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vegetable love story | Aalu Emotional Vegetable Story | vegetable story | vegetable cartoon in hindi

Unique Stories ZA · 1,623 words · 8 min read

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0:01कोई कुछ बोलता नहीं है।

0:04देखो तो जरा अपनी हालत। ना अच्छा घर, ना

0:07अच्छे कपड़े। मैं किस गुनाह की सजा भुगत

0:09रही हूं कि एक गरीब आलू के साथ जिंदगी

0:11गुजार रही हूं।

0:12मेहनत कर रहा हूं। वक्त के साथ सब बदल

0:15जाएगा। जरा सबर करो।

0:18सबर सबर सबर। मैंने सबर करते-करते उम्र

0:22गुजार दी।

0:35बस सारी उम्र यह सब्जियां ही खानी

0:37पड़ेंगी। इस मनहूस आलू से तो शादी करने से

0:39बेहतर था कि मैं कुंवारी ही रह जाती।

0:44मैं मेहनत जारी रखूंगा। इंशाल्लाह एक दिन

0:48मेरी मेहनत जरूर रंग लाएगी।

0:51और फिर मैं अपनी बेगम को वो सब दूंगा जो

0:54उसे चाहिए। मैं उसकी सारी ख्वाहिशें पूरी

0:57करूंगा।

0:58[हंसी]

1:06मोहतरमा आप जैसी हसीन गाजर इस बाजार में

1:10पहले कभी नहीं देखी। क्या मैं कुछ मदद कर

1:13सकता हूं?

1:14जी। आप भी बहुत खूबसूरत [संगीत]

1:17हैं।

1:18यह खूबसूरती, यह नज़ाकत, मैं तो दीवाना हो

1:21गया हूं। इतनी दौलत इतनी शानो शौकत काश

1:24मेरी जिंदगी भी ऐसी होती।

1:26तुम्हारी जिंदगी भी ऐसी हो सकती है। सोच

1:28लो।

1:30सोच लो।

1:38[गहरी सांस लेने की आवाज़]

1:42रोटी बनाओ रही हो?

1:43और नहीं तो क्या? मैं तो जैसे नौकरानी बन

1:46के रह गई हूं। पता नहीं किस गुनाह की सजा

1:49पाई है मैंने। बस थोड़ा सा सब्र मेरी जान।

1:52मुझे लगता है इस बार हमारी फसल बहुत अच्छी

1:55होने वाली है। फिर देखना मैं तुम्हें

1:57माहिरानी बना के रखूंगा।

1:58यह खयाली पुलाव बनाना बंद करें और

2:00मेहरबानी करके मुझसे थोड़ा दूर रहा करें।

2:02तुम्हारे इन फटे कपड़ों की बदबू से मेरा

2:04दम घटता है। बड़ा आया मुझे माहिरानी बनाने

2:07वाला। खुद की हालत तो फकीरों से भी बदतर

2:10है। और मुझे बनाएगा माहिरानी। वाह वाह।

2:22मुझे बैंगन के बारे में सोचना चाहिए

2:24क्योंकि इस जहन्नुम से निकलने का बस यही

2:27एक रास्ता है। वरना इस आलू खंगले के साथ

2:30रह-रह के तो मैं वक्त से पहले ही बूढ़ी हो

2:32जाऊंगी। और वैसे भी बैंगन भी तो मुझे पसंद

2:35करता है। और क्यों ना करे मैं हूं ही इतनी

2:38खूबसूरत कि कोई भी फिदा हो जाए। हम

2:42[नाक से की जाने वाली आवाज़]

2:51अरे बैंगन जी आप

2:54क्यों मैं नहीं आ सकता क्या?

2:57अरे क्यों नहीं आप अपना ही घर समझें?

3:01[हंसी]

3:02आओ आओ अंदर आओ।

3:09अच्छा तो फिर आपने क्या सोचा? मैंने क्या

3:13सोचना है? बस सारी रात तुम्हारी याद ने

3:15सोने नहीं दिया।

3:17अगर ऐसा है तो चलो फिर शादी कर लेते हैं

3:20और वैसे भी तुम्हारे पे यह गरीबी सूट नहीं

3:23करती। तुम तो मुझ जैसा कोई अमीर ही डिर्व

3:25करती हो।

3:26वो सब तो ठीक है लेकिन शायद आप भूल रहे

3:29हैं।

3:29हां।

3:30मैं शादीशुदा हूं। आलू मेरा शौहर है और

3:32उसके होते हुए मैं आपसे कैसे शादी कर सकती

3:35हूं?

3:35तो चलो उसे रास्ते से हटा देते हैं।

3:38वो कैसे? वो ऐसे कि कल जब वह खेतों पर जाए

3:41तो तुम उसके खाने में जहर मिला दो। और इस

3:44तरह वह चुपचाप हमारे रास्ते से हट जाएगा।

3:47हां, यह ठीक रहेगा। इस मनहूस से जान

3:49छुड़ाने का बस यही एक रास्ता है। जहर लगता

3:52है मुझे मनहूस कहीं का।

3:56बस आज का दिन और उसके बाद मैं इस गुर्बत

3:59से हमेशा के लिए निकल जाऊंगी। और फिर मेरे

4:02मजे ही मजे होंगे।

4:04मेरा खाना तैयार है? हां आलू, आज मैंने

4:07तुम्हारा पसंदीदा खाना बनाया है। इसलिए

4:09सारा खाना खत्म करना है आपने।

4:11अच्छा अब मैं चलता हूं मेरी प्यारी बेगम।

4:15हां जाओ जाओ। [संगीत] यह तुम्हारा आखिरी

4:18खाना है। चलो अच्छा है। आज तो इस मुसीबत

4:22से जान छूट ही जाएगी। फिर मैं बैंगन से

4:25शादी करके सारी उम्र ऐश करूंगी। वाह गाजर

4:28तेरी तो किस्मत ही चमक उठी। [हंसी]

4:32गाजर मेरा कितना ख्याल रखती है और एक मैं

4:35हूं कि उसे पहनने को अच्छे कपड़े तक नहीं

4:37दिला सकता। बस अल्लाह करे इस बार मेरी फसल

4:41अच्छी हो जाए। फिर मैं गाजर की सारी

4:43ख्वाहिशें पूरी करूंगा।

4:46यह खाना तो सारा बर्बाद हो गया। अब मैं

4:50क्या खाऊंगा? गाजर

4:51[नाक से की जाने वाली आवाज़] ने कितने

4:52प्यार से मेरा पसंदीदा खाना बनाया था।

4:56शुक्र है आज तो इस आलू का द एंड हो ही

4:59जाएगा और फिर हम दोनों शादी करके हमेशा के

5:01लिए एक हो जाएंगे।

5:03हां गाजर अच्छा मुझे अब चलना चाहिए

5:06क्योंकि शादी की तैयारियां भी तो करनी है।

5:10हां, बैंगन और गाजर शादी कर रहे हैं। आलू

5:13भाई के साथ इतना बड़ा धोखा। मुझे यह बात

5:16आलू भाई को बतानी होगी।

5:20अरे आप।

5:21अरे क्या हुआ गाजर? तुम तो ऐसे कह रही हो

5:24जैसे तुमने कोई भूत देख लिया हो। गाजर

5:27मुझे बहुत भूख लग रही है।

5:29क्यों? जो खाना मैंने तुम्हें दिया था वो

5:32तुमने खाया नहीं।

5:34वो तो जाते-जाते मेरा पांव फिसल गया और

5:37सारा खाना कीचड़ में गिर गया।

5:40[संगीत]

5:41खाना बर्बाद करने से पहले यह भी तो सोचना

5:43था ना कि तुम एक गरीब और खंगले आलू और

5:46खंगलों के घरों में दो वक्त की रोटी भी

5:47बड़ी मुश्किल से मिलती है। अब जाओ जाके

5:51भूखे मरो। नहीं है घर में और कुछ खाने को।

6:04[संगीत]

6:05भिंडी भाई बहुत दिनों बाद नजर आ रहे हो।

6:08सब खैरियत तो है? खैरियत ही तो नहीं है

6:11आलू भाई। वो आलू भाई वो अरे भिंडी भाई तो

6:16तो यार है अपना। खुल के बोलो ना जो बोलना

6:18है। इतना झिझक क्यों रहे हो? आलू भाई आज

6:22तुम्हारे घर में मैंने एक अमीर बैंगन को

6:24देखा। वो और गाजर मिलकर शादी का प्लान बना

6:27रहे थे।

6:28क्या यह क्या बकवास कर रहे हो तुम? तुम

6:30मेरे दोस्त हो। लेकिन इसका यह मतलब नहीं

6:32कि तुम मेरी बीवी के बारे में इस तरह की

6:34फिजूल बातें करो। मेरी बीवी मुझे कभी धोखा

6:37नहीं दे सकती। मेरे हालात की वजह से कभी

6:39कबभार वो मुझे जली कटी जरूर सुनाती है।

6:41लेकिन उसका यह मतलब हरगिज़ नहीं कि वो

6:44मुझे छोड़कर बैंगन के साथ शादी का प्लान

6:46बनाए। समझे? अब दफा हो मेरी नजरों से और

6:48दोबारा कभी अपनी शक्ल मत दिखाना।

6:51मेरा यकीन करे बैंगन, मैंने इसको मारने का

6:54पूरा बंदोबस्त कर लिया था। इस मनहूस की

6:56किस्मत ही इतनी अच्छी है कि वो खाना वो खा

6:58ही ना सका।

6:59अब यह काम मुझे खुद ही करना होगा। आज शाम

7:02जब वो खेतों से वापस आएगा तो मैं उसे अपनी

7:05गाड़ी से कुचल दूंगा।

7:07यह नजारा मैं भी देखना चाहती हूं।

7:10तो फिर ठीक है। आज शाम तैयार रहना।

7:14[हंसी]

7:16शाम हो गई है। अब घर चलता हूं। भिंडी भाई

7:18की बातों ने दिमाग खराब कर दिया। बस अब घर

7:21जाकर अपनी प्यारी बेगम का चेहरा देखूं

7:23ताकि दिल को ठंडक मिले।

7:29[चीखने की आवाज़]

7:36ये क्या हो गया मेरे दोस्त? बस आप हौसला

7:38रखें। मैं तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगा।

7:40एंबुलेंस।

7:51[संगीत]

7:57आज हम दोनों एक हो गए।

8:01हां बेंगन जी और अब हम हमेशा एक साथ

8:04रहेंगे।

8:06मुझे माफ कर दो दोस्त। मैंने तुम्हारे साथ

8:09अच्छा नहीं किया। मुझे तुम्हारी बात माननी

8:12चाहिए थी।

8:13मैंने अपनी आंखों से देखा। मेरी अपनी बीवी

8:15ने मुझे मारने की कोशिश की। छोड़ दो ना

8:18आलू भाई। खुद को मजीद तकलीफ मत दो। भूल

8:20जाओ सब। अरे वाह आलू भाई। लगता है इस बार

8:24कुदरत मेहरबान हुई है आप पर। हां भिंडी

8:26भाई इंशाल्लाह अब हमारे हालात बदल भी

8:28जाएंगे। [संगीत]

8:37अरे प्याज यह हमारी दुकान पर कोई गंदुम

8:40लेने क्यों नहीं आ रहा? सेठ जी मैंने सुना

8:43है कि गांव किसी आलू ने गंदुम की दुकान

8:45खोली है जो सबको आधी कीमत पर गंदुम बेच

8:48रहा है। इसलिए सब उसी से गंदुम ले रहे

8:50हैं।

8:50अच्छा लेकिन अब हमारा क्या होगा? मैंने तो

8:53बैंक से काफी लोन लिया है।

8:55[गहरी सांस लेने की आवाज़]

8:57क्या हुआ बैंगन? आप कुछ परेशान लग रहे

9:00हैं?

9:00गाजर मैंने बैंक से बहुत सारा लोन लेकर

9:04गांव के सभी जमींदारों से गंदुम खरीद कर

9:07गोदाम में जखीरा किया था। यह सोचकर कि जब

9:10गंदुम कीमतें बढ़ जाएंगी तो मैं गंदुम को

9:12दुगनी कीमत पर फरोख्त करके बहुत सारा पैसा

9:14कमाऊंगा। लेकिन अब जब गंदुम की कीमतें बढ़

9:18गई तो कहते हैं कि किसी आलू ने मंडी में

9:20गंदुम की दुकान खोली है जो सबको आधी कीमत

9:23पर गंदुम दे रहा है। इसलिए सब उसी से

9:26गंदुम ले रहे हैं। हमसे कोई भी गंदुम नहीं

9:28खरीद रहा।

9:30मैंने तो बैंक से काफी ज्यादा लोन लिया

9:32है। अब मैं यह लोन कैसे लुटाऊंगा? क्योंकि

9:34मेरे पास तो जितनी रकम थी उन सबका मैंने

9:37गंदुम खरीद लिया था। अब मैं क्या करूंगा?

9:40सिवाय इस घर के मेरे पास तो और कुछ नहीं

9:42बचा और गंदुम अब कोई गंदुम नहीं खरीद रहा।

9:45सेठ जी जल्दी करें। गोदाम में रखी गंदुम

9:48में कीड़े लग गए हैं।

9:50क्या? ये क्या हो गया?

9:57हाय मैं तो बर्बाद हो गया। यह सब तुम्हारी

10:01वजह से हुआ है। मनहूस गाजर जब से तुम

10:04[नाक से की जाने वाली आवाज़] मेरे घर में

10:05आई हो अपने साथ नहूसत लाई हो। चलो निकलो

10:08मेरे घर से।

10:09नहीं बैंगन जी ऐसा ना करें। मैं कहां

10:12जाऊंगी? मेरा अब आपके सिवा कोई नहीं है इस

10:15दुनिया में।

10:15तुमने जहां भी जाना है जाओ। पर मेरे घर से

10:18निकलो। अभी के अभी। वरना मैं तुम्हें जान

10:21से मार डालूंगा।

10:24अरे वाह आलू भाई आप तो सेड बन गए। हां

10:27भिंडी भाई पर जिसके लिए मैं यह सब करना

10:29चाहता था अब वो नहीं रही।

10:31जिस आलू की बात बैंगन कर रहे थे वो कोई

10:34दूसरा आलू नहीं। यकीनन मेरा शौहर आलू है।

10:39क्या मैं इसके पास जाऊं? क्या वो मुझे माफ

10:43करेगा?

10:46मुझे माफ कर दो आलू। मुझसे बहुत बड़ी गलती

10:49हो गई। मैं अपनी गलती पर शर्मिंदा हूं।

10:52प्लीज मुझे माफ कर दो।

10:54तुमने गलती नहीं गुनाह किया है और गुनाह

10:56को माफ नहीं गुनाह की सजा दी जाती है। और

10:59तुम्हारी सजा यह है कि अब तुम सारी उम्र

11:01जेल में काटूंगी।

11:02पुलिस

11:04[हंसी]

11:09लून वक्त पर जमा ना करने की वजह से

11:11तुम्हारे घर को कब्जे में लिया जाता है और

11:13आलू को जान से मारने के जुर्म में आपको

11:16गिरफ्तार किया जाता है।

11:19हम्म

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