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0:00अगर आपका बजट बहुत लो है, आपका
0:02इन्वेस्टमेंट बहुत कम है और आप एक
0:03ई-कॉमर्स बिजनेस शुरू करने के बारे में
0:05सोच रहे हैं। चाहे आपकी एक छोटी सी दुकान
0:07है या फिर आप अपने घर से इस बिजनेस को
0:09शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं। तो यह
0:11कैसे किया जाता है? अगर आप Amazon,
0:13Flipkart या Meesho पे सेल करना चाहते
0:15हैं, तो यह कैसे किया जाता है? अपनी
0:17वेबसाइट या फिर Instagram पे या Facebook
0:19पे पेज बनाकर सेल करना चाहते हैं। आपको
0:21बिल्कुल भी आईडिया नहीं है तो इस वीडियो
0:23को एंड तक जरूर देखिएगा। मैं आपके सारे
0:25डाउट्स क्लियर कर दूंगा। मैं इस वीडियो को
0:27कुछ पांच अलग-अलग हिस्सों में बांट रहा
0:29हूं। सो दैट वन बाय वन मैं आपको समझा सकूं
0:32कि कैसे आपको स्टेप बाय स्टेप आगे बढ़ना
0:33है और अपने एक छोटे बिजनेस को इन मार्केट
0:37प्लेसेस पर लाना है और आपके लिए सबसे
0:39बेस्ट प्लेटफार्म कौन सा है? क्या आप
0:42Amazon पे सेल करेंगे? क्या आप Flipkart
0:44पे सेल करेंगे? क्या आप Meesho पे सेल
0:45करेंगे या अपनी खुद की वेबसाइट बनाकर सेल
0:47करेंगे? इन सभी सवालों के जवाब मैं इस
0:49वीडियो में आप लोगों को जरूर दूंगा और
0:51बहुत अच्छे से दूंगा। चैनल पे पहली बार हो
0:53अभी का अभी सब्सक्राइब कर दो और वीडियो को
0:54लाइक कर लो। सो दैट आपके लाइव वीडियोस में
0:56ये रहे और आप बाद में भी इसे जाके आराम से
0:58देख सकते हैं। सबसे पहली जो चीज हम डिस्कस
1:01करेंगे दैट इज डॉक्यूमेंट्स। देखो
1:03डॉक्यूमेंट्स बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले
1:05करेंगे। डॉक्यूमेंट्स क्यों जरूरी है?
1:07क्योंकि मार्केट प्लेसेस जितने भी है ना
1:09Amazon, Flipkart, Meesho वो आपसे आपके
1:12कुछ इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट्स मांगते हैं।
1:14तभी वो आपको रजिस्टर करने देते हैं। अब
1:16डॉक्यूमेंट्स में क्या-क्या चीज आती है?
1:18सबसे पहला पैन कार्ड आता है जो आप ही का
1:20होगा। यह मत सोचिएगा कि आपके भाई का, काका
1:22का, मामा का, चाचा का पैन कार्ड या जीएसटी
1:24नंबर लाके आप जो है इनको दे देंगे और
1:25लिस्ट कर देंगे, सेल कर देंगे। नहीं, ऐसे
1:27नहीं करना है। आपको अपना ही पैन कार्ड
1:30लाना है। ठीक है? उसके बाद आपको एक जीएसटी
1:33बनवाना पड़ेगा। किसी भी चार्ट ट्रेड
1:35अकाउंटेंट के पास जाओ जो आपके नियर बाय
1:37एरिया में है। उसके पास जाओ। उनसे मिलो।
1:40उनको बोलो कि मैं यह बिजनेस शुरू कर रहा
1:41हूं और मुझे यह जीएसटी नंबर बनवाना है।
1:44जीएसटी साल में चार बार भरा जाता है। 3
1:48महीने में एक बार भरा जाता है। तो यह मत
1:50टेंशन करना कि सर हमें क्या हर महीने
1:52जीएसटी भरना है? नहीं। सेल आएगी तो भरना
1:54है। नहीं आएगी तो निल भरना है। अगर
1:56ऑर्डर्स नहीं आए तो कोई जीएसटी भरने की
1:58जरूरत नहीं है। ठीक है? तीसरी चीज आपको
2:00क्या डॉक्यूमेंट चाहिए? तीसरी चीज आपको जो
2:03डॉक्यूमेंट रहेगा दैट इज करंट अकाउंट जो
2:06आपके बैंक में होगा। लोग कहेंगे कि क्या
2:08सेविंग अकाउंट से काम नहीं चलेगा? कहा
2:09नहीं गवर्नमेंट कहती है कि सेविंग अकाउंट
2:11में अगर आप बिजनेस के ट्रांजैक्शंस करोगे
2:13और अगर यह बात इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को
2:16पता चलती है तो आपको प्रॉब्लम हो जाएगी।
2:18यह चीज नहीं करनी है। हमको एक करंट अकाउंट
2:20खुलाना है। चौथी चीज आपके पास एक वैलिड
2:23ईमेल और आपका एक कांटेक्ट नंबर होना चाहिए
2:25जो बहुत इंपॉर्टेंट है। और उसके अलावा जो
2:27दो डॉक्यूमेंट्स हैं वो है ट्रेडमार्क और
2:29ब्रांड ऑथराइजेशन लेटर। यह बाद की बात है।
2:32अगर आप किसी के ब्रांडेड प्रोडक्ट सेल
2:33करना चाहते हो तो आपके पास उस ब्रांड का
2:35ब्रांड ऑथराइजेशन लेटर होना चाहिए जो बहुत
2:37डिफिकल्ट है। टू बी ऑनेस्ट बड़े-बड़े
2:39ब्रांड्स ऑलरेडी मार्केट प्लेसेस पर
2:41डायरेक्ट सेल कर रहे हैं या फिर उनके
2:42बड़े-बड़े होलसेलर और वेंडर्स उसे सेल कर
2:44रहे हैं। ट्रेडमार्क तब कराया जाता है जब
2:46हमारे प्रोडक्ट्स अच्छे बिकने चालू हो
2:48जाते हैं और हमें लगता है कि हम इस
2:49पर्टिकुलर कैटेगरी के अंदर सेल कर सकते
2:51हैं और हमारा एक ब्रांड बना सकते हैं। तो
2:53आई होप आपको पता चल गया कि डॉक्यूमेंट्स
2:56कौन-कौन से रिक्वायर्ड हैं। नाउ द सेकंड
2:58पार्ट इज डिलीवरी एंड लॉजिस्टिक और
3:00फुलफिलमेंट सिस्टम। अब ये अगर आपको आर्डर
3:02आएगा तो आप उसे कैसे पैक करोगे, कैसे
3:05भेजोगे? देखो Amazon, Flipkart और Meesho
3:07के अलग-अलग डिलीवरी के सिस्टम है। Amazon
3:10के ऊपर दो ऑप्शन है। एक सेल्फशिप और एक
3:13इजीशिप। मतलब सेल्फशिप का यह होता है कि
3:15अगर आप सिर्फ Amazon पे सेल्फशिप इनेबल
3:17करते हो तो आप जिन पिन कोड्स पे प्रीपेड
3:20ऑर्डर्स लेना चाहते हो यानी कि सिर्फ और
3:22सिर्फ प्रीपेड ऑर्डर्स आए कैश ऑन डिलीवरी
3:24ऑर्डर नहीं आए तो आप वो इनेबल कर सकते हो
3:26Amazon के ऊपर। Flipkart के ऊपर ऐसा कोई
3:28फीचर नहीं है। Flipkart पे प्रीपेड और कैश
3:30ऑन डिलीवरी ऑर्डर दोनों आते हैं। Amazon
3:32पे आप प्रीपेड ले सकते हो। लेकिन इजी शिप
3:34के अंदर कैश ऑन डिलीवरी और प्रीपेड
3:36ऑर्डर्स भी आपको Amazon पे भी आएंगे और
3:38Flipkart पे भी आएंगे और Meesho के ऊपर भी
3:40आप कैश ऑन डिलीवरी और प्रीपेड ऑर्डर्स ले
3:42सकते हो। ये तीनों ऑप्शन कंपनी खुद
3:44प्रोवाइड कराती है आपको। अब Amazon के
3:46कूरियर पार्टनर्स हैं वो ज्यादातर होते
3:48हैं एटीएस। Amazon ट्रांसपोर्टेशन सर्विज
3:51जो आपके सारे प्रोडक्ट को डिस्पैच कराना
3:53और कस्टमर से वापस लाने का काम करते हैं।
3:55Flipkart का है Ecat और उसके साथ-साथ
3:57Meesho का है VMO। ये तीनों कंपनीज़ क्या
4:00करती है? आपके एड्रेस से प्रोडक्ट को पिक
4:02करती है और कस्टमर को डिलीवर करती है।
4:04उसके कुछ चार्जेस होते हैं। और अगर कस्टमर
4:06रिटर्न आता है तो उसे वापस लेकर आना होता
4:08है वापस कस्टमर के यहां से। उसके भी कुछ
4:10चार्जेस आपको पे करने पड़ते हैं। ये
4:12चार्जेस डिटेल में मैं आपको फिर कभी किसी
4:13और वीडियो में समझा दूंगा। लेकिन बेसिक
4:15चीज जो मैं आप लोगों को बता रहा हूं ये
4:17आपको जाननी जरूरी है। अब बात करते हैं
4:18प्रोडक्ट कैटेगरीज की। देखो एक टर्म होता
4:21है जिसे कहा जाता है एवरेज ऑर्डर वैल्यू।
4:23यानी कि अगर आप Amazon पर अपने प्रोडक्ट
4:26सेल करना चाहते हो और Amazon के जो
4:28कस्टमर्स हैं वो किस माइंडसेट के हैं और
4:30वो किस प्रोडक्ट्स को लेना पसंद करते हैं।
4:32किस पर्टिकुलर प्राइस सेगमेंट में वो
4:34प्रोडक्ट परचेस करना पसंद करते हैं तो
4:36वहां पर लाखों के भी प्रोडक्ट बिकते हैं
4:37और सस्ते प्रोडक्ट भी मिलते हैं। यानी कि
4:39जो एवरेज ऑर्डर वैल्यू है वो काफी अच्छी
4:42है Amazon के ऊपर। क्वालिटी के प्रोडक्ट्स
4:44होंगे तो महंगा होगा तो भी बिकेगा।
4:46प्रोडक्ट्स की अगर बात करी जाए Amazon के
4:48ऊपर इलेक्ट्रॉनिक्स, किचन, टॉयज, फैशन,
4:50ब्यूटी ये सारे बहुत अच्छे सेल होते हैं।
4:53और अगर Flipkart की बात की जाए तो
4:55इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन सबसे ज्यादा बिकते
4:58हैं Flipkart के ऊपर। अगर आप इस तरीके की
5:00कैटेगरीज में बेचेंगे अपने प्रोडक्ट्स को
5:02तो ये दो मार्केट प्लेस आपके लिए बहुत
5:04फायदेमंद साबित हो सकते हैं। वहीं पर अगर
5:06Meesho की बात की जाए तो इसका जो एओवी है
5:08ना वो बहुत कम है। ₹150 के प्रोडक्ट, ₹200
5:11के प्रोडक्ट, ₹300 में पांच टीशर्ट मिल
5:13रहे हैं। अब आप खुद सोचिए कि उन कस्टमर्स
5:15का क्या माइंडसेट होगा? वो किस तरीके के
5:17प्रोडक्ट्स लेना पसंद करते हैं। हर कोई
5:19सस्ता प्रोडक्ट नहीं लेना पसंद करता है।
5:21ऑब्वियस सी बात है कि ₹300 में अगर ऑनलाइन
5:23पांच टीशर्ट मिल रहे हैं, चार टीशर्ट मिल
5:25रहे हैं तो उनकी क्वालिटी क्या होगी? बट
5:27MSHO ने एक अपना पूरा बेस बना रखा है और
5:30वो इसी ऑडियंस को कैटर करना चाहते हैं।
5:32वहां पर ब्रांडिंग, बड़े ब्रांड्स वगैरह
5:34कुछ नहीं है। उनको जरूरत भी नहीं है।
5:36Flipkart और Amazon पे बड़े ब्रांड्स हैं।
5:38ठीक है? तो ये चीज का आपको ध्यान रखना है।
5:41अब जो अगली चीज है दैट इज कमीशन। अब कमीशन
5:43आपको जानना बहुत जरूरी है कि मार्केट
5:45प्लेसेस के कमीशन एंड प्राइिंग का क्या
5:47सिस्टम रहता है। Amazon ने अभी रिसेंटली
5:49अपने ₹300 से कम वाले प्रोडक्ट के ऊपर 0%
5:52कमीशन कर दिया है। ठीक है? Flipkart पे
5:54काफी टाइम से ₹300 से ₹500 के आसपास के
5:56प्रोडक्ट्स पे काफी सारे वर्टिकल्स पे 0%
5:58कमीशन था। और Meesho पे तो लोग सेल ही
6:00इसलिए करते थे क्योंकि वहां पर 0% कमीशन
6:02है। अब आप इस कंफ्यूजन में रहते हैं कि
6:04यार Meesho पे कमीशन नहीं लग रहा है तो हम
6:06तो Meesho पे सेल करेंगे। बट आप यह देखिए
6:08कि वहां पर किस तरीके के कस्टमर्स आपसे
6:10प्रोडक्ट परचेस कर रहे हैं। Amazon और
6:12Flipkart के ऊपर किस तरीके के प्रोडक्ट्स
6:14परचेस किए जा रहे हैं। यह तो आपको देखना
6:16पड़ेगा। और इसके लिए आप तीनों मार्केट
6:17प्लेसेस पर अपने प्रोडक्ट जो है वो लिस्ट
6:20करेंगे। राइट? तीनों मार्केट प्लेसेस पे
6:22अपने प्रोडक्ट लिस्ट करिए। थोड़ा टाइम
6:23लीजिए और देखिए किस मार्केट प्लेसेस पर
6:26आपके प्रोडक्ट अच्छे बिक रहे हैं। ठीक है?
6:28आपके प्रोडक्ट पे कहां पर ज्यादा डिमांड आ
6:30रही है? अगर आपका प्रोडक्ट Meesho पे
6:32अच्छा बिक रहा है, आपको लग रहा है तो इसका
6:34मतलब आपकी जो ऑडियंस है, आपके प्रोडक्ट की
6:36जो ऑडियंस है वो Meesho पर अवेलेबल है।
6:37Meesho के कस्टमर्स आपके प्रोडक्ट को लेना
6:39पसंद कर रहे हैं। वहीं पर अगर Amazon पे
6:41बिक रहा है तो यानी कि Amazon के जो
6:43कस्टमर्स हैं वो आपके प्रोडक्ट लेना पसंद
6:45करते हैं। फ्यूचर में जब आप नए और महंगे
6:47और अच्छे प्रोडक्ट लाएंगे तो वो Amazon पे
6:49आके आप सेल कर सकते हैं। Meesho पे नहीं
6:51कर सकते हैं। Meesho पे आपको एक लिमिटेड
6:53एवरेज ऑर्डर पे रहना पड़ेगा। और कमीशन की
6:55बात की जाए तो Meesho के ऊपर तो किसी भी
6:57प्राइस सेगमेंट पे कोई कमीशन नहीं है।
6:59Amazon और Flipkart के ऊपर आप 300 से
7:01ज्यादा में सेल करते हो तो कुछ कमीशन आपको
7:03एक्स्ट्रा पे करना पड़ेगा। नाउ द मोस्टेंट
7:06टॉपिक दैट इज रिटर्न रेट और आरटीओ। आरटीओ
7:08किसे कहा जाता है? रिटर्न टू ओरिजिन। यानी
7:10कि प्रोडक्ट गया कस्टमर ने लिया भी नहीं,
7:12अनडिवर्ड रहा। प्रोडक्ट पैक का पैक ऐसा
7:14कैसा वापस आ गया? दैट इज कॉल्ड आरटीओ। अब
7:17Amazon, Flipkart और Meesho के ऊपर इजी
7:20शिप और प्रीपेड की मदद से स्पेशली Amazon
7:22पे आरटीओस बहुत कम है। बिल्कुल कम है। यह
7:25मैं आपको अच्छे से समझा रहा हूं। ध्यान से
7:27सुनिएगा। Amazon के ऊपर जो भी आर्डर आएंगे
7:30उसके ऊपर आरटीओस आपको कम आएंगे। प्रोडक्ट
7:32कस्टमर को डिलीवर होंगे। Amazon Prime
7:34मेंबर्स के लिए अलग से फीचर दे रखा है।
7:36बहुत सारी चीजें और सुविधा और प्रोफेशनल
7:38तरीके से आपको दी जाएगी। Flipkart के ऊपर
7:40थोड़े से आरटीओ ज्यादा है। Amazon के
7:43कंपैरिजन में। Flipkart के ऊपर आरटीओस
7:45थोड़े से ज्यादा है लेकिन Flipkart पे भी
7:47आपको प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरीके के
7:49ऑर्डर्स आएंगे। पोस्टपेड का मतलब होता है
7:51कैश ऑन डिलीवरी और प्रीपेड का मतलब होता
7:53है जो पहले से ही पे किया जाता है। यह
7:55ध्यान रखिएगा आप। तीसरा है Meesho। Meesho
7:58के ऊपर आपको ज्यादातर कैश ऑन डिलीवरी
7:59ऑर्डर्स आएंगे। प्रीपेड ऑर्डर्स बहुत कम
8:01है। कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर्स ज्यादा है।
8:04Meesho के ऊपर सस्ते प्रोडक्ट बिकते हैं।
8:05इसलिए ऑर्डर्स बहुत ज्यादा आते हैं। और
8:07ऑर्डर्स जब बहुत ज्यादा आते हैं तो आरटीओस
8:09होने के भी चांसेस बहुत ज्यादा बढ़ जाते
8:11हैं। और जब प्रोडक्ट सिर्फ आरटीओस और
8:13इसमें ही निका रहता है तो काफी सारा स्टॉक
8:15आपका जो है ना वो इन ट्रांजिट यानी कि
8:18कस्टमर तक जाना और कस्टमर से वापस आना उस
8:20बीच में ट्रैवल करता है। तो काफी सारा
8:23स्टॉक आपका ट्रैवलिंग में ही रहेगा।
8:25Meesho के ऊपर यह प्रॉब्लम रहती है थोड़ी
8:27सी। ये जो चीजें मैंने आप लोगों को बताई
8:29है ये मैंने अपने कमेंट्स, अपने अनुभव,
8:32अपने स्टूडेंट्स जो हमारी कम्युनिटी के
8:34स्टूडेंट्स हैं, हमारे जो कोर्सर्सेस
8:35ज्वाइन करके रखे हुए हैं, जिन्होंने उनके
8:37जो फीडबैक है, उसके आधार पर मैं आप लोगों
8:39को बता रहा हूं। ठीक है? अब इन पांचों
8:42पॉइंट्स को समझने के बाद मैं आपको एक चीज
8:44यह समझाना चाहता हूं दोस्तों कि अगर आपके
8:47पास एक लैपटॉप है, एक मोबाइल है, एक
8:49इंटरनेट कनेक्शन है और एक छोटा सा प्रिंटर
8:51है। उसके बाद आप ₹500 में एक अच्छा सा
8:55बिजनेस आराम से शुरू कर सकते हो। इनिशियल
8:58स्टेज पे थोड़ा टाइम लगेगा स्केल करने में
9:01क्योंकि आपको एड्स भी रन करने पड़ेंगे।
9:03उसके साथ-साथ आपको प्रमोशंस भी करने
9:05पड़ेंगे। टाइम थोड़ा लग सकता है लेकिन
9:07मेरा यकीन मानिए छोटे से शुरू किए हुए
9:10काफी सारे बिजनेसेस आज बहुत बड़े लेवल पर
9:12हैं। टाइम कैसे लगता है कि जिन प्रोडक्ट्स
9:14पे आज Amazon के ऊपर 5000 7000 10000
9:17रिव्यूज हैं जहां पर शायद आज महीने के एक
9:201000 ऑर्डर आ रहे हैं एक प्रोडक्ट के ऊपर
9:22तो वो प्रोडक्ट आज लिस्ट नहीं हुए उसमें
9:24बहुत टाइम लग गया 2 साल 3 साल 4 साल 5 साल
9:27आपको भी थोड़ा सा टाइम लगेगा लेकिन अगर
9:30आपने राइट मार्केट प्लेस सेलेक्ट कर लिया
9:32और आपको राइट ऑडियंस मिल गई आज नहीं तो कल
9:35आपका ई-कॉमर्स बिजनेस सिर्फ चलेगा नहीं
9:38दौड़ेगा
9:39पेशेंस रखिएगा अपने आप पर यकीन रखिएगा और
9:42आई एम श्योर आज नहीं तो कल आप एक
9:45सक्सेसफुल ई-कॉमर्स सेलर जरूर बनेंगे।
9:48मेरी पहली प्रेफरेंस रहेगी Amazon, मेरी
9:50दूसरी प्रेफरेंस रहेगी Flipkart और मैं
9:52थर्ड नंबर पे रखूंगा Meesho को। ई-कॉमर्स
9:55बिज़नेस शुरू करना है। नहीं समझ में आ रहा
9:57है Amazon पे कैसे सेल किया जाता है। यह
9:58प्लेलिस्ट दे रखी है। इसको क्लिक करो। वन
10:00बाय वन वीडियोस देखो और सीखना शुरू करो।
10:03थैंक यू सो मच गाइस। इस वीडियो को पूरा
10:04देखने के लिए। मिलते हैं अगली वीडियो में।
10:06तब तक के लिए टेक केयर।