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Digital Product Business Full Crash Course 2026 - Beginners Guide To Success

M Husnain Qureshi · 22,761 words · 104 min read

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Introduction

0:00बिस्मिल्लाह रहमा रहीम। अस्सलाम वालेकुम।

0:02मैं मोहम्मद हसनैन कुरशी सीईओ एंड फाउंडर

0:0466 मार्केटिंग। और इस वीडियो के अंदर मैं

0:08आपको एक कंप्लीट कोर्स प्रोवाइड करने वाला

0:10हूं डिजिटल प्रोडक्ट के ऊपर कि आप डिजिटल

0:13प्रोडक्ट कैसे सेल कर सकते हो। पाकिस्तान

0:16के अंदर या फिर पाकिस्तान में रहते हुए

0:19किसी भी इंटरनेशनल कंट्री के अंदर यूएस,

0:22यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया किसी भी कंट्री

0:24में आप अपना डिजिटल प्रोडक्ट कैसे सेल कर

0:28सकते हो? तो यह कंप्लीट कोर्स होगा, एक

0:30कंप्लीट गाइड होगा फॉर बिगिनर्स जो

0:32बिल्कुल नहीं जानते डिजिटल प्रोडक्ट को या

0:34फिर जानते हैं लेकिन पता नहीं है स्टार्ट

0:36कैसे करना है, सेल कैसे करना है? तो उन

0:38सबके लिए यह कंप्लीट कोर्स साबित होगा

0:40इंशाल्लाह। तो इस कोर्स के अंदर मैं आपको

0:42गहराई से बताऊंगा कि डिजिटल प्रोडक्ट

0:44बिजनेस है क्या? उसकी फाउंडेशंस क्या है?

0:47कितने टाइप के बिजनेस मॉडल एंड डिजिटल

0:49प्रोडक्ट के अंदर? हम उन सारे बिजनेस मॉडल

0:51को कवर करेंगे। उसके बाद हम

0:53रिक्वायरमेंट्स देखेंगे। अगर आप पाकिस्तान

0:54में रहते हुए इंटरनेशनल मार्केट में करना

0:57चाहते हो तो उसकी क्या रिक्वायरमेंट है?

0:58पाकिस्तान में तो ऑलमोस्ट कोई

1:00रिक्वायरमेंट नहीं है। आप सिंपली स्टार्ट

1:01कर सकते हो। ठीक है? और उसको सिंपली सेल

1:04कर सकते हो अपने जैज कैश, इजी पैसा या

1:06बैंक ट्रांसफर के जरिए। लेकिन अगर आप

1:07इंटरनेशनल पे जाते हैं तो वहां पर हमें

1:09कुछ रिक्वायरमेंट्स का सामना करना पड़ेगा।

1:11तो उन रिक्वायरमेंट्स को आपने कैसे फुलफिल

1:14करना है, यह सब कुछ मैं आपको बताऊंगा।

1:16थर्ड हम बात करेंगे कि डिजिटल प्रोडक्ट को

1:18कैसे फाइंड करना है, कैसे नीश को वैलिडेट

1:20करना है, प्रोडक्ट को वैलिडेट करना है,

1:22ढूंढना कैसे है डिजिटल प्रोडक्ट? फ्री के

1:23अंदर फ्री टूल्स के जरिए वो मैं आपको

1:25सिखाऊंगा। फोर्थ में हम बात करेंगे कि

1:27डिजिटल प्रोडक्ट बनाना कैसे है? मिसाल

1:29हमने फाइंड कर लिया कि ये डिजिटल प्रोडक्ट

1:31है जो हमें सेल करना है। लेकिन अब सवाल ये

1:33आएगा कि आप ये बनाएंगे कैसे? ठीक है? एक

1:35डिजिटल प्रोडक्ट बनाने के कौन-कौन से

1:37तरीके हो सकते हैं? प्लस एआई आपकी कैसे

1:39हेल्प कर सकता है उस डिजिटल प्रोडक्ट में?

1:41ये मैं आपको बताऊंगा। और नेक्स्ट हम बात

1:44करेंगे कि इस डिजिटल प्रोडक्ट की

1:45प्राइसिंग कैसे सेट करनी है। ऑफर्स कैसे

1:47सेट करनी है? जो कस्टमर बाय करना चाहे। एक

1:50कंपेलिंग प्राइसिंग और ऑफर कैसे बनानी है

1:52वह हम डिस्कस करेंगे और उसके बाद हम बात

1:55करेंगे कि इस डिजिटल प्रोडक्ट को ऑटोमेट

1:57कैसे करना है? इसकी डिलीवरी को कैसे

1:58ऑटोमेट करना है कि जब कोई कस्टमर हमसे बाय

2:00करे इंटरनेशनल मार्केट का खास तौर पर तो

2:02प्रोडक्ट ऑटोमेटिकली उसके पास डिलीवर हो

2:05जाए। यानी कि आपको कुछ भी करना ना पड़े।

2:06सिंगल पर्सन आप पूरे बिनेस को हैंडल कर

2:09सके। आप आपको ऑर्डर प्रोसेसिंग की टेंशन

2:10ना हो। आपको शिपिंग डिलीवरी इन किसी चीज

2:12की टेंशन ना हो। तो हमें वो कैसे सेटअप

2:14करना है। कौन से प्लेटफार्म के ऊपर हम ये

2:16कर सकते हैं वो चीजें मैं आपको बताऊंगा।

2:18और लास्ट में हम बात करेंगे डिजिटल

2:20मार्केटिंग स्ट्रेटजी। कि हमारे डिजिटल

2:22प्रोडक्ट को सेल करने के लिए कितने टाइप्स

2:24की डिजिटल मार्केटिंग स्ट्रेटजीस पॉसिबल

2:26है और उनमें से बेस्ट कौन सी है और आपके

2:29लिए बेस्ट कौन सी है डिफरेंट बजट के लिहाज

2:31से वो हम डिस्कस करेंगे। तो इन शॉर्ट अगर

2:34मैं बात करूं तो ये कंप्लीट कोर्स होगा हर

2:36उस पर्सन के लिए जो डिजिटल प्रोडक्ट बिनेस

2:38स्टार्ट करना चाहता है। ठीक है? अगर आप

2:39बिल्कुल बिगिनर हैं आप जीरो से देखें। ठीक

2:41है? और अगर आप बिगिनर नहीं है, आपको बहुत

2:43सारी चीजें ऑलरेडी पता है तो फिर आप इसमें

2:45कुछ मॉड्यूल्स को स्किप भी कर सकते हो जो

2:47आपको मुनासिब लगे। वैसे मैंने कोशिश की है

2:50कि इस गाइड को इस कोर्स को मैं काफी हद तक

2:53कम से कम टाइम में कवर कर सकूं ताकि आप कम

2:56टाइम में ज्यादा नॉलेज और ज्यादा इनेशन

2:58हासिल कर सकें। तो मैं रिकमेंड करूंगा कि

3:00अगर आप हो सके तो आप इस कोर्स को मुकम्मल

3:02देखें। इंशाल्लाह आपको बहुत कुछ सीखने को

3:04मिलेगा। और अगर आपको किसी भी किस्म की कोई

3:06हेल्प चाहिए हो तो आप मुझसे कमेंट सेक्शन

3:08में पूछ सकते हैं या फिर आप मेरी फ्री

3:10कम्युनिटी को ज्वाइन करके भी पूछ सकते हो।

3:12और मेरी उस कम्युनिटी के अंदर आपको दो

3:13ऑप्शन मिलेंगे। एक फ्री का जिसमें आपको

3:15कम्युनिटी एक्सेस एक्सेस मिलेगा और मुझसे

3:17सवालात पूछने का मौका मिलेगा इंशाल्लाह।

3:19दूसरा प्रीमियम है जिसके अंदर मेरे सारे

3:21पेड कोर्सेज भी मौजूद है। इसके अंदर मेरा

3:24शॉप का कोर्स भी मौजूद है। मेरा पेड ऐड का

3:27कोर्स भी मौजूद है जिसमें Facebook ऐड,

3:28Instagram, TikTok ऐड सिखाना स्टार्ट किया

3:31है। और ये रिसेंटली हुआ है। मुकम्मल

3:32अपडेटेड कोर्स है। अभी भी इस वक्त

3:34कंटिन्यू चल रहा है वो। ठीक है? यानी कि

3:36अपडेटेड आप चीजें सीखेंगे शॉपिफाई का भी

3:39और पेड ऐड का भी। इसके अलावा भी मेरे काफी

3:41सारे कोर्स इसमें मौजूद हैं। कुछ फ्री है,

3:43कुछ पेड है। ठीक है? और भी एडवांस लेवल के

3:46कोर्सर्सेस इसके अंदर आएंगे। इंक्लूडिंग

3:48डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस का। तो डिजिटल

3:50प्रोडक्ट बिजनेस का भी मैं एडवांस लेवल का

3:52गहराई के साथ एक कोर्स बनाने वाला हूं

3:54इंशाल्लाह। और वह भी आप इस एक कम्युनिटी

3:57से ज्वाइन कर पाओगे। और बेस्ट बात यह है

3:59कि अभी मैंने ऑलमोस्ट 50% डिस्काउंट की

4:02मेरी ऑफर चल रही है। तो अगर आप इयरली

4:04प्लान चूज़ करते हैं तो आपको ऑलमोस्ट 50%

4:06डिस्काउंट मिल जाएगा। और आप एक साल के लिए

4:09मेरे सारे कोर्सेज एक ही प्लेटफार्म पर एक

4:12ही मेंबरशिप के ऊपर हासिल कर पाओगे। इस

4:14वक्त हमारी उस कम्युनिटी के अंदर तकरीबन

4:161800 प्लस लोग अल्हम्दुलिल्लाह मौजूद हैं

4:19जो कोई ना कोई कोर्स कर रहे हैं और सीख

4:21रहे हैं। तो अगर आप उस कम्युनिटी का

4:23हिस्सा बनना चाहते हैं तो उसका लिंक भी

4:24डिस्क्रिप्शन में आपको मिल जाएगा। तो चलिए

4:27हम अपने इस डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस कोर्स

4:29को स्टार्ट करते हैं। यह है हमारा डिजिटल

Module 1 - Digital Products Foundations

4:33प्रोडक्ट कोर्स का मॉड्यूल वन और इसके

4:36अंदर मैं आपको बताऊंगा डिजिटल प्रोडक्ट की

4:39फाउंडेशंस के बारे में कि डिजिटल प्रोडक्ट

4:42असल में होता क्या है? वो फिजिकल प्रोडक्ट

4:45से कैसे डिफरेंट होता है? कैसे मुख्तलिफ

4:47होता है? और साथ ही हम बात करेंगे कि

4:49डिजिटल और फिजिकल प्रोडक्ट बिज़नेस वर्क

4:52कैसे करता है? और साथ ही हम हर टाइप्स के

4:55अंदर हम डिफरेंट फॉर्मेट्स के ऊपर भी बात

4:57करेंगे डिजिटल प्रोडक्ट के डिफरेंट

4:59फॉर्मेट्स के बारे में। और लास्ट में हम

5:01बात करेंगे डिजिटल प्रोडक्ट्स के डिफरेंट

5:04बिजनेस मॉडल से रिलेटेड। डिजिटल प्रोडक्ट

5:06सिर्फ एक टाइप के बिजनेस मॉडल के ऊपर काम

5:08नहीं करता। आप डिफरेंट बिजनेस मॉडल

5:11सिलेलेक्ट करके डिजिटल प्रोडक्ट बना सकते

5:13हो। तो हम इन सब चीजों के बारे में इस

5:16मॉड्यूल के अंदर बात करेंगे। तो अगर आप

5:18बिल्कुल बिगिनर हैं तो यह मॉड्यूल 100% आप

5:21लोगों के लिए है कि आप जान सके कि डिजिटल

5:24प्रोडक्ट असल में होता क्या है। ठीक है?

5:26अगर आपको ये बुनियादें क्लियर ना हो तो

5:28आगे जो हमारा बिजनेस स्टार्ट करना है हमने

5:30उसमें काफी मुश्किलात आ सकती हैं। ठीक है?

5:33और अगर आप कहते हैं कि नहीं मुझे ऑलरेडी

5:35इन सारी बातों का पता है तो ठीक है कोई

5:37मसला नहीं है। आप इस मॉड्यूल वन को स्किप

5:39कर सकते हैं। अदरवाइज मैं आपको इंशाल्लाह

5:42दावे के साथ कह सकता हूं कि इसमें बहुत सी

5:44चीजें ऐसी होंगी जो शायद आपने ना सुनी हो।

5:46तो इसलिए बेस्ट है कि आप इस मॉड्यूल को

5:48पूरा देख लें। तो सबसे पहले हम बात करते

5:51हैं व्हाट इज डिजिटल प्रोडक्ट? डिजिटल

5:54प्रोडक्ट असल में होता क्या है? तो इसको

5:56समझने के लिए जरूरी है कि आपको एक चीज

5:58क्लियर हो कि फिजिकल प्रोडक्ट क्या होता

6:00है? ठीक है? मिसाल के तौर पर कोई भी ऐसा

6:03प्रोडक्ट जो आपके आसपास नजर आ रहा है।

6:05चाहे वो कैमरा है, वो हैट है, वो ये

6:07प्रोडक्ट है। ठीक है? या फिर ये माइक है,

6:09कुछ भी है जिस प्रोडक्ट को हम छू सकते

6:12हैं। ये आसान लफ्जों में मैं आपको बता रहा

6:14हूं। मैं ज्यादा टेक्निकल टर्म्स में नहीं

6:15जा जिस प्रोडक्ट को हम छू सकते हैं। ठीक

6:17है? इसको मैं पकड़ सकता हूं, छू सकता हूं।

6:19ठीक है? इसको मैं तोड़ सकता हूं, फेंक

6:20सकता हूं। ठीक है? तो इस तरह के जो

6:22प्रोडक्ट होते हैं, उसे हम फिजिकल

6:25प्रोडक्ट्स कहते हैं। ठीक है? और जो

6:27डिजिटल प्रोडक्ट होते हैं वो इसके अपोजिट

6:29होते हैं। ठीक है? ऐसे प्रोडक्ट जो

6:30डिजिटली तो वजूद में है लेकिन हम उन्हें

6:32फिजिकली छू नहीं सकते। ठीक है? ये मेजर

6:35डिफरेंस है और आसानी से आपको समझ में आ

6:38जाएगा। इसमें बहुत सारी किस्में होती है।

6:40मिसाल है इस वक्त आप मेरी वीडियो देख रहे

6:42हैं। यह एक प्रोडक्ट है। एक डिजिटल

6:44प्रोडक्ट है जो आप देख रहे हैं। ठीक है?

6:46इसको आप देख सकते हैं, सुन सकते हैं,

6:48लेकिन आप इसे छू नहीं सकते। आप मोबाइल को

6:50छू सकते हैं जिसमें आप देख रहे हैं। लेकिन

6:52इस वीडियो को नहीं छू सकते। ठीक है? तो

6:54इसे डिजिटल प्रोडक्ट कहते हैं। और इसकी

6:57बहुत सारी फॉर्मेट्स हैं जो हम आगे जाके

6:59बात करने वाले। ठीक है? तो उम्मीद है आपको

7:01ये फर्क समझ में आया होगा कि डिजिटल

7:03प्रोडक्ट असल में होता क्या है। ठीक है?

7:05और फिजिकल प्रोडक्ट दोनों में क्या फर्क

7:06है? तो उम्मीद है कि आपको यह क्लियर हो

7:08गया होगा कि डिजिटल प्रोडक्ट क्या होता

7:10है। तो अब हम बात करते हैं कि डिजिटल

7:12प्रोडक्ट जो बिजनेस है यह वर्क कैसे करता

7:15है? इसकी एक वर्किंग फ्लो असल में है

7:17क्या? तो इसको मैं फिर से फिजिकल प्रोडक्ट

7:20जो बिज़नेस है उसके साथ साथ कंपेयर करता

7:22हूं ताकि आपको आसानी से समझ आ सके। मिसाल

7:25के तौर पर अगर हमें कोई फिजिकल प्रोडक्ट

7:27बेचना है, मैं इसकी एग्जांपल ले लेता हूं।

7:29ठीक है? अगर मुझे इस प्रोडक्ट को बेचना है

7:30तो सबसे पहले मुझे इसे या तो मैन्युफैक्चर

7:33करना होगा, बनाना होगा खुद से या फिर मैं

7:35होलसेल में इसे बाय करूंगा। ठीक है? और

7:37इसकी इन्वेंटरी को अपने पास स्टॉक करूंगा।

7:40ठीक है? तो वर्क फ्लो समझना है आपने। पहले

7:42एक प्रोडक्ट बनाया गया। उसकी इन्वेंटरी को

7:44स्टॉक किया गया। उसके बाद मैंने इसे

7:47ऑनलाइन स्टोर पे लिस्ट किया। ठीक है? और

7:49जब कस्टमर हमारे पास आएगा, यह बाय करेगा

7:51ऑर्डर। ठीक है? और हम उस प्रोडक्ट को

7:54पैकेज करेंगे, पैक करेंगे अच्छे से। उसके

7:57बाद हम उसको डिलीवर करेंगे यानी कि

7:59शिपमेंट हमें देखनी है। वो डिलीवरी उस

8:01कस्टमर तक जाएगी। वो उसे एक्सेप्ट करेगा।

8:03ठीक है? तो ये एक प्रोसेस है ई-कॉमर्स का

8:05यानी कि फिजिकल प्रोडक्ट सेलिंग का। लेकिन

8:08जो डिजिटल प्रोडक्ट सेलिंग है वो थोड़ी सी

8:10अपोजिट है। अपोजिट कैसे है? कि आपने एक

8:12बार प्रोडक्ट बना लिया। आपको कोई

8:14इन्वेंटरी नहीं चाहिए। प्रोडक्ट आपने एक

8:16बार बना लिया। आप हजारों लाखों लोगों को

8:18सेल कर सकते हो। लेकिन फिजिकल प्रोडक्ट

8:20में आप अगर हजार लोग को बेचना चाहते हो तो

8:22आपके पास हजार प्रोडक्ट होने चाहिए। अगर

8:24आप 1 लाख लोगों को बेचना चाहते हो तो आपके

8:25पास 1 लाख प्रोडक्ट होने चाहिए। आपको

8:27जाहिर सी बात है उतनी ही इन्वेस्टमेंट

8:29करनी पड़ेगी इसको मैन्युफैक्चर करने या

8:31होलसेल में लेने की। ठीक है? लेकिन डिजिटल

8:33में एक बार आपने प्रोडक्ट बना लिया उसमें

8:35जितने भी टाइम या इन्वेस्टमेंट आपकी लगी

8:37वो लग गई। अब उस प्रोडक्ट को आप बेच सकते

8:39हो। ठीक है? अब इसमें क्या होता है कि

8:40आपने एक प्रोडक्ट बनाया उसको अपने स्टोर

8:43पर अपनी वेबसाइट पर लिस्ट किया। कस्टमर

8:44आएगा उसको पे करेगा। ठीक है? और ऑन द

8:46स्पॉट जैसे ही वो पे करेगा वो जो प्रोडक्ट

8:48है वो उसके ईमेल पर या उसकी जो भी डिलीवरी

8:51का एक ऑप्शन होगा फौरन इंस्टेंटली उसके

8:53पास पहुंच जाएगा और वो उसे रिसीव कर लेगा।

8:55ठीक है? यह इस हद तक फास्ट होता है ना

8:57आपको इन्वेंटरी होल्ड करनी पड़ी ना आपको

8:59उसको डिलीवरी शिपिंग की टेंशन लेनी पड़ी

9:01और ना ही आपको फिर बाद में उसके रिफंड

9:04रिटर्न टाइप की चीजों को मैनेज करना

9:06पड़ेगा बाद में रिटर्न को खास तौर पे

9:07क्योंकि फिजिकल में रिटर्न भी आती है तो

9:09ये चीज मेजर डिफरेंस है कि डिजिटल

9:12प्रोडक्ट कैसे काम करता है आपका एक

9:13प्रोडक्ट होगा ऑनलाइन स्टोर होगा या

9:15वेबसाइट होगी आप कस्टमर आएगा उसे खरीदेगा

9:17ऑन द स्पॉट फौरन चंद मिनट या चंद सेकंड के

9:20अंदर वो प्रोडक्ट उसके पास डिलीवर हो

9:22जाएगा ठीक है तो ये इसका मेजर तरीका है कि

9:24डिजिटल प्रोडक्ट काम कैसे करता है? अब

9:26यहां पर एक सवाल पैदा होता है कि हम

9:29डिजिटल प्रोडक्ट को क्यों सेल करें? व्हाई

9:31वी सेल डिजिटल प्रोडक्ट? बड़े आसान सा

9:34इसका आंसर है और कुछ मैं ऑलरेडी आपको बता

9:37चुका हूं। सबसे पहली चीज समझे। आपको एक

9:39बार बनाना है लाइफ टाइम आप सेल कर सकते

9:42हैं। जब तक पॉसिबल है सेल करना क्योंकि हो

9:44सकता है कोई ऐसी चीज आप बेच रहे हैं जो

9:45दो-ती साल बाद आपको अपडेट करने की जरूरत

9:47है। उसको थोड़ा बेहतर बनाने की जरूरत है।

9:50तो आपको दो-ती साल एटलीस्ट बेच सकते हो।

9:51चाहे हजार लोग हो, 10,000 लोग हो, लाख हो,

9:531 मिलियन हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। एक बार

9:55आपने बनाया है और आप बार-बार बेच सकते

9:57हैं। यानी कि आपको इन्वेंटरी मैनेज करने

9:58की जरूरत नहीं है। आपको डिलीवरी, शिपिंग

10:00एंड डिलीवरी मैनेज करने की जरूरत नहीं है।

10:02100% प्रॉफिट मार्जिन होता है आप। ठीक है?

10:04यानी कि आपने एक बार बना लिया, उसके बाद

10:05आप बेचते रह। मसाल आपने $000 लगा के एक

10:07बार प्रोडक्ट बना लिया। ठीक है? अगर आपने

10:10उसकी प्राइस $10 भी रखी, प्योर प्रॉफिट

10:12है। अब आपको एक्स्ट्रा कोई कॉस्ट नहीं आ

10:14रही। ठीक है? आपको कोई एक्स्ट्रा कॉस्ट

10:15नहीं आ रही। ठीक है? ये मैं आपको ग्रॉस

10:18प्रॉफिट की बात कर रहा हूं। नेट प्रॉफिट

10:19की बात नहीं कर रहा। ठीक है? अब आप उसको

10:20मिसाल है $10 का आप बेच रहे हैं। आपने 100

10:23लोगों को बेचा $000 की कॉस्ट आपकी आ गई जो

10:26कॉस्ट आई थी आपको। उसके बाद जितने लोगों

10:28को भी आप बेच रहे हैं वो प्योर प्रॉफिट

10:29है। ठीक है? वो आपका एक प्योर प्रॉफिट है।

10:32बािस्बत फिजिकल प्रोडक्ट है। फिजिकल

10:33प्रोडक्ट आपने 1000 को बेच रहे हैं तो

10:35आपको 1000 बार बनाना पड़ेगा या खरीदना

10:37पड़ेगा। वो इन्वेंटरी आपको स्टॉक में रखनी

10:40पड़ेगी। मिसाल है आप $10 की एक प्रोडक्ट

10:41बेच रहे हैं तो चांसेस है आप होलसेल पर या

10:43फिर खुद बना रहे हैं तो $23 में आपको

10:45कॉस्ट आ रही है। ठीक है? तो 1000 लोगों को

10:47बेचना है तो $23000 की आपको इन्वेस्टमेंट

10:49करनी पड़ेगी। $1 लाख लोगों को बेचना है तो

10:51फिर आपको $2000 की इन्वेस्टमेंट करनी

10:53पड़ेगी। ये मैं आपको सिंपल और बगैर

10:55कैलकुलेशन के एग्जांपल दे रहा हूं। ठीक

10:57है? कैलकुलेशन आप खुद कर लेना। तो ये चंद

10:59मैंने अभी आपको बेनिफिट्स बताए जिसमें

11:02मैंने आपको बताया आपको कोई इन्वेंटरी बाय

11:04करने की होल्ड करने की जरूरत नहीं है।

11:05आपको स्टॉक रखने की जरूरत नहीं है। एक बार

11:07बना लिया आप बार-बार बेच सकते हो। आपको

11:09डिलीवरी या शिपिंग की टेंशन लेने की जरूरत

11:10नहीं है। आप लोकली नहीं इंटरनेशनल मार्केट

11:12में भी सेल कर सकते हो। इंस्टेंट डिलीवरी

11:14होगी। स्पीड में डिलीवरी होगी। कस्टमर

11:16भागेगा नहीं। इंतजार नहीं करना पड़ेगा

11:18कस्टमर को। और सबसे बेस्ट बात आप

11:20पाकिस्तान या दुनिया के किसी भी कोने में

11:22एक लैपटॉप और इंटरनेट रखते हुए आप इसको

11:25इजीली कहीं से भी कर सकते हो। ठीक है?

11:27आपको कोई ह्यूज बड़ी टीम की जरूरत नहीं

11:30पड़ती। वक्त के साथ आप और ज्यादा बढ़ा रहे

11:32हो तो उसमें एक अलग पॉइंट है। लेकिन आप

11:34सिंगल पर्सन भी इसको स्टार्ट कर सकते हो।

11:36ठीक है? तो ये चंद बेनिफिट्स बताएं कि

11:38क्यों हमें डिजिटल प्रोडक्ट को सेल करना

11:40चाहिए। इसके अलावा भी बहुत सारे बेनिफिट्स

11:42पॉसिबल हो सकते हैं। अच्छा तो अब हम बात

11:45करते हैं टाइप्स ऑफ डिजिटल प्रोडक्ट। ठीक

11:47है? डिजिटल प्रोडक्ट की बहुत सारी टाइप्स

11:49हैं और उन टाइप्स के अंदर डिफरेंट

11:51फॉर्मेट्स हैं। ठीक है? वीडियो की मैंने

11:53एग्जांपल दी थी आपको। वीडियो एक फॉर्मेट

11:54है। ठीक है? इसके अंदर बहुत सारे फॉर्मेट

11:56हो सकते हैं। वो ई-बुक हो सकती है। वो

11:58पीडीएफ फॉर्मेट हो सकता है। वो ऑडियो या

11:59म्यूजिक हो सकती है। ठीक है? वो कोई गाइड

12:01हो सकती है। कुछ भी हो सकता है। ठीक है?

12:03मैं टाइप्स के अंदर इसको डिवाइड किया

12:05मैंने और उसके लिहाज से मैं आपको बता रहा

12:06हूं। फॉर्मेट्स बहुत सारे होंगे। मैंने

12:08टाइप्स में डिवाइड किया। डिफरेंट मिसाइल

12:10स्किल के लिहाज से या बिज़नेस और कैटेगरी

12:12के लिहाज़ से। तो, सबसे पहले हम बात करते

12:13हैं डिज़ाइन प्रोडक्ट्स। तो, यह प्रोडक्ट

12:15यह डिजिटल प्रोडक्ट ऐसे पर्सन के लिए है

12:17जो डिज़िंग को जानता है, डिजाइनिंग में

12:19महारत रखता है। तो वो इस टाइप के डिजिटल

12:21प्रोडक्ट बना के सेल कर सकता है। ठीक है?

12:23वो टेंपलेट्स बना सकता है। cवा टेंपलेट्स,

12:25AOब के टेंप्लेट्स, Photoshop के

12:27टेंपल्लेट्स, इलस्ट्रेटर के टेंपल्लेट्स,

12:28इन डिडज़ के टेंपल्लेट्स। ये मैं

12:30सॉफ्टवेयर्स के नाम बता रहा हूं। इसके

12:31अंदर वो फोंट्स को बेच सकता है। वो

12:33आइकॉन्स को बेच सकता है। वो इमेजज़ को बेच

12:35सकता है। ठीक है? एज अ टेंपलेट वो बेच रहा

12:37है। ठीक है? एज अ इमेज, एज अ जो है ना

12:40फोंट वो इस सब चीजों को सेल कर सकता है।

12:42ये डिजाइन के प्रोडक्ट्स की कैटेगरी में

12:44बता रहा हूं मैं आपको। और ये ऐसे लोग

12:45खरीदेंगे जो जाहिर सी बात है डिजाइनिंग

12:47करना चाहते हैं लेकिन वो अभी इस माहारत

12:48में नहीं पहुंचे। जिस हालत में वो पर्सन

12:50है और वो उस चीज को एज अ डिजिटल प्रोडक्ट

12:52सेल कर सकता है। दूसरी टाइप आती है हमारी

12:55बिनेस प्रोडक्ट्स की। इसमें एक्सेल के

12:57टेंप्लेट आ सकते हैं। MS Excel के MS Word

12:59के आ सकते हैं। Powpoin की प्रेजेंटेशंस

13:01वगैरह आ सकती है। Google की शीट्स आ सकती

13:03हैं। इसमें प्लानर्स वगैरह आ सकते हैं।

13:05ठीक है? के बिज़नेस प्लानर्स टाइप के होते

13:07हैं। और इसके अलावा भी इसमें और बहुत सारे

13:09ऑप्शंस पॉसिबल हैं। जैसे इनवॉइस टेंपल्लेट

13:12आ सकते हैं। बिनेस के डॉक्यूमेंट्स वगैरह

13:14टाइप की कैटेगरी आ सकती है। एसओपी के

13:15टेंप्लेट्स आ सकते हैं। ये मैं आपको

13:17टाइप्स गिनवा रहा हूं। इस तरह के और भी

13:19बहुत सारे हैं। मैं आपको टाइप्स बताता हूं

13:21और साथ ही जो चीजें पॉसिबल है उसके अंदर

13:23जो फॉर्मेट्स पॉसिबल है वो मैं आपको

13:25साथ-साथ स्क्रीन पर शो करवाता जाऊंगा।

13:28इसके अलावा इसके अंदर एजुकेशनल प्रोडक्ट्स

13:30के टाइप्स हैं। इसमें ई-बुक्स आ जाती हैं,

13:32गाइड्स आ जाती हैं और कुछ पॉइंट्स इसके

13:34अंदर पॉसिबल हैं। यह मैं सिर्फ चंद बता

13:36रहा हूं आपको जो आपको स्क्रीन पे शो हो

13:38रहे होंगे। इसके अलावा भी पॉसिबल है। ठीक

13:40है? मैं आपको ये मेजर टाइप्स के अंदर जो

13:42फॉर्मेट्स हैं वो बता रहा हूं मैं आपको।

13:43उसके बाद एक और टाइप आ जाती है क्रिएटर

13:45प्रोडक्ट्स की। ठीक है? ये क्रिएटर्स के

13:47लिए है। मसाले कोई वीडियोग्राफर है, कोई

13:50फोटोग्राफर है या इसी तरह से रेलेवेंट कोई

13:52स्किल है उसके पास तो वो उसके टेंप्लेट्स

13:54सेल कर सकता है। वो स्टॉक फोटो स्टॉक

13:56वीडियो सेल कर सकता है। म्यूजिक स्टॉक

13:58म्यूजिक वगैरह सेल कर सकता है। इसके वैसे

14:00वेबसाइट्स भी बहुत सारी मौजूद है ऐसी

14:01चीजों को सेल करने की और वो अलग से भी

14:03अपने डिजिटल प्रोडक्ट के तौर पर सेल कर

14:05सकता है। इसके अलावा इसके अंदर

14:07प्रोडक्टिविटी प्रोडक्ट्स आ जाते हैं। इआई

14:09से रिलेटेड अब प्रोडक्ट्स पॉसिबल है।

14:11टेक्निकल प्रोडक्ट्स इसके अंदर पॉसिबल है।

14:13ठीक है? तो मैंने ये आपको छह सात टाइप्स

14:15बताई है डिजिटल प्रोडक्ट्स की और उसके

14:17अंदर जो चीजें आप सेल कर सकते हो वो भी

14:20मैं साथ-साथ आपको बता भी रहा हूं और आपको

14:23स्क्रीन पे भी शो करवा रहा हूं। इन केस

14:24अगर आपको मेरी बात समझ ना आए तो आप

14:27एटलीस्ट स्क्रीन पे देख सके या फिर इस

14:29वीडियो को पॉज करके आप उसकी स्क्रीनशॉट ले

14:32सकते हैं। तो अब हम बात करते हैं इसके

14:34मोस्टेंट पार्ट की वो है टाइप्स ऑफ डिजिटल

14:38प्रोडक्ट बिनेस मॉडल्स। ठीक है? कितने

Digital Products Business Models

14:40टाइप के बिज़नेस मॉडल्स पॉसिबल हैं। तो मैं

14:42उन बिज़नेस मॉडल को आपको एक्सप्लेन करता

14:44हूं। सबसे पहला है वन प्रोडक्ट स्टोर या

14:46फिर हम इसे सिंगल प्रोडक्ट स्टोर भी कह

14:48सकते हैं। यानी कि एक ऐसा प्रोडक्ट बनाया

14:49आपने। इतना स्ट्रांग बनाया जो वो एक

14:51प्रोडक्ट आप हजारों लोगों को लाखों लोगों

14:54को सेल कर रहा है। ठीक है? तो ये चीज भी

14:55पॉसिबल है और टू बी ऑनेस्ट काफी फोकस रहता

14:58है पर्सन अगर वो इस टाइप के बिज़नेस से

15:00स्टार्ट करता है। उसके बाद वो आगे और ऐड

15:02कर सकता है। बट स्टार्ट कर रहा है वो

15:03सिंगल प्रोडक्ट के साथ और उस एक डिजिटल

15:06प्रोडक्ट को वो सेल कर रहा है वर्ल्ड वाइड

15:08बगैर किसी लैंग्वेज बैरियर के या फिर

15:11कस्टम की टेंशन के या दूसरी चीजों के

15:13टेंशन के। दूसरी टाइप है मल्टी प्रोडक्ट

15:15स्टोर। यानी कि आप ऐसा स्टोर बनाएं जो आप

15:17किसी एक टाइप के पर्सन के लिए बना रहे

15:18हैं। उसके अंदर फिर आप डिफरेंट-डिफरेंट

15:20डिजिटल प्रोडक्ट डाल रहे हैं। मिसाल के

15:21तौर पर हम डिज़ की बात करते हैं। डिज़ के

15:23रिलेटेड प्रोडक्ट का आपने एक स्टोर बनाया।

15:25उसमें आप मिसाल है Cवाv ट्लेट्स डाल रहे

15:27हो। आप उसमें AOब के टेंपल्लेट्स डाल रहे

15:29हो। आप उसमें लोगो किट्स डाल रहे हो।

15:30ब्रांड किट्स डाल रहे हो। ठीक है? और इसी

15:32तरह से फोंट्स वगैरह डाल रहे हो। ये सब

15:34क्या है? ये एक ही किस्म के डिजिटल

15:35प्रोडक्ट्स हैं। लेकिन अब सिंगल प्रोडक्ट

15:37स्टोर नहीं है। ये मल्टी प्रोडक्ट ये

15:39मल्टी ऑडियंस स्टोर टाइप का बन गया। इस

15:41टाइप का बिज़नेस मॉडल भी काफी पॉपुलर है।

15:44ठीक है? और आप एक टाइप की ऑडियंस के लिए

15:46बहुत सारे प्रोडक्ट्स सेल कर रहे होते हो।

15:48इसके अलावा एक और बिज़नेस मॉडल इसी के अंदर

15:50पॉपुलर है वो है बंडल्स का। यानी कि जो

15:52मल्टीप्रक्ट स्टोर है उसका मिलाकर बंडल

15:54बना दिया। ठीक है? और वो फिर सेल हो रहा

15:56है। मिसाल है 50 Cवा टेंपलेट्स, 50 AOब के

15:58टेंपलेट्स, 50 जो है ना लोगो किट्स,

16:01ब्रांड किट्स वगैरह-वगैरह आपने सबको

16:03मिलाया। एक बंडल बनाया और आप वो सेल कर

16:05रहे हैं। तो यह बंडल जो सिस्टम है यह भी

16:07काफी पावरफुल है और लोगों को लगता है कि

16:09यार उन्हें इस बंडल के अंदर काफी ज्यादा

16:11वैल्यू मिल रही है और वो उसको खरीदना पसंद

16:14करते हैं। उसके बाद नेक्स्ट बिनेस मॉडल

16:16आता है हमारा मेंबरशिप या सब्सक्रिप्शन

16:17मॉडल। ये मेंबरशिप और सब्सक्रिप्शन मॉडल

16:20दोनों एक जैसा है। ठीक है? इसके अंदर क्या

16:22होता है? हम मंथली या इयरली फीस चार्ज कर

16:24रहे होते हैं स्पेसिफिक डिजिटल प्रोडक्ट्स

16:26को उनको रेगुलर बेसिस पे देने के। यानी कि

16:28हमें एक डिजिटल प्रोडक्ट का सिस्टम बनाया

16:29जिसमें हम उसको रेगुलर बेसिस पर, मंथली

16:31बेसिस पर या इयरली बेसिस पर अपडेटेड चीजें

16:34प्रोवाइड करते हैं। ठीक है? और वो उसके

16:36हमें मंथली या इयरली फिक्स अमाउंट देता

16:38रहता है। तो ये बिज़नेस मॉडल काफी पावरफुल

16:41और काफी स्ट्रांग बिज़नेस मॉडल है। इसके

16:43बाद एक और बिज़नेस मॉडल भी पॉसिबल है वो है

16:46लाइसेंसिंग का। यानी कि आपने एक डिजिटल

16:48प्रोडक्ट बनाया और आप उसके लाइसेंस सेल कर

16:50रहे हैं। ठीक है? कोई पर्सनल यूज़ लाइसेंस

16:51है, कोई बिनेस यूज़ लाइसेंस है और आप उसके

16:54भी लिहाज से चार्ज कर रहे हैं। मिसाल है

16:55पर्सनल लाइसेंस के आपने $20 $27 चार्ज किए

16:59और जो बिज़नेस लाइसेंस है उसमें वो जो आपका

17:01प्रोडक्ट है वो एक पर्सन नहीं बिज़नेस के

17:02अंदर डिफरेंट एंप्लाइजज़ डिफरेंट जो भी

17:04स्टाफ है वो यूज़ करने वाला है। तो आप पर

17:06पर्सन के आपने लाइसेंस बेच दिया $27 की

17:09बजाय मसाले $17 का। ठीक है? और आप ज्यादा

17:11लोग खरीद रहे हैं तो आपको काफी बड़ी अमाउंट

17:13में एक ही दफा आपको प्रॉफिट होगा काफी

17:16बड़ी अमाउंट का। ठीक है? तो इसमें आप

17:17लाइसेंस भी दे सकते हैं। इसके अंदर एक और

17:19लाइसेंस टाइप होती है कि आपने ड्रॉपशिप्स

17:22को दे दिया। ठीक है? डिजिटल प्रोडक्ट के

17:23अंदर भी ड्रॉपशिपिंग पॉसिबल है। आपने वो

17:25लाइसेंस दे दिया। आपने प्रोडक्ट बनाया और

17:26आपने डिफरेंट जो ड्रॉपशिप्स है उनको

17:28लाइसेंस सेल कर दिया कि आप जितने भी आगे

17:30डिजिटल प्रोडक्ट सेल करोगे। आप पर सेल पे

17:32मुझे इतने डॉलर दोगे। ठीक है? तो इस टाइप

17:34के लाइसेंसिंग भी पॉसिबल होती है डिजिटल

17:36प्रोडक्ट बिज़नेस के अंदर। अब लास्ट हम इस

17:39मॉड्यूल के अंदर बात करते हैं कि कौन लोग

17:41हैं जो इस डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस को

17:43स्टार्ट कर सकते हैं। तो इसके अंदर मैं

17:45मशवरा जो दूंगा वो दो टाइप के लोगों को

17:47ऐसे लोग जिनके पास स्किल है कोई पावरफुल

17:49स्किल है वो स्किल के बिहाफ पर अपने एक

17:52डिजिटल प्रोडक्ट बना के बेच सकता है।

17:53दूसरा पर्सन जिसके पास एक्सपीरियंस है।

17:56ठीक है? वो लाजमी नहीं है बिज़नेस का या

17:58स्किल का ही हो। वो किसी और टाइप का भी हो

17:59सकता है। तो हम सबसे पहले स्किल की

18:01एग्जांपल लेते हैं। मिसाल है आप ग्राफिक

18:02डिजाइनर है और बेहतरीन ग्राफिक डिजाइनर

18:04है। आपको इससे आगे प्रोसीड करना चाहिए। आप

18:06डिजिटल प्रोडक्ट की तरफ जा सकते हैं। आप

18:08स्टोर डेवलपर हैं। आप वीडियो एडिटर हैं।

18:10आप जो है ना किसी किस्म का भी कोई स्किल

18:12में बहुत ज्यादा माह रखते हैं। मैं ये

18:14नहीं कह रहा एक दो महीने चार महीने आपने

18:16सीखे और उसके बाद आपने कहा मैं माहिर हो

18:18गया हूं और अब मैं करना चाहिए। तो ऐसा

18:20नहीं कह रहा आपको माहिर हो तो ये आपके लिए

18:22बेस्ट ऑफ़ द बेस्ट ऑप्शन है एक पावरफुल

18:24बिज़नेस को स्टार्ट लेने का। ठीक है? ये

18:26मशवरा दे रहा हूं मैं आपको। ठीक है? दूसरा

18:28एक्सपीरियंस के बिहाफ पर। अब एक्सपीरियंस

18:30लाजमी नहीं है किसी स्किल का हो। स्किल का

18:31जाहिर सी बात है होगा तो बहुत ही पावरफुल

18:33चीज है लेकिन इसके अलावा भी हो सकता है।

18:35मिसाल है वो फिशिंग का आपको एक्सपीरियंस

18:37है। आपको जो है ना साइकिलिंग का है। आपको

18:39जो है ना स्काई ड्राइविंग का है। आपको

18:41बहुत सारे मैं स्पोर्ट्स आपको गिनवा सकता

18:43हूं। आप वो जो है ना एज अ स्पोर्ट्स बना

18:46के उनको बेच सकते हो। एज अ गाइड बना के

18:47बेच सकते हो। एज अ ई बुक बना के बेच सकते

18:49हो। बहुत सारे ऑप्शन हो सकते हैं। ठीक है?

18:50तो ये दो टाइप के पर्सन के लिए डिजिटल

18:52प्रोडक्ट बेहतरीन होता है। ठीक है? लेकिन

18:53विशाल है आप ये पर्सन नहीं है। तो फिर

18:55आपको कैसे डिजिटल प्रोडक्ट बेच सकते हो?

18:57मैं उनकी एग्जांपल भी देता हूं आपको।

18:58मिसाल है आप सिंपल फ्रीलांसर हैं। आप

19:01स्टूडेंट हैं। आप कोई कंटेंट क्रिएटर हैं।

19:03आप टीचर हैं। आप कोई बिनेस टाइप के

19:05एग्जीक्यूटिव टाइप के पर्सन हैं। आप कोई

19:07भी हैं। ठीक है? और आप चाहते हैं कि आप

19:08डिजिटल प्रोडक्ट बना के भेजें। तो आपको

19:10क्या करना होगा? जिस टॉपिक पे आप बना रहे

19:12हैं आपको उस पे बेहतरीन अंदाज में रिसर्च

19:14करनी होगी। प्लस अब आप एआई की भी हेल्प ले

19:16सकते हो। ठीक है? तो अगर आप पावरफुल नॉलेज

19:19रखते हो या फिर आप यह काबिलियत रखते हो कि

19:21आप उस नॉलेज को गैब कर सको। इस डिजिटल

19:24वर्ल्ड के अंदर इंटरनेट के वर्ल्ड के अंदर

19:25ये चीज नामुमकिन नहीं है। आप कर सकते हो।

19:28लेकिन फिर आपको उस पर काफी अच्छी रिसर्च

19:30करनी चाहिए। जब आप वो कर लें फिर आप अपना

19:32एक डिजिटल प्रोडक्ट बनाएं। क्योंकि जितना

19:33अच्छा और पावरफुल डिजिटल प्रोडक्ट होगा

19:35जितना स्पीड में वो सेल होगा उतना स्पीड

19:37में आपको उससे फायदा पहुंचेगा। ठीक है? तो

19:40टू बी ऑनेस्ट ऑलमोस्ट हर पर्सन डिजिटल

19:42प्रोडक्ट बिज़नेस स्टार्ट कर सकता है।

19:43लेकिन बेस्ट किन लोगों के लिए वो मैंने दो

19:45आपको एग्जांपल दे दिए। स्किल बहुत ही

19:47जबरदस्त स्किल हो वो कोई भी हो वो डिजिटल

19:49स्किल भी हो सकती है वो फिजिकल स्किल भी

19:51हो सकती है वो इलेक्ट्रिशियन की हो सकती

19:52है वो प्लंबिंग की हो सकती है वो क्लीनिंग

19:54की हो सकती है वो फिशिंग की हो सकती है वो

19:56बोटिंग की हो सकती है वो स्काई ड्राइविंग

19:58की हो सकती है वो कोई भी हो सकती है ठीक

20:00है स्किल हो या प्लस एक्सपीरियंस हो तो ये

20:02दो चीजें मिलकर धमाका कर सकती है ठीक है

20:05तो ये दो टाइप के लिए जबरदस्त है अदरवाइज

20:08ऑलमोस्ट हर पर्सन इसको स्टार्ट कर सकता है

20:10बट उसको फिर उस लिहाज से रिसर्च और टाइम

20:12लगाना पड़ेगा मैं आपसे गलत बयान नहीं

20:13करूंगा जो हकीकत है वो मैं आप आप लोगों के

20:16साथ शेयर कर रहा हूं। स्टार्ट हर पर्सन कर

20:18सकता है। बट फिर उसको उस लेवल की रिसर्च

20:20और थोड़ी सी मेहनत स्टार्ट के अंदर करनी

20:22पड़ेगी। यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट

Module 2 - Requirements To Start Digital Products

20:26कोर्स का मॉड्यूल टू और इसके अंदर हम बात

20:29करेंगे रिक्वायरमेंट्स की। अपने पिछले

20:32मॉड्यूल के अंदर हमने बात की कि डिजिटल

20:34प्रोडक्ट होता क्या है? वो कैसे वर्क करता

20:36है? उसके डिफरेंट बिजनेस मॉडल वगैरह क्या

20:38होते हैं? हमने इससे रिलेटेड बात की और इस

20:40मॉड्यूल में हम बात करेंगे कि अगर हम

20:42डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस स्टार्ट करने लगे

20:45हैं तो कौन-कौन सी ऐसी रिक्वायरमेंट है

20:47जिसको हम नज़रअंदाज नहीं कर सकते। स्पेशली

20:51लीगल रिक्वायरमेंट्स और वो भी अगर हम

20:54पाकिस्तान से स्टार्ट करने लगे तो हमें

20:56किस-किस लीगल रिक्वायरमेंट्स के अंदर

20:59इनवॉल्व होना होगा यह हमें पता होना

21:02चाहिए। क्योंकि जाहिर सी बात है कि हम एक

21:04लीगल बिजनेस करने वाले हैं। कोई फ्रॉड या

21:07स्कैम करने वाले नहीं है। तो हम अगर लीगल

21:09अंदाज में चलेंगे तो हमें इंशाल्लाह कोई

21:12परेशानी नहीं आएगी। कोई परेशानी फेस करनी

21:16नहीं पड़ेगी। तो हम लीगल रिक्वायरमेंट्स

21:18की भी बात करेंगे और इसके इलावा जो

21:21रिक्वायरमेंट्स है हम उनकी भी बात करेंगे।

21:23तो सबसे पहली चीज आप समझ लें। अगर हमें

21:26डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस करना है तो सबसे

21:28पहले जो हमें चाहिए वह चाहिए हमारा डिजिटल

21:31प्रोडक्ट। ठीक है? हमारे पास कोई डिजिटल

21:34प्रोडक्ट हो जिसको हम आगे सेल कर सकें। यह

21:37मोस्ट इंपोर्टेंट और की रिक्वायरमेंट है

21:39जिसके बगैर बिज़नेस ही पॉसिबल नहीं है। और

21:42आगे हम बात करेंगे कि डिजिटल प्रोडक्ट

21:44सिलेलेक्ट कैसे करना है, उसे कैसे फाइंड

21:46आउट करना होता है, उसे बनाना हमें कैसे

21:48है, यह सब चीजें हम आगे आने वाले लेसंस

21:50में सीखेंगे। तो दूसरी रिक्वायरमेंट हमारी

21:53आती है कि जब हमारा कोई प्रोडक्ट होगा तो

21:55उसके बाद हमें कोई प्लेटफार्म चाहिए जिसके

21:57ऊपर हम सेल कर सकें। ठीक है? हमें कोई

21:59प्लेटफार्म चाहिए जिस पर हम सेल कर सकें।

22:02और वो जो प्लेटफार्म है वो डिफरेंट हो

22:04सकते हैं। कुछ डिजिटल प्रोडक्ट सेलिंग के

22:07मार्केट प्लेसेस भी हैं। जैसे इट्स और गम

22:10रोड और पेहिप और इस तरह के और भी बहुत

22:13सारे हैं। वप स्कूल बहुत सारे हैं जिसके

22:16जरिए आप डिजिटल प्रोडक्ट सेल कर सकते हो

22:18डिफरेंट टाइप्स के। ये तो है चंद मार्केट

22:20प्लेसेस। इसके अलावा इंडिविजुअल

22:22प्लेटफॉर्म्स की बात करें अगर आप अपना खुद

22:24का एक ब्रांड सा बनाना चाहते हो अपने खुद

22:26के प्लेटफार्म पे बेचना चाहते हो ना कि

22:27किसी और के तो फिर शॉपिफाई ठीक है क्लिक

22:30फनल्स गो हाई लेवल और इस तरह के बहुत सारे

22:33प्लेटफार्म आ जाते हैं जैसे लाइट फनल्स

22:35वगैरह और भी बहुत सारे कि ये क्या करेंगे

22:37ये आपको प्लेटफार्म प्रोवाइड करेंगे कि आप

22:39प्लेटफार्म अपना खुद का बनाएं अपनी खुद की

22:42वेबसाइट बनाएं और उसके साथ सेल करें तो यह

22:44दूसरी रिक्वायरमेंट है कि हमें कोई

22:46प्लेटफार्म चाहिए जिसके ऊपर हम अपने

22:47प्रोडक्ट को सेल कर सकें और हमारी जो

22:49तीसरी रिक्वायरमेंट वो है हमारी पेमेंट

22:52गेटवे की रिक्वायरमेंट। मिसाल है अगर हम

22:54पाकिस्तान में कर रहे हैं तो फिर हमें कोई

22:55मसला नहीं है। हम इजी पैसा j कैश और बैंक

22:58ट्रांसफर के जरिए अपनी डिजिटल प्रोडक्ट को

23:00सेल कर सकते हैं। ठीक है? लेकिन हम बात

23:02करने वाले हैं इंटरनेशनल की। ठीक है? तो

23:04अगर हम इंटरनेशनल लेवल पर यूएस, यूके,

23:07कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दुनिया के किसी भी

23:08कोने में करना चाहते हैं, पाकिस्तान से

23:10हटके पाकिस्तान से बाहर वैसे पाकिस्तान के

23:12अंदर भी पॉसिबल है। तो उस सूरत में हमें

23:14पेमेंट गेटवे चाहिए होता है। ठीक है?

23:16पेमेंट गेटवेज ऐसे प्लेटफार्म्स, ऐसी

23:19कंपनीज़ हैं जो हमें यह सहूलत देती है कि

23:22हम दुनिया की 200 कंट्रीज के अंदर

23:24पाकिस्तान में रहते हुए उस कस्टमर्स के

23:26साथ पेमेंट ले सके। डॉलर में, पाउंड में,

23:29पाकिस्तानी रूपीस में, किसी भी करेंसी के

23:31अंदर। ठीक है? तो ऐसी जो मशहूर कंपनीज़ हैं

23:33वो PayPal है, स्ट्र्राइप है। और अगर आप

23:36Shopifi पे काम कर रहे हैं, तो Shopifi

23:37पेमेंट्स उसके अंदर आ जाता है और डिफरेंट

23:39प्लेटफॉर्म्स के अपनी खुद की भी कुछ

23:41पेमेंट गेटवेज़ होती हैं। लेकिन ये मशहूर

23:43जो है वो स्ट्राइप और PayPal है। ठीक है?

23:45अब जब हमें ऐसे पेमेंट गेटवे चाहिए होते

23:47हैं तो पाकिस्तान के अंदर यह अलाउ नहीं

23:49है। यानी कि पाकिस्तान को इन्होंने बैन

23:51किया हुआ है। या पाकिस्तान में रहते हुए

23:53एज अ पाकिस्तानी आप नहीं बना सकते PayPal

23:55का अकाउंट या स्ट्राइप का अकाउंट। तो अब

23:56जब हमें यह मसला आता है तो फिर हमारा जो

23:59मोस्टेंट स्टेप है वो स्टार्ट होता है। वो

LLC For Digital Products Business

24:01होता है हमारी एलएलसी फॉर्मेशन कि हम

24:04पाकिस्तान में रहते हुए यूएस की कंपनी

24:07रजिस्टर्ड करते हैं। ठीक है? कंपनी

24:08रजिस्टर्ड करने के बाद हम यह पेमेंट

24:11गेटवेज अकाउंट्स ईजीली बना सकते हैं। जब

24:14आप पेमेंट गेटवेज बना लेंगे अभी हम एलएलसी

24:16की आगे बात करेंगे। लेकिन जब आप पेमेंट

24:17गेटवेज बन जाता है आपका तो फिर आपको चाहिए

24:20कि कोई बैंक अकाउंट हो जिसमें आप अपनी

24:22पेमेंट को ट्रांसफर करो और फिर वहां से

24:24पाकिस्तान में लाओ। लेकिन क्योंकि ये

24:25डायरेक्ट पाकिस्तानी अकाउंट में ट्रांसफर

24:27करने की ऑप्शन नहीं देते। इजाजत नहीं

24:29देते। तो हमें एक बैंक अकाउंट भी चाहिए

24:31होता है। ठीक है? तो पेमेंट गेटवे का मसला

24:33और बैंक अकाउंट का मसला यह एक ही

24:35रिक्वायरमेंट हमारी हल कर देती है वो है

24:37एलएलसी फार्मेशन। ठीक है कि आप पाकिस्तान

24:39में रहते हुए यूएस की कंपनी बना सकते हो।

24:41अब कुछ लोगों को लग रहा होगा कि यार कैसे

24:43बनाएंगे इसमें बहुत खर्चा आ जाएगा और जो

24:45है ना हमारे पास तो वीजा नहीं है। हमारे

24:48पास सिटीजनशिप नहीं है वगैरह-वगैरह। तो

24:50देखिए अगर आप इस हद तक नए हैं एलएलसी में

24:52तो मैं आपको बता दूं आपको ऐसी कोई चीज

24:54चाहिए नहीं होती। आपके पास पाकिस्तानी

24:56सीएनआईसी या पासपोर्ट हो आप बना सकते हो।

24:58ठीक है? आप एलएलसी फॉर्मेशन कर सकते हो।

25:00यहीं पाकिस्तान में रहते हुए। ठीक है? आप

25:02एज अ नॉन यूएस रेजिडेंट इजीली एलएलसी बना

25:05सकते हो। और उसमें बहुत ज्यादा बड़ी

25:07इन्वेस्टमेंट आपको नहीं चाहिए होती है। एक

25:09नॉर्मल इन्वेस्टमेंट से आप स्टार्ट ले

25:11सकते हो। और यहां पर मैं आपको एक ऐसे

25:13प्लेटफार्म के बारे में बताता हूं जिसको

25:15मैं पर्सनली यूज़ करता हूं एलएलसी

25:16फॉर्मेशन के लिए टैक्स कंप्लायंस वगैरह के

25:18लिए और दूसरी रोले रफरे जो है जो मुझे

25:21नहीं पता टैक्स के वो वो मेरी हेल्प करते

25:23हैं। ठीक है? इन सब चीजों को हैंडल करने

25:25के लिए। तो वो जो कंपनी है वो है डला। ठीक

25:27है? डुला एक ऐसी एलएलसी फॉर्मेशन और टैक्स

25:30कंप्लायंस और अकाउंटिंग वगैरह की ऐसी फर्म

25:32है जो आपको ये सहूलत देती है कि आप

25:34पाकिस्तान में रहते हो या दुनिया के किसी

25:35भी कोने में आप रहते हैं तो आप यूएस की

25:37एलएलसी फॉर्मेशन खुद से कर सकते हैं। बाकी

25:39सारे मसले वो हैंडल कर। ठीक है? आपने

25:41सिंपली चंद फॉर्म फिल करना है जिसमें 10

25:44मिनट लग सकते हैं। आपको 20 मिनट लग सकते

25:45हैं। आपने फॉर्म फिल करना है और एक से 2

25:47दिन के अंदर आपकी एलएलसी फॉर्मेशन होकर

25:49आपके हाथ में मिल जाएगी। ये आपकी एलएलसी

25:51फॉर्मेशन भी कर देंगे। ये आपकी इआईएन

25:52अप्लाई भी कर देंगे और अगर आपको आईटीआई एन

25:54चाहिए तो वो भी अप्लाई कर देंगे। अच्छा अब

25:56जिनको नहीं पता ईआईए नंबर क्या है ये होता

25:58है एंप्लयर आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी कि

26:00बिजनेस को मिलता है ये टैक्स से रिलेटेड

26:02नंबर होता है। ठीक है? जैसे पाकिस्तान में

26:03एनटीए होता है ये इआईएन होता है वहां पर

26:05बिजनेस का। उसके बाद आईटीआई एन क्या होता

26:07है? ये पर्सनल जो है ना नंबर होता है।

26:09मिसाल है ईआईएन बिज़नेस को दिया जाता है।

26:11एंप्लॉयर आइडेंटिफिकेशन नंबर और जो आईटीआई

26:14एन है ये इंडिविजुअल का टैक्स

26:16आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है। ठीक है?

26:18इंडिविजुअल टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर ये

26:20सिंगल पर्सन को मिलता है। यानी कि एक

26:21कंपनी है उसका एक मैं ओनर हूं और एक कंपनी

26:23है। ठीक है? दोनों को अलग टैक्स

26:25आइडेंटिफिकेशन नंबर मिलेगा। कंपनी को इआईए

26:27नंबर और इंडिविजुअल को आईटीआई। ठीक है?

26:29अगर आपको इआईए नंबर चाहिए यह फ्री में

26:31अप्लाई कर देगा एलएलसी फॉर्मेशन के दौरान

26:34और आपको आई ईआईए नंबर भी मिल जाएगा। और

26:36अगर आपको आईटीआईए नंबर चाहिए तो आप वो भी

26:38इसके जरिए ही अप्लाई कर सकते हो। यानी कि

26:40एक ही जगह से आप सारे अप्लाई कर सकते। तो

26:42जो डला जो है ये बेसिकली एक रजिस्टर्ड

26:44एजेंट है यूएस के अंदर। ठीक है? जिसके

26:46जरिए आप अपनी एलएलसी फॉर्मेशन कर सकते हो।

26:48इसके ऊपर मेरा डिटेल ट्यूटोरियल मौजूद है।

26:50तो मैं उसका लिंक डिस्क्रिप्शन में दे

26:52दूंगा। आप खुद कर लोगे 10 से 20 मिनट

26:53लगेंगे। आपको कोई टेक्निकल पर्सन नहीं

26:55चाहिए। आपको मेरी हेल्प नहीं चाहिए। आपको

26:56किसी की हेल्प नहीं चाहिए। आप इस कंपनी के

26:58जरिए खुद कर लोगे। इसका लिंक डिस्क्रिप्शन

26:59में दे दूंगा फॉर्मेशन का। इससे आपको 10

27:01से 20% डिस्काउंट मिल जाएगा उस लिंक के

27:04जरिए। जो इनकी फीस होती है उसके अंदर आपको

27:0610 से 20% डिस्काउंट मिल जाएगा। यानी कि

27:08आपको एक्स्ट्रा सेविंग हो जाएगी। ठीक है?

27:10इसकी ट्यूटोरियल का लिंक भी मैं

27:11डिस्क्रिप्शन में दे दूंगा। आप इजीली उसके

27:13जरिए खुद कर लोगे। कोई मसला नहीं आएगा। तो

27:15अब जब आपका एलएलसी फॉर्मेशन हो जाएगी, अब

27:17आप पेमेंट गेटवे भी बना सकते हो। आप

27:19बिजनेस बैंक अकाउंट भी बना सकते हो। ठीक

27:21है? आप उसी एलएलसी फॉर्मेशन पर वाइज बैंक

27:24अकाउंट बना सकते हो और और दूसरे बैंक

27:25अकाउंट की ऑप्शन आपको मिलते हैं जो आप

27:27क्रिएट कर सकते हो उसके जरिए। ठीक है? तो

27:30आपके ये तीनों मसले हल हो जाएंगे। एलएलसी

27:31बनने से आपका बिज़नेस अकाउंट भी आ गया,

27:33पेमेंट गेटवे भी आ गया। आप ईजीली आप 200

27:35कंट्रीज के अंदर अपने सर्विसेस, डिजिटल

27:38प्रोडक्ट सेल कर सकते हो। ठीक है?

27:39स्ट्राइप एक ऐसी कंपनी है पेमेंट गेटवे

27:42की। आप उसका अकाउंट बना लेते हो। उसके का

27:43टुटोरियल का लिंक भी मैंने डिस्क्रिप्शन

27:45में आपको दे दूंगा कि आप खुद स्ट्र्राइप

27:47बना लोगे। आपको कोई मसला नहीं आएगा। ठीक

27:49है? स्ट्र्राइप का भी मेरा डिटेल टुटोरियल

27:51मौजूद है। एलएलसी बनने के बाद आप

27:52स्ट्र्राइप बना सकते हो। स्ट्राइप बन

27:54जाएगा आपका। आप अपने प्लेटफार्म के साथ

27:55कनेक्ट कर दोगे। आप अपने प्लेटफार्म के

27:57साथ कनेक्ट कर दोगे। आपका मसला हल। अब

27:59स्ट्र्राइप 200 से ज्यादा कंट्रीज में

28:01उनकी लोकल करेंसी के अंदर पेमेंट को कट कर

28:03सकता है और आपको डॉलर के अंदर पाउंड के

28:06अंदर दे देगा और आप उसको कन्वर्ट करके फिर

28:08पाकिस्तानी रूपीस के अंदर अपने पर्सनल

28:10बैंक अकाउंट में लेके आ सकते हो। तो ये

28:12सारी एक प्रोसेस है। ठीक है?

28:14रिक्वायरमेंट्स, का, लीगल रिक्वायरमेंट्स

28:15का और ये सब एक ही प्रोसेस से हल हो

28:18जाएगा। वो है एलएलसी फॉर्मेशन का। ठीक है?

28:20तो अभी हमने टोटल काफी सारी वैसे

28:22रिक्वायरमेंट देख ली है। लेकिन मैं रिककैप

28:24कर देता हूं। हमें पहले प्रोडक्ट चाहिए।

28:25फिर हमें प्लेटफार्म चाहिए। उसके बाद हमें

28:27पेमेंट गेटवे और बिज़नेस अकाउंट चाहिए जो

28:29कि हमें एलएलसी से मिल जाएगा। तो ये पांच

28:31रिक्वायरमेंट मैं अब तक आपको बता चुका

28:33हूं। जब ये चीजें हो जाएंगी इसका मतलब है

28:34आप रेडी हैं अपने डिजिटल प्रोडक्ट को सेल

28:36करने के लिए। उसके बाद हमारी जाहिर सी बात

28:38है मार्केटिंग की रिक्वायरमेंट आएगी और

28:40मार्केटिंग के बहुत से तरीके होते हैं।

28:41ऑर्गेनिक भी और पेड भी। ठीक है? और ये सब

28:44चीजें हम आगे आने वाले हैं अपने लेसंस के

28:45अंदर गहराई से समझेंगे। ठीक है? तो ये

28:47पांच रिक्वायरमेंट है। आप इसको मार्केटिंग

28:50को सिक्स्थ रिक्वायरमेंट के तौर पर आप ले

28:51सकते हो। मार्केटिंग के अंदर आपको जाहिर

28:53सी बात है बजट वगैरह लगेगा। वो आपको जाहिर

28:55सी बात है चाहिए। अगर आप फ्री कर रहे हैं

28:57तो आपको बजट नहीं चाहिए। अगर आप पेड कर

28:58रहे हैं तो आपको उसमें बजट कोई ना कोई

29:00स्पेसिफाई करना पड़ेगा। तो ये थी हमारी

29:03ओवरऑल रिक्वायरमेंट्स का टॉपिक जिसके अंदर

29:05मैंने आपको यह सारी रिक्वायरमेंट बताई है

29:06जो आपको डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस स्टार्ट

29:09करने से पहले चाहिए। कुछ पहले चाहिए और

29:12कुछ आपको दौरान प्रोसेस चाहिए होंगे। यह

Module 3 - Digital Products Research

29:15है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट कोर्स का

29:17मॉड्यूल थ्री और इसमें हम बात करने वाले

29:21हैं डिजिटल प्रोडक्ट को फाइंड करने और

29:24वैलिडेट करने की कि हम कैसे एक प्रॉफिटेबल

29:28डिजिटल प्रोडक्ट को फाइंड करते हैं। उसे

29:30कैसे वैलिडेट करते हैं कि के यह वाकई में

29:33सेल करने लायक है भी या नहीं। के यह वाकई

29:36में आपको प्रॉफिट जनरेट करके दे सकता है

29:38या नहीं दे सकता। यह सब कुछ हम इस मॉड्यूल

29:41में सीखेंगे। तो, मैं एक ओवरव्यू ले लेता

29:43हूं कि इस मॉड्यूल में हम क्या कुछ सीखने

29:45वाले हैं। तो, इसमें हम बात करेंगे कि

29:47आपने ऑडियंस कैसे फाइंड करनी होती है

29:49जिसके लिए आप डिजिटल प्रोडक्ट बनाने वाले

29:50हो। आप उनकी प्रॉब्लम्स को कैसे फाइंड

29:53करोगे जो आपका जो डिजिटल प्रोडक्ट है वो

29:55सॉल्व कर रहा होगा। हम बात करेंगे किन

29:57प्लेटफार्म से हम डिजिटल प्रोडक्ट रिसर्च

29:59करते हैं और साथ ही हम देखेंगे कि डिजिटल

30:02प्रोडक्ट रिसर्च के लिए जो बेस्ट

30:03क्राइटेरिया है वो है क्या? किन बुनियादों

30:06पर हम जानते हैं कि यह डिजिटल प्रोडक्ट

30:08वाकई में फायदेमंद है या नहीं है। ये

30:10डिजिटल प्रोडक्ट प्रॉफिटेबल होगा या नहीं

30:12होगा। तो हम ये सारी चीजें अपने इस

30:14मॉड्यूल के अंदर कवर करेंगे। तो सबसे पहले

30:17हम बात करते हैं अपने उस मॉडल की जिस मॉडल

30:20के बारे में मैं आपको बताने वाला हूं। तो

30:22यहां पर ना दो तरह के मॉडल पाए जाते हैं।

30:24एक है ओल्ड मॉडल। उसमें क्या होता है कि

30:27लोग आपको पहले प्रोडक्ट रिसर्च सिखाते हैं

30:29कि आपने क्या करना है? आप प्लेटफार्म पे

30:30जाएंगे, प्रोडक्ट को देखेंगे, उसके

30:32रिव्यूज देखेंगे वगैरह-वगैरह प्रोडक्ट

30:34फाइंड करेंगे। उसके बाद आप नेक्स्ट

30:36प्रोसेस की तरफ जाएंगे, अपना प्लेटफार्म

30:38बनाएंगे, उसको मार्केट करेंगे और बात

30:40खत्म। यह है ओल्ड तरीका। लेकिन असल में

30:42हमारा जो सही मॉडल है जो वाकई में वर्क

30:45करेगा वो थोड़ा सा डिफरेंट है। इसमें हम

30:49प्रोडक्ट रिसर्च करने से पहले इसकी ऑडियंस

30:52रिसर्च करते हैं। हम ये देखते हैं कि हम

30:55डिजिटल प्रोडक्ट किस ऑडियंस के लिए बनाने

30:57वाले हैं। ठीक है? ऐसा नहीं होता कि हमारा

30:59डिजिटल प्रोडक्ट बनाया। हम रैंडमली बस हर

31:01किसी को बेचेंगे। ऐसा कभी नहीं होता। अगर

31:03आप डिजिटल प्रोडक्ट ऐसा बना रहे हैं कि आप

31:05वर्ल्ड वाइड दुनिया भर में हर किसी को बेच

31:07सके तो बहुत ज्यादा चांसेस हैं कि आप कभी

31:09ऐसा प्रोडक्ट बना ही ना पाए या फिर इस

31:12चक्करों में आप कभी स्टार्ट ही ना कर पाए।

31:14तो बेस्ट ऑप्शन ये होता है कि आप एक

31:16ऑडियंस को फाइंड करो कि उसके लिए फिर आप

31:19प्रोडक्ट बना रहे हो। ऑडियंस कौन होते

31:21हैं? मिसाल है स्टूडेंट्स हो सकते हैं। वो

31:22बिजनेस ओनर्स हो सकते हैं। वो मॉम्स हो

31:24सकते हैं। वो डैड्स हो सकते हैं। ये क्या

31:25है? ये ऑडियंस है। इसको आप ऑडियंस भी कह

31:27सकते हो। आप इसको मार्केट भी कह सकते हो।

31:29जिस मार्केट के लिए आप अपना प्रोडक्ट बना

31:31रहे हो। तो सबसे पहले हम ऑडियंस को फाइंड

31:33करते हैं। ठीक है? कि हम जिसके लिए हम काम

31:35करने वाले हैं। उस ऑडियंस को फाइंड करने

31:36के बाद हम प्रॉब्लम को फाइंड करते हैं कि

31:38उस ऑडियंस को असल में प्रॉब्लम है क्या?

31:41वो किस प्रॉब्लम को सॉल्व करना चाह रही

31:44है? वो कौन सी ऐसी प्रॉब्लम है जो उन्हें

31:46तंग कर रही है? जब हम उस प्रॉब्लम को

31:47फाइंड कर लेंगे फिर हम उस प्रॉब्लम के लिए

31:50सॉल्यूशन बनाते हैं। ठीक है? हम उस

31:51प्रॉब्लम के लिए सॉल्यूशन बनाते हैं। तो

31:53फिर ऑटोमेटिकली उस ऑडियंस के लिए हमारा

31:55प्रोडक्ट एक सॉल्यूशन बन जाता है जो उसे

31:57बाय करना ही होता है। ठीक है? यानी कि हम

31:59एक डिमांड क्रिएट कर देते हैं अपनी

32:02पावरफुल प्रोडक्ट के साथ। यानी कि ऑडियंस

32:04है उसका ऑलरेडी एक पेन पॉइंट है। ऑलरेडी

32:06एक प्रॉब्लम में वो घिरे हुए हैं और हमने

32:07उसका सशन बना दिया और वो हम उसको सेल कर

32:10रहे हैं। ठीक है? तो स्यूशन जो होता है वो

32:12हमारा डिजिटल प्रोडक्ट होता है। ठीक है?

32:14तो जब आप एक ऐसा प्रोडक्ट बनाएंगे जो

32:16प्रॉब्लम सॉल्विंग होगा आपकी ऑडियंस के

32:18लिए तो वो फिर हाथों हाथ सेल हो जाएगा।

32:20फिर उसके सेल होने के चांसेस ज्यादा हो

32:22जाएंगे। तो इसलिए इस मॉड्यूल के अंदर पहले

32:25मैं आपको ऑडियंस के बारे में बताऊंगा कि

32:27आपने ऑडियंस असल में होती क्या है और कैसे

32:29रिसर्च करनी है। उसके बाद हम उसकी

32:31प्रॉब्लम फाइंड करने के ऊपर बात करेंगे और

32:33फिर लास्ट में हम बात करेंगे कि आपने उस

32:35प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए एज अ

32:37डिजिटल प्रोडक्ट कैसे बनाना है जो सशन बन

32:39जाए। ठीक है? तो हम ये इस मॉडल के तहत

32:42अपने इस डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस की

32:43बुनियाद रखेंगे। तो अब हम बात करते हैं

32:46चूज़ योर मार्केट या ऑडियंस कि आपने अपने

32:49मार्केट या ऑडियंस कैसे सिलेलेक्ट करनी

32:52है। देखिए इसकी दो मेजर तरीके हो सकते

32:55हैं। एक जैसे मैंने स्टार्ट में कहा आपका

32:57एक्सपीरियंस आपके एक्सपर्टीज कि आप देखें

33:00कि आपका एक्सपीरियंस एक्सपर्टीज किस चीज

33:02के अंदर ज्यादा है। जिस चीज में है आप

33:04उससे रिलेटेड ऑडियंस को सिलेलेक्ट कर सकते

33:06हो। एक पावरफुल स्टार्ट होगा। लेकिन मिसाल

33:10है आप लोग कहते हैं सर हम अभी किसी चीज

33:12में माहिर नहीं है। हम एक्सपर्टीज नहीं

33:14रखते। हम स्टूडेंट हैं, हम बिगिनर हैं। हम

33:15कैसे जाएं? तो फिर आपके लिए आएगा दूसरा

33:17ऑप्शन। ठीक है? कि अब आपको सिलेलेक्ट करना

33:20है कि आपने कौन सी ऑडियंस से स्टार्ट लेना

33:23है। ठीक है? सारी ऑडियंस पूरी दुनिया आपके

33:25लिए नहीं है। आपने अभी स्टार्ट लेना है।

33:27आपने एक बिगिनर लेवल से स्टार्ट लेना है।

33:30तो उसके लिए बेस्ट है कि आप एक मार्केट को

33:33एक नीश को सिलेलेक्ट करो और उस नीश के

33:36अंदर भी कोशिश करो। आप सब नीश को सेलेक्ट

33:38करो। ठीक है? मैं आपको एग्जांपल देता हूं।

33:40मिसाल है आप चाहते हो कि हम बिजनेस ओनर्स

33:42को टारगेट करना चाहते हैं। ये एक नीश है।

33:44ठीक है? ये एक नीश है। लेकिन इसके अंदर और

33:47सब नीशेस, सब मार्केट्स पॉसिबल है। सब

33:50ऑडियंसेस पॉसिबल है। अच्छा ये सब नीश, सब

33:53मार्केट, सब ऑडियंसेस ये एक ही चीज का नाम

33:55है। ठीक है? तो मैं कभी कुछ बोल रहा हूं

33:57कभी कुछ। तो आपने समझना है कि मैं एक ही

33:59बात कर रहा हूं। तो अब पॉइंट यहां पर आएगा

34:00आपने सब मार्केट जब सेलेक्ट करनी है। तो

34:02अब आप देखें बिज़नेस ओनर्स मैंने एग्जांपल

34:04दिया आपको। बिज़नेस ओनर में बहुत सारे टाइप

34:06के बिज़नेस हैं। आप देखें कि आपने किस टाइप

34:09के बिज़नेस को सेलेक्ट करना है। मिसाल है

34:11वो लोकल शॉप हो सकती है। वो लोकल पान शॉप

34:13हो सकती है। वो लोकल जो है ना कोई सेलूून

34:15हो सकता है। वो लोकल जो है ना कोई भी

34:18बिज़नेस हो सकता है लोकल का या फिर वो

34:20रियलस्टेट का बिज़नेस हो सकता है। वो

34:22ई-कॉमर्स का बिज़नेस हो सकता है। अब ये

34:23क्या है? ये बिज़नेस की टाइप्स हैं। ठीक

34:25है? अब मिसाल आप लें ई-कॉमर्स बिज़नेस की।

34:28ठीक है? अब आपने कहा मुझे बिज़नेस ओनर्स

34:30टारगेट करने हैं। लेकिन ऐसे जो ई-कॉमर्स

34:31बिज़नेस वाले हैं। ठीक है? उस ई-कॉमर्स

34:33बिज़नेस में भी बहुत से टाइप के बिज़नेस

34:35पॉसिबल है। ऐसे बिज़नेस जो मिसाल है

34:37क्लोथिंग प्रोडक्ट बेच रहे हैं। ऐसे

34:38बिज़नेस जो मिसाल है किड्स प्रोडक्ट बेच

34:40रहे हैं। कोई इलेक्ट्रॉनिक बेच रहा है। तो

34:42ये क्या है? ये सब मार्केट्स में करे जा

34:44रहा हूं। यानी कि मैंने बिज़नेस ओनर

34:45स्टार्ट किया। ई-कॉमर्स पे आया। ई-कॉमर्स

34:47में मैं एक स्पेसिफिक टाइप के ऊपर आ गया।

34:48ठीक है? तो मैं क्या कर रहा हूं? मैं

34:50डिवाइडेशन कर रहा हूं। मैं सब मार्केट

34:52सेलेक्ट कर रहा हूं। देखिए जितने ज्यादा

34:53आप सब मार्केट ये सब निश सेलेक्ट करेंगे

34:56आपके लिए डिजिटल प्रोडक्ट बनाना भी आसान

34:58हो जाएगा। उसको सेल करना भी आसान हो

35:00जाएगा। क्योंकि आप एक स्पेसिफिक टाइप की

35:03ऑडियंस का मसले को हल करने वाले हैं। ठीक

35:05है? तो आपने देखना है कि आप किस मार्केट

35:08की तरफ जाएंगे। आपको मैं बड़ी लिस्ट

35:10प्रोवाइड कर सकता हूं। आप उसके अंदर बहुत

35:12सारे सबनिशेस पॉसिबल है। आपने उन सब निशेस

35:15को फाइंड करना है और उनके ऊपर काम स्टार्ट

35:18करना है। मिसाल है मैं कुछ ऑडियंसेस की

35:20एग्जांपल आपको देता हूं। ठीक है? बिज़नेस

35:22ओनर की मैंने एग्जांपल दी। उसमें रियल

35:23स्टेट की एग्जांपल है आपके पास।

35:24फ्रीलांसर्स, टीचर्स, स्टूडेंट्स। ठीक है?

35:27डिजाइनर्स हो सकते हैं। वह कंटेंट क्रिएटर

35:29हो सकते हैं। वो इन्फ्लुएंसरर हो सकते

35:31हैं। वो स्पेशली यूबर टाइप के बंदे हो

35:33सकते हैं। वो फिटनेस कोच हो सकते हैं। वो

35:36जो है ना ब्यूटीिशियन हो सकते हैं। वो

35:38सेलूून ओनर हो सकते हैं। वो फोटोग्राफर्स

35:40हो सकते हैं। वो जॉब सीकर्स हो सकते हैं।

35:42और ऐसे मैं एक लंबी लिस्ट आपको बता सकता

35:44हूं। और टू बी ऑनेस्ट एआई भी आपकी हेल्प

35:47कर सकता है। नीश को ऑडियंस को फाइंड आउट

35:49करने में। आपको बहुत सारी एग्जांपल्स सबस

35:51की दे सकता है। आपने क्या करना है? सिंपल

35:53सा काम करना है। आपने एक नीश को सिलेलेक्ट

35:56करना है। ठीक है? उस एक नीश से आप आगे काम

35:58करेंगे। अच्छा आपने घबराना नहीं है। हम जो

36:01ऑडियंस सेलेक्ट करने वाले हैं उसकी डिमांड

36:02को हम चेक करेंगे। अभी मैं कुछ टाइम बाद

36:04लैपटॉप पे जाऊंगा लैपटॉप स्क्रीन पर इसी

36:06मॉड्यूल के अंदर और मैं आपको इस ऑडियंस की

36:09डिमांड चेक करना बताऊंगा कि आपने डिमांड

36:11कैसे चेक करनी है और फिर उसके बाद हम अपने

36:14प्रोडक्ट रिसर्च वगैरह की तरफ जाएंगे। ठीक

36:16है? तो यह है हमारा पहला स्टेप ऑडियंस को

36:18फाइंड करना, सेलेक्ट करना कि हमने किस

36:20ऑडियंस के लिए डिजिटल प्रोडक्ट बना रहे

36:22हैं। अब दूसरा स्टेप हमारा आएगा कि अब इस

36:24ऑडियंस के लिए हमने प्रॉब्लम फाइंड करनी

36:27है। यानी कि उस ऑडियंस की प्रॉब्लम हमें

36:29फाइंड करनी है। हमें देखना है कि वो कौन

36:31सी ऐसी प्रॉब्लम है जो इस ऑडियंस को सबसे

36:33ज्यादा तंग कर रही है। ठीक है? वो कौन सी

36:36ऐसी प्रॉब्लम है जिसके ऊपर इसको सबसे

36:38ज्यादा टाइम लग रहा है और वह उस मेहनत से

36:40उस टाइम से बचना चाहता है। कौन सी ऐसी

36:43प्रॉब्लम है जिसके लिए वह ऑलरेडी पैसे भर

36:45रहा है। ठीक है? यानी कि वो बहुत सी

36:46प्रॉब्लम हो सकती है। ठीक है? अब उसके लिए

36:48वो डेली बेसिस पर या मंथली बेसिस पर पैसे

36:50भर रहा है एक बड़ी अमाउंट और आप उसको चंद

36:53डॉलर के अंदर हल कर सकते हो। कौन सी ऐसी

36:55प्रॉब्लम है? ठीक है? एक चीज हमेशा याद

36:57रखिए कोई भी पर्सन दो वजहों से बाय कर रहा

36:59होता है। या तो वो प्रॉब्लम्स से निकलना

37:01चाहता है या फिर वो और बेहतर प्लेजर की

37:04तरफ जाना चाहता है और बेहतर एक्सपीरियंस

37:06या स्टेटस की तरफ जाना चाहता है। तो अभी

37:08हम क्या कर रहे हैं? हम ऐसी प्रॉब्लम

37:10ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं जिससे वो

37:11निकलना चाहता है। ठीक है? जो उसका सबसे

37:13ज्यादा टाइम खा रही है और इस तरह के बहुत

37:15सारे सवाल पॉसिबल है जो आप अपनी ऑडियंस से

37:18मुतालिक पूछ सकते हो। आपने ये सवालात

37:21ढूंढने कहां से हैं? ठीक है? आपको कैसे

37:23मिलेंगे? बहुत आसान साल है। इसके लिए आपको

37:25ऑनलाइन कम्युनिटीज़ ढूंढनी होंगी, Facebook

37:27ग्रुप्स ढूंढने होंगे। ठीक है? जहां पर

37:28आपकी ऑडियंस अवेलेबल हो। आपने YouTube के

37:30कमेंट्स देख सकते हो जहां पर आपकी ऑडियंस

37:32मोस्टली सवालात कर रही है। कमेंट्स देखने

37:34हैं आपने। तो आपको उनकी प्रॉब्लम का पता

37:36चलेगा कि असल में उनकी प्रॉब्लम क्या है?

37:38वो किस प्रॉब्लम में सबसे ज्यादा जो है ना

37:41परेशान है। तो उस प्रॉब्लम को हमें टारगेट

37:43करना है। ठीक है? इसके मैंने एग्जांपल

37:45आपको दिए हैं। ये यही तरीके होते हैं

37:46जिनके जरिए हम फाइंड करते हैं। और ये कोई

37:49आसान काम नहीं है। आपको थोड़ी मेहनत करनी

37:51पड़ती है। ठीक है? अब यह है दूसरा हमारा

37:53स्टेप प्रॉब्लम को फाइंड करने का। ठीक है?

37:55तीसरा हमारा स्टेप आएगा प्रोडक्ट को फाइंड

37:58करना और उसके लिए हम डिफरेंट प्लेटफॉर्म्स

38:00यूज कर सकते हैं। ठीक है? इट इसके लिए जो

38:02सबसे मशहूर है वो इट्स है। ठीक है? गम रोड

38:05है, पे हिप है। ठीक है? इसमें Amazon के

38:07जरिए भी आप काम ले सकते हो। टीचेबल है और

38:09ऐसे बहुत सारे प्लेटफार्म है जहां पर

38:11डिजिटल प्रोडक्ट्स सेल हो रहे होते हैं।

38:13Amazon के ऊपर खास तौर पे पीडीएफ की फॉर्म

38:15में ई-बुक की फॉर्म में सेल हो रहा होता

38:17है। ठीक है? तो ऐसे और भी प्लेटफार्म

38:19पॉसिबल है Facebook ऐड के जरिए TikTok ऐड

38:21के जरिए जो आपके कंपटीिटर्स हैं वो

38:23प्रोडक्ट सेल कर रहे हैं तो आप उनको भी

38:24फाइंड आउट कर सकते हो। आपने टेंशन नहीं

38:26लेनी। अभी मैं आपको यह सब करके दिखाऊंगा।

38:29जो बेस्ट तरीका है वो मैं आपको करके

38:30दिखाऊंगा। बाकी आप खुद ट्राई करोगे। अच्छा

38:33तो अब हम बात करते हैं डिजिटल प्रोडक्ट

38:35क्राइटेरिया की। कौन से ऐसे पॉइंट्स हैं

38:38जिनके बुनियाद पर हम यह फैसला करते हैं कि

38:40यह जो डिजिटल प्रोडक्ट है यह वाकई में

38:42फायदेमंद साबित हो सकता है, प्रॉफिटेबल हो

38:44सकता है। ठीक है? तो इस क्राइटेरिया को

38:46मैं कहता हूं डीपीसी ओ ठीक है डीपीसी ओ

38:51सबसे पहला है डिमांड हमें देखनी होती है

38:53क्या उस प्रोडक्ट की डिमांड है या नहीं है

38:56ठीक है दूसरे स्टेप पे हम देखते हैं

38:58प्रॉब्लम क्या उस प्रोडक्ट से रिलेटेड

39:01ऑडियंस को प्रॉब्लम है या नहीं है ये सबसे

39:04मोस्टेंट पॉइंट है अगर प्रॉब्लम है तो

39:07यहां पर हम भेज सकते हैं। तीसरा हम देखते

39:09हैं कंपटीशन क्या हमारा कोई कंपटीशन भी है

39:11जितना स्ट्रांग कंपटीशन होगा टू बी ऑनेस्ट

39:14उतना आपको फायदा देता है यह मेरा मानना है

39:17ठीक है लेकिन हो सकता है कुछ लोग कहेंगे

39:18कंपटीशन ज्यादा है हमें करना ही नहीं है

39:20ये उनका एक अलग पॉइंट ऑफ व्यू हो सकता है

39:21लेकिन कंपटीशन आपको बहुत कुछ सिखाता है तो

39:23हमें कंपटीशन देखना है कि हमारा कंपटीशन

39:25है क्या और किस हद तक है ठीक है लास्ट

39:28पॉइंट होता है अपॉर्चुनिटी हमें देखना है

39:30कि क्या हम इस प्रोडक्ट के अंदर जिसकी

39:33डिमांड है ऑलरेडी लोगों को प्रॉब्लम हो

39:35रही है मेरा कंपटीशन सेल कर रहा है क्या

39:37मैं इस प्रोडक्ट को और बेहतर बना सकता

39:39हूं। क्या मैं इसको और कोई खास फीचर कोई

39:42खास चीज ऐड करके अपनी ऑडियंस के लिए और

39:44फायदेमंद बना सकता हूं। अगर मैं बना सकता

39:47हूं तो यही वो आपकी अपॉर्चुनिटी है जो

39:49आपके प्रोडक्ट को सेल करने में हेल्प

39:51करेगी। ठीक है? तो ये चार पॉइंट है। ठीक

39:53है? डीपी सीओ जिसके जरिए हम पता करते हैं

39:56हमें कि डिजिटल प्रोडक्ट हमारा प्रॉफिटेबल

39:58होगा या नहीं होगा। सेल होगा या नहीं

40:00होगा। अच्छा तो अब हम क्या करते हैं? अब

40:02हम अपने लैपटॉप की स्क्रीन पे चलते हैं और

40:04मैं आपको एग्जैक्टली बताता हूं कि अपने

40:05ऑडियंस की डिमांड कैसे देखनी है।

40:07प्रॉब्लम्स को कैसे फाइंड आउट करना है कि

40:09क्या प्रॉब्लम्स हैं। ठीक है? और हम

40:11देखेंगे कि हमारा जो प्रोडक्ट हम जिस

40:13ऑडियंस के लिए बनाना चाह रहे हैं उसको हम

40:15कैसे फाइंड करेंगे। कैसे उसके आइडियाज

40:18लेंगे। ठीक है? ये सब कुछ हम अब अपनी

40:20लैपटॉप की स्क्रीन पे जाकर देखते हैं।

40:22अच्छा तो पहले हम अपने जो ऑडियंस है या

40:25नीश है हम पहले उसे वैलिडेट करेंगे। हम

40:28देखेंगे क्या हमारी जो मार्केट है ऑडियंस

40:31है उसकी डिमांड भी है या नहीं है। ठीक है?

40:34अगर हमारी वो डिमांडिंग में होगी फिर हम

40:37देखेंगे नेक्स्ट स्टेप के अंदर कि हम कौन

40:39सा प्रोडक्ट बेच सकते हैं। ठीक है? और कौन

40:41सी प्रॉब्लम है जो हम अपनी ऑडियंस की

40:44सॉल्व कर सकते हैं। तो अपनी ऑडियंस को

40:47वैलिडेट करने के लिए, उसकी डिमांड को चेक

40:49करने के लिए जो मैं प्रेफर करता हूं वह

40:52तीन वेबसाइट है। ठीक है? सबसे पहली है

40:54हमारी आंसर द पब्लिक। यह आंसर द पब्लिक

40:57वेबसाइट है। ठीक है? इसमें फ्री में आपको

40:59तीन सर्च करने में यानी कि ऑप्शन मिल जाता

41:02है। तो तीन सर्चेस काफी होती हैं। आप

41:04सिंपली अपने Gmail के ऊपर इसको लॉग इन कर

41:06लेंगे। ठीक है? उसके बाद आपने यहां से

41:09मिसाल सर्च कीवर्ड पे आना है। सबसे पहले

41:11सर्च कीवर्ड पे आएंगे। यहां से उर्दू को

41:13मिसाल पाकिस्तान के बजाय आप इंग्लिश यूएस

41:16में कर रहे हैं। आप इंग्लिश सेलेक्ट कर

41:18लेंगे। इंग्लिश सेलेक्ट करके आप यहां से

41:20पाकिस्तानी जो लोकेशन है इसके बजाय आप

41:22यूएस सेलेक्ट कर लेंगे। ठीक है? अब हम

41:24इसको जो भी कीवर्ड देंगे अपने जो ऑडियंस

41:27बताएंगे यह उसको यूएस के लिहाज से डाटा

41:30देगी। ठीक है? उसका यूएस के लिहाज से यह

41:33डाटा प्रोवाइड करेगी। तो मिसाल है आपने

41:36यहां पर लिखना है अपनी उस ऑडियंस के बारे

41:39में। कुछ ऑडियंस का मैंने आपको एग्जांपल

41:41दिया था। ऑडियंस नीश से मुराद हम ऐसे

41:44लोगों को ढूंढ रहे हैं जिनको हमें सेल

41:46करना है। ठीक है? हमें पूरी दुनिया को

41:48नहीं बेचना। हमें कोई टारगेटेड लोगों को

41:50बेचना है। ठीक है? एग्जांपल के तौर पर वो

41:52टीचर्स हो सकते हैं। ठीक है? वो जो है ना

41:55सिंगल मॉम्स हो सकती हैं। ठीक है? वो कोई

41:58भी हो सकता है। ठीक है? हम उनकी प्रॉब्लम

42:01को हल कर रहे हैं। उनकी प्रॉब्लम का सशन

42:03उन्हें प्रोवाइड कर रहे हैं। एग्जांपल ले

42:05लेते हैं टीचर्स की। आप रियलस्टेट कर सकते

42:07हैं, एंटरप्रेन्योर कर सकते हैं। जिसकी भी

42:10प्रॉब्लम आप सॉल्व कर रहे हैं, आप उसके

42:12बारे में बताएंगे। वो ऑडियंस के बारे में

42:14आप बताएंगे। ठीक है? मैंने टीचर्स करा और

42:16सर्च कर लिया। ठीक है? अभी टीचर्स के

42:19लिहाज से हम ओवरऑल देखेंगे कि इसकी डिमांड

42:23यूएस के अंदर यूएस की मार्केट में किस हद

42:25तक है। ठीक है? कम है, ज्यादा है, जैसी भी

42:28है यह हमें प्रोवाइड करेगा। तो, अब देखिए,

42:32यह थोड़ा सा टाइम लेता है, सर्च कर रहा

42:34है। ठीक है? और यह हमें फिर ओवरऑल डाटा

42:37देगा इस कीवर्ड का। यह सिर्फ आपको इसके

42:41मंथली सर्चेस नहीं बताएगा। यह आपको बहुत

42:43सारा डाटा प्रोवाइड करता है फ्री वर्जन के

42:46अंदर भी। ठीक है? फ्री वाले वर्जन में भी

42:48आपको यह काफी सारा डाटा प्रोवाइड करता है।

42:51आपके कीवर्ड के लिहाज से जो भी आपने ऐड

42:54किया होता है।

42:57तो सबसे पहले मिसाल के तौर पर आप देखें

42:59इसने हमें सर्च वॉल्यूम बताया यूएस के

43:01अंदर इस टीचर वर्ड का जो सर्च वॉल्यूम है

43:04वो 3 लाख पर मंथ है। ठीक है? 3 लाख पर मंथ

43:09यह सर्च होता है कीवर्ड। ठीक है? तो इससे

43:12आपको थोड़ा सा अंदाजा होगा इसकी जो है ना

43:15डिमांड का। अब इसके बाद आपको टॉपिक

43:17आईडियाज मिलेंगे कि सर्च इंजन में क्या

43:19सर्च हो रहा है? शॉपिंग में क्या सर्च हो

43:21रहा है? सोशल मीडिया में, एआई मॉडल में

43:23टीचर से रिलेटेड सर्च क्या हो रहा है? ठीक

43:25है? उसके बाद एआई प्रो्स आपको देखने को

43:27मिलेंगे कि टीचर से रिलेटेड क्या चीजें

43:29सर्च होती है। ठीक है? अब ये देखिए अब

43:31यहां पर क्या हो रहा है? बेस्ट ऑनलाइन

43:32प्लेटफॉर्म्स फॉर टीचर्स टू क्रिएट

43:34इंटरेक्टिव लेसंस। ठीक है? यह प्र्ट सर्च

43:38हो रहा है एआई के ऊपर चैट जीपीडी के ऊपर।

43:41यह बेस्ट डिजिटल टूल्स फॉर लेसंस,

43:43प्लानिंग एंड ऑर्गेनाइजेशन। अब आप मैं अगर

43:46आपको बोलूं तो यहां पर ही मुझे दो डिजिटल

43:49प्रोडक्ट के आईडिया मिल रहे हैं। ठीक है?

43:52जो लोग सर्च कर रहे हैं। मैं उनकी उस

43:54प्रॉब्लम को हल करूंगा। उनको एक स्यूशन

43:56प्रोवाइड करूंगा। ठीक है? उन्हें एक ऐसा

43:59प्लेटफार्म चाहिए। मिसाल है जो इंटरेक्टिव

44:01लेसंस बना सके। क्यों ना मैं इंटरेक्टिव

44:04लेसंस के ही काफी सारे टेंपलेट बनाकर उनको

44:07दे दूं। ठीक है? तो उससे वह काफी उन्हें

44:10फायदा हो सकता है और उनकी वह प्रॉब्लम

44:12सॉल्व हो जाएगी। वह खुद बड़ी आसानी से

44:14इंटरेक्टिव लेसंस बना सकेंगे। ठीक है? मैं

44:17आपको सिर्फ एग्जांपल दे रहा हूं। इसी

44:18चीजों में मुझे काफी सारे डिजिटल प्रोडक्ट

44:20नजर आ जाएंगे। लेकिन उसके बाद नीचे हम आए

44:23देखिए ऑर्गेनिक सर्चेस में क्या कुछ सर्च

44:25हो रहा है। ठीक है? फिर और इसके अलावा

44:28मिलते जुलते बहुत सारी चीजें क्या सर्च हो

44:30रही है टीचर से रिलेटेड। ठीक है?

44:31क्या-क्या सवालात नेट पे सर्च हो रहे हैं।

44:34तो उसका एक टेबल सा आपको बना के दे रहा

44:36होगा। ठीक है? उसके बाद सोशल मीडिया पर,

44:38YouTube के ऊपर, TikTok के ऊपर, Instagram

44:41के ऊपर आपको एक बड़ी डिटेल में यह

44:44प्रोवाइड करेगा और बताएगा कि आपकी जो

44:46ऑडियंस है, आपकी जो टारगेट मार्केट है वो

44:50उसकी डिमांड कितनी है और उससे रिलेटेड और

44:52भी बहुत सारी चीजें आपको बताएगा। ये आपको

44:54देखिए तीन सर्चेस फ्री में देते हैं डेली

44:56की। ठीक है? मैंने अभी एक की है। दो मैं

44:58और कर सकता हूं। मुझे अंदाजा हो जाएगा कि

45:00अगर मेरी टॉप थ्री कोई ऑडियंस मेरे ज़हन

45:02में थी, मुझे उनके बारे में पता चल जाएगा

45:04कि बेस्ट कौन सी है। ठीक है? ठीक है?

45:06मिसाल है। मैं यहां पर कंपेयर करता हूं।

45:08ठीक है? अच्छा ये कंपेयर फ्री में नहीं दे

45:10रहा। तो खैर मैं अलग से सर्च करता हूं।

45:12इसको देखिए ये 3 लाख था। मैं अलग से एक और

45:14वर्ड सर्च करता हूं। सिंगल मॉम। ठीक है?

45:18मैंने यह वर्ड सेलेक्ट किया और सर्च कर

45:19दिया। क्योंकि सिंगल मॉम के जो एक कल्चर

45:22है वो यूएस के अंदर बहुत ज्यादा है। तो

45:24उससे रिलेटेड भी हमें मुझे उम्मीद है कि

45:26काफी सारे डाटा हमें देखने को मिल सकता

45:28है। ठीक है? तो मैंने इसको सिंपली सर्च

45:30किया है। इसने अभी डाटा दिया नहीं था। ठीक

45:32है? अभी सिर्फ यह सर्च हुआ है और यह डाटा

45:34को थोड़ा सा टाइम लेता है शो करने के लिए।

45:38ठीक है? तो मैं इसको थोड़ा सा टाइम दे

45:40देता हूं ताकि ये उसके लिहाज से डाटा शो

45:43कर सके। अभी फिलहाल ये यू जो टीचर्स है

45:47उसी का डाटा ये शो कर रहा है।

45:50अब आप देखें ये सर्च हुआ है सिंगल मॉम का।

45:52तो अब इसकी जो आपको नजर आ रही है ये 5.4

45:55के है। ठीक है? उससे जमीन आसमान का फर्क

45:58है। दैट्स टीचर्स ज्यादा बड़ा ऑडियंस है।

46:01ज्यादा बड़ी निश है। यह बहुत टारगेटेड निश

46:04है। सिंगल मॉम वाली जो मैंने आपको बताया

46:05है। अच्छा यहां पर एक चीज ज़हन में रखें

46:08डिमांड का हमें अंदाजा हो गया कि उसकी

46:09डिमांड ज्यादा है। इसकी थोड़ी कम है।

46:11लेकिन कुछ निशेस ऐसी भी होती है। ऑडियंस

46:13ऐसी भी होती है जिनकी पेन ज्यादा बड़ा

46:15होता है। जिनका पेन ज्यादा बड़ा होता है

46:17और वो पेन की वजह से ज्यादा अच्छी ऑडियंस

46:20साबित होती है बािनिस्बत दूसरी के। ठीक

46:23है? ठीक है? क्योंकि जो पेन होता है वो

46:24चीजें बाय करने पे ज्यादा पुश करता है कि

46:27ये इस पेन से निकलना है तो बाय करो। ठीक

46:30है? तो अभी सिंगल मॉम से रिलेटेड आपको

46:32डाटा यहां पर नजर आएगा। ठीक है? अब देखिए

46:35यहां देखिए यहां पर एक आपको नजर आ रहा है

46:37डाटा बजटिंग एप्स डिज़ फॉर सिंगल इनकम

46:40फैमिली। यह कुछ सिमिलर भी है। ठीक है? और

46:44इसके अंदर आपको प्रम्स भी नजर आएंगे।

46:46बेस्ट बजटिंग एप्स फॉर सिंगल मॉम मैनेजिंग

46:49फाइनेंससेस। ठीक है? अब यह ऐप ढूंढ रही

46:52है। हम इस तरह की कोई स्प्रेडशीट बना के

46:54दे सकते हैं। एक्सेल की शीट बना के दे

46:56सकते हैं। ठीक है? कोई ऐसा डिजिटल

46:57प्रोडक्ट बना सकते हैं जो उनकी हेल्प करे

46:59मैनेजमेंट के अंदर। ठीक है? अगर हम वो

47:01देंगे तो वो एक बेहतरीन प्रोडक्ट साबित

47:05होगा उनको सेल करने के लिए। अब देखिए मुझे

47:06प्रम से ही उनकी प्रॉब्लम का थोड़ा सा

47:09अंदाजा हो रहा है। मैं आगे जाके उसको और

47:11थोड़ा सा वैलिडेट करूंगा और उसके बाद मैं

47:13उसके लिए प्रोडक्ट बना के सेल कर सकता

47:15हूं। ठीक है? तो कोई भी ऑडियंस है आप उसको

47:17इस स्टेज से गुजारेंगे। आपको कुछ अंदाजा

47:20भी हो जाएगा। आपको आइडियाज भी मिलेंगे।

47:22ठीक है? अपने डिजिटल प्रोडक्ट के। उसके

47:25बाद नेक्स्ट आप यहां से भी इसकी ऑडियंस का

47:29अंदाजा लगा सकते हैं। मिसाल है आपने यहां

47:30भी पाकिस्तान के बजाय यूएस करेंगे जो

47:33हमारी मार्केट है। ठीक है? यू यूएस किया

47:36मैंने। अब यहां पर मैं अपने वही कीवर्ड

47:38डालूंगा जो मैंने वहां डाला था। ठीक है?

47:40अच्छा ये क्या है? ये Google ट्रेंड है।

47:42आपको नजर आ रहा होगा उम्मीद है। ठीक है?

47:44और ये बिल्कुल फ्री टूल है। ठीक है? मैंने

47:49थोड़ी सी गलती कर दी है कीवर्ड के अंदर ये

47:50Google ट्रेंड का मेन वो है इसको मैं

47:53दोबारा लिखता हूं टीचर्स

47:57ठीक है सर्च

48:01ठीक है अब ये हमें यहां पर देखिए डाटा

48:03प्रोवाइड करेगा ओवरऑल के इंटरनेट पे हो

48:06क्या रहा है। ठीक है तो ये एक साल का डाटा

48:08प्रोवाइड कर रहा है और एक साल का डाटा कम

48:10से कम आपको चाहिए ताकि आपको पता चल सके और

48:12आपको यहां पर अंदाजा हो रहा होगा कि यह

48:14किस हद तक डिमांड में रहता है। यह ज़ीरो से

48:16लेकर 100 तक एक ट्रेंड को एनालाइज करता है

48:20कि और फिर उसको नंबर देता है कि किस हद तक

48:22डिमांडिंग यह है। ठीक है? उसके बाद आप

48:24इसके साथ एक और कीवर्ड चार से पांच कीवर्ड

48:27आप इसमें यूज़ कर सकते हो। मिसाल मैंने

48:30वहां पर सिंगल मॉम वाला किया था। तो मैं

48:32वो भी यहां पर कर लेता हूं। अब इसके अंदर

48:34दो तीन ऑप्शन मिलेंगे आपको। सिंगल मॉम ये

48:36सर्च टर्म है। टॉपिक है। ठीक है? और ऑप्शन

48:39आपको यहां देखने को मिलेंगे। तो मैं यहां

48:40सर्च टर्म को ही फोकस करता हूं। यह भी

48:42सर्च टर्म है। ये भी सर्च टर्म है। तो

48:44आपको उसकी और इसका डिमांड का अंदाजा हो

48:46जाएगा। ठीक है? ठीक है? और वो हमें उससे

48:48भी हमने जो किया था उससे भी डिमांड का

48:50अंदाजा हमें हो गया था। ठीक है? उसके बाद

48:53यह आपको और ट्रेंडिंग टॉपिक्स और आइडियाज

48:56दिखाएगा इससे रिलेटेड। ठीक है? और इसके

48:59अलावा भी यह आपको काफी डिटेल्स प्रोवाइड

49:02कर सकता है अगर आप इसको देखना चाहें। ठीक

49:05है? तो, यह कुछ ऑप्शन आपको मिलते हैं।

49:08यहां से ट्रेंड से भी आपको इसका अंदाजा हो

49:11जाएगा और इस टूल से भी हो जाएगा। और लास्ट

49:13और मोस्टेंट वो इट्स है कि आप इट्स पे आके

49:17सिंपली सर्च करें और देखें उसमें कितनी

49:20ज्यादा लोग उस नीश के ऊपर काम कर रहे हैं।

49:22ठीक है? मिसाल के तौर पर मैंने यहां पर

49:24टीचर्स लिखा।

49:26हमें पता चल जाएगा कि हमारी नीश में कितना

49:29दम है। प्लस हमें प्रोडक्ट्स भी इसमें

49:32देखने को मिलेंगे। यानी कि हमें

49:33प्रोडक्ट्स का भी आईडिया होगा। ठीक है? अब

49:36आप देखिए यहां पर क्या नजर आ रहा है?

49:37कस्टम, टीचर, डोर, हैंगर और अच्छा मैंने

49:40क्या फोकस करना है? हमने देखना है अपने

49:42डिजिटल प्रोडक्ट के लिहाज से। अच्छा यहां

49:44पर क्या बोल रहा है? सेंट फ्रॉम नियर

49:45बावलपुर पाकिस्तान। ये खैर फिल्टर है।

49:49हमें लगाना नहीं है इस फिल्टर को। तो हम

49:51यहां पर एक फिल्टर लगाएंगे। वो होगा हमारा

49:55डिजिटल डाउनलोड का।

49:58ठीक है? डिजिटल डाउनलोड का हमें चाहिए

50:00क्योंकि हम डिजिटल प्रोडक्ट बनाने वाले

50:01हैं। अब आप देखें यह क्या है? एडिटेबल

50:03टीचर एप्रिसिएशन थैंक यू जो है ना कार्ड।

50:07ठीक है? यह क्या डिज़ है, टेंपलेट है और यह

50:10अब आप देखें 19.8 के रिव्यूज हैं। ठीक है?

50:15यानी कि तकरीबन 20,000 लोगों ने रिव्यु

50:17दिया है। तो इसका मतलब है बिकर कितने दफा

50:19होगा ये आप अंदाजा लगा सकते हैं। ठीक है?

50:22उसके बाद ये टीचर फेवरेट क्वेश्चनर है

50:24प्रिंट टेबल। ठीक है? के जो टीचर्स हैं वो

50:27पूछते हैं सवालात। उसके ये टेंप्लेट बना

50:30दिया और टीचर को जाहिर सी बात है ये हेल्प

50:32करेगा लर्न अपने स्टूडेंट्स को पढ़ाने

50:34में। ठीक है? तो ये सारे आपको स्टूडेंट्स

50:37के आइडियाज मिलेंगे। टेंप्लेट्स के

50:39आइडियाज मिलेंगे उस ऑडियंस के लिहाज से।

50:42ठीक है? आपको डिजिटल प्रोडक्ट के आइडियाज

50:44भी मिल रहे हैं। और आपको अंदाजा होगा के

50:47यह जो नीश है हमारी इसमें कितनी ज्यादा

50:50पोटेंशियल है। यह आपको अंदाजा हो जाएगा।

50:55अब आप देखें टॉप पर ही आपको नजर आ रहे हैं

50:571000 प्लस आइटम्स हैं। ठीक है? विद ऐड ऐड

51:00भी अलग से इसमें शामिल है। ठीक है? तो यह

51:03चीज आपको देखने को मिलेगी जिससे आपको नीश

51:05का अंदाजा होगा। इसी तरह हम अपनी दूसरी

51:07नीश भी यहां पर ट्राई कर लेते हैं।

51:16ठीक है? मैंने दूसरी नीश के लिए ऐसे भी

51:17किया। अब देखिए इसमें भी 1000 प्लस ही

51:19आपको नजर आ रहा है। अब लेकिन इसने क्या कर

51:21दिया? एक्सक्लूड

51:23डिजिटल डाउनलोड। तो मैंने एक्सक्लूड नहीं

51:24करना। मैंने इंक्लूड करना है। डिजिटल

51:27डाउनलोड ही मुझे चाहिए। ऑल आइटम नहीं

51:28चाहिए और 1000 प्लस फिर भी इसके हैं।

51:30सिंगल मॉम प्लानर के नाम से ये चीज है।

51:33देख रहे हैं सिंगल मॉम को पैरेंटिंग

51:35प्लानर। ठीक है? पैरेंटिंग के ये प्लानर

51:38दिया है। मेंटल हेल्थ का एक जनरल सा बनाया

51:40हुआ है। ठीक है? और ये सिंगल मॉम को

51:42प्रिंटिंग प्लानर है ये भी। ठीक है? तो

51:44आपको प्रोडक्ट के आईडियाज भी मिल जाएंगे

51:46और आपको नीश का भी अंदाजा हो जाएगा। ठीक

51:49है? तो देखने में जाए तो ये दोनों ही नीश

51:51ही काफी पावरफुल साबित होती है। ठीक है?

51:54तो यहां इस तरीकों से हम देखते हैं अपनी

51:56नीश को कि हमारी नीश में डिमांड है या

51:58नहीं है। ठीक है? नेक्स्ट हम बात करते हैं

52:01कि हमारे प्रोडक्ट को हम कैसे फाइनललाइज

52:03करते हैं। एक आईडिया आपको मैंने आंसर द

52:05पब्लिक का दिया कि उसकी जो लोग सर्च कर

52:08रहे हैं वो असल में उनके पेन पॉइंट्स हैं।

52:09वो उनके वो मसले हैं जिनसे वो बाहर निकलना

52:12चाहते हैं। ठीक है? तो आप सिंपली उस मसलों

52:14का हल ही आपने उनको देना होता है। ठीक है?

52:16तो आपको वहां से भी डिजिटल प्रोडक्ट के

52:18आइडियाज मिलेंगे। प्लस आपको यहां पर तो

52:20नजर आ ही रहे हैं। यहां पर आप देखिए यहां

52:22पर आपको कुछ ऑप्शन नजर देखने को मिलेंगे।

52:26सेंड एनीवेयर का ऑप्शन है क्योंकि डिजिटल

52:28प्रोडक्ट है। कहीं से भी यह सेल हो सकता

52:30है। वैसे कोई स्पेसिफिक वो चीज नहीं होती।

52:32इसमें लिमिटेशन वगैरह नहीं लगाई जाती। ठीक

52:35है? इस इट्स बेस्ट का ऑप्शन नजर आ रहा है।

52:37स्टार सेलर इट्स ए पिक्स और यह दो तीन

52:39ऑप्शन आपको यह दे रहे हैं। ठीक है? इन

52:41दोनों को मैं सेलेक्ट कर लेता हूं ताकि

52:43मुझे बेस्ट ऑप्शन इसके देखने को मिले मेरी

52:45नी से रिलेटेड। अब आप देखें यह इसका क्या

52:48है? मदर एंड चिल्ड्रन वाल आर्ट प्रिंट।

52:52ठीक है? यह आर्ट यह सेल कर रहा है। ठीक

52:54है? और वह आपको यहां नजर आएगा जो वो सेल

52:58कर रहा है। डिजिटल डाउनलोड है। कोई भी

52:59इसको डाउनलोड करवा के प्रिंट करवा के अपने

53:02पास यूज़ कर सकता है। ठीक है? यह चीज भी

53:04वहां पर नजर आ रही है आपको। ठीक है? और जो

53:07भी जितना भी डाटा होगा यह आपको दिखाएगा।

53:09वैसे यह बेस्ट पिक्स के कुछ ज्यादा डिटेल

53:14ज्यादा प्रोडक्ट्स यहां पर नहीं मिल रहे।

53:16लेकिन यह बेस्ट ऑफ द बेस्ट प्रोडक्ट साबित

53:19होंगे आपके लिए। ठीक है? जिनको आप यूज कर

53:22सकते हो। लेकिन मैं इनको रिमूव कर देता

53:24हूं।

53:27उसके बाद आपको अगर और इसके बेस्ट चाहिए तो

53:30आप यहां से फिल्टर भी कर सकते हो और टॉप

53:33रिव्यूज वाले देख सकते हो। टॉप रिव्यूज

53:35वाले प्रोडक्ट कौन से हैं। ठीक है? ये

53:37देखिए ये आपको नजर आएंगे टॉप रिव्यूज

53:39वाले। ठीक है? यह और प्रोडक्ट है। यह

53:4111,000 बार बाय किया जा चुका है। ठीक है?

53:45इसको मैं ओपन करता हूं। उसका मतलब यह है

53:47कि हम इस तरह का प्रोडक्ट बनाकर ईजीली सेल

53:50कर सकते हैं। ठीक है? देखिए, हमें कोई नई

53:52चीज एजाद नहीं करनी। जो ऑलरेडी सेल हो रहा

53:54है, हम उसको बनाएंगे और सेल करेंगे। सिंपल

53:57सा फंडा है। कोई आपने इसमें टेंशन नहीं

54:00लेनी है। अब देखिए, यह ऑलरेडी सेल हो रहा

54:01है। ठीक है? बट एक चीज कोई भी चीज परफेक्ट

54:05नहीं होती। हर चीज में नुक्स होता ही है।

54:08ठीक है? और हम अपने बेस्ट जब प्रोडक्ट

54:10बनाते हैं, हमारी कोशिश होगी कि हम उससे

54:12बेस्ट प्रोडक्ट बना सकें। ठीक है? अब आप

54:15देखें कि इसको रिव्यूज मिले हुए हैं काफी

54:17बड़ी तादाद में। ठीक है? तो हम उसको

54:20सिंपली यूज़ करेंगे और उनके रिव्यूज से हम

54:24कुछ फायदा उठाएंगे। तो अच्छा देखिए इसमें

54:27इसको कुछ रिव्यूज मिले हुए हैं। ठीक है?

54:28अच्छे भी होंगे, बुरे भी होंगे। ठीक है?

54:31तो अगर आपने इसके बेस्ट फीचर्स देखने हैं

54:33तो आप अच्छे रिव्यूज देखेंगे। लेकिन अगर

54:34आपने उसकी बैड खासियतें देखनी है कि आपको

54:37पता चल सके लोगों को मसला क्या है इस

54:39प्रोडक्ट को बाय करने के बाद उनका कौन सा

54:41ऐसा पेन पॉइंट है जो हल नहीं हुआ। आप

54:43सिंपली व्यू ऑल रिव्यूज में जाएंगे और

54:46आपको वो बैड रिव्यूज देखने हैं। ठीक है?

54:49यहां पर आपको वो बैड रिव्यूज नजर आएंगे।

54:51क्या पहला ऑप्शन इट डिड नॉट लेट मी एडिट

54:54या यूज़ इट। ठीक है? हो सकता है इसका खुद

54:56का ही बेचारे का कसूर हो। ठीक है? लेकिन

54:59इसने काफी बड़ी डिटेल में ये रिवु लिखा हुआ

55:02है। तो मैं यह रिव्यु पढूंगा तो मुझे

55:04अंदाजा होगा कि इसे कौन सा मसला है जो हल

55:07नहीं हो रहा। ठीक है? अब यह तो है एक सेलर

55:10की कहानी। यह है एक सेलर की कहानी। लेकिन

55:14हम एक से ज्यादा को भी तो देखेंगे ना।

55:16हमने सिर्फ एक तो नहीं चाहिए। यह इसका नाम

55:18है डिजिटल को प्रिंटिंग डिजिटल प्लानर।

55:21ठीक है? तो मैंने यह कॉपी किया। ठीक है?

55:24मैं और इस तरह के देख सकता हूं। सर्च कर

55:26सकता हूं। ठीक है? तो मुझे और सेलर

55:28मिलेंगे। उनके रिव्यूज मिलेंगे। उनके

55:30पॉजिटिव रिव्यूज भी होंगे, नेगेटिव

55:32रिव्यूज भी होंगे। मैं उनको सिंपली जाके

55:35चेक करूंगा और देखूंगा कि मेरे ऑडियंस के

55:37पेन पॉइंट्स क्या हैं। ठीक है? मुझे

55:40अंदाजा तो हो गया। मैंने यह प्रोडक्ट सेल

55:41करना है। अब मैं उनके पेन पॉइंट्स को देख

55:43रहा हूं ताकि मैं अपने प्रोडक्ट के अंदर

55:44उस पेन पॉइंट को हल कर सकूं। जब आप पहले

55:47से बिक रहे प्रोडक्ट से ज्यादा अच्छा

55:49प्रोडक्ट दिखाते हो लेके आते हो मार्केट

55:51में तो वो इजीली सेल हो जाता है। यानी कि

55:53वो इजी टू सेल होता है। काफी आसानी से सेल

55:56हो सकता है। तो अब आप देखिए यहां पर बहुत

55:58सारे सेलर्स हैं जिनके सेम प्रोडक्ट्स हैं

56:02और वह उस प्राइस के ऊपर सेल कर रहे हैं।

56:04अच्छा यहां पर कुछ लोग परेशान हो सकते हैं

56:06कि हम हमें इतनी कम प्राइस में बेचना

56:08पड़ेगा। तो ऐसा नहीं है। यह एक मार्केट

56:10प्लेस है। इसका रूल अलग है। और जब आप अपने

56:12खुद के ब्रांड बनाकर, अपने खुद का एक

56:15सेल्स फनल या वेबसाइट बनाकर बेचते हैं तो

56:17उसका रूल अलग होता है। ठीक है? वो इनके

56:20ऊपर डिपेंड नहीं करता। यहां पर बहुत सारे

56:23सेलर हैं। तो यहां पर यह आपस में प्राइस

56:25के ऊपर कमपीट कर रहे हैं। ठीक है? प्राइस

56:27के ऊपर कमपीट कर रहे हैं। जो अच्छी प्राइस

56:30में उनको प्रोडक्ट दे रहा होगा, वह उससे

56:32बाय करना प्रेफर कर सकते हैं। ठीक है? तो

56:34इसलिए इन्हें मजबूरन अपने प्राइस को वैसा

56:36ही रखना पड़ता है मार्केट के लिहाज से।

56:39लेकिन हमारी मार्केट ओपन मार्केट होगी,

56:41बड़ी मार्केट होगी तो हम इजीली उसके लिहाज

56:44से सेल कर पाते हैं और प्राइस रख पाते

56:47हैं। ठीक है? तो यह एक तरीका है डिजिटल

56:50प्रोडक्ट को रिसर्च करने का। यह सबसे बड़ी

56:53मार्केट है इटसे की। इसके अलावा भी है।

56:56ठीक है? जिनको आप यूज़ कर सकते हो। गम रोड

56:58है, पे हिप है। ठीक है? और वप है। इस तरह

57:01से और भी आपको मिल जाएंगे। फिर YouTube के

57:03जरिए आप फाइंड कर सकते हो। आप WhatsApp

57:04सॉरी WhatsApp नहीं Facebook के जरिए आप

57:06फाइंड कर सकते हो। पॉइंट यह है कि आपको

57:08क्लियर हो आपकी ऑडियंस कौन है और फिर आप

57:10उससे रिलेटेड जहां पर भी आपकी ऑडियंस

57:12मौजूद है आप वहां पर जाके उनके पेन

57:15पॉइंट्स को ढूंढोगे कि पेन पॉइंट्स क्या

57:17है उनके वो कौन से पेन पॉइंट रखती है

57:20जिनको हम सॉल्व कर सकें अपने डिजिटल

57:23प्रोडक्ट के साथ। यह सिंपल सा फंडा है।

57:25अगर आपने समझ लिया तो इंशाल्लाह आप एक

57:27अच्छा डिजिटल प्रोडक्ट बना पाएंगे। ठीक

57:29है? नेक्स्ट हम देखते हैं कि अगर हमारा

57:32मिसाल हमें प्रोडक्ट पता चल गया। अब हम

57:34देखते हैं हमारे कंपटीिटर कौन है। अगर है

57:37तो वो क्या इस मार्केट प्लेस के अलावा भी

57:39सेल कर रहे हैं। अगर सेल कर रहे हैं तो वो

57:41कौन सी किस प्राइस के ऊपर सेल कर रहे हैं।

57:43ठीक है? हम थोड़ी सी कंपिटिट रिसर्च

57:45करेंगे। उस कंपिटिट रिसर्च से हमें बहुत

57:46सारी चीजें क्लियर होंगी। ठीक है? उसकी

57:49डिमांड का भी अंदाजा हो जाएगा कि इस

57:50मार्केट प्लेस के अलावा भी वो सेल हो रहा

57:52है। ठीक है? दूसरा हम देख पाएंगे कि हमारे

57:54जो कॉम्पिटिट है वो किस प्राइस के ऊपर सेल

57:56कर रहा है कि हम उसके लिहाज से अंदाजा लगा

57:59सके कि हम किस प्राइस पॉइंट पर सेल कर

58:02पाएंगे तो उसके लिए एक बेस्ट प्लेटफार्म

58:04है और फ्री प्लेटफार्म है Facebook एड्स

58:07लाइब्रेरी का ठीक है तो एड्स लाइब्रेरी

58:10आपने विजिट करना है facebook.com एड्स

58:12लाइब्रेरी यह आपने लिंक विजिट करना है।

58:16ठीक है? उसके बाद यह फ्री है। आपको लॉग इन

58:19भी करना नहीं पड़ेगा। तो आपने सिंपली क्या

58:21करना है? पहले तो अपनी टारगेट कंट्री

58:23सेलेक्ट करनी है जो कि हमारी मिसाल

58:24यूनाइटेड स्टेट है। ठीक है? और उसके बाद

58:27आपने इसकी कैटेगरी को ऑल कर देना है और

58:30यहां पर वो प्रोडक्ट सर्च करना है जिससे

58:33रिलेटेड आप देखना चाहते हैं कि वो कुछ सेल

58:35हो रहा है या नहीं हो रहा। ठीक है? तो मैं

58:37यहां पर एक कीवर्ड डालता हूं और उसे सर्च

58:39करता हूं। तो अब देखिए मैंने मिसालें ये

58:42सर्च किया पैरेंटिंग डिजिटल प्लानर के नाम

58:44से। तो अब यहां देखें आप कि सबसे पहला

58:47हमें यह एक ऑप्शन नजर आ रहा है। यह हमारा

58:49एक ऐड है जो रन हो रहा है। मैंने इस पे सी

58:52ऐड डिटेल पर क्लिक किया। मुझे यहां पर फुल

58:54डिटेल यहां पर नजर आ रही है। अब इन्होंने

58:56क्या किया हुआ है कि इन्होंने एक जो है ना

58:59प्लानर सा बनाया हुआ है या एक गाइड गाइड

59:02सा बनाया हुआ है। चेक लिस्ट ट्रैकर टाइप

59:04की। ठीक है? क्या योर बेबी फर्स्ट ईयर के

59:07वो जो न्यू न्यू पेरेंट्स है उनके लिहाज

59:10से इन्होंने बनाया हुआ है और यह $1 $20

59:13में सेल कर रहे हैं। ठीक है? किसके ऊपर

59:15सेल कर रहे हैं? पे हिप के ऊपर। यह भी वही

59:17प्लेटफार्म है। जैसे मैंने आपको बताया था

59:19जैसे इट्स पे डिजिटल प्रोडक्ट सेल होते

59:20हैं। वैसे Pay हिप के ऊपर भी डिजिटल

59:22प्रोडक्ट सेल होते हैं। ठीक है? गम रोड के

59:24ऊपर पे हिप के ऊपर डिजिटल प्रोडक्ट सेल हो

59:27रहे होते हैं। ठीक है? तो देखिए यहां पर

59:29डिफरेंट ऑप्शन दिखा रहा है। तो इस पे अगर

59:31हम क्लिक करते हैं तो आपको नजर आएगा कि ये

59:34क्या चीज बेच रहा है और किस लिहाज से बेच

59:37रहा है। ठीक है? ये देखिए ये इसका डिजिटल

59:40हैंड बुक है डिजिटल प्रोडक्ट की। ठीक है?

59:42जो ये न्यू पेरेंट्स को सेल कर रहा है।

59:45ठीक है? और कितने में सेल कर रहा है? आपको

59:48नजर आ रहा है 19.99

59:50के अंदर। ठीक है? इस तरह से आपको उम्मीद

59:53है और भी देखने को मिलेंगे जब आप थोड़ा सा

59:57सर्च करेंगे। ये तो बस एक कीवर्ड है ना तो

59:59हम इससे रिलेटेड इससे सिमिलर और कीवर्ड्स

1:00:02भी जो है ना ट्राई करेंगे और हम उसके

1:00:05लिहाज से फिर देखेंगे कि हमारा बेस्ट जो

1:00:08प्रोडक्ट है हमारा जो बेस्ट कॉम्पिटिट है

1:00:10वो है कौन? ठीक है? अब ये एक हमें मिला है

1:00:13फिलहाल। ठीक है? इसके ये एक्टिव ऐड है। यह

1:00:16कौन से एक्टिव है जो इस वक्त रनिंग में

1:00:18है। कुछ ऐसे हैं जो इनक्टिव हो गए हैं।

1:00:21ठीक है? 260 ऐसे प्रोडक्ट टोटल प्रोडक्ट

1:00:24है टोटल ऐड है इससे रिलेटेड जो हमने सर्च

1:00:26किया है तो वो इसने अभी फिल्टर किया हुआ

1:00:29है ऑटोमेटिकली ना मैं फिल्टर आउट कर देता

1:00:31हूं तो आपको ये सारे ऐड देखने को मिलेंगे

1:00:33अपने सारे कंपटीिट देखने को मिलेंगे जो

1:00:36आपसे रिलेटेड चीजें सेल कर रहे हैं और वो

1:00:39किस प्राइस रेंज में सेल कर रहे हैं वह भी

1:00:42आपको यहां पर देखने को मिलेगा तो उससे

1:00:45आपको एक अंदाजा होगा कि आपने किस प्राइस

1:00:48में आप सेल कर सकते हो

1:00:51ठीक है? तो ऐसे आपको इस प्लेटफार्म के

1:00:54जरिए फ्री प्लेटफार्म के जरिए आप अपने

1:00:56कंपिटर रिसर्च भी कर सकते हो। अब देखिए

1:00:59यहां पर एक यह मिला है। अब आपको यहां पर

1:01:01नजर आ रहा होगा यह एक मिला है। यह क्या

1:01:04है? यह फाइव ईयर डिजिटल प्लानर है फॉर गुड

1:01:06नोट्स। ठीक है? यह गुड नोट्स के लिहाज से

1:01:09सेल्फ केयर किड्स और यह वो उसके लिहाज से

1:01:12यह प्रोडक्ट सेल किया जा रहा है। जो भी यह

1:01:15प्रोडक्ट है। ठीक है? इसके बारे में आप

1:01:17जानना है। आप समरी डिटेल पे जाएंगे

1:01:19क्योंकि यह ऐड इनक्टिव हो गया है इसलिए

1:01:22इसने कम दिखाया हुआ है। ठीक है? तो आप इस

1:01:24पे सिंपली क्लिक करेंगे। आपको उसकी

1:01:26वेबसाइट पे चले जाएंगे जहां पर यह सेल हो

1:01:28रहा था। ठीक है? यह क्या है? इसके बारे

1:01:29में आपको पूरा पता चलेगा। पेरेंट्स

1:01:32अल्टीमेट डिजिटल प्लानर है 2026 से 30 तक

1:01:35का। ठीक है? और उसके बारे में आपको यहां

1:01:38पर देखने को मिल जाएगा। किस प्राइस में

1:01:40बेच रहा है? यह अभी इसने ऑटो कन्वर्ट कर

1:01:41दिया पीकेआर में 6000 में। ठीक है? अगर आप

1:01:44इसको ऑटो कन्वर्ट नहीं करेंगे तो आपको यह

1:01:47और भी देखने को मिल सकते हैं। जो यूएस

1:01:49डॉलर है उसमें आपको इसकी अमाउंट मिल जाएगी

1:01:51जो कि 2025 मेरे ख्याल से बनेगी। ठीक है?

1:01:55तो यह डिफरेंट ऑप्शन यहां पर दिखा रहा है।

1:01:57यह अल्बानिया मैंने पता नहीं कौन सा

1:01:59सेलेक्ट कर लिया। तो इसलिए ये इस तरह का

1:02:01दिखा रहा था। मैं यूएस

1:02:06यूनाइटेड स्टेट कर लेता हूं। यह वेबसाइट

1:02:07कोई खास अच्छी नहीं बनाई हुई इन्होंने।

1:02:09ठीक है? इस वजह से शायद यह सही से नहीं

1:02:11चला पाए क्योंकि वेबसाइट सही से ओपन ही

1:02:14नहीं हो रही। तो यह $20 में तकरीबन सेल कर

1:02:17रहा है प्रोडक्ट को ना। ठीक है? तो आपको

1:02:20ऐसे अपने कंपटीिटर्स के बारे में भी पता

1:02:22चलेगा। वो क्या प्रोडक्ट बेच रहे हैं, किस

1:02:24लेवल का बेच रहे हैं और यह सब चीजें आपको

1:02:28एक ही जगह पर इस मीटा ऐड लाइब्रेरी में

1:02:30देखने को मिल जाएगी। ठीक है? तो मैंने

1:02:33आपको इसके अंदर तीन चीजें बता दी। ऑडियंस

1:02:36कैसे वैलिडेट करनी है, उसकी डिमांड को

1:02:38कैसे चेक करना है, प्रोडक्ट को कैसे देखना

1:02:40है कि ऑलरेडी सेल हो रहा है, आप भी सेल कर

1:02:42सकते हैं। ठीक है? और जो प्राइस में वो

1:02:43इट्स में कर रहे हैं, आप उससे ज्यादा

1:02:46प्राइस में इजीली आउटसाइड बेच सकेंगे। ठीक

1:02:49है? और तीसरा आप अपने कंपिटटर्स को कैसे

1:02:52फाइंड आउट कर सकते हैं। तो, यह मैंने एक

1:02:54प्रोसेस बताया है। लेकिन आपने एक कीवर्ड

1:02:56के ऊपर फोकस नहीं रखना कि बस एक ही कीवर्ड

1:02:59है जिसके ऊपर आपने फोकस रखना है। तो, ऐसा

1:03:01नहीं है। आप डिफरेंट चीजें सर्च करते

1:03:03रहेंगे। सारे पैरेंटिंग टेंपलेट्स मैं बोल

1:03:06सकता हूं। ठीक है? मैं पैरेंटिंग पीडीएफ

1:03:09बोल सकता हूं। जो डिजिटल फॉर्मेट के जितने

1:03:11भी ऑप्शन है मैं उन सबको अपने ऑडियंस के

1:03:13कीवर्ड के साथ ट्राई कर सकता हूं। तो अब

1:03:16देखिए अभी 63 इसके डिफरेंट ऐड है जो आपको

1:03:19देखने को मिल जाएंगे। ठीक है? तो ऐसे आप

1:03:22डिफरेंट-डिफरेंट कीवर्ड सिमिलर कीवर्ड आप

1:03:24ट्राई करोगे। आपको अपने कंपिटटर्स और

1:03:26दूसरी चीजें देखने को मिल जाएंगी

1:03:28इंशा्लाह।

1:03:31यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस कोर्स

1:03:35का मॉड्यूल फोर और इसमें हम बात करेंगे कि

Module 4 - How to Create Digital Products

1:03:38हम डिजिटल प्रोडक्ट असल में बनाते कैसे

1:03:41हैं? तो इस मॉड्यूल में हम डिटेल में

1:03:43देखेंगे कि हम डिजिटल प्रोडक्ट बनाते कैसे

1:03:45हैं? कौन सा प्रोडक्ट हमें बनाना है। इसे

1:03:47फाइनलाइज कैसे करते हैं। ठीक है? उसका

1:03:48स्कोप कैसे फाइनललाइज करते हैं और उसका हम

1:03:51देखते हैं कि हमें कौन सा प्लेटफार्म

1:03:52सेलेक्ट करना है जिसमें वो डिजिटल

1:03:54प्रोडक्ट हम बनाएंगे। एआई हमारी कैसे

1:03:55हेल्प कर सकता है? ये सारी चीजें हम इस

1:03:58मॉड्यूल के अंदर कवर करेंगे। इससे पहले कि

1:04:00हम अपना डिजिटल प्रोडक्ट बनाने पर बात

1:04:02करें। एक चीज जो आपको सबसे पहले डिसाइड

1:04:05करनी है वह है आपने कौन सा प्रोडक्ट बेचना

1:04:08है और मैं उम्मीद करता हूं पिछले मॉड्यूल

1:04:11के अंदर मॉड्यूल थ्री में आपने यह डिसाइड

1:04:13कर लिया होगा कि आपने किस ऑडियंस को बेचना

1:04:16है और उनकी कौन सी प्रॉब्लम को सॉल्व करना

1:04:19है और वो प्रॉब्लम जो सॉल्व कर रहे हैं आप

1:04:21वो किस टाइप के प्रोडक्ट के साथ आप सॉल्व

1:04:24करने वाले हैं। अब डिजिटल प्रक के बहुत

1:04:25सारी एग्जांपल है मैंने ये मॉड्यूल वन के

1:04:27अंदर आपको बताई थी। तो आप ये जब चीजें

1:04:29डिसाइड कर लेंगे आप किसके लिए बना रहे

1:04:31हैं। ठीक है? और किस टाइप का प्रोडक्ट बना

1:04:33रहे हैं। ये किस फॉर्मेट में बनाने वाले

1:04:35हैं। ये भी सब कुछ डिसाइड हो जाएगा। उसके

1:04:37बाद आगे के स्टेप्स आएंगे कि आपने

1:04:39प्रोडक्ट बनाना कैसे है। ठीक है? लेकिन ये

1:04:41चीज आपने पहले क्लियर करनी है। और ये हम

1:04:44मॉड्यूल थ्री में हमने देखा है कि आप कैसे

1:04:46कर सकते हो। कैसे डिमांड को चेक करोगे।

1:04:48कैसे आप अपने प्रोडक्ट को फाइनललाइज

1:04:50करोगे। अपने कंपिटटर को कैसे देखोगे? ये

1:04:52सारी चीजें हमने मॉड्यूल थ्री में बात की

1:04:55थी। ठीक है? तो आपने सबसे पहले ये चीज

1:04:57फाइनल करनी है कि आपने अपना प्रोडक्ट आखिर

1:04:59रखना कौन सा है? कौन सा प्रोडक्ट बेचना

1:05:01चाहते हैं। अब जब आप यह डिसाइड कर लेंगे

1:05:03कि आपने असल में प्रोडक्ट कौन सा बेचना

1:05:05है। उसके बाद नेक्स्ट स्टेप आएगा कि आप वो

1:05:07प्रोडक्ट बनाएंगे कैसे। अब इस डिजिटल

1:05:09प्रोडक्ट को बनाने के दो मेजर तरीके हो

1:05:12सकते हैं। पहला आप खुद बनाएं। यानी कि

1:05:14आपके पास वो स्किल है। ठीक है? जिसके ऊपर

1:05:17आप डिजिटल प्रोडक्ट बना सकते हो। ठीक है?

1:05:18ये ये मैं बार-बार स्टार्ट से कहता आ रहा

1:05:20हूं। अगर आप किसी चीज़ में माहिर हैं तो

1:05:22आपके लिए डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस स्टार्ट

1:05:24करना बहुत ज़्यादा आसान है। आप किसी भी चीज़

1:05:27में माहिर हैं, आप अपने उस ऑडियंस को

1:05:29टारगेट कर सकते हो। उन उनके जो पेन पॉइंट

1:05:31है उनको सॉल्व कर सकते हो। ठीक है? तो,

1:05:33अगर आप खुद बना सकते हो, तो बेहतरीन है।

1:05:36सबसे बेस्ट ऑप्शन यह है और सबसे लो कॉस्ट

1:05:39स्टार्टअप आपका यह साबित होगा अगर आप खुद

1:05:41बना सकते हो। प्लस एआई आपकी इसमें बहुत

1:05:43ज्यादा हेल्प कर सकती है और आगे जाके हम

1:05:45इस पे बात करेंगे। तो यह पहला मेजर तरीका

1:05:48है कि आपके पास खुद एक्सपर्टीज है और आप

1:05:50उसके ऊपर डिजिटल प्रोडक्ट को बना रहे हो।

1:05:52तो फिर दूसरा ऑप्शन होता है कि आप किसी को

1:05:54हायर कर लो और आपके लिए एक बेस्ट ऑप्शन यह

1:05:56है कि पाकिस्तान में आपको एक अफोर्डेबल

1:05:59प्राइस के अंदर अच्छे फ्रीलांसर उस स्किल

1:06:01के मिल जाते हैं जिनको आप हायर करके उनको

1:06:04पैसे देकर आप डिजिटल प्रोडक्ट बना सकते हो

1:06:06और ये आपकी वन टाइम इन्वेस्टमेंट होगी

1:06:09आपकी बेस्ट बिजनेस के लिए। ठीक है? तो ये

1:06:11एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। ठीक है?

1:06:13या तो आप खुद बना लें एआई की हेल्प से या

1:06:15फिर आप जो है ना किसी से बनवा लें। ठीक

1:06:17है? यह ऑप्शन पहला ऑप्शन बेस्ट जब बेहतरीन

1:06:20जब काम करेगा जब आप खुद उस एक्सपर्टीज में

1:06:23माहिर हैं। आपके पास एक स्किल है जिसमें

1:06:25आप महारत रखते हैं। ठीक है? अदरवाइज आपको

1:06:27थोड़ा मुश्किल हो सकती है। साथ ही एक चीज

1:06:30आप ज़हन में रखें आप बना सकते हैं वि द

1:06:32हेल्प ऑफ एi लेकिन फिर आपको एआई को अच्छे

1:06:35से इस्तेमाल करना आता हो। तो ईआई को अच्छे

1:06:37से इस्तेमाल करना भी एक स्किल है जो कि

1:06:39जाहिर सी बात है जरूरी है। तो पहला ऑप्शन

1:06:41यह है दूसरा आप किसी को हायर कर लें और

1:06:43मैं यकीन से कह सकता हूं आपको काफी

1:06:44मुनासिब प्राइस के अंदर आपको अच्छे

1:06:46फ्रीलांसर मिल सकते हैं। ठीक है? और जिनके

1:06:49जरिए आप काम ले सकते हो। ठीक है? तो ये दो

1:06:51ऑप्शन है डिजिटल प्रोडक्ट को बनाने के। तो

1:06:54मिसाल के तौर पर आप कोई भी ऑप्शन सेलेक्ट

1:06:56करने वाले हैं। लेकिन उससे पहले हम बात

1:06:58करते हैं कि हम अपने डिजिटल प्रोडक्ट का

1:06:59स्कोप कैसे फाइनललाइज करना है। आपको ठीक

1:07:01है? ये डिसाइड करें कि अब बनाना क्या है?

1:07:03आपने डिसाइड करना है कि एग्जैक्टली ये

1:07:05डिजिटल प्रोडक्ट में आपका होगा क्या जो आप

1:07:07डिलीवर करोगे। ठीक है? अब मिसाल ले लें कि

1:07:09हमने मॉड्यूल थ्री में देखा टीचर से

1:07:11रिलेटेड कुछ टेंप्लेट थे। पैरेंटिंग से

1:07:13रिलेटेड कुछ टेंप्लेट थे। उन्होंने क्या

1:07:15बनाया हुआ है? किसी ने स्प्रेड शीट बनाई

1:07:16हुई है। किसी ने टेंपलेट्स बनाए हुए हैं

1:07:18cवा डिज़ाइन के ऊपर या किसी भी जरिए। ठीक

1:07:20है? 10 के टेंपलेट है। 100 प्रोडक्ट का

1:07:22टेंपलेट है। 1000 प्रोडक्ट का टेंपलेट है।

1:07:24ये डिफरेंट चीज़ है। तो आपने एग्जैक्टली

1:07:26डिसाइड करना है आपके डिजिटल प्रोडक्ट में।

1:07:28असल में होगा क्या? क्या कुछ होगा इसके

1:07:30अंदर? ठीक है? मिसाल 50 ग्राफिक डिजाइनिंग

1:07:32के टेंप्लेट होंगे, रील आईडियाज होंगे,

1:07:34कैलेंडर होगा, क्या होगा? एग्जजेक्टली

1:07:36आपको स्कोप पता हो कि आपके प्रोडक्ट के

1:07:38अंदर क्या होने वाला है। ठीक है? फिर आप

1:07:40डिसाइड कर पाएंगे ना कि कौन-कौन से

1:07:42प्लेटफार्म यूज़ होंगे और कितना बजट आपका

1:07:44लग सकता है अगर आप किसी और को हायर करोगे

1:07:46तो। अब यहां पर कुछ लोग गलती क्या करते

1:07:48हैं कि मिसाल है एक पर्सन ने 1000

1:07:50प्रोडक्ट का एक टेंपलेट बनाया हुआ है तो

1:07:51वह भी सारी इन्वेस्टमेंट करने लग जाते हैं

1:07:53और 1000 प्रोडक्ट को जो है ना बनाना

1:07:56स्टार्ट कर देते हैं जिसमें टाइम भी लगता

1:07:58है और इन्वेस्टमेंट भी ज्यादा लग जाती है।

1:07:59इसके बजाय आपको क्या करना चाहिए? आपको एक

1:08:01मिनिमम विएबल प्रोडक्ट बनाना चाहिए। हम

1:08:05इसे शॉर्ट फॉर्म में एमवीपी कहते हैं।

1:08:07मिसाल के तौर पर आप 1000 प्रोडक्ट बनाएं।

1:08:09इससे बेहतर है आप 50 प्रोडक्ट बनाएं। ठीक

1:08:1150 प्रोडक्ट टेंपलेट बनाएं और उसे स्माल

1:08:14अमाउंट में एक छोटी चीप प्राइस के अंदर

1:08:16सेल करके देखें। देखें कि क्या वह सेल हो

1:08:18रहा है या नहीं हो रहा। अगर वह सेल हो रहा

1:08:20है फिर आप उसमें इंक्लूड करते जाएं। 50

1:08:22प्रोडक्ट और ऐड कर दें फिर और ऐड कर दें।

1:08:24फिर और ऐड कर दें और एक वक्त आएगा आपके

1:08:26पास 1000 या उससे ज्यादा प्रोडक्ट होंगे।

1:08:28इससे क्या होगा? आपकी इन्वेस्टमेंट

1:08:30स्टार्ट में कम लगेगी। 50 प्रोडक्ट अगर आप

1:08:32किसी चीज से बनवाते हैं तो वो कम

1:08:33इन्वेस्टमेंट लगेगी और 1000 प्रोडक्ट पे

1:08:35ज्यादा इन्वेस्टमेंट लगेगी। ठीक है? तो

1:08:37आपने स्माल लेवल से स्टार्ट करना है। ठीक

1:08:40है? उसे टेस्ट करना है अपने प्रोडक्ट को

1:08:41और उसके बाद आप उसमें और एडिशन कर सकते

1:08:44हो। तो अब जब आपने यह डिसाइड कर लिया कि

1:08:47आपके प्रोडक्ट का स्कोप क्या होगा? क्या

1:08:48कुछ आप उसमें डिलीवर करने वाले हो। ठीक

1:08:50है? और उसकी क्वांटिटी कितनी होगी? कितने

1:08:52प्रोडक्ट आप बनाने वाले हो। मैंने जैसे

1:08:54रिकमेंड किया स्माल आप स्टार्ट करें। ठीक

1:08:56है? थोड़ा कम से स्टार्ट लें आप। ठीक है?

1:08:58अब डिसाइड आपने करना है कि कौन-कौन से

1:09:00प्लेटफार्म ऐसे हैं जो आपकी इस प्रोडक्ट

1:09:03को बनाने में हेल्प कर सकते हैं। अब बहुत

1:09:05सारे प्लेटफार्म अवेलेबल हैं और काफी सारे

1:09:08प्लेटफार्म ऐसे हैं जो यूजर फ्रेंडली हैं।

1:09:10बड़े बिगिनर फ्रेंडली टाइप के प्लेटफार्म

1:09:12है। मसाले आपने टेंप्लेट्स बनाने हैं

1:09:14डिजाइनिंग के, कैलेंडर के किसी भी किस्म

1:09:16के आप cवा में बना सकते हो। आप जो है ना

1:09:18Google शीट्स में बना सकते हो। अगर आपने

1:09:20इस तरह की बनानी है। आप जो है सिग्मा में

1:09:23बना सकते हो। आप नोशन में बना सकते हो। आप

1:09:25जो है ना AOब की Photoshop इलस्ट्रेटर में

1:09:27बना सकते हो। ये डिपेंड करेगा आप किस टाइप

1:09:29का टेंपलेट बनाने वाले हो। इसी तरह अगर आप

1:09:31ई-बुक डिजाइन करने वाले हैं CV आपकी काफी

1:09:33हेल्प कर सकता है। Google DS आपकी हेल्प

1:09:35करेगा। ठीक है? आप इज़ली एक अच्छी ई-बुक

1:09:37बना पाएंगे। इसके अलावा अगर आप थोड़ा

1:09:39प्रोफेशनल लेवल पे जाएंगे तो फिर AOब इन

1:09:41डिज़ाइन आपकी काफी हेल्प कर सकता है इस चीज

1:09:44के अंदर। और अगर आप स्प्रेडशीट पर जाते

1:09:45हैं आप उसके लिए एक्सेल आपके पास है। आपके

1:09:48पास जो है ना Google शीट्स हैं। उसमें आप

1:09:51टेंपलेट बना सकते हो उस स्प्रेडशीट से

1:09:54रिलेटेड। और मिसाल है अगर आप कोर्स बनाना

1:09:56चाहते हो तो उसमें जाहिर सी बात है आपके

1:09:58पास कैमरा हो वो मोबाइल फोन भी हो सकता

1:10:00है। ठीक है? आपके पास कोई प्रीमियर prop

1:10:02टाइप के बेसिक एडिटिंग सॉफ्टवेयर हो तो

1:10:04फिर आप वो कोर्स लेवल का डिजिटल प्रोडक्ट

1:10:07बना पाओगे। यहां पर आपको एआई भी हेल्प कर

1:10:09सकती है। ठीक है? तो एआई भी आपके लिए काफी

1:10:11फायदेमंद साबित हो सकती है। और इसी तरह से

1:10:14और बहुत सारे ऑप्शन है। वीडियो एजट्स

1:10:16बनाने हैं आपने तो प्रीमियर pro और इस तरह

1:10:18के और ऑप्शन आ सकते हैं। और अगर सॉफ्टवेयर

1:10:20कोई बनाना है, आपने कोई एप्लीकेशन बनानी

1:10:22है तो फिर आपको एआई के सॉफ्टवेयर भी मिल

1:10:24सकते हैं। अगर आप खुद कोडिंग जानते हैं तो

1:10:26आप खुद बना सकते हो। तो ये चीजें सब

1:10:28डिपेंड करेंगी कि आप कौन से ऑप्शन को

1:10:30सेलेक्ट करने वाले हैं। आप खुद बनाएंगे

1:10:32एआई की हेल्प से या फिर आप किसी से

1:10:33बनवाएंगे। ठीक है? तो प्लेटफार्म बेतहाशा

1:10:36हो सकते हैं। आपने अपने ऑडियंस के लिहाज

1:10:38से आप उसको क्या डिलीवर करने वाले हैं? उस

1:10:40किस फॉर्मेट में डिलीवर करने वाले हैं?

1:10:42उसके लिहाज से आप प्लेटफॉर्म्स को सेलेक्ट

1:10:44कर सकते हो। और बेस्ट बात यह है आपके जो

1:10:46कंपिटिट ऑलरेडी सेल कर रहे हैं वो आपको

1:10:48आईडिया दे देंगे कि आपने असल में किस टाइप

1:10:50के प्लेटफॉर्म्स को यूज़ करना है। Google

1:10:52शीट को यूज़ करना है या फिर स्प्रेडशीट

1:10:54एक्सेल में बनानी है या फिर आपने Cवा यूज़

1:10:56करना है। आपके कंपटीिटर आपको खुद ये चीज

1:10:58इन चीजों का आईडिया दे देंगे अगर आपको

1:11:01नहीं पता तो। अदरवाइज अगर आप खुद एक्सपर्ट

1:11:03हैं तो आप जानते हैं कि आप कौन से टूल हैं

1:11:05जो आपने यूज करने हैं और जो खुद यूज करते

1:11:07हैं आप और आपका क्लाइंट यूज़ करना पसंद

1:11:09करता है। अगर हम बात करें एआई की तो एआई

1:11:12आपकी डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस में काफी

1:11:14हेल्प कर सकता है। यह आपके रिसर्च में

1:11:16हेल्प कर सकता है। यह आपको टेंपलेट को

1:11:17फाइनललाइज करने में हेल्प कर सकता है। यह

1:11:19आपकी जो है ना स्कोप को फाइनललाइज करने

1:11:20में हेल्प कर सकता है। यह आपके प्रोडक्ट

1:11:22टेंपलेट बनाने में आपकी हेल्प कर सकता है।

1:11:24ठीक है? बहुत सारे एआई टूल्स अवेलेबल है

1:11:27ऐसे जो आपकी काफी सारे प्रोडक्ट टेंपलेट्स

1:11:30को बनाने में उनको अरेंज करने में उनको

1:11:32डिजाइन करने में हेल्प कर सकते हैं। लेकिन

1:11:34जाहिर सी बात है हर टूल फ्री नहीं है। कुछ

1:11:37टूल पेड भी हो सकते हैं और ये डिपेंड

1:11:39करेगा आप किस टाइप का प्रोडक्ट बना रहे

1:11:42हो। ठीक है? लेकिन एi ऑलमोस्ट हर चीज में

1:11:44आपकी हेल्प कर सकता है और काफी सारे टूल

1:11:47फ्री है और फ्री वाले ही आपकी काफी हेल्प

1:11:50कर सकते हैं इस डिजिटल प्रोडक्ट इको

1:11:52सिस्टम के अंदर। ठीक है? तो आप जितना

1:11:54कोशिश हो सके आपकी आप एआई से फायदा

1:11:56उठाएंगे। लेकिन यहां पर एक वार्निंग मैं

1:11:59देना चाहूंगा कि टोटली एआई पर डिपेंड नहीं

1:12:02करना। ठीक है? क्योंकि लो क्वालिटी के

1:12:04डिज़ाइंस और लो क्वालिटी के टेंप्लेट्स भी

1:12:06एआई आपको बना के दे सकता है। ठीक है? अगर

1:12:08वो इजीली एआई के जरिए बन पा रहे हैं तो

1:12:11चांसेस हैं कि वो चीज शायद आपका जो कस्टमर

1:12:14है वो आपसे बाय करना ना चाहे। तो आपका

1:12:16डिज़ाइन ऐसा होना चाहिए। एआई की हेल्प जरूर

1:12:18लेंगे। लेकिन एक पावरफुल और खूबसूरत एक

1:12:21अच्छा प्रोडक्ट बनाएंगे जो आगे सेल हो। लो

1:12:24क्वालिटी के प्रोडक्ट एआई के जरिए बनाके

1:12:26आप बेच नहीं पाएंगे। काफी ज्यादा मुश्किल

1:12:29होगी आपको और इन केस आपने बेच भी दिया तो

1:12:31जब कस्टमर बाय करेगा उसके पास आएगा और वो

1:12:33लो क्वालिटी में होगा। ठीक है? तो फिर

1:12:35जाहिर सी बात है वो आपको रिफंड कर देगा।

1:12:37आपको जो है ना चार्ज बैक्स का सामना करना

1:12:39पड़ेगा जो आपके बिजनेस के लिए काफी

1:12:41नुकसानदा साबित हो सकता है। अच्छा अब जब

1:12:44आपके पास प्रोडक्ट बन जाए तो एक चीज ज़हन

1:12:46में रखना है आपने कि आपने मॉकअप्स बनाने

1:12:48हैं अपने प्रोडक्ट के। ठीक है? अपने

1:12:49प्रोडक्ट्स के मॉकअप्स बनाने हैं। क्योंकि

1:12:51जाहिर सी बात है जब हम उसको अपने स्टोर पर

1:12:54अपनी वेबसाइट के ऊपर लिस्ट करेंगे तो

1:12:55फ्रंट पे कुछ होगा। हम बैक साइड अंदर की

1:12:57जो कहानी है अंदर का जो डाटा है वो हम

1:12:59अपने कस्टमर को नहीं दिखाएंगे। बल्कि जो

1:13:01बैक साइड है फ्रंट है वह हमें दिखाना होता

1:13:03है। उसको हम मॉकअप कहते हैं। हम उसमें

1:13:05मॉकअप्स क्रिएट करते हैं। कुछ पीडीएफ की

1:13:07ईबुक की फॉर्मेट में मॉकअप्स बनते हैं।

1:13:09कुछ जो है ना लैपटॉप स्क्रीन पर मोबाइल

1:13:11स्क्रीन पर जो भी आपका प्रोडक्ट है उसके

1:13:13हम मॉकअप जनरेट करते हैं। और इसका बेस्ट

1:13:15सॉफ्टवेयर आपको cवा मिल जाएगा। आप cवा का

1:13:18फ्री या पेड प्लान ले सकते हो। पेड प्लान

1:13:20भी $89 का $8 का होता है महीने का। उसमें

1:13:23आप बेतहाशा टेंपलेट्स यूज़ करते हुए

1:13:25मॉकअप्स बना सकते हो। और मॉकअप्स बहुत

1:13:27ज़्यादा ज़रूरी हैं डिजिटल प्रोडक्ट को शो

1:13:29करके सेल करने में। ठीक है? तो मॉकअप्स

1:13:32आपने लाज़मी बनाना है। और उसके बाद एक चीज़

1:13:34जो आपने ज़हन में रखनी है, आपने अपने जो

1:13:36डिजिटल प्रोडक्ट है उसकी एक पैकेज फाइल

1:13:39बनानी है। मिसाल है जब कोई कस्टमर ऑर्डर

1:13:41करेगा, तो आप वो पैकेज पूरी फाइल उसको भेज

1:13:43सकते हो। ठीक है? ताकि किसी किस्म की भी

1:13:45कोई मिसिंग ना हो। तो ये चीज़ आपने मेक

1:13:47श्योर करनी है कि आप सारी चीज़ उसको प्रॉपर

1:13:49अंदाज में डिलीवर कर सको। अब वो ज़िप फाइल

1:13:51हो सकती है। वो Cवा की टेंपलेट है अगर तो

1:13:54उसका लिंक हो सकता है। ठीक है? वो कोई भी

1:13:56स्प्रेडशीट, एक्सेल शीट कुछ भी हो सकता

1:13:58है। लेकिन एक प्रॉपर पैकेज हो। आपको पता

1:14:00हो कि जो मैं प्रोडक्ट बेच रहा हूं उसमें

1:14:02मुझे क्या कुछ डिलीवर करना पड़ेगा। तो

1:14:04उसका आपने एक कंप्लीट पैकेज सा बना लेना

1:14:07है। और यह पैकेज आपको आगे भी काम आएगा जब

1:14:10आप अपनी वेबसाइट्स बना रहेगे और जब

1:14:12प्रोडक्ट डिलीवरी को हमें सेटअप करना है

1:14:14कि जैसे कोई हमें ऑर्डर करे तो वो

1:14:16प्रोडक्ट ऑटोमेटिकली उसके पास पहुंच जाए।

1:14:19उसके ईमेल पे पहुंच जाए। उसकी डाउनलोड वो

1:14:21कर सके। कुछ भी हो लेकिन वह ऑटोमेटिकली कर

1:14:24सके ताकि आपको प्रोडक्ट डिलीवरी की टेंशन

1:14:26ना लेनी पड़े। तो यह था हमारा कंप्लीट

1:14:29लेसन कि हम डिजिटल प्रोडक्ट कैसे बना सकते

1:14:32हैं। यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस

Module 5 - Digital Products Pricing & Offers

1:14:35का मॉड्यूल फाइव और इसके अंदर हम बात

1:14:39करेंगे प्राइसिंग ऑफर्स और डिजिटल

1:14:42प्रोडक्ट लाइसेंसिंग के बारे में। तो इस

1:14:44मॉड्यूल में सिंपल सा मैं आपको चीज़

1:14:46बताऊंगा कि आपने अपने डिजिटल प्रोडक्ट की

1:14:48प्राइसिंग कैसे रखनी है। उसकी बेस्ट

1:14:50प्राइसिंग एग्जांपल्स मैं आपको दूंगा।

1:14:52प्रोडक्ट लाइसेंसिंग के बारे में आपको

1:14:53समझाऊंगा। बोनसेस और ऑफर्स के बारे में

1:14:55मैं आपको बताऊंगा। तो सबसे पहला सवाल कि

1:14:58हम डिजिटल प्रोडक्ट की प्राइस रखते कैसे

1:15:01हैं? देखिए डिजिटल प्रोडक्ट की प्राइस

1:15:03रखने के डिफरेंट मेथड हो सकते हैं। जिनमें

1:15:07से चंद को मैं रिकमेंड करता हूं कि इन

1:15:09बातों का आपने ख्याल रखना है जब आप डिजिटल

1:15:11प्रोडक्ट का एक प्राइसिंग सेट कर रहे हो।

1:15:14सबसे पहली चीज आपने देखनी है कंपिटिट

1:15:16प्राइसिंग। कि आपका जो कंपटीिटर है आपकी

1:15:18मार्केट के अंदर किस प्राइस पे सेल कर रहा

1:15:20है। मिसाल है अगर आपका प्रोडक्ट यूनिक है

1:15:22और आपको कंपटीिट मिल ही नहीं रहा तो फिर

1:15:24जाहिर सी बात है आपके पास फर्स्ट मूवर

1:15:26एडवांटेज या फिर आपके कंट्रोल में है कि

1:15:28आप क्या प्राइस रखना चाहते हो। अगर आपको

1:15:30कोई कंपटीिट है ही नहीं तो वो उस उस

1:15:31मार्केट के अंदर सक्सेसफुली सेल नहीं कर

1:15:33रहा तो लेकिन बहरहाल हम देखते हैं कि

1:15:35हमारा कंपटीिट प्राइस है क्या? दूसरा हम

1:15:38देखते हैं वैल्यू बेस्ड प्राइसिंग। ठीक

1:15:40है? हम वैल्यू के बिहाफ पर प्राइस रखते

1:15:42हैं ना कि अपने नंबर ऑफ प्रोडक्ट के बिहाफ

1:15:44पर। हम देखते हैं कि हम कौन सी ऐसी वैल्यू

1:15:46अपनी ऑडियंस को प्रोवाइड कर रहे हैं। ठीक

1:15:48है? और वह उस ऑडियंस के लिए कितनी कीमती

1:15:51हो सकती है। वो जितनी उसके लिए कीमती है

1:15:53हम उसके लिहाज से प्राइस रख सकते हैं।

1:15:55मिसाल एक ऐसी प्रॉब्लम है जो $000 या उससे

1:15:58ज्यादा उसे कॉस्ट आ सकती थी। ठीक है? अगर

1:16:00वो आपका डिजिटल प्रोडक्ट बाय नहीं करता

1:16:02तो। ठीक है? अब उसको पता है हमें पता है

1:16:04कि $000 कॉस्ट आ सकती है। ठीक है? लेकिन

1:16:06हमारा जो कॉम्पिटिट है वो $10 में बेच रहा

1:16:08है। और हम जानते हैं इसकी वैल्यू $1000

1:16:11है। अब मैं यह नहीं कह रहा आप $1000 रखें।

1:16:13लेकिन आप $10 से ज्यादा रख सकते हो। आप

1:16:15$29 रख सकते हो। आप $49 रख सकते। क्यों?

1:16:18क्योंकि $49 $1000 के मुकाबले में एक चीप

1:16:21चीज है। ठीक है? वो देखेगा कि मुझे काफी

1:16:24अच्छी बचत हो रही है। मुझे $1000 कॉस्ट आ

1:16:27सकती थी और अब मुझे सिर्फ $49 में मिल

1:16:29जाएगा। ठीक है? तो हम वैल्यू के बिहाफ पे

1:16:31प्राइस रखते हैं। तीसरा पॉइंट जो हम देखते

1:16:34हैं वो है ऑडियंस की अफोर्डेबिलिटी। हम

1:16:36देखते हैं कि क्या हमारी ऑडियंस उस प्राइस

1:16:38को अफोर्ड भी कर सकती है या नहीं कर सकती।

1:16:40ठीक है? तो आपकी ऑडियंस पे डिपेंड करेगा।

1:16:42मिसाल है रियलस्टेट वाले हैं वो जाहिर सी

1:16:44बात है वो एक अच्छी ऑडियंस साबित हो सकती

1:16:46है आप उसमें ज्यादा हाई एंड प्रोडक्ट भी

1:16:48बेच सकते हो ज्यादा प्राइस वाला भी लेकिन

1:16:49एक स्टूडेंट है मिसाल है तो शायद वो

1:16:51स्टूडेंट उस लेवल की प्राइस अफोर्ड ना कर

1:16:54सके तो हमें देखना होगा कि हमारी जो

1:16:56ऑडियंस है उसकी अफोर्डेबिलिटी है कितनी वो

1:16:58किस हद तक पे ऑलरेडी कर रही है और वो पे

1:17:01कर सकती है। हम ये चीज देखते हैं। चौथा

1:17:03पॉइंट हमारा आता है प्रोडक्ट की क्वालिटी

1:17:05के ऊपर। हम देखेंगे कि हमारा प्रोडक्ट की

1:17:07क्वालिटी किस लेवल की है। मसाले हमारे

1:17:09कंपिटिट है या मार्केट में लो क्वालिटी का

1:17:11प्रोडक्ट सेल हो रहे हैं। ठीक है? एक

1:17:12प्राइस के ऊपर लेकिन हमारा प्रोडक्ट उनसे

1:17:14ज्यादा अच्छा है। हाई क्वालिटी का है। हम

1:17:16उसके लिहाज से प्राइस रखेंगे। और पांचवा

1:17:18पॉइंट है हमारा बिजनेस कॉस्ट। हम देखेंगे

1:17:20कि हमारा ओवरऑल बिजनेस कॉस्ट क्या आ रही

1:17:23है? हमारी एडवरटाइजिंग कॉस्ट क्या आ रही

1:17:24है? मार्केटिंग कॉस्ट क्या आ रही है। ठीक

1:17:26है? उसके लिहाज से भी हम अपनी प्राइस को

1:17:28एडजस्ट कर सकते हैं। तो ये चार पांच पॉइंट

1:17:30है जिसके बिहाफ पे हम फाइनलाइज करते हैं

1:17:32कि हमने अपने डिजिटल प्रोडक्ट की प्राइस

1:17:34रखनी क्या है? तो अगर मैं आपको कुछ

1:17:36एग्जांपल्स दूं तो सबसे पहले हम बात करते

1:17:39हैं लो टिकट की। ठीक है? लो टिकट प्रोडक्ट

1:17:41आपने बेचना है तो नॉर्मली आप $45 से लेकर

1:17:44$1 तक, $20 तक अपनी लो टिकट लेवल पर आप

1:17:48सेल कर सकते हो। यह ऐसी प्राइसिंग है जो

1:17:50ऑलमोस्ट हर ऑडियंस अफोर्ड कर लेती है अगर

1:17:53आप इंटरनेशनल मार्केट में चले जाए तो। ठीक

1:17:55है? तो यह एक लो जो है ना टिकट प्रोडक्ट

1:17:57की एग्जांपल होगी। दूसरा हम एक बात कहते

1:17:59हैं कोर टिकट। ठीक है? कोर ऑफर कह दो, कोर

1:18:02टिकट कह दो। इसमें क्या होगा? यह $90 से

1:18:05ऊपर की कहानी होगी। तो इसके अंदर आप $90

1:18:07$20 से लेकर आप $60, $70, $80, $79 इस

1:18:13लेवल पे रखते हो। और ज्यादातर हम ओल्ड

1:18:14प्राइस में रखते हैं। मिसाल इस हम $30 के

1:18:17हैं। इससे बेहतर है हम $29 रख। ठीक है?

1:18:19$30 की बजाय मैंने $29.99 रख दिया। यह

1:18:22साइकोलॉजी के लिहाज से ज्यादा परफेक्ट है।

1:18:24तो हम थोड़ा सा हम उर्दू में मैं बोलूं तो

1:18:26ताक तादाद में हम रखते हैं। 30 के बजाय हम

1:18:2929 रख देंगे। ठीक है? इसी तरह आप $60,

1:18:32$70, $79 इस लेवल तक आप जा सकते हो इस कोर

1:18:36ऑफर के अंदर। ठीक है? लेकिन ये एक हाई

1:18:38क्वालिटी अच्छे प्रोडक्ट्स इस लेवल पर सेल

1:18:41होते हैं। उसके बाद आते हैं हमारे

1:18:43प्रीमियम बंडल की कैटेगरी। मिसाल है 1000

1:18:45प्रोडक्ट है, 2000 प्रोडक्ट है, 10,000

1:18:47प्रोडक्ट है। प्रीमियम बंडल है आपके पास

1:18:49किसी भी ऑडियंस के लिए। ठीक है? तो इस

1:18:51टाइप के जो प्रोडक्ट है यह $70 प्लस में

1:18:53सेल होते हैं। 7080 प्लस से लेकर $100

1:18:56$200 यहां तक कि $300 तक भी यह प्राइस में

1:18:59जा रहे होते हैं और इजीली सेल हो रहे होते

1:19:02हैं। लेकिन वो उस वक्त जब आपको कोई

1:19:03प्रीमियम बंडल हो। ठीक है? जो बहुत बड़ी

1:19:06वैल्यू को और बहुत बड़े प्रॉब्लम को सॉल्व

1:19:08कर रहा हो। एक बेहतरीन वैल्यू प्रोवाइड कर

1:19:10रहा हो। और उसके बाद एक और कैटेगरी हमारी

1:19:12आती है वो होती है बी टू बी या कमर्शियल।

1:19:14यानी कि आप ऐसा प्रोडक्ट बना रहे हैं

1:19:16डिजिटल जो बी टू बी बिजनेस को हेल्प करने

1:19:18वाले। मिसाल है रियलस्टेट बिज़नेस को हेल्प

1:19:20करने वाला है या किसी भी ऐसे बिज़नेस को जो

1:19:22ज्यादा वैल्यू रखता है तो वह इस $200 $300

1:19:25से ज्यादा भी पे कर सकता है आपको उस

1:19:28प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए। यह मैंने

1:19:30चंद एग्जांपल दिए हैं। मैं यह नहीं कह रहा

1:19:32आप एग्जैक्टली इसी अंदाज में प्राइस को रख

1:19:34दें। मैंने चंद एग्जांपल दिए हैं। लेकिन

1:19:36आप अपनी प्राइस को रखते हुए जो मैंने चार

1:19:37पांच पॉइंट आपको पहले बताए थे, आपने उन

1:19:40बातों का ख्याल रखना है। मैं साथ ही आपको

1:19:43ना बंडल के भी बारे में भी बताता जाता

1:19:44हूं। मिसाल आप अपनी प्राइस को बढ़ाना

1:19:46चाहते हो। ठीक है? के थोड़ा ज्यादा में

1:19:48सेल करना चाहते हो। आप पहले $7 में बेच

1:19:50रहे थे। लेकिन आप चाहते हो कि आप $7 से

1:19:52ज्यादा चार्ज करो तो आप बंडल बना सकते हो।

1:19:54अपने टेंप्लेट्स का बंडल बना सकते हो। आप

1:19:5550 प्रोडक्ट का एक डिज़ाइन बेच रहे हैं।

1:19:57मिसाल है। आपने 50 प्रोडक्ट का डिज़ाइन एक

1:19:59और ऑडियंस के लिए बना दिया। एक और एंगल से

1:20:01बना दिया। एक डिफरेंट एंगल से बना दिया।

1:20:02आपने ऐसे 50-50 के दो-तीन सेट बना दिए। आप

1:20:05इन तीनों को कंबाइन चारों को कंबाइन करके

1:20:07एक बंडल सा बना सकते हो। ठीक है? आपने

1:20:09स्प्रेडशीट डाल दिया। आपने प्लानर डाल

1:20:10दिया। आप एक बंडल बना रहे हो। वो बंडल आप

1:20:12ज्यादा प्राइस में सेल कर पाओगे। ठीक है?

1:20:14सिंगल प्रोडक्ट कम प्राइस में सेल होगा।

1:20:16लेकिन जो बंडल होगा वह ज्यादा प्राइस में

1:20:19ईजीली सेल हो सकता है। तो आपने कोशिश करनी

1:20:21है अगर आप बना सकें तो आप बंडल्स बनाएं।

1:20:24ऑफर्स बनाएं अपने टारगेट ऑडियंस के लिए जो

1:20:26उनको अट्रैक्ट करें और वो उसको बाय कर सके

1:20:29और उनको उस बंडल के अंदर ज्यादा वैल्यू

1:20:32मिलनी चाहिए। ठीक है? ये चीज पॉइंट को

1:20:34हमेशा ज़हन में रखना है। अगर आपके कस्टमर

1:20:36को वैल्यू मिलेगी तो वो बाय करेगा। अगर वो

1:20:38वैल्यू नहीं मिल रही तो वो बाय नहीं

1:20:39करेगा। इसके अलावा अगर आप अपनी जो है ना

1:20:42कन्वर्जन रेट को बढ़ाना चाहते हो तो आप

1:20:44बोनसेस ऐड कर सकते हो। ठीक है? मिसाल है।

1:20:46आपने बंडल्स बनाए। ठीक है? लेकिन अब आप

1:20:48इंस्टेड ऑफ डिस्काउंट आपने बोनस डाल दिए।

1:20:50यानी कि डिस्काउंट देने की बजाय आपने बोनस

1:20:52दे दिया। ठीक है? चेक लिस्ट डाल दिया

1:20:53आपने। कोई और एक्स्ट्रा चीज डाल दी। इसकी

1:20:55एग्जांपल ले लें। फिजिकल प्रोडक्ट अगर

1:20:56मानो हो तो हम क्या कहते हैं? बाय टू

1:20:58प्रोडक्ट एंड गेट वन फ्री। दो प्रोडक्ट

1:20:59बाय करो एक फ्री में मिलेगा। इसी तरह

1:21:01डिजिटल प्रोडक्ट में हम क्या करते हैं? हम

1:21:02बोनस डाल देते हैं कि अगर आप बाय करोगे तो

1:21:04आपको ये बोनस एक्स्ट्रा फ्री में मिलेंगे।

1:21:06ठीक है? तो इससे भी हमारे प्रोडक्ट की

1:21:08प्राइस बढ़ाई जा सकती है। बंडल से भी,

1:21:10बोनसेस से भी। हमारे प्रोडक्ट की प्राइस

1:21:12को हम बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा एक

1:21:14मोस्टेंट स्टेप पे हम आते हैं। आप कोई ऐसा

1:21:17प्रोडक्ट बना रहे हैं जो आप आगे उन्हें

1:21:18रिसेल करने की इजाजत देते हैं। यानी कि और

1:21:21लोग उसे रिसेल कर सके। तो उसके लिए आप

1:21:24लाइसेंसिंग बना सकते हो। पर्सनल लाइसेंस,

1:21:26बिनेस लाइसेंस, कमर्शियल लाइसेंस ऐसे

1:21:29लाइसेंस की कैटेगरी बना सकते हो और उनकी

1:21:31प्राइस डिफरेंट रख सकते हो। पर्सनल मिसाल

1:21:32है $9 का है। बिज़नेस लोगे तो $49 का है।

1:21:35कमर्शियल लोगे तो मिसाल है वो $99 का है।

1:21:38आप ऐसे दो-तीन पैकेज बना सकते हो। लाइसेंस

1:21:41सेल कर सकते हो। ठीक है? और लाइसेंस सेल

1:21:43करने पर भी आपको फायदा होता है। इसके

1:21:45साथ-साथ आप कोई ऐसी डील बना सकते हो

1:21:47जिसमें आप उसको पर सेल में लाइसेंस ले रहे

1:21:50हो। यह बहुत यूनिक है और बहुत रेयर टाइप

1:21:52की लाइसेंस है। यानी कि आप उसको बोलते हो

1:21:54कि यार आप इसको $20 में बेचो, 50 में

1:21:56बेचो। मुझे फिक्स $1, $2 पर सेल आप हमें

1:22:00दोगे। यह लाइसेंस फी आपको हम इस बेस पर हम

1:22:03लाइसेंस देंगे अपने प्रोडक्ट का। ठीक है?

1:22:06लेकिन यह मैंने आपको जिसका रेयर है बहुत

1:22:08रेयर टाइप की प्रोडक्ट के ऊपर इस तरह के

1:22:10लाइसेंस सेल होते हैं और वो भी उस सूरत

1:22:12में जब वो आपका प्रोडक्ट बहुत ही कोई बहुत

1:22:14ही जबरदस्त है और और पर्सन उसे कॉपी नहीं

1:22:17कर पा रहा। ठीक है? यह मुश्किल है कॉपी

1:22:19करना तो आप उसकी लाइसेंस दे सकते हो जिससे

1:22:21आपको जाहिर सी बात है लॉन्ग टर्म में

1:22:23फायदा होगा। यानी कि आप अपने मार्केटिंग

1:22:25से से भी कमा रहेगे। प्लस और लोग भी आपको

1:22:28प्रोडक्ट बेचकर आपको पैसे दे रहे होंगे।

1:22:30तो प्रोडक्ट लाइसेंसिंग अगर आप किसी लिहाज

1:22:32से कर सको किसी भी मौके पर तो आपको करनी

1:22:35चाहिए। लेकिन यह एडवांस लेवल पर और बहुत

1:22:38रेयर चांसेस में ऐसा हो पाता है। और लास्ट

1:22:41में आपको एक लिस्ट सी बनानी चाहिए। एक चेक

1:22:44लिस्ट सी बनानी चाहिए जिसमें आप अपने

1:22:45कस्टमर को बताओ कि क्या वो आपके प्रोडक्ट

1:22:48के साथ क्या कुछ वो कर सकता है और क्या

1:22:49नहीं कर सकता। मिसाल है वो प्रोडक्ट को

1:22:51किसी भी लिहाज से यूज़ करें। अपने दोस्तों

1:22:53को ऐसे फ्री में दे दे। कुछ भी कर ले।

1:22:55लेकिन वो उसको रिसेल नहीं कर सकता। उसे

1:22:58बगैर अपने प्रोडक्ट का नाम देखकर उसका

1:23:00लोगो वगैरह चेंज करके बेच नहीं सकता। आप

1:23:03एक लिमिट सेट करेंगे। वो क्या कर सकता है

1:23:04और क्या नहीं कर सकता। और इस तरह का आप

1:23:06लिमिट सेट करके एक फाइल वगैरह बनाएंगे और

1:23:09वो भी अपने कस्टमर को डिजिटल प्रोडक्ट के

1:23:11साथ भेजेंगे कि आप यह चीज नहीं कर सकते।

1:23:14अगर आप ऐसा करोगे तो हमें हक होगा कि हम

1:23:16आप पर एक्शन ले सके। क्योंकि डिजिटल

1:23:18लाइसेंस डिजिटल प्रोडक्ट में सबसे बड़ा

1:23:19मसला यही आता है कि अगर आपका प्रोडक्ट

1:23:21बहुत अच्छा है और बहुत अच्छा चलने लग जाए

1:23:23तो आपके कंपटीिट उसे बाय करके खुद अपना

1:23:27नाम वगैरह देकर बेचना स्टार्ट कर देते

1:23:29हैं। लेकिन खैर यह प्रॉब्लम्स को आप इस

1:23:31अंदाज में हैंडल कर सकते हो और जब आपके

1:23:33पास अगर कुछ इख्तियार हो, पावर हो तो आप

1:23:35उनको लीगली भी एक्शन ले सकते हो। लेकिन

1:23:38आपने ऐसी फाइल बनानी है ताकि आप उनको बता

1:23:41सको कि आप क्या राइट्स हैं आपके यह

1:23:43प्रोडक्ट बाय करने के बाद और क्या आप नहीं

1:23:45कर सकते। ये दोनों चीजें आप उनको क्लियर

1:23:47करेंगे। यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट

Module 06 - Digital Products Delivery Setup

1:23:50बिजनेस कोर्स का मॉड्यूल सिक्स और इसमें

1:23:54हम बात करेंगे प्रोडक्ट डिलीवरी एंड

1:23:57ऑटोमेशन की या फिर आसान लफ्जों में आपको

1:23:59बताऊं तो हम बात करेंगे कि आपका जो कस्टमर

1:24:01है वो प्रोडक्ट आपसे बाय कैसे करेगा और उस

1:24:04तक यह प्रोडक्ट पहुंचेगा कैसे? क्योंकि सब

1:24:07कुछ डिजिटली हो रहा होगा। तो यह सब आपको

1:24:10पहले सेटअप करना पड़ता है। तो यह सारी

1:24:13चीजें हम अपने इस मॉड्यूल के अंदर कवर

1:24:15करेंगे। तो सबसे पहले हम बात करते हैं कि

1:24:17आपका कस्टमर आपके प्रोडक्ट को बाय कैसे

1:24:20करेगा। ठीक है? देखिए अपने प्रोडक्ट को

1:24:22सेल करने के बहुत से तरीके होते हैं। वैसे

1:24:25हम मार्केटिंग के मेथड आगे सीखने वाले

1:24:27हैं। बट अभी हम बात करने वाले हैं कि किस

1:24:29तरह से हम बेचेंगे। कोई प्लेटफार्म होगा,

1:24:32कोई मीडियम होगा जिस पर कस्टमर आके बाय

1:24:34करेगा। ठीक है? वह प्लेटफार्म डिफरेंट हो

1:24:37सकते हैं। एक ऑप्शन है कि आप पहले से

1:24:39मौजूद जो बड़े प्लेटफॉर्म्स हैं, मार्केट

1:24:41प्लेसेस हैं, उन पर अपना डिजिटल प्रोडक्ट

1:24:44बेचो। जैसे कि इटसे है। ठीक है? जो हमने

1:24:46इसमें यूज़ भी किया। गम रोड नाम की एक

1:24:48वेबसाइट है, php है। ठीक है? और दूसरे

1:24:51प्लेटफार्म है जो डिजिटल प्रोडक्ट सेल

1:24:53करने में आपकी हेल्प करते हैं। और आपको यह

1:24:56इंटरनेट पे काफी सारे मिल जाएंगे। बट उनकी

1:24:59फिर डिफरेंट रिक्वायरमेंट्स हैं जो आपको

1:25:01पूरी करनी होती है। फिर आप वह प्रोडक्ट उन

1:25:03पर अपने प्रोडक्ट को लिस्ट कर सकते हो और

1:25:05उनको इजीली कस्टमर को सेल कर सकते हो। बट

1:25:08दूसरा ऑप्शन है अपना खुद का ऑनलाइन

1:25:11प्लेटफार्म बनाना। अपनी खुद की ऑनलाइन

1:25:13वेबसाइट या स्टोर बनाना। तो उसमें क्या

1:25:16होता है? अब आपके पास कंट्रोल होता है।

1:25:18आपने डिसाइड करना है आप क्या आप प्राइस रख

1:25:21रहे होगे क्योंकि मार्केट प्लेस में जब आप

1:25:22बेचते हो तो और जो कंपटीिटर हैं उनके

1:25:25लिहाज से आपको प्राइस रखनी पड़ती है।

1:25:27लेकिन जब आप बात आएगी कि आप खुद जो है ना

1:25:30अपना प्लेटफार्म उधर ही बेच रहे हो तो

1:25:32उसमें फिर आपके पास एडवांटेज होती है कि

1:25:34आप अपने लिहाज से प्राइस रख पाते हो।

1:25:36लेकिन उसमें प्लेटफार्म में आप बहुत सारे

1:25:38प्लेटफार्मों की मदद से आप अपना खुद की

1:25:40वेबसाइट या स्टोर बना सकते हो। वो shoppाई

1:25:42है वो कोई सेल्स फनल हो सकता है वो

1:25:45वर्डप्रेस हो सकती है सेल्स फनल में क्लिक

1:25:46फनल हो सकता है गो हाई लेवल हो सकता है

1:25:48लाइट फनल्स हो सकता है बहुत सारे

1:25:50प्लेटफार्म है और ये सारे इनमें से किसी

1:25:52भी प्लेटफार्म को आप सेलेक्ट करके अपना

1:25:53प्लेटफार्म बना सकते हो अपनी खुद का स्टोर

1:25:56बना सकते हो अपनी वेबसाइट बना सकते हो और

1:25:58उसके जरिए आप अपने प्रोडक्ट को सेल कर

1:26:00सकते हो तो अब हम एग्जांपल लेते हैं कि

1:26:02हमारा जो डिजिटल प्रोडक्ट है वो कस्टमर तक

1:26:04कैसे पहुंचेगा डिलीवर कैसे होगा डिलीवरी

1:26:06कैसे वर्क करती है तो ये प्लेटफार्म अगर

1:26:07आपने मार्केट प्लेस लिया है तो वो सब खुद

1:26:09हैंडल कर लेते हैं आपने वो प्रोडक्ट डाल

1:26:11दिया अब जैसे ही कस्टमर बाय करेगा वो जो

1:26:13प्लेटफार्म है मिसाल इट्स है वो उसको ईमेल

1:26:15के जरिए या डाउनलोड लिंक के जरिए वो

1:26:18प्रोडक्ट दे देगा वो ऑन द स्पॉट 1 मिनट के

1:26:20अंदर उस प्रोडक्ट को डाउनलोड कर सकता है

1:26:22यूज कर सकता है इसने एक पूरा सिस्टम बनाया

1:26:24हुआ है कस्टमर आएगा उस प्लेटफार्म पर आपके

1:26:26प्रोडक्ट को देखेगा बाय करेगा पैसे पे

1:26:28करेगा इटसे को इटसे उस प्रोडक्ट को डिलीवर

1:26:30कर देगा ठीक है क्योंकि डिजिटली हो रहा

1:26:32होता है तो आपको इन्वेंटरी की टेंशन नहीं

1:26:33पड़ती आपको शिपिंग एंड डिलीवरी की टेंशन

1:26:35नहीं होती बस ये एक ऑटोमेटिक सेटअप होता

1:26:37है जब आप हो गया तो वो कर लेगा डिलीवर ठीक

1:26:39है ये प्लेटफार्म उन्होंने ऑलरेडी किया

1:26:41हुआ होता है। लेकिन जब आप बात आएगी अपने

1:26:42खुद के प्लेटफार्म की तो वहां पर आपको

1:26:44करना पड़ता है अपने प्लेटफार्म के जरिए।

1:26:46तो shoppire पे आपको बहुत सारी एप्स मिल

1:26:48जाती हैं जो आपकी डिजिटल प्रोडक्ट की

1:26:50डिलीवरी को हैंडल कर सकती हैं। आपको चंद

1:26:52सेटअप करना है और वो खुद हैंडल कर लेंगी।

1:26:54इसी तरह गो हाई लेवल, क्लिक फनल्स और लाइट

1:26:57फनल्स इनमें आपको ऐसे ऑप्शन मिलते हैं

1:26:59ऑटोमेशन के ईमेल ऑटोमेशन के। कि जैसे ही

1:27:02कस्टमर बाय करेगा उसको एक ईमेल चली जाएगी

1:27:04वो फौरन डाउनलोड कर पाएगा उस प्रोडक्ट को

1:27:06उस डिजिटल प्रोडक्ट को यानी। तो वह फ़ौरन

1:27:08उस डिजिटल प्रोडक्ट को बाय कर पाएगा। तो,

1:27:10यह सब कुछ ऑटोमेटेड हो रहा होता है। आपको

1:27:12कोई परेशानी की जरूरत नहीं होती। तो, मैं

1:27:14जो फोकस करता हूं, वह मोस्टली अपने खुद के

1:27:17प्लेटफार्म्स, अपनी वेबसाइट्स के ऊपर करता

1:27:18हूं। क्योंकि उसमें हमारे पास कंट्रोल

1:27:20होता है। हम जिस अंदाज में चाहे अपने

1:27:22प्रोडक्ट को बेच सकते हैं। जिस प्राइस पर

1:27:24चाहे बेच सकते हैं। हमें कोई कमीशन देना

1:27:26नहीं पड़ेगा और काफी फायदे हमें हासिल

1:27:29होते हैं। तो इसके लिए अब प्लेटफार्म आपने

1:27:31डिसाइड करना है। मिसाल है आप shoppाई करना

1:27:32चाहते हो तो मेरी शॉपिफाई के ऊपर स्टोर

1:27:35डेवलपमेंट के ऊपर बेतहाशा कोर्सेज मौजूद

1:27:37हैं। फ्री कोर्सेस भी मौजूद है, पेड भी

1:27:39मौजूद है। मैं फ्री का लिंक भी

1:27:40डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा और पेड कोर्स

1:27:41का लिंक भी डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा।

1:27:43आप उन दोनों में से किसी को भी सेलेक्ट

1:27:45करके एक बेहतरीन शॉप स्टोर बनाना सीख सकते

1:27:48हो। फ्री में भी या फिर थोड़ी सी अमाउंट

1:27:50इन्वेस्ट करके भी। आप अपना खुद का स्टोर

1:27:52बना पाओगे और बेच पाओगे। इसमें पूरा सारा

1:27:54सिस्टम है। फ्री कोर्स में भी, पेड में

1:27:56भी। दोनों में मुझे कोई मसला नहीं है। आप

1:27:58जो ऑप्शन सेलेक्ट करना चाहे आप अपनी मर्जी

1:28:00से कर सकते हो। तो शॉपिफाई स्टोर बना सकते

1:28:02हो आप या फिर अगर आप सेल्स फनल की तरफ

1:28:04जाते हो तो उसमें बहुत सारे सॉफ्टवेयर

1:28:06हैं। फिलहाल मेरा उसप कोई कोर्स या

1:28:08ट्यूटोरियल मौजूद नहीं है। लेकिन आने वाले

1:28:09वक्तों में मैं इंशाल्लाह उनके ऊपर

1:28:11ट्यूटोरियल बनाऊंगा। ठीक है? तो यह दो

1:28:13ऑप्शन आपको मिलते हैं। या तो आप खुद बना

1:28:15लें शॉपिफाई के ऊपर और या फिर इन

1:28:16प्लेटफार्म के ऊपर या फिर आप किसी से बनवा

1:28:18लें। और अगर आप हमसे बनवाना चाहते हैं तो

1:28:20मेरी एजेंसी का लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन

1:28:22में दे दूंगा। आप मेरी एजेंसी के जरिए

1:28:24हमसे कांटेक्ट कर सकते हैं। तो खैर मैं अब

1:28:27आगे आपको बताता हूं। मिसाल है आप अपने

1:28:28डिजिटल प्रोडक्ट अपने खुद के प्लेटफार्म

1:28:30पे बेचना चाहते हैं तो आपको चंद बातों का

1:28:32ख्याल रखना है। पहला आपका जो ऑनलाइन स्टोर

1:28:34है वो मोबाइल ऑप्टिमाइज होना चाहिए।

1:28:37मोबाइल फ्रेंडली होना चाहिए। ठीक है?

1:28:39रिस्पांसिव होना चाहिए। यानी कि वो किसी

1:28:41भी डिवाइस पे ओपन हो तो परफेक्टली काम कर

1:28:44रहा हो। उसमें कोई एरर ना आए। उसमें कोई

1:28:46टेक्स्ट छोटा बड़ा ना हो कि वो पढ़ा ही ना

1:28:48जाए। ठीक है? मुकम्मल ऑप्टिमाइज हो मोबाइल

1:28:51डिवाइस के ऊपर। क्योंकि हमारे 50 से 60%

1:28:53जो कस्टमर हैं वो मोबाइल यूजर होते हैं।

1:28:56ठीक है? मोबाइल यूजर होते हैं। वो मोबाइल

1:28:57के ऊपर बाय कर रहे होते हैं। तो इसलिए

1:28:59हमारा जो स्टोर है वो मोबाइल फ्रेंडली

1:29:01होना चाहिए। अदरवाइज हमें काफी नुकसान

1:29:04होगा। तो shopfi प्लेटफार्म है या फिर जो

1:29:06मैंने सेल्स पैनल की आपको एक लिस्ट से

1:29:08बताई है। यह सारे इस अंदाज में डिजाइन

1:29:10होते हैं कि इन इस पर आप मोबाइल फ्रेंडली

1:29:12स्टोर खुद बना सकते हो बगैर किसी कोडिंग

1:29:14के या टेक्निकल स्पेशल नॉलेज के। ठीक है?

1:29:16तो बट हमें ख्याल रखना है कि मोबाइल

1:29:18फ्रेंडली हो। दूसरा हमारे वेबसाइट की

1:29:20हमारे स्टोर की स्पीड अच्छी होनी चाहिए।

1:29:23तो और अगर हमारे वेबसाइट की हमारे

1:29:25प्लेटफार्म की स्पीड स्लो हो तो हम 50 से

1:29:2860% 70% तक कस्टमर को खो देते हैं।

1:29:31क्योंकि अगर हमारा स्टोर 5 सेकंड के

1:29:34अंदर-अंदर लोड नहीं हो रहा। 3 सेकंड या 5

1:29:37सेकंड के दरमियान में या तीन से पहले लोड

1:29:39नहीं हो रहा तो वो 50 से लेकर 70% तक आप

1:29:42कस्टमर्स को खो सकते हो। ठीक है? यानी कि

1:29:45आपका सारा बजट जाया हो रहा होगा जो आप

1:29:47मार्केटिंग पे खर्च कर रहे होगे। तो ये

1:29:49चंद मैं आपको अहम बातें बता रहा हूं। ठीक

1:29:50है? जिनका आपने ख्याल रखना है। मोबाइल

1:29:52रिस्पांसिव हो यानी कि ऑप्टिमाइज हो। आपकी

1:29:54वेबसाइट की जो स्पीड है वह पावरफुल होनी

1:29:57चाहिए। स्पीड फास्ट होनी चाहिए। स्लो आपका

1:29:59स्टोर नहीं होना चाहिए। आपकी जो पेमेंट है

1:30:02वो सेटअप होनी चाहिए प्रॉपर जिस भी कंट्री

1:30:04में आप सेल कर रहे हो। और जिस हद तक हो

1:30:06सके आपने अपने स्टोर को अपने प्लेटफार्म

1:30:09को सीआरओ ऑप्टिमाइज करना है। कन्वर्जन रेट

1:30:11ऑप्टिमाइज करना है। ताकि जितना ज्यादा

1:30:13आपको सेल मिल सके फायदा है। सीआरओ क्या

1:30:15होता है? साले आपका एक कस्टमर आपकी

1:30:16वेबसाइट पर आया। 100 कस्टमर आपकी वेबसाइट

1:30:18पे आए। तो उसमें कितने लोग बाय कर रहे

1:30:20हैं? ठीक है? अगर 1% बाय कर रहा है तो 1%

1:30:22कन्वर्जन रेट है। अगर 2% बाय कर रहे हैं

1:30:24तो ये 2% कन्वर्जन रेट है। 3% बाय कर रहे

1:30:26हैं तो ये 3% कन्वर्जन रेट है। ठीक है?

1:30:29जितना कन्वर्जन रेट ज्यादा होगा आपको उतना

1:30:31ज्यादा फायदा होगा। और टू बी ऑनेस्ट

1:30:33ऑनलाइन स्टोर के मुकाबले में सेल्स फनल का

1:30:35कन्वर्जन रेट ज्यादा होता है। ठीक है?

1:30:37सेल्स फनल ज्यादा अच्छे से कन्वर्ट हो

1:30:39पाते हैं। ठीक है? तो इन चंद बातों का

1:30:41आपने ख्याल रखना है। इस प्रोडक्ट डिलीवरी

1:30:43एंड ऑटोमेशन के अंदर या तो आप अपना कोई

1:30:45प्लेटफार्म सेलेक्ट कर लें। इट्स वगैरह या

1:30:46दूसरा तो अगर आपने लीगल सेटअप किया है

1:30:48एलएलसी वगैरह तो आप इन प्लेटफार्म पे भी

1:30:50सेल कर सकते हो। ठीक है? या फिर आप अपना

1:30:52खुद का प्लेटफार्म सेलेक्ट कर लें और उस

1:30:53सूरत में फिर आपको इन चीजों का ख्याल रखना

1:30:56होगा और अपना प्लेटफार्म खुद से बनाना

1:30:58होगा या किसी से बनवा लें। लेकिन एक

1:31:00बेहतरीन और अच्छा प्लेटफार्म आपको बनाना

1:31:02होगा। यह है हमारा डिजिटल प्रोडक्ट बिजनेस

Last Module - Digital Products Selling Marketing Strategies

1:31:06कोर्स का लास्ट मॉड्यूल। और इस मॉड्यूल

1:31:10में हम बात करेंगे मार्केटिंग स्ट्रेटजीस

1:31:13की फॉर डिजिटल प्रोडक्ट। हम इसमें वह सारी

1:31:16मार्केटिंग स्ट्रेटजीस को डिटेल में

1:31:18डिस्कस करेंगे जिन मार्केटिंग स्ट्रेटजीस

1:31:21के जरिए आप डिजिटल प्रोडक्ट को प्रमोट कर

1:31:24सकते हो और उनसे सेल्स जनरेट कर सकते हो।

1:31:27मैं ना सिर्फ इनके बारे में बताऊंगा बल्कि

1:31:29जो इसकी मोस्टेंट मार्केटिंग स्ट्रेटजी है

1:31:32उसका मैं आपको फ्री कोर्सेज के लिंक्स भी

1:31:35प्रोवाइड करूंगा जिनके जरिए आप वो

1:31:38मार्केटिंग स्ट्रेटजी फ्री में सीख कर

1:31:40अपने डिजिटल प्रोडक्ट बिनेस को प्रमोट कर

1:31:43सकते हो। तो सबसे पहले हम बात करते हैं कि

1:31:45कितने टाइप्स की मार्केटिंग स्ट्रेटजीस

1:31:48पॉसिबल हैं एक डिजिटल प्रोडक्ट को प्रमोट

1:31:51करने के लिए। तो यहां पर एक चीज आप पहले

1:31:53क्लियर कर लें कि डिजिटल प्रोडक्ट में

1:31:56हमारे पास एक एडवांटेज है और वो एडवांटेज

1:31:58है हमारी कि हमारा प्रॉफिट मार्जिन

1:32:01ऑलमोस्ट 100% है। 99% या फिर 100% आपका

1:32:05प्रॉफिट मार्जिन होता है। और यह बेस्ट

1:32:07प्रॉफिट मार्जिन है किसी भी बिजनेस को

1:32:09प्रमोट करने के लिए। मिसाल है अगर हम कोई

1:32:12फिजिकल प्रोडक्ट लेते हैं तो हमारी कोशिश

1:32:14होती है कि हमारा प्रॉफिट मार्जिन 50 से

1:32:1670% के दरमियान कमज कम होना चाहिए। फिर हम

1:32:19एक ई-कॉमर्स बिज़नेस को एक फिजिकल प्रोडक्ट

1:32:22बिज़नेस को सही मायने में स्केल कर पाते

1:32:24हैं। लेकिन डिजिटल प्रोडक्ट में वो हमें

1:32:26खुद ही 100% मिल जाता है। ठीक है? तो ये

1:32:28एक ऐसी एडवांटेज है जो आपको बहुत फायदा

1:32:31देती है। प्लस आपको और जैसे फायदे पता है

1:32:33शिपिंग की टेंशन नहीं है, डिलीवरी की

1:32:35टेंशन नहीं है और वगैरह-वगैरह। तो इन सब

1:32:37एडवांटेजेस की वजह से डिजिटल प्रोडक्ट को

1:32:39मार्केट करना भी काफी हद तक आसान हो जाता

1:32:42है। ठीक है? और काफी प्रॉफ़िटेबल साबित

1:32:44होता है। तो खैर अब हम बात करते हैं कितने

1:32:46टाइप्स की मार्केटिंग पॉसिबल है। तो जैसे

1:32:48कि आप जानते हैं मार्केटिंग दो टाइप्स की

1:32:51होती है जो मेजर कैटेगरी है। पहला है

1:32:53ऑर्गेनिक। ऑर्गेनिक मार्केटिंग एक ऐसी

1:32:56मार्केटिंग की किस्म है जिसमें आप कंटेंट

1:32:58बनाते हो। बहुत सारा कंटेंट बनाते हो डेली

1:33:01बेसिस पर या मंथली बेसिस पर और उसके जरिए

1:33:04आप अपने जो प्रोडक्ट है उसको प्रमोट करने

1:33:07की कोशिश करते हो। ठीक है? इसमें क्या

1:33:09होता है? इसमें आपके पैसे सिर्फ वहां पे

1:33:11खर्च हो रहे होते हैं जो कंटेंट वगैरह बना

1:33:13रहे होते हैं। लेकिन आप प्लेटफॉर्म्स को

1:33:14पैसे नहीं भर रहे होते। वहां पर फ्री में

1:33:16आप कंटेंट डाल रहे हो और उस कंटेंट से

1:33:18ट्रैफिक और सेल्स जनरेट कर रहे हो। तो यह

1:33:21होती है हमारी ऑर्गेनिक मार्केट। दूसरी

1:33:23होती है हमारी पेड मार्केटिंग। पेड बारिंग

1:33:25में क्या होता है कि हम कंटेंट बनाते हैं।

1:33:27लेकिन अब फ्री में डालने के बजाय हम उसे

1:33:30प्लेटफॉर्म्स को पैसे दे देते हैं।

1:33:31Facebook ऐड रन करते हैं। TikTok ऐड,

1:33:33Google ऐड, YouTube ऐड जो भी प्लेटफार्म

1:33:35के ऊपर आपने प्रमोट करना है, आप सिंपली उस

1:33:37प्लेटफार्म को पैसे देते हैं और अपने उस

1:33:39कंटेंट को स्पीड में प्रमोट करके सेल्स

1:33:42जनरेट कर पाते हैं। ठीक है? ऑर्गेनिक में

1:33:43यह होता है कि आप कंटेंट बना रहे होते

1:33:45हैं। आपके पास कंट्रोल नहीं होता। आप अपनी

1:33:47बेस्ट कोशिश करते हो और फिर वो

1:33:49आहिस्ता-आहिस्ता ग्रो करता है।

1:33:50आहिस्ता-आहिस्ता वो स्केल करेगा, ग्रो

1:33:52करेगा। फिर आपको ट्रैफिक और सेल जनरेट

1:33:55करके देगा और इसमें आपको महीना 2 महीने 6

1:33:58महीने साल लग सकता है। डिपेंड ऑन कि आप

1:34:00किस हद तक अच्छे ऑर्गेनिक मार्केटर हैं।

1:34:04ठीक है? या फिर आपको कितनी अच्छी

1:34:05मार्केटिंग आती है ऑर्गेनिक। बट मेरे

1:34:06ख्याल इसमें टाइम लगता है और आप कंट्रोल

1:34:08नहीं कर पाते बहुत सारी चीजों को। दूसरी

1:34:10तरफ पेड ऐड में आप सिंपली पैसे देते हैं

1:34:13और आप स्पीड में यानी कि पहले दिन से ही

1:34:15आप ट्रैफिक और सेल्स जनरेट करवा सकते हो।

1:34:18ठीक है? यही दो मेजर कैटेगरी होती है और

1:34:20इनके अंदर फिर और बहुत सारी किस्में आ

1:34:22जाती है। मिसाल है ऑर्गेनिक के अंदर हम

1:34:24बात करें तो आपकी एसइओ आ जाती है। सोशल

1:34:26मीडिया ऑर्गेनिक कंटेंट आ जाता है। सोशल

1:34:28में TikTok का ऑर्गेनिक वीडियोस आ जाती

1:34:30है। Instagram की ये कंटेंट आ जाता है।

1:34:32YouTube का आ जाता है। यानी कि फ्री में

1:34:33आप किसी भी प्लेटफार्म पे जा सकते हैं।

1:34:35देखिए इस तरह से और भी कुछ कैटेगरीज आ

1:34:37जाती हैं जो ऑर्गेनिक में आती है हमारी।

1:34:40ठीक है? जिनमें टाइम लगता है और प्रॉपर

1:34:42आपको एफर्ट्स लगानी पड़ती है। फिर आपको

1:34:45कुछ टाइम बाद रिजल्ट्स मिलना शुरू होता

1:34:47है। इसमें एसइओ नंबर वन पे आता है कि अगर

1:34:49आप एसइओ प्रॉपर अच्छी एसइओ कर रहे हैं

1:34:51Google और एआई के जरिए तो आपको फ्री

1:34:53ट्रैफिक Google और एआई से मिल सकती है।

1:34:56दूसरा पेड मार्केटिंग के अंदर भी बहुत

1:34:58सारे चीजें आ जाती है। इसमें नंबर वन पे

1:35:00सोशल मीडिया मार्केटिंग है। पेड सोशल

1:35:01मीडिया मार्केटिंग जिसमें Facebook ऐड,

1:35:03TikTok ऐड, Instagram ऐड, YouTube ऐड,

1:35:05Google ऐड। यह Google ऐड सोशल में नहीं

1:35:06आता लेकिन डिजिटल में आता है। ठीक है? तो

1:35:08डिजिटल में Google ऐड आ गया हमारा। तो ऐसे

1:35:10बेतहाशा प्लेटफार्म है जिनके ऊपर आप पेड

1:35:12ऐड रन कर सकते हो। एक कैटेगरी पेड ऐड रन

1:35:15करने की। दूसरी जो पेड मार्केटिंग में आ

1:35:17जाती है वो इन्फ्लुएंसरर मार्केटिंग है।

1:35:19ठीक है? इन्फ्लुएंसरर मार्केटिंग है कि आप

1:35:21जो बड़े सेलेब्रिटीज या इन्फ्लुएंसर्स हैं

1:35:23आपकी कैटेगरी के लिहाज से आप उनको पैसे

1:35:25भरते हैं और आप उनसे कंटेंट बनवा के पोस्ट

1:35:27करवाते हैं उनके सोशल मीडिया पर। ठीक है?

1:35:29जो उनके फॉलोवर्स होते हैं वो उसको पसंद

1:35:31करते हैं और बाय करते हैं। ठीक है? तो ऐसे

1:35:33बहुत सारी कैटेगरीज हो जाती है। तो ऐसे

1:35:35बहुत सारी ये मार्किंग स्ट्रेटजी हो जाती

1:35:37है डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस के लिए। लेकिन

1:35:39खैर हम तरतीब से आते हैं और मैं वन बाय वन

1:35:41आपको बताता हूं कौन सी मार्किंग स्ट्रेटजी

1:35:43आपके डिजिटल प्रोडक्ट के लिए बेस्ट है और

1:35:45उसे आपने अप्लाई कैसे करना है, कैसे उसके

1:35:48ऊपर काम करना है। मैं आपको एक छोटा सा

1:35:50डायरेक्शन या रोड मैप सा आपको दूंगा सारे

1:35:53डिजिटल प्रोडक्ट की मार्केटिंग स्ट्रेटजीस

1:35:55का। तो नंबर वन पे जो आता है और रिकमेंडेड

1:35:58है और सबसे फास्ट तरीका है सेल जनरेट करने

1:36:01का वो है पेड ऐड का। ठीक है? पेड ऐड जैसे

1:36:04मैंने अभी आपको बताया बहुत सारे सोशल

1:36:05मीडिया प्लेटफार्म पर आप लगा सकते हो।

1:36:07आपने कोई एक प्लेटफार्म सेलेक्ट करना है।

1:36:09मैं नहीं कहता आपने सारे सेलेक्ट कर लेना

1:36:11है। नहीं आप एक प्लेटफार्म को सेलेक्ट

1:36:12करेंगे। वो Facebook ऐड हो सकता है, वो

1:36:14TikTok ऐड हो सकता है, वो YouTube ऐड हो

1:36:16सकता है, Google ऐड हो सकता है। कोई भी आप

1:36:19सेलेक्ट कर लें। बट एक प्लेटफार्म को

1:36:21सेलेक्ट कर लें। ठीक है? अगर आप मुझसे

1:36:23पूछे और आप कॉम्प्लिकेटेड नहीं बनाना

1:36:25चाहते अपने अभी आप बिगिनर हैं आप ज्यादा

1:36:28बखेड़ों में नहीं पड़ना चाहते तो आप या तो

1:36:30Facebook ऐड से स्टार्ट कर लें या फिर

1:36:31TikTok ऐड से स्टार्ट कर लें। ये दोनों

1:36:33आपको काफी फायदा दे सकते हैं। मिसाल अगर

1:36:35आपको वीडियो में थोड़ी सी मुश्किल आती है

1:36:37वीडियो बनाने में या इस तरह में तो आप फिर

1:36:39Facebook ऐड से स्टार्ट कर लें। आप इमेज

1:36:41बेस कंटेंट से भी अपने प्रोडक्ट को प्रमोट

1:36:43कर सकते हो और एआई उसमें आपकी काफी हेल्प

1:36:46कर सकता है। ठीक है? तो इसमें आपकी

1:36:47स्ट्रेटजी क्या होगी? आप एक प्लेटफार्म को

1:36:49सेलेक्ट करेंगे। अपनी एक ऑडियंस को आपने

1:36:51टारगेट करना है और यह मैं स्टार्ट से ही

1:36:52करता आ रहा हूं कि हमने बस एक ऑडियंस को

1:36:54फोकस करना है। उसकी एक प्रॉब्लम को हमें

1:36:56हल करना है। ठीक है? अगर आपने एक ऑडियंस

1:36:58उसकी एक प्रॉब्लम को का सशन बनाया है। ये

1:37:01तीनों चीजें मिलके काफी पावरफुल हो जाएंगी

1:37:03और आपका काम बहुत ज्यादा आसान हो जाएगा और

1:37:05इंशाल्लाह आपको सेल्स भी आएंगी और अच्छी

1:37:08सेल आएंगी। अच्छा प्रॉफिट होगा। बट आपने

1:37:10इन तीनों को मिक्स नहीं करना है। यानी कि

1:37:12ऐसा ना हो कि आपने बहुत सारी ऑडियंस

1:37:14सेलेक्ट कर ली। बहुत सारे प्रोडक्ट बना के

1:37:16और फिर आप ट्राई कर रहे हैं। तो ये

1:37:18रिकमेंडेड नहीं है। बिगिनर के लिए खास तौर

1:37:20पे है कि आप एक प्रोडक्ट पे फोकस करें। एक

1:37:21ऑडियंस की सशन, एक ऑडियंस की प्रॉब्लम को

1:37:24सॉल्व करें और एक प्लेटफार्म ऐड

1:37:26प्लेटफार्म एक सेलेक्ट कर लें आप। ठीक है?

1:37:27एक ही आपका मार्केटिंग मैसेज हो। ये सारा

1:37:29चीजें एक होनी चाहिए। फिर आपका काम आसान

1:37:32हो जाएगा। ठीक है? और आपके जो प्रॉफिट

1:37:35जनरेट करने के, सेल जनरेट करने के चांसेस

1:37:37है वो कई गुना बढ़ जाएंगे। ठीक है? तो

1:37:39आपने क्या करना है? एक प्लेटफार्म सेलेक्ट

1:37:41करना है। अब वो कोई भी हो सकता है। ठीक

1:37:42है? अब यहां पर सवाल आएगा आप करेंगे कैसे?

1:37:44आप रन कैसे करेंगे? अब मैं आपको बताता

1:37:46हूं। मेरा Facebook ऐड का कंप्लीट कोर्स

1:37:49मौजूद है मेरे चैनल के ऊपर फ्री में। ठीक

1:37:51है? उसका लिंक मैं डिस्क्रिप्शन में दे

1:37:52दूंगा। मेरा TikTok ऐड का कोर्स मौजूद है।

1:37:54उसका लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन में दे

1:37:55दूंगा। मेरा Google ऐड का कोर्स है। उसका

1:37:56लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन में दे दूंगा।

1:37:58और आप इन तीनों में से कोई भी एक सेलेक्ट

1:38:00कर लें और उस पर फोकस करें और फिर उसके

1:38:03ऊपर काम करें। ठीक है? आपने वीडियो देखनी

1:38:05है, प्रैक्टिस करनी है, वीडियोस देखनी है,

1:38:06प्रैक्टिस करनी है। ठीक है? तो ही आप

1:38:08कामयाबी तक जा पाएंगे। अगर आप वीडियोस

1:38:10देखते रहें और प्रैक्टिस ना करें या फिर

1:38:12सारी वीडियोस देख ली फिर एक महीने बाद

1:38:14जाके प्रैक्टिस करें और वो टूटी फूटी करें

1:38:16तो वो आपको कोई फायदा नहीं देंगे। तो आपने

1:38:18एक प्रॉपर तरीके से काम करना है और अगर आप

1:38:21और गहराई से डिटेल में मास्टर लेवल तक पेड

1:38:24ऐड सीखना चाहते हो तो मेरा रिसेंटली एक

1:38:26पेड ऐड का कोर्स स्टार्ट हुआ है मेरी

1:38:28प्राइवेट कम्युनिटी के अंदर। यह प्रीमियम

1:38:30कोर्स है पेड कोर्स है। ठीक है? अगर आप

1:38:32जॉइ करना चाहते हो तो उस एक कोर्स के जरिए

1:38:34आप Facebook ऐड भी सीख जाओगे। Instagram

1:38:35ऐड, TikTok ऐड ये तीनों प्लेटफार्म पर आप

1:38:38मास्टर लेवल तक पेड एडवरटाइजिंग सीख

1:38:40पाओगे। अगर आप वो कोर्स ज्वाइन करना चाहते

1:38:42हो तो उसका लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन में

1:38:44दे दूंगा। आप सिंपल से एक मेंबरशिप मेरी

1:38:46ज्वॉइ करके आप यह सारे कोर्स कर सकते हो।

1:38:49इसके अलावा भी उसमें कोर्स मौजूद है जो आप

1:38:51तकरीबन $5 के करीब पर मंथ के अंदर आप मेरी

1:38:55इस मेंबरशिप को ज्वॉइ कर पाओगे। और यह

1:38:57सारे कोर्सेज पेड ऐड भी और इसके अलावा जो

1:39:00कोर्सेस है वो सारे आप कर पाओगे। तो अगर

1:39:02आप पेड कोर्स के जरिए करना चाहते हो तो उस

1:39:04मेंबरशिप का लिंक भी मैं डिस्क्रिप्शन में

1:39:06दे दूंगा। तो यह तो हमारा ऑप्शन हो गया

1:39:08पेड ऐड मार्केटिंग का। ठीक है? दूसरा जो

1:39:10रिकमेंडेड ऑप्शन है वो है एफिलिएट

1:39:13मार्केट। ठीक है? यह ऑर्गेनिक टाइप की

1:39:15मार्केटिंग के अंदर आती है। इसमें होता

1:39:17क्या है? आप इसमें पैसे खर्च नहीं कर रहे

1:39:19बल्कि आप ऐसे इन्फ्लुएंसर्स को, ऐसे शॉर्ट

1:39:22इन्फ्लुएंसर्स को या कंटेंट क्रिएटर्स को

1:39:25आप ढूंढते हैं जो आपके प्रोडक्ट को प्रमोट

1:39:27कर सकें। बट यहां पर आता क्या है कि आप

1:39:29उसको पैसे नहीं देते बल्कि आप उसे कमीशन

1:39:32तय करते हैं। ठीक है? आप उसे कहते हैं कि

1:39:33अगर आप मेरे प्रोडक्ट को प्रमोट करोगे और

1:39:35जो आपके लिंक से सेल आएगी उस पर मैं आपको

1:39:3910% 20% 30% कमीशन दूंगा सेल के ऊपर। ठीक

1:39:42है? तो आपके कोई पैसे खर्च नहीं हो रहे।

1:39:45सेल्स के ऊपर आप उसको पैसे दे रहेगे। यह

1:39:47काफी पावरफुल तरीका है। लेकिन इसमें मेहनत

1:39:50भी वैसे ही लगती है और आपको एक एफिलिएट का

1:39:52सिस्टम सेटअप करना पड़ता है। ठीक है? तो

1:39:54कुछ प्लेटफार्म ऐसे हैं जिसमें आप यह सब

1:39:56कुछ ऑटो कर सकते हो। शॉपिफाई के ऊपर आपको

1:39:58ऐप मिल जाती है जिसमें आप यह एफिलिएट का

1:40:00सेटअप कर सकते हो। इसके अलावा अगर आप

1:40:02सेल्स फनल की साइट पे जाते हैं तो क्लिक

1:40:04फनल ऐसे सॉफ्टवेयर है कि इसमें आपको

1:40:05एफिलिएट ऑटो सेटअप करने का मौका मिलता है।

1:40:08ऑप्शन मिलता है कि आप ऑटोमेटिक एक एफिलिएट

1:40:10सिस्टम बना सकते हो जो आपके कस्टमर जो भी

1:40:12ऐसे एफिलिएट होंगे आपके आप उनको उसमें ऐड

1:40:15कर सकते हो और ये सारा ऑटोमेट हो जाएगा।

1:40:17ठीक है? तो क्लिक पनल भी एक काफी पावरफुल

1:40:18सॉफ्टवेयर है। लेकिन ये एक स्ट्रेटजी है।

1:40:20अगर आप पेड ऐड के बजाय फ्री पे जाना चाहते

1:40:22हो तो फिर आप एफिलिएट से स्टार्ट कर सकते

1:40:24हो। लेकिन इसमें आपको मेहनत करनी होगी कि

1:40:26आपने एक अच्छे कंटेंट क्रिएटर्स ढूंढने

1:40:28होंगे जो रेडी हो जाए आपके प्रोडक्ट को

1:40:30सेल करने के लिए। ठीक है? तो आसान काम

1:40:32नहीं है ये भी है मुश्किल काम बट अगर आप

1:40:34कर लेते हैं तो यह फ्री तरीका है और स्पीड

1:40:37में सेल दिलवा सकता है। यानी कि ऑर्गेनिक

1:40:38के अंदर भी यह स्पीड में सेल दिलवाने की

1:40:40पावर रखता है। उसके बाद अगर हम और स्टेप

1:40:42पे जाएं तो फिर वो पेड इनफ्लुएंसरर है। आप

1:40:45सिंपली उनको पे करें और आप उनसे कंटेंट

1:40:47बनवा लें। फिर बेशक आप लोग कमीशन दे या ना

1:40:49दे वो आपका कंटेंट बना के दे सकता है। ये

1:40:51तीसरी हमारी मार्केटिंग स्ट्रेटजी है।

1:40:53चौथी ऑर्गेनिक के अंदर अगर हम आए तो एसइओ

1:40:55है। ठीक है? आप अपने प्लेटफार्म की अपने

1:40:57वेबसाइट की प्रॉपर एसइओ करना स्टार्ट करें

1:41:00अपने उस एक डिजिटल प्रोडक्ट की। तो अगर आप

1:41:02Google के ऊपर अपने प्रोडक्ट को रैंक कर

1:41:04लेते हैं या एआई के जरिए आप रैंक कर लेते

1:41:06हैं चैट जीपीडी या फिर दूसरे जो हमारे एआई

1:41:09इंजन है उनके लिए तो फिर क्या होगा? आपको

1:41:11एक फ्री ट्रैफिक आना शुरू हो जाएगी। लेकिन

1:41:13यह लॉन्ग टर्म है। ये आपको फॉरेन सेल्स

1:41:16नहीं दिलवा पाएगा। ठीक है? आपको

1:41:17आहिस्ता-आहिस्ता काम करना होगा। 6 महीने

1:41:19साल लग जाते हैं इस टाइप के प्लेटफार्म के

1:41:22ऊपर। इस इस टाइप की मार्केटिंग स्ट्रेटजी

1:41:23के ऊपर। लेकिन फिर वह सेल आती है वो फ्री

1:41:26होती है। प्योर प्रॉफिट होता है। आपको कोई

1:41:28मार्केटिंग कॉस्ट हैवी नहीं आ रही होती।

1:41:30ठीक है? इसी तरह एक और अगर हम मार्केटिंग

1:41:32स्ट्रेटजी बात करें तो वो ऑर्गेनिक कंटेंट

1:41:33की है। ठीक है? आप सोशल मीडिया के ऊपर

1:41:35YouTube, Facebook, TikTok सबके लिए एक

1:41:37ऑर्गेनिक कंटेंट बनाएं। डेली बेसिस पर,

1:41:39मंथली बेसिस पर, वीकली बेसिस पर जो भी

1:41:41आपको सूट करता है और उसके जरिए आप

1:41:43आहिस्ताआहिस्ता सेल्स जनरेट करें। यह पांच

1:41:46मार्केटिंग स्ट्रेटजीज़ हैं। ठीक है? जिनसे

1:41:47आप अपने डिजिटल प्रोडक्ट को प्रमोट कर

1:41:49सकते हो। सेल्स जनरेट कर सकते हो। इनमें

1:41:52जो पहली है वह सबसे फास्ट है। दूसरी काफी

1:41:54पावरफुल है और फ्री भी है लेकिन और फास्ट

1:41:57भी है। बट इसमें मेहनत लगती है अगर आप कर

1:41:59लेते हैं फिर आप एफिलिएट मार्केटिंग में

1:42:00काफी पावरफुल एफिलिएट का सिस्टम बना

1:42:02पाओगे। थर्ड वह आपकी पेड इन्फ्लुएंसरर है।

1:42:05आप पेड पैसे भरें और सिंपली आप अपने

1:42:07इन्फ्लुएंसरर को के जरिए सेल्स ले सकते

1:42:09हैं। लेकिन इसके अंदर भी आपको बड़े

1:42:10एहतियात से इन्फ्लुएंसर्स को सेलेक्ट करना

1:42:13पड़ता है। इसके बाद हमने एसइओ की बात की

1:42:15तो अगर आप shoppाई पे है तो shoppi की कुछ

1:42:17एप्स ऐसी मिल जाती है जिसके जरिए आप खुद

1:42:19मैनुअली अपनी एसइओ कर सकते हो। बट उसमें

1:42:21टाइम लगेगा और आपको टाइम स्पेंड करना

1:42:24पड़ेगा। ठीक है? और फिफ्थ वन ऑर्गेनिक

1:42:26कंटेंट। ऑर्गेनिक कंटेंट बनाया और एआई

1:42:28इसमें आपकी काफी हेल्प कर सकती है। ठीक

1:42:30है? पांच मार्किंग स्ट्रेटजीज़ हैं। और

1:42:32इसमें जबरदस्त बात यह है कि मैंने जो आपको

1:42:33मेंबरशिप का लिंक दिया है डिस्क्रिप्शन

1:42:35में इसमें आप पेड ऐड भी सीखोगे। उस पेड ऐड

1:42:38में हम कंटेंट ईआई के जरिए कंटेंट क्रिएशन

1:42:40भी सीखेंगे। यानी कि आप एआई के जरिए

1:42:42कंटेंट क्रिएशन सीख जाओगे। जिससे आप अपनी

1:42:44जो फिफ्थ स्ट्रेटजी थी उसको भी आप स्टार्ट

1:42:46ले सकते हो। यानी कि ऑर्गेनिक कंटेंट की।

1:42:48आप ऑर्गेनिक कंटेंट भी काफी बड़ी तादाद

1:42:50में एआई की हेल्प से जनरेट करवा सकते हो।

1:42:52और उसमें कुछ सॉफ्टवेयर ऐसे भी होंगे जैसे

1:42:54चैट और दूसरे जो फ्री है। आप फ्री के अंदर

1:42:57कंटेंट बनवा पाओगे। ठीक है? तो हम उसमें

1:42:59इस तरह के सारे कोर्सेज वन बाय वन

1:43:02इंशाल्लाह करवाने वाले हैं। इसमें

1:43:03इन्फ्लुएंसरर मार्केटिंग भी आएगा, एफिलिएट

1:43:05मार्केटिंग भी आएगा। ठीक है? एफिलिएट के

1:43:06जरिए काम करवाने के लिए। ठीक है? और इसी

1:43:08तरह ऑर्गेनिक एसइओ और दूसरे कोर्सेस भी

1:43:10इसमें वन बाय वन आएंगे। अभी फिलहाल नहीं

1:43:12है। लेकिन फ्यूचर में हम उन सारे

1:43:14कोर्सर्सेस को इंशाल्लाह इस एक मेंबरशिप

1:43:17कम्युनिटी के अंदर डालेंगे जो आप अभी

1:43:19फिलहाल लिमिटेड टाइम के लिए $5 पर मंथ

1:43:22इयरली प्लान के अंदर आप ज्वॉइ कर सकते हो।

1:43:24यानी कि सालाना प्लान के अंदर। तो अगर आप

1:43:26जॉइन करना चाहोगे तो उसका लिंक मैं

1:43:27डिस्क्रिप्शन में दे दूंगा। तो यह था

1:43:29हमारा डिजिटल प्रोडक्ट बिज़नेस का कंप्लीट

1:43:32कोर्स जिसके अंदर मैंने आपको गहराई से

1:43:34बताया है डिजिटल प्रोडक्ट होता क्या है?

1:43:35उसके कितने बिज़नेस मॉडल जो पॉसिबल है?

1:43:38डिजिटल प्रोडक्ट को कैसे फाइंड करना है?

1:43:39नीश कैसे सेलेक्ट करनी है। ठीक है? और इस

1:43:41तरह से हमने ये सारी चीजें पूरा डिजिटल

1:43:43प्रोडक्ट मार्केटिंग स्ट्रेटजी तक मैंने

1:43:45आपको बताया है और समझाया है। तो उम्मीद है

1:43:48आपको यह कोर्स पसंद आया होगा। अगर आपको

1:43:49किसी किस्म का भी मसले के सामने आई या

1:43:52आपको कोई सवाल है तो आप मुझसे कमेंट

1:43:53सेक्शन में पूछ सकते हैं। प्लस मेरी

1:43:54कम्युनिटी को ज्वाइन करके वहां भी पूछ

1:43:56सकते हैं। कम्युनिटी को ज्वाइन करना फ्री

1:43:58है। ठीक है? अगर आप उसका प्रीमियम प्लान

1:44:00लेते हैं तो फिर कोर्सेस का एक्सेस भी

1:44:01आपको मिल जाता है। तो जो कम्युनिटी आप

1:44:02ज्वाइन करके वहां पर भी मुझसे पूछ सकते

1:44:04हो। तो उम्मीद है आपको यह कोर्स पसंद आया

1:44:06होगा। मिलते हैं अपने किसी नेक्स्ट कोर्स

1:44:08के अंदर। तब तक के लिए अल्लाह हाफिज।

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