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0:08कहां मर गए सब गांव वाले? सामने आओ।
0:14कालिया
0:17गांव में कोई नहीं है।
0:20कहां गए सब गांव वाले? कालिया की एंट्री
0:23होते ही सब डर गए क्या?
0:26लगता है आज सब अपने घरों में छिपे बैठे
0:29हैं। कोई बात नहीं कालिया सिंह फिर आएगा।
0:36यह कालिया अचानक गांव में क्यों आया था?
0:38मैंने सुना है वो हमारी जमीनों पर कब्जा
0:41करना चाहता है।
0:43अगर यह सच है तो फिर वो दोबारा जरूर आएगा।
0:47हमें इस बार पहले [संगीत] से तैयार रहना
0:49होगा।
0:51क्या बात है। बहुत खूब।
0:54[संगीत]
0:55जश्न का मजा आ गया।
1:04[संगीत]
1:08कालिया आ गया।
1:09गांव वालों कान खोल कर मेरी बात सुन लो।
1:13मुझे चंद महीनों में ये पूरी जमीन खाली
1:15चाहिए।
1:21[गला साफ़ करने की आवाज़]
1:22कालिया तुम यह क्या कह रहे हो? यह जमीन
1:26हमारी है। हम इसे छोड़कर कहां जाएंगे?
1:30तुम जहां भी जाओ मुझे इससे कोई मतलब नहीं
1:33है। लेकिन मुझे यह जमीन खाली चाहिए।
1:39नहीं कालिया, तुम्हारी यह बात पूरी नहीं
1:41होगी। यह जमीन हमारे बाप दादा की निशानी
1:44है। हम अपनी जमीन छोड़कर नहीं जाएंगे।
1:51बाप दादा की निशानी है। ठीक है। लेकिन अब
1:55इस गांव में वही होगा जो कालिया सिंह
1:57चाहेगा।
2:02कालिया यह जिद अच्छी नहीं है। गरीबों की
2:06जमीन छीन कर तुम्हें कभी सुकून नहीं
2:09मिलेगा। मैंने जो कह दिया सो कह दिया।
2:12मुझे यह जमीन चंद महीनों के अंदर खाली
2:13चाहिए। बस।
2:18अब हम क्या करेंगे? अगर कालिया ने सच में
2:21जमीन ले ली तो हमारे बच्चों का क्या होगा?
2:27हम गरीब लोग उसके सामने कहां खड़े हो सकते
2:30हैं?
2:35डरने से जमीन नहीं बचेगी। हमें अपने हक के
2:38लिए कोई रास्ता निकालना होगा।
2:41हमें रामदास के घर जाना चाहिए। उसकी बेटी
2:44कविता पढ़ाई में बहुत तेज है।
2:59खैरियत तो है। आज सब लोग इकट्ठे होकर मेरे
3:02पास आए हो।
3:05रामदास
3:06बात बहुत बड़ी है। आज गांव में कालिया
3:10सिंह आया था।
3:15कालिया यहां क्यों आया था? उसने तुम लोगों
3:18से क्या कहा?
3:21वो कह कर गया है कि कुछ महीनों में पूरे
3:24गांव की जमीन खाली चाहिए।
3:28कविता बेटी जरा यहां आओ।
3:42[संगीत]
3:42जी बाबा
3:45कविता बेटी आज गांव में कालिया आया था। वो
3:50वो हमारी जमीन हड़पना चाहता है।
3:54उस कालिया की हिम्मत कैसे हुई हमारी जमीन
3:58हड़पने की? हम उसे यह जमीन नहीं देंगे।
4:01बेटी जमीन कैसे दे दूं? यह तेरे दादा की
4:04निशानी है। लेकिन कालिया बहुत तात ताकतवर
4:07है।
4:08[संगीत]
4:09बाबा मेरी पढ़ाई अभी चल रही है। मुझे
4:11दिल्ली जाना है दिल्ली यूनिवर्सिटी में
4:13पढ़ने। मैं वहां [संगीत] से कुछ बनकर वापस
4:16आऊंगी।
4:16बेटी हमारे हालात ऐसे नहीं है कि मैं
4:21तुम्हें [संगीत] इतनी दूर पढ़ने भेज सकूं।
4:24बाबा आप चिंता मत करो। मैं अपनी मेहनत से
4:28पढूंगी और अपना सपना पूरा करूंगी।
4:38आप चिंता [संगीत] मत करो। मैं मेहनत करके
4:40पढूंगी और वापस आकर कालिया को उसकी
4:43ज्यादती [संगीत] का जवाब दूंगी।
4:45बेटी खूब पढ़ना और अपना सपना पूरा करना।
4:55बाबा मैं जल्दी [संगीत] वापस आऊंगी।
4:57कविता बेटी तुम जरूर कामयाब होना। हमें
5:00तुमसे बहुत उम्मीदें हैं।
5:02कविता बेटी जिंदाबाद।
5:05[संगीत]
5:37तुम लोग दिन रात मेहनत करते रहो
5:40लेकिन इस गांव चले मिलेगा वही जो कालिया
5:42सिंह चाहेगा।
5:46याद रखना इस साल की सारी फसल भी मेरे
5:49कब्जे में होगी।
5:53जमीन भी हमारी है और फसल भी हमारी है। तुम
5:56हमें डराकर सब कुछ नहीं छीन सकते।
6:02रामदास अकेला नहीं है कालिया। यह जमीन
6:05हमारी है और हम सब इसके साथ खड़े हैं।
6:10तो तुम सब मेरे सामने इकट्ठे हो गए हो।
6:15कल सुबह से किसी किसान को अपने खेत में
6:17कदम नहीं रखने देना।
6:24अभी तो सिर्फ हुक्म दिया है। कल देखना
6:27मेरी बात ना मानने वालों का क्या होगा।
6:33रामदास अब हम क्या करें? अगर कल कालिया के
6:37आदमी हमें खेत में जाने से रोक देंगे तो
6:39हमारी फसल बर्बाद हो जाएगी। हम अपनी फसल
6:42बर्बाद नहीं होने देंगे। सुबह सब किसान
6:45मेरे साथ खेतों की तरफ चलेंगे।
6:47जी।
6:58आगे मत बढ़ना। कालिया सिंह का हुक्म है।
7:01आज से इस खेत में कोई नहीं जाएगा।
7:05यह हमारी जमीन है। कालिया का हुक्म हमारी
7:09मेहनत नहीं रोक सकता।
7:24[हांफने की आवाज़]
7:25रामदास देखा कालिया के आदमी भी आखिर भाग
7:28गए।
7:32यह बात यहीं खत्म नहीं होगी। कालिया अब
7:35खुद जरूर आएगा।
7:40वो बदला लेने जरूर आएगा। हमें अगला कदम
7:43सोच समझ कर उठाना होगा।
7:49कालिया रामदास और उसके किसानों ने हमें
7:52बहुत मारा और खेत से भगा दिया। वे बहुत
7:54शक्तिशाली थे।
7:55ये तुम क्या भौंक रहे हो?
7:58हम सच कह रहे हैं कालिया। उन्होंने हमें
8:01मारा भी है और खेत से भगा दिया।
8:05सुबह होते ही मेरे आदमियों को साथ लेकर
8:07जाओ और रामदास को मेरे सामने लेकर आओ।
8:14ठीक है कालिया। हम रामदास को महल में लेकर
8:16आएंगे।
8:18[संगीत]
8:22चलो रामदास को पकड़ कर महल में लेकर आना
8:24है।
8:38मुझे कहां लेकर जा रहे हो?
8:40चलो तुम्हें कालिया ने महल में बुलाया है।
8:43रामदास को ले गए।
8:50ओम
9:11[हंसी]
9:15इसको काल कोठरी में फेंक दो।
9:39मेरी बेटी क्या करेगी? उसे तो पता भी नहीं
9:42होगा कि उसके बाबा कहां गए।
9:46रामदास को कालिया के आदमी ले गए हैं। पता
9:49नहीं उसके साथ क्या होगा।
9:52[संगीत]
9:55गाड़ियां निकालो। गांव में जाना है।
10:12सब लोग अपने घरों से बाहर आ जाओ।
10:27आज से इस गांव की जमीन और फसल दोनों पर
10:30मेरा हक होगा।
10:33कालिया
10:35रामदास को कैद करके तुमने अच्छा नहीं
10:37किया। अगर उसकी बेटी को पता चल गया तो वो
10:40तुम्हें छोड़ेगी नहीं। उसकी बेटी वो मेरा
10:44क्या बिगाड़ लेगी। [हंसी]
10:50सब गांव वाले कान खोल कर सुन लो। दो दिन
10:54के अंदर मुझे पूरा गांव खाली चाहिए।
10:58चलो गाड़ियों में बैठो। अब यहां से चलते
11:01हैं।
11:072 दिन में पूरा गांव खाली करने का हुक्म
11:09दे दिया है। अब हम कहां जाएंगे?
11:14इस साल प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली
11:16छात्रा हैं। कविता
11:29[प्रशंसा]
11:29मेहनत करने से सब कुछ हासिल किया जा सकता
11:32है। आई कम फ्रॉम अ पुअर विलेज फैमिली
11:34लेकिन आज अपनी मेहनत से मैं कामयाब हुई
11:37हूं।
11:39कविता तुमने साबित कर दिया कि मेहनत और
11:42हिम्मत के आगे हालात कुछ नहीं होते।
11:48काश बाबा आज मेरे साथ होते। उन्हें मेरी
11:50कामयाबी देखकर के कितना गर्व होता।
11:53कविता तुम्हारी मेहनत और काबिलियत देखकर
11:57तुम्हारे लिए एक खास मौका है। एक स्पेशल
11:59फोर्स में तुम्हें ट्रेनिंग का अवसर मिल
12:01सकता है।
12:02सर, ये स्पेशल फोर्स किस काम के लिए है?
12:04यह एक खास प्रतिष्ठित फोर्स है जो मुश्किल
12:07और खतरनाक हालात में लोगों की रक्षा करती
12:09है।
12:11सर, मैं यह मौका स्वीकार करना चाहती हूं।
12:14मैं इस ट्रेनिंग के लिए तैयार हूं।
12:22सर
12:47[संगीत]
12:54[संगीत]
12:55जय
13:01गांव वालों ने गांव खाली किया या नहीं?
13:05नहीं साहब गांव वालों ने गांव खाली नहीं
13:08किया।
13:09चलते गए ना।
13:12जाओ इनके घरों के बर्तन और सारा सामान
13:15बाहर फेंक दो।
13:38जल्दी सामान बाहर निकालो। कालिया सिंह का
13:40हुक्म है।
14:01कहने को तो यह कालिया है लेकिन यह बहुत
14:03गलत कर रहा है।
14:05ये सब बर्दाश्त से बाहर है। आखिर हम क्या
14:07करें?
14:11[संगीत]
14:19कालिया साहब हमने आपके हुक्म के मुताबिक
14:21गांव वालों का सारा सामान बाहर फेंक दिया
14:23है।
14:27[हंसी]
14:33अब गांव वालों को समझ आ जाए आलिया सिंह के
14:35हुक्म की नाफरमानी करने का अंजाम क्या
14:37होता है।
14:39चलो रामदास की तरफ।
14:53रामदास कैसे हो? तुम्हारे गांव वालों के
14:57बर्तन और सारा सामान घरों से बाहर फेंकवा
15:00दिया है। अब समझ आया मेरे खिलाफ जाने का
15:03अंजाम?
15:06तूने गरीबों के घर उजाड़ दिए। लेकिन याद
15:10रख जुल्म हमेशा नहीं चलता।
15:13एक दिन तुझे अपने किए का हिसाब देना होगा।
15:17[हंसी]
15:18मेरा हिसाब करने वाला अभी तक पैदा ही नहीं
15:21हुआ। रामदास।
15:25इसे यहीं कैद रहने दो। चलो।
15:45[हांफने की आवाज़]
15:48सेंड
15:50चल
15:56कविता तुम्हारे गांव से बहुत परेशान करने
15:59वाली खबर आई है।
16:01सर क्या हुआ है? मेरे गांव में सब ठीक तो
16:04हैं?
16:09कालिया ने गांव वालों को उनके घरों से
16:11निकालना शुरू कर दिया है।
16:16और तुम्हारे पिता रामदास को कालिया
16:18[संगीत] ने कैद कर रखा है।
16:19सर, मुझे अपने गांव जाना होगा। मैं अपने
16:22पिता और गांव वालों को अकेला नहीं छोड़
16:24सकती। सर मुझे अपने गांव जाने की इजाजत
16:27दीजिए। मेरे पिता और गांव वाले मुसीबत में
16:30हैं।
16:33ठीक है कविता तुम जा सकती हो।
16:41गाड़ियां निकालो। कविता को गांव जाना है।
16:43रोड।
17:04[संगीत]
17:09[संगीत]
17:26रामदास होता तो हमें यूं बेघर नहीं होने
17:28देता।
17:33कविता को जब यह सब पता चलेगा वो जरूर वापस
17:36आएगी।
17:41आज रात जश्न होगा। तैयारियां शुरू कर दो।
17:47[संगीत]
17:55[संगीत]
18:14[संगीत]
18:19[संगीत]
18:33[संगीत]
18:34ये कौन आ गए हैं?
18:37अरे यह तो हमारी कविता बेटी है।
18:42[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]
18:46हमें यकीन था हमारी बेटी जरूर वापस आएगी।
18:49[संगीत]
18:52आप लोग चिंता मत करो।
18:55अब मैं आ गई हूं।
19:00मेरे पिता रामदास कहां हैं?
19:06कविता बेटी कालिया ने रामदास को कैद कर
19:09रखा है। [संगीत]
19:11किसी
19:15मैं इस कालिया को छोडूंगी नहीं।
19:21रामदास को भी बाहर ले आओ और उसे यहां मेरे
19:24सामने बांध दो।
19:35जय
20:09रामदास
20:11आज तुम्हारी आखिरी रात है। अगर कोई आखिरी
20:14ख्वाहिश है तो मुझे बता दो।
20:18मेरी आखिरी ख्वाहिश यह है कि तुम्हें
20:20तुम्हारे जुल्म का अंजाम अपनी आंखों से
20:23देखूं।
20:26तुम्हारी आखिरी ख्वाहिश भी [संगीत] पूरी
20:27नहीं होगी।
20:38जय
20:40जय
20:51जय महाकाल
21:35पिताजी आप ठीक तो हैं? इस कालिया ने आपको
21:38कुछ किया तो नहीं?
21:42पिताजी
21:44आप फिक्र ना करें।
21:46मैं इस कालिया को नहीं छोडूंगी।
21:51इनके आदमियों को काबू कर लो।
22:08आज तुम्हारा हर किए का हिसाब होगा।
22:14कविता कविता मुझे माफ कर दो।
22:23तुमने मेरे पिताजी और पूरे गांव पे कोई
22:26रहम नहीं किया। फिर मैं तुम पर रहम क्यों
22:28करूं?
22:30तुमने सब गांव वालों को उनके घरों से बेघर
22:32कर दिया। अब भी तुम्हें लगता है कि मैं
22:35तुम्हें माफ करूंगी?
22:38कविता बेटी इसे मत छोड़ना।
22:42इसने हमारे घर उजाड़ दिए। इसे सजा मिलनी
22:45चाहिए।
22:49कविता बेटी जिंदाबाद।
22:51इसे गिरफ्तार करके ले जाओ।
23:01कविता बेटी जिंदाबाद। कविता बेटी
23:05जिंदाबाद।
23:06जिंदाबाद।
23:07मेरे होते हुए यहां किसी पर कोई जुल्म
23:10नहीं होगा। मैं सबके साथ हूं। [प्रशंसा]
23:13कविता बेटी जिंदाबाद।
23:15कविता बेटी जिंदाबाद। कविता बेटी
23:19जिंदाबाद। कविता बेटी जिंदाबाद।
23:23यह वीडियो सिर्फ तफरी और कहानी के मकसद के
23:25लिए बनाई गई है। इस वीडियो में दिखाए गए
23:27तमाम किरदार, वाक्यात, मुकामात, हालात और
23:30कहानी के तमाम हिस्से फर्जी हैं। इस
23:32वीडियो का किसी हकीकी शख्स, हकीकी खानदान,
23:34हकीकी गांव, हकीकी शहर, हकीकी इदारे या
23:37किसी हकीकी वाक्य से कोई ताल्लुक नहीं है।
23:39इस फिल्म के तमाम किरदार और मनाज़िर मसनोई
23:42जहानत यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद
23:44से तखलीक किए गए हैं। वीडियो में दिखाई
23:46देने वाले किरदार हकीकी लोग नहीं हैं और
23:49इनकी आवाजें, हरकात, चेहरे, माहौल और बाज
23:52मनाज़र भी एआई टेक्नोलॉजी के जरिए तैयार
23:54किए गए हैं। इस फिल्म का मकसद किसी भी
23:56शख्स, अदारे, पुलिस, फौज, सरकारी महकमे,
23:59मुल्क, कौम या कम्युनिटी को बदनाम करना
24:02नहीं है। अगर वीडियो में किसी किरदार,
24:04नाम, जंगा या वाक्य की मुमासलत किसी हकीकी
24:07शख्स या वाक्य से महसूस हो तो यह महज
24:09इत्तफाक होगा। इस कहानी में जुल्म,
24:11नाइंसाफी, धमकी, गिरफ्तारी, खौफ, गुस्सा
24:14और जज्बाती हालात जैसे अनासिर सिर्फ
24:16फिल्मी कहानी को आगे बढ़ाने के लिए शामिल
24:18किए गए हैं। इन मनाज़र को हकीकी जिंदगी के
24:21वाक्यात या हकीकी हालात की नुमाइंदगी नहीं
24:23समझा जाना चाहिए। वीडियो में दिखाए गए
24:25किसी भी गैर कानूनी या गलत अमल को फ्रॉग
24:28देना हमारा मकसद नहीं है। इस फिल्म का
24:30बुनियादी मकसद एक फर्जी कहानी के जरिए
24:32तफरीफ राहम करना और यह दिखाना है कि जुल्म
24:35और नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाना मजलूम का
24:37साथ देना और इंसाफ के लिए कोशिश करना एक
24:40अहम पैगाम हो सकता है। इस फिल्म में कविता
24:42एक फर्जी किरदार है। इसकी कहानी, इसके
24:45फैसले, इसके मुकालमे और इसके तमाम इदामात
24:48सिर्फ इस फिल्म की कहानी का हिस्सा हैं।
24:50इसी तरह कालिया, रामदास और गांव के तमाम
24:53दूसरे किरदार भी फर्जी किरदार हैं। वीडियो
24:55में इस्तेमाल होने वाले तमाम मनाजिर को
24:57फिल्मी अंदाज में पेश किया गया है। बाज
25:00जगहों पर हकीकत से मुशाबा माहौल, लिबास,
25:03गाड़ियां, इमारतें या इंसानी किरदार नजर आ
25:05सकते हैं। लेकिन इनका मकसद किसी हकीकी
25:08वाक्य की वीडियो पेश करना नहीं है। यह
25:10वीडियो खासतौर पर एआई की मदद से तखलीक
25:13कर्ता एक फर्जी फिल्म है। नाजरीन से
25:15गुजारिश है कि इसे हकीकी खबर, हकीकी
25:17वाक्य, दस्तावेजी फिल्म या हकीकी लोगों की
25:20रिकॉर्डिंग ना समझें। हम तमाम नाजरीन से
25:23यह भी गुजारिश करते हैं कि वीडियो को
25:25सिर्फ तफरी कहानी के तौर पर देखें [संगीत]
25:27और इसमें दिखाए गए किसी भी फर्जी अमल को
25:29हकीकी जिंदगी में इख्तियार करने की कोशिश
25:31ना करें। आखिर में हम वाज़ करना चाहते हैं
25:34कि इस वीडियो में दिखाई गई कहानी, किरदार,
25:36मुकालमें, हालात और वाक्यात सब दिखलाती
25:39हैं और सिर्फ तफरी मकसद के लिए पेश किए गए
25:41हैं। आपका हमारी वीडियो देखने, वक्त देने
25:44और हमारी मेहनत को सपोर्ट करने का बहुत
25:46शुक्रिया। अगर आपको यह फिल्म पसंद आए तो
25:49वीडियो को लाइक करें, चैनल को सब्सक्राइब
25:51करें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
25:53हम आपके लिए इसी तरह मजीद एआई की मदद से
25:56बनाई गई दिलचस्प और तफरी कहानी पेश