Full transcript
0:01[संगीत]
0:05लेडी एंड जेंटलमैन फ्रॉम बीइंग लड टू द
0:08स्लॉट इज सोल्जर्स बैक विडिफाइस
0:13[संगीत]
0:14एंड आई हैव अनदर मैसेज फॉर द वर्ल्ड
0:16आउटसाइड दिस हॉल वी [संगीत] आर विनिंग
0:23दोस्तों इजरायल दुनिया के सबसे पावरफुल
0:25कंट्रीज में से एक है और इस देश के बारे
0:27में सबसे माइंड ब्लोइंग बात यह है कि
0:30इजराइल ने पिछले 50 सालों में छह वॉर्स
0:33लड़े हैं। पांच-प देशों ने एक साथ इजराइल
0:36पर हमला किया है। चारों तरफ इजराइल को
0:38टेररिस्ट ने अटैक किया है। बड़े-बड़े
0:41देशों ने इजराइल को बॉयकॉट किया है। यहां
0:43तक कि ईरान के लीडर ने एक ओपन स्टेटमेंट
0:46भी दिया है कि वो इजराइल का नामोनिशान
0:48मिटा देंगे।
0:52खबीस अब नफ्स कान अब अमरी
1:01बकाई
1:16और इजराइल एक ऐसा देश है जिसके पास ना ही
1:19चाइना जैसी बड़ी आर्मी है ना इंडिया जैसा
1:22लेबर। इसके साथ-साथ ज्योग्राफिकली देखा
1:24जाए तो इजराइल के पास ना सऊदी अरेबिया
1:27जैसे तेल का कुआं है ना नेचुरल रिसोर्सेज।
1:30यहां तक कि 1948 में जब इजराइल को आजादी
1:32मिली थी इजराइल के पास पानी तक की कमी थी।
1:35इनफैक्ट 1948 में इजरयली गवर्नमेंट ने 10
1:39लीटर पर पर्सन का लिमिट लगा दिया था। और
1:421948 में कोई भी अगर इजराइल को देखता तो
1:45वो यही कहता कि इजराइल ना अफ्रीका जैसे एक
1:48गरीब देश बनकर सर्वाइव भी कर जाए तो भी
1:50बहुत बड़ी बात है। लेकिन इसके बावजूद भी
1:52इजराइल आज इतना पावरफुल कंट्री बन चुका है
1:55कि इंडिया, यूएस, चाइना जैसे बड़े-बड़े
1:58देश इजली टेक्नोलॉजी पर डिपेंडेंट है।
2:00इजराइल पूरी दुनिया को अपने वेपन्स बेचता
2:03है। एंड इजराइल इज कंसीडर्ड टू बी द एटथ
2:05मोस्ट पावरफुल नेशन इन द वर्ल्ड। आई हैव अ
2:08मैसेज फॉर द इफ यू स्ट्राइक अस वी विल
2:12स्ट्राइक यू
2:16[संगीत]
2:18देयर इज नो प्लेस एनी
2:20द लॉन्ग आर्म विजुअल कैन नॉट रीच [संगीत]
2:25इजराइल इज नोन एस द स्टार्टअप नेशन बिकॉज़
2:28ऑफ़ ऑल द सक्सेसफुल टेक कंपनी इट हैज़ हैच
2:31इंडिया
2:33स्पेंड्स विद इजराइल फॉर्मली
2:37टू कन्विक्शन इन दिस मोमेंट एंड बिय्ड
2:44[संगीत]
2:48तो सवाल यह है कि बिना पानी के, बिना लेबर
2:51के, बिना नेचुरल रिसोर्सेज के और बिना तेल
2:54के इजराइल जैसा एक छोटा सा देश दुनिया का
2:57एट्थ मोस्ट पावरफुल देश कैसे बना? इजराइल
3:00ने ऐसी कौन सी स्ट्रेटजीस का इस्तेमाल
3:02किया जिसकी वजह से वॉर करते-करते इजराइल
3:05एक स्टार्टअप नेशन बन पाया। एंड व्हाट आर
3:07द लेसंस दैट इंडिया नीड्स टू [संगीत] लर्न
3:08फ्रॉम द राइज़ ऑफ़ इजराइल?
3:14दोस्तों, यह चैनल ज़दा थिंग स्कूल का एक
3:16जॉइंट इनिशिएटिव है जिसके माध्यम से हम
3:18भारत को वर्ल्ड क्लास बिज़नेस एजुकेशन देना
3:20चाहते हैं। तो अगर आप भी बिज़नेस सीखना
3:22चाहते हो या जिओपॉलिटिक्स के बारे में
3:23सीखना चाहते हो, तो प्लीज इस चैनल को
3:25सब्सक्राइब करो। आपके लिए तो यह फ्री है,
3:27लेकिन हमारे लिए यह बहुत-ब जरूरी है।
3:34दोस्तों, यह कहानी स्टार्ट होती है 14th
3:37मई 1948 से जब इजराइल को आजादी मिली और
3:40अगले ही दिन आई रिपीट अगले ही दिन उन पर
3:43एक नहीं दो नहीं बल्कि पांच अलग-अलग देशों
3:47ने एक साथ अटैक कर दिया। और ये देश थे
3:49इजिप्ट, सीरिया, जॉर्डन, इराक और लेबिन।
3:54इजराइल द नेक्स्ट बाय इजिप्ट एंड अरब
3:58थाउजेंड्स [संगीत] ऑफ टैंक्स फ्रॉम इजिप्ट
4:01जॉर्डन सीरिया सराउंडेड द इजराइली
4:07इजराइल तभी इतना गरीब था कि उनके पास
4:09सिर्फ कुछ पुराने प्लेेंस और वेपन्स थे जो
4:12उन्हें स्टैलिन ने भेजे थे। तो ऑब्वियसली
4:14सबको लगा कि अरब्स बहुत ही आसानी से
4:17इजराइल को खत्म कर देंगे। बट यू नो व्हाट
4:20पूरी दुनिया यह देख के हैरान हो गई कि
4:22इजरयलीज ने ना सिर्फ उन पांचों आर्मीज़ को
4:25हराया बल्कि वेस्टर्न जेरूसलम और नॉर्दन
4:28एरर को भी कैप्चर कर लिया। तो ये हुआ
4:31कैसे? वेल इजलीस के पास एक ऐसी चीज थी जो
4:35अरब्स के पास नहीं थी। एक साइकोलॉजिकल
4:37स्ट्रेटजी। [संगीत] जी हां, वॉर के बीच जब
4:40इजरलीस के बॉम्ब्स और आर्टिलरीज़ खत्म हो
4:43गए, तभी एक सोल्जर को ना सेल्जर बॉटल यूज़
4:46करने का एक आईडिया आया। इफ यू डोंट नो
4:47सेल्सर बॉटल्स, ग्लास की बॉटल्स होती है
4:50जिनमें ना सोडा स्टोर किया जाता था। और जब
4:53ये बॉटल्स हाई एटीट्यूड से ड्रॉप किए जाते
4:55थे, तो ऐसी साउंड आती थी जैसे कोई बॉम्ब
4:58गिर रहा हो। तो इजराइलियलीज ने पूरे देश
5:01से सेल्सर बॉटल्स जमा किए, एक क्रॉप डस्टर
5:03प्लेन में लोड करा और अरब एरियाज में उनको
5:06ड्रॉप करने लगे। और इन बॉटल्स ने इतनी
5:09आवाज करी कि अरब्स को लगा कि उन पर बॉम्ब
5:12गिराए जा रहे हैं। तो सारे के सारे
5:14सोल्जर्स डर के भागने लगे। इसके साथ-साथ
5:16इजरायल ने डेविड का नाम के एक वेपन को यूज़
5:18किया व्हिच वाज़ सीमिंगली यूज़लेस वेपन। और
5:21यह वेपन इतनी जोर से आवाज़ करता था कि
5:23अरब्स को लगा कि इजराइलीस के पास कोई
5:25डेडली वेपन है। और कुछ को तो ऐसा लगा जैसे
5:28इज़राइलीस के पास एटॉमिक बॉम्ब था। तो सब
5:31के सब पैनिकिक होकर भागने लगे। और छह
5:33आर्मीज़ जब एक साथ अटैक कर रहे थे उनकी
5:36सबसे बड़ी प्रॉब्लम ही ये थी कि वो
5:37कोऑर्डिनेशन में बहुत वीक थे। और जब एक
5:40आर्मी भागने लगी तो सारे कंफ्यूज होकर
5:42यहां वहां भागने लगे। इन्हीं चालाक
5:45टेक्निक से इजराइल ने अपने स्टेट को बिना
5:47वेपंस के भी डिफेंड किया। सिमिलरली 1967
5:51में जब इजिप्ट, इराक, सीरिया और जॉर्डन ने
5:53उन पर अटैक किया तो उन्होंने इतनी
5:55एक्यूरेट इंटेलिजेंस कलेक्ट की थी कि
5:57इजिप्शन एयरफोर्स टेक ऑफ करने से पहले जो
6:00पायलट्स ब्रेकफास्ट कर रहे थे, इजरलीस ने
6:02उनके एयरपोर्ट्स पर बॉम्ब गिरा दिया।
6:04जिससे उनकी पूरी आर्मी पैरालाइज हो गई।
6:07इसके साथ-साथ इजराइल ने बनाया दुनिया का
6:10सबसे बेहतरीन स्पाई एजेंसी जिसे आज दुनिया
6:14मोसाद के नाम से जानती है। [संगीत]
6:20वन ऑफ़ द मोस्ट इफेक्टिव सीक्रेट [संगीत]
6:22सर्विसेस इन द वर्ल्ड।
6:25द मसाबराइल [संगीत]
6:28सिक्योरिटी स्ट्रेटजी
6:33[संगीत]
6:35प्रोटेक्ट इजराइल।
6:38दोस्तों, आपको पता है मोसाद का एक स्पाई
6:40था एली कोहिन जिनको इजराइल ने एक अमीर
6:43बिजनेसमैन बनाकर मिशन के लिए सीरिया भेजा।
6:46उन्होंने वहां बड़ी-बड़ी पार्टीज थ्रो करी
6:48और धीरे-धीरे सीरियन लीडरशिप से ऐसी
6:51दोस्ती बना ली कि सीरियन गवर्नमेंट उन्हें
6:54डेपुटी डिफेंस मिनिस्टर की पोजीशन देने
6:56वाला था। तो आप समझ रहे हो ये कितनी
6:58ज्यादा क्रेजी बात है। और पता है एली ने
7:01क्या किया? एली ने ना सिर्फ इंटल गैदर
7:04किया सीरियंस की हेल्प करने के बहाने एली
7:07गए सीरियन बॉर्डर पर और वहां जाकर
7:09उन्होंने यह पता किया कि सोल्जर्स कहां
7:11छुपते थे। फिर एक दिन डोनेशन के बहाने एली
7:14ने सीरियन मिलिट्री को बोला कि भाई हमारे
7:17सोल्जर्स यहां धूप में इतना स्ट्रगल क्यों
7:19कर रहे हैं? इन इजरलीस को अगर आपको मारना
7:21है ना तो आपको रेस्ट की जरूरत है। तो मैं
7:24एक काम करता हूं। यहां ना मैं यूक्लिपिस
7:26के झाड़ लगवा देता हूं। इससे हमारे
7:28सोल्जर्स इजराइल पर नजर भी रख पाएंगे और
7:30आराम भी कर पाएंगे। और इन्हीं ट्रीज को
7:33मार्कर जैसे यूज करके इजराइलीस ने यह पता
7:36किया कि सीरियन सोल्जर्स कहां छुपते हैं।
7:39तो कुछ महीनों बाद इजरलीस को जहां-जहां
7:41यूक्लिप्टस ट्रीज दिखे वहां पर उन्होंने
7:44अटैक करवा कर सीरियन आउटपोस को खत्म कर
7:47दिया। ये थी मुसाद की पावर। उनके [संगीत]
7:50ऐसे ऐसे स्पाइस थे जो दुश्मन के देश में
7:53ऐसे गुल मिल जाते थे कि दुश्मन उन्हें खुद
7:55सारी बात बता देता था। इसी से इजराइल सारे
7:59अटैक्स का सामना कर पाया और थ्रेट के
8:01ओरिजनेट होने से पहले ही वो अपना अटैक
8:04प्लान कर लेते थे। ये थी इजराइल की
8:06प्रोटेक्शन लेयर। अब आप बोलोगे भाई ये तो
8:09बस डिफेंस है और वॉर्स तो बहुत ज्यादा
8:11कॉस्टली होते हैं। तो इजराइल ने इन वॉर्स
8:13के बीच अपनी इकॉनमी को कैसे ग्रो करा?
8:15दोस्तों, यहीं पर इजराइल को बाय गॉड्स
8:17ग्रेस बहुत सारा फाइनेंसियल हेल्प मिला।
8:19होलोकॉस्ट के बाद ग्लोबल जस सोसाइटीज़ ने
8:22इजरायल को बहुत सारा पैसा डोनेट किया।
8:24वेस्ट जर्मनी से उन्हें $865 मिलियन
8:27डॉलर्स के रेपेरेशंस मिले और यूएस इजरायल
8:29को बहुत सारा पैसा एड में दिया करता था।
8:32पर आपको पता है दोस्तों एड ना अफ्रीका को
8:35भी मिलता है लेकिन आज अफ्रीका इजराइल के
8:37नजदीक भी नहीं है। तो सवाल यह है कि जब
8:40अफ्रीकन कंट्रीज आज भी इतने गरीब है
8:42इजराइल एड को लेके इतना अमीर कैसे बन
8:45पाया? वेल एज इट टर्न्स आउट इट्स नॉट द
8:47मनी इट्स व्हाट [संगीत] यू डू विथ द मनी
8:49दैट मैटर्स। दोस्तों, इसकी सीक्रेट छुपी
8:52है इजराइएल के एजुकेशन सिस्टम में जो
8:54इंडिया से बहुत-ब अलग है। अब आपको रियलाइज
8:57होगा कि हमारा एजुकेशन सिस्टम कितना बड़ा
9:00फेलियर है। दोस्तों, आपको पता है हमने
9:02पिछले 15 सालों में इजराइल के पूरे
9:05पॉपुलेशन से ज्यादा सिर्फ इंजीनियर्स
9:07प्रोड्यूस किए हैं। पर आज इंडियन
9:09इंजीनियर्स को मास एक्रटर्स आलू टमाटर की
9:12तरह हायर करते हैं। क्योंकि हमारे
9:14इंजीनियर्स के पास मार्केट में वैल्यू ऐड
9:16करने के लिए कॉम्पिटेंट [संगीत] स्किल्स
9:18ही नहीं है। जहां एक तरफ हमारे
9:20इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स सिर्फ मार्क्स और
9:21सबमिशंस के लिए प्रोजेक्ट बनाते हैं,
9:23[संगीत] वहीं इजराइल में प्रोजेक्ट्स को
9:25स्ट्रिक्टली प्रॉब्लम सॉल्विंग के बेसिस
9:27पर इवैलुएट किया जाता है। जब हमारे
9:29इंजीनियरिंग प्रोफेसर्स स्टूडेंट से कॉपी
9:31पेस्ट असाइनमेंट करवा रहे थे, तभी [संगीत]
9:34इजराइल के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स वाटर
9:36स्केसिटी, इरीगेशन, डिफेंस और मेडिकल
9:38[संगीत] प्रॉब्लम्स को उठाकर वर्ल्ड क्लास
9:40प्रोडक्ट्स बना रहे थे। क्योंकि इजराइल का
9:42मानना यह था कि [संगीत] हमारे पास लोग तो
9:45कम है लेकिन हमारा एक-एक सिटीजन एक वर्ल्ड
9:48क्लास इंजीनियर, डॉक्टर या साइंटिस्ट
9:50बनेगा जिससे [संगीत] इजराइल एक टेक सुपर
9:53पावर बन पाएगा। इसीलिए इजराइल एजुकेशन को
9:55आज भी टॉप प्रायोरिटी देता है। जिससे
9:58इजराइल से बड़े-बड़े इन्वेंशंस निकल के
10:00आते हैं। और इसका रिजल्ट पता है क्या था?
10:021960 में वाटर शॉर्टेज सॉल्व करने के लिए
10:05सिमचा ब्लास्ट नाम के एक इंजीनियर ने
10:07इन्वेंट किया ड्रिप इरीगेशन। और आज उनकी
10:10कंपनी नेटा फर्म एक ग्लोबल पावर हाउस है
10:13जो दुनिया को ड्रिप इरिगेशन सिखाकर 7.5
10:15बिलियन यानी $62,000 करोड़ कमाती है। और
10:19इस टेक्निक से इजराइल 60% लेस वाटर यूसेज
10:22के साथ भी हाई क्वालिटी क्रॉप्स उगा पाता
10:25है। उसी तरह एक इजरली साइंटिस्ट ने
10:27क्रॉनिक स्टमक पेन सॉल्व करने के लिए पिल
10:29कैंप बनाया जो आज पूरी दुनिया के मेडिकल
10:32डायग्नोस्टिक्स में यूज की जाती है।
10:34दुश्मनों के रॉकेट से बचने के लिए इजराइल
10:36ने यूएस के साथ मिलकर बनाया आयरन डोम जो
10:39आज [संगीत] सबसे एडवांस्ड एयर डिफेंस
10:41सिस्टम्स में से एक है। इनफैक्ट आज की
10:43मॉडर्न कार्स में जो सेल्फ ड्राइविंग का
10:45दिमाग है ना वो इजराइल के मोबिल आई ने
10:47बनाया जिसे Intel ने सीधा $1.4 लाख करोड़
10:51यानी ₹.3 बिलियन में एक्वायर किया। और
10:55इन्हीं इंजीनियर्स और साइंटिस्ट की मदद से
10:57इजराइल ने अपने वाटर स्केसिटी डिफेंस और
10:59हेल्थ केयर चैलेंजेस को सॉल्व किया। इसके
11:02बाद इजराइली गवर्नमेंट ने 1990 में एक ऐसा
11:04कदम उठाया जिससे पूरी दुनिया शॉक हो गई और
11:08इसकी शुरुआत हुई सोवियत यूनियन के कोलैप्स
11:11से।
11:12द कंट्री क्रैक्स ऑन द प्रेशर आफ्टर 40
11:15इयर्स ऑफ ऑपरेशन 15 न्यू स्टेट्स हैव बीन
11:18स्ट्रगलिंग टू फाइंड देयर प्लेस इन द
11:19वर्ल्ड [संगीत] ऑर्डर।
11:26मोर देन वन क्वार्टर मिलियन पीपल हैव
11:29अराइव्ड फ्रॉम द फॉर्मर सोवियत यूनियन।
11:34दोस्तों 1990 में सोवियत यूनियन का जब
11:36कोलैप्स हुआ तब वहां से लगभग 1 मिलियन जूस
11:39माइग्रेट करके इजराइल आ गए। अब ध्यान से
11:42सुनिए। यह कोई नॉर्मल पॉपुलेशन नहीं थी।
11:45यूएसएसआर अपनी साइंस और इंजीनियरिंग
11:46[संगीत]
11:47के लिए पूरी दुनिया में फेमस था। और जो
11:49लोग इजराइल आए उनमें से ज्यादातर लोग
11:52वर्ल्ड क्लास साइंटिस्ट, [संगीत] टॉप टियर
11:54इंजीनियर्स, मैथमेटिशियंस और डॉक्टर्स थे।
11:57और एक ही झटके में इजराइल की छोटी सी
12:00आबादी 20% से बढ़ गई। एंड सडनली इजराइल के
12:03पास दुनिया की सबसे एजुकेटेड और स्किल्ड
12:06वर्कफोर्स आ गई। लेकिन कॉन्स्टेंट वॉारर्स
12:08और हॉस्टाइल बॉर्डर्स की वजह से कोई भी
12:10फॉरेन कंपनी या इन्वेस्टर इजराइल में पैसा
12:13लगाने के लिए रेडी नहीं था। तो इन टॉप
12:16टियर ब्रेन को वेस्ट होने से बचाने के लिए
12:18इजरयली गवर्नमेंट ने एक मास्टर स्ट्रोक
12:20खेला और लॉन्च किया अपना गेम चेंजिंग
12:23योस्मा फंड। 1993 में इजरलीयली गवर्नमेंट
12:26ने अपना खजाना खोला और $ मिलियन। यानी आज
12:30के जमाने में लगभग ₹800 करोड़ का एक
12:32गवर्नमेंट फंड बनाया जिसका नाम था यूज़्मा
12:35फंड। ह्यूब में इसका मतलब होता है
12:37इनिशिएटिव। इजली गवर्नमेंट ने दुनिया भर
12:39के फॉरेन इन्वेस्टर्स को एक ऐसी स्वीट डील
12:42ऑफर करी जिसे वो रिजेक्ट कर ही नहीं पाए।
12:44तो इजरयली गवर्नमेंट ने यह कहा अगर भाई
12:47साहब आप किसी भी नए इजरली स्टार्टअप में
12:4960% पैसा लगाएंगे ना तो हम बाकी का 40%
12:53पैसा लगाएंगे। हम यानी इजरयली गवर्नमेंट।
12:56फॉर एग्जांपल अगर एक स्टार्टअप को शुरू
12:58करने के लिए $ मिलियन चाहिए तो इजरली
13:00गवर्नमेंट लगाएगा $ मिलियन और आपको लगाना
13:04होगा $6 मिलियन।
13:06लेकिन सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक यह था।
13:09गवर्नमेंट ने एक शर्त रखी। अगर यह
13:11स्टार्टअप फेल हो गया तो नुकसान हम दोनों
13:13का। लेकिन अगर यह स्टार्टअप सक्सेसफुल हो
13:15गया और कोई भी बड़ी कंपनी बनती है तो 5
13:18साल के बाद आप गवर्नमेंट का 40% शेयर
13:22ओरिजिनल प्राइस पर खरीद सकते हो। अब जरा
13:25सोच के देखिए ये कितनी क्रेजी डील थी।
13:27इसका मतलब था कि सारा बड़ा रिस्क
13:30गवर्नमेंट उठा रही है और सारा बड़ा
13:32प्रॉफिट इन्वेस्टर्स घर ले जा सकते थे। यह
13:35तो ऐसा हो गया जैसे इंडियन गवर्नमेंट किसी
13:36फॉरेन कंपनी से कहे कि आप Flipkart और
13:39Zomato में पैसा लगाओ। रिस्क हम लेंगे और
13:41जब कंपनी आईपीओ जाकर सुपरहिट हो जाए तो
13:44सारा प्रॉफिट आप रख लेना। और यह डील सुनते
13:47ही अमेरिका, यूरोप और जापान के टॉप वेंचर
13:50कैपिटलिस्ट इजराइल आ गए और इससे इजराइल की
13:53किस्मत बदल गई। योस्मा फंड की मदद से 160
13:57से ज्यादा स्टार्टअप्स को फंडिंग मिली और
13:59यही स्टार्टअप्स आगे चलकर लाखों करोड़ों
14:01रुपए में बिकने लगे। इन स्टार्टअप्स में
14:03थे बायोसेंस जिसको जॉनसन एंड जॉनसन ने
14:06$500 मिलियन में खरीदा और बाकी वर्ल्ड
14:09लीडिंग हाईटेक कंपनीज़ जैसे टेलीgate भी आज
14:13दुनिया के सबसे क्रिटिकल टेक्नोलॉजिकल
14:15प्रोडक्ट्स बनाते हैं। इसके साथ-साथ
14:17इजराइल से हजारों स्टार्टअप्स निकल कर आए
14:19जिनकी वैल्यू आज लाखों करोड़ों रुपए में
14:22है। इसीलिए दोस्तों आज पूरी दुनिया इजराइल
14:25को स्टार्टअप नेशन कहती है। इसी तरह अपने
14:27मिलिट्री स्ट्रेटजी, इंटेलिजेंस, एजुकेशन,
14:29रिसर्च एंड डेवलपमेंट और गवर्नमेंट
14:31प्रोग्राम्स की वजह से इजराइल आज दुनिया
14:33के सबसे पावरफुल नेशंस में से एक है। ये
14:35है दोस्तों इजराइल की कहानी। और इस कहानी
14:37से हम तीन चीजें सीख सकते हैं। लेसन नंबर
14:39वन, इन जिओपॉलिटिक्स देयर आर नो फ्रेंड्स
14:41एंड एनिमीज़। यू फर्स्ट हैव टू स्टैंड अप
14:43फॉर योरसेल्फ एंड बिकम पावरफुल बिकॉज़
14:45जिओपॉलिटिक्स विल ओनली रिस्पेक्ट पावर। इस
14:49कहानी में हमने यह देखा कि इजराइल जब एक
14:51वीक देश था तब इजराइल को किसी ने सपोर्ट
14:54नहीं किया। लेकिन जैसे-जैसे इजराइल
14:55पावरफुल बनता गया आज पूरी दुनिया इजराइल
14:58की सुनती है। इजराइल को प्रोटेक्ट करती है
15:00क्योंकि इजरायल के पास है पावर। तो इसीलिए
15:03एज अ नेशन इंडिया हैज़ टू फर्स्ट एम एट
15:06बिकमिंग पावरफुल इंस्टेड ऑफ़ जस्ट मेकिंग
15:08फ्रेंड्स एंड एनिमीज़। लेसन नंबर टू,
15:10ह्यूमन कैपिटल इज द मोस्ट प्रेशियस फॉर्म
15:13ऑफ कैपिटल। एंड अ नेशन दैट अंडरस्टैंड्स
15:15हाउ टू इन्वेस्ट इन ह्यूमन कैपिटल इज द
15:17नेशन दैट गोज़ ऑन टू बिकम अ ग्रेट नेशन।
15:20यहां दोस्तों हमारे पास 140 करोड़ की
15:22आबादी तो है लेकिन हम एजुकेशन में
15:24इन्वेस्ट करते ही नहीं। तो अगर हम हमारे
15:26ह्यूमन कैपिटल में इन्वेस्ट नहीं करेंगे
15:28तो हम यंग नेशन तो रहेंगे लेकिन हमारे पास
15:32कोई काबिलियत नहीं बचेगी। एंड लास्ट एंड
15:34मोस्टेंटली हमें यह समझना होगा कि दोस्तों
15:36दुनिया ना लेवरेज पर चलती है। इजराइल ने
15:39अपना लेवरेज बनाया अपने इंजीनियर्स और
15:41साइंटिस्ट को लेकर इन्वेंशंस करके। तो अगर
15:44इंडिया को भी लेवरेज बनाना है, हमारे पास
15:46तेल का कुआं तो नहीं है, लेकिन हमारे पास
15:48इंजीनियरिंग माइट हो सकती है। क्योंकि
15:50हमारे पास दुनिया भर का इंजीनियरिंग
15:53टैलेंट पड़ा हुआ है। लेकिन अगर यह
15:54इंजीनियरिंग टैलेंट सिर्फ सर्विस कंपनीज़
15:56में रह गया ना, तो हमारे पास कभी लेवरेज
15:59हो ही नहीं पाएगा। हमें इन इंजीनियरिंग
16:01टैलेंट्स को यूज़ करके इन्वेंशंस बनाने
16:03होंगे जिससे पूरी [संगीत] दुनिया हमारी
16:06रिस्पेक्ट करे। एंड द बेस्ट एग्जांपल फॉर
16:07दिस आर बोथ ताइवान एंड इजराइल। सो इंडिया
16:11डजंट जस्ट नीड टू बी सेल्फ रिलायंट। इट
16:13नीड्स [संगीत] टू हैव लेवरेज एंड दैट इज
16:15हाउ इजराइल बिकम अ पावरफुल नेशन। दैट्स ऑल
16:18फॉर माय साइड टू टुडे गाइस। अगर आपको इस
16:19वीडियो से कुछ सीखने को मिला तो प्लीज इस
16:21वीडियो को लाइक कीजिए और इसी तरह बिनेस और
16:23जिओपॉलिटिकल केस स्टडीज के लिए हमारे चैनल
16:25को सब्सक्राइब कीजिए। आपके लिए तो यह फ्री
16:27है लेकिन हमारे लिए यह बहुत बहुत जरूरी
16:30है। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग। आई विल सी
16:32यू इन द नेक्स्ट वन। बाय बाय।
16:38[संगीत]
16:41ना