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Introduction
0:00बिस्मिल्लाह रहमा रहीम। अस्सलाम वालेकुम।
0:02मैं मोहम्मद हसनैन कुरशी सीईओ एंड फाउंडर
0:0466 मार्केटिंग। और इस वीडियो के अंदर मैं
0:08आपको एक कंप्लीट कोर्स प्रोवाइड करने वाला
0:10हूं डिजिटल प्रोडक्ट के ऊपर कि आप डिजिटल
0:13प्रोडक्ट कैसे सेल कर सकते हो। पाकिस्तान
0:16के अंदर या फिर पाकिस्तान में रहते हुए
0:19किसी भी इंटरनेशनल कंट्री के अंदर यूएस,
0:22यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया किसी भी कंट्री
0:24में आप अपना डिजिटल प्रोडक्ट कैसे सेल कर
0:28सकते हो? तो यह कंप्लीट कोर्स होगा, एक
0:30कंप्लीट गाइड होगा फॉर बिगिनर्स जो
0:32बिल्कुल नहीं जानते डिजिटल प्रोडक्ट को या
0:34फिर जानते हैं लेकिन पता नहीं है स्टार्ट
0:36कैसे करना है, सेल कैसे करना है? तो उन
0:38सबके लिए यह कंप्लीट कोर्स साबित होगा
0:40इंशाल्लाह। तो इस कोर्स के अंदर मैं आपको
0:42गहराई से बताऊंगा कि डिजिटल प्रोडक्ट
0:44बिजनेस है क्या? उसकी फाउंडेशंस क्या है?
0:47कितने टाइप के बिजनेस मॉडल एंड डिजिटल
0:49प्रोडक्ट के अंदर? हम उन सारे बिजनेस मॉडल
0:51को कवर करेंगे। उसके बाद हम
0:53रिक्वायरमेंट्स देखेंगे। अगर आप पाकिस्तान
0:54में रहते हुए इंटरनेशनल मार्केट में करना
0:57चाहते हो तो उसकी क्या रिक्वायरमेंट है?
0:58पाकिस्तान में तो ऑलमोस्ट कोई
1:00रिक्वायरमेंट नहीं है। आप सिंपली स्टार्ट
1:01कर सकते हो। ठीक है? और उसको सिंपली सेल
1:04कर सकते हो अपने जैज कैश, इजी पैसा या
1:06बैंक ट्रांसफर के जरिए। लेकिन अगर आप
1:07इंटरनेशनल पे जाते हैं तो वहां पर हमें
1:09कुछ रिक्वायरमेंट्स का सामना करना पड़ेगा।
1:11तो उन रिक्वायरमेंट्स को आपने कैसे फुलफिल
1:14करना है, यह सब कुछ मैं आपको बताऊंगा।
1:16थर्ड हम बात करेंगे कि डिजिटल प्रोडक्ट को
1:18कैसे फाइंड करना है, कैसे नीश को वैलिडेट
1:20करना है, प्रोडक्ट को वैलिडेट करना है,
1:22ढूंढना कैसे है डिजिटल प्रोडक्ट? फ्री के
1:23अंदर फ्री टूल्स के जरिए वो मैं आपको
1:25सिखाऊंगा। फोर्थ में हम बात करेंगे कि
1:27डिजिटल प्रोडक्ट बनाना कैसे है? मिसाल
1:29हमने फाइंड कर लिया कि ये डिजिटल प्रोडक्ट
1:31है जो हमें सेल करना है। लेकिन अब सवाल ये
1:33आएगा कि आप ये बनाएंगे कैसे? ठीक है? एक
1:35डिजिटल प्रोडक्ट बनाने के कौन-कौन से
1:37तरीके हो सकते हैं? प्लस एआई आपकी कैसे
1:39हेल्प कर सकता है उस डिजिटल प्रोडक्ट में?
1:41ये मैं आपको बताऊंगा। और नेक्स्ट हम बात
1:44करेंगे कि इस डिजिटल प्रोडक्ट की
1:45प्राइसिंग कैसे सेट करनी है। ऑफर्स कैसे
1:47सेट करनी है? जो कस्टमर बाय करना चाहे। एक
1:50कंपेलिंग प्राइसिंग और ऑफर कैसे बनानी है
1:52वह हम डिस्कस करेंगे और उसके बाद हम बात
1:55करेंगे कि इस डिजिटल प्रोडक्ट को ऑटोमेट
1:57कैसे करना है? इसकी डिलीवरी को कैसे
1:58ऑटोमेट करना है कि जब कोई कस्टमर हमसे बाय
2:00करे इंटरनेशनल मार्केट का खास तौर पर तो
2:02प्रोडक्ट ऑटोमेटिकली उसके पास डिलीवर हो
2:05जाए। यानी कि आपको कुछ भी करना ना पड़े।
2:06सिंगल पर्सन आप पूरे बिनेस को हैंडल कर
2:09सके। आप आपको ऑर्डर प्रोसेसिंग की टेंशन
2:10ना हो। आपको शिपिंग डिलीवरी इन किसी चीज
2:12की टेंशन ना हो। तो हमें वो कैसे सेटअप
2:14करना है। कौन से प्लेटफार्म के ऊपर हम ये
2:16कर सकते हैं वो चीजें मैं आपको बताऊंगा।
2:18और लास्ट में हम बात करेंगे डिजिटल
2:20मार्केटिंग स्ट्रेटजी। कि हमारे डिजिटल
2:22प्रोडक्ट को सेल करने के लिए कितने टाइप्स
2:24की डिजिटल मार्केटिंग स्ट्रेटजीस पॉसिबल
2:26है और उनमें से बेस्ट कौन सी है और आपके
2:29लिए बेस्ट कौन सी है डिफरेंट बजट के लिहाज
2:31से वो हम डिस्कस करेंगे। तो इन शॉर्ट अगर
2:34मैं बात करूं तो ये कंप्लीट कोर्स होगा हर
2:36उस पर्सन के लिए जो डिजिटल प्रोडक्ट बिनेस
2:38स्टार्ट करना चाहता है। ठीक है? अगर आप
2:39बिल्कुल बिगिनर हैं आप जीरो से देखें। ठीक
2:41है? और अगर आप बिगिनर नहीं है, आपको बहुत
2:43सारी चीजें ऑलरेडी पता है तो फिर आप इसमें
2:45कुछ मॉड्यूल्स को स्किप भी कर सकते हो जो
2:47आपको मुनासिब लगे। वैसे मैंने कोशिश की है
2:50कि इस गाइड को इस कोर्स को मैं काफी हद तक
2:53कम से कम टाइम में कवर कर सकूं ताकि आप कम
2:56टाइम में ज्यादा नॉलेज और ज्यादा इनेशन
2:58हासिल कर सकें। तो मैं रिकमेंड करूंगा कि
3:00अगर आप हो सके तो आप इस कोर्स को मुकम्मल
3:02देखें। इंशाल्लाह आपको बहुत कुछ सीखने को
3:04मिलेगा। और अगर आपको किसी भी किस्म की कोई
3:06हेल्प चाहिए हो तो आप मुझसे कमेंट सेक्शन
3:08में पूछ सकते हैं या फिर आप मेरी फ्री
3:10कम्युनिटी को ज्वाइन करके भी पूछ सकते हो।
3:12और मेरी उस कम्युनिटी के अंदर आपको दो
3:13ऑप्शन मिलेंगे। एक फ्री का जिसमें आपको
3:15कम्युनिटी एक्सेस एक्सेस मिलेगा और मुझसे
3:17सवालात पूछने का मौका मिलेगा इंशाल्लाह।
3:19दूसरा प्रीमियम है जिसके अंदर मेरे सारे
3:21पेड कोर्सेज भी मौजूद है। इसके अंदर मेरा
3:24शॉप का कोर्स भी मौजूद है। मेरा पेड ऐड का
3:27कोर्स भी मौजूद है जिसमें Facebook ऐड,
3:28Instagram, TikTok ऐड सिखाना स्टार्ट किया
3:31है। और ये रिसेंटली हुआ है। मुकम्मल
3:32अपडेटेड कोर्स है। अभी भी इस वक्त
3:34कंटिन्यू चल रहा है वो। ठीक है? यानी कि
3:36अपडेटेड आप चीजें सीखेंगे शॉपिफाई का भी
3:39और पेड ऐड का भी। इसके अलावा भी मेरे काफी
3:41सारे कोर्स इसमें मौजूद हैं। कुछ फ्री है,
3:43कुछ पेड है। ठीक है? और भी एडवांस लेवल के
3:46कोर्सर्सेस इसके अंदर आएंगे। इंक्लूडिंग
3:48डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस का। तो डिजिटल
3:50प्रोडक्ट बिजनेस का भी मैं एडवांस लेवल का
3:52गहराई के साथ एक कोर्स बनाने वाला हूं
3:54इंशाल्लाह। और वह भी आप इस एक कम्युनिटी
3:57से ज्वाइन कर पाओगे। और बेस्ट बात यह है
3:59कि अभी मैंने ऑलमोस्ट 50% डिस्काउंट की
4:02मेरी ऑफर चल रही है। तो अगर आप इयरली
4:04प्लान चूज़ करते हैं तो आपको ऑलमोस्ट 50%
4:06डिस्काउंट मिल जाएगा। और आप एक साल के लिए
4:09मेरे सारे कोर्सेज एक ही प्लेटफार्म पर एक
4:12ही मेंबरशिप के ऊपर हासिल कर पाओगे। इस
4:14वक्त हमारी उस कम्युनिटी के अंदर तकरीबन
4:161800 प्लस लोग अल्हम्दुलिल्लाह मौजूद हैं
4:19जो कोई ना कोई कोर्स कर रहे हैं और सीख
4:21रहे हैं। तो अगर आप उस कम्युनिटी का
4:23हिस्सा बनना चाहते हैं तो उसका लिंक भी
4:24डिस्क्रिप्शन में आपको मिल जाएगा। तो चलिए
4:27हम अपने इस डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस कोर्स
4:29को स्टार्ट करते हैं। यह है हमारा डिजिटल
Module 1 - Digital Products Foundations
4:33प्रोडक्ट कोर्स का मॉड्यूल वन और इसके
4:36अंदर मैं आपको बताऊंगा डिजिटल प्रोडक्ट की
4:39फाउंडेशंस के बारे में कि डिजिटल प्रोडक्ट
4:42असल में होता क्या है? वो फिजिकल प्रोडक्ट
4:45से कैसे डिफरेंट होता है? कैसे मुख्तलिफ
4:47होता है? और साथ ही हम बात करेंगे कि
4:49डिजिटल और फिजिकल प्रोडक्ट बिज़नेस वर्क
4:52कैसे करता है? और साथ ही हम हर टाइप्स के
4:55अंदर हम डिफरेंट फॉर्मेट्स के ऊपर भी बात
4:57करेंगे डिजिटल प्रोडक्ट के डिफरेंट
4:59फॉर्मेट्स के बारे में। और लास्ट में हम
5:01बात करेंगे डिजिटल प्रोडक्ट्स के डिफरेंट
5:04बिजनेस मॉडल से रिलेटेड। डिजिटल प्रोडक्ट
5:06सिर्फ एक टाइप के बिजनेस मॉडल के ऊपर काम
5:08नहीं करता। आप डिफरेंट बिजनेस मॉडल
5:11सिलेलेक्ट करके डिजिटल प्रोडक्ट बना सकते
5:13हो। तो हम इन सब चीजों के बारे में इस
5:16मॉड्यूल के अंदर बात करेंगे। तो अगर आप
5:18बिल्कुल बिगिनर हैं तो यह मॉड्यूल 100% आप
5:21लोगों के लिए है कि आप जान सके कि डिजिटल
5:24प्रोडक्ट असल में होता क्या है। ठीक है?
5:26अगर आपको ये बुनियादें क्लियर ना हो तो
5:28आगे जो हमारा बिजनेस स्टार्ट करना है हमने
5:30उसमें काफी मुश्किलात आ सकती हैं। ठीक है?
5:33और अगर आप कहते हैं कि नहीं मुझे ऑलरेडी
5:35इन सारी बातों का पता है तो ठीक है कोई
5:37मसला नहीं है। आप इस मॉड्यूल वन को स्किप
5:39कर सकते हैं। अदरवाइज मैं आपको इंशाल्लाह
5:42दावे के साथ कह सकता हूं कि इसमें बहुत सी
5:44चीजें ऐसी होंगी जो शायद आपने ना सुनी हो।
5:46तो इसलिए बेस्ट है कि आप इस मॉड्यूल को
5:48पूरा देख लें। तो सबसे पहले हम बात करते
5:51हैं व्हाट इज डिजिटल प्रोडक्ट? डिजिटल
5:54प्रोडक्ट असल में होता क्या है? तो इसको
5:56समझने के लिए जरूरी है कि आपको एक चीज
5:58क्लियर हो कि फिजिकल प्रोडक्ट क्या होता
6:00है? ठीक है? मिसाल के तौर पर कोई भी ऐसा
6:03प्रोडक्ट जो आपके आसपास नजर आ रहा है।
6:05चाहे वो कैमरा है, वो हैट है, वो ये
6:07प्रोडक्ट है। ठीक है? या फिर ये माइक है,
6:09कुछ भी है जिस प्रोडक्ट को हम छू सकते
6:12हैं। ये आसान लफ्जों में मैं आपको बता रहा
6:14हूं। मैं ज्यादा टेक्निकल टर्म्स में नहीं
6:15जा जिस प्रोडक्ट को हम छू सकते हैं। ठीक
6:17है? इसको मैं पकड़ सकता हूं, छू सकता हूं।
6:19ठीक है? इसको मैं तोड़ सकता हूं, फेंक
6:20सकता हूं। ठीक है? तो इस तरह के जो
6:22प्रोडक्ट होते हैं, उसे हम फिजिकल
6:25प्रोडक्ट्स कहते हैं। ठीक है? और जो
6:27डिजिटल प्रोडक्ट होते हैं वो इसके अपोजिट
6:29होते हैं। ठीक है? ऐसे प्रोडक्ट जो
6:30डिजिटली तो वजूद में है लेकिन हम उन्हें
6:32फिजिकली छू नहीं सकते। ठीक है? ये मेजर
6:35डिफरेंस है और आसानी से आपको समझ में आ
6:38जाएगा। इसमें बहुत सारी किस्में होती है।
6:40मिसाल है इस वक्त आप मेरी वीडियो देख रहे
6:42हैं। यह एक प्रोडक्ट है। एक डिजिटल
6:44प्रोडक्ट है जो आप देख रहे हैं। ठीक है?
6:46इसको आप देख सकते हैं, सुन सकते हैं,
6:48लेकिन आप इसे छू नहीं सकते। आप मोबाइल को
6:50छू सकते हैं जिसमें आप देख रहे हैं। लेकिन
6:52इस वीडियो को नहीं छू सकते। ठीक है? तो
6:54इसे डिजिटल प्रोडक्ट कहते हैं। और इसकी
6:57बहुत सारी फॉर्मेट्स हैं जो हम आगे जाके
6:59बात करने वाले। ठीक है? तो उम्मीद है आपको
7:01ये फर्क समझ में आया होगा कि डिजिटल
7:03प्रोडक्ट असल में होता क्या है। ठीक है?
7:05और फिजिकल प्रोडक्ट दोनों में क्या फर्क
7:06है? तो उम्मीद है कि आपको यह क्लियर हो
7:08गया होगा कि डिजिटल प्रोडक्ट क्या होता
7:10है। तो अब हम बात करते हैं कि डिजिटल
7:12प्रोडक्ट जो बिजनेस है यह वर्क कैसे करता
7:15है? इसकी एक वर्किंग फ्लो असल में है
7:17क्या? तो इसको मैं फिर से फिजिकल प्रोडक्ट
7:20जो बिज़नेस है उसके साथ साथ कंपेयर करता
7:22हूं ताकि आपको आसानी से समझ आ सके। मिसाल
7:25के तौर पर अगर हमें कोई फिजिकल प्रोडक्ट
7:27बेचना है, मैं इसकी एग्जांपल ले लेता हूं।
7:29ठीक है? अगर मुझे इस प्रोडक्ट को बेचना है
7:30तो सबसे पहले मुझे इसे या तो मैन्युफैक्चर
7:33करना होगा, बनाना होगा खुद से या फिर मैं
7:35होलसेल में इसे बाय करूंगा। ठीक है? और
7:37इसकी इन्वेंटरी को अपने पास स्टॉक करूंगा।
7:40ठीक है? तो वर्क फ्लो समझना है आपने। पहले
7:42एक प्रोडक्ट बनाया गया। उसकी इन्वेंटरी को
7:44स्टॉक किया गया। उसके बाद मैंने इसे
7:47ऑनलाइन स्टोर पे लिस्ट किया। ठीक है? और
7:49जब कस्टमर हमारे पास आएगा, यह बाय करेगा
7:51ऑर्डर। ठीक है? और हम उस प्रोडक्ट को
7:54पैकेज करेंगे, पैक करेंगे अच्छे से। उसके
7:57बाद हम उसको डिलीवर करेंगे यानी कि
7:59शिपमेंट हमें देखनी है। वो डिलीवरी उस
8:01कस्टमर तक जाएगी। वो उसे एक्सेप्ट करेगा।
8:03ठीक है? तो ये एक प्रोसेस है ई-कॉमर्स का
8:05यानी कि फिजिकल प्रोडक्ट सेलिंग का। लेकिन
8:08जो डिजिटल प्रोडक्ट सेलिंग है वो थोड़ी सी
8:10अपोजिट है। अपोजिट कैसे है? कि आपने एक
8:12बार प्रोडक्ट बना लिया। आपको कोई
8:14इन्वेंटरी नहीं चाहिए। प्रोडक्ट आपने एक
8:16बार बना लिया। आप हजारों लाखों लोगों को
8:18सेल कर सकते हो। लेकिन फिजिकल प्रोडक्ट
8:20में आप अगर हजार लोग को बेचना चाहते हो तो
8:22आपके पास हजार प्रोडक्ट होने चाहिए। अगर
8:24आप 1 लाख लोगों को बेचना चाहते हो तो आपके
8:25पास 1 लाख प्रोडक्ट होने चाहिए। आपको
8:27जाहिर सी बात है उतनी ही इन्वेस्टमेंट
8:29करनी पड़ेगी इसको मैन्युफैक्चर करने या
8:31होलसेल में लेने की। ठीक है? लेकिन डिजिटल
8:33में एक बार आपने प्रोडक्ट बना लिया उसमें
8:35जितने भी टाइम या इन्वेस्टमेंट आपकी लगी
8:37वो लग गई। अब उस प्रोडक्ट को आप बेच सकते
8:39हो। ठीक है? अब इसमें क्या होता है कि
8:40आपने एक प्रोडक्ट बनाया उसको अपने स्टोर
8:43पर अपनी वेबसाइट पर लिस्ट किया। कस्टमर
8:44आएगा उसको पे करेगा। ठीक है? और ऑन द
8:46स्पॉट जैसे ही वो पे करेगा वो जो प्रोडक्ट
8:48है वो उसके ईमेल पर या उसकी जो भी डिलीवरी
8:51का एक ऑप्शन होगा फौरन इंस्टेंटली उसके
8:53पास पहुंच जाएगा और वो उसे रिसीव कर लेगा।
8:55ठीक है? यह इस हद तक फास्ट होता है ना
8:57आपको इन्वेंटरी होल्ड करनी पड़ी ना आपको
8:59उसको डिलीवरी शिपिंग की टेंशन लेनी पड़ी
9:01और ना ही आपको फिर बाद में उसके रिफंड
9:04रिटर्न टाइप की चीजों को मैनेज करना
9:06पड़ेगा बाद में रिटर्न को खास तौर पे
9:07क्योंकि फिजिकल में रिटर्न भी आती है तो
9:09ये चीज मेजर डिफरेंस है कि डिजिटल
9:12प्रोडक्ट कैसे काम करता है आपका एक
9:13प्रोडक्ट होगा ऑनलाइन स्टोर होगा या
9:15वेबसाइट होगी आप कस्टमर आएगा उसे खरीदेगा
9:17ऑन द स्पॉट फौरन चंद मिनट या चंद सेकंड के
9:20अंदर वो प्रोडक्ट उसके पास डिलीवर हो
9:22जाएगा ठीक है तो ये इसका मेजर तरीका है कि
9:24डिजिटल प्रोडक्ट काम कैसे करता है? अब
9:26यहां पर एक सवाल पैदा होता है कि हम
9:29डिजिटल प्रोडक्ट को क्यों सेल करें? व्हाई
9:31वी सेल डिजिटल प्रोडक्ट? बड़े आसान सा
9:34इसका आंसर है और कुछ मैं ऑलरेडी आपको बता
9:37चुका हूं। सबसे पहली चीज समझे। आपको एक
9:39बार बनाना है लाइफ टाइम आप सेल कर सकते
9:42हैं। जब तक पॉसिबल है सेल करना क्योंकि हो
9:44सकता है कोई ऐसी चीज आप बेच रहे हैं जो
9:45दो-ती साल बाद आपको अपडेट करने की जरूरत
9:47है। उसको थोड़ा बेहतर बनाने की जरूरत है।
9:50तो आपको दो-ती साल एटलीस्ट बेच सकते हो।
9:51चाहे हजार लोग हो, 10,000 लोग हो, लाख हो,
9:531 मिलियन हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। एक बार
9:55आपने बनाया है और आप बार-बार बेच सकते
9:57हैं। यानी कि आपको इन्वेंटरी मैनेज करने
9:58की जरूरत नहीं है। आपको डिलीवरी, शिपिंग
10:00एंड डिलीवरी मैनेज करने की जरूरत नहीं है।
10:02100% प्रॉफिट मार्जिन होता है आप। ठीक है?
10:04यानी कि आपने एक बार बना लिया, उसके बाद
10:05आप बेचते रह। मसाल आपने $000 लगा के एक
10:07बार प्रोडक्ट बना लिया। ठीक है? अगर आपने
10:10उसकी प्राइस $10 भी रखी, प्योर प्रॉफिट
10:12है। अब आपको एक्स्ट्रा कोई कॉस्ट नहीं आ
10:14रही। ठीक है? आपको कोई एक्स्ट्रा कॉस्ट
10:15नहीं आ रही। ठीक है? ये मैं आपको ग्रॉस
10:18प्रॉफिट की बात कर रहा हूं। नेट प्रॉफिट
10:19की बात नहीं कर रहा। ठीक है? अब आप उसको
10:20मिसाल है $10 का आप बेच रहे हैं। आपने 100
10:23लोगों को बेचा $000 की कॉस्ट आपकी आ गई जो
10:26कॉस्ट आई थी आपको। उसके बाद जितने लोगों
10:28को भी आप बेच रहे हैं वो प्योर प्रॉफिट
10:29है। ठीक है? वो आपका एक प्योर प्रॉफिट है।
10:32बािस्बत फिजिकल प्रोडक्ट है। फिजिकल
10:33प्रोडक्ट आपने 1000 को बेच रहे हैं तो
10:35आपको 1000 बार बनाना पड़ेगा या खरीदना
10:37पड़ेगा। वो इन्वेंटरी आपको स्टॉक में रखनी
10:40पड़ेगी। मिसाल है आप $10 की एक प्रोडक्ट
10:41बेच रहे हैं तो चांसेस है आप होलसेल पर या
10:43फिर खुद बना रहे हैं तो $23 में आपको
10:45कॉस्ट आ रही है। ठीक है? तो 1000 लोगों को
10:47बेचना है तो $23000 की आपको इन्वेस्टमेंट
10:49करनी पड़ेगी। $1 लाख लोगों को बेचना है तो
10:51फिर आपको $2000 की इन्वेस्टमेंट करनी
10:53पड़ेगी। ये मैं आपको सिंपल और बगैर
10:55कैलकुलेशन के एग्जांपल दे रहा हूं। ठीक
10:57है? कैलकुलेशन आप खुद कर लेना। तो ये चंद
10:59मैंने अभी आपको बेनिफिट्स बताए जिसमें
11:02मैंने आपको बताया आपको कोई इन्वेंटरी बाय
11:04करने की होल्ड करने की जरूरत नहीं है।
11:05आपको स्टॉक रखने की जरूरत नहीं है। एक बार
11:07बना लिया आप बार-बार बेच सकते हो। आपको
11:09डिलीवरी या शिपिंग की टेंशन लेने की जरूरत
11:10नहीं है। आप लोकली नहीं इंटरनेशनल मार्केट
11:12में भी सेल कर सकते हो। इंस्टेंट डिलीवरी
11:14होगी। स्पीड में डिलीवरी होगी। कस्टमर
11:16भागेगा नहीं। इंतजार नहीं करना पड़ेगा
11:18कस्टमर को। और सबसे बेस्ट बात आप
11:20पाकिस्तान या दुनिया के किसी भी कोने में
11:22एक लैपटॉप और इंटरनेट रखते हुए आप इसको
11:25इजीली कहीं से भी कर सकते हो। ठीक है?
11:27आपको कोई ह्यूज बड़ी टीम की जरूरत नहीं
11:30पड़ती। वक्त के साथ आप और ज्यादा बढ़ा रहे
11:32हो तो उसमें एक अलग पॉइंट है। लेकिन आप
11:34सिंगल पर्सन भी इसको स्टार्ट कर सकते हो।
11:36ठीक है? तो ये चंद बेनिफिट्स बताएं कि
11:38क्यों हमें डिजिटल प्रोडक्ट को सेल करना
11:40चाहिए। इसके अलावा भी बहुत सारे बेनिफिट्स
11:42पॉसिबल हो सकते हैं। अच्छा तो अब हम बात
11:45करते हैं टाइप्स ऑफ डिजिटल प्रोडक्ट। ठीक
11:47है? डिजिटल प्रोडक्ट की बहुत सारी टाइप्स
11:49हैं और उन टाइप्स के अंदर डिफरेंट
11:51फॉर्मेट्स हैं। ठीक है? वीडियो की मैंने
11:53एग्जांपल दी थी आपको। वीडियो एक फॉर्मेट
11:54है। ठीक है? इसके अंदर बहुत सारे फॉर्मेट
11:56हो सकते हैं। वो ई-बुक हो सकती है। वो
11:58पीडीएफ फॉर्मेट हो सकता है। वो ऑडियो या
11:59म्यूजिक हो सकती है। ठीक है? वो कोई गाइड
12:01हो सकती है। कुछ भी हो सकता है। ठीक है?
12:03मैं टाइप्स के अंदर इसको डिवाइड किया
12:05मैंने और उसके लिहाज से मैं आपको बता रहा
12:06हूं। फॉर्मेट्स बहुत सारे होंगे। मैंने
12:08टाइप्स में डिवाइड किया। डिफरेंट मिसाइल
12:10स्किल के लिहाज से या बिज़नेस और कैटेगरी
12:12के लिहाज़ से। तो, सबसे पहले हम बात करते
12:13हैं डिज़ाइन प्रोडक्ट्स। तो, यह प्रोडक्ट
12:15यह डिजिटल प्रोडक्ट ऐसे पर्सन के लिए है
12:17जो डिज़िंग को जानता है, डिजाइनिंग में
12:19महारत रखता है। तो वो इस टाइप के डिजिटल
12:21प्रोडक्ट बना के सेल कर सकता है। ठीक है?
12:23वो टेंपलेट्स बना सकता है। cवा टेंपलेट्स,
12:25AOब के टेंप्लेट्स, Photoshop के
12:27टेंपल्लेट्स, इलस्ट्रेटर के टेंपल्लेट्स,
12:28इन डिडज़ के टेंपल्लेट्स। ये मैं
12:30सॉफ्टवेयर्स के नाम बता रहा हूं। इसके
12:31अंदर वो फोंट्स को बेच सकता है। वो
12:33आइकॉन्स को बेच सकता है। वो इमेजज़ को बेच
12:35सकता है। ठीक है? एज अ टेंपलेट वो बेच रहा
12:37है। ठीक है? एज अ इमेज, एज अ जो है ना
12:40फोंट वो इस सब चीजों को सेल कर सकता है।
12:42ये डिजाइन के प्रोडक्ट्स की कैटेगरी में
12:44बता रहा हूं मैं आपको। और ये ऐसे लोग
12:45खरीदेंगे जो जाहिर सी बात है डिजाइनिंग
12:47करना चाहते हैं लेकिन वो अभी इस माहारत
12:48में नहीं पहुंचे। जिस हालत में वो पर्सन
12:50है और वो उस चीज को एज अ डिजिटल प्रोडक्ट
12:52सेल कर सकता है। दूसरी टाइप आती है हमारी
12:55बिनेस प्रोडक्ट्स की। इसमें एक्सेल के
12:57टेंप्लेट आ सकते हैं। MS Excel के MS Word
12:59के आ सकते हैं। Powpoin की प्रेजेंटेशंस
13:01वगैरह आ सकती है। Google की शीट्स आ सकती
13:03हैं। इसमें प्लानर्स वगैरह आ सकते हैं।
13:05ठीक है? के बिज़नेस प्लानर्स टाइप के होते
13:07हैं। और इसके अलावा भी इसमें और बहुत सारे
13:09ऑप्शंस पॉसिबल हैं। जैसे इनवॉइस टेंपल्लेट
13:12आ सकते हैं। बिनेस के डॉक्यूमेंट्स वगैरह
13:14टाइप की कैटेगरी आ सकती है। एसओपी के
13:15टेंप्लेट्स आ सकते हैं। ये मैं आपको
13:17टाइप्स गिनवा रहा हूं। इस तरह के और भी
13:19बहुत सारे हैं। मैं आपको टाइप्स बताता हूं
13:21और साथ ही जो चीजें पॉसिबल है उसके अंदर
13:23जो फॉर्मेट्स पॉसिबल है वो मैं आपको
13:25साथ-साथ स्क्रीन पर शो करवाता जाऊंगा।
13:28इसके अलावा इसके अंदर एजुकेशनल प्रोडक्ट्स
13:30के टाइप्स हैं। इसमें ई-बुक्स आ जाती हैं,
13:32गाइड्स आ जाती हैं और कुछ पॉइंट्स इसके
13:34अंदर पॉसिबल हैं। यह मैं सिर्फ चंद बता
13:36रहा हूं आपको जो आपको स्क्रीन पे शो हो
13:38रहे होंगे। इसके अलावा भी पॉसिबल है। ठीक
13:40है? मैं आपको ये मेजर टाइप्स के अंदर जो
13:42फॉर्मेट्स हैं वो बता रहा हूं मैं आपको।
13:43उसके बाद एक और टाइप आ जाती है क्रिएटर
13:45प्रोडक्ट्स की। ठीक है? ये क्रिएटर्स के
13:47लिए है। मसाले कोई वीडियोग्राफर है, कोई
13:50फोटोग्राफर है या इसी तरह से रेलेवेंट कोई
13:52स्किल है उसके पास तो वो उसके टेंप्लेट्स
13:54सेल कर सकता है। वो स्टॉक फोटो स्टॉक
13:56वीडियो सेल कर सकता है। म्यूजिक स्टॉक
13:58म्यूजिक वगैरह सेल कर सकता है। इसके वैसे
14:00वेबसाइट्स भी बहुत सारी मौजूद है ऐसी
14:01चीजों को सेल करने की और वो अलग से भी
14:03अपने डिजिटल प्रोडक्ट के तौर पर सेल कर
14:05सकता है। इसके अलावा इसके अंदर
14:07प्रोडक्टिविटी प्रोडक्ट्स आ जाते हैं। इआई
14:09से रिलेटेड अब प्रोडक्ट्स पॉसिबल है।
14:11टेक्निकल प्रोडक्ट्स इसके अंदर पॉसिबल है।
14:13ठीक है? तो मैंने ये आपको छह सात टाइप्स
14:15बताई है डिजिटल प्रोडक्ट्स की और उसके
14:17अंदर जो चीजें आप सेल कर सकते हो वो भी
14:20मैं साथ-साथ आपको बता भी रहा हूं और आपको
14:23स्क्रीन पे भी शो करवा रहा हूं। इन केस
14:24अगर आपको मेरी बात समझ ना आए तो आप
14:27एटलीस्ट स्क्रीन पे देख सके या फिर इस
14:29वीडियो को पॉज करके आप उसकी स्क्रीनशॉट ले
14:32सकते हैं। तो अब हम बात करते हैं इसके
14:34मोस्टेंट पार्ट की वो है टाइप्स ऑफ डिजिटल
14:38प्रोडक्ट बिनेस मॉडल्स। ठीक है? कितने
Digital Products Business Models
14:40टाइप के बिज़नेस मॉडल्स पॉसिबल हैं। तो मैं
14:42उन बिज़नेस मॉडल को आपको एक्सप्लेन करता
14:44हूं। सबसे पहला है वन प्रोडक्ट स्टोर या
14:46फिर हम इसे सिंगल प्रोडक्ट स्टोर भी कह
14:48सकते हैं। यानी कि एक ऐसा प्रोडक्ट बनाया
14:49आपने। इतना स्ट्रांग बनाया जो वो एक
14:51प्रोडक्ट आप हजारों लोगों को लाखों लोगों
14:54को सेल कर रहा है। ठीक है? तो ये चीज भी
14:55पॉसिबल है और टू बी ऑनेस्ट काफी फोकस रहता
14:58है पर्सन अगर वो इस टाइप के बिज़नेस से
15:00स्टार्ट करता है। उसके बाद वो आगे और ऐड
15:02कर सकता है। बट स्टार्ट कर रहा है वो
15:03सिंगल प्रोडक्ट के साथ और उस एक डिजिटल
15:06प्रोडक्ट को वो सेल कर रहा है वर्ल्ड वाइड
15:08बगैर किसी लैंग्वेज बैरियर के या फिर
15:11कस्टम की टेंशन के या दूसरी चीजों के
15:13टेंशन के। दूसरी टाइप है मल्टी प्रोडक्ट
15:15स्टोर। यानी कि आप ऐसा स्टोर बनाएं जो आप
15:17किसी एक टाइप के पर्सन के लिए बना रहे
15:18हैं। उसके अंदर फिर आप डिफरेंट-डिफरेंट
15:20डिजिटल प्रोडक्ट डाल रहे हैं। मिसाल के
15:21तौर पर हम डिज़ की बात करते हैं। डिज़ के
15:23रिलेटेड प्रोडक्ट का आपने एक स्टोर बनाया।
15:25उसमें आप मिसाल है Cवाv ट्लेट्स डाल रहे
15:27हो। आप उसमें AOब के टेंपल्लेट्स डाल रहे
15:29हो। आप उसमें लोगो किट्स डाल रहे हो।
15:30ब्रांड किट्स डाल रहे हो। ठीक है? और इसी
15:32तरह से फोंट्स वगैरह डाल रहे हो। ये सब
15:34क्या है? ये एक ही किस्म के डिजिटल
15:35प्रोडक्ट्स हैं। लेकिन अब सिंगल प्रोडक्ट
15:37स्टोर नहीं है। ये मल्टी प्रोडक्ट ये
15:39मल्टी ऑडियंस स्टोर टाइप का बन गया। इस
15:41टाइप का बिज़नेस मॉडल भी काफी पॉपुलर है।
15:44ठीक है? और आप एक टाइप की ऑडियंस के लिए
15:46बहुत सारे प्रोडक्ट्स सेल कर रहे होते हो।
15:48इसके अलावा एक और बिज़नेस मॉडल इसी के अंदर
15:50पॉपुलर है वो है बंडल्स का। यानी कि जो
15:52मल्टीप्रक्ट स्टोर है उसका मिलाकर बंडल
15:54बना दिया। ठीक है? और वो फिर सेल हो रहा
15:56है। मिसाल है 50 Cवा टेंपलेट्स, 50 AOब के
15:58टेंपलेट्स, 50 जो है ना लोगो किट्स,
16:01ब्रांड किट्स वगैरह-वगैरह आपने सबको
16:03मिलाया। एक बंडल बनाया और आप वो सेल कर
16:05रहे हैं। तो यह बंडल जो सिस्टम है यह भी
16:07काफी पावरफुल है और लोगों को लगता है कि
16:09यार उन्हें इस बंडल के अंदर काफी ज्यादा
16:11वैल्यू मिल रही है और वो उसको खरीदना पसंद
16:14करते हैं। उसके बाद नेक्स्ट बिनेस मॉडल
16:16आता है हमारा मेंबरशिप या सब्सक्रिप्शन
16:17मॉडल। ये मेंबरशिप और सब्सक्रिप्शन मॉडल
16:20दोनों एक जैसा है। ठीक है? इसके अंदर क्या
16:22होता है? हम मंथली या इयरली फीस चार्ज कर
16:24रहे होते हैं स्पेसिफिक डिजिटल प्रोडक्ट्स
16:26को उनको रेगुलर बेसिस पे देने के। यानी कि
16:28हमें एक डिजिटल प्रोडक्ट का सिस्टम बनाया
16:29जिसमें हम उसको रेगुलर बेसिस पर, मंथली
16:31बेसिस पर या इयरली बेसिस पर अपडेटेड चीजें
16:34प्रोवाइड करते हैं। ठीक है? और वो उसके
16:36हमें मंथली या इयरली फिक्स अमाउंट देता
16:38रहता है। तो ये बिज़नेस मॉडल काफी पावरफुल
16:41और काफी स्ट्रांग बिज़नेस मॉडल है। इसके
16:43बाद एक और बिज़नेस मॉडल भी पॉसिबल है वो है
16:46लाइसेंसिंग का। यानी कि आपने एक डिजिटल
16:48प्रोडक्ट बनाया और आप उसके लाइसेंस सेल कर
16:50रहे हैं। ठीक है? कोई पर्सनल यूज़ लाइसेंस
16:51है, कोई बिनेस यूज़ लाइसेंस है और आप उसके
16:54भी लिहाज से चार्ज कर रहे हैं। मिसाल है
16:55पर्सनल लाइसेंस के आपने $20 $27 चार्ज किए
16:59और जो बिज़नेस लाइसेंस है उसमें वो जो आपका
17:01प्रोडक्ट है वो एक पर्सन नहीं बिज़नेस के
17:02अंदर डिफरेंट एंप्लाइजज़ डिफरेंट जो भी
17:04स्टाफ है वो यूज़ करने वाला है। तो आप पर
17:06पर्सन के आपने लाइसेंस बेच दिया $27 की
17:09बजाय मसाले $17 का। ठीक है? और आप ज्यादा
17:11लोग खरीद रहे हैं तो आपको काफी बड़ी अमाउंट
17:13में एक ही दफा आपको प्रॉफिट होगा काफी
17:16बड़ी अमाउंट का। ठीक है? तो इसमें आप
17:17लाइसेंस भी दे सकते हैं। इसके अंदर एक और
17:19लाइसेंस टाइप होती है कि आपने ड्रॉपशिप्स
17:22को दे दिया। ठीक है? डिजिटल प्रोडक्ट के
17:23अंदर भी ड्रॉपशिपिंग पॉसिबल है। आपने वो
17:25लाइसेंस दे दिया। आपने प्रोडक्ट बनाया और
17:26आपने डिफरेंट जो ड्रॉपशिप्स है उनको
17:28लाइसेंस सेल कर दिया कि आप जितने भी आगे
17:30डिजिटल प्रोडक्ट सेल करोगे। आप पर सेल पे
17:32मुझे इतने डॉलर दोगे। ठीक है? तो इस टाइप
17:34के लाइसेंसिंग भी पॉसिबल होती है डिजिटल
17:36प्रोडक्ट बिज़नेस के अंदर। अब लास्ट हम इस
17:39मॉड्यूल के अंदर बात करते हैं कि कौन लोग
17:41हैं जो इस डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस को
17:43स्टार्ट कर सकते हैं। तो इसके अंदर मैं
17:45मशवरा जो दूंगा वो दो टाइप के लोगों को
17:47ऐसे लोग जिनके पास स्किल है कोई पावरफुल
17:49स्किल है वो स्किल के बिहाफ पर अपने एक
17:52डिजिटल प्रोडक्ट बना के बेच सकता है।
17:53दूसरा पर्सन जिसके पास एक्सपीरियंस है।
17:56ठीक है? वो लाजमी नहीं है बिज़नेस का या
17:58स्किल का ही हो। वो किसी और टाइप का भी हो
17:59सकता है। तो हम सबसे पहले स्किल की
18:01एग्जांपल लेते हैं। मिसाल है आप ग्राफिक
18:02डिजाइनर है और बेहतरीन ग्राफिक डिजाइनर
18:04है। आपको इससे आगे प्रोसीड करना चाहिए। आप
18:06डिजिटल प्रोडक्ट की तरफ जा सकते हैं। आप
18:08स्टोर डेवलपर हैं। आप वीडियो एडिटर हैं।
18:10आप जो है ना किसी किस्म का भी कोई स्किल
18:12में बहुत ज्यादा माह रखते हैं। मैं ये
18:14नहीं कह रहा एक दो महीने चार महीने आपने
18:16सीखे और उसके बाद आपने कहा मैं माहिर हो
18:18गया हूं और अब मैं करना चाहिए। तो ऐसा
18:20नहीं कह रहा आपको माहिर हो तो ये आपके लिए
18:22बेस्ट ऑफ़ द बेस्ट ऑप्शन है एक पावरफुल
18:24बिज़नेस को स्टार्ट लेने का। ठीक है? ये
18:26मशवरा दे रहा हूं मैं आपको। ठीक है? दूसरा
18:28एक्सपीरियंस के बिहाफ पर। अब एक्सपीरियंस
18:30लाजमी नहीं है किसी स्किल का हो। स्किल का
18:31जाहिर सी बात है होगा तो बहुत ही पावरफुल
18:33चीज है लेकिन इसके अलावा भी हो सकता है।
18:35मिसाल है वो फिशिंग का आपको एक्सपीरियंस
18:37है। आपको जो है ना साइकिलिंग का है। आपको
18:39जो है ना स्काई ड्राइविंग का है। आपको
18:41बहुत सारे मैं स्पोर्ट्स आपको गिनवा सकता
18:43हूं। आप वो जो है ना एज अ स्पोर्ट्स बना
18:46के उनको बेच सकते हो। एज अ गाइड बना के
18:47बेच सकते हो। एज अ ई बुक बना के बेच सकते
18:49हो। बहुत सारे ऑप्शन हो सकते हैं। ठीक है?
18:50तो ये दो टाइप के पर्सन के लिए डिजिटल
18:52प्रोडक्ट बेहतरीन होता है। ठीक है? लेकिन
18:53विशाल है आप ये पर्सन नहीं है। तो फिर
18:55आपको कैसे डिजिटल प्रोडक्ट बेच सकते हो?
18:57मैं उनकी एग्जांपल भी देता हूं आपको।
18:58मिसाल है आप सिंपल फ्रीलांसर हैं। आप
19:01स्टूडेंट हैं। आप कोई कंटेंट क्रिएटर हैं।
19:03आप टीचर हैं। आप कोई बिनेस टाइप के
19:05एग्जीक्यूटिव टाइप के पर्सन हैं। आप कोई
19:07भी हैं। ठीक है? और आप चाहते हैं कि आप
19:08डिजिटल प्रोडक्ट बना के भेजें। तो आपको
19:10क्या करना होगा? जिस टॉपिक पे आप बना रहे
19:12हैं आपको उस पे बेहतरीन अंदाज में रिसर्च
19:14करनी होगी। प्लस अब आप एआई की भी हेल्प ले
19:16सकते हो। ठीक है? तो अगर आप पावरफुल नॉलेज
19:19रखते हो या फिर आप यह काबिलियत रखते हो कि
19:21आप उस नॉलेज को गैब कर सको। इस डिजिटल
19:24वर्ल्ड के अंदर इंटरनेट के वर्ल्ड के अंदर
19:25ये चीज नामुमकिन नहीं है। आप कर सकते हो।
19:28लेकिन फिर आपको उस पर काफी अच्छी रिसर्च
19:30करनी चाहिए। जब आप वो कर लें फिर आप अपना
19:32एक डिजिटल प्रोडक्ट बनाएं। क्योंकि जितना
19:33अच्छा और पावरफुल डिजिटल प्रोडक्ट होगा
19:35जितना स्पीड में वो सेल होगा उतना स्पीड
19:37में आपको उससे फायदा पहुंचेगा। ठीक है? तो
19:40टू बी ऑनेस्ट ऑलमोस्ट हर पर्सन डिजिटल
19:42प्रोडक्ट बिज़नेस स्टार्ट कर सकता है।
19:43लेकिन बेस्ट किन लोगों के लिए वो मैंने दो
19:45आपको एग्जांपल दे दिए। स्किल बहुत ही
19:47जबरदस्त स्किल हो वो कोई भी हो वो डिजिटल
19:49स्किल भी हो सकती है वो फिजिकल स्किल भी
19:51हो सकती है वो इलेक्ट्रिशियन की हो सकती
19:52है वो प्लंबिंग की हो सकती है वो क्लीनिंग
19:54की हो सकती है वो फिशिंग की हो सकती है वो
19:56बोटिंग की हो सकती है वो स्काई ड्राइविंग
19:58की हो सकती है वो कोई भी हो सकती है ठीक
20:00है स्किल हो या प्लस एक्सपीरियंस हो तो ये
20:02दो चीजें मिलकर धमाका कर सकती है ठीक है
20:05तो ये दो टाइप के लिए जबरदस्त है अदरवाइज
20:08ऑलमोस्ट हर पर्सन इसको स्टार्ट कर सकता है
20:10बट उसको फिर उस लिहाज से रिसर्च और टाइम
20:12लगाना पड़ेगा मैं आपसे गलत बयान नहीं
20:13करूंगा जो हकीकत है वो मैं आप आप लोगों के
20:16साथ शेयर कर रहा हूं। स्टार्ट हर पर्सन कर
20:18सकता है। बट फिर उसको उस लेवल की रिसर्च
20:20और थोड़ी सी मेहनत स्टार्ट के अंदर करनी
20:22पड़ेगी। यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट
Module 2 - Requirements To Start Digital Products
20:26कोर्स का मॉड्यूल टू और इसके अंदर हम बात
20:29करेंगे रिक्वायरमेंट्स की। अपने पिछले
20:32मॉड्यूल के अंदर हमने बात की कि डिजिटल
20:34प्रोडक्ट होता क्या है? वो कैसे वर्क करता
20:36है? उसके डिफरेंट बिजनेस मॉडल वगैरह क्या
20:38होते हैं? हमने इससे रिलेटेड बात की और इस
20:40मॉड्यूल में हम बात करेंगे कि अगर हम
20:42डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस स्टार्ट करने लगे
20:45हैं तो कौन-कौन सी ऐसी रिक्वायरमेंट है
20:47जिसको हम नज़रअंदाज नहीं कर सकते। स्पेशली
20:51लीगल रिक्वायरमेंट्स और वो भी अगर हम
20:54पाकिस्तान से स्टार्ट करने लगे तो हमें
20:56किस-किस लीगल रिक्वायरमेंट्स के अंदर
20:59इनवॉल्व होना होगा यह हमें पता होना
21:02चाहिए। क्योंकि जाहिर सी बात है कि हम एक
21:04लीगल बिजनेस करने वाले हैं। कोई फ्रॉड या
21:07स्कैम करने वाले नहीं है। तो हम अगर लीगल
21:09अंदाज में चलेंगे तो हमें इंशाल्लाह कोई
21:12परेशानी नहीं आएगी। कोई परेशानी फेस करनी
21:16नहीं पड़ेगी। तो हम लीगल रिक्वायरमेंट्स
21:18की भी बात करेंगे और इसके इलावा जो
21:21रिक्वायरमेंट्स है हम उनकी भी बात करेंगे।
21:23तो सबसे पहली चीज आप समझ लें। अगर हमें
21:26डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस करना है तो सबसे
21:28पहले जो हमें चाहिए वह चाहिए हमारा डिजिटल
21:31प्रोडक्ट। ठीक है? हमारे पास कोई डिजिटल
21:34प्रोडक्ट हो जिसको हम आगे सेल कर सकें। यह
21:37मोस्ट इंपोर्टेंट और की रिक्वायरमेंट है
21:39जिसके बगैर बिज़नेस ही पॉसिबल नहीं है। और
21:42आगे हम बात करेंगे कि डिजिटल प्रोडक्ट
21:44सिलेलेक्ट कैसे करना है, उसे कैसे फाइंड
21:46आउट करना होता है, उसे बनाना हमें कैसे
21:48है, यह सब चीजें हम आगे आने वाले लेसंस
21:50में सीखेंगे। तो दूसरी रिक्वायरमेंट हमारी
21:53आती है कि जब हमारा कोई प्रोडक्ट होगा तो
21:55उसके बाद हमें कोई प्लेटफार्म चाहिए जिसके
21:57ऊपर हम सेल कर सकें। ठीक है? हमें कोई
21:59प्लेटफार्म चाहिए जिस पर हम सेल कर सकें।
22:02और वो जो प्लेटफार्म है वो डिफरेंट हो
22:04सकते हैं। कुछ डिजिटल प्रोडक्ट सेलिंग के
22:07मार्केट प्लेसेस भी हैं। जैसे इट्स और गम
22:10रोड और पेहिप और इस तरह के और भी बहुत
22:13सारे हैं। वप स्कूल बहुत सारे हैं जिसके
22:16जरिए आप डिजिटल प्रोडक्ट सेल कर सकते हो
22:18डिफरेंट टाइप्स के। ये तो है चंद मार्केट
22:20प्लेसेस। इसके अलावा इंडिविजुअल
22:22प्लेटफॉर्म्स की बात करें अगर आप अपना खुद
22:24का एक ब्रांड सा बनाना चाहते हो अपने खुद
22:26के प्लेटफार्म पे बेचना चाहते हो ना कि
22:27किसी और के तो फिर शॉपिफाई ठीक है क्लिक
22:30फनल्स गो हाई लेवल और इस तरह के बहुत सारे
22:33प्लेटफार्म आ जाते हैं जैसे लाइट फनल्स
22:35वगैरह और भी बहुत सारे कि ये क्या करेंगे
22:37ये आपको प्लेटफार्म प्रोवाइड करेंगे कि आप
22:39प्लेटफार्म अपना खुद का बनाएं अपनी खुद की
22:42वेबसाइट बनाएं और उसके साथ सेल करें तो यह
22:44दूसरी रिक्वायरमेंट है कि हमें कोई
22:46प्लेटफार्म चाहिए जिसके ऊपर हम अपने
22:47प्रोडक्ट को सेल कर सकें और हमारी जो
22:49तीसरी रिक्वायरमेंट वो है हमारी पेमेंट
22:52गेटवे की रिक्वायरमेंट। मिसाल है अगर हम
22:54पाकिस्तान में कर रहे हैं तो फिर हमें कोई
22:55मसला नहीं है। हम इजी पैसा j कैश और बैंक
22:58ट्रांसफर के जरिए अपनी डिजिटल प्रोडक्ट को
23:00सेल कर सकते हैं। ठीक है? लेकिन हम बात
23:02करने वाले हैं इंटरनेशनल की। ठीक है? तो
23:04अगर हम इंटरनेशनल लेवल पर यूएस, यूके,
23:07कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दुनिया के किसी भी
23:08कोने में करना चाहते हैं, पाकिस्तान से
23:10हटके पाकिस्तान से बाहर वैसे पाकिस्तान के
23:12अंदर भी पॉसिबल है। तो उस सूरत में हमें
23:14पेमेंट गेटवे चाहिए होता है। ठीक है?
23:16पेमेंट गेटवेज ऐसे प्लेटफार्म्स, ऐसी
23:19कंपनीज़ हैं जो हमें यह सहूलत देती है कि
23:22हम दुनिया की 200 कंट्रीज के अंदर
23:24पाकिस्तान में रहते हुए उस कस्टमर्स के
23:26साथ पेमेंट ले सके। डॉलर में, पाउंड में,
23:29पाकिस्तानी रूपीस में, किसी भी करेंसी के
23:31अंदर। ठीक है? तो ऐसी जो मशहूर कंपनीज़ हैं
23:33वो PayPal है, स्ट्र्राइप है। और अगर आप
23:36Shopifi पे काम कर रहे हैं, तो Shopifi
23:37पेमेंट्स उसके अंदर आ जाता है और डिफरेंट
23:39प्लेटफॉर्म्स के अपनी खुद की भी कुछ
23:41पेमेंट गेटवेज़ होती हैं। लेकिन ये मशहूर
23:43जो है वो स्ट्राइप और PayPal है। ठीक है?
23:45अब जब हमें ऐसे पेमेंट गेटवे चाहिए होते
23:47हैं तो पाकिस्तान के अंदर यह अलाउ नहीं
23:49है। यानी कि पाकिस्तान को इन्होंने बैन
23:51किया हुआ है। या पाकिस्तान में रहते हुए
23:53एज अ पाकिस्तानी आप नहीं बना सकते PayPal
23:55का अकाउंट या स्ट्राइप का अकाउंट। तो अब
23:56जब हमें यह मसला आता है तो फिर हमारा जो
23:59मोस्टेंट स्टेप है वो स्टार्ट होता है। वो
LLC For Digital Products Business
24:01होता है हमारी एलएलसी फॉर्मेशन कि हम
24:04पाकिस्तान में रहते हुए यूएस की कंपनी
24:07रजिस्टर्ड करते हैं। ठीक है? कंपनी
24:08रजिस्टर्ड करने के बाद हम यह पेमेंट
24:11गेटवेज अकाउंट्स ईजीली बना सकते हैं। जब
24:14आप पेमेंट गेटवेज बना लेंगे अभी हम एलएलसी
24:16की आगे बात करेंगे। लेकिन जब आप पेमेंट
24:17गेटवेज बन जाता है आपका तो फिर आपको चाहिए
24:20कि कोई बैंक अकाउंट हो जिसमें आप अपनी
24:22पेमेंट को ट्रांसफर करो और फिर वहां से
24:24पाकिस्तान में लाओ। लेकिन क्योंकि ये
24:25डायरेक्ट पाकिस्तानी अकाउंट में ट्रांसफर
24:27करने की ऑप्शन नहीं देते। इजाजत नहीं
24:29देते। तो हमें एक बैंक अकाउंट भी चाहिए
24:31होता है। ठीक है? तो पेमेंट गेटवे का मसला
24:33और बैंक अकाउंट का मसला यह एक ही
24:35रिक्वायरमेंट हमारी हल कर देती है वो है
24:37एलएलसी फार्मेशन। ठीक है कि आप पाकिस्तान
24:39में रहते हुए यूएस की कंपनी बना सकते हो।
24:41अब कुछ लोगों को लग रहा होगा कि यार कैसे
24:43बनाएंगे इसमें बहुत खर्चा आ जाएगा और जो
24:45है ना हमारे पास तो वीजा नहीं है। हमारे
24:48पास सिटीजनशिप नहीं है वगैरह-वगैरह। तो
24:50देखिए अगर आप इस हद तक नए हैं एलएलसी में
24:52तो मैं आपको बता दूं आपको ऐसी कोई चीज
24:54चाहिए नहीं होती। आपके पास पाकिस्तानी
24:56सीएनआईसी या पासपोर्ट हो आप बना सकते हो।
24:58ठीक है? आप एलएलसी फॉर्मेशन कर सकते हो।
25:00यहीं पाकिस्तान में रहते हुए। ठीक है? आप
25:02एज अ नॉन यूएस रेजिडेंट इजीली एलएलसी बना
25:05सकते हो। और उसमें बहुत ज्यादा बड़ी
25:07इन्वेस्टमेंट आपको नहीं चाहिए होती है। एक
25:09नॉर्मल इन्वेस्टमेंट से आप स्टार्ट ले
25:11सकते हो। और यहां पर मैं आपको एक ऐसे
25:13प्लेटफार्म के बारे में बताता हूं जिसको
25:15मैं पर्सनली यूज़ करता हूं एलएलसी
25:16फॉर्मेशन के लिए टैक्स कंप्लायंस वगैरह के
25:18लिए और दूसरी रोले रफरे जो है जो मुझे
25:21नहीं पता टैक्स के वो वो मेरी हेल्प करते
25:23हैं। ठीक है? इन सब चीजों को हैंडल करने
25:25के लिए। तो वो जो कंपनी है वो है डला। ठीक
25:27है? डुला एक ऐसी एलएलसी फॉर्मेशन और टैक्स
25:30कंप्लायंस और अकाउंटिंग वगैरह की ऐसी फर्म
25:32है जो आपको ये सहूलत देती है कि आप
25:34पाकिस्तान में रहते हो या दुनिया के किसी
25:35भी कोने में आप रहते हैं तो आप यूएस की
25:37एलएलसी फॉर्मेशन खुद से कर सकते हैं। बाकी
25:39सारे मसले वो हैंडल कर। ठीक है? आपने
25:41सिंपली चंद फॉर्म फिल करना है जिसमें 10
25:44मिनट लग सकते हैं। आपको 20 मिनट लग सकते
25:45हैं। आपने फॉर्म फिल करना है और एक से 2
25:47दिन के अंदर आपकी एलएलसी फॉर्मेशन होकर
25:49आपके हाथ में मिल जाएगी। ये आपकी एलएलसी
25:51फॉर्मेशन भी कर देंगे। ये आपकी इआईएन
25:52अप्लाई भी कर देंगे और अगर आपको आईटीआई एन
25:54चाहिए तो वो भी अप्लाई कर देंगे। अच्छा अब
25:56जिनको नहीं पता ईआईए नंबर क्या है ये होता
25:58है एंप्लयर आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी कि
26:00बिजनेस को मिलता है ये टैक्स से रिलेटेड
26:02नंबर होता है। ठीक है? जैसे पाकिस्तान में
26:03एनटीए होता है ये इआईएन होता है वहां पर
26:05बिजनेस का। उसके बाद आईटीआई एन क्या होता
26:07है? ये पर्सनल जो है ना नंबर होता है।
26:09मिसाल है ईआईएन बिज़नेस को दिया जाता है।
26:11एंप्लॉयर आइडेंटिफिकेशन नंबर और जो आईटीआई
26:14एन है ये इंडिविजुअल का टैक्स
26:16आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है। ठीक है?
26:18इंडिविजुअल टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर ये
26:20सिंगल पर्सन को मिलता है। यानी कि एक
26:21कंपनी है उसका एक मैं ओनर हूं और एक कंपनी
26:23है। ठीक है? दोनों को अलग टैक्स
26:25आइडेंटिफिकेशन नंबर मिलेगा। कंपनी को इआईए
26:27नंबर और इंडिविजुअल को आईटीआई। ठीक है?
26:29अगर आपको इआईए नंबर चाहिए यह फ्री में
26:31अप्लाई कर देगा एलएलसी फॉर्मेशन के दौरान
26:34और आपको आई ईआईए नंबर भी मिल जाएगा। और
26:36अगर आपको आईटीआईए नंबर चाहिए तो आप वो भी
26:38इसके जरिए ही अप्लाई कर सकते हो। यानी कि
26:40एक ही जगह से आप सारे अप्लाई कर सकते। तो
26:42जो डला जो है ये बेसिकली एक रजिस्टर्ड
26:44एजेंट है यूएस के अंदर। ठीक है? जिसके
26:46जरिए आप अपनी एलएलसी फॉर्मेशन कर सकते हो।
26:48इसके ऊपर मेरा डिटेल ट्यूटोरियल मौजूद है।
26:50तो मैं उसका लिंक डिस्क्रिप्शन में दे
26:52दूंगा। आप खुद कर लोगे 10 से 20 मिनट
26:53लगेंगे। आपको कोई टेक्निकल पर्सन नहीं
26:55चाहिए। आपको मेरी हेल्प नहीं चाहिए। आपको
26:56किसी की हेल्प नहीं चाहिए। आप इस कंपनी के
26:58जरिए खुद कर लोगे। इसका लिंक डिस्क्रिप्शन
26:59में दे दूंगा फॉर्मेशन का। इससे आपको 10
27:01से 20% डिस्काउंट मिल जाएगा उस लिंक के
27:04जरिए। जो इनकी फीस होती है उसके अंदर आपको
27:0610 से 20% डिस्काउंट मिल जाएगा। यानी कि
27:08आपको एक्स्ट्रा सेविंग हो जाएगी। ठीक है?
27:10इसकी ट्यूटोरियल का लिंक भी मैं
27:11डिस्क्रिप्शन में दे दूंगा। आप इजीली उसके
27:13जरिए खुद कर लोगे। कोई मसला नहीं आएगा। तो
27:15अब जब आपका एलएलसी फॉर्मेशन हो जाएगी, अब
27:17आप पेमेंट गेटवे भी बना सकते हो। आप
27:19बिजनेस बैंक अकाउंट भी बना सकते हो। ठीक
27:21है? आप उसी एलएलसी फॉर्मेशन पर वाइज बैंक
27:24अकाउंट बना सकते हो और और दूसरे बैंक
27:25अकाउंट की ऑप्शन आपको मिलते हैं जो आप
27:27क्रिएट कर सकते हो उसके जरिए। ठीक है? तो
27:30आपके ये तीनों मसले हल हो जाएंगे। एलएलसी
27:31बनने से आपका बिज़नेस अकाउंट भी आ गया,
27:33पेमेंट गेटवे भी आ गया। आप ईजीली आप 200
27:35कंट्रीज के अंदर अपने सर्विसेस, डिजिटल
27:38प्रोडक्ट सेल कर सकते हो। ठीक है?
27:39स्ट्राइप एक ऐसी कंपनी है पेमेंट गेटवे
27:42की। आप उसका अकाउंट बना लेते हो। उसके का
27:43टुटोरियल का लिंक भी मैंने डिस्क्रिप्शन
27:45में आपको दे दूंगा कि आप खुद स्ट्र्राइप
27:47बना लोगे। आपको कोई मसला नहीं आएगा। ठीक
27:49है? स्ट्र्राइप का भी मेरा डिटेल टुटोरियल
27:51मौजूद है। एलएलसी बनने के बाद आप
27:52स्ट्र्राइप बना सकते हो। स्ट्राइप बन
27:54जाएगा आपका। आप अपने प्लेटफार्म के साथ
27:55कनेक्ट कर दोगे। आप अपने प्लेटफार्म के
27:57साथ कनेक्ट कर दोगे। आपका मसला हल। अब
27:59स्ट्र्राइप 200 से ज्यादा कंट्रीज में
28:01उनकी लोकल करेंसी के अंदर पेमेंट को कट कर
28:03सकता है और आपको डॉलर के अंदर पाउंड के
28:06अंदर दे देगा और आप उसको कन्वर्ट करके फिर
28:08पाकिस्तानी रूपीस के अंदर अपने पर्सनल
28:10बैंक अकाउंट में लेके आ सकते हो। तो ये
28:12सारी एक प्रोसेस है। ठीक है?
28:14रिक्वायरमेंट्स, का, लीगल रिक्वायरमेंट्स
28:15का और ये सब एक ही प्रोसेस से हल हो
28:18जाएगा। वो है एलएलसी फॉर्मेशन का। ठीक है?
28:20तो अभी हमने टोटल काफी सारी वैसे
28:22रिक्वायरमेंट देख ली है। लेकिन मैं रिककैप
28:24कर देता हूं। हमें पहले प्रोडक्ट चाहिए।
28:25फिर हमें प्लेटफार्म चाहिए। उसके बाद हमें
28:27पेमेंट गेटवे और बिज़नेस अकाउंट चाहिए जो
28:29कि हमें एलएलसी से मिल जाएगा। तो ये पांच
28:31रिक्वायरमेंट मैं अब तक आपको बता चुका
28:33हूं। जब ये चीजें हो जाएंगी इसका मतलब है
28:34आप रेडी हैं अपने डिजिटल प्रोडक्ट को सेल
28:36करने के लिए। उसके बाद हमारी जाहिर सी बात
28:38है मार्केटिंग की रिक्वायरमेंट आएगी और
28:40मार्केटिंग के बहुत से तरीके होते हैं।
28:41ऑर्गेनिक भी और पेड भी। ठीक है? और ये सब
28:44चीजें हम आगे आने वाले हैं अपने लेसंस के
28:45अंदर गहराई से समझेंगे। ठीक है? तो ये
28:47पांच रिक्वायरमेंट है। आप इसको मार्केटिंग
28:50को सिक्स्थ रिक्वायरमेंट के तौर पर आप ले
28:51सकते हो। मार्केटिंग के अंदर आपको जाहिर
28:53सी बात है बजट वगैरह लगेगा। वो आपको जाहिर
28:55सी बात है चाहिए। अगर आप फ्री कर रहे हैं
28:57तो आपको बजट नहीं चाहिए। अगर आप पेड कर
28:58रहे हैं तो आपको उसमें बजट कोई ना कोई
29:00स्पेसिफाई करना पड़ेगा। तो ये थी हमारी
29:03ओवरऑल रिक्वायरमेंट्स का टॉपिक जिसके अंदर
29:05मैंने आपको यह सारी रिक्वायरमेंट बताई है
29:06जो आपको डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस स्टार्ट
29:09करने से पहले चाहिए। कुछ पहले चाहिए और
29:12कुछ आपको दौरान प्रोसेस चाहिए होंगे। यह
Module 3 - Digital Products Research
29:15है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट कोर्स का
29:17मॉड्यूल थ्री और इसमें हम बात करने वाले
29:21हैं डिजिटल प्रोडक्ट को फाइंड करने और
29:24वैलिडेट करने की कि हम कैसे एक प्रॉफिटेबल
29:28डिजिटल प्रोडक्ट को फाइंड करते हैं। उसे
29:30कैसे वैलिडेट करते हैं कि के यह वाकई में
29:33सेल करने लायक है भी या नहीं। के यह वाकई
29:36में आपको प्रॉफिट जनरेट करके दे सकता है
29:38या नहीं दे सकता। यह सब कुछ हम इस मॉड्यूल
29:41में सीखेंगे। तो, मैं एक ओवरव्यू ले लेता
29:43हूं कि इस मॉड्यूल में हम क्या कुछ सीखने
29:45वाले हैं। तो, इसमें हम बात करेंगे कि
29:47आपने ऑडियंस कैसे फाइंड करनी होती है
29:49जिसके लिए आप डिजिटल प्रोडक्ट बनाने वाले
29:50हो। आप उनकी प्रॉब्लम्स को कैसे फाइंड
29:53करोगे जो आपका जो डिजिटल प्रोडक्ट है वो
29:55सॉल्व कर रहा होगा। हम बात करेंगे किन
29:57प्लेटफार्म से हम डिजिटल प्रोडक्ट रिसर्च
29:59करते हैं और साथ ही हम देखेंगे कि डिजिटल
30:02प्रोडक्ट रिसर्च के लिए जो बेस्ट
30:03क्राइटेरिया है वो है क्या? किन बुनियादों
30:06पर हम जानते हैं कि यह डिजिटल प्रोडक्ट
30:08वाकई में फायदेमंद है या नहीं है। ये
30:10डिजिटल प्रोडक्ट प्रॉफिटेबल होगा या नहीं
30:12होगा। तो हम ये सारी चीजें अपने इस
30:14मॉड्यूल के अंदर कवर करेंगे। तो सबसे पहले
30:17हम बात करते हैं अपने उस मॉडल की जिस मॉडल
30:20के बारे में मैं आपको बताने वाला हूं। तो
30:22यहां पर ना दो तरह के मॉडल पाए जाते हैं।
30:24एक है ओल्ड मॉडल। उसमें क्या होता है कि
30:27लोग आपको पहले प्रोडक्ट रिसर्च सिखाते हैं
30:29कि आपने क्या करना है? आप प्लेटफार्म पे
30:30जाएंगे, प्रोडक्ट को देखेंगे, उसके
30:32रिव्यूज देखेंगे वगैरह-वगैरह प्रोडक्ट
30:34फाइंड करेंगे। उसके बाद आप नेक्स्ट
30:36प्रोसेस की तरफ जाएंगे, अपना प्लेटफार्म
30:38बनाएंगे, उसको मार्केट करेंगे और बात
30:40खत्म। यह है ओल्ड तरीका। लेकिन असल में
30:42हमारा जो सही मॉडल है जो वाकई में वर्क
30:45करेगा वो थोड़ा सा डिफरेंट है। इसमें हम
30:49प्रोडक्ट रिसर्च करने से पहले इसकी ऑडियंस
30:52रिसर्च करते हैं। हम ये देखते हैं कि हम
30:55डिजिटल प्रोडक्ट किस ऑडियंस के लिए बनाने
30:57वाले हैं। ठीक है? ऐसा नहीं होता कि हमारा
30:59डिजिटल प्रोडक्ट बनाया। हम रैंडमली बस हर
31:01किसी को बेचेंगे। ऐसा कभी नहीं होता। अगर
31:03आप डिजिटल प्रोडक्ट ऐसा बना रहे हैं कि आप
31:05वर्ल्ड वाइड दुनिया भर में हर किसी को बेच
31:07सके तो बहुत ज्यादा चांसेस हैं कि आप कभी
31:09ऐसा प्रोडक्ट बना ही ना पाए या फिर इस
31:12चक्करों में आप कभी स्टार्ट ही ना कर पाए।
31:14तो बेस्ट ऑप्शन ये होता है कि आप एक
31:16ऑडियंस को फाइंड करो कि उसके लिए फिर आप
31:19प्रोडक्ट बना रहे हो। ऑडियंस कौन होते
31:21हैं? मिसाल है स्टूडेंट्स हो सकते हैं। वो
31:22बिजनेस ओनर्स हो सकते हैं। वो मॉम्स हो
31:24सकते हैं। वो डैड्स हो सकते हैं। ये क्या
31:25है? ये ऑडियंस है। इसको आप ऑडियंस भी कह
31:27सकते हो। आप इसको मार्केट भी कह सकते हो।
31:29जिस मार्केट के लिए आप अपना प्रोडक्ट बना
31:31रहे हो। तो सबसे पहले हम ऑडियंस को फाइंड
31:33करते हैं। ठीक है? कि हम जिसके लिए हम काम
31:35करने वाले हैं। उस ऑडियंस को फाइंड करने
31:36के बाद हम प्रॉब्लम को फाइंड करते हैं कि
31:38उस ऑडियंस को असल में प्रॉब्लम है क्या?
31:41वो किस प्रॉब्लम को सॉल्व करना चाह रही
31:44है? वो कौन सी ऐसी प्रॉब्लम है जो उन्हें
31:46तंग कर रही है? जब हम उस प्रॉब्लम को
31:47फाइंड कर लेंगे फिर हम उस प्रॉब्लम के लिए
31:50सॉल्यूशन बनाते हैं। ठीक है? हम उस
31:51प्रॉब्लम के लिए सॉल्यूशन बनाते हैं। तो
31:53फिर ऑटोमेटिकली उस ऑडियंस के लिए हमारा
31:55प्रोडक्ट एक सॉल्यूशन बन जाता है जो उसे
31:57बाय करना ही होता है। ठीक है? यानी कि हम
31:59एक डिमांड क्रिएट कर देते हैं अपनी
32:02पावरफुल प्रोडक्ट के साथ। यानी कि ऑडियंस
32:04है उसका ऑलरेडी एक पेन पॉइंट है। ऑलरेडी
32:06एक प्रॉब्लम में वो घिरे हुए हैं और हमने
32:07उसका सशन बना दिया और वो हम उसको सेल कर
32:10रहे हैं। ठीक है? तो स्यूशन जो होता है वो
32:12हमारा डिजिटल प्रोडक्ट होता है। ठीक है?
32:14तो जब आप एक ऐसा प्रोडक्ट बनाएंगे जो
32:16प्रॉब्लम सॉल्विंग होगा आपकी ऑडियंस के
32:18लिए तो वो फिर हाथों हाथ सेल हो जाएगा।
32:20फिर उसके सेल होने के चांसेस ज्यादा हो
32:22जाएंगे। तो इसलिए इस मॉड्यूल के अंदर पहले
32:25मैं आपको ऑडियंस के बारे में बताऊंगा कि
32:27आपने ऑडियंस असल में होती क्या है और कैसे
32:29रिसर्च करनी है। उसके बाद हम उसकी
32:31प्रॉब्लम फाइंड करने के ऊपर बात करेंगे और
32:33फिर लास्ट में हम बात करेंगे कि आपने उस
32:35प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए एज अ
32:37डिजिटल प्रोडक्ट कैसे बनाना है जो सशन बन
32:39जाए। ठीक है? तो हम ये इस मॉडल के तहत
32:42अपने इस डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस की
32:43बुनियाद रखेंगे। तो अब हम बात करते हैं
32:46चूज़ योर मार्केट या ऑडियंस कि आपने अपने
32:49मार्केट या ऑडियंस कैसे सिलेलेक्ट करनी
32:52है। देखिए इसकी दो मेजर तरीके हो सकते
32:55हैं। एक जैसे मैंने स्टार्ट में कहा आपका
32:57एक्सपीरियंस आपके एक्सपर्टीज कि आप देखें
33:00कि आपका एक्सपीरियंस एक्सपर्टीज किस चीज
33:02के अंदर ज्यादा है। जिस चीज में है आप
33:04उससे रिलेटेड ऑडियंस को सिलेलेक्ट कर सकते
33:06हो। एक पावरफुल स्टार्ट होगा। लेकिन मिसाल
33:10है आप लोग कहते हैं सर हम अभी किसी चीज
33:12में माहिर नहीं है। हम एक्सपर्टीज नहीं
33:14रखते। हम स्टूडेंट हैं, हम बिगिनर हैं। हम
33:15कैसे जाएं? तो फिर आपके लिए आएगा दूसरा
33:17ऑप्शन। ठीक है? कि अब आपको सिलेलेक्ट करना
33:20है कि आपने कौन सी ऑडियंस से स्टार्ट लेना
33:23है। ठीक है? सारी ऑडियंस पूरी दुनिया आपके
33:25लिए नहीं है। आपने अभी स्टार्ट लेना है।
33:27आपने एक बिगिनर लेवल से स्टार्ट लेना है।
33:30तो उसके लिए बेस्ट है कि आप एक मार्केट को
33:33एक नीश को सिलेलेक्ट करो और उस नीश के
33:36अंदर भी कोशिश करो। आप सब नीश को सेलेक्ट
33:38करो। ठीक है? मैं आपको एग्जांपल देता हूं।
33:40मिसाल है आप चाहते हो कि हम बिजनेस ओनर्स
33:42को टारगेट करना चाहते हैं। ये एक नीश है।
33:44ठीक है? ये एक नीश है। लेकिन इसके अंदर और
33:47सब नीशेस, सब मार्केट्स पॉसिबल है। सब
33:50ऑडियंसेस पॉसिबल है। अच्छा ये सब नीश, सब
33:53मार्केट, सब ऑडियंसेस ये एक ही चीज का नाम
33:55है। ठीक है? तो मैं कभी कुछ बोल रहा हूं
33:57कभी कुछ। तो आपने समझना है कि मैं एक ही
33:59बात कर रहा हूं। तो अब पॉइंट यहां पर आएगा
34:00आपने सब मार्केट जब सेलेक्ट करनी है। तो
34:02अब आप देखें बिज़नेस ओनर्स मैंने एग्जांपल
34:04दिया आपको। बिज़नेस ओनर में बहुत सारे टाइप
34:06के बिज़नेस हैं। आप देखें कि आपने किस टाइप
34:09के बिज़नेस को सेलेक्ट करना है। मिसाल है
34:11वो लोकल शॉप हो सकती है। वो लोकल पान शॉप
34:13हो सकती है। वो लोकल जो है ना कोई सेलूून
34:15हो सकता है। वो लोकल जो है ना कोई भी
34:18बिज़नेस हो सकता है लोकल का या फिर वो
34:20रियलस्टेट का बिज़नेस हो सकता है। वो
34:22ई-कॉमर्स का बिज़नेस हो सकता है। अब ये
34:23क्या है? ये बिज़नेस की टाइप्स हैं। ठीक
34:25है? अब मिसाल आप लें ई-कॉमर्स बिज़नेस की।
34:28ठीक है? अब आपने कहा मुझे बिज़नेस ओनर्स
34:30टारगेट करने हैं। लेकिन ऐसे जो ई-कॉमर्स
34:31बिज़नेस वाले हैं। ठीक है? उस ई-कॉमर्स
34:33बिज़नेस में भी बहुत से टाइप के बिज़नेस
34:35पॉसिबल है। ऐसे बिज़नेस जो मिसाल है
34:37क्लोथिंग प्रोडक्ट बेच रहे हैं। ऐसे
34:38बिज़नेस जो मिसाल है किड्स प्रोडक्ट बेच
34:40रहे हैं। कोई इलेक्ट्रॉनिक बेच रहा है। तो
34:42ये क्या है? ये सब मार्केट्स में करे जा
34:44रहा हूं। यानी कि मैंने बिज़नेस ओनर
34:45स्टार्ट किया। ई-कॉमर्स पे आया। ई-कॉमर्स
34:47में मैं एक स्पेसिफिक टाइप के ऊपर आ गया।
34:48ठीक है? तो मैं क्या कर रहा हूं? मैं
34:50डिवाइडेशन कर रहा हूं। मैं सब मार्केट
34:52सेलेक्ट कर रहा हूं। देखिए जितने ज्यादा
34:53आप सब मार्केट ये सब निश सेलेक्ट करेंगे
34:56आपके लिए डिजिटल प्रोडक्ट बनाना भी आसान
34:58हो जाएगा। उसको सेल करना भी आसान हो
35:00जाएगा। क्योंकि आप एक स्पेसिफिक टाइप की
35:03ऑडियंस का मसले को हल करने वाले हैं। ठीक
35:05है? तो आपने देखना है कि आप किस मार्केट
35:08की तरफ जाएंगे। आपको मैं बड़ी लिस्ट
35:10प्रोवाइड कर सकता हूं। आप उसके अंदर बहुत
35:12सारे सबनिशेस पॉसिबल है। आपने उन सब निशेस
35:15को फाइंड करना है और उनके ऊपर काम स्टार्ट
35:18करना है। मिसाल है मैं कुछ ऑडियंसेस की
35:20एग्जांपल आपको देता हूं। ठीक है? बिज़नेस
35:22ओनर की मैंने एग्जांपल दी। उसमें रियल
35:23स्टेट की एग्जांपल है आपके पास।
35:24फ्रीलांसर्स, टीचर्स, स्टूडेंट्स। ठीक है?
35:27डिजाइनर्स हो सकते हैं। वह कंटेंट क्रिएटर
35:29हो सकते हैं। वो इन्फ्लुएंसरर हो सकते
35:31हैं। वो स्पेशली यूबर टाइप के बंदे हो
35:33सकते हैं। वो फिटनेस कोच हो सकते हैं। वो
35:36जो है ना ब्यूटीिशियन हो सकते हैं। वो
35:38सेलूून ओनर हो सकते हैं। वो फोटोग्राफर्स
35:40हो सकते हैं। वो जॉब सीकर्स हो सकते हैं।
35:42और ऐसे मैं एक लंबी लिस्ट आपको बता सकता
35:44हूं। और टू बी ऑनेस्ट एआई भी आपकी हेल्प
35:47कर सकता है। नीश को ऑडियंस को फाइंड आउट
35:49करने में। आपको बहुत सारी एग्जांपल्स सबस
35:51की दे सकता है। आपने क्या करना है? सिंपल
35:53सा काम करना है। आपने एक नीश को सिलेलेक्ट
35:56करना है। ठीक है? उस एक नीश से आप आगे काम
35:58करेंगे। अच्छा आपने घबराना नहीं है। हम जो
36:01ऑडियंस सेलेक्ट करने वाले हैं उसकी डिमांड
36:02को हम चेक करेंगे। अभी मैं कुछ टाइम बाद
36:04लैपटॉप पे जाऊंगा लैपटॉप स्क्रीन पर इसी
36:06मॉड्यूल के अंदर और मैं आपको इस ऑडियंस की
36:09डिमांड चेक करना बताऊंगा कि आपने डिमांड
36:11कैसे चेक करनी है और फिर उसके बाद हम अपने
36:14प्रोडक्ट रिसर्च वगैरह की तरफ जाएंगे। ठीक
36:16है? तो यह है हमारा पहला स्टेप ऑडियंस को
36:18फाइंड करना, सेलेक्ट करना कि हमने किस
36:20ऑडियंस के लिए डिजिटल प्रोडक्ट बना रहे
36:22हैं। अब दूसरा स्टेप हमारा आएगा कि अब इस
36:24ऑडियंस के लिए हमने प्रॉब्लम फाइंड करनी
36:27है। यानी कि उस ऑडियंस की प्रॉब्लम हमें
36:29फाइंड करनी है। हमें देखना है कि वो कौन
36:31सी ऐसी प्रॉब्लम है जो इस ऑडियंस को सबसे
36:33ज्यादा तंग कर रही है। ठीक है? वो कौन सी
36:36ऐसी प्रॉब्लम है जिसके ऊपर इसको सबसे
36:38ज्यादा टाइम लग रहा है और वह उस मेहनत से
36:40उस टाइम से बचना चाहता है। कौन सी ऐसी
36:43प्रॉब्लम है जिसके लिए वह ऑलरेडी पैसे भर
36:45रहा है। ठीक है? यानी कि वो बहुत सी
36:46प्रॉब्लम हो सकती है। ठीक है? अब उसके लिए
36:48वो डेली बेसिस पर या मंथली बेसिस पर पैसे
36:50भर रहा है एक बड़ी अमाउंट और आप उसको चंद
36:53डॉलर के अंदर हल कर सकते हो। कौन सी ऐसी
36:55प्रॉब्लम है? ठीक है? एक चीज हमेशा याद
36:57रखिए कोई भी पर्सन दो वजहों से बाय कर रहा
36:59होता है। या तो वो प्रॉब्लम्स से निकलना
37:01चाहता है या फिर वो और बेहतर प्लेजर की
37:04तरफ जाना चाहता है और बेहतर एक्सपीरियंस
37:06या स्टेटस की तरफ जाना चाहता है। तो अभी
37:08हम क्या कर रहे हैं? हम ऐसी प्रॉब्लम
37:10ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं जिससे वो
37:11निकलना चाहता है। ठीक है? जो उसका सबसे
37:13ज्यादा टाइम खा रही है और इस तरह के बहुत
37:15सारे सवाल पॉसिबल है जो आप अपनी ऑडियंस से
37:18मुतालिक पूछ सकते हो। आपने ये सवालात
37:21ढूंढने कहां से हैं? ठीक है? आपको कैसे
37:23मिलेंगे? बहुत आसान साल है। इसके लिए आपको
37:25ऑनलाइन कम्युनिटीज़ ढूंढनी होंगी, Facebook
37:27ग्रुप्स ढूंढने होंगे। ठीक है? जहां पर
37:28आपकी ऑडियंस अवेलेबल हो। आपने YouTube के
37:30कमेंट्स देख सकते हो जहां पर आपकी ऑडियंस
37:32मोस्टली सवालात कर रही है। कमेंट्स देखने
37:34हैं आपने। तो आपको उनकी प्रॉब्लम का पता
37:36चलेगा कि असल में उनकी प्रॉब्लम क्या है?
37:38वो किस प्रॉब्लम में सबसे ज्यादा जो है ना
37:41परेशान है। तो उस प्रॉब्लम को हमें टारगेट
37:43करना है। ठीक है? इसके मैंने एग्जांपल
37:45आपको दिए हैं। ये यही तरीके होते हैं
37:46जिनके जरिए हम फाइंड करते हैं। और ये कोई
37:49आसान काम नहीं है। आपको थोड़ी मेहनत करनी
37:51पड़ती है। ठीक है? अब यह है दूसरा हमारा
37:53स्टेप प्रॉब्लम को फाइंड करने का। ठीक है?
37:55तीसरा हमारा स्टेप आएगा प्रोडक्ट को फाइंड
37:58करना और उसके लिए हम डिफरेंट प्लेटफॉर्म्स
38:00यूज कर सकते हैं। ठीक है? इट इसके लिए जो
38:02सबसे मशहूर है वो इट्स है। ठीक है? गम रोड
38:05है, पे हिप है। ठीक है? इसमें Amazon के
38:07जरिए भी आप काम ले सकते हो। टीचेबल है और
38:09ऐसे बहुत सारे प्लेटफार्म है जहां पर
38:11डिजिटल प्रोडक्ट्स सेल हो रहे होते हैं।
38:13Amazon के ऊपर खास तौर पे पीडीएफ की फॉर्म
38:15में ई-बुक की फॉर्म में सेल हो रहा होता
38:17है। ठीक है? तो ऐसे और भी प्लेटफार्म
38:19पॉसिबल है Facebook ऐड के जरिए TikTok ऐड
38:21के जरिए जो आपके कंपटीिटर्स हैं वो
38:23प्रोडक्ट सेल कर रहे हैं तो आप उनको भी
38:24फाइंड आउट कर सकते हो। आपने टेंशन नहीं
38:26लेनी। अभी मैं आपको यह सब करके दिखाऊंगा।
38:29जो बेस्ट तरीका है वो मैं आपको करके
38:30दिखाऊंगा। बाकी आप खुद ट्राई करोगे। अच्छा
38:33तो अब हम बात करते हैं डिजिटल प्रोडक्ट
38:35क्राइटेरिया की। कौन से ऐसे पॉइंट्स हैं
38:38जिनके बुनियाद पर हम यह फैसला करते हैं कि
38:40यह जो डिजिटल प्रोडक्ट है यह वाकई में
38:42फायदेमंद साबित हो सकता है, प्रॉफिटेबल हो
38:44सकता है। ठीक है? तो इस क्राइटेरिया को
38:46मैं कहता हूं डीपीसी ओ ठीक है डीपीसी ओ
38:51सबसे पहला है डिमांड हमें देखनी होती है
38:53क्या उस प्रोडक्ट की डिमांड है या नहीं है
38:56ठीक है दूसरे स्टेप पे हम देखते हैं
38:58प्रॉब्लम क्या उस प्रोडक्ट से रिलेटेड
39:01ऑडियंस को प्रॉब्लम है या नहीं है ये सबसे
39:04मोस्टेंट पॉइंट है अगर प्रॉब्लम है तो
39:07यहां पर हम भेज सकते हैं। तीसरा हम देखते
39:09हैं कंपटीशन क्या हमारा कोई कंपटीशन भी है
39:11जितना स्ट्रांग कंपटीशन होगा टू बी ऑनेस्ट
39:14उतना आपको फायदा देता है यह मेरा मानना है
39:17ठीक है लेकिन हो सकता है कुछ लोग कहेंगे
39:18कंपटीशन ज्यादा है हमें करना ही नहीं है
39:20ये उनका एक अलग पॉइंट ऑफ व्यू हो सकता है
39:21लेकिन कंपटीशन आपको बहुत कुछ सिखाता है तो
39:23हमें कंपटीशन देखना है कि हमारा कंपटीशन
39:25है क्या और किस हद तक है ठीक है लास्ट
39:28पॉइंट होता है अपॉर्चुनिटी हमें देखना है
39:30कि क्या हम इस प्रोडक्ट के अंदर जिसकी
39:33डिमांड है ऑलरेडी लोगों को प्रॉब्लम हो
39:35रही है मेरा कंपटीशन सेल कर रहा है क्या
39:37मैं इस प्रोडक्ट को और बेहतर बना सकता
39:39हूं। क्या मैं इसको और कोई खास फीचर कोई
39:42खास चीज ऐड करके अपनी ऑडियंस के लिए और
39:44फायदेमंद बना सकता हूं। अगर मैं बना सकता
39:47हूं तो यही वो आपकी अपॉर्चुनिटी है जो
39:49आपके प्रोडक्ट को सेल करने में हेल्प
39:51करेगी। ठीक है? तो ये चार पॉइंट है। ठीक
39:53है? डीपी सीओ जिसके जरिए हम पता करते हैं
39:56हमें कि डिजिटल प्रोडक्ट हमारा प्रॉफिटेबल
39:58होगा या नहीं होगा। सेल होगा या नहीं
40:00होगा। अच्छा तो अब हम क्या करते हैं? अब
40:02हम अपने लैपटॉप की स्क्रीन पे चलते हैं और
40:04मैं आपको एग्जैक्टली बताता हूं कि अपने
40:05ऑडियंस की डिमांड कैसे देखनी है।
40:07प्रॉब्लम्स को कैसे फाइंड आउट करना है कि
40:09क्या प्रॉब्लम्स हैं। ठीक है? और हम
40:11देखेंगे कि हमारा जो प्रोडक्ट हम जिस
40:13ऑडियंस के लिए बनाना चाह रहे हैं उसको हम
40:15कैसे फाइंड करेंगे। कैसे उसके आइडियाज
40:18लेंगे। ठीक है? ये सब कुछ हम अब अपनी
40:20लैपटॉप की स्क्रीन पे जाकर देखते हैं।
40:22अच्छा तो पहले हम अपने जो ऑडियंस है या
40:25नीश है हम पहले उसे वैलिडेट करेंगे। हम
40:28देखेंगे क्या हमारी जो मार्केट है ऑडियंस
40:31है उसकी डिमांड भी है या नहीं है। ठीक है?
40:34अगर हमारी वो डिमांडिंग में होगी फिर हम
40:37देखेंगे नेक्स्ट स्टेप के अंदर कि हम कौन
40:39सा प्रोडक्ट बेच सकते हैं। ठीक है? और कौन
40:41सी प्रॉब्लम है जो हम अपनी ऑडियंस की
40:44सॉल्व कर सकते हैं। तो अपनी ऑडियंस को
40:47वैलिडेट करने के लिए, उसकी डिमांड को चेक
40:49करने के लिए जो मैं प्रेफर करता हूं वह
40:52तीन वेबसाइट है। ठीक है? सबसे पहली है
40:54हमारी आंसर द पब्लिक। यह आंसर द पब्लिक
40:57वेबसाइट है। ठीक है? इसमें फ्री में आपको
40:59तीन सर्च करने में यानी कि ऑप्शन मिल जाता
41:02है। तो तीन सर्चेस काफी होती हैं। आप
41:04सिंपली अपने Gmail के ऊपर इसको लॉग इन कर
41:06लेंगे। ठीक है? उसके बाद आपने यहां से
41:09मिसाल सर्च कीवर्ड पे आना है। सबसे पहले
41:11सर्च कीवर्ड पे आएंगे। यहां से उर्दू को
41:13मिसाल पाकिस्तान के बजाय आप इंग्लिश यूएस
41:16में कर रहे हैं। आप इंग्लिश सेलेक्ट कर
41:18लेंगे। इंग्लिश सेलेक्ट करके आप यहां से
41:20पाकिस्तानी जो लोकेशन है इसके बजाय आप
41:22यूएस सेलेक्ट कर लेंगे। ठीक है? अब हम
41:24इसको जो भी कीवर्ड देंगे अपने जो ऑडियंस
41:27बताएंगे यह उसको यूएस के लिहाज से डाटा
41:30देगी। ठीक है? उसका यूएस के लिहाज से यह
41:33डाटा प्रोवाइड करेगी। तो मिसाल है आपने
41:36यहां पर लिखना है अपनी उस ऑडियंस के बारे
41:39में। कुछ ऑडियंस का मैंने आपको एग्जांपल
41:41दिया था। ऑडियंस नीश से मुराद हम ऐसे
41:44लोगों को ढूंढ रहे हैं जिनको हमें सेल
41:46करना है। ठीक है? हमें पूरी दुनिया को
41:48नहीं बेचना। हमें कोई टारगेटेड लोगों को
41:50बेचना है। ठीक है? एग्जांपल के तौर पर वो
41:52टीचर्स हो सकते हैं। ठीक है? वो जो है ना
41:55सिंगल मॉम्स हो सकती हैं। ठीक है? वो कोई
41:58भी हो सकता है। ठीक है? हम उनकी प्रॉब्लम
42:01को हल कर रहे हैं। उनकी प्रॉब्लम का सशन
42:03उन्हें प्रोवाइड कर रहे हैं। एग्जांपल ले
42:05लेते हैं टीचर्स की। आप रियलस्टेट कर सकते
42:07हैं, एंटरप्रेन्योर कर सकते हैं। जिसकी भी
42:10प्रॉब्लम आप सॉल्व कर रहे हैं, आप उसके
42:12बारे में बताएंगे। वो ऑडियंस के बारे में
42:14आप बताएंगे। ठीक है? मैंने टीचर्स करा और
42:16सर्च कर लिया। ठीक है? अभी टीचर्स के
42:19लिहाज से हम ओवरऑल देखेंगे कि इसकी डिमांड
42:23यूएस के अंदर यूएस की मार्केट में किस हद
42:25तक है। ठीक है? कम है, ज्यादा है, जैसी भी
42:28है यह हमें प्रोवाइड करेगा। तो, अब देखिए,
42:32यह थोड़ा सा टाइम लेता है, सर्च कर रहा
42:34है। ठीक है? और यह हमें फिर ओवरऑल डाटा
42:37देगा इस कीवर्ड का। यह सिर्फ आपको इसके
42:41मंथली सर्चेस नहीं बताएगा। यह आपको बहुत
42:43सारा डाटा प्रोवाइड करता है फ्री वर्जन के
42:46अंदर भी। ठीक है? फ्री वाले वर्जन में भी
42:48आपको यह काफी सारा डाटा प्रोवाइड करता है।
42:51आपके कीवर्ड के लिहाज से जो भी आपने ऐड
42:54किया होता है।
42:57तो सबसे पहले मिसाल के तौर पर आप देखें
42:59इसने हमें सर्च वॉल्यूम बताया यूएस के
43:01अंदर इस टीचर वर्ड का जो सर्च वॉल्यूम है
43:04वो 3 लाख पर मंथ है। ठीक है? 3 लाख पर मंथ
43:09यह सर्च होता है कीवर्ड। ठीक है? तो इससे
43:12आपको थोड़ा सा अंदाजा होगा इसकी जो है ना
43:15डिमांड का। अब इसके बाद आपको टॉपिक
43:17आईडियाज मिलेंगे कि सर्च इंजन में क्या
43:19सर्च हो रहा है? शॉपिंग में क्या सर्च हो
43:21रहा है? सोशल मीडिया में, एआई मॉडल में
43:23टीचर से रिलेटेड सर्च क्या हो रहा है? ठीक
43:25है? उसके बाद एआई प्रो्स आपको देखने को
43:27मिलेंगे कि टीचर से रिलेटेड क्या चीजें
43:29सर्च होती है। ठीक है? अब ये देखिए अब
43:31यहां पर क्या हो रहा है? बेस्ट ऑनलाइन
43:32प्लेटफॉर्म्स फॉर टीचर्स टू क्रिएट
43:34इंटरेक्टिव लेसंस। ठीक है? यह प्र्ट सर्च
43:38हो रहा है एआई के ऊपर चैट जीपीडी के ऊपर।
43:41यह बेस्ट डिजिटल टूल्स फॉर लेसंस,
43:43प्लानिंग एंड ऑर्गेनाइजेशन। अब आप मैं अगर
43:46आपको बोलूं तो यहां पर ही मुझे दो डिजिटल
43:49प्रोडक्ट के आईडिया मिल रहे हैं। ठीक है?
43:52जो लोग सर्च कर रहे हैं। मैं उनकी उस
43:54प्रॉब्लम को हल करूंगा। उनको एक स्यूशन
43:56प्रोवाइड करूंगा। ठीक है? उन्हें एक ऐसा
43:59प्लेटफार्म चाहिए। मिसाल है जो इंटरेक्टिव
44:01लेसंस बना सके। क्यों ना मैं इंटरेक्टिव
44:04लेसंस के ही काफी सारे टेंपलेट बनाकर उनको
44:07दे दूं। ठीक है? तो उससे वह काफी उन्हें
44:10फायदा हो सकता है और उनकी वह प्रॉब्लम
44:12सॉल्व हो जाएगी। वह खुद बड़ी आसानी से
44:14इंटरेक्टिव लेसंस बना सकेंगे। ठीक है? मैं
44:17आपको सिर्फ एग्जांपल दे रहा हूं। इसी
44:18चीजों में मुझे काफी सारे डिजिटल प्रोडक्ट
44:20नजर आ जाएंगे। लेकिन उसके बाद नीचे हम आए
44:23देखिए ऑर्गेनिक सर्चेस में क्या कुछ सर्च
44:25हो रहा है। ठीक है? फिर और इसके अलावा
44:28मिलते जुलते बहुत सारी चीजें क्या सर्च हो
44:30रही है टीचर से रिलेटेड। ठीक है?
44:31क्या-क्या सवालात नेट पे सर्च हो रहे हैं।
44:34तो उसका एक टेबल सा आपको बना के दे रहा
44:36होगा। ठीक है? उसके बाद सोशल मीडिया पर,
44:38YouTube के ऊपर, TikTok के ऊपर, Instagram
44:41के ऊपर आपको एक बड़ी डिटेल में यह
44:44प्रोवाइड करेगा और बताएगा कि आपकी जो
44:46ऑडियंस है, आपकी जो टारगेट मार्केट है वो
44:50उसकी डिमांड कितनी है और उससे रिलेटेड और
44:52भी बहुत सारी चीजें आपको बताएगा। ये आपको
44:54देखिए तीन सर्चेस फ्री में देते हैं डेली
44:56की। ठीक है? मैंने अभी एक की है। दो मैं
44:58और कर सकता हूं। मुझे अंदाजा हो जाएगा कि
45:00अगर मेरी टॉप थ्री कोई ऑडियंस मेरे ज़हन
45:02में थी, मुझे उनके बारे में पता चल जाएगा
45:04कि बेस्ट कौन सी है। ठीक है? ठीक है?
45:06मिसाल है। मैं यहां पर कंपेयर करता हूं।
45:08ठीक है? अच्छा ये कंपेयर फ्री में नहीं दे
45:10रहा। तो खैर मैं अलग से सर्च करता हूं।
45:12इसको देखिए ये 3 लाख था। मैं अलग से एक और
45:14वर्ड सर्च करता हूं। सिंगल मॉम। ठीक है?
45:18मैंने यह वर्ड सेलेक्ट किया और सर्च कर
45:19दिया। क्योंकि सिंगल मॉम के जो एक कल्चर
45:22है वो यूएस के अंदर बहुत ज्यादा है। तो
45:24उससे रिलेटेड भी हमें मुझे उम्मीद है कि
45:26काफी सारे डाटा हमें देखने को मिल सकता
45:28है। ठीक है? तो मैंने इसको सिंपली सर्च
45:30किया है। इसने अभी डाटा दिया नहीं था। ठीक
45:32है? अभी सिर्फ यह सर्च हुआ है और यह डाटा
45:34को थोड़ा सा टाइम लेता है शो करने के लिए।
45:38ठीक है? तो मैं इसको थोड़ा सा टाइम दे
45:40देता हूं ताकि ये उसके लिहाज से डाटा शो
45:43कर सके। अभी फिलहाल ये यू जो टीचर्स है
45:47उसी का डाटा ये शो कर रहा है।
45:50अब आप देखें ये सर्च हुआ है सिंगल मॉम का।
45:52तो अब इसकी जो आपको नजर आ रही है ये 5.4
45:55के है। ठीक है? उससे जमीन आसमान का फर्क
45:58है। दैट्स टीचर्स ज्यादा बड़ा ऑडियंस है।
46:01ज्यादा बड़ी निश है। यह बहुत टारगेटेड निश
46:04है। सिंगल मॉम वाली जो मैंने आपको बताया
46:05है। अच्छा यहां पर एक चीज ज़हन में रखें
46:08डिमांड का हमें अंदाजा हो गया कि उसकी
46:09डिमांड ज्यादा है। इसकी थोड़ी कम है।
46:11लेकिन कुछ निशेस ऐसी भी होती है। ऑडियंस
46:13ऐसी भी होती है जिनकी पेन ज्यादा बड़ा
46:15होता है। जिनका पेन ज्यादा बड़ा होता है
46:17और वो पेन की वजह से ज्यादा अच्छी ऑडियंस
46:20साबित होती है बािनिस्बत दूसरी के। ठीक
46:23है? ठीक है? क्योंकि जो पेन होता है वो
46:24चीजें बाय करने पे ज्यादा पुश करता है कि
46:27ये इस पेन से निकलना है तो बाय करो। ठीक
46:30है? तो अभी सिंगल मॉम से रिलेटेड आपको
46:32डाटा यहां पर नजर आएगा। ठीक है? अब देखिए
46:35यहां देखिए यहां पर एक आपको नजर आ रहा है
46:37डाटा बजटिंग एप्स डिज़ फॉर सिंगल इनकम
46:40फैमिली। यह कुछ सिमिलर भी है। ठीक है? और
46:44इसके अंदर आपको प्रम्स भी नजर आएंगे।
46:46बेस्ट बजटिंग एप्स फॉर सिंगल मॉम मैनेजिंग
46:49फाइनेंससेस। ठीक है? अब यह ऐप ढूंढ रही
46:52है। हम इस तरह की कोई स्प्रेडशीट बना के
46:54दे सकते हैं। एक्सेल की शीट बना के दे
46:56सकते हैं। ठीक है? कोई ऐसा डिजिटल
46:57प्रोडक्ट बना सकते हैं जो उनकी हेल्प करे
46:59मैनेजमेंट के अंदर। ठीक है? अगर हम वो
47:01देंगे तो वो एक बेहतरीन प्रोडक्ट साबित
47:05होगा उनको सेल करने के लिए। अब देखिए मुझे
47:06प्रम से ही उनकी प्रॉब्लम का थोड़ा सा
47:09अंदाजा हो रहा है। मैं आगे जाके उसको और
47:11थोड़ा सा वैलिडेट करूंगा और उसके बाद मैं
47:13उसके लिए प्रोडक्ट बना के सेल कर सकता
47:15हूं। ठीक है? तो कोई भी ऑडियंस है आप उसको
47:17इस स्टेज से गुजारेंगे। आपको कुछ अंदाजा
47:20भी हो जाएगा। आपको आइडियाज भी मिलेंगे।
47:22ठीक है? अपने डिजिटल प्रोडक्ट के। उसके
47:25बाद नेक्स्ट आप यहां से भी इसकी ऑडियंस का
47:29अंदाजा लगा सकते हैं। मिसाल है आपने यहां
47:30भी पाकिस्तान के बजाय यूएस करेंगे जो
47:33हमारी मार्केट है। ठीक है? यू यूएस किया
47:36मैंने। अब यहां पर मैं अपने वही कीवर्ड
47:38डालूंगा जो मैंने वहां डाला था। ठीक है?
47:40अच्छा ये क्या है? ये Google ट्रेंड है।
47:42आपको नजर आ रहा होगा उम्मीद है। ठीक है?
47:44और ये बिल्कुल फ्री टूल है। ठीक है? मैंने
47:49थोड़ी सी गलती कर दी है कीवर्ड के अंदर ये
47:50Google ट्रेंड का मेन वो है इसको मैं
47:53दोबारा लिखता हूं टीचर्स
47:57ठीक है सर्च
48:01ठीक है अब ये हमें यहां पर देखिए डाटा
48:03प्रोवाइड करेगा ओवरऑल के इंटरनेट पे हो
48:06क्या रहा है। ठीक है तो ये एक साल का डाटा
48:08प्रोवाइड कर रहा है और एक साल का डाटा कम
48:10से कम आपको चाहिए ताकि आपको पता चल सके और
48:12आपको यहां पर अंदाजा हो रहा होगा कि यह
48:14किस हद तक डिमांड में रहता है। यह ज़ीरो से
48:16लेकर 100 तक एक ट्रेंड को एनालाइज करता है
48:20कि और फिर उसको नंबर देता है कि किस हद तक
48:22डिमांडिंग यह है। ठीक है? उसके बाद आप
48:24इसके साथ एक और कीवर्ड चार से पांच कीवर्ड
48:27आप इसमें यूज़ कर सकते हो। मिसाल मैंने
48:30वहां पर सिंगल मॉम वाला किया था। तो मैं
48:32वो भी यहां पर कर लेता हूं। अब इसके अंदर
48:34दो तीन ऑप्शन मिलेंगे आपको। सिंगल मॉम ये
48:36सर्च टर्म है। टॉपिक है। ठीक है? और ऑप्शन
48:39आपको यहां देखने को मिलेंगे। तो मैं यहां
48:40सर्च टर्म को ही फोकस करता हूं। यह भी
48:42सर्च टर्म है। ये भी सर्च टर्म है। तो
48:44आपको उसकी और इसका डिमांड का अंदाजा हो
48:46जाएगा। ठीक है? ठीक है? और वो हमें उससे
48:48भी हमने जो किया था उससे भी डिमांड का
48:50अंदाजा हमें हो गया था। ठीक है? उसके बाद
48:53यह आपको और ट्रेंडिंग टॉपिक्स और आइडियाज
48:56दिखाएगा इससे रिलेटेड। ठीक है? और इसके
48:59अलावा भी यह आपको काफी डिटेल्स प्रोवाइड
49:02कर सकता है अगर आप इसको देखना चाहें। ठीक
49:05है? तो, यह कुछ ऑप्शन आपको मिलते हैं।
49:08यहां से ट्रेंड से भी आपको इसका अंदाजा हो
49:11जाएगा और इस टूल से भी हो जाएगा। और लास्ट
49:13और मोस्टेंट वो इट्स है कि आप इट्स पे आके
49:17सिंपली सर्च करें और देखें उसमें कितनी
49:20ज्यादा लोग उस नीश के ऊपर काम कर रहे हैं।
49:22ठीक है? मिसाल के तौर पर मैंने यहां पर
49:24टीचर्स लिखा।
49:26हमें पता चल जाएगा कि हमारी नीश में कितना
49:29दम है। प्लस हमें प्रोडक्ट्स भी इसमें
49:32देखने को मिलेंगे। यानी कि हमें
49:33प्रोडक्ट्स का भी आईडिया होगा। ठीक है? अब
49:36आप देखिए यहां पर क्या नजर आ रहा है?
49:37कस्टम, टीचर, डोर, हैंगर और अच्छा मैंने
49:40क्या फोकस करना है? हमने देखना है अपने
49:42डिजिटल प्रोडक्ट के लिहाज से। अच्छा यहां
49:44पर क्या बोल रहा है? सेंट फ्रॉम नियर
49:45बावलपुर पाकिस्तान। ये खैर फिल्टर है।
49:49हमें लगाना नहीं है इस फिल्टर को। तो हम
49:51यहां पर एक फिल्टर लगाएंगे। वो होगा हमारा
49:55डिजिटल डाउनलोड का।
49:58ठीक है? डिजिटल डाउनलोड का हमें चाहिए
50:00क्योंकि हम डिजिटल प्रोडक्ट बनाने वाले
50:01हैं। अब आप देखें यह क्या है? एडिटेबल
50:03टीचर एप्रिसिएशन थैंक यू जो है ना कार्ड।
50:07ठीक है? यह क्या डिज़ है, टेंपलेट है और यह
50:10अब आप देखें 19.8 के रिव्यूज हैं। ठीक है?
50:15यानी कि तकरीबन 20,000 लोगों ने रिव्यु
50:17दिया है। तो इसका मतलब है बिकर कितने दफा
50:19होगा ये आप अंदाजा लगा सकते हैं। ठीक है?
50:22उसके बाद ये टीचर फेवरेट क्वेश्चनर है
50:24प्रिंट टेबल। ठीक है? के जो टीचर्स हैं वो
50:27पूछते हैं सवालात। उसके ये टेंप्लेट बना
50:30दिया और टीचर को जाहिर सी बात है ये हेल्प
50:32करेगा लर्न अपने स्टूडेंट्स को पढ़ाने
50:34में। ठीक है? तो ये सारे आपको स्टूडेंट्स
50:37के आइडियाज मिलेंगे। टेंप्लेट्स के
50:39आइडियाज मिलेंगे उस ऑडियंस के लिहाज से।
50:42ठीक है? आपको डिजिटल प्रोडक्ट के आइडियाज
50:44भी मिल रहे हैं। और आपको अंदाजा होगा के
50:47यह जो नीश है हमारी इसमें कितनी ज्यादा
50:50पोटेंशियल है। यह आपको अंदाजा हो जाएगा।
50:55अब आप देखें टॉप पर ही आपको नजर आ रहे हैं
50:571000 प्लस आइटम्स हैं। ठीक है? विद ऐड ऐड
51:00भी अलग से इसमें शामिल है। ठीक है? तो यह
51:03चीज आपको देखने को मिलेगी जिससे आपको नीश
51:05का अंदाजा होगा। इसी तरह हम अपनी दूसरी
51:07नीश भी यहां पर ट्राई कर लेते हैं।
51:16ठीक है? मैंने दूसरी नीश के लिए ऐसे भी
51:17किया। अब देखिए इसमें भी 1000 प्लस ही
51:19आपको नजर आ रहा है। अब लेकिन इसने क्या कर
51:21दिया? एक्सक्लूड
51:23डिजिटल डाउनलोड। तो मैंने एक्सक्लूड नहीं
51:24करना। मैंने इंक्लूड करना है। डिजिटल
51:27डाउनलोड ही मुझे चाहिए। ऑल आइटम नहीं
51:28चाहिए और 1000 प्लस फिर भी इसके हैं।
51:30सिंगल मॉम प्लानर के नाम से ये चीज है।
51:33देख रहे हैं सिंगल मॉम को पैरेंटिंग
51:35प्लानर। ठीक है? पैरेंटिंग के ये प्लानर
51:38दिया है। मेंटल हेल्थ का एक जनरल सा बनाया
51:40हुआ है। ठीक है? और ये सिंगल मॉम को
51:42प्रिंटिंग प्लानर है ये भी। ठीक है? तो
51:44आपको प्रोडक्ट के आईडियाज भी मिल जाएंगे
51:46और आपको नीश का भी अंदाजा हो जाएगा। ठीक
51:49है? तो देखने में जाए तो ये दोनों ही नीश
51:51ही काफी पावरफुल साबित होती है। ठीक है?
51:54तो यहां इस तरीकों से हम देखते हैं अपनी
51:56नीश को कि हमारी नीश में डिमांड है या
51:58नहीं है। ठीक है? नेक्स्ट हम बात करते हैं
52:01कि हमारे प्रोडक्ट को हम कैसे फाइनललाइज
52:03करते हैं। एक आईडिया आपको मैंने आंसर द
52:05पब्लिक का दिया कि उसकी जो लोग सर्च कर
52:08रहे हैं वो असल में उनके पेन पॉइंट्स हैं।
52:09वो उनके वो मसले हैं जिनसे वो बाहर निकलना
52:12चाहते हैं। ठीक है? तो आप सिंपली उस मसलों
52:14का हल ही आपने उनको देना होता है। ठीक है?
52:16तो आपको वहां से भी डिजिटल प्रोडक्ट के
52:18आइडियाज मिलेंगे। प्लस आपको यहां पर तो
52:20नजर आ ही रहे हैं। यहां पर आप देखिए यहां
52:22पर आपको कुछ ऑप्शन नजर देखने को मिलेंगे।
52:26सेंड एनीवेयर का ऑप्शन है क्योंकि डिजिटल
52:28प्रोडक्ट है। कहीं से भी यह सेल हो सकता
52:30है। वैसे कोई स्पेसिफिक वो चीज नहीं होती।
52:32इसमें लिमिटेशन वगैरह नहीं लगाई जाती। ठीक
52:35है? इस इट्स बेस्ट का ऑप्शन नजर आ रहा है।
52:37स्टार सेलर इट्स ए पिक्स और यह दो तीन
52:39ऑप्शन आपको यह दे रहे हैं। ठीक है? इन
52:41दोनों को मैं सेलेक्ट कर लेता हूं ताकि
52:43मुझे बेस्ट ऑप्शन इसके देखने को मिले मेरी
52:45नी से रिलेटेड। अब आप देखें यह इसका क्या
52:48है? मदर एंड चिल्ड्रन वाल आर्ट प्रिंट।
52:52ठीक है? यह आर्ट यह सेल कर रहा है। ठीक
52:54है? और वह आपको यहां नजर आएगा जो वो सेल
52:58कर रहा है। डिजिटल डाउनलोड है। कोई भी
52:59इसको डाउनलोड करवा के प्रिंट करवा के अपने
53:02पास यूज़ कर सकता है। ठीक है? यह चीज भी
53:04वहां पर नजर आ रही है आपको। ठीक है? और जो
53:07भी जितना भी डाटा होगा यह आपको दिखाएगा।
53:09वैसे यह बेस्ट पिक्स के कुछ ज्यादा डिटेल
53:14ज्यादा प्रोडक्ट्स यहां पर नहीं मिल रहे।
53:16लेकिन यह बेस्ट ऑफ द बेस्ट प्रोडक्ट साबित
53:19होंगे आपके लिए। ठीक है? जिनको आप यूज कर
53:22सकते हो। लेकिन मैं इनको रिमूव कर देता
53:24हूं।
53:27उसके बाद आपको अगर और इसके बेस्ट चाहिए तो
53:30आप यहां से फिल्टर भी कर सकते हो और टॉप
53:33रिव्यूज वाले देख सकते हो। टॉप रिव्यूज
53:35वाले प्रोडक्ट कौन से हैं। ठीक है? ये
53:37देखिए ये आपको नजर आएंगे टॉप रिव्यूज
53:39वाले। ठीक है? यह और प्रोडक्ट है। यह
53:4111,000 बार बाय किया जा चुका है। ठीक है?
53:45इसको मैं ओपन करता हूं। उसका मतलब यह है
53:47कि हम इस तरह का प्रोडक्ट बनाकर ईजीली सेल
53:50कर सकते हैं। ठीक है? देखिए, हमें कोई नई
53:52चीज एजाद नहीं करनी। जो ऑलरेडी सेल हो रहा
53:54है, हम उसको बनाएंगे और सेल करेंगे। सिंपल
53:57सा फंडा है। कोई आपने इसमें टेंशन नहीं
54:00लेनी है। अब देखिए, यह ऑलरेडी सेल हो रहा
54:01है। ठीक है? बट एक चीज कोई भी चीज परफेक्ट
54:05नहीं होती। हर चीज में नुक्स होता ही है।
54:08ठीक है? और हम अपने बेस्ट जब प्रोडक्ट
54:10बनाते हैं, हमारी कोशिश होगी कि हम उससे
54:12बेस्ट प्रोडक्ट बना सकें। ठीक है? अब आप
54:15देखें कि इसको रिव्यूज मिले हुए हैं काफी
54:17बड़ी तादाद में। ठीक है? तो हम उसको
54:20सिंपली यूज़ करेंगे और उनके रिव्यूज से हम
54:24कुछ फायदा उठाएंगे। तो अच्छा देखिए इसमें
54:27इसको कुछ रिव्यूज मिले हुए हैं। ठीक है?
54:28अच्छे भी होंगे, बुरे भी होंगे। ठीक है?
54:31तो अगर आपने इसके बेस्ट फीचर्स देखने हैं
54:33तो आप अच्छे रिव्यूज देखेंगे। लेकिन अगर
54:34आपने उसकी बैड खासियतें देखनी है कि आपको
54:37पता चल सके लोगों को मसला क्या है इस
54:39प्रोडक्ट को बाय करने के बाद उनका कौन सा
54:41ऐसा पेन पॉइंट है जो हल नहीं हुआ। आप
54:43सिंपली व्यू ऑल रिव्यूज में जाएंगे और
54:46आपको वो बैड रिव्यूज देखने हैं। ठीक है?
54:49यहां पर आपको वो बैड रिव्यूज नजर आएंगे।
54:51क्या पहला ऑप्शन इट डिड नॉट लेट मी एडिट
54:54या यूज़ इट। ठीक है? हो सकता है इसका खुद
54:56का ही बेचारे का कसूर हो। ठीक है? लेकिन
54:59इसने काफी बड़ी डिटेल में ये रिवु लिखा हुआ
55:02है। तो मैं यह रिव्यु पढूंगा तो मुझे
55:04अंदाजा होगा कि इसे कौन सा मसला है जो हल
55:07नहीं हो रहा। ठीक है? अब यह तो है एक सेलर
55:10की कहानी। यह है एक सेलर की कहानी। लेकिन
55:14हम एक से ज्यादा को भी तो देखेंगे ना।
55:16हमने सिर्फ एक तो नहीं चाहिए। यह इसका नाम
55:18है डिजिटल को प्रिंटिंग डिजिटल प्लानर।
55:21ठीक है? तो मैंने यह कॉपी किया। ठीक है?
55:24मैं और इस तरह के देख सकता हूं। सर्च कर
55:26सकता हूं। ठीक है? तो मुझे और सेलर
55:28मिलेंगे। उनके रिव्यूज मिलेंगे। उनके
55:30पॉजिटिव रिव्यूज भी होंगे, नेगेटिव
55:32रिव्यूज भी होंगे। मैं उनको सिंपली जाके
55:35चेक करूंगा और देखूंगा कि मेरे ऑडियंस के
55:37पेन पॉइंट्स क्या हैं। ठीक है? मुझे
55:40अंदाजा तो हो गया। मैंने यह प्रोडक्ट सेल
55:41करना है। अब मैं उनके पेन पॉइंट्स को देख
55:43रहा हूं ताकि मैं अपने प्रोडक्ट के अंदर
55:44उस पेन पॉइंट को हल कर सकूं। जब आप पहले
55:47से बिक रहे प्रोडक्ट से ज्यादा अच्छा
55:49प्रोडक्ट दिखाते हो लेके आते हो मार्केट
55:51में तो वो इजीली सेल हो जाता है। यानी कि
55:53वो इजी टू सेल होता है। काफी आसानी से सेल
55:56हो सकता है। तो अब आप देखिए यहां पर बहुत
55:58सारे सेलर्स हैं जिनके सेम प्रोडक्ट्स हैं
56:02और वह उस प्राइस के ऊपर सेल कर रहे हैं।
56:04अच्छा यहां पर कुछ लोग परेशान हो सकते हैं
56:06कि हम हमें इतनी कम प्राइस में बेचना
56:08पड़ेगा। तो ऐसा नहीं है। यह एक मार्केट
56:10प्लेस है। इसका रूल अलग है। और जब आप अपने
56:12खुद के ब्रांड बनाकर, अपने खुद का एक
56:15सेल्स फनल या वेबसाइट बनाकर बेचते हैं तो
56:17उसका रूल अलग होता है। ठीक है? वो इनके
56:20ऊपर डिपेंड नहीं करता। यहां पर बहुत सारे
56:23सेलर हैं। तो यहां पर यह आपस में प्राइस
56:25के ऊपर कमपीट कर रहे हैं। ठीक है? प्राइस
56:27के ऊपर कमपीट कर रहे हैं। जो अच्छी प्राइस
56:30में उनको प्रोडक्ट दे रहा होगा, वह उससे
56:32बाय करना प्रेफर कर सकते हैं। ठीक है? तो
56:34इसलिए इन्हें मजबूरन अपने प्राइस को वैसा
56:36ही रखना पड़ता है मार्केट के लिहाज से।
56:39लेकिन हमारी मार्केट ओपन मार्केट होगी,
56:41बड़ी मार्केट होगी तो हम इजीली उसके लिहाज
56:44से सेल कर पाते हैं और प्राइस रख पाते
56:47हैं। ठीक है? तो यह एक तरीका है डिजिटल
56:50प्रोडक्ट को रिसर्च करने का। यह सबसे बड़ी
56:53मार्केट है इटसे की। इसके अलावा भी है।
56:56ठीक है? जिनको आप यूज़ कर सकते हो। गम रोड
56:58है, पे हिप है। ठीक है? और वप है। इस तरह
57:01से और भी आपको मिल जाएंगे। फिर YouTube के
57:03जरिए आप फाइंड कर सकते हो। आप WhatsApp
57:04सॉरी WhatsApp नहीं Facebook के जरिए आप
57:06फाइंड कर सकते हो। पॉइंट यह है कि आपको
57:08क्लियर हो आपकी ऑडियंस कौन है और फिर आप
57:10उससे रिलेटेड जहां पर भी आपकी ऑडियंस
57:12मौजूद है आप वहां पर जाके उनके पेन
57:15पॉइंट्स को ढूंढोगे कि पेन पॉइंट्स क्या
57:17है उनके वो कौन से पेन पॉइंट रखती है
57:20जिनको हम सॉल्व कर सकें अपने डिजिटल
57:23प्रोडक्ट के साथ। यह सिंपल सा फंडा है।
57:25अगर आपने समझ लिया तो इंशाल्लाह आप एक
57:27अच्छा डिजिटल प्रोडक्ट बना पाएंगे। ठीक
57:29है? नेक्स्ट हम देखते हैं कि अगर हमारा
57:32मिसाल हमें प्रोडक्ट पता चल गया। अब हम
57:34देखते हैं हमारे कंपटीिटर कौन है। अगर है
57:37तो वो क्या इस मार्केट प्लेस के अलावा भी
57:39सेल कर रहे हैं। अगर सेल कर रहे हैं तो वो
57:41कौन सी किस प्राइस के ऊपर सेल कर रहे हैं।
57:43ठीक है? हम थोड़ी सी कंपिटिट रिसर्च
57:45करेंगे। उस कंपिटिट रिसर्च से हमें बहुत
57:46सारी चीजें क्लियर होंगी। ठीक है? उसकी
57:49डिमांड का भी अंदाजा हो जाएगा कि इस
57:50मार्केट प्लेस के अलावा भी वो सेल हो रहा
57:52है। ठीक है? दूसरा हम देख पाएंगे कि हमारे
57:54जो कॉम्पिटिट है वो किस प्राइस के ऊपर सेल
57:56कर रहा है कि हम उसके लिहाज से अंदाजा लगा
57:59सके कि हम किस प्राइस पॉइंट पर सेल कर
58:02पाएंगे तो उसके लिए एक बेस्ट प्लेटफार्म
58:04है और फ्री प्लेटफार्म है Facebook एड्स
58:07लाइब्रेरी का ठीक है तो एड्स लाइब्रेरी
58:10आपने विजिट करना है facebook.com एड्स
58:12लाइब्रेरी यह आपने लिंक विजिट करना है।
58:16ठीक है? उसके बाद यह फ्री है। आपको लॉग इन
58:19भी करना नहीं पड़ेगा। तो आपने सिंपली क्या
58:21करना है? पहले तो अपनी टारगेट कंट्री
58:23सेलेक्ट करनी है जो कि हमारी मिसाल
58:24यूनाइटेड स्टेट है। ठीक है? और उसके बाद
58:27आपने इसकी कैटेगरी को ऑल कर देना है और
58:30यहां पर वो प्रोडक्ट सर्च करना है जिससे
58:33रिलेटेड आप देखना चाहते हैं कि वो कुछ सेल
58:35हो रहा है या नहीं हो रहा। ठीक है? तो मैं
58:37यहां पर एक कीवर्ड डालता हूं और उसे सर्च
58:39करता हूं। तो अब देखिए मैंने मिसालें ये
58:42सर्च किया पैरेंटिंग डिजिटल प्लानर के नाम
58:44से। तो अब यहां देखें आप कि सबसे पहला
58:47हमें यह एक ऑप्शन नजर आ रहा है। यह हमारा
58:49एक ऐड है जो रन हो रहा है। मैंने इस पे सी
58:52ऐड डिटेल पर क्लिक किया। मुझे यहां पर फुल
58:54डिटेल यहां पर नजर आ रही है। अब इन्होंने
58:56क्या किया हुआ है कि इन्होंने एक जो है ना
58:59प्लानर सा बनाया हुआ है या एक गाइड गाइड
59:02सा बनाया हुआ है। चेक लिस्ट ट्रैकर टाइप
59:04की। ठीक है? क्या योर बेबी फर्स्ट ईयर के
59:07वो जो न्यू न्यू पेरेंट्स है उनके लिहाज
59:10से इन्होंने बनाया हुआ है और यह $1 $20
59:13में सेल कर रहे हैं। ठीक है? किसके ऊपर
59:15सेल कर रहे हैं? पे हिप के ऊपर। यह भी वही
59:17प्लेटफार्म है। जैसे मैंने आपको बताया था
59:19जैसे इट्स पे डिजिटल प्रोडक्ट सेल होते
59:20हैं। वैसे Pay हिप के ऊपर भी डिजिटल
59:22प्रोडक्ट सेल होते हैं। ठीक है? गम रोड के
59:24ऊपर पे हिप के ऊपर डिजिटल प्रोडक्ट सेल हो
59:27रहे होते हैं। ठीक है? तो देखिए यहां पर
59:29डिफरेंट ऑप्शन दिखा रहा है। तो इस पे अगर
59:31हम क्लिक करते हैं तो आपको नजर आएगा कि ये
59:34क्या चीज बेच रहा है और किस लिहाज से बेच
59:37रहा है। ठीक है? ये देखिए ये इसका डिजिटल
59:40हैंड बुक है डिजिटल प्रोडक्ट की। ठीक है?
59:42जो ये न्यू पेरेंट्स को सेल कर रहा है।
59:45ठीक है? और कितने में सेल कर रहा है? आपको
59:48नजर आ रहा है 19.99
59:50के अंदर। ठीक है? इस तरह से आपको उम्मीद
59:53है और भी देखने को मिलेंगे जब आप थोड़ा सा
59:57सर्च करेंगे। ये तो बस एक कीवर्ड है ना तो
59:59हम इससे रिलेटेड इससे सिमिलर और कीवर्ड्स
1:00:02भी जो है ना ट्राई करेंगे और हम उसके
1:00:05लिहाज से फिर देखेंगे कि हमारा बेस्ट जो
1:00:08प्रोडक्ट है हमारा जो बेस्ट कॉम्पिटिट है
1:00:10वो है कौन? ठीक है? अब ये एक हमें मिला है
1:00:13फिलहाल। ठीक है? इसके ये एक्टिव ऐड है। यह
1:00:16कौन से एक्टिव है जो इस वक्त रनिंग में
1:00:18है। कुछ ऐसे हैं जो इनक्टिव हो गए हैं।
1:00:21ठीक है? 260 ऐसे प्रोडक्ट टोटल प्रोडक्ट
1:00:24है टोटल ऐड है इससे रिलेटेड जो हमने सर्च
1:00:26किया है तो वो इसने अभी फिल्टर किया हुआ
1:00:29है ऑटोमेटिकली ना मैं फिल्टर आउट कर देता
1:00:31हूं तो आपको ये सारे ऐड देखने को मिलेंगे
1:00:33अपने सारे कंपटीिट देखने को मिलेंगे जो
1:00:36आपसे रिलेटेड चीजें सेल कर रहे हैं और वो
1:00:39किस प्राइस रेंज में सेल कर रहे हैं वह भी
1:00:42आपको यहां पर देखने को मिलेगा तो उससे
1:00:45आपको एक अंदाजा होगा कि आपने किस प्राइस
1:00:48में आप सेल कर सकते हो
1:00:51ठीक है? तो ऐसे आपको इस प्लेटफार्म के
1:00:54जरिए फ्री प्लेटफार्म के जरिए आप अपने
1:00:56कंपिटर रिसर्च भी कर सकते हो। अब देखिए
1:00:59यहां पर एक यह मिला है। अब आपको यहां पर
1:01:01नजर आ रहा होगा यह एक मिला है। यह क्या
1:01:04है? यह फाइव ईयर डिजिटल प्लानर है फॉर गुड
1:01:06नोट्स। ठीक है? यह गुड नोट्स के लिहाज से
1:01:09सेल्फ केयर किड्स और यह वो उसके लिहाज से
1:01:12यह प्रोडक्ट सेल किया जा रहा है। जो भी यह
1:01:15प्रोडक्ट है। ठीक है? इसके बारे में आप
1:01:17जानना है। आप समरी डिटेल पे जाएंगे
1:01:19क्योंकि यह ऐड इनक्टिव हो गया है इसलिए
1:01:22इसने कम दिखाया हुआ है। ठीक है? तो आप इस
1:01:24पे सिंपली क्लिक करेंगे। आपको उसकी
1:01:26वेबसाइट पे चले जाएंगे जहां पर यह सेल हो
1:01:28रहा था। ठीक है? यह क्या है? इसके बारे
1:01:29में आपको पूरा पता चलेगा। पेरेंट्स
1:01:32अल्टीमेट डिजिटल प्लानर है 2026 से 30 तक
1:01:35का। ठीक है? और उसके बारे में आपको यहां
1:01:38पर देखने को मिल जाएगा। किस प्राइस में
1:01:40बेच रहा है? यह अभी इसने ऑटो कन्वर्ट कर
1:01:41दिया पीकेआर में 6000 में। ठीक है? अगर आप
1:01:44इसको ऑटो कन्वर्ट नहीं करेंगे तो आपको यह
1:01:47और भी देखने को मिल सकते हैं। जो यूएस
1:01:49डॉलर है उसमें आपको इसकी अमाउंट मिल जाएगी
1:01:51जो कि 2025 मेरे ख्याल से बनेगी। ठीक है?
1:01:55तो यह डिफरेंट ऑप्शन यहां पर दिखा रहा है।
1:01:57यह अल्बानिया मैंने पता नहीं कौन सा
1:01:59सेलेक्ट कर लिया। तो इसलिए ये इस तरह का
1:02:01दिखा रहा था। मैं यूएस
1:02:06यूनाइटेड स्टेट कर लेता हूं। यह वेबसाइट
1:02:07कोई खास अच्छी नहीं बनाई हुई इन्होंने।
1:02:09ठीक है? इस वजह से शायद यह सही से नहीं
1:02:11चला पाए क्योंकि वेबसाइट सही से ओपन ही
1:02:14नहीं हो रही। तो यह $20 में तकरीबन सेल कर
1:02:17रहा है प्रोडक्ट को ना। ठीक है? तो आपको
1:02:20ऐसे अपने कंपटीिटर्स के बारे में भी पता
1:02:22चलेगा। वो क्या प्रोडक्ट बेच रहे हैं, किस
1:02:24लेवल का बेच रहे हैं और यह सब चीजें आपको
1:02:28एक ही जगह पर इस मीटा ऐड लाइब्रेरी में
1:02:30देखने को मिल जाएगी। ठीक है? तो मैंने
1:02:33आपको इसके अंदर तीन चीजें बता दी। ऑडियंस
1:02:36कैसे वैलिडेट करनी है, उसकी डिमांड को
1:02:38कैसे चेक करना है, प्रोडक्ट को कैसे देखना
1:02:40है कि ऑलरेडी सेल हो रहा है, आप भी सेल कर
1:02:42सकते हैं। ठीक है? और जो प्राइस में वो
1:02:43इट्स में कर रहे हैं, आप उससे ज्यादा
1:02:46प्राइस में इजीली आउटसाइड बेच सकेंगे। ठीक
1:02:49है? और तीसरा आप अपने कंपिटटर्स को कैसे
1:02:52फाइंड आउट कर सकते हैं। तो, यह मैंने एक
1:02:54प्रोसेस बताया है। लेकिन आपने एक कीवर्ड
1:02:56के ऊपर फोकस नहीं रखना कि बस एक ही कीवर्ड
1:02:59है जिसके ऊपर आपने फोकस रखना है। तो, ऐसा
1:03:01नहीं है। आप डिफरेंट चीजें सर्च करते
1:03:03रहेंगे। सारे पैरेंटिंग टेंपलेट्स मैं बोल
1:03:06सकता हूं। ठीक है? मैं पैरेंटिंग पीडीएफ
1:03:09बोल सकता हूं। जो डिजिटल फॉर्मेट के जितने
1:03:11भी ऑप्शन है मैं उन सबको अपने ऑडियंस के
1:03:13कीवर्ड के साथ ट्राई कर सकता हूं। तो अब
1:03:16देखिए अभी 63 इसके डिफरेंट ऐड है जो आपको
1:03:19देखने को मिल जाएंगे। ठीक है? तो ऐसे आप
1:03:22डिफरेंट-डिफरेंट कीवर्ड सिमिलर कीवर्ड आप
1:03:24ट्राई करोगे। आपको अपने कंपिटटर्स और
1:03:26दूसरी चीजें देखने को मिल जाएंगी
1:03:28इंशा्लाह।
1:03:31यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस कोर्स
1:03:35का मॉड्यूल फोर और इसमें हम बात करेंगे कि
Module 4 - How to Create Digital Products
1:03:38हम डिजिटल प्रोडक्ट असल में बनाते कैसे
1:03:41हैं? तो इस मॉड्यूल में हम डिटेल में
1:03:43देखेंगे कि हम डिजिटल प्रोडक्ट बनाते कैसे
1:03:45हैं? कौन सा प्रोडक्ट हमें बनाना है। इसे
1:03:47फाइनलाइज कैसे करते हैं। ठीक है? उसका
1:03:48स्कोप कैसे फाइनललाइज करते हैं और उसका हम
1:03:51देखते हैं कि हमें कौन सा प्लेटफार्म
1:03:52सेलेक्ट करना है जिसमें वो डिजिटल
1:03:54प्रोडक्ट हम बनाएंगे। एआई हमारी कैसे
1:03:55हेल्प कर सकता है? ये सारी चीजें हम इस
1:03:58मॉड्यूल के अंदर कवर करेंगे। इससे पहले कि
1:04:00हम अपना डिजिटल प्रोडक्ट बनाने पर बात
1:04:02करें। एक चीज जो आपको सबसे पहले डिसाइड
1:04:05करनी है वह है आपने कौन सा प्रोडक्ट बेचना
1:04:08है और मैं उम्मीद करता हूं पिछले मॉड्यूल
1:04:11के अंदर मॉड्यूल थ्री में आपने यह डिसाइड
1:04:13कर लिया होगा कि आपने किस ऑडियंस को बेचना
1:04:16है और उनकी कौन सी प्रॉब्लम को सॉल्व करना
1:04:19है और वो प्रॉब्लम जो सॉल्व कर रहे हैं आप
1:04:21वो किस टाइप के प्रोडक्ट के साथ आप सॉल्व
1:04:24करने वाले हैं। अब डिजिटल प्रक के बहुत
1:04:25सारी एग्जांपल है मैंने ये मॉड्यूल वन के
1:04:27अंदर आपको बताई थी। तो आप ये जब चीजें
1:04:29डिसाइड कर लेंगे आप किसके लिए बना रहे
1:04:31हैं। ठीक है? और किस टाइप का प्रोडक्ट बना
1:04:33रहे हैं। ये किस फॉर्मेट में बनाने वाले
1:04:35हैं। ये भी सब कुछ डिसाइड हो जाएगा। उसके
1:04:37बाद आगे के स्टेप्स आएंगे कि आपने
1:04:39प्रोडक्ट बनाना कैसे है। ठीक है? लेकिन ये
1:04:41चीज आपने पहले क्लियर करनी है। और ये हम
1:04:44मॉड्यूल थ्री में हमने देखा है कि आप कैसे
1:04:46कर सकते हो। कैसे डिमांड को चेक करोगे।
1:04:48कैसे आप अपने प्रोडक्ट को फाइनललाइज
1:04:50करोगे। अपने कंपिटटर को कैसे देखोगे? ये
1:04:52सारी चीजें हमने मॉड्यूल थ्री में बात की
1:04:55थी। ठीक है? तो आपने सबसे पहले ये चीज
1:04:57फाइनल करनी है कि आपने अपना प्रोडक्ट आखिर
1:04:59रखना कौन सा है? कौन सा प्रोडक्ट बेचना
1:05:01चाहते हैं। अब जब आप यह डिसाइड कर लेंगे
1:05:03कि आपने असल में प्रोडक्ट कौन सा बेचना
1:05:05है। उसके बाद नेक्स्ट स्टेप आएगा कि आप वो
1:05:07प्रोडक्ट बनाएंगे कैसे। अब इस डिजिटल
1:05:09प्रोडक्ट को बनाने के दो मेजर तरीके हो
1:05:12सकते हैं। पहला आप खुद बनाएं। यानी कि
1:05:14आपके पास वो स्किल है। ठीक है? जिसके ऊपर
1:05:17आप डिजिटल प्रोडक्ट बना सकते हो। ठीक है?
1:05:18ये ये मैं बार-बार स्टार्ट से कहता आ रहा
1:05:20हूं। अगर आप किसी चीज़ में माहिर हैं तो
1:05:22आपके लिए डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस स्टार्ट
1:05:24करना बहुत ज़्यादा आसान है। आप किसी भी चीज़
1:05:27में माहिर हैं, आप अपने उस ऑडियंस को
1:05:29टारगेट कर सकते हो। उन उनके जो पेन पॉइंट
1:05:31है उनको सॉल्व कर सकते हो। ठीक है? तो,
1:05:33अगर आप खुद बना सकते हो, तो बेहतरीन है।
1:05:36सबसे बेस्ट ऑप्शन यह है और सबसे लो कॉस्ट
1:05:39स्टार्टअप आपका यह साबित होगा अगर आप खुद
1:05:41बना सकते हो। प्लस एआई आपकी इसमें बहुत
1:05:43ज्यादा हेल्प कर सकती है और आगे जाके हम
1:05:45इस पे बात करेंगे। तो यह पहला मेजर तरीका
1:05:48है कि आपके पास खुद एक्सपर्टीज है और आप
1:05:50उसके ऊपर डिजिटल प्रोडक्ट को बना रहे हो।
1:05:52तो फिर दूसरा ऑप्शन होता है कि आप किसी को
1:05:54हायर कर लो और आपके लिए एक बेस्ट ऑप्शन यह
1:05:56है कि पाकिस्तान में आपको एक अफोर्डेबल
1:05:59प्राइस के अंदर अच्छे फ्रीलांसर उस स्किल
1:06:01के मिल जाते हैं जिनको आप हायर करके उनको
1:06:04पैसे देकर आप डिजिटल प्रोडक्ट बना सकते हो
1:06:06और ये आपकी वन टाइम इन्वेस्टमेंट होगी
1:06:09आपकी बेस्ट बिजनेस के लिए। ठीक है? तो ये
1:06:11एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। ठीक है?
1:06:13या तो आप खुद बना लें एआई की हेल्प से या
1:06:15फिर आप जो है ना किसी से बनवा लें। ठीक
1:06:17है? यह ऑप्शन पहला ऑप्शन बेस्ट जब बेहतरीन
1:06:20जब काम करेगा जब आप खुद उस एक्सपर्टीज में
1:06:23माहिर हैं। आपके पास एक स्किल है जिसमें
1:06:25आप महारत रखते हैं। ठीक है? अदरवाइज आपको
1:06:27थोड़ा मुश्किल हो सकती है। साथ ही एक चीज
1:06:30आप ज़हन में रखें आप बना सकते हैं वि द
1:06:32हेल्प ऑफ एi लेकिन फिर आपको एआई को अच्छे
1:06:35से इस्तेमाल करना आता हो। तो ईआई को अच्छे
1:06:37से इस्तेमाल करना भी एक स्किल है जो कि
1:06:39जाहिर सी बात है जरूरी है। तो पहला ऑप्शन
1:06:41यह है दूसरा आप किसी को हायर कर लें और
1:06:43मैं यकीन से कह सकता हूं आपको काफी
1:06:44मुनासिब प्राइस के अंदर आपको अच्छे
1:06:46फ्रीलांसर मिल सकते हैं। ठीक है? और जिनके
1:06:49जरिए आप काम ले सकते हो। ठीक है? तो ये दो
1:06:51ऑप्शन है डिजिटल प्रोडक्ट को बनाने के। तो
1:06:54मिसाल के तौर पर आप कोई भी ऑप्शन सेलेक्ट
1:06:56करने वाले हैं। लेकिन उससे पहले हम बात
1:06:58करते हैं कि हम अपने डिजिटल प्रोडक्ट का
1:06:59स्कोप कैसे फाइनललाइज करना है। आपको ठीक
1:07:01है? ये डिसाइड करें कि अब बनाना क्या है?
1:07:03आपने डिसाइड करना है कि एग्जैक्टली ये
1:07:05डिजिटल प्रोडक्ट में आपका होगा क्या जो आप
1:07:07डिलीवर करोगे। ठीक है? अब मिसाल ले लें कि
1:07:09हमने मॉड्यूल थ्री में देखा टीचर से
1:07:11रिलेटेड कुछ टेंप्लेट थे। पैरेंटिंग से
1:07:13रिलेटेड कुछ टेंप्लेट थे। उन्होंने क्या
1:07:15बनाया हुआ है? किसी ने स्प्रेड शीट बनाई
1:07:16हुई है। किसी ने टेंपलेट्स बनाए हुए हैं
1:07:18cवा डिज़ाइन के ऊपर या किसी भी जरिए। ठीक
1:07:20है? 10 के टेंपलेट है। 100 प्रोडक्ट का
1:07:22टेंपलेट है। 1000 प्रोडक्ट का टेंपलेट है।
1:07:24ये डिफरेंट चीज़ है। तो आपने एग्जैक्टली
1:07:26डिसाइड करना है आपके डिजिटल प्रोडक्ट में।
1:07:28असल में होगा क्या? क्या कुछ होगा इसके
1:07:30अंदर? ठीक है? मिसाल 50 ग्राफिक डिजाइनिंग
1:07:32के टेंप्लेट होंगे, रील आईडियाज होंगे,
1:07:34कैलेंडर होगा, क्या होगा? एग्जजेक्टली
1:07:36आपको स्कोप पता हो कि आपके प्रोडक्ट के
1:07:38अंदर क्या होने वाला है। ठीक है? फिर आप
1:07:40डिसाइड कर पाएंगे ना कि कौन-कौन से
1:07:42प्लेटफार्म यूज़ होंगे और कितना बजट आपका
1:07:44लग सकता है अगर आप किसी और को हायर करोगे
1:07:46तो। अब यहां पर कुछ लोग गलती क्या करते
1:07:48हैं कि मिसाल है एक पर्सन ने 1000
1:07:50प्रोडक्ट का एक टेंपलेट बनाया हुआ है तो
1:07:51वह भी सारी इन्वेस्टमेंट करने लग जाते हैं
1:07:53और 1000 प्रोडक्ट को जो है ना बनाना
1:07:56स्टार्ट कर देते हैं जिसमें टाइम भी लगता
1:07:58है और इन्वेस्टमेंट भी ज्यादा लग जाती है।
1:07:59इसके बजाय आपको क्या करना चाहिए? आपको एक
1:08:01मिनिमम विएबल प्रोडक्ट बनाना चाहिए। हम
1:08:05इसे शॉर्ट फॉर्म में एमवीपी कहते हैं।
1:08:07मिसाल के तौर पर आप 1000 प्रोडक्ट बनाएं।
1:08:09इससे बेहतर है आप 50 प्रोडक्ट बनाएं। ठीक
1:08:1150 प्रोडक्ट टेंपलेट बनाएं और उसे स्माल
1:08:14अमाउंट में एक छोटी चीप प्राइस के अंदर
1:08:16सेल करके देखें। देखें कि क्या वह सेल हो
1:08:18रहा है या नहीं हो रहा। अगर वह सेल हो रहा
1:08:20है फिर आप उसमें इंक्लूड करते जाएं। 50
1:08:22प्रोडक्ट और ऐड कर दें फिर और ऐड कर दें।
1:08:24फिर और ऐड कर दें और एक वक्त आएगा आपके
1:08:26पास 1000 या उससे ज्यादा प्रोडक्ट होंगे।
1:08:28इससे क्या होगा? आपकी इन्वेस्टमेंट
1:08:30स्टार्ट में कम लगेगी। 50 प्रोडक्ट अगर आप
1:08:32किसी चीज से बनवाते हैं तो वो कम
1:08:33इन्वेस्टमेंट लगेगी और 1000 प्रोडक्ट पे
1:08:35ज्यादा इन्वेस्टमेंट लगेगी। ठीक है? तो
1:08:37आपने स्माल लेवल से स्टार्ट करना है। ठीक
1:08:40है? उसे टेस्ट करना है अपने प्रोडक्ट को
1:08:41और उसके बाद आप उसमें और एडिशन कर सकते
1:08:44हो। तो अब जब आपने यह डिसाइड कर लिया कि
1:08:47आपके प्रोडक्ट का स्कोप क्या होगा? क्या
1:08:48कुछ आप उसमें डिलीवर करने वाले हो। ठीक
1:08:50है? और उसकी क्वांटिटी कितनी होगी? कितने
1:08:52प्रोडक्ट आप बनाने वाले हो। मैंने जैसे
1:08:54रिकमेंड किया स्माल आप स्टार्ट करें। ठीक
1:08:56है? थोड़ा कम से स्टार्ट लें आप। ठीक है?
1:08:58अब डिसाइड आपने करना है कि कौन-कौन से
1:09:00प्लेटफार्म ऐसे हैं जो आपकी इस प्रोडक्ट
1:09:03को बनाने में हेल्प कर सकते हैं। अब बहुत
1:09:05सारे प्लेटफार्म अवेलेबल हैं और काफी सारे
1:09:08प्लेटफार्म ऐसे हैं जो यूजर फ्रेंडली हैं।
1:09:10बड़े बिगिनर फ्रेंडली टाइप के प्लेटफार्म
1:09:12है। मसाले आपने टेंप्लेट्स बनाने हैं
1:09:14डिजाइनिंग के, कैलेंडर के किसी भी किस्म
1:09:16के आप cवा में बना सकते हो। आप जो है ना
1:09:18Google शीट्स में बना सकते हो। अगर आपने
1:09:20इस तरह की बनानी है। आप जो है सिग्मा में
1:09:23बना सकते हो। आप नोशन में बना सकते हो। आप
1:09:25जो है ना AOब की Photoshop इलस्ट्रेटर में
1:09:27बना सकते हो। ये डिपेंड करेगा आप किस टाइप
1:09:29का टेंपलेट बनाने वाले हो। इसी तरह अगर आप
1:09:31ई-बुक डिजाइन करने वाले हैं CV आपकी काफी
1:09:33हेल्प कर सकता है। Google DS आपकी हेल्प
1:09:35करेगा। ठीक है? आप इज़ली एक अच्छी ई-बुक
1:09:37बना पाएंगे। इसके अलावा अगर आप थोड़ा
1:09:39प्रोफेशनल लेवल पे जाएंगे तो फिर AOब इन
1:09:41डिज़ाइन आपकी काफी हेल्प कर सकता है इस चीज
1:09:44के अंदर। और अगर आप स्प्रेडशीट पर जाते
1:09:45हैं आप उसके लिए एक्सेल आपके पास है। आपके
1:09:48पास जो है ना Google शीट्स हैं। उसमें आप
1:09:51टेंपलेट बना सकते हो उस स्प्रेडशीट से
1:09:54रिलेटेड। और मिसाल है अगर आप कोर्स बनाना
1:09:56चाहते हो तो उसमें जाहिर सी बात है आपके
1:09:58पास कैमरा हो वो मोबाइल फोन भी हो सकता
1:10:00है। ठीक है? आपके पास कोई प्रीमियर prop
1:10:02टाइप के बेसिक एडिटिंग सॉफ्टवेयर हो तो
1:10:04फिर आप वो कोर्स लेवल का डिजिटल प्रोडक्ट
1:10:07बना पाओगे। यहां पर आपको एआई भी हेल्प कर
1:10:09सकती है। ठीक है? तो एआई भी आपके लिए काफी
1:10:11फायदेमंद साबित हो सकती है। और इसी तरह से
1:10:14और बहुत सारे ऑप्शन है। वीडियो एजट्स
1:10:16बनाने हैं आपने तो प्रीमियर pro और इस तरह
1:10:18के और ऑप्शन आ सकते हैं। और अगर सॉफ्टवेयर
1:10:20कोई बनाना है, आपने कोई एप्लीकेशन बनानी
1:10:22है तो फिर आपको एआई के सॉफ्टवेयर भी मिल
1:10:24सकते हैं। अगर आप खुद कोडिंग जानते हैं तो
1:10:26आप खुद बना सकते हो। तो ये चीजें सब
1:10:28डिपेंड करेंगी कि आप कौन से ऑप्शन को
1:10:30सेलेक्ट करने वाले हैं। आप खुद बनाएंगे
1:10:32एआई की हेल्प से या फिर आप किसी से
1:10:33बनवाएंगे। ठीक है? तो प्लेटफार्म बेतहाशा
1:10:36हो सकते हैं। आपने अपने ऑडियंस के लिहाज
1:10:38से आप उसको क्या डिलीवर करने वाले हैं? उस
1:10:40किस फॉर्मेट में डिलीवर करने वाले हैं?
1:10:42उसके लिहाज से आप प्लेटफॉर्म्स को सेलेक्ट
1:10:44कर सकते हो। और बेस्ट बात यह है आपके जो
1:10:46कंपिटिट ऑलरेडी सेल कर रहे हैं वो आपको
1:10:48आईडिया दे देंगे कि आपने असल में किस टाइप
1:10:50के प्लेटफॉर्म्स को यूज़ करना है। Google
1:10:52शीट को यूज़ करना है या फिर स्प्रेडशीट
1:10:54एक्सेल में बनानी है या फिर आपने Cवा यूज़
1:10:56करना है। आपके कंपटीिटर आपको खुद ये चीज
1:10:58इन चीजों का आईडिया दे देंगे अगर आपको
1:11:01नहीं पता तो। अदरवाइज अगर आप खुद एक्सपर्ट
1:11:03हैं तो आप जानते हैं कि आप कौन से टूल हैं
1:11:05जो आपने यूज करने हैं और जो खुद यूज करते
1:11:07हैं आप और आपका क्लाइंट यूज़ करना पसंद
1:11:09करता है। अगर हम बात करें एआई की तो एआई
1:11:12आपकी डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस में काफी
1:11:14हेल्प कर सकता है। यह आपके रिसर्च में
1:11:16हेल्प कर सकता है। यह आपको टेंपलेट को
1:11:17फाइनललाइज करने में हेल्प कर सकता है। यह
1:11:19आपकी जो है ना स्कोप को फाइनललाइज करने
1:11:20में हेल्प कर सकता है। यह आपके प्रोडक्ट
1:11:22टेंपलेट बनाने में आपकी हेल्प कर सकता है।
1:11:24ठीक है? बहुत सारे एआई टूल्स अवेलेबल है
1:11:27ऐसे जो आपकी काफी सारे प्रोडक्ट टेंपलेट्स
1:11:30को बनाने में उनको अरेंज करने में उनको
1:11:32डिजाइन करने में हेल्प कर सकते हैं। लेकिन
1:11:34जाहिर सी बात है हर टूल फ्री नहीं है। कुछ
1:11:37टूल पेड भी हो सकते हैं और ये डिपेंड
1:11:39करेगा आप किस टाइप का प्रोडक्ट बना रहे
1:11:42हो। ठीक है? लेकिन एi ऑलमोस्ट हर चीज में
1:11:44आपकी हेल्प कर सकता है और काफी सारे टूल
1:11:47फ्री है और फ्री वाले ही आपकी काफी हेल्प
1:11:50कर सकते हैं इस डिजिटल प्रोडक्ट इको
1:11:52सिस्टम के अंदर। ठीक है? तो आप जितना
1:11:54कोशिश हो सके आपकी आप एआई से फायदा
1:11:56उठाएंगे। लेकिन यहां पर एक वार्निंग मैं
1:11:59देना चाहूंगा कि टोटली एआई पर डिपेंड नहीं
1:12:02करना। ठीक है? क्योंकि लो क्वालिटी के
1:12:04डिज़ाइंस और लो क्वालिटी के टेंप्लेट्स भी
1:12:06एआई आपको बना के दे सकता है। ठीक है? अगर
1:12:08वो इजीली एआई के जरिए बन पा रहे हैं तो
1:12:11चांसेस हैं कि वो चीज शायद आपका जो कस्टमर
1:12:14है वो आपसे बाय करना ना चाहे। तो आपका
1:12:16डिज़ाइन ऐसा होना चाहिए। एआई की हेल्प जरूर
1:12:18लेंगे। लेकिन एक पावरफुल और खूबसूरत एक
1:12:21अच्छा प्रोडक्ट बनाएंगे जो आगे सेल हो। लो
1:12:24क्वालिटी के प्रोडक्ट एआई के जरिए बनाके
1:12:26आप बेच नहीं पाएंगे। काफी ज्यादा मुश्किल
1:12:29होगी आपको और इन केस आपने बेच भी दिया तो
1:12:31जब कस्टमर बाय करेगा उसके पास आएगा और वो
1:12:33लो क्वालिटी में होगा। ठीक है? तो फिर
1:12:35जाहिर सी बात है वो आपको रिफंड कर देगा।
1:12:37आपको जो है ना चार्ज बैक्स का सामना करना
1:12:39पड़ेगा जो आपके बिजनेस के लिए काफी
1:12:41नुकसानदा साबित हो सकता है। अच्छा अब जब
1:12:44आपके पास प्रोडक्ट बन जाए तो एक चीज ज़हन
1:12:46में रखना है आपने कि आपने मॉकअप्स बनाने
1:12:48हैं अपने प्रोडक्ट के। ठीक है? अपने
1:12:49प्रोडक्ट्स के मॉकअप्स बनाने हैं। क्योंकि
1:12:51जाहिर सी बात है जब हम उसको अपने स्टोर पर
1:12:54अपनी वेबसाइट के ऊपर लिस्ट करेंगे तो
1:12:55फ्रंट पे कुछ होगा। हम बैक साइड अंदर की
1:12:57जो कहानी है अंदर का जो डाटा है वो हम
1:12:59अपने कस्टमर को नहीं दिखाएंगे। बल्कि जो
1:13:01बैक साइड है फ्रंट है वह हमें दिखाना होता
1:13:03है। उसको हम मॉकअप कहते हैं। हम उसमें
1:13:05मॉकअप्स क्रिएट करते हैं। कुछ पीडीएफ की
1:13:07ईबुक की फॉर्मेट में मॉकअप्स बनते हैं।
1:13:09कुछ जो है ना लैपटॉप स्क्रीन पर मोबाइल
1:13:11स्क्रीन पर जो भी आपका प्रोडक्ट है उसके
1:13:13हम मॉकअप जनरेट करते हैं। और इसका बेस्ट
1:13:15सॉफ्टवेयर आपको cवा मिल जाएगा। आप cवा का
1:13:18फ्री या पेड प्लान ले सकते हो। पेड प्लान
1:13:20भी $89 का $8 का होता है महीने का। उसमें
1:13:23आप बेतहाशा टेंपलेट्स यूज़ करते हुए
1:13:25मॉकअप्स बना सकते हो। और मॉकअप्स बहुत
1:13:27ज़्यादा ज़रूरी हैं डिजिटल प्रोडक्ट को शो
1:13:29करके सेल करने में। ठीक है? तो मॉकअप्स
1:13:32आपने लाज़मी बनाना है। और उसके बाद एक चीज़
1:13:34जो आपने ज़हन में रखनी है, आपने अपने जो
1:13:36डिजिटल प्रोडक्ट है उसकी एक पैकेज फाइल
1:13:39बनानी है। मिसाल है जब कोई कस्टमर ऑर्डर
1:13:41करेगा, तो आप वो पैकेज पूरी फाइल उसको भेज
1:13:43सकते हो। ठीक है? ताकि किसी किस्म की भी
1:13:45कोई मिसिंग ना हो। तो ये चीज़ आपने मेक
1:13:47श्योर करनी है कि आप सारी चीज़ उसको प्रॉपर
1:13:49अंदाज में डिलीवर कर सको। अब वो ज़िप फाइल
1:13:51हो सकती है। वो Cवा की टेंपलेट है अगर तो
1:13:54उसका लिंक हो सकता है। ठीक है? वो कोई भी
1:13:56स्प्रेडशीट, एक्सेल शीट कुछ भी हो सकता
1:13:58है। लेकिन एक प्रॉपर पैकेज हो। आपको पता
1:14:00हो कि जो मैं प्रोडक्ट बेच रहा हूं उसमें
1:14:02मुझे क्या कुछ डिलीवर करना पड़ेगा। तो
1:14:04उसका आपने एक कंप्लीट पैकेज सा बना लेना
1:14:07है। और यह पैकेज आपको आगे भी काम आएगा जब
1:14:10आप अपनी वेबसाइट्स बना रहेगे और जब
1:14:12प्रोडक्ट डिलीवरी को हमें सेटअप करना है
1:14:14कि जैसे कोई हमें ऑर्डर करे तो वो
1:14:16प्रोडक्ट ऑटोमेटिकली उसके पास पहुंच जाए।
1:14:19उसके ईमेल पे पहुंच जाए। उसकी डाउनलोड वो
1:14:21कर सके। कुछ भी हो लेकिन वह ऑटोमेटिकली कर
1:14:24सके ताकि आपको प्रोडक्ट डिलीवरी की टेंशन
1:14:26ना लेनी पड़े। तो यह था हमारा कंप्लीट
1:14:29लेसन कि हम डिजिटल प्रोडक्ट कैसे बना सकते
1:14:32हैं। यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस
Module 5 - Digital Products Pricing & Offers
1:14:35का मॉड्यूल फाइव और इसके अंदर हम बात
1:14:39करेंगे प्राइसिंग ऑफर्स और डिजिटल
1:14:42प्रोडक्ट लाइसेंसिंग के बारे में। तो इस
1:14:44मॉड्यूल में सिंपल सा मैं आपको चीज़
1:14:46बताऊंगा कि आपने अपने डिजिटल प्रोडक्ट की
1:14:48प्राइसिंग कैसे रखनी है। उसकी बेस्ट
1:14:50प्राइसिंग एग्जांपल्स मैं आपको दूंगा।
1:14:52प्रोडक्ट लाइसेंसिंग के बारे में आपको
1:14:53समझाऊंगा। बोनसेस और ऑफर्स के बारे में
1:14:55मैं आपको बताऊंगा। तो सबसे पहला सवाल कि
1:14:58हम डिजिटल प्रोडक्ट की प्राइस रखते कैसे
1:15:01हैं? देखिए डिजिटल प्रोडक्ट की प्राइस
1:15:03रखने के डिफरेंट मेथड हो सकते हैं। जिनमें
1:15:07से चंद को मैं रिकमेंड करता हूं कि इन
1:15:09बातों का आपने ख्याल रखना है जब आप डिजिटल
1:15:11प्रोडक्ट का एक प्राइसिंग सेट कर रहे हो।
1:15:14सबसे पहली चीज आपने देखनी है कंपिटिट
1:15:16प्राइसिंग। कि आपका जो कंपटीिटर है आपकी
1:15:18मार्केट के अंदर किस प्राइस पे सेल कर रहा
1:15:20है। मिसाल है अगर आपका प्रोडक्ट यूनिक है
1:15:22और आपको कंपटीिट मिल ही नहीं रहा तो फिर
1:15:24जाहिर सी बात है आपके पास फर्स्ट मूवर
1:15:26एडवांटेज या फिर आपके कंट्रोल में है कि
1:15:28आप क्या प्राइस रखना चाहते हो। अगर आपको
1:15:30कोई कंपटीिट है ही नहीं तो वो उस उस
1:15:31मार्केट के अंदर सक्सेसफुली सेल नहीं कर
1:15:33रहा तो लेकिन बहरहाल हम देखते हैं कि
1:15:35हमारा कंपटीिट प्राइस है क्या? दूसरा हम
1:15:38देखते हैं वैल्यू बेस्ड प्राइसिंग। ठीक
1:15:40है? हम वैल्यू के बिहाफ पर प्राइस रखते
1:15:42हैं ना कि अपने नंबर ऑफ प्रोडक्ट के बिहाफ
1:15:44पर। हम देखते हैं कि हम कौन सी ऐसी वैल्यू
1:15:46अपनी ऑडियंस को प्रोवाइड कर रहे हैं। ठीक
1:15:48है? और वह उस ऑडियंस के लिए कितनी कीमती
1:15:51हो सकती है। वो जितनी उसके लिए कीमती है
1:15:53हम उसके लिहाज से प्राइस रख सकते हैं।
1:15:55मिसाल एक ऐसी प्रॉब्लम है जो $000 या उससे
1:15:58ज्यादा उसे कॉस्ट आ सकती थी। ठीक है? अगर
1:16:00वो आपका डिजिटल प्रोडक्ट बाय नहीं करता
1:16:02तो। ठीक है? अब उसको पता है हमें पता है
1:16:04कि $000 कॉस्ट आ सकती है। ठीक है? लेकिन
1:16:06हमारा जो कॉम्पिटिट है वो $10 में बेच रहा
1:16:08है। और हम जानते हैं इसकी वैल्यू $1000
1:16:11है। अब मैं यह नहीं कह रहा आप $1000 रखें।
1:16:13लेकिन आप $10 से ज्यादा रख सकते हो। आप
1:16:15$29 रख सकते हो। आप $49 रख सकते। क्यों?
1:16:18क्योंकि $49 $1000 के मुकाबले में एक चीप
1:16:21चीज है। ठीक है? वो देखेगा कि मुझे काफी
1:16:24अच्छी बचत हो रही है। मुझे $1000 कॉस्ट आ
1:16:27सकती थी और अब मुझे सिर्फ $49 में मिल
1:16:29जाएगा। ठीक है? तो हम वैल्यू के बिहाफ पे
1:16:31प्राइस रखते हैं। तीसरा पॉइंट जो हम देखते
1:16:34हैं वो है ऑडियंस की अफोर्डेबिलिटी। हम
1:16:36देखते हैं कि क्या हमारी ऑडियंस उस प्राइस
1:16:38को अफोर्ड भी कर सकती है या नहीं कर सकती।
1:16:40ठीक है? तो आपकी ऑडियंस पे डिपेंड करेगा।
1:16:42मिसाल है रियलस्टेट वाले हैं वो जाहिर सी
1:16:44बात है वो एक अच्छी ऑडियंस साबित हो सकती
1:16:46है आप उसमें ज्यादा हाई एंड प्रोडक्ट भी
1:16:48बेच सकते हो ज्यादा प्राइस वाला भी लेकिन
1:16:49एक स्टूडेंट है मिसाल है तो शायद वो
1:16:51स्टूडेंट उस लेवल की प्राइस अफोर्ड ना कर
1:16:54सके तो हमें देखना होगा कि हमारी जो
1:16:56ऑडियंस है उसकी अफोर्डेबिलिटी है कितनी वो
1:16:58किस हद तक पे ऑलरेडी कर रही है और वो पे
1:17:01कर सकती है। हम ये चीज देखते हैं। चौथा
1:17:03पॉइंट हमारा आता है प्रोडक्ट की क्वालिटी
1:17:05के ऊपर। हम देखेंगे कि हमारा प्रोडक्ट की
1:17:07क्वालिटी किस लेवल की है। मसाले हमारे
1:17:09कंपिटिट है या मार्केट में लो क्वालिटी का
1:17:11प्रोडक्ट सेल हो रहे हैं। ठीक है? एक
1:17:12प्राइस के ऊपर लेकिन हमारा प्रोडक्ट उनसे
1:17:14ज्यादा अच्छा है। हाई क्वालिटी का है। हम
1:17:16उसके लिहाज से प्राइस रखेंगे। और पांचवा
1:17:18पॉइंट है हमारा बिजनेस कॉस्ट। हम देखेंगे
1:17:20कि हमारा ओवरऑल बिजनेस कॉस्ट क्या आ रही
1:17:23है? हमारी एडवरटाइजिंग कॉस्ट क्या आ रही
1:17:24है? मार्केटिंग कॉस्ट क्या आ रही है। ठीक
1:17:26है? उसके लिहाज से भी हम अपनी प्राइस को
1:17:28एडजस्ट कर सकते हैं। तो ये चार पांच पॉइंट
1:17:30है जिसके बिहाफ पे हम फाइनलाइज करते हैं
1:17:32कि हमने अपने डिजिटल प्रोडक्ट की प्राइस
1:17:34रखनी क्या है? तो अगर मैं आपको कुछ
1:17:36एग्जांपल्स दूं तो सबसे पहले हम बात करते
1:17:39हैं लो टिकट की। ठीक है? लो टिकट प्रोडक्ट
1:17:41आपने बेचना है तो नॉर्मली आप $45 से लेकर
1:17:44$1 तक, $20 तक अपनी लो टिकट लेवल पर आप
1:17:48सेल कर सकते हो। यह ऐसी प्राइसिंग है जो
1:17:50ऑलमोस्ट हर ऑडियंस अफोर्ड कर लेती है अगर
1:17:53आप इंटरनेशनल मार्केट में चले जाए तो। ठीक
1:17:55है? तो यह एक लो जो है ना टिकट प्रोडक्ट
1:17:57की एग्जांपल होगी। दूसरा हम एक बात कहते
1:17:59हैं कोर टिकट। ठीक है? कोर ऑफर कह दो, कोर
1:18:02टिकट कह दो। इसमें क्या होगा? यह $90 से
1:18:05ऊपर की कहानी होगी। तो इसके अंदर आप $90
1:18:07$20 से लेकर आप $60, $70, $80, $79 इस
1:18:13लेवल पे रखते हो। और ज्यादातर हम ओल्ड
1:18:14प्राइस में रखते हैं। मिसाल इस हम $30 के
1:18:17हैं। इससे बेहतर है हम $29 रख। ठीक है?
1:18:19$30 की बजाय मैंने $29.99 रख दिया। यह
1:18:22साइकोलॉजी के लिहाज से ज्यादा परफेक्ट है।
1:18:24तो हम थोड़ा सा हम उर्दू में मैं बोलूं तो
1:18:26ताक तादाद में हम रखते हैं। 30 के बजाय हम
1:18:2929 रख देंगे। ठीक है? इसी तरह आप $60,
1:18:32$70, $79 इस लेवल तक आप जा सकते हो इस कोर
1:18:36ऑफर के अंदर। ठीक है? लेकिन ये एक हाई
1:18:38क्वालिटी अच्छे प्रोडक्ट्स इस लेवल पर सेल
1:18:41होते हैं। उसके बाद आते हैं हमारे
1:18:43प्रीमियम बंडल की कैटेगरी। मिसाल है 1000
1:18:45प्रोडक्ट है, 2000 प्रोडक्ट है, 10,000
1:18:47प्रोडक्ट है। प्रीमियम बंडल है आपके पास
1:18:49किसी भी ऑडियंस के लिए। ठीक है? तो इस
1:18:51टाइप के जो प्रोडक्ट है यह $70 प्लस में
1:18:53सेल होते हैं। 7080 प्लस से लेकर $100
1:18:56$200 यहां तक कि $300 तक भी यह प्राइस में
1:18:59जा रहे होते हैं और इजीली सेल हो रहे होते
1:19:02हैं। लेकिन वो उस वक्त जब आपको कोई
1:19:03प्रीमियम बंडल हो। ठीक है? जो बहुत बड़ी
1:19:06वैल्यू को और बहुत बड़े प्रॉब्लम को सॉल्व
1:19:08कर रहा हो। एक बेहतरीन वैल्यू प्रोवाइड कर
1:19:10रहा हो। और उसके बाद एक और कैटेगरी हमारी
1:19:12आती है वो होती है बी टू बी या कमर्शियल।
1:19:14यानी कि आप ऐसा प्रोडक्ट बना रहे हैं
1:19:16डिजिटल जो बी टू बी बिजनेस को हेल्प करने
1:19:18वाले। मिसाल है रियलस्टेट बिज़नेस को हेल्प
1:19:20करने वाला है या किसी भी ऐसे बिज़नेस को जो
1:19:22ज्यादा वैल्यू रखता है तो वह इस $200 $300
1:19:25से ज्यादा भी पे कर सकता है आपको उस
1:19:28प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए। यह मैंने
1:19:30चंद एग्जांपल दिए हैं। मैं यह नहीं कह रहा
1:19:32आप एग्जैक्टली इसी अंदाज में प्राइस को रख
1:19:34दें। मैंने चंद एग्जांपल दिए हैं। लेकिन
1:19:36आप अपनी प्राइस को रखते हुए जो मैंने चार
1:19:37पांच पॉइंट आपको पहले बताए थे, आपने उन
1:19:40बातों का ख्याल रखना है। मैं साथ ही आपको
1:19:43ना बंडल के भी बारे में भी बताता जाता
1:19:44हूं। मिसाल आप अपनी प्राइस को बढ़ाना
1:19:46चाहते हो। ठीक है? के थोड़ा ज्यादा में
1:19:48सेल करना चाहते हो। आप पहले $7 में बेच
1:19:50रहे थे। लेकिन आप चाहते हो कि आप $7 से
1:19:52ज्यादा चार्ज करो तो आप बंडल बना सकते हो।
1:19:54अपने टेंप्लेट्स का बंडल बना सकते हो। आप
1:19:5550 प्रोडक्ट का एक डिज़ाइन बेच रहे हैं।
1:19:57मिसाल है। आपने 50 प्रोडक्ट का डिज़ाइन एक
1:19:59और ऑडियंस के लिए बना दिया। एक और एंगल से
1:20:01बना दिया। एक डिफरेंट एंगल से बना दिया।
1:20:02आपने ऐसे 50-50 के दो-तीन सेट बना दिए। आप
1:20:05इन तीनों को कंबाइन चारों को कंबाइन करके
1:20:07एक बंडल सा बना सकते हो। ठीक है? आपने
1:20:09स्प्रेडशीट डाल दिया। आपने प्लानर डाल
1:20:10दिया। आप एक बंडल बना रहे हो। वो बंडल आप
1:20:12ज्यादा प्राइस में सेल कर पाओगे। ठीक है?
1:20:14सिंगल प्रोडक्ट कम प्राइस में सेल होगा।
1:20:16लेकिन जो बंडल होगा वह ज्यादा प्राइस में
1:20:19ईजीली सेल हो सकता है। तो आपने कोशिश करनी
1:20:21है अगर आप बना सकें तो आप बंडल्स बनाएं।
1:20:24ऑफर्स बनाएं अपने टारगेट ऑडियंस के लिए जो
1:20:26उनको अट्रैक्ट करें और वो उसको बाय कर सके
1:20:29और उनको उस बंडल के अंदर ज्यादा वैल्यू
1:20:32मिलनी चाहिए। ठीक है? ये चीज पॉइंट को
1:20:34हमेशा ज़हन में रखना है। अगर आपके कस्टमर
1:20:36को वैल्यू मिलेगी तो वो बाय करेगा। अगर वो
1:20:38वैल्यू नहीं मिल रही तो वो बाय नहीं
1:20:39करेगा। इसके अलावा अगर आप अपनी जो है ना
1:20:42कन्वर्जन रेट को बढ़ाना चाहते हो तो आप
1:20:44बोनसेस ऐड कर सकते हो। ठीक है? मिसाल है।
1:20:46आपने बंडल्स बनाए। ठीक है? लेकिन अब आप
1:20:48इंस्टेड ऑफ डिस्काउंट आपने बोनस डाल दिए।
1:20:50यानी कि डिस्काउंट देने की बजाय आपने बोनस
1:20:52दे दिया। ठीक है? चेक लिस्ट डाल दिया
1:20:53आपने। कोई और एक्स्ट्रा चीज डाल दी। इसकी
1:20:55एग्जांपल ले लें। फिजिकल प्रोडक्ट अगर
1:20:56मानो हो तो हम क्या कहते हैं? बाय टू
1:20:58प्रोडक्ट एंड गेट वन फ्री। दो प्रोडक्ट
1:20:59बाय करो एक फ्री में मिलेगा। इसी तरह
1:21:01डिजिटल प्रोडक्ट में हम क्या करते हैं? हम
1:21:02बोनस डाल देते हैं कि अगर आप बाय करोगे तो
1:21:04आपको ये बोनस एक्स्ट्रा फ्री में मिलेंगे।
1:21:06ठीक है? तो इससे भी हमारे प्रोडक्ट की
1:21:08प्राइस बढ़ाई जा सकती है। बंडल से भी,
1:21:10बोनसेस से भी। हमारे प्रोडक्ट की प्राइस
1:21:12को हम बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा एक
1:21:14मोस्टेंट स्टेप पे हम आते हैं। आप कोई ऐसा
1:21:17प्रोडक्ट बना रहे हैं जो आप आगे उन्हें
1:21:18रिसेल करने की इजाजत देते हैं। यानी कि और
1:21:21लोग उसे रिसेल कर सके। तो उसके लिए आप
1:21:24लाइसेंसिंग बना सकते हो। पर्सनल लाइसेंस,
1:21:26बिनेस लाइसेंस, कमर्शियल लाइसेंस ऐसे
1:21:29लाइसेंस की कैटेगरी बना सकते हो और उनकी
1:21:31प्राइस डिफरेंट रख सकते हो। पर्सनल मिसाल
1:21:32है $9 का है। बिज़नेस लोगे तो $49 का है।
1:21:35कमर्शियल लोगे तो मिसाल है वो $99 का है।
1:21:38आप ऐसे दो-तीन पैकेज बना सकते हो। लाइसेंस
1:21:41सेल कर सकते हो। ठीक है? और लाइसेंस सेल
1:21:43करने पर भी आपको फायदा होता है। इसके
1:21:45साथ-साथ आप कोई ऐसी डील बना सकते हो
1:21:47जिसमें आप उसको पर सेल में लाइसेंस ले रहे
1:21:50हो। यह बहुत यूनिक है और बहुत रेयर टाइप
1:21:52की लाइसेंस है। यानी कि आप उसको बोलते हो
1:21:54कि यार आप इसको $20 में बेचो, 50 में
1:21:56बेचो। मुझे फिक्स $1, $2 पर सेल आप हमें
1:22:00दोगे। यह लाइसेंस फी आपको हम इस बेस पर हम
1:22:03लाइसेंस देंगे अपने प्रोडक्ट का। ठीक है?
1:22:06लेकिन यह मैंने आपको जिसका रेयर है बहुत
1:22:08रेयर टाइप की प्रोडक्ट के ऊपर इस तरह के
1:22:10लाइसेंस सेल होते हैं और वो भी उस सूरत
1:22:12में जब वो आपका प्रोडक्ट बहुत ही कोई बहुत
1:22:14ही जबरदस्त है और और पर्सन उसे कॉपी नहीं
1:22:17कर पा रहा। ठीक है? यह मुश्किल है कॉपी
1:22:19करना तो आप उसकी लाइसेंस दे सकते हो जिससे
1:22:21आपको जाहिर सी बात है लॉन्ग टर्म में
1:22:23फायदा होगा। यानी कि आप अपने मार्केटिंग
1:22:25से से भी कमा रहेगे। प्लस और लोग भी आपको
1:22:28प्रोडक्ट बेचकर आपको पैसे दे रहे होंगे।
1:22:30तो प्रोडक्ट लाइसेंसिंग अगर आप किसी लिहाज
1:22:32से कर सको किसी भी मौके पर तो आपको करनी
1:22:35चाहिए। लेकिन यह एडवांस लेवल पर और बहुत
1:22:38रेयर चांसेस में ऐसा हो पाता है। और लास्ट
1:22:41में आपको एक लिस्ट सी बनानी चाहिए। एक चेक
1:22:44लिस्ट सी बनानी चाहिए जिसमें आप अपने
1:22:45कस्टमर को बताओ कि क्या वो आपके प्रोडक्ट
1:22:48के साथ क्या कुछ वो कर सकता है और क्या
1:22:49नहीं कर सकता। मिसाल है वो प्रोडक्ट को
1:22:51किसी भी लिहाज से यूज़ करें। अपने दोस्तों
1:22:53को ऐसे फ्री में दे दे। कुछ भी कर ले।
1:22:55लेकिन वो उसको रिसेल नहीं कर सकता। उसे
1:22:58बगैर अपने प्रोडक्ट का नाम देखकर उसका
1:23:00लोगो वगैरह चेंज करके बेच नहीं सकता। आप
1:23:03एक लिमिट सेट करेंगे। वो क्या कर सकता है
1:23:04और क्या नहीं कर सकता। और इस तरह का आप
1:23:06लिमिट सेट करके एक फाइल वगैरह बनाएंगे और
1:23:09वो भी अपने कस्टमर को डिजिटल प्रोडक्ट के
1:23:11साथ भेजेंगे कि आप यह चीज नहीं कर सकते।
1:23:14अगर आप ऐसा करोगे तो हमें हक होगा कि हम
1:23:16आप पर एक्शन ले सके। क्योंकि डिजिटल
1:23:18लाइसेंस डिजिटल प्रोडक्ट में सबसे बड़ा
1:23:19मसला यही आता है कि अगर आपका प्रोडक्ट
1:23:21बहुत अच्छा है और बहुत अच्छा चलने लग जाए
1:23:23तो आपके कंपटीिट उसे बाय करके खुद अपना
1:23:27नाम वगैरह देकर बेचना स्टार्ट कर देते
1:23:29हैं। लेकिन खैर यह प्रॉब्लम्स को आप इस
1:23:31अंदाज में हैंडल कर सकते हो और जब आपके
1:23:33पास अगर कुछ इख्तियार हो, पावर हो तो आप
1:23:35उनको लीगली भी एक्शन ले सकते हो। लेकिन
1:23:38आपने ऐसी फाइल बनानी है ताकि आप उनको बता
1:23:41सको कि आप क्या राइट्स हैं आपके यह
1:23:43प्रोडक्ट बाय करने के बाद और क्या आप नहीं
1:23:45कर सकते। ये दोनों चीजें आप उनको क्लियर
1:23:47करेंगे। यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट
Module 06 - Digital Products Delivery Setup
1:23:50बिजनेस कोर्स का मॉड्यूल सिक्स और इसमें
1:23:54हम बात करेंगे प्रोडक्ट डिलीवरी एंड
1:23:57ऑटोमेशन की या फिर आसान लफ्जों में आपको
1:23:59बताऊं तो हम बात करेंगे कि आपका जो कस्टमर
1:24:01है वो प्रोडक्ट आपसे बाय कैसे करेगा और उस
1:24:04तक यह प्रोडक्ट पहुंचेगा कैसे? क्योंकि सब
1:24:07कुछ डिजिटली हो रहा होगा। तो यह सब आपको
1:24:10पहले सेटअप करना पड़ता है। तो यह सारी
1:24:13चीजें हम अपने इस मॉड्यूल के अंदर कवर
1:24:15करेंगे। तो सबसे पहले हम बात करते हैं कि
1:24:17आपका कस्टमर आपके प्रोडक्ट को बाय कैसे
1:24:20करेगा। ठीक है? देखिए अपने प्रोडक्ट को
1:24:22सेल करने के बहुत से तरीके होते हैं। वैसे
1:24:25हम मार्केटिंग के मेथड आगे सीखने वाले
1:24:27हैं। बट अभी हम बात करने वाले हैं कि किस
1:24:29तरह से हम बेचेंगे। कोई प्लेटफार्म होगा,
1:24:32कोई मीडियम होगा जिस पर कस्टमर आके बाय
1:24:34करेगा। ठीक है? वह प्लेटफार्म डिफरेंट हो
1:24:37सकते हैं। एक ऑप्शन है कि आप पहले से
1:24:39मौजूद जो बड़े प्लेटफॉर्म्स हैं, मार्केट
1:24:41प्लेसेस हैं, उन पर अपना डिजिटल प्रोडक्ट
1:24:44बेचो। जैसे कि इटसे है। ठीक है? जो हमने
1:24:46इसमें यूज़ भी किया। गम रोड नाम की एक
1:24:48वेबसाइट है, php है। ठीक है? और दूसरे
1:24:51प्लेटफार्म है जो डिजिटल प्रोडक्ट सेल
1:24:53करने में आपकी हेल्प करते हैं। और आपको यह
1:24:56इंटरनेट पे काफी सारे मिल जाएंगे। बट उनकी
1:24:59फिर डिफरेंट रिक्वायरमेंट्स हैं जो आपको
1:25:01पूरी करनी होती है। फिर आप वह प्रोडक्ट उन
1:25:03पर अपने प्रोडक्ट को लिस्ट कर सकते हो और
1:25:05उनको इजीली कस्टमर को सेल कर सकते हो। बट
1:25:08दूसरा ऑप्शन है अपना खुद का ऑनलाइन
1:25:11प्लेटफार्म बनाना। अपनी खुद की ऑनलाइन
1:25:13वेबसाइट या स्टोर बनाना। तो उसमें क्या
1:25:16होता है? अब आपके पास कंट्रोल होता है।
1:25:18आपने डिसाइड करना है आप क्या आप प्राइस रख
1:25:21रहे होगे क्योंकि मार्केट प्लेस में जब आप
1:25:22बेचते हो तो और जो कंपटीिटर हैं उनके
1:25:25लिहाज से आपको प्राइस रखनी पड़ती है।
1:25:27लेकिन जब आप बात आएगी कि आप खुद जो है ना
1:25:30अपना प्लेटफार्म उधर ही बेच रहे हो तो
1:25:32उसमें फिर आपके पास एडवांटेज होती है कि
1:25:34आप अपने लिहाज से प्राइस रख पाते हो।
1:25:36लेकिन उसमें प्लेटफार्म में आप बहुत सारे
1:25:38प्लेटफार्मों की मदद से आप अपना खुद की
1:25:40वेबसाइट या स्टोर बना सकते हो। वो shoppाई
1:25:42है वो कोई सेल्स फनल हो सकता है वो
1:25:45वर्डप्रेस हो सकती है सेल्स फनल में क्लिक
1:25:46फनल हो सकता है गो हाई लेवल हो सकता है
1:25:48लाइट फनल्स हो सकता है बहुत सारे
1:25:50प्लेटफार्म है और ये सारे इनमें से किसी
1:25:52भी प्लेटफार्म को आप सेलेक्ट करके अपना
1:25:53प्लेटफार्म बना सकते हो अपनी खुद का स्टोर
1:25:56बना सकते हो अपनी वेबसाइट बना सकते हो और
1:25:58उसके जरिए आप अपने प्रोडक्ट को सेल कर
1:26:00सकते हो तो अब हम एग्जांपल लेते हैं कि
1:26:02हमारा जो डिजिटल प्रोडक्ट है वो कस्टमर तक
1:26:04कैसे पहुंचेगा डिलीवर कैसे होगा डिलीवरी
1:26:06कैसे वर्क करती है तो ये प्लेटफार्म अगर
1:26:07आपने मार्केट प्लेस लिया है तो वो सब खुद
1:26:09हैंडल कर लेते हैं आपने वो प्रोडक्ट डाल
1:26:11दिया अब जैसे ही कस्टमर बाय करेगा वो जो
1:26:13प्लेटफार्म है मिसाल इट्स है वो उसको ईमेल
1:26:15के जरिए या डाउनलोड लिंक के जरिए वो
1:26:18प्रोडक्ट दे देगा वो ऑन द स्पॉट 1 मिनट के
1:26:20अंदर उस प्रोडक्ट को डाउनलोड कर सकता है
1:26:22यूज कर सकता है इसने एक पूरा सिस्टम बनाया
1:26:24हुआ है कस्टमर आएगा उस प्लेटफार्म पर आपके
1:26:26प्रोडक्ट को देखेगा बाय करेगा पैसे पे
1:26:28करेगा इटसे को इटसे उस प्रोडक्ट को डिलीवर
1:26:30कर देगा ठीक है क्योंकि डिजिटली हो रहा
1:26:32होता है तो आपको इन्वेंटरी की टेंशन नहीं
1:26:33पड़ती आपको शिपिंग एंड डिलीवरी की टेंशन
1:26:35नहीं होती बस ये एक ऑटोमेटिक सेटअप होता
1:26:37है जब आप हो गया तो वो कर लेगा डिलीवर ठीक
1:26:39है ये प्लेटफार्म उन्होंने ऑलरेडी किया
1:26:41हुआ होता है। लेकिन जब आप बात आएगी अपने
1:26:42खुद के प्लेटफार्म की तो वहां पर आपको
1:26:44करना पड़ता है अपने प्लेटफार्म के जरिए।
1:26:46तो shoppire पे आपको बहुत सारी एप्स मिल
1:26:48जाती हैं जो आपकी डिजिटल प्रोडक्ट की
1:26:50डिलीवरी को हैंडल कर सकती हैं। आपको चंद
1:26:52सेटअप करना है और वो खुद हैंडल कर लेंगी।
1:26:54इसी तरह गो हाई लेवल, क्लिक फनल्स और लाइट
1:26:57फनल्स इनमें आपको ऐसे ऑप्शन मिलते हैं
1:26:59ऑटोमेशन के ईमेल ऑटोमेशन के। कि जैसे ही
1:27:02कस्टमर बाय करेगा उसको एक ईमेल चली जाएगी
1:27:04वो फौरन डाउनलोड कर पाएगा उस प्रोडक्ट को
1:27:06उस डिजिटल प्रोडक्ट को यानी। तो वह फ़ौरन
1:27:08उस डिजिटल प्रोडक्ट को बाय कर पाएगा। तो,
1:27:10यह सब कुछ ऑटोमेटेड हो रहा होता है। आपको
1:27:12कोई परेशानी की जरूरत नहीं होती। तो, मैं
1:27:14जो फोकस करता हूं, वह मोस्टली अपने खुद के
1:27:17प्लेटफार्म्स, अपनी वेबसाइट्स के ऊपर करता
1:27:18हूं। क्योंकि उसमें हमारे पास कंट्रोल
1:27:20होता है। हम जिस अंदाज में चाहे अपने
1:27:22प्रोडक्ट को बेच सकते हैं। जिस प्राइस पर
1:27:24चाहे बेच सकते हैं। हमें कोई कमीशन देना
1:27:26नहीं पड़ेगा और काफी फायदे हमें हासिल
1:27:29होते हैं। तो इसके लिए अब प्लेटफार्म आपने
1:27:31डिसाइड करना है। मिसाल है आप shoppाई करना
1:27:32चाहते हो तो मेरी शॉपिफाई के ऊपर स्टोर
1:27:35डेवलपमेंट के ऊपर बेतहाशा कोर्सेज मौजूद
1:27:37हैं। फ्री कोर्सेस भी मौजूद है, पेड भी
1:27:39मौजूद है। मैं फ्री का लिंक भी
1:27:40डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा और पेड कोर्स
1:27:41का लिंक भी डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा।
1:27:43आप उन दोनों में से किसी को भी सेलेक्ट
1:27:45करके एक बेहतरीन शॉप स्टोर बनाना सीख सकते
1:27:48हो। फ्री में भी या फिर थोड़ी सी अमाउंट
1:27:50इन्वेस्ट करके भी। आप अपना खुद का स्टोर
1:27:52बना पाओगे और बेच पाओगे। इसमें पूरा सारा
1:27:54सिस्टम है। फ्री कोर्स में भी, पेड में
1:27:56भी। दोनों में मुझे कोई मसला नहीं है। आप
1:27:58जो ऑप्शन सेलेक्ट करना चाहे आप अपनी मर्जी
1:28:00से कर सकते हो। तो शॉपिफाई स्टोर बना सकते
1:28:02हो आप या फिर अगर आप सेल्स फनल की तरफ
1:28:04जाते हो तो उसमें बहुत सारे सॉफ्टवेयर
1:28:06हैं। फिलहाल मेरा उसप कोई कोर्स या
1:28:08ट्यूटोरियल मौजूद नहीं है। लेकिन आने वाले
1:28:09वक्तों में मैं इंशाल्लाह उनके ऊपर
1:28:11ट्यूटोरियल बनाऊंगा। ठीक है? तो यह दो
1:28:13ऑप्शन आपको मिलते हैं। या तो आप खुद बना
1:28:15लें शॉपिफाई के ऊपर और या फिर इन
1:28:16प्लेटफार्म के ऊपर या फिर आप किसी से बनवा
1:28:18लें। और अगर आप हमसे बनवाना चाहते हैं तो
1:28:20मेरी एजेंसी का लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन
1:28:22में दे दूंगा। आप मेरी एजेंसी के जरिए
1:28:24हमसे कांटेक्ट कर सकते हैं। तो खैर मैं अब
1:28:27आगे आपको बताता हूं। मिसाल है आप अपने
1:28:28डिजिटल प्रोडक्ट अपने खुद के प्लेटफार्म
1:28:30पे बेचना चाहते हैं तो आपको चंद बातों का
1:28:32ख्याल रखना है। पहला आपका जो ऑनलाइन स्टोर
1:28:34है वो मोबाइल ऑप्टिमाइज होना चाहिए।
1:28:37मोबाइल फ्रेंडली होना चाहिए। ठीक है?
1:28:39रिस्पांसिव होना चाहिए। यानी कि वो किसी
1:28:41भी डिवाइस पे ओपन हो तो परफेक्टली काम कर
1:28:44रहा हो। उसमें कोई एरर ना आए। उसमें कोई
1:28:46टेक्स्ट छोटा बड़ा ना हो कि वो पढ़ा ही ना
1:28:48जाए। ठीक है? मुकम्मल ऑप्टिमाइज हो मोबाइल
1:28:51डिवाइस के ऊपर। क्योंकि हमारे 50 से 60%
1:28:53जो कस्टमर हैं वो मोबाइल यूजर होते हैं।
1:28:56ठीक है? मोबाइल यूजर होते हैं। वो मोबाइल
1:28:57के ऊपर बाय कर रहे होते हैं। तो इसलिए
1:28:59हमारा जो स्टोर है वो मोबाइल फ्रेंडली
1:29:01होना चाहिए। अदरवाइज हमें काफी नुकसान
1:29:04होगा। तो shopfi प्लेटफार्म है या फिर जो
1:29:06मैंने सेल्स पैनल की आपको एक लिस्ट से
1:29:08बताई है। यह सारे इस अंदाज में डिजाइन
1:29:10होते हैं कि इन इस पर आप मोबाइल फ्रेंडली
1:29:12स्टोर खुद बना सकते हो बगैर किसी कोडिंग
1:29:14के या टेक्निकल स्पेशल नॉलेज के। ठीक है?
1:29:16तो बट हमें ख्याल रखना है कि मोबाइल
1:29:18फ्रेंडली हो। दूसरा हमारे वेबसाइट की
1:29:20हमारे स्टोर की स्पीड अच्छी होनी चाहिए।
1:29:23तो और अगर हमारे वेबसाइट की हमारे
1:29:25प्लेटफार्म की स्पीड स्लो हो तो हम 50 से
1:29:2860% 70% तक कस्टमर को खो देते हैं।
1:29:31क्योंकि अगर हमारा स्टोर 5 सेकंड के
1:29:34अंदर-अंदर लोड नहीं हो रहा। 3 सेकंड या 5
1:29:37सेकंड के दरमियान में या तीन से पहले लोड
1:29:39नहीं हो रहा तो वो 50 से लेकर 70% तक आप
1:29:42कस्टमर्स को खो सकते हो। ठीक है? यानी कि
1:29:45आपका सारा बजट जाया हो रहा होगा जो आप
1:29:47मार्केटिंग पे खर्च कर रहे होगे। तो ये
1:29:49चंद मैं आपको अहम बातें बता रहा हूं। ठीक
1:29:50है? जिनका आपने ख्याल रखना है। मोबाइल
1:29:52रिस्पांसिव हो यानी कि ऑप्टिमाइज हो। आपकी
1:29:54वेबसाइट की जो स्पीड है वह पावरफुल होनी
1:29:57चाहिए। स्पीड फास्ट होनी चाहिए। स्लो आपका
1:29:59स्टोर नहीं होना चाहिए। आपकी जो पेमेंट है
1:30:02वो सेटअप होनी चाहिए प्रॉपर जिस भी कंट्री
1:30:04में आप सेल कर रहे हो। और जिस हद तक हो
1:30:06सके आपने अपने स्टोर को अपने प्लेटफार्म
1:30:09को सीआरओ ऑप्टिमाइज करना है। कन्वर्जन रेट
1:30:11ऑप्टिमाइज करना है। ताकि जितना ज्यादा
1:30:13आपको सेल मिल सके फायदा है। सीआरओ क्या
1:30:15होता है? साले आपका एक कस्टमर आपकी
1:30:16वेबसाइट पर आया। 100 कस्टमर आपकी वेबसाइट
1:30:18पे आए। तो उसमें कितने लोग बाय कर रहे
1:30:20हैं? ठीक है? अगर 1% बाय कर रहा है तो 1%
1:30:22कन्वर्जन रेट है। अगर 2% बाय कर रहे हैं
1:30:24तो ये 2% कन्वर्जन रेट है। 3% बाय कर रहे
1:30:26हैं तो ये 3% कन्वर्जन रेट है। ठीक है?
1:30:29जितना कन्वर्जन रेट ज्यादा होगा आपको उतना
1:30:31ज्यादा फायदा होगा। और टू बी ऑनेस्ट
1:30:33ऑनलाइन स्टोर के मुकाबले में सेल्स फनल का
1:30:35कन्वर्जन रेट ज्यादा होता है। ठीक है?
1:30:37सेल्स फनल ज्यादा अच्छे से कन्वर्ट हो
1:30:39पाते हैं। ठीक है? तो इन चंद बातों का
1:30:41आपने ख्याल रखना है। इस प्रोडक्ट डिलीवरी
1:30:43एंड ऑटोमेशन के अंदर या तो आप अपना कोई
1:30:45प्लेटफार्म सेलेक्ट कर लें। इट्स वगैरह या
1:30:46दूसरा तो अगर आपने लीगल सेटअप किया है
1:30:48एलएलसी वगैरह तो आप इन प्लेटफार्म पे भी
1:30:50सेल कर सकते हो। ठीक है? या फिर आप अपना
1:30:52खुद का प्लेटफार्म सेलेक्ट कर लें और उस
1:30:53सूरत में फिर आपको इन चीजों का ख्याल रखना
1:30:56होगा और अपना प्लेटफार्म खुद से बनाना
1:30:58होगा या किसी से बनवा लें। लेकिन एक
1:31:00बेहतरीन और अच्छा प्लेटफार्म आपको बनाना
1:31:02होगा। यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस
Last Module - Digital Products Selling Marketing Strategies
1:31:06कोर्स का लास्ट मॉड्यूल। और इस मॉड्यूल
1:31:10में हम बात करेंगे मार्केटिंग स्ट्रेटजीस
1:31:13की फॉर डिजिटल प्रोडक्ट। हम इसमें वह सारी
1:31:16मार्केटिंग स्ट्रेटजीस को डिटेल में
1:31:18डिस्कस करेंगे जिन मार्केटिंग स्ट्रेटजीस
1:31:21के जरिए आप डिजिटल प्रोडक्ट को प्रमोट कर
1:31:24सकते हो और उनसे सेल्स जनरेट कर सकते हो।
1:31:27मैं ना सिर्फ इनके बारे में बताऊंगा बल्कि
1:31:29जो इसकी मोस्टेंट मार्केटिंग स्ट्रेटजी है
1:31:32उसका मैं आपको फ्री कोर्सेज के लिंक्स भी
1:31:35प्रोवाइड करूंगा जिनके जरिए आप वो
1:31:38मार्केटिंग स्ट्रेटजी फ्री में सीख कर
1:31:40अपने डिजिटल प्रोडक्ट बिनेस को प्रमोट कर
1:31:43सकते हो। तो सबसे पहले हम बात करते हैं कि
1:31:45कितने टाइप्स की मार्केटिंग स्ट्रेटजीस
1:31:48पॉसिबल हैं एक डिजिटल प्रोडक्ट को प्रमोट
1:31:51करने के लिए। तो यहां पर एक चीज आप पहले
1:31:53क्लियर कर लें कि डिजिटल प्रोडक्ट में
1:31:56हमारे पास एक एडवांटेज है और वो एडवांटेज
1:31:58है हमारी कि हमारा प्रॉफिट मार्जिन
1:32:01ऑलमोस्ट 100% है। 99% या फिर 100% आपका
1:32:05प्रॉफिट मार्जिन होता है। और यह बेस्ट
1:32:07प्रॉफिट मार्जिन है किसी भी बिजनेस को
1:32:09प्रमोट करने के लिए। मिसाल है अगर हम कोई
1:32:12फिजिकल प्रोडक्ट लेते हैं तो हमारी कोशिश
1:32:14होती है कि हमारा प्रॉफिट मार्जिन 50 से
1:32:1670% के दरमियान कमज कम होना चाहिए। फिर हम
1:32:19एक ई-कॉमर्स बिज़नेस को एक फिजिकल प्रोडक्ट
1:32:22बिज़नेस को सही मायने में स्केल कर पाते
1:32:24हैं। लेकिन डिजिटल प्रोडक्ट में वो हमें
1:32:26खुद ही 100% मिल जाता है। ठीक है? तो ये
1:32:28एक ऐसी एडवांटेज है जो आपको बहुत फायदा
1:32:31देती है। प्लस आपको और जैसे फायदे पता है
1:32:33शिपिंग की टेंशन नहीं है, डिलीवरी की
1:32:35टेंशन नहीं है और वगैरह-वगैरह। तो इन सब
1:32:37एडवांटेजेस की वजह से डिजिटल प्रोडक्ट को
1:32:39मार्केट करना भी काफी हद तक आसान हो जाता
1:32:42है। ठीक है? और काफी प्रॉफ़िटेबल साबित
1:32:44होता है। तो खैर अब हम बात करते हैं कितने
1:32:46टाइप्स की मार्केटिंग पॉसिबल है। तो जैसे
1:32:48कि आप जानते हैं मार्केटिंग दो टाइप्स की
1:32:51होती है जो मेजर कैटेगरी है। पहला है
1:32:53ऑर्गेनिक। ऑर्गेनिक मार्केटिंग एक ऐसी
1:32:56मार्केटिंग की किस्म है जिसमें आप कंटेंट
1:32:58बनाते हो। बहुत सारा कंटेंट बनाते हो डेली
1:33:01बेसिस पर या मंथली बेसिस पर और उसके जरिए
1:33:04आप अपने जो प्रोडक्ट है उसको प्रमोट करने
1:33:07की कोशिश करते हो। ठीक है? इसमें क्या
1:33:09होता है? इसमें आपके पैसे सिर्फ वहां पे
1:33:11खर्च हो रहे होते हैं जो कंटेंट वगैरह बना
1:33:13रहे होते हैं। लेकिन आप प्लेटफॉर्म्स को
1:33:14पैसे नहीं भर रहे होते। वहां पर फ्री में
1:33:16आप कंटेंट डाल रहे हो और उस कंटेंट से
1:33:18ट्रैफिक और सेल्स जनरेट कर रहे हो। तो यह
1:33:21होती है हमारी ऑर्गेनिक मार्केट। दूसरी
1:33:23होती है हमारी पेड मार्केटिंग। पेड बारिंग
1:33:25में क्या होता है कि हम कंटेंट बनाते हैं।
1:33:27लेकिन अब फ्री में डालने के बजाय हम उसे
1:33:30प्लेटफॉर्म्स को पैसे दे देते हैं।
1:33:31Facebook ऐड रन करते हैं। TikTok ऐड,
1:33:33Google ऐड, YouTube ऐड जो भी प्लेटफार्म
1:33:35के ऊपर आपने प्रमोट करना है, आप सिंपली उस
1:33:37प्लेटफार्म को पैसे देते हैं और अपने उस
1:33:39कंटेंट को स्पीड में प्रमोट करके सेल्स
1:33:42जनरेट कर पाते हैं। ठीक है? ऑर्गेनिक में
1:33:43यह होता है कि आप कंटेंट बना रहे होते
1:33:45हैं। आपके पास कंट्रोल नहीं होता। आप अपनी
1:33:47बेस्ट कोशिश करते हो और फिर वो
1:33:49आहिस्ता-आहिस्ता ग्रो करता है।
1:33:50आहिस्ता-आहिस्ता वो स्केल करेगा, ग्रो
1:33:52करेगा। फिर आपको ट्रैफिक और सेल जनरेट
1:33:55करके देगा और इसमें आपको महीना 2 महीने 6
1:33:58महीने साल लग सकता है। डिपेंड ऑन कि आप
1:34:00किस हद तक अच्छे ऑर्गेनिक मार्केटर हैं।
1:34:04ठीक है? या फिर आपको कितनी अच्छी
1:34:05मार्केटिंग आती है ऑर्गेनिक। बट मेरे
1:34:06ख्याल इसमें टाइम लगता है और आप कंट्रोल
1:34:08नहीं कर पाते बहुत सारी चीजों को। दूसरी
1:34:10तरफ पेड ऐड में आप सिंपली पैसे देते हैं
1:34:13और आप स्पीड में यानी कि पहले दिन से ही
1:34:15आप ट्रैफिक और सेल्स जनरेट करवा सकते हो।
1:34:18ठीक है? यही दो मेजर कैटेगरी होती है और
1:34:20इनके अंदर फिर और बहुत सारी किस्में आ
1:34:22जाती है। मिसाल है ऑर्गेनिक के अंदर हम
1:34:24बात करें तो आपकी एसइओ आ जाती है। सोशल
1:34:26मीडिया ऑर्गेनिक कंटेंट आ जाता है। सोशल
1:34:28में TikTok का ऑर्गेनिक वीडियोस आ जाती
1:34:30है। Instagram की ये कंटेंट आ जाता है।
1:34:32YouTube का आ जाता है। यानी कि फ्री में
1:34:33आप किसी भी प्लेटफार्म पे जा सकते हैं।
1:34:35देखिए इस तरह से और भी कुछ कैटेगरीज आ
1:34:37जाती हैं जो ऑर्गेनिक में आती है हमारी।
1:34:40ठीक है? जिनमें टाइम लगता है और प्रॉपर
1:34:42आपको एफर्ट्स लगानी पड़ती है। फिर आपको
1:34:45कुछ टाइम बाद रिजल्ट्स मिलना शुरू होता
1:34:47है। इसमें एसइओ नंबर वन पे आता है कि अगर
1:34:49आप एसइओ प्रॉपर अच्छी एसइओ कर रहे हैं
1:34:51Google और एआई के जरिए तो आपको फ्री
1:34:53ट्रैफिक Google और एआई से मिल सकती है।
1:34:56दूसरा पेड मार्केटिंग के अंदर भी बहुत
1:34:58सारे चीजें आ जाती है। इसमें नंबर वन पे
1:35:00सोशल मीडिया मार्केटिंग है। पेड सोशल
1:35:01मीडिया मार्केटिंग जिसमें Facebook ऐड,
1:35:03TikTok ऐड, Instagram ऐड, YouTube ऐड,
1:35:05Google ऐड। यह Google ऐड सोशल में नहीं
1:35:06आता लेकिन डिजिटल में आता है। ठीक है? तो
1:35:08डिजिटल में Google ऐड आ गया हमारा। तो ऐसे
1:35:10बेतहाशा प्लेटफार्म है जिनके ऊपर आप पेड
1:35:12ऐड रन कर सकते हो। एक कैटेगरी पेड ऐड रन
1:35:15करने की। दूसरी जो पेड मार्केटिंग में आ
1:35:17जाती है वो इन्फ्लुएंसरर मार्केटिंग है।
1:35:19ठीक है? इन्फ्लुएंसरर मार्केटिंग है कि आप
1:35:21जो बड़े सेलेब्रिटीज या इन्फ्लुएंसर्स हैं
1:35:23आपकी कैटेगरी के लिहाज से आप उनको पैसे
1:35:25भरते हैं और आप उनसे कंटेंट बनवा के पोस्ट
1:35:27करवाते हैं उनके सोशल मीडिया पर। ठीक है?
1:35:29जो उनके फॉलोवर्स होते हैं वो उसको पसंद
1:35:31करते हैं और बाय करते हैं। ठीक है? तो ऐसे
1:35:33बहुत सारी कैटेगरीज हो जाती है। तो ऐसे
1:35:35बहुत सारी ये मार्किंग स्ट्रेटजी हो जाती
1:35:37है डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस के लिए। लेकिन
1:35:39खैर हम तरतीब से आते हैं और मैं वन बाय वन
1:35:41आपको बताता हूं कौन सी मार्किंग स्ट्रेटजी
1:35:43आपके डिजिटल प्रोडक्ट के लिए बेस्ट है और
1:35:45उसे आपने अप्लाई कैसे करना है, कैसे उसके
1:35:48ऊपर काम करना है। मैं आपको एक छोटा सा
1:35:50डायरेक्शन या रोड मैप सा आपको दूंगा सारे
1:35:53डिजिटल प्रोडक्ट की मार्केटिंग स्ट्रेटजीस
1:35:55का। तो नंबर वन पे जो आता है और रिकमेंडेड
1:35:58है और सबसे फास्ट तरीका है सेल जनरेट करने
1:36:01का वो है पेड ऐड का। ठीक है? पेड ऐड जैसे
1:36:04मैंने अभी आपको बताया बहुत सारे सोशल
1:36:05मीडिया प्लेटफार्म पर आप लगा सकते हो।
1:36:07आपने कोई एक प्लेटफार्म सेलेक्ट करना है।
1:36:09मैं नहीं कहता आपने सारे सेलेक्ट कर लेना
1:36:11है। नहीं आप एक प्लेटफार्म को सेलेक्ट
1:36:12करेंगे। वो Facebook ऐड हो सकता है, वो
1:36:14TikTok ऐड हो सकता है, वो YouTube ऐड हो
1:36:16सकता है, Google ऐड हो सकता है। कोई भी आप
1:36:19सेलेक्ट कर लें। बट एक प्लेटफार्म को
1:36:21सेलेक्ट कर लें। ठीक है? अगर आप मुझसे
1:36:23पूछे और आप कॉम्प्लिकेटेड नहीं बनाना
1:36:25चाहते अपने अभी आप बिगिनर हैं आप ज्यादा
1:36:28बखेड़ों में नहीं पड़ना चाहते तो आप या तो
1:36:30Facebook ऐड से स्टार्ट कर लें या फिर
1:36:31TikTok ऐड से स्टार्ट कर लें। ये दोनों
1:36:33आपको काफी फायदा दे सकते हैं। मिसाल अगर
1:36:35आपको वीडियो में थोड़ी सी मुश्किल आती है
1:36:37वीडियो बनाने में या इस तरह में तो आप फिर
1:36:39Facebook ऐड से स्टार्ट कर लें। आप इमेज
1:36:41बेस कंटेंट से भी अपने प्रोडक्ट को प्रमोट
1:36:43कर सकते हो और एआई उसमें आपकी काफी हेल्प
1:36:46कर सकता है। ठीक है? तो इसमें आपकी
1:36:47स्ट्रेटजी क्या होगी? आप एक प्लेटफार्म को
1:36:49सेलेक्ट करेंगे। अपनी एक ऑडियंस को आपने
1:36:51टारगेट करना है और यह मैं स्टार्ट से ही
1:36:52करता आ रहा हूं कि हमने बस एक ऑडियंस को
1:36:54फोकस करना है। उसकी एक प्रॉब्लम को हमें
1:36:56हल करना है। ठीक है? अगर आपने एक ऑडियंस
1:36:58उसकी एक प्रॉब्लम को का सशन बनाया है। ये
1:37:01तीनों चीजें मिलके काफी पावरफुल हो जाएंगी
1:37:03और आपका काम बहुत ज्यादा आसान हो जाएगा और
1:37:05इंशाल्लाह आपको सेल्स भी आएंगी और अच्छी
1:37:08सेल आएंगी। अच्छा प्रॉफिट होगा। बट आपने
1:37:10इन तीनों को मिक्स नहीं करना है। यानी कि
1:37:12ऐसा ना हो कि आपने बहुत सारी ऑडियंस
1:37:14सेलेक्ट कर ली। बहुत सारे प्रोडक्ट बना के
1:37:16और फिर आप ट्राई कर रहे हैं। तो ये
1:37:18रिकमेंडेड नहीं है। बिगिनर के लिए खास तौर
1:37:20पे है कि आप एक प्रोडक्ट पे फोकस करें। एक
1:37:21ऑडियंस की सशन, एक ऑडियंस की प्रॉब्लम को
1:37:24सॉल्व करें और एक प्लेटफार्म ऐड
1:37:26प्लेटफार्म एक सेलेक्ट कर लें आप। ठीक है?
1:37:27एक ही आपका मार्केटिंग मैसेज हो। ये सारा
1:37:29चीजें एक होनी चाहिए। फिर आपका काम आसान
1:37:32हो जाएगा। ठीक है? और आपके जो प्रॉफिट
1:37:35जनरेट करने के, सेल जनरेट करने के चांसेस
1:37:37है वो कई गुना बढ़ जाएंगे। ठीक है? तो
1:37:39आपने क्या करना है? एक प्लेटफार्म सेलेक्ट
1:37:41करना है। अब वो कोई भी हो सकता है। ठीक
1:37:42है? अब यहां पर सवाल आएगा आप करेंगे कैसे?
1:37:44आप रन कैसे करेंगे? अब मैं आपको बताता
1:37:46हूं। मेरा Facebook ऐड का कंप्लीट कोर्स
1:37:49मौजूद है मेरे चैनल के ऊपर फ्री में। ठीक
1:37:51है? उसका लिंक मैं डिस्क्रिप्शन में दे
1:37:52दूंगा। मेरा TikTok ऐड का कोर्स मौजूद है।
1:37:54उसका लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन में दे
1:37:55दूंगा। मेरा Google ऐड का कोर्स है। उसका
1:37:56लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन में दे दूंगा।
1:37:58और आप इन तीनों में से कोई भी एक सेलेक्ट
1:38:00कर लें और उस पर फोकस करें और फिर उसके
1:38:03ऊपर काम करें। ठीक है? आपने वीडियो देखनी
1:38:05है, प्रैक्टिस करनी है, वीडियोस देखनी है,
1:38:06प्रैक्टिस करनी है। ठीक है? तो ही आप
1:38:08कामयाबी तक जा पाएंगे। अगर आप वीडियोस
1:38:10देखते रहें और प्रैक्टिस ना करें या फिर
1:38:12सारी वीडियोस देख ली फिर एक महीने बाद
1:38:14जाके प्रैक्टिस करें और वो टूटी फूटी करें
1:38:16तो वो आपको कोई फायदा नहीं देंगे। तो आपने
1:38:18एक प्रॉपर तरीके से काम करना है और अगर आप
1:38:21और गहराई से डिटेल में मास्टर लेवल तक पेड
1:38:24ऐड सीखना चाहते हो तो मेरा रिसेंटली एक
1:38:26पेड ऐड का कोर्स स्टार्ट हुआ है मेरी
1:38:28प्राइवेट कम्युनिटी के अंदर। यह प्रीमियम
1:38:30कोर्स है पेड कोर्स है। ठीक है? अगर आप
1:38:32जॉइ करना चाहते हो तो उस एक कोर्स के जरिए
1:38:34आप Facebook ऐड भी सीख जाओगे। Instagram
1:38:35ऐड, TikTok ऐड ये तीनों प्लेटफार्म पर आप
1:38:38मास्टर लेवल तक पेड एडवरटाइजिंग सीख
1:38:40पाओगे। अगर आप वो कोर्स ज्वाइन करना चाहते
1:38:42हो तो उसका लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन में
1:38:44दे दूंगा। आप सिंपल से एक मेंबरशिप मेरी
1:38:46ज्वॉइ करके आप यह सारे कोर्स कर सकते हो।
1:38:49इसके अलावा भी उसमें कोर्स मौजूद है जो आप
1:38:51तकरीबन $5 के करीब पर मंथ के अंदर आप मेरी
1:38:55इस मेंबरशिप को ज्वॉइ कर पाओगे। और यह
1:38:57सारे कोर्सेज पेड ऐड भी और इसके अलावा जो
1:39:00कोर्सेस है वो सारे आप कर पाओगे। तो अगर
1:39:02आप पेड कोर्स के जरिए करना चाहते हो तो उस
1:39:04मेंबरशिप का लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन में
1:39:06दे दूंगा। तो यह तो हमारा ऑप्शन हो गया
1:39:08पेड ऐड मार्केटिंग का। ठीक है? दूसरा जो
1:39:10रिकमेंडेड ऑप्शन है वो है एफिलिएट
1:39:13मार्केट। ठीक है? यह ऑर्गेनिक टाइप की
1:39:15मार्केटिंग के अंदर आती है। इसमें होता
1:39:17क्या है? आप इसमें पैसे खर्च नहीं कर रहे
1:39:19बल्कि आप ऐसे इन्फ्लुएंसर्स को, ऐसे शॉर्ट
1:39:22इन्फ्लुएंसर्स को या कंटेंट क्रिएटर्स को
1:39:25आप ढूंढते हैं जो आपके प्रोडक्ट को प्रमोट
1:39:27कर सकें। बट यहां पर आता क्या है कि आप
1:39:29उसको पैसे नहीं देते बल्कि आप उसे कमीशन
1:39:32तय करते हैं। ठीक है? आप उसे कहते हैं कि
1:39:33अगर आप मेरे प्रोडक्ट को प्रमोट करोगे और
1:39:35जो आपके लिंक से सेल आएगी उस पर मैं आपको
1:39:3910% 20% 30% कमीशन दूंगा सेल के ऊपर। ठीक
1:39:42है? तो आपके कोई पैसे खर्च नहीं हो रहे।
1:39:45सेल्स के ऊपर आप उसको पैसे दे रहेगे। यह
1:39:47काफी पावरफुल तरीका है। लेकिन इसमें मेहनत
1:39:50भी वैसे ही लगती है और आपको एक एफिलिएट का
1:39:52सिस्टम सेटअप करना पड़ता है। ठीक है? तो
1:39:54कुछ प्लेटफार्म ऐसे हैं जिसमें आप यह सब
1:39:56कुछ ऑटो कर सकते हो। शॉपिफाई के ऊपर आपको
1:39:58ऐप मिल जाती है जिसमें आप यह एफिलिएट का
1:40:00सेटअप कर सकते हो। इसके अलावा अगर आप
1:40:02सेल्स फनल की साइट पे जाते हैं तो क्लिक
1:40:04फनल ऐसे सॉफ्टवेयर है कि इसमें आपको
1:40:05एफिलिएट ऑटो सेटअप करने का मौका मिलता है।
1:40:08ऑप्शन मिलता है कि आप ऑटोमेटिक एक एफिलिएट
1:40:10सिस्टम बना सकते हो जो आपके कस्टमर जो भी
1:40:12ऐसे एफिलिएट होंगे आपके आप उनको उसमें ऐड
1:40:15कर सकते हो और ये सारा ऑटोमेट हो जाएगा।
1:40:17ठीक है? तो क्लिक पनल भी एक काफी पावरफुल
1:40:18सॉफ्टवेयर है। लेकिन ये एक स्ट्रेटजी है।
1:40:20अगर आप पेड ऐड के बजाय फ्री पे जाना चाहते
1:40:22हो तो फिर आप एफिलिएट से स्टार्ट कर सकते
1:40:24हो। लेकिन इसमें आपको मेहनत करनी होगी कि
1:40:26आपने एक अच्छे कंटेंट क्रिएटर्स ढूंढने
1:40:28होंगे जो रेडी हो जाए आपके प्रोडक्ट को
1:40:30सेल करने के लिए। ठीक है? तो आसान काम
1:40:32नहीं है ये भी है मुश्किल काम बट अगर आप
1:40:34कर लेते हैं तो यह फ्री तरीका है और स्पीड
1:40:37में सेल दिलवा सकता है। यानी कि ऑर्गेनिक
1:40:38के अंदर भी यह स्पीड में सेल दिलवाने की
1:40:40पावर रखता है। उसके बाद अगर हम और स्टेप
1:40:42पे जाएं तो फिर वो पेड इनफ्लुएंसरर है। आप
1:40:45सिंपली उनको पे करें और आप उनसे कंटेंट
1:40:47बनवा लें। फिर बेशक आप लोग कमीशन दे या ना
1:40:49दे वो आपका कंटेंट बना के दे सकता है। ये
1:40:51तीसरी हमारी मार्केटिंग स्ट्रेटजी है।
1:40:53चौथी ऑर्गेनिक के अंदर अगर हम आए तो एसइओ
1:40:55है। ठीक है? आप अपने प्लेटफार्म की अपने
1:40:57वेबसाइट की प्रॉपर एसइओ करना स्टार्ट करें
1:41:00अपने उस एक डिजिटल प्रोडक्ट की। तो अगर आप
1:41:02Google के ऊपर अपने प्रोडक्ट को रैंक कर
1:41:04लेते हैं या एआई के जरिए आप रैंक कर लेते
1:41:06हैं चैट जीपीडी या फिर दूसरे जो हमारे एआई
1:41:09इंजन है उनके लिए तो फिर क्या होगा? आपको
1:41:11एक फ्री ट्रैफिक आना शुरू हो जाएगी। लेकिन
1:41:13यह लॉन्ग टर्म है। ये आपको फॉरेन सेल्स
1:41:16नहीं दिलवा पाएगा। ठीक है? आपको
1:41:17आहिस्ता-आहिस्ता काम करना होगा। 6 महीने
1:41:19साल लग जाते हैं इस टाइप के प्लेटफार्म के
1:41:22ऊपर। इस इस टाइप की मार्केटिंग स्ट्रेटजी
1:41:23के ऊपर। लेकिन फिर वह सेल आती है वो फ्री
1:41:26होती है। प्योर प्रॉफिट होता है। आपको कोई
1:41:28मार्केटिंग कॉस्ट हैवी नहीं आ रही होती।
1:41:30ठीक है? इसी तरह एक और अगर हम मार्केटिंग
1:41:32स्ट्रेटजी बात करें तो वो ऑर्गेनिक कंटेंट
1:41:33की है। ठीक है? आप सोशल मीडिया के ऊपर
1:41:35YouTube, Facebook, TikTok सबके लिए एक
1:41:37ऑर्गेनिक कंटेंट बनाएं। डेली बेसिस पर,
1:41:39मंथली बेसिस पर, वीकली बेसिस पर जो भी
1:41:41आपको सूट करता है और उसके जरिए आप
1:41:43आहिस्ताआहिस्ता सेल्स जनरेट करें। यह पांच
1:41:46मार्केटिंग स्ट्रेटजीज़ हैं। ठीक है? जिनसे
1:41:47आप अपने डिजिटल प्रोडक्ट को प्रमोट कर
1:41:49सकते हो। सेल्स जनरेट कर सकते हो। इनमें
1:41:52जो पहली है वह सबसे फास्ट है। दूसरी काफी
1:41:54पावरफुल है और फ्री भी है लेकिन और फास्ट
1:41:57भी है। बट इसमें मेहनत लगती है अगर आप कर
1:41:59लेते हैं फिर आप एफिलिएट मार्केटिंग में
1:42:00काफी पावरफुल एफिलिएट का सिस्टम बना
1:42:02पाओगे। थर्ड वह आपकी पेड इन्फ्लुएंसरर है।
1:42:05आप पेड पैसे भरें और सिंपली आप अपने
1:42:07इन्फ्लुएंसरर को के जरिए सेल्स ले सकते
1:42:09हैं। लेकिन इसके अंदर भी आपको बड़े
1:42:10एहतियात से इन्फ्लुएंसर्स को सेलेक्ट करना
1:42:13पड़ता है। इसके बाद हमने एसइओ की बात की
1:42:15तो अगर आप shoppाई पे है तो shoppi की कुछ
1:42:17एप्स ऐसी मिल जाती है जिसके जरिए आप खुद
1:42:19मैनुअली अपनी एसइओ कर सकते हो। बट उसमें
1:42:21टाइम लगेगा और आपको टाइम स्पेंड करना
1:42:24पड़ेगा। ठीक है? और फिफ्थ वन ऑर्गेनिक
1:42:26कंटेंट। ऑर्गेनिक कंटेंट बनाया और एआई
1:42:28इसमें आपकी काफी हेल्प कर सकती है। ठीक
1:42:30है? पांच मार्किंग स्ट्रेटजीज़ हैं। और
1:42:32इसमें जबरदस्त बात यह है कि मैंने जो आपको
1:42:33मेंबरशिप का लिंक दिया है डिस्क्रिप्शन
1:42:35में इसमें आप पेड ऐड भी सीखोगे। उस पेड ऐड
1:42:38में हम कंटेंट ईआई के जरिए कंटेंट क्रिएशन
1:42:40भी सीखेंगे। यानी कि आप एआई के जरिए
1:42:42कंटेंट क्रिएशन सीख जाओगे। जिससे आप अपनी
1:42:44जो फिफ्थ स्ट्रेटजी थी उसको भी आप स्टार्ट
1:42:46ले सकते हो। यानी कि ऑर्गेनिक कंटेंट की।
1:42:48आप ऑर्गेनिक कंटेंट भी काफी बड़ी तादाद
1:42:50में एआई की हेल्प से जनरेट करवा सकते हो।
1:42:52और उसमें कुछ सॉफ्टवेयर ऐसे भी होंगे जैसे
1:42:54चैट और दूसरे जो फ्री है। आप फ्री के अंदर
1:42:57कंटेंट बनवा पाओगे। ठीक है? तो हम उसमें
1:42:59इस तरह के सारे कोर्सेज वन बाय वन
1:43:02इंशाल्लाह करवाने वाले हैं। इसमें
1:43:03इन्फ्लुएंसरर मार्केटिंग भी आएगा, एफिलिएट
1:43:05मार्केटिंग भी आएगा। ठीक है? एफिलिएट के
1:43:06जरिए काम करवाने के लिए। ठीक है? और इसी
1:43:08तरह ऑर्गेनिक एसइओ और दूसरे कोर्सेस भी
1:43:10इसमें वन बाय वन आएंगे। अभी फिलहाल नहीं
1:43:12है। लेकिन फ्यूचर में हम उन सारे
1:43:14कोर्सर्सेस को इंशाल्लाह इस एक मेंबरशिप
1:43:17कम्युनिटी के अंदर डालेंगे जो आप अभी
1:43:19फिलहाल लिमिटेड टाइम के लिए $5 पर मंथ
1:43:22इयरली प्लान के अंदर आप ज्वॉइ कर सकते हो।
1:43:24यानी कि सालाना प्लान के अंदर। तो अगर आप
1:43:26जॉइन करना चाहोगे तो उसका लिंक मैं
1:43:27डिस्क्रिप्शन में दे दूंगा। तो यह था
1:43:29हमारा डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस का कंप्लीट
1:43:32कोर्स जिसके अंदर मैंने आपको गहराई से
1:43:34बताया है डिजिटल प्रोडक्ट होता क्या है?
1:43:35उसके कितने बिज़नेस मॉडल जो पॉसिबल है?
1:43:38डिजिटल प्रोडक्ट को कैसे फाइंड करना है?
1:43:39नीश कैसे सेलेक्ट करनी है। ठीक है? और इस
1:43:41तरह से हमने ये सारी चीजें पूरा डिजिटल
1:43:43प्रोडक्ट मार्केटिंग स्ट्रेटजी तक मैंने
1:43:45आपको बताया है और समझाया है। तो उम्मीद है
1:43:48आपको यह कोर्स पसंद आया होगा। अगर आपको
1:43:49किसी किस्म का भी मसले के सामने आई या
1:43:52आपको कोई सवाल है तो आप मुझसे कमेंट
1:43:53सेक्शन में पूछ सकते हैं। प्लस मेरी
1:43:54कम्युनिटी को ज्वाइन करके वहां भी पूछ
1:43:56सकते हैं। कम्युनिटी को ज्वाइन करना फ्री
1:43:58है। ठीक है? अगर आप उसका प्रीमियम प्लान
1:44:00लेते हैं तो फिर कोर्सेस का एक्सेस भी
1:44:01आपको मिल जाता है। तो जो कम्युनिटी आप
1:44:02ज्वाइन करके वहां पर भी मुझसे पूछ सकते
1:44:04हो। तो उम्मीद है आपको यह कोर्स पसंद आया
1:44:06होगा। मिलते हैं अपने किसी नेक्स्ट कोर्स
1:44:08के अंदर। तब तक के लिए अल्लाह हाफिज।