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0:00गया में श्राद्ध करने के बाद क्या पितरों
0:03का तर्पण नहीं करना चाहिए या गया में
0:06तर्पण करना श्राद्ध कर्म की समाप्ति है
0:10क्या कहते हैं शास्त्र पुराण और धर्म के
0:13बड़े-बड़े जानकार आइए जानते हैं आज के
0:16स्पेशल वीडियो में शास्त्रों में कहा गया
0:19है श्रद्धा इदम श्रद्धम यानी श्राद्ध कर्म
0:24में मूल में जो भाव है वह श्रद्धा का भाव
0:27है इसलिए अपने पित्रों के प्रति श्रद्धा
0:30का भाव रखना और इस निमित दान आदि पुण्य
0:34कर्म करना ही श्राद्ध कहलाता है पितृ पक्ष
0:37के दौरान सनातन हिंदू अपने पूर्वजों के
0:40निमित्त प्रयाग पुष्कर कुष व्रत गया और
0:44ब्रह्म का पाली जैसे पावन धामों में
0:47पित्रों का श्राद्ध पिंड दान और तर्पण आदि
0:51कार्य करते हैं कहते हैं इन तीर्थ स्थलों
0:54पर पितरों का तर्पण करना उनके लिए मोक्ष
0:57कारी सिद्ध होता है शास्त्रों और पुराणों
1:00में कहा गया है कि गया और बद्रीनाथ में
1:03किए गए पिंड दान का बड़ा विशेष महत्व है
1:07गया में भगवान विष्णु के चरण है और ऐसा
1:10कहा जाता है कि यहां पिंड दान करने से सात
1:13गोत्र और 121 कुल का उद्धार हो जाता है
1:17इसलिए कई विद्वान ऐसा भी मानते हैं कि गया
1:20में पिंड दान करने के बाद किसी अन्य स्थल
1:23पर पिंड दान करने की कोई आवश्यकता नहीं है
1:27जबकि कई मानते हैं कि गया के बाद पित के
1:30निमित्त बद्रिका क्षेत्र के ब्रह्म कपाली
1:33में पिंड दान करना अनिवार्य होता है
1:36ब्रह्म कपाली बद्रिका क्षेत्र का वो स्थान
1:39है जहां ब्रह्मा जी का शीष गिरा था माना
1:42जाता है कि गया में श्राद्ध कर्म के बाद
1:45ब्रह्म कपाली में श्राद्ध कर्म अंतिम होता
1:48है और इसके बाद ही पित्रों का तर्पण
1:51संपूर्ण माना जाता है जबकि शास्त्रों के
1:54अनुसार गया और ब्रह्म कपाली में पिंड दान
1:57करने के बाद भी श्राद्ध कर्म नहीं छोड़ना
2:00चाहिए इसे लेकर शास्त्र पुराणों के ज्ञाता
2:04हों का कहना है कि जिस तरह जितना धन का
2:08संचयन किया जाए वह परिवार कुल के आगामी
2:11पीढ़ी के काम आता है ठीक उसी प्रकार जितना
2:14अधिक से अधिक हो पुण्य एकत्रित करना चाहिए
2:18पितृ पक्ष में पित्रों के निमित्त श्राद्ध
2:20कर्म करना अपने और अपनी पीढ़ी के लिए
2:23पुण्यं को इकट्ठा करना है इसलिए गया या
2:27ब्रह्म कपाली में पित्रों के निमित्त श्रा
2:30कर्म करने के बाद भी तर्पण पिंड दान का
2:33कार्य नहीं छोड़ना चाहिए जब भी पितृ पक्ष
2:36आए शास्त्र सम्मत विधान यही है कि आप अपने
2:40पित्रों के निमित्त श्राद्ध कर्म करें
2:42अन्न जल वस्त्र आदि का दान करें ऐसा करने
2:46से पित्रों की तृप्ति होती है और उनकी
2:48मुक्ति का मार्ग सहज बनता है गया में
2:52श्राद्ध करने के बाद पित्रों का तर्पण
2:55नहीं करना चाहिए ऐसी बातें करने वाले आम
2:58जनों के बीच केवल मक बातें फैला रहे हैं
3:01आप ऐसी बातों में आकर पित्रों के निमित्त
3:03दान और पित्रों का ध्यान करना ना छोड़ें
3:06पित्रों के ऋण से मुक्ति तभी संभव है जब
3:09हम उन्हें सदैव स्मरण करें उनका नियत तिथि
3:12पर पितृ पक्ष पर श्राद्ध कर्म करें गौ
3:15माता के लिए ग्रास रोटी और कौओं और स्वान
3:18के लिए भोजन का प्रबंध करें भगवान सूर्य
3:21और पीपल के वृक्ष में दोपहर के समय जल तिल
3:25आदि अर्पित करें तभी सभी परिवार का कल्याण
3:28है आप इस विषय पर अपनी राय रख सकते हैं
3:31आपको आज का वीडियो कैसा लगा कमेंट करके
3:34अवश्य बताएं वीडियो पसंद आया हो तो इसे
3:36जितना हो सके सनातन धर्म के लोगों तक
3:39अवश्य पहुंचाए चैनल पर नए हैं तो चैनल को
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