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0:01कोई कुछ बोलता नहीं है।
0:04देखो तो जरा अपनी हालत। ना अच्छा घर, ना
0:07अच्छे कपड़े। मैं किस गुनाह की सजा भुगत
0:09रही हूं कि एक गरीब आलू के साथ जिंदगी
0:11गुजार रही हूं।
0:12मेहनत कर रहा हूं। वक्त के साथ सब बदल
0:15जाएगा। जरा सबर करो।
0:18सबर सबर सबर। मैंने सबर करते-करते उम्र
0:22गुजार दी।
0:35बस सारी उम्र यह सब्जियां ही खानी
0:37पड़ेंगी। इस मनहूस आलू से तो शादी करने से
0:39बेहतर था कि मैं कुंवारी ही रह जाती।
0:44मैं मेहनत जारी रखूंगा। इंशाल्लाह एक दिन
0:48मेरी मेहनत जरूर रंग लाएगी।
0:51और फिर मैं अपनी बेगम को वो सब दूंगा जो
0:54उसे चाहिए। मैं उसकी सारी ख्वाहिशें पूरी
0:57करूंगा।
0:58[हंसी]
1:06मोहतरमा आप जैसी हसीन गाजर इस बाजार में
1:10पहले कभी नहीं देखी। क्या मैं कुछ मदद कर
1:13सकता हूं?
1:14जी। आप भी बहुत खूबसूरत [संगीत]
1:17हैं।
1:18यह खूबसूरती, यह नज़ाकत, मैं तो दीवाना हो
1:21गया हूं। इतनी दौलत इतनी शानो शौकत काश
1:24मेरी जिंदगी भी ऐसी होती।
1:26तुम्हारी जिंदगी भी ऐसी हो सकती है। सोच
1:28लो।
1:30सोच लो।
1:38[गहरी सांस लेने की आवाज़]
1:42रोटी बनाओ रही हो?
1:43और नहीं तो क्या? मैं तो जैसे नौकरानी बन
1:46के रह गई हूं। पता नहीं किस गुनाह की सजा
1:49पाई है मैंने। बस थोड़ा सा सब्र मेरी जान।
1:52मुझे लगता है इस बार हमारी फसल बहुत अच्छी
1:55होने वाली है। फिर देखना मैं तुम्हें
1:57माहिरानी बना के रखूंगा।
1:58यह खयाली पुलाव बनाना बंद करें और
2:00मेहरबानी करके मुझसे थोड़ा दूर रहा करें।
2:02तुम्हारे इन फटे कपड़ों की बदबू से मेरा
2:04दम घटता है। बड़ा आया मुझे माहिरानी बनाने
2:07वाला। खुद की हालत तो फकीरों से भी बदतर
2:10है। और मुझे बनाएगा माहिरानी। वाह वाह।
2:22मुझे बैंगन के बारे में सोचना चाहिए
2:24क्योंकि इस जहन्नुम से निकलने का बस यही
2:27एक रास्ता है। वरना इस आलू खंगले के साथ
2:30रह-रह के तो मैं वक्त से पहले ही बूढ़ी हो
2:32जाऊंगी। और वैसे भी बैंगन भी तो मुझे पसंद
2:35करता है। और क्यों ना करे मैं हूं ही इतनी
2:38खूबसूरत कि कोई भी फिदा हो जाए। हम
2:42[नाक से की जाने वाली आवाज़]
2:51अरे बैंगन जी आप
2:54क्यों मैं नहीं आ सकता क्या?
2:57अरे क्यों नहीं आप अपना ही घर समझें?
3:01[हंसी]
3:02आओ आओ अंदर आओ।
3:09अच्छा तो फिर आपने क्या सोचा? मैंने क्या
3:13सोचना है? बस सारी रात तुम्हारी याद ने
3:15सोने नहीं दिया।
3:17अगर ऐसा है तो चलो फिर शादी कर लेते हैं
3:20और वैसे भी तुम्हारे पे यह गरीबी सूट नहीं
3:23करती। तुम तो मुझ जैसा कोई अमीर ही डिर्व
3:25करती हो।
3:26वो सब तो ठीक है लेकिन शायद आप भूल रहे
3:29हैं।
3:29हां।
3:30मैं शादीशुदा हूं। आलू मेरा शौहर है और
3:32उसके होते हुए मैं आपसे कैसे शादी कर सकती
3:35हूं?
3:35तो चलो उसे रास्ते से हटा देते हैं।
3:38वो कैसे? वो ऐसे कि कल जब वह खेतों पर जाए
3:41तो तुम उसके खाने में जहर मिला दो। और इस
3:44तरह वह चुपचाप हमारे रास्ते से हट जाएगा।
3:47हां, यह ठीक रहेगा। इस मनहूस से जान
3:49छुड़ाने का बस यही एक रास्ता है। जहर लगता
3:52है मुझे मनहूस कहीं का।
3:56बस आज का दिन और उसके बाद मैं इस गुर्बत
3:59से हमेशा के लिए निकल जाऊंगी। और फिर मेरे
4:02मजे ही मजे होंगे।
4:04मेरा खाना तैयार है? हां आलू, आज मैंने
4:07तुम्हारा पसंदीदा खाना बनाया है। इसलिए
4:09सारा खाना खत्म करना है आपने।
4:11अच्छा अब मैं चलता हूं मेरी प्यारी बेगम।
4:15हां जाओ जाओ। [संगीत] यह तुम्हारा आखिरी
4:18खाना है। चलो अच्छा है। आज तो इस मुसीबत
4:22से जान छूट ही जाएगी। फिर मैं बैंगन से
4:25शादी करके सारी उम्र ऐश करूंगी। वाह गाजर
4:28तेरी तो किस्मत ही चमक उठी। [हंसी]
4:32गाजर मेरा कितना ख्याल रखती है और एक मैं
4:35हूं कि उसे पहनने को अच्छे कपड़े तक नहीं
4:37दिला सकता। बस अल्लाह करे इस बार मेरी फसल
4:41अच्छी हो जाए। फिर मैं गाजर की सारी
4:43ख्वाहिशें पूरी करूंगा।
4:46यह खाना तो सारा बर्बाद हो गया। अब मैं
4:50क्या खाऊंगा? गाजर
4:51[नाक से की जाने वाली आवाज़] ने कितने
4:52प्यार से मेरा पसंदीदा खाना बनाया था।
4:56शुक्र है आज तो इस आलू का द एंड हो ही
4:59जाएगा और फिर हम दोनों शादी करके हमेशा के
5:01लिए एक हो जाएंगे।
5:03हां गाजर अच्छा मुझे अब चलना चाहिए
5:06क्योंकि शादी की तैयारियां भी तो करनी है।
5:10हां, बैंगन और गाजर शादी कर रहे हैं। आलू
5:13भाई के साथ इतना बड़ा धोखा। मुझे यह बात
5:16आलू भाई को बतानी होगी।
5:20अरे आप।
5:21अरे क्या हुआ गाजर? तुम तो ऐसे कह रही हो
5:24जैसे तुमने कोई भूत देख लिया हो। गाजर
5:27मुझे बहुत भूख लग रही है।
5:29क्यों? जो खाना मैंने तुम्हें दिया था वो
5:32तुमने खाया नहीं।
5:34वो तो जाते-जाते मेरा पांव फिसल गया और
5:37सारा खाना कीचड़ में गिर गया।
5:40[संगीत]
5:41खाना बर्बाद करने से पहले यह भी तो सोचना
5:43था ना कि तुम एक गरीब और खंगले आलू और
5:46खंगलों के घरों में दो वक्त की रोटी भी
5:47बड़ी मुश्किल से मिलती है। अब जाओ जाके
5:51भूखे मरो। नहीं है घर में और कुछ खाने को।
6:04[संगीत]
6:05भिंडी भाई बहुत दिनों बाद नजर आ रहे हो।
6:08सब खैरियत तो है? खैरियत ही तो नहीं है
6:11आलू भाई। वो आलू भाई वो अरे भिंडी भाई तो
6:16तो यार है अपना। खुल के बोलो ना जो बोलना
6:18है। इतना झिझक क्यों रहे हो? आलू भाई आज
6:22तुम्हारे घर में मैंने एक अमीर बैंगन को
6:24देखा। वो और गाजर मिलकर शादी का प्लान बना
6:27रहे थे।
6:28क्या यह क्या बकवास कर रहे हो तुम? तुम
6:30मेरे दोस्त हो। लेकिन इसका यह मतलब नहीं
6:32कि तुम मेरी बीवी के बारे में इस तरह की
6:34फिजूल बातें करो। मेरी बीवी मुझे कभी धोखा
6:37नहीं दे सकती। मेरे हालात की वजह से कभी
6:39कबभार वो मुझे जली कटी जरूर सुनाती है।
6:41लेकिन उसका यह मतलब हरगिज़ नहीं कि वो
6:44मुझे छोड़कर बैंगन के साथ शादी का प्लान
6:46बनाए। समझे? अब दफा हो मेरी नजरों से और
6:48दोबारा कभी अपनी शक्ल मत दिखाना।
6:51मेरा यकीन करे बैंगन, मैंने इसको मारने का
6:54पूरा बंदोबस्त कर लिया था। इस मनहूस की
6:56किस्मत ही इतनी अच्छी है कि वो खाना वो खा
6:58ही ना सका।
6:59अब यह काम मुझे खुद ही करना होगा। आज शाम
7:02जब वो खेतों से वापस आएगा तो मैं उसे अपनी
7:05गाड़ी से कुचल दूंगा।
7:07यह नजारा मैं भी देखना चाहती हूं।
7:10तो फिर ठीक है। आज शाम तैयार रहना।
7:14[हंसी]
7:16शाम हो गई है। अब घर चलता हूं। भिंडी भाई
7:18की बातों ने दिमाग खराब कर दिया। बस अब घर
7:21जाकर अपनी प्यारी बेगम का चेहरा देखूं
7:23ताकि दिल को ठंडक मिले।
7:29[चीखने की आवाज़]
7:36ये क्या हो गया मेरे दोस्त? बस आप हौसला
7:38रखें। मैं तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगा।
7:40एंबुलेंस।
7:51[संगीत]
7:57आज हम दोनों एक हो गए।
8:01हां बेंगन जी और अब हम हमेशा एक साथ
8:04रहेंगे।
8:06मुझे माफ कर दो दोस्त। मैंने तुम्हारे साथ
8:09अच्छा नहीं किया। मुझे तुम्हारी बात माननी
8:12चाहिए थी।
8:13मैंने अपनी आंखों से देखा। मेरी अपनी बीवी
8:15ने मुझे मारने की कोशिश की। छोड़ दो ना
8:18आलू भाई। खुद को मजीद तकलीफ मत दो। भूल
8:20जाओ सब। अरे वाह आलू भाई। लगता है इस बार
8:24कुदरत मेहरबान हुई है आप पर। हां भिंडी
8:26भाई इंशाल्लाह अब हमारे हालात बदल भी
8:28जाएंगे। [संगीत]
8:37अरे प्याज यह हमारी दुकान पर कोई गंदुम
8:40लेने क्यों नहीं आ रहा? सेठ जी मैंने सुना
8:43है कि गांव किसी आलू ने गंदुम की दुकान
8:45खोली है जो सबको आधी कीमत पर गंदुम बेच
8:48रहा है। इसलिए सब उसी से गंदुम ले रहे
8:50हैं।
8:50अच्छा लेकिन अब हमारा क्या होगा? मैंने तो
8:53बैंक से काफी लोन लिया है।
8:55[गहरी सांस लेने की आवाज़]
8:57क्या हुआ बैंगन? आप कुछ परेशान लग रहे
9:00हैं?
9:00गाजर मैंने बैंक से बहुत सारा लोन लेकर
9:04गांव के सभी जमींदारों से गंदुम खरीद कर
9:07गोदाम में जखीरा किया था। यह सोचकर कि जब
9:10गंदुम कीमतें बढ़ जाएंगी तो मैं गंदुम को
9:12दुगनी कीमत पर फरोख्त करके बहुत सारा पैसा
9:14कमाऊंगा। लेकिन अब जब गंदुम की कीमतें बढ़
9:18गई तो कहते हैं कि किसी आलू ने मंडी में
9:20गंदुम की दुकान खोली है जो सबको आधी कीमत
9:23पर गंदुम दे रहा है। इसलिए सब उसी से
9:26गंदुम ले रहे हैं। हमसे कोई भी गंदुम नहीं
9:28खरीद रहा।
9:30मैंने तो बैंक से काफी ज्यादा लोन लिया
9:32है। अब मैं यह लोन कैसे लुटाऊंगा? क्योंकि
9:34मेरे पास तो जितनी रकम थी उन सबका मैंने
9:37गंदुम खरीद लिया था। अब मैं क्या करूंगा?
9:40सिवाय इस घर के मेरे पास तो और कुछ नहीं
9:42बचा और गंदुम अब कोई गंदुम नहीं खरीद रहा।
9:45सेठ जी जल्दी करें। गोदाम में रखी गंदुम
9:48में कीड़े लग गए हैं।
9:50क्या? ये क्या हो गया?
9:57हाय मैं तो बर्बाद हो गया। यह सब तुम्हारी
10:01वजह से हुआ है। मनहूस गाजर जब से तुम
10:04[नाक से की जाने वाली आवाज़] मेरे घर में
10:05आई हो अपने साथ नहूसत लाई हो। चलो निकलो
10:08मेरे घर से।
10:09नहीं बैंगन जी ऐसा ना करें। मैं कहां
10:12जाऊंगी? मेरा अब आपके सिवा कोई नहीं है इस
10:15दुनिया में।
10:15तुमने जहां भी जाना है जाओ। पर मेरे घर से
10:18निकलो। अभी के अभी। वरना मैं तुम्हें जान
10:21से मार डालूंगा।
10:24अरे वाह आलू भाई आप तो सेड बन गए। हां
10:27भिंडी भाई पर जिसके लिए मैं यह सब करना
10:29चाहता था अब वो नहीं रही।
10:31जिस आलू की बात बैंगन कर रहे थे वो कोई
10:34दूसरा आलू नहीं। यकीनन मेरा शौहर आलू है।
10:39क्या मैं इसके पास जाऊं? क्या वो मुझे माफ
10:43करेगा?
10:46मुझे माफ कर दो आलू। मुझसे बहुत बड़ी गलती
10:49हो गई। मैं अपनी गलती पर शर्मिंदा हूं।
10:52प्लीज मुझे माफ कर दो।
10:54तुमने गलती नहीं गुनाह किया है और गुनाह
10:56को माफ नहीं गुनाह की सजा दी जाती है। और
10:59तुम्हारी सजा यह है कि अब तुम सारी उम्र
11:01जेल में काटूंगी।
11:02पुलिस
11:04[हंसी]
11:09लून वक्त पर जमा ना करने की वजह से
11:11तुम्हारे घर को कब्जे में लिया जाता है और
11:13आलू को जान से मारने के जुर्म में आपको
11:16गिरफ्तार किया जाता है।
11:19हम्म