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Daily Bias Strategy : Which Day to Take Buy or Sell Trades? | Trading For Beginners

Neeraj joshi · 5,241 words · 24 min read

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0:01अगर आपको डेली कंफ्यूजन होता है कि आज मैं

0:03बाय करने के ट्रेड्स देखूं या फिर सेल

0:05करने के ट्रेड्स देखूं। क्योंकि देखो एक

0:06चार्ट में ना आपके ऊपर है। आप चाहो तो

0:08बाइंग अपॉर्चुनिटीज भी ढूंढ सकते हो,

0:10सेलिंग अपॉर्चुनिटीज भी ढूंढ सकते हो।

0:12लेकिन सही अपॉर्चुनिटी क्या है? इसके लिए

0:14हमें पहले एक बायस बनाना जरूरी है। और वो

0:16बायस बनाने के आज मैं आपको तीन तरीके

0:18बताने वाला हूं। तो इसमें जो सबसे पहला और

0:20सबसे आसान तरीका होता है वो होता है

0:22प्रीवियस डे की क्लोजिंग के बेसिस पे अपना

0:24बायस बनाना कि आज मैं मार्केट में बाइंग

0:26अपॉर्चुनिटीज़ ढूंढूंगा या फिर मैं सेलिंग

0:28अपॉर्चुनिटीज़ ढूंढूंगा। तो इसके लिए यहां

0:30पर हम आपको एग्जांपल दिखा रहे हैं। तो

0:32जैसे आज मान लो आप इस केस में अपना बायस

0:34बनाना चाहते हैं कि यहां पर आप बाय करेंगे

0:36या फिर सेल करेंगे। तो आपने डेली टाइम

0:37फ्रेम के चार्ट में आप चले गए। उसके बाद

0:39आपने क्या करना है? आपने आज आपकी हो सकता

0:42है यहां पर कुछ ना कुछ चार्ट में बन रहा

0:43होगा। तो इसको तो आप छोटे टाइम फ्रेम में

0:45देख के ट्रेड लेंगे। तो इसको अभी आप ध्यान

0:47मत दीजिए। आप इससे पहले की दो कैंडल पे

0:49ध्यान दीजिए। तो इससे पहले वाली जो कैंडल

0:52है, आपने क्या करना है? जैसे ये कल की

0:53कैंडल होगी, आज आपकी कुछ ना कुछ कैंडल

0:55यहां पे बन रही होगी। तो परसों की कैंडल

0:57का आपने हाई एंड लो को मार्क कर देना है।

1:00जैसे यहां पर हमने लो मार्क किया है। उसके

1:02बाद कल की कैंडल आज तो देखो कैंडल अभी बन

1:04ही रही है। तो ये जो कल की कैंडल है, कल

1:06की कैंडल अगर पिछली कैंडल से नीचे क्लोज

1:09हुई है, तो इसको हम कहते हैं बियरिश

1:11क्लोजिंग। तो अगर कल की कैंडल परसों की

1:13कैंडल के कंपैरिजन में नीचे क्लोज हुई है

1:15तो यह बेयरिश क्लोजिंग है और इसमें हम मान

1:17के चलते हैं कि आज भी मार्केट के बेयरिश

1:20होने के जो चांसेस होंगे वो काफी ज्यादा

1:22होंगे। तो यहां पर हम अपनी शॉर्ट करने की

1:24अपॉर्चुनिटीज ढूंढेंगे। अब मैं आपको एक और

1:26एग्जांपल दिखाता हूं सेम इस जगह पे। अब

1:28देखो ये वाला तो केस हो गया जहां पर मैंने

1:30आपको बेयरिश अपॉर्चुनिटीज दिखा दी कि भाई

1:32बेयरिश अपॉर्चुनिटी हमने ढूंढी और उस दिन

1:34आप देख सकते हो कि जिस दिन के लिए हम ढूंढ

1:36रहे थे उस दिन यहां पर मार्केट गिरा था।

1:39तो यानी यहां पर आपके जो ट्रेड्स होते हैं

1:41वो सही बन जाते। अब मान लो आज के दिन पे

1:43आपने बेयरिश अपॉर्चुनिटी ढूंढनी है तो आप

1:45क्या करेंगे? आप ये वाली जो आपकी कैंडल है

1:48इसके भी हाई एंड लो से लगते हुए कुछ इस

1:50तरीके से लाइन ड्रॉ कर सकते हैं। और यहां

1:52पर आप देख सकते हैं कि जो कैंडल है उसने

1:54इसके नीचे क्लोजिंग दे दी है। तो अब अगले

1:56वाला जो दिन होगा मतलब जिस दिन आप ट्रेड

1:58कर रहे होंगे यहां पर भी कुछ ना कुछ कैंडल

2:00बन रखी होंगी। तो इस दिन पे भी आपका जो

2:02बायस होगा वो बेरिश होगा। तो अगेन आप क्या

2:04करेंगे? आप सेल करने के ट्रेड्स ढूंढेंगे।

2:06जो बाइंग ट्रेड्स आपको दिख भी रहे होंगे

2:08आप उनको इग्नोर करेंगे। अब फिर से देखो

2:10मैं आपको आगे दिखाता हूं आगे क्या होता

2:12है। तो अब देखो हमने यहां पर हाई लो मार्क

2:14किया था। अब इसके बाद क्या हुआ? अगले दिन

2:16भी देखो यहां पर रेड कैंडल बन गई। इसका

2:18मतलब है कि अगले दिन भी जो हमने ट्रेड

2:20देखे होंगे वो सही बने होंगे। तो अब हमने

2:22क्या किया? इससे पहले वाली जो कैंडल है

2:25यहां पर हमने हाई एंड लो को मार्क कर

2:27दिया। अगली कैंडल फिर से उसके नीचे क्लोज

2:29हुई है तो इसके बाद वाला जो दिन जिस दिन

2:31हम ट्रेड करेंगे यहां पर भी हमारा जो बायस

2:33होगा वो बेरिश होगा। तो फिर मैं आपको

2:35दिखाता हूं अगले दिन क्या होता है। तो

2:37यहां पर आप देख सकते हैं उस दिन मार्केट

2:39थोड़ा बहुत साइडवेज रहता है। लेकिन अगर हम

2:41इस कैंडल को देखें तो वो रेड कलर की कैंडल

2:43बनी है जिसमें प्राइस बहुत नीचे तक गई है।

2:45यानी इसमें भी आपको सेलिंग के अच्छे खासे

2:47ट्रेड्स बन गए होते और बाइंग का तो सवाल

2:49यहां पर नहीं बनता है। लेकिन अब मान लो

2:51मुझे अगले दिन अपना बायस बनाना है। तो अब

2:53मैं बायस कैसे बनाऊंगा? तो फिर से देखो

2:55मैंने क्या किया? इससे बाद वाली जो कैंडल

2:57है यानी इस कैंडल के हाई एंड लो से लगते

2:59हुए मार्क कर दिया। अब अगली कैंडल देखो

3:01उतनी अच्छी कैंडल नहीं है। उतनी स्ट्रांग

3:03कैंडल नहीं है जिसके बेसिस पे मैं अपना

3:05शॉर्ट करने का बायस बना सकूं। यानी यहां

3:08पर हो सकता है कि मैं दूसरे तरीके या थर्ड

3:10मेथड का यूज़ करूं। इसके अलावा भी बहुत

3:12सारे मेथड्स होते हैं जिनका हम यूज़ कर

3:14सकते हैं। अब इसकी अगली कैंडल भी मैं आपको

3:16दिखाऊं यानी अगर हम सेम तरीके का भी यूज़

3:18कर रहे होते तो यहां पर आप देखेंगे उसके

3:20अगले दिन भी रेड कलर की कैंडल बनी है।

3:22यानी इतने सारे दिन का मैं आपको बिल्कुल

3:24सीरीज वाइज़ दिखा रहा हूं। सारे दिन आपका

3:26जो बायस होता वो शॉर्ट करने का होता और

3:28लगातार इन सारे दिन में जो मार्केट था वो

3:30नीचे की तरफ गिरा था। यानी आपके ट्रेड्स

3:32के सही निकलने के जो चांसेस होते हैं वो

3:34बहुत ज्यादा बढ़ जाते। अब फिर से मान लो

3:36मैंने 6 जून के लिए अपना बायस बनाना है तो

3:386 जून की कैंडल अभी बनी नहीं होगी क्योंकि

3:40हम डेली टाइम फ्रेम देख रहे हैं। तो यहां

3:42पर हमने क्या किया? हमने अपनी 4 जून की जो

3:44कैंडल है उसके हाई एंड लो को मार्क कर

3:46दिया। इवन एक बार मैं आपको हाई भी मार्क

3:48करके दिखा देता हूं। तो हाई की क्योंकि

3:50जरूरत नहीं पड़ रही है इसलिए मैंने मार्क

3:51नहीं किया था। अदरवाइज आप हर बार हाई एंड

3:53लो मार्क कर सकते हैं। आपने देखा कैंडल ने

3:56इसके नीचे क्लोजिंग दे दी है। यानी फिर से

3:58आपका जो अगली डेट है यानी 6 जून के लिए जो

4:00बायस होगा वो क्या होगा? वो बेयरिश होगा।

4:03फिर से आप देख सकते हैं कि भाई यहां पर

4:05उतना ज्यादा मार्केट नहीं गिरा है। लेकिन

4:07फिर भी आप देख सकते हैं प्राइस तो नीचे गई

4:09थी। यानी यहां पर भी आपका जो बायस था वो

4:11काफी हद तक सही था। अब देखो आपने सिर्फ एक

4:13कांसेप्ट के बेसिस पे अपने 7 दिन के बायस

4:16लगातार आप बनाते हुए चले गए और 7 दिन

4:18लगातार आपके बायस जो थे वो बिल्कुल सही

4:20थे। यानी आपके ट्रेड्स के सही निकलने के

4:22जो चांसेस होते हैं वो बहुत ज्यादा होते

4:24हैं। अब इसके बाद सेम दिन आप अपना

4:25कांसेप्ट अप्लाई करते यानी आप क्या करते?

4:28अब इसके बाद आप 7 तारीख के लिए अपना बायस

4:29बनाना चाहते हो तो आपने 5 तारीख की कैंडल

4:32का हाई एंड लो मार्क कर दिया कुछ इस तरीके

4:35से। बट उसके बाद क्या होता है? इसके अगले

4:37दिन यानी 6 जून के दिन आपको दिखाई देता है

4:39कि जो कैंडल है वो इसके नीचे क्लोजिंग

4:41नहीं देती है। यानी इस दिन हमारा जो बायस

4:44है अब वो बेयरिश नहीं हो सकता है। एटलीस्ट

4:46इस कांसेप्ट के बेसिस पे तो नहीं हो सकता

4:48है। तो अब हम इस दिन अपना बायस बनाना

4:51चाहते हैं तो वो कैसे बनाएंगे? तो इसके

4:53लिए हमें क्या करना है? हम अपने सेकंड

4:55तरीके का यूज़ करेंगे जो कि होता है

4:57लिक्विडिटी बायस। अब हम क्या करेंगे? अब

4:59हम थोड़ा सा वैसे तो यहां पर आप टाइम

5:01फ्रेम भी चेंज कर सकते हैं। आगे जो आपको

5:02एग्जांपल दिखाऊंगा उसमें हम दूसरे टाइम

5:04फ्रेम का ही यूज़ करेंगे। लेकिन यहां पर

5:06मैं आपको क्योंकि सीरीज वाइज एग्जांपल

5:08दिखा रहा हूं तो इस जगह पर हम क्या अप्लाई

5:09करते हैं वो दिखा देता हूं। तो हम क्या

5:11करते हैं? हम यहां से थोड़ा सा पीछे के

5:12चार्ट को देखते हैं और उसके बाद देखते हैं

5:14कि भाई यहां पर जहां तक प्राइस पहुंच गई

5:17है उसके आसपास पे लो कहां पर है? तो हमें

5:19दिखाई दे रहा है कि यहां पर प्राइस ने

5:21अपना लो बना रखा है। इसके बाद तो प्राइस

5:23सीधा बढ़ी थी और दोबारा से प्राइस अभी इस

5:26लेवल के पास पहुंच रखी है। तो हम क्या

5:27करेंगे? जो लो प्राइस ने बनाया था इस लो

5:30से लगते हुए अपनी एक लाइन ड्रॉ कर लेंगे।

5:32तो यहां पर हो गई हमने इस तरीके से अपनी

5:35लाइन ड्रॉ की और जैसे ही मैंने लाइन ड्रॉ

5:37की है तो अब आपको एक चीज दिखाई देती है और

5:39वो चीज बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। सबसे

5:41पहले तो यहां पर एक चीज मैं आपको बता दूं

5:43कि मार्केट जो था वो 60000 के लेवल के पास

5:46पहुंच गया था। यानी 60000 क्या है? एक

5:48साइकोलॉजिकल लेवल है। अगर कोई कहेगा कि

5:50बिटकॉइन 60000 आ गया है तो सबके दिमाग में

5:53जाएगा अच्छा इतना सस्ता हो गया है। यानी

5:55यहां से लोग बाइंग करना शुरू कर सकते हैं।

5:57लेकिन सिर्फ साइकोलॉजिकल लेवल के बेसिस पे

5:58तो भाई हम अपना ट्रेड प्लान नहीं करेंगे।

6:00मैं आपको सिर्फ थोड़ी सी इंफॉर्मेशन दे

6:02रहा हूं कि हां इस तरीके से भी चीजें काम

6:03करती हैं। लेकिन यहां पर हमें एक चीज

6:05देखने को मिली कि पुराना वाला कांसेप्ट तो

6:07काम नहीं कर रहा था। तो मैंने हाई एंड लो

6:09को हटा दिया। लेकिन मुझे दिखाई दिया कि

6:11भाई प्राइस ने क्या किया है? प्राइस ने

6:13नीचे की लिक्विडिटी को स्वीप किया है।

6:14यानी प्राइस 60 के लेवल के पहले थोड़ा सा

6:17नीचे आए। यहां पर आपको कैंडल्स में दिखाई

6:19दे रहा है और उसके बाद वापस से उसने ऊपर

6:21क्लोजिंग दे दिया है और वो भी डेली टाइम

6:23फ्रेम की कैंडल में ऐसा हुआ है। यानी

6:25प्राइस ने नीचे की लिक्विडिटी को स्वीप

6:27किया है। तो अब शायद यहां से प्राइस के

6:29ऊपर की तरफ जाने के चांसेस हैं। यानी जब

6:31हमें दिखाई देता है कि प्राइस ने किसी

6:34इंपॉर्टेंट लेवल के लो को स्वीप किया है।

6:36मतलब पहले प्राइस उस लेवल के नीचे गई।

6:38वहां पर लोगों के स्टॉप लॉस हिट करवाए और

6:40वापस से उस लेवल के अंदर आके प्राइस ने

6:42क्लोजिंग दे दिया है। तो इसको हम कहते हैं

6:44लिक्विडिटी स्वीप। और जब नीचे का

6:45लिक्विडिटी स्वीप होता है तो प्राइस के

6:47बढ़ने के चांसेस होते हैं। यानी यहां पर

6:49हम अपना जो बायस था वो बुलिश बायस बनाते

6:52हैं। और उसके अगले दिन पे देखो कि क्या

6:54होता है। मैं बिल्कुल सीरीज वाइज आपको

6:56दिखा रहा हूं। तो आप देख सकते हैं अगले

6:57दिन एक बड़ी सी ग्रीन कलर की कैंडल बनी थी

7:00और यहां पर जो प्राइस थी वो अच्छा खासा

7:022000 पॉइंट के आसपास बढ़ी थी। तो यहां पर

7:04आपने अपना बुलिश बायस बनाया होता। आप बाय

7:06करने के ट्रेड्स ढूंढ रहे होते और उसके

7:08बाद प्राइस बढ़ती तो आपके ट्रेड्स के यहां

7:10पर भी सही निकलने के जो चांसेस थे वो काफी

7:12ज्यादा बढ़ जाते। अब इसके बाद मुझे

7:14नेक्स्ट डे के लिए अपना बायस बनाना है। तो

7:16यहां पर मैं क्या करता? मैं इस रेड कैंडल

7:18के हाई एंड लो को मार्क करता। लेकिन उससे

7:20पहले देखो एक बड़ी रेंज मेरे पास ऑलरेडी

7:22यहां पर एग्जिस्ट कर रही है। यानी इससे

7:24पहले की जो कैंडल है वो इस कैंडल के ऊपर

7:27भी है और इस कैंडल के नीचे भी है। तो फिर

7:29इस कैंडल को मार्क करने का कोई फायदा नहीं

7:31है। मैं इससे पहले वाली जो रेड कैंडल है

7:33इसके हाई एंड लो से लगते हुए यहां पर लाइन

7:35ड्रॉ कर देता हूं। मैं इससे पहले वाली

7:36लाइन ना हटा देता हूं ताकि आपको कंफ्यूजन

7:38ना रहे। क्योंकि ये वाला जो मैंने आपको

7:39बायस दिखाया था उसके लिए वो लाइन ड्रॉ की

7:41थी। तो यहां पर हमारी ये जो रेड लाइन थी

7:44हमने इसके हाई एंड लो को इस तरीके से

7:46मार्क कर दिया और उसके बाद इस कैंडल में

7:48हमें क्या दिखाई देता है कि इसका जो हाई

7:50था प्राइस ने उसको स्वीप किया था इस दिन

7:53पे। तो अगर प्राइस ने हाई को स्वीप किया

7:55था तो अगले दिन पे प्राइस के गिरने के जो

7:58चांसेस होंगे वो काफी ज्यादा होंगे और

8:00यहां पर आप देख सकते हैं अगले दिन क्या

8:01होता है एक रेड कलर की छोटी सी कैंडल बनती

8:04है। मार्केट हम कह सकते हैं कि बहुत

8:06ज्यादा रेंज में नहीं था और वो हम समझ भी

8:08सकते हैं। देखो काफी टाइम से मार्केट गिर

8:10रहा था। उसके बाद एक कैंडल बनी है। तो

8:12यहां पर थोड़ा बहुत साइडवेज होगा। लेकिन

8:13फिर भी आप कह सकते हैं कि हां भाई रेड

8:15कैंडल बनी थी। प्राइस थोड़ा नीचे आई थी।

8:17तो आपका बायस काफी हद तक यहां पर भी सही

8:19है। अब मैंने फर्स्ट मेथड के आपको काफी

8:21सारे एग्जांपल दिखा दिए हैं। और जहां पर

8:23हमारे ज्यादातर जो एग्जांपल थे उसमें

8:25हमारा बायस सही निकल कर आ रहा था। लेकिन

8:27देखो कोई भी चीज हमेशा काम नहीं करती है।

8:29कई बार इसके थ्रू आप बायस हो सकता है नहीं

8:31बना पा रहे हो या फिर आपका बायस जो है वो

8:33गलत भी निकल सकता है। तो अब मैं आपको

8:35दूसरा मेथड बताता हूं। अब सेकंड मेथड

8:37बताने से पहले अगर आप बिटकॉइन, इथेरियम या

8:39गोल्ड में इंडिया में रहते हुए लीगली

8:41ट्रेड करना चाहते हैं, तो आप डेल्टा

8:43एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन कर सकते

8:44हैं। यह इंडिया में एफआईयू रजिस्टर्ड है

8:46और अगर आप हमारे लिंक का यूज़ करके अपना

8:48अकाउंट ओपन करते हैं तो आपको हमारी तरफ से

8:49दो बेनिफिट मिलते हैं। पहला तो अधिरा एi

8:51का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन हम देते हैं और

8:53साथ ही हम आपको हमारे प्राइवेट Telegram

8:55ग्रुप में ऐड भी करते हैं। बट उसके लिए जो

8:57हमारा लिंक है उसके थ्रू ही आपने अकाउंट

8:59ओपन करना है और साथ ही नीचे जो Google

9:01फॉर्म दे रखा है उसको जरूर फिल कर लेना

9:03है। क्योंकि Google फॉर्म के थ्रू डिटेल्स

9:04को वेरीफाई करने के बाद ही हम आपको एक्सेस

9:07दे पाएंगे। तो Google फॉर्म को भी जरूर

9:08फिल कर लेना। सारे लिंक आपको डिस्क्रिप्शन

9:10में और पिंड कमेंट में मिल जाएंगे। अब

9:12फर्स्ट मेथड तो आपको समझ आ गया है। तो

9:14सेकंड मेथड हमें क्यों चाहिए? तो वो हमें

9:16इसलिए चाहिए कि कई बार ऐसा हो सकता है कि

9:18मार्केट ने इतनी बड़ी रेंज बना दी है।

9:20देखो हम डेली टाइम फ्रेम को देख रहे हैं

9:22कि उसके बाद कई दिन तक मार्केट उसी रेंज

9:24के अंदर घूम रहा है। जैसे ये आप देख सकते

9:26हैं इस दिन पे अगर हम इस कैंडल का हाई एंड

9:28लो मार्क कर लें तो अगले दिन भी उसका लो

9:30नहीं टूटा। उसके अगले दिन भी नहीं टूटा।

9:32उसके अगले दिन भी ये टूटा, अगले दिन भी ये

9:34टूटा। यानी छ सात दिन तक उसका लो टूटा ही

9:36नहीं है। तो ऐसे में क्या हम ट्रेड नहीं

9:38करेंगे या हम बायस नहीं बनाएंगे? तो हमें

9:40बायस तो तब भी बनाना है क्योंकि अगर अगले

9:42दिन को भी देखोगे तो मूव तो काफी बड़ा था।

9:44यहां पर भी आप देख सकते हो कई हजार पॉइंट

9:46का मूव था। तो अगर हजारों पॉइंट के मूव को

9:48हम छोड़ दें कि हमारा बायस नहीं बन रहा है

9:50तो वो तो बेवकूफी होगी। तो इसके लिए हम

9:52क्या करेंगे? यहां पर अब हम आ जाएंगे छोटे

9:54टाइम फ्रेम में। जैसे कि आप 4 घंटे या 1

9:57घंटे के टाइम फ्रेम में आ सकते हैं। बायस

9:58बनाने के लिए टाइम फ्रेम छोटा ही है। तो

10:00हम एग्जांपल के लिए 1 घंटे के टाइम फ्रेम

10:03में आ गए हैं। अब यहां पर हम अपना बायस

10:05कैसे बना सकते हैं? चलिए समझते हैं। तो अब

10:07जब हम छोटे टाइम फ्रेम में आते हैं तो वही

10:09जो 1 दिन की कैंडल थी 1 घंटे के केस में

10:11वो 24 कैंडलों में टूट चुकी है। तो हमारी

10:13हाई एंड लो रेंज तो आपको दिखाई दे रही है।

10:15ये बड़े टाइम फ्रेम में हमने मार्क कर रखी

10:17थी और हम आ चुके हैं छोटे टाइम फ्रेम में।

10:19मान लेते हैं इस टाइम पे हम चार्ट में आते

10:21हैं। तो हमें क्या करना है? अब छोटे टाइम

10:23फ्रेम में भी इन बड़े लेवल्स को छोड़ के

10:25जहां पर अभी मार्केट चल रहा है हम वहां पर

10:28उन लेवल्स को मार्क करेंगे। जैसे यहां पर

10:30आप देख सकते हो कि मार्केट अभी इस लेवल पे

10:32चल रहा है 80000 के। तो मैं 82,000 का

10:35लेवल अभी देखना उतना ज्यादा इमीडिएटली

10:37मेरे काम नहीं आएगा। आजकल तो मार्केट एकदम

10:39से बहुत ऊपर नीचे जा रहा है तो शायद काम आ

10:41भी जाए। लेकिन अदरवाइज इन जनरल केस में

10:43काम नहीं आएगा। तो जब मुझे पता है कि

10:45मार्केट 80,000 के लेवल पे चल रहा है और

10:47मैं ट्रेड यहां पे प्लान कर रहा हूं तो

10:49मैं क्या करूंगा? इससे आसपास का कोई हाई

10:51मुझे नजर आता है तो मैं उस हाई को मार्क

10:53करूंगा। जैसे यहां पर मुझे हाई नजर आ रहा

10:55था। मैंने इसको मार्क किया। मैं यहां पर

10:57ट्रेड लेने बैठा हूं तो इसको मार्क करके

10:58क्या करूंगा? अगर मार्केट इसके ऊपर या

11:00आसपास आता है तब मैं इसको मार्क करूंगा।

11:02तो मैंने इससे पहले के जो ये हाई नजर आ

11:05रहा था इसको मार्क कर दिया। लो भी मैंने

11:07देखा कि भाई ये एक लो था तो इसको भी मैंने

11:09मार्क किया। दूसरा मुझे ट्रेंड लाइन भी

11:11यहां पर बनती हुई नजर आ रही थी जिसमें उसे

11:12दिखाई दे रहा था कि भाई मार्केट में तो

11:14यहां भी लिक्विडिटी होगी ना। तो मैंने इस

11:16लेवल को भी मार्क कर लिया। अब इसके बाद

11:18क्या होता है? देखो ये हमने अपना हाई

11:19मार्क करके रखा हुआ था। कैंडल क्या करती

11:21है? ये जो ग्रीन वाली कैंडल है ये इसके

11:23ऊपर जाती है और उसके बाद अगली रेड कलर की

11:26कैंडल बनती है जो कि इस रेंज के नीचे

11:28क्लोजिंग दे देती है। देखो यहां पर

11:30क्लोजिंग दिया है। यानी इस जगह पे क्या

11:32हुआ है? इस जगह पर हो चुका है लिक्विडिटी

11:35स्वीप। तो जब लिक्विडिटी स्वीप ऊपर की

11:37साइड पर हुआ है तो यहां से प्राइस के नीचे

11:40जाने के चांसेस हैं। यानी यहां पर हमने

11:42अपना बायस क्या बना लिया कि प्राइस नीचे

11:43गिर सकती है। तो फिर अगेन हम अपनी शॉर्ट

11:46करने की अपॉर्चुनिटीज यहां पर ढूंढ सकते

11:48हैं। तो एक रीज़न तो हमें पता है कि भाई

11:49यहां पर लिक्विडिटी स्वीप हो चुका है।

11:51उतना ही रीज़न बायस बनाने के लिए काफी है।

11:53लेकिन यहां पर हमें और भी चीजें दिख रही

11:55थी। जैसे मार्केट ने ऊपर की तरफ तो

11:57लिक्विडिटी स्वीप की है। लेकिन यहां पर भी

11:59मार्केट में लिक्विडिटी पड़ी है। इसके बाद

12:01यह भी काफी मेजर लिक्विडिटी ज़ोन हमारा

12:03यहां पे पड़ा हुआ है। तो हो सकता है कि

12:05मार्केट अब यहां तक आए। तो इस तरीके से हम

12:07अपने सेकंड मेथड में अपना बायस बना सकते

12:09हैं। और इसके बाद आप देख सकते हैं कि यहां

12:11पर मार्केट एकदम से गिरता है। ये वाली

12:13लिक्विडिटी को लेता है। थोड़ा सा धोखा

12:15देता है और उसके बाद नीचे वाली जो

12:16लिक्विडिटी है मार्केट इस लिक्विडिटी को

12:18भी यहां पर ले लेता है। यानी जैसा हमने

12:20सोचा था बिल्कुल वैसा ही हुआ। प्राइस यहां

12:22से अच्छी खासी गिरी है तो यहां पर भी

12:24हमारा जो ट्रेड होता वो काफी हद तक सही

12:27निकलता। अब इसके बाद मान लो आपने यहां पर

12:29अपना ट्रेड ले लिया होता। अब फिर से आप

12:31यहां पर अपना बायस बनाना चाहते हो। आप

12:32अपना ट्रेड प्लान करना चाहते हो तो आपको

12:34पता है भाई ये सारी चीजें तो हो चुकी है।

12:36मार्केट ने सारी लिक्विडिटी का इस्तेमाल

12:38कर लिया है। तो फिर इसको देख के तो कोई

12:40फायदा नहीं है। लेकिन यहां पर आपको दिखाई

12:42देता है मार्केट ने अपना एक लो बनाया था

12:44और ये मैं 1 घंटे का टाइम फ्रेम देख रहा

12:46हूं। यह भी कोई छोटा टाइम फ्रेम नहीं होता

12:47है। अगर ट्रेड लेना है। बायस बनाने के लिए

12:49हो सकता है कि आपको छोटा लगे। लेकिन ये

12:51गलत टाइम फ्रेम नहीं है जिसमें हम बायस

12:53बनाएं। तो हमने देखा कि भाई मार्केट ने

12:55यहां पर अपना लो बनाया था और उसके बाद ये

12:58जो रेड कैंडल है उसमें मार्केट नीचे गया

13:00और उसके अगली ग्रीन कैंडल में मार्केट ऊपर

13:02चला गया। यानी यहां पर जिस-जिस के स्टॉप

13:04लॉस थे सबको चू चुना लगा दिया। तो अब इसके

13:07बाद हमें पता है कि जब नीचे की लिक्विडिटी

13:09मार्केट खा चुका है और ऊपर यहां पर

13:11लिक्विडिटी है। यहां पर लिक्विडिटी है।

13:13इवन यहां पर भी लिक्विडिटी है तो मार्केट

13:15अब इस लेवल पे आ सकता है। यानी यहां से

13:17प्राइस के बढ़ने के चांसेस हो सकते हैं।

13:19तो हमारा अब बायस क्या बनेगा? हमारा बायस

13:21बनेगा यहां से बुलिश। तो हम यहां पर अपना

13:25बाय करने का ट्रेड प्लान करेंगे। अब इसके

13:27बाद क्या होता है? यहां से जो मार्केट है

13:28वो वापस से ऊपर जाने लगता है और ऊपर

13:31जाते-जाते ये वाला जो हाई है मार्केट इसकी

13:33लिक्विडिटी को भी ले लेता है। यानी यहां

13:35से प्राइस बढ़ी थी मतलब हमारा बायस यहां

13:37पर भी क्लियर था कि भाई प्राइस बढ़ेगी और

13:39एक्चुअल में प्राइस बढ़ी तो हमारा जो

13:41ट्रेड होता वो सही बनता। अब इसके बाद मुझे

13:44यहां पर अगर फिर से बायस बनाना है कि मुझे

13:46कौन सा ट्रेड लेना है। तो मैं क्या करता

13:48मुझे यहां पर एक हाई दिखाई दे रहा है। मैं

13:50इस हाई से लगते हुए यहां पर एक लाइन ड्रॉ

13:52कर देता। मैं आपको एक बार दिखा देता हूं

13:53कि किस तरीके से हम फिर से बायस बना सकते

13:55थे और बिल्कुल कंटिन्यूटी में आपको चीजें

13:57दिखा रहा हूं। देखो यहां पर आपने देखा

13:59मार्केट का हाई था और इस जगह पे दिखाई

14:01देता है कि ग्रीन कैंडल पहले ऊपर गई। यहां

14:03पर जिस-जिस के स्टॉप लॉस रहे होंगे सबको

14:04चूना लगाया। अगली कैंडल में मार्केट नीचे

14:06आ गया। यानी ऊपर की जब लिक्विडिटी स्वीप

14:09कर ली गई है। तो अब इसके बाद क्या है?

14:11यहां से प्राइस के गिरने के चांसेस हैं और

14:13इस तरीके से मार्केट गिर सकता है। तो अब

14:15देखते हैं इसके बाद क्या होता है। तो यहां

14:17से आप देखेंगे कि मार्केट जो है वो यहां

14:19से नीचे गिरने लग जाता है और इस तरीके से

14:22पूरा नीचे तक जाता है। यानी इस तरीके से

14:25आप देख सकते हैं कि इस बार भी जो हमने

14:26बायस बनाया था वो बहुत हद तक सही था। और

14:29ऐसे ही आप मार्केट में बायस बनाते हैं। ये

14:31था हमारा सेकंड मेथड। अब चलिए अपना थर्ड

14:33मेथड समझते हैं। तो अब जो हमारा तीसरा

14:35तरीका होता है बायस बनाने का वो होता है

14:37सेशंस के बेसिस पे अपना बायस बनाना। अब ये

14:40सेशंस होते क्या हैं? तो देखो ये जो

14:41ग्लोबल मार्केट है ये तीन सेशंस में

14:43डिवाइडेड है। एक है एशिया सेशन, दूसरा है

14:45लंदन सेशन और तीसरा है न्यूयॉर्क सेशन।

14:48एशिया सेशन में क्या होता है? जनरली

14:49मार्केट में उतने बड़े मूव्स देखने को

14:51नहीं मिलते हैं। कई कबभार देखने को मिल

14:53सकते हैं। लेकिन इन जनरल बात कर रहा हूं।

14:55इसके बाद होता है लंदन सेशन। लंदन सेशन

14:57में हमें ठीक-ठाक मूव्स देखने को मिलते

14:59हैं। लेकिन जो सबसे बड़े मूव्स हमें देखने

15:01को मिलते हैं वो मिलते हैं न्यूयॉर्क सेशन

15:02के बेसिस पे। और यहां पर भी मार्केट क्या

15:04करता है? एक दूसरे के सेशंस की लिक्विडिटी

15:06को स्वीप करता है तो उसके बेसिस पे भी हम

15:08अपना बायस बना सकते हैं। अब इन सेशंस को

15:10देखने के लिए या तो आप खुद से टाइम याद कर

15:12सकते हैं। लेकिन अगर वो सब नहीं करना है

15:14तो आपने क्या करना है? आपने यहां पर

15:16इंडिकेटर पे जाना है और उसके बाद सेशंस

15:18लिख के सर्च करना है। तो यहां पर आपको

15:19लक्स एल्गो का एक सेशंस इंडिकेटर नजर आता

15:22है। आपने इस पे क्लिक कर देना है। जैसे ही

15:24आप इस पे क्लिक करते हैं तो आप देखेंगे कि

15:26आपके चार्ट पे ये जो इंडिकेटर है यह प्लॉट

15:28हो जाएगा। थोड़ा सा कई बार टाइम ले सकता

15:30है। जैसे इस केस में अभी थोड़ा सा लोड

15:32होने में टाइम ले रहा है। तो ये इंडिकेटर

15:33कुछ इस तरीके से आपके चार्ट में प्लॉट हो

15:35जाता है। अब जैसे ही आप इस इंडिकेटर को

15:37चार्ट पे प्लॉट कर लेते हैं तो इसके बाद

15:39यहां पर आपको एक सिडनी सेशन भी देखने को

15:42मिलता है। आप क्या कीजिए? इस सिडनी सेशन

15:44को यहां से अनटिक कर दीजिए क्योंकि वो

15:46ऑलमोस्ट टोक्यो सेशन के अंदर ही कवर हो

15:48जाता है। तो वहां पर आपको दो-दो सेशंस

15:50देखने की जरूरत नहीं है। एक के अंदर ही वो

15:52कवर हो रहा है। तो अब आपको मेनली तीन

15:54सेशंस देखने को मिल रहे हैं। एक है टोक्यो

15:56जिसको हम एशिया सेशन बोल रहे हैं। दूसरा

15:57है लंदन और तीसरा है न्यूयॉर्क सेशन। अब

16:00यहां पर अगर आप अपना बायस बनाना चाहते हो

16:02तो वो आप कैसे बनाओगे? जैसे मान लो आप

16:04यहां पर ट्रेड प्लान कर रहे होते और आप

16:06सोचते कि भ एकदम से मार्केट नीचे क्यों

16:08गिर गया? तो आपको अगर इन सेशंस के बारे

16:11में पता होता तो आपको पता चलता कि भाई

16:13यहां से मार्केट तो एक्चुअल में नीचे से

16:14गिर सकता था जो हम पहले से पता कर सकते

16:16थे। वो हुआ क्यों? देखो ये है लंदन सेशन

16:19जो ब्लू कलर में मार्क हो रखा है। इस टाइम

16:21पीरियड में लंदन का मार्केट खुला रहता है।

16:23तो इस वजह से इसे लंदन सेशन कहा जाता है।

16:25यानी वहां के जो ट्रेडर्स होंगे, वहां के

16:27जो फर्म्स होंगी वो ज्यादा एक्टिव होंगी

16:29इस टाइम पर। तो हमने क्या किया? हमने इस

16:31सेशन का जो हाई बना था, लंदन सेशन के टाइम

16:34पर जो भी ग्लोबल चार्ट्स होते हैं, उनका

16:35जो हाई बना था, हमने उस हाई को मार्क कर

16:37दिया। जैसे यहां पर हाई जो था वो इस जगह

16:40पे था। मैंने इससे लगते हुए लाइन ड्रॉ कर

16:41दी। मैं साथ ही जो लो बना होगा इस टाइम

16:43फ्रेम में देखिए ये वाला जो कलर है ये है

16:45लंदन सेशन का। तो ये लो बना है। मैंने इस

16:47लो को भी मार्क कर दिया। अब इसके बाद मान

16:50लो मैं शाम को अपना ट्रेड करने बैठता हूं

16:52और मुझे दिखाई देता है कि भाई ये जो लंदन

16:54सेशन है इसके हाई को न्यूयॉर्क सेशन में

16:56स्वीप कर लिया गया है। अब यहां पर ध्यान

16:58से देखेंगे तो आपको दिखाई देगा ये जो

17:00कैंडल है इसकी वि पूरा ऊपर तक गई। यहां पे

17:03लंदन सेशन के थोड़ा सा ऊपर गई। यहां पर

17:05क्या किया? जिन्होंने भी इस टाइम पर शॉर्ट

17:07कर रखा होगा उनके पहले स्टॉप लॉस हिट

17:09करवाए उसके बाद मार्केट एकदम से नीचे आ

17:11गया। तो जब ऊपर की लिक्विडिटी स्वीप हो

17:13चुकी है तो यहां से प्राइस के गिरने के

17:15चांसेस होते हैं। ये हमें पता है। तो इस

17:17तरीके से भी अब हम अपना बायस बना सकते

17:19हैं। और इस केस में आप 5 मिनट 15 मिनट के

17:22टाइम फ्रेम का भी यूज़ कर सकते हो। तो सबसे

17:23पहले तो मार्केट ने लंदन के हाई को स्वीप

17:26किया। उसके बाद नीचे आया। फिर क्या हुआ?

17:28ये था लंदन का लो जो हमने मार्क करके रखा

17:30था। मार्केट उससे नीचे आ गया। तब तक हमें

17:32कोई फर्क नहीं है जब तक नीचे आया। लेकिन

17:34अगली ही कैंडल में हमें दिखाई देता है कि

17:36वापस से मार्केट इस लंदन की रेंज के अंदर

17:38आ गया है। यानी नीचे इतना बड़ा लिक्विडिटी

17:41स्वीप किया। इतने सारे लोगों का स्टॉप लॉस

17:42हिट करवा दिया। तो इसके बाद यहां से

17:44प्राइस के बढ़ने के चांसेस हैं। ऑलदो उतना

17:46ज्यादा प्राइस नहीं बढ़ी थी लेकिन थोड़ी

17:48बहुत तो बढ़ी थी जिसमें आपके ट्रेड्स बन

17:50सकते थे। और अगर आगे भी देखें तो प्राइस

17:52इससे नीचे नहीं आई थी तो आपका ट्रेड लॉस

17:54में तो नहीं जाता। अब इसके बाद हमने क्या

17:56किया? देखो बाकी दो तरीके भी हैं वो भी

17:58इस्तेमाल कर सकते हो। लेकिन ये तीसरा

18:00तरीका आपको समझा रहा हूं। तो ये भी कई जगह

18:02पे अप्लाई हो सकता है। तो आपने टोक्यो

18:04सेशन यानी जो एशिया सेशन है उसका ये था

18:06हाई ये था लो। इसको भी मार्क कर दिया। अब

18:09इसको जब आपने मार्क कर दिया है तो यहां पर

18:11आपको दिखाई देता है कि लंदन सेशन में

18:12प्राइस इसके ऊपर निकल गई है। जब तक ऊपर है

18:15तब तक आपको मतलब नहीं है। लेकिन थोड़ी देर

18:17बाद आपको दिखाई देता है कि प्राइस वापस से

18:19इसके नीचे आ गई है। तो रेड कैंडल में जैसे

18:21ही ये नीचे आती है तो हमें पता चल गया कि

18:23यहां पर पूरा खेल हुआ था। स्वीप किया गया

18:25था। यानी यहां से प्राइस के गिरने के

18:27चांसेस हैं। और आप देख सकते हैं प्राइस

18:29यहां से अच्छी खासी गिरी थी। आपका ट्रेड

18:31बन गया होता। इसके बाद हम क्या करते हैं?

18:33हम देखते हैं कि भाई हमने तो टोक्यो सेशन

18:35का लो भी मार्क किया था। लो जब हमने मार्क

18:37करके रखा था तो हमें दिखाई देता है कि भाई

18:39जो प्राइस है वो इसके लो को भी यहां पर

18:41स्वीप कर दिया जाता है। पहले थोड़ा सा

18:43स्वीप होता है उसके बाद आप देख सकते हैं

18:45यहां पर स्वीप हुआ था। प्राइस अच्छी खासी

18:47बढ़ गई थी। तो जैसे ही स्वीप हुआ आप यहां

18:49पर अपना बाय करने का ट्रेड प्लान कर सकते

18:51थे और यहां से प्राइस जो थी वो ऊपर गई थी।

18:54ऑलदो इस टाइम पीरियड में काफी ज्यादा

18:55मैनपुलेशन देखने को मिला है। तो उस टाइम

18:57पीरियड पे हो सकता है कोई न्यूज़ हो या कोई

18:59और रीजन हो। तो उन चीजों को भी हमेशा

19:01कंसीडर करना चाहिए। इवन इस एग्जांपल में

19:03देखें तो बाद में इसका हाई भी मार्केट

19:05स्वीप करता है और फिर प्राइस नीचे भी आती

19:07है। यानी ट्रेड्स तो इसमें भी बन रहे थे।

19:10अब इसके बाद यहां पर देखो टोक्यो का हाई

19:12एंड लो मार्क कर दिया। प्राइस ने इस हाई

19:14से पहले ऊपर तक गई लंदन सेशन में फिर इसके

19:16नीचे आ गई। यानी लंदन सेशन में मार्केट ने

19:18ये जो टोक्यो का हाई था इसको स्वीप किया

19:21है। प्राइस पहले ऊपर गई वापस इसके नीचे आ

19:23गई है। यानी गिरने के चांसेस हैं। तो

19:24हमारा बाय शॉर्ट करने का होता। उसके बाद

19:26हमें दिखाई देता है कि यहां तक तो बाय

19:28शॉर्ट करने का था। फिर हमने लो भी मार्क

19:30करके रखा हुआ था। प्राइस पहले थोड़ा सा

19:32नीचे जाती है। वापस ऊपर क्लोजिंग दे देती

19:35है। तो अब हमारा बायस बन जाता है बाय करने

19:37का। उसके बाद आप देख सकते हैं प्राइस

19:38अच्छी खासी बढ़ी है। यानी इस तरीके से भी

19:41आप अपना बायस बना सकते हैं। एंड इवन अगर

19:43मैं आपको अभी जब मैं इस वीडियो को शूट कर

19:45रहा हूं तब का एग्जांपल दिखाऊं तो देखो ये

19:47न्यूयॉर्क सेशन है और ये न्यूयॉर्क सेशन

19:49का हाई है। अब इसके बाद क्या होता है?

19:50न्यूयॉर्क के हाई को मार्केट टोक्यो सेशन

19:52में स्वीप कर देता है। यानी यहां पर आप

19:54देख सकते हैं ऊपर की तरफ स्वीप किया है।

19:56मार्केट नीचे आ गया है। तो अब अगर मुझे

19:58कुछ बायस बनाना होता तो मैं यहां पर शॉर्ट

20:00करने का बायस बनाता। तो इस तरीके से आप

20:02बायस बना सकते हैं और उसके बाद आप उसी

20:04टाइप के ट्रेड्स को ढूंढेंगे तो आपकी जो

20:06एक्यूरेसी होगी वो काफी ज्यादा बढ़ जाएगी।

20:08मैं उम्मीद करता हूं आपको ये वीडियो पसंद

20:09आई होगी। वीडियो पसंद आई है तो वीडियो को

20:11लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर

20:12दीजिएगा। डेल्टा एक्सचेंज का लिंक

20:14डिस्क्रिप्शन में दे रखा है। Google फॉर्म

20:15का लिंक डिस्क्रिप्शन में दे रखा है।

20:16बिल्कुल बेसिक टू एडवांस ट्रेडिंग सीखना

20:18चाहते हो तो ये वाली प्लेलिस्ट देख लेना।

20:19और अगर एडवांस ट्रेडिंग को बहुत ज्यादा

20:21डीप में सीखना चाहते हो तो ये वाली

20:22प्लेलिस्ट देख लेना। धन्यवाद।

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