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0:01हेलो बच्चों हिंदी मीडियम स्टूडेंट्स के
0:04लिए एक नवाचार हुआ है जिसमें पॉडकास्ट
0:07सीरीज है और इस पॉडकास्ट सीरीज में आज हम
0:10वन शॉट के अंदर मतलब इस पॉडकास्ट सीरीज
0:13में हम सेल या कोशिका की संरचना वाले
0:15चैप्टर की बात करने वाले हैं और आपको
0:17मालूम होगा इस पॉडकास्ट सीरीज में आपको
0:19कुछ नहीं करना है आप लोगों को इयरफोंस
0:21अपने कान में लगाने हैं और जहां कहीं भी
0:24आप जा रहे हैं या आप कुछ भी कर रहे हैं तो
0:27आपको सिर्फ मेरे शब्दों को सुनना है और
0:30शब्दों के माध्यम से मैं पूरी एनसीआरटी
0:32आपको कवर करा दूंगा तो एक बड़ा चैप्टर है
0:34लेकिन अपन इसको कोशिश करेंगे काफी कम समय
0:37में इसके पॉडकास्ट के जरिए यह चैप्टर आपका
0:40पूरा तैयार हो जाए तो जैसा मैंने कहा था
0:42आपको कुछ नहीं करना है ईयर पॉड्स को या
0:45अपने ईयर फोनस को कान में डाल देना है और
0:47आंख बंद करके इस चैप्टर को सुनना है
0:50क्योंकि मैं सारे पॉइंट्स आपको बता दूंगा
0:52तो बच्चों चैप्टर का नाम है कोशिका की
0:54संरचना और इस कोशिका की संरचना में सबसे
0:56पहली चीज आपको ध्यान में रखनी है कोशिका
0:58सिद्धांत के बारे में कोशिका सिद्धांत या
1:01सेल थ्योरी जो है वह लिडेन और शवन ने दी
1:03थी लिडेन आपके पास एक बॉटनिकल
1:07थे सेल थ्योरी या कोशिका सिद्धांत 1838 से
1:101839 के मध्य दिया गया था अब इस कोशिकांग
1:13सिद्धांत के द्वारा यह बताया गया था कि
1:15सभी सजीव कोशिकाएं जो हैं या सभी जो
1:18प्राणी हैं सारे के सारे जीव हैं वो सभी
1:21कोशिका से बने होते हैं या कोशिका के समूह
1:23से बने होते हैं या तो एक कोशिकीय जीव
1:25होते हैं या बहुकोशिकीय जीव होते हैं
1:28कोशिका ही उनकी आधार मूलभूत इकाई है
1:31संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई जो है वह
1:34जीवों की कोशिका ही होती है और इसके बाद
1:37इसमें एक रूपांतरण आया
1:4218552 में रूडोल्फ वर्च ने दिया था
1:45जिन्होंने कहा था ओमनिस
1:53सेल्यूलाइटिस जांत का रूपांतरण का श्रेय
1:55रूडोल्फ वर्च को जाता है उन्होंने ओमनिस
1:59के माध्यम से बताया कि नई कोशिकाओं का
2:02निर्माण पुरानी कोशिकाओं से होता है लेकिन
2:05एक चीज याद रखिएगा बच्चों इस कोशिका
2:07सिद्धांत का अपवाद आपको याद रखना है
2:09कोशिका सिद्धांत का अपवाद क्या है कौन से
2:11ऐसे जीव हैं जिनमें कोशिका की संरचना नहीं
2:13पाई जाती तो वायरस हैं वायरो इड्स हैं और
2:17प्रांस हैं जैविक वर्गीकरण में इसकी बात
2:20कर रखी है इसलिए 360 डिग्री मैंने आपको
2:22तैयार बताया है तो कोशिका सिद्धांत का
2:25अपवाद आपको ध्यान में रखना है वायरस वायर
2:28इड्स प्रांस जिनमें कोशिकीय संरचना नहीं
2:31होती और जिनमें कोशिकीय संरचना नहीं होती
2:34व कोशिका सिद्धांत का अपवाद है ठीक है
2:37बच्चों फिर नेक्स्ट चीज आती है कि हम दो
2:39प्रकार के कोशिकाओं की बात करते हैं या
2:41जीवों की बात करते हैं प्रोकैरियोटिक
2:43कोशिकाएं और यूकैरियोटिक कोशिकाएं सबसे
2:46पहले प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं के बारे में
2:49बात करनी है प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं के
2:51उदाहरण आपको याद रखने हैं बच्चों
2:53प्रोकैरियोटिक कोशिका के उदाहरण में आपके
2:55पास जीवाणु आते हैं आर्की जीवाणु आते हैं
2:58नील हरित शैवाल यानी साइनो जीवाणु आते हैं
3:01माइकोप्लाज्मा या पीपीएलओ आता है तो ये
3:04सभी के सभी यानी आरकी जीवाणु बैक्टीरिया
3:06यू जीवाणु माइकोप्लाज्मा नील हरित शेवाल
3:10साइनोबैक्टीरिया यह सब प्रोकैरियोटिक जीव
3:12हैं प्रोकैरियोटिक जीव का मतलब है या
3:14प्रोकैरियोटिक कोशिका का मतलब है यह ऐसे
3:16जीव हैं या ऐसी कोशिका है जिनमें विकसित
3:19केंद्रक नहीं पाया जाता विकसित केंद्रक ना
3:22होने का मतलब है कि इनमें केंद्रक झिल्ली
3:25नहीं होती और केंद्री का नहीं होता तो अब
3:28आपको ध्यान में रखना है एक पॉइंट को दूसरे
3:30पॉइंट से संपर्क में लाना है कि जब इनमें
3:32कोशिक इनका सुविक सित केंद्रक है ही नहीं
3:35केंद्रक झिल्ली या कोश या केंद्रिका है ही
3:38नहीं तो इनका जो आनुवांशिक पदार्थ है यानी
3:40जो डीएनए है वो वृताकार होता है कोशिका
3:43द्रव्य में पाया जाता है जिसको न्यूक्लि
3:46केंद्र काब कहा जाता है इनके साथ हिस्टोन
3:49प्रोटींस भी नहीं जुड़े होते हैं तो इनका
3:52डीएनए वृताकार है द्वि रज्जु है लेकिन वो
3:55हिस्टोन प्रोटीन के साथ संबंधित नहीं होता
3:57है हिस्टोन प्रोटीन इनमें अनुपस्थित होते
4:00हैं और यह कोशिका द्रव्य में पाया जाता है
4:02वृत्ताकार डीएनए केंद्र काब के नाम से
4:05जानते हैं फिर एक और चीज आपको यार्नी है
4:08बच्चों ये जितने भी प्रोकैरियोटिक जीव हैं
4:10इनमें कोई भी झिल्ली युक्त कोशिकांग नहीं
4:12होते वो सारे कोशिकांग जिनमें झिल्ली होती
4:15है जैसे माइटोकांड्रिया है ईआर है गोलजी
4:18है लाइसोसोम है लवक हैं कोई भी झिल्ली
4:21युक्त कोशिकांग प्रोकैरियोटिक कोशिका में
4:24नहीं पाया जाता तो प्रोकैरियोटिक
4:27कांग मिलता है राइबोसोमस राइबोसोमस झिल्ली
4:31रहित कोशिकांग हैं और 70 ए प्रकार के
4:33राइबोसोमस जो हैं वो प्रोकैरियोटिक कोशिका
4:35में पाए जाते हैं यूकैरियोटिक कोशिका की
4:38हम बात करें ना बच्चों तो यूकैरियोटिक
4:40कोशिका में पादप कोशिका है जंतु कोशिका है
4:43मतलब जब हम पांच जगत वर्गीकरण की बात करते
4:45हैं तो आपके पास प्रोटिस्टा जगत आता है
4:48कवक का जगत आता है पादप आता है और जंतु
4:51आते हैं ये सारे के सारे यूकैरियोटिक के
4:54उदाहरण है और पूरा का पूरा मोनेरा जगत
4:57जिसमें अपन ने देखा आर्की जीवाणु यू
5:00बैक्टीरिया नील हरित शैवाल और
5:02माइकोप्लाज्मा ये प्रोकैरियोटिक जीव हैं
5:05अब यूकैरियोटिक जीव में विकसित केंद्रक
5:07होता है बच्चों विकसित केंद्रक है मतलब
5:09केंद्रक झिल्ली है केंद्रिका है तो उनका
5:11जो आनुवांशिक पदार्थ है या डीएनए है वो
5:14रेखित होता है द्विर उक होता है और
5:17हिस्टोन प्रोटींस के साथ संबंधित होता है
5:20तो डीएनए केंद्रक के अंदर मिलेगा
5:22वृत्ताकार होगा गुण सूत्रों में पाया
5:24जाएगा वृत्ताकार नहीं होगा रेखित होगा
5:27गुणसूत्रों में पाया जाएगा द्विर होगा और
5:30हिस्टोन प्रोटींस के साथ संबंधित होता है
5:33तो डीएनए हिस्टोन प्रोटीन के साथ संबंधित
5:36होता है यूकैरियोटिक
5:40जो होते हैं यह माइटोकांड्रिया
5:43प्लास्टिड्स हमारे पास ईआर गोलजी तो यह
5:46सभी झिल्ली कोशिकांग यूकैरियोटिक कोशिका
5:49में पाए जाते
5:50हैं अब आपको बच्चों यह तो यूकैरियोटिक और
5:53प्रोकैरियोटिक कोशिका का अपने एक बेस
5:55निकाल लिया अब इसमें आपको ध्यान में रखना
5:57है जब हम प्रोकैरियोटिक
5:59जीवाणु कोशिकाओं की बात करते हैं तो उनमें
6:01कुछ विशेष संरचनाएं आती हैं पहला विशेष
6:04संरचना आती है जिसको हम कोशिका आवरण कहते
6:06हैं या सेल एनवेलप कहते हैं सबसे पहली चीज
6:09याद रखनी है यह जो कोशिका आवरण है सेल
6:11एनवेलप है यह तीन स्तर का बना होता है और
6:15यह केवल प्रोकैरियोटिक या जीवाणु कोशिका
6:17में मिलेगा तीन स्तर का आवरण कैसे होता है
6:20इसमें सबसे बाह्य परत जो होती है बच्चों
6:22वो होती है
6:24ग्लाइकोकलाईएक्स
6:26कलिक्स के अंदर कोशिका भित्ति है कोशिका
6:29भित्ति के अंदर कोशिका झिल्ली है तो तीन
6:31स्तर का आवरण है जिसको हम क्या कहते हैं
6:33सेल एनवेलप कहते हैं और यह केवल
6:35प्रोकैरियोटिक या जीवाणु में है सबसे
6:38बाह्य स्तर होता है बच्चों
6:40ग्लाइकोकलाईएक्स में या तो मजबूत दृढ़ता
6:43से जुड़े हुए पदार्थ हैं जिसको हम कहते
6:46हैं कैप्सूल या ढीले ढीले पदार्थ है जिसको
6:48कहते हैं स्लाइम लेयर उसके बाद आता है
6:51बच्चों कोशिका भित्ति अब जीवाणु है
6:53प्रोकैरियोटिक कोशिका भित्ति पेप्टो
6:56ग्लाइकिनॉर्म
6:59जानते हैं यह कोशिका भित्ति में भी हल्का
7:02बहुत अंतर आता है और कोशिका भित्ति के
7:05आधार पर जीवाणुओं को ग्राम पॉजिटिव और
7:07ग्राम नेगेटिव जीवाणु में विभाजित किया
7:09जाता है तो यदि आपसे प्रश्न पूछ ले कि
7:12ग्राम पॉजिटिव जीवाणु ग्राम नेगेटिव
7:14जीवाणु यह अंतर किस आधार पर है तो कोशिका
7:17भित्ति के आधार पर है फिर कोशिका भित्ति
7:20के अंदर वाला स्तर यानी तीसरा स्तर जो है
7:22कोशिका आवरण का वो होता है कोशिका झिल्ली
7:26कोशिका झिल्ली में एक चीज जरूर याद रखिएगा
7:27आप बच्चों कि जीवाणु की कोशिका झिल्ली की
7:30बात हो या यूकैरियोटिक
7:33कोशिका झिल्ली हो यूकैरियोटिक कोशिका
7:35झिल्ली हो दोनों की संरचना लगभग समान होती
7:38है तो यदि प्रश्न आ जाए ऐसी कौन सी
7:40कोशिकीय संरचना है जो प्रोकैरियोटिक में
7:43समान होती है तो वह कोशिका झिल्ली
7:46है अब जीवाणु या प्रोकैरियोटिक
7:51की कोशिका झिल्ली के दो मुख्य रूपांतरण है
7:55पहला रूपांतरण जो कोशिका झिल्ली में होता
7:57है वह होता है मीजो सोम्स मीजो सोम्स जो
8:00होते हैं बच्चों वह जीवाणु के अंदर कोशिका
8:02विभाजन में और डीएनए प्रतिकृती करण में
8:05काम करते हैं तो कोशिका के विभाजन में और
8:08डीएनए के प्रतिकृती करण में मीजो मस काम
8:10करते हैं इसके अलावा मीजो सोम्स में श्वसन
8:13एंजाइम्स भी होती हैं और वो एंजाइम्स जो
8:15होती हैं वो श्वसन में काम करती हैं इसलिए
8:18मीजो सोम्स को किसके समान माना जाता है
8:21माइटोकांड्रिया के जीवाणु या बैक्टीरिया
8:23में माइटोकांड्रिया तो होता नहीं तो
8:25माइटोकांड्रिया के स्थान पर मिजो सोम्स
8:27होते हैं जो श्वसन में भी काम करते हैं और
8:30मुख्य रूप से डीएनए प्रतिकृती करण और
8:32कोशिका विभाजन में काम करते हैं इसके
8:34अलावा कोशिका झिल्ली का दूसरा रूपांतरण जो
8:37जीवाणु या प्रोकैरियोटिक
8:40फोर्स में प्रकाश संश्लेषित वर्णक पाए
8:44जाते
8:44हैं तो यह तो बात हुई कोशिका आवरण या सेल
8:47अनवेलप की जो आपको जीवाणु के अंदर मिलेंगे
8:50अब जीवाणु कोशिका के अंदर आपको एक और
8:52अतिरिक्त गुणसूत्र डीएनए भी पाया जाता है
8:55बच्चों जिसको प्लास्मिक डीएनए कहते हैं यह
8:57वही प्लास्मिक डीएनए है जिसको हम
8:59आनुवांशिक अभियांत्रिकी में क्लोनिंग वाहक
9:01के रूप में यूज करते हैं लेकिन यह
9:03वृत्ताकार द्विर जुक डीएनए जीवाणु के अंदर
9:06पाया जाता है अलग से पाया जाता है अलग से
9:10गुण सूत्रीय डीएनए से अलग होता है
9:12अतिरिक्त गुण सूत्रीय डीएनए होता है और यह
9:15जो प्लास्मिक डीएनए है यह जीवाणु को
9:18एंटीबायोटिक प्रतिजैविक या एंटीबायोटिक
9:22प्रतिरोधकता प्रदान करता है प्रतिजैविक
9:25प्रतिरोधकता प्रदान करता है एक नया लक्षण
9:28प्रदान करता हैय प्लास्मिक डीएनए जब
9:30जीवाणु में पाया जाता है आपको मालूम होगा
9:32जीवाणु को एंटीबायोटिक से नश किया जा सकता
9:35है प्रतिजैविक से मारा जा सकता है तो
9:38प्लास्मिक डीएनए जो है वह जीवाणु को प्रति
9:41जैवी की प्रतिरोधकता प्रदान करते
9:43हैं तो यह प्लास्मिक डीएनए भी जीवाणु
9:46कोशिका का लक्षण है जो आपको ध्यान में
9:48रखना है अब हम बात करते हैं बच्चों जब हम
9:50अलग-अलग कोशिक के संरचना की बात करते हैं
9:52तो अलग-अलग कोशिक संरचना में सबसे पहले
9:55कोशिका झिल्ली आपको ध्यान में रखना है
9:57जैसा मैंने अभी आपको बताया कि कोशिका
9:59झिल्ली या सेल मेंब्रेन जिसको हम प्लाज्मा
10:02झिल्ली के नाम से भी जानते हैं एक मात्र
10:04ऐसी कोशिकीय संरचना है जो यूकैरियोटिक सेल
10:07और प्रोकैरियोटिक सेल में सेम है अब यह
10:10कोशिका झिल्ली का संरचना समझाने में
10:12विस्तार से समझाने में सिंगर एंड निकोलसन
10:15नामक वैज्ञानिक काम करते हैं और सिंगर एंड
10:18निकोलसन ने फ्लूइड मोजेक मॉडल यानी तरल
10:20मोजेक मॉडल के माध्यम से कोशिका झिल्ली की
10:23संरचना को समझाया था अब ये जो कोशिका
10:26झिल्ली है बच्चों इसमें एक पॉइंट और
10:28एनसीआरटी में दे रखा कि कोशिका झिल्ली का
10:31अध्ययन यानी कोशिका झिल्ली जो है उसकी
10:35संरचना को समझने के लिए आरबीसी इस का
10:37प्रयोग किया जाता है और एनसीआरटी का पॉइंट
10:39है कि आरबीसी इस की कोशिका झिल्ली जो होती
10:42है उसमें 52 प्र प्रोटीन होता है और 40
10:45प्र वसा पाया जाता है लेकिन यह प्रतिशत
10:48सभी झिल्ली हों में समान नहीं होता हर
10:50अलग-अलग झिल्ली में अलग-अलग देखा जाता है
10:53तो हर झिल्ली में या हर कोशिका की झिल्ली
10:55में प्रोटीन और वसा का प्रतिशत अलग-अलग
10:57होता है आ बीसी की झिल्ली में 52 प्र
11:01प्रोटीन है 40 प्र वसा है अब जब हम कोशिका
11:04झिल्ली की संरचना की बात करते हैं बच्चों
11:06तो इसमें रसायनिक रूप से वसा होता है
11:08प्रोटींस होती हैं और थोड़ी बहुत शर्करा
11:11पाई जाती है कार्बोहाइड्रेट्स वसा जो होता
11:13है बच्चों वह द्वि परत के रूप में पाया
11:16जाता है तो कोशिका झिल्ली में जो वसा है
11:18वह विष वसा की द्वि परत होती है द्वि परत
11:21में भी जो ध्रुवीय सतह होती है वसा की
11:24ध्रुवीय सतह जो है सिरा वो सतह पर होता है
11:27और अध्र वय श्र खलाए जो होती हैं वो मध्य
11:30में होती है आंतरिक में तो भीतर की तरफ
11:33अध्र भीय पूछ होती है और सिरे पर यानी सतह
11:37पर आपके पास ध्रुवीय सिरे मिलते हैं फिर
11:41आपको ध्यान में रखना है बच्चों सबसे
11:42प्रमुख जो वसा है जो प्लाज्मा झिल्ली में
11:45पाया जाता है वो फास्फोलिपिड्स है सबसे
11:47अधिक मात्रा में फास्फोलिपिड्स होते हैं
11:49थोड़ी बहुत मात्रा में ग्लाइकोलिपिड्स
11:50होते हैं और कोलेस्ट्रॉल भी होता है
11:53कोलेस्ट्रॉल केवल यूकैरियोटिक प्लाज्मा
11:55झिल्ली में मिलता है प्रोकैरियोटिक
11:58मात्रा में में जो वसा पाया जाता है वो
12:01फास्फोलिपिड्स होता है प्लाज्मा झिल्ली
12:03में फिर बात करते हैं बच्चों प्रोटींस की
12:05जो प्लाज्मा झिल्ली में होते हैं अब
12:07प्लाज्मा झिल्ली में प्रोटींस का दो
12:09प्रकार होते हैं और वो आधार जो है वो उनके
12:12पृथक करण के आधार पर है जो
12:15प्रोटींस सतह पर पाए जाते हैं आसानी से
12:18पृथक किए जा सकते हैं उनको परिधीय
12:20प्रोटींस या एक्सटेंस प्रोटींस कहते हैं
12:22और जो प्रोटींस भीतर की ओर धसे हुए रहते
12:25हैं और मुश्किल से पृथक किए जा सकते हैं
12:28उनको हम आंतरिक प्रोटीन कहते हैं तो
12:30आंतरिक और बाह्य दो तरह के प्रोटीन
12:33प्लाज्मा झिल्ली में मिलते हैं फिर हमारे
12:36पास ध्यान रखना है बच्चों प्लाज्मा झिल्ली
12:37के बाहर की तरफ यानी बही कोशिकीय स्तर की
12:40तरफ बाहर की तरफ शर्करा के समूह या
12:43कार्बोहाइड्रेट्स पाए जाते हैं और यह
12:45कार्बोहाइड्रेट्स हमेशा कोशिका के बाहर की
12:47तरफ झिल्ली के बाहर की तरफ आपको मिलेंगे
12:50और यह कोशिका की पहचान करने में और कोशिका
12:53को किसी दूसरी चीज से जोड़ने में काम करते
12:55हैं फिर आपको ध्यान रखना है बच्चों हमारी
12:58जो कोशिका ली किसी भी जीव की कोशिका
13:00झिल्ली होती है वह अर्ध पारगम्य होती है
13:03यानी चयनात्मक पारगम्यता दर्शाती है से
13:05सिलेक्टिवली परमेबल है और चयनात्मक
13:08पारगम्यता दर्शाती है इसका अर्थ है कि कुछ
13:12चुनिंदा पदार्थ ही कोशिका झिल्ली को के
13:14आरपार जा सकते हैं इसमें आपको ध्यान में
13:16रखना है जो भी पदार्थ कोशिका में बिना
13:19ऊर्जा के द्वारा अधिक सांद्रता से कम
13:21सांद्रता की ओर जा सकते हैं उसको हम क्या
13:24कहते हैं बच्चों उसको हम निष्क्रिय
13:25स्थानांतरण या पैसिव ट्रांसपोर्ट कहते हैं
13:28क्योंकि प पथ अधिक मात्रा से कम मात्रा की
13:30और स्थानांतरित हो रहा है और इसमें ऊर्जा
13:33का प्रयोग नहीं होता है यदि कोशिका झिल्ली
13:36के आरपार सांद्रता के विपरीत गति करानी है
13:39कम सांद्रता से अधिक सांद्रता की ओर गति
13:41करानी है तो ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है
13:44ऊर्जा के द्वारा जो स्थानांतरण होता है
13:46उसको सक्रिय स्थानांतरण या एक्टिव
13:48ट्रांसपोर्ट कहा जाता है एक्टिव या सक्रिय
13:51शब्द आते ही आपको याद रखना है ऊर्जा का
13:53प्रयोग होगा और कम सांद्रता से अधिक
13:55सांद्रता की और गति होगी निष्क्रिय का
13:58मतलब है या मोसिस परासरण का मतलब है अधिक
14:01से कम सांद्रता की ओर गति होगी और ऊर्जा
14:03का प्रयोग नहीं
14:04होगा तो यह तो बात हमने कोशिका झिल्ली की
14:07कर ली बच्चों फिर आता है कोशिका भित्ति की
14:09बात अब कोशिका भित्ति में आपको याद रखना
14:12है सारे प्रोकैरियोटिक
14:13पलाज को छोड़ दें अगर माइकोप्लाज्मा को
14:16छोड़ दें तो सारा का सारा मोनेरा जगत सारे
14:19के सारे प्रोकैरियोटिक
14:21भित्ति होती है और वो कोशिका भित्ति
14:23पेप्टो
14:28ग्लाइकिनॉर्म कोशिका भित्ति की तो आपको
14:30पता होना चाहिए जब प्रोटिस्टा जगत हम
14:32पढ़ते हैं तो कुछ प्रोटिस्टा जगत में
14:34कोशिका भित्ति होती है जैसे क्राइस फाइट्स
14:36हो गए डायनो फ्लेज हो गए इनमें कोशिका
14:39भित्ति सेलुलोज की बनी होती है बाकी
14:41यूग्लीना में और प्रोटोजोआ में और स्लाइम
14:45मोल्स में कोशिका भित्ति नहीं पाई जाती
14:48फिर कवक की कोशिका भित्ति काइटिंग से बनी
14:50होती है यह आपको ध्यान में रखना है और
14:52पादप जगत की हम बात करें तो पादपों में
14:54कोशिका भित्ति सेलुलोज से बनी होती है इस
14:57पे एक परत एक लाइन आपको एनसीआरटी जरूरी
14:59याद रखनी है कि जब हम शैवाल की बात करते
15:01हैं तो शैवाल पादप जगत में आते हैं हरी
15:03शैवाल है भूरी शैवाल है लाल शैवाल है यह
15:05सब पादप जगत में आती हैं और शैवाल की जो
15:08कोशिका भित्ति होती है उसमें सेलुलोज के
15:09साथ-साथ गैलेक्टेंस मैनंस कैल्शियम
15:12कार्बोनेट और सिलिकन ऑक्साइडस पाए जाते
15:15हैं पादपों की कोशिका भित्ति की विस्तार
15:18से हम बात करें तो सेलुलोज तो है ही लेकिन
15:20उसकी को पादपों की कोशिका भित्ति में सबसे
15:23पहले मध्य पट्टिका की बात करते हैं मिडिल
15:25एमिला मध्य पट्टिका एक सिमेंट परत होती है
15:28बच्चों जो दो पादप कोशिकाओं को जोड़ के
15:30रखती है और यह मध्य पट्टिका कैल्शियम और
15:32मैग्नीशियम पैक्टेट से बनी होती है फिर
15:35मध्य पट्टिका के अंदर की तरफ हम बात करें
15:37तो हर कोशिका की जो सबसे बाह्य झल परत
15:39होती है उसको हम प्राथमिक भित्ति कहते हैं
15:41प्राथमिक भित्ति सेलुलोज से बनी है हेमी
15:43सेलुलोज से बनी है और पतली होती है
15:46प्राथमिक भित्ति के अंदर की तरफ आए मतलब
15:48प्राथमिक भित्ति के भीतर की ओर बात करें
15:50तो द्वितीय कोशिका भित्ति होती है वो मोटी
15:53होती है सेलुलोज होता है हेमी सेलुलोज
15:55होता है और मोटाई या स्थूल जो है वो
15:57लिग्नियस
15:59तो हमेशा या रखता एनसीआरटी की लाइन है
16:01प्राथमिक कोशिका भित्ति के भीतर की तरफ
16:03द्वितीय कोशिका भित्ति पाई जाती है तो
16:06कोशिका भित्ति की हमने बात कर ली बच्चों
16:08कोशिका झिल्ली की हमने बात कर ली है अब
16:11कोशिकांग प सवाल आते हैं और बहुत सिंपल सी
16:13चीज आपको नी है बच्चों कोशिकांग पर सवाल
16:15आएंगे कोशिकांग उनके कार्य आपको याद रखने
16:18हैं तो सबसे पहली चीज आपको ध्यान में रखनी
16:20है बच्चों जब हम कोशिकांग की बात करते हैं
16:22तो द्वि झिल्ली युग कोशिकांग में तीन याद
16:24रखने हैं तीन ऐसे कोशिकांग होते हैं
16:27जिसमें दोदो झिल्ली है द्वि झिल्ली है
16:29माइटोकांड्रिया है लवक प्लास्टिड्स है और
16:32केंद्रक है यह तीनों के अंदर दो झिल्ली
16:34होती है द्वि झिल्ली उसके बाद आ है हमारे
16:37पास एकल झिल्ली युक्त कोशिकांग एकल झिल्ली
16:40में कौन-कौन से कोशिकांग आते हैं बच्चों
16:41ईआर अंतर प्रद्य जालिका आती है गोलजी का
16:44आता है लाइसोसोम आते हैं रिक्तिका आते हैं
16:47यह सब एकल झिल्ली युग कोशिकांग है और
16:50झिल्ली रहित कोशिकांग ऐसे कोशिकांग जिनमें
16:52झिल्ली नहीं होती है वो राइबोसोमस हैं
16:55तारक केंद्र है और केंद्रिका है ये तीन
16:59ऐसे कोशिकांग है राइबोसोमस तारक केंद्र
17:02यानी सेंट्रियोल और केंद्रिका यानी
17:05न्यूक्लियोलस जिसके अंदर आपको झिल्ली नहीं
17:08मिलती है अब हर कोशिकांग के लक्षण और उनके
17:12कार्य आपको बेहतर रूप से ध्यान में रखने
17:14हैं सबसे पहले हम बात कर लेते हैं
17:15माइटोकांड्रिया की माइटोकांड्रिया द्वि
17:17झिल्ली य कोशिकांग होता है बच्चों बिल्कुल
17:19जिसमें दो झिल्ली है बाह्य झिल्ली और
17:21आंतरिक झिल्ली आंतरिक झिल्ली जो होती है
17:23माइटोकांड्रिया की उसमें विर प्रकार के
17:27घुमाव पाए जाते हैं जिन को हम क्रिस्टेक
17:29कते हैं इन फोल्डिंग्स इन क्रिस्टों के
17:32कारण उनका क्षेत्रफल बढ़ जाता है ज्यादा
17:34क्षेत्रफल के कारण ज्यादा एंजाइम्स पाई
17:36जाती हैं और ज्यादा f0 f1 कण पाए जाते हैं
17:40फिर माइटोकांड्रिया के अंदर आंतरिक झिल्ली
17:42के भीतर मैट्रिक्स पाया जाता है मैट्रिक्स
17:44में माइटोकांड्रिया में खुद का डीएनए होता
17:46है खुद का वृत्ताकार द्विर जुक डीएनए होता
17:50है और 70s प्रकार के राइबोसोमस होते हैं
17:53तो माइटोकांड्रिया में खुद का डीएनए है
17:55खुद के राइबोसोमस हैं तो माइटोकांड्रिया
17:57में प्रोटीन संश्लेषण की क्षमता होती है
18:00इसलिए इनको कोशिका के भीतर कोशिका अर्ध
18:03स्वायत कोशिकांग भी कहा जाता है फिर
18:06माइटोकांड्रिया में आपको पता होना चाहिए
18:08माइटोकांड्रिया की मैट्रिक्स के अंदर
18:09श्वसन वायवीय श्वसन की प्रक्रियाएं होती
18:12हैं लिंगक रिएक्शन होता है क्रैप चक्र
18:15होता है माइटोकांड्रिया की आंतरिक झिल्ली
18:17पर इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण श्रृंखला होती
18:19है तो वायवीय श्वसन से संबंधित
18:22माइटोकांड्रिया हैं एटीपी उत्पादन में काम
18:25करते हैं इसलिए इनको कोशिका का शक्ति घर
18:27कहा जाता है तो कोशिका का शक्ति घर जो है
18:31वह माइटोकांड्रिया को ही कहा जाता है
18:33सॉसेज आकार के होते हैं एनसीआरटी में दे
18:35रखा
18:36है फिर माइटोकांड्रिया के बाद हम बात करें
18:39बच्चों तो माइटोकांड्रिया के बाद हमारे
18:41पास प्लास्टिड्स आते हैं लवक आते हैं
18:43प्लास्टिड्स भी द्वि झिल्ली यु कोशिकांग
18:45होते हैं लेकिन
18:48प्लास्टिड्स में होते हैं जंतु कोशिकाओं
18:51के अंदर प्लास्टिड्स नहीं पाए जाते हैं
18:53द्वि झिल्ली युक कोशिकांग होते हैं इनके
18:55भीतर भी वृत्ताकार द्विर ुक डीएनए होता है
18:5970 ए प्रकार के राइबोसोमस होते हैं इनमें
19:01भी प्रोटीन संश्लेषण की क्षमता पाई जाती
19:03है यह भी कोशिका के भीतर कोशिका या अर्ध
19:06स्वायत कोशिकांग कहलाते हैं फिर
19:14प्लास्टिड्स हरे के अलावा अलग-अलग रंग के
19:17होते हैं जिनको कहते हैं क्रोमोप्लास्ट और
19:19हरित प्लास्टिड्स होते हैं जिनको कहते हैं
19:21क्लोरोप्लास्ट जिनमें रंग नहीं होता जिनको
19:24हम ल्यूकोप्लास्ट कहते हैं रंगहीन इनका
19:27काम भोजन संचय या भोजन संग्रह में होता है
19:29ये कार्बोहाइड्रेट का संचय करते हैं तो
19:31इनको अमाइज प्लास्ट कहते हैं यह प्रोटीन
19:34का संचय करते हैं तो इनको एलरो प्लास्ट
19:36कहते हैं और अगर यह वसा या तेल का संचय
19:39करते हैं तो इनको इला
19:43पलास्टिक नाम है कार्बोहाइड्रेट संचय करने
19:47वाले अमाइज पलास्टिक करने वाले एलरो
19:51प्लास्ट और वसा संचय करने वाले इला
19:57पलास्टिक कहते हैं क्रोमोप्लास्ट तो
20:00पत्तियों को फलों को अलग-अलग रंग प्रदान
20:02करने के लिए कौन काम करता है
20:04क्रोमोप्लास्ट इनमें वर्णक होते हैं
20:06कैरोटीन होते हैं जेंटोफ्टे
20:12जो प्लास्टिड्स होते हैं उनको हम
20:14क्लोरोप्लास्ट कहते हैं और यह
20:16क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण में काम
20:19करते हैं क्लोरोप्लास्ट की संरचना में
20:21आपको पता है ऐसे थैले रूपी संरचना होती है
20:24जिनको थाइले कॉइड कहते हैं थाइले कोइट्स
20:26एक के ऊपर एक व्यवस्थित होते हैं जिनको हम
20:28ग्रे कहते हैं और इनकी मैट्रिक्स जो होती
20:31है उसको स्ट्रोमा कहा जाता है और यह
20:33प्रकाश संश्लेषण में काम करते हैं अगर
20:35आपको याद होगा तो प्रकाशी अभिक्रिया जो
20:37होती है वह ग्रेना या थाइले कोइड झिल्ली
20:39हों पर पाई जाती है इनके और जो अप्रकाशित
20:52झिल्ली तंत्र होता है जिनको हम एंडो
20:55मेंब्रेन सिस्टम कहते हैं एंडो मेंब्रेन
20:58सिस्टम में चार कोशिकांग शामिल किए गए हैं
21:01और एंडो मेंब्रेन सिस्टम में इन चारों
21:03कोशिकांग को इसलिए शामिल किया गया है
21:05क्योंकि इन चारों कोशिकांग के कार्य एक
21:08दूसरे से जुड़े होते हैं तो ये चार
21:11कोशिकांग हैं इन चार कोशिकांग के कार्य एक
21:14दूसरे से जुड़े हुए हैं इनके कार्य एक
21:16दूसरे से संबंधित हैं इसलिए इन चारों
21:18कोशिकांग को एंडो मेंब्रेन सिस्टम में
21:20शामिल किया गया है वो एंडो मेंब्रेन
21:23सिस्टम के चार कोशिकांग कौन-कौन से होते
21:25हैं उसमें चार याद रखने हैं बच्चों आपको
21:27अंतर प्रद्य जालिका यानी एंडोप्लास्मिक
21:29रेटिकुलम गोलजी का यानी गोलजी
21:39कॉम्प्लेक्शन कांग जो हैं ये एंडो
21:42मेंब्रेन सिस्टम का हिस्सा है अंतः झिल्ली
21:44तंत्र का हिस्सा है क्योंकि चारों का काम
21:47एक दूसरे से जुड़ा हुआ है इसमें हम सबसे
21:49पहले आते हैं बच्चों अंतर प्रद्य जालिका
21:51या एंडोप्लास्मिक रेटिकुलम पर
21:53एंडोप्लास्मिक रेटिकुलम या अंतर प्रद्य
21:56जालिका जो होती है बच्चों ये दो प्रकार के
21:58होते हैं या तो इनकी झिल्ली पर राइबोसोमस
22:00होते हैं या नहीं होते हैं यदि इनकी
22:02झिल्ली पर राइबोसोमस होते हैं तो इनको रफ
22:04एंडोप्लास्मिक रेटिकुलम कहते हैं और यदि
22:07इनकी झिल्ली पर राइबोसोमस नहीं होते हैं
22:09तो इनको स्मूथ एंडोप्लास्मिक रेटिकुलम
22:11कहते हैं एनसीआरटी के चित्र पर अगर ध्यान
22:14दें तो आपको ध्यान में रखना है यह जो ईआर
22:16होता है बच्चों इसकी जो झिल्ली है इसकी
22:18झिल्ली केंद्रक झिल्ली के साथ सतत होती है
22:21अब आरआर जो है यानी रफ एंडोप्लास्मिक
22:24रेटिकुलम जो है क्योंकि उनकी सतह पर
22:26राइबोसोमस पाए जाते हैं इसलिए उनका काम
22:28प्रोटीन संश्लेषण और स्रावण में होता है
22:31और स्मूथ एंडोप्लास्मिक रेटिकुलम जो है उस
22:33पर राइबोसोमस नहीं पाए जाते इसलिए उनका
22:35मुख्य काम वसा उपापचय से संबंधित होता है
22:38और स्टेरॉइड हार्मोंस के जैव संश्लेषण में
22:41काम करते हैं तो याद रखिएगा प्रोटीन
22:44संश्लेषण और स्रावण और केंद्रक झिल्ली का
22:46निर्माण आरआर करता है और वसा उपापचय
22:50स्टेरॉइड हॉर्मोंस का संश्लेषण एआर स्मूथ
22:53एंडोप्लास्मिक रेटिकुलम करता है फिर हम
22:55आते हैं बच्चों गोलजी काय पर गोलजी काय का
22:58कार्य किससे जुड़ा हुआ है हमारे पास र से
23:01जुड़ा हुआ है अब गोलजी का एकल झिल्ली और
23:03कोशिकांग है लेकिन इसमें दो सतह होती हैं
23:05बच्चों एक सिस सतह होती है और एक ट्रांस
23:08सतह होती है सिस सतह जो है वो ईर की तरफ
23:11पाई जाती है और जो ट्रांस सतह होती है
23:14ट्रांस फेस वो झिल्ली की तरफ प्लाज्मा
23:16झिल्ली की तरफ पाया जाता है इसका मतलब यह
23:18है बच्चों कि गोलजी काय का कार्य र से
23:21जुड़ा हुआ है ईआर जो होता है वो प्रोटीन
23:24का संश्लेषण कर सकता है आरई आर एसआर जो
23:26होता है वो वसा का संश्लेषण करता है तो वो
23:29प्रोटीन और वसा जो ईआर से आते हैं वह
23:31गोलजी काय के पास सिस सिरे पर पहुंचते हैं
23:33सिस सिरे से फिर वो उसकी पैकेजिंग होती है
23:36तो प्रोटींस और वसा की पैकेजिंग करना उनको
23:39प्रोसेस करना उनको स्रावण के लिए आगे
23:42भेजना यह गोलजी काय का कार्य होता है उसके
23:45अलावा गोलजी काय जो होते हैं वह ग्लाइको
23:47प्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड्स का संश्लेषण
23:49करते हैं इसके अलावा मानव शुक्राणुओं में
23:52जो एक्रोसोम होता है उसका निर्माण गोलजी
23:54काय करता है इसके अलावा जो लाइसोसोम
23:56निकलेंगे वेसिकल्स के रूप में वो लाइसोसोम
23:59का निर्माण भी गोलजी काय ही करता है तो
24:02गोलजी काय का एक सिस सिरा होता है और जिसे
24:05हम फॉर्मिंग सिरा कहते हैं और एक ट्रांस
24:07सिरा होता है जिसको हम
24:10मैच्योरिटी काय के बाद आता है बच्चों
24:12नेक्स्ट हमारे पास लाइसोसोम लाइसोसोम भी
24:15एकल झिल्ली युक्त कोशिकांग होते हैं और
24:17इनका निर्माण जो है वो गोलजी काय से होता
24:19है लाइसोसोम की खासियत ये होती है बच्चों
24:21कि इसमें जल अपघट्य एंजाइम्स होती हैं और
24:24लाइसोसोम में ये जल अपघट्य एंजाइम्स या
24:26हाइड्रोलिटिक एंजाइम्स होती हैं ये अम्लीय
24:28पीएच पे काम करती है लगभग पीए पा पर और यह
24:31जल अपघटन
24:33ाइंटिफिको
24:44शिका द्रव्य में आ जाए तो व कोशिका को ही
24:48नष्ट कर देती हैं इसलिए हम लाइसोसोम को
24:50आत्मघाती थैले भी कहते हैं सामान्य रूप से
24:54देखा जाए तो लाइसोसोम का कार्य होता है
24:56भक्षण में तो जितनी पक्षु कोशिकाएं होती
24:59है हमारे अंदर न्यूट्रोफिल्स है या या
25:02मोनोसाइट्स हैं उनके अंदर लाइसोसोम ज्यादा
25:05मात्रा में पाया जाता
25:06है फिर आता है बच्चों हमारे पास नेक्स्ट
25:09कोशिकांग है अंत झिल्ली तंत्र में आखिरी
25:11आता है रिक्तिका रिक्तिका भी एकल झिल्ली
25:14कोशिकांग है वैकल भी एकल झिल्ली कोशिकांग
25:16है इसकी झिल्ली को टोनोप्लास्ट कहा जाता
25:18है तो टोनोप्लास्ट किस झिल्ली का नाम है
25:20रिक्तिका या वैक होल्स की झिल्ली का
25:22पादपों में आपको ध्यान में रखना है जो रस
25:24रिक्तिका होती है जो सप वैकल होते हैं वो
25:27उसके आयतन न का 90 प्र तक
25:30ऑक्यूपाइड है तो पादपों में तो रिक्ति का
25:3490 प्र आयतन तक बना सकती है क्योंकि उसमें
25:36इतना रस इतना जल और इतने स्त्रावी पदार्थ
25:40एकत्रित होते हैं जंतुओं की बात करें तो
25:43जंतुओं में सामान्यता खाद्य रिक्तिका पाई
25:45जाती है जैसे अमीबा है अमीबा में खाद्य
25:47रिक्तिका होती है जो भोजन पाचन में काम
25:49करती है इसके अलावा अमीबा हो या शुद्ध जल
25:52वाले प्रोटोजोआ हो उसके अंदर संकुचन शल
25:54रिक्तिका भी होती है और वो संकुचन शल
25:56रिक्तिका परासरण नियमन में काम करती है तो
25:59अमीबा के अंदर और दूसरे शुद्ध जल वाले
26:02प्रोटोजोआ के अंदर आपको संकुचन शल
26:04रिक्तिका भी पाई जाती है जो परासरण नियमन
26:07में काम
26:08करेगी फिर हमारे पास बच्चों अब नेक्स्ट
26:10कोशिकांग में राइबोसोमस की बात करते हैं
26:12राइबोसोमस जो होते हैं वह आपको याद रखना
26:14है झिल्ली रहित कोशिकांग है और उनकी खोज
26:16का श्रेय पैलेड को जाता है तो पैलेड
26:19रॉबर्ट पैलेड थे 1953 में उन्होंने
26:21राइबोसोमस की खोज की थी और यह सबसे छोटे
26:24कोशिकांग होते हैं और इनमें झिल्ली नहीं
26:26होती है अब आपको ध्यान रखना बच्चों ये
26:29राइबोसोमस है अगर इनमें झिल्ली नहीं है तो
26:31ये रासायनिक रूप से आरएनए और प्रोटीन से
26:33बने हैं और आरएनए और प्रोटीन से बने हैं
26:35इसलिए इनको राइबो न्यूक्लियो प्रोटीन
26:44कॉम्प्लेक्टेड बर्ग इकाई या तो वैज्ञानिक
26:47के नाम पर स्वेट बर्ग इकाई है या अवसादन
26:50सेडिमेंटेशन को एफिशिएंट कहते हैं और ए के
26:53द्वारा यह इनके साइज को इनके घनत्व को
26:56दर्शाते हैं तो साइज या डेंसिटी का मापक
26:59जो है वो s होता है 70s वाले जो राइबोसोमस
27:02है बच्चों वो प्रोकैरियोटिक
27:04सेल में मिलेंगे और माइटोकांड्रिया और
27:06प्लास्टिड्स में मिलेंगे और 80s प्रकार के
27:09राइबोसोमस जो होते हैं वो यूकैरियोटिक
27:11द्रव्य में मिलते हैं और आरई आर की सतह पर
27:14मिलेंगे 70 ए राइबोसोमस में बड़ी उपि काई
27:1750 एस होती है छोटी उपि काई 30s होती है
27:20और 80s राइबोसोमस के अंदर 60 एस बड़ी
27:23उपकारी होती है 40 एस छोटी उपि काई होती
27:25है और जहां भी राइबोसोमस होते हैं बच्चों
27:27वहां पर प्रोटीन का संश्लेषण होता है
27:30राइबोसोमस का सबसे प्रमुख काम है प्रोटीन
27:32का संश्लेषण करना तो प्रमुख रूप से
27:35प्रोटीन संश्लेषण में कौन काम करते हैं
27:37राइबोसोमस काम करते हैं इसलिए उनको कोशिका
27:40के एंजन या प्रोटीन फैक्ट्रीज भी कहा जाता
27:44है फिर हमारे पास आते हैं बच्चों
27:46राइबोसोमस के बाद नेक्स्ट कोशिकांग आता है
27:48तारक केंद्र या जिसको हम कहते हैं
27:51सेंट्रियोल अब तारक केंद्र या सेंट्रियोल
27:54जो होते हैं यह भी झिल्ली रहित होते हैं
27:55बच्चों लेकिन यह हमेशा जोड़े में पाए जाते
27:57हैं और जोड़े में पाए जाते हैं और दोनों
28:00जो जोड़ जो जोड़े हैं वो एक दूसरे के 90
28:02डिग्री अक्ष पर मिलते हैं परपेंडिकुलर
28:04होते हैं और दोनों को मिलाकर इसको हम तारक
28:07काय भी कहते हैं सेंट्रोसोम भी कहते हैं
28:10ये सेंट्रियोल आपको याद रखना है बच्चों
28:12उच्च पादपों में नहीं पाए जाते जंतुओं में
28:14मिलेंगे कुछ निम्न पादपों में मिलेंगे
28:16लेकिन तारक केंद्र जो होते हैं वह पादप
28:19उच्च पादपों में नहीं पाए जाते अब यह जो
28:22तारक केंद्र है बच्चों ये बेसिकली सूक्ष्म
28:24नलिका का माइक्रो टिबल प्रोटींस का संगठन
28:27होता है
28:28और यह जो सेंट्रियोल हैं इनके अंदर 9 प् 0
28:32सूक्ष्म नलिका हों की व्यवस्था पाई जाती
28:34है परिधि में तो नौ सूक्ष्म नलिका होती
28:36हैं जो तीन-तीन उप इकाई के रूप में होते
28:38हैं और केंद्र में सूक्ष्म नलिका नहीं
28:40होती है तो परिधि में नौ होती है केंद्र
28:43में नहीं होती है नाइन प् 0 सूक्ष्म नलिका
28:45हों की व्यवस्था आपको तारक केंद्र में
28:47मिलती है यह तारक केंद्र आगे चलकर तर्क
28:49तंतु बनाते हैं जो कोशिका विभाजन में काम
28:52करते हैं और बेसल बॉडी का निर्माण करते
28:54हैं जिससे सीलिया और फ्लेज कशाब और पक्ष
28:57माबी की उत्पत्ति होती
28:59है फिर आपको यहां पर आना है बच्चों कोशिका
29:01कंकाल होता है कोशिका कंकाल जो है वह
29:04प्रोटींस वह तंतुमय प्रोटींस का समूह होता
29:07है लेकिन यह तंतुमय प्रोटींस का समूह
29:09कोशिकीय कंकाल केवल यूकैरियोटिक
29:12के अंदर नहीं पाया जाता तो प्रोकरयोट्स के
29:15अंदर कोशिका कंकाल नहीं होता यह तंतुमय
29:18प्रोटीन जो है वो यूकैरियोटिक
29:20के आकार को बनाए रखने में मदद करते हैं
29:23कोशिका की गति को बनाए रखने में काम करते
29:26हैं और कोशिका को यांत्रिक सहयोग देने में
29:28कोशिका कंकाल कार्य करता
29:30है फिर आते हैं बच्चों हमारे पास गमना के
29:33रूप में सिलिया और फ्लेज कशाब और पक्ष मा
29:36बिक होते हैं सिलिया फ्लज गमना होते हैं
29:38बच्चों प्रोकैरियोटिक
29:40में भी होते हैं प्रोकैरियोटिक
29:46के अंदर इनके अंदर कोई सूक्ष्म नलिका नहीं
29:49पाई जाती बिल्कुल एक आधारी काय बेसल बॉडी
29:52होती है फिर आपके
29:54पास हुक होता है और हुक के बाद आपके पास
29:57एक त होता है जिसमें फ्लेजलिंग प्रोटीन
29:59होता है कोई सूक्ष्म नलिका हों की
30:02व्यवस्था नहीं पाई जाती लेकिन यूकेरियोटिक
30:069 प2 सूक्ष्म नलिका की व्यवस्था पाई जाती
30:10है उसका जो केंद्र होता है उसका जो कोर
30:12होता है उसको हम एगोनी कहते हैं और उसमें
30:159 प् 2 सूक्ष्म नलिका की व्यवस्था पाई
30:17जाती है परिधि में नौ सूक्ष्म नलिका होती
30:20है केंद्र में दो होती हैं तो 9 प2 होता
30:23है तारक केंद्र में 9 प् 0 होता
30:26है फिर बच्चों ये नांक के रूप में काम
30:28करते हैं सीलिया और फ्लेज में हल्का अंतर
30:30भी याद रखना है आपको सिलिया छोटे होते हैं
30:32फ्लेज बड़ा होता है सिलिया पूरी सतह पर
30:34पाए जाते हैं फ्लेज की संख्या एक दो या
30:36कुछ होती हैं और सीलिया सभी के सभी सीलिया
30:39मिलकर एक सम्मिलित रूप से गति करते हैं
30:42जबकि जो फ्लेज है वो स्वतंत्र रूप से गति
30:44दर्शाते हैं तो ये गमना के रूप में सीलिया
30:47और फ्लेज आपको ध्यान में रखने हैं फिर आता
30:50है बच्चों नेक्स्ट की बात करें जब हम
30:51केंद्रक की बात करते हैं अब केंद्रक या
30:53न्यूक्लियस जो है वो द्वि झिल्ली कोशिकांग
30:56होता है उसकी खोज का श्रेय किसको गया जाता
30:57है है रॉबर्ट ब्राउन को तो रॉबर्ट ब्राउन
31:00ने केंद्रक की खोज की थी द्विजी युक्त
31:03कोशिकांग होता है अब द्विज कोशिकांग होता
31:06है इसकी बाह्य झिल्ली जो होती है बच्चों
31:08वो ईआर के साथ सतत रूप से पाई जाती है
31:10जुड़ी होती है अब इसके अंदर केंद्रक जो
31:13झिल्ली है बच्चों उसमें जगह-जगह पर
31:15न्यूक्लियर पोर्स या छेद होते हैं और इन
31:17न्यूक्लियर पोर्स के द्वारा आरएनए और
31:19प्रोटींस की गति कराई जाती है आरएनए और
31:21प्रोटींस को दोनों दिशा में मतलब आरएनए को
31:24केंद्रक से कोशिका द्रव्य में प्रोटींस को
31:27कोशिका द्रव्य से केंद्रक में जाने में
31:29काम करते हैं यह केंद्रक छिद्र या
31:31न्यूक्लियर
31:32पोर्स अब केंद्रक के अंदर क्या होता है
31:35बच्चों केंद्रक के भीतर केंद्रक द्रव्य
31:37होता है और केंद्रिका कोशिकांग होते हैं
31:40केंद्रिका झिल्ली रहित कोशिकांग होते हैं
31:43और ये आरआरएनए या राइबोसोमस के संश्लेषण
31:46में काम करते हैं तो राइबोसोमस के निर्माण
31:49में कौन काम करता है केंद्रिका तो
31:51एनसीआरटी की लाइन है कि जो कोशिका सक्रिय
31:54रूप से प्रोटीन संश्लेषण करती है वो सभी
31:57कोश शि काएं जो सक्रिय रूप से प्रोटीन
31:59संश्लेषण करती हैं उनमें राइबोसोम ज्यादा
32:01होगा और राइबोसोम ज्यादा बनाने के लिए
32:03उनमें केंद्रिका की मात्रा भी ज्यादा
32:06होगी फिर आता है बच्चों केंद्रक द्रव्य
32:09केंद्रक द्रव्य में आपको क्रोमेटिंग मिलता
32:11है जिसको हम आनुवांशिक पदार्थ कहते हैं यह
32:13क्रोमेटिंग जो होता है क्रोमेटिंग धागे
32:16रूपी संरचना है जो बिखरी हुई रहती है और
32:19इसमें डीएनए आरएनए हिस्टोन प्रोटीन और गैर
32:22हिस्टोन प्रोटींस का समावेश होता है
32:24ज्यादा मात्रा में प्रोटीन हिस्टोन और गैर
32:26हिस्टोन प्रोटींस हैं डीएनए है और आरएनए
32:29है इनके मिश्रण से क्रोमेटिंग बनता है और
32:32यह कोशिका विभाजन के दौरान कोशिका विभाजन
32:36के दौरान यह क्रोमेटिंग रेशे संगन होकर
32:38गुण सूत्रों का रूप ले लेते हैं तो विभाजन
32:41के दौरान क्रोमेटिंग ही क्रोमोजोम या
32:44गुणसूत्र में रूपांतरित हो जाता है अब जब
32:47हम गुणसूत्रों की संरचना की बात करते हैं
32:49बच्चों तो गुणसूत्रों की संरचना में आपके
32:51पास एक गुण सूत्रीय बिंदु होता है और गुण
32:54सूत्रीय बिंदु जिसको हम सेंट्रो मियर कहते
32:56हैं उस सेंट्रो गुण सूत्रीय बिंदु के
32:59दोनों तरफ प्रोटीन के वलय या प्रोटीन के
33:01डिस्क होते हैं जिसको काइनेटो कोर कहते
33:03हैं और ये प्रोटीन के डिस्क या काइनेटो
33:06कोर से तर्क तंतु जुड़ते हैं विभाजन के
33:08दौरान अब ये जो गुणसूत्र बिंदु होता है
33:11बच्चों जिसको हम सेंट्रो मियर कहते हैं इस
33:12गुण सूत्रीय बिंदु का पोजीशन फिक्स नहीं
33:15होता इसकी लोकेशन गुणसूत्र में फिक्स नहीं
33:18होती अलग-अलग गुणसूत्र में अलग-अलग इसकी
33:20पोजीशन होती है तो गुण सूत्रीय बिंदु या
33:23सेंट्रो मियर एक गुणसूत्र में कहां-कहां
33:25पाया जाता है उसके स्थल उसकी पोजीशन के
33:28आधार पर गुणसूत्रों के चार प्रकार होते
33:30हैं चार प्रकार होते हैं बच्चों अगर गुण
33:33सूत्रीय बिंदु सेंट्रो मियर अगर सिरे पर
33:36पाया जाता हो एंड पर पाया जाता हो तो ऐसे
33:38गुणसूत्र को टलो सेंट्रिक कहते हैं अगर वह
33:42सिरे के नजदीक है सिरे के नजदीक है तो
33:45उसको एक्रोसेंट्रिक गुणसूत्र कहा जाता है
33:47अगर वह गुण सूत्रीय बिंदु केंद्र में है
33:50सेंटर में है तो उसको मेटा सेंट्रिक
33:52गुणसूत्र कहते हैं और केंद्र से हल्का सा
33:54दूर है तो उसको सब मेटा सेंट्रिक कहते हैं
33:58जब गुणसूत्र बिंदु या सेंट्रो मियर एंड
34:01सिरे पर होगा तो टलो सेंट्रिक आई शेप का
34:04होगा और इसमें एक ही भुजा दिखेगी
34:07केंद्र सिरे से थोड़ा सा नजदीक है सिरे के
34:11नजदीक है तो एक बहुत छोटी भुजा बनेगी एक
34:13बहुत बड़ी भुजा बनेगी उसको हम
34:15एक्रोसेंट्रिक कहेंगे जे शेप जब सेंट्रो
34:19मियर केंद्र में है सेंटर में है दोनों
34:21बराबर भुजाएं बनेंगी v आकार का मेटा
34:24सेंट्रिक और आपके पास अगर केंद्र से सेंटर
34:27से थोड़ा सा दूर है एक छोटी और एक बड़ी
34:29भुजा बनेगी एल शेप का गुणसूत्र बनेगा जिसे
34:32हम कहेंगे सब मेटा
34:34सेंट्रिक अब यह जो
34:38सेंट्रोमेरिक संकीर्ण क्षेत्र कहते हैं
34:41इसके अलावा कुछ ऐसे गुणसूत्र होते हैं कुछ
34:43मतलब 13 14 15 21 और 22 पांच ऐसे गुणसूत्र
34:47है जिसके अंदर एक द्वितीयक संकीर्ण
34:49क्षेत्र पाया जाता है और द्वितीयक संकीर्ण
34:52क्षेत्र क्या स्थल हमेशा निश्चित होगा
34:55फिक्स होगा और उसको स्टेन अभिरंजन नहीं
34:57किया जा सकता और द्वितीयक संकीर्ण क्षेत्र
35:00के बाद वाला जो भाग होता है गुणसूत्र का
35:02उसको सैटेलाइट कहते हैं और ऐसे गुणसूत्र
35:05को सट क्रोमोजोम्स कहा जाता है फिर
35:09एनसीआरटी के आखिरी में बच्चों सूक्ष्म काय
35:11नाम के कोशिकांग दे रखे हैं लेकिन उसके
35:14बारे में विस्तार से नहीं दे रखा है तो आप
35:15इतना याद रखिएगा सूक्ष्म काय माइक्रो
35:18बॉडीज सबसे छोटे एकल झिल्ली यु कोशिकांग
35:21होते हैं जो जंतु और पादप कोशिकाओं में
35:24पाए जाते हैं पोक्सो मस और ग्लासी जोम्स
35:26इनके प्रमुख उदाह
35:28पॉक्सी जोम जो होते हैं वो पादप और जंतु
35:30कोशिका दोनों में होते हैं जंतु कोशिका
35:32में हाइड्रोजन पोक्स इड का अपघटन करते हैं
35:35और पादपों के अंदर प्रकाश श्वसन में
35:37योगदान देते हैं और वसीय अम्ल के अपघटन
35:40में काम करते हैं ऑक्सीकरण में ग्लाजो मस
35:42होते हैं वह केवल पादप कोशिकाओं में पाए
35:44जाते हैं बच्चों जंतु कोशिकाओं में नहीं
35:46पाए जाते और वह वसा से संबंधित होते
35:49हैं ठीक है बच्चों तो यह वंश जो एक तरीके
35:52से पॉडकास्ट है इसमें अपन ने सारे
35:54कोशिकांग और उनके कार्य की बात कर ली है
35:57बढ़िया तरीके से आपका रिवीजन हुआ होगा
35:59बहुत-बहुत धन्यवाद