब

38:06जैसे एक एग्जांपल लेते हैं। अब सुप्रीम

38:09कोर्ट है। क्या है मेरे बच्चों? सुप्रीम

38:12कोर्ट। अब सुप्रीम कोर्ट कोई भी जजमेंट

38:16देता है। क्या वो एक तरीके का लॉ बन जाती

38:19है? द आंसर इज यस। क्या वो सारे कोर्ट्स

38:23को फॉलो करनी पड़ती है? यस। तो ये होता है

38:26मेरे बच्चे जुडिशियल प्रेसिडेंट्स का असर।

38:29हिंदुस्तान में बहुत सारे ऐसे केसेस हुए

38:31हैं जिनमें जो डिसीजन दिया गया वो बाद में

38:35लॉ बन गया। राइट? जुडिशियल डिसीजंस।

38:39जुडिशियल डिसीजंस को पढ़ाने से पहले तीन

38:43ऐसी टर्म्स हैं जो मैं आपको पढ़ाना

38:46चाहूंगी। स्टेयर डेसिसिस,

38:49रेश्यो डिसाइडेंडी एंड ओबिटर डिक्टा। अरे

38:53मैम यह कैसे शब्द है मैम? हमें तो नहीं

38:56समझ आ रहे। आओ मैं आपको बताती हूं। ठीक

38:57है?

Important Legal Terminology (Obiter Dicta, Ratio Decidendi, Stare Decisis)

38:59एक [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो

39:00तुम्हारा है ओबिटर डिक्टा।

39:04एक है रेशियो डिसाइडेंडी।

39:08रेशियो

39:10डिसाइडेंडी। स्पेलिंग देख लेना। ठीक है?

39:13और एक है स्टेयर डिसीसिस। और क्या है? एक

39:17स्टेयर डेसिसिस। तीन शब्द है। ऑर्बिटिक्टा

39:22का मतलब होता है सेड बाय द वे।

39:26सेड बाय द वे। सब समझाऊंगी। ठीक है?

39:29[नाक से की जाने वाली आवाज़] और रेशियो

39:31डिसाइडेंटी का मतलब होता है मेन जजमेंट।

39:36मेन जजमेंट।

39:38और स्टेयर डेसेसिस का मतलब क्या होता है?

39:42प्रीवियस जजमेंट विल अप्लाई इन द न्यू

39:46केस।

39:48प्रीवियस जजमेंट

39:51विल अप्लाई

39:53विल अप्लाई

39:56इन द न्यू केस इन व्हाट मेरे बच्चे न्यू

39:59केस।

40:02अब इसका मतलब क्या होता है? मेरी बात

40:04सुनना ध्यान से। अब एग्जांपल लेते हैं।

40:07ठीक है? कि तुम्हारे स्कूल में मोबाइल फस

40:10आर नॉट अलाउड। आजकल के स्कूल्स में होते

40:12हो तो पता नहीं भाई हमारे स्कूल में तो

40:14नहीं था। जिंदा लाशों फोन तो बिल्कुल

40:16अलाउड नहीं था। मान लो फोन अलाउड नहीं है

40:19और एक बच्चा है म्याऊ जिसका नाम क्या है?

40:22म्याऊ। उसके पास फोन पकड़ा जाता है और

40:26टीचर उसको घसीट करके प्रिंसिपल ऑफिस में

40:29लेकर जाती है। अब प्रिंसिपल म्याऊ को

40:32बोलती है म्याऊ तू फोन लेकर के आया है। तो

40:36तुझ पर हम ₹1000 का फाइन लगाएंगे। और आगे

40:40से जो भी बच्चा फोन लेकर के आएगा ना उस पर

40:45भी ₹1000 का फाइन लगेगा। मतलब तुझ पे

40:48₹1000 का फाइन और अब से जो भी फोन लेकर के

40:50आएगा उस पे ₹1000 का फाइन लगेगा। और जैसे

40:54ही म्याऊ को बोलती है कि यहां से निकल

40:56जाओ। [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]

40:57वो देखती है कि म्याऊ की आंखों के नीचे

40:59डार्क सर्कल्स हैं। तो प्रिंसिपल म्याऊ को

41:02बोलती है कि म्याऊ थोड़ी ग्रीन वेजज़ भी

41:05खाया करो यार। तुम्हारी आंखों के नीचे

41:08इतने डार्क सर्कल्स हैं। तुम थोड़ी ग्रीन

41:10वेजस भी खाया करो। अब मेरी बात सुनना।

41:14म्याओ के पास फोन पकड़ा गया। प्रिंसिपल

41:17ऑफिस में लेकर गए। प्रिंसिपल ने मेन

41:20जजमेंट क्या दी? ₹1000 का फाइन। तो उसे हम

41:25बोलते हैं रेशियो डिसाइडेंडी। किसी भी

41:29जजमेंट का जो मेन पार्ट होता है, जो

41:33डिसीजन होता है, उसे क्या बोला जाता है?

41:37रेश्यो डिसाइड एंड डी। क्या बोला जाता है?

41:40रेश्यो डिसाइड एंड डी। मेन जजमेंट मतलब

41:44₹1000 का फाइन। ठीक है? कोई दिक्कत नहीं

41:47है। उसके बाद जब म्याऊ जाने लगा तो

41:50प्रिंसिपल ने देखा कि उसकी आंखों के नीचे

41:53डार्क सर्कल्स हैं। और उसे बोला कि ग्रीन

41:56वेजिटेबल्स खाया करो। क्या इसका केस से

41:59कोई भी लेना देना था? आप बताओ क्या इसका

42:03केस से कोई भी लेना देना था? नहीं मैम

42:07इसका केस से कोई भी लेना देना नहीं था। ये

42:10तो प्रिंसिपल ने देखा और ऐसे ही बोल दिया।

42:14तो इसको हम बोलते हैं ओबिटर डिक्टा मतलब

42:18सेड बाय द वे ईट ग्रीन वेजिटेबल्स।

42:24[नाक से की जाने वाली आवाज़]

42:24ईट ग्रीन वेजिटेबल्स

42:26वि इज सेड बाय द वे मतलब केस से इसका कोई

42:31भी मतलब नहीं है। अब म्याओ को खानी है

42:34ग्रीन वेजिटेबल्स तो खाएगा नहीं खानी तो

42:37नहीं खाएगा। उसके बाद स्टेयर डेसीस अब

42:41सुनना। अब अगले दिन बिलोटा फिर फ़ लेकर के

42:44आया। अब टीचर फिर घसीटती हुई प्रिंसिपल के

42:47पास लेकर गई। अब प्रिंसिपल क्या जजमेंट

42:50देगी? मैम कल ही तो म्याऊ के केस में

42:52₹1000 का फाइन लगाया था। तो बिलोटे के केस

42:55में भी ₹1000 का फाइन लगेगा। मतलब बार-बार

42:58जजमेंट चेंज नहीं होती। जो केसेस सेम नेचर

43:02के हैं उन पर सेम जजमेंट अप्लाई होगी। दैट

43:06इज़ स्टेयर डेसेसिस। मतलब जो कोर्ट ने पहले

43:10जजमेंट दी है इस केस में भी हम वही अप्लाई

43:15करेंगे। तो आप समझो जुडिशियल प्रेसिडेंट्स

43:18जो है मेरे बच्चे उनके तीन टाइप्स हैं।

43:22कितने टाइप्स? सॉरी जुडिशियल प्रेसिडेंट्स

43:24के नहीं बट यूजुअली हम तीन चीजें पढ़ते

43:26हैं। जुडिशियल प्रेसिडेंट के अगले अपने

43:28पांच टाइप्स हैं। ओबिटर डिक्टा ऐसे ही बोल

43:32दिया फॉलो करना है करो। नहीं करना है मत

43:35करो। रेश्यो डिसाइड एंड डी मेन एडजमेंट ऑफ

43:39द केस एंड स्टेयर डेसेस मतलब जो पीछे वाले

43:43केस में डिसाइड हुआ है इस केस में भी वही

43:46लगेगा। आओ इनको एक बार पढ़ लेते हैं।

43:50रेश्यो डिसाइडें मैंने क्या बोला था? मेन

43:53प्रिंसिपल मतलब जिसकी वजह से डिसीजन दिया

43:56गया है। द अंडरलाइंग प्रिंसिपल ऑफ अ

44:00जुडिशियल डिसीजन। डिसीजन क्यों दिया गया

44:03है? रेशियो डिसाइडेंडी आई कैन से द रीजन

44:07बिहाइंड द डिसीजन

44:11एंड डिसीजन इटसेल्फ। ठीक है? जो मेन चीज

44:14है

44:17डिसीजन इटसेल्फ। ठीक है? क्या इतनी बात

44:21क्लियर है? उसको हम क्या बोलते हैं?

44:24रेशियो डिसाइड एंड डी। हम क्या बोलते हैं?

44:27रेश्यो डिसाइड एंड डी। क्या इतनी बात

44:29क्लियर है? यस मैम। ओबिटर डिक्टा मतलब

44:32थिंग्स सेड बाय द वे। ये देखो यही मैंने

44:34आपको लिखवाया है। थिंग्स सेड बाय द वे।

44:37मतलब जजमेंट में वो जरूरी नहीं था। बट

44:41हमने ऐसे ही बोल दिया। और उसके बाद आता है

44:44स्टेयर डेसेसिस। स्टेयर डिसेसिसिस का मतलब

44:46एडेडर यानी फॉलो करना। एडेयर का मतलब क्या

44:50होता है राज? फॉलो करना। फॉलो टू द

44:52डिसीजंस एंड डू नॉट अनसेटल थिंग्स व्हिच

44:56आर एस्टैब्लिश्ड। मतलब ऑलरेडी जो एक बार

44:58डिसीजन आ चुका है उसको फॉलो करो और थिंग्स

45:02को अनसेटल मत करो। सिंपल। ये तीन शब्द

45:05क्लियर हुए। अब हम आगे चलते हैं। अब जब हम

45:08जुडिशियल प्रेसिडेंट्स की बात करते हैं तो

Types of Judicial Precedents

45:12पांच जुडिशियल प्रेसिडेंट्स हैं। मतलब

45:15जुडिशियल प्रेसिडेंट्स जुडिशियल डिसीजंस

45:18जो हैं मेरे बच्चे वो पांच तरीके के हो

45:22सकते हैं। कितने तरीके के हो सकते हैं?

45:24पांच। सबसे पहला है डिक्लेरेटरी

45:29जुडिशियल प्रेसिडेंट

45:31एंड ओरिजिनल जुडिशियल प्रेसिडेंट। ठीक है?

45:36उसके बाद है एब्सोल्यूटली अथॉरिटेटिव।

45:42एब्सोल्यूटली अथॉरिटेटिव।

45:47उसके बाद है

45:49पर्सुएसिव।

45:54एंड उसके बाद है कंडीशनली अथॉरिटेटिव।

46:00उसके बाद क्या है? कंडीशनली अथॉरिटेटिव।

46:04तो ये पांच तरीके के जुडिशियल

46:07प्रेसिडेंट्स हैं। ये टाइप्स हैं। जो

46:09मैंने अभी आपको रेशियो डिसाइडेंडी ओबीटा

46:12डिक्टा और स्टेयर डेसिसिस करवाया है मेरे

46:15बच्चों। वो एक तरीके की टर्मिनोलॉजीस है।

46:18वो एक तरीके की क्या है? टर्मिनोलॉजीस।

46:21डिक्लेरेटरी एंड ओरिजिनल। अब आप सुनना

46:24हिंदुस्तान में अगर आप किसी का मर्डर करते

46:27हो तो सजा है डेथ पेनल्टी। ठीक है? आपको

46:30भी फांसी होगी। अब म्याऊ है। म्याऊ ने

46:34बिलौटे का मर्डर किया। अब कोर्ट में केस

46:37चला तो कोर्ट ने म्याऊ को भी फांसी दे दी।

46:40तो ये भी तो डिसीजन है ना। फांसी देना भी

46:43डिसीजन है। कोर्ट ने कोई नया रूल बनाया या

46:48जो ऑलरेडी रूल था उसको लगा के फांसी दे

46:52दी। मैम जो ऑलरेडी रूल है उसको लगा के

46:55फांसी दे दी। जो ऑलरेडी चीज है उसको सिर्फ

46:58डिक्लेअ किया है। दैट इज डिक्लेरेटरी

47:01प्रेसिडेंट। और अगर वही कोर्ट कुछ नया लॉ

47:05बनाता मान लो आईटी एक्ट है। ठीक है? कुछ

47:08फ्रॉड हुआ ऑनलाइन। कोर्ट ने नया लॉ बनाया।

47:11तो उसे हम बोलते हैं ओरिजिनल प्रेसिडेंट।

47:14उसे हम क्या बोलते हैं मेरे बच्चों?

47:16ओरिजिनल प्रेसिडेंट। डिक्लेरेटरी

47:19प्रेसिडेंट का मतलब क्या हुआ? कि वो चीज

47:22ऑलरेडी है। और कोर्ट ने बस डिक्लेअर की

47:26है। दोबारा। डिक्लेरेटरी प्रेसिडेंट का

47:28मतलब क्या हुआ? एक चीज़ जो ऑलरेडी एग्ज़िस्ट

47:32करती है, कोर्ट ने सिर्फ और सिर्फ उसको

47:35क्या किया है? एक तरीके से डिक्लेअ क्या

47:38किया है? डिक्लेअ और ओरिजिनल का मतलब क्या

47:41होता है? कि कोर्ट ने खुद वो लॉ बनाया है।

47:44तो आओ एक बार इसको देख लेते हैं।

47:48अकॉर्डिंग टू साइलमेंट अ डिक्लेरेटरी

47:51प्रेसिडेंट इज़ वन व्हिच इज़ ओनली द

47:53एप्लीकेशन ऑफ़ ऑलरेडी एग्ज़िस्टिंग रूल ऑफ़

47:56लॉ। डिक्लेरेटरी का मतलब क्या है?

47:59एप्लीकेशन ऑफ एप्लीकेशन ऑफ ऑलरेडी

48:05एग्ज़िस्टिंग लॉ जो लॉ ऑलरेडी एग्ज़िस्ट कर

48:10रहा है उसकी एप्लीकेशन आप कर रहे हो दैट

48:14इज़ डिक्लेरेटरी प्रेसिडेंट और ओरिजिनल का

48:18मतलब अ न्यू रूल ऑफ लॉ। ओरिजिनल का मतलब

48:21क्या हो गया मेरे बच्चे? अ न्यू रूल ऑफ़

48:24लॉ। क्या इतनी बात क्लियर है? आइए।

48:27डिक्लेरेटरी प्रेसिडेंट इज एज गुड एज अ

48:30सोर्स ऑफ लॉ एज ओरिजिनल प्रेसिडेंट। मतलब

48:33चाहे डिसीजन आपने डिक्लेअ किया हो या आपका

48:37ओरिजिनल हो दोनों ही कंप्लीटली रेलेवेंट

48:41रहेंगे। दोनों ही क्या रहेंगे? कंप्लीटली

48:44रेलेवेंट। हां जी। तो डिक्लेरेटरी और

48:47ओरिजिनल की हमने बात की। डिक्लेरेटरी का

48:50क्या मतलब होता है मेरे बच्चों? जिसमें जो

48:52लॉ ऑलरेडी है आप उसे डिक्लेअ कर रहे हो।

48:56और ओरिजिनल का मतलब आप एक नया लॉ बना रहे

49:00हो। उसके बाद आता है पर्सुएसिव और

49:03एब्सोल्यूटली अथॉरिटेटिव। अब इसको हम

49:07थोड़ा सा ध्यान से समझने की कोशिश करते

49:09हैं। आइए एब्सोल्यूटली अथॉरिटेटिव

49:13मतलब जिसको फॉलो करना मैंडेटरी है।

49:18एब्सोल्यूटली अथॉरिटेटिव।

49:21इसका मतलब क्या होता है रज कि इसको फॉलो

49:24करना क्या है मैंडेटरी क्या है रज फॉलो

49:28करना मैंडेटरी अब एग्जांपल लो जैसे एक

49:31सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट है ठीक है जो

49:35उसके निचले कोर्ट्स हैं हायर कोर्ट हाई

49:38कोर्ट हो गया डिस्ट्रिक्ट कोर्ट हो गया

49:40क्या उन दोनों कोर्ट्स के लिए इस जजमेंट

49:43को बिना किसी बहाने के फॉलो करना मैंडेटरी

49:47है यस तो इसे हम क्या बोलते हैं

49:50एब्सोल्यूटली अथॉरिटेटिव प्रेसिडेंट क्या

49:54बोलते हैं? एब्सोल्यूटली अथॉरिटेटिव

49:58प्रेसिडेंट। और एक आता है पर्सुएसिव।

50:01परसुएसिव का मतलब होता है कि जरूरी नहीं

50:05आप फॉलो करो। फॉलो करो तो भी ठीक है, नहीं

50:08करो तो भी ठीक है। जैसे मैंने आपको ऑडिट

50:11ओबिटा डिक्टा अभी बताया। ओबिटा डिक्टा में

50:14प्रिंसिपल ने बोला म्याऊ को कि भाई

50:16तुम्हारे बहुत डार्क सर्कल्स हो रहे हैं।

50:19अब ग्रीन वेजिटेबल्स खाओ। म्याऊ खा भी

50:22सकता है और म्याऊ नहीं भी खा सकता। व्हिच

50:25इज नॉट मैंडेटरी टू फॉलो पर्सुएसिव। मतलब

50:28कर लोगे तो अच्छा है। नहीं करोगे तो ऐसा

50:31कुछ कानूनी कारवाई नहीं होगी। जैसे अब मान

50:34लो हाई कोर्ट है दिल्ली का। ठीक है? उसने

50:38कुछ जजमेंट दी।

50:40अब हाई कोर्ट है मान लेते हैं मेरे बच्चे

50:43पंजाब का जरूरी नहीं है ना वह इस जजमेंट

50:46को फॉलो करें देख लेगा अगर फॉलो करने वाली

50:50होगी तो कर लेगा समझ गए पर्सुएसिव का मतलब

50:54क्या होता है मैंडेटरी नहीं है बट

50:57एब्सोल्यूटली अथॉरिटेटिव एज द नेम सजेस्ट

51:00कि इट इज़ अथॉरिटेटिव दैट इज़ एब्सोल्यूटली

51:04मतलब मैंडेटरी टू फॉलो मेंडेटरी टू व्हाट

51:08मेरे बच्चे फॉलो आइए आइए पर्सुएसिव

51:11प्रेसिडेंट अ पर्सुएसिव प्रेसिडेंट इज़ वन

51:15व्हिच द जजेस आर नॉट ऑब्लाइज्ड टू फॉलो बट

51:20व्हिच दे टेक इंटू कंसीडरेशन

51:23एंड व्हिच दे विल अटैच ग्रेट वेट एज़ इट

51:27सीम्स टू डिर्व मतलब क्या है रजे कि जजेस

51:31देखेंगे उसे अगर लगता है कि इसको उतनीेंस

51:35देनी चाहिए तोेंस दे देंगे जैसे द डिसी

51:39डिसीजंस ऑफ़ द हाई कोर्ट आर ओनली पर्सुएसिव

51:42प्रेसिडेंट्स टू अदर हाई कोर्ट। क्लियर

51:44है? आइए पर्सुएसिव प्रेसिडेंट। जैसे अगर

51:47आप ओबिटा डिक्टा की बात करो तो ओबिटा

51:50डिक्टा आल्सो हैव पर्सुएसिव वैल्यू।

51:52क्यों? बिकॉज़ सेड बाय द वे तो फॉलो करना

51:56है या नहीं करना ये तो आप पर ही डिपेंड

51:58करेगा। यस और नो। उसके बाद आता है रजी

52:02एब्सोल्यूटली अथॉरिटेटिव प्रेसिडेंट।

52:05एब्सोलटली अथॉरिटेटिव मतलब व्हिच द जजेस

52:10मस्ट फॉलो वेदर दे अप्रूव ऑफ इट ऑ नॉट

52:14मतलब जजेस को अच्छा लगे या बुरा लगे बट दे

52:18हैव टू फॉलो इट इट्स अ बाइंडिंग फोर्स

52:21बाइंडिंग फोर्स है एंड इज़ एब्सोल्यूट

52:24डिस्क्रीशन इज़ ऑल टुगेदर एक्सक्लूडेड मतलब

52:28जजेस इसमें ना अपनी मर्जी नहीं चला सकते

52:31डिस्क्रीशन का क्या मतलब होता है रजी अपनी

52:34मर्जी चलाना तो जजेस इसमें अपनी मर्जी

52:36नहीं चला सकते। दे हैव टू फॉलो इट। लास्ट

52:39में अपने पास आता है कंडीशनली अथॉरिटेटिव

52:42प्रिसिडेंट्स। अब सुनना कंडीशनली

52:45अथॉरिटेटिव का क्या मतलब होता है? अब लॉ

52:48मेकर कहता है शिवानी मेरी एक बात सुन।

52:51मैंने कहा बोल कह रहा है ये देख सुन अब

52:54मान लो सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट है। वो

52:57दूसरे हाई कोर्ट्स को फॉलो करनी है।

52:59एब्सोलुटली अथॉरिटेटिव। पर्सुएसिव का मतलब

53:02देख लो। फॉलो कर सकते हो तो कर लो।

53:04कंडीशनली अथॉरिटेटिव का मतलब क्या है?

53:06कंडीशनली अथॉरिटेटिव का मतलब है वैसे तो

53:09फॉलो करनी ही करनी है अनलेस अदरवाइज

53:13सरकमस्ट्ससेस ही दूसरे हो जाए। मान लो

53:15सुप्रीम कोर्ट ने कोई जजमेंट दी। अब हाई

53:18कोर्ट में कोई केस आया। उस केस के फैक्ट्स

53:21जिस केस में सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट दी

53:23थी उससे अलग है। अगर फैक्ट सेम होते तो

53:27हाई कोर्ट को वो फॉलो करनी पड़ती।

53:29एब्सोलुटली अथॉरिटेटिव होती। क्योंकि अभी

53:31फैक्ट्स ही अलग हैं। तो हाई कोर्ट कैसे

53:34फॉलो करें? बहुत सारे बच्चों को लगता है

53:36पर्सुएसिव और कंडीशनली ऑथॉरिटेटिव सेम

53:40होती हैं। बट ऐसा नहीं होता मेरे बच्चे।

53:42पर्सुएसिव मतलब फॉलो करना है या नहीं

53:45करना। ये आप पर ही डिपेंड करता है।

53:48कंडीशनली अथॉरिटेटिव का मतलब फॉलो तो करना

53:51है अंटिल अनलेस कोई एस सच कंडीशन ना आ

53:55जाए। ठीक है? अब मान लो फैक्ट्स अलग हैं

53:58या जो सुप्रीम कोर्ट ने एक जजमेंट दी थी

54:00उसमें थोड़े से मिस्टेक्स थे एरर्स थे बाद

54:03में पता चला तो वहां फॉलो नहीं कर सकते ना

54:06अब वो पर्सुएसिव तो नहीं है तो वो क्या है

54:08कंडीशनली अथॉरिटेटिव

54:11तो अ कंडीशनल अथॉरिटेटिव प्रेसिडेंट इज़ वन

54:14व्हिच दो ऑर्डिनरी बाइंडिंग ऑन द कोर्ट

54:18बिफोर इट इज़ साइटेड इज़ लायबल टू बी

54:21डिसरगार्डेड इन सर्टेन सरकमस्ट्ससेस वैसे

54:24तो मेरे बच्चे कंप्लीट ट बाइंडिंग है।

54:27वैसे तो क्या है? कंप्लीट बाइंडिंग है।

54:30लेकिन लेकिन लेकिन लायबल टू बी

54:33डिसरगार्डेड इन सर्टेन सरकमस्ट्ससेस। मतलब

54:37कुछ सरकमस्ट्ससेस में उसे आप डिसरगार्ड भी

54:40कर सकते हो। तो ये अपना आ गया जुडिशियल

54:43प्रेसिडेंट। ये क्या आ गया? थैंक यू सो मच

54:46सर। जुडिशियल प्रेसिडेंट। उसके बाद है

54:49अगला स्टैचूस और लेजिसलेशन। स्टैचू का

54:53मतलब क्या होता है? एक्ट। लेजिसलेशन का

54:56मतलब क्या होता है? लॉ मेकिंग प्रोसीजर।

55:00का क्या मतलब होता है? लॉ मेकिंग

55:02प्रोसीजर। अच्छा सिंपल सी बात है यार जब

55:05हम सोर्सेस ऑफ लॉ पढ़ते हैं तो एक्ट तो

55:08कितना बड़ा सोर्स है लॉ का। हां या ना?

55:10लोकसभा से पास होता है, राज्यसभा से पास

55:13होता है, प्रेसिडेंट का एसेंट मिलता है,

55:15ऑफिशियल गैजेट में नोटिफाई होता है, एक्ट

55:18बनता है। तो जब हम लॉ पढ़ते हैं, तो हम शान

55:22से क्या बोलते हैं? लॉ इंक्लूड्स एक्ट।

55:25क्या बोलते हैं मेरे बच्चों? लॉ इंक्लूड्स

55:28एक्ट। अब लॉ मेकर कह रहा है शिवानी देखो

55:30लॉ जो है वो दो तरीके के होते हैं। एक तो

55:34है जस्ट स्क्रिप्टम और एक है जस्ट नॉन

55:38स्क्रिप्टम। ठीक है? व्हेन आई टॉक अबाउट

55:41एक्ट।

55:43और स्टच्यूट

55:46और लेजिसलेशन। ठीक है? वो दो तरीके के

55:49होते हैं। एक तो है मेरे बच्चे जस्ट

55:52स्क्रिप्टम

55:54और एक है जस्ट नॉन स्क्रिप्टम। एक क्या है

55:58मेरे बच्चे? जस्ट नॉन स्क्रिप्टम। ठीक है?

56:02जस्ट स्क्रिप्टम का मतलब क्या होता है रज?

56:05रिटन लॉ। क्या होता है इसका मतलब मेरे

56:08बच्चों? रिटन लॉ। ठीक है? और जस्ट नॉन

56:12स्क्रिप्टम का मतलब क्या होता है? नॉन

56:15रिटन लॉ। मतलब जो लिखा नहीं हुआ। तो अगर

56:19मैं बात करूं जस स्क्रिप्टम तो एक्ट किस

56:23में आएगा? जस्ट स्क्रिप्टम में। क्योंकि

56:25एक्ट तो लिखा जाता है। एक्ट क्या होता है

56:28मेरे बच्चे? एक्ट लिखा जाता है। ठीक है?

56:30अब वो कह रहा है जो एक्ट्स ऑफ द

56:33पार्लियामेंट और स्टेट लेजिसलेशन।

56:35लेजिसलेशन जो है या तो सुप्रीम होगी या तो

56:39सबोर्डिनेट होगी। सुनना जब आप लेजिसलेशन

56:43की बात करते हो तो सेंट्रल लेवल पर लॉ कौन

56:48बनाता है मेरे बच्चे? पार्लियामेंट। ठीक

56:50है? सेंट्रल लेवल पर लॉ कौन बनाता है?

56:54पार्लियामेंट।

56:55स्टेट लेवल पर लॉ कौन बनाता है? स्टेट

56:59लेजिसलेशन।

57:01कौन बनाता है? स्टेट लेजिसलेशन। बहुत

57:04ध्यान से। सेंट्रल लेवल पर लॉ कौन बनाता

57:08है? पार्लियामेंट। स्टेट लेवल पर लॉ कौन

57:12बनाता है मेरे बच्चे? स्टेट लेजिसलेशन। तो

57:14जब पार्लियामेंट लॉ बना रही है या स्टेट

57:18लेजिसलेशन लॉ बना रही है। इनको हम बोलते

57:20हैं सुप्रीम लेजिसलेशन। हम इसको क्या

57:24बोलते हैं? सुप्रीम लेजिस्लेशन। बट आपको

57:27भी पता है कि पार्लियामेंट के पास इतना

57:30समय नहीं होता कि वो हर मुद्दे पर लॉ

57:33बनाए। तो पार्लियामेंट क्या करती है? अपनी

57:36लॉ मेकिंग पावर डेलीगेट कर देती है। क्या

57:40करती है? अपनी लॉ मेकिंग पावर को डेलीगेट

57:43कर देती है। और जब कोई और पार्लियामेंट की

57:47जगह लॉ बनाता है तो मेरे बच्चे उसे बोला

57:51जाता है सबऑर्डिनेट लेजिसलेशन। उसे क्या

57:55बोला जाता है? सबऑर्डिनेट लेजिसलेशन। क्या

57:59इतनी बात क्लियर है? जब पार्लियामेंट लॉ

58:02बना रही है। जब क्या हो रहा है मेरे

58:04बच्चों? पार्लियामेंट लॉ बना रही है तो वो

58:07एक सुपीरियर लेजिसलेशन है। सुप्रीम

58:10लेजिसलेशन है। और जब पावर पार्लियामेंट

58:13अपनी लॉ मेकिंग पावर को डेलीगेट कर देती

58:16है वो एक सबोर्डिनेट लेजिसलेशन है। वो

58:19क्या है मेरे बच्चों? एक सबोर्डिनेट

58:21लेजिसलेशन।

58:23ठीक है? उसके बाद हम आगे पढ़ते हैं। अब

58:26सेकेंडरी लॉ के क्या सोर्सेस हैं?

58:28प्रिंसिपल ऑफ जस्टिस, इक्विटी एंड गुड

58:31कंसाइज। ठीक है? प्रिंसिपल ऑफ जस्टिस

58:34इक्विटी एंड गुड कंसाइज वाज़ इंट्रोड्यूस्ड

58:37बाय द एमज़ रेगुलेशन ऑफ 1781

58:42यहां से एक एमसीक्यू आ सकता है कि जेईईसी

58:46अगर मैं बात करूं जस्टिस इक्विटी एंड गुड

58:48कंसाइज किसके थ्रू आई थी? कौन लेकर के आया

58:52था? इंपेज़ रेगुलेशन 1781 कौन लेकर आया था

58:56मेरे बच्चे? इंपेस रेगुलेशन 1781 अब देखो

59:01अब कोई एक ऐसी चीज है जिस पे कोई लॉ नहीं

59:05है। ठीक है? कोई पर्सनल लॉ नहीं है, कोई

59:07एक्ट नहीं है, कोई कस्टम नहीं है। वहां पर

59:11उस चीज का फैसला जस्टिस से किया जाएगा,

59:14इक्विटी से किया जाएगा। हां या ना? तो उसी

59:17को हम बोलते हैं मेरे बच्चे जस्टिस

59:19इक्विटी एंड गुड कंसाइज। देखो इन पर्सनल

59:23लॉ डिस्प्यूट्स द कोर्ट्स आर रिक्वायर्ड

59:26टू अप्लाई द पर्सनल लॉ ऑफ द डिफेंडेंट इफ

59:29द पॉइंट ऑफ इशू इज नॉट कवर्ड बाय एनी

59:32स्टच्यूट और कस्टम कि भाई देखो अगर मेरे

59:35और आपके बीच में लड़ाई हो रही है तो हमारा

59:37जो रीजनल लॉ है हमारा जो पर्सनल लॉ है वो

59:40लगेगा लेकिन अगर कुछ भी नहीं है तो

59:43ऑब्वियसली क्या लगेगी जस्टिस इक्विटी एंड

59:46गुड कंसाइज क्या इतनी बात ठीक है

59:50क्या बोला जा रहा है? देखो

59:53इन एब्सेंस ऑफ एनी रूल ऑफ स्टचटरी लॉ और

59:57कस्टम और पर्सनल लॉ इंडियन कोर्ट्स अप्लाई

1:00:01टू द डिसीजन ऑफ अ केस व्हाट इज़ नोन एज

1:00:04जस्टिस इक्विटी एंड गुड कंसाइज। यहां से

1:00:07इतने ज्यादा न्यूमेरिकल आने के चांसेस

1:00:09नहीं है। उसके बाद अगला सोर्स है इंग्लिश

1:00:12लॉ। और इन्होंने मुझे इंग्लिश लॉ के भी

1:00:15चार सोर्सेस दे दिए। लेकिन अगर देखा जाए

1:00:18तो हिंदुस्तान के जो सोर्सेज हैं इंडिया

1:00:21इंग्लिश के भी तो कहीं ना कहीं वही

1:00:22सोर्सेस होंगे। तो सबसे पहले है कॉमन लॉ।

1:00:26कॉमन लॉ बनता है कस्टम से और जुडिशियल

1:00:30प्रेसिडेंट से।

1:00:33ठीक है? इनसे बनता है कस्ट कॉमन लॉ। लॉ

1:00:37मर्चेंट मतलब लॉ फॉललोड बाय ट्रेडर्स। लॉ

1:00:42मर्चेंट का मतलब क्या है मेरे बच्चे? लॉ

1:00:45फॉललोड बाय ट्रेडर्स। प्रिंसिपल ऑफ

1:00:48इक्विटी एंड स्टच्यूट लॉ मतलब एक्ट। तो

1:00:51कहीं ना कहीं ये आपने ऑलरेडी पढ़ रखे हैं।

1:00:54ठीक है? आपसे क्या ही पूछा जा सकता है कि

1:00:56इंग्लिश लॉ के क्या सोर्सेज हैं? इससे

1:00:59ज्यादा नहीं पूछेंगे। इंग्लिश लॉ के क्या

1:01:01सोर्सेस हैं? दोबारा। कॉमन लॉ। उसके बाद

1:01:04लॉ मर्चेंट। उसके बाद प्रिंसिपल ऑफ

1:01:07इक्विटी एंड स्टच्यूट लॉ। लॉ मर्चेंट का

1:01:10मतलब क्या होता है? लॉ फॉललोड बाय

1:01:13ट्रेडर्स। क्या मतलब होता है? लॉ फॉललोड

1:01:16बाय ट्रेडर्स। ठीक है जी। और दूसरा मेरे

1:01:18बच्चे कॉमन लॉ मतलब कस्टम प्लस जुडिशियल

1:01:22पर प्रेसिडेंट्स। उसके बाद लास्ट है

1:01:24मर्केंटाइल और कमर्शियल लॉ जिसमें लीगल

1:01:27डिक्शनरी, रिपोर्ट्स ये सब आ जाते हैं।

1:01:30ठीक है? आइए तो एक बार सोर्सेस का हम लोग

1:01:33एक चार्ट बना लेते हैं जिससे हम देख पाए।

1:01:37ठीक है? जब मैं बात करती हूं सोर्स ऑफ लॉ

1:01:40की तो दो सोर्स हैं।

1:01:44एक है प्राइमरी

1:01:48और एक है सेकेंडरी।

1:01:51एक है प्राइमरी और एक है सेकेंडरी। है ना?

1:01:55प्राइमरी तीन है। कस्टम

1:02:00जुडिशियल प्रेसिडेंट

1:02:06[नाक से की जाने वाली आवाज़] एंड

1:02:09एक्ट और स्टच्यूट। राइट?

1:02:13और सेकेंडरी भी तीन है। जस्टिस, इक्विटी

1:02:17एंड गुड कंसाइज,

1:02:20इंग्लिश लॉ

1:02:23एंड मरकेंटाइल लॉ।

1:02:28मरकेंटाइल लॉ। इंग्लिश लॉ के कितने

1:02:31सोर्सेस हैं? इंग्लिश लॉ के हमारे पांच

1:02:34सोर्सेस हैं। चार सोर्सेस। कॉमन लॉ

1:02:41स्टच्यूट

1:02:44प्रिंसिपल ऑफ इक्विटी

1:02:49एंड लॉ मर्चेंट

1:02:52एंड व्हाट लॉ मर्चेंट।

1:02:57ठीक है? उसके बाद जुडिशियल प्रेसिडेंट,

1:03:01डिक्लेरेटरी एंड ओरिजिनल, एब्सोल्यूटली

1:03:04अथॉरिटेटिव, कंडीशनली अथॉरिटेटिव और

1:03:08पर्सुएसिव। ठीक है? यहीं से आपके

1:03:10एमसीक्यूस आ सकते हैं। चलें आगे। अब हमारी

1:03:15एक चीज रह गई थी। याद करो मैंने आपको तीन

1:03:18स्कूल्स करवा दिए थे और दो स्कूल्स अपने

1:03:21रहते थे। तीन स्कूल्स कौन से करवा दिए थे?

1:03:24एक तो नेचुरल करवा दिया था। उसके बाद एक

1:03:27मैंने आपको पॉजिटिविस्ट करवा दिया था और

1:03:29एक हिस्टोरिकल स्कूल करवा दिया था। अब बात

Sociological School of Law

1:03:32करते हैं सोशियोलॉजिकल स्कूल। अच्छा

1:03:35सोशियोलॉजिकल स्कूल में आपको क्या लगता

1:03:37है? क्या होगा? मैम सोशियोलॉजिकल स्कूल

1:03:40मतलब लॉ इज फॉर द सोसाइटी। हां या ना?

1:03:44सोशियोलॉजिकल स्कूल का मतलब क्या हो गया?

1:03:46कि लॉ जो है वो सोसाइटी के लिए बना है। लॉ

1:03:50जो है वो लोगों की नीड्स को सेटिस्फाई

1:03:53करने के लिए बना है।

1:03:57तो सोशियोलॉजिकल स्कूल में डर है। क्या है

1:04:01मेरे बच्चे? डिर डी से डुगेट आई से

1:04:05हियरिंग और आर से रोस्क पाउंड और आर से

1:04:09रॉस्क्यू पाउंट। डर

1:04:12[नाक से की जाने वाली आवाज़] डुगेट बोलता

1:04:13है एसेंशियली एंड एक्सक्लूसिवली अ सोशल

1:04:16फैक्ट। लॉ जो है वो सोसाइटी के लिए आया

1:04:20है। हियरिंग क्या बोलता है? हियरिंग बोलता

1:04:23है कि भाई साहब देखो लॉ जो है वो एक सोशल

1:04:27पर्पस सर्व करने के लिए आया है। लॉ इज

1:04:30कोराइसिव इनकरेक्टर मतलब सर्व वो बोलते

1:04:33हैं ना सर्वव्यापर कि हर जगह है। रॉस्क्यू

1:04:36पंट बोलता है कि लॉ जो है वो एक तरीके से

1:04:40सोशल इंजीनियरिंग के लिए है। मतलब वो

1:04:43लोगों की वैल्यूज़ देखता है, फिलॉसोफीज़

1:04:46देखता है और उनके उस अकॉर्डिंगली उनके

1:04:49इंटरेस्ट को सेटिस्फाई करता है। ठीक है?

1:04:54तो अगर मैं सोशियोलॉजिकल स्कूल के बारे

1:04:58में बात करूं।

1:05:00किसके बारे में बात करूं मेरे बच्चों?

1:05:02सोशियोलॉजिकल स्कूल।

1:05:14सोशियोलॉजिकल स्कूल। ठीक है? ठीक है? तो

1:05:17उसमें तीन है। एक तो डी, एक तो आई और एक

1:05:23तो है मेरे बच्चे आर। ठीक है? डी से क्या

1:05:26है? डुगेट।

1:05:30आई से क्या है? अहेरिंग।

1:05:34और आर से क्या है? रॉस्क्यू पाउंड। क्या

1:05:39है मेरे बच्चे? आर से रोस्क्यू पाउंड। ठीक

1:05:42है? डुगिट क्या बोलते हैं? सुनना ध्यान

1:05:45से।

1:05:46डुगिट बोलते हैं। लॉ इज एक्सक्लूसिवली

1:05:50अ सोशल फैक्ट। लॉ क्या है? एक तरीके का

1:05:55सोशल फैक्ट है। क्या है मेरे बच्चों? सोशल

1:05:58फैक्ट। हियरिंग बोलते हैं लॉ

1:06:00[नाक से की जाने वाली आवाज़] इज़ कोराइसिव

1:06:02इन नेचर। हर जगह ही लॉ है। और रॉस्क्यू

1:06:06पाउंड बात करते हैं सोशल इंजीनियरिंग की।

1:06:11रॉस्क्यू पाउंड किसकी बात करते हैं मेरे

1:06:13बच्चों? सोशल इंजीनियरिंग की। ठीक है? तो

1:06:17डुगी टॉक्स अबाउट लॉ इज़ एक्सक्लूसिवली अ

1:06:20सोशल फैक्ट। हियरिंग टॉक्स अबाउट लॉ इज़

1:06:24कराइसिव इन नेचर। और रॉस्क्यू पाउंड टॉक्स

1:06:27अबाउट कि लॉ क्या है? एक तरीके की सोशल

1:06:31इंजीनियरिंग। लॉ क्या है मेरे बच्चे? एक

1:06:34तरीके की सोशल इंजीनियरिंग।

Realistic School of Law

1:06:39उसके बाद है रियलिस्टिक। रियलिस्टिक में

1:06:42दो याद रखना काम चल जाएगा। एक तो होम्स और

1:06:45एक कार डोजो। एक क्या है मेरे बच्ची?

1:06:48होम्स और एक कार डोजो। रियलिस्टिक मतलब जो

1:06:51है वो देखो यार। तुम लॉ को जो भी बोल लो

1:06:54लेकिन लॉ वो है जो कोर्ट यूज़ करता है।

1:06:57क्योंकि लॉ देखो अब लॉ लिखने से तो काम

1:07:00नहीं चलेगा। जब डिस्प्यूट आता है तब पता

1:07:03चलता है कि लॉ की असलीेंस है क्या? तो भाई

1:07:07साहब ये ड्रामेबाजी मत करो। रियलिस्टिक

1:07:10मतलब हमारे लिए लॉ वो है जो कोर्ट अप्लाई

1:07:14करता है। ठीक है? तो हॉ्स ने क्या बोला

1:07:17मेरे बच्चे? लॉ इज अ स्टेटमेंट ऑफ

1:07:20सरकमस्ट्ससेस

1:07:21व्हिच विल पब्लिक फोर्स विल बी ब्रॉट टू

1:07:24बियर अपॉन थ्रू कोर्ट्स। एंड कार्डोज़ो के

1:07:28अंदर अ प्रिंसिपल और रूल कंडक्ट एज़ टू

1:07:31जस्टिफाई अ प्रेडिक्शन विद रीज़नेबल

1:07:33सर्टेनिटी दैट इट विल बी इनफोर्स्ड बाय द

1:07:36कोर्ट। तो बस मुझे ज्यादा ना याद रख के ये

1:07:39याद रखना है कि रियलिस्टिक में दो जरिस्ट

1:07:43हैं। ठीक है? एक तो कारडोजो है और एक

1:07:47होल्स है। और दोनों ही किस पे एफसिस करते

1:07:51हैं? कोर्ट पर। तो जहां आपको कोर्ट शब्द

1:07:54दिख गया, जहां आपको कोर्ट शब्द दिख गया,

1:07:57वो कौन सी डेफिनेशन आ जाएगी? रियलिस्टिक।

1:08:00वो कौन सी डेफिनेशन आ जाएगी? रियलिस्टिक।

1:08:03हमने नेचुरल डेफिनेशन तो कर ली लेकिन

1:08:06नेचुरल में इस एक डेफिनेशन रह गई थी मेरे

1:08:08बच्चे सैलमंड की। ठीक है? तो सैलेंड क्या

1:08:12बोलता है? द बॉडी ऑफ़ द प्रिंसिपल

1:08:14रिकॉग्नाइज्ड एंड अप्लाइड बाय द स्टेट इन

1:08:17द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ द जस्टिस। सैलमंडन

1:08:19नेचुरल स्कूल का और वो ये बोलता था कि भाई

1:08:21देखो जस्टिस के लिए जो भी प्रिंसिपल लगाए

1:08:25जाते हैं वो क्या है मेरे बच्चे? लॉ

1:08:28जस्टिस के लिए जो भी प्रिंसिपल लगाए जाते

1:08:30हैं प्रिंसिपल्स ऑफ जस्टिस। ठीक है? डन।

1:08:32ओके। अब आगे बढ़ते हैं। तो

1:08:34[नाक से की जाने वाली आवाज़] ये हमारे

1:08:34पांच स्कूल्स थे। अब मेरे बच्चे आता है लॉ

Definition of Law under Article 13

1:08:38की डेफिनेशन। क्या आती है रजे? लॉ की

1:08:43डेफिनेशन।

1:08:44और ये जो डेफिनेशन है ये दे रखी है

1:08:48आर्टिकल 13 ऑफ़ कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया।

1:08:51ये कहां दे रखी है? आर्टिकल 13 ऑफ़

1:08:54कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया। माइट बी

1:08:57पॉसिबल। यहां से एक एमसीक्यू आ जाए। लॉ की

1:09:00जो डेफिनेशन है वो दे रखी है। आर्टिकल 13

1:09:02ऑफ कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया। वो कह रहा

1:09:04है लॉ में क्या-क्या आएगा भाई? देखो लॉ

1:09:07में एक्ट आ जाएगा। लॉ में रूल्स आ जाएंगे।

1:09:10लॉ में नोटिफिकेशंस आ जाएंगी।

1:09:14ठीक है? लॉ में तुम्हारे सर्कुलर्स आ

1:09:17जाएंगे।

1:09:19लॉ में ऑर्डिनेंसेस आ जाएंगे।

1:09:22लॉ में केस लॉज़ आ जाएंगे। ये सब कुछ किस

1:09:25में आ जाएगा मेरे बच्चे? लॉ में। ये सब

1:09:28कुछ किस में आ जाएगा? लॉ में। तो लॉ इज अ

1:09:31वाइडर टर्म। लॉ इज व्हाट मेरे बच्चों? लॉ

1:09:34इज अ वाइडर टर्म। ठीक है? यहां तक अपना हो

1:09:37गया सोर्स ऑफ लॉ। अब उसके बाद ना आपके

1:09:41चैप्टर नंबर वन में काफी सारी मैक्सिमम्स

1:09:44दे रखी हैं। यू डोंट हैव टू लर्न दीज़

1:09:46मैक्सिमम्स अभी के अभी। जितनी इंपॉर्टेंट

1:09:48होंगी वो हम लास्ट में देखेंगे। बट अब इस

1:09:51चैप्टर में से आपको और कुछ नहीं करना। अब

1:09:54आपको ना यहां पर लॉज़ दे रखे हैं और उन लॉज़

1:09:58के बारे में थोड़ी-थोड़ी ना डिटेल्स दे रखी

Overview of Various Business Laws

1:10:01हैं। अब यहां से भी एमसीक्यू आ सकता है

1:10:03किस तरीके से आ सकता है? जैसे आपसे पूछ

1:10:06लिया जाएगा कि सिक्योरिटीज मार्केट से कौन

1:10:09सा लॉ डील करता है? वो कौन सा होगा?

1:10:12सिक्योरिटीज लॉ। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से

1:10:15कौन सा लॉ डील करता है? वो होगा

1:10:18इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट। मतलब यहां से

1:10:21बहुत छोटे-छोटे से एमसीक्यू आ सकते हैं।

1:10:23तो एक बार हम इनको भी अच्छे से देख के

1:10:24चलते हैं। सिक्योरिटीज लॉ। सिक्योरिटीज लॉ

1:10:28दीज़ लॉज़ प्रोटेक्ट इन्वेस्टर एंड रेगुलेट

1:10:31द सिक्योरिटीज़ मार्केट टू एश्योर

1:10:34ट्रांसपेरेंसी एफिशिएंसी एंड इन्वेस्टर

1:10:36कॉन्फिडेंस? इस सिक्योरिटीज़ लॉ में सेबी

1:10:39एक्ट आता है, एससीआरए आता है, डिपॉज़िटरीज़

1:10:43एक्ट आता है। एमसीक्यू किस तरीके से आएगा?

1:10:46व्हिच ऑफ द फॉलोइंग लॉ प्रोटेक्ट्स द

1:10:48इन्वेस्टर इंटरेस्ट एंड रेगुलेट्स द

1:10:49सिक्योरिटीज मार्केट? तो आपको नाम से पता

1:10:52चल जाएगा कि सिक्योरिटीज मार्केट की बात

1:10:54हो रही है। अगर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की

1:10:56बात करें तो इसमें क्या है? लॉ रिलेटिंग

1:10:59टू इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी। राइट? लॉ

1:11:03गवर्न्स इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शंस। साइबर

1:11:06सिक्योरिटी। मतलब थोड़ी सी कॉमन सेंस

1:11:08लगाओगे तो आप ये सवाल बहुत आराम से सॉल्व

1:11:11कर पाओगे कि अगर कोई लॉ इलेक्ट्रॉनिक

1:11:13ट्रांजैक्शन से रिलेटेड है। कोई लॉ साइबर

1:11:16सिक्योरिटी से रिलेटेड है तो वो लॉ कौन सा

1:11:19होगा? वो होगा आईटी लॉ। वो कौन सा होगा

1:11:22आईटी एक्ट। उसके बाद आता है आर्बिट्रेशन

1:11:25एंड कंसिलिएशन एक्ट। अब सिंपल सी बात हम

1:11:29दोनों में लड़ाई हुई। एक तो चांस है कि हम

1:11:32कोर्ट में जाएं। उस लड़ाई को सॉल्व करें।

1:11:35उसमें अगर हमारी लड़ाई क्राइम है तो वो

1:11:37सीआर वो लग जाएगा। भारतीय न्याय संहिता

1:11:40एविडेंस एक्ट। बट अब लॉ मेकर कहता है

1:11:42शिवानी कोर्ट्स के पास भी इतना समय नहीं

1:11:45है कि वो तुम्हारी बकबक सुने। मेक सेंस यस

1:11:48और नो।

1:11:52कोर्ट के पास जेनुइनली इतना समय नहीं है

1:11:56कि वो तुम्हारी बातें सुने। तो तुम ऐसा

1:11:58करो एक बंदा हायर करो अपने लिए और उसको

1:12:01अपनी बातें सुनाओ। सो दैट जल्दी से जल्दी

1:12:04तुम किसी डिसीजन पे पहुंच पाओ। उसे हम

1:12:07बोलते हैं आर्बिट्रेशन। मतलब हम कोर्ट में

1:12:10ना जाएं। हम एक आर्बिट्रेटर को हायर करें

1:12:13और वो एक पर्सन ऐसा हो जो सिर्फ और सिर्फ

1:12:16उसका एक काम हो हम दोनों का डिस्प्यूट

1:12:19सॉल्व करना। आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन

1:12:22एक्ट। ठीक है जी? अब जो ये नया लॉ है यानी

1:12:25आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन एक्ट है इज़

1:12:28बेस्ड ऑन यूनिसिट्रल मॉडल। अब यहां से एक

1:12:31एमसीक्यू बन सकता है कि आर्बिट्रेशन

1:12:34कंसिलिएशन एक्ट कौन से मॉडल पे बेस्ड है?

1:12:37वो बेस्ड है यूनिसेट्रल मॉडल पे। ठीक है?

1:12:41उसके बाद मेडिएशन लॉ। जैसे आर्बिट्रेशन

1:12:44में हम एक बंदा हायर करते हैं जो कि एक को

1:12:46जीताता है और दूसरा हार जाता है। मीडिएशन

1:12:49में क्या होता है? मीडिएशन में भी एक

1:12:51इंसान अपॉइंट होता है मीडिएटर। बट उसका

1:12:53काम ये होता है कि वो दोनों पक्ष का एक

1:12:56टाई करवा सके। किसी को हराए या किसी को

1:12:59जिताए नहीं। अब एग्जांपल लेते हैं। मेरे

1:13:01आप में लड़ाई हुई। हम कोर्ट में नहीं गए।

1:13:04हमने आर्बिट्रेटर अपॉइंट किया। अब

1:13:06आर्बिट्रेटर हमारा डिस्प्यूट सॉल्व करवा

1:13:08रहा है। ठीक है? उसमें आप हार गए और मैं

1:13:11जीत गई। लेकिन मिडिएटर क्या करेगा? हारने

1:13:14और जीतने पर फोकस नहीं करेगा। मीडिएटर ये

1:13:17चाहेगा कि हम दोनों ही कैसे जीत जाए। मतलब

1:13:21हम दोनों की ही जो रिक्वायरमेंट है वो किस

1:13:23तरीके से क्या हो जाए? फिल हो जाए। उसे हम

1:13:26बोलेंगे मीडिएशन लॉ। क्या बोलेंगे?

1:13:29मीडिएशन लॉ और फिर जो लॉ आपके पर्सनल डाटा

1:13:32को प्रोटेक्ट करता है ऑब्वियसली डिजिटल

1:13:35पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन वो लॉ जो कंपटीशन

1:13:38को प्रोटेक्ट करता है जो कि ये बोलता है

1:13:40कि भाई देखो कंपटीशन बुरा नहीं है कंपटीशन

1:13:44होना चाहिए पर अनफेयर कंपटीशन नहीं होना

1:13:46चाहिए वो कौन सा है कंपटीशन लॉ ठीक है

1:13:54द कंपटीशन एक्ट प्रिवेंट्स एंटी कंपेटिटिव

1:13:57प्रैक्टिससेस

1:13:58एंड प्रमोट फेयर कंपटीशन एंड कंज्यूमर

1:14:02वेलफेयर। वो लॉ जो कंज्यूमर वेलफेयर के

1:14:06लिए काम करता है जो एंटी कंपेटिटिव

1:14:09प्रैक्टिससेस को रोकता है और जो कि फेयर

1:14:11कंपटीशन को प्रमोट करता है वो कौन सा है

1:14:15मेरे बच्चे? कंपटीशन लॉ। कौन सा है रजे?

1:14:18कंपटीशन लॉ। उसके बाद क्रिमिनल एंड

1:14:21एविडेंसेस लॉ। अब नए आ चुके हैं। माइट बी

1:14:23पॉसिबल। यहां से सवाल आए। अब कौन से तीन

1:14:25लॉज़ हैं? भारतीय न्याय संहिता, भारतीय

1:14:28नागरिक सुरक्षा संहिता एंड भारतीय सक्षम

1:14:32अधिनियम। इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉज़

1:14:35कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेंट,

1:14:38ज्योग्राफिकल इंडिकेशंस जितनी भी आपने यू

1:14:41नो इंट इंटेंजिबल प्रॉपर्टीज पढ़ी हैं।

1:14:44रियलस्टेट को जो डेवलप करता है रेरा। ठीक

1:14:48है? उसके बाद टेलीकॉम के लिए

1:14:50टेलीकम्युनिकेशन एक्ट। कंज्यूमर

1:14:52प्रोटेक्शन के लिए कंज्यूमर प्रोटेक्शन

1:14:54एक्ट 2019। तो इस तरीके से इन पर एक-एक

1:14:57एमसीक्यूस आ सकते हैं।

1:15:01अब आपका काम क्या है? आपको ये एमसीक्यूस

1:15:04दे रखे हैं। ठीक है? आपको ये एमसीक्यूस

1:15:06सॉल्व करने हैं और मुझे बताना है कि भाई

1:15:09साहब ये सारे एमसीक्यूस आपसे हो रहे हैं

1:15:12या नहीं। हमने देखो ये चैप्टर बहुत ज्यादा

1:15:16हमें डिटेल में पढ़ने की जरूरत नहीं है।

1:15:18ठीक है? जहां से एमसीक्यू आ सकते हैं वो

1:15:21हम लोगों ने कंप्लीट किया है। अब ये 10

1:15:24एमसीक्यू करके आप लोग मुझे ये बताओगे कि

1:15:26ये एमसीक्यूस आपसे सॉल्व हो रहे हैं या

1:15:29नहीं। उसके बाद अगला चैप्टर अपना है

1:15:31कंपनीज़ एक्ट। और कंपनीज़ एक्ट का भी जो वन

1:15:34शॉट है वो बहुत बहुत ही जल्दी मेरे बच्चे

1:15:38आपके साथ हम लोग शेयर करेंगे। यहां तक

1:15:40क्लियर है? किसी को कोई भी दिक्कत आई होप

1:15:44यहां तक एवरीवन इज विद मी। पक्का पक्का।

1:15:48चलो आओ एक बार बता दो रज आज की क्लास

1:15:52दिमाग में क्लियर या से क्लियर? आई होप

1:15:54दिमाग में क्लियर होगी। मेहनत हमारी

1:15:58रिजल्ट हमारा छुट्टी हमारी। थैंक यू सो

1:16:02मच। हैव अ ग्रेट ग्रेट ग्रेट डे अहेड।

1:16:04थैंक यू सो मच।

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