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0:02अस्सलाम वालेकुम आज के इस लेक्चर के अंदर
0:03हम बोन के टॉपिक को बहुत डिटेल से स्टडी
0:05करेंगे स्पेशली जो बोन की कंपोजीशन है उसे
0:08बहुत गौर से देखेंगे क्योंकि बहुत सारे
0:09स्टूडेंट को बोन की कंपोजीशन की समझ नहीं
0:11आती सो इस लेक्चर के अंदर सारे कांसेप्ट
0:13क्लियर करने की कोशिश करेंगे सो बोन क्या
0:16है बोन एक किस्म का कनेक्टिव टिश्यू है
0:18कनेक्टिव टिश्यू क्या होता है याद रखिए
0:19कनेक्टिव टिश्यू ऐसा टिश्यू होता है
0:21जिसमें सेल्स की क्वांटिटी कम होती है और
0:23एक्स्ट्रा सेल्यूलर मटेरियल की क्वांटिटी
0:25या मिक दार ज्यादा होती है दोबारा से समझा
0:27रहा हूं गौर से सुनिए कनेक्टिव टिश्यू ऐसा
0:30टिश्यू होता है जिसमें सेल्स की क्वांटिटी
0:31कम होती है और एक्स्ट्रा सेल्यूलर मटेरियल
0:33की क्वांटिटी ज्यादा होती है एग्जांपल के
0:35जरिए समझते हैं ब्लड एक किस्म का कनेक्टिव
0:37टिश्यू है जिसमें ब्लड सेल्स की मिक दार
0:39कम होती है और एक्स्ट्रा सेल्यूलर फ्लूइड
0:40की मिक दार ज्यादा होती है राइट सेकंड
0:42एग्जांपल हम बोन के जरिए समझ लेते हैं बोन
0:44के अंदर बोन सेल्स यानी बोन को बनाने वाले
0:46जो सेल्स हैं उनकी क्वांटिटी कम होती है
0:48और बोन मैट्रिक्स जो एक्स्ट्रा सेल्यूलर
0:50मटेरियल है उसकी क्वांटिटी ज्यादा होती है
0:52सो बोन की क्वांटिटी कितनी कम होती है बोन
0:54बोन के अंदर जो बोन सेल्स की क्वांटिटी है
0:56वो जस्ट 2 पर होती है जबकि बोन मैट्रिक्स
0:59की क्वांटिटी 98 पर होती है और कनेक्टिव
1:02टिश्यू का फंक्शन क्या होता है बाइंडिंग
1:04का फंक्शन होता है स्पोर्ट का फंक्शन होता
1:06है कनेक्शन का फंक्शन होता है ये सारे
1:08फंक्शन कनेक्टिव टिश्यू के आ जाते हैं
1:09कनेक्टिव टिश्यू पर एक सेपरेट लेक्चर भी
1:11बनाएंगे सो बोन एक किस्म का कनेक्टिव
1:14टिश्यू है बट यहां पर एक चीज मैं आपको और
1:16क्लेरिफाई कर दूं कि यहां पर ये जो मैंने
1:18स्ट्रक्चर बनाई हुई है इसे भी बोन बोलते
1:20हैं हड्डी जो होती है सो ये जो स्ट्रक्चर
1:23है ये बोन जो है ये ऑर्गन है
1:25राइट ये एक ऑर्गन है ये टिश्यू नहीं है
1:28ऑर्गन कैसे है कि इसके अंदर आपको डिफरेंट
1:31ऑर्गन सिस्टम दाखिल होते हुए नजर आएंगे
1:33जैसे कि इसके अंदर आपको ब्लड वेसल्स एंटर
1:35होती हुई नजर आएंगी लिंफ वेसल्स एंटर होती
1:36हुई नजर आएंगी और नर्व वेसल्स भी एंटर
1:39होती हैं सो ये एक किस्म का ऑर्गन आ जाता
1:41है और ये जो बोन ऑर्गन है ये किससे मिलकर
1:44बना होता है ये टिश्यू से मिलकर बना होता
1:45है और उस टिश्यू को बोन टिश्यू कहा जाता
1:47है और अभी हम हमारा जो फोकस है वो बोन
1:50टिश्यू के ऊपर है फिर बाद में इस ऑर्गन की
1:52तरफ भी आएंगे क्लियर है ओके सो बोन टिश्यू
1:56दो चीजों से मिलकर बना होता है बोन
1:58मैट्रिक्स और बोन सेल से सो सबसे पहले बोन
2:01मैट्रिक्स को देखते हैं बोन मैट्रिक्स याद
2:03रखिए जो कि 98 पर मास है बोन का बोन
2:07मैट्रिक्स दो कंपोनेंट से मिलकर बना है
2:09इनऑफ एंड ऑर्गेनिक इन ऑर्गेनिक ू थर्ड
2:12इनऑफ कंपोनेंट है बोन मैट्रिक्स के अंदर
2:15यानी तकरीबन 70 टू 75 पर आपको इन ऑर्गेनिक
2:18कंपोनेंट मिलेगा जबकि 1/3 जो है वो
2:21ऑर्गेनिक कंपोनेंट यानी के आपको 25 से 30
2:25पर आपको ऑर्गेनिक कंपोनेंट मिलेगा बोन के
2:28मैट्रिक्स के अंदर सो इन ऑर्गेनिक मटेरियल
2:30या कंपोनेंट कौन सा होता है उसे हम
2:32हाइड्रोक्सी पिटाइल क्रिस्टल्स कहते हैं
2:34हाइड्रो ऑक्सीप्रो यानी ये कुछ क्रिस्टल्स
2:37होते हैं मिनरल्स के कौन से मिनरल्स के
2:39कैल्शियम फास्फेट कैल्शियम कार्बोनेट
2:41मैग्नीशियम फ्लोराइड सल्फेट ये डिफरेंट
2:42टाइप के जो मिनरल्स है ना ये क्रिस्टल की
2:45फॉर्म में मौजूद होते हैं बोन मैट्रिक्स
2:47के अंदर क्लियर हो गया और उन क्रिस्टल्स
2:49को हाइड्रोक्सी पेटाइट क्रिस्टल्स कहा
2:51जाता है अच्छा ये जो क्रिस्टल्स होते हैं
2:53ये अपने आप इनके अंदर मजबूती नहीं होती
2:56यानी इन क्रिस्टल्स को अगर हम बोन से
2:58आइसोलेट करें और ऐसे क्रश करने कोशिश करें
3:00तो ये पाउडर में कन्वर्ट हो जाएंगे जबकि
3:02हमारी जो हड्डी है बोन है वो बहुत
3:04स्ट्रांग होती है इवन कंक्रीट की तरह वो
3:05स्ट्रांग होती है ठीक है जिसकी वजह से
3:07हमें स्पॉट मिलती है हम मूवमेंट कर सकते
3:09हैं और वजन बेयर कर सकते हैं ये सारे
3:11फंक्शन होते हैं आगे हम थोड़ी देर में
3:12देखेंगे सो हाइड्रो ऑक्सीप्रो हैं जो
3:16मिनरल्स डिफरेंट टाइप के मिनरल्स से मिलकर
3:17बने होते हैं ये अपने आप इ इनके अंदर इतनी
3:20मजबूती नहीं होती लेकिन इनको मजबूती देने
3:23के लिए क्या होता है ऑर्गेनिक कंपोनेंट
3:25बहुत इंपॉर्टेंट होता है बोन मैट्रिक्स
3:27में ऑर्गेनिक कंपोनेंट क्या होता है कोलगन
3:29प्रोटीन होती है स्पेशल टाइप की प्रोटीन
3:31होती है जो स्ट्रेंथ करती है डिफरेंट
3:34मिनरल्स को यानी आप समझ ले कि कोई जेली से
3:37आप बना रहे हैं जेली के अंदर डिफरेंट
3:39मिनरल्स मौजूद है और उसके अंदर आपने धागे
3:41से डाल दिया कोलगन प्रोटीन और आप वो जेली
3:43स्ट्रांग हो चुकी है सीमेंट हो चुकी है
3:45ठीक है सो इस तरीके से हड्डी बन रही होती
3:47है यानी अगर जस्ट कोलगन प्रोटीन है तो वो
3:49हड्डी फ्लेक्सिबल सी हो जाएगी बेंड हो रही
3:51होगी और अगर ये वाले क्रिस्टल्स मिनरल्स
3:53वगैरह हैं तो वो हड्डी पाउडर में कन्वर्ट
3:55हो जाएगी क्रश हो जाएगी टूट जाएगी सो इन
3:57दोनों का कॉमिनेशन हड्डी को स्ट्रांग
3:59बनाता है है और अगर हाइड्रोक्सी पेटाइट
4:01क्रिस्टल में आप देखें तो कैल्शियम की
4:03क्वांटिटी बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट होती है
4:05हड्डियों की ग्रोथ के लिए सो कैल्शियम इज
4:07द मोस्ट इंपोर्टेंट मिनरल फॉर बोन ग्रोथ
4:09एंड फॉर बोन हेल्थ ठीक है ये आपने याद
4:12रखना है कैल्शियम बहुत जरूरी होता है सो
4:15मैं थोड़ा सा सराइज कर लेता हूं जो अभी तक
4:17हमने पढ़ा है फिर आगे चलते हैं मैंने आपको
4:18बताया कि बोन एक किस्म का कनेक्टिव टिश्यू
4:20है जो कि बोन सेल्स और बोन मैट्रिक्स से
4:22मिलकर बना होता है और बोन मैट्रिक्स में
4:23दो इंपॉर्टेंट मैटेरियल्स आपको देखने को
4:25मिलेंगे इनऑफ गनि एंड ऑर्गेनिक इन
4:27ऑर्गेनिक के अंदर हाइड्रोस पेटाइट अ
4:29क्रिस्टल्स होते हैं जो कैल्शियम फास्फेट
4:31कैल्शियम कार्बोनेट मैग्नीशियम फ्लोराइड
4:33और सल्फेट के क्रिस्टल्स बनते हैं और इनको
4:35मजबूती देने के लिए प्रोटीन जो ऑर्गेनिक
4:37कंपोनेंट है वो रिक्वायर होती है जिसे
4:38कोलगन कहा जाता है सो ये दोनों आपस में इस
4:41तरीके से अरेंज होते हैं और एक बोन की
4:42स्ट्रक्चर बनाते हैं जो बहुत हार्ड होती
4:44है और उसे बोन मैट्रिक्स कहा जाता है राइट
4:46अब बोन मैट्रिक्स को बनाने के लिए सेल्स
4:48की रिक्वायरमेंट होती है उन्हें बोन सेल्स
4:50कहा जाता है उनकी तरफ चलते हैं सो बोन
4:51सेल्स चार टाइप के होते हैं मोस्ट बुक्स
4:53के अंदर आपको तीन टाइप के सेल्स मिलेंगे
4:55बट यहां पर मैंने फोर टाइप के सेल को भी
4:58मेंशन किया है आपको और ज्यादा
4:59क्लेरिफिकेशन होगी सो बोन सेल्स में सबसे
5:01पहले हम ओस्टियोब्लास्ट कुछ स्पेशल टाइप
5:03के सेल्स को पढ़ते हैं जिनका काम क्या
5:05होता है न्यू बोन बनाना अब ये सेल्स न्यू
5:07बोन कैसे बनाते हैं यानी ये सेल्स प्रोटीन
5:10बना रहे होते हैं जैसे कि कोलगन प्रोटीन
5:12ठीक है ये कोलगन प्रोटीन क्या करेगी बोन
5:14मैट्रिक्स बनाती जाएगी इसके अलावा ये
5:16सेल्स क्या करेंगे मिनरल्स रिलीज करेंगे
5:18और मिनरल कोलगन प्रोटीन के आर परवर जमा
5:20होती जाएगी और कोलगन प्रोटीन से मैट्रिक्स
5:22बनता जाएगा ठीक है सो इस तरीके से न्यू
5:24बोन बन रही है सो ओस्टियोब्लास्ट ऐसे
5:26सेल्स होते हैं जिनका काम क्या होता है
5:27न्यू बोन बनाना फिर ये ऑस्ट लास्ट के र के
5:30जब बहुत सारा मैट्रिक्स जमा हो जाता है तो
5:32ये मैच्योर हो जाते हैं और वहां उस
5:33मैट्रिक्स के अंदर फंस जाते हैं और इन
5:35सेल्स को अब ओस्टियो साइट्स कहा जाता है
5:37यानी मैच्योर ओस्टियोब्लास्ट सेल्स होते
5:39हैं ठीक है अब ऑस्ट ओस्टियो साइट्स में जब
5:42ये कन्वर्ट हो जाते हैं अब इनका फंक्शन
5:43क्या होता है कि मिनरल कंसंट्रेशन को
5:45देखना यानी कैल्शियम बहुत कम तो नहीं होगी
5:47बहुत ज्यादा तो नहीं होगी इस इसको एनालाइज
5:49करते रहना अगर कम है तो दूसरे सेल्स को
5:51सिग्नल देना कि यहां पर कैल्शियम की
5:52रिक्वायरमेंट चाहिए अगर कोई इंजरी हुई है
5:54तो उसका सिग्नल सेंड करना तो ये सारे
5:56फंक्शन ओस्टियो साइट सेल्स के होते हैं
5:58ठीक है सो में टेनिंग मिनरल कंसंट्रेशन
6:00सेंस एंड कन्वे मैसेज टू अदर सेल्स अबाउट
6:03बोन हेल्थ एंड इंजरी राइट ओके अब ये जो
6:06ओस्टियोब्लास्ट होते हैं और ओस्टियो
6:08साइट्स होते हैं इनके अंदर माइटोटिक
6:10एक्टिविटी परफॉर्म करने की एलिय नहीं होती
6:12यानी ये माइटोसिस नहीं कर सकते सो इसके
6:15लिए जरूरी है कि न्यू ओस्टियोब्लास्ट
6:17सेल्स किसी और ओरिजन से बन रहे हो यानी ये
6:20अपने आप मल्टीप्लाई नहीं हो सकते तो एक
6:22थर्ड टाइप के सेल्स होते हैं जिन्हें
6:23ओस्टियोजेनिक सेल्स कहा जाता है जो
6:25बेसिकली स्टेम सेल्स होते हैं और इनका
6:26फंक्शन क्या होता है न्यू ओस्टियोब्लास्ट
6:28बनाना यानी नए ऐसे सेल्स बनाना जो कि बोन
6:31बनाने की सलाहियत रखते हो राइट सो
6:33ओस्टियोजेनिक सेल्स क्या करते हैं स्पेशल
6:35टाइप के स्टेम सेल्स हैं जो
6:36ओस्टियोब्लास्ट को बनाते हैं और
6:37ओस्टियोब्लास्ट फिर एवेंचर्स हो जाते हैं
6:39इनटू ओस्टियो साइट्स सो तीन टाइप के सेल्स
6:41हमने स्टडी कर लिए है फर्स्ट टाइप का के
6:44सेल्स और बोन के अंदर आपको देखने को
6:45मिलेंगे वो होते हैं ओस्टियोक्लास्ट
6:47ओस्टियोक्लास्ट याद रखिए ऐसे सेल्स होते
6:49हैं जिनके अंदर जो क्वालिटी होती है कि ये
6:50बोन को एब्जॉर्ब कर सकते हैं
6:58डिजॉल्ड्रिंग अच्छा इन सेल का फंक्शन ये
7:01बोन को तोड़ते हैं तो इसका फायदा क्या
7:03होता है इसका फायदा ये होता है कि बाज
7:06औकात हमारे ब्लड को कैल्शियम की जरूरत
7:09होती है ठीक है और ब्लड के अंदर कैल्शियम
7:11अगर कम हो चुकी है तो ऑस्ट ओस्टियोक्लास्ट
7:14सेल्स को सिग्नल जाता है ये ऑस्ट ग्लास
7:16क्या करते हैं उस बोन से कैल्शियम को
7:18तोड़कर ब्लड के अंदर भेजते हैं सो इस
7:20तरीके से बोन की तोड़फोड़ होती है सेकंड
7:22फंक्शन इनका ये होता है कि जब हमें कोई
7:24इंजरी हो जाती है हड्डी टूट जाती है
7:25दोबारा से हड्डी बनती है तो उसके हड्डी के
7:28र् ग एक्स्ट्रा बोन बन जाती है सो उस
7:31एक्स्ट्रा बोन को ट्रिम करके दोबारा हड्डी
7:33की शेप को नॉर्मल शेप पे लेके आना
7:35ओस्टियोक्लास्ट का फंक्शन होता है सो
7:44ऑस्टियोपोरोसिस
7:48हैं ये ओस्टियोजेनिक सेल से नहीं बनते ये
7:50बनते हैं मोनोसाइट्स और मैक्रोफेजेस से जो
7:52स्पेशल टाइप के वाइट ब्लड सेल्स होते हैं
7:54राइट सो वाइट ब्लड सेल से ये सेल्स
7:56ओरिजनेट करते हैं और हमारी बॉडी के अंदर
7:59बहुत जरूरी है कि ओस्टियोब्लास्ट और ऑ
8:01ओस्टियोब्लास्ट और ओस्टियोक्लास्ट की
8:03कंसंट्रेशंस मेंटेन रहे या बैलेंस मेंटेन
8:06रहे क्यों अगर ओस्टियोब्लास्ट ज्यादा बोन
8:09बना रहे होंगे और ओस्टियोक्लास्ट बोन को
8:11तोड़ नहीं रहे होंगे तो बोन बहुत ज्यादा
8:13बन जाएगी और अगर ओस्टियोब्लास्ट कम बोन
8:15बना रहे हैं और ओस्टियोक्लास्ट ज्यादा बोन
8:17को तोड़ रहे हैं कैल्शियम को ज्यादा तोड़
8:19रहे हैं तो हमारी हड्डियां कमजोर हो
8:20जाएंगी सो बैलेंस मेंटेन रहना बहुत जरूरी
8:22है और कुछ ऐसी डिजीज आ जाती हैं जैसे
8:24ऑस्टियोपोरोसिस जिसके अंदर ऑस्टो क्लास जो
8:27है ज्यादा बोन को एब्जॉर्ब कर रहे होते
8:28हैं और और बोन खोखली होना शुरू हो जाती है
8:30ऑस्टियोपोरोसिस उस कंडीशन को कहा जाता है
8:33क्लियर हो गया ओके अब हम स्ट्रक्चर की तरफ
8:35चलते हैं ओके यहां पर एक मैंने बोन ड्रा
8:39कर रखी है सो इस बोन के डिफरेंट एरियाज को
8:41लेबल मैंने किया हुआ है उन्हें बारी-बारी
8:43स्टडी करते हैं सो ये एक लॉन्ग बोन है ठीक
8:46है जब हम लॉन्ग बोन को देखते हैं तो बोन
8:50जो है वो दो टाइप की होती है आपने ये
8:52सिंपली सबसे पहले ये याद रखना है बोन की
8:55दो टाइप्स होती है एक स्पंजी बोन होती है
8:57और एक कंपैक्ट बोन होती है
9:00यानी अगर कंपोजीशन की बात करें तो
9:01कंपोजीशन सेम होती है यही यही कंपोनेंट्स
9:04बोन को बना रहे होते हैं लेकिन अगर उनकी
9:07अरेंजमेंट की बात की जाए तो बोन के दो
9:08टाइप्स होती है एक स्पंजी बोन जो जिसके
9:11अंदर पोर्स वगैरह मौजूद होते हैं ठीक है
9:13जो थोड़ी हालो टाइप की बोन होती है और एक
9:14कंपैक्ट बोन जो बहुत हार्ड होती है और
9:16जुड़ी हुई होती है ठीक है कौन-कौन से
9:19एरिया में आपको कंपैक्ट बोन देखने को
9:20मिलेगी स्पंजी बोन कौन से एरिया में देखने
9:22को मिलेगी जिस डायग्राम के जरिए समझते हैं
9:24ये एक लॉन्ग बोन की डायग्राम है ठीक है
9:27इसका ये वाला जो पोर्शन है यानी लॉन्ग बोन
9:30के जो एंड पोर्शंस है ना उन्हें
9:33एपीफानियो वाला रीजन भी
9:35एपिफाइट फाइस आ गया क्लियर हो
9:38गया सो एपिफाइट रीजन के अंदर आपको जो बोन
9:42देखने को मिलेगी वो मोस्ट ऑफ द टाइम
9:43स्पंजी बोन होती है यानी वो खोखली सी होती
9:46है ठीक है और उसके अंदर जो कैविटीज होती
9:48हैं पोर्स होते हैं और उन कैविटीज के अंदर
9:50रेड बोन मेरो मौजूद होता है सो एपिफाइट जो
9:53रीजन है उसके अंदर जो बोन होती है वो कौन
9:55सी होती है स्पंजी बोन होती है जिसे कैंसल
9:57बोन भी कहा जाता है और उस स्पंजी बोन के
10:00अंदर पोर्स होते हैं यानी हालो कैविटीज
10:03होती है उसके अंदर मैरो प्रेजेंट होता है
10:05जिसे रेड बोन मैरो कहा जाता है और इस रेड
10:07बोन मेरो का बहुत इंपोर्टेंट फंक्शन होता
10:09है क्या फंक्शन होता है कि ये ब्लड सेल्स
10:11बनाता है रेड बोन मेरो से आपको रेड ब्लड
10:13सेल्स बनते हुए मिलेंगे वाइट ब्लड सेल्स
10:15और प्लेटलेट ये सारे टाइप के सेल्स जो है
10:17रेड बन मेरो से बनते हैं क्लियर हो गया सो
10:20ये बहुत इंपॉर्टेंट एरिया है ये पोर्स जो
10:22होते हैं रेड स्पंजी बोन के अंदर ये रेड
10:24बोन मेरो बनाते हैं और रेड बोन मेरो से
10:26फिर आपको रेड ब्लड सेल्स वाइट ब्लड सेल्स
10:28और प्लेटलेट्स बनते हुए मिल मिते हैं
10:29क्लियर हो गया सो स्पंजी बोन को हमने
10:32स्टडी कर लिया ओके ये जो हेड है इसके ऊपर
10:36एक कार्टिलेज भी मौजूद होते है जिसे
10:38आर्टिकुलर कार्टिलेज कहा जाता है जो
10:40नेक्स्ट लेक्चर के अंदर हम डिटेल से स्टडी
10:41करेंगे कार्टिलेज की प्रेजेंस की वजह से
10:43ये बोन इजली मूव कर सकती हैं क्लियर हो
10:46गया ओके अब हम जरा नीचे आते हैं तो ये जो
10:49आपको डंडा सा नजर आ रहा है हड्डी का इस ये
10:52डंडा अंदर से खोखला होता है यानी कंप्लीट
10:55अंदर से हलवा होता है और साइड इसकी बड़ी
10:56मजबूत होती हैं साइड मजबूत होने की वजह ये
10:59होती है कि साइड कंपैक्ट बोन से मिलकर बनी
11:01होती है यानी हार्ड टाइप की बोन से मिलकर
11:03बनी होती है जिसे कॉर्टिकल बोन भी कहा
11:04जाता है ठीक है और अंदर जो हालो एरिया
11:07होता है उसके अंदर भी मैरो मौजूद होता है
11:09और उसे येलो बोन मैरो कहा जाता है यानी ये
11:12जो लंबी कंपैक्ट बोन बन रही है लॉन्ग बोन
11:15के अंदर इसके अंदर जो हालो एरिया है इस
11:17हालो एरिया को मेडलर कैविटी भी कहा जाता
11:19है और मेडलर कैविटी के अंदर बोन मेरो
11:21मौजूद होता है जिसे येलो बोन मेरो कहा
11:23जाता है और येलो बोन मेरो का फंक्शन क्या
11:25होता है कि ये फैट को स्टोर करता है और
11:27साथ में अगर इमर्ज में ब्लड सेल्स बहुत
11:30बॉड़ी में कम हो जाए तो यह ब्लड सेल्स को
11:32भी प्रोड्यूस कर सकता है बट मोस्टली इसका
11:34फंक्शन यही होता है कि इसके अंदर फैट की
11:36स्टोरेज होती है और जब कुर्बानी में हम
11:38जानवरों की हड्डियां तोड़ते हैं उसके अंदर
11:40गोदा निकलता है वो पका के खाते भी है सो
11:43आपने दे देखा होगा वो क्या होता है येलो
11:45वनवे होता है राइट
11:48ओके सो यहां पर यह जो डंडी वाला पोर्शन है
11:52इसे कहा जाता है डाई फेसेस यानी हड्डी के
11:55ये जो एंड पोर्शन है टिप्स है इन्ह एपि
11:58फेसिस कहा जाता है और ये जो सेंट्रल रीजन
12:00है इसे डाइफ कहा जाता है सेंट्रल रीजन
12:03अंदर से खोखला होता है उस खोखली कैविटी को
12:06मेडलर कैविटी कहा जाता है उस कैविटी के
12:07अंदर बोन मेरो मौजूद होता है उसे येलो बोन
12:09मेरो कहा जाता है और ये जो साइड होती हैं
12:12ये एक सख्त बोन से मिलकर बनी होती है जैसे
12:14कंपैक्ट या कॉर्टिकल बोन कहा जाता है और
12:16इस पूरी बोन के ऊपर एक पतला सा और बोन का
12:20छिलका मौजूद होता है जिसे पेरी ओस्टियम
12:23कहा जाता है ये आपने याद रखना है पूरी बोन
12:25के ऊपर सिर्फ ये कार्टिलेज रीजन को छोड़
12:27के बाकी पूरी बोन के ऊपर का एक पतला सा
12:29छिलका मौजूद होता है जिसे पेरिऑस्टम कहा
12:32जाता है और ये बहुत इंपॉर्टेंट स्ट्रक्चर
12:34है बोन की आप समझ लें क्योंकि जो
12:36लिगामेंट्स होते हैं और टेंडेंस होते हैं
12:38ना बोन के साथ इसी रीजन के साथ अटैच होते
12:40हैं पेरिऑस्टम के साथ ही जाकर अटैच होते
12:42हैं ठीक है सो लेग मेंट्स एंड टेंडेंस जो
12:46मसल मूवमेंट और बोन की मूवमेंट में हेल्प
12:49करते हैं उनका उनकी अटैचमेंट कहां पर होती
12:52है पेरिऑस्टम के ऊपर होती है ठीक है और
12:54पेरिऑस्टम के अंदर ब्लड वेसल्स और नर्व्स
12:56वगैरह भी एंटर हो रही होती हैं और बोन के
12:57अंदर भी एंटर होती हैं वो हम डिटेल
12:59स्ट्रक्चर में देखेंगे आई थिंक सारी चीजें
13:02क्लियर हो चुकी हैं हां ये रीजन है एक
13:05मैंने आपको नहीं बताया एंडोस्टम ठीक है
13:07एंडोस्टम याद रखिए ये जो मेडलर कैविटी है
13:11इसकी जो लाइनिंग वाले सेल्स हैं ना उन्हें
13:13एंडोस्टम कहा जाता है लाइनिंग वाली जो
13:15लेयर है उसे एंडोस्टम कहा जाता है जो कि
13:17बोन सेल्स पर मुश्त मिल होती है यानी
13:20एंडोस्टम एक ऐसी लेयर है जो मेडलर कैविटी
13:23की इनर मोस्ट लाइनिंग वाली लेयर है और
13:25उसमें आपको बोन सेल्स मिलेंगे स्पेशली जो
13:27ओस्टियोजेनिक सेल्स होते हैं और ओस्टियो
13:29ब्लास्ट होते हैं जो बोन को बना रहे होते
13:31हैं वहां पर ये सेल्स मौजूद होते हैं और
13:34ये डिफरेंट फंक्शन परफॉर्म करते हैं जो
13:35अभी हमने देख लिया
13:37रेडी ओके अब हम जरा कंपैक्ट बोन को की
13:42स्ट्रक्चर को डिटेल से देखते हैं फिर हमें
13:44समझ आएगा कि कंपैक्ट बोन कैसे ये जो
13:46डिफरेंट हमने कंपोजीशन देखी देखी थी कैसे
13:49इस कंपोजीशन से ये कंपैक्ट बन मिलकर बनी
13:51होती है सो यहां पर ये वाला रीजन हम ज़ूम
13:53इन कर लेते हैं सो इस रीजन को जब हम देखते
13:56हैं तो यहां पर कंपैक्ट बोन मौजूद है
13:59सो यहां पर सबसे पहले आउटर मोस्ट जो लेयर
14:02है एक्सक्यूज मी उसे पेरिऑस्टम कहा जाता
14:05है ग्रीन कलर में मैंने ड्रा कर रखी है ये
14:08लेयर फरदर दो लेयर्स पर मुश्त मिल है ठीक
14:10है यानी ये पेरी ओस्टियम फरदर दो लेयर्स
14:13पर मुश्त मिल है जिसमें सबसे बाहर वाली जो
14:15लेयर है उसे
14:19[संगीत]
14:22फाइब्रसिस्टिक
14:25करके बाहर अपनी जमा करते रहते हैं जिसे
14:30फाइब्रसिस्टिक
14:36एंटर हो रही होती हैं और इन इसी लेयर के
14:39साथ लिगामेंट्स और टेंडेंस भी अटैच होते
14:41हैं क्लियर हो गया अब हम जब थोड़ा सा अंदर
14:44आते हैं तो यहां पर हमें कुछ लाइंस लेयर्स
14:46सी नजर आती हैं ठीक है ये मैट्रिक्स की
14:49लेयर्स होती हैं और ये सीधी सधी जो लेयर्स
14:52है ना इन्हें सरकम फरें शियल लमेला कहा
14:55जाता है ठीक है सर्कंफरेंशियल लमेला फिर
14:58जब हम और अंदर आते हैं तो ये लेयर्स राउंड
15:00हो जाती हैं ठीक है सो राउंड होकर इस
15:02तरीके से एक स्ट्रक्चर बनाती हैं यानी
15:04बहुत सारी लेयर्स राउंड होकर एक स्ट्रक्चर
15:06बनाती हैं जिसे ऑस्टिन कहा जाता है ठीक है
15:09बहुत सारी लेयर्स इस तरीके से राउंड होके
15:11स्ट्रक्चर बनाती है जिसे ऑस्टिन कहा जाता
15:13है सो यहां पर अगर मैं ड्रा करने की कोशिश
15:16करूं इस तरीके
15:19से बहुत सारी लेयर्स मिलकर एक स्ट्रक्चर
15:22बनाती है जैसे ऑस्टिन कहा जाता है सो
15:24ओस्टियो को जब हम देखते हैं तो ओस्टियो का
15:26सेंटर वाला जो रीजन होता है वो हालो होता
15:28है और सेंट्रल कैनाल कहा जाता है और वहां
15:30पर ब्लड वेसल्स नर्व वेसल्स और लिंफ
15:33वेसल्स एंटर हो रही होती है बोन के अंदर
15:35ठीक है सो हर ऑस्ट्रियन जो सेंट्रल रीजन
15:38है जिसे सेंट्रल कनाल कहा जाता है उसके
15:40अंदर आपको ब्लड वेसल नर्व्स और लिंफ
15:42वेसल्स देखने को
15:43मिलेंगे क्लियर हो गया सो ये पूरी बोन जो
15:46है ये इस तरीके से ओस्टियो से मिलकर बनी
15:48होती है और ये वाला जो रीजन आ गया ये एंड
15:51एंडोस्टम आ गया जो यहां पर मैंने मेंशन
15:53किया यहां पर ज्यादा आपको बोन सेल्स देखने
15:56को मिलेंगे ओके ये जो डिफरेंट ले लेयर्स
15:58है राउंड सी इस एक राउंड जो लेयर है इसे
16:02कंसेंट लमेला कहा जाता है यानी ऑस्टिन के
16:05अंदर ये जो लेयर है राउंड सी इसे कंसेंट
16:08लमेला कहा जाता है और अगर ये लेयर
16:10पेरिऑस्टम के पास मौजूद हो और सीधी सी
16:12लेयर हो तो फिर इसे सर्कंफरेंशियल लेमिना
16:15कहा जाता है क्लियर हो गया अब हम एक
16:18ऑस्टिन को जूम इन कर लेते हैं क्योंकि
16:19यहां पर अभी तक हमें जो स्ट्रक्चर नजर आई
16:21है वो सारी की सारी बोन मैट्रिक्स है सो
16:24इसे मजीद जूम इन कर लेते हैं और देखते हैं
16:26कि बोन सेल्स कहां पर मौजूद होते हैं और
16:28कैसे फंक्शन परफॉर्म कर रहे होते हैं सो
16:30ये एक ऑस्टिन है एक यानी यूनिट है कंपैक्ट
16:33बोन को बनाने वाला इसे मजीद जूम इन करते
16:35हैं तो इस तरीके से हमें स्ट्रक्चर नजर
16:36आती है सबसे पहले सेंटर को देख लेते हैं
16:39सेंटर के अंदर आपको ब्लड वेसल्स नजर आएंगी
16:40लिंफ वेसल नजर आएंगी और नर्व वेसल नजर
16:43आएगी या नर्व नजर आएगी वेसल नहीं नर्व नजर
16:45आएगी राइट सो सेंटर से बाहर जाते हैं तो
16:48आपको कंसंट्रे लमेला नजर आएगी यानी लेयर्स
16:51नजर आएंगी और ये लेयर्स किस चीज से मिलकर
16:53बनी हुई है बोन मैट्रिक्स से मिलकर बनी
16:55हुई है राइट सो जब हम इस साइड में आते हैं
16:58एंडोस्टम वाली साइड पे तो एंडोस्टम वाली
17:00साइड प मैंने आपको कहा था कि बोन सेल्स
17:02मौजूद होते हैं कौन से ओस्टियोजेनिक सेल्स
17:04होंगे जो कि ओस्टियोब्लास्ट को बना रहे
17:06होंगे और ओस्टियोब्लास्ट होंगे जो कि न्यू
17:07बोनस को बना रहे होंगे ठीक है न्यू बोन को
17:10बना रहे होंगे सो ओस्टियोब्लास्ट और
17:11ओस्टियोजेनिक सेल्स आपको साइडों में
17:13ज्यादा नजर आएंगे स्पेशली एंडोस्टम वाले
17:15रीजन में क्लियर हो गया फिर आप देखें तो
17:19इस ऑस्टिन के अंदर कुछ और सेल्स भी फंसे
17:23हुए आपको मिलेंगे यानी कुछ रीजंस ऐसे
17:25होंगे जिन्हें लकूना कहा जाता है स्पेसेस
17:27होती हैं वहां पर सेल मौजूद होता है और वो
17:29सेल ओस्टियो साइट होता है सो ओस्टियो साइट
17:32सेल बेसिकली क्या है ऑस्टिन के सेंटर में
17:35कंसेंट लमेला की लेयर्स में मौजूद होता है
17:37ठीक है और इस सेल का फंक्शन हम ऑलरेडी
17:39स्टडी कर चुके हैं कि मिनरल कंसंट्रेशन को
17:41बैलेंस में रखना और बोन की हेल्थ को चेक
17:43करते रहना और सिग्नल सेंड करना अच्छा ये
17:45एक् सेल दूसरे सेल को सिग्नल कैसे सेंड
17:47करता है ये एक् सेल दूसरे सेल के साथ अटैच
17:50होता है बाय साइटोप्लाज्म इंक्लूजन ठीक है
17:53यानी एक सेल का साइटोप्लाज्म दूसरे सेल के
17:55साथ अटैच होता है और ये जो अटैचमेंट है
17:57इसे ली कुलाई कहा जाता है यानी ये जो
18:00अटैचमेंट
18:02वाली मेंब्रेन है या साइटोप्लास्मिक
18:05इंक्लूजन है या सिस्टम है इसे किनाली
18:08कुलाई कहा जाता है ठीक है ओके और इसके
18:12अलावा ओस्टियो क्लास सेल्स भी मौजूद होते
18:13हैं जो बोन को तोड़ने का काम करते हैं
18:16क्लियर हो गया सो होप फुली डिटेल में ये
18:18आपको स्ट्रक्चर समझ आ गई अब हम स्पंजी बोन
18:20को भी जरा जरा सा डायग्रामेटिकली देख लेते
18:23हैं मैंने आपको बताया स्पंजी बोन के अंदर
18:25पोर्स मौजूद होते हैं स ये हमारे पास
18:27स्पंजी बोन आ गई ठीक है ये एक स्पंजी बोन
18:30है इसे मैं ब्लैक कलर में ड्रा करता जा
18:33रहा हूं यह स्पंजी बोन है और यह जो वाइट
18:37कलर में आपको एरिया नजर आ रहा है यह क्या
18:39है ये आप समझ ले स्पंजी बोन की स्पेसेस
18:42हैं या पोर्स हैं जहां पर रेड बोन मेरो
18:44मौजूद होता है जिससे ब्लड सेल्स बनते हैं
18:47और ये जो ट्यूब से आपको नजर आ रही है
18:49स्पंजी बोन ट्यूब ट्यूब टाइप की होती है
18:52सो इसे
18:54ट्रेबिक्युलर हम काट के गौर से देखें
18:57देखते हैं तो ये भी ऑस्टिन की तरह इस
18:59तरीके से कंसेंट लमेला की तरह बनी होती है
19:02और इसके अंदर ब्लड वेसल नर्व और लिंफ वेसल
19:04एंटर हो रही होती है सो ये स्पंजी बोन की
19:05एग्जांपल आ
19:07ग ओके होप फुली आपको स्ट्रक्चर और
19:10कंपोजीशन डिटेल से समझ आ चुकी है अब
19:12सिंपली हम बोन के फंक्शन की तरफ चलते हैं
19:14बोन का फंक्शन सिंपल क्या है स्पोर्ट देना
19:16आपकी बॉडी को स्पोर्ट देना आपकी बॉडी के
19:17अंदर ढांचा जो स्केलेटन है वो क्या कर रहा
19:19है आपकी बॉडी को स्पोर्ट दे रहा है और बोन
19:21की मदद से आप मूव भी कर रहे हैं ठीक है एक
19:23बोन दूसरे बोन से कनेक्ट है और मसल की
19:25हेल्प और टेंडन और लिगामेंट इन सब की
19:26हेल्प से बोन की मूवमेंट हो हो रही है
19:28राइट और बोन के अंदर आपको फैट स्टोरेज भी
19:31देखने को मिलेगी जो जरूरत के बाद काम आ
19:32सकती है और बोन आपके वाइटल ऑर्गन को
19:34प्रोटेक्शन दे रही होती हैं हार्ट को आप
19:36देख लें लंग्स को देख लें रिप के अंदर
19:38मौजूद है सो बोन के अंदर मौजूद है वाइटल
19:41ऑर्गन ब्रेन को आप देख लें स्कल के अंदर
19:43मौजूद है तो प्रोटेक्शन मिल रही है आपके
19:45वाइटल ऑर्गन्स को बोन की मदद से और इसके
19:47अलावा बोन क्या करती हैं बोन के अंदर जो
19:50रेड बोन मेरो है वहां पर बोन सेल्स प्रोड
19:52सॉरी ब्लड सेल्स प्रोड्यूस हो रहे होते
19:54हैं रेड ब्लड सेल वाइट ब्लड सेल
19:56प्लेटलेट्स जो आपकी बॉडी के लिए बहुत
19:57जरूरी हैं और इसके अलावा बोनस आपकी बॉडी
20:00के अंदर मिनरल कंसंट्रेशन स्पेशली
20:02कैल्शियम की कंसंट्रेशन को भी बैलेंस में
20:04रखती हैं जैसे कि अगर आपकी ब्लड के अंदर
20:06कैल्शियम ड्रॉप हो चुका है तो बोन से
20:08कैल्शियम टूट के ब्लड में जाता है इस
20:09तरीके से ब्लड की कैल्शियम लेवल मेंटेन
20:11रहता है सो होप फुली आपको लेक्चर काफी समझ
20:14में आया होगा डिटेल लेक्चर था और मैंने
20:17कोशिश की कि आपको जल्दी से जल्दी
20:25पढ़ाऊंगा
20:26दिया होप फुली आपको लेक्चर समझ में आया
20:29होगा नेक्स्ट लेक्चर तक के लिए मुझे इजाजत
20:31हैं शुक्रिया अल्ला हाफिज