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Bandar aur Insaan #ai #insaan

Really Maktoob · 526 words · 3 min read

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0:00साइंस कहती है कि इंसान पहले बंदर था शायद

0:03इसलिए जब आप जंगल में किसी बंदर को पकड़ने

0:06जाएंगे तब आपको किसी रस्सी की जरूरत नहीं

0:08है और ना ही किसी जाल की और ना ही किसी

0:11बंदूक की जरूरत है। चाहिए बस मुट्ठी भर

0:13चने। बंदर चने देखेगा और दौड़ कर आएगा।

0:19वो चने मुट्ठी में पूरी ताकत से जकड़ लेगा

0:22और बस यहीं से उसकी मुसीबत शुरू। बंदर

0:25मुट्ठी खोलेगा तो हाथ बाहर आ जाएगा। लेकिन

0:27चने चने छूट जाएंगे और अगर चनों को पकड़

0:31कर रखता है तो हाथ फंसा रहता है। इसी

0:33उधेड़बन और लालच में बंदर चीखता है,

0:36चिल्लाता है, खींचता है लेकिन चने, चने

0:38नहीं छोड़ता और उसकी इस हालत को देखकर

0:41शिकारी मुस्कुराता है। [हंसी]

0:45बंदर भाग सकता है, अपनी जान बचा सकता है।

0:48मगर वो भागेगा नहीं क्योंकि उसे मुट्ठी

0:51खोलना मंजूर नहीं। और इसी लालच की वजह से

0:54बंदर शिकारी का कैदी बन जाता है।

0:57और शिकारी बंदर को पकड़ कर अपने घर ले

1:01जाएगा। [चीखने की आवाज़]

1:02हम इंसान भी कुछ ऐसे ही है ना जाने कब से

1:07अपनी मुट्ठी में बहुत कुछ जकड़ रखा है।

1:09किसी का सालों पुराना ताना आज भी दिल में

1:12नासूर बनकर बैठा है।

1:13अरे अपने भाई को देख तुझसे ज्यादा समझदार

1:16है।

1:17अपनों [नाक से की जाने वाली आवाज़] से

1:17मिलने वाला वो धोखा आज भी जिस्म में आग

1:20लगा रहा है। किसी की गलती को हमने अपना

1:23ईगो और अना का मसला बना लिया है। यह सारी

1:26बातें, यह सारी रंजिशें असल में हमारी

1:28जिंदगी के वह चने हैं जिन्हें हमने अपनी

1:30मुट्ठी में पूरी ताकत से पकड़ रखा है। हम

1:33अंदर ही अंदर घुट रहे हैं, रो रहे हैं,

1:35रिश्ते टूट रहे हैं, दिल बेचैन है।

1:38[संगीत] लेकिन हम, हम हम हैं कि एक दूसरे

1:40को माफ करने को तैयार नहीं। अपनी मुट्ठी

1:43खोलने को तैयार नहीं। बिल्कुल इस बंदर की

1:45तरह क्योंकि हम अपने गुस्से और ईगो के

1:48कैदी बन गए हैं। और इस कैद में हम भूल गए

1:50हैं कि नबी-ए पाक मोहम्मद सल्लल्लाहहु

1:53अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि किसी मोमिन के

1:56लिए जायज नहीं कि वो अपने भाई से तीन दिन

1:59से ज्यादा रूठा रहे। तो आज क्यों ना इस

2:01मुट्ठी को खोल दिया जाए। अपने रब के आगे

2:04सर को झुकाया जाए और अपने अल्लाह से कहा

2:07जाए कि अल्लाह आज मैंने तेरी खातिर सिर्फ

2:10और सिर्फ तेरी खातिर अपने दिल को साफ

2:13किया। उन सबको माफ किया जिन्होंने मेरा

2:16दिल दुखाया है। किसी को माफ कर देने का

2:18मतलब यह नहीं कि आप उसे अपनी जिंदगी में

2:21दोबारा एंटर करने का मौका दें ताकि वो

2:23आपको वापस से चोट पहुंचा सके। माफी का

2:25मतलब है कि उस इंसान की दी गई तकलीफ को

2:28उसके तानों को आप अपने दिल से निकाल दें।

2:30तो माफ जरूर कीजिए लेकिन बड़ी एहतियात से

2:33संभल कर चलिए। अगर आप भी इस तरह की

2:35वीडियोस को बनाना चाहते हैं, AI मास्टर

2:37क्लास को ज्वाइन कीजिए जिससे 5000 से

2:39ज्यादा लोगों ने फायदा उठाया है।

2:41www.rerली.com

2:44पर जाकर आप हमारी एआई मास्टर क्लास 1.0 और

2:47AI 2.0 दोनों को रजिस्टर कर सकते हैं। इस

2:51दौर का सबसे बड़ा रेवोल्यूशन है ai। लर्न

2:54कीजिए ताकि आप भी अर्न कर सकें।

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