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EP-3180 | लाव टाड़, गया (बिहार): बेटे की मौत के बाद बेसहारा परिवार तक पहुंची अन्नपूर्णा मुहिम

AnnaPurna Muhim · 8,724 words · 40 min read

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0:00बिहार के गया जिले के टिकारी प्रखंड के

0:02लाव पंचायत के लावटाड गांव की यह कहानी

0:05सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि उस संघर्ष

0:07की है जहां एक पल ने पूरे घर की जिंदगी

0:10बदल दी। यह परिवार है राजकुमार दास का।

0:13[संगीत] कुछ समय पहले इस परिवार पर ऐसा

0:16दुखों का पहाड़ टूटा। जिसके बाद घर का

0:19सहारा छीन गया और तभी से इस पूरे परिवार

0:22की जिंदगी संघर्ष के भरोसे चल रही है। घर

0:25में बुजुर्ग माता-पिता, एक अविवाहित बेटी

0:28और चार छोटे-छोटे पोते-पोतियां

0:31लेकिन कमाने वाला कोई नहीं। हालात ऐसे कि

0:35कभी दूसरों से मदद मांगकर गुजारा करना

0:37पड़ता है तो कभी टपकती छत के नीचे पूरी

0:40रात गुजारनी पड़ती है। लेकिन जब जिंदगी हर

0:43तरफ से बेबस दिखाई देने लगे तब कहीं ना

0:46कहीं से उम्मीद की एक किरण जरूर आती है।

0:50इस परिवार के लिए वही उम्मीद बनकर पहुंची।

0:53संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम

0:56आज इस मुहिम के तहत इस परिवार को मिला।

0:59राशन, कपड़े, बर्तन, बच्चों की पढ़ाई का

1:02सामान और जरूरत की अन्य आवश्यक सामग्री।

1:05आज इस घर में सिर्फ राहत सामग्री नहीं

1:08पहुंची है बल्कि पहुंची है एक नई उम्मीद,

1:11एक नया विश्वास और बेहतर भविष्य की एक नई

1:15शुरुआत। तो आइए देखते हैं कैसे अन्नपूर्णा

1:19मुहिम ने राजकुमार दास के परिवार के जीवन

1:22में खुशियों की नई किरण जगाई। इन्हीं की

1:25जुबानी।

1:27आप सभी को सूचित किया जाता है कि हमारा

1:29वीडियो बनाने का उद्देश्य केवल मानव समाज

1:32को जागरूक करना है और अपने शुभ कार्यों को

1:35समाज तक पहुंचाना है ताकि हमारे कार्यों

1:38को देखकर लोगों की आपस में मदद करने की

1:41भावना बने। हमारा उद्देश्य है कि हमारी

1:44[संगीत] वीडियो पूरे समाज में जाए और सबको

1:46इन शुभ कार्यों का पता लगे ताकि गरीब

1:49जरूरतमंद लोग हम तक पहुंच पाए और हम उनकी

1:52मदद कर पाएं। हमारा उद्देश्य दान या चंदा

1:56लेना बिल्कुल नहीं है। हम कोई दान या चंदा

1:59किसी भी माध्यम से नहीं लेते हैं। यदि कोई

2:02हमारे नाम से दान चंदे की राशि लेता है तो

2:05वह आपको लूट रहा है। कृपया किसी के बहकावे

2:08में आकर कोई भी दान राशि ना दें।

2:10नमस्कार आप देख रहे हैं एसए न्यूज़ बिहार

2:12और मैं हूं आपके साथ दीपक कुमार। आज एससी

2:15न्यूज़ की टीम बिहार के गया जिले के

2:17टिकारी प्रखंड में है और यह टिकारी प्रखंड

2:19का लाव पंचायत है। जहां लाव पंचायत के

2:22अंतर्गत एक ला टाड़ गांव है। इसी गांव के

2:25रहने वाले राजकुमार दास जी के घर तक आज

2:27संत रामपाली महाराज जी के शिष्य इस गांव

2:30में देवदूत बनकर आए हैं। उस परिवार का जो

2:32जीवन में जो दुख है उनके जीवन को दुखों को

2:35दूर करने के लिए सारे शिष्य आज पहुंचे हैं

2:37इस गांव में। आप देख पा रहे होंगे हमारे

2:38बाई और ये जो कतारबद्ध जो खड़े हैं वो

2:41सारे संत रामपाली महाराज एक शिष्य हैं

2:43राजकुमार दास जी के घर तक पहुंचेंगे और

2:45उनके कंधों पे देख पा रहे होंगे जो जो

2:47राहत सामग्री है बहुत तरह का जो सामग्री

2:50है राशन किट है त्रिपाल है कई तरह के

2:54सामग्री के साथ आज इस परिवार तक पहुंचे

2:56हैं। हम भी चलेंगे उस परिवार तक और उनकी

2:58कहानी को जानने का प्रयास करेंगे। क्या

3:00उनकी कहानी थी और कैसे अन्नपूर्णा मुहिम

3:03उस परिवार के घर तक पहुंचा है। है काम

3:06आदमी

3:07का है काम आदमी का औरों के काम आना

3:16जीना तो है उसी का जिसने ये राज जाना

3:23जीना तो है

3:25दर्शकों अभी उस परिवार के घर के बाहर

3:27मौजूद हैं जिस परिवार तक संत रामपाली

3:30महाराज जी ने अपने शिष्यों को भेजा है और

3:32इस घर के रहने वाले जो सदस्य हैं राजकुमार

3:35दास उस परिवार का आज जीवन बदलने के लिए

3:37संत रामपाली महाराज एक से आए हैं

3:39अन्नपूर्णा मुहिम के तहत इस परिवार को मदद

3:41करने के लिए यह देख पा रहे होंगे यह फूस

3:44और मिट्टी का बना हुआ घर है और इसी घर में

3:47वह पूरा परिवार रहते हैं। सामने में देख

3:50पा रहे होंगे एक तरफ एक पपीते का पेड़ है

3:52और इधर एक नारियल का पेड़ लगा हुआ है। हम

3:54आपको घर के अंदर के हिस्सों का भी दृश्य

3:57दिखाने का प्रयास करेंगे। किन

3:58परिस्थितियों में परिवार इस घर में रहते

4:00हैं और क्या उनकी कहानी है? सारे कहानी से

4:02आपको रूबरू कराएंगे। हमारे साथ वीडियो में

4:04बने रह। दर्शकों घर के बाहर देख पा रहे

4:06होंगे यहां पे बिजली का कनेक्शन लगा हुआ

4:08है। मीटर लगा हुआ है। और जब हम घर के अंदर

4:11प्रवेश करते हैं तो यहां देख पा रहे होंगे

4:14यह लकड़ी का पुराना दरवाजा है। और जैसा कि

4:17देख पा रहे होंगे वो आगे बाहर का जो

4:20हिस्सा है ऊंचाई में है और यह घर का जो

4:22अंदर कमरा जो है नीचे गड्ढे में है। यानी

4:25करीब कह सकते हैं 1 1/2 फीट गड्ढे में है।

4:27हो सकता है बारिश का पानी जो है अंदर घर

4:29में भी प्रवेश करता होगा। यह दरवाजा काफी

4:32पुरानी है और काफी जजर अवस्था में है।

4:34दर्शकों, हम आपको दिखाना चाहेंगे यह वही

4:36दरवाजा है। यह घर का मुख्य दरवाजा है और

4:39यह काफी पुराना है। लकड़ी का बना हुआ

4:41दरवाजा है। काफी जजर अवस्था में कह सकते

4:44हैं। यह पुराने तरीके से ये जो देख पा रहे

4:47होंगे कि लकड़ी का ये दरवाजा को बंद करने

4:50के लिए है। यह देख पा रहे होंगे टूटा हुआ

4:52है। जब हम घर में प्रवेश करते हैं तो इस

4:54एक जो बाहर का जो कमरा है इधर देख पा रहे

4:57होंगे। यह गेहूं का भूसा है। यहां पर रखा

5:00हुआ है। और इसमें जो यह कपड़े का बोरी

5:03जैसा बनाया हुआ है। इसमें भी भूसा वगैरह

5:05रखा हुआ है। हमारे दाहिनी ओर का जो कमरा

5:08है यहां पे मवेशी बांधा जाता है। घर में

5:10जो भी मवेशी हैं यह गौशाला भी कर सकते

5:13हैं। यहां पे मवेशी बांधा जाता है। और

5:15सामने जो देख पा रहे होंगे इस कमरे के ऊपर

5:17जो है यहां पे गोबर का उपला रखा हुआ है।

5:20[गला साफ़ करने की आवाज़] तो यह यह दो

5:22कमरे हैं। हम अब आगे बढ़ते हैं आंगन की

5:24ओर।

5:26जैसा कि देख पा रहे होंगे जब आंगन में

5:29प्रवेश करते हैं तो ठीक बाहर का जो मुख्य

5:32दरवाजा और यहां पे कोई दरवाजा नहीं है। एक

5:34पर्दा लगा हुआ है। यहां पे दरवाजा नहीं

5:36है। जब आगे बढ़ते हैं तो यहां पे देख पा

5:39रहे होंगे। यह वही आंगन है। आंगन खुला हुआ

5:42है। और पूरा घर जो है फूस का बना हुआ है।

5:46फूस और मिट्टी का बना हुआ घर है। इधर देख

5:49पा रहे होंगे आंगन में एक चापाकल लगा हुआ

5:52है। चापाकल जो है यह चालू नहीं है। जैसा

5:54कि

5:56खाता मोह

5:57पानी नहीं आता इसमें

5:58ना पानी

5:59कितने दिन से खराब है? यह पंच सात साल से

6:02समाज के घर बना

6:05के बन पा

6:06तो यह चापाकल खराब है या नीचे का पानी

6:09वगैरह

6:10खराब है

6:10पूरा पाइप नीचे खराब

6:11पाइप खराब है ना पानी उठा अभी पूछो ना

6:14तो देख पा रहे होंगे चापाकल तो लगा है पर

6:16नीचे का जो पाइप का हिस्सा है वो धस गया

6:19है और शायद इसमें पानी नहीं आता है यहां

6:22पे नल जल का जो ये नल में आता है पानी

6:25पानी ना आ

6:26ये नल में पानी नहीं आता है

6:27हां ना भाई वो बाहर राज

6:31पानी कहां से लाते हैं फिर माता जी आप

6:33पानी का से कोई केली के

6:35दूसरे के चापा कल से

6:36कोई केली के कल पर से तो नलका तब तानी पी

6:40लियो पानी आओ का [गला साफ़ करने की आवाज़]

6:42जैसा कि दर्शकों देख पा रहे होंगे घर के

6:44जो सदस्य हैं ये राजकुमार दास हैं और ये

6:48उनकी पत्नी है और इन्हीं का ये घर है और

6:51इनहीं परिवार तक आज संत रामपाली महाराज जी

6:53अपनी अन्नपूर्णा मुहिम के तहत अपने

6:54शिष्यों को भेजे हैं। जैसा कि आपने देखा

6:56घर में जो चापाकल है वो भी खराब है और नल

6:59जल में भी पानी नहीं आता है। परिवार का जो

7:02सदस्य हैं ये माता जी कह रहे हैं कि दूसरे

7:04के चापाकल से पानी लाते हैं तब जाकर के

7:06हमारे घर में पानी पी पाते हैं। चलिए हम

7:08दूसरे कमरे का स्थिति दिखाना चाहेंगे।

7:11एकमात्र यह कमरा है जहां पे कुछ सामग्री

7:14वगैरह रखा हुआ है। हम अंदर जरा दिखाना

7:16चाहेंगे। दर्शकों यह दूसरा कमरा है इस घर

7:19का और जैसा कि देख पा रहे होंगे इस घर में

7:21जो लगा हुआ जो दरवाजा है यह भी लकड़ी का

7:23बना हुआ है। इस दरवाजे का हालात भी काफी

7:26जजर है। जैसा कि माता जी ने बताया कि

7:29बारिश के दिनों में बारिश का पानी भी इस

7:31घर के अंदर जो है प्रवेश कर जाता है। जैसा

7:33कि देख पा रहे होंगे थोड़ा अंदर आ जाए। यह

7:36कमरे का जो है जो स्पेस है जो फस सतह जो

7:40है वो गहराई में है। तो जाहिर सी बात है

7:42पानी जो है अंदर आसानी से आ जाता होगा। हम

7:46चलिए आपको अब अंदर का भी दृश्य दिखाएंगे।

7:48जब हम कमरे में प्रवेश करते हैं तो इधर

7:50देख पा रहे होंगे हमारे बाई ओर एक बड़ा सा

7:52स्टील का जो ड्रम है अनाज वगैरह रखने के

7:55लिए और यहां पे देख रहे हैं कुछ डब्बे में

7:58कुछ सामग्री वगैरह रखा हुआ है। यह तेल

8:00वगैरह है और यहां इधर देख पा रहे होंगे

8:04जमीन पे यह जो फर्श है यहां पे देख पा रहे

8:06होंगे आलू है और यह प्याज आपको दिख रहा

8:09होगा। यह प्याज और आलू रखा हुआ है। कुछ

8:11कपड़े वगैरह यहां पे जो है ना यहां पे

8:14कपड़े का खींच करके यहां पे रखा गया है।

8:17कपड़े वगैरह रखे हुए हैं। इधर भी कोना में

8:20कुछ सामान जो है कपड़ा वगैरह रखा हुआ है

8:23बिछाने के लिए। और कुल मिला के यही कुछ

8:27सामग्री है। इधर एक छोटा सा बक्सा है।

8:30आपको फर्श ऊपर का जो छत है जो फूस का बना

8:34हुआ है। आपको दिखाना चाहे कितनी कितने जजर

8:37अवस्था में है। बिल्कुल सभी जगह जो देख पा

8:39रहे होंगे यहां पे

8:42काफी जजर अवस्था में यह छत है। फूस का जो

8:46बना हुआ है। सामने यहां पे देख

8:48[गला साफ़ करने की आवाज़] पा रहे होंगे।

8:49यह पूरी तरह से सड़ चुका है। फूस का जो

8:51बना हुआ बांस का जो है बल्ली वह छोड़ चुका

8:54है और कभी भी यह बड़ी घटना का कारण बन

8:57सकता है। कभी भी गिरने का चांसेस है। आप

8:59देख पा रहे होंगे ऊपर में प्लास्टिक का जो

9:02है त्रपाल ढका गया है ताकि बारिश का पानी

9:04जो है इस कमरे में नहीं आ सके। इसके लिए

9:07जो है त्रिपाल से ढका गया है। समझ सकते

9:09हैं कि किन परिस्थितियों में यह पूरा

9:11परिवार इस घर में रहने पे मजबूर है। यह इस

9:15कमरे का हालात है। एक कमरा और है। हम उस

9:17कमरे का भी हालात आपको दिखाएंगे। का

9:19चूल्हा बनाया गया है और इसी चूल्हे पे ये

9:22परिवार जो है खाना बनाते हैं और बारिश का

9:25जैसा कि अभी बारिश का मौसम भी है। बारिश

9:28के मौसम को देख पा रहे होंगे। पूरा फर्श

9:30यहां पे गीला है। बारिश का पानी भी खाना

9:32बनाने के टाइम में डिस्टर्ब करता होगा। ये

9:34जो छप्पर दिया हुआ है यह भी फूस का बना

9:36हुआ है। मे बी यहां पे भी देख पा रहे

9:39होंगे। ये दिखाइए इधर से दिखाइए।

9:42यहां पे देख पा रहे होंगे ये बारिश का

9:44पानी सीधे यहां नीचे गिरता होगा। ऐसे में

9:47ये जो परिवार हैं कैसे बड़ी बहुत ही

9:49मुश्किल से खाना यहां पे बनाते होंगे। एक

9:52कमरा इधर और बना हुआ है। दर्शकों एकमात्र

9:55एक कमरा बना हुआ है। जैसा कि आपको हम

9:57दिखाएं ईंट और मिट्टी के गारे से बना हुआ

10:00एक छोटा सा कमरा है। और इस कमरे के जो

10:03अंदर का जो हालात है वो आप देखेंगे तो आप

10:06भी कहेंगे कि भाई किस परिस्थिति में पूरा

10:08परिवार रहते होंगे। यह बालू और मिट्टी का

10:12मिक्स करके यह जो दीवार बनाया गया है देख

10:14पा रहे होंगे यह दीवार पूरी तरह से जजर

10:17है। यह काफी दयनीय स्थिति कह सकते हैं।

10:21कभी भी यह भी कमरा जो है गिरने के चांस

10:23है। जमीन नीचे जो है सीमेंट का बना हुआ

10:26है। इधर एक अलमारी बनाया गया है। जहां पे

10:29कुछ सामग्री वगैरह रखा हुआ है। ऊपर का जो

10:32स्थिति है वह कर्कट से बना हुआ है। एक

10:35छोटा सा कमरा है। इसी कमरे में एक बिस्तर

10:37लगा हुआ है। एक चौकी है। पलंग कर सकते

10:40हैं। इसी पलंग पे बच्चे और पूरा परिवार

10:43यहां सोते हैं। कुछ परिवार के सदस्य इस

10:46गलियारे में आपको दिखाना चाहेंगे। यहां पे

10:48जो देख रहे हैं इसी हिस्से में यहां पे एक

10:51छोटा सा खटिया बिछा करके रहते हैं। ऊपर

10:55कर्कट लगा हुआ है यहां भी और इसी के ठीक

10:59नीचे खटिया बिछा करके परिवार यहां पे सोते

11:02हैं। घर में देख पा रहे होंगे। आपने सभी

11:04कमरों का हालात आपने देखा। यही इस कमरा

11:07में जो है कुछ बर्तन वगैरह मिला है मुझे

11:09छोटा सा। यह थोड़े से बर्तन है। एक इसको

11:13एलुमिनियम का बर्तन है। इधर स्टील का है।

11:15कटौती है। एक कटोरी है। मतलब कह सकते हैं

11:19थोड़ा कुछ कुछ बर्तन यहां पे है। इधर खाना

11:22बना जो है यहां पे आज जो खाना बनाया है

11:25परिवार वो यहां बना के रखा गया है।

11:27[नाक से की जाने वाली आवाज़] घर का आपने

11:28हालात देखा। यह दीवार का हालात आपको एक

11:30बार फिर से दिखाना चाहेंगे। यह देख पा रहे

11:32होंगे। ये पूरा पपड़ी जो है नीचे उखड़ रहा

11:34है और गिर रहा है। ये दीवार जो है काफी

11:37जजर अवस्था में है। तो आपने देखा कि किन

11:41हालातों में ये पूरा परिवार इस घर में

11:43रहते हैं। सामने एक छोटा सा और झोपड़ी है

11:47और इस झोपड़ी में जो है यहां पे देख पा

11:49रहे होंगे। कुछ मवेशी हैं बकरी वगैरह बांध

11:52के यहां पर रखते हैं यहां पे ये सब सारे

11:54जो मवेशी आपका है यह बकरी वगैरह

11:58सर

11:59बट है सर दो बकरी है सर

12:03दर्शकों अभी घर के पिछले हिस्से में है

12:05जैसा कि देख पा रहे होंगे यहां पे करीब 15

12:08से 20 फीट का जो हिस्सा है पीछे का वो

12:10खाली है और इधर देख पा रहे होंगे यहां पे

12:13चारा काटने के लिए भी मशीन है जो इनके घर

12:16में जो मवेशी है उनके खिलाने के लिए चारा

12:17काटने के लिए यहां पे मशीन लगा हुआ है।

12:20यहां पे देख पा रहे होंगे एक छोटा सा

12:21अमरूद का पेड़ भी है और इस कोने में एक

12:24शौचालय बना हुआ है।

12:27सरकारी शौचालय यह सरकारी शौचालय है जो इस

12:30परिवार के लिए मुहैया कराई गई है सरकार के

12:32तरफ से। दर्शकों देख पा रहे होंगे यह पाइप

12:35आप देख पा रहे होंगे ब्लू कलर का पाइप है

12:37उसमें एक पाइप जोड़ा गया है और उसी पाइप

12:39के सहारे इस बाल्टी में पानी भरा जाता है

12:42और इस पानी का जो इस्तेमाल इस परिवार का

12:45सदस्य करते हैं और इसके अलावा कोई साधन

12:48नहीं है। चापाकल खराब है। नलजल में जो

12:50पानी का साधन जो पाइप कटा हुआ है और उसी

12:52पाइप को जोड़ के पानी इस्तेमाल करते हैं।

12:55कुल मिला के यही हालात है और इसी हालात

12:57में इनका जो दर्द है इनका जो तकलीफ है संत

13:00रामपाली महाराज जी के पास पहुंचता है और

13:03आज संत रामपाली महाराज जी इस परिवार को

13:05जीवन में जो दुख है जो तकलीफ है उसे दूर

13:08करने के लिए अपने शिष्यों को भेजे हैं

13:10अपने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत वो

13:12अन्नपूर्णा मुहिम जो अब तक ना जाने इस तरह

13:14के लाखों परिवारों को जीवन बदलने का काम

13:17किया है। आज अन्नपूर्णा मुहिम इस परिवार

13:20को कैसे जीवन बदलते हैं यह भी आपको हम

13:22दिखाएंगे और क्या-क्या मदद भेजे हैं वो

13:24सारी चीजों से आपको रूबरू कराएंगे। लेकिन

13:26इससे पहले हम इस परिवार इस घर के जो सदस्य

13:29हैं सारे परिवारों से हम बात करेंगे और

13:31उनकी कहानी जानने का प्रयास करेंगे। सर

13:33नमस्कार।

13:34नमस्कार सर।

13:35सर क्या नाम हुआ आपका?

13:36हमारा राजकुमार दास।

13:37राजकुमार दास।

13:39ये बच्चे कौन है आपके? यह हमारा पोता है।

13:44यह हमारा पोती है। एक और पोता है। एक पोती

13:47है। चार चार ठो है।

13:49चार दो पोता और दो पोती है।

13:51जी दो पोता दो पोती है।

13:52वो कौन है जो बैठे हैं?

13:53वो हमारा लड़की है।

13:54आपकी बेटी है।

13:55जी।

13:56और पीछे आपकी पत्नी है।

13:57पत्नी है।

13:59यानी चार तीन सात सदस्यों का परिवार है।

14:03जी।

14:03सर हम अभी घर का स्थिति देख पा रहे थे। ये

14:06सारा कमरा तो हमने देखा। एकमात्र एक कमरा

14:09है जिसमें चौकी पलंग लगा हुआ है। कैसे

14:12कहां सोते हैं आप लोग? किस तरह से रहते

14:14हैं?

14:15उसका दुआ पर हम सो जाते हैं। इन लोग

14:17किसीका से ऊपर नीचे करके सोता है। का कर

14:21जाए

14:22ये हालात कैसे आपके कैसे हुआ? क्या कारण

14:26रहा? क्या घटना हुआ?

14:27ये घटना ससुराल जा गया और गला के बाद में

14:31उसको साड़ू और

14:33कौन कौन ससुराल गया था?

14:35हमारा लड़का गया था।

14:36क्या नाम है उनका? धर्मेंद्र

14:38धर्मेंद्र

14:39गया ससुराल में धर्मेंद्र गया तो उसको

14:42साडू

14:44और झगड़ा करके

14:45ससुर और साला

14:47उन लोग सब परिवार मिलकर के और वहां मार दी

14:51है

14:52वो ससुराल गया था और ससुराल में जाकर के

14:54उनका जो है मौत हो जाता है किसी ने हत्या

14:56कर देता है

14:57हां मार दिया

14:58एक साल पहले की घटना

14:59एक साल पहले की घटना है उतने में

15:01तो आपकी बहू अभी कहां है

15:03वो सब उधर जेल में था छ महीना उन लोग सब

15:06कोई से जेल से छूटा हो तो वह अपना कहां है

15:08यह पता नहीं है

15:09तो क्या अपने बच्चे का भी शोध नहीं लिया

15:11वो

15:11अभी तक शोध नहीं लिया है ऐसा एक आवाज उठा

15:14था लेकिन हम कहे कि अब तुम देखे नहीं पा

15:17रहे हो तो तुम अब कहोगे का जहां है जहां

15:20रहो हम अपना बच्चे को किसी हकत से पार

15:23करेंगे

15:24क्या काम करते हैं सर आप

15:25हम अब हमसे कमाने योग्य नहीं है

15:28काम नहीं कर पाते हैं

15:30लेकिन अब जो बनता है वो बकरी मुर्गी करते

15:33हैं अब उसी में लेकिन को पोछते कितना हो

15:36पाता होगा सर आप जो कह रहे हैं बकरी वगैरह

15:38रखे हुए हैं तो कैसे इन बच्चों का परवरिश

15:41कैसे कर पाते हैं

15:42कहूं से किसी हरकत से मांग चांग के भी

15:45खिलाना पड़ जाता है हम अपने भी नहीं खाते

15:48हैं तो इस तरीका से इन लोग का जीवन पालन

15:51कर रहे हैं का करें

15:52मतलब आप स्थिति ये हो गई है कि दूसरे घर

15:55में भी मांग करके लाते हैं तब जाके

15:57हां स्थिति वही है हमारा अगर 10 गो लेकर

16:00नहीं जुड़ता तो फूस के छप्पर भी नहीं

16:02झकाता जो हर हर पानी है पानी घर में

16:05घुस जाता है। तीनों लड़कन उपजता है तो हम

16:08का कह सकते हैं

16:09अच्छा कहने का मतलब यह जो त्रिपाल है यह

16:11भी किसी ने मदद नहीं आपको

16:12हां हां लेकिन सब इ करके और झांक दिया तत

16:16लक्षण में तो आप

16:18ठीक से हैं कुछ और का कह सकते हैं

16:21स्थिति देख पा रहे होंगे दर्शकों ये

16:23राजकुमार दास जी बता रहे थे कि इनका

16:26इकलौता लड़का आज से एक साल एक इकलौता

16:29लड़का था

16:30लड़का था

16:30इकलौता लड़का आज से एक साल पहले अपने

16:32ससुराल जाता है और वहां उनकी हत्या हत्या

16:35हो जाती है। ससुराल वाले मिलकर के उनकी

16:37हत्या कर देते हैं। ऐसे में इस परिवार का

16:40जो इकलौता कमाऊ सदस्य था जो कमा करके इन

16:43बच्चों का परवरिश करने वाला था वो इस

16:46दुनिया को छोड़ के चला गया। ऐसे में सारा

16:48इन बच्चों का जिम्मेवारी जो है यह बूढ़ा

16:52जो बुजुर्ग है, उम्र इनका 60 से 65 साल

16:55होगा। इनके कंधों पर आ जाता है। जैसा कि

16:58यह खुद बता रहे हैं कि हम काम करने की

17:00स्थिति में नहीं हैं। काम नहीं कर पाते

17:02हैं। बकरी वगैरह रखे हुए हैं। और इसी के

17:04सहारे कुछ गांव वाले मदद कर देते हैं।

17:07मांग कर लाते हैं। तब जाकर के कुछ गुजारा

17:09जो है बहुत ही मुश्किलों से इन बच्चों का

17:12परवरिश कर पा रहे हैं। कभी-कभी स्थिति यह

17:14भी हो जाता है कि मैं खुद भूखा रह जाता

17:17हूं। कभी-कभी बच्चे भी भूखे रह जाते हैं।

17:19यह स्थिति हो गई है। हम और सदस्यों से भी

17:21बात करेंगे। माता जी क्या नाम हुआ आपका?

17:23शकुन देवी नाम। सुकून देवी

17:25हां

17:26आपका इकलौता लड़का अब इस दुनिया में नहीं

17:28रहा। वो घटना तो एक साल हो गया माता जी।

17:31एक साल में यह बच्चे जो हैं आप हैं ये

17:35सारा सदस्य का खाना पीना कैसे हो पाता है?

17:37कैसे गुजारा चल पाता है?

17:41ने लियो बिच तू

17:47[नाक से की जाने वाली आवाज़]

17:50उधर को पावर उधर को तो वैसे करके बाबू के

17:53पालन कर कोई बात नहीं

17:56बहुत ही दुख भरी कहानी है एक मां का जो

17:59दर्द है आप समझ सकते हो दर्शकों इनका

18:01इकलौता बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा और

18:04ये चार बच्चे एक बच्चा इनका जो है अभी

18:07अपने फुआ के घर में है दो पोता और दो पोती

18:10हैं। उनकी एक बेटी है। अभी बेटी की तो

18:14शादी नहीं हुआ है। है ना?

18:16सर शादी नहीं हुआ है।

18:18समझ सकते हैं कि किन परिस्थितियों में वो

18:21पूरा परिवार कितने दुख भरे जीवन जी रहे

18:23हैं। इनका इकलौता बेटा अब इस दुनिया में

18:25नहीं रहा। देख रहे हैं कि वो दर्द आज भी

18:28इनके दिल में बसा हुआ है। इनकी बेटी से भी

18:31हम बात करेंगे। क्या नाम हुआ बाबू आपका?

18:33क्या नाम है आपका?

18:34मुन्नी कुमारी।

18:35आप पढ़ाई करते हो? नहीं सर ना करें पढ़ाई।

18:39क्या कारण रहा आप पढ़ाई नहीं कर पाने का?

18:41क्या बता सकते हैं आप?

18:43सर खाने के लिए तो झूठवे नहीं करते हैं।

18:46बाप मैं कहां करेंगे? बूढ़ा बूढ़ी है तो

18:48का करेंगे? किसको ही जाएंगे?

18:50दर दर की [गाना गाने की आवाज़][संगीत]

18:52ठोकर

18:55खाते सुदामा [संगीत][गाना गाने की आवाज़]

18:59अगर शाम [गाना गाने की आवाज़] होता ना

19:02[संगीत]

19:04तेरा ठिकाना

19:09दर्शकों ये जो बहन बोली हैं इस आप समझ

19:13सकते हैं कि कितनी बड़ी बात कह रहे हैं कि

19:16यह खुद जब भरपेट भोजन नहीं कर पाते हैं

19:18मां-बाप तो हम पढ़ाई कहां से कर पाएंगे?

19:21कितनी दर्द भरी कहानी है। ऐसे में संत

19:24रामपाली महाराज जी आज अपने शिष्यों को

19:27भेजे हैं। इन बच्चों को इन ये बहन है, ये

19:30माता जी हैं। ये जो रो रही हैं इनको आंसू

19:32को रोकने के लिए आंसू पोछने के लिए। आज

19:34संत रामपाली महाराज जी के सारे शिष्य आए

19:37हैं। इस परिवार के दुख और दर्द को दूर

19:39करने के लिए। क्या नाम है बाबू आपका?

19:42मोना।

19:43क्या नाम है?

19:43मोना कुमारी।

19:44मोना कुमारी। पढ़ाई करते हो आप? हां जाते

19:48हैं।

19:48कहां जाती हो पढ़ने?

19:49सरकारी स्कूल में।

19:50सरकारी स्कूल में। कौन क्लास में पढ़ती हो

19:53आप?

19:53सेवन में।

19:54सेवन में। दादा जी बहुत बता रहे थे कि हम

19:58दूसरे के घर में जाते हैं, लाते हैं कुछ

20:00खाने पीने के लिए। तब जाकर के आप लोग

20:02भरपेट भोजन कर पाते हैं। सही बोल रहे थे?

20:04हां, सही बात है।

20:06क्या कभी ऐसा हुआ है कि कभी किसी दिन खाना

20:08नहीं बनाओ?

20:10कभी-कभी बनता है, कभी-कभी नहीं बनता है।

20:12कोई से मांग के खा लेते हैं।

20:15भूखे भी रह जाना पड़ता है।

20:16हां।

20:19कितनी दुख भरी कहानी है दर्शकों। क्या नाम

20:21हुआ आपका?

20:22लालसा कुमारी।

20:23लालसा।

20:25आप पढ़ाई करते हो?

20:27हां।

20:27कहां जाते हो पढ़ने?

20:28सरकारी स्कूल में।

20:29सरकारी स्कूल। आपका नाम क्या हुआ?

20:31सुमित।

20:32सुमित कुमार।

20:34इधर देखो।

20:35बोलो साहब।

20:35संजीव नाम। संजीव कुमार।

20:37हां।

20:38कहां जाते हो पढ़ने आप?

20:40स्कूल।

20:41स्कूल।

20:45ये बच्चा देख पा रहे होंगे कितने मासूम

20:48बच्चा है। इन्हें यह भी नहीं पता कि मेरे

20:50पिताजी अब इस दुनिया में नहीं है और मेरे

20:52दादाजी जो है मेरा परवरिश कर रहे हैं। ये

20:56हालात हैं इस परिवार का। मतलब कह सकते हैं

20:59बहुत ही दुख भरी कहानी है दर्शकों। इस

21:01परिवार का जो मुखिया था, इकलौता परिवार,

21:04इकलौता सदस्य जो इस परिवार का जिम्मेवारी

21:07उठा सकता था, वह अब इस दुनिया में नहीं

21:09रहा। ये सारे परिवार जो देख पा रहे होंगे,

21:11ये बहन जी कह रही हैं कि एक वक्त का भोजन

21:14नहीं मिल पाता भरपेट तो हम पढ़ाई कैसे कर

21:17पाते? यह हालात है। चलिए अब हम यहां पे एक

21:21और माता जी बैठे हैं। उनसे हम बात करेंगे।

21:24क्या नाम है माता जी आपका?

21:26चंचल देवी।

21:27आप इनके पड़ोस में रहती हैं? हां

21:29[गला साफ़ करने की आवाज़] पड़ोस में रहते

21:30हैं।

21:30ये जो बता रहे हैं कि आसपास में जाते हैं

21:33कुछ लोग से मांग के लाते हैं तब जाकर के

21:34गुजारा कर पाते हैं।

21:35खेती ने काटनी पनी लो को बीच को त को खग

21:41मिल है तन ख को पीको यह सब चीज लोग यह सब

21:45करके आओ का कभी आन बढ़ने से इतना खाना दे

21:48दे आ सब खड़ा

21:53दे और कुछ सब

21:56कभी-कभी बच्चे लोग भूखे भी रह जाते हैं।

21:58भूखे भी रह जाएगा तो रोने लगता है कभी दे

22:01देते हैं कभी वो कभी वो मतलब का आंगनबाड़ी

22:04आती पड़ी है तो कभी इतना बनता है तो इतना

22:06लेकिन बेसी करके दे देता है कि खाओ पियो

22:08जाओ ये करते हैं गो टूट उनको तो उनको हो

22:12आता नहीं ना काम

22:13अच्छा पैर भी उनका फ्रैक्चर है

22:15हां तो मतलब चल ना भागते कोई काम करने

22:17बुढ़स के थोड़ी कहेगा

22:18काम करने की स्थिति में नहीं काम करता है

22:22मर गया बड़ी दुख हलाकत से मर गया रहता ना

22:25तो कुछ करके दिखाता ऐसा नीति के था ना के

22:29से लड़ के ना धन के ना के से लड़े के ना

22:32झगड़े के इतना मासूम था ना कि प्रवासी के

22:37बहुत अच्छे से ढंग से कर रहा था बाकी

22:39ससुराल ले जाके घटना कर दे का [संगीत]

22:43चलिए ये पड़ोस में रहने वाली महिला थी जो

22:46बता रहे थे कि किस परिस्थिति में परिवार

22:48का गुजारा चलता है सर एक बात जानना

22:50चाहेंगे सरकार के तरफ से जो मिलता है राशन

22:53वो राशन मिलता है कि नहीं

22:54मिलता है

22:55कितना राशन मिलता है

22:56और लगता है कि 28 किलो मिलता है।

23:00सरकार के तरफ से यह राशन जो है इस परिवार

23:03को मिल रहा है। तो दर्शकों आपने देखा

23:06राजकुमार दास जी जो इस [संगीत] लाव पंचायत

23:08के ला टाड़ गांव के रहने वाले जो ये

23:10परिवार हैं इस परिवार की कहानी आपने

23:13इन्हीं की जुबानी सुना। किस तरह से इनके

23:15जो इकलौता बेटा था इस दुनिया को छोड़ के

23:18चले गए और सारा जिम्मेवारी का जो भार है

23:21इनके कंधे पे आ गया। बहुत ही मुश्किलों से

23:23गुजारा चल रहा था इस परिवार का और ऐसे में

23:26संत रामपाल जी महाराज जी ने इस परिवार का

23:28हाथ थामा है। सहारा प्रदान करने के लिए

23:30अपने शिष्यों को भेजा है। देख पा रहे

23:32होंगे मेरे दाई ओर यहां पे सारा सामान

23:34यहां पे सजा हुआ है। और सारे सामग्री के

23:36साथ आज सारे शिष्य हैं। इस परिवार को आज

23:39इस सारी सामग्री राहत सामग्री इस परिवार

23:41को देने के लिए। हमारे साथ संत रामपाली

23:44महाराज एक शिष्य हैं। इनसे भी हम बात

23:46करेंगे। सर सबसे पहले आप अपना परिचय बताएं

23:48सर। जी सत साहेब दास का नाम हुआ रूपेश दास

23:50और इसी जिला से बिलोंग करता है और मैं संत

23:53रामपाल जी महाराज का अनुयाय हूं।

23:55सर आज जो परिवार के पास आप लोग पहुंचे हैं

23:58मदद करने के लिए इनकी काफी दयनीय कहानी

24:01है। इनका इकलौता बेटा था जो अब इस दुनिया

24:03में नहीं है। सारा जिम्मेवारी इस बूढ़े

24:05पिताजी के ऊपर है। बहुत ही मुश्किलों से

24:07इनका घर परिवार चल पा रहा है। इनका कहानी

24:10या इनके बारे में आप लोग को कैसे पता चला?

24:12देखिए जैसा कि हमारे संत रामपाल जी महाराज

24:14अन्नपूर्णा मोहिम छेड़े हैं और जिसमें

24:16लिखा हुआ है रोटी कपड़ा शिक्षा स्वास्थ्य

24:18और मकान हर गरीब को दे रहा है कबीर भगवान

24:20उसके तहत इस गरीब परिवार में वीडियो देखा

24:22और वीडियो के तहत धनाना धाम जो हमारे गुरु

24:25जी का हेड आश्रम वहां इन्होंने फोन किया

24:27वहां से फोन हम लोग को आया जो वरिष्ठ

24:29सेवादार है उनके द्वारा जिला सेवादार के

24:30पास फोन आया जिला सेवेदार ने स्थानीय

24:33सेवादार को कॉल किया इन्होंने देखा

24:35जिन्होंने जो बात बताया सचमुच वो धरातल पर

24:38सही पाया गया और ये गरीब परिवार असहाय

24:41परिवार के फिर हमारे टीम ने सर्वे किया और

24:45सर्वे के तहत इन्होंने जैसा कि मुकेश दास

24:47जी हैं। स्थानीय सवादार हैं। बाकी बताएंगे

24:49ये इन्होंने आया था।

24:51सर्वे सबसे पहले इस परिवार के सुध लेने के

24:53लिए आप पहुंचे थे। क्या नाम हुआ सर आपका?

24:55मुकेश दास जी।

24:56मुकेश जी जब आप इस घर तक पहुंचे थे

24:58जी।

24:58राजकुमार जी के घर तक पहुंचे थे। क्या

25:01आपने देखा?

25:02हमने देखा कि इनका बहुत दयनीय स्थिति था।

25:06तो ऊपर से आदेश आया कि टीम की सर्वे किया

25:09जाए। सर्वे करने के बाद पता चला कि इनका

25:12बहुत दिक्कत है, छत नहीं है और खाने के

25:15लिए भी दिक्कत हो रहा था। हम लोग पता किए

25:18तो इनके पास जो भी सामान था जो पर्याप्त

25:22नहीं था। उसके बाद फिर हम लोग सर्वे करके

25:25आगे भेजे।

25:26अच्छा अब ये सर्वे रिपोर्ट आपने संत

25:28रामपाली महाराज जी तक आपने भेजा। जी जी और

25:32इसके बाद

25:34ऊपर से जब गुरु जी का आदेश आया तो इनका

25:37मतलब सेवा हो रहा है।

25:38अच्छा आज पहुंचे हैं आप लोग।

25:41सर जैसा कि भाई साहब बताएं कि हमने जब

25:43यहां आया तो काफी स्थिति खराब हमने देखा

25:46और वाकई में स्थिति इनका काफी दयनीय है।

25:48आज आप लोग इस परिवार तक पहुंचे हैं मदद का

25:51वो सामग्री लेकर के। क्या-क्या मदद करने

25:54वाले हैं आप लोग?

25:55[गला साफ़ करने की आवाज़]

25:56हमारे जैसा कि पहले भी दास बोला कि हमारे

25:58गुरुदेव संत रामपाल जी महाराज की दया से

26:03रोटी कपड़ा शिक्षा स्वास्थ्य और मकान हर

26:07गरीब को देंगे कबीर भगवान और दे रहे हैं

26:10कबीर भगवान जो परिवार असहाय है निर्धन है

26:14वंचित है जिनका कोई मतलब खाने का कोई

26:18सहारा नहीं है उस बेस सहारों को हमारे संत

26:21रामपाल जी महाराज एक भगवान के रूप में

26:24सहारा दे रहे हैं। अभी जैसा कि आप जी देख

26:27रहे हैं वीडियो के माध्यम से कि राहत

26:30सामग्री के लिए खाद्य सामग्री आया है। है

26:32ना? इसके अलावे आप जी को हम बताना चाहेंगे

26:34एक-ए

26:34एक-एक करके हमें बताएं ताकि हमारे दर्शक

26:36भी देख सकें कि इस परिवार के जो जीवन को

26:39कैसे आप लोग ये मुहिम किस तरह से बदल रहा

26:41है। जी बताएं।

26:42जी देख रहे हैं अन्नपूर्णा के तहत हमारे

26:43गुरुदेव संत रामपाल जी महाराज के

26:45आदेशानुसार जो राहत सामग्री के रूप में

26:47खाद सामग्री रूप में आप जी को मैं बताना

26:48चाहूंगा 15 केजी आटा है। इसके अलावा केजी

26:51जी 55 केजी का ये है। 15 केजी आपका यह

26:55चावल है। जी। 5 केजी प्याज है। 5 केजी आलू

27:01है। 4 केजी चीनी है। आपका नहाने का स्नान

27:08करने का साबुन है। कपड़ा धोने का साबुन

27:10है। चार पीस नहाने का साबुन है। 1 केजी

27:12कपड़ा धोने का साबुन है। 1 केजी आपका

27:15कपड़ा धोने का सर्फ है। जी। इसके अलावे ये

27:18[गला साफ़ करने की आवाज़] दलिया है। 1

27:20केजी है। उसके बाद टाटा नमक है 1 केजी।

27:24बेसन है। टाटा चाय है जी। धनिया है। जीरा

27:29है। आपका हरी मूंग दाल है। हल्दी है। चना

27:33दाल है। जी। काले चने हैं। लाल मिर्च है।

27:36पीली मूंग दाल है। उसके बाद ये आपका 2

27:40लीटर एक-ए लीटर का सरसों तेल है। सूखा दूध

27:43है। जी। 1 केजी है 500 500 ग्राम का 1

27:46केजी का आपका यह अचार है 1 केजी अचार है

27:50जी यह जी आप जी का खाद्य सामग्री के रूप

27:52में हमारे संत रामपाल जी महाराज इस गरीब

27:54परिवार असहाय परिवार के लिए हम

27:56दिए हैं इसके अलावे इस परिवार का सर्वे

28:00किया गया तो कुछ बर्तन की आवश्यकता था

28:03उसके बाद कुछ कपड़े की आवश्यकता थी हम

28:06बच्चे लोग अब जैसा देख देखना चाहेंगे कि

28:09चार बच्चे हैं शिक्षा के लिए भी कॉपी

28:11किताब की आवश्यकता थी उसके लिए हम एक-एक

28:13चीज को अवलोकन कराना चाहेंगे। जी

28:14जी जी बताएं जरूर बताएं।

28:16आपका बर्तन में ये जी रोटी रखने का ये है

28:21बर्तन है। ये आपका बाल्टी हुआ इनसे सर्वे

28:24किया गया। उसके बाद ये सस्पेन है जी। इसके

28:27साथ ये डब्बू है जी। दो लोटा है। ये चलनी

28:31है।

28:32मसाला

28:32मसाला रखने वाला ये है जी। ये चार कटोरे

28:35हैं। एक दो तीन चार चम्मच है। और चार

28:38कटोरी है। जी। अब जी बर्तन जी आप जी को

28:40बता दिए। इसके अलावे जी राजकुमार जी का और

28:43इनके बच्चे का इनका जो पोता है

28:45और पोती है उनके लिए कपड़ा है। अब जी

28:47बताना चाहेंगे कि यह जो पोता है छोटा

28:50राजकुमार जी का उनका है।

28:52अब जी को बताना चाहेंगे गुरु जी का आदेश

28:53अनुसार जो भी परिवार को देना है दो सीट ही

28:56देना है। हां दो जोड़ी दो

28:58दो जोड़ी टीशर्ट है और उसका

28:59हां बनियान है पट है सारा ये

29:03[गला साफ़ करने की आवाज़] गुरु जी के

29:04दो-दो जोड़ी है जी ये छोटा वाले पोता के

29:08हुआ इसके अलावा ये पोती का है जी ये भी

29:10इसमें दो जोड़ी है आप जी को बताना चाहेंगे

29:12है ना गुरु जी का आदेश है जो भी परिवार को

29:14देना है गरीब परिवार को दो-दो जोड़ी है ना

29:16ये रहा दो जोड़ी हां पूरा पूरा सेट है दोद

29:19जोड़ी कि इनका बच्ची का ये रहा ये सूट है

29:22दो जोड़ी है जी

29:23डबल सूट

29:24डबल सूट है हां जी एक ऊपर है, एक नीचे है।

29:27इसके अलावा यह राजकुमार जी का है। लुंगी

29:29है। आप जो को दिखाना चाहेंगे दो जोड़ी

29:31लुंगी है। शर्ट है।

29:33दो जोड़ी शर्ट है। जी आपका दो जोड़ी

29:36बनियान है और आपका चंगिया है। जी। ये

29:38राजकुमार जी का हुआ। उसके बाद उनकी पत्नी

29:42के लिए जैसा कि सर्वे किया गया था तो इनका

29:44भी कपड़ा है। अगला बार जैसा कि होगा गुरु

29:46जी के आदेश अनुसार फिर मिलेगा। इसके अलावा

29:48ये बेडशीट है। इनके घर में सर्वे किया

29:50गया। दो दो जोड़ी बेडशीट है। जी। इसके

29:52साथ-साथ यह टक्के का कवर भी है। जी। दो

29:55जोड़ी है जी आप जी को बताना चाहेंगे ये

29:57रहा कपड़ा इसके साथ-साथ ये आप जी को बताना

30:00चाहेंगे यह मच्छरदानी है

30:02मच्छर के लिए मच्छरदानी इनको घर में सर्वे

30:04किया मच्छरदानी नहीं था गरीब परिवार के

30:05डबल बेड

30:06डबल बेड मच्छरदानी है दो जोड़ी है जी आप

30:08जी को दिखाना चाहेंगे ये रहा खाद्य

30:10सामग्री ये रहा बर्तन ये रहा आपका

30:13कपड़ा

30:13वस्त्र

30:14ये परिवार के लिए इसके अलावे

30:17[गला साफ़ करने की आवाज़] बच्चों के लिए

30:18जैसा कि छोटे-छोटे बच्चे हैं पढ़ने योग्य

30:21हैं इनके लिए स्टोन बॉक्स है जी और एक पेन

30:24है कलम है एक दर्जन कॉपी

30:26और एक दर्जन कॉपी आप जी को दिखाना

30:27चाहेंगे। एक दर्जन क्लासमेट कंपनी का यह

30:30कॉपी रहा जी आप जी को दिखाना चाहेंगे। हां

30:34इसके [नाक से की जाने वाली आवाज़] साथ ये

30:35बैग है। जैसा कि इनको सर्वे किया गया तो

30:38एक बच्चा का बैग था। एक बच्चा को बैग नहीं

30:40पाया गया। तो बैग मिल है। उसके बाद दो-दो

30:43जोड़ी ये ड्रेस है। कपड़े हैं। स्कूल ड्रेस

30:45स्कूल का ये। आप जो को बताना चाहेंगे

30:48दो-दो हमारे गुरु जी का आदेशी हैं। दो-दो

30:50जोड़ी देनी है। ये रहा कपड़ा। इसके साथ-साथ

30:53जूता है। जी ये जूता है। ये ड्रेस के

30:56अंतर्गत शिक्षा के अंतर्गत आ गया। उसके

30:58बाद जूता है। ये छोटे बच्चे का है। हां।

31:02पढ़ने योग्य छोटे बच्चे हैं। एक जोड़ी

31:05जूते हैं और दो जोड़ी मौजे हैं। उसके बाद

31:07एक बच्ची हैं। पढ़ने योग्य हैं। उनके लिए

31:09एक जोड़ी जूते हैं और दो जोड़ी मौजे हैं।

31:11जी। ये आपका शिक्षा के अंतर्गत आ गया।

31:14इसके अलावा घर में पहनने योग्य जो कपड़ा

31:17है जैसा कि राजकुमार जी का हो गया। चप्पल

31:20चप्पल

31:20चप्पल एक जोड़ी

31:21पेन योग चप्पल

31:22पेन योग चप्पल उनकी पत्नी का एक एक जोड़ी

31:24चप्पल हो गया उसके उनकी लड़की का एक जोड़ी

31:27चप्पल हो गया उनकी बड़ी वाली पोती का एक

31:29जोड़ी हो गया उससे छोटी वाली पोती का एक

31:31जोड़ी ये चप्पल हो गया छोटा वाला या पोता

31:33का एक जोड़ा ये चप्पल हुआ घर में पहनने

31:36लायक आप जी को जैसा कि बताना चाहेंगे कि

31:38इसके अलावे जो है ना इनका घर का स्थिति

31:40बहुत जजर था बारिश का मौसम था किसी तरह से

31:42इधर से उधार पहचा कर करके ये कुछ-कछ पार्ट

31:45झांके हैं अभी फिर भी पानी चू रहा था तो

31:47उसके अपना व्यवस्था बनाए तो उसको देखते

31:50हुए हमारे गुरु जी के आदेशानुसार हम लोग

31:52त्रिपाल का भी व्यवस्था किए हैं जो कि अभी

31:53हम लोग उसको ढके ढकने के भी काम करेंगे

31:55ढकेंगे जिसके

31:56अभी आप लोग लगाए

31:57जी जी बिल्कुल ढकेंगे ये जो त्रिपाल है

31:5918/24 दो त्रिपाल है घर के बाकी हिस्सों

32:03को ढकने के लिए क्योंकि ये पूरा जो आप

32:05सामने देख पा रहे हैं ये सामने केवल

32:07त्रिपाल लगा हुआ पीछे कुछ हिस्सा जो है

32:09जहां बारिश का पानी के कारण नीचे पानी आ

32:11जाता है उसको ढकने के लिए यह संत रामपाली

32:14महाराज जी के तरफ से इस परिवार को आज दिया

32:16गया सारा सामग्री आपने देखा जैसा जैसा कि

32:18फ्लेक्स में लिखा हुआ है बैनर में

32:20अन्नपूर्णा मुहिम के तहत रोटी, कपड़ा,

32:23चिकित्सा, शिक्षा और मकान। तो सारे

32:25सुविधाओं का ख्याल रखा गया इस परिवार के

32:27लिए।

32:27इसके अलावा आप जी को बताना चाहेंगे कि इस

32:30परिवार के लिए दो एक जोड़ी कुर्सी भी है।

32:32सर एक सवाल हम आपसे और पूछना चाहेंगे।

32:35इनका घर का स्थिति जो है काफी जजर है। अभी

32:38तो आप लोग फिलहाल टेंपरेरी व्यवस्था आप

32:40लोग त्रिपाल दे रहे हैं। बारिश से बचाव के

32:42लिए। क्या संत रामपाली महाराज जी जैसा कि

32:45फ्लेक्स में लिखा हुआ है मकान की भी

32:46व्यवस्था करते हैं। क्या इस परिवार के लिए

32:48मकान भी बनवाने के लिए आप लोग प्रयास

32:51करेंगे? देखिए जैसा कि हमारे जो कुछ करते

32:54हैं हमारे कर्ताधर्ता संत जगतगुरु हमारे

32:56परमपिता जगतुरु संत रामपाल जी महाराज है

32:58हम लोग उनके अनुयाई हैं। जैसा ऊपर से आदेश

33:01आता है उसके अनुकूल उसके अनुरूप हम लोग

33:03करते हैं। जी हम लोग इनकी स्थितियों को

33:05देखते हुए अपने गुरु जी के पास प्रार्थना

33:06लगाएंगे कि इस गरीब परिवार को इस असहाय

33:09परिवार को अगर परमात्मा की दया होती है तो

33:12मकान की भी अगर व्यवस्था बन जाता है तो

33:13अति उत्तम बात है और तत्कालीन तो ये आपका

33:16राहत सामग्री मिल रहा है। ये नहीं आप जी

33:19को बताना चाहेंगे कि राहत सामग्री ये नहीं

33:20है कि एक ही बार मिलेगा ऐसा कुछ नहीं है।

33:22जी हां ये जैसा कि इनको एक अभी हम एक

33:25कार्ड प्रदान करेंगे।

33:26अच्छा

33:27ये कार्ड प्रदान करेंगे। इस कार्ड में

33:28नंबर जहां के जो क्षेत्रीय सेवादार हैं।

33:30है ना इस प्रखंड का प्रखंड से इस जिला का

33:33जिला सेवादार सबका नंबर रहेगा। जैसे ही

33:35राहत सामग्री समाप्त होगा ये कॉल करेंगे

33:38एक से दो दिन में इनका राहत सामग्री

33:40उपलब्ध होगा।

33:40मतलब आप जो ये मदद कर रहे हैं मतलब क्या

33:43हमेशा ये देंगे आप?

33:44रेगुलर रेगुलर रेगुलर एक महीना मिलेगा। एक

33:46बार नहीं होगा कि एक ही बार मिलेगा।

33:47रेगुलर जब तक ये गरीब परिवार अपने पैर पर

33:49खड़ा नहीं हो पाएंगे। अपने पैर पर ये

33:52कमाने योग्य नहीं हो पाएंगे। है ना? तब तक

33:54इनका मिलेगा। सारा व्यवस्था मिलेगा।

33:56क्या बात कर रहे हैं सर? अभी इनका एक पोता

33:58देख रहे हैं। काफी छोटा है।

34:005 साल का है। इसको अपने पैर पे खड़ा होने

34:02के लिए कम से कम 15 से 20 साल लगेगा।

34:0415 साल 20 साल मिलेगा। ये गुरु जी का

34:06हमारा आदेश है।

34:0615 से 20 साल

34:07मिलेगा। मिलेगा। सारा व्यवस्था है। हमारे

34:09यही तो समझना है ना। इसी तो समझ जाए कि जी

34:12संत रामपाल जी महाराज जो गॉड आए हुए हैं

34:14भगवान आए हुए हैं जो इस कहां हरियाणा है

34:17कहां से इनको देख लिए इस गरीब परिवार को

34:18असहाय परिवार को निर्धन परिवार को अपने

34:20दिव्य दृष्टि से देख ले लेकिन इस गरीब

34:22परिवार को व्यवस्था बनाया जाए दिया जाए

34:24अभी तो इतना मिला है हर एक मंथ में मिलेगा

34:26इस परिवार को ये कार्ड हम प्रदान करेंगे

34:29इसमें नंबर है ना क्षेत्रीय सेवादार और

34:32जिला का जो सेवादार है आश्रम की ओर से ये

34:35नंबर उपलब्ध है आप जी का फोन करेंगे दो से

34:38चार दिन में इनका दो दिन में इनका का राज

34:40सामग्री मिलेगा। हर एक मंथ मिलेगा। हां जो

34:43जो इनकी आवश्यकता होगा इनका सर्वे होगा

34:45उसके आधार पर इनका गुरु जी का

34:47क्या बात है। संत रामपाल जी महाराज जी ने

34:50इस परिवार के लिए केवल एक बार के लिए राहत

34:52सामग्री नहीं भेजे हैं। इस परिवार के लिए

34:55हमेशा जब तक इस परिवार में जो बच्चे हैं

34:57अपने पैरों पे नहीं खड़ा हो जाते हैं तब

34:59तक इस परिवार के लिए लगातार मदद दी जाती

35:02रहेगी। दर्शकों आप देख पा रहे होंगे आज इस

35:04परिवार के जो मुखिया हैं राजकुमार दास

35:07उनको एक कार्ड मिला है। उस कार्ड पे

35:10स्थानीय सेवादार जो संत रामपाल जी महाराज

35:12जी के हैं उन स्थानीय सेवादारों का नंबर

35:14है और इस परिवार के लोग जो सदस्य हैं उनको

35:17कहा गया है कि जो भी राहत सामग्री इस पर

35:20माने दिया गया है वह सामग्री समाप्त होने

35:22से दो-तीन दिन पहले इस कार्ड पे दिए गए

35:24नंबर पर कॉल करेंगे और ठीक 2 से 3 दिन के

35:27अंदर जो है निश्चित समय पे जो है इस

35:30परिवार के राहत सामग्री दोबारा पहुंचा दी

35:32जाएगी। हमारे साथ संत रामपाल जी महाराज जी

35:35के एक और शिष्य हैं। उनसे भी जानने का

35:37प्रयास करेंगे कि आज जिस परिवार को आप लोग

35:39जिस परिवार को आप लोग मदद करने पहुंचे हैं

35:41उनकी कहानी तो आपने सुना सर

35:44बिल्कुल सर बिल्कुल

35:45काफी दयनीय कहानी है।

35:46जी बिल्कुल सर

35:47आप लोग इतने दूर से आए हैं इस परिवार को

35:49मदद करने के लिए। बारिश का मौसम भी है। ये

35:52परिवार को जो मदद आप लोग कर रहे हैं आप

35:55कैसा महसूस करते हैं? जब इस तरह के परिवार

35:57के आंख के आंसू आप लोग पूछते हैं तो कैसा

35:59महसूस करते हैं? ये तो बहुत ही गर्व की

36:02बात है कि हम ऐसे संत की शरण में हैं

36:05जिन्होंने हजार किलोमीटर दूर बस करके और

36:09हम ऐसे सेवकों को भक्तों को सेवा प्रदान

36:14किए हैं। यह बहुत बड़ा गर्व की बात है सर

36:16और बहुत खुशी महसूस करते हैं कि ऐसे गरीब

36:19असहाय परिवार को जो सदगुरुदेव जी ने मदद

36:22कर रहे हैं।

36:24छोटे-छोटे बच्चे के लिए भी गुरुदेव

36:26गुरुदेव ने दूध तक भेजे हैं। तो यह बहुत

36:29ही बड़ा गर्व की बात है सर। साथ-साथ मैं

36:32आपका चैनल और आपका टीम को धन्यवाद करना

36:36चाहूंगा सर कि आप लोग हमारे देश दुनिया

36:39गांव शहर सभी जगह आप इस सदगुरुदेव जी

36:44द्वारा चलाई अन्नपूर्णा मुहिम को जो कवरेज

36:46करके लोगों तक पहुंचा रहे हैं संदेश इसके

36:49लिए मैं तहे दिल से आपका टीम और आपके एसी

36:52न्यूज़ चैनल को धन्यवाद करूंगा क्योंकि

36:55हमारे सदगुरुदेव

36:57का यही सपना है कि

37:01कोई भी असहाय गरीब परिवार भूखा ना सोए। हम

37:06हमें यह सदगुरुदेव ज्ञान देते हैं कि बेटा

37:08हम दो रोटी कम खा लेंगे लेकिन हमारे पास

37:12आसपोस जो भूखे हैं उन्हें दो रोटी जरूर

37:15खिलाइए।

37:16मतलब आपके पड़ोस में कोई भूखा ना सोए। ये

37:18ज्ञान आपके गुरु जी दे रहे हैं।

37:20जी जी बिल्कुल सदगुरुदेव जी ऐसा हमें

37:22शिक्षा दीक्षा दे रहे हैं। आज अगर सर

37:25भगवान की बात किया जाए

37:28तो वाक्य में सदगुरुदेव संत रामपाल जी

37:31महाराज भगवान हैं। सर भगवान का काम है सुख

37:36देना दुख हर लेना।

37:38बिल्कुल बिल्कुल

37:39सर भगवान का कार्य है सुख देना दुख हर

37:44लेना। आज आप धरातल पर देख रहे हैं कि जैसा

37:48यह असहाय गरीब परिवार कपड़े से लेकर के

37:52खाने के सामग्री तक साथ-साथ घर में पहनने

37:56के लिए जूते चप्पल भी शिक्षा की व्यवस्था

37:58भी सारी ये अगर पूरा कर रहे हैं तो यह

38:02मानव का कार्य नहीं है। सर यह वाक्य में

38:04सदगुरुदेव संत रामपाल जी महाराज भगवान का

38:07रोल निभा रहे हैं।

38:09सर एक मिनट आपको रोकना चाहेंगे। संत

38:11रामपाली महाराज जी जो ये मुहिम चला रहे

38:13हैं, गरीबों को मदद कर रहे हैं। इसके

38:15अलावे और क्या-क्या ऐसे कार्य कर रहे हैं

38:17जो समाज को एक नई दिशा दे रहे हैं और समाज

38:20को बदलने का काम मतलब कह सकते हैं किया जा

38:23रहा हो। क्या-क्या काम किया जा रहा है

38:24उनकी तरफ से?

38:26जी बहुत ऐसे बड़े-बड़े कार्य हैं सर। जैसे

38:28कि आप शिक्षा के माध्यम में ले लीजिए जैसे

38:34ज्ञान के आधार से सदगुरुदेव संत रामपाल जी

38:36महाराज सबसे बड़ा हमारा समाज में बुराई है

38:39सर नशा और सदगुरुदेव ये अपने ज्ञान के

38:42माध्यम से नशा मुक्त समाज को तैयार कर रहे

38:45हैं। आज सदगुरुदेव संत रामपाल जी महाराज

38:48जी का लगभग 15 करोड़ अनुयाय हैं। और यह 15

38:52करोड़ अनुयाय नशा को करने की तो दूर कीजिए

38:56सर। किसी को नशा का पदार्थ लाकर नहीं दे

38:59सकता है। चाहे करोड़ों रुपया उसके रख दे

39:02उसके पास में नहीं दे सकता है। तो ऐसे

39:05जैसे कि और भी आपको बता दूं

39:09दहेज मुक्त आज देख लीजिए दहेज अभिशाप बना

39:13हुआ है। आज लोग पुत्र के सर मानव के बस की

39:17बात तो है नहीं कि अपना पुत्र पैदा करें।

39:19पुत्र की आल लालसा में कई पुत्रियां हो

39:23जाती है और फिर उस अवस्था में वो

39:25अल्ट्रासाउंड करवाता है कि भाई फिर भी

39:27पुत्री है तो उसको गर्भ में ही मार दिया

39:29जाता है। क्यों? इसका मूल कारण है दहेज सर

39:32और हमारे सदगुरुदेव संत रामपाल जी महाराज

39:35महाराज इस दहेज मुक्त भारत को भी निर्माण

39:38कर रहे हैं। सर आपको और बता दूं जैसे कि

39:41कई पर प्राकृतिक आपदाएं जो आती है जैसे

39:45बाढ़ हो गया या कहीं और भी ऐसे विशेष

39:49आपदाएं आती है। उसमें सदगुरुदेव संत

39:52रामपाल जी महाराज उन्हें बढ़-चढ़ के मदद

39:55करते हैं। वृक्षारोपण आप ले लीजिए। अपने

39:58शिष्यों के द्वारा अभी तक मतलब वर्ल्ड

40:02रिकॉर्ड बन चुकी है वृक्षारोपण में सर

40:05ग्लिज बुक में नोट हो चुका है वर्ल्ड

40:07रिकॉर्ड में संत रामपाल जी महाराज जी का

40:09नाम कि भाई सबसे आगे है इनका शिष्य इस

40:12कार्य को करने में आज आप देख लीजिए

40:14हरियाणा में हरियाणा हो राजस्थान हो

40:17गुजरात हो पंजाब हो या उत्तर प्रदेश हो कई

40:21राष्ट्र में सर बाढ़ से काफी ग्रसित थे

40:24लोग और उन्हें हजारों नहीं लाखों नहीं

40:28अरबों अरबों रुपया का पाइप और मोटर देकर

40:30के लोगों को मदद किया है सर और उन्हें एक

40:36जीने का सच्ची राह दिया है सर

40:38जी बिल्कुल बिल्कुल सर

40:39कैसे हमारे सदगुरुदेव जी कार्य कर रहे हैं

40:42और समाज को उत्थान की कार्य

40:44धन्यवाद सर आपका चलिए अब हम परिवार के

40:47सदस्यों से बात करेंगे कि इस मदद को पाकर

40:49के उन्हें कैसा महसूस हो रहा है। सबसे

40:52पहले बहन जी आपसे जानना चाहेंगे यह जो मदद

40:55संत रामपाली महाराज जी भेजे हैं आपके

40:57परिवार आपके सदस्यों के लिए आपको कैसा

41:00महसूस हो रहा है?

41:01अच्छा

41:02अच्छा लग रहा है?

41:03अच्छा लग रहा है।

41:04आप अभी कह रही थी आपके जो पिताजी हैं बता

41:07रहे थे कि बहुत मुश्किल से हमारा गुजारा

41:09चल पाता है। कभी भूखे रह जाना पड़ता है।

41:11कभी खाना बनता है कभी नहीं बनता है। अब

41:14आपका कितना मतलब सहारा मिल पाएगा ये मदद

41:16से?

41:17अच्छा मिलेगा सर।

41:18सहारा मिलेगा?

41:19हां मिलेगा। क्या कहना चाहेंगे संत

41:22रामपाली महाराज जी के लिए जो मदद आप तक

41:24भेजे हैं उनके लिए क्या कहेंगे आप

41:26भगवान माना जाएगा

41:28भगवान मान रहे हैं आप

41:30भगवन

41:33ये जीवन

41:35[संगीत]

41:36तुम्हें ना सवारोगे तो क्या कोई सवारे

41:42गोपालन [संगीत]

41:42[गाना गाने की आवाज़] हारे

41:44निर्गुण प्यारे [संगीत] तुम्हरे बिन हमरा

41:50कौन नहीं

41:53तुम्हरे बिन [संगीत][गाना गाने की आवाज़]

41:54हमरा कौन नहीं आज संत रामपाली महाराज जी

41:59जो इस परिवार के लिए जो कार्य किए हैं

42:01वाकई में काफी सराहनीय है और काफी

42:04प्रशंसनीय हैं। क्या कहोगे बाबू आपके लिए

42:07स्कूल का ड्रेस भी भेजे हैं। संत रामपाली

42:09महाराज जी कॉपी कलम सारी व्यवस्था किए

42:11हैं।

42:12कैसा लग रहा है?

42:13ठीक लग रहा है।

42:13अच्छा लग रहा है?

42:14हां।

42:15आपके लिए कपड़े भी भेजे हैं। देखे हैं आप?

42:17हां देख लिए हैं।

42:18देखे हैं ना?

42:19हां।

42:20यह कपड़ा आप लोगों को कैसे खरीदा आप? आपके

42:22पसंद से या फिर ये लोग खुद लाके दिए हैं?

42:24अपने पसंद से।

42:25आप अपने पसंद से खरीदे हैं?

42:27हां।

42:27कैसे मतलब ये लोग लेके गए थे कहीं क्या?

42:30हां लेके गए थे।

42:31कहां लेके गए?

42:32बेला।

42:33बेला। अच्छा। तो यानी सारे जो कपड़े खरीदा

42:35गया है वो आप लोग अपने पसंद से खरीदे हैं।

42:38हां।

42:39अच्छा लग रहा है ना ये?

42:40हां, ठीक लग रहा है।

42:41क्या कहना चाहेंगे संत रामपाली महाराज जी

42:43को? भगवान मानना चाहते हैं।

42:45भगवान मान रहे हैं।

42:46हां।

42:47हमारे साथ इस गांव के कुछ ग्रामीण लोग भी

42:50मौजूद हैं। उनसे भी हम जानने का प्रयास

42:52करेंगे। सर सबसे पहले आपका नाम बताइए।

42:54क्या नाम हुआ आपका?

42:55हमारा नाम इंद्रदेव दास हुआ।

42:57आप इसी मोहल्ले के रहने वाले हैं।

42:59जी जैसा कि इस परिवार को आज संत रामपाल जी

43:02महाराज जी जो है भेजे हैं मदद। ये मदद

43:04आपने देखा? क्या-क्या सामग्री इस परिवार

43:06को दिया गया है?

43:07जी देख रहे हैं।

43:08कैसा लगा सर ये मदद?

43:10अच्छा लगा सर।

43:11क्या स्थिति था इस परिवार का पहले? बहुत

43:13गरीबी था सर। गरीबी अनुसार घटना ऐसा घट

43:17गया। हम तो नहीं है बाहर आते थे।

43:20तब मालूम चला क्या बताया जाए?

43:22इकलौता बेटा इस दुनिया में नहीं है। अब

43:24रहा

43:25हम

43:26क्या कहना चाहेंगे उस संत को जो यहां से

43:29हजारों किलोमीटर दूर बैठे हैं और इस

43:31परिवार के दुख को जो है दूर करने के लिए

43:34अपने शिष्यों को भेजे हैं। उनके लिए आप

43:36क्या कहना चाहेंगे?

43:37बहुत महान आदमी है सर। और क्या कहा जाए?

43:40ऐसा धरती पर भगवान है ना सर

43:43भगवान है

43:44सब मदद कर रहे हैं वो भगवान है

43:46बिल्कुल बिल्कुल

43:47कहा भी जाता है जिनका कोई नहीं होता उनका

43:49भगवान होता है

43:50वही बात है

43:51तो दर्शकों आपने देखा आज इस परिवार को लौ

43:55टाड़ के रहने वाले राजकुमार दास जी को संत

43:58रामपाली महाराज जी ने किस तरह का मदद इस

44:01परिवार तक भेजा और क्या-क्या सामग्री इस

44:03परिवार को दिया गया। हमने गांव वालों से

44:05भी बात किया। संत रामपाली महाराज के

44:07शिष्यों से भी बात किया और देख पा रहे

44:09होंगे यहां पे जो त्रिपाल लगाने का काम जो

44:12है किया जा रहा है उनके शिष्य इस घर के

44:14ऊपर चढ़े हैं और पूरे घर को कवर किया जा

44:16रहा है ताकि बारिश का पानी से बचाव हो

44:18सके। वाकई में संत रामपाली महाराज जी जो

44:21इस परिवार को गोद लेने का काम किया है।

44:23अगर संत रामपाली महाराज इस परिवार को

44:25सहारा नहीं देते तो पता नहीं इस परिवार का

44:27जीवन कितना दुखमय भरी जिंदगी कब तक जीते

44:30इसका अंदाजा लगाना बहुत ही मुश्किल है।

44:32संत रामपाली महाराज जी जो मदद कर रहे हैं

44:35इस मुहिम से अनेकों लाखों लोगों को जीवन

44:38बदलने का काम संत रामपाली महाराज जी की

44:40हैं। क्या आप कुछ कहना चाहेंगे संत

44:42रामपाली महाराज की इस मुहिम के लिए अपनी

44:44राय हमारे कमेंट बॉक्स में जरूर दें। आप

44:46देख रहे थे एस सी न्यूज़ बिहार और हमारे

44:48टिकारी प्रखंड से कैमरा के पीछे से आपके

44:51वीडियो पहुंचा रहे थे सुशील कुमार और मैं

44:53आपके साथ दीपक कुमार विशेष सूचना

44:56अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत राहत सामग्री

44:59केवल उन्हीं जरूरतमंद व्यक्तियों को दी

45:02जाएगी जो पूर्ण रूप से नशा मुक्त जीवन

45:04जीते हैं और मांस तथा किसी भी प्रकार की

45:07अभक्ष वस्तुओं का सेवन नहीं करते तथा

45:10व्यभचार नहीं करते। यानी समलैंगिक स्त्री

45:14पुरुष संबंध या विवाह और परस्त्री पुरुष

45:18से अवैध संबंध रखना। यदि कोई लाभार्थी

45:21व्यभचार, नशा तथा मांसाहार करता है तो उसे

45:25अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राहत प्राप्त

45:28करने से पूर्व इन सभी बुराइयों को त्यागना

45:30अनिवार्य होगा।

45:32यदि कोई लाभार्थी द्वारा सामग्री प्राप्त

45:34करने के पश्चात व्यभचार, नशा तथा मांस आदि

45:38का सेवन करते हुए पाया गया तो उसकी सहायता

45:41तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।

45:44अन्नपूर्णा मुहिम संत [संगीत] रामपाल जी

45:47महाराज के मार्गदर्शन में मुनि धर्मार्थ

45:50ट्रस्ट द्वारा गरीब असहाय और जरूरतमंद

45:54परिवारों के लिए निशुल्क खाद्य सामग्री

45:56[संगीत] वितरण का कार्य किया जाता है। इस

45:59निशुल्क अन्न सेवा अभियान के अंतर्गत

46:02खाद्य सामग्री, गैस सिलेंडर तथा अन्य

46:05आवश्यक राहत सामग्री [संगीत] मुफ्त उपलब्ध

46:08कराई जाती है। इसके अतिरिक्त संत रामपाल

46:11जी महाराज द्वारा उन बच्चों को भी सहायता

46:13प्रदान की जाती है जो सरकारी स्कूलों में

46:16पढ़ाई कर रहे हैं और जिनके पास स्कूल

46:18ड्रेस, किताबें या अन्य आवश्यक सामग्री

46:21खरीदने की सामर्थ्य नहीं है। ऐसे बच्चों

46:24को [संगीत] यह सभी सामान निशुल्क उपलब्ध

46:26कराए जाते हैं। असहाय और जरूरतमंद लोगों

46:29की भारतवर्ष के सभी सरकारी अस्पतालों में

46:32हर संभव चिकित्सा निशुल्क उपलब्ध करवाई

46:35जाएगी। चाहे पीजीआई हो या सामान्य सरकारी

46:38अस्पताल जिसका सारा खर्चा संत रामपाल जी

46:42महाराज जी वहन करेंगे। साथ ही संत रामपाल

46:45जी महाराज के नेतृत्व में जरूरतमंदों की

46:47हर संभव सहायता की जाती है। निवेदन राहत

46:51सामग्री प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों

46:54से अनुरोध है कि खाद्य सामग्री या गैस

46:56सिलेंडर समाप्त होने से दो दिन पूर्व

46:59[संगीत] निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क करें

47:01ताकि आपके लिए तुरंत नई पैकिंग की

47:03व्यवस्था की [संगीत] जा सके। अन्नपूर्णा

47:06मुहिम के लिए बिहार राज्य के सेवादारों का

47:08संपर्क सूत्र 77594117759422

47:17मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट संत रामपाल जी

47:20महाराज की प्रेरणा से सत साहिब

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