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0:00जिस स्वतंत्र भारद्वाज ने खुलकर एक मंच पर
0:04कहा था कि मैंने दलित लड़की निशु आजाद के
0:07पिता का सिर फोड़ दिया और मेरा कोई बाल भी
0:10बांका नहीं कर सकता। पुलिस मेरा कुछ नहीं
0:13कर सकती। मैंने जूता भी पुलिस का पहना हुआ
0:16है। डंडा भी मेरे पास पुलिस का है। मेरे
0:19ताल्लुकात कपिल मिश्रा से ले चिराग पासवान
0:22तक हैं। उसे हिरासत में ले लिया गया है।
0:25यानी कि भारतीय जनता पार्टी का यूज़ एंड
0:29थ्रो। खबर वो नहीं है क्योंकि वो खबर
0:31पुरानी हो चुकी है। खबर यह है कि स्वतंत्र
0:35भारद्वाज की पहुंच भारतीय जनता पार्टी के
0:39कितने अंदर तक थी। यह बताने से पहले मैं
0:42एक चीज बोलना चाहता हूं। आजाद भारत के
0:45इतिहास में ऐसी कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं
0:47हुई दोस्तों जो इस तरह से गुंडों को
0:51प्रमोट करती है। बलात्कारियों का साथ देती
0:54है। जिसके सोच जिसके भाषण में महिला विरोध
0:58दिखाई देता है और मैं ऐसा क्यों कह रहा
1:00हूं? [नाक से की जाने वाली आवाज़] सबसे
1:02पहले दोस्तों इस वीडियो को देखिए। कि यह
1:04स्वतंत्र भारद्वाज ने 15 अगस्त को जो है
1:06पोस्ट किया है और आप देख सकते हैं वो
1:09प्रधानमंत्री के कितने करीब है। वो सेल्फी
1:12ले रहा है। प्रधानमंत्री वहां से गुजर रहे
1:13हैं और प्रधानमंत्री भी उसे देख रहे हैं
1:15शायद। अपने पूरे स्क्रीन्स पर इस वीडियो
1:17को देखिए दोस्तों। मैं फिर आपसे पूछना
1:20चाहता हूं। एक आदमी जो स्वयंभू गुंडा है।
1:24एक आदमी जिसने कह दिया मैंने सिर फोड़
1:26दिया। पुलिस मेरा कोई बाल बांका नहीं कर
1:28सकती। कि मैंने पुलिस का जूता पहना है। इस
1:31वीडियो में देखिए वो प्रधानमंत्री नरेंद्र
1:33मोदी के साथ सेल्फी खिंचवा रहा है 15
1:35अगस्त और बात यहां नहीं रुकती है।
1:37प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब तीसरी बार
1:40प्रधानमंत्री बने थे तब इस शख्स को
1:43प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में
1:46बुलाया गया था। यह देखिए। पूरे स्क्रीन्स
1:51पर देखिए। इसने बाकायदा उस निमंत्रण को
1:54पोस्ट किया है जो आपकी स्क्रीन्स पर दिखाई
1:57दे रहा है।
1:58अब आप समझे यह आदमी हिंसा की धमकी देता है
2:03और पुलिस ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया।
2:06यह तो शुक्र है कि कॉकरोच जनता पार्टी
2:09चंद्रशेखर आजाद और राहुल गांधी मैदान में
2:12उतरे। सबसे पहले राहुल गांधी ने निशु आजाद
2:15को भरोसा दिलाया था कि मेरे पार्टी के
2:18कार्यकर्ता आपको इंसाफ दिलाएंगे। उसके बाद
2:21चंद्रशेखर आजाद मैदान में उतरे। यह लोग
2:24पुलिस स्टेशन पहुंचे। कॉकरोच जनता पार्टी
2:26के आशुतोष रंका और सौरव दास पहुंचे और
2:29नतीजा पुलिस को एक्शन में आना पड़ा और उसे
2:32हिरासत में लेना पड़ा।
2:35बट दिस बेग्स द क्वेश्चन लेडीज एंड
2:37जेंटलमैन कि आखिर क्या बात है कि भारतीय
2:40जनता पार्टी ऐसे अराजक लोगों का साथ देती
2:43है। बार-बार परोल पर एक बलात्कारी राम
2:47रहीम को रिहा किया जाता है। यह अपने आप
2:49में बहुत कुछ कहता है दोस्तों। बहुत कुछ
2:52कहता है। सबसे बड़ी बात इसी मंच पर मैंने
2:54कल आपको एक खबर बताई थी। याद है आपको
2:56जंतरमंतर प्रोटेस्ट 24 से 25 जुलाई यानी
3:00कि पुलिस की बर्बरता से चार या पांच दिन
3:02बाद अचानक मीडिया में खबर चलने लगी कि कम
3:05से कम 2000 लोग वहां पहुंच गए जिनका
3:08आपराधिक रिकॉर्ड था जिनमें से कम से कम
3:11200 ऐसे लोग थे जिन पर बलात्कार हत्या के
3:15आरोप थे। इंडियन एक्सप्रेस की ये रिपोर्ट
3:18आई और आप जानते हैं रिपोर्ट क्या कहती है।
3:20कल मैंने हालांकि आपको बताया था यह
3:21रिपोर्ट ये कहती है कि वहां मौजूद कम से
3:26कम 25 ऐसे लोग थे जो जेल में सजा काट रहे
3:30थे। अब आप मुझे बताइए दोस्तों 25 लोग जो
3:32जेल में सजा काट रहे थे वो जंतरमंतर
3:35प्रोटेस्ट में कैसे पहुंच जाते हैं? जब तक
3:38जेल के दरवाजे ऐसे शख्स ने ना खोले हो जो
3:42ताकतवर हो जिसके हाथ में जेल की चाबी हो।
3:47ये सब क्या बतला रहा है? अब वापस जाइए कुछ
3:51देर पहले मैंने आपसे क्या कहा। आजाद भारत
3:53के इतिहास में शायद ही ऐसी कोई पॉलिटिकल
3:55पार्टी रही हो जिसने खुलकर ऐसे गुंडों का
3:57साथ दिया है जो भारतीय जनता पार्टी के
4:00विरोधियों पर हमला करते हैं जो बलात्कारी
4:04हैं सैकड़ों लड़कियों का बलात्कार करते
4:07हैं। प्रज्वल रवन्ना जिसके लिए
4:09प्रधानमंत्री वोट मांग रहे थे।
4:12मैं फिर आपसे सवाल पूछना चाहता हूं। आप
4:14अंधभक्त हो सकते हैं। मगर एक आदमी जो एक
4:18पडकास्ट में बैठकर यह धमकी दे रहा हो, यह
4:23डींगे मार रहा हो कि मेरा कोई बाल भी
4:26बांका नहीं कर सकता। जूता मेरा पुलिस का,
4:29डंडा मेरा पुलिस का और सबसे बड़ी बात,
4:31प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में उसे
4:34बुलाया जाता है। जब तीसरी बार मोदी
4:36प्रधानमंत्री बने थे। उससे भी बड़ी बात
4:39प्रधानमंत्री के इतने करीब यह व्यक्ति
4:41सेल्फी खींच रहा है 15 अगस्त के मौके पर
4:45जो लोग हिंसा की वकालत करते हैं भारतीय
4:48जनता पार्टी के मंच पर उन्हें जगह कैसे
4:51मिलती है? अब आप समझे यह व्यक्ति क्यों
4:54कपिल मिश्रा से अपने रिश्तों के बारे में
4:57चिराग पासवान से अपने रिश्तों के बारे में
4:59कहता है यह व्यक्ति क्यों प्रधानमंत्री
5:01नरेंद्र मोदी को अपना बड़ा भाई बताता है?
5:03अरे भाई जब आपको शपथ ग्रहण समारोह में
5:05निमंत्रण मिल रहा है। जब आप प्रधानमंत्री
5:07के इतने करीब जाकर सेल्फी खिंचवा रहे हैं
5:10तभी तो आप इस तरह की डींगे मारेंगे।
5:14बहरहाल चिराग पासवान ने जो बात कही है
5:17उसके लिए मैं उन्हें साधुवाद देना चाहता
5:19हूं। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज जिसे अब
5:22हिरासत में ले लिया गया है। उसके खिलाफ
5:25पुलिस में शिकायत दर्ज की है कि यह
5:28व्यक्ति मेरा नाम लेकर डींगे हां रहा था।
5:32दबंगई कर रहा था और चिराग पासवान ने निशु
5:37आजाद और उनके पिता के प्रति सहानुभूति और
5:41समर्थन जतलाया है। सुनिए कल चिराग पासवान
5:44ने क्या कहा।
5:45इस विषय की गंभीरता को समझते हुए और
5:49क्योंकि उस व्यक्ति ने कई राजनेताओं के
5:53साथ-साथ
5:54मेरे भी नाम का मिसयूज
5:59करने का काम किया है।
6:01ऐसे में मैंने अधिकृत शिकायत भी
6:06उस व्यक्ति के खिलाफ की है
6:08और साथ ही में दिल्ली पुलिस से भी यह
6:12आग्रह किया है कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी
6:17चाहिए पब्लिक लाइफ में होने के नाते जितने
6:21भी पॉलिटिकल पर्सनालिटीज हैं उनके साथ कोई
6:27भी व्यक्ति मिल सकता है आ सकता है अपनी
6:30बातों को रख सकता है। बट इसका मतलब कतई यह
6:34नहीं हो सकता कि वह व्यक्ति उस राजनेता को
6:38व्यक्तिगत तौर पर जानता है। इस बात को
6:42कहना कि वो मुझे व्यक्तिगत तौर पे या मैं
6:46उन्हें व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं। यह
6:49सरासर गलत है। नाम का मिसयज करना यह गलत
6:53है। इसके खिलाफ तो मैंने शिकायत की ही की
6:56है। पर इससे ज्यादा बड़ा गंभीर विषय यह है
7:00कि जिनके लिए उन्होंने इन बातों को कहा
7:03है। आज जिस परिस्थिति में संजय जी हैं।
7:08ऐसे में मैं मेरी पार्टी पूरी तरीके से
7:12निशु उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी
7:17है। और अब एक जरूरी संदेश सच के इस सफर
7:20में मेरा साथी बनिए। मेरा चैनल ज्वाइन
7:23कीजिए और इनमें से एक विकल्प एक ऑप्शन
7:27चुनिए। शुक्रिया।
7:30मगर कपिल मिश्रा अब भी खामोश है। दिल्ली
7:33सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा। मगर उससे
7:34मुझे बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं है। आपको
7:37याद है दिल्ली में दंगे हुए थे। ट्रिगर
7:39कौन था? यही शख्स था। और मैं बात बार-बार
7:42क्यों कहता हूं? याद कीजिएगा जब ट्रंप आए
7:45हुए थे तब यह व्यक्ति आता है। पुलिस की
7:47मौजूदगी में कहता है अभी तो ट्रंप है हम
7:49वापस जा रहे हैं मगर कल आप हमें नहीं रोक
7:52पाएंगे और उसके बाद दिल्ली में दंगे शुरू
7:54हो जाते हैं। स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने
7:57रिश्तों की बात की थी कपिल मिश्रा से भी।
8:00कपिल मिश्रा भारतीय जनता पार्टी का बेशर्म
8:03मंत्री अब भी खामोश है। बहरहाल स्वतंत्र
8:07भारद्वाज को पुलिस किस कदर ले गई? उसके
8:10दोस्त का क्या कहना है? यह सुनते हैं। वो
8:122:00 बजे मेरे ही साथ में था। हम
8:15दिल्ली से क्राइम ब्रांच आई साथ में लेके
8:19चली गई।
8:21और क्या बात हुई आखिर में जब वो लेके गए
8:24कोई बात करी?
8:25क्राइम ब्रांच वालों ने कुछ ज्यादा खास
8:26बात नहीं करी। बोले डायरेक्ट आके हम
8:29क्राइम ब्रांच से हैं। स्वप्न जी चलो
8:31हमारे साथ तो साथ में ले गए।
8:33और वो कितने दिनों से यहां पे?
8:36नहीं सुबह ही आया था 7:00 बजे के समथिंग।
8:38अच्छा
8:39रात फोन कर था उसने मेरे पास किसी और के
8:42फोन से अपना फोन उसने मुझे पता नहीं वो
8:44कहां धर के आया आया और बेचारे को ले गए
8:48पुलिस वाले सुबह
8:50मैं आपको बतलाना चाहता हूं कि पप्पू यादव
8:52भी निशु आजाद और उनके पिता के पक्ष में
8:54पहुंचे पप्पू यादव ने कहा कि जब तक राहुल
8:57गांधी निशु आजाद के पक्ष में नहीं आएंगे
9:00तो क्या एफआईआर दर्ज नहीं होगी? अब जैसे
9:03कि आप जानते हैं कि कांग्रेस यूथ विंग के
9:06जो कार्यकर्ता हैं अक्षय लाखरा वो वहां
9:08पहुंचे। उनके साथ कॉकरोच जनता पार्टी और
9:11चंद्रशेखर आजाद थी। यानी कि कांग्रेस
9:14कॉकरोच जनता पार्टी और साथ में चंद्रशेखर
9:18आजाद की कोशिशों के चलते यह हो पाया।
9:20सुनिए पप्पू यादव ने क्या कहा। अब तो इस
9:23देश में जब तक राहुल गांधी थाना में धरना
9:27पर नहीं बैठेंगे
9:29तो कभी भी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा। आज
9:32हम लोगों को तीन घंटा फिर थाने में बैठना
9:35पड़ा।
9:36दर-दर की ठोकरें खाई वो बेटी। वो क्रिमिनल
9:40कह रहा है कम। तो हम तो कह ही रहे हैं देश
9:42क्रिमिनल चला रहा है।
9:45वो किस कौन किसको कह रहे थे? बौद्धिक
9:48नक्सली।
9:50सबसे बड़े नक्सली तो इस देश को चला रहा
9:52है। किसको नक्सली कह रहे थे? बेटी
9:57सुरक्षित नहीं मणिपुर से लेकर के
9:59उत्तराखंड अंकिता बस में बिहार के कार में
10:03गैंग रेप होता है।
10:06औरंगाबाद में।
10:09उसके बाद बेटी ठोकरें खाती है। कल पत्रकार
10:11को पीटा गया। वो भी बेटी थी। इतना नफरत
10:15क्यों है दलित से? गरीब से छाप से उतना ही
10:18नफरत। यूथ से उतना ही नफरत, छात्र से
10:21किसान से उतना ही नफरत, संविधान से उतना
10:24ही नफरत, झंडा से उतना ही नफरत, सनातन से
10:27उतना ही नफरत, मंदिर से उतना ही नफरत और
10:30देश से उतना ही नफरत। ये चला कौन रहा है?
10:35कह रहा है कि हम तो
10:38हमारे तो आका लोग हैं।
10:40नरेंद्र मोदी जी भैया हैं। सब कैबिनेट
10:44मिनिस्टर उनके भैया और सया हैं।
10:48और वो इंटरव्यू दे रहा है। पुलिस उसको कुछ
10:50नहीं कर रही। खुलेआम इंटरव्यू दे रहा है।
10:55कभी रिचा सिंह के घर में ढुक के आप मारे।
11:00आप खौफ पैदा कर रहे हैं जैन जी और जैन
11:03अल्फा के आवाज को दबाने के लिए। सीने में
11:07गोली खाएगा। खून का एक-एक कतरा बहेगा।
11:12तब भी इस सरकार से नहीं डरेगी। इन्हें
11:15जाना होगा क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए
11:18खतरा बन चुके हैं। इस देश के लिए खतरा बन
11:22चुके हैं। इन्हें यह देश का पीढ़ी अब
11:26स्वीकार नहीं करेगा। दोस्तों, यह शख्स
11:29स्वतंत्र भारद्वाज जिसकी पहुंच कितनी थी,
11:31यह तो मैं आपको दिखला चुका हूं।
11:34प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण
11:36समारोह में इसको निमंत्रण मिला। 15 अगस्त
11:38में किस तरह से सेल्फी खिंचवा रहा था और
11:40इसी मंच पर मैंने आपको बताया था कि आज तक
11:44देश का एक न्यूज़ चैनल उसके एक एंकर के
11:48प्रोग्राम में इस व्यक्ति को दो बार
11:50बुलाया गया। यहां आप देख सकते हैं नेता की
11:53टोपी पहने मंच पर खड़ा हुआ है साहब। मंच
11:57पर खड़ा हुआ है। याद कीजिएगा दोस्तों ये
11:59वही एंकर हैं जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस
12:02की पूर्व संध्या पर एक निहायती ही
12:04सांप्रदायिक प्रोग्राम किया था कि इतने
12:06मुसलमान जो हैं वो बंटवारे के समय
12:08पाकिस्तान चले गए। इतने यहां रह गए। नतीजा
12:11लखनऊ की एक अदालत ने इनके खिलाफ केस दर्ज
12:13करने का आदेश दिया था। इनके प्रोग्राम में
12:16यह स्वतंत्र भारद्वाज एक नहीं दो-दो बार आ
12:19चुका है। पहली तस्वीर यह और दूसरी तस्वीर
12:21यह ऑडियंस में बैठा हुआ है और वही महिला
12:23एंकर उसका इंटरव्यू ले रही हैं।
12:27अब आप समझे
12:29जो व्यक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
12:31शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया जाता है। वो
12:35प्रधानमंत्री के इतने करीब सेल्फी लेता
12:37है। आप क्या उम्मीद कर रहे हैं? गोदी
12:40मीडिया सम्मान देगा ही। और सबसे बड़ी बात
12:43दोस्तों कल जब ये खबर ब्रेक हो रही थी तो
12:47कई न्यूज़ चैनल इसे एक्टिविस्ट बता रहे
12:49थे। एक्टिविस्ट
12:52एक आदमी जो खुलकर संविधान की धज्जियां
12:55उड़ाने की बात कर रहा है। एक आदमी जो
12:57खुलकर हिंसा की बात कर रहा है। एक आदमी जो
13:00खुलकर अटेमप्ट टू मर्डर की बात कर रहा है।
13:02उसे गोदी मीडिया एक्टिविस्ट बता रही है।
13:04कार्यकर्ता
13:07अब आप समझे इस देश की जड़ों में प्रॉब्लम
13:10क्या है? क्योंकि हमारा मीडिया दंगाई है
13:13और मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ
13:15कहता हूं क्योंकि अंबानी के न्यूज़ चैनल
13:17के एक पत्रकार के खिलाफ दंगा भड़काने को
13:19लेकर केस चल रहा है।
13:22मैं आपको बतलाना चाहता हूं कई पत्रकार जेल
13:26जा चुके हैं। रिपब्लिक का संपादक सात दिन
13:29तक जेल में था। तिहाड़ी
13:32एक तिहाड़ी पत्रकार है। वसूली के आरोप में
13:35वो तिहाड़ जेल में था करीब दो हफ्ते तक।
13:38यह पृष्ठभूमि है उन पत्रकारों की जो आज
13:41भारतीय जनता पार्टी की वोट उगाई करते हैं।
13:43उनकी सेवा करते हैं। और ऊपर से भाजपा
13:47भाजपा किस तरह के लोगों को पोषित करती है।
13:49मगर अब वक्त बदल रहा है। इस देश का युवा
13:53असली मुद्दों के साथ मैदान में है। वो इस
13:57सरकार से कह रहा है कि आप ध्यान नहीं भटका
13:59सकते। हिंदू मुस्लिम करके यही तो पुलिस
14:03स्टेशन में हुआ था ना। जब शाहीन और उनकी
14:07पत्रकार दोस्त को बेरहमी से पुलिस ने पीटा
14:10था।
14:11आखिरकार शाहीन और उनकी दोस्त के मामले में
14:15एफआईआर दर्ज हो गई है। मगर तब जब कांग्रेस
14:18के कार्यकर्ता साकेत पुलिस स्टेशन पहुंचते
14:21हैं, दबाव डालते हैं और आखिरकार उन्हें
14:24केस दर्ज करना पड़ता है।
14:28ये फैक्ट्स हैं और इन तथ्यों से हम दूर
14:31नहीं भाग सकते।
14:33यह हकीकत है और इन फैक्ट से हम दूर नहीं
14:36भाग सकते। आपको समझना पड़ेगा दोस्तों।
14:38पिछले 12 सालों में मीडिया दंगाई बन चुका
14:41है। पुलिस के तेवर में पक्षपात दिखाई देता
14:44है। पुलिस के तेवर में सांप्रदायिक सोच
14:47दिखाई देती है और भाजपा खुलकर
14:50बलात्कारियों का साथ देता है। उन्हें परोल
14:52पर रिहा करता है। गुंडों का साथ देता है।
14:55और यही हमने 20 जुलाई को भी देखा था जब कई
14:59सादे कपड़ों वाले लोग जिनके कोई नेमप्लेट
15:03नहीं थी। वो लोग डंडे का इस्तेमाल कर रहे
15:05थे। उनके चेहरे पर मास्क था, सिर पर
15:08हेलमेट था ताकि उन्हें पहचाना ना जा सके।
15:12यह अपने आप में बहुत चिंताजनक है। क्योंकि
15:15अगर हमारी पुलिस में ही इस तरह की अराजकता
15:18आ जाएगी तो देश में निजाम क्या रहेगा?
15:21कानून कौन सा रहेगा? अगर कानून का संरक्षण
15:25करने वाले कानून से दूर जाएंगे।
15:28ये जो मैं बात आपसे कह रहा हूं, बहुत
15:30गंभीर बात है। इस पर गौर फरमाइएगा।
15:34एक आदमी जो खुलकर अटेमप्ट टू मर्डर की बात
15:37कर रहा है उसे सम्मान देती है भाजपा।
15:40बलात्कारियों को सम्मान देती है भाजपा।
15:42पुलिस खुलकर सांप्रदायिक है। सबसे बड़ी
15:45बात जैसे मैंने कहा ना वक्त बदल रहा है।
15:47याद कीजिएगा दोस्तों रिटायर्ड नौकर शाह
15:49आशीष जोशी जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी
15:52गई है। जिन्हें 10 घंटे तक इंटेरोगेट किया
15:55गया है। उन्होंने क्या ट्वीट किया था?
15:58उन्होंने यही कहा था कि केंद्रीय गृह सचिव
16:01और अमित शाह के बीच में मतभेद हैं। 20
16:04जुलाई को छात्रों पर जो हिंसा हुई
16:06केंद्रीय गृह सचिव उसके खिलाफ थे।
16:10उसे Twitter से हटा दिया गया और उसके बाद
16:13उन्हें बुलाया जाता है। उनसे पूछताछ की
16:15जाती है। फिर एफआईआर भी दर्ज कर दिया जाता
16:17है। कहने का अर्थ क्या है?
16:20अब खुद सरकार के अंदर कई नौकरशाह इस सोच
16:24का विरोध कर रहे हैं। वह देख रहे हैं कि
16:27आप देश की जनता को इस तरह की हरकतों में
16:30हिंदू मुस्लिम में, गुंडई में,
16:33बलात्कारियों के समर्थन में, इन तमाम
16:36मुद्दों में उलझाकर नहीं रख सकते और फिर
16:38उसे राष्ट्रवाद का नाम नहीं दे सकते। इस
16:42सोच से आपको बाज आना पड़ेगा।
16:46और इस मंच पर मैं बेबाकी से यह मुद्दे
16:49उठाते रहूंगा। ताकतवर को जवाबदेह बनाता
16:52रहूंगा। यह मेरा वादा है। अभिसार शर्मा को
16:56दीजिए इजाजत। नमस्कार।