Full transcript
0:00साइंस कहती है कि इंसान पहले बंदर था शायद
0:03इसलिए जब आप जंगल में किसी बंदर को पकड़ने
0:06जाएंगे तब आपको किसी रस्सी की जरूरत नहीं
0:08है और ना ही किसी जाल की और ना ही किसी
0:11बंदूक की जरूरत है। चाहिए बस मुट्ठी भर
0:13चने। बंदर चने देखेगा और दौड़ कर आएगा।
0:19वो चने मुट्ठी में पूरी ताकत से जकड़ लेगा
0:22और बस यहीं से उसकी मुसीबत शुरू। बंदर
0:25मुट्ठी खोलेगा तो हाथ बाहर आ जाएगा। लेकिन
0:27चने चने छूट जाएंगे और अगर चनों को पकड़
0:31कर रखता है तो हाथ फंसा रहता है। इसी
0:33उधेड़बन और लालच में बंदर चीखता है,
0:36चिल्लाता है, खींचता है लेकिन चने, चने
0:38नहीं छोड़ता और उसकी इस हालत को देखकर
0:41शिकारी मुस्कुराता है। [हंसी]
0:45बंदर भाग सकता है, अपनी जान बचा सकता है।
0:48मगर वो भागेगा नहीं क्योंकि उसे मुट्ठी
0:51खोलना मंजूर नहीं। और इसी लालच की वजह से
0:54बंदर शिकारी का कैदी बन जाता है।
0:57और शिकारी बंदर को पकड़ कर अपने घर ले
1:01जाएगा। [चीखने की आवाज़]
1:02हम इंसान भी कुछ ऐसे ही है ना जाने कब से
1:07अपनी मुट्ठी में बहुत कुछ जकड़ रखा है।
1:09किसी का सालों पुराना ताना आज भी दिल में
1:12नासूर बनकर बैठा है।
1:13अरे अपने भाई को देख तुझसे ज्यादा समझदार
1:16है।
1:17अपनों [नाक से की जाने वाली आवाज़] से
1:17मिलने वाला वो धोखा आज भी जिस्म में आग
1:20लगा रहा है। किसी की गलती को हमने अपना
1:23ईगो और अना का मसला बना लिया है। यह सारी
1:26बातें, यह सारी रंजिशें असल में हमारी
1:28जिंदगी के वह चने हैं जिन्हें हमने अपनी
1:30मुट्ठी में पूरी ताकत से पकड़ रखा है। हम
1:33अंदर ही अंदर घुट रहे हैं, रो रहे हैं,
1:35रिश्ते टूट रहे हैं, दिल बेचैन है।
1:38[संगीत] लेकिन हम, हम हम हैं कि एक दूसरे
1:40को माफ करने को तैयार नहीं। अपनी मुट्ठी
1:43खोलने को तैयार नहीं। बिल्कुल इस बंदर की
1:45तरह क्योंकि हम अपने गुस्से और ईगो के
1:48कैदी बन गए हैं। और इस कैद में हम भूल गए
1:50हैं कि नबी-ए पाक मोहम्मद सल्लल्लाहहु
1:53अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि किसी मोमिन के
1:56लिए जायज नहीं कि वो अपने भाई से तीन दिन
1:59से ज्यादा रूठा रहे। तो आज क्यों ना इस
2:01मुट्ठी को खोल दिया जाए। अपने रब के आगे
2:04सर को झुकाया जाए और अपने अल्लाह से कहा
2:07जाए कि अल्लाह आज मैंने तेरी खातिर सिर्फ
2:10और सिर्फ तेरी खातिर अपने दिल को साफ
2:13किया। उन सबको माफ किया जिन्होंने मेरा
2:16दिल दुखाया है। किसी को माफ कर देने का
2:18मतलब यह नहीं कि आप उसे अपनी जिंदगी में
2:21दोबारा एंटर करने का मौका दें ताकि वो
2:23आपको वापस से चोट पहुंचा सके। माफी का
2:25मतलब है कि उस इंसान की दी गई तकलीफ को
2:28उसके तानों को आप अपने दिल से निकाल दें।
2:30तो माफ जरूर कीजिए लेकिन बड़ी एहतियात से
2:33संभल कर चलिए। अगर आप भी इस तरह की
2:35वीडियोस को बनाना चाहते हैं, AI मास्टर
2:37क्लास को ज्वाइन कीजिए जिससे 5000 से
2:39ज्यादा लोगों ने फायदा उठाया है।
2:41www.rerली.com
2:44पर जाकर आप हमारी एआई मास्टर क्लास 1.0 और
2:47AI 2.0 दोनों को रजिस्टर कर सकते हैं। इस
2:51दौर का सबसे बड़ा रेवोल्यूशन है ai। लर्न
2:54कीजिए ताकि आप भी अर्न कर सकें।