Full transcript
0:00एक जंगल था जहां इंसान तो क्या जानवर भी
0:02जाने से डरते थे। उस जंगल का नाम था घोपघ
0:04जंगल। कहानियों के हिसाब से रात होते ही
0:06उस जंगल में रोशनी जलती और उसके साथ एक
0:09आवाज आती
0:11घोघ
0:13उस आवाज को सुनकर गांव वालों की नींद टूट
0:15जाती। लोग घर के अंदर से कहते हे प्रभु इस
0:18घोप घोप शैतान से बचा ले। उस जंगल में एक
0:20आत्मा रहती थी। उसका नाम था घोपघ शैतान।
0:23क्योंकि जब भी कोई जंगल में जाता और उसे
0:25घोप घोप शैतान की आवाज सुनाई देती।
0:29घो
0:29तो वह इंसान वहीं खड़ा रह जाता ना हिल
0:32पाता और ना भाग पाता। फिर घोपघ शैतान उसके
0:34पास आकर कहता जल्दी से वीडियो को लाइक कर
0:36वरना घोपघ कर दूंगा। लेकिन अगर कोई लाइक
0:38नहीं करता तो घोपघ शैतान उसके साथ घोपघ कर
0:41देता और फिर जोर-जोर से हंसने लगा। सुबह
0:44हर रोज लोगों को लाशें मिलती जिनके साथ
0:46घोप घोप हुआ था। यह सब हर रोज का था।
0:48लेकिन फिर एक दिन गांव में घोप घोप
0:50एक्सपर्ट बाबा जॉनी आए। बाबा जॉनी घुप-घोप
0:52करने में एक्सपर्ट थे। वह एक साथ दो-तीन
0:55लोगों के साथ घोपघ कर लेते थे। उन्हें यह
0:57सब उनके गुरु ने सिखाया था। बाबा जॉनी को
0:59जब घोपघोप शैतान के बारे में पता चला तो
1:01उन्हें उसके बारे में और जानने का मन हुआ।
1:03उस रात जब उस सुनसान जंगल से वहीं आवाज आई
1:06तो बाबा जॉनी तुरंत जंगल के अंदर चले गए।
1:08वहां घना अंधेरा था। तभी जॉनी के कानों
1:10में एक आवाज आई।
1:13जॉनी का पूरा शरीर जम सा गया। ना वह हिल
1:15पा रहा था और ना कुछ कर पा रहा था। तभी
1:17घोंप घोप शैतान उसके सामने आया। जॉनी ने
1:19पूछा, "तुम मेरे साथ क्या करने वाले हो?
1:21घूप घोप शैतान बोला, "अब मैं तुम्हारे साथ
1:23घूप घोप करूंगा।" घोप घोप शैतान जैसे ही
1:25घोप घोप करने गया अचानक जॉनी ने उसके साथ
1:28ही घोप घो कर दिया फिर जॉनी बोला मुझे
1:30बताओ तुम कौन हो वरना मैं फिर से घूप घो
1:32करूंगा तभी घोप घोप शैतान रोते हुए बोला
1:34मेरा असली नाम किशन था मैं इस जंगल में हर
1:36रोज लकड़ियां काटने आया करता था जिससे मैं
1:38कुछ पैसे कमा लेता था मगर एक दिन मैंने
1:40कुछ लोगों को देखा वे लोग एक काले पेड़ को
1:42काट रहे थे मैं धीरे से उनके पास गया और
1:44उनसे पूछा क्या हुआ तुम लोग इस पेड़ को
1:45क्यों काटना चाहते हो मेरे हाथ में
1:47कुल्हाड़ी देखकर वे समझ गए कि मैं पेड़
1:49काटने का काम करता हूं उनके बॉस ने कहा
1:51अगर तुमने इस पेड़ को काट दिया तो मैं
1:53तुम्हें ₹1 लाख लाख दूंगा। मुझे पैसों का
1:55लालच आ गया और मैंने उस पेड़ को काट कर
1:57गिरा दिया। उन लोगों ने मुझे पैसे दिए और
1:58मैं वहां से चला गया। मगर वे लोग कोई
2:00इंसान नहीं थे बल्कि जंगल में कैद भूत थे।
2:02इस पेड़ की वजह से हम जंगल से नहीं निकल
2:04पा रहे थे। आखिरकार अब हम आजाद हैं। उनके
2:07आजाद होते ही जंगल का श्राप मुझ पर लग गया
2:09और मैं यहीं फंस गया। घूप घोप शैतान की
2:11बात सुनकर जॉनी रो पड़ा। तभी घूप घोप
2:13शैतान बोला क्या तुम मुझे इस श्राप से
2:15मुक्ति दिला सकते हो? जॉनी ने कहा, "क्यों
2:16नहीं? बताओ मुझे क्या करना है? घोप घोप
2:19शैतान उसे उसी पेड़ के पास ले गया और बोला
2:21अगर तुमने इस पेड़ को जला दिया तो मैं
2:23आजाद हो जाऊंगा। जॉनी ने बिना कोई सवाल
2:25किए पेड़ को आग लगा दी। मगर वह घोपघ शैतान
2:28के इरादे नहीं जानता था। पेड़ के जलते ही
2:30घोपघ शैतान हंसने लगा।
2:33[हंसी]
2:34जॉनी बोला क्या हुआ? तुम हंस क्यों रहे
2:36हो? घोपघ शैतान बोला क्योंकि अब मैं आजाद
2:39हूं और तुम इस श्राप में फंस चुके हो। और
2:41फिर जॉनी घोपघ शैतान बन गया। अब देखने
2:43वाली बात यह है कि आखिर यह श्राप किसका है
2:45और जॉनी इससे कैसे निकलेगा? हा [हंसी]