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Company Accounts | Fundamental of Accounting | CSEET October 2026 | Rishabh Tyagi

CSEET by PW · 16,903 words · 77 min read

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Company Accounts and CSEET Fundamentals

0:02सो हेलो क्या हालचाल

0:06एक नंबर सर और आपके सामने हाजिर हैं आपके

0:11गब्बर सर कैसे हो गब्बर आर्मी उम्मीद है

0:15आप लोग सभी मस्त बेहतरीन सुपर और मक्खन

0:18मलाई होंगे जैसे कि आप हमेशा रहते हैं तो

0:21बेटस कैसन बा मस्त बा सुपर्ब बा बेहतरीन

0:24बा और मक्खन मलाई बा तो भाई जो हमारा वन

0:28शॉट चल रहा है जो हमारी हमारी बूस्टर

0:30सीरीज चल रही है। बड़ी ही बढ़िया चल रही

0:32है। बड़े ही मजेदार चल रही है। भाई आप

0:34लोगों को पार्टनरशिप वाला चैप्टर मैंने

0:36ऑलरेडी दे दिया। आप लोगों को डेप्रिसिएशन

0:38वाला चैप्टर मैंने ऑलरेडी दे दिया। आप

0:40लोगों को फाइनल अकाउंट्स वाला चैप्टर

0:41मैंने ऑलरेडी दे दिया ताकि मेरे

0:42प्यारे-प्यारे बच्चों को कहीं भी दिक्कत

0:44ना हो। अब एक और चैप्टर जिसका नाम है

0:46कंपनी अकाउंट्स। प्यारा सा चैप्टर। इसका

0:49हम वन शॉट देखेंगे और इसमें हमारा कंपनी

0:52अकाउंट्स का पार्ट भी है और इसमें हमारा

0:55डेप्रिसिएशन का पार्ट भी है। तो हम कोशिश

0:57करेंगे कि दोनों चीजों को काफी अच्छे से

0:59समझें ताकि आपको कैसी भी दिक्कत ना आए। तो

1:03चलिए स्टार्ट करते हैं और देखते हैं क्या

1:06छुपा हुआ है इसके अंदर।

1:10सबसे पहले मैं आपको बता दूं बेटा ये हमारा

1:13अभियान बैच है। है ना? हमारे जो भी वन शॉट

1:16हो रहे हैं हमारी जो बूस्टर सीरीज हुई थी

1:18बैकलग क्लियर हुआ था ये हमारे जो वन शॉट

1:21हैं ये हमारे प्यारे अभियान बैच में आपको

1:23मिलेंगे ठीक है इसके लिए आपको हमारे ये

1:25बैच एनरोल करना पड़ेगा तब जाके आपको ये जो

1:28नोट्स हैं इस इस वनशॉट के और भी बहुत सारी

1:31चीजें हैं इसमें आपको एनरोल करना पड़ेगा

1:34फ्री बैच है तब जाके आपको ये सारी चीजें

1:36अवेलेबल हो जाएंगी पीडब्ल्यू ऐप पर ठीक है

1:40चलो मेरे प्यारे बच्चों तो स्टार्ट करते

Understanding Share Capital Basics

1:43इनू वि द टोटल शेयर कैपिटल ऑफ़ अ कंपनी इज़

1:47डिवाइडेड। सोचो कंपनी की कैपिटल है 5 लाख

1:51और कंपनी ने उसको 10 से डिवाइड कर दिया।

1:54कितना हो गया? ₹00 तो कितने शेयर हो गए?

1:58₹00 शेयर और हर शेयर कितने रुपए का है?

2:01₹10 का जिसको हम बोलते हैं फेस वैल्यू। तो

2:04शेयर क्या होता है? शेयर हमारी कंपनी की

2:07कैपिटल का एक पार्ट होता है। इसको हम

2:09हमारी पब्लिक को ऑफर करते हैं। आप अगर

2:12चाहें तो हमारी कंपनी के शेयर ले सकते

2:15हैं। और इसके बदले आपको क्या मिलता है?

2:18इसके बदले आप हमारी कंपनी में इन टर्म्स

2:21ऑफ परसेंटेज क्या बन जाते हो? ओनर बन जाते

2:24हो। इन टर्म्स ऑफ परसेंटेज आप क्या बन

2:27जाते हो? मालिक बन जाते हो। ओनर बन जाते

2:30हो। ठीक है? यस सर।

2:33जैसे कि यहां एग्जांपल है। कंपनी A B C है

2:36शेयर कैपिटल ऑफ 50 लाख डिवाइडेड इन 5 लाख

2:40शेयर ऑफ 10 ईच। यानी कि हमने इसको 10 से

2:43डिवाइड किया तो कितने शेयर्स आ गए? 5 लाख

2:47शेयर्स। तो 5 लाख * बाय 10 वि इज इक्वल टू

2:5150 लाख। इसको हम बोलते हैं शेयर कैपिटल।

2:54तो अभी आपको क्या समझ में आया बेटा?

2:58अभी आपको यह समझ में आया कि जो हमारी

3:00कंपनी होती है

3:04तो हमारी कंपनी होती है उसकी जो कैपिटल

3:08होती है कैपिटल यानी कि वह पैसा जो मालिक

3:11के द्वारा लगाया गया है। तो अगर कंपनी

3:13चाहे अपनी कैपिटल को रेज करना चाह रही है

3:16और पैसा इकट्ठा करना चाह रही है और पैसा

3:19कैपिटल कलेक्ट करना चाह रही है तो दे हैव

3:22वन मोर ऑप्शन वि इज शेयर्स। वो अपने

3:26शेयर्स के टुकड़े कर देगी। और उस टुकड़े

3:29को हम बोलते हैं शेयर्स। वो अपने कैपिटल

3:32के टुकड़े कर देगी और उन टुकड़ों को बोलते

3:34हैं शेयर्स। ये शेयर्स पब्लिक को दिए जाते

3:37हैं। पब्लिक से इससे बदला पब्लिक से इसके

3:40बदले पैसे लिए जाते हैं और पब्लिक को

3:43कंपनी में क्या दी जाती है? ओनरशिप दी।

3:46कंपनी में उसके बदले क्या दी जाती है

3:49बेटा? ओनरशिप दी जाती है। राइट। यस सर।

3:54तो जब भी कंपनी स्टार्ट होती है, जब भी

3:57कंपनी इनकरपोरेट होती है, जब भी कंपनी

4:00शुरू होती है, तो वहां पर जब कंपनी अपना

4:03मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन बना रही होती है,

4:06यानी कि एमओए बना रही होती है, वहां पर

4:09ऑप्शन आता है ऑथराइज्ड कैपिटल का, इशूड

4:12कैपिटल का, सब्सक्राइब कैपिटल का। सर,

Authorised vs Issued vs Paid-up Capital

4:14ऑथराइज्ड कैपिटल क्या होती है? ऑथराइज्ड

4:17कैपिटल को हम नॉमिनल कैपिटल भी बोलते हैं।

4:19ऑथराइज्ड कैपिटल को हम रजिस्टर्ड कैपिटल

4:21भी बोलते हैं। इसका मतलब होता है कि जब

4:24हमारी कंपनी शेयर्स निकालेगी मार्केट में

4:27जब हमारी कंपनी शेयर्स निकालेगी तो

4:29मैक्सिमम नंबर ऑफ शेयर्स कितने निकाल सकती

4:33है? मैक्सिमम नंबर ऑफ शेयर्स कितने

4:36निकालेगी? उसे हम क्या बोलते हैं? उसे हम

4:41उसे क्या बोलते हैं? उसे हम बोलते हैं

4:44हमारा ऑथराइज इशू जो हमारा ऑथराइज होता है

4:49सारे के सारे शेयर हम एक बार में नहीं

4:51निकालते। जितना ऑथराइज का पार्ट हम पहली

4:54बार निकालने की सोच रहे हैं या निकालेंगे

4:57उसे बोलते हैं इशूड कैपिटल। फिर आता है

5:00आपका कॉल्ड अप कैपिटल और पेड अप कैपिटल।

5:02जितना मैंने पब्लिक से पैसा मांगा कॉल्ड

5:06अप। और पब्लिक ने जितना पैसा दे दिया पेड

5:08अप। जितना मैंने पैसा मांगा कॉल्ड अप। और

5:12पब्लिक ने जितना दे दिया उसको बोलते हैं

5:14पेड अप। क्या बोलते हैं? पेड अप। अब यहां

5:19पर एक रूल आता है। जब कंपनी अपने शेयर्स

5:22को इशू करेगी, पब्लिक उनके शेयर्स को

5:25सब्सक्राइब करेगी तो रूल है मिनिमम

5:28सब्सक्रिप्शन। जितने शेयर आपने इशू करे

5:31हैं, उसका कम से कम 90% सब्सक्राइब हो

5:35जाना चाहिए। जितने शेयर्स आपने इशू करें

5:38हैं उसका कम से कम 90% मिनिमम

5:41सब्सक्रिप्शन हो जाना चाहिए। यानी कि जो

5:44कंपनी है पब्लिक उसके 90% शेयर्स को

5:47एटलीस्ट सब्सक्राइब कर ले। ठीक है? यस सर।

Types of Shares and Voting Power

5:51आगे कहानी को बढ़ाएं।

5:53कहानी को आगे बढ़ाएं। तो ये आपकी हो गई

5:56शेयर कैपिटल। ये आपकी हो गई पूरी की पूरी

5:59शेयर कैपिटल जो मैंने आपको बताया। काइंड्स

6:01ऑफ शेयर कैपिटल। अब देखो शेयर्स के टाइप्स

6:04क्या होते हैं? शेयर्स के टाइप्स क्या

6:07होते हैं? शेयर्स के टाइप्स होते हैं आपके

6:09इक्विटी शेयर्स। शेयर्स के टाइप्स होते

6:11हैं आपके प्रेफरेंस शेयर। सर इक्विटी

6:13शेयर्स क्या होते हैं? इक्विटी शेयर्स का

6:15मतलब होता है ऐसे शेयर्स जिन शेयर

6:18होल्डर्स के पास ये शेयर्स हैं उनके पास

6:21होती है वोटिंग पावर। अब सर ये वोटिंग

6:23पावर क्या होती है? वोटिंग पावर का मतलब

6:26होता है अगर कंपनी कोई डिसीजन लेना चाह

6:28रही है या कंपनी किसी डिसीजन के बारे में

6:30सोच रही है तो इन लोगों को पावर होती है

6:33हां या ना करनी। ये कहते हैं हां

6:37हां

6:39हां

6:41ना कंपनी में कोई डिसीजन जब लिया जाता है

6:44तो इनके पास पावर होती है हां या ना करने

6:47की उसे बोलते हैं वोटिंग पावर। यह चाहे तो

6:50किसी डिसीजन को ला सकते हैं और यह चाहे तो

6:53नहीं किसी भी डिसीजन को मना भी कर सकते

6:55हैं। यह होते हैं हमारे

6:58डिविडेंड। जब भी कंपनी फायदे में जाती है,

7:01जब भी कंपनी प्रॉफिट में जाती है, तो उस

7:03प्रॉफिट से वो अपने शेयर होल्डर को

7:05प्रॉफिट को डिस्ट्रीब्यूट करती है। जिसको

7:08हम बोलते हैं डिविडेंड। इक्विटी शेयर

7:10होल्डर को डिविडेंड फिक्स रेट से नहीं

7:13मिलता है। प्रॉफिट ज्यादा होगा तो

7:15डिविडेंड ज्यादा मिलेगा। प्रॉफिट कम होगा

7:17तो डिविडेंड कम मिलेगा। अब प्रेफरेंस शेयर

7:20इसके जस्ट अपोजिट होते हैं। प्रेफरेंस

7:23शेयर का मतलब होता है जिनके पास कोई

7:25वोटिंग पावर नहीं होती है। जिनके पास कैसी

7:27भी वोटिंग पावर नहीं होती है। लेकिन अगर

7:29इनको 2 साल तक आपने डिविडेंड नहीं दिया है

7:32तो इनके पास भी आ जाएगी वोटिंग पावर। और

7:35प्रेफरेंस शेयर होल्डर का जो डिविडेंड

7:38होता है वह फिक्स होता है।

7:41इसीलिए आपने जितने भी प्रेफरेंस शेयर्स

7:43देखे होंगे उन सभी शेयर्स के आगे कुछ

7:46परसेंटेज दिया होता है। 5% 6% 7% 10% ये

7:51उनका डिविडेंड है जो फिक्स है। प्रॉफिट

7:54चाहे ज्यादा हो, प्रॉफिट चाहे कम हो, इतना

7:57डिविडेंड तो उनको मिलेगा ही मिलेगा। अब

7:59इक्विटी शेयर के कोई टाइप नहीं है।

Cumulative vs Non-Cumulative Preference Shares

8:01प्रेफरेंस शेयर्स के आपको टाइप दे रखा है।

8:04सबसे पहला है क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस

8:06शेयर्स और नॉन क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस

8:08शेयर। क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस शेयर और नॉन

8:11क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस शेयर। क्यूमुलेटिव

8:13प्रेफरेंस शेयर का मतलब होता है ऐसे

8:15प्रेफरेंस शेयर्स। ऐसे प्रेफरेंस शेयर

8:19सपोज़ मुझे पिछले 4 साल यानी मान लो

8:252016 में मुझे प्रॉफिट नहीं हुआ।

8:282017 में मुझे प्रॉफिट नहीं।

8:322018 में मुझे प्रॉफिट नहीं हुआ। 2019 में

8:36मुझे प्रॉफिट नहीं। मान लो मुझे 2016 में

8:40प्रॉफिट नहीं हुआ। मुझे 2017 में प्रॉफिट

8:43नहीं हुआ। मुझे 2018 में प्रॉफिट नहीं

8:46हुआ। मुझे 2019 में प्रॉफिट नहीं हुआ। मान

8:49के चलते हैं। मुझे पिछली 4 साल में

8:52प्रॉफिट नहीं हुआ।

8:55मुझे पिछली 4 साल में प्रॉफिट नहीं हुआ।

8:58जब मुझे पिछली 4 साल में प्रॉफिट नहीं हुआ

9:01है तो मैंने डिविडेंड भी नहीं दिया होगा।

9:04जब मुझे पिछली 4 साल में प्रॉफिट नहीं हुआ

9:07है तो मैंने डिविडेंड भी नहीं दिया होगा।

9:10द आंसर इज़ यस। मैंने डिविडेंड भी नहीं

9:12दिया होगा। द आंसर इज़ यस। बट जब मुझे

9:15प्रॉफिट हुआ 2020 में तो बेटा जी मैंने

9:19पिछला जो रुका हुआ डिविडेंड है वह भी मिला

9:22और इस साल का भी मिला। ऐसों को बोलते हैं

9:25क्यूम्युलेटिव प्रेफरेंस शेयर। जिनको

9:27पिछला एरियर का जो डिविडेंड है वो भी

9:29मिलता है और इस साल का भी मिलता। बट जिनके

9:33साथ ऐसा नहीं होता है। जिनको अभी जो करंट

9:36ईयर का है वही मिलेगा। पिछला बकाया नहीं

9:38मिलता उसे बोलते हैं नॉन क्यूमुलेटिव

9:41प्रेफरेंस। उसको बोलते हैं नॉन

9:44क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस। उसके बाद आता है

9:47ऑन द बेसिस ऑफ पार्टिसिपेशन। दो टाइप के

9:50होते हैं। पार्टिसिपेटिंग और नॉन

9:52पार्टिसिप। पार्टिसिपेटिंग प्रेफरेंस

9:54शेयर्स का मतलब होता है पार्टिसिपेटिंग

9:57प्रेफरेंस शेयर्स का मतलब होता है मेरे

9:59प्यारे बच्चों। ऐसे प्रेफरेंस शेयर्स

10:01जिनको डिविडेंड के साथ-साथ प्रॉफिट में

10:04पार्टिसिपेट करने का मौका दिया जाता है।

10:07सरप्लस में पार्टिसिपेट करने का मौका दिया

10:10जाता है उसे बोलते हैं पार्टिसिपेटिंग

10:12प्रेफरेंस शेयर। और जिनके साथ ऐसा कुछ

10:15नहीं होता। जिनको ऐसा कोई भी ऑप्शन नहीं

10:17दिया जाता है वो होते हैं नॉन

10:19पार्टिसिपेटिंग प्रेफरेंस शेयर।

10:23फिर आता है आपका कन्वर्टेबल और नॉन

10:26कन्वर्टेबल। ऐसे प्रेफरेंस शेयर जो

10:28इक्विटी शेयर्स में कन्वर्ट हो सकते हैं।

10:31ऐसे प्रेफरेंस शेयर्स जो इक्विटी शेयर्स

10:33में कन्वर्ट हो सकते हैं। कन्वर्ट होने की

10:36पावर रखते हैं उसे बोलते हैं कन्वर्टेबल

10:38प्रेफरेंस शेयर। और जो कन्वर्ट नहीं हो

10:41सकते हैं उसको बोलते हैं नॉन कन्वर्टेबल

10:44प्रेफरेंस। जो कन्वर्ट हो सकते हैं उन्हें

10:46बोलते हैं कन्वर्टेबल प्रेफरेंस शेयर। जो

10:48कन्वर्ट नहीं हो सकते हैं उन्हें बोलते

10:50हैं नॉन कन्वर्टेबल प्रेफरेंस शेयर। इसके

10:53साथ-साथ

10:56दो टाइप के प्रेफरेंस शेयर्स और होते हैं।

10:58एक होता है रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर और एक

11:01होता है इररिडीमेबल प्रेफरेंस। एक होता है

11:04रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स और एक होता है

11:06इररिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर। रिडीमेबल

11:09प्रेफरेंस शेयर का मतलब होता है जहां पर

11:11कुछ टाइम बाद आपने कहा है कि हम कुछ टाइम

11:14बाद आपका पेमेंट करेंगे। जब आपने इन

11:17शेयर्स को इशू करा तब आपने बोला कि हम

11:20आपके शेयर्स को पैसा देंगे। हम आपके

11:23शेयर्स का इतने साल बाद पैसा देंगे।

11:25रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर और जहां पर ऐसा

11:27कुछ भी नहीं है, जहां पर ऐसा कुछ भी नहीं

11:30बोला गया, उसे बोलते हैं इररिडीमेबल

11:32प्रेफरेंस शेयर। जहां बोला गया है

11:34रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर। जहां ऐसा कुछ

11:37नहीं बोला गया।

11:39उसे कहते हैं इररिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर।

11:43ठीक है? हम बोलते हैं इर। तो ये सारे

Equity and Preference Shares Overview

11:46टाइप्स होते हैं बेटा जो आपने देखे

11:48प्रेफरेंस शेयर्स के। अब आगे आपको वही दे

11:51रखा है जो मैंने आपको बताया। इक्विटी

11:53शेयर्स क्या होते हैं? प्रेफरेंस क्या

11:55होते हैं? टाइप्स के बारे में जो मैंने

11:58अभी आपको बताया।

12:00ठीक है?

12:03चलिए अब अभी मैंने जो आपको चार बताए थे

12:06ऑथराइज्ड कैपिटल, इशूड कैपिटल, कॉल्ड अप

12:10कैपिटल और पेड अप कैपिटल। ऑथराइज्ड कैपिटल

12:12को हम नॉमिनल कैपिटल भी बोलते हैं,

12:14रजिस्टर्ड कैपिटल भी बोलते हैं। है ना? अब

12:17ऑथराइज का मतलब है जब कंपनी ने हमारी

12:19कंपनी ने एमओए में लिख दिया है कि जरूरत

12:22पड़ने पर मार्केट से हम इतने शेयर्स

12:25निकालेंगे। जरूरत पड़ने पर मार्केट से हम

12:28इतने शेयर्स इशू करेंगे मैक्सिमम टोटल उसे

12:31बोलते हैं ऑथराइज। इशू का मतलब होता है कि

12:34यह एक तरीके से इशू का पार्ट ही है। जो

12:36इशूड कैपिटल है वह ऑथराइज का एक पार्ट ही

12:39है। मतलब कितना पोर्शन हम पहली बार में

12:41पब्लिक को दे रहे हैं। पब्लिक से पैसा ले

12:43रहे हैं। कॉल्ड अप कैपिटल जितना पैसा हमने

12:46पब्लिक से मांगा है। पेड अप कैपिटल जितना

12:48पैसा पब्लिक ने पे किया। ठीक है? यस सर।

12:55ठीक है। अब आता है आपका टर्म्स ऑफ इशू। अब

13:00आप शेयर्स को इशू करोगे। अब आप कंपनी में

13:04शेयर्स को इशू करोगे। तो यहां पर आप क्या

13:07करोगे बेटा? यहां पर आप शेयर्स को इशू

13:12तो जब आप शेयर्स को इशू करते हो या फिर जब

13:16आप शेयर्स निकालते हो तो आपके पास दो

13:18ऑप्शन है। या तो आप शेयर्स को कैश में इशू

13:22कर दो या फिर आप शेयर्स को कंसीडरेशन अदर

13:25देन कैश। या तो कैश में कर दो या फिर

13:28कंसीडरेशन अदर देन कैश में कर दो। या तो

13:31कैश में या फिर कंसीडरेशन अदर देन कैश

13:34में। अब मैं आपको समझाऊंगा अगर हम शेयर्स

13:37को इशू कर रहे हैं कैश में।

13:42सबसे पहली बात तो जब हम शेयर्स को इशू

13:45करते हैं तो हमारे पास दो ऑप्शन होता है।

13:48या तो हम सारा का सारा पैसा एक बार में ले

13:51लें और सारे के सारे शेयर एक बार में दे

13:54दें। इसको बोलते हैं लमसम मेथड। क्या

13:57बोलते हैं? लमसम मेथड। सारा का सारा पैसा

14:02एक बार में ले लें या सारा का सारा पैसा

14:05एक बार में दे दें। इसको बोलते हैं लमसम

14:08मेथड। ठीक है? यस सर। और एक दूसरा होता है

14:12जिसको बोलते हैं इंस्टॉलमेंट मेथड।

14:17एक दूसरा होता है जिसको बोलते हैं

14:19इंस्टॉलमेंट मेथड। अब सर ये इंस्टॉलमेंट

14:21मेथड क्या होता है? इंस्टॉलमेंट मेथड का

14:24मतलब होता है जहां पर हम टुकड़ों में जहां

14:28पर हम टुकड़ों में करते हैं। बेटा

14:29इंस्टॉलमेंट मेथड का मतलब होता है जहां पर

14:31हम टुकड़ों में शेयर्स दे रहे हैं और

14:34टुकड़ों में पैसा ले रहे हैं उसको बोलते

14:36हैं इंस्टॉलमेंट मेथड। क्या बोलते हैं?

14:39इंस्टॉलमेंट मेथड। अब मेरे प्यारे-प्यारे

14:42बच्चों, यहां पर होता है आपका एप्लीकेशन।

14:47उसके बाद होता है आपका अलॉटमेंट।

14:51उसके बाद होता है आपका फर्स्ट कॉल।

14:54उसके बाद होता है आपका सेकंड कॉल।

14:58और फिर होता है आपका फाइनल।

15:04सबसे पहला आपका एप्लीकेशन, फिर होता है

15:06आपका अलॉटमेंट, फिर होता है आपका फर्स्ट

15:08कॉल, फिर होता है आपका सेकंड कॉल, फिर

15:10होता है आपका फायर कॉल। अब बारी-बारी से

15:13इनको जान लेते हैं कि एप्लीकेशन का मतलब

15:15क्या होता है? अलॉटमेंट का मतलब क्या होता

15:17है? फर्स्ट कॉल का मतलब क्या होता है? है।

15:19सेकंड कॉल का मतलब क्या होता है? फाइनल

15:21कॉल का मतलब क्या होता है? तो देखो मेरे

Share Application and Allotment Accounting

15:24प्यारे-प्यारे बच्चों सबसे पहले है शेयर्स

15:27की एप्लीकेशन। शेयर की एप्लीकेशन का मतलब

15:29है जहां पर पब्लिक अपने शेयर की एप्लीकेशन

15:33देती है कि हमें भाई साहब इतना पैसा चाहिए

15:36सॉरी इतना शेयर चाहिए और अपना पैसा कंपनी

15:39के पास भेजती है। अलॉटमेंट का मतलब उनको

15:41शेयर अलॉट किए जाते हैं। फर्स्ट कॉल का

15:44मतलब जब कंपनी अपनी पहली इंस्टॉलमेंट मांग

15:46रही है। सेकंड कॉल का मतलब जब कंपनी अपनी

15:49दूसरी इंस्टॉलमेंट मांग रही है। फाइनल कॉल

15:51का मतलब जब कंपनी अपनी आखिरी इंस्टॉलमेंट

15:53मांग रही है। तो बेटा चाहे आपकी शेयर

15:55एप्लीकेशन हो, चाहे आपका शेयर अलॉटमेंट

15:58हो, चाहे शेयर फर्स्ट कॉल हो, चाहे शेयर

16:00सेकंड कॉल हो, चाहे शेयर फाइनल कॉल हो। इन

16:03सबकी दो-दो एंट्री होती है।

16:06इन सबकी दो-दो एंट्री होती हैं। एक होती

16:09है पैसे के आने की, एक होती है शेयर के

16:12जाने की।

16:14बैंक अकाउंट

16:18डेबिट

16:20टू

16:22शेयर एप्लीकेशन।

16:24और

16:33अकाउंट

16:36डेबिट

16:41पेयर कैप

16:50ठीक

16:52एप्लीकेशन एप्लीकेशन की हमने दो एंट्री

16:54करी। पहली करी बेटा बैंक अकाउंट डेबिट टू

16:56शेयर एप्लीकेशन। दूसरी करी शेयर एप्लीकेशन

16:59अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल। पहली एंट्री

17:01में हमारे पास पैसा आ रहा है। पैसा जब कभी

17:05भी आता है बैंक अकाउंट को हम लोग डेबिट

17:08करते हैं। पैसा जब कभी भी जाता है बैंक

17:10अकाउंट को हम लोग क्रेडिट करते हैं। तो

17:12हमने एंट्री करी बैंक अकाउंट डेबिट टू

17:15शेयर एप्लीकेशन। शेयर एप्लीकेशन एक पर्सनल

17:18अकाउंट है। रूल होता है डेबिट द रिसीवर

17:21क्रेडिट द गिवर। शेयर एप्लीकेशन एक पर्सनल

17:24अकाउंट है। रूल होता है डेबिट द रिसीवर,

17:26क्रेडिट द गिवर। अब यहां पर आपको क्लियर

17:29अप्रोच को ध्यान में रखना है। जब भी हमारी

17:31कैपिटल, जब भी हमारी लायबिलिटी, जब भी

17:34हमारी रेवेन्यू या फिर इनकम इनक्रीस होते

17:36हैं, हम उसको क्रेडिट साइड में डालते हैं।

17:38डिक्रीज होते हैं, डेबिट साइड में डालते

17:41हैं। इनक्रीस होते हैं, क्रेडिट साइड में

17:43डालते हैं। डिक्रीज होते हैं, डेबिट साइड

17:45में डालते हैं। जब कभी भी हमारी एसेट, जब

17:48कभी भी हमारे एक्सपेंसेस इनक्रीस होते

17:50हैं, डेबिट साइड में डालते हैं। डिक्रीज

17:52होते हैं, क्रेडिट साइड में डालते हैं। अब

17:55यहां पर आप देखिए

17:58अब यहां पर आप देखिए यह हो जाएगा पैसे आने

18:01की और यह हो जाएगी शेयर जाने की। अब मैं

18:04अगर बात करूं अलॉटमेंट की तो अलॉटमेंट की

18:08भी दो एंट्री होंगी। अगर मैं बात करूं

18:10फर्स्ट कॉल की तो फर्स्ट कॉल की भी दो

18:12एंट्री होंगी। अगर मैं बात करूं सेकंड कॉल

18:14की तो सेकंड कॉल की भी दो एंट्री होंगी।

18:16अगर मैं बात करूं फाइनल कॉल की तो फाइनल

18:17कॉल की भी एंट्री होगी। बट फर्क क्या है?

18:20सिर्फ एप्लीकेशन में पहली एंट्री यह होती

18:22है और दूसरी एंट्री यह होती है। उसके बाद

18:26चाहे आप अलॉटमेंट की बात करें, चाहे

18:28फर्स्ट कॉल की बात करें, चाहे सेकंड कॉल

18:30की बात करें, चाहे फाइनल कॉल की बात करें।

18:32पहले ये वाली एंट्री फिर ये वाली एंट्री।

18:35जैसे मैं अलॉटमेंट की बात करूं तो शेयर

18:38अलॉटमेंट अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल।

18:41बैंक अकाउंट डेबिट टू शेयर अलॉटमेंट। मैं

18:44फर्स्ट कॉल की बात करूं। शेयर फर्स्ट कॉल

18:46अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल। बैंक अकाउंट

18:49डेबिट टू शेयर फर्स्ट कॉल मैं सेकंड कॉल

18:52की बात करूं शेयर सेकंड कॉल अकाउंट डेबिट

18:54टू शेयर कैपिटल बैंक अकाउंट डेबिट टू शेयर

18:57सेकंड कॉल इस तरीके इस तरीके से तो ये तो

19:00हमारा हो गया पार वाला पार का मतलब होता

19:02है जितने की आपके शेयर की फेस वैल्यू है

19:05उतने ही पैसे पर आपने शेयर दिया है दूसरा

19:09कांसेप्ट आता है प्रीमियम का

Securities Premium Accounting Treatment

19:13इसको बोलते हैं हम लोग सिक्योरिटीज

19:16प्रीमियम

19:19दूसरा कांसेप्ट आता है आपका प्रीमियम का

19:22जिसको हम बोलते हैं सिक्योरिटीज प्रीमियम।

19:25इसका मतलब होता है जहां पर आपकी जो कंपनी

19:28है वो फेस वैल्यू से ज्यादा पर शेयर आपको

19:31दे रही है। फेस वैल्यू ₹10 की है। आपसे वो

19:3415 ले रही है। फेस वैल्यू ₹20 की है। आपसे

19:37वो ₹30 ले रही है। फेस वैल्यू ₹40 की है।

19:40आपसे वो ₹50 ले रही है। उसको बोलते हैं हम

19:42सिक्योरिटीज। जितना ज्यादा पैसा लिया जा

19:45रहा है उसको बोलते हैं सिक्योरिटी स्पे।

19:48एक कंपनी के पॉइंट ऑफ व्यू से एक कंपनी के

19:52लिए होता है

19:56कैपिटल

19:59प्रॉफिट।

20:01कंपनी के लिए बेटा ये होता है एक कैपिटल

20:05प्रॉफिट। कंपनी के लिए क्या होता है बेटा?

20:07ये कैपिटल प्रॉफिट। यानी एक फायदा होता

20:10है। कंपनी के लिए ये एक फायदा होता है।

20:15क्या होता है? फायदा होता है। और जब भी हम

20:19सिक्योरिटीज प्रीमियम को अगर आपको

20:21क्वेश्चन में कहीं भी मेंशन नहीं है कि

20:23सिक्योरिटीज प्रीमियम का एक्स्ट्रा पैसा

20:26कंपनी ने किस पर लिया है? तो हम ये अस्यूम

20:28करके चलेंगे कि सिक्योरिटीज प्रीमियम का

20:31एक्स्ट्रा पैसा कंपनी ने अलॉटमेंट पर ही

20:33लिया होगा। ठीक है? यस सर। अब जब इसकी

20:37एंट्री होती है तो कैसे पास करते हैं? जो

20:39आप यह वाली एंट्री पास करते हो इस वाली

20:42एंट्री में सिक्योरिटीज प्रीमियम क्रेडिट

20:44होता है। सपोज एप्लीकेशन पर प्रीमियम होता

20:47तो आप एंट्री पास करते शेयर एप्लीकेशन

20:49अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल टू

20:51सिक्योरिटीज अलॉटमेंट पर होता शेयर

20:54अलॉटमेंट अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल टू

20:56सिक्योरिटीज प्रीमियम। फर्स्ट कॉल पर होता

20:58शेयर फर्स्ट कॉल अकाउंट डेबिट टू शेयर

21:00कैपिटल टू सिक्योरिटीज इस तरीके से। इस

21:03तरीके से इस तरीके से ठीक है इस तरीके से

21:09तो यह हो गया हमारा सिक्योरिटीज प्रीमियम

21:11की एंट्री ये हो गई हमारी पार की एंट्री

21:13कभी-कभी आपसे पूछा जा सकता है कि जो आपका

21:16सिक्योरिटीज प्रीमियम है आप इसका यूज कहां

21:20कर सकते हो जो आपका सिक्योरिटीज प्रीमियम

21:23है आप इसका इस्तेमाल कहां-कहां कर सकते हो

21:26तो बेटा देखो बायबैक करने के लिए आप

21:28सिक्योरिटी प्रीमियम का इस्तेमाल कर सकते

21:30हो बोनस शेयर के लिए आप सिक्योरिटी

21:32प्रीमियम का इस्तेमाल कर सकते हो। तब

21:34हमारे प्रेफरेंस शेयर्स का रिडमशन होगा।

21:36उस समय आप इसका इस्तेमाल कर सकते हो। उसके

21:39प्रीमियम को राइट ऑफ करने के लिए उसको

21:40इस्तेमाल कर सकते हो। ये या फिर

21:42प्रीलिमिरी एक्सपेंसेस प्रीलिमिनरी

21:45एक्सपेंसेस के लिए आप उसका यूज़ कर सकते

21:46हो। तो ये सारे पॉइंटर्स हैं जहां पर आप

21:49इसका इस्तेमाल कर सकते हो। ठीक है बच्चा?

21:54यस सर। चलिए

21:57ये मैंने आपको बता दिया। शेयर्स को हम

22:00डिस्काउंट पर इशू नहीं कर सकते। शेयर्स को

22:03हम यहां पर पार पर इशू कर सकते हैं।

22:05प्रीमियम पर इशू कर सकते हैं। ठीक है? पार

22:08पर इशू करा है। यह आपकी

22:11आइए

22:13आपका इंस्टॉलमेंट है।

22:18सारी एंट्री

22:23या आपका

22:28आपको बता दिए।

22:30एंट्री बता दिया। अब आता है आपका

22:34सब्सक्रिप्शन। अब आता है आपका

22:36सब्सक्रिप्शन। सब्सक्रिप्शन का मतलब क्या

22:38होता है? सबसे पहले आप ध्यान रखिएगा जितने

22:40शेयर कंपनी ने इशू करे हैं उसका कम से कम

22:4490% सब्सक्राइब हो जाना चाहिए। कंपनी ने

22:48जितने शेयर्स इशू करे हैं उसका कम से कम

22:5190% सब्सक्रिप्शन हो जाना चाहिए। अगर 90%

22:55सब्सक्रिप्शन होता है तो पैसा वापस करना

22:58पड़ेगा। उसके साथ-साथ पैसा वापस करना

23:00पड़ेगा। अगर पैसा नहीं वापस किया बेटा तो

23:03पेनल्टी भी बहुत। अब मेरे प्यारे बच्चों

23:06देखो तीन केस होते हैं।

23:09एक होता है फुल सब्सक्रिप्शन,

23:14एक होता है अंडर सब्सक्रिप्शन,

23:18एक होता है ओवर सब्शन।

23:23देखो तीन चीज होती हैं। एक होता है आपका

23:26फुल सब्सक्रिप्शन, एक होता है आपका अंडर

23:29सब्सक्रिप्शन और एक होता है आपका ओवर

23:31सब्सक्रिप्शन। कंपनी ने 20,000 शेयर्स

23:34निकाले हैं और पब्लिक ने 20,000 शेयर्स

23:38मांगे हैं। कंपनी ने 20,000 शेयर्स निकाले

23:41हैं और पब्लिक ने 20,000 शेयर्स मांगे

23:44हैं। इसको बोलते हैं फुल सब्सक्रिप्शन।

23:47इसको बोलते हैं फुल सब्सक्रिप्शन। कंपनी

23:50ने 20,000 शेयर निकाले हैं।

23:53पब्लिक ने 18,000 या 19,000 शेयर मांगे

23:56हैं। इसको बोलते हैं अंडर सब्सक्रिप्शन।

24:01क्या बोलते हैं? अंडर सब्सक्रिप्शन। कंपनी

24:04ने 20,000 शेयर निकाले हैं।

24:08पब्लिक ने मांगे हैं 24,000 शेयर। इसको

24:11बोलते हैं ओवर सब्सक्रिप्शन। क्या बोलते

24:14हैं? ओवर सबस्क्रिप्शन। इसको बोलते हैं हम

24:17लोग ओवर सब्सक्रिप्शन। राइट? यस सर। तो

24:20देखो फुल सब्सक्रिप्शन में कोई इशू नहीं।

24:24अंडर सब्सक्रिप्शन में कोई इशू नहीं। सारी

24:26की सारी एंट्री 18,000 से होगी। सारी की

24:29सारी एंट्री आपकी 18,000 से होगी। फुल

24:32सब्सक्रिप्शन में कोई इशू नहीं है। अंडर

24:35सब्सक्रिप्शन में कोई इशू नहीं है। ओवर

24:37सब्सक्रिप्शन में ये जो 4000 शेयर आपके

24:40पास ज्यादा आ गए। ये जो 4000 शेयर्स आपके

24:44पास ज्यादा आ गए। इसका आप क्या ट्रीटमेंट

24:47करोगे? ये आप पर डिपेंड करता है। इसका जो

24:50ट्रीटमेंट है उसके लिए हमारे पास तीन केस

24:53होते हैं। केस वन, केस टू और केस थ्री।

24:59जब भी क्वेश्चन में ओवर सब्सक्रिप्शन होता

25:01है या जब भी क्वेश्चन में प्रो डाटा होता

25:04है ऐसे केस में हमारे पास तीन ऑप्शन होते

25:06हैं। यहां पर आप देखिए कंपनी ने 20,000

25:09शेयर्स निकाले थे और हमारे पास आ गए

25:1224,000 शेयर यानी 4,000 शेयर्स ज्यादा आ

25:15गए। हमारे पास 4,000 शेयर्स ज्यादा आ गए।

25:18ऐसे केस में हम क्या करेंगे? जब हमारे पास

25:21एप्लीकेशन पर पैसा आ रहा था, हम एंट्री

25:24पास कर रहे थे। बैंक अकाउंट डेबिट टू शेयर

25:26एप्लीकेशन। जब हमारे पास पैसा आ रहा था तब

25:30हम एंट्री पास कर रहे थे बैंक अकाउंट

25:33डेबिट टू शेयर एप्लीकेशन। अब अगर मैंने यह

25:36ठान लिया है कि मेरे पास जितना एक्स्ट्रा

25:39पैसा आया है मैं उसको वापस करूंगा। मेरे

25:42पास जितना पैसा आया है मैं उसको रिटर्न

25:45करूंगा या रिफ्यूज करूंगा या रिजेक्ट

25:47करूंगा। तो क्या एंट्री पास करेंगे? शेयर

25:54एप्लीकेशन

25:57अकाउंट डेबिट टू बैंक।

26:01जब मैंने पैसे को वापस किया, रिटर्न किया,

26:05रिफ्यूज किया या रिजेक्ट किया तब मैं यह

26:07एंट्री पास करूंगा। शेयर एप्लीकेशन अकाउंट

26:10डेबिट टू बैंक। शेयर एप्लीकेशन अकाउंट

26:12डेबिट टू बैंक। जब मैंने मेरे प्यारे

26:14बच्चों

26:16एडजस्ट किया है। एप्लीकेशन पर जो

26:20एक्स्ट्रा पैसा आया है, उसको मैंने एडजस्ट

26:22किया है। किस पर? अलॉटमेंट पर।

26:26एंट्री क्या होगी?

26:34एप्लीकेशन

26:38अकाउंट

26:41टू शेयर अलॉटमेंट। शेयर एप्लीकेशन अकाउंट

26:46डेबिट टू शेयर अलॉटमेंट। शेयर एप्लीकेशन

26:50अकाउंट डेबिट टू शेयर अलॉटमेंट। ठीक है

26:53मेरे प्यारे बच्चों? यस सर। अगर सर मैं

26:56कुछ शेयर्स को वापस करूं और कुछ शेयर्स को

27:00एडजस्ट करूं। अगर मैं कुछ शेयर्स को वापस

27:02करूं और कुछ शेयर्स को एडजस्ट करूं तो

27:05क्या होगा बेटा? तो देखो कंबाइन हो जाएगा।

27:09लेकिन ये जो एंट्री हम पास कर रहे हैं ये

27:11पास करते हैं एप्लीकेशन की सेकंड वाली

27:13एंट्री। एप्लीकेशन की सेकंड वाली एंट्री

27:16क्या होती है? शेयर

27:22एप्लीकेशन

27:25अकाउंट डेबिट

27:29टू शेयर कैपिटल। एप्लीकेशन की सेकंड

27:33एंट्री क्या होती है? शेयर एप्लीकेशन

27:34अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल। ये आपकी

27:37एप्लीकेशन की सेकंड एंट्री होती। राइट? यस

27:40मेरे प्यारे बच्चों। अब मैं अगर कंबाइन

27:42एंट्री करूं। अब मैं अगर कंबाइन एंट्री

27:45करना चाहता हूं मेरे प्यारे बच्चों। तो

27:47देखो यहां शेयर एप्लीकेशन डेबिट है। यहां

27:50शेयर एप्लीकेशन डेबिट है। यहां शेयर

27:52एप्लीकेशन डेबिट है। तो तीनों में डेबिट

27:54है तो यहां डेबिट होगा। यहां टू बैंक है

27:57तो यहां भी आ जाएगा।

28:03और यहां टू शेयर अलॉटमेंट है तो यहां भी आ

28:05जाएगा।

28:07ये आपकी कंबाइन एंट्री हो गई। डिपेंड्स कि

28:10हमने शेयर्स को रिटर्न किया है या रिफ्यूज

28:13किया है या रिजेक्ट किया है। डिपेंड कि

28:15हमने शेयर को एडजस्ट किया है या मिक्स

28:18किया है। यहां जो हम पैसे को एडजस्ट करते

28:20हैं शेयर अलॉटमेंट पर जब हम अलॉटमेंट की

28:23एंट्री पास कर रहे होंगे उस केस में

28:26अलॉटमेंट की बैंक वाली एंट्री में इतना

28:29अमाउंट नहीं आएगा। क्योंकि यह वो पैसा है

28:31जो आपके पास पहले से आ चुका है। एडवांस ये

28:35वो पैसा है जो आप एडवांस में रिसीव कर

28:38चुके। एग्जाम में जो क्वेश्चन आता है अगर

28:41शेयर से अच्छा क्वेश्चन आएगा तो वो आपका

28:44ओवर सब

28:46वो आपका ओवर सब्सक्रिप्शन आएगा वो आपका

28:49ओवर सब्सक्रिप्शन से रिलेटेड ही आएगा ठीक

28:53है मेरे प्यारे बच्चों

28:55क्लियर सभी को यस सर सबसे पहला है कॉल्स

28:59इन एडवांस सबसे पहला है कॉल्स इन एडवांस

29:05अब सर ये कॉल्स इन एडवांस का मतलब क्या

29:09होता है?

29:12इसके लिए मैं आपको दोनों टॉपिक एक साथ

29:15समझाता हूं। कॉल्स इन एरियर और कॉल्स इन

29:17एडवांस। देखो मेरे प्यारे बच्चों,

29:20सबसे पहला टॉपिक है कॉल्स इन एरियर।

29:27और इसी के साथ आता है कॉल्स

29:33इन

29:36एडवांस।

29:38सबसे पहला है कॉल्स इन एरियर और इसी के

29:42साथ आता है कॉल्स इन एडवांस। अब सर दोनों

29:44में फर्क क्या है? कॉल्स इन एरियर क्या

29:47होता है? कॉल्स इन एडवांस क्या होता है?

29:49कॉल्स इन एरियर का मतलब होता है बेटा कि

29:51आपका जो कंपनी है उसके शेयर पब्लिक ने ले

29:55तो लिए लेकिन कुछ पैसा नहीं दिया। कुछ ऐसे

30:00शेयर होल्डर्स जिन्होंने अपने शेयर्स का

30:02पूरा पैसा नहीं दिया। हो सकता है अलॉटमेंट

30:06का पैसा नहीं दिया। हो सकता है फर्स्ट कॉल

30:08का पैसा नहीं दिया। हो सकता है फाइनल कॉल

30:10का पैसा नहीं दिया। तो कुछ ऐसे नालायक

30:13शेयर होल्डर जिन्होंने आपकी कंपनी के

30:15शेयर्स तो ले लिए लेकिन पैसा नहीं दिया।

30:19शेयर्स तो ले लिए बेटा आपके बट पैसा नहीं

30:22दिया। उसको हम बोलते हैं कॉल्स इन एरियर।

Calls in Arrears vs Calls in Advance

30:26उसको हम बोलते हैं कॉल्स इन एरियर। और कुछ

30:30शेयर होल्डर ऐसे होते हैं जिन्होंने को

30:32पैसा बाद में देना था लेकिन पहले ही दे

30:35दिया। फर्स्ट कॉल पर पैसा देना था

30:38अलॉटमेंट पर दे दिया। फर्स्ट कॉल पर पैसा

30:41देना था अलॉटमेंट पर दे दिया। फाइनल कॉल

30:43पर पैसा देना था फर्स्ट कॉल पर दे दिया।

30:46उसको बोलते हैं कॉल्स इन एडवांस।

30:49तो मेरे प्यारे बच्चों चाहे कॉल्स इन

30:51एरियर हो और चाहे कॉल्स इन एडवांस हो।

30:54दोनों ही जो रिलेट करते हैं वो करते हैं

30:57पैसे से। एक में पैसा आ नहीं रहा। एक में

31:00पैसा समय से पहले आ रहा है। तो सपोज आपका

31:03कॉल्स इन एरियर अगर अलॉटमेंट पर है या

31:06फर्स्ट कॉल पर है या फाइनल कॉल पर है तो

31:09हम इसकी एंट्री कैसे पास करेंगे? सपोज़

31:11अलॉटमेंट पर कॉल्स इन एरियर है

31:15तो हम एंट्री पास करेंगे

31:18बैंक

31:20अकाउंट डेबिट

31:25कॉल्स इन

31:28एरियर

31:30अकाउंट डेबिट

31:33टू

31:39शेयर अलॉटमेंट अकाउंट। सपोज़ मेरे पास

31:43अलॉटमेंट पर ₹2000 आने थे तो यहां मैं

31:46लिखूंगा ₹2000। मेरे पास ₹100 या ₹200

31:50नहीं आए तो यहां मैं लिखूंगा ₹200 या ₹100

31:53जो नहीं आए और ₹2000 में से ये अमाउंट

31:55माइनस करके मैं बैंक में डाल दूंगा। कॉल्स

31:58इन एरियर आपको देखना पड़ेगा कि पैसा किसका

32:01नहीं आया। पैसा अलॉटमेंट का नहीं आया है।

32:03पैसा फर्स्ट कॉल का नहीं आया है। पैसा

32:05सेकंड कॉल का नहीं आया है या पैसा फाइल

32:07कॉल का नहीं आया। किसका पैसा नहीं आया है?

32:10ये आपको पहले देखना पड़ेगा। ठीक है? यस

32:13बेटा।

32:15तो पहली एंट्री हमारी ये हो गई। बैंक

32:19अकाउंट डेबिट कॉल्स इन एरियर अकाउंट डेबिट

32:22टू शेयर अलॉटमेंट। राइट बेटा जी। यस सर।

32:26अब मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों जितने भी

32:29हमारे शेयर होल्डर्स हैं अगर वह हमें पैसा

32:32नहीं देते हैं तो हम ऐसा करेंगे कि हम

32:36उनको एक ऑप्शन देते हैं कि भाई अगर तुम

32:39हमारे पैसा 14 डेज के अंदर अगर तुम हमारा

32:42पैसा 14 डेज के अंदर दे दोगे। अगर तुम

32:45हमारा पैसा 14 दिन के अंदर दे देते हो तो

32:49तो अच्छी बात है। नहीं देते हो तो हम आपके

32:52शेयर्स को फॉरफिटेड कर देंगे। हम आपके

32:56शेयर्स को कैंसिल कर देंगे। अगर आप हमारा

32:59पैसा 14 डेज के अंदर देते हो तो अच्छी बात

33:02है। अगर 14 डेज के अंदर आप हमारा पैसा

33:05नहीं देते हो तो हम आपके शेयर्स को क्या

33:08कर देंगे बेटा? फॉरफिटेड कर देंगे। अब

33:12फॉरफिटेड का मतलब होता है हम आपके शेयर्स

33:15को कैंसिल कर देंगे। क्या कर देंगे बेटा?

33:19कैंसिल कर देंगे। हम आपके शेयर्स को

33:22कैंसिल कर देंगे। अब जब हम शेयर्स को इशू

33:25कर रहे थे तो ऐसे केस में हम शेयर कैपिटल

33:28को क्रेडिट कर रहे थे। अब हम शेयर्स को

33:31फॉरफिटेड कर रहे हैं। अब हम शेयर्स को

33:34कैंसिल कर रहे हैं। तो एंट्री पास हो गई।

33:38शेयर

33:43कैपिटल

33:46अकाउंट डेबिट। शेयर कैपिटल अकाउंट डेबिट।

33:51अगर जिसका पैसा आपने नहीं दिया है। अगर

33:55जिसका पैसा आपने नहीं दिया है मेरे प्यारे

33:58बच्चों और उस पर प्रीमियम भी शामिल था। तो

34:01जब आप उसके शेयर्स को फॉरफिटेड करेंगे तो

34:04वहां पर भी आपका आएगा सिक्योरिटीज

34:08प्रीमियम डेबिट।

34:14वहां पर भी आएगा आपका

34:18सिक्योरिटीज प्रीमियम डेबिट जिसका पैसा

34:21आना था अगर उसका पैसा आपने नहीं दिया है

34:24तो वहां पर भी आएगा सिक्योरिटीज प्रीमियम

34:27डेबिट अगर उस पर प्रीमियम शामिल था तो

34:29मेरे प्यारे बच्चों शेयर कैपिटल अकाउंट

34:32डेबिट हो गया सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट

34:34डेबिट हो गया अब क्रेडिट करेंगे जो पैसा

34:37नहीं आया

34:40यानी कि

34:43टू

34:45कॉल्स इन एरियर

34:48और जो पैसा आ गया

34:51यानी कि टू

34:54शेयर फॉरफिटेड जो पैसा नहीं आया और जो

34:58पैसा आ गया इसके हिसाब से करेंगे तो ये

35:01आपने एंट्री पास करी शेयर्स को फॉरफिडेड

35:03करने की शेयर कैपिटल अकाउंट डेबिट

35:06सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट डेबिट टू

35:08कॉल्स इन एरियर और टू शेयर फॉरफिडेड यहां

35:11यहां पर आपके शेयर की पूरी वैल्यू आ

35:13जाएगी। यहां पर जो प्रीमियम था वो आ

35:16जाएगा। यहां पर जो पैसा नहीं आया वो आ

35:18जाएगा। और शेयर फॉरफिट का मतलब होता है जो

35:21पैसा वो दे चुका है। सपोज हो सकता है वो

35:24एप्लीकेशन का पैसा दे चुका हो। सपोज हो

35:26सकता है वो अलॉटमेंट का पैसा दे चुका हो।

35:28तो जो पैसा वो दे चुका है वो हमारे लिए एक

35:30फायदा है। वो हमारे लिए एक कैपिटल प्रॉफिट

35:33है। और वो आपका आ जाएगा शेयर फॉरफिडेड

35:35में। ये तो हमने शेयर्स को क्या कर दिया?

35:38फॉरफिडेड कर दिया। अब हम क्या करते हैं

35:40बेटा? कभी-कभी जो शेयर हमने फॉरफिटेड करे

35:44हैं,

35:46जो शेयर्स हमने फॉरफिटेड करे हैं, उसको हम

35:50क्या करते हैं? रीइशू करते हैं।

35:53जो शेयर हमने

35:56फॉरफिटेड करे हैं, उसको हम क्या करते हैं?

35:59रीइशू करते हैं। रीइशू का मतलब होता है वो

36:02शेयर हम किसी को सेल करते हैं। रीइशू का

36:05मतलब होता है वो शेयर हम किसी और को सेल

36:08करते हैं। तो दोबारा से हमारे पास क्या आ

36:10रहा है बेटा? पैसा आ रहा है

36:15और हमारे पास से क्या जा रहा है? शेयर जा

36:19रहा है।

36:21तो बैंक अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल।

36:27बैंक अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल। राइट?

36:31यस सर। बट मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों ऐसी

36:34एंट्री जब होती है जब हमने शेयर्स को पार

36:37पर इशू किया है। ये एंट्री ऐसी एंट्री जब

36:40होती है जब हमने शेयर्स को पार पर इशू

36:43किया है।

36:48अगर हमने शेयर्स को प्रीमियम पर रीइशू

36:50किया होगा। अगर हमने शेयर्स को प्रीमियम

36:54पर रिइशू किया होगा तो यही एंट्री में आ

36:57जाएगा टू

37:00सिक्योरिटीज

37:03प्रीमियम।

37:05अगर हमने पार पर किया है बेटा तो आपका

37:07बैंक अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल और टू

37:10सिक्योरिटीज प्रीमियम हो गया। और अगर हमने

37:12क्या किया है? प्रीमियम पर किया है तो

37:15बेटा सिक्योरिटीज प्रीमियम आपका क्रेडिट

37:17हो जाएगा। लेकिन लेकिन लेकिन अगर आपने

37:20फॉरफिडेड वाले शेयर्स को रीइशू किया है

37:23डिस्काउंट पर तो एंट्री होगी बेटा

37:27बैंक

37:30अकाउंट

37:32डेबिट

37:34शेयर

37:38फॉरफिटेड

37:42अकाउंट डेबिट बैंक अकाउंट डेबिट शेयर

37:46फॉरफिटेड अकाउंट डेबिट बैंक अकाउंट डेबिट

37:48शेयर फॉरफिडेड अकाउंट डेबिट टू

37:52शेयर

37:55कैपिटल

37:58बैंक अकाउंट डेबिट शेयर फॉरफिडेड अकाउंट

38:01डेबिट टू शेयर कैपिटल

38:08ये एंट्री आप पास करेंगे। अब आप देखो बेटा

38:12ये हमने पास करी शेयर्स को फॉरफिड करने की

38:15एंट्री। ये हमने पास करी शेयर को रीशूट

38:17करने की एंट्री। चाहे पार पर किया हो,

38:19चाहे उन्होंने प्रीमियम पर किया हो। और ये

38:21हमने एंट्री पास करी जब हमने शेयर्स को

38:24डिस्काउंट पर रीइशू किया है। अब आप कहेंगे

38:27सर यहां पर जो डेबिट है वो डिस्काउंट होना

38:30चाहिए था। आपने शेयर फॉरफिडेट को डेबिट

38:33क्यों कर दिया? यहां पर डेबिट में

38:36डिस्काउंट होना चाहिए था। आपने शेयर

38:39फॉरफिडेट को डेबिट क्यों कर दिया? क्योंकि

38:42रीजन बेटा जी यहां पर जो आपका डिस्काउंट

38:45पर आप शेयर को रीशूट कर रहे हो वो आपके

38:47लिए एक तरीके से एक्सपेंस है। आपके लिए वो

38:50लॉस है और वो लॉस आप कहां से कवर करोगे जो

38:53फायदा आपको यहां पर हुआ है। अब आपका

38:56कंपनीज़ एक्ट कहता है कि जो भी आपका कैपिटल

38:59प्रॉफिट है उसको कैपिटल रिजर्व में

39:01ट्रांसफर कर दो। और यहां पर कैपिटल

39:03प्रॉफिट क्या है? यहां पर कैपिटल प्रॉफिट

39:06है शेयर फॉरफिडेड। अगर हमने शेयर्स को पार

39:09पर रीशू किया है या प्रीमियम पर इशू किया

39:12है तो यह पूरा का पूरा अमाउंट ट्रांसफर हो

39:15जाएगा कैपिटल रिजर्व में जिसकी एंट्री पास

39:18करते हैं शेयर फॉरफिटेड अकाउंट डेबिट टू

39:21कैपिटल रिजर्व। लेकिन लेकिन लेकिन अगर

39:24आपने शेयर को डिस्काउंट पर इशू किया है तो

39:27ये वाला अमाउंट और ये वाला अमाउंट आपस में

39:31माइनस होंगे और फिर जो बैलेंस बच वो हम

39:34ट्रांसफर करेंगे कहां पर? कैपिटल रिजर्व

39:37में क्या एंट्री पास होगी? शेयर फॉरफिचर

39:41अकाउंट डेबिट टू कैपिटल रिजर्व। शेयर

39:43फॉरफिटेड अकाउंट डेबिट टू कैपिटल रिजर्व।

39:46क्लियर सबको अच्छे से एकदम लल एंड टॉप

39:52तरीके से।

39:55हो सबको क्लियर क्लियर हो गया है क्या?

40:00ओके। तो ये तो पूरा तामझाम था कॉल्स इन

40:03एरियर वाले कांसेप्ट का। अब हम समझ लेते

40:06हैं कॉल्स इन एडवांस का कांसेप्ट।

40:10अब हम समझ लेते हैं कॉल्स इन एडवांस का

40:13कांसेप्ट। मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों देखो

40:17कॉल्स इन एडवांस का मतलब होता है कि आपने

40:20पैसा पहले ही मिल गया। आपको पब्लिक ने

40:24पैसा आपको पहले ही दे दिया। कॉल्स इन

40:29एडवांस।

40:30देखो

40:32सपोज मेरे पास

40:36अलॉटमेंट पर ही पैसा आ गया जो आना था

40:40फर्स्ट कॉल पर

40:43जिस पर्सन से मेरे पास पैसा फर्स्ट कॉल पर

40:47आना था मेरे पास किस पर आ गया बेटा

40:50अलॉटमेंट पर ही आ गया फर्स्ट कॉल का पैसा

40:53मेरे पास अलॉटमेंट पर ही आ गया अब ऐसे केस

40:56में जो आपकी अलॉटमेंट की बैंक वाली एंट्री

40:59है उसमें भी आपका कॉल्स एंड एडवांस आएगा

41:02और जो आपका फ़र्स्ट कॉल की बैंक वाली

41:05एंट्री है उसमें भी आपका कॉल्स एंड एडवांस

41:07आएगा। यहां पर तो आपके पास एक्स्ट्रा पैसा

41:10आ गया तो वो कॉल्स एंड एडवांस आपके लिए एक

41:12लायबिलिटी है। और यहां पर आपने पहले से

41:15पैसा दे दिया तो आप वापस से तो नहीं दोगे।

41:18तो यहां पर हम क्या करेंगे? एंट्री

41:21यहां पर हम एंट्री करेंगे

41:24बैंक

41:26अकाउंट डेबिट।

41:30टू

41:32शेयर

41:35अलॉटमेंट अकाउंट

41:38और टू

41:41कॉल्स इन

41:44एडवांस अकाउंट।

41:50यहां पर हम ये एंट्री करेंगे बेटा। यहां

41:53पर हम ये एंट्री करेंगे। बैंक अकाउंट

41:55डेबिट टू शेयर अलॉटमेंट और टू कॉल्स इन

41:59एडवांस। यहां पर हम ये एंट्री करेंगे। और

42:02अगर हम फर्स्ट कॉल की बात करें तो फर्स्ट

42:04कॉल में क्या एंट्री होगी? बैंक

42:09अकाउंट डेबिट

42:13कॉल्स इन

42:16एडवांस अकाउंट डेबिट

42:20टू

42:23शेयर

42:27फर्स्ट कॉल। यहां पर हम ये एंट्री करेंगे।

42:30अब यहां पर हम यह एंट्री करेंगे क्योंकि

42:32हमारे पास एक्स्ट्रा पैसा आ चुका है इन द

42:34फॉर्म ऑफ कॉल्स एंड एडवांस और यहां पर हम

42:36जब फर्स्ट कॉल आएगा तो फर्स्ट कॉल पर उतना

42:39पैसा नहीं देंगे जो पहले से पैसा दे चुके

42:42हैं। अब मेरे प्यारे बच्चों जो आपका कॉल्स

42:44इन एरियर होता है जो आपका कॉल्स एंड

42:46एडवांस होता है उस पर इंटरेस्ट भी होती

42:48है। उस पर आपका इंटरेस्ट भी काम करता है।

42:52तो मेरे प्यारे बच्चों कॉल्स इन एरियर पर

42:54अगर कोई आपस में एग्रीमेंट नहीं है, सहमति

42:56नहीं है तो टेबल एफ के हिसाब से जो आपका

42:59कॉल्स इन एरियर है उस पर आपका 10% और जो

43:02आपको कॉल्स इन एडवांस है उस पर आपका 12%

43:05के हिसाब से चार्ज होता है। ठीक है? यस

43:09सर। चलो तो मैंने आपको बता दिया कॉल्स इन

43:13एरियर कैसे काम करता है। कॉल्स एंड एडवांस

43:15कैसे काम करता है। ठीक है? यस सर। अगला

43:18टॉपिक है बेटा इशू ऑफ शेयर्स फॉर

43:21कंसीडरेशन अदर देन कैश। अभी तक आपने देखा

43:24कि आप क्या कर रहे थे? आप पैसा ले रहे थे

43:28इन द फॉर्म ऑफ शेयर्स। आप शेयर्स दे रहे

43:30हो, पैसा ले रहे हो। इन रिटर्न ऑफ शेयर्स।

43:32आप पैसा दे रहे हो और इन रिटर्न ऑफ शेयर

43:35आप क्या ले रहे हो बेटा? पैसा ले रहे हो।

43:37अब कभी-कभी ऐसा होता है कि आप शेयर्स के

43:40बदले पैसा नहीं ले रहे हो। इशू ऑफ शेयर्स

43:43कंसीडरेशन अदर देन कैश। तो सर ऐसे हम क्या

43:46ले रहे हैं बेटा? हो सकता है आप किसी की

43:49एसेट खरीद रहे हो या हो सकता है आप किसी

43:52का बिजनेस खरीद रहे हो। दो ऑप्शन हो सकते

43:54हैं।

43:56दो ऑप्शन हो सकते हैं। हो सकता है आप किसी

44:01की एसेट्स खरीद रहे हैं। हो सकता है

44:06आप किसी का बिजनेस खरीद रहे हैं। हो सकता

44:11है आप किसी की एसेट्स खरीद रहे हैं और हो

44:14सकता है आप किसी का बिजनेस खरीद रहे हैं।

44:17अगर हम किसी की एसेट्स खरीद रहे हैं। मेरे

44:20प्यारे-प्यारे बच्चों अगर हम किसी की

44:22एसेट्स खरीद रहे हैं तो पहली एंट्री हो

44:24जाएगी

44:27सेंडरी

44:30एसेट्स

44:37अकाउंट

44:39डेबिट टू वेंडर। सेंडरी एसेट्स अकाउंट

44:42डेबिट टू वेंडर। एसेट्स हमारे पास आ रही

44:44हैं। इसीलिए हमने सेंडरी एसेट्स को डेबिट

44:46किया। और जिससे हम एसेट्स को खरीदते हैं

44:49बेटा उसको बोलते हैं वेंडर। तो सेंडरी

44:52एसेट्स अकाउंट डेबिट टू वेंडर। जिससे हमने

44:55एसेट्स को खरीदा उसको बोलते हैं वेंडर। तो

44:58सेंडरी एसेट्स अकाउंट डेबिट टू यहां पर

45:00क्या हो गया बेटा? वेंडर हो गया। ठीक? यस

45:03सर। अब अगर मैंने इस वेंडर को शेयर्स पार

45:09पर दिया है। अगर मैंने इस वेंडर को शेयर्स

45:12पार पर दिया है। तो पहली एंट्री हो जाएगी

45:14सेंडरी एसेट्स अकाउंट। ओ सॉरी से वेंडर

45:17अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल। अगर मैंने

45:21प्रीमियम पर दिया है बेटा तो वेंडर डेबिट

45:23टू शेयर कैपिटल टू सिक्योरिटीज प्रीमियम।

45:25और अगर मैंने डिस्काउंट पर दिया है तो

45:27वेंडर डेबिट डिस्काउंट डेबिट टू शेयर

45:30कैपिटल ये तीन एंट्री हो जाएंगी। डिपेंड

45:32कि मैंने पार पर इशू किया है। डिपेंड

45:35मैंने प्रीमियम पर इशू किया है और डिपेंड

45:37मैंने डिस्काउंट पर इशू किया है। अगर पार

45:39पर किया है बेटा तो वेंडर डेबिट टू शेयर

45:41कैपिटल। प्रीमियम पर किया है तो वेंडर

45:44डेबिट टू शेयर कैपिटल और टू सिक्योरिटीज

45:46प्रीमियम और डिस्काउंट पर किया है तो

45:48वेंडर डेबिट डिस्काउंट डेबिट टू आपका शेयर

45:51कैपिटल ये तो हो जाएगा आपका जब आपने

45:54एसेट्स खरीदा है। अगर आपने कोई बिजनेस

45:57खरीदा है बेटा तो जितनी भी एसेट्स हैं

46:01वो आपकी डेबिट होगी।

46:06जितनी भी लायबिलिटीज हैं

46:10वह आपकी क्रेडिट होगी।

46:14और यहां पर आप यह चेक करोगे कि भाई आपका

46:18डेबिट साइड ज्यादा आ रहा है या क्रेडिट

46:20साइड ज्यादा आ रहा है। आपका डेबिट साइड

46:22ज्यादा आ रहा है या क्रेडिट साइड ज्यादा आ

46:25रहा है। डिपेंड्स कि क्या चीज ज्यादा आ

46:26रही है। डेबिट साइड या क्रेडिट साइड। अगर

46:29डेबिट साइड ज्यादा आ रही है बेटों तो वो

46:31हमारे लिए क्या है? वो हमारे लिए एक फायदा

46:35है। उसके लिए हम उसको क्रेडिट साइड

46:37डालेंगे।

46:40उस फायदे को

46:42हम क्रेडिट साइड में डालेंगे और लिखेंगे

46:45कैपिटल रिजर्व। उस फायदे को हम क्रेडिट

46:49साइड में डालेंगे और लिखेंगे कैपिटल

46:51रिजर्व। ऐसे ही अगर मेरी क्रेडिट साइड

46:54ज्यादा है तो मुझे घाटा हो गया और उस

46:56बैलेंस को हम डालते हैं इन द फॉर्म ऑफ़

46:58गुडविल डेबिट साइड। फिर आपका सेम टू सेम

47:01है। आपने पार पर इशू किया है। आपने

47:03प्रीमियम पर इशू किया है। आपने डिस्काउंट

47:05पर इशू किया है। जो एंट्री आप यहां कर रहे

47:08थे वही एंट्री आप बिजनेस परचेस वाले केस

47:10में भी करेंगे।

47:13तो अभी आपका लमसम लमसम जो शेयर्स का

47:16पोर्शन है जो लमसम लमसम आपका शेयर्स का

47:20पोर्शन है वो हो चुका है। जो आपका शेयर्स

47:23का ओवरऑल पार्ट है वो हो चुका है। अभी मैं

47:26आपको कुछ क्वेश्चंस की प्रैक्टिस करा देता

47:28हूं ताकि जितना अभी तक हुआ है उससे थोड़ा

47:30बहुत आपको जो समझ में आया है वो क्लियर हो

47:32जाए। ठीक है?

47:35जैसे देखो यह आपका एक प्यारा सा क्वेश्चन

47:37है और यहां पर आपसे कह रहा है रॉकेट

47:39लिमिटेड परचेस बिजनेस ऑफ कोमैट लिमिटेड

47:43फॉर 270

47:45पेएबल इन फुल्ली पेड शेयर ठीक है अब यहां

47:48पर कह रहा है बिनेस परचेस अब बिनेस परचेस

47:52डायरेक्ट कह रहा है ₹270 का ठीक है अब

47:55यहां पर कह रहा है रॉकेट लिमिटेड अलॉटेड

47:58इक्विटी शेयर ऑफ़ 10 ईच फुल्ली पेड इन

48:01सेटिस्फैक्शन ऑफ़ द क्लेम बाय कॉमेट

48:02लिमिटेड शो शो द नेसेसरी जनरल एंट्री इन द

48:06बुक्स ऑफ रॉकेट लिमिटेड अस्यूमिंग दैट

48:08देखो बेटा अगर आपने उसको शेयर पार पर इशू

48:12करे हैं तो एंट्री क्या होगी और अगर आपने

48:14शेयर्स को प्रीमियम पर इशू करा है तो

48:16एंट्री क्या होगी देखो मेरे प्यारे बच्चों

48:18अगर मैंने पार पर इशू करा है तो एंट्री हो

48:21जाएगी

48:24कॉमेट

48:27लिमिटेड

48:29डेबिट

48:32टू

48:36शेयर कैपिटल

48:42कॉमेट लिमिटेड डेबिट टू शेयर कैपिटल

48:45अमाउंट क्या आ जाएगा

48:482 लाख

48:5370000 अमाउंट क्या आ जाएगा 270000

48:57270000

48:59लेकिन अगर यही मैंने 20% के प्रीमियम पर

49:02इशू करा है तो एंट्री क्या होगी और अमाउंट

49:04क्या आएगा वो देख लेते हैं।

49:07कॉमेट

49:10लिमिटेड

49:13डेबिट

49:15टू

49:18शेयर कैपिटल अकाउंट

49:22और टू

49:30कॉमेट लिमिटेड डेबिट टू शेयर कैपिटल

49:32अकाउंट और टू सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट

49:35ठीक है हां जी नालायकों क्लियर है सबको

49:38अच्छे से

49:41क्लियर है सबको अच्छे से नालायकों

49:45चलो अब मेरे प्यारे बच्चों यहां पर देखो

49:48अमाउंट कैसे आएगा यहां पर देखो अमाउंट

49:51कैसे आएगा देखो

49:54आपको ₹270 देने हैं

49:59@ 10 ईच 10 ईच और 20% प्रीमियम तो 10 का

50:0420% यानी कि 12

50:07तो मैं जरा

50:09अपना यंत्र ले लेता हूं।

50:32यह आ गया 22500

50:3522500 * 10 तो यहां आ गया 22500

50:42ठीक यहां आ गया 270000

50:46अब ₹70000

50:49- 2500

50:52तो ये आ गया आपका 45000 का डिस्काउंट ये आ

50:57गया आपका 45000 का डिस्काउंट क्लियर बेटा

51:01है ना ऐसा करते हैं हम जब हम शेयर्स को

51:04कंसीडरेशन अदर देन कैश पर करते हैं तो चलो

51:07आगे बढ़ते हैं।

51:12यार ये तो छोटू सा क्वेश्चन है। एक फुल

51:14फ्लैज क्वेश्चन करते हैं। आपके बुक का ही

51:17है। ये रहा। एक फुल फ्लैज क्वेश्चन करते

51:20हैं ताकि आपको चीजें थोड़ी क्लियर हो।

51:22यहां पर आपसे कह रहा है A लिमिटेड कंपनी

51:24ने इशू करा है प्रोस्पेक्टस जिसमें

51:26उन्होंने 2000 शेयर्स की एप्लीकेशन निकाली

51:29है। 10 ईच है और दो का प्रीमियम है। दो के

51:32हिसाब से पैसा ले रहे हैं एप्लीकेशन पर।

51:34पांच के हिसाब से अलॉटमेंट पर जिसमें

51:36प्रीमियम शामिल है। फर्स्ट कॉल तीन का है

51:39और सेकंड एंड फाइनल कॉल दो का है।

51:41एप्लीकेशन जो आई है वो आई है 3000 शेयर्स

51:44एंड अलॉटमेंट वाज़ मेड प्रो डाटा टू द

51:46एपेंट ऑफ़ 2400 शेयर। मनी ओवरपेड ऑन

51:50एप्लीकेशन वाज़ एंप्लॉयड ऑन अकाउंट ऑफ सम

51:52ड्यू ऑन अलॉटमेंट। अब देखो बेटा एंट्री

51:55कैसे-कैसे होगी और कैसे-कैसे हम इसको

51:57सॉल्व करेंगे। सबसे पहली एंट्री होगी आपकी

52:00एप्लीकेशन की वि इज़

52:04बैंक

52:07अकाउंट

52:09डेबिट

52:12टू

52:14शेयर एप्लीकेशन अकाउंट। सबसे पहली एंट्री

52:17क्या होगी बेटा? बैंक अकाउंट डेबिट टू

52:19शेयर एप्लीकेशन अकाउंट। अब पहली एंट्री

52:23में जब कभी भी ओवर सब्सक्रिप्शन वाला केस

52:25हो तो पहली एंट्री में अमाउंट उससे आएगा

52:27जो पब्लिक ने हमसे शेयर्स मांगे हैं।

52:29पब्लिक ने कितने शेयर्स मांगे हैं? 3000।

52:323000 * 2 6000। तो यहां आ गया 6000।

52:40यहां आ गया 6000। अगली एंट्री एप्लीकेशन

52:42की क्या होगी बेटा?

52:45एंट्री होगी

52:50शेयर एप्लीकेशन

53:02शेयर एप्लीकेशन अकाउंट डेबिट टू शेयर

53:04कैपिटल। अब मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों बात

53:07सुनना ध्यान से। 3000 शेयर हमारे पास आए

53:11थे। जिसमें से हम प्रोराटा कर रहे हैं

53:142400 शेयर्स पर।

53:173000 शेयर्स हमारे पास आए थे। जिसमें से

53:20हम प्रराटा कर रहे हैं 2400 शेयर्स पर।

53:23यानी ये जो 600 शेयर्स का गैप है। ये जो

53:26600 शेयर्स का गैप है। ये क्या है बेटा?

53:30ये आपने वापस कर दिए। यह शेयर आपने रिटर्न

53:34कर दिए। यह शेयर आपने रिजेक्ट कर दिए। तो

53:37देखो यहां आ जाएगा टू बैंक।

53:42और बाकी 400 शेयर क्या कर दिए बेटा?

53:44एडजस्ट कर दिए। तो यहां आ गया टू

53:48शेयर

53:52अलॉटमेंट

53:54टू शेयर अलॉटमेंट। अब देखो अमाउंट

53:56कैसे-कैसे आएगा। यहां 6000 ही रहेगा

54:01और 2000 यहां 2000 के हिसाब से 2000 * 2

54:054000

54:07600 * 2 1200 आपने रिजेक्ट कर दिए। और 800

54:12आपने एडजस्ट कर दिए। यह दो मेन एंट्री हो

54:15गई। अगर एग्जाम में यह दो मेन एंट्री हो

54:18गई। अगर यह सेकंड वाली भी हो गई तो इसके

54:20अच्छे खासे नंबर होते हैं बेटा जी।

54:21क्योंकि यहां पर होती है आपकी

54:22एडजस्टमेंट्स। अब हम करेंगे अलॉटमेंट की

54:25नेक्स्ट एंट्री।

54:28अलॉटमेंट की पहली एंट्री क्या होगी बेटा?

54:31शेयर

54:34अलॉटमेंट अकाउंट डेबिट

54:39टू

54:42शेयर कैपिटल अकाउंट

54:46और टू

54:49सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट

54:53शेयर अलॉटमेंट अकाउंट डेबिट टू शेयर

54:55कैपिटल अकाउंट और टू सिक्योरिटीज़ प्रीमियम

54:58अकाउंट। अब सारी एंट्री 2000 से होंगी।

55:002000 * 5 10000

55:032000 * 2 का प्रीमियम 4000

55:07और 6000 आ गया यहां पर 6000 आ गया यहां पर

55:12शेयर्स वाली एंट्री में आप कह सकते हो कि

55:14बीइंग आपका ड्यू बीइंग अलॉटमेंट मनी ड्यू

55:17और बैंक वाली में रिसीव्ड ठीक है यस सर

55:22फोर्थ वाला देखते हैं

55:24बैंक

55:27अकाउंट

55:29डेबिट

55:41बैंक अकाउंट डेबिट टू

55:46शेयर

55:51बैंक अकाउंट डेबिट टू शेयर अलॉटमेंट ठीक

55:54है बेट प्यारा बेट यस सर अब देखो मेरे

55:58मेरे पास अलॉटमेंट पर ₹100 आने थे। जिसमें

56:03से मैंने 800 को यहां पर एडजस्ट कर लिए तो

56:08कितने आने थे? 9200

56:12अब यहां पर कुछ और भी आपसे कहा जा रहा है।

56:14बहुत ध्यान से समझना। रमेश टू हुम 400

56:18शेयर वर अलॉटेड फेल टू पे द अलॉटमेंट मनी

56:22एंड ऑन ह सब्सीक्वेंट फेलियर टू पे द

56:25फर्स्ट कॉल हि शेयर वर फॉरफिटेड। मतलब

56:28रमेश जिसको हमने 40 शेयर दिए थे उसने

56:31अलॉटमेंट का पैसा नहीं दिया। उसने फर्स्ट

56:33कॉल का भी पैसा नहीं दिया। अब यहां पर

56:36आपके लिए एक नया लॉजिक ओपन हो रहा है। नया

56:39लॉजिक ओपन हो रहा है। नया लॉजिक ओपन हो

56:42रहा है। अब यहां पर आपके लिए एक नया लॉजिक

56:45ओपन हो रहा है। व्हाट इज नया लॉजिक? नया

56:47लॉजिक इज़ दिस कि यहां पर जब कभी ओवर

56:51सब्सक्रिप्शन वाला केस हो। जब कभी ओवर

56:54सब्सक्रिप्शन वाला केस हो और जिस पर पैसा

56:57नहीं दिया उस पर शेयर को आपने एडजस्ट किया

57:01हो तो हम एक खेल खेलते हैं अप्लाइड और

57:04अलॉटेड। कहने का मतलब यह है कि रमेश ने 40

57:08शेयर का पैसा अलॉटमेंट पर नहीं दिया। बट

57:11सर आपने तो अलॉटमेंट पर ज्यादा शेयर्स का

57:15पैसा रख लिया। इसका मतलब ये भी हो सकता है

57:18कि रमेश ने ज्यादा शेयर्स आपसे मांगे हो।

57:22यस सर। तो यहां पर अलॉटेड दे रखा है। हम

57:25निकालेंगे अप्लाइड।

57:29और अप्लाइड का फार्मूला होता है नंबर ऑफ

57:32शेयर अप्लाइड

57:34इज इक्वल टू टोटल

57:38शेयर

57:40अप्लाइड

57:42अपॉन

57:44टोटल

57:47शेयर

57:49अलॉटेड इन

57:52नंबर ऑफ शेयर

57:55अलॉटेड ये फार्मूला होता है। अब यहां पर

57:58टोटल शेयर अप्लाइड 3000 नहीं आएंगे। जो

58:01रिटर्न कर देते हैं वो माइनस हो जाता है।

58:03तो 3000 में से 2400 यहां पे आएगा 2400

58:07अलॉट कितने करें? 2000 नंबर शेयर ऑफ

58:10अलॉटेड 40

58:13तो 0 0

58:162 24 * 2 48

58:20यानी कि रमेश ने हमसे 48 शेयर्स मांगे थे

58:24और हमने रमेश को सिर्फ 40 शेयर दिए। यानी

58:27कि रमेश 40 शेयर का पैसा नहीं दिया

58:31अलॉटमेंट पर व्हिच इज़ 200 लेकिन आठ शेयर्स

58:35का एक्स्ट्रा पैसा दे चुका है। किस पर?

58:38एप्लीकेशन पर व्हिच इज 16 यानी उसका जो

58:41एक्चुअल कॉल्सिंग एरिया आ गया वो आ गया

58:44184

58:5384 अब माइनस कर दो

59:00यह आ गया आपका 916

59:03916 अब हम फर्स्ट कॉल की एंट्री पास

59:06करेंगे बेटा पहली फर्स्ट कॉल की पहली

59:09एंट्री क्या होगी? शेयर

59:12फर्स्ट कॉल

59:16अकाउंट डेबिट

59:18टू

59:21शेयर

59:23कैपिटल अकाउंट और नेक्स्ट एंट्री होगी

59:28बैंक

59:31अकाउंट डेबिट

59:34कॉल्स इन

59:37एरियर अकाउंट डेबिट

59:41टू

59:44शेयर

59:46फर्स्ट कॉल बैंक अकाउंट डेबिट कॉल्स इन

59:50एरियर अकाउंट डेबिट टू शेयर फर्स्ट कॉल अब

59:52मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों आप यहां देखो

59:57यहां पर फर्स्ट कॉल कितने का है बेटा?

59:59फर्स्ट कॉल है तीन का। 2000 * 3 यानी कि

1:00:036000

1:00:052000 * 3 यानी कि 6000 अब यहां पर कितना

1:00:09पैसा आना था? 6000 आना था। लेकिन मेरे

1:00:12प्यारे बच्चों रमेश जिसके पास 40 शेयर हैं

1:00:16और मोहन जिसके पास 60 शेयर हैं। इन दोनों

1:00:19ने फर्स्ट कॉल का पैसा नहीं दिया। यानी

1:00:21100 शेयर का पैसा तीन के हिसाब से नहीं

1:00:24आया। तो हो गया 300। तो एक्चुअल पैसा

1:00:27कितना आया? 5700।

1:00:30एक्चुअल पैसा कितना आया? 5700। अब आपसे

1:00:34क्वेश्चन में कह रहा है फर्स्ट कॉल के बाद

1:00:36जो रमेश था जिसके 40 शेयर थे उसके शेयर्स

1:00:40हमने फॉरफिटेड कर दिए। फर्स्ट कॉल के बाद

1:00:43रमेश के शेयर्स हमने फॉरफिटेड कर दिए।

1:00:46क्या एंट्री होगी बेटा? सिर्फ रमेश के

1:00:49शेयर्स। तो शेयर

1:00:53कैपिटल

1:00:57अकाउंट डेबिट

1:01:00सिक्योरिटीज

1:01:03प्रीमियम

1:01:05अकाउंट डेबिट टू

1:01:09कॉल्स इन एरियर अकाउंट

1:01:13और टू

1:01:16शेयर फॉरफिटेड

1:01:19देखो बेटा उसके 40 शेयर थे और फेस वैल्यू

1:01:22कितनी हो जाएगी यहां एप्लीकेशन की दो

1:01:27अलॉटमेंट की पांच है लेकिन दो का प्रीमियम

1:01:29है तो तीन हो जाएगी फर्स्ट कॉल की भी तीन

1:01:33तो 2 और 3 5 और 3 8

1:01:39तो 40 * 8 तो ये आपका हो गया 320

1:01:47प्रीमियम कितना था बेटा? प्रीमियम शायद दो

1:01:49का था।

1:01:51हां। तो 40 * 2 80 कॉल्स इन एरिया कितना

1:01:56था बेटा? यहां 184 था और यहां 40 * 3 120

1:02:02तो 184 और 120

1:02:08304

1:02:10184 और यह आपका आ गया 304

1:02:14ठीक है। यस सर। और शेयर शेयर फॉरफिडेड जो

1:02:18है उसमें आपका 320 + 80 - 304 तो ये आपका

1:02:26आ गया शेयर फॉरफिडेड में 96 ये आपका आ गया

1:02:30शेयर फॉरफिडेड में 96

1:02:3396

1:02:3596

1:02:3796

1:02:39ठीक है यस सर अब मेरे प्यारे बच्चों इसके

1:02:42बाद हमने पास करा फर्स्ट कॉल इसके इसके

1:02:45बाद हमने पास करा फर्स्ट सॉरी फाइनल कॉल

1:02:48पहली एंट्री क्या होगी? शेयर

1:02:52फाइनल कॉल

1:02:56अकाउंट डेबिट

1:02:58टू

1:03:01शेयर

1:03:04कैपिटल अकाउंट

1:03:07और

1:03:09बैंक

1:03:12अकाउंट डेबिट

1:03:15टू शेयर

1:03:20फायर कॉल। ठीक है? यस सर। अब बेटा देखो

1:03:242000 शेयर थे जिसमें से 40 शेयर तो आपने

1:03:28कैंसिल कर दिए। तो आपके अब शेयर कितने रह

1:03:30गए हैं? 1960 और ये था दो का 1960

1:03:41तो यह आ गया आपका 3920

1:03:443920

1:03:46अब यहां पर मेरे प्यारेप्यारे बच्चों जो

1:03:49दूसरा शेयर होल्डर है उसने फाइनल कॉल का

1:03:53पैसा भी नहीं दिया है

1:03:59टू शेयर

1:04:02फाइनल कॉल

1:04:04ठीक है तो कितना पैसा आना था 3920

1:04:08उसके पास 60 शेयर थे 60 * 2 यानी 120 यानी

1:04:12कितना पैसा आया आया 3800। अब देखते हैं

1:04:15आगे आपसे क्वेश्चन में क्या कहा गया। फेल

1:04:18टू पे द टू कॉल्स एंड ह शेयर वर फॉरफिडेड

1:04:21आफ्टर द सेकंड फाइल कॉल। इसके शेयर भी

1:04:24फॉरफिड कर दिए फाइल कॉल के बाद। तो एंट्री

1:04:27क्या होगी?

1:04:30एंट्री क्या होगी? बैंक

1:04:34अकाउंट डेबिट अरे सॉरी शेयर्स को फॉरफेट

1:04:38करनी है। एंट्री क्या होगी बेटा? शेयर

1:04:44कैपिटल

1:04:48अकाउंट डेबिट

1:04:51टू

1:04:53कॉल्स इन एरियर अकाउंट

1:04:57और टू

1:05:00शेयर

1:05:03फॉरफिडेड अकाउंट। क्या एंट्री होगी बेटा?

1:05:06शेयर कैपिटल अकाउंट डेबिट टू कॉल सेल

1:05:07अकाउंट और टू शेयर फॉरफिडेड अकाउंट। ठीक

1:05:10है? यस सर। अब देखो मेरे प्यारे बच्चों

1:05:12अमाउंट कैसे आएगा। कितने शेयर्स थे उसके?

1:05:1560 और फेस वैल्यू अब पूरी लूंगा 10 यानी

1:05:18कि 600

1:05:21और यहां पर उसका कॉल्स था 180 और यहां पर

1:05:25120 यानी कि हो गया 300।

1:05:28तो शेयर फॉरफिडेड में कितना आ गया? 300।

1:05:31अब आपसे आगे क्या कहा गया? आगे आपसे कहा

1:05:34गया कि ऑफ द शेयर फॉरफिडेड 80 शेयर्स वर

1:05:37सोल्ड टू कृष्णा क्रेडिटेड एस फुल्ली पेड

1:05:40फॉर न पर शेयर द होल ऑफ रमेश शेयर बीइंग

1:05:44इंक्लूडेड आपसे कहा गया 80 शेयर हमने

1:05:48रीइशू कर दिए नौ के हिसाब से तो यानी कि

1:05:51आपने डिस्काउंट पर रीइशू करा है बैंक

1:05:54अकाउंट डेबिट उसके बाद शेयर

1:06:00फॉरफिटेड अकाउंट डेबिट

1:06:03टू शेयर कैपिटल

1:06:1080 * 10 होना चाहिए था

1:06:1380 * 9 करा है और A का क्या है? डिस्काउंट

1:06:18है। A का क्या है? डिस्काउंट है। अब हमारी

1:06:20जिम्मेदारी बनती है कि जो हमारा फायदा था

1:06:23शेयर फॉर एफिडेट में उसको हम कहां

1:06:25पहुंचाएं? कैपिटल रिजर्व में। एंट्री क्या

1:06:27पास होगी बेटा? एंट्री होगी पास शेयर

1:06:33फॉरफेटेड

1:06:37अकाउंट डेबिट

1:06:41टू

1:06:44कैपिटल रिजर्व अकाउंट। शेयर फॉरफिट अकाउंट

1:06:47डेबिट टू कैपिटल रिजर्व अकाउंट। अब देखो

1:06:49अमाउंट क्या आएगा? रमेश के 40 शेयर थे और

1:06:53मोहन के 60 शेयर थे। टोटल 100 शेयर। शेयर

1:06:58को रिशूड किया है 80 जिसमें से रमेश के

1:07:01सारे शेयर किए हैं। तो इसका मतलब सेकंड

1:07:03वाले के कितने शेयर इशू करें हैं? 40 अब

1:07:06आप सेकंड वाले का शेयर फॉरफिडेट देखो 300

1:07:09दे रखा है। ये शेयर फॉरफिडेड आपको दे रखा

1:07:12है 60 शेयर के हिसाब से। हमें इसे कन्वर्ट

1:07:15करना पड़ेगा 40 शेयर के हिसाब से। कैसे

1:07:18करेंगे? फार्मूला होता है प्रॉफिट ऑन शेयर

1:07:20फॉरफिडेड अपॉन नंबर ऑफ़ शेयर फॉरफिडेट

1:07:22मल्टीप्लाई बाय नंबर ऑफ़ शेयर रीइशू। ये 6

1:07:26* 1 = 6 ये 6 * 5 30 ये आपका हो गया 200

1:07:31ये हो गया 200 अब देखो बेटा

1:07:35यहां पर शेयर फॉरफिडेड में 96 है और यहां

1:07:38पर शेयर फॉरफिडेड में है 200 तो 296 - 80

1:07:43तो ये आपका आ गया 216 शेयर

1:07:47यह आ गया आपका 216 यानी कैपिटल रिज़र्व में

1:07:50कितना जाएगा 216

1:07:54कोका को ला। ठीक है? देखो, कोई ज़्यादा

1:07:59फर्क नहीं है। अगर आपने शेयर्स अच्छे से

1:08:02कर रखा है या शेयर्स अच्छे से आ गया है,

1:08:05तो आपको डिबेंचर्स में कोई दिक्कत नहीं

1:08:07आएगी। शेयर्स जिसके पास होते हैं वो शेयर

1:08:11होल्डर होता है। डिबेंचर जिसके पास होते

Debentures vs Shares and Interest Charges

1:08:13हैं वो डिबेंचर होल्डर होता है। शेयर एक

1:08:16कैपिटल का पार्ट है। डिबेंचर लायबिलिटी है

1:08:19आपकी नॉन करंट लायबिलिटी। जो पर्सन आपकी

1:08:22कंपनी के डिबेंचर लेता है आपने जितना पैसा

1:08:25उससे लिया उतना पैसा आपको देना पड़ेगा और

1:08:28आप हर 6-6 महीने बाद उस डिबेंचर पर

1:08:31इंटरेस्ट भी देते हो और ये जो डिबेंचर की

1:08:34इंटरेस्ट है बेटा वो होती है चार्ज

1:08:36अगेंस्ट प्रॉफिट

1:08:42ये जो डिबेंचर की इंटरेस्ट है वो होती है

1:08:45चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट। चार्ज अगेंस्ट

1:08:46प्रॉफ़िट का मतलब होता है बेटा आपको

1:08:48प्रॉफ़िट हो ना हो उससे कोई फर्क नहीं

1:08:51पड़ता। आपको प्रॉफ़िट हो रहा है। आपको

1:08:53प्रॉफ़िट नहीं हो रहा है उससे कोई फर्क

1:08:55नहीं पड़ता। डिबेंचर की इंटरेस्ट तो आपको

1:08:57देनी ही देनी पड़ेगी। तो शेयर्स में आप देख

1:09:00रहे थे जब हम शेयर्स को इशू कर रहे थे तो

1:09:02शेयर एप्लीकेशन था, शेयर अलॉटमेंट था,

1:09:04शेयर फर्स्ट कॉल था, शेयर फाइनल कॉल था।

1:09:06उसी तरीके से यहां पर भी डिबेंचर में जब

1:09:08आप डिबेंचर इशू करते हो तो डिबेंचर की

1:09:11एप्लीकेशन आती है। डिबेंचर का अलॉटमेंट

1:09:13आता है। डिबेंचर की फर्स्ट कॉल आती है।

1:09:15डिबेंचर का फाइल कॉल आता है।

1:09:20ठीक? अगर मैं बात करूं शेयर्स की

1:09:22एप्लीकेशन की एंट्री की तो आपने

1:09:28क्या एंट्री पास करी थी?

1:09:32एप्लीकेशन की पहली एंट्री।

1:09:35आपने क्या पास करी थी?

1:09:39बैंक अकाउंट डेबिट टू शेयर एप्लीकेशन।

1:09:42एप्लीकेशन की पहली एंट्री आपने क्या पास

1:09:45करी थी? बैंक अकाउंट डेबिट टू शेयर

1:09:48एप्लीकेशन। राइट? यस सर। अच्छा सेकंड

1:09:51एंट्री क्या पास करी थी?

1:09:56शेयर

1:10:04एप्लीकेशन

1:10:09अकाउंट डेबिट टू शेयर कैपिटल। तो बेटा

1:10:12देखो दो टाइप का है। बैंक अकाउंट डेबिट टू

1:10:14शेयर एप्लीकेशन और शेयर एप्लीकेशन अकाउंट

1:10:17डेबिट टू शेयर कैपिटल। ये दो एंट्री आप

1:10:19पास कर रहे थे शेयर वाले चैप्टर में

1:10:21एप्लीकेशन की। राइट? यस सर। मेरे प्यारे

1:10:24बच्चों आप

1:10:27डिबेंचर्स में क्या एंट्री पास करेंगे?

1:10:30आप डिबेंचर्स में क्या एंट्री पास करेंगे?

1:10:33पहली एंट्री पास करेंगे बैंक

1:10:38अकाउंट

1:10:40डेबिट

1:10:42टू

1:10:45डिबेंचर एप्लीकेशन अकाउंट और सेकंड एंट्री

1:10:48पास करेंगे

1:10:51डिबेंचर

1:10:55एप्लीकेशन

1:11:00अकाउंट डेबिट टू डिबेंचर सर इस तरीके से

1:11:04जहां-जहां आपको शेयर दिख रहा है वहां वहां

1:11:08क्या कर देना है? डिबेंचर कर देना है। अब

1:11:11अगर मैं पास करूंगा अलॉटमेंट की तो

1:11:13अलॉटमेंट की फर्स्ट एंट्री क्या होगी?

1:11:14डिबेंचर अलॉटमेंट अकाउंट डेबिट टू

1:11:16डिबेंचर। बैंक अकाउंट डेबिट टू डिबेंचर

1:11:18अलॉटमेंट। फर्स्ट कॉल की एंट्री क्या पास

1:11:20होगी? डिबेंचर फर्स्ट कॉल अकाउंट डेबिट टू

1:11:22डिबेंचर। बैंक अकाउंट डेबिट टू डिबेंचर

1:11:24फर्स्ट कॉल। फाइनल कॉल की एंट्री क्या पास

1:11:26होगी? डिबेंचर फाइनल कॉल अकाउंट डेबिट टू

1:11:28डिबेंचर। बैंक अकाउंट डेबिट टू डिबेंचर

1:11:30फाइनल कॉल। इस तरीके से यहां पर भी जो

1:11:33आपका डिबेंचर एप्लीकेशन है, डिबेंचर

1:11:34अलॉटमेंट है, डिबेंचर फर्स्ट कॉल है,

1:11:36डिबेंचर सेकंड कॉल है, ये सारे के सारे

1:11:38पर्सनल अकाउंट हैं। यहां पर भी ये सारे के

1:11:41सारे क्या है? पर्सनल अकाउंट है बेटा। रूल

1:11:43क्या लगता है? डेबिट द रिसीवर, क्रेडिट द

1:11:46गिवर। रूल क्या लगता है? डेबिट द रिसीवर

1:11:48और क्रेडिट द गिवर लगता है। राइट? यस सर।

1:11:51और डिबेंचर तो एक लायबिलिटी है। डिबेंचर

1:11:55तो एक लायबिलिटी है और लायबिलिटी यहां पर

1:11:58इनक्रीस हो रही है। तो इस वजह से ये हमारा

1:12:01क्या होता है बेटा? इस वजह से ये हमारा

1:12:04यहां पर क्रेडिट होता है। इस वजह से हमारा

1:12:07यहां पर क्रेडिट होता है। तो ये बेसिक

1:12:10एंट्री है जो आप शेयर्स में कर रहे थे वही

1:12:12डिबेंचर्स में कर रहे हैं। कोई ज्यादा

1:12:14डिफरेंस नहीं है। कोई ज्यादा यहां पर फर्क

1:12:16नहीं है। जब आप डिबेंचर्स को प्रीमियम पर

1:12:19इशू करते हो तो यहां पर इस वाली एंट्री

1:12:22में प्रीमियम आ रहा था। डिबेंचर में भी इस

1:12:25वाली एंट्री में ही प्रीमियम आएगा। टू

1:12:27सिक्योरिटीज प्रीमियम। अगर कुछ भी मेंशन

1:12:29नहीं है कि आपने प्रीमियम किस पर लिया है

1:12:32तो हम ये अस्यूम करके चलेंगे कि हमने वो

1:12:34प्रीमियम किस पर लिया होगा? डिबेंचर्स के

1:12:37अलॉटमेंट पर। हमने वो प्रीमियम किस पर

1:12:39लिया होगा बेटा? डिबेंचर्स के अलॉटमेंट पर

1:12:42हमने उस प्रीमियम को लिया होगा। ठीक बेट?

1:12:46यस सर। उसके बाद शेयर्स जब हम इशू कर रहे

1:12:50थे तो शेयर्स को हम डिस्काउंट पर इशू नहीं

1:12:53कर रहे थे। डिबेंचर्स को डिस्काउंट पर इशू

1:12:55कर सकते हैं। और उस समय डिस्काउंट भी आपका

1:12:58यहां पर आएगा। डिबेंचर एप्लीकेशन अकाउंट

1:13:01डेबिट डिस्काउंट ऑन इशू ऑफ़ डिबेंचर्स

1:13:03अकाउंट डेबिट टू डिबेंचर। राइट बेटा। यस

1:13:07सर। अभी एक प्यारा सा क्वेश्चन है। उसको

1:13:11कराता हूं ताकि आपको और अच्छे से प्यारी

1:13:13चीजें समझ में आ जाए। देखो यह आपका परचेस

Purchase Consideration for Debentures

1:13:17कंसीडरेशन का क्वेश्चन है डिबेंचर्स के

1:13:21हिसाब से। परचेस कंसीडरेशन क्वेश्चन है ये

1:13:23आपका डिबेंचर्स के हिसाब से। अब देखो मेरे

1:13:26प्यारे बच्चों

1:13:29यहां पर है

1:13:31Z लिमिटेड टूक ओवर द एसेट्स ऑफ 6 लाख एंड

1:13:36लायबिलिटी ऑफ़ ₹80000 ऑफ C लिमिटेड फॉर एन

1:13:39एग्रीड परचेस कंसीडरेशन ऑफ ₹40000

1:13:43तो पहले अगर मैं इसकी एंट्री करूंगा तो

1:13:46यहां पर बिनेस परचेस किया जा रहा है तो

1:13:49एसेट्स को मैं क्या करूंगा डेबिट करूंगा

1:13:52एसेट्स

1:13:54अकाउंट डेबिट

1:13:57टू

1:14:00लायबिलिटीज

1:14:02और टू सी लिमिटेड एसेट्स अकाउंट डेबिट टू

1:14:08लायबिलिटीज़ और टू C लिमिटेड। ठीक है?

1:14:11एसेट्स हमने ली है ₹6 लाख की।

1:14:15लायबिलिटी हमने ली है ₹80,000 की

1:14:19और परचेस कंसीडरेशन है 5

1:14:2540000 परचेस कंसीडरेशन है 540000

1:14:30राइट बेटा यस सर अब आप इस क्वेश्चन को

1:14:33देखो अगर मैं क्रेडिट साइड की बात करूं तो

1:14:36टोटल आ रहा है 6200

1:14:40अगर मैं क्रेडिट साइड की बात करूं तो टोटल

1:14:43आ रहा है 620 20,000 और अगर मैं डेबिट

1:14:45साइड की बात करूं तो आ रहा है 6 लाख यानी

1:14:48क्रेडिट साइड ज्यादा है। डेबिट साइड कम है

1:14:50तो डेबिट साइड में डाल दूंगा मैं गुडविल।

1:14:59कितना?

1:15:03₹00 डेबिट साइड में डाल दूंगा मैं गुडविल।

1:15:06कितना बेटा? ₹00

1:15:09कितना डाल दूंगा? ₹00

1:15:12डेबिट साइड में गुडविल डाल दूंगा ₹00

1:15:16तो यह हो गया। उसके बाद आपसे कह रहा है

1:15:18तीन केस।

1:15:21सबसे पहला सी लिमिटेड

1:15:25डेबिट

1:15:27टू डिबेंचर्स।

1:15:29अगर आपने पार पर डिबेंचर्स को इशू किया है

1:15:32तो क्या होगा? कुछ नहीं होगा। यह एंट्री

1:15:35होगी आपकी। अमाउंट आ जाएगा 5,400।

1:15:40अगर आपने

1:15:43पार पर डिबेंचर इशू करा है तो क्या होगा?

1:15:45कुछ भी नहीं होगा। यह एंट्री आ जाएगी। सी

1:15:47लिमिटेड डेबिट टू डिबेंचर्स। ठीक है? अगर

1:15:50आपने प्रीमियम पर इशू करा है बेटा। अगर

1:15:53आपने प्रीमियम पर इशू करा है 20%

1:15:56प्रीमियम। क्या एंट्री हो जाएगी बेटा?

1:15:58सेकंड केस में?

1:16:06सेकंड केस में क्या एंट्री हो जाएगी बेटा?

1:16:08C लिमिटेड

1:16:11डेबिट

1:16:12टू

1:16:15डिबेंचर्स

1:16:18और टू

1:16:21सिक्योरिटीज

1:16:25प्रीमियम। C लिमिटेड डेबिट टू डिबेंचर्स

1:16:29और टू सिक्योरिटीज़ प्रीमियम। ठीक है? यस

1:16:32सर। अब अमाउंट कैसे आएगा? देखो यहां पर

1:16:34आपसे कह रहा है 20% प्रीमियम आपका है 5400

1:16:39टू बी सेटिस्फाइड बाय द इशू ऑफ़ 10%

1:16:42डिबेंचर ऑफ़ 1000 ईच। अब देखो टोटल पैसा

1:16:46देना है 5400

1:16:48डिबेंचर की फेस वैल्यू है 1000 लेकिन अगर

1:16:5120% प्रीमियम होगा तो 1000 का 20% कितना

1:16:55हो जाएगा बेटा? 1000 का 20% 200 हो जाएगा।

1:16:58तो टोटल हो गया 1200

1:17:010 0 0

1:17:04इसको सॉल्व करते हैं।

1:17:11ये आपका आ रहा है

1:17:135400

1:17:15/ 1200 ये आपका आ गया 450 * 1000 यानी कि

1:17:22आपने डिबेंचर्स दिए हैं। टोटल कितने के

1:17:25देने थे आपको? आपको देना था 540000

1:17:30आपने डिबेंचर दिए हैं 450000 के और 90000

1:17:35का क्या है प्रीमियम है 90000 का यहां पर

1:17:39क्या हो गया प्रीमियम हो गया 90000 का

1:17:42यहां पर प्रीमियम हो गया ठीक है यस सर अब

1:17:46थर्ड केस में कह रहा है अगर आपने डिबेंचर

1:17:49जो इशू करे हैं वो करें हैं 10% डिस्काउंट

1:17:52पर थर्ड केस में कह रहा है अगर आपने

1:17:54डिबेंचर को इशू करें हैं 10% डिस्काउंट पर

1:17:57तो क्या करेंगे? देखो मेरे प्यारे बच्चों

1:18:01थर्ड केस देखो। सबसे पहले तो एंट्री देखो

1:18:04सी लिमिटेड

1:18:07डेबिट

1:18:08डिस्काउंट

1:18:12ऑन

1:18:14इशू ऑफ

1:18:17डिबेंचर्स

1:18:20अकाउंट डेबिट डिस्काउंट ऑन इशू ऑफ

1:18:23डिबेंचर्स अकाउंट डेबिट टू डिबेंचर्स

1:18:32टू डिबेंचर्स। अब देखो यहां पर अमाउंट

1:18:36कैसे आएगा? 540000

1:18:41540000

1:18:42और डिस्काउंट है बेटा डिस्काउंट है 10%

1:18:46का। तो यहां पर आपका 10% यानी 1000 का 10%

1:18:50ये आपका आ गया 900। ये आपका आ गया 900। तो

1:18:54आई थिंक पूरा सॉल्व करके आ जाएगा 6 लाख।

1:18:58पूरा सॉल्व करके आ जाएगा 6 लाख। 5400 आपको

1:19:02देने थे। 60000 का क्या है? डिस्काउंट

1:19:06यानी 60000 का और दे दिया। इस तरीके का हम

1:19:09करते हैं परचेस कंसीडरेशन में। ऐसा ही आप

1:19:12शेयर्स में कर रहे थे। ऐसा ही हम

1:19:14डिबेंचर्स में करते हैं। ऐसा ही हम शेयर्स

1:19:16में कर रहे थे। ऐसे ही हम डिबेंचर्स में

1:19:18करते हैं। बस नाम चेंज हो जाता है। अब

1:19:20आपके लिए एक नया टॉपिक है जिसको हम बोलते

1:19:23हैं इशू ऑफ़ प्रेफरेंस शेयर्स। यह आपके लिए

1:19:26एक नया टॉपिक है। अगर आपके पास कॉमर्स रही

1:19:29है पहले तो भी आपने इस टॉपिक को नहीं पढ़ा

1:19:31होगा। और अगर कॉमर्स नहीं है तो तो आपने

1:19:34बिल्कुल भी नहीं पढ़ा होगा। प्रेफरेंस

1:19:36शेयर्स इशू ऑफ़ प्रेफरेंस शेयर्स। मेरे

Redemption of Preference Shares Explained

1:19:38प्यारे बच्चों आपको जब प्रेफरेंस शेयर्स

1:19:40के टाइप्स बताए जा रहे थे तो एक टाइप का

1:19:43प्रेफरेंस शेयर होता है जिसको हम बोलते

1:19:44हैं रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर। एक ऐसा

1:19:47प्रेफरेंस शेयर होता है जिसको हम बोलते

1:19:49हैं रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर। इसका मतलब

1:19:51होता है कि कुछ टाइम बाद इस प्रेफरेंस

1:19:54शेयर्स को रिडीम किया जाएगा। कुछ टाइम बाद

1:19:58इस प्रेफरेंस शेयर्स का पेमेंट किया

1:20:00जाएगा। अ कंपनी लिमिटेड बाय शेयर्स मे इफ

1:20:04सो ऑथराइज बाय इट्स आर्टिकल इशू प्रेफरेंस

1:20:08शेयर्स व्हिच आर लायबल टू बी रिडीम विद इन

1:20:12अ पीरियड नॉट एक्सीडिंग 20 इयर्स फ्रॉम द

1:20:16डेट ऑफ देयर इशू अंडर सेक्शन 55 ऑफ द

1:20:20कंपनीज़ एक्ट 2013

1:20:22क्या कहा गया

1:20:25आपकी अगर कंपनी चाहे तो एक रिडीमेबल

1:20:29प्रेफरेंस शेयर इशू कर सकते हैं जिसका

1:20:31पेमेंट वो ज्यादा से ज्यादा 20 साल के

1:20:33अंदर करेंगे। 20 साल के अंदर करेंगे। कौन

1:20:36से शेयर? रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर। ऐसे

1:20:39प्रेफरेंस शेयर जिनका कुछ टाइम बाद आपको

1:20:41क्या करना है? पेमेंट करना है। तो सर ऐसे

1:20:44केस में एंट्री क्या होती है? जब ये शेयर

1:20:47पेमेंट के लिए ड्यू हो जाते हैं। जब वह

1:20:50समय आ जाता है, जिस दिन आपको पेमेंट करना

1:20:53है, जब वह टाइम आ जाता है, जब आपको पेमेंट

1:20:56करना है, उस केस में पहली एंट्री होती है।

1:21:01रिडीमेबल

1:21:04प्रेफरेंस

1:21:07शेयर

1:21:11कैपिटल

1:21:14अकाउंट डेबिट

1:21:17और हो सकता है आप जो ये प्रेफरेंस शेयर्स

1:21:19को रिडीम कर रहे हो इसका पैसा आप प्रीमियम

1:21:22पर दे रहे हो तो प्रीमियम

1:21:27ऑन

1:21:32रिडेंशन अकाउंट डेबिट टू

1:21:42प्रेफरेंस

1:21:45शेयर होल्डर। रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर

1:21:48कैपिटल अकाउंट डेबिट प्रीमियम ऑन रिडीमेबल

1:21:50अकाउंट डेबिट टू प्रेफरेंस शेयर होल्डर।

1:21:54ठीक है? ठीक है? यह एंट्री होती है। जब हम

1:21:57हमारा जो प्रेफरेंस शेयर है, रिडीमेबल

1:21:59प्रेफरेंस शेयर है, वो पेमेंट के लिए ड्यू

1:22:02हो जाता है, तब यह एंट्री होती है। अब जब

1:22:05आप पेमेंट करोगे, जब आप इसका पेमेंट

1:22:08करोगे, तो एंट्री हो जाएगी प्रेफरेंस शेयर

1:22:11होल्डर अकाउंट डेबिट टू बैंक। जब आप इसका

1:22:14पेमेंट करोगे तो एंट्री हो जाएगी

1:22:38जब आप इसका पेमेंट करोगे तो एंट्री हो

1:22:41जाएगी प्रेफरेंस शेयर होल्डर अकाउंट डेबिट

1:22:43टू बैंक। अब मेरे प्यारे बच्चों देखो आपकी

1:22:46कंपनीज एक्ट आपसे कहता है कि यहां पर जो

1:22:49आपने प्रेफरेंस शेयर्स को रिडीम किया है

1:22:52यहां पर जो आपने प्रेफरेंस शेयर्स का

1:22:54पेमेंट किया है इसकी वजह से आपकी जो

1:22:56लायबिलिटी साइड थी वो डिक्रीज हो गई। इसकी

1:22:59वजह से जो आपकी लायबिलिटी साइड थी वो

1:23:01डिक्रीज हो गई। अब मेरे प्यारे बच्चों

1:23:03आपकी जिम्मेदारी है। जिम्मेदारी है आपकी।

1:23:06क्या जिम्मेदारी है? आपकी जिम्मेदारी यह

1:23:09है कि जितना पैसा आपका यहां है उतना पैसा

1:23:13आपको कंपनी में वापस लाना पड़ेगा विद द

1:23:16हेल्प ऑफ फ्रेश इशू या फिर फ्री रिजर्व।

1:23:20यानी कि या तो आप नए शेयर्स को इशू करो।

1:23:24वहां से पैसा ले आओ या फिर आपके जो फ्री

1:23:28रिजर्व हैं उसमें से पैसा कहां डाल दो?

1:23:31उसमें से पैसा डाल दो सीआरआर में कैपिटल

1:23:35रिडेंशन रिजर्व। अब आप कहेंगे सर ये फ्री

1:23:38रिजर्व कौन से होते हैं? सर ये फ्री

1:23:40रिजर्व कौन से होते हैं? बेटा फ्री रिजर्व

1:23:43का मतलब होता है जैसे कि जनरल रिजर्व।

1:23:46फ्री रिजर्व का मतलब होता है जैसे कि

1:23:48प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। यहां से पैसा

1:23:50निकालकर आप कहां डाल दो बेटा? सीआरआर में।

1:23:55एक और होता है जिसको हम बोलते हैं

1:23:56डिविडेंड इक्वलाइजेशन रिजर्व। ये तीन

1:23:59रिजर्व होते हैं जिससे पैसा निकालकर आप

1:24:02कहां डाल सकते हो बेटा? सीआरआर में। क्यों

1:24:05डाल रहे हो? क्योंकि हमें उतना पैसा वापस

1:24:07से मेंटेन करना है। ठीक है? तो आपको वो

1:24:10क्वेश्चन में दिया होगा कि आप पैसा कहां

1:24:12से लेके डाल रहे हैं। एक लास्ट एंट्री और

1:24:15करनी होती है। वो होता है प्रीमियम ऑन

1:24:17रिडेंशन की। ये जो यहां पर प्रीमियम आपको

1:24:20दे रखा है इस प्रीमियम को आपको राइट ऑफ

1:24:23करना पड़ता है सिक्योरिटीज प्रीमियम से।

1:24:25तो लास्ट एंट्री हो जाती है सिक्योरिटीज

1:24:28प्रीमियम अकाउंट डेबिट टू प्रीमियम ऑन

1:24:30रिडेंशन। क्योंकि यह टॉपिक आपके लिए

1:24:32बिल्कुल नया है। तो एक क्वेश्चन कर लेते

1:24:35हैं कुछ ताकि इसमें थोड़ी क्लेरिटी आ जाए

1:24:37आपको।

1:24:39ठीक है? ये आपको दे रखा है। देखो

1:24:43ट्रांसफर टू सीआरआर अकाउंट इज अलाउड फ्रॉम

1:24:47दीज़ प्रॉफिट। कहां-कहां से पैसा आप

1:24:49ट्रांसफर कर सकते हो। जनरल रिजर्व से पैसा

1:24:52ट्रांसफर कर सकते हो। रिजर्व फंड से पैसा

1:24:55ट्रांसफर कर सकते हो। डिविडेंड

1:24:57इक्वलाइजेशन फंड से पैसा ट्रांसफर कर सकते

1:24:59हो। वॉलंटरी डिबेंचर रिडेंपशन अकाउंट से

1:25:02पैसा ट्रांसफर कर सकते हो। वॉलंटरी

1:25:04डिबेंचर सिंकिंग फंड से ट्रांसफर कर सकते

1:25:06हो और प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट से ट्रांसफर

1:25:08कर सकते हो। क्या ट्रांसफर करना है? कब

1:25:11करना है? व्हेन टू ट्रांसफर इफ प्रेफरेंस

1:25:14शेयर्स आर टू बी रिडीम आउट ऑफ प्रॉफिट।

1:25:17कितना अमाउंट ट्रांसफर करना है? अ सम

1:25:20इक्वल टू नॉमिनल अमाउंट ऑफ शेयर दैट आर टू

1:25:23बी रिडीम। कहां-कहां से करेंगे? ये सारे

1:25:26हमारे पास ऑप्शंस हैं। यहां से कर सकते

1:25:28हैं। ठीक है? यस सर। ट्रांसफर टू कैपिटल

1:25:32रिम ट्रांसफर टू कैपिटल रमपशन रिजर्व

1:25:35अकाउंट इज नॉट अलाउड फ्रॉम दिस पॉइंट। किस

1:25:38में से ट्रांसफर नहीं कर सकते बेटा?

1:25:40सिक्योरिटीज प्रीमियम से ट्रांसफर नहीं कर

1:25:42सकते। उसका पैसा हम जो प्रीमियम होगा उसको

1:25:45रिडीम करने के लिए इस्तेमाल करेंगे।

1:25:47फॉरफिटेड शेयर्स वाले अकाउंट से नहीं कर

1:25:49सकते। कैपिटल रिजर्व से नहीं कर सकते।

1:25:52डेवलपमेंट रिजर्व से नहीं कर सकते। अगर

1:25:55हमें स्पेशली मेंशन है कि भाई इसमें से

1:25:57इस्तेमाल कर लो तभी करेंगे वरना इसमें से

1:25:59पैसा इस्तेमाल नहीं कर सकते। ठीक है? चलो

1:26:03ये बहुत अच्छी चीज है आपके लिए यहां पर

1:26:06आपको समझाने के लिए, आपको गाइड करने के

1:26:08लिए। तो

1:26:11चलते हैं जरा इसी प्यारे क्वेश्चन पर।

1:26:18देखो यह एक बहुत अच्छा क्वेश्चन है। यह एक

1:26:21बहुत प्यारा क्वेश्चन है। और इस क्वेश्चन

1:26:24की मैं एडजस्टमेंट पर चलता हूं। ये एक

1:26:27बहुत प्यारा क्वेश्चन है। और इस क्वेश्चन

1:26:29की मैं एडजस्टमेंट में चलता हूं। आपसे कह

1:26:31रहा है इन ऑर्डर टू रिडीम इट्स प्रेफरेंस

1:26:34शेयर्स द कंपनी इशू 5000 इक्विटी शेयर ऑफ़

1:26:3910 ईच एट अ प्रीमियम ऑफ़ 10%। जो हमारे

1:26:42प्रेफरेंस शेयर्स हैं उसको रिडीम करने के

1:26:44लिए हमने 5000 इक्विटी शेयर इशू करे हैं

1:26:4810 ईच के हिसाब से। मेरे प्यारे बच्चों जब

1:26:51कभी भी आपको रिडमशन और प्रेफरेंस शेयर

1:26:53क्वेश्चन में दिख रहा है तो कभी-कभी आपको

1:26:55इन्वेस्टमेंट के बारे में भी दे रखा होगा

1:26:57कि हमने अपने इन्वेस्टमेंट को बेच दिया।

1:27:00जैसे यहां इस क्वेश्चन में दे रखा है कि

1:27:02हमने अपने इन्वेस्टमेंट को 7800

1:27:06में क्या करा है? सेल करा है। हमने अपने

1:27:09इन्वेस्टमेंट को ₹70,800

1:27:12में क्या करा है बेटा? सेल करा है। तो

1:27:14मेरे प्यारे बच्चों सबसे पहली एंट्री पास

1:27:17होगी।

1:27:18पैसा आया बैंक

1:27:24अकाउंट

1:27:25डेबिट

1:27:27टू

1:27:33इन्वेस्टमेंट।

1:27:35सबसे पहली एंट्री पास होगी बैंक अकाउंट

1:27:38डेबिट टू इन्वेस्टमेंट। बैंक अकाउंट डेबिट

1:27:41टू इन्वेस्टमेंट। अब हम यहां यह देखेंगे

1:27:43कि हमारा जो इन्वेस्टमेंट था वो कितने का

1:27:46था? हमारा जो इन्वेस्टमेंट था वो कितने का

1:27:49था बेटा?

1:27:5560000 जो इन्वेस्टमेंट है वो कितने का है

1:27:58बेटा? 60000 का। इन्वेस्टमेंट है 60000

1:28:02का।

1:28:03और हमने कितने का बेचा है? 7800

1:28:07कितना फायदा बेटा?

1:28:10कितना फायदा?

1:28:1210000

1:28:15800 कितना फायदा बेटा? ₹1800 ये पहली

1:28:18एंट्री हो गई। अब हमारे जो प्रेफरेंस

1:28:21शेयर्स हैं रिडेंशन के लिए उसको ड्यू करने

1:28:24की एंट्री होगी। जो हमारे प्रेफरेंस

1:28:26शेयर्स हैं उसको ड्यू करने की एंट्री

1:28:29होगी। जब वो ड्यू होंगे तो उसको ड्यू करने

1:28:31की एंट्री होगी। क्या एंट्री होगी बेटा?

1:28:34एंट्री होगी रिडीमेबल

1:28:38प्रेफरेंस

1:28:42शेयर

1:28:47कैपिटल अकाउंट डेबिट

1:28:50प्रीमियम ऑन

1:28:56रिडमशन

1:28:59अकाउंट डेबिट रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर

1:29:03कैपिटल अकाउंट डेबिट प्रीमियम ऑन रिडशन

1:29:05अकाउंट डेबिट टू

1:29:08प्रेफरेंस शेयर होल्डर

1:29:17टू प्रेफरेंस शेयर होल्डर रिडीमेबल

1:29:21प्रेफरेंस शेयर कैपिटल अकाउंट डेबिट

1:29:23प्रीमियम ऑन रिडेंशन अकाउंट डेबिट टू

1:29:25प्रेफरेंस शेयर होल्डर अब बेटा कितना

1:29:28कितना पे पैसा है? कितना पैसा है? देखो

1:29:32कितने प्रेफरेंस शेयर्स हैं? 10,000

1:29:34प्रेफरेंस शेयर्स 100 ईच यानी 1 लाख के

1:29:38क्या हैं? प्रेफरेंस शेयर्स हैं। तो यहां

1:29:40पर आ गया 1 लाख।

1:29:43यहां पर आ गया 1 लाख। आप इसको रिडीम कर

1:29:46रहे हो 10% प्रीमियम पर। यानी कि 1 लाख का

1:29:5010% 10,000।

1:29:53यानी टोटल अमाउंट हो गया

1:29:561100 टोटल अमाउंट आपका हो गया 110000

1:30:01अब आप क्या करोगे बेटा

1:30:05आप इतना ही पैसा क्या करोगे वापस लाओगे

1:30:08आपसे क्वेश्चन में कह रहा है कि हमने

1:30:10इक्विटी शेयर इशू करे हैं 5000

1:30:15फेस वैल्यू 10 के हिसाब से प्रीमियम पर तो

1:30:19बैंक अकाउंट डेबिट

1:30:21टू टू

1:30:24इक्विटी

1:30:27शेयर

1:30:29कैपिटल अकाउंट बैंक अकाउंट डेबिट टू

1:30:32इक्विटी शेयर कैपिटल अकाउंट और टू

1:30:36सिक्योरिटीज

1:30:39प्रीमियम

1:30:41बैंक अकाउंट डेबिट टू इक्विटी शेयर कैपिटल

1:30:44अकाउंट और टू सिक्योरिटीज प्रीमियम राइट

1:30:48बेटा जी यस सर आपने 5000 * 10 500

1:30:54और प्रीमियम कितना है बेटा? 10% प्रीमियम।

1:30:58तो 500 का 10% 5000

1:31:01और टोटल हो गया

1:31:0455,000

1:31:06टोटल हो गया 55,000। ठीक है? अब आपको पैसा

1:31:10कितना चाहिए था बेटा? आपको पैसा चाहिए था

1:31:12₹1 लाख। आपको पैसा चाहिए था ₹1 लाख। ठीक

1:31:17है? यस सर। तो ₹1 लाख आपको चाहिए था।

1:31:21और आपके पास ₹00 तो आ गया शेयर से। बाकी

1:31:25₹00 आप कहां से लोगे? फ्री रिजर्व से

1:31:28ट्रांसफर करोगे सीआरआर में। तो देखो मेरे

1:31:32पास फ्री रिजर्व है क्या? मेरे पास फ्री

1:31:35रिजर्व है क्या? बिल्कुल है। मेरे पास

1:31:38सरप्लस दे रखा है यानी प्रॉफिट एंड लॉस दे

1:31:40रखा है ₹54,000

1:31:42का। तो इसमें से मैं ₹00 कहां ट्रांसफर कर

1:31:46दूंगा?

1:31:48इसमें से मैं 500 कहां ट्रांसफर कर दूंगा

1:31:51बेटा?

1:31:53सीआरआर में। तो सरप्लस

1:31:59अकाउंट

1:32:02डेबिट

1:32:05टू

1:32:07सीआरआर।

1:32:09अब एक लास्ट एंट्री रह गई जो आपका

1:32:11प्रीमियम था उसको रिडीम करने की।

1:32:17एंट्री हो जाएगी

1:32:22सिक्योरिटीज

1:32:25प्रीमियम

1:32:28अकाउंट डेबिट

1:32:31टू

1:32:33प्रीमियम

1:32:36ऑन

1:32:38रिडमशन अकाउंट

1:32:47चलो कितना था प्रीमियम

1:32:5110,000

1:32:5710,000

1:32:59ये हो गया यहां पर क्वेश्चन। ये यहां पर

1:33:02क्वेश्चन हो गया। अभी हो सकता है आपको समझ

1:33:04में नहीं आया होगा। तो हम एक और क्वेश्चन

1:33:06देख लेते हैं अगर हमारे पास अवेलेबल है।

1:33:08तो

1:33:10ये तो बढ़िया वाला क्वेश्चन था वो मैंने

1:33:12कराया। अभी देखो ये छोटू सा क्वेश्चन है।

1:33:15ये आपके सामने एक छोटू सा क्वेश्चन है।

1:33:17यहां देखो वेनिटीज लिमिटेड हैड एन इशू

1:33:2112% रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स ऑफ़ 100 ईच

1:33:25रीपेबल एट अ प्रीमियम ऑफ़ 10%। ठीक है?

1:33:28हमारे पास 1000 क्या है? प्रेफरेंस शेयर्स

1:33:32हैं 100 ईच यानी 1000 यानी 1 लाख हो गया।

1:33:3510% प्रीमियम यानी 10,000 हो गया। इन

1:33:37शेयर्स को हम रिडीम कर रहे हैं और हमने

1:33:40कुछ भी फ्रेश इशू नहीं किया है। जो हमारे

1:33:43पास अनडिस्ट्रीब्यूटेड रिजर्व है उसमें से

1:33:46ही हमने उसको क्या करा? सीआरआर वाला केस

1:33:49करा। तो पहली एंट्री क्या हो जाएगी?

1:33:5312%

1:33:56रिडीमेबल

1:33:58प्रेफरेंस

1:34:00शेयर

1:34:02कैपिटल

1:34:06अकाउंट डेबिट 12% रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर

1:34:10कैपिटल अकाउंट डेबिट उसके बाद प्रीमियम

1:34:15ऑन

1:34:17रिडमशन

1:34:20अकाउंट डेबिट

1:34:22प्रीमियम ऑन रिडेंशन अकाउंट डेबिट टू

1:34:27प्रेफरेंस शेयर होल्डर।

1:34:35ठीक है? 1 लाख यहां

1:34:3910,000 यहां

1:34:42और 11,000

1:34:45यहां पर। ठीक? 1 लाख यहां 10,000 यहां और

1:34:491100 यहां पर। ठीक है? यस सर। उसके बाद

1:34:54क्या होगा बेटा?

1:34:56उसके बाद होगा पेमेंट।

1:34:59नेक्स्ट एंट्री

1:35:02प्रेफरेंस

1:35:04शेयर

1:35:06होल्डर

1:35:09डेबिट

1:35:11टू

1:35:13बैंक अकाउंट

1:35:15कितना?

1:35:211100 प्रेफरेंस शेयर होल्डर डेबिट टू बैंक

1:35:25अकाउंट कितना ₹10 अब आपसे क्वेश्चन में

1:35:28साफ-साफ कह रहा है कि हमने कुछ भी फ्रेश

1:35:31इशू नहीं करे हैं। तो सारा का सारा पैसा

1:35:34हमने रिजर्व में से ट्रांसफर कर दिया है

1:35:38सीआरआर में।

1:35:40सारा का सारा पैसा हमने रिजर्व में से

1:35:44ट्रांसफर कर दिया है सीआरआर में कितना

1:35:47बेटा ₹1 लाख

1:35:50कितना बेटा

1:35:53₹1 लाख

1:35:55कितना बेटों ₹1 लाख अब एक लास्ट एंट्री

1:35:58होगी लास्ट एंट्री क्या होगी प्रीमियम को

1:36:01राइट ऑफ करने की

1:36:05सिक्योरिटीज

1:36:08प्रीमियम

1:36:10अकाउंट डेबिट टू

1:36:13प्रीमियम

1:36:16ऑन

1:36:18रिडेंशन अकाउंट

1:36:23खत्म

1:36:28डन।

1:36:29तो ये तो ऑलमोस्ट सारे टॉपिक हो गए शेयर

1:36:32वाले और कुछ टॉपिक हो गए डिबेंचर्स वाले।

1:36:34डिबेंचर्स में और भी आपके कुछ छोटे-छोटे

1:36:36टॉपिक्स हैं। एक बहुत बड़ा टॉपिक है

1:36:38डीआरआर और डीआरआरआई वाला जो अक्सर बच्चों

1:36:42को एग्जीक्यूटिव में पढ़ने को मिलता था।

1:36:45वो अब बच्चों को यहां पढ़ने को मिल रहा

1:36:48है।

1:36:50अब ये एक फायदेमंद चीज भी है। क्यों?

1:36:55क्योंकि यूं समझ लो कि आपके अकाउंट्स का

1:37:00जो कोर्स है उसमें से 30 40% जो कोर्स है

1:37:03वो एग्जीक्यूटिव का ही है। यानी अगर यहां

1:37:06पर आपने बेस्ट कर लिया यहां पर आपने

1:37:08कांसेप्ट्स को अच्छे से समझ लिया तो जो

1:37:10आपकी एग्जीक्यूटिव लेवल की अकाउंटिंग है

1:37:13वो आपने कुछ हद तक कर ली तो आपको वहां

1:37:16दिक्कत नहीं होगी। आपको वहां प्रॉब्लम

1:37:18नहीं होगी। अब सर क्या होता है?

1:37:22क्या होता है आपका?

DRR and DRRI Accounting Rules

1:37:24डी आरआर

1:37:26और क्या होती है आपकी डी आर आर आई क्या

1:37:30होता है डीआरआर और क्या होती है डीआरआरआई

1:37:35डीआरआर का मतलब होता है डिबेंचर रिडमशन

1:37:39रिजर्व और डीआरआरआई का मतलब होता है

1:37:42डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व इन्वेस्टमेंट

1:37:46डीआरआर की फुल फॉर्म डिबेंचर रिडेंशन

1:37:49रिजर्व डीआरआरआई की फुल फॉर्म डिबेंचर सर

1:37:53रिडमशन रिजर्व इन्वेस्टमेंट अब सर ये

1:37:56दोनों क्या होते हैं? जितने भी हमारे

1:37:59डिबेंचर्स होते हैं

1:38:02सपोज़ कोई डिबेंचर है।

1:38:05राइट? सपोज़ कोई डिबेंचर है। अब आप इस

1:38:10डिबेंचर को कुछ साल बाद रिडीम करोगे। आप

1:38:14इन डिबेंचर्स को कुछ साल बाद क्या करोगे?

1:38:17पे करोगे। कुछ साल बाद इसका पेमेंट करोगे।

1:38:21तो ऐसे केस में क्या होता है मेरे प्यारे

1:38:23बच्चों? ऐसे केस में उस समय आपके पास पैसा

1:38:26कहां से आएगा? उस समय जो आपको डिबेंचर्स

1:38:29को रिडीम करना है, डिबेंचर्स का पेमेंट

1:38:32करना है, आप पैसा कहां से लाओगे? तो आपके

1:38:35पास एक लॉजिक होता है जो होता है डीआरआर

1:38:38डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व। यानी कि आपको

1:38:42जितना पेमेंट करना है हर साल कुछ ना कुछ

1:38:46पैसा इस रिजर्व में आप डालते चलो। और जब

1:38:50डिबेंचर का रिडेंशन करना होगा तब इसका जो

1:38:53पैसा है वो हम क्या करेंगे? जितना भी हमने

1:38:56रिजर्व में डाला है उसको अच्छे तरीके से

1:38:58ट्रीटमेंट करके जनरल रिजर्व में ट्रांसफर

1:39:00कर देंगे दोबारा से। तो जो आपका डीआरआर है

1:39:05वह एक तरीके से लायबिलिटीज की तरह काम

1:39:09करता है। जो आपका डीआरआर है वो एक तरीके

1:39:13से लायबिलिटीज की तरह काम करता है। और जो

1:39:16आपका डीआरआरआई है ये एक एसेट्स की तरह काम

1:39:20करता है।

1:39:22जो आपका डीआरआरआई है ये आपकी एसेट्स है।

1:39:26डीआरआरआई की फुल फॉर्म डिबेंचर रिडेंशन

1:39:29रिजर्व इन्वेस्टमेंट।

1:39:31भाई मैंने पैसा रिजर्व में डाल दिया लेकिन

1:39:34उससे मेरा कोई फायदा थोड़ी ना हो रहा है।

1:39:36मैंने पैसे को रिजर्व में डाल दिया। उससे

1:39:39मेरा कोई बेनिफिट उससे मेरा कोई फायदा

1:39:41थोड़ी ना हो रहा है बेटा। बट जब मैंने

1:39:44पैसे को इन्वेस्ट किया है तो हो सकता है

1:39:47मुझे इंटरेस्ट मिले। हो सकता है मुझे

1:39:49ब्याज मिले, इंटरेस्ट मिले, ब्याज मिले,

1:39:53फायदा होगा। तो डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व

1:39:56इन्वेस्टमेंट एक एसेट्स की तरह है। रूल

1:39:59आपसे ये कहता है कि जो भी आपके डिबेंचर का

1:40:02आउटस्टैंडिंग अमाउंट है उसका हर साल जो

1:40:06डीआरआर है वो आप 10% क्रिएट करोगे। काहे

1:40:11में से? प्रॉफिट में से। किस में से

1:40:13करेंगे सर? प्रॉफिट में से।

1:40:18सॉरी जो आपका डीआरआर है डिबेंचर रिडेंशन

1:40:23रिजर्व है हर साल उसका 10%

1:40:29हर साल उसका 10% कहां डालोगे डीआरआर में

1:40:33और जो आपका डीआरआरआई है

1:40:38जो भी आपके डिबेंचर का आउटस्टैंडिंग

1:40:40बैलेंस है जो भी आपके डिबेंचर का

1:40:43आउटस्टैंडिंग अमाउंट है हर साल उसका 15%

1:40:47आप डालोगे डीआरआरआई में हर साल 30 अप्रैल

1:40:51से पहले या 30 अप्रैल तक और साल के लास्ट

1:40:54में वो रिडीम भी हो जाता है आपके ऊपर। तो

1:40:57मेरे प्यारे बच्चों डीआरआर का अगर कोई

1:41:00आपको बैलेंस दे रखा है तो वो क्रेडिट

1:41:03बैलेंस है

1:41:06और इसका कोई बैलेंस दे रखा है तो वो डेबिट

1:41:09बैलेंस है। मैं ऐसा आपको क्यों बता रहा

1:41:11हूं? हो सकता है कभी-कभी आपको जनरल एंट्री

1:41:14बोला जाए। हो सकता है कभी-कभी आपसे कहा

1:41:16जाए कि लेजर बनाओ। कभी आपसे बोलेगा जनरल

1:41:19एंट्री पास करो। कभी आपसे बोलेगा लेजर

1:41:21बनाओ। वो आपकी चॉइस है। जनरल एंट्री पास

1:41:24करो या लेजर बनाओ। वो आपकी चॉइस है कि आप

1:41:26इसको कैसे देख रहे हैं। ठीक है? अब देखो

1:41:29मेरे प्यारे बच्चों। अगर आपको कोई भी

1:41:33बैलेंस नहीं दिया हुआ है डीआरआर का। अगर

1:41:36आपको कोई भी अमाउंट नहीं दिया हुआ है

1:41:38डीआरआर का तो यू हैव टू क्रिएट डीआरआर

1:41:41कहां से? प्रॉफिट एंड लॉस से। तो पहली

1:41:44एंट्री होगी

1:41:47प्रॉफिट

1:41:50एंड

1:41:52लॉस अकाउंट डेबिट

1:41:55टू

1:41:58डीआरआर

1:41:59प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट डेबिट टू डीआरआर

1:42:03अगर आपको कुछ पैसा ऑलरेडी दे रखा है लेकिन

1:42:06वह 10% से कम है या फिर कुछ भी पैसा नहीं

1:42:09दे रखा तो आप क्या करेंगे बेटा आप प्रॉफिट

1:42:12एंड लॉस से पैसा पैसा कहां ट्रांसफर

1:42:14करेंगे? डीआरआर में। डिबेंचर रिडमशन

1:42:17रिजर्व। तो ये हमने एंट्री पास करी।

1:42:19प्रॉफिट एंड लॉस में से पैसा कहां पर

1:42:21डाला? डीआरआर में। तो एंट्री पास करी

1:42:24प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट डेबिट टू डीआरआर।

1:42:27डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व। ठीक। यस सर। और

1:42:32अगर आपको कोई इन्वेस्टमेंट ऑलरेडी दे रखा

1:42:34है तो कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। लेकिन

1:42:36अगर इन्वेस्टमेंट ऑलरेडी नहीं दे रखा और

1:42:38आपसे बोल रहा है कि आपको इन्वेस्टमेंट

1:42:40करना है या आपने इन्वेस्टमेंट किया है तो

1:42:43उसकी एंट्री हो जाएगी बेटा

1:42:46डी आर आर

1:42:50आई अकाउंट डेबिट

1:42:53टू

1:42:57बैंक अकाउंट

1:42:59डीआरआरआई अकाउंट डेबिट टू बैंक अकाउंट अब

1:43:03बेटा जी डीआरआरआई जो है वो वो एसेट्स है।

1:43:07इसलिए हमने उसको डेबिट किया है। हमने जब

1:43:09इन्वेस्टमेंट किया तो ये हमारे पास आ रहा

1:43:11है। ये एक एसेट्स है। इसलिए हमने उसको

1:43:13डेबिट किया है। और हमारे पास से क्या जा

1:43:15रहा है बेटा? पैसा जा रहा है। हमारे पास

1:43:18से पैसा जा रहा है। इसलिए हमने यहां पर

1:43:21बैंक को क्रेडिट किया है। इसलिए हमने यहां

1:43:24पर बैंक को क्रेडिट किया है। तो एंट्री हो

1:43:26गई डीआरआरआई अकाउंट डेबिट टू बैंक अकाउंट।

1:43:30डीआरआरआई अकाउंट डेबिट टू बैंक अकाउंट। अब

1:43:33मेरे प्यारे बच्चों जब आप डिबेंचर्स को

1:43:36रिडीम करोगे या आपके जो डिबेंचर हैं वो

1:43:40रिडीम हो जाएंगे तो जितना पैसा आपने

1:43:43डीआरआर अकाउंट में डाला हुआ था वो पैसा

1:43:45वापस से कहां भेजोगे

1:43:48जनरल रिजर्व में। जितना पैसा आपने

1:43:51ट्रांसफर किया हुआ था वह पैसा आप कहां

1:43:53भेजोगे? जनरल रिजर्व में। एंट्री हो जाएगी

1:44:00डीआरआर अकाउंट डेबिट टू

1:44:06जनरल

1:44:09रिजर्व अकाउंट डीआरआर अकाउंट डेबिट टू

1:44:13जनरल रिजर्व अकाउंट ये आपकी एंट्री हो

1:44:16जाएगी डीआरआर अकाउंट डेबिट टू जनरल रिजर्व

1:44:20अकाउंट तो ये तो डीआरआर यहां पर खत्म हो

1:44:22गया। यह डीआरआर यहां पर खत्म हो गया।

1:44:25डीआरआर आपने प्रॉफिट एंड लॉस से ट्रांसफर

1:44:27किया और जब रिडेंशन हो जाएगा जब वो रिडीम

1:44:30हो जाएगा तो जितना पैसा आपने डीआरआर में

1:44:33डाला था उतना पैसा हम जनरल रिजर्व में

1:44:35क्या कर देंगे ट्रांसफर कर देंगे अब बात

1:44:38करते हैं डीआरआरआई की मेरे प्यारे बच्चों

1:44:41ये जो इन्वेस्टमेंट है इस पर हमें मिलती

1:44:44है इंटरेस्ट क्या मिलती है ब्याज मिलती है

1:44:48तो जब आपको इस पर इंटरेस्ट मिलेगी साल के

1:44:50लास्ट में या मंथ के हिसाब से तो उसकी

1:44:52एंट्री आप पास करोगे बैंक

1:44:57अकाउंट

1:45:00डेबिट

1:45:02टू

1:45:04डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व इन्वेस्टमेंट

1:45:08और यहां लिखेंगे सिर्फ डीआरआर नहीं टू

1:45:14इंटरेस्ट ऑन

1:45:18डी आर आर आई यहां पर हमने एंट्री पास करी

1:45:24बैंक अकाउंट डेबिट टू इंटरेस्ट ऑन

1:45:27डीआरआरआई पहली एंट्री करी थी हमने

1:45:30डीआरआरआई अकाउंट डेबिट टू बैंक अकाउंट

1:45:32दूसरी एंट्री करी हमने बैंक अकाउंट डेबिट

1:45:35टू इंटरेस्ट ऑन डीआरआरआई अब मेरे प्यारे

1:45:38बच्चों पहले ऐसा होता था कि ये जो

1:45:41इंटरेस्ट है वो कहीं और जाती थी। यह जो

1:45:44इंटरेस्ट है यह कहीं और जाती थी। लेकिन अब

1:45:47आपको याद रखना है कि यह जो इंटरेस्ट है वो

1:45:50आपके प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में जाएगी।

1:45:53आप एंट्री पास करेंगे

1:45:56इंटरेस्ट ऑन

1:46:02डीआरआरआई अकाउंट डेबिट

1:46:06टू

1:46:08प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट इंटरेस्ट ऑन

1:46:12डीआरआरआई अकाउंट डेबिट टू प्रॉफिट एंड लॉस

1:46:16अकाउंट। अब हो सकता है आप इन्वेस्टमेंट को

1:46:19रियलाइज्ड करो या हो सकता है आप

1:46:21इन्वेस्टमेंट को बेचो। तो जब हम

1:46:23इन्वेस्टमेंट को बेचेंगे तो एंट्री क्या

1:46:25पास करेंगे? बैंक अकाउंट डेबिट टू

1:46:27डीआरआरआई पैसा आ रहा है। बैंक अकाउंट

1:46:31डेबिट टू डी आरआरआई अकाउंट। ठीक है? यस

1:46:35सर। तो दोबारा समझो बेटा। डीआरआर डिबेंचर

1:46:38रिडेंपशन रिजर्व एक लायबिलिटी की तरह है।

1:46:41डीआरआर आई डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व

1:46:44इन्वेस्टमेंट एक एसेट्स की तरह है। दोनों

1:46:46क्यों क्रिएट करे जा रहे हैं? क्योंकि

1:46:48हमें इन फ्यूचर डिबेंचर्स का पेमेंट करना

1:46:50है। डीआरआर हम 10% बनाते हैं। हमारे

1:46:53आउटस्टैंडिंग बैलेंस का। डीआरआरआई हम 15%

1:46:57बनाते हैं हमारे आउटस्टैंडिंग बैलेंस का।

1:46:59हम डीआरआर को प्रॉफिट एंड लॉस से ट्रांसफर

1:47:03करते हैं। प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट डेबिट

1:47:05टू डीआरआर। और जब जितने डिबेंचर्स थे वो

1:47:07सारे के सारे रिडीम हो जाते हैं तब हम

1:47:10क्या करते हैं मेरे प्यारे बच्चों? तब हम

1:47:12उसको ट्रांसफर कर देते हैं जनरल रिजर्व

1:47:14में। जिसकी एंट्री क्या पास होती है?

1:47:16फटाफट से बताओ। व्हाट इज द एंट्री वी पास?

1:47:19हम एंट्री पास करते हैं यहां पर डीआरआर

1:47:22अकाउंट डेबिट टू जनरल रिजर्व। जब हम

1:47:24इन्वेस्टमेंट करते हैं बेटा, एंट्री पास

1:47:26करते हैं डीआरआरआई अकाउंट डेबिट टू बैंक।

1:47:29उस पर जो इंटरेस्ट आती है बैंक अकाउंट

1:47:31डेबिट टू इंटरेस्ट ऑन डीआरआरआई। और जब आप

1:47:34इसको ट्रांसफर करोगे प्रॉफिट एंड लॉस में

1:47:36तो इंटरेस्ट ऑन डीआरआरआई अकाउंट डेबिट टू

1:47:38प्रॉफिट एंड लॉस। और लास्ट में जब आप इसको

1:47:40सेल करते हो तो बैंक अकाउंट डेबिट टू

1:47:43डिबेंचर रिडेंपशन रिजर्व इन्वेस्टमेंट।

1:47:46ठीक बच्चा? यस सर। अब मैं

1:47:50प्रैक्टिकली आपके सामने एक क्वेश्चन लेता

1:47:52हूं प्यारा सा जिससे मैं आपको और अच्छे से

1:47:55समझा पाऊं जिससे आपको और थोड़ी क्रिस्टल

1:47:58क्लेरिटी ला पाऊं और आपको अच्छे से क्लियर

1:48:01भी हो। देखो द फॉलोइंग बैलेंस अपीयर इन द

1:48:05बुक्स ऑफ अ कंपनी अनलिस्टेड कंपनी अदर देन

1:48:08एआईएफआई बैंकिंग कंपनी एनबीएफसी एंड

1:48:11एचएफसी अब ऐसा क्यों बोला जा रहा है अदर

1:48:14देन अदर दैन इनका नाम क्यों लिया गया है

1:48:17क्योंकि इनको डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व

1:48:20क्रिएट करने की जरूरत नहीं है। तो हमें

1:48:22कुछ बैलेंस दे रखा है। कब का बैलेंस है

1:48:25बेटा? 31 दिसंबर 2022 का। इसका मतलब है हम

1:48:30कैलेंडर ईयर को फॉलो कर रहे हैं। हम

1:48:32कैलेंडर ईयर को फॉलो कर रहे हैं। 6%

1:48:36मोरगेज 10% डिबेंचर्स ऑफ 10 ईच। ठीक है?

1:48:41डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व हमें दे रखा है

1:48:44₹5,000। ठीक है? इन्वेस्टमेंट हमने कर रखा

1:48:47है। डीआरआरआई हमने कर रखा है ₹15,000 की

1:48:51जिस पर सालाना हमें 4% की इंटरेस्ट मिल

1:48:54रही है और हर साल 31 दिसंबर को मिलती है।

1:48:58बैंक बैलेंस हमारा दे रखा है 90,000 का।

1:49:03जो बैंक बैलेंस है वो 90,000 का दे रखा

1:49:06है। आपसे कह रहा है द इंटरेस्ट ऑन

1:49:08डिबेंचर्स हैड बीन पेड अप टू 31 दिसंबर

1:49:122022। जो आपकी डिबेंचर की इंटरेस्ट है वो

1:49:1631 दिसंबर तक की पे करी गई है। ऑन 28

1:49:20फरवरी 2023 द इन्वेस्टमेंट वर रिलाय एट

1:49:24पार। क्या करा गया? 28 फरवरी को जो हमारे

1:49:28इन्वेस्टमेंट है वो हमने सेल कर दिए उतने

1:49:31पर ही ना ही फायदा ना ही नुकसान। और इसी

1:49:34डेट को हमने डिबेंचर्स का पेमेंट किया है

1:49:37व्हिच इज 10.1 टुगेदर विद एक्रूड

1:49:40इंटरेस्ट। अभी आपको यह बिल्कुल समझ में

1:49:43नहीं आएगा। बट जैसे-जैसे मैं अकाउंट

1:49:45बनवाऊंगा आपको सब चीज आपको ईजीली समझ में

1:49:47आएगी। राइट अप द कंसर्न लेजर अकाउंट

1:49:50एक्सक्लूडिंग बैंक ट्रांजैक्शन बट हम बैंक

1:49:54वाला भी बनाएंगे। हम बैंक वाला भी बनाएंगे

1:49:56क्योंकि उससे ही आपको अच्छे से समझ में

1:49:58आएगा। तो चलिए मैं एक फॉर्मेट बनाता हूं।

1:50:05सबसे पहले मैं फॉर्मेट बना रहा हूं आपके

1:50:07सामने बैंक का।

1:50:10ओके यह कुछ ज्यादा ही अच्छा बन गया।

1:50:30मैं

1:50:59चलो अब हम सबसे पहले बनाएंगे बैंक अकाउंट।

1:51:02ठीक है? सबसे पहले हम क्या बनाएंगे बेटा?

1:51:04बैंक अकाउंट। अब देखो यहां पर सबसे पहला

1:51:08यहां पर आपसे क्या कह रहा है? सबसे पहला

1:51:10आपसे कह रहा है बेटा कि आपके बैंक अकाउंट

1:51:12में बैलेंस है 90,000 का। आपके बैंक

1:51:16अकाउंट में बैलेंस है 90000 का। तो बेटा

1:51:19जी बैंक बैलेंस जो आपका है ओपनिंग बैलेंस

1:51:23टू बैलेंस बीडी

1:51:27वि इज

1:51:3090000

1:51:32बैंक बैलेंस आपको दे रखा है 90000। अब इस

1:51:35क्वेश्चन में क्या-क्या हो रहा है? इस

1:51:37क्वेश्चन में हमारी जो इन्वेस्टमेंट है हम

1:51:39उसको बेच रहे हैं। इस क्वेश्चन में हमारे

1:51:42जो डिबेंचर्स हैं हम उसका पेमेंट कर रहे

1:51:44हैं। इस क्वेश्चन में जो हमारा

1:51:45इन्वेस्टमेंट है उसकी इंटरेस्ट भी आ रही

1:51:47है। इस क्वेश्चन में जो डिबेंचर होल्डर को

1:51:49हमने पेमेंट किया है वो प्रीमियम पर किया

1:51:51है और जितनी इंटरेस्ट उनकी एक्रूड है उसके

1:51:55साथ-साथ किया है। तो देखो सारी चीजें वन

1:51:57बाय वन समझते हैं। देखो सबसे पहले यहां

1:52:00यहां यहां यहां सम हमें बैलेंस दे रखा है।

1:52:03यहां देखो आपने 15,000 का इन्वेस्टमेंट

1:52:06किया है। जिस पर आपको 4% की ब्याज मिल रही

1:52:09है हर साल 31 दिसंबर को। आपने इस

1:52:13इन्वेस्टमेंट को कब बेचा है? 28 फरवरी को।

1:52:16यानी जनवरी और फरवरी 2 महीने की ब्याज और

1:52:19मिलेगी आपको।

1:52:21तो 15,000

1:52:252 महीने

1:52:27और 4%

1:52:310

1:52:320 0 4 * 1 4 * 3 = 12 3 * 1 = 3 5 0

1:52:41100

1:52:43तो आपका जो इन्वेस्टमेंट है उसकी इंटरेस्ट

1:52:45कितनी आई बेटा आपके पास 100 बहुत ज्यादा

1:52:48इंटरेस्ट है तो यहां पर हमने लिखा टू

1:52:52इंटरेस्ट

1:52:56ऑन

1:52:58दी

1:53:00आर आर

1:53:02आई कितना आया? 100 आया। ठीक है? यस सर।

1:53:06उसके बाद आपने इन्वेस्टमेंट भी सेल कर

1:53:08दिए।

1:53:10तो टू डी आरआरआई या फिर इन्वेस्टमेंट

1:53:1415,000

1:53:17आपने इन्वेस्टमेंट भी सेल कर दिए। डीआरआर

1:53:19अकाउंट डेबिट 15,000। ठीक है? अब आपसे कह

1:53:22रहा है कि आपने इसी डे को अपने डिबेंचर्स

1:53:26का पेमेंट किया है 10.1 के साथ। तो देखो

1:53:29मेरे प्यारे बच्चों आपके पास 10,000

1:53:32डिबेंचर्स थे

1:53:35और इनका जब आपने 10.1 के साथ पेमेंट किया

1:53:38है तो आपने पेमेंट किया है ₹101000 का।

1:53:42अगर मैं सही हूं तो एक बार मैं कंफर्म कर

1:53:45लेता हूं।

1:53:4910,000

1:53:51मल्टीप बाय

1:53:5310.1 हां आपने पेमेंट किया बेटा ₹101000

1:53:57का तो मैंने यहां पर लिखा बाय

1:54:01डिबेंचर

1:54:04होल्डर

1:54:06व्हिच इज़

1:54:081 लाख 1000 अब आपसे कह रहा है कि जो

1:54:12डिबेंचर की इंटरेस्ट एक्रूड हो गई जो

1:54:15डिबेंचर की इंटरेस्ट एक्रूड हो हो गई।

1:54:17आपने उसका भी पेमेंट किया। देखो मेरे

1:54:19प्यारे बच्चों, डिबेंचर की इंटरेस्ट आपने

1:54:2231 दिसंबर तक की पे कर दी है। अब कितने

1:54:25महीने की डी हो गई? 2 महीने की। जनवरी

1:54:27फरवरी। जो आपके डिबेंचर्स थे वो थे 10,000

1:54:31डिबेंचर्स।

1:54:33फेस वैल्यू 100 की है। 6% की इंटरेस्ट

1:54:38आपको देनी है। और 2 महीने तो 100 से 100

1:54:43गया। ठीक?

1:54:45हां जी कुछ कमी सी लग रही है।

1:54:50अच्छा 10 नीचे 10 नीचे हमने 100 ईच कर

1:54:53दिया है।

1:54:5610,000 डिबेंचर्स * 10 * 6%

1:55:01* 2 महीने तो ये 0

1:55:066 * 1 = 6 2 ये 1000 आ जाएगा। यानी कि

1:55:11डिबेंचर की इंटरेस्ट कितनी आ जाएगी?000 तो

1:55:14बाय

1:55:17डिबेंचर

1:55:21इंटरेस्ट

1:55:241000 बस हो गया हो गया अब टोटलिंग करेंगे

1:55:30इधर का टोटल करेंगे बेटा हम लोग इधर का

1:55:33अगर आप टोटल करोगे तो ये आएगा आपका 10500

1:55:3815500

1:55:41तो अगर आप इधर का टोटल करोगे

1:55:45तो यहां पर आ रहा है 12000 तो डिफरेंस आ

1:55:48जाएगा बाय

1:55:52बैलेंस सीडी डिफरेंस आ जाएगा यहां पर 300

1:55:57का

1:55:59मैं माइनस भी कर लेता हूं

1:56:02पहले उधर का टोटल कर लेता हूं 90000 + 100

1:56:05+ 15000

1:56:08- 1000

1:56:11- 1000 हां

1:56:15तो यह आएगा आपका

1:56:1810500

1:56:20यह आपका आ गया 10500 ये तो हमने बना दिया

1:56:23बैंक अकाउंट ये हमने बना दिया बैंक अकाउंट

1:56:26अब हम बनाएंगे

1:56:29चलिए अब हम बनाते हैं दूसरा अकाउंट व्हिच

1:56:32इज़ डीआरआर जो आपके लिए नया है। व्हिच इज़

1:56:37डी आरआर जो आपके लिए नया है।

1:56:43डीआरआर

1:56:45डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व

1:56:49यह सीआर साइट

1:56:52और ये डीआर साइट

1:56:56डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व

1:56:59ये डीआर साइट और ये आपकी सीआर साइट ठीक है

1:57:03डी आरआर डिबेंचर रिडेंशन रिजर्व अब मेरे

1:57:07प्यारे बच्चों देखो यहां पर अब यहां पर

1:57:11क्या होगा

1:57:21सबसे पहले आपको डिबेंचर रिडेंपशन रिजर्व

1:57:24में 5000 का बैलेंस दिया हुआ है।

1:57:28तो बैलेंस क्रेडिट बैलेंस तो बाय

1:57:32बैलेंस

1:57:34एडी 5000

1:57:38बेटा डिबेंचर टोटल कितने के थे फेस वैल्यू

1:57:4010,000

1:57:42* 10 यानी 1 लाख

1:57:46और 1 लाख का 10% कितना हो जाएगा? ₹1,000

1:57:521 लाख का 10% कितना हो जाएगा? ₹10,000

1:57:555,000 पहले से ही दे रखा है बैलेंस। 5,000

1:57:59का बैलेंस पहले से ही दे रखा है। तो कितना

1:58:01पैसा मुझे और डालना पड़ेगा बेटा? 5,000 और

1:58:04डालना पड़ेगा। कहां से डालूंगा? प्रॉफिट

1:58:06एंड लॉस से। तो बाय प्रॉफिट एंड लॉस

1:58:09अकाउंट

1:58:115000 बाय प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट 5000

1:58:15इतना बैलेंस और डालना पड़ेगा। बाय प्रॉफिट

1:58:17एंड लॉस अकाउंट 5000 हमने डाल दिया। ठीक

1:58:20यस सर। अब डिबेंचर डीम हो गए। अब

1:58:23डिबेंचर्स का पेमेंट हो गया। तो जितना

1:58:25पैसा आपने डीआरआर में डाला था उतना पैसा

1:58:28आप कहां पहुंचा दोगे?

1:58:31जनरल रिजर्व में।

1:58:41और यह अकाउंट

1:58:44हेलो्स

1:58:50और ये अकाउंट यहां पर

1:58:53एलोप्स ठीक है। यस सर। अब मैं बताता हूं

1:58:58यहां पर

1:59:01डी आर आर आई का। वह तो छोटू सा बनेगा।

1:59:15डी

1:59:17आर आर आई अब ये छोटू सा बनेगा। सबसे पहले

1:59:21हमें इन्वेस्टमेंट दिया हुआ था तो यानी कि

1:59:23उसका बैलेंस दिया हुआ था। था टू बैलेंस

1:59:25पीडी

1:59:2815,000

1:59:30और हमने इसको सेल कर दिया बाय बैंक

1:59:3615,000

1:59:41खत्म

1:59:43हां सच्ची

1:59:46कसम से यहां पर ये आपका खत्म हो गया। यहां

1:59:50पर ये आपका खत्म हो गया। बैलेंस हो गया

1:59:53दोनों साइड खत्म। दोनों साइड बैलेंस

1:59:57डन। ठीक है? यस। तो ये एक प्यारा सा

2:00:01क्वेश्चन था। ये एक प्यारा सा क्वेश्चन

2:00:04था। आई होप सो आपको क्लियर हुआ होगा। अब

2:00:07इसी जैसा एक और क्वेश्चन लिया हुआ है।

2:00:11प्यारे-प्यारे बेटों को इस क्वेश्चंस को

2:00:13कराऊंगा भी। इस क्वेश्चन को समझाऊंगा भी।

2:00:15तो फिर बार फिर एक और बार पहले क्वेश्चन

2:00:17को मैं आपको समझाता हूं। द फॉलोइंग बैलेंस

2:00:21अपीयर्ड इन द बुक्स ऑफ Apple अनलिस्टेड

2:00:24कंपनी अदर एआईएफआई बैंकिंग कंपनी बीएफसी

2:00:28एचएफसी

2:00:3014

2:00:332022 को 14 2022 को हमने 14 2022 को हमने

2:00:40क्या किया होगा मेरे प्यारे बच्चों 14

2:00:432022 को यहां पर हमें बैलेंस दे रखा है

2:00:46डिबेंचर्स का अमाउंट दे रखा है डीआरआर का

2:00:48बैलेंस दे रखा है। डीआरआर इन्वेस्टमेंट दे

2:00:51रखा है। मेरे प्यारे बच्चों हमारा डिबेंचर

2:00:54है 75000 का। इसका 10% हमें क्या क्रिएट

2:00:58करना पड़ता है? डीआरआर 75000 का 10% होता

2:01:03है 7500।

2:01:07और यहां पर आपको देखो डीआरआर में ऑलरेडी

2:01:09₹500 है। यानी हमें और कितना चाहिए? 5000।

2:01:13कहां से आएगा? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट से।

2:01:15यहां पर आपसे कह रहा है कि आपने

2:01:17इन्वेस्टमेंट कर रखा है ₹11,250 का जिस पर

2:01:2010% की आपको इंटरेस्ट मिल रही है। एनुअल

2:01:23कंट्रीब्यूशन टू द डीआरआर वाज मेड ऑन 31

2:01:26मार्च एव्री ईयर। 1 साल बाद हमारा जो बैंक

2:01:29बैलेंस है उसमें इतना पैसा है। हमने अपने

2:01:32इन्वेस्टमेंट को पार पर बेच दिया है और

2:01:34हमने डिबेंचर्स का पेमेंट किया है 10%

2:01:37प्रीमियम के साथ।

Handling Debenture Redemption Payments

2:01:39तो चलिए यहां पर हम बनाते हैं आपके बैंक

2:01:42अकाउंट वगैरह जो भी आपके लिए इंपॉर्टेंट

2:01:45है जो भी आपके लिए मेन है।

2:02:16यह आपका डीआर साइड

2:02:20और यह आपका सीआर साइड

2:02:23यह आपका बैंक अकाउंट

2:02:31ठीक है। यस सर। तो देखो सबसे पहले बैलेंस

2:02:36सबसे पहले बैलेंस डालेंगे टू बैलेंस

2:02:41बीडी

2:02:467

2:02:495000 टू बैलेंस बीडी 75000

2:02:53ठीक है यस सर अब आपसे कह रहा है कि आपने

2:02:56अपने इन्वेस्टमेंट को रियलाइज किया तो टू

2:03:01इन्वेस्टमेंट

2:03:03वि इज 11250

2:03:07आपने अपने इन्वेस्टमेंट को बेचा आपके पास

2:03:09पैसा आया होगा आपने एंट्री पास करी बैंक

2:03:12अकाउंट डेबिट टू डीआरआरआई बैंक अकाउंट

2:03:16डेबिट टू डिबेंचर रिडेशन रिजर्व

2:03:18इन्वेस्टमेंट ठीक है कितना 11250 अब इस पर

2:03:2210% की इंटरेस्ट भी तो मिल रही थी इस पर

2:03:2510% की इंटरेस्ट भी मिल रही थी तो

2:03:27इंटरेस्ट भी आएगी आपके पास तो टू

2:03:31इंटरेस्ट इंटरेस्ट ऑन

2:03:34डी आरआई

2:03:37इसका 10% 1125

2:03:40तो ये तो वो चीजें है जहां पर मेरे पास

2:03:42पैसा आया है। आपसे कह रहा है आपने डिबेंचर

2:03:45होल्डर्स का पेमेंट किया है

2:03:4910% प्रीमियम के साथ। डिबेंचर होल्डर हैं

2:03:53आपके 75,000 के और इनका 10% हो जाएगा 7500

2:03:59और टोटल हो जाएगा 82500

2:04:04टोटल हो जाएगा बेटा कितना हो जाएगा 82500

2:04:08टोटल यहां पर हो जाएगा 82500

2:04:11ठीक है मेरे प्यारे बच्चों यस सर अब हम

2:04:13जरा बैलेंस करते हैं

2:04:17तो

2:04:19यहां पर है आपका 75000

2:04:21+ 11250

2:04:24+ 1125

2:04:27तो ये आ रहा है आपका 8 7

2:04:313 75 ये आ रहा है आपका 87375

2:04:37अब यहां आप माइनस करो 82500

2:04:41तो ये आ रहा है आपका 4875

2:04:44यह आ गया बाय

2:04:48बैलेंस

2:04:50cd

2:04:53अब आप सोच रहे होंगे कि सर प्रीवियस

2:04:57क्वेश्चन में ऐसा हुआ था कि हमने डिबेंचर

2:04:59की इंटरेस्ट भी पे करी थी। सर इस क्वेश्चन

2:05:02में ऐसा क्यों नहीं हुआ? इस क्वेश्चन में

2:05:04ऐसा इसलिए नहीं हुआ बेटा कि डिबेंचर की

2:05:07इंटरेस्ट आप 6-6 महीने बाद

2:05:11डिबेंचर की इंटरेस्ट आप 6-6 महीने बाद

2:05:13देते हो। ये साल शुरू हुआ आपका 1 अप्रैल

2:05:16को। 1 अप्रैल के बाद 6 महीने आपके 30

2:05:18सितंबर को और उसके बाद 6 महीने आपके 31

2:05:21मार्च को। तो हो सकता है आपने डिबेंचर की

2:05:23इंटरेस्ट ऑलरेडी पे कर दी हो। हो सकता है

2:05:25आपने डिबेंचर की इंटरेस्ट ऑलरेडी पे कर दी

2:05:28हो। इसीलिए हमने ऐसा किया है। उसके बाद

2:05:31बेटा दो अकाउंट मैं आपको और समझाता हूं।

2:05:34बहुत छोटू-छोटू से हैं। नाम बड़े दर्शन

2:05:37छोटे

2:05:52ये आपका डीआरआर

2:05:56ये आपका डेबिट

2:06:02यह आपका क्रेडिट

2:06:22Aआर

2:06:27आर

2:06:31ये आपका

2:06:33डी

2:06:35आर आर आई आई ये आपका डी आर आर आई ठीक है

2:06:41यस सर अब मेरे प्यारे बच्चों यहां पर आपको

2:06:43बैलेंस दिया हुआ था बाय

2:06:47बैलेंस

2:06:50बीडी व्हिच इज़

2:06:5325500

2:06:55यहां पर बैलेंस दिया हुआ था व्हिच इज़ 2500

2:06:58और यहां पर बैलेंस है 2

2:07:02बैलेंस बीडी व्हिच इज़ 11250

2:07:0911250

2:07:11राइट यस सर अब मेरे प्यारे बच्चों हमारा

2:07:15जो डिबेंचर्स का रिडेंशन है उसकी जो फेस

2:07:18वैल्यू है वो थी 75000 हमें उसका 10%

2:07:22बनाना है डीआरआर 75000 का 10% होता है

2:07:257500 ₹500 ऑलरेडी दिया हुआ है तो हम और

2:07:29कितना डालेंगे बेटा

2:07:31बाय

2:07:33प्रॉफिट एंड लॉस 5000

2:07:37बाय

2:07:39प्रॉफिट एंड लॉस 5000 और जब डिबेंचर का

2:07:42रिडेंशन हो गया जब डिबेंचर्स का पेमेंट हो

2:07:45गया तो सारा का सारा पैसा हम ट्रांसफर कर

2:07:48देंगे जनरल

2:07:51रिजर्व

2:07:53व्हिच इज़

2:07:567000

2:07:58500

2:08:057500

2:08:07ठीक है यस सर तो यह हमारा हो गया डीआरआर

2:08:11डीआरआर आई ये आपके बैलेंस था और फिर हमने

2:08:14इसको बेच दिया तो वहीं की वहीं ये अकाउंट

2:08:17हमारा यहां पर क्लोज हो गया वहीं की वहीं

2:08:21यह हमारा अमाउंट यहां पर क्लोज हो गया

2:08:2311250 11250

2:08:26इस तरीके से करना था आपको यह क्वेश्चन इस

2:08:29तरीके से करना था आपको यह क्वेश्चन और इसी

2:08:31तरीके से आपने किया होगा। अभी हमारा है एक

2:08:35लास्ट क्वेश्चन जो कि एक नया टॉपिक है।

2:08:38कन्वर्टेबल।

2:08:40आपको मालूम है कि कुछ डिबेंचर्स हमारे ऐसे

2:08:43भी होते हैं जिसको बोलते हैं कन्वर्टेबल

2:08:45डिबेंचर्स और नॉन कन्वर्टेबल डिबेंचर्स।

2:08:48ऐसे डिबेंचर जो आपके शेयर्स में कन्वर्ट

2:08:50हो सकते हैं वो कन्वर्टेबल डिबेंचर। और जो

2:08:53आपके शेयर्स में कन्वर्ट नहीं हो सकते हैं

2:08:55उन्हें बोलते हैं नॉन कन्वर्टेबल

2:08:57डिबेंचर्स। तो जब कोई डिबेंचर शेयर में

2:09:00कन्वर्ट होता है तो हमें क्या करना पड़ता

2:09:03है? हमें वो वैल्यू निकालनी पड़ती है सबसे

2:09:06पहले कि अगर मैं इतने डिबेंचर्स का पेमेंट

2:09:09करता अगर मैं इतने डिबेंचर्स का रिडमशन

2:09:12करता तो उसकी वैल्यू क्या है? और अब इनको

2:09:16मैं शेयर्स में चेंज कर रहा हूं तो किस

2:09:18वैल्यू पर कर रहा हूं उसके हिसाब से करता।

2:09:21जैसे आप इस क्वेश्चन को देखो बड़े प्यार

2:09:23से समझेंगे। यहां पर आपसे कह रहा है एबीसी

2:09:26लिमिटेड हैज़ इशू 10,000 12% कन्वर्टेबल

2:09:30डिबेंचर्स ऑफ 100 ईच। एबीसी लिमिटेड कंपनी

2:09:34है जिन्होंने 10,000 डिबेंचर इशू करे हैं।

2:09:3712% कन्वर्टेबल डिबेंचर इशू करे हैं 100

2:09:41ईच के। रिडीमेबल आफ्टर अ पीरियड ऑफ़ 5

2:09:44इयर्स एट अ प्रीमियम ऑफ़ 5%। यह आपके 5 साल

2:09:48बाद आपके रिडीमेबल होंगे और 5% प्रीमियम

2:09:52के साथ 100 का 5% 5 होता है। ठीक है? द

2:09:56डिबेंचर होल्डर आल्सो हैड द ऑप्शन एट द

2:09:59टाइम ऑफ रिडेंशन टू कन्वर्ट 30% ऑफ देयर

2:10:03होल्डिंग इनू इक्विटी शेयर। जो डिबेंचर

2:10:06होल्डर्स हैं उनके पास एक ऑप्शन रहेगा कि

2:10:09जब इनका पेमेंट का टाइम आएगा जब इनका

2:10:12रिडेंशन करने का टाइम आएगा तब इनके पास

2:10:15जितने डिबेंचर होल्डर हैं उसका 30% ये

2:10:19इक्विटी शेयर्स में कन्वर्ट कर सकते हैं

2:10:21जिसकी फेस वैल्यू 10 होगी लेकिन ये हमें

2:10:2520 पर शेयर यानी 10 का यहां पर क्या है

2:10:27प्रीमियम है और बाकी का पैसा बैलेंस इनको

2:10:30कैश में मिल जाएगा। ठीक है? यस सर।

Converting Debentures into Equity Shares

2:10:32डिबेंचर होल्डर्स अमाउंटेड ₹ लाख। डिबेंचर

2:10:36होल्डर जिनके पास ₹ लाख के डिबेंचर्स थे

2:10:40ऑप्टेड टू गेट देयर डिबेंचर कन्वर्टेड

2:10:43इंटू इक्विटी शेयर। इन्होंने एक ऑप्शन रखा

2:10:46कि हम अपने शेयर्स को हम अपने डिबेंचर्स

2:10:49को शेयर में कन्वर्ट करना चाहते हैं। तो

2:10:52आपको बताना है कैलकुलेट द नंबर ऑफ शेयर

2:10:55इशूड एंड कैश पेड फॉर रिडेंशन ऑफ ₹0000

2:11:00डिबेंचर होल्डर। अब मेरे प्यारे बच्चों

2:11:03ध्यान से सुनना और ध्यान से समझना। ध्यान

2:11:07से सुनना और ध्यान से समझना।

2:11:11जो डिबेंचर होल्डर हैं

2:11:15उनके पास

2:11:18₹ लाख के क्या है? डिबेंचर। तो डिबेंचर

2:11:22होल्डर हैं उनके पास ₹ लाख के क्या है?

2:11:26डिबेंचर्स हैं। ठीक है? और फेस वैल्यू

2:11:28क्या है? 100 ईच। तो उनके पास कितने

2:11:30डिबेंचर हैं? 2000 डिबेंचर्स। उनके पास

2:11:34डिबेंचर्स कितने हैं? 2000 डिबेंचर्स।

2:11:37इनको ऑप्शन दिया गया है कि ये अपनी

2:11:40होल्डिंग का 30% ही कन्वर्ट कर सकते हैं।

2:11:4530% ऑफ डिबेंचर तो 2000 का 30% होगा 600

2:11:51तो 600 कन्वर्ट होगा और बाकी का पेमेंट

2:11:56करना पड़ेगा। तो बाकी का कितना बचा? 1400

2:12:00तो 1400 का पेमेंट होगा और बाकी का

2:12:04कन्वर्ट होगा। अब मेरे प्यारे बच्चों अगर

2:12:07मैं इन

2:12:09600 डिबेंचर्स का पेमेंट करता अगर मैं इन

2:12:14600 डिबेंचर्स का पेमेंट करता तो मेरे

2:12:18प्यारे बच्चों फेस वैल्यू 100 है और पांच

2:12:21का प्रीमियम फेस वैल्यू 100 है और पांच का

2:12:24प्रीमियम यानी कि 105 के हिसाब से पेमेंट

2:12:27करता तो कितना आता?

2:12:34600 * 105 ये आता आपका 63000

2:12:42अगर मैं इन डिबेंचर्स को कन्वर्ट नहीं

2:12:44करता इन डिबेंचर्स का रिडेंशन करता इन

2:12:47डिबेंचर्स का पेमेंट करता तो मुझे पेमेंट

2:12:50कितना करना पड़ता ₹63ाउ

2:12:53राइट यस सर बट अब मैं अगर इन्हें कन्वर्ट

2:12:57कर रहा हूं

2:12:59और शेयर की वैल्यू कितनी

2:13:0220 ईच

2:13:05इक्विटी शेयर@

2:13:1220 ईच

2:13:14तो इस अमाउंट को मैं 20 से डिवाइड कर दूं

2:13:19तो ये आ गया बेटा 3150

2:13:2231

2:13:2450 शेयर्स 3150 शेयर्स यानी ये मैंने

2:13:29डिबेंचर्स को शेयर्स शेयर्स में कन्वर्ट

2:13:32कर दिया। जिन लोगों के पास ₹ लाख के

2:13:34डिबेंचर्स थे उनके 30% यानी कि 600

2:13:37डिबेंचर्स को मैंने कन्वर्ट कर दिया

2:13:40इक्विटी शेयर जिसकी फेस वैल्यू 10 है।

2:13:42प्रीमियम मैंने 20 लिया है व्हिच इज़ 3150

2:13:46शेयर। राइट? यस सर। अब मेरे प्यारे बच्चों

2:13:50मेरे पास डिबेंचर्स कितने बचे? 1400।

2:13:53इनका मैं पेमेंट करूंगा 5% प्रीमियम के

2:13:57साथ।

2:13:59इनका मैं पेमेंट करूंगा 5% प्रीमियम के

2:14:03साथ। ठीक है? तो यह हो जाएगा मेरा।

2:14:08अरे यार

2:14:101447000।

2:14:13और आपको इस क्वेश्चन में बस यही पूछा है।

2:14:16आपको इस क्वेश्चन में यही पूछा है कि जब

2:14:18आप शेयर्स को कन्वर्ट करोगे तो किस हिसाब

2:14:21से करोगे? कितने अमाउंट पर करोगे? और जब

2:14:23आप कन्वर्ट नहीं करोगे जिसका आप पेमेंट

2:14:26करोगे तो कैसे करोगे? तो यहां पर आपका यह

2:14:28स्वीटू सा चैप्टर खत्म होता है बेटा कंपनी

2:14:31अकाउंट्स। मैं आपको दोबारा से बता देता

2:14:34हूं इस चैप्टर में कौन-कौन से आपके

2:14:36इंपॉर्टेंट टॉपिक हैं। इस चैप्टर में

2:14:38कौन-कौन से आपके इंपॉर्टेंट पार्ट्स हैं।

2:14:40सबसे पहले ओवर सब्सक्रिप्शन ऑफ शेयर्स

2:14:42वाला टॉपिक आपके लिए बहुत ज्यादा

2:14:44इंपॉर्टेंट है। वो आपको करना ही करना है।

2:14:46उसके बाद डिबेंचर्स में जो हमने डीआरआर

2:14:49डॉट डीआरआर वाला देखा था। फॉरफिटेड ऑफ

2:14:52शेयर्स वाला कांसेप्ट आपके लिए काफी

2:14:54ज्यादा इंपॉर्टेंट है। बाकी सब छोटू-छोटू

2:14:57हैं। एक आपका प्रेफरेंस शेयर्स जो आपके

2:14:59लिए नया टॉपिक है बिल्कुल और वो आपको

2:15:01एग्जाम में देखने को मिल सकता है। तो अब

2:15:03आपसे मुलाकात होगी एनपीओ वाले चैप्टर में।

2:15:05तब मेरे को आप बिल्कुल बताते जाइएगा कैसे

2:15:07आपकी प्रिपरेशन चल रही है। सब बढ़िया चल

2:15:09रहा है। सब समझ में आ रहा है। तो यहां तक

2:15:11इतना ही बेटा। मिलते हैं आपसे नेक्स्ट

2:15:13क्लास में। तब तक के लिए अपना ध्यान

2:15:15रखिएगा। खाना पीना खाते रहिएगा। मां-बाप

2:15:17का ध्यान रखिएगा। टाटा बाय-बाय। सी यू

2:15:20गब्बर सर गब्बर आर्मी है रोला ऑन द टॉप

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