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0:00YouTube पे चैनल बनाना डिफिकल्ट नहीं है।
0:02डिफिकल्ट है डिसाइड करना कि वह चैनल किस
0:04नीश में होगा। क्या मुझे वह नीश सेलेक्ट
0:06करना चाहिए जिसमें ज्यादा व्यूज आते हैं
0:07या वह नीश जिसमें अर्निंग अच्छी होती है
0:09या फिर मुझे सिंपली अपना पैशन फॉलो करना
0:11चाहिए। एंड अगर मेरा कोई पैशन ही ना हो तो
0:14वेल आज मैं आपके इन सारे क्वेश्चंस का
0:15आंसर करूंगा एंड आपको एक क्लियर स्टेप बाय
0:17स्टेप फ्रेमवर्क दूंगा ताकि वीडियो के एंड
0:19तक आपको एक परफेक्ट नीश मिल जाए जिसमें
0:21आपके ग्रोथ का मैक्सिमम पोटेंशियल हो।
0:23लेट्स बिगिन। सबसे पहले तो यह समझो कि
0:25YouTube एक लॉन्ग टर्म गेम है जिसमें
0:26सक्सेसफुल होने के लिए आपको बहुत सारा
0:28टाइम एंड एनर्जी स्पेंड करना होगा। और अगर
0:31आप किसी ऐसे नीश में वीडियोस बना रहे हो
0:32जिसमें आपका इंटरेस्ट ही नहीं है तो
0:34चांसेस है कि आप बीच में ही गिव अप कर
0:36दोगे। सक्सेसफुल क्रिएटर्स लाइक मिस्टर
0:38बीस्ट जिनके आज 500 मिलियन सब्सक्राइबर्स
0:40हैं उन्हें भी फर्स्ट 1 मिलियन
0:41सब्सक्राइबर्स कंप्लीट करने में 5 साल लगे
0:44थे। एंड दैट्स व्हाई इस फ्रेमवर्क का सबसे
0:45पहला स्टेप है अपने इंटरेस्ट को
0:47आइडेंटिफाई करना। आई वांट कि अभी आप एक
0:49पेन एंड पेपर लो और उसमें उन सभी चीजों का
0:51लिस्ट बनाओ जिनमें आपको इंटरेस्ट है। एंड
0:53अगर आप उन लोगों में से हो जिनका कोई
0:55क्लियर इंटरेस्ट या पैशन नहीं है तो आपको
0:57सिर्फ इन चार क्वेश्चंस का आंसर करना है।
0:59क्वेश्चन नंबर वन व्हाट कंटेंट डू यू
1:01ऑलरेडी कंज्यूम? कोई भी इंसान क्रिएटर
1:03बनने से पहले खुद एक व्यूअर होता है। सो
1:05आपको बस यह देखना है कि आप सोशल मीडिया पे
1:07ऑलरेडी किस तरह का कंटेंट कंज्यूम कर रहे
1:09हो। इसके लिए आप अपने YouTube हिस्ट्री
1:10में जाके एनालाइज कर सकते हो कि पिछले एक
1:12दो महीने में आपने किन टॉपिक्स पे
1:14मैक्सिमम कंटेंट कंज्यूम किया है।
1:16सिमिलरली आप Instagram या बाकी सोशल
1:18मीडिया प्लेटफॉर्म्स पे जाके अपना फीड
1:20स्क्रोल कर सकते हो एंड चांसेस है कि वहां
1:22से आपको अपने कई सारे न्यू इंटरेस्ट के
1:24बारे में पता लगेगा जिन पे आपने आज तक
1:25ध्यान नहीं दिया था। क्वेश्चन नंबर टू
1:27इमेजिन करो कि आप एक स्टेज पे हो जहां
1:29आपको अगले 10 मिनट तक बिना रुके किसी भी
1:31टॉपिक पे बात करना है। तो आप किस टॉपिक पे
1:34बोलोगे? ऑफ कोर्स हम में से मेजोरिटी
1:35लोगों के मन में कोई ऐसा टॉपिक आएगा
1:37जिसमें हमें काफी ज्यादा इंटरेस्ट है या
1:39जिसके बारे में बहुत ज्यादा नॉलेज है। सो
1:41नो मैटर वो टॉपिक कितना भी रैंडम लगे उसको
1:43नोट कर लो। क्वेश्चन नंबर थ्री व्हाट डू
1:45पीपल कम टू यू फॉर? वो कौन सी चीज है
1:47जिससे रिलेटेड हेल्प या एडवाइस मांगने के
1:50लिए आपके फ्रेंड्स एंड फैमिली मेंबर्स
1:51आपके पास आते हैं। फॉर एग्जांपल आप में से
1:53बहुत लोग होंगे जिनके पास लोग तब आते हैं
1:55जब उनको कोई स्मार्टफोन, लैपटॉप या कोई
1:58गैजेट लेना होता है। बहुत लोग ऐसे होंगे
1:59जिनके पास लोग हेल्थ या फिटनेस एडवाइस के
2:02लिए आते हैं। सो ट्राई टू फिगर आउट कि
2:03आपके केस में वो चीज क्या है? एंड फाइनली
2:06क्वेश्चन नंबर फोर। व्हाट आर यू करेंटली
2:07लर्निंग और वांट टू लर्न? ये क्वेश्चन
2:09बहुत इंटरेस्टिंग है क्योंकि इसके लिए
2:11आपको किसी चीज में एक्सपर्ट होने की जरूरत
2:12नहीं है। अगर कोई भी ऐसा स्किल है जो आप
2:14अभी सीख रहे हो या सीखना चाहते हो तो भी
2:17आप उसके अराउंड कंटेंट बना सकते हो। अगर
2:19आपने खुद एक महीने पहले जिम ज्वाइन किया
2:21है तो ऑब्वियसली आप फिटनेस टिप्स वाली
2:22वीडियो नहीं बनाओगे। बट आप अपने जर्नी को
2:25डॉक्यूमेंट करके बिगिनर्स के लिए कंटेंट
2:26बना सकते हो। लाइक आपने क्या सीखा, क्या
2:28मिस्टेक्स किए, अपना ट्रांसफॉर्मेशन दिखा
2:31सकते हो एटसेट्रा। इस अप्रोच का सबसे बड़ा
2:33फायदा यह है कि आप सीखते-सीखते ही ऑडियंस
2:35बिल्ड कर सकते हो। तो इन चार क्वेश्चंस को
2:37आंसर करने के बाद आपके पास एटलीस्ट फोर टू
2:39फाइव पोटेंशियल टॉपिक्स ईजीली आ जाएंगे।
2:41बट चांसेस हैं कि आपने जो भी टॉपिक्स लिखे
2:44हैं उनमें से ऑलमोस्ट सारे बहुत ब्रॉड
2:46हैं। यहीं पे आता है हमारे फ्रेमवर्क का
2:47अगला स्टेप फाइंडिंग अ सबनीश। लेट्स से आप
2:50एक आर्ट चैनल बनाना चाहते हो। अब आर्ट
2:52अपने आप में एक काफी ब्रॉड एंड सैचुरेटेड
2:54नीश है जिसमें हजारों चैनल्स ऑलरेडी एक
2:56दूसरे से कमट कर रहे हैं। तो हम थोड़ा और
2:58स्पेसिफिक जाएंगे। एग्जांपल आर्ट के अंदर
3:00आप पेंसिल स्केचेस का सब नीश पिक कर सकते
3:02हो। एंड अगर वो भी बहुत ब्रॉड है तो आप
3:04पोर्ट्रेट पेंसिल स्केचेस के सब नीश में
3:06जा सकते हो। सिमिलरली अगर मेन नीश फिटनेस
3:09है तो उसको नैरो करके आप वेट लॉस वाला सब
3:11नीश पिक कर सकते हो। एंड अगर और स्पेसिफिक
3:13जाएं तो हमारा चैनल हो सकता है वेट लॉस
3:16यूजिंग होम वर्कआउट के अराउंड। एंड इसी
3:18मेथड को बोलते हैं नीश डाउन करना। अब आप
3:20सोच रहे होंगे कि हम इतना स्पेसिफिक जा
3:22क्यों रहे हैं? एक्चुअली इसका एक
3:23इंटरेस्टिंग रीज़न है। बड़े क्रिएटर्स
3:25यूजुअली इतने स्पेसिफिक ऑडियंस को टारगेट
3:27नहीं करते हैं। फॉर एग्जांपल अगर एक 10
3:29मिलियन सब्सक्राइबर्स वाला आर्ट चैनल है
3:31तो वो जनरली ऐसे वीडियोस बनाएगा जो
3:33मैक्सिमम लोगों को अपील करें और हाईली
3:35स्पेसिफिक टॉपिक्स को अवॉइड करेगा क्योंकि
3:37उसको पता है कि टॉपिक जितना स्पेसिफिक
3:39होगा उसको देखने वाली पोटेंशियल ऑडियंस भी
3:41उतनी ही लिमिटेड होगी। अब अगर एक न्यू
3:43क्रिएटर के पर्सपेक्टिव से देखें तो यह
3:45एक्चुअली एक ओपोरर्चुनिटी है। जब आप एक
3:47ब्रॉड नीश टारगेट करते हो तो आपको उस नीश
3:49के पॉपुलर एंड वेल एस्टैब्लिश्ड क्रिएटर्स
3:51से डायरेक्टली कमपीट करना पड़ता है। जिनकी
3:53कंटेंट क्वालिटी, एडिटिंग, स्टोरी टेलिंग
3:55सब कुछ आपसे कई गुना बेटर है। वहीं अगर आप
3:58उस नीश के अंदर एक सब नीश को टारगेट करते
4:00हो तो आपके कंपेटिटर्स भी कम हो जाते हैं।
4:02एंड जो कंपेटिटर्स होते भी हैं वो मोस्टली
4:04बड़े चैनल्स नहीं होते हैं। यही रीज़न है
4:06कि पोर्ट्रेट, पेंसिल, स्केचेस जैसा
4:08स्पेसिफिक सबनीश एक न्यू क्रिएटर के लिए
4:10आर्ट से बेटर है। इससे आपके लिए स्टैंड
4:13आउट करना इज़ियर हो जाता है। व्हिच मींस कि
4:15लोग आपके चैनल को एक स्पेसिफिक चीज के लिए
4:17याद रखेंगे। आल्सो क्योंकि आपको पता होगा
4:19कि आपकी टारगेट ऑडियंस एक्सजेक्टली कौन है
4:21तो आप उनके प्रॉब्लम्स, इंटरेस्ट, गोल्स
4:24इन चीजों को ध्यान में रख के बेटर वीडियो
4:26आइडियाज जनरेट कर पाओगे। बेस्ट पार्ट यह
4:28है कि नीश डाउन करना कोई परमानेंट डिसीजन
4:30नहीं है। अगर फ्यूचर में आपको लगता है कि
4:32सब नीश के वजह से आपकी ग्रोथ अब थोड़ी
4:34लिमिट हो रही है तो आपने जिस ऑर्डर में
4:36नीश डाउन किया है उसके ऑोजिट ऑर्डर में
4:38नीश अप भी कर सकते हो एंड अपने पोटेंशियल
4:40ऑडियंस साइज को इंक्रीस कर सकते हो। सो
4:42अपने लिस्ट में आपने जो भी चारप टॉपिक्स
4:44लिखे थे सोचो कि उनके लिए आप कौन सा सब
4:46नीश पिक कर सकते हो और यह सिर्फ थ्योरी
4:48नहीं है। YouTube पर आपको कई सारे ऐसे
4:50चैनल्स मिल जाएंगे जिन्होंने इनिशियली एक
4:52बहुत स्पेसिफिक ऑडियंस को टारगेट करके
4:54स्टार्ट किया और फिर टाइम के साथ अपना नीश
4:56एक्सपैंड कर दिया। फॉर एग्जांपल मार्कस
4:58जों्स जो कि एक YouTube ग्रोथ चैनल है। इस
5:01चैनल पे आपको हाउ टू गेट मोर व्यूज, हाउ
5:03टू गेट मोर सब्सक्राइबर्स, हाउ टू अपलोड
5:04शॉट्स इस तरह के वीडियोस मिलेंगे। सो ऑफ
5:06कोर्स करेंटली इस चैनल का कंटेंट एक काफी
5:09ब्रॉड ऑडियंस को टारगेट कर रहा है। बट अगर
5:10हम इस चैनल के ओल्डेस्ट वीडियोस पे जाएं 7
5:13साल पहले तो वी विल सी कि स्टार्टिंग में
5:15यह चैनल सिर्फ गेमिंग क्रिएटर्स के लिए
5:16एडवाइस देता था। लाइक हाउ टू ग्रो अ
5:18गेमिंग चैनल फ्रॉम जीरो सब्सक्राइबर्स,
5:20बेस्ट एडिटिंग सॉफ्टवेयर फॉर गेमिंग
5:22वीडियोस, हाउ टू मेक अ वायरल गेमिंग
5:24वीडियो एंड ये जितने भी वीडियोस हैं, यह
5:25सब गेमिंग क्रिएटर्स को टारगेट कर रहे
5:27हैं। सो, ही स्टार्टेड वि YouTube ग्रोथ
5:29फॉर गेमिंग चैनल्स। एंड उस सब नीश को
5:31एक्सपैंड करके इस चैनल ने अपना नीश जनरल
5:33YouTube ग्रोथ कर लिया। अब तक हमने अपने
5:35इंटरेस्ट को नैरो डाउन करके उसे एक सब नीश
5:38में कन्वर्ट किया है। बट नाउ द क्वेश्चन
5:39इज कि आपको पता कैसे चलेगा कि जो सब नीश
5:42आपने सेलेक्ट किया है उसमें पोटेंशियल है
5:43भी या नहीं? यहीं पे आता है हमारे
5:45फ्रेमवर्क का फाइनल स्टेप इवैल्यूएट
5:47पोटेंशियल। किसी भी नीश में चैनल बनाने से
5:49पहले आपको इन तीन फैक्टर्स को कंसीडर करना
5:52चाहिए। सबसे पहला फैक्टर है डिमांड।
5:53बेसिकली आपको प्रूफ चाहिए कि आपने जो नीश
5:56सेलेक्ट किया है उसमें इनफ नंबर ऑफ
5:57व्यूअर्स एकिस्ट करते हैं। इसके लिए आप
5:59YouTube सर्च बार में अपना सब नीश टाइप कर
6:02सकते हो। एंड अगर आपको दिखता है कि
6:03मल्टीपल क्रिएटर्स के वीडियोस
6:05कंसिस्टेंटली अच्छे व्यूज ला रहे हैं, तो
6:07यह एक स्ट्रांग सिग्नल है कि सब नीश में
6:09ऑडियंस एक्सिस्ट करती है। अगर आपका नीश
6:11जरूरत से ज्यादा स्पेसिफिक और नैरो होगा,
6:13तो नेचुरली उसमें इंटरेस्टेड ऑडियंस भी
6:15बहुत लिमिटेड होगी एंड ग्रो करना मुश्किल
6:17होगा। तो वैसे सब नीशेस को अवॉइड करना ही
6:20बेस्ट है। इफ यू वांट तो आप fid आईक्यू
6:22जैसे टूल्स भी यूज़ कर सकते हो। जहां आपको
6:24अपने नीश से रिलेटेड कीवर्ड्स टाइप करने
6:26होंगे। एंड आप देख पाओगे कि मंथली उस
6:28कीवर्ड को कितने लोग सर्च करते हैं। वंस
6:30यू नो कि आपके नीश में अच्छी खासी डिमांड
6:32है तो आपको नेक्स्ट फैक्टर को इवैलुएट
6:34करना है जो कि है स्टॉक। क्या आप इस नीश
6:36में एटलीस्ट 100 हाई क्वालिटी वीडियो
6:38आइडियाज सोच सकते हो या नहीं? क्योंकि
6:40YouTube पे सक्सेस मिलने में टाइम लगता
6:41है। अगर आप सिर्फ 15-20 वीडियोस के बाद ही
6:43आईडिया से आउट हो जाओगे तो चाहे नीश में
6:45कितनी भी डिमांड हो आप उसमें लॉन्ग टर्म
6:47ग्रो नहीं कर सकते। इसलिए मैं चाहता हूं
6:49कि अभी आप एक ब्लैंक पेज खोलो और बिना
6:52YouTube से कॉपी किए अपने नीश के अराउंड
6:54जितने वीडियो आइडियाज सोच सकते हो उतने
6:56लिखो। अगर आप इजीली 40-50 आइडियाज तक भी
6:58पहुंच जाते हो तो यह ऑलरेडी एक स्ट्रांग
7:00साइन है कि इस नीश में लॉन्ग टर्म कंटेंट
7:02बनाया जा सकता है। बट इफ यू आर स्ट्रगलिंग
7:04टू फाइंड आइडियाज तो चांसेस है कि ये नीश
7:06बहुत नैरो है या फिर आपको उस टॉपिक में
7:08उतना इंटरेस्ट नहीं है जितना आप सोच रहे
7:10थे। एंड फाइनली थर्ड फैक्टर है प्रॉफिट।
7:13बहुत लोग नीश चूज़ करते वक्त सिर्फ यह
7:15देखते हैं कि किस नीश का सीपीएम सबसे
7:17ज्यादा है। बट अगर आप सिर्फ हाई सीपीएम
7:19देखकर कोई ऐसा नीश चूज़ कर लेते हो जिसमें
7:21ना आपका इंटरेस्ट है और ना ही आप लॉन्ग
7:23टर्म कंटेंट बना सकते हो तो उस सीपीएम का
7:25कोई फायदा नहीं है। इंस्टेड आपको यह देखना
7:28चाहिए कि अगर फ्यूचर में आप इस नीश में एक
7:30ऑडियंस बिल्ड कर लेते हो तो क्या आपके पास
7:32इनफ मोनेटाइजेशन अपॉर्चुनिटीज है या फिर
7:35नहीं। फॉर एग्जांपल अगर आपका नीश फिटनेस
7:37है तो आप एडसेंस के अलावा स्पॉनसरशिप्स,
7:39अफिलिएट मार्केटिंग, वन टू वन कोचिंग,
7:41कोर्सेज, मर्ज एंड ऐसे कई सारे वेज़ से
7:44अर्न कर सकते हो। तो ऐसे ही आपको अपने नीश
7:46को भी इवैलुएट करना है कि क्या उसमें इनफ
7:48मोनेटाइजेशन ओपोरर्चुनिटीज हैं या फिर
7:50नहीं। दिस इज वेरीेंट अगर आप YouTube को
7:53सिर्फ एक हॉबी नहीं बल्कि एक बिजनेस या
7:55फुल टाइम करियर बनाना चाहते हो। सो अपने
7:57लिस्ट में आपने जो भी चारप सबनीशेस लिख के
7:59रखे हैं उनको इन तीन फैक्टर्स के बेसिस पे
8:01इवैल्यूएट करो। एंड जो भी ऑप्शन सबसे
8:03स्ट्रांगेस्ट लगे उसी के साथ अपना चैनल
8:05स्टार्ट करो। क्या वो नीश 100% परफेक्ट
8:08होगा? नो। बट क्या उसे 100% परफेक्ट होने
8:10की जरूरत है? आल्सो नो। रियलिटी ये है कि
8:13YouTube पे बहुत सी चीजें तभी समझ आती हैं
8:15जब आप एक्चुअली वीडियोस बनाना स्टार्ट
8:17करते हो। इसलिए परफेक्ट नीश ढूंढने में
8:19अगले 6 महीने मत लगा देना। एक्शन लो। दैट
8:21इज मोरेंट। प्लानिंग भी जरूरी है। बट वो
8:23प्लानिंग कब ओवरथिंकिंग में बदल जाती है
8:26उसका पता नहीं चलता। सो टेक एक्शन। आल्सो
8:28अगर आपने वीडियो देखतेदेखते अपनी नीच
8:30डिसाइड कर ली है तो कमेंट्स में शेयर कर
8:32दो एंड आल्सो क्योंकि अब आप अपनी YouTube
8:34जर्नी शुरू करने वाले हो तो इस वीडियो पे
8:36क्लिक करो एंड या मैं आपसे वहीं मिलूंगा।
8:38बाय।